📍Ghaziabad: फर्जीवाड़ा करने वाले किसी भी हद तक चले जाते हैं. यूपी के गाजियाबाद के कविनगर एरिया की एक आलीशान कोठी में चल रहे फर्जी दूतावास का ऐसा खुलासा हुआ जिसे देखकर अधिकारी भी चकरा गए. क्योंकि वह व्यक्ति खुद को ऐसे देशों का राजदूत भी बताता था जो दुनिया के नक्शे में है ही नहीं. कमाल की बात यह है कि 10 साल में उसने कई देशों में 162 विदेश यात्राएं कीं और कंपनियां खडी कर दीं और 300 करोड़ का घोटाला भी कर डाला.
दरअसल एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 22 जुलाई 2025 को कविनगर के एक आलीशान किराए के मकान पर छापेमारी की, जहां हर्षवर्धन जैन फर्जी दूतावास चला रहा था. जांच में पता चला कि वह डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट वाली लग्जरी गाड़ियों, फर्जी पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की नकली मुहरों, और मॉर्फ्ड तस्वीरों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. उसके पास से 44.7 लाख रुपये नकद, 12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट, और विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा बरामद की गई. जांच में खुलासा हुआ कि वह शेल कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट और मनी लॉन्ड्रिंग में भी शामिल था. इसके अलावा, उसने 10 साल में 162 विदेश यात्राएं कीं और 25 से अधिक विदेशी कंपनियां रजिस्टर कराईं. उसका विवादित धर्मगुरु चंद्रास्वामी और अंतरराष्ट्रीय हथियार डीलर अदनान खशोगी से भी संबंध रहा है. STF के डिप्टी एसपी राजकुमार मिश्रा के अनुसार, हर्षवर्धन विदेश में नौकरी और बिजनेस डील के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलता था। प्रारंभिक जांच में 300 करोड़ रुपये के हवाला और लोन घोटाले का खुलासा हुआ है. आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, और एसटीएफ उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है. इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सकते में डाल दिया है कि कैसे एक व्यक्ति इतने लंबे समय तक राजधानी के नजदीक फर्जी दूतावास चला सकता था.





































