June 4, 2026 8:56 pm

NEET UG 2026 पेपर लीक क्यों हुआ 22 लाख छात्रों पर संकट, CBI जांच और नया प्लान

Picture of News9india

News9india

Share:

New Delhi:  मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा. 22 लाख से ज्यादा छात्रों के सामने संकट खड़ा कर दिया गया. मामाले ने तूल पकड़ा तो फिर जांच सीबीआई को दी गई जिसके बाद कई लोगों को पकड़ा गया. साथ ही दोबारा परीक्षा का ऐलान किया गया और भविष्य के लिए नया प्लान भी बनाया गया. पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंट का भी चौंकाने वाला सच निकलकर सामने आया.
दरअसल देश के 551 शहरों में नीट यूजी परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें 22 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था. बाद में सामने आया कि पेपर आउट हुआ था. इस पर एफआईआर दर्ज की गई की और जांच सीबीआई को दी गई साथ ही परीक्षा को रद्द कर दिया गया. परीक्षा प्रणाली पर तमाम तरह के सवाल उठे. सामने आया कि इसका मास्टरमाइंट एक प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी निकला. महाराष्ट्र के लातूर के कुलकर्णी रसायन विज्ञान के प्रोफेसर हैं और पुणे में कोचिंग दिया करते हैं. वह प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी के सदस्य थे इसलिए उनकी पहुंच आसान थी और वहीं से पेपर आउट माना गया. इस मामले में प्रोफेसर कुलकर्णी, राजस्थान के जयपुर के मांगीलाल बिवाल, दिनेश, विकास, हरियाणा के यश यादव, नासिक के शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे और मनीषा को पकड़ा गया. राजस्थान के बिवाल परिवार ने दस लाख रूपए में पेपर खरीदा था और उसे आगे भी बेचना शुरू कर दिया गया था. कमाल की बात यह है जिस बेटे के लिए पेपर खरीदा गया था उसके 600 में से 107 ही नंबर आए. इंटर में भी ग्रेस से सेकेंड डिवीजन से पास हुआ था. सीबीआई मामले की जांच कर पूरे नेटवर्क को खंगालेंगी.
चर्चित मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेस की और कहा कि अब 21 जून को एग्जाम होगा. कोई भी अनियमितता नहीं होने दी जाएगी. भविष्य में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए भविष्य में ओएमआर सीट के बजाए कंप्यूटर प्रणाली से परीक्षा करायी जाएगी. ओएमआर की तुलना में यह बेहतर रहेगा. चुनौतियां तो हैं लेकिन हमें अपने देश की प्रणाली पर भरोसा रखना होगा. Neet paper leak case.

Leave a Comment

और पढ़ें