Meerut: सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 18वां दीक्षांत समारोह महामहिम राज्यपालआनंदी बेन पटेल की अध्यक्षता में भव्य रूप से आयोजित किया गया. इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 26 पदक व स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी में छात्र-छात्राओ को कुल 583 उपाधियां प्रदान की गई. कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्र्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया. मा0 राज्यपाल महोदया ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिये गये गांव के प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिकाओ को पुस्तके भेंट की. कार्यक्रम मे जनपद गाजियाबाद की 300 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट प्रदान की गई, जिसमें 05 आंगनबाडी कार्यकर्त्रियो को मंच पर मा0 राज्यपाल महोदया द्वारा किट प्रदान की गई. दसवीं की छात्रा मानसी चौहान के उद्बोधन तथा प्राथमिक विद्यालय की 03 दीक्षोत्सव की प्रतियोगी छात्राओ को उपहार प्रदान किये गये. हार्टफुलनेस संस्था एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं औद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये. राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन किया गया.
समारोह को संबोधित करते हुये मा0 राज्यपाल ने कहा कि मेडल प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राएं बधाई के पात्र है. उन्होने कहा कि किसानो के प्रति लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी का समर्पण अनुपम रहा. देश की एकता, अखंडता और समरसता के लिए उन्होने अपना जीवन समर्पित किया. मा0 प्रधानमंत्री जी ने कृषि क्षेत्र में महिलाओ की भागीदारी बढाने के लिए ड्रोन दीदी पहल का शुभारंभ किया. कहा कि आज महिलाएं ड्रोन दीदी बनकर कृषि क्षेत्र में नई पहचान बना रही है. उन्होने कहा कि हर जगह महिलाओ की भागीदारी आवश्यक है. नारी शक्ति और उसका स्वास्थ्य राष्ट्र की प्रगति का आधार है. नारी केवल परिवार की आधारशिला नहीं है बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक शक्ति भी है. महिलाएं स्वस्थ होगी तो परिवार स्वस्थ होगा, परिवार स्वस्थ होगा तो राष्ट्र स्वस्थ होगा। पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता एक सशक्त समाज का निर्माण करते है. सरकार लगातार महिलाओ को स्वस्थ्य, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रही है. राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राओ से आह्वान किया कि आप अपने ज्ञान का सदुपयोग देश हित में करेंगे तो इस देश को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता है. भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना नीति या योजना से ही नहीं बल्कि आपके जैसे ऊर्जावान और प्रतिभाशाली युवाओ के संकल्प से साकार होगा. आज हमारा देश प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ रहा है. भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र में नई तकनीक का उपयोग कर एक नई क्रान्ति की शुरूआत की है. प्रौद्योगिकी का उपयोग न केवल उत्पादन बढाने का साधन है बल्कि यह उपलब्ध संसाधनो का सही से उपयोग कर लागत कम करने और पर्यावरण की रक्षा कर सतत् खेती को प्रोत्साहित करने का प्रभावी उपाय भी है। जैविक प्रौद्योगिकी से उन्नत बीज तैयार किये जा रहे है. कस्टम हॉयर सेंटर के माध्यम से किसान नई कृषि मशीनो को किराये पर लेकर उनका उपयोग कर सकते है जिससे उनकी लागत घटती है और उत्पादन बढता है.
दीक्षांत समारोह के उपरांत मा0 राज्यपाल की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के सभागार में समीक्षा बैठक आहूत की गई. मा0 राज्यपाल द्वारा बिन्दुवार समीक्षा करते हुये कहा गया कि विद्यालय परिसर का परिसर साफ-स्वच्छ और सुरक्षित तथा ड्रग्स एवं नशामुक्त होना अनिवार्य है. इन बिन्दुओ पर समग्रता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाये. बैठक में छात्रावास, विश्वविद्यालय मैस, खेल का मैदान, क्लॉस रूम, अध्यापक एवं छात्र अनुपात, खाली पदो को भरे जाने इत्यादि बिन्दुओ पर बिन्दुवार गहनता से समीक्षा करते हुये कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये. उन्होने कहा कि शिक्षक एक आदर्श नागरिक के रूप में अपने आप में प्रस्तुत करें जिससे कि छात्र-छात्राएं आपसे प्रेरित हो और उसका अनुसरण करें। छात्र-छात्राओ को स्कूल की विभिन्न गतिविधियो में सहभागी बनाये.
इस अवसर पर खेल विश्वविद्यालय के कुलपति, जिलाधिकारी डा0 वी0के0 सिंह, एसएसपी विपिन ताडा, मुख्य विकास अधिकारी गाजियाबाद, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार, कुलसचिव डा0 रामजी सिंह, वित्त नियंत्रक, निदेशक प्रसार डा0 पी0के0 सिंह, सहित विश्वविद्यालय के समस्त संकायो के डीन/प्रोफेसर, अन्य संबंधित अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राएं व अभिभावकगण, प्राथमिक विद्यालय की छात्राएं, आंगनबाडी कार्यकर्त्री आदि उपस्थित रहे.





































