Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में आई लव मुहम्मद पोस्टर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब एक प्रस्तावित प्रदर्शन पुलिस कार्रवाई के बाद पथराव, लाठीचार्ज और आगजनी में बदल गया. इस घटना में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया. पुलिस ने अब तक 73 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य साजिशकर्ता मौलाना तौकीर रजा खान और उनके करीबियों का नाम प्रमुख है. योगी सरकार ने ‘बुलडोजर एक्शन’ शुरू कर दिया, जिसमें तौकीर रजा के दामाद मोहसिन रजा की अवैध संपत्ति को ध्वस्त कर दिया गया. मौलवी मौलाना तौकीर रजा खान ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के बैनर तले इस्लामिया ग्राउंड पर प्रदर्शन का आह्वान किया. जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों लोग आला हजरत दरगाह और तौकीर रजा के घर के बाहर इकट्ठा हो गए. प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगाया था, लेकिन भीड़ ने इसका उल्लंघन किया. प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया, पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इससे स्टाम्पेड जैसी स्थिति बन गई, दुकानें लूटी गईं, वाहनों में आग लगाई गई. पुलिस ने पेट्रोल बम, .315 बोर कारतूस और अवैध हथियार बरामद किए. बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि यह एक ‘पूर्व नियोजित साजिश’ थी, जिसका मुख्य सूत्रधार मौलाना तौकीर रजा खान हैं. तौकीर ने वीडियो के जरिए लोगों को भड़काया और कहा, “मुस्लिम ताकत दिखाने के लिए पुलिस पर हमला करो. एफआईआर में 180 नामजद और 2,500 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 147 (दंगा), 148 (हथियार के साथ दंगा), 153ए (समूहों के बीच शत्रुता), 295ए (धार्मिक भावनाएं आहत करना) और 332 (लोक सेवक पर हमला) लगाई गई हैं. मौलाना तौकीर रजा बरेली शरीफ दरगाह से जुड़े हैं और मुस्लिम समुदाय में प्रभावशाली हैं. 2010 के बरेली दंगों में वे जेल जा चुके हैं, जब 23 दिनों का कर्फ्यू लगा था. वे अक्सर योगी सरकार की आलोचना करते हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था, “मुस्लिमों के साथ हो रहे अन्याय से सड़कों पर उतरना पड़ेगा।” विपक्ष (कांग्रेस) ने इसे ‘पुलिस पूर्वाग्रह’ बताया, जबकि सीएम योगी ने कहा, “मौलाना भूल गया कि यूपी में किसकी सरकार है। दंगाइयों को सबक सिखाएंगे जो पीढ़ियां याद रखेंगी.”




































