July 29, 2026 3:50 am

भ्रष्ट अफसरों के लालच ने ले ली 42 बेगुनाह लोगों की जान

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Jaisalmer: राजस्थान के जैसलमेर जिले में दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी एसी स्लीपर बस अचानक आग की चपेट में आ गई, जिसमें 22 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई. घटना में 16 अन्य यात्री गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हादसे ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया, खासकर दिवाली से ठीक पहले यह घटना होने से पीड़ित परिवारों का दर्द और गहरा हो गया. हादसा जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर थैयत गांव के पास 14 अक्टूबर को 3:30 बजे हुआ. बस में कुल 57 यात्री सवार थे, जो ज्यादातर जोधपुर और आसपास के जिलों के निवासी थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस जैसे ही हाइवे पर आगे बढ़ी, उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा. चालक ने तुरंत बस रोकी, लेकिन देखते-देखते आग ने पूरे वाहन को लपेट लिया. बस का पिछला दरवाजा गर्मी से लॉक हो गया, जिससे कई यात्री बाहर नहीं निकल सके. चीख-पुकार मच गई, लेकिन आग इतनी तेज थी कि राहगीरों के हाथ-पैर फूल गए. कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन ज्यादातर लोगों को बचाया नहीं जा सका. प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. बस को हाल ही में नॉन-एसी से एसी में मॉडिफाई किया गया था, जो चित्तौड़गढ़ में रजिस्टर्ड है. खुलासा हुआ कि बस का रजिस्ट्रेशन नॉन-एसी कैटेगरी में था, लेकिन मालिक ने बिना उचित अनुमति के एसी फिटिंग करा ली थी. बस 21 मई को खरीदी गई थी. यह बस 1 अक्टूबर 2025 को ही सड़क पर उतारी गई थी और महज 14 दिन बाद 14 अक्टूबर को ही हादसा हो गया. जांच में यह भी सामने आया है कि फिटनेस जांच में भारी लापरवाही बरती गई और वाहन को बिना उचित तकनीकी परीक्षण के सड़क पर उतारने की अनुमति दी गई. चित्तौड़गढ़ परिवहन विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जोधपुर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना पूरे राजस्थान के लिए क्षति है. दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी.

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