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बहुत की सस्ता हुआ iPhone 12, कीमत आपकी उम्मीदों से भी कम, 14000 रु. तक का मिल रहा डिस्काउंट

दरअसल, iPhone 13 के लॉंच होने से iPhone 12 पर 14 हजार रुपए तक का डिस्काउंट मिल रहा है।

नई दिल्ली: वैसे तो हर कोई चाहता है कि उसके हाथों में आई फोन हो लेकिन बजट की वजह से इंसान खरीद नही पाता। लेकिन अब iPhone 12 की कीमत इतनी कम हो गई है कि वह आम आदमी की पहुंच में आ गया है। दरअसल, iPhone 13 के लॉंच होने से iPhone 12 पर 14 हजार रुपए तक का डिस्काउंट मिल रहा है।

बता दें कि कंपनी ने 2021 में iPhones की कीमत में वृद्धि नहीं की है बल्कि अब आधिकारिक तौर पर Apple ने iPhone 12 सीरीज की कीमतों में कटौती की है। तो आइए जानते हैं कि अब आप iPhone 12 कितने सस्ते में खरीद सकते हैं और iPhone 12 को खरीदने के क्या फायदे हैं। 
iPhone 12 Pro 128GB Graphite - Apple (IN)
iPhone 12 के 64GB स्टोरेज मॉडल को अब 65,900 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ ख़रीदा जा सकता है। डिवाइस को Apple के ऑनलाइन स्टोर पर कीमत में कटौती मिली है। इस स्टैंडर्ड मॉडल को 79,900 रुपये में लॉन्च किया गया था। इसका मतलब है कि Apple अपने ग्राहकों को iPhone 12 सीरीज पर 14,000 रुपये का डिस्काउंट दे रहा है। इसके साथ ही अगर इसे ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट से खरीदते हैं तो आपको इस पर 13000 रुपये की छूट और कुछ इंस्टेंट डिस्काउंट मिल जाएंगे।  

iPhone 12 128GB (PRODUCT)RED - Apple (IN)

वहीं iPhone 12 का 128GB मॉडल भी 84,900 रुपये के बजाय 70,900 रुपये में ख़रीदा जा सकता है। अब iPhone 12 का हाई-एंड 256GB वैरिएंट की बात करें तो ये फ़ोन आप 80,900 रुपये में खरीद सकते हैं लॉन्च के वक्त इसकी कीमत 94,900 रुपये थी।

iPhone 12 मिनी को अब 59,900 रुपये में खरीदा जा सकता है। यह पहले 69,900 रुपये में उपलब्ध था, जिसका अर्थ है कि Apple ने कीमत में 10,000 रुपये की कटौती की है। डिवाइस एक कॉम्पैक्ट 5।4-इंच OLED सुपर रेटिना डिस्प्ले प्रदान करता है, यह 4K वीडियो भी रिकॉर्ड कर सकता है। इसमें A14 बायोनिक प्रोसेसर है।

Buy iPhone 12 Pro and iPhone 12 Pro Max - Apple (IN)

 
iPhone 13 कंपनी का लेटेस्ट फोन है कंपनी ने इस फोन में कुछ छोटे अपग्रेड भी किए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि iPhone 13 के बेस वेरिएंट में 64GB की जगह 128GB स्टोरेज मिलेगी। इसका मतलब है कि iPhone 13 की कीमत iPhone 12 से अधिक होगी क्योंकि स्टोरेज को बढ़ा दिया गया है। इसलिए हमारा मानना ​​​​है कि iPhone 13 की प्रीमियम कीमत पूरी तरह से उचित नहीं है और iPhone 12 अभी भी इसकी मौजूदा कीमत पर एक बेहतर सौदा है।

iPhone 12 and 12 Pro: Buy now or wait? | Macworld


Apple इस बार iPhone 13 Pro और iPhone 13 Pro Max में महत्वपूर्ण अपग्रेड ला रहा है, जिसमें 120Hz प्रोमोशन डिस्प्ले भी शामिल है। 2022 के iPhone के बारे में अफवाहें हैं कि iPhone 14 एक अच्छा रीडिज़ाइन और हार्डवेयर सुधार लाएगा, जो इसे iPhone 13 की तुलना में बेहतर अपग्रेड बनाना चाहिए। इसलिए, हमारा मानना है कि आपको अभी iPhone 12 खरीद लेना चाहिए और बाद में iPhone 14 में इसे अपग्रेड कर लेना अच्छा ऑप्शन रहेगा। लेकिन अगर आपका दिल iPhone 13 पर आ गया है तो आप इसे भी खरीद सकते हैं ये भी एक अच्छा फोन है। 


कुल मिलाकर अब आगर आप iPhone लेने की सोच रहे हैं तो आप iPhone 12 को खरीद सकते हैं। यह ना सिर्फ आपके बजट में है बल्कि आपका वह सपना भी पूरा हो जाएगा जो सपने आप iPhone के लिए देखते थे।


WhatsApp पर अब नहीं लीक होगी आपकी पर्सनल चैट

कभी-कभी जो जानकारियां दूसरों के पास नहीं जानी चाहिए वह भी चली जाती हैं। आज के टेक्निकल दौर में पर्सनल बातें अनचाहे लोगों तक पहुंचने का डर बना रहता है लेकिन अब व्हाट्सएप पर आपकी पर्सनल चैट्स नहीं लीक होंगी।

नई दिल्ली: पर्सनल..! यह एक ऐसा शब्द है जिसकी गोपनीयता हर कोई बनाकर रखना चाहता है लेकिन कभी-कभी जो जानकारियां दूसरों के पास नहीं जानी चाहिए वह भी चली जाती हैं। आज के टेक्निकल दौर में पर्सनल बातें अनचाहे लोगों तक पहुंचने का डर बना रहता है लेकिन अब व्हाट्सएप पर आपकी पर्सनल चैट्स नहीं लीक होंगी।


इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप काफी दिनों से एक फीचर पर काम कर रहा है, जिसके जरिए गूगल ड्राइव और एप्पल क्लाउड पर चैट बैकअप  को एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के जरिए सिक्यॉर किया जा सकेगा। व्हाट्सएप ने आखिरकार घोषणा की है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट बैकअप को रोल आउट कर रहा है। कुल मिलाकर, अब आपकी व्हाट्सएप चैट ज्यादा सिक्यॉर हो गई है। 

व्हाट्सएप ने अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, "लोग पहले से ही Google ड्राइव और iCloud जैसी क्लाउड-आधारित सर्विस के जरिए अपने व्हाट्सएप मैसेज हिस्ट्री का बैकअप लेते आ रहे हैं। व्हाट्सएप के पास इस बैकअप तक पहुंच नहीं है, इन्हें क्लाउड सर्विस देने वाली कंपनी ही सिक्यॉर करती है। लेकिन अब, अगर यूजर्स एंड-टू-एंड एन्क्रिशन सर्विस को इनेबल करते हैं, तो न तो व्हाट्सएप और ना ही बैकअप सर्विस प्रोवाइडर चैट तक पहुंच पाएंगे।"

ऐसे काम करेगा एंड-टू-एंड एन्क्रिशन बैकअप 


व्हाट्सएप का कहना है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिशन बैकअप को इनेबल करने के लिए, कंपनी ने एन्क्रिप्शन की स्टोरेज के लिए एक नया सिस्टम डिवेलप किया है, जो iOS और Android दोनों के साथ काम करता है। इस एन्क्रिप्शन सिस्टम के तहत, चैट बैकअप एक यूनीक और अलग तरीके से जेनरेट की गई एनक्रिप्शन की के जरिए एनक्रिप्टेड रहेगा। यूजर्स इस Key को मैन्युअल तरीके से या यूजर पासवर्ड से सिक्यॉर कर सकते हैं। 

बताते चलें कि वर्तमान में व्हाट्सएप एनरोइड मोबााइल फोन में बैकअप रखने के लिए गूगल ड्राइव का इस्तेमाल करता है और बैकअप एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड भी नहीं होते है, जिससे कोई दूसरा इन्हें हासिल कर सकता है। व्हाट्सएप पर यह सुविधा एप्पल के आईओएस और एंड्राइड फोन पर आने वाले हफ़्तों में उपलब्ध हो जाएगी। व्हाट्सएप के दुनियाभर में दो अरब से ज्यादा यूजर्स हैं।


मेडिसिन फ्रॉम द स्काई: तेलंगाना में ड्रोन करेगा दवाओं की डिलीवरी

तेलंगाना सरकार संभवत: शनिवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, नीति आयोग और हेल्थनेट ग्लोबल के साथ साझेदारी में 'मेडिसिन फ्रॉम द स्काई' पहल शुरू करेगी।

हैदराबाद: वैसे तो आज के समय में हर वस्तु की होम डिलीवरी हो रही है और इसके लिए संबंधित कंपनियां डिलीवरी बॉय भी रखती हैं। लेकिन अब ड्रोन से डिलीवरी का काम शुरू किया जाने वाला है। जी हां! ऐसे प्रोजेक्ट की शुरुआत तेलंगाना करने जा रहा है हालांकि ड्रोन्स के जरिये सिर्फ दवाओं की डिलीवरी की जाएगी।


तेलंगाना सरकार संभवत: शनिवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, नीति आयोग और हेल्थनेट ग्लोबल के साथ साझेदारी में 'मेडिसिन फ्रॉम द स्काई' पहल शुरू करेगी।इस प्रोजेक्ट के तहत, बियॉन्ड विजुअल लाइन ऑफ साइट (बीवीएलओएस) ड्रोन फ्लाइट्स का उपयोग विकाराबाद जिले के चिन्हित हवाई क्षेत्र का उपयोग करके टीकों और दवाओं को वितरित करने के लिए किया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट शुभारंभ शनिवार को विकाराबाद जिले के एसपी कार्यालय स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में किया जाएगा। प्रोजेक्ट का संचालन करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) से अंतिम नियामक मंजूरी मिलने के बाद ये जानकारी सामने आई है।


लॉन्च से पहले, आठ चयनित संघों में से तीन, अर्थात् ब्लूडार्ट मेड एक्सप्रेस कंसोर्टियम (स्काई एयर), हेलीकॉप्टर कंसोर्टियम (मारुत ड्रोन), और क्यूरिसफ्लाई कंसोर्टियम (टेकईगल इनोवेशन), पहले ही विकाराबाद पहुंच चुके हैं। वीएलओएस और बीवीएलओएस उड़ानों के माध्यम से उनके ड्रोन का परीक्षण चल रहा है।

विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए तेजी से लंबी दूरी और भारी पेलोड पर अपने ड्रोन की क्षमता का टेस्ट करने के लिए, संबंधित अधिकारी टेस्ट करते रहेंगे। यह परियोजना भारत में अपनी तरह की पहली है क्योंकि यह देश में पहला संगठित बीवीएलओएस ड्रोन परीक्षण है और इसे डोमेन की तरह स्वास्थ्य सेवा में भी आयोजित किया जा रहा है।


रॉकेट चैट: आतंकियों का पसंदीदा ऑनलाइन 'हथियार', 2018 से IS कर रहा इस्तेमाल

अब आतंकी भी सोशल मीडिया के चैट सर्विसेज का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनका पसंदीदा चैट एप है 'रॉकेट चैट' और इसका इस्तेमाल 2018 से आईएस के आतंकी कर भी रहे हैं।

नई दिल्ली: अब आतंकी भी सोशल मीडिया के चैट सर्विसेज का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनका पसंदीदा चैट एप है 'रॉकेट चैट' और इसका इस्तेमाल 2018 से आईएस के आतंकी कर भी रहे हैं। 

सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस्लामिक स्टेट (आइएस) के दुनियाभर में फैले आतंकी आपसी संवाद और गतिविधियों में तालमेल के लिए मुख्य तौर पर राकेट चैट का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके अनुसार 2018 के बाद आइएस की तमाम आनलाइन गतिविधियां राकेट चैट पर ही देखी गई हैं और भारत में आइएस के गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में इसकी पुष्टि भी हुई है। इसी तरह अलकायदा के आतंकी भी राकेट चैट का ही इस्तेमाल कर रहे हैं।

बता दें कि राकेट चैट प्लेटफार्म को बनाया ही इस तरह गया है कि इस पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए मुश्किल हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राकेट चैट एक ओपन सोर्स प्लेटफार्म है। इसके उपयोग के लिए किसी व्यक्ति को पहले पंजीकरण करना अनिवार्य नहीं होता। इससे आतंकियों के लिए अपनी पहचान को छिपाए रखना आसान हो जाता है। इसके साथ ही अन्य प्लेटफार्म की तरह इस पर मौजूद डाटा के स्टोरेज के लिए कोई केंद्रीय प्रणाली नहीं है।


उन्होंने आगे बताया कि इस प्लेटफार्म को प्राइवेट या क्लोज्ड सर्वर पर चलाया जा सकता है। निजी या क्लोज्ड सर्वर पर चलने के कारण इसमें होने वाली किसी भी बातचीत या शेयर किए गए किसी भी डाटा की जानकारी आनलाइन मिलना असंभव हो जाता है, जो आतंकी संगठनों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। युवाओं में धार्मिक कट्टरता फैलाने के लिए तैयार दुष्प्रचार सामग्री को इसी प्लेटफार्म के माध्यम से विभिन्न देशों में संपर्को को भेजा जाता है, जो इसे स्थानीय युवाओं के बीच वितरित करते हैं।


सीएनजी चालित सस्ती कार खरीदना चाहते हैं, तो देखें इन कारों को

आज के समय में नई कार खरीदते समय ग्राहकों के जेहन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि, 'कितना देती है'। इसका सीधा मतलब कार के माइलेज से होता है। मौजूदा समय में पेट्रोल की उंची होती कीमत ने तकरीबन हर किसी को दूसरे फ्यूल ऑप्शन की तरफ गौर करने पर मजबूर कर दिया है। इस मामले में CNG कारें सबसे बेहतर विकल्प मानी जाती हैं।

मौजूदा समय में अगर इंसान सबसे ज्यादा परेशान हैं तो बढ़ते ईंधन के दामों से और खासकर पेट्रोल और डीजल की बेकाबू कीमतों ने लोगों की जेबें काट रखी है। आज के समय में नई कार खरीदते समय ग्राहकों के जेहन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि, 'कितना देती है'। इसका सीधा मतलब कार के माइलेज से होता है। मौजूदा समय में पेट्रोल की उंची होती कीमत ने तकरीबन हर किसी को दूसरे फ्यूल ऑप्शन की तरफ गौर करने पर मजबूर कर दिया है। इस मामले में CNG कारें सबसे बेहतर विकल्प मानी जाती हैं।


पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सीएनजी की कीमत भी कम है और CNG पावर्ड कारें माइलेज के मामले में भी सबसे बेहतर हैं। वैसे तो देश में कई कंपनियां सीएनजी कारों की बिक्री कर रही हैं, लेकिन इस सेग्मेंट में मारुति सुजुकी का व्हीकल पोर्टफोलियो सबसे बेहतर और मजबूत है। आज हम आपको देश की टॉप 3 सबसे सस्ती सीएनजी कारों के बारे में बताएंगे- 

Maruti Suzuki Wagon R S-CNG Variant Launched; Prices Start At 4.84 Lakh

Maruti Wagon R CNG

मारुति सुजुकी की टॉल ब्वॉय हैचबैक कार वैगनआर भी सीएनजी किट के साथ बिक्री के लिए उपलब्ध है। इसके सीएनजी वेरिएंट में कंपनी ने 1.0 लीटर की क्षमता का पेट्रोल इंजन प्रयोग किया है जो कि 58hp की पावर और 78Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें 60 लीटर की क्षमता का फ्यूल टैंक दिया गया है। 

शुरुआती कीमत: 5.70 लाख रुपये 
माइलेज: 32.52 km/kg

Maruti Suzuki S-Presso : S-Presso Car Features, Specification, Colours and  Interior

Maruti S-Presso

मारुति सुजुकी की मिनी एसयूवी कही जाने वाली ये कार भी कंपनी फिटेड सीएनजी किट के साथ आती है। इसके सीएनजी वेरिएंट में कंपनी ने 1.0 लीटर की क्षमता का पेट्रोल इंजन प्रयोग किया है जो कि 67hp की पावर और 90Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। ये इंजन 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन गियरबॉक्स के साथ आता है। इसमें 55 लीटर की क्षमता का फ्यूल टैंक दिया गया है। 


शुरुआती कीमत: 5.06 लाख रुपये
माइलेज: 31.2 km/kg


Maruti Alto LXi CNG Price in India - Features, Specs and Reviews - CarWale

Maruti Alto CNG

मारुति सुजुकी की सबसे सस्ती हैचबैक कार अल्टो में कंपनी ने 800cc की क्षमता का पेट्रोल इंजन प्रयोग किया गया है। जो कि 40hp की पावर और 60Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। ये इंजन 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन गियरबॉक्स के साथ आता है। कंपनी का दावा है कि इसका सीएनजी वेरिएंट 31.59 किलोमीटर प्रतिकिलोग्राम तक का माइलेज देती है। इसकी फ्यूल कैपिसिटी 60 लीटर की है और ये दो वैरिएंट्स में उपलब्ध है। 

शुरुआती कीमत: 4.66 लाख रुपये
माइलेज: 31.59 km/kg

Hyundai Santro , India | Santro Price | Variants of Hyundai Santro |  Compare Santro Price, Features

Hyundai Santro : हुंडई ने हाल ही में नई जनरेशन की Santro लॉन्च की है। इस कार में आपको CNG का ऑप्शन मिलता है। इसके माइलेज की बात की जाए तो आपको 30.48km प्रति किग्रा का माइलेज देती है। वहीं इसकी कीमत की बात की जाए तो इसके बेस वेरिएंट की कीमत 4 लाख 28 हजार रुपये है और इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 6 लाख 26 हजार रुपये है।

Maruti Celerio Car Insurance: Compare/Buy or Renew Online

Maruti Suzuki Celerio – मारुति Celerio में आपको CNG ऑप्शन के साथ 5 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलेगा। यह कार सीएनजी के साथ 31.79km का माइलेज देती है। वहीं इसकी कीमत की बात करें तो इसके बेस वेरिएंट की कीमत 4 लाख 46 हजार रुपये है। वहीं इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 5 लाख 73 हजार रुपये है।

Upcoming Hyundai Grand i10 Nios: 5 Things To Know - ZigWheels

Hyundai Grand i10 Nios – हुंडई की सबसे ज्यादा बिकने वाली Grand i10 Nios का अपडेट वर्जन कंपनी ने अप्रैल 2020 में लॉन्च किया था। इस कार में कंपनी ने CNG का ऑप्शन दिया था। हुंडई ने इस कार में 1.2लीटर का इंजन दिया है जो 62 ps की पावर और 95 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। वहीं माइलेज की बात करें तो यह कार 20.7km का माइलेज देती है और इसकी कीमत 6 लाख 63 हजार रुपये है।

Hyundai Aura S CNG Review, Price, Specifications and Features in Hindi -  Gadi Dekho

Hyundai Aura – हुंडई ने 5वीं जनरेशन की Aura में सीएनजी का ऑप्शन दिया है। ये कार BS6 मानक पर आधारित है और इसमें आपको 1.20 लीटर का इंजन 5 स्पीड गियरबॉक्स के साथ मिलेगा। जो 83ps की पावर और 114 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। वहीं माइलेज की बात की जाए तो ये कार 25.4km का माइलेज देती है और इसकी कीमत 7 लाख 28 हजार रुपये है।



23 अगस्त को सबसे सस्ती माइक्रो-SUV Tata HBX होगी पेश, कीमत आपकी उम्मीदों से कहीं कम

आकर्षक स्पोर्टी लुक और दमदार इंजन क्षमता से सजी इस एसयूवी का एक टीजर भी जारी किया गया है। इस माइक्रो एसयूवी को आधिकारिक तौर पर कल (२३ अगस्त) पेश किया जाएगा।

नई दिल्ली: अगर आप SUV के शौकीन हैं और आपका बजट उसे खरीदने का नहीं है तो आप बेफिक्र हो जाइए। क्योंकि टाटा आपके लिए बेहद कम दाम में एसयूपी लाने जा रहा है। स्पोर्ट यूटिलिटी वाहनों के प्रति लोगों के क्रेज को देखते हुए वाहन निर्माता कंपनियां लगातार इस सेग्मेंट में नए मॉडलों को पेश करने में लगी हैं। अब देश की अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स घरेलू बाजार में अपनी नई माइक्रो एसयूवी Tata HBX को लॉन्च करने जा रही है। आकर्षक स्पोर्टी लुक और दमदार इंजन क्षमता से सजी इस एसयूवी का एक टीजर भी जारी किया गया है। इस माइक्रो एसयूवी को आधिकारिक तौर पर कल पेश किया जाएगा।


बता दें कि कंपनी ने इस माइक्रो एसयूवी के कॉन्सेप्ट मॉडल को बीते ऑटो एक्सपो के दौरान पेश किया था। इस एसयूवी को कई अलग-अलग मौकों पर टेस्टिंग के दौरान देखा गया है और ऐसा माना जा रहा है कि प्रोडक्शन वर्जन भी कॉन्सेप्ट मॉडल जैसा ही होगा। टाटा मोटर्स ने अब सोशल मीडिया पर इस एसयूवी का एक टीजर वीडियो जारी किया है, जिसमें इसके हेडलैंप की एक छोटी सी झलक देखने को मिली है। 

 

कंपनी द्वारा जारी इस छोटे से टीजर वीडियो में जो कैप्शन दिया है, उस आधार पर कहा जा सकता है कि कंपनी इसका नाम Tata HBX ही रखेगी। अब तक मीडिया रिपोर्ट्स में इसे बतौर कोडनेम प्रयोग किया जाता रहा है। इस एसयूवी के स्पाई तस्वीरों के आधार पर बताया जा रहा है कि कंपनी ने इसमें आकर्षक हेडलाइट्स के साथ डे टाइम रनिंग लाइट्स (DRL's) दिया है। इसके अलावा फोर स्पोक डुअल टोन एलॉय व्हील इसके साइड प्रोफाइल को बेहतर बनाते हैं। 

ऐसी उम्मीद है कि इममें थ्री स्पोक स्टीयरिंग व्हील जो कि माउंटेड कंट्रोल से लैस होंगे, फ्लोटिंग ट्चस्क्रिन इंफोटेंमेंट सिस्टम, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके डैशबोर्ड को ब्लैक फीनिश के साथ सिल्वर एक्सेंट से सजाया गया है। इस एसयूवी को कंपनी अपने नए Impact 2.0 डिजाइन फिलॉस्पी पर तैयार किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें 1.2 लीटर की क्षमता का पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है जो कि 83bhp की पावर और 114Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। ये इंजन 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन गियरबॉक्स के साथ आता है। कंपनी इसे ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ भी बाजार में उतार सकती है। 

लॉन्च के पहले इसकी कीमत के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है, लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कंपनी इसकी कीमत 4 लाख से लेकर 5 लाख रुपये के बीच हो सकती है। यदि कंपनी इस एसयूवी को इस कीमत में बाजार में उतारती है तो ये कंपनी के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है। हालांकि कॉम्पैक्ट एसयूवी सेग्मेंट में टाटा नेक्सॉन पहले से ही शानदार प्रदर्शन कर रही है। 


WhatsApp पर लिंक शेयर करने का अंदाज बदला!

अगर आप बीटा यूजर हैं और आपने अपने वॉट्सऐप को लेटेस्ट बीटा वर्जन से अपडेट कर लिया है, तो आप अब लिंक शेयर करने से पहले इमेज के बड़े प्रिव्यू को देख सकते हैं।

पिछले कुछ हफ्तों से पॉप्युलर इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप WhatsApp काफी चर्चा में है। आए दिन कंपनी इस ऐप में नए-नए फीचर इंट्रोड्यूस कर रही है। कंपनी की कोशिश है कि वह यूजर्स के चैटिंग और वॉट्सऐप यूज करने के एक्सपीरियंस को पहले से और बेहतर बना सके। हाल में कंपनी ने चैट हिस्ट्री को ऐंड्रॉयड और iOS डिवाइस के बीच ट्र्रांसफर करने के लिए भी एक नया फीचर रोल आउट किया था। नए फीचर्स लाने की इसी कड़ी में अब कंपनी ने यूजर्स के लिए वॉट्सऐप में लिंक शेयरिंग से जुड़ा एक बेहद जरूरी फीचर रोल आउट करना शुरू किया है। 

पिछले महीने खबर आई थी कि कंपनी आजकल एक ऐसे फीचर के ऊपर काम कर रही है, जो यूजर्स को लिंक शेयर करते वक्त थंबनेल (thumbnail) इमेज का बड़ा प्रिव्यू देखने की सुविधा देगा। कंपनी इस फीचर को अभी ऐंड्रॉयड और iOS बीटा यूजर्स के लिए रोल आउट कर रही है। 

वॉट्सऐप में आए इस नए फीचर की जानकारी WABetaInfo ने दी। WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार यह फीचर ऐंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.21.17.15 और iOS बीटा वर्जन 2.2.1.160.17 के लिए रिलीज किया गया है। कंपनी इस बीटा अपडेट को बैचेज में रोल आउट कर रही है और आज रात तक लगभग सभी यूजर्स तक पहुंच जाएगा। 

कब आएगा स्टेबल वर्जन ?

अगर आप बीटा यूजर हैं और आपने अपने वॉट्सऐप को लेटेस्ट बीटा वर्जन से अपडेट कर लिया है, तो आप अब लिंक शेयर करने से पहले इमेज के बड़े प्रिव्यू को देख सकते हैं। अभी की बात करें तो वॉट्सऐप में लिंक शेयर करते वक्त यूजर्स को छोटा सा थंबनेल दिखता है। उम्मीद की जा रही है कि कंपनी इस फीचर के स्टेबल वर्जन को बीटा टेस्टिंग के पूरा होने के बाद ग्लोबल यूजर्स को लिए रिलीज करेगी।  



अब वाट्सएप से भी डाउनलोड कर सकते हैं कोरोना वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट, यहां जानें तरीका

वैसे तो वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के कई तरीके हैं लेकिन अगर आप इसे व्हाट्सएप के जरिए डाउनलोड करना चाहते हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप ऐसा कैसे कर सकेंगे।

नई दिल्‍ली: कोरोना के खिलाफ सबसे ज्यादा असरदार कोरोना वैक्सीन लोगों तक पहुंचाई जा रही है। ऐसे में अब कई राज्यों में अगर आप जाना चाहते हैं तो वहां की सरकारों की शर्ते पूरी करनी ही पड़ेंगी। जिनमें वैक्सीनेशन भी शामिल है। वैसे तो वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के कई तरीके हैं लेकिन अगर आप इसे व्हाट्सएप के जरिए डाउनलोड करना चाहते हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप ऐसा कैसे कर सकेंगे।

कोरोना वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट डाउनलोड करने से पहले वाट्सएप लिस्ट में MyGov कोरोना हेल्पडेस्क चैटबाट को जोड़ना होगा। इसके लिए मोबाइल नंबर 91-9013151515 को अपनी कांटैक्ट लिस्ट में जोड़ लें। बेहतर होगा कि इसे MyGov WA चैटबाट के रूप में सेव करें। इससे सर्च करने में आसानी होगी। चैटबाट के माध्यम से सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लिया हुआ होना चाहिए।

ऐसे करें व्हाट्सएप से वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को डाउनलोड
  • अपने स्मार्टफोन में वाट्सएप को ओपन करें। फिर वाट्सएप सर्च बार से MyGov चैटबाट वाले नंबर को ओपन करें
  • अब चैट विंडो में डाउनलोड सर्टिफिकेट टाइप करें । वाट्सएप पर अपना कोविड-19 वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मैसेज भेजें
  • फिर आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) प्राप्त होगा। यहां आपको ध्यान रखना होगा कि यदि आपका नाम कोविन प्लेटफार्म पर एक अलग फोन नंबर के साथ रजिस्टर्ड है, तो फिर चैटबाट आपको अपने नंबर से सर्टिफिकेट डाउनलोड करने की अनुमति नहीं देगा। उस स्थिति में आपको वह नंबर दर्ज करना होगा, फिर उसी पर आपको ओटीपी प्राप्त होगा
  • चैट विंडो में ओटीपी दर्ज करें। यदि रजिस्टर्ड नंबर से कई सारे सदस्य जुड़े हुए हैं, तो चैटबाट प्रत्येक सदस्य के सर्टिफिकेट को अलग-अलग डाउनलोड करने का विकल्प दिखाएगा
  • अब वाट्सएप चैट विंडो में उस सदस्य का चयन करें, जिसका वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड करना चाहते हैं
  • इसके बाद चैटबाट आपके डिवाइस पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट का पीडीएफ भेजेगा, जिसे डाउनलोड कर सकते हैं


भारत सरकार और विपक्ष से टकराव की बीच Twitter इंडिया के MD मनीष माहेश्वरी का तबादला, वापस अमेरिका पहुंचे

उनका तबादला ऐसे समय पर हुआ है जब कांग्रेस और ट्विटर के बीच तकरार चल रहा है। आज ही राहुल गांधी ने ट्विटर पर कई आरोप लगाए। इससे पहले नए नियम को लेकर सरकार और ट्विटर के बीच भी ठन गई थी।

नई दिल्ली: अभी हाल ही में केंद्र सरकार से लड़ाई समाप्त कर विपक्ष के निशाने पर आने वाला सोशल मीडिया वेबसाइट ट्यूटर ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी का तबादला कर दिया गया है और ट्विटर ने उन्हें वापस अमेरिका बुला लिया है। मनीष माहेश्वरी का तबादला किया गया है जब वह भारत में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के निशाने पर है।


उनका तबादला ऐसे समय पर हुआ है जब कांग्रेस और ट्विटर के बीच तकरार चल रहा है। आज ही राहुल गांधी ने ट्विटर पर कई आरोप लगाए। इससे पहले नए नियम को लेकर सरकार और ट्विटर के बीच भी ठन गई थी। ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किए जाने के करीब दो साल बाद ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी को अमेरिका स्थित ट्विटर के ऑपरेशंस कार्यों के लिए बुलाया गया है।

मनीष माहेश्वरी ने 18 अप्रैल 2009 को नेटवर्क 18 से ट्विटर इंडिया ज्वाइन किया था और अब वह अमेरिका में सीनियर डायरेक्टर, रिवेन्यू स्ट्रेटजी एंड ऑपरेशंस का काम देखेंगे।

ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा- हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि मनीष ट्विटर के साथ रहेंगे और नए रोल में सेन फ्रेंसिस्को में सीनियर डायरेक्टर, रिवैन्यू स्ट्रेटजी के तौर पर काम करेंगे।

ट्विटर की तरफ से कुछ ऐसे एकाउंट्स को ब्लॉक नहीं करने और कुछ ट्विट्स को नहीं हटाने के चलते नई दिल्ली के गुस्से का उसे सामना करना पड़ा था, जिसे भारत सरकार आपत्तिजनक मानती थी। भारत सरकार के साथ ट्विटर के पिछले कई महीनों से लगातार तकरार जारी है. इसके साथ ही, नए आईटी कानून लागू करने को लेकर भी ट्विटर के साथ विवाद चला आ रहा है।


भारत में PhonePe बना लीडिंग UPI ऐप, जानिए-पेटीएम, गूगल पे औ अन्य ऐप्स की रैंकिंग

इंडिया जमकर डिजिटल पेमेंट कर रहा है और इसमें सबसे टॉप पर फोनपे यूपी ऐप बना है। उसके बाद गूगल पे दूसरे नंबर पर है। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन के जुलाई 2021 के आंकड़ों को जारी कर दिया गया है।

नई दिल्ली: इंडिया जमकर डिजिटल पेमेंट कर रहा है और इसमें सबसे टॉप पर फोनपे यूपी ऐप बना है। उसके बाद गूगल पे दूसरे नंबर पर है। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन के जुलाई 2021 के आंकड़ों को जारी कर दिया गया है।

इस लिस्ट में PhonePe ऐप भारत का लीडिंग यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) ऐप बनकर उभरा है। PhonePe ऐप से जुलाई 2021 में कुल 1.4 बिलियन ट्रांजैक्शन किये गये हैं, जिसका कुल मार्केट शेयर करीब 46 फीसदी रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के जारी आंकड़ों के मुताबिक PhonePe ऐप से जुलाई 2021 में कुल 2,88,572 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है।


इस रैकिंग में Google Pay दूसरे नंबर पर रहा। जुलाई 2021 के आंकड़ों के मुताबिक Google Pay ऐप से 1,119.16 मिलियन यानी 2,30,874 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है।

वही Paytm Payments बैंक ऐप से करीब 387.06 मिलियन का ट्रांजैक्शन किया गया है, जो करीब 46,406 करोड़ रुपये था। इस दौरान Paytm payment बैंक का मार्केट शेयर करीब 14 फीसदी रहा है। वही Google Pay का मार्केट शेयर करीब 34.35 फीसदी रहा है। 


Google Nest Cam से अब गूगल करेगा आपके घर की रखवाली !

Google हर वक्त आपके घर पर नजर रखेगा। साथ ही आपको हर वक्त घर की अपडेट देता रहेगा। यह संभव हो सकेगा Google के नये सिक्योरिटी कैमर और डोर बेल की मदद से। दरअसल Google ने गुरुवार को Nest ब्रांड का एक नया होम सिक्योरिटी लाइनअप सिक्योरिटी कैमरा और डोलबेल पेश किया है।

सेन फ्रैंसिस्को/नई दिल्ली: आपकी हर समय इंटरनेट की दुनिया में मदद करने वाला गूगल अब आपके घर की रखवाली भी करेगा। आप इस दुनिया में जहां जाना हैं जाएं और अपने घर की रखवाली की जिम्मा गूगल को सौंप दें। अगर आपको घर की सिक्योरिटी की चिंता सताती रहती है, तो अब Google आपकी इस समस्या को कुछ हद तक कम कर सकता है। अब Google आपके घर की रखवाली करेगा। Google हर वक्त आपके घर पर नजर रखेगा। साथ ही आपको हर वक्त घर की अपडेट देता रहेगा। यह संभव हो सकेगा Google के नये सिक्योरिटी कैमर और डोर बेल की मदद से। दरअसल Google ने गुरुवार को Nest ब्रांड का एक नया होम सिक्योरिटी लाइनअप सिक्योरिटी कैमरा और डोलबेल पेश किया है।


नया Google Nest Cam एक बैटरी पावर्ड कैमरा है, जिसकी कीमत 179,99 डॉलर (13,336 रुपये) है। जबकि Google Nest DoorBell की कीमत 179.99 डॉलर (13,336 रुपये) है। Google Nest Cam की Floodlight के साथ कीमत 279.99 डॉलर (20,743 रुपये) है। जबकि सेकेंड जनरेशन वायर्ड Google Nest Cam की कीमत 99.99 डॉलर (7,334 रुपये) है। कंपनी ने बताया कि Google Nest का मिशन एक ऐसा घर तैयार करना है, जिससे घर में रहने वाले लोगों को देखरेख की जा सके। कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि हर व्यक्ति रोजाना अनगिनत नोटिफिकेशन से परेशान रहता है। लेकिन Google का कैमरा और डोरबेल बहुत जरूरी नोटिफिकेशन भेजेगी, जो यूजर के लिए काफी हेल्पफुल होंगे।

Google का नया कैमरा में यूजर को एक डिस्प्ले सपोर्ट मिलेगा, जिसकी मदद से घर से दूर रहकर घर की गतिविधियों पर नजर रखा जा सकेगा। साथ ही घर में बजने वाली डोल की अलर्ट मिलता रहेगा। इसकी मदद से घऱ के आसपास होने वाले इवेंट पर नजर ऱखा जा सकेगा। साथ ही घर के लोगों, जानवरों और व्हीकल को अलर्ट भेजा जा सकेगा। कंपनी ने कहा कि नये सिक्योरिटी कैमरा और डोरबेल में कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि इसके लिए कोई सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं लिया जाएगा।


Twitter पर भारत में इन दिग्गज हस्तियों को सबसे ज्यादा फॉलो करते हैं लोग, नंबर 1 पर पीएम मोदी, दूसरे नंबर पर अमिताभ बच्चन, जानिए-टॉप 10 में किन्हें मिली है जगह

भारत में ट्विटर पर सबसे ज्यादा लोकप्रिय पीएम नरेंद्र मोदी हैं। उनके बाद सदी के महानायक अमिताभ बच्चन हैं। वहीं, पीमओ और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली भी टॉप 10 में शामिल हैं।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर आजकल लोगों के लिए किसी भी सूचना का आदान प्रदान करने का एक लोकप्रिय मंच बना हुआ है। खुद देश की दिग्गज हस्तियां इसके उपयोग अपनी बातों को दुनिया के सामने रखने में ज्यादा ही इस्तेमाल करते हैं। भारत में ट्विटर पर सबसे ज्यादा लोकप्रिय पीएम नरेंद्र मोदी हैं। उनके बाद सदी के महानायक अमिताभ बच्चन हैं। वहीं, पीमओ और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली भी टॉप 10 में शामिल हैं।

ट्विटर पर फॉलो होने वालों में सबसे पहले पीएम नरेंद्र मोदी का नाम आता है। मोदी न सिर्फ देश के लोकप्रिय पीएम हैं बल्कि ट्विटर पर भी उनके चाहने वाले सबसे ज्यादा हैं। ट्विटर पर पीएम मोदी को देश-विदेश के 7 करोड़ लोग फॉलो करते हैं। ट्विटर पर फॉलो होने वाले शख्सियतों में पीएम नरेंद्र मोदी के आस-पास भी कोई भारतीय नहीं है।

दूसरे नंबर पर फॉलो होने वाले अमिताभ बच्चन हैं जिन्हें4.58 करोड़ लोग फॉलो करते हैं यानी पीएम से लगभग ढाई करोड़ कम. अमिताभ बच्चन अक्सर ट्विटर के माध्यम से अपनी बातें रखते हैं। ज्यादातर उनके ट्विटर संदेश पोएटिक होते हैं। वे अपने पिता कवि हरिवंश राय बच्चन की कविता को भी अक्सर ट्विटर पर पोस्ट करते हैं।

तीसरे नंबर पर पीएमओ और चौथे नंबर पर विराट कोहली

ट्विटर पर फॉलो होने वालों में तीसरा नाम किसी शख्सियत का नहीं बल्कि पीएमओ इंडिया का है। यानी भारत के प्रधानमंत्री का कार्यालय. पीएमओ को ट्विटर पर 4.32 करोड़ लोग फॉलो कर रहे हैं. चौथे नंबर पर क्रिकेट टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का नंबर है। 


ट्विटर पर फॉलो होने वाले टॉप-10 शख्सियतों की सूची

नाम                            ट्विटर पर फॉलोअर्स
नरेंद्र मोदी                   7 करोड़
अमिताभ बच्चन            4.58 करोड़
पीएमओ                      4.32 करोड़
विराट कोहली               4.30 करोड़
सलमान खान                4.26 करोड़
शाहरूख खान               4.18 करोड़
अक्षय कुमार                 4.17 करोड़
सचिन तेंदुलकर             3.57 करोड़
ऋतिक रोशन                3.50 करोड़
दीपिका पादुकोण           2.76 करोड़
प्रियंका चोपड़ा               2.72 करोड़ 


बिना एक रूपया दिए ले जा सकते हैं Royal Enfield की Classic 350, ऐसा है नए मॉडल का लुक

इस बाइक को कई अलग-अलग मौकों पर टेस्टिंग के दौरान देखा भी गया है। लेकिन अब तक इस बाइक की कैमोफ्लेज तस्वीरें ही देखने को मिली थीं। अब पहली बार इस बाइक की पूरी तरह से स्पष्ट तस्वीरें सामने आई हैं।

ऐसा कहा जाता है कि जब रोड पर बुलट बाइक चलती है तो दुनिया रास्ता देती है। लेकिन तब लोग अपने बुलट लेने के सपने को नहीं पूरा कर पाते हैं जब बात बजट की आ जाती है। ऐसे में अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। बस आप मन बनाइए बुलट लेने का और चले आईए शोरूम पर। यहां आपकी हर तरह से बुलट खरीदने में मदद की जाएगी। 

यहां आपको ऐसी भी सुविधाएं मिल सकती हैं कि आपको पैसे ना देने पड़े और बुलट मिल जाए। अगर पैसे देने भी पड़े तो बहुत कम। यानि ज्यादा से ज्यादा गाड़ी की कीमत का 20 प्रतिशत रकम। लेकिन इसके लिए सिर्फ एक ही शर्त है वह यह कि आपका सिविल स्कोर अच्छा होना चाहिए ताकि आपको आसानी से बैंक फायनेंस कर सके। अगर आपका सिविल स्कोर अच्छा है तो आपको गाड़ी की कीमत का 5 फीसदी या 10 फीसदी रकम जमा करके भी गाड़ी आपको मिल सकती है। शेष राशि आपको हर महीने ईएमआई के रूप में भुगतान करना पड़ेगा।

वहीं, एक अच्छी खबर यह है कि देश की प्रमुख परफॉर्मेंस बाइक निर्माता कंपनी Royal Enfield जल्द ही घरेलू बाजार में अपनी बेस्ट सेलिंग मॉडल Classic 350 के नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस बाइक को कई अलग-अलग मौकों पर टेस्टिंग के दौरान देखा भी गया है। लेकिन अब तक इस बाइक की कैमोफ्लेज तस्वीरें ही देखने को मिली थीं। अब पहली बार इस बाइक की पूरी तरह से स्पष्ट तस्वीरें सामने आई हैं। 

एक वेब पोर्टल  में छपी रिपोर्ट के अनुसार कंपनी इस बाइक को आने वाले कुछ महीनों में बाजार में लॉन्च कर सकती है। हाल ही में इस बाइक को फिर से देखा गया है। इन तस्वीरों में इस बाइक के डिज़ाइन इत्यादि में किए गए कई बदलाव स्पष्ट तौर पर देखने को मिल रहा है। हालांकि ये बाइक पूरी तरह से अपने पारंपरिक डिज़ाइन पर ही बेस्ड है, लेकिन इसमें कुछ आमचूर परिवर्तन जरूर किए गए हैँ। 


क्या बदलाव हुए हैं

इसमें क्रोम बेज़ल के साथ रेट्रो स्टाइल वाली सर्कूलर हेडलैंप, क्रोम-प्लेटेड एग्जॉस्ट (साइलेंसर), राउंड शेप रियर व्यू मिरर, टियर ड्रॉप शेप में फ़्यूल टैंक और आकर्षक फेंडर्स दिए गए हैं। इसके साइड पैनल और फ्यूल टैंक में सी-शेप के ग्राफिक्स भी दिए गए हैं, जबकि फेंडर में नई स्ट्रीप्स देखने को मिलते हैं। नई रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 के रियर प्रोफाइल को भी अपडेट किया गया है। यह अब पहले से और भी ज्यादा कॉम्पैक्ट है, और इसमें मॉडिफाइड टेल-लैंप और इंडिकेटर्स दिए गए हैं। 


जहां एक तरफ इसके सिंगल-सीटर वैरिएंट में बेहतर कुशनिंग के साथ अपग्रेडेड सीट दी गई है वहीं, ट्विन-सीटर मॉडल में स्प्लिट सीट्स और ब्लैक-आउट ट्रीटमेंट दिया गया है। इसके फ्रंट में डिस्क और पिछले हिस्से में ड्रम ब्रेक दिए गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इसके टॉप मॉडल के फ्रंट में 300mm और पिछले पहिए में 270mm का डिस्क ब्रेक दिया जाएगा, जो कि डुअल चैनल एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) से लैस होगा। हालांकि इसमें ब्रेकिंग सिस्टम को अब दाहिनी तरफ लगाया गया है। 



वाइब्रेशन कम होगा: 


ये बाइक कंपनी के नए "J" मॉड्यूलर आर्किटेक्चर पर बेस्ड है, जिस पर कंपनी ने हाल ही में पेश की गई मेट्योर 350 को भी तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि इस बाइक में कंपन (वाइब्रेशन) को कम करने के लिए एक बैलेंसर शाफ्ट जोड़ा है, जिससे ड्राइविंग एक्सपीरियंस और भी बेहतर हो जाता है। 


इस बाइक में कंपनी 349cc की क्षमता का नया फ्यूल इंजेक्टेड इंजन का इस्तेमाल कर रही है, जो कि 20.2bhp की पावर और 27Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। ये इंजन 5 स्पीड गियरबॉक्स के साथ आता है। नई रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 को 19 इंच के फ्रंट और 18 इंच के रियर व्हील के साथ स्पोक वाले रिम्स के साथ पेश किया जाएगा। वहीं टॉप-एंड वेरिएंट में ट्यूबलेस अलॉय व्हील मिल सकते हैं। इसकी कीमत मौजूदा मॉडल से थोड़ा ज्यादा हो सकता है। 
 


सस्ते स्मार्ट फोन चाहिए तो Amazon पर आइए, iPhone 11 की कीमत आपकी उम्मीदों से भी कम, ऑफर सिर्फ 27 जुलाई तक

इसके अलावा HDFC बैंक डेबिट व क्रेडिट कार्ड पर 10 फीसदी का इंस्टेंट डिस्काउंट भी मिलेगा। ऐसे में अगर आप भी फोन खरीदना चाहते हैं तो ये मौका मत छोड़िए। आइए हम आपको उन स्मार्टफोन्स के बारे में जिन्हें अमेजन पर भारी डिस्काउंट पर खरीदा जा सकता है।

ई कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया (Amazon India) पर सोमवार से Prime Day sale की शुरुआत हो गई है। सेल 26 जुलाई से 27 जुलाई तक रहेगी। यह सेल खास प्राइम मेंबर्स के लिए, जिसमें स्मार्टफोन समेत अलग-अलग प्रोडक्ट्स पर छूट ऑफर की जाएगी। इसके अलावा HDFC बैंक डेबिट व क्रेडिट कार्ड पर 10 फीसदी का इंस्टेंट डिस्काउंट भी मिलेगा। ऐसे में अगर आप भी फोन खरीदना चाहते हैं तो ये मौका मत छोड़िए। आइए हम आपको उन स्मार्टफोन्स के बारे में जिन्हें अमेजन पर भारी डिस्काउंट पर खरीदा जा सकता है।

Mi 10i 5G

108 मेगापिक्सल कैमरे वाले शाओमी के मी 10i 5जी फोन पर 3 हजार रुपये की छूट मिलेगी। SBI क्रेडिट कार्ड धारकों को 1500 रुपये का इस्टेंट डिस्काउंट अलग से दिया जाएगा। फोन में 6.67 इंच का डिस्प्ले, Qualcomm Snapdragon 750G प्रोसेसर, 108MP + 8MP + 2MP + 2MP रियर कैमरा, 16MP का फ्रंट कैमरा और 4820mAh की बैटरी मिलती है। 


OnePlus Nord 2 5G  

पुराना फोन एक्सचेंज करने पर वनप्लस नॉर्ड 2 5जी पर 1000 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। साथ ही HDFC बैंक डेबिट व क्रेडिट कार्ड पर 10 फीसदी का इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा। फोन 90Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.43 इंच का डिस्प्ले, Mediatek Dimensity 1200 प्रोसेसर, 50MP का ट्रिपल रियर कैमरा, 32MP का फ्रंट कैमरा, 4500mAh की बैटरी, और 65W फास्ट चार्जिंग मिलती है। 



iPhone 11 

एप्पल के आईफोन 11 स्मार्टफोन को 47,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। फोन की कीमत 50,999 रुपये है। इसमें 6.10 इंच का डिस्प्ले, 12MP + 12MP का डुअल रियर कैमरा, 12MP का फ्रंट कैमरा और Apple A13 Bionic चिपसेट प्रोसेसर दिया गया है। यह एप्पल का सबसे सस्ता डुअल रियर कैमरा सेटअप वाला फोन है। 

Samsung Galaxy M31s 

इस फोन पर 5000 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। 20,499 रुपये कीमत वाला यह फोन अमेजन सेल में 15,499 रुपये में खरीदा जा सकेगा। फोन में 6.50 इंच का डिस्प्ले, Samsung Exynos 9611 प्रोसेसर, 64MP + 12MP + 5MP + 5MP का रियर कैमरा सेटअप, 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा और 6000mAh की बैटरी मिलेगी। 

OnePlus 9R 5G 

वनप्लस के इस 5जी फोन पर 4000 रुपये का डिस्काउंट दिया जाएगा। इसपर नो-कॉस्ट ईएमआई और एक्सचेंज ऑफर की सुविधा भी मिलेगी। फोन में 6.55 इंच का डिस्प्ले, Qualcomm Snapdragon 870 प्रोसेसर, 48MP + 16MP + 5MP + 2MP का क्वाड रियर कैमरा सेटअप, 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा और 4500mAh की बैटरी मिलती है।


पेटीएम, जोमैटो, हॉटस्टार समेत कई वेवसाइट ठप, लोग नहीं कर पा रहे हैं ऑनलाइन पेमेंट

पूरी दुनिया में जोमैटो पेटीएम, डिजनी प्लस, सोनी लाइव, प्ले स्टेशन नेटवर्क (PSN) काम नहीं कर पा रहे हैं। गुरुवार रात से ही यूजर्स तकलीफों का सामना कर रहे हैं।

नई दिल्ली: पूरी दुनिया में जोमैटो पेटीएम, डिजनी प्लस, सोनी लाइव, प्ले स्टेशन नेटवर्क (PSN) काम नहीं कर पा रहे हैं। गुरुवार रात से ही यूजर्स तकलीफों का सामना कर रहे हैं। इंटरनेट ट्रैकर डाउन डिटेक्टर के अनुसार गुरूवार की शाम करीब 8 बजकर 55 मिनट पर यह दिक्कत शुरू हुई थी।

मिली जानकारी के मुताबिक, पांच मिनट के अंदर करीब तीन हजार लोग सिर्फ जोमैटो की ऐप और साइट्स को नहीं खोल पाए। इसी तरह अन्य सेवाओं के लिए भी इसी तरह की दिक्कतें आईं। डाउन डिटेक्टर के मुताबिक कुछ पॉपुलर गेमिंग सर्विस स्टीम और पीएसएन स्ट्रीमिंग सर्विसेज जैसे Disney+ हॉट स्टार Zee5 और सोनी लाइव के साथ ही ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे Zomato Amazon और पेटीएम प्रभावित है। Paytm के अतिरिक्त FedEx, Paytm Money, NDTV, Cricinfo, Cricbuzz, Hotstar, SonyLiv, Airbnb, Hsbc की साइट्स भी नहीं खुल पा रही है. 


जल्द सेवाएं शुरू होंगी: पेटीएम

पेटीएम ऐप खोलने पर लिखा हुआ आ रहा है- सॉरी, द सर्विस इज करेंट अनएवलेबल। प्लीज ट्राइ एगेन लेटर यानी सेवा अभी उपलब्ध नहीं है। कृप्या थोड़ी देर के बाद कोशिश करें। वहीं, पेटीएम मनी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि अकमाई, डीएनएस प्रोवाइडर की वजह से सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हम जल्द उन्हें दुरूस्त करने के लिए सक्रिय तौर पर काम कर रहे हैं।


दूसरी तरफ, पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने पेटीएम का न काम करने खुद गुरुवार की रात को ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अकमाई में कुछ दिक्कतें आ गई हैं।





पेगासस जासूसी कांड: SC में पहुंचा मामला, SIT जांच और सॉफ्टवेयर की खरीद पर रोक लगाने की मांग

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में मामले की जांच एसआईटी से कराने और सॉफ्टवेयर के खरीद पर रोक लगाने की मांग की गई है। ये याचिका एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा द्वारा दाखिल की गई है।

नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से संसद में कोहराम मचाने वाले पेगासस जासूसी कांड का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में मामले की जांच एसआईटी से कराने और सॉफ्टवेयर के खरीद पर रोक लगाने की मांग की गई है। ये याचिका एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा द्वारा दाखिल की गई है।

बताते चलें कि पेगासस जासूसी मामले को लेकर देश के कई विपक्षी नेता मोदी सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं। कांग्रेस पार्टी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग कर रही है। हालांकि सरकार इस जासूसी के मामले को संसद में भी खारिज कर चुकी है। 

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और एक संस्था द्वारा दावा किया गया है कि इजराइली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए भारत के दो मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर हैक किए गए। 


पेगासस के लिए कितनी खर्च करनी पड़ती है रकम

NSO ग्रुप पेगासस स्पाईवेयर का लाइसेंस बेचती है। इसके एक दिन के लिए लाइसेंस की कीमत लगभग 70 लाख रुपए होती है। इससे कई स्मार्ट फोन हैक हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इससे 500 फोन को मॉनिटर किया जा सकता है और एक बार में 50 फोन ही ट्रैक हो सकते हैं।

वर्ष 2016 में पेगासस के जरिए 10 लोगों की जासूसी का खर्च करीब 9 करोड़ रुपये बैठता था। इसमें करीब 4 करोड़ 84 लाख 10 फोन को हैक करने का खर्च था। करीब 3 करोड़ 75 लाख रुपये इंस्टॉलेशन फीस के तौर पर चार्ज किए जाते थे। वहीं, एक साल की लाइसेंस फीस करीब 60 करोड़ रुपये के आसपास बैठती थी। 

बताते चलें कि भारत में करीब 300 लोगों की जासूसी का आरोप पेगासस पर लगा है। यानी कि अगर 2016 के दाम पर हिसाब किताब किया जाए तो ये रकम करीब 2700 करोड़ बैठती है।


भारत सरकार और NSO कर चुकी है मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज


वहीं, दूसरी तरफ भारत सरकार ने फोन टैपिंग के आरोपों को खारिज कर चुकी है। इतना ही नहीं, पेगासस बनाने वाली कंपनी एनएसओ ने भी मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा है कि वह ऐसा कोई काम नहीं करती। साथ ही उसने इसे एक अन्तर्राष्ट्रीय साजिश बताया है।


ऐसे पढ़े WhatsApp में डिलीट किए गए मेसेज!

नई दिल्ली: अगर आपको किसी ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा है और उसे डिलीट कर दिया है और उसे आप देखना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है। हम आपको एक ऐसी ट्रिक के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपकी मदद डीलिट हुए मैसेज को पढ़ने में मदद करेगा।


WhatsApp दुनियाभर के यूजर्स का सबसे फेवरिट इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप है। यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कंपनी आए दिन नए फीचर रोलआउट करती है। ऐसे में अगर आप वॉट्सऐप में डिलीट किए गए मेसेज को पढ़ना चाहते हैं, तो आपको हम एक खास ट्रिक बता रहे हैं। आइए जानते हैं कि क्या है वॉट्सऐप में डिलीट हुए मेसेज को पढ़ने का तरीका।


ऐसे पढ़ें वॉट्सऐप में डिलीट हुए मेसेज


1- डिलीटेड मेसेज पढ़ने के लिए सबसे पहले अपने फोन में WhatsAppRemoved+ ऐप को डाउनलोड और इंस्टॉल करें।

2- ऐप इंस्टॉल होने के बाद उसे ओपन करें और टर्म्स ऐंड कंडिशन को ऐक्सेप्ट करें।

3- ऐप सही ढंग से काम करे इसके लिए आपको ऐप को फोन के नोटिफिकेशन का ऐक्सेस देना होगा।

4- नोटिफिकेशन ऐक्सेस देने के लिए  'yes' ऑप्शन पर टैप करें।

5- इसके बाद उन ऐप्स पर टैप करें जिन्हें आप नोटिफिकेशन से बचाना चाहते हैं।


पेगासस मामले पर IT मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान, कहा-'लोकतंत्र की छवि खराब करने को सनसनी, कोई दम नहीं'

आईटी मंत्री ने कहा कि जब हम इस मुद्दे को तर्क के चश्मे से देखते हैं, तो यह स्पष्ट रूप से सामने आता है कि इस सनसनीखेज के पीछे कोई दम नहीं।

नई दिल्ली: पेगासस जासूसी के कथित दावे को लेकर आज संसद के मानसून सत्र में देश के नए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार का पक्ष रहा।


उन्होंने कहा है कि हमारे कानूनों और मजबूत संस्थानों में जांच और संतुलन के साथ किसी भी प्रकार की अवैध निगरानी संभव नहीं है। भारत में एक अच्छी तरह से स्थापित प्रक्रिया है जिसके माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक संचार का वैध तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। 

आईटी मंत्री ने कहा कि जब हम इस मुद्दे को तर्क के चश्मे से देखते हैं, तो यह स्पष्ट रूप से सामने आता है कि इस सनसनीखेज के पीछे कोई दम नहीं। 

बता दें कि रविवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर से भारत में कथित तौर पर 300 से ज्यादा प्रमाणित फोन नंबर हैक किए गए। इनमें दो मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों, तीन विपक्षी नेताओं, 40 से ज्यादा पत्रकारों, एक न्यायाधीश और सुरक्षा एजेंसियों के पूर्व तथा वर्तमान प्रमुखों के अलावा कई उद्योगपतियों व कार्यकर्ताओं के फोन नंबर शामिल हैं।


हुंडई की सबसे सस्ती एसयूवी Hyundai Casper, जल्द होगी लॉंच, कीमत 5 लाख रुपए से भी कम

इसकी कीमत लगभग 5 लाख बताई जा रही है। बाजार में आने के बाद ये माइक्रो एसयूवी मुख्य रूप से मारुति सुजुकी एस-प्रेसो को टक्कर देगी। इसके अलावा इसी सेग्मेंट में टाटा मोटर्स भी अपना नया मॉडल टाटा HBX पेश करने की तैयारी कर रहा है।

विश्व की शीर्ष कार निर्माता कंपनियों में से एक हुंडई जल्द ही भारत में अपनी सबसे सस्ती एसयूपी लॉंच करने जा रही है। इसे मिनी एसयूवी माना जा रहा है। इंटरनेशनल मीडिया के अनुसार कंपनी की आने वाली इस माइक्रो एसयूवी को Hyundai Casper के नाम से जाना जाएगा। अब तक इस कार को इसके कोडनेम (AX1) के नाम से ही जाना जाता था। 

India-bound Hyundai AX1 micro-SUV to be called 'Casper'

मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी इस माइक्रो एसयूवी को पहले साउथ कोरियाई बाजार में उतारेगी, उसके बाद इसे भारत जैसे देशों में भी पेश किया जाएगा। हालांकि हुंडई ने इस नाम को कोरियाई बाजार के लिए ही रजिस्टर किया है और इसे Casper के ही नाम से अन्य बाजारों में भी उतारा जाएगा इसकी अभी पुष्टी नहीं की गई है। 

hyundai casper ax1 spied 2 - Korean Car Blog

सामान्य तौर पर हुंडई एक ही मॉडल को अलग-अलग मार्केट भिन्न नामों से पेश करती है, जैसे क्रेटा को अन्य मार्केट में ix25 के नाम से बेचा जाता है, वहीं Verna को कुछ बाजार में Solaris के नाम से पेश किया गया है। इसलिए ये संभव है कि कंपनी इस माइक्रो एसयूवी को जब भारती बाजार में पेश करे उस वक्त इसका नाम बदला जाए। बहरहाल, इस छोटी एसयूवी से जुड़ी कुछ खास जानकारियां भी सामने आई हैं, तो आइये जानते हैं कैसी होगी ये नई माइक्रो एसयूवी- 

कंपनी इस एसयूवी का प्रोडक्शन जल्द ही कोरिया में शुरू करेगी, और इसे सबसे पहले इसी बाजार में उतारा जाएगा। खबर है कि इसे ग्लोबल मार्केट में सितंबर महीने में पेश किया जा सकता है और उम्मीद की जा रही है कि घरेलू बाजार के बाद कंपनी सीधे इसे भारतीय बाजार में पेश करेगी। गौरतलब हो कि, हुंडई के लिए इंडियन मार्केट काफी महत्वपूर्ण हैं, यहां पर कंपनी देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी को सबसे नजदीकी टक्कर देती है। 

Hyundai Casper के बारे में

  • ये हुंडई की सबसे छोटी एसयूवी होगी
  • एसयूवी की लंबाई 3,595mm, चौड़ाई 1,595mm और उंचाई 1,575mm हो सकती है
  • भारतीय बाजार में मौजूद मॉडल हुंडई वेन्यू के मुकाबले थोड़ी छोटी हो सकती है
  • ये एसयूवी हुंडई K1 कॉम्पैक्ट कार प्लेटफॉर्म पर बेस्ड होगी
  • इस एसयूवी की उंचाई सैंट्रो के मुकाबले ज्यादा होगी

Hyundai Casper के फीचर्स

इस एसयूवी को कई अलग-अलग मौकों पर टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किया गया है। जिसके अनुसार इसे बॉक्सी डिज़ाइन दिया जाएगा। इसमें डे टाइम रनिंग लाइट्स (DRL) के साथ सर्कूलर हेडलैंप, पीछे की तरफ आकर्षक टेल लैंप के साथ कुछ स्टायलिश एलिंमेंट्स को शामिल किया जाएगा। जहां तक इंजन की बात है तो इसमें 1.2 लीटर की क्षमता का 4 सिलिंडर युक्त नेचुरल एस्पायर्ड पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है जो कि 83hp की पावर और 114Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। इसके अलावा कंपनी इसके लोअर वेरिएंट में 1.1 लीटर पेट्रोल इंजन भी दे सकती है, ताकि इसकी कीमत को कम से कम रखा जा सके। 

इन गाड़ियों से है टक्कर

इसकी कीमत लगभग 5 लाख बताई जा रही है। बाजार में आने के बाद ये माइक्रो एसयूवी मुख्य रूप से मारुति सुजुकी एस-प्रेसो को टक्कर देगी। इसके अलावा इसी सेग्मेंट में टाटा मोटर्स भी अपना नया मॉडल टाटा HBX पेश करने की तैयारी कर रहा है। 





Whatsapp को 1 महीने में मिलीं 300 से ज्यादा शिकायतें, 20 लाख भारतीय एकॉउंट को किया बंद!

पहली मासिक रिपोर्ट दाखिल करते हुए व्हाट्सएप्प ने सरकार को जानकारी दी है कि उसे 15 मई से 15 जून के बीच 20 लाख भारतीय अकाउंट पर रोक लगायी जबकि इस दौरान उसे शिकायत की 345 रिपोर्ट मिली।

नई दिल्ली: नए आईटी रूल्स लागू होने के बाद अब सोशल मीडिया कंपनियों के पास शिकायतें पहुंच रही है। पहली मासिक रिपोर्ट दाखिल करते हुए व्हाट्सएप्प ने सरकार को जानकारी दी है कि उसे 15 मई से 15 जून के बीच 20 लाख भारतीय अकाउंट पर रोक लगायी जबकि इस दौरान उसे शिकायत की 345 रिपोर्ट मिली। 


कंपनी ने अपनी पहली मासिक अनुपालन रिपोर्ट में यह जानकारी दी। हालांकि, व्हाट्सएप ने यह भी स्पष्ट किया है कि 95 प्रतिशत से अधिक ऐसे प्रतिबंध स्वचालित या बल्क मैसेजिंग (स्पैम) के अनधिकृत उपयोग के कारण लगाए गए हैं।

व्हाट्सऐप ने बृहस्पतिवार को कहा, "हमारा मुख्य ध्यान खातों को बड़े पैमाने पर हानिकारक या अवांछित संदेश भेजने से रोकना है। हम ऊंची या असामान्य दर से मैसेज भेजने वाले इन खातों की पहचान करने के लिए उन्नत क्षमताओं को बनाए हुए हैं और अकेले भारत में 15 मई से 15 जून तक इस तरह के दुरुपयोग की कोशिश करने वाले 20 लाख खातों पर प्रतिबंध लगा दिया है।"



बता दें कि नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत यह रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के तहत 50 लाख से ज्यादा उपयोगकर्ताओं वाले प्रमुख डिजिटल मंचों के लिए हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना जरूरी है। इस रिपोर्ट में इन मंचों के लिए उन्हें मिलने वाली शिकायतों और उनपर की जाने वाली कार्रवाई का उल्लेख करना जरूरी है।


Mahindra Bolero Neo भारत में लॉन्च, जानिए-कितनी है कीमत

Bolero Neo पर 1.5-लीटर mHawk डीजल इंजन दिया गया है। यह इंजन 100 पीएस की पावर और 160 एनएम का पीक टॉर्क आउटपुट देता है। इस इंजन को 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही इस इंजन में माइक्रो-हाइब्रिड तकनीक का प्रयोग किया गया है, जो वाहन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्टार्ट/स्टॉप कर सकता है।

नई दिल्ली: देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा ने भारत में अपनी बोलेरो नियो को लॉंच कर दिया है। कंपनी ने इस दमदार कार की शुरुआती कीमत 8.48 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की है। जानकारी के लिए बता दें, Mahindra Bolero Neo कंपनी की TUV300 का फेसलिफ्ट वर्जन हैं, जिसमें कई अपडेट दिए गए हैं।

बोलेरो नियो की खासियत

Bolero Neo पर 1.5-लीटर mHawk डीजल इंजन दिया गया है। यह इंजन 100 पीएस की पावर और 160 एनएम का पीक टॉर्क आउटपुट देता है। इस इंजन को 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही इस इंजन में माइक्रो-हाइब्रिड तकनीक का प्रयोग किया गया है, जो वाहन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्टार्ट/स्टॉप कर सकता है। 

Mahindra Bolero Neo में तीन वेरिएंट N4, N8 और N10 शामिल होंगे। बोलेरो का N4 बेस वेरिएंट है जबकि N10 टॉप-स्पेक वेरिएंट होगा। रिपोर्ट के मुताबिक इस कार के साथ एक N10 (O) वेरिएंट भी होगा जो मल्टी-टेरेन टेक्नोलॉजी के साथ आएगा। इसके जरिए ड्राइवर डिफरेंशियल को मैनुअली लॉक कर सकेगा। जो वाहन के फंसने की दशा में उपयोगी होगा। कार निर्माता का कहना है, कि इस वेरिएंट को जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।


फीचर्स में कोई विशेष बदलाव नहीं

कंपनी ने इंटीरियर लेआउट में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन TUV300 की तुलना में इस कार को मॉडर्न बनाने की कोशिश जरूर की गई है। इस एसयूवी के इंटीरियर को Pininfarina ने डिजाइन किया है। महिंद्रा बोलेरो नियो में रीडआउट के लिए एक नया सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी के लिए ब्लूसेंस सूट के साथ सात इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, क्रूज कंट्रोल, कीलेस एंट्री, इको ड्राइविंग मोड, इलेक्ट्रॉनिक स्टार्ट-स्टॉप के साथ आता है।

इसके अलावा ऑटोमैटिक एसी, स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल्स, ड्राइवर-सीट हाइट एडजस्टमेंट, डुअल फ्रंट एयरबैग्स, ABS, EBD, रिवर्स पार्किंग कैमरा, कॉर्नरिंग ब्रेक कंट्रोल आदि दिए जाएंगे। 


सर्च इंजिन Google पर लगा 4,400 करोड़ का जुर्माना, जानिए क्यों

Google को कॉपीराइट कानून के उल्लंघन का दोषी पाया गया है, जिसके चलते कंपनी पर 500 मिलियन यूरो का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।

नई दिल्ली: विश्व के सबसे बड़े सर्च इंजिन गूगल पर 4400 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना फ्रांस की एक टेक कंपनी ने कॉपीराइट का उल्लंघन करने के मामले में लगाया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, दिग्गज टेक कंपनी Google पर फ्रांस में 500 मिलियन यूरो (करीब 4,400 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। दरअसल Google को कॉपीराइट कानून के उल्लंघन का दोषी पाया गया है, जिसके चलते कंपनी पर 500 मिलियन यूरो का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक फ्रांस के एंट्रीट्रस्ट वॉचडॉग ने Alphabet ओन्ड कंपनी पर Google को अस्थायी तौर पर उन आदेशों को ना मानने का दोषी करार दिया है, जिसके तहत फ्रांस के न्यूज पब्लिशर्स को उनके कंटेंट के इस्तेमाल के लिए Google को मुआवजा देना है। मामले में अमेरिकी टेक कंपनी Google को दो माह का वक्त दिया गया है

कंपनी को दो माह के दरमियान एक प्रस्ताव पेश करके बताना होगा कि आखिर वो न्यूज एजेंसियों और अन्य पब्लिशर्स को उनके न्यूज कंटेंट के इस्तेमाल के लिए किस तरह से मुआवजा देगा। अगर Google की तरफ से ऐसा नहीं किया गया, तो उसे प्रतिदिन के हिसाब से 900,000 यूरो का अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। 

अबतक का सबसे बड़ा जुर्माना

रिपोर्ट के मुताबिक, यह Google पर किसी कॉम्पिटीशन अथॉरिटी की तरफ से लगाया गया सबसे बड़ा जुर्माना है। Google के प्रवक्ता ने इस तरह के फैसले को काफी दुखद बताया है। हमने सही इरादे से काम किया है और हम बातचीत के दौर में थे। ऐसे समय में जुर्माना लगाना सही नहीं है।


दूसरी तरफ फ्रांस के बड़े न्यूज पब्लिशर्स APIG, SEPM और AFP ने Google पर बातचीत से मामले का हल ना ढूंढ़ने का आरोप लगाया है। इसे लेकर न्यूज पब्लिशर्स ने Google की आलोचना की है। 


'पंगेबाज' ट्विटर का एक और कारनामा, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर के अकाउंट से ब्लू टिक हटाया

हालांकि, थोड़ी देर बाद हमेशा की तरह इस बार भी ट्विटर ने अपनी गलती सुधार ली और फिर से अकाउंट में ब्लू टिक बहाल कर दिया।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर ने पंगेबाजी की एक बार फिर से हदें पार की हैंम इस बार उसने केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर के एकाउंट से ही ब्लू टिक हटा दिया। हालांकि, थोड़ी देर बाद हमेशा की तरह इस बार भी ट्विटर ने अपनी गलती सुधार ली और फिर से अकाउंट में ब्लू टिक बहाल कर दिया।


मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार में नए बने मंत्री राजीव चंद्रशेखर के अकाउंट से ट्विटर ने सोमवार को कुछ वक्त के लिए ब्लू टिक हटा लिया। इससे एक बार फिर से विवाद छिड़ गया है। केंद्र सरकार से टकराव के बीच ट्विटर की इस हरकत ने एक बार से उसकी नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि कुछ देर के बाद ही ट्विटर ने अपनी गलती सुधारते हुए केंद्रीय मंत्री के अकाउंट पर ब्लू टिक वाला बैज बहाल कर दिया। 



वहीं, इस मामले में ट्विटर के सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री की ओर से नाम बदलने के चलते शायद ऐसा हुआ होगा। सूत्रों का कहना है कि ट्विटर की पॉलिसी में ऐसा है कि यदि कोई व्यक्ति अपना नाम बदलता है तो फिर ट्विटर की ओर से ऑटोमेटिकली ही उसके अकाउंट से ब्लू टिक हटाया जा सकता है।


दरअसल राजीव चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार में राज्य मंत्री बनने के बाद अपना नाम ट्विटर पर Rajeev_GOI कर लिया है। इसके अलावा यदि कोई अकाउंट लगातार 6 महीने तक एक्टिव नहीं रहता है, तब भी वह ब्लू टिक वेरिफिकेशन खो सकता है। बता दें कि  हाल ही में राजीव चंद्रेशखर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा बनाया गया है।


IT के नए रूल्स देश में सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट मीडिया का माहौल करेंगे सुनिश्चित: अश्विनी वैष्णव

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'कू' के माध्यम से कहा कि नए आइटी नियम यूजर्स को सशक्त और संरक्षित करेंगे। साथ ही भारत में सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट मीडिया का माहौल सुनिश्चित करेंगे।

नई दिल्ली: नए आईटी रूल्स को लेकर कुछ सोशल मीडिया कंपनियां भ्रमित हैं। खासकर ट्विटर द्वारा नए आईटी रूल्स को मानने में खींचातानी की जा रही है। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट के दवाब के बाद ट्विटर में नए आईटी रूल्स के तहत भारतीय शिकायत अधिकारी की नियुक्ति कर दी है।


इस बीच आज इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिक मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के साथ सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के कार्यान्वयन और अनुपालन की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'कू' के माध्यम से कहा कि नए आइटी नियम यूजर्स को सशक्त और संरक्षित करेंगे। साथ ही भारत में सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट मीडिया का माहौल सुनिश्चित करेंगे।

ट्विटर ने प्रेषित की रिपोर्ट

बता दें कि 26 मई को लागू हुए इन नए आइटी नियमों को लेकर सरकार के साथ महीनों के संघर्ष के बाद ट्विटर ने पहली अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की है। जिसमें ट्विटर ने कहा है कि उसने इसके खिलाफ कार्रवाई की है। अनुपालन रिपोर्ट के मुताबिक ट्विटर ने 133 पोस्ट और 18,000 से अधिक अकाउंट को निलंबित कर दिया। नए आईटी नियमों के मुताबिक फेसबुक और गूगल ने अपनी अनुपालन रिपोर्ट पहले ही जारी कर दी है।


दिल्ली हाई कोर्ट की सख़्ती के आगे झुका 'पंगेबाज' ट्विटर, नियुक्त किया भारतीय शिकायत अधिकारी

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, अब विनय प्रकाश भारत में ट्विटर के शिकायत अधिकारी होंगे।

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सख्ती दिखाने के बाद आखिरकार ट्विटर ने घुटने टेक दिए है। ट्विटर ने नए आईटी रूल्स के नियमानुसार भारतीय शिकायत अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, अब विनय प्रकाश भारत में ट्विटर के शिकायत अधिकारी होंगे।


इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई को एक मामले की सुनवाई के दौरान ट्विटर को यह कहा था कि अगर वह भारत के नए आईटी नियमों को लागू नहीं करता है तो उसे किसी भी तरह का कानूनी संरक्षण नहीं दिया जा सकता।


बीते लगभग दो महीने से ट्विटर और भारत सरकार के बीच टकराव की स्थिति जारी है। बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद ट्विटर ने अभी तक भारत के नए आईटी नियमों को लागू नहीं किया था। 


ट्विटर को भारत के आईटी नियम 2021 के अनुच्छेद 4(डी) के तहत हर महीने भारतीय यूजर्स की शिकायतों के निपटारे से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी करनी है। इसके साथ ही ट्विटर को उन यूआरएल की संख्या भी बतानी है, जिन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी के दौरान गलत या भ्रामक पाए जाने पर हटाया गया हो।

हाई कोर्ट ने ट्विटर की ओर से नियुक्त किए गए सभी अंतरिम अधिकारियों से एफिडेविट मांगा था कि वे खुद को सौंपे गए टास्क की जिम्मेदारी लेते हैं। इससे पहले केस की सुनवाई के दौरान ट्विटर ने कहा कि उसे भारत में शिकायत अधिकारी नियुक्त करने के लिए 8 सप्ताह का वक्त चाहिए। इससे पहले हाई कोर्ट ने मंगलवार को ट्विटर को दो दिनों का ही वक्त दिया था। 

बता दें कि इससे पहले नियमों के विरुद्ध ट्विटर ने गैर भारतीय को शिकायत अधिकारी बनाया था। ट्विटर ने सारी हदें पार करते हुए कई गणमान्य लोगों के एकॉउंट के साथ छेड़छाड़ की थी। किसी का एकॉउंट ब्लॉक कर दिया था तो किसी के एकॉउंट से ब्लू टिक ही हटा दिया था। ट्विटर की पागलपंथी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने उप राष्ट्रपति वेंकया नायडू का एकॉउंट अनवेरिफाइड कर दिया था और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर का एकॉउंट सस्पेंड लर दिया था।


Twitter को नए IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव की चेतावनी, 'जो भारत में रहता है, उसे कानून मानना पड़ेगा...'

वैष्णव का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब ट्विटर के नई आईटी नियमों को न मानने को लेकर विवाद छिड़ा है।

नई दिल्ली: नए रेल और आईटी मंत्री का पदभार संभालते ही अश्विनी वैष्णव ने चेतावनी भरे  कहा कि जो भी भारत का नागरिक है और जो भी भारत में रहता है, उसे यहां के कानून मानने पड़ेंगे। 


वैष्णव का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब ट्विटर के नई आईटी नियमों को न मानने को लेकर विवाद छिड़ा है। अब तक आईटी मिनिस्टर रहे रविशंकर प्रसाद की ओर से भी कई बार इस संबंध में सख्ती के साथ बयान दिए गए थे और अदालत ने भी ट्विटर को फटकार लगाई है। हालांकि अब भी ट्विटर का कहना है कि भारत में शिकायत अधिकारी नियुक्त करने के लिए उसे दो महीने का वक्त लगेगा।

दिल्ली हाई कोर्ट ने 8 सप्ताह में कही शिकायत अधिकारी नियुक्ति करने की बात


 गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्विटर ने कहा कि उसे भारत में शिकायत अधिकारी नियुक्त करने के लिए 8 सप्ताह यानी करीब दो महीने का वक्त लगने वाला है। ट्विटर को दिल्ली हाईकोर्ट ने डेडलाइन दी थी, जो आज खत्म हो रही है।


इससे पहले मंगलवार को हाई कोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए कहा था कि यदि ट्विटर की ओर से नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो फिर सरकार उसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए स्वतंत्र है।


'8 सप्ताह के अंदर नियुक्त करेंगे शिकायत अधिकारी', 'पंगेबाज' Twitter ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया

अब ट्विटर ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि वह 8 सप्ताह के अंदर शिकायत अधिकारी नियुक्ति कर देगा।

नई दिल्ली: नए आईटी रूल्स का पालन नहीं करने के लिए 'पंगेबाज' ट्विटर पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जमकर लताड़ लगाई और अब ट्विटर ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि वह 8 सप्ताह के अंदर शिकायत अधिकारी नियुक्ति कर देगा।


ट्विटर ने कोर्ट को ये भी बताया कि वह आईटी नियमों के अनुपालन के लिए भारत में एक संपर्क कार्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया में है। यह कार्यालय उनका स्थायी होगा।

बता दें कि ट्विटर के अंतरिम शिकायत अधिकारी, धर्मेंद्र चतुर ने 21 जून को अपना पद छोड़ दिया था। उसके बाद भारत के आईटी रूल्स के नियम के खिलाफ, कैलिफोर्निया स्थित जेरेमी केसल को भारत के लिए नया शिकायत अधिकारी नियुक्त किया था।


ट्विटर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 28 मई को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील अमित आचार्य ने शिकायत दर्ज कराई थी।

ट्विटर ने अपनी याचिका में दलील दी है कि ट्विटर एक 'महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ' है जैसा कि आईटी नियम, 2021 के तहत निर्धारित किया गया है और इसलिए इन नियमों के प्रावधानों द्वारा उस पर लगाए गए वैधानिक कर्तव्यों का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।


ट्विटर द्वारा दाखिल की गई याचिका में तर्क दिया गया है कि प्रत्येक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ के पास न केवल एक रेजीडेंट ग्रीवांस अधिकारी को नियुक्त करने की जिम्मेदारी है, जो एक निश्चित समय के भीतर शिकायतों को प्राप्त करने और निपटाने के लिए एक प्वाइंट प्राधिकरण के रूप में कार्य करेगा और सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किसी भी आदेश, नोटिस और निर्देश को स्वीकार करें।


'पंगेबाज' ट्विटर को दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई लताड़, कहा-'स्पष्ट निर्देश के साथ आइए, नहीं तो बढ़ेगी मुश्किलें'

भारत के नए आईटी कानून का पालन नहीं करने वाले ट्विटर को अब दिल्ली हाईकोर्ट ने लताड़ लगाई है। ट्विटर की ही याचिका पर सुनवाई कर रहीं न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने ट्विटर के अधिवक्ता को दो टूक कहा कि अगली सुनवाई पर स्पष्ट जवाब लेकर आइए, वरना आपकी मुश्किलें बढ़ेंगी।

नई दिल्ली: भारत के नए आईटी कानून का पालन नहीं करने वाले ट्विटर को अब दिल्ली हाईकोर्ट ने लताड़ लगाई है। ट्विटर की ही याचिका पर सुनवाई कर रहीं न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने ट्विटर के अधिवक्ता को दो टूक कहा कि अगली सुनवाई पर स्पष्ट जवाब लेकर आइए, वरना आपकी मुश्किलें बढ़ेंगी।

दरअसल, मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने अंतरिम आधार पर स्थानीय शिकायत अधिकारी (आरजीओ) करने के मामले में अधूरी जानकारी देने पर आपत्ति जताई। याचिकाकर्ता व अधिवक्ता अमित आचार्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि ट्विटर द्वारा केवल एक अंतरिम आरजीओ नियुक्त किया गया था और 31 मई को अदालत को यह नहीं बताया गया कि अधिकारी अंतरिम आधार पर था। जब आरजीओ ने 21 जून को इस्तीफा दे दिया तो फिर आपने इन 15 दिनों में किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति क्यों नहीं की, जबकि आपको पता था कि मामले में छह जुलाई को सुनवाई होनी है।

ट्विटर को लताड़ लगाते हुए पीठ ने कहा कि आपकी प्रक्रिया में कितना समय लगेगा। हम सिर्फ नियमों के अनुपालन पर विचार करेंगे। पीठ ने कहा कि अगर ट्विटर को लगता है कि वह उतना समय ले सकता है, जितना वह चाहे तो यह भारत में नहीं होगा। अदालत इसकी कतई अनुमति नहीं देगी। पीठ ने उक्त तख्त टिप्पणी तब की जब ट्विटर की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवैया ने पीठ के समक्ष स्वीकार किया कि वर्तमान समय में ट्विटर का कोई आरजीओ या नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ट्विटर ने अब तक नियमों का अनुपालन नहीं किया है, लेकिन ट्विटर अधिकारी की नियुक्ति करने की प्रक्रिया में है।

गौलतब है कि ट्विटर द्वारा नए आईटी रूल्स को लागू करने को लेकर तमाम तरह की गलतियां की जा रही हैं। अबतक ट्विटर द्वारा भारत के नक्शें को गलत दिखाना, शीर्ष नेताओं के ट्विटर एकाउंट को सस्पेंड करना अथवा अनवेरीफाइड करने समेत कई गुस्ताखियां की जा चुकी है।


'पंगेबाज' ट्विटर ने 48 घंटे बाद भी नहीं दिया संसदीय समिति के इस सवाल का जवाब!

ट्विटर एक तरफ तो भारत सरकार के कानून को मानने से इनकार कर रहा है तो दूसरी तरफ संसदीय समिति के सवालों का 48-48 घंटे बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं दे रहा है।

नई दिल्ली: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर 'पंगेबाजी' और लापरवाही के सारी हदें पार कर चुका है। वह एक तरफ तो भारत सरकार के कानून को मानने से इनकार कर रहा है तो दूसरी तरफ संसदीय समिति के सवालों का 48-48 घंटे बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं दे रहा है। दरअसल, संसदीय समिति ने ट्विटर से केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता व संसदीय समिति के अध्यक्ष शशि थरूर के एकॉउंट को बीते दिनों बंद किये जाने का कारण पूछा था। सवाल पूछने के 48 घंटे बाद भी ट्विटर ने कोई उत्तर नहीं दिया है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सचिवालय को दो दिनों के भीतर ट्विटर से लिखित में जवाब मांगने का निर्देश दिया था। बुधवार को केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रमुख इंटरनेट मीडिया कंपनियों से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा था कि ट्विटर ने उनके खाते को अमेरिकी कॉपीराइट अधिनियम का नाम ले कर रोक दिया था। उन्होंने कहा कि उसे भारत के कानून का भी तो ध्यान रखना चाहिए, जहां वह काम कर रही है और पैसे कमा रही है। 


ट्विटर ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के खाते @rsprasad को 25 जून को लगभग एक घंटे तक ब्लॉक कर दिया था। साथ ही एकाउंट तक एक्सेस देने से इनकार कर दिया था। ट्विटर ने कहा था कि रविशंकर प्रसाद ने यूएस डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन किया है, लेकिन मंत्री ने कहा था कि माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने नए आईटी नियमों का उल्लंघन किया है जिसके लिए मध्यस्थ या उपयोगकर्ता सामग्री की मेजबानी की आवश्यकता होती है। पहुंच लॉक करने से पहले यूजर को पूर्व सूचना देना जरूरी है।  आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्विटर पर अपना एजेंडा चलाने का आरोप लगाया था। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी ट्विट कर बताया था कि उन्हें भी कुछ इसी तरह का सामना करना पड़ा था। शशि थरुर ने कहा था कि 'रविजी, मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था। स्पष्ट रूप से डीएमसीए अतिसक्रिय हो रहा है।'

कई गलतियां कर चुका है ट्विटर

जब से भारत सरकार द्वारा नए आईटी रूल्स का पालन करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों को कहा गया है तभी से ही ट्विटर पंगेबाजी पर उतारू हो चुका है।
पहले उपराष्ट्रपति के ब्लू टिक को हटाना फिर बहाल करना, कानून और सूचना प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद के अकाउंट को ब्लॉक और बहाल करना, संसदीय समति के अध्यक्ष शशि थरूर के साथ फिर उसी तरह की हरकत, उसके बाद जम्मू-कश्मीर, लद्दाख को भारत के नक्शे से हटाना और बाद में शामिल करना। इसके अलावा चाइल्ड पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देना। ट्विटर पर लगातार ऐसे कई आरोप लग रहे हैं जिस पर सरकार इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट को लगातार चेतावनी दे रही है। ट्विटर पर कई राज्यों में केस भी दर्ज हो चुका है।  

बता दें कि सूचना व प्रौद्योगिकी से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने ट्विटर से पूछा था कि उसने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और शशि थरूर का अकाउंटर किस आधार पर लॉक किया था।


अब WhatsApp से भेज सकेंगे हाई-क्वॉलिटी वीडियो

इस फीचर के रोलआउट होने पर यूजर वीडियो सेंड करने से पहले उसकी क्वॉलिटी को अपनी मर्जी के अनुसार सेट कर सकेंगे। अभी की बात करें तो यूजर वॉट्सऐप में ज्यादा से ज्यादा 16MB तक के साइज वाले वीडियो को ही सेंड कर सकते हैं।

WhatsApp यूजर्स के लिए एक अच्छी खबर है। अब आप अपने परिजनों और दोस्तों को बेहरीन क्वालिटी यानि हाई क्वालिटी के वीडियोज भेज सकेंगे। दरपअसल, वॉट्सऐप आजकल एक खास फीचर की टेस्टिंग कर रहा है। इस फीचर के रोलआउट होने पर यूजर वीडियो सेंड करने से पहले उसकी क्वॉलिटी को अपनी मर्जी के अनुसार सेट कर सकेंगे। अभी की बात करें तो यूजर वॉट्सऐप में ज्यादा से ज्यादा 16MB तक के साइज वाले वीडियो को ही सेंड कर सकते हैं। 

मिली जानकारी के मुताबिक, वॉट्सऐप के ऐंड्रॉयड बीटा वर्जन नंबर 2.21.14.6 के साथ 'Video Upload Quality' नाम का एक फीचर दिया जा रहा है। यह यूजर यूजर को वीडियो सेंड करने से पहले उसके क्वॉलिटी सेट करने की सुविधा देता है। नए फीचर में यूजर्स को वीडियो क्वॉलिटी सेट करने के लिए 'Auto', 'Best Quality' और 'Data Saver' का ऑप्शन मिलेगा। 


वीडियो भेजने में देना होगा थोड़ा समय

बेस्ट क्वॉलिटी सेटिंग पर भेजे जाने वाले वीडियो को रिसीवर तक पहुंचने में थोड़ा टाइम लग सकता है। यह नेटवर्क स्पीड और फोन के हार्डवेयर पर निर्भर करेगा कि बेस्ट-क्वॉलिटी वीडियो कितनी जल्दी सेंड और डाउनलोड हो पाता है। वॉट्सऐप इस फीचर को ऐप के स्टोरेज और डेटा सेटिंग्स वाले ऑप्शन में ऑफर कर सकती है। वॉट्सऐप का यह फीचर फिलहाल डिवेलपिंग फेज में है और आने वाले अपडेट्स के साथ कंपनी इसे रोलआउट कर सकती है। 


डिजिटल इंडिया अभियान के 6 साल: PM मोदी बोले-'अगर डिजिटल कनेक्टिविटी नहीं होती तो सोचिए कोरोना काल में क्या होता'

इस अवसर पर पीएम मोदी अभियान के लाभार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। पीएम ने ई-नाम योजना के लाभार्थी के साथ बात की।

नई दिल्ली: पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया के आज 6 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर पीएम मोदी अभियान के लाभार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। पीएम ने ई-नाम योजना के लाभार्थी के साथ बात की। अपने संबोधन में पीएम ने कहा, "ई-नाम पोर्टल इसलिए बनाया गया है ताकि किसान देश की सभी मंडियों में अपनी फसल का सौदा कर सके। इस पोर्टल पर किसान और व्यापारी बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं।"


डिजिटल इंडिया ने हमारे काम को सरल बना दिया

आरोग्य सेतु ऐप और कोविन ऐप का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आरोग्य सेतु ऐप का कोरोना संक्रमण को रोकने में बहुत मदद मिली। टीकाकरण के दौरान दुनिया के कई देश कोविन ऐप में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनके देश में भी इस योजना का लाभ मिले। 

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'कोविड काल में हमने अनुभव किया कि डिजिटल इंडिया ने हमारे काम को कितना सरल बना दिया। कल्पना कीजिए कि अगर डिजिटल कनेक्टिविटी नहीं होती तो कोरोना में क्या स्थिति होती। डिजिटल इंडिया मतलब सबको अवसर, सबको सुविधा, सबकी भागीदारी।'


किसानों के डिजिटल इंडिया का महत्तव

पीएम मोदी ने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के जीवन में डिजिटल लेनदेन से अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 10 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को 1 लाख 35 करोड़ रुपए सीधे बैंक अकाउंट में जमा किए गए हैं। डिजिटल इंडिया ने वन नेशन, वन MSP की भावना को भी साकार किया है।

शिक्षा का डिजिटल होना आज समय की मांग

कोरोना काल में ऑनलाइन क्लासेज का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'शिक्षा का डिजिटल होना आज समय की मांग है। अब हमारी कोशिश है कि गांव में सस्ती और अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी मिले। सस्ते मोबाइल और दूसरे माध्यम उपलब्ध हो ताकि गरीब से गरीब बच्चा भी अच्छी पढ़ाई कर पाएं।'



अमेरिका कॉपीराइट एक्ट के साथ-साथ भारत के कानून का भी ध्यान रखे ट्विटर: रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'अगर आप (ट्विटर) अमेरिकी के डिजिटल कॉपीराइट अधिनियम को लागू करने जा रहे हैं तो आपको भारत के कॉपीराइट नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए।'

नई दिल्ली: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर को एक बार फिर से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट कहा है कि उसे भारत के कानून मानने ही होंगे। उन्होंने कहा कि उनके एकउंट को ट्विटर ने अमेरिकी कॉपीराइट का हवाला देते हुए सस्पेंड कर दिया था लेकिन उसे भारत के कानून का भी ध्यान रखना होगा। आखिर वह यहां पर काम कर रही है और पैसे कमा रही है।


रविशंकर प्रसाद ने इंडिया ग्लोबल फोरम के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ट्विटर ने पिछले हफ्ते उनके खाते को एक घंटे तक बंद कर दिया और ऐसा अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट अधिनियम के तहत चार साल पहले की गयी एक शिकायत को लेकर किया गया। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'अगर आप अमेरिकी के डिजिटल कॉपीराइट अधिनियम को लागू करने जा रहे हैं तो आपको भारत के कॉपीराइट नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'आप यह नहीं कह सकते कि मेरे इस पूरे रुख का नियमन अमेरिकी कानून के एकपक्षीय मूल्याकंन के आधार पर किया जाएगा। उच्च प्रौद्योगिकी की इस भूमिका और लोकतंत्र के बीच एक सुखद समन्वय का कोई समाधान ढंढना ही होगा।'

काम करने की आजादी लेकिन कानून के प्रति जवाबदेह होना होगा

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में काम करने की आजादी है लेकिन उन्हें भारतीय संविधान और कानूनों को प्रति जवाबदेह होना होगा। पिछले कुछ समय में ट्विटर कई मुद्दों को लेकर सरकार के निशाने पर रही है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने सोशल मीडिया कंपनियों से जुड़े नये आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) कानूनों का अब तक पालन नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा, 'अगर लोकतंत्र को गलत सूचना, फर्जी खबरों, नकल की गयी सामग्री से पार पाना है तो ये सभी चुनौतियां हैं। मैं रोक-टोक के पक्ष में नहीं हूं लेकिन लोकतात्रिक देशों को इन मुद्दों को लेकर एक सहमति पर पहुंचाना होगा ताकि ये प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियां अपना काम करें, अच्छे पैसे, अच्छा मुनाफा कमाएं लेकिन जवाबदेह बनें। ऐसा तभी होगा जब आप किसी देश के कानून का पालन करेंगे।'

गौरतलब है कि नये नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत है। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं। वहीं, इस मामले में संसदीय समिति के सामने अबतक ट्विटर, गूगल और फेसबुक के प्रतिनिधि उपस्थित हो चुके हैं। माना जा रहा है कि संसदीय समिति जल्द ही यू-ट्यूब व अन्य सोशल मीडिया कंपिनियों को सम्मन भेजकर तलब करेगी।


Google भी चोरी करता है आपका डाटा, सुनता है आपकी आवाज, संसदीय समिति ने लगाई लताड़

इतना ही नहीं आपकी आवाज भी गूगल रिकॉर्ड करता है। इस बात की जानकारी मंगलवार को संसदीय समिति के सामने कही। जिसके बाद संसदीय समिति ने गूगल को जमकर तलाड़ लगाई।

नई दिल्ली: दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजिन और आज के समय में इंटरनेट यूजर्स का साथी गूगल भी लोगों का डाटा चोरी करता है। इतना ही नहीं जो हम आप गूगल असिस्टेंस से 'OK Google' कहकर मदद मांगते हैं वह सब डाटा गूगल के पास चला जाता है। इतना ही नहीं आपकी आवाज भी गूगल रिकॉर्ड करता है। इस बात की जानकारी मंगलवार को संसदीय समिति के सामने कही। जिसके बाद संसदीय समिति ने गूगल को जमकर तलाड़ लगाई।


मिली जानकारी के मुताबिक, संसदीय समिति के सामने पेश हुए गूगल के प्रतिनिधियों ने डेटा गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़ी एक मीटिंग में गूगल की तरफ से बड़ी बात कही गई है। सूत्रों के मुताबिक, बताया गया है कि 'ओके गूगल' करके जब गूगल असिस्टेंस से कुछ पूछा जाता है, या बात की जाती है, उस रिकॉर्डिंग को गूगल के कर्मचारी भी सुन सकते हैं। गूगल की तरफ से यह जानकारी सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय  स्थायी समिति को दी गई है।

शशि थरूर की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इसे उपयोगकर्ता की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन माना है। इसपर कमेटी जल्द रिपोर्ट तैयार करके सरकार को आगे के कुछ सुझाव देगी। पैनल के सूत्रों ने बताया है कि गूगल ने माना कि जब यूजर्स गूगल असिस्टेंट शुरू करके 'ओके, गूगल' बोलकर बात करते हैं, उसे उनके कर्मचारी सुन सकते हैं।


गूगल से इससे जुड़ा सवाल झारखंड से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की तरफ से पूछा गया था। जवाब में गूगल टीम ने माना कि कभी-कभी जब यूजर्स वर्चुअल असिस्टेंट का इस्तेमाल नहीं भी करते, तब भी उनकी बातचीत को रिकॉर्ड किया जाता है। बता दें कि 2019 में गूगल प्रोडक्ट मैनेजर (सर्च) डेविड मोनसी ने एक ब्लॉग में भी इस बात को स्वीकारा था कि उनके भाषा एक्सपर्ट रिकॉर्डिंग को सुनते हैं जिस जिससे गूगल स्पीच सर्विस को ज्यादा बेहतर बनाया जा सके।


संसदीय समिति के सामने पेश हुए Google और FB के अधिकारी, अब यूट्यूब की है बारी!

दोनों ही कंपनियों के प्रतिनिधि निर्धारित समय पर संसदीय समिति के सामने पेश हुए और अपनी बात रखी।

नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा बनाए गए नए आईटी रूल्स को सोशल मीडिया पर लागू कराने के लिए संसदीय समिति ने फेसबुक और गूगल को आज यानी मंगलवार को तलब किया था। दोनों ही कंपनियों के प्रतिनिधि निर्धारित समय पर संसदीय समिति के सामने पेश हुए और अपनी बात रखी। संसदीय समिति ने दोनों ही कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि भारत सरकार द्वारा बनाए गए नए आईटी रूल्स का जल्द से जल्द और सख्ती के साथ पालन करना सुनिश्चित करें।


बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर इस समिति के अध्यक्ष है। उन्होंने बैठक में गूगल और फेसबुक से कहा है कि वह भारत सरकार द्वारा बनाए गए आईटी के नए नियमों का हर हाल में पालन करें और किसी प्रकार की कोताही लापरवाही न बरतें। फेसबुक के भारत में लोक नीत निदेशक शिवनाथ ठुकराल और जनरल काउंसल नम्रता सिंह ने संसदीय समिति के सामने अपनी बात रखी। संसदीय समिति की बैठक का एजेंडा नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकना था।

वहीं दूसरी तरफ संसदीय समिति यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को जल्दी सामान भेज कर अपने सामने उपस्थित होने का निर्देश देगी। बता दें कि ट्विटर को भी संसदीय समिति ने तलब किया था लेकिन ट्विटर का रवैया बहुत ही बुरा रहा। ट्विटर ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वह भारत के कानून को नहीं बल्कि अपनी कंपनी की पॉलिसी को मानता है। बता दें कि ट्विटर के खिलाफ अब तक एक के बाद एक कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और अगर यही हाल रहा तो जल्दी ट्यूटर को भारत से बोरिया बिस्तर समेटना होगा।


दिल्ली पुलिस ने भी दर्ज की ट्विटर के खिलाफ प्राथमिकी

दिल्ली पुलिस ने भी ट्विटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बार ट्विटर के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में केस दर्ज किया है।

नई दिल्ली: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर की मुसीबतें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामले में दिल्ली पुलिस ने भी ट्विटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बार ट्विटर के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में केस दर्ज किया है। 


पुलिस ने ट्विटर के खिलाफ आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत सोशल मीडिया कंपनी के खिलाफ केस दायर किया है। दिल्ली पुलिस द्वारा यह मुकदमा राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की ओर से ट्विटर पर चाइल्ड पोर्नोग्राफिक कंटेंट होने की शिकायत की गई थी। इसके आधार पर ही दिल्ली पुलिस की ओर से एफआईआर की गई है। अब इस मामले में भी ट्विटर के अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है। 


बताते चलें कि बता दें कि भारत में 26 मई से नए आईटी नियम लागू हुए हैं। इन नियमों को लागू न करने के चलते ट्विटर को मिल रही लीगल इम्युनिटी अब समाप्त हो गई है। इसके बाद यह पहला मौका था, जब गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर के खिलाफ केस दर्ज किया था। 

बीते कई दिनों से ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच टकराव की स्थिति है। ट्विटर का कहना है कि नए नियम प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन करते हैं। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि इन नए नियमों से सोशल मीडिया के आम यूजर्स के अधिकारों का संरक्षण हो सकेगा।


Twitter इंडिया के MD मनीष माहेश्वरी के खिलाफ एक और FIR दर्ज, जानिए क्या है मामला

ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी के खिलाफ यूपी के बुलंदशहर में हिंदू संगठन बजरंग दल द्वारा दर्ज कराया गया है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (2) और आईटी ऐक्ट की धारा 74 के तहत केस दर्ज किया गया है।

नई दिल्ली: ऐसा लग रहा है कि ट्विटर के बुरे दिन भारत में शुरू हो गए हैं। अपने पंगेबाजी के लिए सुर्खियों में रहने वाले ट्विटर के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हो गया है। दरअसल, ट्विटर ने सोमवार को अपनी वेबसाईट के करियर सेक्शन में लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को दूसरे देश का हिस्सा बताया था हालांकि, जब बवाल बढ़ा तो ट्विटर को अपनी गलती समझ में आई और उसने तुरंत भारत के गलत नक्शें को अपनी वेबसाइट से हटा दिया। लेकिन जबतक अपने द्वारा फैलाए गए रायते को ट्विटर समेटता तबतक बहुत देर हो चुकी थी।

मिली जानकारी के मुताबिक, ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी के खिलाफ यूपी के बुलंदशहर में हिंदू संगठन बजरंग दल द्वारा दर्ज कराया गया है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की  धारा 505 (2) और आईटी ऐक्ट की धारा 74 के तहत केस दर्ज किया गया है। सोमवार शाम को यह मामला सामने आने के बाद सरकार की ओर से भी संकेत दिया गया था कि सोशल मीडिया कंपनी को इसका खामियाजा भुगतना होगा। कुछ ही घंटों के भीतर ट्विटर ने वेबसाइट के कैरियर सेक्शन में दिख रहे ग्लोबल नक्शे को पूरी तरह हटा लिया।

ट्विटर द्वारा इस तरह की हरकतें तब की की जा रही हैं जब भारत सरकार उस पर लगातार नए आईटी रूल्स का पालन करने का दवाब बना रही है। ट्विटर कभी शीर्ष नेताओं के एकाउंट को अनवेरीफाइड कर दे रहा है तो कभी सस्पेंड। ऐसी गलतिया ट्विटर ने तब से शुरू की है जब से भारत सरकार ने उसे अन्य सोशल मीडिया कंपनियों की तरह भारत के नए आईटी रूल्स मानने को कहा है। 

सोमवार को भी ट्विटर ने इसी तरह की हरकत करते हुए अपनी वेबसाइट भारत का गलत नक्शा दिखाया गया था। इसे लेकर देशवासियों ने कड़ा विरोध जताया है और माइक्रोब्लॉगिंग मंच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह पहला मौका नहीं है जब ट्विटर ने भारत के नक्शे को गलत तरीके से पेश किया है। इससे पहले उसने लेह को चीन का हिस्सा दिखाया था। 

बता दें कि आईटी नियमों का पालन न करने के बाद माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को भारत में मध्यस्थ के तौर पर मिली कानूनी राहत समाप्त हो गई है और ऐसे में वह उपयोगकर्ता द्वारा डाली गई किसी भी गैरकानूनी पोस्ट के लिए उत्तरदायी होगा। गौरतलब है कि इससे पहले गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग से मारपीट और दाढ़ी काटे जाने के वायरल वीडियो को लेकर भी ट्विटर इंडिया पर केस दर्ज किया गया था। इसको लेकर भी मनीष माहेश्वरी को पुलिस कई बार तलब कर चुकी है।


'गलतियों का पुतला' बने Twitter ने सरकार के एक्शन से पहले अपनी साइट से हटाया भारत का गलत नक्शा

ट्विटर ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अन्य देशों का हिस्सा बताया। इसके बाद ट्विटर की जमकर खिंचाई हुई और और फिर से एक बार 'गलतियों का पुतला' बने ट्विटर ने अपनी गलतियों को सुधार और भारत का विवादित नक्शा अपनी साइट से हटाया।

नई दिल्ली: ऐसा लग रहा है कि माइक्रो ब्लॉगिंग साइट टि्वटर 'गलतियों का पुतला' बन गया है। वह पहले गलती करता है और फिर उसे सुधारता है। अब ऐसे में यह समझ में नहीं आ रहा क्या वह जान बूझकर गलती कर रहा है ? क्या वह भारत या फिर भारत के ट्विटर यूजर्स के लिए ही गलतियां कर रहा है? 

दरअसल, ऐसे सवाल तब खड़े हो रहे हैं जब  उसने  कुछ है शीर्ष क्रम के नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक हटा देता है फिर से बहाल कर देता है फिर वह केंद्रीय कानून मंत्री और आईटी मिनिस्टर जयशंकर प्रसाद का अकाउंट सस्पेंड कर देता है और उसे फिर से कुछ ही देर में बहाल कर देता है। लेकिन  सोमवार को तो ट्विटर ने सारी हदें पार करते हुए भारत के नक्शे से जम्मू कश्मीर और लद्दाख को ही उड़ा दिया। 

ट्विटर ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अन्य देशों का हिस्सा बताया। इसके बाद ट्विटर की जमकर खिंचाई हुई और और फिर से एक बार 'गलतियों का पुतला' बने ट्विटर ने अपनी गलतियों को सुधार और भारत का विवादित नक्शा अपनी साइट से हटाया।



सोमवार शाम को यह मामला सामने आने के बाद सरकार की ओर से भी संकेत दिया गया कि सोशल मीडिया कंपनी को इसका खामियाजा भुगतना होगा। कुछ ही घंटों के भीतर ट्विटर ने वेबसाइट के कैरियर सेक्शन में दिख रहे ग्लोबल नक्शे को पूरी तरह हटा लिया।

नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार के साथ जारी गतिरोध के बीच ट्विटर की वेबसाइट भारत का गलत नक्शा दिखाया गया था। इसे लेकर देशवासियों ने कड़ा विरोध जताया है और माइक्रोब्लॉगिंग मंच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह पहला मौका नहीं है जब ट्विटर ने भारत के नक्शे को गलत तरीके से पेश किया है। इससे पहले उसने लेह को चीन का हिस्सा दिखाया था।


Twitter का दुस्साहस, भारत के नक्शे से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दिखाया अलग देश

दरअसल, ट्विटर ने भारत के नक्शे से छेड़छाड़ करते हुए केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग देश बता दिया है।

नई दिल्ली: ट्विटर और भारत सरकार के बीच नए आईटी रूल्स को लेकर विवाद चल ही रहा है और आये दिन ट्विटर पंगेबाजी भी कर रहा है। लेकिन इस बार तो ट्विटर ने सारी हदें पार कर दी है। दरअसल, ट्विटर ने भारत के नक्शे से छेड़छाड़ करते हुए केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग देश बता दिया है।

अब सरकारी सूत्रों के मुताबिक सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई कर सकती है। वैसे बता दें कि ट्विटर ने इस तरह की गुस्ताखी पहली बार नहीं की है। इससे पहले ट्विटर ने लेह को चीन का हिस्सा बता दिया था, जिस पर सरकार ने कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए चेतावनी दी थी।


देश के नए आईटी रूल्स को मानने में आनाकानी करने वाले सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ने अपने वेबसाइट के करियर सेक्शन में यह गलत दिखाया है। 'ट्विप लाइफ' सेक्शन में दिख रहे नक्शे में जम्मू और कश्मीर को अलग देश दिखाया गया है तो लेह को चीन का हिस्सा बताया गया है। 

ट्विटर द्वारा यह गलती ऐसे समय पर की गई है जब  भारत के आईटी कानून को लेकर उसका सरकार से तकरार चल रहा है और हाल ही में भारत के आईटी व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का ट्विटर हैंडल एक घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया था। 


माना जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में ट्विटर पर सख्त कार्रवाई कर सकती है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट को हाल ही में नाइजीरिया में इसी तरह की गतिविधियों की वजह से बैन किया गया है।

बहरहाल, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत सरकार ट्विटर के खिलाफ इस गलती के लिए क्या एक्शन लेती है।


फिर 'पंगेबाजी' पर उतारू हुआ ट्विटर, आईटी नियमों के विरुद्ध अमेरिकी कर्मचारी को बनाया शिकायत अधिकारी

ट्विटर पूरी तरह से भारत सरकार के साथ पंगेबाजी पर उतारू हो गया है। दरअसल, ट्विटर ने आईटी के नए नियमों को ताक पर रखते हुए अमेरिकी कर्मचारी को शिकायत अधिकारी बनाया है। जबकि भारत के नए आईटी रूल्स के मुताबिक, इस पद पर सिर्फ भारतीय कर्मचारी की ही तैनाती की जा सकती है।

नई दिल्ली: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पूरी तरह से भारत सरकार के साथ पंगेबाजी पर उतारू हो गया है। दरअसल, ट्विटर ने आईटी के नए नियमों को ताक पर रखते हुए अमेरिकी कर्मचारी को शिकायत अधिकारी बनाया है। जबकि भारत के नए आईटी रूल्स के मुताबिक, इस पद पर सिर्फ भारतीय कर्मचारी की ही तैनाती की जा सकती है। ट्विटर ने अमेरिकी कर्मचारी को शिकायत अधिकारी तब बनाया है जब एक दिन पहले भारतीय कर्मचारी ने इस पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, इस मामले में अभी तक भारत सरकार की तरफ से ना तो कोई प्रतिक्रिया आई है और ना ही ट्विटर की तरफ से।

बता दें कि भारत में नियुक्त किए गए अंतरिम शिकायत अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत भारतीय यूजर्स की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों में शिकायत अधिकारी की नियुक्ति जरूरी है। सोशल मीडिया कंपनी की वेबसाइट पर अब चतुर का नाम नहीं दिख रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ के लिए दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमावली 2021 के तहत मंचों को अपनी वेबसाइट पर उक्त आधिकारी का नाम और सम्पर्क के पते देना जरूरी है।

25 मई से लागू हुए हैं आईटी के नए रूल्स, छूट का अधिकार खत्म


बता दें कि नए नियम 25 मई से लागू हो गए हैं। ट्विटर ने अतिरिक्त समय समाप्त होने के बाद भी जरूरी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जिसके साथ उसने भारत में मध्यस्थ डिजिटल मंचों को ‘संरक्षण के प्रावधान’ के जरिए मिलने वाली छूट का अधिकार खो दिया है। नए नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं।


FB और Google को संसदीय समिति ने 29 जून को किया तलब, जानिए क्या है मामला

आईटी के नए रूल्स को सोशल मीडिया कंपनियों पर लागू कराने के लिए भारत सरकार लगातार प्रयासरत है। पहले ट्विटर को और अब फेसबुक और गूगल को संसदीय समिति ने तलब किया है। 29 जून को दोनों कंपनियों के अधिकारी संसदीय समिति के साथ बैठक करेंगे।

नई दिल्ली: आईटी के नए रूल्स को सोशल मीडिया कंपनियों पर लागू कराने के लिए भारत सरकार लगातार प्रयासरत है। पहले ट्विटर को और अब फेसबुक और गूगल को संसदीय समिति ने तलब किया है। 29 जून को दोनों कंपनियों के अधिकारी संसदीय समिति के साथ बैठक करेंगे। ट्विटर के अधिकारियों के जवाब तलब के बाद अब फेसबुक और गूगल के अधिकारियों की बारी है।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने इन दोनों सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म को समिति के सामने बुलाया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली इस समिति के सामने इसके पहले ट्विटर के अधिकारी पेश हो चुके हैं जिनसे जमकर सवाल जवाब किए गए थे। समिति ने 29 जून को होने वाली अपनी बैठक में दोनों कम्पनियों को तलब किया है। बैठक का मुख्य विषय तो जुड़ा है नागरिक अधिकारों की सुरक्षा और ऑनलाइन न्यूज़ मीडिया के दुरुपयोग से , लेकिन नए आईटी नियमों को लेकर सरकार और अलग अलग सोशल मीडिया कम्पमियों के बीच लगातार विवाद चल रहा है। वैसे ट्विटर से इतर फेसबुक और गूगल ने नए आईटी नियमों का पूरी तरह पालन करने का फ़ैसला किया है। 

फेसबुक नहीं कही ऑनलाइन उपस्थित होने की बात

दिलचस्प बात ये है कि स्थायी समिति द्वारा बुलाए जाने पर फेसबुक ने पहले समिति की ऑनलाइन बैठक करने का अनुरोध किया था। फेसबुक की दलील थी कि कोरोना काल में कम्पनी की नीति है कि उसके प्रतिनिधि किसी भी ऐसी बैठक में भाग नहीं लेते जिसमें सशरीर उपस्थित होना पड़े। उन्होंने समिति की बैठक ऑनलाइन करवाने का सुझाव दिया था। हालांकि समिति ने फेसबुक की मांग को ख़ारिज़ कर दिया और फेसबुक के अधिकारियों को वैक्सीन लगवाने का प्रस्ताव दिया ताकि वह बैठक में सशरीर शामिल हो सकें।


Twitter के अंतरिम शिकायत अधिकारी धर्मेंद्र चतुर ने पद से दिया इस्तीफा

ट्विटर के भारत में अंतरिम शिकायत अधिकारी धर्मेद्र चतुर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नए सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) नियमों के तहत अनिवार्य ट्विटर का अब देश में कोई शिकायत अधिकारी नहीं है।

नई दिल्ली: भारत सरकार और ट्विटर के बीच जिस बात को लेकर तनातनी चल रही थी उसके लिए ट्विटर ने एक अंतरिम अधिकारी के नियुक्ति की थी। लेकिन अधिकारी ने एक सप्ताह के अंदर ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, ट्विटर के भारत में अंतरिम शिकायत अधिकारी धर्मेद्र चतुर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नए सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) नियमों के तहत अनिवार्य ट्विटर का अब देश में कोई शिकायत अधिकारी नहीं है। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। ट्विटर ने इस घटनाक्रम पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।


धर्मेद्र चतुर को हाल ही में ट्विटर ने भारत के लिए अंतरिम निवासी शिकायत अधिकारी नियुक्त किया था। ट्विटर की वेबसाइट पर अब उनका नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है, जबकि इंफारमेशन टेक्नोलाजी (इंटरमीडिएरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के तहत यह अनिवार्य है। भारत में शिकायत अधिकारी के स्थान पर अब वहां कंपनी का नाम, अमेरिका का एक पता और ईमेल आइडी प्रदर्शित हो रही है।

चतुर का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब नए इंटरनेट मीडिया नियमों को लेकर ट्विटर और भारत सरकार के बीच तनातनी चल रही है। सरकार ने देश के नए नियमों की जानबूझकर अवज्ञा करने और अनुपालन में विफल रहने के लिए ट्विटर को फटकार भी लगाई है।

बता दें कि आईटी के नए नियम 25 मई से प्रभावी हुए हैं जिनके तहत इंटरनेट मीडिया कंपनियों को यूजर्स व पीड़ितों की शिकायतों का समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना करना अनिवार्य है। शिकायतों से निपटने के लिए 50 लाख से अधिक यूजर्स वाली सभी इंटरनेट मीडिया कंपनियों को शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी और उन अधिकारियों के नाम व संपर्क के विवरण साझा करने होंगे। यानि सभी बड़ी इंटरनेट मीडिया कंपनियों के लिए मुख्य शिकायत अधिकारी, एक नोडल संपर्क व्यक्ति और एक निवासी शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करना अनिवार्य है। ये सभी भारतीय निवासी होने चाहिए।


सफाई या बहाना! ‘मां तुझे सलाम’ का ये गीत बना केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के ट्विटर एकाउंट को सस्पेंड करने का कारण

ट्विटर ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के एकाउंट को सस्पेंड किए जाने के पीछे अभिनेता सनी देवल की फिल्म ‘मां तुझे सलाम’ के टाइटल सॉंग को जिम्मेदार बताया है।

नई दिल्ली: ‘पंगेबाजी’ पर उतारू ट्विटर छोटी-छोटी बातों को लेकर भारत सरकार को टार्गेट कर रहा है। दरअसल, ट्विटर ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के एकाउंट को सस्पेंड किए जाने के पीछे अभिनेता सनी देवल की फिल्म ‘मां तुझे सलाम’ के टाइटल सॉंग को जिम्मेदार बताया है। ट्विटर के मुताबिक म्यूजिक कंपनी सोनी ने कॉपारीइट का क्लेम किया था और इसलिए रविशंकर प्रसाद का ट्विटर एकाउंट सस्पेंड कर दिया गया था।

बता दें कि ‘मां तुझे सलाम’ के जिस वीडियो क्लिप को उनके एकाउंट को सस्पेंड करने का आधार बताया है वह 2017 का है। ऐसे में यह कहना सही होगी कि ट्विटर भारत के कानून मानने की बजाए भारत सरकार से पंगेबाजी पर उतारू हुआ है। म्यूजिक डायरेक्टर ए. आर रहमान का गाना 'मां तुझे सलाम' और सोनी म्यूजिक की वजह से रविशंकर प्रसाद का ट्विटर अकाउंट कुछ समय के लिए लॉक हुआ। किसी केंद्रीय मंत्री के खाते पर इस तरह से रोक लगाने का यह पहला मामला है।

एक घंटे में बहाल हुआ रविशंकर प्रसाद का एकाउंट

नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार के साथ अपने बिगड़ते रिश्तों के बीच ट्विटर ने शुक्रवार को अमेरिकी कॉपीराइट कानून (डीएमसीए) के कथित उल्लंघन को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के अकाउंट को करीब एक घंटे तक बंद कर दिया।
2017 का ट्वीट और 2021 में एक्शन!

डीएमसीए नोटिस की मानें तो ट्विटर ने रविशंकर प्रसाद के जिस ट्वीट पर एक्शन लिया है, वह ट्वीट 2017 का है। लुमेन डेटाबेस दस्तावेज के मुताबिक, डीएमसीए संबंधी नोटिस 24 मई, 2021 को भेजा गया और ट्विटर को 25 जून, 2021 को मिला। लुमेन डेटाबेस एक स्वतंत्र अनुसंधान परियोजना है, जिसके तहत ट्विटर द्वारा अपनी साइट पर रोक लगायी जानी वाली सामग्री सहित अन्य का अध्ययन किया जाता है।


1971 इंडो-पाक युद्ध के वर्षगांठ पर ट्वीट किया था वीडियो

मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के ट्विटर पर संबंधित पोस्ट में 1971 के युद्ध की विजय वर्षगांठ के मौके पर भारतीय सेना को श्रद्धांजलि देते हुए एक वीडियो डाला गया था। वीडियो के बैकग्राउंड में ए. आर रहमान का एक गाना 'मां तुझे सलाम' बज रहा था। इस गाने का कॉपीराइट सोनी म्यूजिक के पास है। ट्विटर के मुताबिक सोनी म्यूजिक ने इस गाने पर कॉपी राइट का दावा किया और ट्विटर की नजर में इस पोस्ट को कथित रूप से कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन माना गया है। 

ट्विटर के खिलाफ केंद्रीय मंत्री ने निकाली भड़ास

ट्विटर के एक्शन के बाद मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अमेरिकी सोशल नेटवर्किंग कंपनी के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे मनमाना रवैया और आईटी नियमों का घोर उल्लंघन बताया। ट्विटर को आड़े हाथ लेते हुए प्रसाद ने एक अन्य भारतीय सोशल मीडिया मंच कू पर लिखा कि ट्विटर की "निरंकुश और मनमानी कार्रवाइयों" को लेकर उन्होंने जो टिप्पणियां कीं उससे माइक्रोब्लॉगिंग साइट की झल्लाहट साफ दिख रही है।

ट्विटर ने नए आईटी नियमों का उल्लंघन किया

उन्होंने यह भी कहा कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने नये आईटी नियमों का उल्लंघन किया है जिसके तहत मध्यस्थ के लिए खाते तक पहुंच को रोकने से पहले उपयोगकर्ता को नोटिस देना जरूरी है। हालांकि, ट्विटर ने कहा कि उसने प्रसाद के खाते पर लगी रोक हटा ली है लेकिन उस ट्वीट को अपने पास रोक लिया जिसको लेकर रोक लगाई गई। 

1 घंटे बाद बहाल हुआ रविशंकर प्रसाद का ट्विटर एकाउंट

करीब एक घंटे बाद खाते पर लगी रोक हटा ली गयी लेकिन साथ ही चेतावनी दी गयी कि खाते के खिलाफ कोई अतिरिक्त नोटिस आने की स्थिति में उसे फिर से बंद किया जा सकता है या निलंबित किया जा सकता है। 


'पंगेबाज' ट्विटर अब सीधे IT मंत्री रविशंकर प्रसाद से भिड़ा, एकाउंट किया सस्पेंड, मंत्री ने कर डाली ट्विटर की खिंचाई

इस बार ट्विटर ने लापरवाही की सारी हदें पार करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का एकांउन्ट ही सस्पेंड कर दिया। हालांकि, ट्विटर की अक्ल एक घंटे में ही ठिकाने पर आ गई और फिर से उनका एकांउन्ट बहाल कर दिया।

नई दिल्‍ली: ट्विटर अब 'पंगेबाजी' से 'लफ़ड़ेबाजी' पर उतारू हो चुका है। वह कभी जानीमानी हस्तियों का एकांउन्ट अनवेरिफाइड कर देता है तो कभी सस्पेंड।


भारत के नए आईटी कानून का पालन करने के लिए ट्विटर भारत सरकार दवाब बना रही है तो वह  लफड़ेबाजी पर उतारू हो गया है। वह भारत में रहकर भारत का कानून मानने से इंकार कर रहा है लेकिन अमेरिका के नियमों का हवाला देते हुए वह अजीब हरकतें कर रहा है। ताजा मामले में उसने अमेरिकी नियमों का हवाला देते हुए भारत के आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद का ही एकांउन्ट सस्पेंड कर दिया।

माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का अकाउंट करीब एक घंटे तक 'लॉक' रखा। इसके पीछे कंपनी ने अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन को कारण बताया। घंटेभर बाद दोबारा उसने प्रसाद का ट्विटर अकाउंट 'अनलॉक' किया। 


सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री इसे लेकर ट्विटर पर जमकर बरसे उन्‍होंने कहा कि यह मनमानी की हद है। इससे पता चलता है कि क्याें वह नए आईटी नियमाें का पालन नहीं करना चाहती है।


अकाउंट 'अनलॉक' होते ही प्रसाद ट्विटर पर जमकर बरसे। उन्‍होंने ट्वीट किया, 'दोस्तों! आज कुछ बहुत ही अनोखा हुआ। ट्विटर ने लगभग एक घंटे तक मेरे अकाउंट तक मुझे एक्‍सेस देने से इनकार कर दिया। इसके पीछे वजह अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन बताई गई। बाद में उसने मुझे खाते तक एक्‍सेस दिया।'

उन्होंने  कहा, 'यह स्पष्ट है कि मेरे बयानों ने ट्विटर की मनमानी और मनमानी कार्रवाइयों पर हमला किया। खासतौर से टीवी चैनलों पर मेरे साक्षात्कारों की क्लिप्‍स और उसके शक्तिशाली प्रभाव ने इसके पंख कुतरे हैं।'

वैसे आपको बता दें कि जबसे भारत सरकार ने उसे नए आईटी नियमों का पालन करने को कहा है तभी से वह इस तरह की हरकतें कर रहा है। सबसे पहले उसने भारत के उपराष्ट्रपति वेंकया नायडू का एकांउन्ट  अनवेरिफाइड किया फिर आरएसएस चीफ समेत कई हस्तियों के एकांउन्ट  अनवेरिफाइड किया हालांकि शोर मचने के बाद फिर से वेरिफाइड कर दिया। ट्विटर की इन हरकतों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि  उसके दिन भारत में अब पूरे हो चुके हैं। क्योंकि ऐसी गलतियां अनजाने में संभव नहीं है। दरअसल, टि्वटर को जबसे जब  भारत सरकार ने  नए आईटी नियमों का पालन करने को कहा है तबसे वह पंगेबाजी पर उतारू हो गया है।


Reliance Jio और Google ले आया 'आम आदमी' के बजट वाला किफायती 4G स्मार्टफोन Jio Phone Next, 10 सितंबर से होगा बाजार में

रिलायंस जियो और गूगल मिलकर आम आदमी के बजट के अनुरूप 4जी स्मार्टफोन लेकर बाजार में आ रहा है। 10 सितंबर को ढेरो सारी खूबियों से भरा यह फोन बाजार में उपलब्ध होगा।

नई दिल्ली: रिलायंस जियो और गूगल मिलकर आम आदमी के बजट के अनुरूप 4जी स्मार्टफोन लेकर बाजार में आ रहा है। 10 सितंबर को ढेरो सारी खूबियों से भरा यह फोन बाजार में उपलब्ध होगा।



रिलायंस इंडस्ट्रीज की 44वीं सालाना आम सभा में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो और गूगल की साझेदारी में बने नए स्मार्टफोन जियोफोन-नेक्स्ट की घोषणा की। नया स्मार्टफोन जियो और गूगल के फीचर्स और ऐप्स से लैस होगा। एंड्रायड बेस्ड इस स्मार्टफोन का ऑपरेटिंग सिस्टम जियो और गूगल ने मिलकर विकसित किया है।


मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि नया स्मार्टफोन आम आदमी की जेब के लिहाज से बनाया गया है। यह बेहद किफायती होगा और 10 सितंबर यानी गणेश चतुर्थी से मार्किट में मिलने लगेगा।


भारतीय बाजार के लिए विशेष तौर पर बनाया गया जियोफोन-नेक्स्ट स्मार्टफोन पर यूजर्स गूगल प्ले से भी ऐप्स डाउनलोड कर सकते हैं। स्मार्टफोन में बेहतरीन कैमरा और एंड्रायड अपडेट भी मिलेंगे। फुली फीचर्ड इस स्मार्टफोन को मुकेश अंबानी ने भारत का ही नही दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन बताया।

वहीं, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने नए स्मार्टफोन के बारे में कहा कि “हमारा अगला कदम गूगल और जियो के साथ मिलकर बनाए गए एक नए, किफायती जियो स्मार्टफोन के साथ शुरू होता है। यह भारत के लिए बनाया गया है और यह उन लाखों नए उपयोगकर्ताओं के लिए नई संभावनाएं खोलेगा जो पहली बार इंटरनेट का अनुभव करेंगे। गूगल क्लाउड और जियो के बीच एक नई 5G साझेदारी एक अरब से अधिक भारतीयों को तेज इंटरनेट से जुड़ने में मदद करेगी तथा भारत के डिजिटलीकरण के अगले चरण की नींव रखेगी.“


इस मौके पर मुकेश अंबानी ने कहा कि “5G इको सिस्टम विकसित करने के और 5G उपकरणों की एक श्रृंखला विकसित करने के लिए हम वैश्विक भागीदारों के साथ काम कर रहे हैं। Jio न सिर्फ भारत को 2G मुक्त बनाने के लिए काम कर रहा है, बल्कि 5G युक्त भी कर रहा है।”


रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस जियो डेटा खपत के मामले में दुनिया के दूसरे नंबर का नेटवर्क बन गया है। रिलायंस जियो के नेटवर्क पर 630 करोड़ जीबी डेटा प्रतिमाह की खपत होती है। पिछले साल के मुकाबले यह 45 फीसदी अधिक है।


हलांकि जियोफोन-नेक्स्ट की कीमतों के बारे में खुलासा नही किया गया है पर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी कीमत काफी कम रखी जाएगी।  जियो-गूगल का एंड्रायड बेस्ड स्मार्टफोन जियोफोन-नेक्स्ट गेम चेंजर साबित होगा। यह उन 30 करोड़ लोगों की जिंदगी बदल सकता है जिनके हाथ में अभी भी 2जी मोबाइल सेट हैं।


'संविधान में अभिव्यक्ति की आजादी की गारंटी', नए IT रूल्स को लेकर UNHRC को भारत ने दिया जवाब

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) द्वारा जतायी गयी चिंताओं को रविवार को खारिज करते हुए कहा है कि उसने विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नए नियम तय किए गए हैं।

नई दिल्ली: आईटी के नए नियमों को ‘‘सोशल मीडिया के साधारण प्रयोक्ताओं को सशक्त'' बनाने वाला बताते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) द्वारा जतायी गयी चिंताओं को रविवार को खारिज करते हुए कहा है कि उसने विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नए नियम तय किए गए हैं।

UNHRC के आरोपों पर सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की विशेष प्रक्रिया शाखा के पत्र के जवाब में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक साख को अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘भारतीय संविधान के तहत वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी दी गई है। स्वतंत्र न्यायपालिका और मजबूत मीडिया भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का हिस्सा हैं।'

बता दें कि UNHRC की विशेष शाखा ने 11 जून को नए आईटी नियमों के कुछ प्रावधानों को लेकर चिंताएं प्रकट करते हुए आरोप लगाया था कि ये अंतरराष्ट्रीय कानूनों, निजता के अधिकार संबंधी मानकों तथा नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय संधि द्वारा मान्य वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अनुरूप नहीं है। इस संधि को भारत ने 10 अप्रैल 1979 स्वीकार लिया था। वहीं, UNHRC ने ट्विटर को 31 जनवरी 2021 को किसानों के प्रदर्शन के बारे में भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले 1,000 से ज्यादा अकाउंट को बंद करने के निर्देश पर भी चिंता जतायी थी।

UNHRC की विशेष शाखा ने कहा था, ‘हमें चिंता है कि नए नियम अधिकारियों को उन पत्रकारों को सेंसर करने की शक्ति प्रदान कर सकते हैं जो सार्वजनिक हित की जानकारी को उजागर करते हैं और ऐसे व्यक्ति जो सरकार को जवाबदेह ठहराने के प्रयास में मानवाधिकारों के उल्लंघन की घटनाओं को सामने लाते हैं।'

UNHRC को भारत सरकार का जवाब


UNHRC की आशंकाओं पर जवाब देते हुए भारत सरकार ने कहा, ‘नए नियम सोशल मीडिया के सामान्य प्रयोक्ताओं को सशक्त करने के लिए बनाए गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दुर्व्यवहार के शिकार लोगों के पास उनकी शिकायतों के निवारण के लिए एक मंच होगा। विभिन्न हितधारकों के साथ उचित चर्चा के बाद आईटी नियमों को अंतिम रूप दिया गया।'

सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के बढ़ती मामलों के कारण व्यापक चिंताओं के चलते नए आईटी नियम लागू करना आवश्यक हो गया था। दुरुपयोग की इन घटनाओं में आतंकियों की भर्ती के लिए प्रलोभन, अश्लील सामग्री का प्रसार, वैमनस्य का प्रसार, वित्तीय धोखाधड़ी, हिंसा, उपद्रव के लिए उकसाना आदि शामिल हैं।


भारत के स्थायी मिशन ने अपने जवाब में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 2018 में लोगों, सिविल सोसाइटी, उद्योग संघ और संगठनों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया और मसौदा नियम तैयार करने के लिए सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित कीं।


'पंगेबाज' से 'अकड़बाज' बना ट्विटर, संसदीय समिति के सामने बोला-'भारत का कानून नहीं हम अपनी पॉलिसी मानेंगे'

ट्विटर के प्रतिनिधियों में अकड़ दिखाई दी। जब उनसे संसदीय समिति ने पूछा कि क्या वह भारत के कानून मानते हैं तो जवाब में ट्विटर इंडिया के प्रतिनिधि ने कहा कि वह भारत का कानून नहीं बल्कि अपना नियम मानते हैं।

नई दिल्ली: ट्विटर अब 'पंगेबाज' से 'अकड़बाज' बन गया है। दरअसल, आज ट्विटर इंडिया के प्रतिनिधि संसदीय समिति के सामने आईटी नियमों का पालन ना करने के मामले में जवाब देने के लिए उपस्थित हुए। लेकिन ट्विटर के प्रतिनिधियों में अकड़ दिखाई दी। जब उनसे संसदीय समिति ने पूछा कि क्या वह भारत के कानून मानते हैं तो जवाब में ट्विटर इंडिया के प्रतिनिधि ने कहा कि वह भारत का कानून नहीं बल्कि अपना नियम मानते हैं।


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,  आईटी से जुड़ी संसद की स्थायी समिति के सामने जब ट्विटर इंडिया से पूछा गया कि क्या वह देश के कानून का पालन करती है तब उसके प्रतिनिधि ने कहा कि हम अपनी खुद की नीतियों का पालन करते हैं।


कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुआई वाली संसदीय समिति ने ट्विटर को अपने प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर तलब किया था। शुक्रवार को ट्विटर इंडिया के प्रतिनिधि संसदीय समिति के सामने पेश हुए।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, संसदीय समिति के सदस्यों ने ट्विटर से पूछा कि देश के कानून का ‘उल्लंघन’ करने पर उसके खिलाफ जुर्माना क्यों न लगाया जाए। ट्विटर के अधिकारियों से कहा गया कि देश का कानून सबसे ऊपर है, आपकी नीति नहीं।


नए आईटी नियमों को लेकर सरकार और ट्विटर में गतिरोध के बीच इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट के अधिकारियों ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली एक संसदीय समिति के सामने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने पर पक्ष रखा। केंद्र सरकार ने इस महीने की शुरुआत में ट्विटर को नोटिस जारी कर नए आईटी नियमों का तत्काल अनुपालन करने का आखिरी मौका दिया था और चेतावनी दी थी कि नियमों का पालन नहीं होने पर इस प्लेटफॉर्म को आईटी अधिनियम के तहत जवाबदेही से छूट नहीं मिलेगी।

कुल मिलाकर आज संसदीय समिति के सामने जो व्यवहार ट्विटर द्वारा अपनाया गया उससे निश्चित तौर पर केंद्र को ठेस पहुचेगी और पहले से ही दिक्कतों का सामना कर रही ट्विटर को अब और तकलीफों का सामना पड़ सकता।


Koo पर यूपी के सीएम योगी हुए एक्टिव, पहले मैसेज में की इस शख्स की तारीफ

'पंगेबाज' ट्विटर के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं। दरअसल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अब सोशल साइट कू (koo) पर एक्टिव हो गए हैं।

नई दिल्ली: 'पंगेबाज' ट्विटर के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं। दरअसल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अब सोशल साइट कू (koo) पर एक्टिव हो गए हैं। उन्होंने अपने पहले मैसेज में एक आम आदमी की बहादुरी की तारीफ की। 


सीएम योगी ने कू ऐप के अपने संदेश में लिखा, 'गाजीपुर में मां गंगा की लहरों पर तैरते संदूक में रखी नवजात बालिका गंगा की जीवन रक्षा करने वाले नाविक ने मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। नाविक को आभार स्वरूप सभी पात्र सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।'

बता दें कि गाजीपुर ददरी घाट पर गंगा किनारे एक लकड़ी के बक्से से बच्चे के रोने की आवाज आई। मल्लाह गुल्लू ने आवाज सुनी और पास जाकर देखा तो बक्से में एक बच्ची रो रही थी। इस दौरान मौके पर लोग भी जुट गए। 


गंगापुत्र की तरफ से किए गए कार्य को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लिया है। यूपी सरकार ने बच्ची के पालन पोषण की जिम्मेदारी ली। सीएम योगी के अलावा भीम आर्मी चीफ़ और आम आदमी पार्टी ने भी कू पर अपना ऑफिसियल एकांउन्ट बना लिया है।


वीवा टेक समिट में बोले पीएम मोदी-'टेक्नोलॉजी और डिजिटल हैं सहयोग के नये उभरते हुये क्षेत्र'

पीएम मोदी ने कहा कि जहां पारंपरिक साधन विफल हो जाते हैं, वहां इनोवेशन हमेशा पारंपरिक साधनों की मदद करता है। ऐसा वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान देखा गया है।

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने आज वीवा टेक के 5वें संस्करण को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि  जहां पारंपरिक साधन विफल हो जाते हैं, वहां इनोवेशन हमेशा पारंपरिक साधनों की मदद करता है। ऐसा वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान देखा गया है। 

पीएम मोदी ने आगे कहा कि कोरोना महामारी हमारे दौर का सबसे बड़ा व्यवधान है। इससे विश्व के सभी देशों को नुकसान हुआ है। कोरोना महामारी के चलते सभी देश अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर चिंतित है। लेकिन वीवा टेक जैसे प्लेटफॉर्म फ्रांस के टेक्नोलजी विजन को दर्शाताे हैं। 


उन्होंने आगे कहा कि भारत और फ्रांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई मुद्दों पर एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें से एक टेक्नोलॉजी और डिजिटलीकरण हैं। पीएम मोदी के मुताबिक  टेक्नोलॉजी और डिजिटल सहयोग के उभरते क्षेत्र बनकर उभर रहे हैं।

पीएम मोदी ने इनोवेटर्स और इन्वेस्टर्स को भारत में आमंत्रित किया। पीएम मोदी के मुताबिक भारत में टैलेंट, मार्केट, कैपिटल, इको-सिस्टम और कल्चर ऑफ ओपनर्स मौजूद है, जो किसी इनोवटर्स और इन्वेस्टर्स के लिए जरूरी होता है। पिछले कुछ सालों में हमारी सरकार ने अलग-अलग सेक्टर में कई तरह के व्यवधान देखे हैं। इसमें से कुछ अभी मौजूद है। पीएम मोदी की मानें, तो ऐसा नहीं है व्यवधान गायब हो जाते हैं। इसकी जगह हमें अपने फाउंडेशन को रिपेयर और प्रिपेयर करते रहना चाहिए।


बताते चलें कि  वीवा टेक यूरोप का सबसे बड़ा डिजिटल और स्टार्ट-अप इवेंट है। इसे साल 2016 से सालाना पेरिस में आयोजित किया जाता रहा है। इसमें दुनियाभर के राष्ट्र प्रमुख हिस्सा लेते रहे हैं।


केंद्र सरकार ने 'पंगेबाज' Twitter से हटाया कानूनी सुरक्षा कवर, अब दर्ज किया जा सकेगा IPC की धाराओं के तहत मुकदमा

अब ट्विटर को सरकार ने कानूनी संरक्षण देने का अधिकार छीन लिया है। कानूनी संरक्षण छिनते ही ट्विटर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।

नई दिल्ली: पंगेबाज ट्विटर को आखिर भारत सरकार से लफड़ा करना महंगा पड़ गया है। दरअसल अब ट्विटर को सरकार ने कानूनी संरक्षण देने का अधिकार छीन लिया है। कानूनी संरक्षण छिनते ही ट्विटर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।


सूत्रों के मुताबिक भारत में अब ट्विटर ने  आईटी एक्ट के तहत मील कानूनी सुरक्षा का आधार गंवा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्विटर की ओर से 25 मई से लागू हुए आईटी नियमों को अब तक लागू नहीं किया गया। इससे खफ़ा आईटी मंत्रालय ने उसके खिलाफ यह ऐक्शन लिया। 


सुरक्षा कवर लिए जाने के बाद ट्विटर पर भी अब आईपीसी के तहत मामले दर्ज हो सकेंगे और पुलिस पूछताछ भी कर सकेगी। ट्विटर पर यह सख्ती ऐसे समय में हुई है जब एक वायरल वीडियो के संबंध में उसपर गाजियाबाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। माना जा रहा है कि अब इस मामले को लेकर ट्विटर पर कानूनी ऐक्शन लिया जा सकता है। 

बता दें कि ट्विटर अब अकेला ऐसा अमेरिकी प्लेटफॉर्म है जिससे आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाला यह कानूनी संरक्षण वापस ले लिया गया है, जबकि गूगल, फेसबुक, यूट्यूब, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम जैसे अन्य प्लेटफॉर्म के पास अभी भी यह सुरक्षा है। 

बताते चलें मंगलवार को ट्विटर ने कहा था कि उसने भारत के लिए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है।


अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे ! 'पंगेबाज' ट्विटर ने की अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी की तैनाती

बयानबाजी, कोर्ट केस, बहानेबाजी के बाद ट्विटर ने अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी की तैनाती कर दी है और इसकी जानकारी वह जल्द ही सरकार को देगा।

नई दिल्ली: आखिरकार 'पंगेबाज' ट्विटर ने सरेंडर कर दिया है। बयानबाजी, कोर्ट केस, बहानेबाजी के बाद ट्विटर ने अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी की तैनाती कर दी है और इसकी जानकारी वह जल्द ही सरकार को देगा। ट्विटर द्वारा ये कदम तब उठाया गया जब उसे 18 जून को संसदीय समिति के सामने पेश होने का आदेश मिला।

ट्विटर ने भारत में लागू किए गए नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों पर कहा कि कंपनी ने अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त किया है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ जल्द ही ब्यौरा साझा किया जाएगा। ट्विटर प्रवक्ता ने कहा कि नए दिशा-निर्देशों का पालन करने की हर कोशिश जारी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को हर कदम पर प्रगति की जानकारी दी जा रही है।


बता दें कि केंद्र द्वारा ट्विटर को नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली एक संसदीय समिति ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के शीर्ष अधिकारियों को शुक्रवार को बयान दर्ज कराने और सोशल मीडिया मंच के दुरुपयोग की रोकथाम के लिये प्रतिवेदन देने को तलब किया है।

सोशल मीडिया के लिए नए आईटी नियमों को लेकर केंद्र और ट्विटर में जारी तक़रार के बीच सोशल मीडिया कंपनी को संसदीय समिति ने तलब किया है। आईटी मामलों की समिति ने ट्विटर की टीम से 18 जून को संसद परिसर में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। इस दौरान आईटी मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस पूरी कवायद को ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच तनाव को कम करने और नियमों को लेकर स्पष्टता रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।


समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के बेजा इस्तेमाल को रोकने के मुद्दे पर बातचीत के लिए ट्विटर को तलब किया गया है। इस बातचीत में डिजिटल स्पेस में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा होगी।

खबर के मुताबिक, समिति ने 18 जून को शाम चार बजे ट्विटर अधिकारियों को बुलाया है। इस दौरान वह बताएंगे कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन न्यूज के दुरुपयोग को कैसे रोका जाएगा।


बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने ट्विटर को नए आईटी नियमों का पालन करने संबंधी आखिरी नोटिस भेजा था। ट्विटर को भेजी चिट्ठी में कहा गया था, 'मंत्रालय की ओर से बार-बार चिट्ठी भेजने के बावजूद ट्विटर उपयुक्त स्पष्टीकरण देने में असफल रहा।'


इन SUV's को एक बार चार्ज कीजिए और 375 किलोमीटर तक चलिए !

भारत में लॉन्चिंग के लिए 2 ऐसी एसयूवी तैयार है जो एक बार चार्ज करने के बाद सैकड़ों किलोमीटर तक चलेंगी।

नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम से अगर आप छुटकारा पाना चाहते हूं और एसयूवी गाड़ियों के शौकीन हैं तो यह खबर आपके लिए काम की है। दरअसल, भारत में लॉन्चिंग के लिए 2 ऐसी एसयूवी तैयार है जो एक बार चार्ज करने के बाद सैकड़ों किलोमीटर तक चलेंगी। हम आपको ऐसी ही अपकमिंग एसयूवीज के बारे में बताने जा रहे हैं जो हर महीने आपके हजारों रुपये बचाएंगी।


Mahindra eXUV300


Mahindra XUV300 को भारत में काफी पसंद किया जाता रहा है और इसकी जबरदस्त सफलता को देखते हुए कंपनी इस दमदार कॉम्पैक्ट-एसयूवी का इलेक्ट्रिक अवतार लेकर आ रही है जिसका नाम Mahindra eXUV300 है।

बता दें कि Mahindra eXUV300 को ऑटो एक्सपो में भी पेश किया जा चुका है। ये एक स्टाइलिश इलेक्ट्रिक एसयूवी होगी जो सिंगल चार्ज में 375 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम होगी। आपको बता दें कि eXUV300 कंपनी की पॉपुलर सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी का इलेक्ट्रिक अवतार है। Mahindra eXUV300 डिजाइन के मामले में काफी हद तक XUV300 जैसी ही रहेगी हालांकि डिजाइन में कुछ बड़े अपडेट्स भी देखने को मिलेंगे।


Mahindra eKUV100


Mahindra eXUV300 की तरह ही Mahindra eKUV100 भी पहले से पॉपुलर एसयूवी का इलेक्ट्रिक अवतार है। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी में 15.9 किलोवाट की लिक्विड कूल मोटर लगाई गई है जो 54Ps की पावर 120NM टॉर्क के साथ जेनरेट करती है। जानकारी के अनुसार अपनी पावरफुल बैटरी की बदौलत ये एसयूवी तकरीबन 147 किमी की रेंज तय करने में सक्षम होगी। जानकारी के अनुसार इस कार को फास्ट चार्जिंग फीचर की वजह से 80 प्रतिशत चार्ज होने में इसे महज 50 मिनट का समय लगता है। इसकी कीमत 8 से 9 लाख रुपये के बीच हो सकती है।


केंद्र सरकार बनाम ट्विटर: संसदीय समिति ने Twitter को 18 जून को किया तलब, कई गंभीर मुद्दों पर होगी चर्चा

केंद्र और ट्विटर में जारी तक़रार के बीच सोशल मीडिया कंपनी को संसदीय समिति ने तलब किया है।

नई दिल्ली: भारत के नए आईटी कानून को लगभग सभी सोशल मीडिया कंपनियों ने मान लिया है लेकिन ट्विटर अभी भी सिर्फ 'प्रयास' ही कर रहा है। उसने अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की है। इतना ही नहीं ट्विटर ने डेडलाइन के आखिरी समय में सिर्फ समय की ही मांग कर सका। 


सोशल मीडिया के लिए नए आईटी नियमों को लेकर केंद्र और ट्विटर में जारी तक़रार के बीच सोशल मीडिया कंपनी को संसदीय समिति ने तलब किया है। आईटी मामलों की समिति ने ट्विटर की टीम से 18 जून को संसद परिसर में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। इस दौरान आईटी मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस पूरी कवायद को ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच तनाव को कम करने और नियमों को लेकर स्पष्टता रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।


समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के बेजा इस्तेमाल को रोकने के मुद्दे पर बातचीत के लिए ट्विटर को तलब किया गया है। इस बातचीत में डिजिटल स्पेस में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा होगी।

खबर के मुताबिक, समिति ने 18 जून को शाम चार बजे ट्विटर अधिकारियों को बुलाया है। इस दौरान वह बताएंगे कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन न्यूज के दुरुपयोग को कैसे रोका जाएगा।


बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने ट्विटर को नए आईटी नियमों का पालन करने संबंधी आखिरी नोटिस भेजा था। ट्विटर को भेजी चिट्ठी में कहा गया था, 'मंत्रालय की ओर से बार-बार चिट्ठी भेजने के बावजूद ट्विटर उपयुक्त स्पष्टीकरण देने में असफल रहा।' 


ट्विटर की प्रतिक्रिया

हालांकि, ट्विटर ने अब आश्वासन दिया है कि वह नए आईटी नियमों का पालन करेगा। ट्विटर प्रवक्ता ने कहा, 'ट्विटर हमेशा भारत के प्रति प्रतिबद्ध रहा है और रहेगा। हमने भारत सरकार को आश्वस्त किया है कि हम नए आईटी नियमों का अनुपालन करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हम भारत सरकार के साथ अपनी वार्ता जारी रखेंगे।


5G लॉन्च होने से पहले ले लिए ये फोन, वर्ना पड़ेगा पछताना !

अगर आप का बजट 15 हजार है तो हम आपको बता रहे हैं कि आप कौन कौन से 5जी स्मार्टफोन ले सकते हैं।

नई दिल्ली: हर इंसान पैसे बचाने का प्रयास करता है लेकिन कभी कभी दूर की ना सोचना भी लोगों को महंगा पड़ जाता है। जैसे कि आजकल 5जी नेटवर्क की टेस्टिंग जारी है और कुछ स्मार्ट फोन जो कि 5जी सपोर्टिग हैं वो मार्किट में आ चुके हैं। ऐसे में इन फोन्स को खरीद लेना ही फायदेमंद होगा। अगर आप का बजट 15 हजार है तो हम आपको बता रहे हैं कि आप कौन कौन से 5जी स्मार्टफोन ले सकते हैं।



Oppo A53s

कीमत - 14,990 रुपये (6GB रैम और 128GB स्टोरेज)

Oppo A53s 5G स्मार्टफोन 6.52 इंच एचडी प्लस डिस्प्ले के साथ आएगा। इसमें वाटरड्रॉप स्टाइल डिस्प्ले दी गई है। फोन में एक ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 700 चिपसेट का सपोर्ट दिया गया है। मेमोरी कार्ड की मदद से फोन के स्पेस को बढ़ाया जा सकेगा। अगर फोटोग्राफी की बात करें, तो फोन में 13MP मेक कैमरा, 2MP डेप्थ सेंसर, 2MP मैक्रो लेंस का सपोर्ट दिया गया है। इसका फ्रंट कैमरा 8MP का है। फोन में नाइट मोड, पोर्ट्रेट मोड, ब्यूटी मोड, टाइम लैप्स वीडियो, स्लो मोशन वीडियो का सपोर्ट दिया गया है। पावरबैकअप के लिए Oppo A53s स्मार्टफोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है। फोन ColorOS 11.1 बेस्ड एंड्राइड 11 पर काम करेगा।



POCO M3 Pro 5G

कीमत - 13,999 रुपये (4GB रैम और 64GB स्टोरेज)

POCO M3 Pro स्मार्टफोन में 6.5 इंच की फुल एचडी प्लस LCD डॉट डिस्प्ले है। इसका स्क्रीन ब्राइटनेस 1100nits और रिफ्रेश्ड रेट 90Hz है। इस डिवाइस में 7nm हाई परफॉर्मेंस MediaTek Dimensity 700 5G प्रोसेसर दिया गया है। वहीं, यह फोन एंड्राइड 11 बेस्ड MIUI 12 पर काम करता है। POCO M3 Pro स्मार्टफोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया है। इसमें पहला 48MP का प्राइमरी सेंसर, दूसरा 2MP का डेप्थ लेंस और तीसरा 2MP का मैक्रो लेंस है। जबकि इसके फ्रंट में 8MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है। POCO M3 Pro स्मार्टफोन में 5,000mAh की बैटरी मौजूद है, जो 18वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसके अलावा डिवाइस में कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई, जीपीएस, ब्लूटूथ और यूएसबी पोर्ट जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं।


Realme 8 5G

कीमत -13,999 रुपये (4GB रैम और 128GB स्टोरेज)

Realme 8 5G में 6.5 इंच की फुल एचडी प्लस डिस्प्ले दी गई है, जिसका रेजोल्यूशन 2400/1080 पिक्सल है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में Dimensity 700 5G का इस्तेमाल किया गया है। फोन में वर्चुअल रैम का सपोर्ट मिलेगा। जिसकी मदद से 4GB रैम को 5GB और 8GB रैम को 11GB रैम में कन्वर्ट किया जा सकेगा। यह एंड्राइड 11 बेस्ड Realme UI 2.0 पर काम करेगा। Realme 8 5G स्मार्टफोन के रियर पैनल पर क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका प्राइमरी कैमरा 48MP प्राइमरी कैमरा के साथ B&W कैमरा और एक मैक्रो लेंस का सपोर्ट मिलेगा। फोन 5 नाइट स्केप फिल्टर के साथ आएगा। फ्रंट में 16MP कैमरा दिया गया है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है। पावरबैकअप लिए फोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जिसे 18W फास्ट चार्जर की मदद से चार्ज किया जा सकेगा।


ज्यादा माइलेज की रखते हो चाहत तो खरीदिये इन बाइकों को, 100 से ज्यादा है एवरेज

ज्यादा माइलेज की रखते हो चाहत तो खरीदिये इन बाइकों को, 100 से ज्यादा है एवरेज

नई दिल्ली: भारत में जब बाइक खरीदने के बारे में बात होती है तो सबसे पहले बात होती है उस बाइक की माइलेज को लेकर फिर बात कीमत पर आती है और उसके बाद दूसरे फीचर्स को देखा जाता है। भारतीय मध्यवर्ग में इन्ही माइलेज बाइक्स की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है जिसके चलते कंपनियां लगातार ज्यादा माइलेज वाली बाइक्स को लॉन्च करती हैं।

माइलेज बाइक्स की इस भारी डिमांड के चलते ही आज मार्केट में इन बाइक्स की बड़ी रेंज मौजूद है जो हमारे बजट में फिट होकर देती हैं ज्यादा माइलेज। इन बाइक्स को बनाने में बजाज, टीवीएस, हीरो मोटोकॉर्प जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।

जिसमें आज हम बात कर रहे हैं भारत की उन टॉप 3 बाइक के बारे में जो देती हैं 100 किलोमीटर तक का माइलेज और इनका दाम भी है बेहद कम। तो आइए देर न करते हुए जानते हैं कौन सी हैं वो टॉप 3 बाइक जो देती हैं सबसे ज्यादा माइलेज।


1. Bajaj CT100: बजाज कंपनी की ये बाइक कंपनी की बेस्ट सेलिंग बाइक है जिसको पूरे भारत में खूब पसंद किया जाता है। लोगों के इस भरोसे की सबसे बड़ी वजह है इस बाइक की माइलेज और कीमत।

कंपनी ने इस बाइक को 102 सीसी का इंजन दिया है जो 7.5 बीएचपी की पावर और 8.34 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। बाइक में 4 स्पीड वाला मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है।

इस बाइक की माइलेज की बात करें तो कंपनी का दावा है कि ये बाइक 104 किलोमीटर तक की माइलेज  देती है। इस बाइक को 43,954 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ खरीदा जा सकता है।

2. TVS Sport:  देश की प्रमुख टू-व्हीलर निर्माता कंपनी टीवीएस की ये स्पोर्ट बाइक कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक है जिसके पीछे की वजह है इसकी माइलेज और कीमत।

टीवीएस स्पोर्ट में कंपनी ने 99.7 सीसी का इंजन दिया है जो 7.7 बीएचपी की पावर और 7.8 एनएम का टॉर्क जनरेट कर सकती है। बाइक की माइलेज की बात करें तो कंपनी का दावा है कि ये बाइक 95 किलोमीटर तक की माइलेज देने में सक्षम है। इस बाइक को 52,500 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ खरीदा जा सकता है।

3. Bajaj Platina: बजाज की प्लैटिना कंपनी की दूसरी बाइक है जो बेस्ट सेलिंग बाइक की लिस्ट में टॉप पर है। इसकी कीमत और माइलेज इस बाइक का प्लस प्वाइंट है।

कंपनी ने इस बाइक में 102 सीसी का इंजन दिया है जो 7.9 पीएस की पावर और 8.34 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इस बाइक की माइलेज की बात करें तो ये बाइक 90 किलोमीटर तक की माइलेज देती है। इस बाइक की शुरुआती कीमत 63,578 रुपये है।


बिना पैसे दिए ले जाओ कार, साथ में मिलेगा 50 हजार !

बिना पैसे दिए ले जाओ कार, साथ में मिलेगा 50 हजार !

हर किसी का सपना होता है कि उसके पास घर हो, गाड़ी हो, महंगे कपड़े हों महंगी जूलरी हो लेकिन इंसान अपनी ख्वाहिशों को कही ना कही मारकर ही जीता है। किसी ना किसी चीज की कमी रहती ही है लेकिन अगर आप कार लेना चाहते हैं तो हम आपको एक ऐसी ट्रिक बताने जा रहे हैं जिससे आपको एक पैसे भी नहीं देने पड़ेंगे और कार के साथ-साथ आपको  50 हजार भी मिल जाएंगे।

अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि कार आपको मुफ्त में मिल जाएगी तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। दरअसल, बहुत सी कंपनियां समय-समय पर अपने ग्राहकों के लिए जीरो डाउन पेमेंट पर कार बेचने की स्कीम निकालती रहती हैं। लेकिन इसके लिए आपका सिविल स्कोर सही होना बहुत ही जरूर है और अगर आपका लेन-देन पहले से ही किसी बैंक से चल रहा है तो यह आपके लिए सोने पे सुहागा जैसा काम करेगा।

दरअसल, आपको कितना लोन मिलेगा यह आपके सिविल पर निर्भर करता है। अगर आपका सिविल ठीक है तो तो यह भी संभव है कि बिना एक रुपया दिए आप अपनी मनपसंद कार शोरूम से लेकर जा सकते हैं। कार की कीमत आपको किस्तों में चुकानी पड़ेगी। आपके अपने बजट के अनुसार 2 साल से लेकर 5 साल या 7 साल तक की ईएमआई बंधवा सकते हैं।

अब आप कहेंगे कि आपको 50 हजार रुपए कैसे मिलेंगे? तो यहां हम आपको बता दें कि ये पैसे आपको कैश नहीं मिलने वाले। बल्कि, जो बैंक आपको कार फायनेंस करेगी वही बैंक आपको कम से कम 50 हजार रुपए का क्रेडिट कार्ड भी ऑफर करती है। अगर आप राजी होते हैं तो बैंक आपको क्रेडिट कार्ड दे देती है। क्योंकि बैंक को पता रहता है कि अगर कोई गाड़ी ले रहा है तो निश्चित तौर पर वह पेट्रोल और डीजल भरवाएगा से में बैंक को बैठे-बिठाए एक नया ग्राहक मिल जाता है और क्रेडिट कार्ड उसे देकर उसका मंथली स्टेटमेंट भेजती है। यानि उसने पूरे महीने में जितने पैसे खर्चे किए रहेंगे उसमें कुछ सरचार्ज  आदि मिलाकर बैंक ग्राहक से रकम वापस लेती है।

तो अब देर किस बात की है। आपके और आपकी पसंदीदा कार के बीच बस थोड़ा ही फांसला है और वह फांसला है आपकी इच्छा की। तो जरूरी दस्तावेज लेकर आप अपनी मनपसंद कार के शोरूम में पहुंचिए और बैंकर्स से बात कीजिए।

इन चीजों की होती है जरूरत

पैन कार्ड
आधार कार्ड
फोटोग्राफ्स
एड्रेस प्रूफ (बिजली बिल, लैंडलाइन बिल, गैस कनेक्शन/पानी बिल)
बैंक स्टेटमेंट
चेक (बैंक के नियमानुसार)
इनकम प्रूफ (सैलरी स्लिप/आईटीआर)
 


Realme Narzo 30 मोबाइल लांच, 48MP कैमरा और 5,000mAh बैटरी, कीमत बहुत ही कम !

Realme Narzo 30 मोबाइल लांच, 48MP कैमरा और 5,000mAh बैटरी, कीमत बहुत ही कम !

नई दिल्ली: Realme Narzo 30 5G स्मार्टफोन को आखिरकार यूरोप में लॉन्च कर दिया गया है। बता दें, कुछ दिन पहले Realme Narzo 30 4G को मलेशिया में पेश किया गया था, वहीं अब इसका 5जी वेरिएंट भी यूरोप में दस्तक दे चुका है। रियलमी नार्ज़ो 30 5जी फोन Realme 8 5G का ही रीब्रांडेड वर्ज़न प्रतीत होता है। स्पेसिफिकेशन की बात करें, तो रियलमी नार्ज़ो 30 5जी फोन में आपको 90 हर्ट्ज़ डिस्प्ले, मीडियाटेक डायमेंसिटी प्रोसेसर और 5,000 एमएएच बैटरी मिलेगी। इसके अलावा, कंपनी ने इस फोन में दो कलर ऑप्शन पेश किए हैं।

Realme Narzo 30 5G फोन की कीमत EUR 189 (लगभग 16,821 रुपये) है। इस फोन को यूरोप में AliExpress के माध्यम से खरीद के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। जैसे कि हमने बताया इस फोन को कंपनी ने दो कलर ऑप्शन में पेश किया है, वो है रेसिंग ब्लू और रेसिंग ब्लैक।

बता दें, हाल ही में Realme Narzo 30 4G स्मार्टफोन को मलेशिया में लॉन्च किया गया था। फोन के 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत RM 799 (लगभग 14,150 रुपये) थी।

Realme Narzo 30 5G फोन में 6.5 इंच की फुल एचडी + आईपीएस एलसीडी डिस्प्ले दिया गया है, जिसके साथ 90Hz रिफ्रेश रेट, 180 हर्ट्ज़ टच सैम्पलिंग रेट और 405ppi पिक्सल डेंसिटी और अधिकतम 600 निट्स ब्राइटनेस दी गई है। इसके अलावा, यह स्मार्टफोन मीडियाटेक डायमेंसिटी 700 SoC प्रोसेसर से लैस है, जिसके साथ 4GB रैम और 128 जीबी तक की स्टोरेज दी गई है। स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से 1TB तक बढाया जा सकता है।

फोटोग्राफी के लिए रियलमी नार्ज़ो 30 5जी में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है, 2 मेगापिक्सल का मैक्रो कैमरा और 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

कनेक्टिविटी विकल्पों की बात करें तो इसमें 5G, 4G LTE, Wi-Fi 802.11ac, Bluetooth v5.1, GPS, और 3.5mm ऑडियो जैक दिया गया है। फोन में साइड में माउंट किया गया फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसके अलावा, फोन में 5,000 एमएएच की बैटरी है, जिसके साथ 18 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मौजूद है।  कंपनी का दावा है कि यह बैटरी 114 घंटे तक का म्यूज़िक प्लेबैक और 16 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक प्रदान करती है।  

फोन का डायमेंशन 162.5 x 74.8 x 8.5mm और भार 185 ग्राम है।


पाकिस्तान-तुर्की गठबंधन का भारत ने निकाला तोड़, ग्रीस के साथ मजबूत करेगा रक्षा संबंध, पढिए-क्या होगा इसका असर

पाकिस्तान-तुर्की गठबंधन का भारत ने निकाला तोड़, ग्रीस के साथ मजबूत करेगा रक्षा संबंध, पढिए-क्या होगा इसका असर

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क  पाकिस्तान और तुर्की के गठबंधन का भारत ने ना सिर्फ तोड़ निकाला है बल्कि उसे उसी के ही अंदाज में जवाब दिया है। दरअसल इस गठजोड़ के खिलाफ भारत ने भी ग्रीस के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। 25 मई को ग्रीस के नागरिक सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंध महानिदेशालय के जनरल डायरेक्टर डॉ. कॉन्स्टेंटिनो पी बालोमेनोस ने एथेंस में स्थित राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय में भारत के रक्षा अटैशे कर्नल अनुपम आशीष के साथ बैठक की। इस दौरान भारत और ग्रीस के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर सहमति भी बनी है। इतना ही नहीं दोनों देशों के बीच मिलिट्री ट्रेनिंग को भी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।



मिलिट्री ट्रेनिंग बढ़ाने पर जोर देंगे दोनों देश

ग्रीस की मीडिया पेंटापोस्टेग्मा की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक के दौरान दोनों देशों के कॉमन इंट्रेस्ट को लेकर बातचीत की गई। इतना ही नहीं, दोनों देशों ने मिलिट्री ट्रेनिंग पर किए जा रहे सहयोग को और बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। इसमें भारत-ग्रीस के अलावा अन्य देशों के साथ मिलकर सैन्य अभ्यास, मिलिट्री एकेडमिक ट्रेनिंग और हाइब्रिड वॉर के खतरों से निपटने पर भी चर्चा की गई।

दोनों अधिकारियों ने प्रत्येक देश के सामने परस्पर सुरक्षा और स्थिरता की चुनौतियों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, उन्हें यूरोपीय संघ के बारे में सामान्य हित के मुद्दों पर बाचतीच की। इसके साथ ही दोनों देशों ने साथ ही साथ क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के ढांचे में ग्रीस और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के महत्व पर बल दिया।

कश्मीर मुद्दे पर पर पाकिस्तान के साथ है तुर्की

इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान और तुर्की के मजबूत होते संबंधों से पूरी दुनिया परेशान है। तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्दोगन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को साथ मिलाकर इस्लामिक देशों का नया खलीफा बनने की कोशिश में जुटे हैं। यही कारण है कि तुर्की ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान को खुला समर्थन दिया हुआ है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने भी रिटर्न गिफ्ट के तौर पर भूमध्य सागर विवाद में तुर्की के समर्थन का ऐलान किया हुआ है। यही कारण है कि ये दोनों देश एशिया ही नहीं, बल्कि यूरोप की भी शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं।


भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी NSA सुलीवन से की मुलाकात

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी NSA सुलीवन से की मुलाकात

वाशिंगटन/नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 5 दिवसीय अमेरिकी दौरे पर हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवन से मुलाकात की। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी।

एस जयशंकर ने बैठक के बाद ट्वीट किया, 'एनएसए जेक सुलीवन से मिलकर प्रसन्नता हुई। हिंद-प्रशांत और अफगानिस्तान सहित कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। कोविड से निपटने के लिए अमेरिका द्वारा दिखाई गई एकजुटता की सराहना की। टीके को लेकर भारत-अमेरिका की साझेदारी बड़ा बदलाव ला सकती है।' 


बैठक के बाद सुलीवन ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'दोनों देशों के लोगों का एकदूसरे से सम्पर्क और हमारे मूल्य अमेरिका-भारत साझेदारी की नींव हैं और यह साझेदारी वैश्विक महामारी का खात्मा करने, जलवायु संबंधी मामले का नेतृत्व करने और स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत का समर्थन करने के लिए हमारी मदद करेगी।' कोरोना को लेकर सुलीवन ने ट्वीट किया, 'हम वैश्विक महामारी का खात्मा एकसाथ मिलकर करेंगे।'


अमेरिकी सरकार और अमेरिकी जनता ने भारत को कोविड-19 संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए अभी तक 50 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद की है।
    
व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली होर्न ने बताया कि बैठक के दौरान सुलीवन और जयशंकर ने हाल हफ्तों में किए गए सहयोग का स्वागत किया, जिसके तहत अमेरिका की संघीय सरकार और राज्य सरकारों, अमेरिकी कम्पनियों और अमेरिकी नागरिकों ने भारत के लोगों को कोविड-19 संबंधी राहत पहुंचाने के लिए 50 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद की।


उन्होंने कहा, 'दोनों ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की और इस बात पर सहमत हुए अमेरिका और भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना जारी रखना चाहिए।' 


होर्न ने कहा, 'वे इस बात पर भी सहमत हुए कि लोगों का लोगों से सम्पर्क और साझा मूल्य अमेरिका-भारत की रणनीतिक साझेदारी की नींव है जो वैश्विक महामारी का खात्मा करने, स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत का समर्थन करने और जलवायु संबंधी चुनौतियों को वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने में मदद कर रही है।'


मेहुल चोकसी के प्रत्यार्पण को लेकर भारत को झटका, डोमिनिका कोर्ट ने प्रत्यर्पण पर लगाई रोक, वकील ने लगाया अपहरण का आरोप

मेहुल चोकसी के प्रत्यार्पण को लेकर भारत को झटका, डोमिनिका कोर्ट ने प्रत्यर्पण पर लगाई रोक, वकील ने लगाया अपहरण का आरोप

नई दिल्ली: पीएनबी घोटाले के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिशों में लगे भारत को डोमिनिका की कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उसके भारत को सौंपे जाने पर रोक लगा दी है। यानि वह डोमिनिका की कस्टडी में रहेगा। वहीं, दूसरी तरफ चौकसी के भारतीय अधिवक्ता ने उसके अपहरण किये जाने की बात कही है और उसके डोमिनिका के वकील ने यह दावा किया है कि उसके साथ मारपीटी भी की गई है और उसे जबरन एक लंबे जहाज के जरिए एंटीगुआ से डोमिनिका ले आया गया।


डोमिनिका कोर्ट ने चौकसी के अधिवक्ता के द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए इसके भारत प्रत्यार्पण पर रोक लगाई है। चोकसी के वकील ने वहां बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है और कहा है कि उसे कानूनी अधिकारों से वंचित कर दिया गया था और उसे शुरू में अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई थी। इस मामले में आज फिर से सुनवाई होगी। कोर्ट ने 28 मई को स्थानीय समयानुसार नौ बजे सुनवाई के लिए कहा है। 

वहीं, डोमिनिका लिंकन कॉर्बेट के कार्यवाहक पुलिस प्रमुख ने मीडिया को बताया कि पीएनबी घोटाले में भारत में वांछित भगोड़े मेहुल चोकसी को भारत नहीं बल्कि एंटीगुआ वापस भेजा जाएगा।

 बता दें कि फिलहाल, चोकसी डोमिनिका पुलिस की कस्टडी में है और उससे पूछताछ की जा रही है। बता दें कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका बंदी या हिरासत में लिए जाने के खिलाफ नागरिकों के पास एक हथिहार है जो नागरिकों को अपने हितों की रक्षा का लिए कोर्ट में जज के पास जाने का शक्ति प्रदान करता है। हालांकि, यह साबित करना होगा कि उसने कोई गैर-कानूनी काम नहीं किया है।

मेहुल चोकसी के डोमिनाका में वकील वेन मार्श ने कहा कि यह न्याय का उपहास है क्योंकि चोकसी कानूनी प्रतिनिधित्व का हकदार है, चाहे वह एंटीगुआ में हो या डोमिनिका में। वहीं, भारत में चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि उनके मुवक्किल (मेहुल चोकसी) को जॉली हार्बर से कई लोगों ने उठाया था, जहां उनके अचानक लापता होने के बाद उनकी कार मिली थी और फिर उन्हें डोमिनिका ले जाया गया। 

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में चोकसी के डोमिनिकाई वकील वेन मार्शे ने कहा कि मैंने पाया कि उसे (मेहुल चोकसी) बुरी तरह पीटा गया था, उसकी आंखें सूजी हुई थीं और उसके शरीर पर कई जले हुए निशान थे। उसने मुझे बताया कि एंटीगुआ के जॉली हार्बर में उसका अपहरण कर लिया गया था और उन लोगों द्वारा डोमिनिका लाया गया था जिन्हें वह भारतीय मान रहा था। एंटीगुआ पुलिस का मानना है कि उसे किडनैप कर एक जहाज पर ले जाया गया था, जो लगभग 60-70 फीट लंबा था। 


चोकसी के डोमिनिका में पकड़े जाने के बाद एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउनी ने कहा कि उन्होंने डोमिनिका को मेहुल चोकसी को सीधे भारत को सौंपने के लिए कहा है। हालांकि, उऩ्होंने कहा कि आखिरकार, यह डोमिनिका सरकार का संप्रभु निर्णय है कि वे किस देश में मेहुल चोकसी को वापस भेजते हैं, जब तक कि कोर्ट अपना फैसला न दे दे।


मेहुल चौकसी को सीधे भारत को नहीं सौपेगा डोमिनिक, बड़ा सवाल- क्या एंटीगुआ से भागना भगोड़े का 'मास्टर प्लान' तो नहीं था ?

मेहुल चौकसी को सीधे भारत को नहीं सौपेगा डोमिनिक, बड़ा सवाल- क्या एंटीगुआ से भागना भगोड़े का 'मास्टर प्लान' तो नहीं था ?

नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किए जाने  की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, डोमिनिका ने भारत को सीधे तौर पर मेहुल चौकसी को सौंपने से मना करते हुए कहा है कि वह अपने यहां पकड़े गए कारोबारी को एंटीगुआ के हवाले करेगा, जहां का वह नागरिक है।


डोमिनिका के राष्ट्रीय सुरक्षा और गृह मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। इससे पहले एंटीगुआ के पीएम ने कहा था कि चोकसी को उनका देश वापस नहीं लेगा और उसे सीधे भारत भेज दिया जाए।

एंटीगुआ की नागरिकता ले चुका मेहुल चोकसी पिछले दिनों एंटीगुआ से लापता हो गया था और क्यूबा जाने से पहले उसे डोमिनिका में पकड़ लिया गया। डोमिनिका की ओर से कहा गया है कि उनकी सरकार एंटीगुआ प्रशासन के साथ संपर्क में है और प्रत्यर्पित करने के लिए व्यवस्था की जा रही है। 

पहले भारत को सीधे सौंपने की आई थी खबर


इससे पहले खबर आई थी कि एंटीगुआ और बरमूडा के प्रधानमंत्री गैस्टों ब्राउन ने डोमिनिका के प्रधानमंत्री से अपील की है कि पीएनबी घोटाले के आरोपी को सीधा भारत भेज दिया जाए। 


WIC न्यूज को अधिकारियों ने बताया कि इस बात की अटकलें हैं की चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा, लेकिन उसे एंटीगुआ भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, ''चोकसी पर अवैध रूप से डोमिनिका में घुसने का आरोप है, उसे एंटीगुआ और बरमूडा के हवाले किया जाएगा, जहां का वह चार साल से नागरिक है।''

अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि चोकसी समुद्री रास्ते से उनके देश में घुसा था। कैरेबियाई आइलैंड डोमिनिका का इस्तेमाल क्यूबा और अमेरिका जैसे देशों में अवैध रूप से घुसने के लिए किया जाता है। 

...तो क्या यह मेहुल चौकसी का प्लान था


एंटीगुआ से भागना क्या यह मेहुल चौकसी का एक प्लान था? दरअसल, ऐसे सवाल तब उठ रहे हैं जब वह बेहद आसानी से डोमिनिका पुलिस की गिरफ्त में आ जाता है। दरअसल, उसे एक ब्रिज पर कुछ कागजों को नदी में फेंकने के दौरान गिरफ्तार किया जाता है। अमूनन ऐसा होता है कि जब कोई गैर कानूनी तरीके से किए देश में दाखिल होता है तो वह छिपकर रहना चाहता है और ये जनाब ब्रिज पर घूम रहे थे।

तो कहीं ये मेहुल चौकसी की प्लानिंग तो नहीं थी कि वह भारत के जेलों में आने की बजाय अन्य देश की जेल में रहे क्योंकि भारत आने के बाद उसके स्वागत के लिए ईडी, सीबीआई जैसे एजेंसियां खड़ी रहती। लेकिन अब उसके लिए कानूनी गेम खेलकर भारत के चंगुल से बचे रहना और आसान हो गया है। अब एंटीगुआ को वही प्रक्रिया उसके प्रत्यार्पण के लिए अपनाना पड़ेगा जो अभी भारत अपना रहा था। अब उसके प्रत्यार्पण की प्रक्रिया कब ख़त्म होगी यह अभी कुछ कह पाना संभव नही होगा।

यानी फिलहाल मेहुल चौकसी अपनी शातिर दिमाग का इस्तेमाल करके भारत की चंगुल में आते आते रहे गया। फ़िलहाल गेंद डोमिनिका के हाथों में है।


पीएनबी घोटाले का आरोपी है मेहुल चौकसी

मेहुल चोकसी पीएनबी घोटाले का आरोपी है। आरोप है कि उसने अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मिलकर पीएनबी में 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला किया था।


कोरोना वायरस चीन से फैला या नहीं, 90 दिन के अंदर अमेरिका लगाएगा पता

कोरोना वायरस चीन से फैला या नहीं, 90 दिन के अंदर अमेरिका लगाएगा पता

नई दिल्ली: कोरोना वायरस फैलने के पीछे चीन जिम्मेदार है या फिर नहीं इसका पता अब 90 दिनों के अंदर लग जायेगा। वैसे तो  शुरू से ही दुनिया भर के वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि कोरोना चीन से आया है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन का नाम लेकर अपनी खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वह 90 दिनों के अंदर इस बात का पता लगाए कि कोरोना वायरस चीन से आया है या नहीं।


बता दें कि अभी दो दिन पहले ही अमेरिका के प्रमुख वायरस विशेषज्ञ एंथनी फाउसी ने कहा था कि हम यह बात मानने को तैयार नहीं है कि कोरोना वायरस इंसानों द्वारा तैयार नहीं किया गया है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिकी खुफिया विभाग को स्पष्ट निर्देश दे दिया है कि वह 90 दिनों के अंदर यह पता लगाएं कि आखिर कोरोना वायरस की उत्पत्ति कहां से या कैसे हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने आदेश में कहा है कि खुफिया विभाग 90 दिनों के अंदर यह पता लगाएं कि क्या कोरोना वायरस चीन द्वारा जानबूझकर फैलाया गया है या चीन के लेबोरेटरी में अनजाने में इसकी उत्पत्ति हुई है।




बाइडेन ने  कहा है कि खुफिया विभाग को दोबारा से दोगुनी मेहनत कर सूचनाओं को एकत्र करनी होगी और इसका आकलन करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें यह रिपोर्ट 90 दिनों के अंदर मिल जानी चाहिए।  


कोरोना किसी संक्रमित पशु से संपर्क में आने से इंसानों में फैला या इसे किसी प्रयोगशाला में बनाया गया, इस सवाल पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अभी पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। वहीं राष्ट्रपति बाइडेन ने चीन से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय जांच में सहयोग करे। उन्होंने अमेरिकी प्रयोगशालाओं को भी जांच में सहयोग करने को कहा।


एंटीगुआ से भागा, डॉमिनिका में पकड़ा गया भगोड़ा मेहुल चोकसी, अब सीधे भारत भेजे जाने की तैयारी

एंटीगुआ से भागा, डॉमिनिका में पकड़ा गया भगोड़ा मेहुल चोकसी, अब सीधे भारत भेजे जाने की तैयारी

नई दिल्ली: एक कहावत है जो ज्यादा चालाक बनता है वह 100 जगह डूबता है। कुछ ऐसा ही हुआ है भारत के भगोड़े मेहुल चौकसी के साथ। वह पहले एंटीगुआ से भागता है और फिर डोमिनिका में पकड़ा जाता और अब उसे सीधे भारत भेजने की तैयारी की जा रही है। इस बात पर एंटीगुआ कोई आपत्ति नहीं है। 

कैरिबियाई देश डोमिनिका में पकड़ा गया पीएनबी घोटाले का भगोड़ा आरोपी मेहुल चोकसी। भारत वापस भेजे जाने से बचने के लिए एंटीगुआ की नागरिकता ले चुके मेहुल 3 दिन पहले एंटीगुआ से क्यूबा जाने के लिए  हुआ था गायब। और  ये उसकी बड़ी गलती साबित हुआ। क्योंकि एंटीगुआ उसे वापस लेने से कर रहा है मना।
लेकिन पकड़ा गया पड़ोसी देश डॉमिनिका में। अब एंटीगुआ के पीएमओ ने डॉमिनिका की सरकार से उसे वापस एंटीगुआ भेजेंगे के बजाय भारत भेजने के लिए कहा है। 

मेहुल गैरकानूनी तरीके से डॉमिनिका में घुसा है। ऐसे में उसे आवांछित घोषित कर सीधे भारत भेजने की तैयारी में डॉमिनिका जुटा हुआ हैं। भारत के राजनायिक माध्यम एंटीगुआ की सरकार के कहा है कि मेहुल भारत मे आर्थिक अपराध में शामिल रहा है और उसके खिलाफ़ वहाँ इंटरपोल का रेड कॉर्नर का नोटिस जारी है ऐसे में अन्तर्राष्ट्रीय क़ानून के मुताबिक़ भारत के भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी को डॉमिनिका मूल देश भारत भेजे।


मध्य अमेरिकी देश एंटीगुआ से अचानक गायब हुए भगोड़े भारतीय कारोबारी मेहुल चोकसी पड़ोसी देश डोमिनिका में खोज लिया गया है।  उसे एंटीगुआ लाने की तैयारी की जा रही है। उसे डोमिनिका के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने पकड़ा हुआ है।

बताते चले कि मेहुल चोकसी पीएनबी घोटाले में आरोपी है, जिसके खिलाफ इंटरपोल ने भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है। एंटीगुआ से उसके क्यूबा भागने की खबरें थीं।

एंटीगुआ का नागरिक है मेहुल चोकसी

मेहुल चोकसी के वकील का दावा है कि उसका मुवक्किल एंटीगुआ का नागरिक है। ऐसे में उसे यहां से लोगों को मिलने वाले सभी अधिकार प्राप्त हैं।  एंटीगुआ कैरेबियाई देश है। मेहुल चोकसी को जिस देश में पकड़ा गया है, वह भी एंटीगुआ के पड़ोस में ही स्थित है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर मेहुल डोमिनिका क्यों गया?


इजरायल के नए मोसाद चीफ बने डेविड बार्निया, अब ईरान और हमास की खैर नहीं!

इजरायल के नए मोसाद चीफ बने डेविड बार्निया, अब ईरान और हमास की खैर नहीं!

येरुसलम:  इजरायल ने अपनी खुफिया एजेंसी मोसाद के नए चीफ की नियुक्ति कर दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली एलीट कमांडो फोर्स सायरेट मटकल के पूर्व सदस्य डेविड बार्निया को मोसाद का नया प्रमुख नियुक्त किया है। बर्निया पीएम नेतन्याहू के कमांडों भी रह चुके हैं। बर्निया 2015 से इस पद पर तैनात योसी कोहेन का स्थान लेंगे। योसी कोहेन वही चीफ हैं जिनके कार्यकाल के दौरान मोसाद ने विदेशों में कई सफल खुफिया ऑपरेशन्स को अंजाम दिया है।


इजरायल ने ईरान और फिलिस्तीन के साथ जारी तनाव के बीच अपनी खुफिया एजेंसी मोसाद के चीफ को बदला है। नए चीफ डेविड बर्निया खुंखार कमांडों रह चुके हैं और हर तरह के युद्ध में परांगत माने जाते हैं। 56 वर्षीय डेविड बार्निया को इजरायल में काफी सख्त स्वभाव वाला माना जाता है। 


बर्निया कई खुफिया ऑपरेशन को पहले भी अंजाम दे चुके हैं। 1996 में मोसाद में शामिल होने के बाद डेविड बार्निया के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन, माना जाता है कि उन्होंने इजरायल के लिए विदेशों में कई खुफिया ऑपरेशन्स को अंजाम दिया है। बार्निया अभी तक योसी कोहेन के के बाद एजेंसी में दूसरे सबसे बड़े अधिकारी के रूप में तैनात थे। वे पिछले 20 साल से मोसाद के त्ज़ोमेट डिवीजन की कमान संभाल रहे हैं।


मोसाद के त्जोमेट डिवीजन के कमांडर थे रह चुके हैं बार्निया


यह डिवीजन मोसाद के लिए एजेंटों की खोज करने और उनकी भर्ती करने का काम करता है। अपने पूरे करियर के दौरान डेविड बार्निया सबसे ज्यादा समय तक इसी डिवीजन के चीफ के रूप में काम किया है। 2019 में बेंजामिन नेतन्याहू ने बार्निया का प्रमोशन करते हुए उन्हें मोसाद का उप प्रमुख नियुक्त किया था। इजरायली मीडिया के अनुसार, बार्निया काफी लो प्रोफाइल रहना पसंद करते हैं। वे मूस रूप से तेल अवीव के उत्तर में शेरोन क्षेत्र में रहने वाले हैं।


बर्निया के सामने ये है चुनौती 


इजरायल इस समय ईरान के परमाणु हथियार संपन्न होने के खतरे का सामना कर रहा है। अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ जाता है तो इससे इजरायल के अस्तित्व पर भी संकट बढ़ जाएगा। दूसरी सबसे बड़ी समस्या पाकिस्तान-तुर्की जैसे इस्लामिक खलीफा बनने की कोशिश कर रहे देश हैं। इन दोनों ही देशों के प्रमुख इस्लाम का सबसे बड़ा पैरोकार बनने की कोशिश में कोई भी कदम उठा सकते हैं। इसके अलावा फिलीस्तीनी आतंकी समूह हमास और लेबनान का हिजबुल्लाह इजरायल के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं।


इजरायल के बाहरी दुश्मनों से निपटता है मोसाद 

मोसाद इजरायल के बाहरी दुश्मनों से निपटने का काम करता है। इसकी प्रमुख जिम्मेदारी बाहरी खतरों से इजरायल को बचाना है। यही कारण है कि इजरायल की इस खुफिया एजेंसी ने ऐसे-ऐसे खतरनाक मिशन को अंजाम दिया है, जिसकी दुनिया में कोई तुलना नहीं है। चाहे वह ऑपरेशन एंतेबे हो या फिर यहूदियों का कत्लेआम करने वाले एडोल्फ एचमैन को पकड़ना हो।


पाकिस्तान को लगा एक और झटका, इस काम के लिए अमेरिका नहीं करेगा फंडिंग !

पाकिस्तान को लगा एक और झटका, इस काम के लिए अमेरिका नहीं करेगा फंडिंग !

वॉशिंगटन: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की कोई भी मदद करना नहीं चाह रहा है। अभी हाल ही में पाक पीएम इमरान खान सऊदी दौरे से खाली हाथ लौटे हैं तो अब अमेरिका ने भी उसे झटका दे दिया है। अमेरिका ने अभी पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता के रूप में दी जानी वाली फंडिंग को जारी करने के मूड़ में बिल्कुल नहीं है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लिए गए इस निर्णय के साथ मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन का प्रशासन अभी भी यथावत है और पाकिस्तान की सुरक्षा सहायता को अभी भी निलंबित रखा है।

पेंटागन की ओर से सोमवार को कहा गया कि पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने निलंबित कर दी थी वह अब भी निलंबित है। अमेरिका की ओर से यह बात ऐसे समय कही गई है जब हाल में रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से बात की तथा अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने जिनेवा में अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मुलाकात की है।

 

किर्बी से सवाल किया गया था कि इस विषय पर पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन की नीति की अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ने समीक्षा की है या नहीं? उनसे पूछा गया था कि क्या इसमें कोई परिवर्तन किया गया है या पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई हैअमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2018 में पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी सुरक्षा सहायता निलंबित करते हुए कहा था कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की भूमिका तथा उसकी ओर से मिलने वाले सहयोग को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।

किर्बी ने बताया कि इससे पहले ऑस्टिन ने जनरल बाजवा से बात की और उनके साथ साझा हितों एवं लक्ष्यों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया, ‘‘रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान शांति वार्ता में पाकिस्तान के समर्थन की सराहना की और अमेरिका-पाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने की अपनी इच्छा जाहिर की।’’   

ऑस्टिन ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने दोहराया कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की मैं सराहना करता हूं। क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता को बढ़ाने की खातिर मिलकर काम करने की इच्छा भी मैंने दोहराई।’’ सुलिवन ने भी एक दिन पहले अपने पाकिस्तानी समकक्ष मोईद यूसुफ से जिनेवा में मुलाकात की थी।

पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से दी जाने वाली सुरक्षा सहायता अब भी निलंबित है। आगे इसमें कोई बदलाव होगा या नहीं इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता।’’


भारत का भगोड़ा मेहुल चौकसी क्या एंटीगुआ से भागकर क्यूबा चला गया ? जांच में जुटी पुलिस, ED और CBI

भारत का भगोड़ा मेहुल चौकसी क्या एंटीगुआ से भागकर क्यूबा चला गया ? जांच में जुटी पुलिस, ED और CBI

नई दिल्ली: भारत के चर्चित घोटालों में से एक पीएनबी घोटाले के मामले में भारत से भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी अब एंटीगुआ से भी फरार हो गया है। इस बात की जानकारी उसके अधिवक्ता ने दी। वहीं, मेहुल चौकसी की पुलिस तलाश कर रही है।



चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने भी एंटीगुआ से स्थानीय रिपोर्टों के तुरंत बाद इसकी पुष्टि की है। चोकसी ने एंटीगुआ में एक नागरिक के रूप में शरण मांगी है। वकील ने कहा कि वह सोमवार को अपने घर से 'द्वीप के दक्षिणी हिस्से में एक प्रसिद्ध रेस्तरां में रात का खाने के लिए जाने के लिए निकला। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि वह एंटीगुआ से भाग कर क्यूबा चला गया हो


पुलिस के एक बयान के अनुसार, चोकसी को आखिरी बार शाम करीब 5:15 बजे (स्थानीय समयानुसार) घर से निकलने से पहले एक कार में देखा गया था, जिसे बरामद कर लिया गया है। 
लोकल वेब पोर्टल antiguanewsroom.com की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हीरा कारोबारी मेहुल टोकसी की कार देर शाम जॉली हार्बर में मिली है। हालांकि वह उसमें नहीं था। 


जॉनसन पॉइंट पुलिस स्टेशन में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज किए जाने के बाद, पुलिस ने भारतीय व्यवसायी की तलाश शुरू की। हालांकि, इसका अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। पुलिस ने बयान में कहा, "प्राप्त अतिरिक्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने कई तलाशी लीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।"

मेहुल  चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा, "मेहुल चोकसी लापता है। उसके परिवार के सदस्य चिंतित हैं। उन्होंने मुझे चर्चा के लिए बुलाया है। एंटीगुआ पुलिस इसकी जांच कर रही है। परिवार अंधेरे में है और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है।"



बता दें कि मेहुल चोकसी पीएनबी के साथ लोन में धोखाधड़ी का आरोपी हैं। CBI जांच शुरू होने से पहले वह 2018 में भारत से भाग गया था। चोकसी, नीरव मोदी का मामा है। नीरव भी 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के इस कथित धोखाधड़ी मामले में एक अन्य मुख्य आरोपी है। वह 2018 में कैरिबियाई द्वीप राष्ट्र एंटीगुआ और बारबुडा भाग गया था। इसके बाद से वह लगातार वहीं रह रहा था।


…तो क्या चीन ने कोरोना वायरस को जान बूझकर फैलाया था ?

…तो क्या चीन ने कोरोना वायरस को जान बूझकर फैलाया था ?

वाशिंगटन: क्या कोरोना वायरस को चीन द्वारा जानबूझकर फैलाया गया? क्या कोरोना प्राकृतिक रूप से नहीं फैला बल्कि यह एक साजिश थी? दरअसल, ऐसे सवाल तब उठने शुरू हुए हैं जब अमेरिका  के शीर्ष विशेषज्ञ डॉ एंथनी फाउची ने कहा है कि वह इस बात से "आश्वस्त नहीं हैं" कि नोबल कोरोनावायरस  बीमारी स्वाभाविक रूप से विकसित हुई है। उन्होंने कोविड -19 वायरस की उत्पत्ति की खुली जांच का आह्वान किया है।


दरअसल, एक कार्यक्रम में जब डॉ फाउची से पूछा गया कि क्या उन्हें अभी भी विश्वास है कि कोरोनावायरस स्वाभाविक रूप से विकसित हुआ है, तो उन्होंने कहा: "मैं इसके बारे में आश्वस्त नहीं हूं, मुझे लगता है कि हमें चीन में क्या हुआ, इसकी जांच तब तक जारी रखनी चाहिए जब तक कि हमें अच्छे से पता नहीं चल जाए कि आखिर चीन में क्या हुआ था।" 

 डॉ। फाउची ने कहा, "निश्चित रूप से, जिन लोगों ने इसकी जांच की थी, उनका कहना है कि यह संभवतः एक जानवर के जलाशय से उभरा था जो तब लोगों को संक्रमित किया था, लेकिन यह कुछ और हो सकता है और हमें इसका पता लगाना होगा। मैं इसीलिए पूरी तरह से किसी भी जांच के पक्ष में हूं जो वायरस की उत्पत्ति का पता लगा सके।"

उक्त टिप्पणी जो बाइडेन प्रशासन के शीर्ष चिकित्सा सलाहकार ने ये टिप्पणी 'यूनाइटेड फैक्ट्स ऑफ अमेरिका: ए फेस्टिवल ऑफ फैक्ट-चेकिंग' इवेंट के दौरान की।


पाकिस्तान: भारतीय राजनयिक परिवार समेत हुए क्वारंटाइन

पाकिस्तान: भारतीय राजनयिक परिवार समेत हुए क्वारंटाइन

नई दिल्ली: पाकिस्तान में भारतीय राजनयिक को उनके परिवार के 12 लोगों के साथ क्वारंटाइन किया गया है। हालांकि, इनमें से सिर्फ एक को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। अभी हाल ही में भारतीय राजनायिक भारत से पाकिस्तान पहुंचे थे। इन सभी को एतिहातन तौर पर क्वारंटाइन किया गया है। 

पाकिस्तान में भारतीय राजनयिक समेत उनके परिवार के 12 सदस्य को क्वारंटाइन किया गया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि ये राजनयिक अपने परिवार के 12 सदस्यों के साथ 22 मई को वाघा बार्डर पार कर पाकिस्तान पहुंचे थे। 

पाकिस्तानी स्वास्थ्य अधिकारियों की तरफ़ से किए गए रैपिड एंटीजन टेस्ट में एक राजनयिक की पत्नी कोरोना पाज़िटिव पाई गईं। हालांकि बाद में आए RT-PCR टेस्ट की रिपोर्ट में राजनयिक की पत्नी निगेटिव पाई गईं, लेकिन कोरोना यात्रा प्रोटोकाल के मुताबिक इन सभी को 10 दिनों तक क्वारंटाइन रहना होगा। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। 

कोरोना यात्रा प्रक्रिया के तहत क्वारंटाइन हुए राजनयिक और उनके परिवार के सदस्यों और ड्राइवर का 10वें दिन फिर से टेस्ट होगा। पाकिस्तानी सूत्र बताते हैं कि दोनों देशों की आपसी सहमति से तय कोरोना स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रेसेजियर (SoP) के मुताबिक़ अगर किसी राजनयिक या उसके परिवार का कोई सदस्य कोरोना पाज़िटिव निकलता है तो उसे वापस अपने देश भेजने की बजाय उसी देश में क्वारंटाइन किया जाएगा, इसी सहमति के तहत प्रक्रिया अपनायी जा रही है। इस प्रक्रिया में कुछ भी असामान्य नहीं है।


वैक्सीन डिप्लोमेसी के तहत 5 दिवसीय अमेरिका यात्रा पर पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, वैक्सीन किल्लत पर करेंगे चर्चा

वैक्सीन डिप्लोमेसी के तहत 5 दिवसीय अमेरिका यात्रा पर पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, वैक्सीन किल्लत पर करेंगे चर्चा

नई दिल्ली/न्यूयार्क: भारत और पड़ोसी देशों में वैक्सीन की सप्लाई को सुनिश्चित करने विदेश मंत्री एस जयशंकर 5 दिवसीय अमेरिका यात्रा बपर आज सुबह अमेरिका पहुंच गए हैं। अगले पांच दिन यानी कि 28 मई तक अमेरिका में रहेंगे और तमाम बड़े नेताओं से बातचीत करेंगे। 


संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टी एस तिरुमूर्ति ने विदेश मंत्री इस जयशंकर के अमेरिका पहुंचने की जानकारी ट्विटर के जरिये दी। उन्होंने ट्वीट किया, '1 जनवरी 2021 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के प्रवेश के बाद विदेश मंत्री पहली बार न्यूयॉर्क आए हैं।'

बताते चलें कि कोविड संकट के बीच विदेश मंत्री जयशंकर का यह दौरा भारत की वैक्सीन जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर ऐसे में जबकि अमेरिका 8 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध कराने की  घोषणा कर चुका है। ऐसे में भारत की कोशिश उसका बड़ा हिस्सा हासिल करने की होगी।


अमेरिकी प्रशासन को वैक्सीन डिप्लोमेसी के जोड़ने के लिए ये बताएंगे जयशंकर कि एक तरफ भारत को घरेलू ज़रूरत पूरा करना है तो दूसरी अपने पड़ोसी देशों को किये वायदे को निभाना है। अगर ये नहीं हुआ तो अलग थलग पड़ा चीन वैक्सीन सप्लाई कर क्षेत्र में वर्चस्व बनाने की कोशिश कर सकता है।


अपनी 5 दिवसीय अमेरिकी यात्रा के दौरान एस जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस और बाइडन सरकार के अन्य आला अधिकारियों से मुलाकात होनी है।


वैक्सीन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति तेज करने पर जोर
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के जनवरी में सत्ता संभालने के बाद भारत के किसी वरिष्ठ मंत्री की यह पहली यात्रा है। जयशंकर वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के साथ चर्चा करेंगे। वे अमेरिकी मंत्रिमंडल के सदस्यों और वहां के प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के बारे में चर्चा करेंगे।


माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान जयशंकर भारत में कोविड-19 रोधी टीके के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए अमेरिका से कच्चे माल की आपूर्ति तेज करने पर जोर दे सकते हैं। साथ ही टीके के संयुक्त उत्पादन की संभावना के बारे में भी वह चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान उनका, भारत अमेरिका के बीच आर्थिक और कोविड-19 महामारी से जुड़े सहयोग को लेकर कारोबारी मंचों से संवाद का कार्यक्रम है।


नेपाल: राष्ट्रपति ने भंग की संसद, मध्यावधि में होगे चुनाव, नई तारीखों का एलान

नेपाल: राष्ट्रपति ने भंग की संसद, मध्यावधि में होगे चुनाव, नई तारीखों का एलान

काठमांडु: नेपाल में काफी दिनों से चल रहे राजनीतिक उठापठक की राजनीति का आखिरकार अंत हो चुका है। अंत ऐसा कि मध्यावधि में ही चुनाव का एलान किया गया है। इससे पहले जब हाल ही में केपी शर्मा ओली ने पीएम पद की शपथ ली थी तो माना जा रहा था कि देश में चल रहा गतिरोध खत्म हो चुका है लेकिन यह गलत साबित हुआ।

नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने संसद को भंग करते हुए मध्यावधि चुनाव का एलान किया है। नेपाल में 12 और 19 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होंगे। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली दोनों के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया। ये जानकारी नेपाल कार्यालय की ओर से दी गई है।


केपी शर्मा ओली और विपक्षी दलों दोनों ने ही राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी को सांसदों के हस्ताक्षर वाले पत्र सौंपकर नयी सरकार बनाने का दावा पेश किया था। ओली विपक्षी दलों के नेताओं से कुछ मिनट पहले राष्ट्रपति के कार्यालय पहुंचे था।

ओली ने संविधान के अनुच्छेद 76 (5) के अनुसार पुन: प्रधानमंत्री बनने के लिए अपनी पार्टी सीपीएन-यूएमएल के 121 सदस्यों और जनता समाजवादी पार्टी-नेपाल (जेएसपी-एन) के 32 सांसदों के समर्थन के दावे वाला पत्र सौंपा था। वहीं नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा ने 149 सांसदों का समर्थन होने का दावा किया था। देउबा प्रधानमंत्री पद का दावा पेश करने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं के साथ राष्ट्रपति के कार्यालय पहुंचे।


ओली ने 153 सदस्यों का समर्थन होने का दावा किया था, वहीं देउबा ने दावा किया कि उनके पाले में 149 सांसद हैं। नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 121 सीटों के साथ सीपीएन-यूएमएल सबसे बड़ा दल है। बहुमत से सरकार बनाने के लिए 138 सीटों की जरूरत होती है।


पाकिस्तान: पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संपत्तियां की जा रही हैं नीलाम, जानिए क्या है मामला

पाकिस्तान: पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संपत्तियां की जा रही हैं नीलाम, जानिए क्या है मामला

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ  की संपत्तियां अब नीलाम की जा रही हैं। यह कार्यवाई कोर्ट के आदेश पर की जा रही है। फिलहाल उनके स्वामित्व वाली 11 एकड़ जमीन की नीलामी कर दी गई है। कोर्ट के आदेश जमीन को 11.2 करोड़ पाकिस्तानी रुपए में बेचा गया। 

दरअसल, संपत्ति निलामी की कार्यवाई इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने तोशाखाना (उपहार भंडार) केस में पेश नहीं होने की वजह से पीएमएल-एन नेता को सितंबर 2020 में अपराधी घोषित कर दिया था। इसके बाद इस्लामाबाद जवाबदेही न्यायालय ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) को शरीफ की प्रॉपर्टी की नीलामी की अनुमति दे दी थी।  

कोर्ट ने सिक्यॉरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान (SECP) को विभिन्न कारोबारों में लगे शरीफ के शेयरों को बेचने का भी आदेश दिया था और इससे प्राप्त धन को सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा था।

पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा, ''कोर्ट के आदेश के तहत राजस्व प्रशासन शेखपुरा ने फिरोजवातवान गुरुवार को शरीफ की 88.4 कनाल (11 एकड़, 4 मरला) जमीन की 11.2 करोड़ रुपए में नीलामी की। यह जगह लाहौर से करीब 80 किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ 70 लाख रुपए की न्यूनतम कीमत निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार शरीफ की और संपत्तियों की भी नीलामी करेगी।

6 लोगों ने ठोका नीलाम की गई जमीन पर दावा

नीलामी के दौरान छह अन्य लोगों ने भी इस जमीन पर अपना दावा किया और राजस्व अधिकारियों से नीलामी रोकने की अपील की, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। दावा करने वाले एक व्यक्ति अशरफ मलिक ने कहा कि उन्होंने 29 मई 2019 को शरीफ से यह जमीन 7.5 करोड़ रुपए में खरीदी थी। उन्होंने कहा कि पैसा बैंकिंग माध्यम से दिया गया था, लेकिन चूंकि शरीफ गिरफ्तार हो चुके थे और फिर लंदन चले गए, इसलिए अपने नाम नहीं करा पाए थे।


कोरोना डेथ के असल आंकड़े दो या तीन गुना अधिक: WHO

कोरोना डेथ के असल आंकड़े दो या तीन गुना अधिक: WHO

नई दिल्ली: किसी आपदा, महामारी या फिर प्रकृति के कहर के बाद जो आंकड़े दुनियाभर की सरकारें जारी करती हैं वह अक्सर सवालों के घेरे में ही रहते हैं। एक बार फिर से कोरोना वायरस से होने वाली मौतों कें आंकड़ों को लेकर लोगों ने सवाल उठाए तो उन्हें झुठला दिया गया। हमेसा सरकारी आंकड़ों को ही गवाह माना गया। लेकिन अब खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि कोरोना से होने वाली मौतों को दुनिया की सभी सरकारों ने छिपाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक जों आंकड़े जारी किए गए हैं उनसे दो या तीन गुना ज्यादा मौतें कोरोना से हुई हैं।

 

डब्ल्यूएचओ के अनुसार आधिकारिक तौर पर दुनिया भर में अब तक कोरोना के कारण 34 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। वैश्विक स्वास्थ्य के आंकड़ों पर अपनी सालाना रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि ये आंकड़ा असल में 60 से 80 लाख के बीच हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 2020 में कोरोना से कम से कम तीस लाख या फिर जितना बताया गया उससे 12 लाख अधिक मौतें इस कारण हुई है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, “प्रत्यक्ष तौर पर हो या फिर अप्रत्यक्ष तौर पर कोविड-19 से होने वाली मौतों के आंकड़े असल मौतों के आंकड़ों से काफी कम हैं। संगठन की सहायक प्रबंध निदेशक समीरा अस्मा ने कहा, “असल में मौतों का आंकड़ा दो या तीन गुना अधिक होगा। मैं साफ कह सकती हूं कि आकलन किया जाए तो ये आंकड़ा 60 से 80 लाख के बीच होगा।

कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े के कम होने के बारे में संगठन का कहना है कि इसके कई कारण हो सकते हैं। संगठन के अनुसार महामारी के शुरू होने के वक्त कई लोगों की मौत उन्हें कोविड-19 की पुष्टि होने से पहले हो गई थी। वहीं कई देशों के पास उस वक्त कोविड-19 के कारण होने वाली मौतों से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करने के लिए उचित प्रक्रिया तक नहीं थी। 

पिछले एक साल से कोरोना महामारी है और इस दौरान दुनिया भर में लाखों लोग अपनी जान गवां चुके हैं। पिछले डेढ़ माह से भारत में कोरोना तांडव मचाए हुए है। हर दिन हजारों लोग अपनी जान गवां रहे हैं। लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं।

 


इसराइल और फ़लस्तीनी चरमपंथी हमास के बीच संघर्षविराम, अमेरिका का दवाब और मिश्र की मध्यस्थता लाई रंग

इसराइल और फ़लस्तीनी चरमपंथी हमास के बीच संघर्षविराम, अमेरिका का दवाब और मिश्र की मध्यस्थता लाई रंग

येरूसलम: बीते 11 दिनों से इजरायल और फिलिस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास के बीच संघर्ष विराम हो गया है। इसमें अमेरिका का दबाव और मिश्र की मध्यस्थता रंग लाई है। संघर्ष के दौरान 240 से ज़्यादा लोग मारे गए जिनमें ज़्यादातर मौतें ग़ज़ा में हुईं।

इसराइली कैबिनेट ने इससे कुछ घंटे पहले आपसी सहमति और बिना शर्त के युद्धविराम के फ़ैसले पर मुहर लगा दी। हमास के एक अधिकारी ने भी पुष्टि की कि ये सुलह आपसी रज़ामंदी से और एक साथ हुई जो शुक्रवार तड़के स्थानीय समय के अनुसार रात दो बजे से लागू हो गया।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बाद में कहा कि इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने उनसे युद्धविराम के पालन के समय की पुष्टि कर दी थी। उन्होंने कहा कि युद्धविराम दोनों पक्षों के बीच प्रगति का "असल अवसर" लेकर आया है।

इससे पहले गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच लगातार 11 वें दिन हमले जारी रहे। इसराइल ने उत्तरी ग़ज़ा में हमास के ठिकानों पर 100 से ज़्यादा हमले किए। हमास ने भी जवाब में इसराइल पर रॉकेट बरसाए।

हालाँकि, संघर्षविराम की घोषणा के कुछ ही मिनटों के भीतर, इसराइली सेना ने कहा कि दक्षिणी इसराइल में चेतावनी के लिए सायरन बजे। ऐसा तभी होता है जब ग़ज़ा से रॉकेट हमले होते हैं। उधर ग़ज़ा से फ़लस्तीनी मीडिया में ख़बर है कि उनके क्षेत्र में फिर हवाई हमले हुए हैं।

ग़ज़ा हमलों में 232 लोगों की मौत हुई


ग़ज़ा में लड़ाई 10 मई को शुरू हुई थी। इससे पहले इसराइल और फ़लस्तीनी चरमपंथियों के बीच पूर्वी यरुशलम को लेकर कई हफ़्ते से तनाव था। 7 मई को अल-अक़्सा मस्जिद के पास यहूदियों और अरबों में झड़प हुई जिसे दोनों ही इसे पवित्र स्थल मानते हैं। इसके दो दिन बाद इसराइल और हमास ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए।

ग़ज़ा में अब तक कम-से-कम 232 लोगों की जान जा चुकी है। गज़ा पर नियंत्रण करने वाले हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मारे गए लोगों में लगभग 100 औरतें और बच्चे हैं।

इसराइल का कहना है कि गज़ा में मारे जाने वालों में कम-से-कम 150 चरमपंथी शामिल हैं। हमास ने अपने लोगों की मौत के बारे में कोई आँकड़ा नहीं दिया है। वहीं, इसराइल के अनुसार उनके यहाँ 12 लोगों की मौत हुई है जिनमें दो बच्चे शामिल हैं। इसराइली सेना का कहना है कि गज़ा से चरमपंथियों ने उनके यहाँ लगभग 4,000 रॉकेट दागे हैं।  उसने कहा कि इनमें 500 से ज़्यादा ग़ज़ा में ही गिर गए। साथ ही , इसराइल के भीतर आए रॉकेटों में से 90 फ़ीसदी रॉकेटों को उसके मिसाइल विरोधी सिस्टम आयरन डोम ने गिरा दिया।


संघर्षविराम के बारे में किसने क्या कहा?

इसराइल की राजनीतिक सुरक्षा कैबिनेट ने कहा कि उसने संघर्षविराम के "प्रस्ताव को एकमत से स्वीकार" कर लिया है। उन्होंने कहा, "राजनीतिक समूह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ज़मीनी हक़ीक़त से तय होगा कि अभियान को जारी रखना है या नहीं."

इसराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने ट्विटर पर कहा कि ग़ज़ा अभियान से "अभूतपूर्व सैन्य लाभ" हुआ है।

हमास के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि इसराइर की युद्धविराम की घोषणा फ़लस्तीनी लोगों की एक "जीत" है और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की हार।

हमास नेता अली बराकेह ने कहा कि हमास के चरमपंथी तब तक चौकस रहेंगे जब तक कि मध्यस्थ इस संघर्षविराम के ब्यौरे को अंतिम रूप नहीं दे देते।


अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने संघर्षविराम के बाद व्हाइट हाउस में कहा कि उन्होंने इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फ़ोन कर उनकी सराहना की।

बाइडन ने कहा, "अमेरिका ग़ज़ा से हमास और दूसरे चरमपंथी गुटों की ओर से होनेवाले रॉकेट हमलों से रक्षा के लिए इसराइल के अधिकार का समर्थन करता है जिससे इसराइल में निर्दोष लोगों की जान गई है।"

उन्होंने कहा कि इसराइली प्रधानमंत्री ने उनके मिसाइल रोधी सिस्टम आयरन डोम की सराहना की "जिसे दोनों देशों ने मिलकर विकसित किया है और जिससे अनगिनत इसराइली नागरिकों की ज़िंदगी बची है - अरब और यहूदी दोनों"।


बाइडन ने संघर्ष में लोगों पर हुए असर का ज़िक्र करने से पहले युद्धविराम करवाने में मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "मैं उन सभी इसराली और फ़लस्तीनी परिवारों के साथ संवेदना जताता हूँ जिन्होंने अपने आत्मीय जनों को खोया है, साथ ही मैं आशा करता हूँ कि घायल हुए लोग शीघ्र स्वस्थ हों।"

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ग़ज़ा में मानवीय मदद पहुँचाने के लिए "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है"। उन्होंने साथ ही जोड़ा कि ये काम "फ़लस्तीनी प्रशासन के साथ मिलकर किया जाएगा, हमास के साथ नहीं"।


इजरायल पर अमेरिका के वीटो से भड़का चीन, कहा-UNSC को पंगु बना दिया गया

इजरायल पर अमेरिका के वीटो से भड़का चीन, कहा-UNSC को पंगु बना दिया गया

नई दिल्ली: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष की वजह से अब चीन और अमेरिका भी सुरक्षा परिषद में आमने-सामने हो गए हैं। अमेरिका ने जहां वीटो पांवर का इस्तेमाल किया तो वहीं चीन भी खुलकर फिलिस्तीन के समर्थन में आ गया है। उसने कहा कि सुरक्षा परिषद को पंगू बना दिया गया है।
 

इजरायल और फिलिस्तीन संगठन हमास के बीच लगातार हवाई और ज़मीनी हमले से तबाही जारी है। इस टकराव में सुरक्षा परिषद का मौज़ूदा अध्यक्ष चीन खुलकर फ़लस्तीनियों के समर्थन में बोल रहा है। चीनी मीडिया में इजरायल अमेरिकी गठबंधन के खिलाफ़ बहुत कुछ छप रहा है, उससे भी साफ ज़ाहिर होता है कि चीन सरकार के साथ मीडिया की सहानुभूति भी फ़लस्तीनियों के पक्ष में है।

हालांकि चीन में मीडिया सरकारी नियंत्रण में काम करता है इसलिए दोनों की लाइन अलग-अलग नहीं होती। 18 मई को चीन में इसराइली दूतावास ने ट्वीट कर चीनी मीडिया में इसराइल-फ़लस्तीनियों के टकराव पर कवरेज को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी।

इसराइली दूतावास ने अपने ट्वीट में कहा है, ''हमें उम्मीद है कि 'यहूदियों का दुनिया पर नियंत्रण है' वाला सिद्धांत अब पुराना पड़ चुका होगा। ज़ाहिर है कि ये सिद्धांत साज़िशन गढ़ा गया था। दुर्भाग्य से यहूदी विरोधी चेहरा फिर से सामने आया है। चीन के सरकारी मीडिया में खुलेआम यहूदी विरोधी कवरेज परेशान करने वाली है।''

दरअसल चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन के युद्ध विराम के चीन के प्रस्ताव पर वीटो करते हुए अमेरिका इजरायल के सेल्फ डिफेंस के सिद्धांत का समर्थन करता है और चीन अब इजरायल के साथ अमेरिका को मध्य पूर्व के हालत के लिए जिम्मेदार बता रहा है। साफ है इस विवाद में राजनायिक तनाव और सैनिक हमले ख़त्म होता नहीं दिख रहा है।


नेपाल की ज़मीन पर चीन की लालची नज़र, हटा रहा है सीमा से पिलर, विरोध से बढ़ा तनाव

नेपाल की ज़मीन पर चीन की लालची नज़र, हटा रहा है सीमा से पिलर, विरोध से बढ़ा तनाव

काठमांडू: जब नेपाल सहित पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है तो बिस्तारवादी चीन पड़ोसी देशों की जमीन हड़पने के लिए लगातार पैंतरे चल रहा है। पूर्वी लद्दाख में LAC के पास भारत के साथ तनाव बढ़ाने के लिए  युद्धाभ्यास कर रहा है। वहीं  नेपाल में भी घुसपैठ की फिराक़ में है चीन।

दरअसल, चीन भारत को घेरने के लिए ही चीन नेपाल के फ्रंट पर भी घेरना चाहता है 
इसलिए चीन की लालची निगाहें एक बार फिर नेपाल पर की जमीन पर हैं। नेपाली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ड्रैगन ने हिमालय की गोद में बसे पड़ोसी की जमीन हथियाने के लिए सीमा पर फिर चालबाजी शुरू कर दी है। 

नेपाल गृहमंत्रालय की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि नेपाल के दाउलखा जिले में सीमा पर कई पिलर गायब कर दिए गए हैं। चीन ने इससे पहले भी हुमला में इस तरह की हरकत की थी। लेकिन उस समय नेपाल की केपी ओली सरकार ने इस पर पर्दा डाल दिया था। इससे चीन के हौसले बढ़ गए।

हालांकि, इस बार नेपाल के गृहमंत्रालय ने दाउलखा जिले के विगु गांव में हुई घटना की शिकायत विदेश मंत्रालय से की है और चीन से विरोध दर्ज़ कर पुरानी स्थिति बहाल करने माँग की है।

चीन और नेपाल के बीच 1960-61 में हुए सीमा समझौते के तहत सीमांकन पिलर्स के जरिए किया गया है। 1961 के समझौते के बाद दोनों देशों के बीच सीमा रेखा में कई बदलाव भी हुए, मुख्य रूप से 76 स्थायी सीमा पिलर्स को हटाया गया। चीन अब यथास्थिति को अपने पक्ष में बदलने की कोशिश कर रहा है।

पिछले साल सितंबर में भी चीन ने नेपाली जमीन पर घुसपैठ की थी और हुमला जिले में 11 इमारतों का निर्माण कर लिया था। हालांकि, चीन ने इससे इनकार किया था। लेकिन इस हरक़त के बाद नेपाल में चीनी दूतावास के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। इमरातें उस जगह बनाई गईं थीं, जहां नेपाली पिलर कई साल पहले गायब हो गया था। दरअसल, सुरक्षा विशेषज्ञों का भी कहना है कि भारत को घेरने के लिए ही चीन नेपाल को भी हथियाना चाहता है


नेपाल: PM केपी शर्मा ओली ने शपथ में 'ईश्वर' को छोड़ा, SC पहुंचा मामला, फिर से शपथ दिलाने की मांग

नेपाल: PM केपी शर्मा ओली ने शपथ में 'ईश्वर' को छोड़ा, SC पहुंचा मामला, फिर से शपथ दिलाने की मांग

काठमांडू: नेपाल के पीएम के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह में 'ईश्वर' का नाम लेना केपी शर्मा ओली भूल गए। अब उनकी भूल 'सुधारने' के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके उन्हें फिर से शपथ लेने की मांग की गई है।


नेपाल के उच्चतम न्यायालय में सोमवार को चार रिट याचिकाएं दायर की गईं जिसमें प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को फिर से शपथ दिलाने का अनुरोध किया गया है। याचिकाओं में कहा गया है कि ओली ने शपथग्रहण समारोह के दौरान बोले गए सभी शब्दों को नहीं दोहरा कर राष्ट्रपति के पद का अपमान किया है।

राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में आयोजित एक समारोह में ओली को प्रधानमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी थी। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान, जब राष्ट्रपति ने शब्द ''शपथ के अलावा "भगवान के नाम पर" बोला तो कम्युनिस्ट पार्टी आफ नेपाल (यूएमएल) के 69 वर्षीय अध्यक्ष ओली ने उन शब्दों को छोड़ दिया।

राष्ट्रपति भंडारी ने जब ''ईश्वर, देश और लोगों का उल्लेख किया तो तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बनने वाले ओली ने कहा, ''मैं देश और लोगों के नाम पर शपथ लूंगा।'' काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सभी चार रिट याचिकाकर्ताओं में अनुरोध किया गया है कि ओली एक बार फिर पद और गोपनीयता की शपथ लें क्योंकि शुक्रवार को ली गई शपथ अवैध थी।


वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रकांता ग्यावली और अधिवक्ता लोकेंद्र ओली और केशर जंग केसी ने एक संयुक्त रिट याचिका दायर की है जबकि अधिवक्ता राज कुमार सुवाल, संतोष भंडारी और नवराज़ अधिकारी ने इसी मुद्दे पर अलग-अलग रिट याचिका दायर की हैं। खबर के अनुसार याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह ओली से फिर से शपथ लेने का निर्देश दे और उनके फिर से शपथ लेने तक उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर काम करने से रोके।


इजरायल का 'साथी' बना अमेरिका, फिलिस्तान को झटका, हमास की बर्बादी तय !

इजरायल का 'साथी' बना अमेरिका, फिलिस्तान को झटका, हमास की बर्बादी तय !

न्यूयॉर्क: इजरायल ने फिलिस्तीन के गाजा पट्टी इलाके  में अपना दबदबा बनाए हमास पर लगातार बमबारी और रॉकेट लांच कर रहा है। इस बीच शांति के लिए भी प्रयास जारी है। लेकिन इस बीच अमेरिका ने फिलिस्तीन को तगड़ा झटका दिया है। दरअसल, अमेरिका ने एक हफ्ते में तीसरी बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर साझा बयान जारी करने से रोक दिया है। इजरायली मीडिया ने मामले से जुड़े राजनयिकों के हवाले से ये रिपोर्ट छापी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रविवार को हुई आपात बैठक के बाद नॉर्वे, ट्यूनीशिया और चीन ने बयान पेश किया जिसमें दोनों पक्षों से सीजफायर की मांग की गई थी लेकिन अमेरिका ने इसे जारी नहीं होने दिया। हालांकि, अमेरिकी दूतावास की तरफ से इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं आई है।


संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने दलील दी कि अमेरिका कूटनीतिक चैनलों के जरिए इस संघर्ष को खत्म करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि हैदी आमर शुक्रवार को तेल अवीव पहुंचे हैं और सीजफायर कराने के लिए इजरायली-फिलिस्तीनियों के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। 

अमेरिकी राजदूत थॉमस ग्रीनफील्ड ने कहा कि फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास इजरायल पर रॉकेट दागना तत्काल बंद कर दे। हालांकि, उन्होंने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर नहीं दिया जिसका जिक्र अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से लेकर अन्य शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों के बयानों में लगातार हो रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथी संगठन हमास के हमले के जवाब में इजरायल को अपनी सुरक्षा करने का पूरा हक है। 

15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में से 14 देशों ने इजरायल-गाजा में हो रही हिंसा को लेकर संयुक्त बयान जारी करने की मांग की। हालांकि, परिषद में किसी भी बयान को जारी करने के लिए सभी देशों की सहमति जरूरी होती है। अगर कोई एक देश भी विरोध करता है तो किसी भी मामले पर बयान जारी नहीं किया जा सकता।


सऊदी ने अंतरराष्ट्रीय उड़ाने शुरू की, सीमाएं भी खोली

सऊदी ने अंतरराष्ट्रीय उड़ाने शुरू की, सीमाएं भी खोली

रियाद: कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए सऊदी अरब ने हवाई उड़ाने रोकने वाले फैसले रद्द् कर दिए है। अब फिर से अंतराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सउदी ने मंजूरी दे दी है। हालांकि, कुछ देशों की हवाई यात्राओं पर अभी भी रोक लगा रखी है।

सउदी ने अपने जमीन और समुद्र के बार्डर भी खोल दिए हैं। राहत देने के साथ कुछ शर्ते भी लगाई गई हैं। अभी भारत सहित लेबनान, यमन, ईरान और तुर्की के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जाने-आने वाली उड़ानों पर रोक बरकरार रहेगी। सऊदी अरब के गृह मंत्री ने कहा कि अब हम पूरी क्षमता के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार हैं। यहां चौदह माह से नागरिकों को पूरी तरह से बाहर जाने पर रोक थी।

इससे विदेश में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों का ज्यादा नुकसान हो रहा था। सऊदी अरब की आबादी 3 करोड़ है। इनमें से एक करोड़ 15 लाख से ज्यादा लोगों को कम से कम वैक्सीन का एक डोज लग चुका है। नई गाइडलाइन के अनुसार यात्रा के लिए दो सप्ताह पहले जानकारी देने होगी। अनुमति एक वैक्सीन डोज लेने वाले, पिछले छह माह में कोरोना मरीज रहे लोगों को दी जाएगी। आने वाली उड़ानों में अभी अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस सहित 20 देशों के नागरिकों पर रोक जारी रहेगी।


सऊदी अरब एयरलाइंस ने  कहा कि उसने 95 हवाई अड्डों से 71 गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करने की तैयारी पूरी कर ली है, जिसमें 28 घरेलू और 43 अंतरराष्ट्रीय गंतव्य शामिल हैं। नागरिक उड्डयन के सामान्य प्राधिकरण ने कहा कि सोमवार को पूरे राज्य के हवाई अड्डों पर लगभग 385 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।

इन देशों के प्रतिबंध जारी


हालांकि, सऊदी अरब की सरकार ने कहा कि कई कोविड प्रभावित देशों की यात्रा, सीधे या किसी अन्य देश के माध्यम से, बिना पूर्व अनुमति के अभी भी प्रतिबंधित है। इन देशों में भारत, लीबिया, सीरिया, लेबनान, यमन, ईरान, तुर्की, आर्मेनिया, सोमालिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, अफगानिस्तान, वेनेजुएला और बेलारूस शामिल हैं।


इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष: OIC की चेतावनी, कहा-'अल-अक़्सा वो रेखा जिसे पार न करे इजरायल'

इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष: OIC की चेतावनी, कहा-'अल-अक़्सा वो रेखा जिसे पार न करे इजरायल'

यरूशलम: इजरायल फिलिस्तीन के गाजा पट्टी पर अपने अड्डे बनाये हमास पर लगातार हमले कर रहा है। जमीन से लेकर आसमान तक को इजरायल हमास के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। चाहे एयर स्ट्राइक हो या फिर जमीन पर सेनाओं को आगे बढ़ने के आदेश की बात हो इजरायल हमास पर बिल्कुल भी नरमी दिखाने के मूड में नही दिख रहा है। लेकिन इस बीच उसे इस्लामिक देशों के संगठन ने तगड़ी चेतावनी दी है।



इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी ने रविवार को हुई आपात बैठक में गाज़ा में फ़लस्तीनियों पर हमलों के लिए इजरायल की आलोचना की। बैठक के बाद एक बयान जारी कर ओआईसी ने के कड़ी चेतावनी दी कि वो धार्मिक संवेदनाओं को भड़काने की जानबूझकर की जा रही कोशिशों, फ़लस्तीनी लोगों और इस्लामिक दुनिया की भावनाओं को भड़काने की इजरायल की कोशिशों के भयानक परिणाम होंगे।

बयान में कहा गया है कि "अल-क़ुद्स (यरूशलम) और अल-अक़्सा मुसलमानों के दो पहले क़िब्ला और तीसरी सबसे पवित्र मस्जिद है। इस्लामी दुनिया के लिए यह एक लाल रेखा है और वहां कोई स्थिरता या सुरक्षा नहीं है सिवाय इसके कि उसे क़ब्ज़े से मुक्त कराया जाए। अगर इजरायल इस रेखा को पार करता है तो इसे बर्दाश्त नही किया जाएगा।"

बयान में पूर्वी यरूशलम समेत फ़लस्तीनियों के इलाक़ों पर इजरायल के कब्ज़े और उनके धार्मिक स्थलों पर  हमले और गाज़ा पर हो रहे हमलों की निंदा की गई और कहा गया कि ये अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सीधे तौर पर ख़तरा है। इन हालातों से पूरे इलाक़े और बाहर के लिए अस्थिरता पैदा हो सकती है और इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है।


इजरायल ने हमास पर तेज किए हमले, अमेरिकी राष्ट्रपति से फिलिस्तीन के राष्ट्रपति ने की बात, शांति की कोशिश जारी

इजरायल ने हमास पर तेज किए हमले, अमेरिकी राष्ट्रपति से फिलिस्तीन के राष्ट्रपति ने की बात, शांति की कोशिश जारी

येरुसलेम: इजरायल लगाता गाजा पट्टी में स्थित हमास के ठिकानों को निशाना बनाकर हमले कर रहा है। हमास को नेस्नाबूत करने के लिए इजरायल ना सिर्फ आसमान से बल्कि जमीन पर भी घेराबंदी कर रहा है। ऐसे में एक बार फिर से शांति बनाए रखने की कोशिशें तेज हो गई है।
पश्चिम एशिया में शांति को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में दोनों पक्षों से शांति बनाने की अपील की गई। इजरायल ने अपने हमलों को हमास के रॉकेट हमलों से अपने नागरिकों रक्षा में की गई कार्रवाई बताया। तो फिलिस्तीन के विदेशमंत्री ने इजरायल पर ज़मीन हड़पने के लिए युद्ध भड़काने का आरोप लगाया। 

संघर्ष के बीच फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से फोन पर बातचीत की और अमेरिका से इस संघर्ष को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने और फिलीस्तीन पर हो रहे हमलों को बंद करवाने की अपील की। राष्ट्रपति अब्बास ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से कहा कि जब तक इलाके से इजरायली कब्जा नहीं हट जाता तब तक यहां शांति स्थापित नहीं हो सकती है।
फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से कहा कि फिलिस्तीन के लोग शांति चाहते हैं। ऐसे में वो इस मुद्दे को लेकर इंटरनेशनल मध्यस्थता स्वीकार करने के लिए भी तैयार हैं।  वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी हिंसा कम करने और पश्चिमी इलाके में शांति स्थापित करने पर जोर दिया है।
जानकारी के मुताबिक इस दौरान परिस्थिति ऐसी है जहां पर ना इजरायल पीछे हटने को तैयार है और ना ही फिलीस्तीन की तरफ से हमले कर रहा हमास। कुछ देशों द्वारा मध्यस्थता की कोशिश की गई है, लेकिन कोई परिणाम निकलता नहीं दिख रहा है।
अमेरिका और फिलीस्तीन के बीच बातचीत इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक कॉल पर नागरिकों और पत्रकारों की सुरक्षा के बारे में चिंता जताई।
 दरअसल शनिवार को एक इजरायली हवाई हमले ने गाजा शहर में एक ऊंची इमारत को नष्ट कर दिया, जिसमें एसोसिएटेड प्रेस और अन्य मीडिया आउटलेट्स के कार्यालय थे।इजरायल और हमास के बीच जबरदस्त जंग बता दें कि इजरायल और फिलीस्तीनी संगठन हमास के बीच जबरदस्त लड़ाई हो रही है
 10 मई से हमास इजरायल पर रॉकेट बरसा रहा है और इजरायल इसका जवाब ताबड़तोड़ हवाई हमलों से दे रहा है।
 गाजा में इजरायल हमास के ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बना रहा है।
 इसके लिए अब उसने अपनी आर्मी को भी बॉर्डर पर उतार दिया है।


इजरायल-फिलिस्तीन हिंसक संघर्ष तेज़, एक्शन में आया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, आज बैठक में संघर्ष विराम पर होगी चर्चा

इजरायल-फिलिस्तीन हिंसक संघर्ष तेज़, एक्शन में आया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, आज बैठक में संघर्ष विराम पर होगी चर्चा

येरूसलेम: इजरायल औक फिलिस्तीन के संगठन हमास के बीत लगातार जंग जारी है। यह लड़ाई अब बड़े लड़ाई की तरफ बढ़ रहा है। इस बीच कई देशों ने दोनों के बीच जंग को रोकने के लिए प्रयास भी किए लेकिन सफलता मिलती फिलहाल नहीं दिख रही है। आज दोनों के बीच जंग को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होगी, जिसमे संघर्ष विराम पर चर्चा होगी। हालांकि, इससे पहले इजरायल के एयर स्ट्राइक के बाद अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र और इजिप्ट के दूत दोनों पड़ोसी देशों में शांति कायम करने के लिए कोशिश में जुटे हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।
बताते चलें कि एक दिन पहले ही इजरायल ने गाजा में 12 मंजिला एक इमरात को ध्वस्त कर दिया, जिसमें कई मीडिया दफ्तर भी थे। वहीं, इजरायल का कहना है कि इसमें हमास मिलिट्री के दफ्तर थे, इसलिए इसे निशाना बनाया गया और हमले से पहले आम नागरिकों को निकलने के लिए चेतावनी दी गई थी। 
इस हमले की आलोचना संयुक राष्ट्र के महासचिव ने की है तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है। इजरायल और फलीस्तीन के बीच कई सालों में यह सबसे भीषण संघर्ष है। सात दिन से चल रहे अघोषित युद्ध में रविवार को इजरायल ने बड़ा कदम उठाते हुए गाजा पट्टी में हमास प्रमुख के घर पर बम बरसाए। 
वहीं, इस्लामी समूह हमास ने भी तेल अवीव पर जमकर रॉकेट बरसाए। रातभर भीषण बमबाजी हुई है। इजराइल की ओर से किए गए एयर स्ट्राइक्स में भारी नुकसान हुआ है। कम से कम 3 फलीस्तीनी मारे गए हैं तो कई घायल हैं।

हवाई हमलों की बौछार में रविवार तड़के इजरायल ने येहाया अल-सिनवार के घर पर बम बराए, जोकि 2017 से हमास के राजनीतिक और सैन्य विभाग के प्रमुख हैं। अभी तक यह जानकारी नहीं है कि हमले के वक्त हमास प्रमुख वहां मौजूद थे या नहीं।

इजराइय में रॉकेट हमलों को लेकर बजते सायरन के बीच लोग बम शेल्टर्स में भागते नजर आए। तेल अवीव और इसके आसपास में करीब 10 लोग घायल हुए हैं। सोमवार को हिंसा की शुरुआत के बाद से गाजा में कम से कम 148 लोग मारे गए हैं, जिनमें 41 बच्चे शामिल हैं। इजरायल ने उसके 10 नागरिकों की मौत की बात कही है, जिसमें 2 बच्चे शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ इजरायल और हमास दोनों ने जोर दिया है कि वे हमले लगातार जारी रखेंगे।


अमेरिका में ‘सियासी बवाल’ मचाने वाले ट्रंप के कई फैसलों को बाइडन ने किया रद्द

अमेरिका में ‘सियासी बवाल’ मचाने वाले ट्रंप के कई फैसलों को बाइडन ने किया रद्द

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा किए गए कई फैसलों को रद्द कर दिया है। जिन फैसलों को रद्द किया गया है उनमें से अधिकांस की वजह से अमेरिका में सियासी बवाल हुआ था।


वाइडन ने उस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जो पूर्व राष्ट्रअपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी किए गए कई फैसलों को रद कर देगा। समाचार एजेंसी आइएएनएस ने सिन्हुआ की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि बाइडन का आदेश अब राष्ट्रीय पार्क में अमेरिकी नायकों की प्रतिमाएं खड़ी करने के ट्रंप के फैसले को रद कर देखा। बाइडन ने शुक्रवार को इस आदेश पर दस्त खत किए।


पूर्व राष्ट्रसपति ट्रंप ने अमेरिकी नायकों का राष्ट्रीय उद्यान बनाए जाने का आदेश जारी किया था। इस पार्क में सैकड़ों प्रमुख अमेरिकियों की प्रतिमाएं लगाई जानी थी। हालांकि इन नेताओं में से कुछ के नस्लीय रिकॉर्ड विवादों में हैं। बाइडन ने ट्रंप के एक और कदम को भी रद कर दिया जिसमें मूर्तियों या स्मारकों को तोड़ते हुए पकड़े जाने वालों के लिए सजा दिए जाने की बात कही गई थी।

उल्लेहखनीय है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्डे ट्रंप ने 25 मई 2020 को अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत के बाद भड़के नस्लीय अन्याय के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच एक विवादास्पद फैसला लिया था। इसमें अमेरिका की ऐतिहासिक शख्सियतों के स्मारकों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ दो उपाय किए गए थे।
डोनाल्डं ट्रंप ने पिछले साल चार जुलाई को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दक्षिण डकोटा राज्य में माउंट रशमोर का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान उन्होंाने अमेरिकी नायकों का राष्ट्रीय उद्यान बनाने का वचन दिया था। उन्होंेने विरोधि‍यों पर अमेरिकी इतिहास को मिटाने का आरोप लगाया। ट्रंप की ओर से जारी आदेश में संघीय एजेंसियों को धारा 230 की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया था। यही नहीं सोशल मीडिया कंपनियों को सुरक्षा प्रदान करने वाले कानून को भी रद कर दिया गया था।


मीडिया रिपोर्ट्स में दावा, इजरायल ने गाजा में अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों के कार्यालय वाली बिल्डिंग को बनाया निशाना!

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा, इजरायल ने गाजा में अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों के कार्यालय वाली बिल्डिंग को बनाया निशाना!

गाजा सिटी: इजरायल, फिलिस्तान के गाजा पट्टी में स्थित हमास के अड्डों को लगातार निशाना बनाकर हमले कर रहा है। पहले रॉकेट से हमला किया और अब 9000 से ज्यादा सैनिकों को जमीनी स्तर पर युद्ध करने के लिए तैयार कर दिया गया है। इस बीच इजरायल की सेना ने शनिवार को गाजा पट्टी पर एक हवाई हमले में कतर के अल-जज़ीरा टेलीविजन और अमेरिकी समाचार एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस की 13 मंजिला इमारत को नष्ट कर दिया। समाचार एजेंसी एएफपी के पत्रकारों ने यह जानकारी दी है।



अल-जज़ीरा ने एक ट्वीट में कहा, "इज़राइल ने गाजा पट्टी में जाला टॉवर को नष्ट कर दिया, जिसमें अल-जज़ीरा कार्यालय और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रेस कार्यालय स्थित हैं।" एक एपी के पत्रकार ने कहा कि सेना ने हमले से पहले टावर के मालिक को चेतावनी दी थी।


मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायल के हवाई हमले में एक बहुमंजिला इमारत नष्ट हो गई। यह हमला अशांत गाजा पट्टी में हुआ। जिस भवन पर हमला हुआ उसमें एसोसिएटेड प्रेस और अल-जजीरा जैसे मीडिया संस्थाओं के कार्यालय थे। इमारत में अन्य कार्यालय और आवासीय अपार्टमेंट भी थे। इजरायली बलों द्वारा इस गगनचुंबी इमारत को खाली करने की चेतावनी देने के करीब एक घंटे बाद यह हमला किया गया। 

विदेशी मीडिया के मुताबिक इस इमारत को निशाना बनाने का कोई कारण नहीं बताया गया। गाजा में सोमवार से हो रहे इजरायली हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग मारे जा चुके हैं। इस अवधि के दौरान हमास ने इजरायल में सैकड़ों रॉकेट दागे, जिसमें एक बच्चे सहित सात लोग मारे गए।

वैसे जिस समय हमला हुआ था अगर उस समय की तस्वीरों पर गौर किया जाए तो वहां एक ओवी वैन भी खड़ी नजर आ रही थी। हालांकि, ओवी वैन उन्ही समाचार चैनलों का है या फिर हमले के बाद वहां समाचार एकत्र करने गई थी इस बात की जानकारी पूरी तरह से अभी नहीं हो पाई है।


आपदा को अवसर में बदल रहा चीन, क्यों भारत को महंगा बेच रहा कोविड-19 का चिकित्सा सामान? दी ये थोथी दलील

आपदा को अवसर में बदल रहा चीन, क्यों भारत को महंगा बेच रहा कोविड-19 का चिकित्सा सामान? दी ये थोथी दलील

नई दिल्ली: कोरोना वायरस को जन्म देने वाला चीन अब मदद के बहाने आपदा को अवसर में बदल रहा है। दरअसल, वह भारत को मनमाने दाम पर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल होने वाली चीजों की मनमानी दाम वसूल रहा है। इसके पीछे चीन में कहा है कि उसे कच्चे माल की आवश्यकता होती है जो उसे महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है।

चीन अब पूरी तरह आपदा को अवसर में बदलने का काम कर रहा है। जब चीन पर सवाल उठने लगे तो ढीठ चीन ने मुनाफाखोरी को सही ठहराते हुए दलील दी कि भारतीय कंपनियों द्वारा चीनी निर्माताओं से खरीदी जाने वाली ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी कुछ कोविड-19 चिकित्सा आपूर्ति इसलिए महंगी हो गई है क्योंकि उन्हें भारत की मांग पूरी करने के लिए कच्चे माल का आयात करना पड़ रहा है।


हांगकांग में भारत की महावाणिज्य दूत प्रियंका चौहान ने हाल में चीन ने चिकित्सा आपूर्ति की कीमतों में बढ़ोतरी रोकने के लिए कहा था। इस पर टिप्पणी करते हुए चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन भारत की मांग को पूरा करने के लिए अपनी कंपनियों को प्रोत्साहित कर रहा है।



चौहान ने इस सप्ताह कहा था कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों जैसी चिकित्सा आपूर्ति की कीमतों में बढ़ोतरी और भारत के लिए मालवाहक उड़ानों के बाधित होने की वजह से चिकित्सा सामानों की आवक धीमी हो रही है।


चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि चीनी विनिर्माताओं की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि उन्हें भारत की अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए कच्चे माल का आयात करना पड़ रहा है।


हुआ ने कहा, ‘‘उदाहरण के तौर पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की मांग भारत में कुछ ही समय में कई गुना बढ़ गई है और कच्चे माल की भी कमी है।’’ मालवाहक उड़ानों के बाधित होने के बारे में हुआ ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि बीजिंग औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को खुला रखने ने लिए प्रतिबद्ध है।


उन्होंने कहा, ‘‘चीन वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुचारू बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और वह उम्मीद करता है कि सभी पक्ष वैश्विक औद्योगिक स्थिरता सुनिश्चित करेंगे और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इन श्रृंखलाओं के खुलेपन को बाधित करने के बजाय मिलकर काम करेंगे।’’


इजरायल ने हमास के खिलाफ किया जंग का एलान, आसमान के साथ-साथ जमीन से भी हमले की तैयारी

इजरायल ने हमास के खिलाफ किया जंग का एलान, आसमान के साथ-साथ जमीन से भी हमले की तैयारी

नई दिल्ली: गाजा और इजरायल के बीच अब तगड़ी जंग छिड़ने की तैयारी है। जहां एक तरफ गाजा द्वारा संघर्ष विराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया है तो वहीं इजरायल के पीएम ने भी स्पष्ट कर दिया है कि गाजा पर हमले जारी रहेंगे क्योंकि उन्होंने यह पहले ही कह दिया था कि गाजा को बड़ी कीमत चुकानी होगी।


इजराइल ने कहा कि वह गाजा सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिकों को भेज रहा है और उसने हमास शासित क्षेत्र में संभावित जमीनी आक्रमण के लिए 9,000 सैनिकों को तैयार रहने को कहा है। यह दिखाता है कि दोनों शत्रु युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं। मिस्र के मध्यस्थ संघर्ष विराम प्रयासों के लिए इजराइल पहुंचे लेकिन इसमें प्रगति के कोई संकेत नहीं दिखे हैं।

इजराइल में चौथी रात भी साम्प्रदायिक हिंसा होने के बाद लड़ाई और तेज हो गई। यहूदी और अरब समूहों में लॉड शहर में झड़पें हुई। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के आदेश देने के बावजूद झड़पें हुईं। इस लड़ाई ने इजराइल में दशकों बाद भयावह यहूदी-अरब हिंसा को जन्म दिया है। लेबनान से देर रात रॉकेट दागे गए जिससे इजराइल की उत्तरी सीमा पर एक तीसरे पक्ष के शामिल होने का खतरा पैदा हो गया है।

हमास ने ठुकराया पूर्ण संघर्ष विराम का प्रस्ताव

हमास के एक वरिष्ठ निर्वासित नेता सालेह अरुरी ने लंदन स्थित एक चैनल को शुक्रवार को बताया कि उनके समूह ने पूर्ण संघर्ष विराम के लिए और बातचीत करने देने के लिए तीन घंटे के विराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र संघर्ष विराम प्रयासों की अगुवाई कर रहे हैं। इजराइली सेना ने शुक्रवार को कहा कि गाजा में हवाई और जमीनी हमले हो रहे हैं। गाजा सिटी के बाहरी इलाकों में विस्फोटों से आसमान में धुएं का गुबार बन गया। हमले इतने भयावह थे कि कई किलोमीटर दूर शहर में लोगों की चीखें सुनी गई।

भारी कीमत चुकानी होगी हमास को

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, ''मैंने कहा था कि हमास से बहुत भारी कीमत वसूल करेंगे। हम यही कर रहे हैं और भारी बल के साथ यही करते रहेंगे।''


यह लड़ाई सोमवार को शुरू हुई जब यरुशलम को बचाने का दावा करने वाले हमास ने लंबी दूरी के रॉकेट दागने शुरू किए। इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई हवाई हमले किए। तब से इजराइल ने गाजा में सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया है।

गाजा उग्रवादियों ने इजराइल में करीब 2,000 रॉकेट दागे जिससे देश के दक्षिण क्षेत्र में जनजीवन ठप हो गया। तेल अवीव शहर को निशाना बनाते हुए भी कई रॉकेट दागे गए।


नेपाल: केपी शर्मा ओली की चाल से विपक्ष हुआ चित्त, प्रचंड विरोध के बावजूद दोबारा बने पीएम

नेपाल: केपी शर्मा ओली की चाल से विपक्ष हुआ चित्त, प्रचंड विरोध के बावजूद दोबारा बने पीएम

काठमांडु: नेपाल में राजनीतिक उठापटक के बीच एक बार फिर से अपनी गद्दी बचाने में पीएम केपी शर्मा ओली कामयाब रहे। हालांकि उन्हें एक महीने के अंदर बहुमत साबित करना पड़ेगा। यानि अभी भी नेपाल में सियासी रस्साकसी जारी रहेगी लेकिन फिलहाल ओली को १ माह का समय बहुमत साबित करने के लिए मिल गया है।

दरअसल, नेपाली कांग्रेस तथा नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवाद मध्य) का विपक्षी गठबंधन अगली सरकार बनाने के लिए बहुमत के लिए 136 सांसदो का आंकड़ा हासिल करने में नाकाम रहा है। विपक्ष की नाकामियों का नतीजा यह हुआ कि देश में सबसे बड़ी पार्टी को नियमानुसार सरकार बनाने का न्यौता दिया गया और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (प्रचंड समूह) यानि केपी शर्मा ओली की ही पार्टी इस समय सबसे बड़ी पार्टी है। नेपाल जारी राजनीतिक अस्थिरता के बहुमत खोने वाले केपी शर्मा ओली को फिर से प्रधानमंत्री बना दिया गया है। राष्ट्रपति विद्यादेवी भंड़ारी ने ओली को फिर से पीएम नियुक्त भी कर दिया है। 

ओली सोमवार को प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत साबित करने में नाकाम रहे थे, जिसके बाद राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने विपक्षी दलों को सरकार गठन के लिए गुरुवार रात नौ बजे तक का समय दिया था। चूंकि विपक्षी दल संविधान के अनुच्छेद 76 (2) के तहत सरकार गठन का दावा पेश करने के बहुमत के आंकड़े जुटा पाने में नाकाम रहे हैं, ऐसे में राष्ट्रपति भंडारी ने अनुच्छेद 76 (3) के तहत ओली को दोबारा प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया है।

नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा को सीपीएन माओवाद के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहल 'प्रचंड' का समर्थन मिल गया था, लेकिन वह जनता समाजवादी पार्टी (जेएसपी) का समर्थन हासिल करने में नाकाम रहे। जेएसपी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने देउबा को समर्थन का आश्वासन दिया था लेकिन पार्टी के एक और अध्यक्ष महंत ठाकुर ने इस विचार को खारिज कर दिया।

निचले सदन में नेपाली कांग्रेस के पास 61 और माओवाद (मध्य) के पास 49 सीटें हैं। इस प्रकार उनके पास 110 सीटें हैं, लेकिन बहुमत के आंकड़े से कम हैं। फिलहाल सरकार गठन के लिए 136 मतों की जरूरत है। सदन में जेएसपी की 32 सीटें हैं। यदि जेएसपी समर्थन दे देती तो देउबा को प्रधानमंत्री पद के लिए दावा पेश करने का अवसर मिल जाता।

यूएमएल के पास 275 सदस्यीय सदन में 121 सीटें है। माधव नेपाल के धड़े वाले 28 सांसदों ने कार्यावाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और माधव के बीच गुरुवार को समझौता होने के बाद अपनी सदस्यता से इस्तीफा नहीं देने का निर्णय लिया।  ओली ने माधव समेत यूएमएल के चार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का फैसला वापस लेते हुए उन्हें उनकी मांगें माने जाने का आश्वासन दिया। यदि यूएमएल के सांसद इस्तीफा दे देते तो प्रतिनिधि सभा में सदस्यों की संख्या घटकर 243 रह जाती, जो फिलहाल 271 है। ऐसे में सरकार गठन के लिये केवल 122 मतों की दरकार होती।

आंकड़ों में उलझा विपक्ष

ठाकुर के नेतृत्व वाले धड़े के प्रतिनिधि सभा में करीब 16 मत थे। नेपाली कांग्रेस के पास 61 मत थे। उसे नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी मध्य) का समर्थन हासिल था, जिसके पास 49 मत थे। कांग्रेस-माओवादी मध्य के गठबंधन को उपेन्द्र यादव नीत जनता समाजवादी पार्टी के करीब 15 सांसदों का भी समर्थन हासिल था लेकिन इन तीनों दलों के पास कुल 125 मत ही रहे जो 271 सदस्यीय सदन में बहुमत के आंकड़े 136 से 11 मत कम था।

विस्वास प्रस्ताव जीतने में नाकाम रहे थे ओली

इससे पहले सोमवार को हुए विश्वास प्रस्ताव के दौरान कुल 232 सदस्यों ने मतदान किया था जिनमें से 15 सदस्य तटस्थ रहे। ओली को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी क्योंकि चार सदस्य इस समय निलंबित हैं। हालांकि, उन्हें सिर्फ 93 वोट मिले थे और वह बहुमत साबित नहीं कर सके थे। इसके बाद संविधान के आधार पर उनका PM पद चला गया था।


पाकिस्तान के 'भीख वाले कटोरे' में सउदी अरब ने डाले 19,032 बोरी चावल

पाकिस्तान के 'भीख वाले कटोरे' में सउदी अरब ने डाले 19,032 बोरी चावल

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की आर्थिक हालात कितनी खराब है यह बात पूरी दुनिया जानती है। आतंक के आका माने जानेवाले पाकिस्तान की इस बार जो बेइज्जती हुई थी कम से कम उतनी बेईज्जती तो कभी नहीं हुई होगी। दरअसल, पाकिस्तान आर्मी के चीफ जनरल बाजवा और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान सउदी अरब से संबंधों को ठीक करने और अपने देश के लिए कर्ज लेने के लिए दिन-रात एक किए हुए थे लेकिन उन्हें चावल की 19,032 बोरियों से संतोष करना पड़ा है। साथ ही सउदी अरब ने कहा है कि पाकिस्तान जल्द से जल्द उसके द्वारा दिए गए कर्ज को चुका दे। यानि सउदी अरब के खजाने का दरवाजा पाकिस्तान के लिए बंद हो चुका है।

 

तीन दिन की यात्रा पर सऊदी अरब पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने देश मक़सद में नाक़ाम हो लौट गए हैं। उनके दौरे पर विपक्ष सहित पाकिस्तान की जनता भी सवाल उठा रही है। सऊदी सरकार ने पाकिस्तान को चावल की 19,032 बोरियां दान की हैं। पाकिस्तान का विपक्ष इसे अपने देश की बेइज्जती बता रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि इमरान जितनी कीमत के चावल सऊदी अरब से लेकर आए हैं, इससे ज्यादा पैसे तो उन्होंने अपनी यात्रा पर खर्च कर दिए।

भुट्टो ने सऊदी अरब के दान देने के समय पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि सऊदी ने पाकिस्तान को ये मदद जकात या फितरा समझकर दी है। उन्हें न्यूक्लियर आर्म्ड कंट्री के लिए इस तरह की मदद लेने से पहले सोचना चाहिए था। वहीं, इमरान सरकार के अधिकारी का कहना है कि पहले भी पाकिस्तान इस तरह की मदद ले चुका है।

दर्जन भर लोगों के साथ यात्रा पर गए थे इमरान

इमरान इस यात्रा पर अपने साथ एक दर्जन मंत्रियों और दोस्तों को भी साथ ले गए थे। हालांकि, इमरान सरकार इस यात्रा को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने राजनीति के क्षेत्र में 22 साल इस दिन को देखने के लिए ही मेहनत की थी।

मंत्री और अधिकारी कर रहे बचाव

विपक्ष के हमले के बाद इमरान सरकार के मंत्री और अधिकारी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। उनके विशेष सलाहकार ताहिर अशरफी ने कहा कि पाकिस्तान गरीबों लिए सऊदी से ऐसी मदद पहले भी ले चुका है। उन्होंने कहा कि इस दौरे पर चावल की बोरियां दान करने का फैसला सऊदी ने एक महीने पहले ही कर लिया था। इमरान ने अपने तीन दिन के दौरे में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से भी मुलाकात की। दोनों के बीच द्विपक्षीय रिश्ते सुधारने को लेकर चर्चा हुई।

 

चीनी वैक्सीन लगवाने वाले पाकिस्तानियों की सऊदी में नो एंट्री

इमरान रविवार को सऊदी के दौरे से लौटे थे। इसके बाद सऊदी अरब ने कहा है कि वो उन पाकिस्तानियों को किसी भी तरह का वीजा जारी नहीं करेगा, जिन्होंने चीन में बनी वैक्सीन लगवाई है। इसकी वजह यह है कि सऊदी रेगुलेटर ने चीन की साइनोवैक और साइनोफार्म वैक्सीन को अप्रूवल नहीं दिया है। हालांकि, चीन ने वैक्सीन डिप्लोमैसी के तहत यह वैक्सीन सऊदी भेजी थीं।

 

सऊदी ने सिर्फ चार वैक्सीन को अप्रूवल दिया

सऊदी अरब सरकार ने अब तक चार वैक्सीन्स को ही अप्रूवल दिया है। ये हैं- फाइजर, एस्ट्राजेनिका, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन। इनमें से जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन सिंगल शॉट है। यानी इसका एक ही डोज लगता है। बाकी तीनों के डबल डोज लगाए जाते हैं।

चीन ने भले ही अपनी दोनों वैक्सीनों के डोज सऊदी अरब भेजे हों, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया गया है। सिर्फ सऊदी अरब ही नहीं, चीन ने और भी खाड़ी देशों को अपनी वैक्सीन भेजी थीं, लेकिन अब तक इन देशों के रेगुलेटर्स ने इन्हें मंजूरी नहीं दी है।



इजराइल के ‘आयरन डोम’ ने उड़ाए फिलिस्तान के सैकड़ों रॉकेट, दर्जनों आतंकियों को कर दिया ढेर

इजराइल के ‘आयरन डोम’ ने उड़ाए फिलिस्तान के सैकड़ों रॉकेट, दर्जनों आतंकियों को कर दिया ढेर

येरूसलेम: इजराइल और फिलिस्तीन एक बार फिर आमने-सामने हैं। मंगलवार को इजराइल ने को गाजा पट्टी पर हवाई हमले तेज कर दिए। रॉकेट्स के जरिए इजराइल ने दो बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाया जिनके बारे में उसका मानना था कि उसका इस्तेमाल हमास के चरमपंथी करते थे और उनके ठिकानों में कम से कम तीन चरमपंथियों को मार गिराया। इजराइल के इस हमले में कई और लोगों की जान भी गई है। 

First Thing: UN warns of 'full-scale war' amid Israel-Gaza violence | | The  Guardian

इजराइल की सेना ने बुधवार को कहा कि सोमवार शाम हिंसा भड़कने के बाद से गाजा पट्टी में इजरायल की ओर 1050 से अधिक रॉकेट और मोर्टार दागे गए। वहीं, जवाब में फिलिस्तीन ने भी रॉकेट दागे लेकिन इजराइल के 'आयरन डोम' एयर डिफेंस सिस्टम ने 90 प्रतिशत मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। आयरन डोम को दुनिया का बेस्ट एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम कहा जाता है।


बनाने में अमेरिकी तकनीकी का इस्तेमाल

इजराइल की आयरन डोम एक एयर डिफेंस सिस्टम है जिसे इजराइल की फर्मों राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका से वित्तीय और तकनीकी सहायता भी ली गई है। हाई टेक्नोलॉजी से लैस आयरन डोम एक छोटी दूरी का एयर डिफएंस सिस्टम हैं जिससे रॉकेट, मोर्टार को हवा में ही नष्ट किया जा सकता है। 


‘भीख’ का कटोरा लेकर दुनिया की यात्रा कर हैं इमरान खान: बिलावल भुट्टो

‘भीख’ का कटोरा लेकर दुनिया की यात्रा कर हैं इमरान खान: बिलावल भुट्टो

इस्लामाबाद: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। अब पाकिस्तान की हुकूमत के खिलाफ उसके घर में ही जुबानी जंग शुरू हो गई है।

दरअसल, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि इमरान खान आर्थिक मदद के लिए ‘भीख का कटोरा’ लेकर दुनियाभर की यात्रा कर रहे हैं।


बिलावल भुट्टो का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब इमरान खान शुक्रवार को तीन दिवसीय सऊदी अरब यात्रा के लिए निकले, जहां उन्हें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करना था।


अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बिलावल का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा- “इमरान खान भीख का कटोरा लेकर दुनियाभर की यात्रा कर रहे हैं. आपको दान के लिए कहने का अनुभव है लेकिन देश दान से नहीं चलता है।” उन्होंने आगे कहा- “इमरान खान सऊदी अरब का लोन चुकता करने के लिए चीन से 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर उधार लेकर आए। सबसे पहले यह राष्ट्र को बताया जाना चाहिए कि वह किंगडम को लोन का चुकता कर रहे हैं।” पीपीपी चेयरमैन ने आगे कहा कि इमरान खान के इस सुनामी बदलाव का हर पाकिस्तानी खौफनाक कीमत अदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि गलत आर्थिक नीतियों ने आम लोगों की जीवन दुश्वार बना दिया है।

बिलावल भुट्टो ने आगे कहा कि अगर आप पैसे उधार लाते हो तो वह बर्बाद जाएगा, भ्रष्टाचार की वजह से और लोग महंगाई की मार के नीचे दबे रहेंगे।

बता दें कि पाकिस्तान पर कई देशों का कर्ज है और कुछ देश उसपर कर्ज वापस देने का दवाब भी बना रहे हैं।


नेपाल: विस्वासमत जीतने में नाकाम रहे पीएम केपी शर्मा ओली

नेपाल: विस्वासमत जीतने में नाकाम रहे पीएम केपी शर्मा ओली

काठमांडू: पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक संकट के बीच प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली संसद में विश्वास मत हार गए हैं। राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी के निर्देश पर संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के आहूत विशेष सत्र में प्रधानमंत्री ओली की ओर से पेश विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में केवल 93 मत मिले जबकि 124 सदस्यों ने इसके खिलाफ मत दिया।

ओली  को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी क्योंकि चार सदस्य इस समय निलंबित हैं। बता दें कि पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' नीत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद ओली सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसलिए पीएम ओली को निचले सदन में आज यानी सोमवार को बहुमत साबित करना था। 

वहीं सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर प्रधानमंत्री के पक्ष में मतदान का अनुरोध किया था लेकिन ओली को सफलता नहीं मिल सकी।


बता दें कि  निचले सदन में 121 सदस्य सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के साथ थे। हालांकि, ओली को उम्मीद थी कि विश्वास मत के दौरान अन्य दलों के सांसदों के समर्थन से वह बहुमत साबित कर देंगे लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 

वहीं नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के माधव नेपाल नीत प्रतिद्वंद्वी धड़े ने मतदान से पहले उनके समर्थन वाले सभी 22 सांसदों के इस्तीफे की चेतावनी दी थी।


जैविक हथियार के रूप में चीन ने किया कोरोना वायरस का इस्तेमाल! क्या अमेरिका के हाथ लगे पुख्ता सबूत? 'द सन' और 'द ऑस्ट्रेलियन' की रिपोर्ट में खुलासा

जैविक हथियार के रूप में चीन ने किया कोरोना वायरस का इस्तेमाल! क्या अमेरिका के हाथ लगे पुख्ता सबूत? 'द सन' और 'द ऑस्ट्रेलियन' की रिपोर्ट में खुलासा



नई दिल्ली: कोरोना वायरस को लेकर विभिन्न सोशल मीडिया पर तमाम तरह की बातें चल रही है। कोई इसे 5जी टेस्टिंग से उत्पन्न हुई बीमारी बता रहा है, कोई इसे जुखाम, बुखार जैसे बीमारी बता रहा है और कोई इसे पूरे विश्व के खिलाफ षणयंत्र बता रहा है। इनमें से एक दावा यह भी है को कोरोना वायरस को जैविक हथियार के रूप में चीन द्वारा इस्तेमाल किया गया है और अब ऐसी ही रिपोर्ट सामने निकलकर आयी है।

ब्रिटेन के 'द सन' अखबार ने 'द ऑस्ट्रेलियन' की तरफ से सबसे पहले जारी रिपोर्ट के हवाले से कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग के हाथ लगे ''विस्फोटक'' दस्तावेज कथित तौर पर दर्शाते हैं कि चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के कमांडर यह घातक पूर्वानुमान जता रहे थे।
 

अमेरिकी विदेश विभाग के हाथ लगे ''विस्फोटक'' दस्तावेज 'द ऑस्ट्रेलियन' रिपोर्ट


चीन के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 महामारी से पांच साल पहले कथित तौर पर कोरोना वायरस को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के बारे में जांच की थी और उन्होंने तीसरा विश्व युद्ध जैविक हथियार से लड़ने का पूर्वानुमान लगाया था। अमेरिकी विदेश विभाग को प्राप्त हुए दस्तावेजों के हवाले से मीडिया रपटों में यह दावा किया गया है।

अमेरिकी विदेश विभाग के हाथ लगे ''विस्फोटक'' दस्तावेज

ब्रिटेन के 'द सन' अखबार ने 'द ऑस्ट्रेलियन' की तरफ से सबसे पहले जारी रिपोर्ट के हवाले से कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग के हाथ लगे ''विस्फोटक'' दस्तावेज कथित तौर पर दर्शाते हैं कि चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के कमांडर यह घातक पूर्वानुमान जता रहे थे।

अमेरिकी अधिकारियों को मिले दस्तावेज कथित तौर पर वर्ष 2015 में उन सैन्य वैज्ञानिकों और वरिष्ठ चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा लिखे गए थे जोकि कोविड-19 की उत्पत्ति के संबंध में जांच कर रहे थे।

कोरोना वायरस का ''जैविक हथियार के नए युग'' के तौर पर उल्लेख

चीनी वैज्ञानिकों ने सार्स कोरोना वायरस का ''जैविक हथियार के नए युग'' के तौर पर उल्लेख किया था, कोविड जिसका एक उदाहरण है। पीएलए के दस्तावेजों में दर्शाया गया कि जैव हथियार हमले से दुश्मन के चिकित्सा तंत्र को ध्वस्त किया जा सकता है।

दस्तावेजों में अमेरिकी वायुसेना के कर्नल माइकल जे के कार्यों का भी जिक्र किया गया है, जिन्होंने इस बात की आशंका जताई थी कि तीसरा विश्व युद्ध जैविक हथियारों से लड़ा जा सकता है।

चीन की पारदर्शिता को लेकर चिंता पैदा हुई
दस्तावेजों में इस बात का भी उल्लेख है कि चीन में वर्ष 2003 में फैला सार्स एक मानव-निर्मित जैव हथियार हो सकता है, जिसे आंतकियों ने जानबूझकर फैलाया हो।

सांसद टॉम टगेनधट और आस्ट्रेलियाई राजनेता जेम्स पेटरसन ने कहा कि इन दस्तावेजों ने कोविड-19 की उत्पत्ति के बारे में चीन की पारदर्शिता को लेकर चिंता पैदा कर दी है। हालांकि, बीजिंग में सरकारी ग्लोबल टाइम्स समाचारपत्र ने चीन की छवि खराब करने के लिए इस लेख को प्रकाशित करने को लेकर दी आस्ट्रेलियन की आलोचना की है।


चीन का अनिंयत्रित रॉकेट 'लॉन्ग मार्च 5बी वाई 2' मालदीव्स के पास गिरा

चीन का अनिंयत्रित रॉकेट 'लॉन्ग मार्च 5बी वाई 2' मालदीव्स के पास गिरा

नई दिल्ली: आखिरकार चीन का अनियंत्रित राकेट लॉन्ग मार्च 5बी वाई2 बिना किस को को नुकसान पहुंचाए, हिंद महासागर में मालदीव्स के पास गिर गया है। यह पिछले एक सप्ताह से दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ था।

 इससे पहले इसके न्यूजीलैंड के आसपास किसी द्वीप पर गिरने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन साथ ही साइंटिस्ट यह भी कह रहे थे कि यह किसी भी समय कहीं भी गिर सकता है। अच्छी बात ये रही है कि रॉकेट के अंशों से किसी को नुकसान नहीं हुआ। भारतीय समयानुसार यह घटना 9 मई यानी रविवार को सुबह करीब 8 बजे के आसपास हुई है।

लॉन्ग मार्च 5बी वाई2  रॉकेट करीब 100 फीट लंबा है। इसका वजन करीब 21 टन है। बताते चलें कि पिछली साल मई महीने में भी चीन का एक रॉकेट पश्चिमी अफ्रीका और अटलांटिक महासागर में गिरा था। पश्चिमी अफ्रीका के एक गांव को इस रॉकेट ने बर्बाद कर दिया था। हालांकि अच्छी बात ये है इस गांव में कोई नहीं रहता था। अमेरिकी पेंटागन के मुताबिक इसके गिरने का समय 11 पीएम GMT यानी भारतीय समयानुसार 9 मई की सुबह 4.30 बजे के आसपास। 

चीन के इस रॉकेट का नाम है लॉन्ग मार्च 5बी वाई2 है। फिलहाल यह रॉकेट धरती के चारों तरफ लो-अर्थ ऑर्बिट में चक्कर लगा रहा था। यानी यह धरती के ऊपर 170 किलोमीटर से 372 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच तैर रहा था। इसकी गति 25,490 किलोमीटर प्रति घंटा है यानी 7.20 किलोमीटर प्रति सेकेंड। रॉकेट के इस कोर की चौड़ाई 16 फीट है। यानी अगर यह किसी रिहायसी इलाके में गिरता तो भारी तबाही तय थी।


अफगानिस्तान: राजधानी काबुल में स्कूल के पास धमाका, 25 की मौत, 50 से अधिक घायल

अफगानिस्तान: राजधानी काबुल में स्कूल के पास धमाका, 25 की मौत, 50 से अधिक घायल

काबुल: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिमी हिस्से में शनिवार को एक स्कूल के नजदीक हुए बम धमाके में कम से 25 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से कई युवा विद्यार्थी शामिल हैं। अफगान सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।


अफगानिस्तान सरकार के आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक आरियान ने बताया कि धमाके में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले के शिकार बने लोगोें में बड़ी संख्या युवा विद्यार्थियों की है। धमाका जिस जगह पर हुआ, वहां अल्पसंख्यक हाजरा समुदाय के लोग रहते हैं और उनपर पिछले काफी समय से हमले हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि धमाके में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है।

सैयद अल-शाहदा स्कूल के पास हमला
ये धमाका काबुल के पश्चिम में मौजूद दश्त-ए-बार्ची के स्कूल सैयद अल-शाहदा के बाहर हुआ, जहां छात्र मौजूद थे। जिस समय ये धमाका हुआ, उस समय आम लोग भी पास के बाजार में इद-उल-फितर के लिए सामान खरीदने निकले थे।

किसी समूह ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी
अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी समूह ने नहीं ली है। इस इलाके में हजारा समुदाय की बड़ी आबादी रहती है और हाल के सालों में ये समुदाय कथित इस्लामी चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट के निशाने पर रहा है।


सऊदी अरब की शरण में पाकिस्तान, इमरान आज क्राउन प्रिंस से करेंगे मुलाकात

सऊदी अरब की शरण में पाकिस्तान, इमरान आज क्राउन प्रिंस से करेंगे मुलाकात

दुबई: कर्ज वापस देने में नाकाम रहे और सऊदी अरब के साथ संबंधों में आई खटास को कम करने के मकसद से पाकिस्तान के पीएम इमरान खान शुक्रवार को दो दिन के दौरे पर सऊदी पहुंचे।


इमरान सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश करेंगे। बता दें कि पाकिस्तान ने  जबसे तुर्की और इरान के साथ मिलकर नया खेमा बनाने की कोशिश की है तब से सऊदी नाराज है।


दरअसल, सऊदी ने पाकिस्तान को 2018 में तीन अरब डॉलर का कर्ज और 3.2 अरब डॉलर ऑयल क्रेडिट दिया था। कश्मीर में भारत की ओर से मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जब से पाक ने रियाद से समर्थन मांगा, सऊदी ने कर्ज लौटाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था।


हज यात्रा पर भी कोरोना का साया

हज यात्रा पर भी कोरोना का साया



नई दिल्ली: पूरी दुनियाँ में कोरोना माहमारी का प्रकोप के वज़ह से हजयात्रा पर जाने का सपना दिखनेवाले को मायूस करने वाली ख़बर सामने आई है। सऊदी अरब  दूसरे साल भी हज के लिए आने वाले विदेशी यात्रियों को रोकने का फ़ैसला ले सकता है।

समाचार एजेंसी रायटर्स के सूत्रों ने बताते हुए कहा कि  संभावित बैन के बारे में विचार-विमर्श हो चुका है, मगर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका है।


विदेशी श्रद्धालुओं को रोकेगा सऊदी अरब

कोरोना महामारी से पहले सालाना 25 लाख लोग हज यात्रा के लिए मक्का और मदीना का रुख करते थे, वहीं और पूरे साल उमरा भी चलता रहता था। बता दें कि हज और उमरा दोनों से सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को एक साल में 12 अरब डॉलर की कमाई होती थी।
 क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आर्थिक सुधार कार्यक्रमों में एक हिस्सा 2020 तक उमरा और हज यात्रियों की तादाद को डेढ़ करोड़ और 50 लाख पहुंचाने का था।

2030 तक उमरा के लिए आनेवालों की संख्या को मंसूबे में दोगुना कर 3 करोड़ करने के अलावा 2030 तक मात्र हज से हासिल होनेवाली आमदनी को 13.32 बिलियन अरब डॉलर तक बढ़ाने का मंसूबा बनाया गया था। मामले से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने विदेशी यात्रियों का पहले मेजबानी का मंसूबा बनाया था, लेकिन अब उसे रोक दिया गया है।


कोरोना के मामलों को देखते हुए संभावित बैन पर विचार-विमर्श: सूत्र


हज यात्रा में उन स्थानीय श्रद्गालुओं को इजाजत होगी जिनका टीकाकरण हो चुका है या हज की यात्रा से छह महीने पहले कोविड-19 को मात दे चुके हैं। एक सूत्र ने कहा कि ग़लत जानकारी दे शामिल होनेवालों की उमरा पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है।

एक दूसरे स्रोत ने बताया कि शुरुआत में मंसूबा ये बनाया गया था कि विदेश से कुछ हज यात्रियों को इजाजत दी जाए, लेकिन वैक्सीन की किस्मों, उनके प्रभाव और नए वेरिएन्ट्स के मामलों ने अधिकारियों को फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए बाध्य कर दिया।

सरकारी मीडिया दफ्तर ने इस बारे में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि दुनिया के 35 देशों में कोरोना संक्रमण के मामले अब भी बढ़ रहे हैं।

 अभी तक 15 करोड़ 35 लाख के करीब लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं और 33 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।


नेपाल: अल्पमत में आई ओली की सरकार, सीपीएन ने वापस लिया समर्थन

नेपाल: अल्पमत में आई ओली की सरकार, सीपीएन ने वापस लिया समर्थन

काठमांडू: नेपाल में पुष्पकमल दहल "प्रचंड" के नेतृत्व वाली सीपीएन (माओवादी सेंटर) द्वारा बुधवार को सरकार से आधिकारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत खो दिया।


पार्टी के एक वरिष्ठ नेता गणेश शाह के अनुसार सरकार से समर्थन वापस लेने के फैसले की जानकारी देते हुए पार्टी ने संसद सचिवालय को इस आशय का एक पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि माओवादी सेंटर के मुख्य सचेतक देव गुरुंग ने संसद सचिवालय में अधिकारियों को पत्र सौंपा।



पत्र सौंपने के बाद गुरुंग ने संवाददाताओं को बताया कि पार्टी ने ओली सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि सरकार ने संविधान का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि सरकार की हालिया गतिविधियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए खतरा उत्पन्न किया है।



समर्थन वापस लेने के बाद ओली सरकार ने प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत खो दिया है। प्रचंड के नेतृत्व वाली पार्टी द्वारा सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला ऐसे समय आया है जब ओली ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि वह 10 मई को संसद में विश्वासमत प्राप्त करेंगे।



माओवादी सेंटर के निचले सदन में कुल 49 सांसद हैं। चूंकि सत्तारूढ़ सीपीएन-यूएमएल के कुल 121 सांसद हैं प्रधानमंत्री ओली के पास 275 सदस्यीय सदन में अपनी सरकार बचाने के लिए 15 सांसद कम हैं।



इस बीच, प्रधानमंत्री ओली बुधवार को मुख्य विपक्षी नेता नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के बूढानीलकंठ स्थित आवास पहुंचे ताकि सरकार बचाने के लिए उनका समर्थन मिल सके। नेपाली कांग्रेस के करीबी सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं ने देश के नवीनतम राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की।


कोविशील्ड निर्माता अदर पूनावाला को मनाने में जुटी सरकार, विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे लंदन में करेगे मुलाक़ात!

कोविशील्ड निर्माता अदर पूनावाला को मनाने में जुटी सरकार, विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे लंदन में करेगे मुलाक़ात!

नई दिल्ली: भारत के सबसे बड़े कोविड19 वैक्सीन उत्पादक सीरम के मालिक आदर पूनावाला के बयानों से सत्ता के गलियारों में हड़कंप भी है और आशंकाएं भी। ऐसे में पूनावाला को साधने और समझाने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर उनसे लंदन में मुलाकात करेंगे। जयशंकर ने देश हित मे इस मुलाकात की पुष्टि की है। साथ ही पूनावाला से बातचीत के लिए आला कूटनीतिक टीम लगाई गई है।



उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक लंदन गए विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और उनके साथ मौजूद कुछ वरिष्ठ राजनयिक लंदन में पूनावाला से भी मुलाकात करेंगे। संकेत है कि इस बातचीत के सहारे पूनावाला की नाराज़गी व आशंकाएं कम करने की कोशिश होगी। साथ ही उनका मन टटोलने की कोशिश की है। 

दरअसल, विदेश मंत्री एस जयशंकर जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शरीक होने के लिए 6 मई तक लंदन में हैं। महत्वपूर्ण है कि भारत से यूके पहुंचे आदर पूनावाला की तरफ से बीते दिनों आए मीडिया बयानों में रसूखदार नेताओं की तरफ से धमकियां मिलने की बात कही गई थी।
 साथ ही आदर ने गत दिनों ब्रिटेन में नया वैक्सीन उत्पादन संयंत्र लगाने की बात कही है।


बता दें कि सीरम इंस्टूट्यूट पिछले कुछ दिनों से वैक्सीन उत्पादन में दिक्कतों का भी हवाला देता रहा है। हालांकि सरकार की तरफ से आदर पूनावाला को वाय श्रेणी सुरक्षा कवर मुहैया कराने से लेकर वैक्सीन उत्पादक कंपनी की आपूर्ति जरूरतों का मामला अमेरिका के साथ उठाने जैसे कई कदम उठाए गए हैं।

महत्वपूर्ण है कि भारत से यूके पहुंचे आदर पूनावाला की तरफ से बीते दिनों आए मीडिया बयानों में रसूखदार नेताओं की तरफ से धमकियां मिलने की बात कही गई थी। साथ ही आदर ने गत दिनों ब्रिटेन में नया वैक्सीन उत्पादन संयंत्र लगाने की बात कही है।


देश मे वैक्सीन की किल्लत के बीच जानकार सूत्र इस आशंका से इनकार नहीं करते कि अगर मामले को समय सहते संभाला न गया तो वैक्सीन उत्पादन से जुड़ा यह मसला सरकार के लिए फजीहत का सबब भी बन सकता है।
ऐसे में कोशिशें चल रही हैं कि भारत के लिए सबसे ज्यादा वैक्सीन बना रहे सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख आदर पूनावाला के साथ संवाद-समझाइश के रास्ते खुले रहें।

हालांकि पूनावाला यह कह चुके हैं कि वो जल्द ही भारत लौटेंगे। लेकिन उनके ताजा बयानों को लेकर आशंकाओं के साथ सवाल भी बरकरार हैं।


माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और उनकी पत्नी मेलिंडा गेट्स के निजी रास्ते हुए अलग

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और उनकी पत्नी मेलिंडा गेट्स के निजी रास्ते हुए अलग


नई दिल्ली: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और उनकी पत्नी मेलिंडा गेट्स ने अपनी निजी जिंदगी अलग कर ली है यानी उनका तलाक हो गया है। दोनों ने अपनी 27 साल की शादी को खत्म करते हुए अलग होने का फैसला लिया है। दोनों ने बयान जारी कर कहा  है कि वे अपने वैवाहिक संबंध खत्म कर रहे हैं और जीवन के अगले पड़ाव में वे दोनों साथ नहीं रह सकते हैं। हालांकि, अलग होकर भी दोनों के बीच एक कड़ी रहेगी जो उन्हें जोड़े रखेगी। 


हालांकि, दोनों ने यह भी कहा है कि तलाक के बाद भी वे बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के लिए साथ काम करते रहेंगे।  दोनों ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक बयान जारी किया है। बयान के मुताबिक, 'हमारे रिश्ते को लेकर बहुत सोचने और इसको बचाए रखने की कोशिशों के बाद हमने अपनी शादी खत्म करने का फैसला लिया है। बीते 27 सालों में हमने तीन शानदार बच्चों को पाला और एक ऐसा फाउंडेशन बनाया जो दुनियाभर में लोगों को एक स्वस्थ और लाभकारी जीवन दे सके। हम दोनों इस फाउंडेशन के लिए आगे भी साथ काम करते रहेंगे लेकिन पति-पत्नी के तौर पर हम जीवन के अगले पड़ाव में नहीं जी सकते हैं। हम नया जीवन शुरू करने जा रहे हैं, इसलिए लोगों से हमारे परिवार के लिए स्पेस और प्राइवेसी बनाए रखने की उम्मीद है।'



बिल और मेलिंडा गेट्स ने साल 1994 में हवाई में शादी की थी। पति पत्नी होने के साथ साथ दोनों बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के ट्रस्टी हैं। इस संस्था को साल 2000 में लॉन्च किया गया था। बेशक दोनों में अपने निजी रास्ते अलग कर लिए हों लेकिन फाउंडेशन के लिए दोनों साथ ही काम करेंगे।


कोरोना की वजह से नेपाल ने बंद किए 22 बॉर्डर, भारत से जुड़े केवल 13 मार्ग रहेंगे चालू

कोरोना की वजह से नेपाल ने बंद किए 22 बॉर्डर, भारत से जुड़े केवल 13 मार्ग रहेंगे चालू

नई दिल्ली: कोरोना का कहर ना सिर्फ भारत में बल्कि कई देशों में है। अब कोरोना की रोकथाम और नियंत्रित करने के लिए नेपाल सरकार द्वारा गठित निदेशक मंडल (सीसीएमसी) ने कुल 35 में 22 बॉर्डर बंद कर दिए हैं। 13 बॉर्डर से ही लोग बहुत जरूरी कार्यवश आ जा सकेंगे। 


इस बात का फैसला  शुक्रवार को देर रात सिंह दरबार काठमांडु में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में उन सभी सरकारी कार्यालयों के केवल एक-चौथाई हिस्से को खोलने का निर्णय लिया गया है, जहां लॉकडाउन लगाया गया है।


चलता रहेगा काम-काज


सीसीएमसी ने सभी सार्वजनिक कार्यों को बंद करने और उद्योग को इस तरह से संचालित करने का निर्देश दिया है कि श्रमिक और कर्मचारी औद्योगिक परिसर के भीतर रहें।

भारत से जुड़े सिर्फ 13 रास्ते संचालित


इसी तरह, समिति ने भारत के साथ 35 में से केवल 13 चौकियों को संचालित करने और उनमें से 22 को बंद करने का निर्णय लिया है। काकड़भिट्टा, जोगबनी, पशुपतिनगर, भितामोड़ गौर, बीरगंज, बेलहिया, कृष्णानगर, जमुनहा, झूलाघाट, कोलुघाट, गौरीफंटा और गद्दाचौकी हैं, जो खुले रहेंगे, इन्हीं रास्तों से इमरजेंसी में पैदल यात्री आ जा सकेंगे, बाकी 22 रास्तों से यात्रियों की आवाजाही नहीं होगी।


कोरोना का कहर ! ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाली सभी फ्लाइट्स पर लगाई रोक

कोरोना का कहर ! ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाली सभी फ्लाइट्स पर लगाई रोक

नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाली सभी उड़ानों पर रोक लगा दी है ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस फैसले के बाद भारत में आईपीएल में खेल रहे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को घर वापस लौटने की चिंता होने लगी है। इस बीच खबर आ रही है कि अब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को अपने देश लौटने पर जेल जाना पड़ सकता है।


ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट को मानें तो इन खिलाड़ियों को किसी अलग-थलग स्थान पर रखा जा सकता है और उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि खिलाड़ियों को जेल भी हो सकती है।


गौरतलब है कि वर्तमान में 14 ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर भारत में इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें एडिशन (आईपीएल 2021) में खेल रहे हैं। इनमें डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ, ग्लेन मैक्सवेल और पैट कमिंस जैसे शीर्ष खिलाड़ी शामिल हैं।


इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई भी आईपीएल की विभिन्न फ्रेंचाइजी कोचिंग/सपोर्ट स्टाफ और टीवी कमेंट्री टीम का हिस्सा हैं। उनमें रिकी पोंटिंग, डेविड हसी, ब्रेट ली और मैथ्यू हेडन जैसे दिग्गज शामिल हैं।


एसएमएच की रिपोर्ट में कहा गया है कि नाइन न्यूज ने शुक्रवार रात को खबर दी कि सरकार वर्तमान परिस्थिति में भारत से स्वदेश आने वालों के कृत्य को अपराध करार देकर अधिकतम 66,000 डॉलर का जुर्माना या पांच साल की जेल की सजा सुना सकती है। 36,000 ऑस्ट्रेलियाई विदेशों में फंस गए हैं। भारत में 9,000 ऑस्ट्रेलियाई हैं, जिनमें आईपीएल में हिस्सा ले रहे खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ भी शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने पहले कहा था कि चूंकि खिलाड़ी आईपीएल के लिए निजी तौर पर भारत गए हैं, इसलिए उन्हें अपनी वापसी खुद ही सुनिश्चित करनी होगी।