Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता रणधीर यादव की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया. 22 अगस्त से लापता रणधीर का क्षत-विक्षत शव 27 अगस्त को पूरामुफ्ती क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिला. पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों, राम सिंह यादव और लीला यादव को गिरफ्तार किया.पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या का कारण उदय यादव की पत्नी अंजलि के साथ रणधीर के कथित अवैध संबंध थे. डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि रणधीर और उदय की गहरी दोस्ती थी, लेकिन उदय को अपनी पत्नी के साथ रणधीर के संबंधों की जानकारी हुई. 11 जुलाई 2025 को अंजलि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उदय ने रणधीर को मारने की कसम खाई थी. 22 अगस्त की शाम रणधीर अपने दोस्तों के साथ नवाबगंज बाजार के एक ढाबे पर खाना खाने और शराब पीने गए थे. इसके बाद राम सिंह, उदय यादव, विजय यादव और उनके नौकर सुजीत ने मिलकर रणधीर की गला दबाकर हत्या कर दी. शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे बमरौली रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर फेंक दिया गया, जहां वह कई टुकड़ों में बंट गया। रणधीर की स्कॉर्पियो कार चित्रकूट के जंगल में लावारिस हालत में मिली. रणधीर की पत्नी बबली यादव, जो वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं, ने 23 अगस्त को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और 25 अगस्त को राम सिंह और उदय यादव के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया. सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने राम सिंह को भगौतीपुर चौराहे और उदय की सास लीला यादव को उमरपुर नींवा से गिरफ्तार किया. ग्रामीणों ने रणधीर को मिलनसार और गरीबों का मददगार बताया. उनकी पत्नी ने लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. मामले में और जानकारी जुटाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ जारी है.




































