April 18, 2026 6:37 pm

बरेली हिं,सा के बाद बुलडोजर का कहर संपत्तियां जमींदोज, योगी सरकार का सख्त संदेश

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Bareilly (UP): उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद से भड़की हिं,सा के बाद प्रशासन ने ‘बुलडोजर जस्टिस’ की तलवार चला दी. मौलाना तौकीर रजा खान और उनके करीबियों की कई अवैध संपत्तियों पर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और नगर निगम ने धावा बोल दिया. 30 सितंबर से शुरू हुई कार्रवाई 4-5 अक्टूबर तक जारी रही, जिसमें बरात घर, चार्जिंग स्टेशन और पैलेस जैसी संरचनाएं ध्वस्त कर दी गईं. योगी आदित्यनाथ सरकार इसे ‘कानून का राज’ स्थापित करने का कदम बता रही है, जबकि विपक्ष आरोप लगा रहा है. कुल 8-10 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई हुई, जिनकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है. बुलडोजर कार्रवाई कैसे हुई? चरणबद्ध तरीके से इस एक्शन को समझिए कि हिं,सा के ठीक चार दिन बाद, 30 सितंबर को बरेली नगर निगम और बीडीए ने संयुक्त अभियान शुरू किया. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर तैनात किए गए और नोटिस जारी कर एक-दो घंटे का समय दिया गया. मुख्य 30 सितंबर को तौकीर रजा के दामाद और सपा पार्षद मोहसिन रजा के बांखना क्षेत्र में अवैध इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को ध्वस्त कर दिया गया. मोहसिन को हिं,सा के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उसी दिन, तौकीर के करीबी डॉ. नफीस की 74 अवैध दुकानें सील कर दी गईं. इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के कार्यालय को भी लॉक कर दिया गया. 1 अक्टूबर को शराफत खान के ‘हमसफर पैलेस’ (बरात घर) को सील किया गया. यह संपत्ति हिं,सा में शामिल लोगों से जुड़ी बताई गई. पुलिस ने एनकाउंटर में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया, जो तौकीर के समर्थक थे. 4 अक्टूबर को रजा पैलेस तौकीर के करीबी डॉ. नफीस से जुड़ा पर बुलडोजर चला. अवैध निर्माण पूरी तरह जमींदोज हो गया. बीडीए ने कहा, “यह उत्तर प्रदेश टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-1973 की धाराओं के तहत कार्रवाई है.” इसी दिन, एक अन्य बरात घर को ध्वस्त किया गया. 5 अक्टूबर को और २ अवैध संरचनाओं पर कार्रवाई, जिसमें तौकीर के सहयोगी सरफराज की दुकानें शामिल हैं. कुल 150 करोड़ की बेनामी संपत्तियां जब्त कर ली गईं.
प्रशासन ने ड्रोन से निगरानी की, इंटरनेट 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर तक 48 घंटे के लिए निलंबित रहा. बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया, “यह पूर्व नियोजित साजिश थी. अवैध निर्माण हटाना हमारा नियमित अभियान है. फ्लैग मार्च और भारी फोर्स तैनात है. हिं,सा से जुड़ी साजिश और अवैध निर्माण मुख्य वजह यह है कि 26 सितंबर को जब तौकीर रजा ने ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान के तहत प्रदर्शन का आह्वान किया. जुमे की नमाज के बाद 2,000 से अधिक लोग सड़कों पर उतरे, प,थराव, आ,गजनी और पुलिस पर हमला हुआ. 22 पुलिसकर्मी घायल हुए, दुकानें लूटी गईं. पुलिस ने इसे ‘पूर्व नियोजित दं,गा’ बताया, जिसमें तौकीर और उनके करीबी मुख्य आरोपी हैं. अब तक 73 गिरफ्तारियां, जिसमें तौकीर, नदीम, डॉ. नफीस, मोहसिन शामिल. दूसरी वजह ये संपत्तियां लंबे समय से अवैध थीं. बीडीए का कहना है कि नक्शा पास न होने और अतिक्रमण के कारण कार्रवाई जरूरी थी. सीएम योगी ने 27 सितंबर को कहा, “दंगाइयों को ऐसी सजा देंगे कि पीढ़ियां याद रखेंगी. बुलडोजर अपराधियों के लिए है.” वैसे माना जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश में बुलडोजर जस्टिस का हिस्सा है, जो 2017 से चल रहा है.

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