Meerut (Uttar Pradesh): मेरठ के हापुड रोड के जाहिदपुर स्थित आरआईएफ एकेडमी में वार्षिक समारोह के साथ पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया किया. इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपने प्रोग्राम पेश करके खूब तालियां बंटोरी और टॉपर्स ने पुरस्कार हासिल किए. समारोह में बतौर अतिथि आए लोगों ने कहा कि जीवन में सबसे ज्यादा रोशनी लाने के लिए शिक्षा ही सबसे ज्यादा जरूरी है, शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक ज्ञान भी उतना ही जरूरी है. चुनौतियों से घबराने के बजाए उनका डटकर उनका मुकाबला करना चाहिए. कई मिसाल देकर छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.
यह समारोह आरआईएस एकेडमी इस्लामिक इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्रांगण में ही आयोजित किया गया. छात्र छात्राओं द्वारा बीते कई दिनों से इसकी तैयारियां की जा रही थीं. इस मौके पर विभिन्न प्रोेग्राम पेश किए गए. स्कूल के डायरेक्टर मौलाना अब्दुल अहद नदवी, यास्मीन और प्रधानाचार्य फरहीन खान ने अतिथियों में शामिल डॉ परवेज आलम, डॉ0 तबिश फरीद, डॉ0 साजिद अली और पत्रकार, लेखक नितिन शर्मा ‘सबरंगी’ का मंच पर स्वागत किया, वहीं डायरेक्टर मौलाना अब्दुल अहद ने गुलदस्ते भेंट किए. अपने संबोधन में अतिथियों ने शिखा की रोशनी पर अधिक महत्व देने को कहा साथ ही कहा कि शिक्षा ही वह सबसे बड़ा हथियार है जो इंसान को किसी भी मुकाम पर ले जा सकती है. देश के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक मौलान अब्दुल कलाम साहब सहित ऐसी कई हस्तियों का उदाहरण के लिए जिक्र किया गया जिन्होंने जमीन से उठकर ऊंचे मुकाम हासिल किए. समारोह में आए अभिभावकों को भी शिक्षा, समाज, संस्कार और संयुक्त परिवार के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया और छात्रों को नैतिक मूल्यों को अपनाने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया. सीमित संशाधनों के बीच एक शानदान आयोजन करने के लिए स्कूल के संचालकों और स्टाफ को बधाई दी गई.
समारोह में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न कार्यक्रम पेश किए. जिनकी सभी ने जमकर तालियों के साथ तारीफ की. इस मौके पर स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया. तालियों के साथ उनके अमूल्य योगदान को सराहा गया. इस मौके पर स्कूल के डायरेक्टर मौलाना अब्दुल अहद, यासमीन, प्रधानाचार्य फरहीन खान, प्रशासनिक प्रभारी फुरकान सैफी, टीचर अर्शी, अनम, अलमीजा, राहिल, आशा और कारी इमरान आदि उपस्थित रहे. समारोह में जिन टॉप टेन छात्र-छात्राओं को पुरस्कार दिए गए उनमें रबीहत नूर, जैनब, सालिक, मुआज, अदीबा नासिर, हिफ्जा,अब्दुल कादिर, सोबिया, जुबैर और अरहम आदि शामिल रहे.






































