New Delhi: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का कुल 53.5 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट पेश किया. यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो भारतीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है. यह बजट पहली बार कर्तव्य भवन में तैयार होने वाला पहला बजट भी है. बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित आर्थिक वृद्धि को तेज करना और स्थिर रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना सबका साथ और सबका विकास के तहत सभी वर्गों को अवसर देना. बिंदुवार जानिए क्या बजट की खास बातें-
बजट का कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है. पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये पिछले साल से बढ़ोतरी, राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% पिछले 4.4% से कम, ऋण-जीडीपी अनुपात 55.6% पर लाया जाएगा, निवल कर प्राप्तियां अनुमानित 28.7 लाख करोड़ रुपये है. आर्थिक विकास और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस जैसे 7 रणनीतिक और फ्रंटियर सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग को स्केल-अप करने की योजना. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च. इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए 40,000 करोड़ रुपये. 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को पुनर्जीवित करने की योजना. बायोफार्मा, रेयर अर्थ मैग्नेट्स, स्पोर्ट्स गुड्स और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में 7 पर्यावरण अनुकूल हाई-स्पीड पैसेंजर रेल कॉरिडोर ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव, शहर-आधारित आर्थिक क्षेत्रों का विकास, लंबी अवधि की ऊर्जा सुरक्षा पर जोर शामिल है. कर और टैक्स संबंधी प्रमुख बदलाव में आयकर स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं. ट्रेडिंग पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ाया गया. विदेश यात्रा, शिक्षा और मेडिकल खर्च पर TCS दर 2% की गई. वैश्विक डेटा सेंटरों को 2047 तक टैक्स छूट का प्रस्ताव शामिल है. इसके साथ ही एमएसएमई और अन्य क्षेत्र एमएसएमई को चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड, रक्षा क्षेत्र में कैपेक्स में बड़ी बढ़ोतरी, कृषि, मत्स्य पालन और पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन भी शामिल है. वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा और लचीलापन बढ़ाने पर केंद्रित है. लोकलुभावन घोषणाओं से परहेज करते हुए बजट ने लंबी अवधि की संरचनात्मक मजबूती पर ज्यादा जोर दिया है.




































