ओवैसी पर तिरंगे के अपमान का आरोप, बाराबंकी में मुकदमा दर्ज

दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा की शिकायत पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी और आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

बाराबंकी: मिशन यूपी के लिए अपनी पार्टी AIMIM के लिए जमीन तलाश रहे असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। उनपर राष्ट्रध्वज तिरंगे का अपमान करने का आरोप लगा है। दरअसल, ओवैसी ने बिना अनुमति एक सभा यूपी के बाराबंकी में की थी। इस सभा में उन्होंने तिरंगे को फहराने के बजाय उसे पिल्लर में लपेटा था। मामले में पुलिस ने राष्ट्रध्वज के अपमान के अलावा धारा 144 का उल्लंघन करने, बिना अनुमति सभा करने एवं कोविड 19 महामारी के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ओवैसी ने बाराबंकी में गुरुवार को बिना अनुमति एक जनसभा को संबोधित किया था। दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा की शिकायत पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी और आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

शुक्रवार को जनसभा की तस्वीरें वायरल होने के बाद उसी मुकदमे में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की धाराएं भी जोड़ दी गईं। ओवैसी पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराने की जगह एक खंभे पर लपेटने का आरोप लगा है। जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें ओवैसी के ठीक बगल में राष्ट्रीय ध्वज एक खंभे पर लपेटा नजर आ रहा है। 


मिली जानकारी के मुताबिक, दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने ओवैसी व कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ एफआईआर कराए जाने की मांग गुरुवार की शाम को अपर मुख्य सचिव गृह से की थी। उसकी प्रति डीएम व एसपी को भी भेजी। विधायक ने बताया कि उन्होंने डीएम व एसपी से इस संबंध में बात भी की। तब प्रशासन हरकत में आया।

विधायक सतीश शर्मा ने अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लिखा है कि गुरुवार को कटरा मुहल्ला में बिना अनुमति के मीटिंग कर ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर रामसनेहीघाट में 100 साल पुरानी मस्जिद शहीद कराने का आरोप लगाया है जो निंदनीय व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है, जबकि अवैध ढांचे को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत गिराया गया है।


न्यूज9इंडिया डेस्क

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