April 18, 2026 4:52 pm

जज बोले- ‘ऐसे राक्षसों को समाज से दूर रखें’ बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप कांड में 9 साल बाद 5 दरिंदों को उम्रकैद

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Bulandshahr (Uttar Pradesh): उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप कांड में आज विशेष पॉक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया. 2016 की उस भयावह रात में मां और नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले पांचों दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई गई. साथ ही प्रत्येक दोषी पर 1.81 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. जुर्माने की आधी रकम पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी. विशेष न्यायाधीश ओपी वर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा, “ऐसे राक्षसों को सभ्य समाज में रहने लायक नहीं छोड़ा जाना चाहिए.”
29 जुलाई 2016 की रात को नेशनल हाईवे-91 (अब NH-34) पर दोस्तपुर फ्लाईओवर के पास हुआ था. नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा एक परिवार कार से यात्रा कर रहा था. रात करीब डेढ़ बजे लुटेरों के गिरोह ने लोहे की रॉड फेंककर कार रोकी. हथियारों के बल पर पूरे परिवार (6 सदस्य) को बंधक बनाया गया. पुरुष सदस्यों को पीटा और बांधा गया, जबकि मां और 14 साल की नाबालिग बेटी को पास के खेत में ले जाकर ढाई घंटे तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया. परिवार के सामने ही यह दरिंदगी हुई. बाद में लूटपाट कर अपराधी फरार हो गए. यह घटना सामने आने पर पूरे देश में आक्रोश फैल गया था. तब अखिलेश यादव सरकार थी, और पुलिस की नाकामी पर सवाल उठे थे. कोर्ट ने जुबैर उर्फ सुनील उर्फ परवेज, साजिद, धर्मवीर उर्फ राका उर्फ जितेंद्र, नरेश उर्फ संदीप, सुनील कुमार उर्फ सागर थे. गिरोह के सरगना सलीम की ट्रायल के दौरान जेल में मौत हो गई थी. 2 आरोपियों अजय उर्फ असलम को हरियाणा पुलिस और बंटी उर्फ गंजा को एसटीएफ नोएडा ने उसी दौरान अन्य मामलों में एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. घटना के बाद CBI को जांच सौंपी गई थी. 20 दिसंबर 2025 को कोर्ट ने पांचों को दोषी करार दिया था. ट्रायल में 25 गवाहों के बयान दर्ज हुए थे.

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