New Delhi: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने देर शाम उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे इस्तीफे में जगदीप धनखड़ ने कहा कि मैं तुरंत प्रभाव से उपराष्ट्रपति का पद छोड़ रहा हूं. उन्होंने इसकी वजह अपनी ‘सेहत को प्राथमिकता देना और चिकित्सीय सलाह का पालन करना’ बताया है. धनखड़ ने अगस्त 2022 में 14वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी. 6 अगस्त 2022 को हुए उपराष्ट्रपति के चुनाव में जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था. धनखड़ को कुल725 में से 528 वोट मिले थे. कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, लेकिन 2 साल पहले ही उन्होंने इस्तीफा दिया है. उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. विपक्ष भी सवाल उठा रहा है कि इस्तीफे की असल वजह क्या रही वह भी अचानक. पीएम मोदी के अगुवाई वाले एनडीए ने पश्चिम बंगाल के तत्कालीन राज्यपाल रहे जगदीप धनखड़ को साल 2022 में उपराष्ट्रपति चुनाव में उतारा था. 6 अगस्त 2022 को हुए उपराष्ट्रपति के चुनाव में जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था. धनखड़ को कुल 725 में से 528 वोट मिले थे, जबकि अल्वा को 182 वोट मिले थे. जगदीप धनखड़ देश के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में 10 अगस्त को शपथ ली थी..




































