तेजी से मोटापा कम करने के लिए कीजिए ये 5 तरह के योग, यकीन मानिए-खुद को भी नहीं पहचान पाएंगे

यह बात सही है कि पसीना बहाने से ही चर्बी (मोटापा) कम होता है। लेकिन इसकी सही दिशा और सही दशा क्या होती है यह जानकारी सबके पास नहीं होती। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे 5 योगासन के बारे में जिसे करके आप अपना मोटापा बिना कमजोरी आए कम कर सकते हैं।

आजकल हर कोई फिट फाइन दिखना चाहता है लेकिन बदलते समय, खान-पान और बढ़ती उम्र व लापरवाहियों की वजह से लोग मोटे हो जाते हैं और फिर पतले होने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते है। कभी कभी उन्हें अच्छे परिणाम मिलते हैं लेकिन अधिकांश को अच्छे परिणाम नहीं मिल पाते।

यह बात सही है कि पसीना बहाने से ही चर्बी (मोटापा) कम होता है। लेकिन इसकी सही दिशा और सही दशा क्या होती है यह जानकारी सबके पास नहीं होती। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे 5 योगासन के बारे में जिसे करके आप अपना मोटापा बिना कमजोरी आए कम कर सकते हैं। इन व्यायामों को करने से आपके शरीर में लचीलापन बढ़ने के साथ मोटापा भी दूर होता है। 


अग्निसार योग

अग्निसार प्राणायाम का एक प्रकार है। अग्निसार पाचन प्रक्रिया को गति‍शील बनाकर उसे मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। यह क्रिया पेट की चर्बी घटाकर मोटापे को दूर रखते हुए व्यक्ति को कब्ज की समस्या में भी राहत देती है। 

अग्निसार आसन करने का तरीका:

इस क्रिया को करने के लिए शरीर को स्थिर कर पेट और फेंफड़े की वायु को बाहर छोड़ते हुए उड्डियान बंध लगाएं अर्थात पेट को अंदर की ओर खींचें। सहजता से जितनी देर सांस रोक सकें रोककर रखें और पेट को नाभि पर से बार-बार झटके से अंदर खींचने और ढीला छोड़ें। 

कपालभारती योग

कपालभारती करने से लीवर, किडनी और गैस की समस्या दूर होती है। कपालभाति प्राणायाम वजन कम करने के लिए बहुत फायदेमंद है, क्योंकि इसका सीधा जुड़ाव हमारी पाचन शक्ति और पेट के स्वास्थ्य से है।


कपालभारती करने का तरीका:

कपालभाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए सुखासन में बैठें। इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकें। साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करें। इसके तुरंत बाद नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचतें हैं और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते हैं।इसे कम से कम 5 मिनट और अधिकतम 30 मिनट तक कर सकते हैं। 

सूर्य नमस्कार योग

सूर्य नमस्कार एक ऐसा योग है जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से स्वस्थ रखता है। जो लोग कब्ज, अपच या फिर पेट में जलन की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें रोजाना सुबह खाली पेट सूर्य नमस्कार का अभ्यास करना चाहिए। सही तरीके से सूर्य नमस्कार करने से बहुत कम समय में तेजी से वजन कम किया जा सकता है। 

भुजंगासन:

भुजंगासन करने से शरीर सुंदर तथा कान्तिमय बनने के साथ शरीर की थकावट भी दूर होती है। यह आसन बेडौल कमर को पतली, सुडौल और आकर्षक बनाता है।

भुजंगासन करने का तरीका

भुजंग आसन को करते समय धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं। हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें। गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें।

हलासन:

हलासन मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन घटाने में मदद करता है। थायराइड ग्रंथि को संतुलित कर मोटापा एवं दुर्बलता आदि को दूर करता है। गैस, कब्ज एवं अपच में भी यह आसन लाभकारी है।

हलासन करने का तरीका: 

फर्श पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को भी बिल्कुल आराम की मुद्रा में जमीन पर सीधे रखें। लंबी सांस लेते हुए पेट की मांसपेशियों के सहारे अपने पैरों को फर्श से ऊपर उठाएं और दोनों पैरों को 90 अंश के कोण पर खड़े रखें। सामान्य रूप से लगातार सांस लेते हुए अपने कूल्हों और पीठ को हाथ की सहायता से फर्श से ऊपर उठाएं। अब अपने पैरों को सिर के ऊपर से ले जाते हुए 180 डिग्री के कोण पर मोड़े जब तक कि आपके पैरों की उंगलियां फर्श से नहीं छू जाती हैं।


न्यूज9इंडिया डेस्क

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