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जानिए: क्यों पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने से बच रही है मोदी सरकार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम लोगों की उम्मीदों को झटका देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भारत सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने का सही समय नहीं है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पेट्रोल और डीजल भी GST यानी वस्तु और सेवा कर के दायरे में आ जायें, तो आपके घर का मासिक बजट किस हद तक महंगाई से लड़ने में मददगार बन सकता है?

नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की बैठक में आम आदमी को उनके उस सवाल का जवाब मिल गया है जिसकी वह प्रतीक्षा कर रहे थे। लोगों को इस बात की उम्मीद थी कि पेट्रोल और डीजल को सरकार जीएसटी के दायरे में लाएगी तो उनपर खर्च का बोझ कम हो जाएगा। लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम लोगों की उम्मीदों को झटका देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भारत सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने का सही समय नहीं है।

ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पेट्रोल और डीजल भी GST यानी वस्तु और सेवा कर के दायरे में आ जायें, तो आपके घर का मासिक बजट किस हद तक महंगाई से लड़ने में मददगार बन सकता है? जाहिर है कि सोचा भी होगा लेकिन इसका जवाब शायद नहीं मिल पा रहा होगा।  चूंकि ये मसला सिर्फ आपके घर की तिजोरी से नहीं बल्कि केंद्र से लेकर हर राज्य की सरकार के खजाने से जुड़ा हुआ है।  लिहाज़ा,पहले वे अपनी तिजोरी को भरने की चिंता करें,या हम सबकी। ये ऐसा मसला है,जो हम सबकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ है और इन दोनों जरुरी चीजों की कीमतें ही हमारे देश में महंगाई का पैमाना तय करती हैं कि वो कम होगी या फिर सुरसा की तरह बढ़ती ही जाएगी।


इसी मसले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में शुक्रवार को जीएसटी कॉउंसिल की जो मीटिंग हुई, उसमें दो राज्यों का रुख बेहद चौंकाने वाला था। वह इसलिये कि महाराष्ट्र व केरल ऐसे राज्य हैं,जहां बीजेपी सत्ता में नहीं है और वहां की सरकारों से लोगों को ये उम्मीद थी कि वे तो हर सूरत में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगी। लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट क्योंकि इन दोनों सरकार ने कोरोना महामारी की दलील देते हुए साफ कह दिया कि अगर केंद्र सरकार ने ऐसा किया,तो हम तो सड़क पर आ जाएंगे। तो इससे एक बात तो साफ हो ही गई और लगे हाथ विपक्षी दलों के इस आरोप की भी हवा निकल गई,जो हर रोज चिल्लाते हुए कहते हैं कि मोदी सरकार अपना खज़ाना भरने के लिए इन दोनों ईंधन को जीएसटी में नहीं लाना चाहती।


ऐसे में सवाल उठता है कि तो सवाल ये उठता है कि आखिर केंद्र व राज्य सरकारें इसे जीएसटी में लाने से आखिर क्यों बच रही है? होना तो ये चाहिये कि लोगों को महंगाई से थोड़ी-सी भी राहत देने के लिए सबको एक सुर में इसका समर्थन करना चाहिये था। लेकिन सरकारें हमारे सोचने औऱ उसे हक़ीक़त में बदलने के हिसाब से नहीं चला करतीं। वे पहले अपना फायदा देखती हैं और जनता की तकलीफें उसकी सबसे निचली पायदान पर फरियाद करते हुए दम तोड़ देती हैं।


महंगाई बढ़ाने या उस पर काबू पाने की सबसे बड़ी वजह बनने वाली इन दोनों चीजों की कीमतें तय करने के पीछे का खेल आखिर है क्या। तो जानते हैं,वो हक़ीक़त। दरअसल,जितनी तेल की कीमत होती है, लगभग उतना ही टैक्स भी लगता है।  कच्चा तेल ख़रीदने के बाद रिफ़ाइनरी में लाया जाता है और वहां से वो पेट्रोल-डीज़ल की शक्ल में बाहर निकलता है। इसके बाद उस पर टैक्स लगना शुरू होता है।  सबसे पहले एक्साइज़ ड्यूटी केंद्र सरकार लगाती है।  फिर राज्यों की बारी आती है जो अपना टैक्स लगाते हैं।  इसे सेल्स टैक्स या वैट कहा जाता है। जानकारों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल पर जो वैट अभी लगता है, वो पुराने सेल्स टैक्स का नया नाम है।  इसका जीएसटी से कोई लेना-देना नहीं है।  हर राज्य ख़ुद ये फ़ैसला करता है कि उसे पेट्रोल-डीजल पर कितना वैट लगाना है।


इसके साथ ही पेट्रोल पंप का डीलर उस पर अपना कमीशन जोड़ता है।  अगर आप केंद्र और राज्य के टैक्स को जोड़ दें तो यह लगभग पेट्रोल या डीजल की वास्तविक कीमत के बराबर होती है। उत्पाद शुल्क से अलग वैट एड-वेलोरम (अतिरिक्त कर) होता है, ऐसे में जब पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ते हैं तो राज्यों की कमाई भी बढ़ती है। लिहाज़ा,कोई भी राज्य सरकार आखिर क्यों चाहेगी कि उसकी कमाई पर इस तरह से खुले आम डाका डाल दिया जाये।


अब फ़र्ज़ कीजिए कि एक्साइज़ ड्यूटी और वैट, दोनों हटाकर पेट्रोल को भी जीएसटी के दायरे में लाने का फ़ैसला कर लिया जाए तो क्या होगा? लोगों को तो काफी हद तक राहत मिलेगी लेकिन केंद्र और राज्य सरकार को इससे नुकसान होगा,इसलिये वे न तो ऐसा करना चाहती हैं और शायद चाहेंगी भी नहीं।


उदाहरण के तौर पर अगर दिल्ली की बात करें,तो जो पेट्रोल आज सौ रुपये प्रति लीटर के आसपास है, अगर उस पर से एक्साइज़ ड्यूटी और वैट हटा दिया जाए और उसे जीएसटी में ला दिया जाए,तो उसकी कीमत तब भी तकरीबन 77 रुपये लीटर से ज्यादा नहीं होंगी। यानी जनता को सीधे 23 रुपये प्रति लीटर का फायदा होगा। डीजल की कीमतों पर भी यही फार्मूला लागू होता है और जब उसकी कीमत कम होगी, तो जाहिर है कि ट्रांसपोर्ट पर खर्च कम होगा,तो सभी जरुरी वस्तुओं की कीमतें भी खुद ही कंट्रोल में आ जाएंगी। अगर किसी से ये पूछा जाये कि अपनी बम्पर कमाई का जरिया क्या आप छोड़ सकते हो,तो उसका जवाब 'ना' में ही मिलेगा। यही हक़ीक़त हमारी सरकारों पर भी लागू होती है, चाहे वह केंद्र हो या राज्य।


जानकर बताते हैं कि अगर इन दोनों को जीएसटी में लाया गया,तो फिर सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय करने का अधिकार दोबारा अपने हाथ में लेना होगा,जो फिलहाल आयल कंपनियों के पास है। गौरतलब है कि जून 2010 तक सरकार पेट्रोल की कीमत निर्धारित करती थी और हर 15 दिन में इसे बदला जाता था। लेकिन 26 जून 2010 के बाद सरकार ने पेट्रोल की कीमतों का निर्धारण ऑइल कंपनियों के ऊपर छोड़ दिया। इसी तरह अक्टूबर 2014 तक डीजल की कीमत भी सरकार निर्धारित करती थी, लेकिन 19 अक्टूबर 2014 से सरकार ने ये काम भी ऑइल कंपनियों को सौंप दिया। वे कंपनियां क्या इतनी नासमझ हैं ,जो खुद नुकसान झेलकर हमें खुश रखने के बारे में जरा-सा भी सोचेंगी?


GST काउंसिल की बैठक में आम आदमी की उम्मीदों को तगड़ा झटका, नहीं कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम!

ऐसा माना जा रहा था कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल और डीजल के जीएसटी के अंतर्गत लाया जाएगा, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोल-डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाने का समय नहीं है। ऐसे में आम आदमी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।

नई दिल्ली: आम आदमी को बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों से राहत नहीं मिलने वाली है। दरअसल, ऐसा माना जा रहा था कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल और डीजल के जीएसटी के अंतर्गत लाया जाएगा, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोल-डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाने का समय नहीं है। ऐसे में आम आदमी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। हालांकि जिंदगी बताने वाली दवाइयों पर जरूर छूट मिली है।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक के नतीजे आ गए हैं। बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की उम्मीद थी। हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी काउंसिल को लगा कि यह पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकतर राज्य इस विचार से सहमत हैं। मतलब ये कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक झटका है। 

हालांकि, तेल विपणन कंपनियों को डीजल में मिलाने के लिए आपूर्ति की जाने वाली बायोडीजल पर जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। अब देखना अहम होगा कि तेल कंपनियां क्या ग्राहकों को इस छूट का फायदा देती हैं कि नहीं। आपको बता दें कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। इस वजह से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। यही वजह है कि पेट्रोल और डीजल के जीएसटी दायरे में लाने की उम्मीद की जा रही थी।  

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कोरोना से जुड़ी दवाओं पर जीएसटी छूट जारी रहेगी। ये छूट 31 दिसंबर 2021 तक के लिए है। वहीं, जीवन-रक्षक दवाओं पर भी जीएसटी छूट का फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि ज़ोल्गेन्स्मा और विल्टेप्सो दवाओं पर जीएसटी छूट दी गई है। ये दोनों बेहद जरूरी दवाएं हैं जिनकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपए है। इसलिए जीएसटी काउंसिल ने इन 2 दवाओं के लिए जीएसटी से छूट देने का फैसला किया है। वहीं, मेडिकल इक्विपमेंट्स पर जीएसटी छूट नहीं दी गई है। 

विशेष विकलांग व्यक्तियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों के लिए रेट्रो फिटमेंट किट पर जीएसटी दरों को भी घटाकर 5% कर दिया गया है। वहीं, फूड डिलिवरी ऐप्स को जीएसटी दायरे में लाए जाने को लेकर अभी फैसला नहीं लिया गया है। आपको बता दें कि देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद काउंसिल की पहली फिजिकल बैठक थी। कोरोना काल में अब तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हो रही थी।  


पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में सरकार कर रही लाने की तैयारी, जानिए-आम आदमी को कैसे मिलेगा फायदा

मौजूदा समय में देश में ईंधन की महंगाई हर किसी को खाए जा रही है। खासकर पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम आम आदमी का सारा बजट बिगाड़ चुके हैं। लेकिन अगर सबकुछ ठीक रहा तो पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी कमी आ सकती है।

नई दिल्ली: मौजूदा समय में देश में ईंधन की महंगाई हर किसी को खाए जा रही है। खासकर पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम आम आदमी का सारा बजट बिगाड़ चुके हैं। लेकिन अगर सबकुछ ठीक रहा तो पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी कमी आ सकती है।

दरअसल, पेट्रोल-डीजल को सरकार GST के दायरे में लाने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमत में बड़ी कटौती हो सकती है। सूत्रों की मानें तो आगामी 17 सितंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर मंथन की संभावना है। 


हालांकि, पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना इतना आसान भी नहीं होगा। दरअसल, जीएसटी प्रणाली में किसी भी बदलाव के लिए पैनल के तीन-चौथाई लोगों की मंजूरी जरूरी है। इस पैनल में सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें से कुछ ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने का विरोध कर रहे हैं।  इनका मानना है कि पेट्रोल और डीजल के जीएसटी दायरे में आने के बाद राजस्व का एक अहम हथियार राज्यों के हाथों से निकल जाएगा।

जीएसटी काउंसिल की इस 45वीं बैठक में कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा हो सकती है। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल नवीकरणीय उपकरणों पर 12 फीसदी और लौह, तांबा के अलावा अन्य धातु अयस्कों पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने पर विचार करेगा।


माना जा रहा है कि  जीएसटी काउंसिल की इस 45वीं बैठक में कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा हो सकती है। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल नवीकरणीय उपकरणों पर 12 फीसदी और लौह, तांबा के अलावा अन्य धातु अयस्कों पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने पर विचार करेगा।


आसमान का सम्राट बनेने की तैयारी में टाटा ग्रुप, Air India को खरीदने में दिखाई दिलचस्पी

करीब 70 साल पहले इस एयरलाइन की शुरुआत जे आर डी टाटा ने की थी। उन्होंने साल 1932 में टाटा एयर सर्विसेज शुरू की थी, जो बाद में टाटा एयरलाइंस हुई और 29 जुलाई 1946 को यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी हो गई थी। हालांकि, 1953 में सरकार ने टाटा एयरलाइंस का अधिग्रहण कर लिया।

नई दिल्ली: अगर सब कुछ ठीक रहा तो एक बार फिर से आखिरी सांसे गिन रही Air India को टाटा का सहारा मिल जाएगा। बेशक इस समय एयर इंडिया  सरकार के कब्जे में है लेकिन करीब 70 साल पहले इस एयरलाइन की शुरुआत जे आर डी टाटा ने की थी। उन्होंने साल 1932 में टाटा एयर सर्विसेज शुरू की थी, जो बाद में टाटा एयरलाइंस हुई और 29 जुलाई 1946 को यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी हो गई थी। हालांकि, 1953 में सरकार ने टाटा एयरलाइंस का अधिग्रहण कर लिया।

Tatas, SpiceJet's Ajay Singh submit financial bids to acquire Air India |  Business Standard News

अब एक बार फिर टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा संस ने एयर इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। कर्ज में डूबी सरकारी एयर लाइन कंपनी एयर इंडिया की बिक्री की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। वैसे तो इसे खरीदने के लिए कंपनियों की अच्छी खासी संख्या है लेकिन सबसे प्रबल दावेदार टाटा ग्रुप को माना जा रहा है।

Tata Group firms seeking $2.5 billion in syndicated loans

टाटा ग्रुप की इस कंपनी ने एयर इंडिया को खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस साल के अंत तक टाटा समूह के कब्जे में तीसरी बड़ी एयरलाइन आ जाएगी। वर्तमान में टाटा समूह की एयर एशिया और विस्तारा में हिस्सेदारी है। आइए जानते हैं कि किस एयरलाइन में टाटा समूह की कितनी हिस्सेदारी है।

विस्तारा एयरलाइन

विस्तारा एयरलाइन टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड और सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड (एसआईए) का एक ज्वाइंट वेंचर है। इसमें टाटा संस की 51 फीसदी हिस्सेदारी है तो सिंगापुर एयरलाइन का स्टेक 49 फीसदी है।

India's Vistara to start direct flights to Sharjah amid rising demand -  Arabianbusiness

कंपनी टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड के रूप में रजिस्टर्ड है। विस्तारा के पास 47 एयरक्राफ्ट हैं तो वहीं हर दिन 200 से अधिक फ्लाइट उड़ान भरती हैं।

एयर एशिया

साल 2013 में मलेशियाई एयरलाइंस कंपनी एयर एशिया बेरहाद और टाटा संस के ज्वाइंट वेंचर ने एयर एशिया की शुरुआत की थी। इस कंपनी में टाटा संस का हिस्सा 51 फीसदी था तो वहीं एयर एशिया बेरहाद की हिस्सेदारी 49 फीसदी थी।

AirAsia is certified as a 3-Star Low-Cost Airline | Skytrax

हालांकि, बीते साल एयर एशिया बेरहाद ने अपनी 32.67% हिस्सेदारी टाटा संस को 276 करोड़ रुपए में बेच दी। अब कंपनी में टाटा संस की हिस्सेदारी बढ़कर 83.67% हो गई है।




भारतीय रेल का बड़ा फैसला, निजी कंपनियों को लीज पर दिए जाएंगे स्टॉक में पड़े कोच

रेलवे की ओर से जारी बयान के मुताबिक कोचिंग स्टॉक और बेयर शेल्स को लीज पर देने की योजना बनाई गई है। बेयर शेल्स वो कोच होते हैं जो किसी वजह से उपयोग में नहीं हैं।

नई दिल्ली: इंडियन रेल ने स्टॉक में पड़े कोचों (बोगियों) को अब निजी कंपनियों को लीज पर देने का फैसला लिया है। रेलवे की ओर से जारी बयान के मुताबिक कोचिंग स्टॉक और बेयर शेल्स को लीज पर देने की योजना बनाई गई है। बेयर शेल्स वो कोच होते हैं जो किसी वजह से उपयोग में नहीं हैं।

आधिकारिक बयान के मुताबिक इच्छुक पार्टियां रेलवे कोचों की एकमुश्त खरीद कर सकती हैं। एकमुश्त खरीद के लिए कोई लीज शुल्क नहीं है। इच्छुक पार्टियों को कोचों में मामूली सुधार की अनुमति है। वहीं, लीज की न्यूनतम अवधि 5 साल प्रस्तावित है। मतलब इच्छुक पार्टियों को कम से कम 5 साल के लिए कोच को खरीदना जरूरी है। 


यह अवधि कोचों की कोडल लाइफ तक बढ़ाई जा सकती है। अगर कोच की स्थिति ठीक रही तो लीज की अवधि बढ़ जाएगी। अहम बात ये है कि इच्छुक पार्टी खुद बिजनेस मॉडल (मार्ग, यात्रा कार्यक्रम, टैरिफ आदि) का विकास या निर्णय करेगी। इसके अलावा पात्रता मानदंड के आधार पर इच्छुक पार्टियों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी। 


रेलगाड़ी के भीतर तीसरी पार्टी के विज्ञापनों की अनुमति, रेलगाड़ी की ब्रांडिंग की अनुमति होगी। इसके अलावा रेल कोच चलाने वाली कंपनियों पर समय की पाबंदी की प्राथमिकता देना जरूरी होगा। कोच नवीनीकरण और यात्रा कार्यक्रमों के लिए समय पर मंजूरी के अलावा रखरखाव संचालनों के लिए कोई हॉलेज नहीं मिलेगी।

इंडियन रेलवे द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, आम जनता के बीच थीम आधारित सांस्कृतिक, धार्मिक और अन्य पर्यटक सर्किट रेलगाड़ी चलाने के लिए ये फैसला लिया गया है। रेलवे ने बताया कि नीति निर्माण और नियम व शर्तों के लिए मंत्रालय द्वारा कार्यकारी निदेशक स्तर की समिति भी गठित की गई है।


मेक इन इंडिया को तगड़ा झटका, फोर्ड ने छोड़ा भारत, 40 हजार लोग बेरोजगार, 4 साल में तीसरी कंपनी का देश से पलायन

पीएम मोदी की महत्तवाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड ने भारत छोड़ दिया है और इसी के साथ 40 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए हैं। पिछले 4 साल में फोर्ड के रूप में तीसरी कंपनी ने भारत से पलायन किया है।

नई दिल्ली: पीएम मोदी की महत्तवाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड ने भारत छोड़ दिया है और इसी के साथ 40 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए हैं। पिछले 4 साल में फोर्ड के रूप में तीसरी कंपनी ने भारत से पलायन किया है।

अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड ने ऐलान किया है कि वह भारत में कार बनाना बंद कर देगी। गुरुवार को कंपनी ने कहा कि भारत के बाजार में उसकी एक स्थिर जगह बनाने की कोशिशें नाकाम हो गईं, जिसके बाद यह फैसला किया गया है। फोर्ड कंपनी अब भारत में कारें नहीं बनाएगी। भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' योजना के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि इससे पहले दो और कंपनियां ऐसा ही कर चुकी हैं। पिछले साल हार्ली डेविडसन ने भी ऐसा ही फैसला किया था। 2017 में जनरल मोटर्स ने भारत छोड़ दिया था। फोर्ड ने कहा कि पिछले 10 साल में उसे दो अरब डॉलर से ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। 2019 में उसकी 80 करोड़ डॉलर की संपत्ति बेकार हुई।

एक बयान में कंपनी के भारत में अध्यक्ष और महाप्रबंधक अनुराग मेहरोत्रा ने कहा, "हम लंबी अवधि में मुनाफा कमाने के लिए एक स्थिर रास्ता खोजने में नाकाम रहे।' मेहरोत्रा की ओर जारी बयान में कहा गया कि कंपनी को उम्मीद है कि कंपनी के पुनर्गठन में करीब दो अरब डॉलर का खर्च आएगा। इसमें से 60 करोड़ तो इसी साल खर्च हो जाएंगे, जबकि अगले साल 12 अरब डॉलर का खर्च होगा। बाकी खर्च आने वाले सालों में होगा। 

फोर्ड ने भारत में बिक्री के लिए वाहन बनाना फौरन बंद कर दिया है। उसकी फैक्ट्री पश्चिमी गुजरात में है, जहां निर्यात के लिए कारें बनाई जाती हैं। फैक्ट्री का कामकाज साल के आखिर तक बंद कर दिया जाएगा। फोर्ड का इंजन बनाने वाली और कारों को असेंबल करने वाली फैक्ट्रियां चेन्नै में हैं, जिन्हें अगले साल की दूसरी तिमाही तक बंद कर दिया जाएगा। इस कारण करीब चार हजार कर्मचारी प्रभावित होंगे। आईएचएस मार्किट नामक फर्म के असोसिएट डाइरेक्टर गौरव वंगाल ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "कार निर्माण क्षेत्र के लिए यह बड़ा झटका है। भारत में कार बनाकर अमेरिका निर्यात करने वाली यह एकमात्र कंपनी थी। और वे ऐसे वक्त में जा रहे हैं जब हम (भारत) कार निर्माताओं को निर्माण के बदले लाभ देने पर विचार कर रहे हैं।


11,000 करोड़ की लागत से देश में ही बनेंगे वॉर्निंग एयरक्राफ्ट्स, पाक और चीन की हरकतों पर रहेगी पैनी नजर

मोदी सरकार की ओर से डीआरडीओ के भी उस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत स्वदेशी राडार बनाए जाने हैं। इन्हें एयरबस-321 पैसेंजर एयरक्राफ्ट्स में लगाया जाएगा।

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की हरकतों पर नजर रखने के लिए भारत सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 11,000 करोड़ रुपये के बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके तहत भारत में ही 6 एयरक्राफ्ट तैयार किए जाएंगे, जो किसी भी संकट की स्थिति में देश को पहले ही आगाह कर सकेंगे। इससे भारतीय वायुसेना की सर्विलांस की ताकत बढ़ सकेगी और चीन एवं पाकिस्तान की सीमाओं की निगरानी की जा सकेगी।

इन 'एयरबोर्न अर्ली-वॉर्निंग एंड कंट्रोल' एयरक्राफ्ट्स को आसमान में भारत की आंख के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार की ओर से डीआरडीओ के भी उस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत स्वदेशी राडार बनाए जाने हैं। इन्हें एयरबस-321 पैसेंजर एयरक्राफ्ट्स में लगाया जाएगा। 

इन एयरक्राफ्ट्स को एयर इंडिया की मौजूदा फ्लीट से लिया जाएगा। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में बुधवार को इन प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट की मीटिंग में एयरबस-टाटा के उस प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 21,000 करोड़ रुपये की लागत से मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-295 को बनाया जाना है। इस परियोजना के तहत कुल 56 एयरक्राफ्ट तैयार किए जाएंगे। 'एयरबोर्न अर्ली-वॉर्निंग एंड कंट्रोल' एयरक्राफ्ट्स को सीमाओं पर बढ़ते खतरे की निगरानी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। रक्षा मंत्रालय की ओर से इस प्रोजेक्ट को बीते साल दिसंबर में ही स्वीकार कर लिया गया था।

यह परियोजना इसलिए भी अहम है क्योंकि इस तकनीक के मामले में चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश पहले ही आगे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत पहला ट्रायल अगले 4 सालों में होगा। इसके अलावा 7 साल में इस परियोजना के पूरे होने का लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास तीन इजरायली फाल्कन AWACS हैं, जिन्हें रूसी एयरक्राफ्ट्स IL-76 में तैनात किया गया है। इनके जरिए 400 किलोमीटर की दूरी तक 360 डिग्री कवरेज की जा सकती है।


गौरतलब है कि मोदी सरकार ने बीते एक साल 209 डिफेंस आइटम्स के आयात पर रोक लगा दी है। इस पर 2021 से 2025 के दौरान अमल किया जाएगा और धीरे-धीरे आयात में कमी की जाएगी। इस बैन के तहत एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट्स को भी शामिल किया गया है। एक तरफ केंद्र सरकार ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में एफडीआई में इजाफा किया है तो वहीं दूसरी तरफ स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर भी तेजी से फोकस किया है।


31 दिसंबर तक ITR फाइलिंग की बढ़ी डेडलाइन, टैक्स पेयर्स को राहत

सीबीडीटी ने बताया कि आकलन वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को 31 दिसंबर 2

नई दिल्ली: टैक्स पेयर्स के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, अब आईटीआर फाइलिंग के लिए 31 दिसंबर तक डेडलाइन बढ़ा दी गई है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कराधान बोर्ड (CBDT) ने उन टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है, जिन्होंने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं की है। सीबीडीटी ने बताया कि आकलन वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दिया गया है।

वित्त मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा  कि बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। मिनिस्ट्री ने बताया है, " आकलन वर्ष 2021-2022 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख पहले 31 जुलाई थी। इसे पहले बढ़ाकर 30 सितंबर किया गया। अब एकबार फिर इस डेडलाइन को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 कर दिया गया है।" मतलब ये कि अब आप 31 दिसंबर तक आईटीआर फाइल कर सकते हैं।


ये फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब टैक्सपेयर्स को नये आईटीआर पोर्टल पर आईटीआर फाइल करने में दिक्कत हो रही है। बीते दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन्फोसिस को पोर्टल की खामियों को दूर करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया था। दरअसल, इस पोर्टल को इन्फोसिस ने ही बनाया है।  

हालांकि, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि नये आईटीआर पोर्टल पर कई तकनीकी मुद्दों का समाधान किया गया है। डिपार्टमेंट के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अब तक 1.19 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। 

डिपार्टमेंट के बयान के मुताबिक सात सितंबर तक 8.83 करोड़ विशिष्ट करदाताओं ने पोर्टल पर ‘लॉगइन’ किया। सितंबर में औसतन प्रतिदिन 15.55 लाख करदाता पोर्टल पर ‘लॉगइन’ किए। आंकड़े बताते हैं कि आयकर रिटर्न फाइलिंग सितंबर 2021 में दैनिक आधार पर 3.2 लाख पहुंच गयी है।


इंडियन एयरफोर्स को जल्द मिलेंगे 56 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट

केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के लिए 56 C-295 MW परिवहन विमान की खरीद को मंजूरी दे दी है।

नई दिल्ली: भारतीय एयरफोर्स को जल्द ही 56 नए एयरक्राफ्ट मिलने जा रहे हैं।  केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के लिए 56 C-295 MW परिवहन विमान की खरीद को मंजूरी दे दी है। 

ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब भारत में किसी निजी कंपनी की ओर से एक सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा। ये मालवाहक विमान स्पेन की मेसर्स एयर बस डिफेंस एंड स्पेस कंपनी से खरीदे जाएंगे। 

यह कंपनी अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के चार साल में उड़ने की हालत में तैयार 16 विमानों की आपूर्ति करेगी जबकि बाकी 40 विमान देश मे ही टाटा कंसोर्टियम द्वारा दस सालों में बनाए जाएंगे।

यह अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है जिसमें देश की निजी कंपनी द्वारा सैन्य विमान बनाए जाएंगे। इन विमानों को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कलपुर्जे भी देश की सूक्ष्म और लघु तथा मध्यम इकाइयों द्वारा बनाए जाएंगे। विमानों के पिछले हिस्से में एक रैंप होगा जिससे छताधारी सैनिक और समान को तेजी और आसानी से उतारा जा सकता है। 

सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक इस परियोजना से सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी और देश में रोजगार के प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष अवसर बढ़ेंगे। साथ ही रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता में भी कमी आएगी।

ये अत्याधुनिक विमान वायुसेना के बेड़े में पुराने पड़ चुके हैं एवं मालवाहक विमानों की जगह लेंगे। पांच से 10 टन की क्षमता वाले ये विमान अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर आधारित होंगे तथा इनमें देश में ही विकसित इलेक्ट्रॉनिक वार फेयर प्रणाली लगाई जाएगी। 

सरकार का कहना है कि इससे रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निमार्ण को बढ़ावा मिलेगा और उसकी मेक इन इंडिया जैसी महत्वकांक्षी योजना को भी बल मिलेगा।


पीएफ के नियमों में नया बदलाव, ब्याज पर देना होगा टैक्स !

बोर्ड ने कहा है कि नए नियम 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी हो जाएंगे। बजट 2021 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जिन लोगों का EPF और VPF में सालाना कंट्रीब्‍यूशन 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा है, उन्हें इस पर मिलने वाला ब्‍याज टैक्‍स के दायरे में आएगा।

नई दिल्ली: पीएम के नियमों में एक और बदलाव हुआ है। अगर आपका पीएफ एकाउंट में 2.5 लाख रुपए से ज्यादा प्रतिवर्ष जमा होता है तो उसपर आपको जो ब्याज मिलेगा उसपर आपको अब टैक्स देना पड़ेगा।  केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इसको लेकर हाल ही में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, टैक्‍सेबल ब्याज की कैलकुलेशन के लिए प्रॉविडेंट फंड अकाउंट के भीतर एक अलग अकाउंट खुलेगा।

बोर्ड ने कहा है कि नए नियम 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी हो जाएंगे। बजट 2021 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जिन लोगों का EPF और VPF में सालाना कंट्रीब्‍यूशन 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा है, उन्हें इस पर मिलने वाला ब्‍याज टैक्‍स के दायरे में आएगा।

CBDT की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ईपीएफ में 31 मार्च, 2021 तक ईपीएफओ सब्‍सक्राइबर की ओर से किया गया कोई भी कंट्रीब्‍यूशन नॉन-टैक्सेबल रहेगा। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के बाद पीएफ अकाउंट्स पर ब्‍याज की कैलकुलेशन अलग-अलग की जाएगी। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 और उसके बाद के फाइनेंशियल ईयर  लिए प्रॉविडेंट फंड के भीतर अलग-अलग अकाउंट होंगे। 

CBDT ने कहा है कि यह नियम एक अप्रैल, 2022 से प्रभावी होंगे। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में अगर पीएफ खाते में 2.5 लाख रुपए से अधिक जमा हैं तो उस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स चुकाना होगा। इसकी जानकारी आपको अगले साल के इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग में भी देनी होगी। पीएफ अकाउंट में हर साल 2.5 लाख रुपये तक कंट्रीब्‍यूशन पर इंटरेस्‍ट फ्री ब्‍याज की लिमिट प्राइवेट इम्‍प्‍लॉइज के लिए है। नए नियम को इनकम टैक्‍स (25वां संशोधन) रूल्‍स, 2021 कहा जाएगा। 

किन लोगों पर होगा ज्यादा असर

नए नियमों का असर उन लोगों पर ज्‍यादा होगा, जिनकी इनकम ज्‍यादा है और ईपीएफ में अधिक कॉन्ट्रिब्‍यूट करते हैं। हालांकि, सरकार का मानना है कि इसका असर ईपीएफ में कंटीब्‍यूशन करने वाले 1 फीसदी से भी कम सब्‍सक्राइबर्स पर होगा। 


आर्थिक मोर्चे पर अच्छी खबर! GST कलेक्शन में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी

जीएसटी कलेक्शन के मामले में अच्छी खबर आई है। लगभग 30 फीसदी कलेक्शन इस बार बढ़ा है। जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन एक बार फिर 1 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर लिया है। अगस्त महीने में ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु 1,12,020 करोड़ रुपए रहा।

नई दिल्ली: जीएसटी कलेक्शन के मामले में अच्छी खबर आई है। लगभग 30 फीसदी कलेक्शन इस बार बढ़ा है। जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन एक बार फिर 1 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर लिया है। अगस्त महीने में ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु 1,12,020 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की इसी अवधि से तुलना करें तो जीएसटी राजस्व में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, जुलाई 2021 के मुकाबले अगस्त में जीएसटी कलेक्शन कम हुआ है। 

बता दें कि जुलाई, 2021 में 1,16,393 करोड़ रुपए का ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन था। इसमें सीजीएसटी 22,197 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 28,541 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 57,864 करोड़ रुपए और उपकर (सेस) 7,790 करोड़ रुपए शामिल हैं। 

जीडीपी के मोर्चे पर अच्छी खबर: 

कोरोना वायरस की खतरनाक दूसरी लहर के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 20.1 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। इसका कारण पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही का तुलनात्मक आधार नीचे होना है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी जीडीपी ग्रोथ का कारण है।


पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत, LPG सिलेंडरों के फिर बढ़े दाम, जानिए-नए भाव

आज सितम्बर महीने का पहला दिन आम लोगों के लिए राहत और आफत दोनों ही लेकर आया है। आज जहां एक तरफ पेट्रोल डीजल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है तो वहीं एक बार फिर से एलपीजी सिलेंडर्स के दाम बढ़ गए। घरेलू के साथ साथ कमर्शियल सिलेंडर्स के दाम भी बढ़े हैं।

नई दिल्ली: आज सितम्बर महीने का पहला दिन आम लोगों के लिए राहत और आफत दोनों ही लेकर आया है। आज जहां एक तरफ पेट्रोल डीजल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है तो वहीं एक बार फिर से एलपीजी सिलेंडर्स के दाम बढ़ गए। घरेलू के साथ साथ कमर्शियल सिलेंडर्स के दाम भी बढ़े हैं।


एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े


आज एक सितंबर से गैर सब्सिडी घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 25 रुपये बढ़ा दी गई है। अब दिल्ली में 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर 884.50 रुपये हो गया है। इससे पहले 18 अगस्त को सिलेंडर का दाम 25 रुपये बढ़ा था। वहीं, एक जुलाई को रसोई गैस की कीमतों में 25.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

अब 14.2 किलो वाला गैर सब्सिडी LPG सिलेंडर दिल्ली-मुंबई में 884.5 रुपये, कोलकाता में 911 रुपये और चेन्नई में 900.5 रुपये बिक रहा है। इससे पहले सिलेंडर क्रमश: 859.5 रुपये, 886 रुपये और 875 रुपये बिक रहा था।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा हो गया है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 1618 रुपये की जगह अब 1693 रुपये बिक रहा है।


पेट्रोल डीजल के दामों में हल्की गिरावट

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हर रोज बदलाव होता है और तेल कंपनियां सुबह पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी करती है। कंपनी ने बुधवार (1 सितंहर 2021) के नए रेट भी जारी कर दिए हैं। नई रेटों के अनुसार, कई शहरों में पेट्रोल के साथ डीजल की कीमतों में भी कमी आई है।

नए रेट के हिसाब से आज राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 101.34 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, डीजल 88.77 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. मुंबई में भी पेट्रोल 107.39 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.33 पैसे प्रति लीटर है। अंतरराष्‍ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी और भारी भरकम टैक्‍स की वजह से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्‍तर पर हैं।

ऐसे जानें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें

शहर कोड आपको इंडियन ऑयल (IOCL) की आधिकारिक वेबसाइट पर मिल जाएगा। मैसेज भेजने के बाद आपको पेट्रोल और डीज़ल का ताजा भाव भेज दिया जाएगा। इसी प्रकार BPCL के ग्राहक अपने मोबाइल से RSP टाइप कर 9223112222 SMS भेज सकते हैं। HPCL के ग्राहक HPPrice लिखकर 9222201122 लिखकर SMS भेज सकते हैं।


लापरवाही की हद! यात्रियों का सामान एयरपोर्ट पर छोड़कर उड़ी एअर इंडिया की फ्लाइट, एक्शन में ज्योतिरादित्य सिंधिया, एक ट्वीट पर हुए एक्टिव

बीते 29 अगस्त को इस प्लाइट ने शिकागो (यूएस) के लिए नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरी थी। लेकिन इस विमान में बैठे करीब 40 यात्रियों का सामान विमान में रखा ही नहीं गया। एक यात्री ने बताया कि उनका सामान शिकागो तक नहीं पहुंचा क्योंकि, एअर इंडिया ने विमान में सामान लोड ही नहीं किया था।

नई दिल्ली: लापरवाही क्या होती है यह कोई एअर इंडिया के कारनामें के बारे में जानकर अंदाजा लगा सकता है। एअर इंडिया के कर्मचारी इतने होनहार है कि यात्रियों के सामान एअरपोर्ट पर ही रह जा रहे हैं और यात्री अपनी मंजिल तक पहुंच जा रहा है। आपको सुनकर अटपटा जरूर लग रहा है लेकिन यह सोलह आने सच है।

मिली जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया की एक फ्लाइट यात्रियों का सामान लिये बगैर ही उड़ गई। इस मामले में अब केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एयरलाइंस से रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के मुताबिक बीते 29 अगस्त को इस प्लाइट ने शिकागो (यूएस) के लिए नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरी थी। लेकिन इस विमान में बैठे करीब 40 यात्रियों का सामान विमान में रखा ही नहीं गया। एक यात्री ने बताया कि उनका सामान शिकागो तक नहीं पहुंचा क्योंकि, एअर इंडिया ने विमान में सामान लोड ही नहीं किया था। 

AI 127 दिल्ली-शिकागो विमान, बिना 40 यात्रियों का सामान लिये ही लैंड कर गई। इस मामले में एक ट्विटर यूजर ने केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग करते हुए लिखा कि 'सोचिए इस मुश्किल घड़ी में इस विमान के यात्रियों की हालत कैसी रही होगी।' ट्वीट पर नजर पड़ते ही केंद्रीय मंत्री भी एक्शन में आ गए। उन्होंने इस मामले को बेहद ही गंभीरता से लेते हुए एयरलाइंस को शिकायत की जांच का आदेश दे दिया।

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि 'एअर इंडिया, कृप्या कर जांच करें और जवाब दें।' इसके बाद एअर इंडिया को शिकायत की जानकारी मिली और एक यात्रियों का सामान नहीं पहुंचने के मामले में जांच भी शुरू हो गई।

वहीं, एअर इंडिया ने ट्वीट कर कहा है कि 'हम अपनी शिकागो बैगेज टीम के साथ इस मामले की जांच कर रहे हैं आखिर कैसे यात्रियों का सामान छूट गया।'


अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अच्छी खबर, पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 20 फीसदी से भी अधिक

कोरोना की वजह से लगभग पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 20 फीसदी से भी अधिक दर्ज की गई है।

मुंबई: कोरोना की वजह से लगभग पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 20 फीसदी से भी अधिक दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2022 की अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों से इसके संकेत मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में देश की जीडीपी दर बढ़कर 20.1 फीसदी हो गई।

पिछले साल समान तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट निगेटिव में 23.9 फीसदी रही थी। एक साल पहले की पहली तिमाही का तुलनात्मक आधार नीचे होने से इस साल की वृद्धि दर ऊंची रही है। आंकड़ों के मुताबिक 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी 32.38 लाख करोड़ रुपए रही है, जो 2020-21 की पहली तिमाही में 26.95 लाख करोड़ रुपए थी।

बताते चलें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए मार्च से मई के दौरान देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ लगाया था। इसी वजह से ग्रोथ निगेटिव में पहुंच गया थी। बहरहाल, कोरोना काल में पहली बार जीडीपी में इस स्तर की तेजी आई है। 


सुप्रीम फैसला: नोएडा में सुपरटेक की दो 40 मंजिला इमारतें तोड़ने के आदेश, फ्लैट मालिकों को ब्याज समेत मिलेगा उनका पैसा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने फैसले में कहा कि इन टावरों का निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम था।

नई दिल्ली: आज सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक रियल स्टेट कंपनी को तगड़ा झटका देते हुई उसकी नोएडा स्थित दो इमारतों को तोड़ने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, फ्लैट मालिकों का पैसा ब्याज समेत वापस करने का आदेश भी दिया है।


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक को एक बड़ा झटका देते हुए कंपनी द्वारा नोएडा में अपने एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में बनाए गए दो 40-मंजिल टावरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। 


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने फैसले में कहा कि इन टावरों का निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम था। 

जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि नोएडा सेक्टर-93 में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट में लगभग 1,000 फ्लैटों वाले ट्विन टावरों का निर्माण नियमों का उल्लंघन करके किया गया था और सुपरटेक द्वारा इन्हें अपनी लागत पर तीन महीने की अवधि के भीतर तोड़ा जाना चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को इन ट्विन टावरों के सभी फ्लैट मालिकों को 12% ब्याज के साथ रकम वापस करने का भी आदेश दिया है। 

मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2014 के फैसले को बरकरार रखा और सुपरटेक को एक एक्सपर्ट बॉडी की देखरेख में इन टावरों को गिराने का निर्देश दिया। 

कोर्ट ने कंपनी को दो महीने के भीतर सभी फ्लैट खरीददारों को रक वापस करने के लिए कहा है, इसके अलावा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को 2 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा है, जिसने अवैध निर्माण के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया।

कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण को भी नगर निगम और अग्नि सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन में 40-मंजिला टावरों के अवैध निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए बिल्डर के साथ मिलीभगत करने के लिए कड़ी फटकार लगाई। 

कोर्ट ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित 2009 की मंजूरी योजना अवैध थी क्योंकि इसने न्यूनतम दूरी मानदंड का उल्लंघन किया था और यह कि योजना को फ्लैट खरीददारों की सहमति के बिना भी मंजूरी नहीं दी जा सकती थी।


यात्रीगण कृपया ध्यान दें! पटना से जम्मू, आगरा और अमृतसर जाने वालीं कई ट्रेनें रद्द, देखें यहां पर पूरी लिस्ट

लखनऊ मंडल के रायबरेली स्टेशन पर प्री. एनआई, एनआई तथा गंगागंज रायबरेली रूपामाऊ रेलखंड के दोहरीकरण के कारण पूर्व मध्य रेल की 10 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इतना ही नहीं तीन स्पेशल ट्रेन्स के रूट भी बदले गए हैं।

नई दिल्ली/पटना/लखनऊ: लखनऊ मंडल के रायबरेली स्टेशन पर प्री. एनआई, एनआई तथा गंगागंज रायबरेली रूपामाऊ रेलखंड के दोहरीकरण के कारण पूर्व मध्य रेल की 10 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इतना ही नहीं तीन स्पेशल ट्रेन्स के रूट भी बदले गए हैं।

रद्द की गई ट्रेनों की लिस्ट

  1. पटना से जम्मूतवी के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 02355  पटना-जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 अगस्त, 04 सितंबर, 07 सितंबर एवं 11 सितंबर को रद्द रहेगा।
  2. जम्मूतवी से पटना के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 02356  जम्मूतवी-पटना स्पेशल ट्रेन का परिचालन 01 सितंबर, 05 सितंबर,  08 सितंबर एवं 12 सितंबर को रद्द रहेगा।
  3. कोलकाता से आगरा कैंट के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 03167  कोलकाता-आगरा कैंट स्पेशल ट्रेन का परिचालन 02 सितंबर एवं  09 सितंबर को रद्द रहेगा।
  4. आगरा कैंट से कोलकाता के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 03168 आगरा कैंट-कोलकाता स्पेशल ट्रेन का परिचालन 04 सितंबर एवं 11 सितंबर को रद्द रहेगा।
  5. हावड़ा से अमृतसर के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 03005 हावड़ा-अमृतसर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 30 अगस्त से 12 सितंबर तक रद्द रहेगा।
  6. अमृतसर से हावड़ा के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 03006 अमृतसर-हावड़ा स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 अगस्त से 14 सितंबर तक रद्द रहेगा।
  7. सिंगरौली से टनकपुर के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05073 सिंगरौली-टनकपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 05 सितंबर से 14 सितंबर तक रद्द रहेगा। 
  8. शक्तिनगर से टनकपुर के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05075  शक्तिनगर-टनकपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 05 सितंबर से 14 सितंबर तक रद्द रहेगा।
  9. टनकपुर से सिंगरौली के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05074 टनकपुर-सिंगरौली स्पेशल ट्रेन का परिचालन 04 सितंबर से 13 सितंबर तक रद्द रहेगा।
  10. टनकपुर से शक्तिनगर के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05076 टनकपुर-शक्तिनगर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 04 सितंबर से 13 सितंबर तक रद्द रहेगा।

इन ट्रेनों के रूट बदले

  1. 30 अगस्त को अमृतसर से प्रस्थान करने वाली 03006 अमृतसर-हावड़ा स्पेशल परिवर्तित मार्ग वाया लखनऊ-सुलतानपुर-प्रतापगढ़ के रास्ते चलेगी।
  2. पुरी से 31 अगस्त, 03 सितंबर, 05 सितंबर, 07 सितंबर, 10 सितंबर एवं 12 सितंबर को प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 02875 पुरी-आनंद विहार  टर्मिनल स्पेशल ट्रेन परिवर्तित मार्ग वाया प्रतापगढ़-सुलतानपुर-लखनऊ के रास्ते चलेगी।
  3. आनंद विहार टर्मिनल से दिनांक 31 अगस्त, 03 सितंबर, 05 सितंबर, 07 सितंबर, 10 सितंबर एवं 12 सितंबर को प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या  02876 आनंद विहार टर्मिनल-पुरी स्पेशल ट्रेन परिवर्तित मार्ग वाया लखनऊ-सुलतानपुर-प्रतापगढ़ के रास्ते चलेगी।


14 हजार करोड़ के स्वदेशी हेलिकॉप्टर और मिसाइल्स खरीदेगी इंडियन आर्मी, 'मेक इन इंडिया' अभियान को मिलेगी मजबूती

भारतीय सेना ने 14,000 करोड़ रुपये की स्वदेशी मिसाइल और हेलिकॉप्टर खरीदने का फैसला लिया है। मेक इन इंडिया के तहत भारतीय सेना आकाश-एस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की दो रेजिमेंट और 25 उन्नत हल्के हलिकॉप्टर (एएलएच) की खरीदारी करेगी।

नई दिल्ली: पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' को अब इंडियन आर्मी भी बढ़ावा दे रही है। दरअसल, 14 हजार करोड़ के स्वदेशी हेलिकॉप्टर व मिसाइलों को भारतीय सेना ने खरीदने की इक्षा जताई है।


भारतीय सेना ने 14,000 करोड़ रुपये की स्वदेशी मिसाइल और हेलिकॉप्टर खरीदने का फैसला लिया है। मेक इन इंडिया के तहत भारतीय सेना आकाश-एस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की दो रेजिमेंट और 25 उन्नत हल्के हलिकॉप्टर (एएलएच) की खरीदारी करेगी। इसके लिए सरकार के पास कुल 14000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है।


मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना ने प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय के पास भेज दिया है। प्रस्ताव को जल्द मंजूरी भी मिल सकती है। उम्मीद किया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जल्द ही इस संबंध में एक हाई लेवल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा कि आकाश-एस मिसाइल एक स्वदेशी हथियार के साथ-साथ यह आकाश मिसाइल प्रणाली का एक नया संस्करण है।


आकाश-एस 25-30 किमी दूर से ही दुश्मनों के विमान और क्रूज मिसाइल को निशाना बनाने में सक्षम है। खास बता यह है कि यह मिसाइल लद्दाख जैसे अत्यधिक ठंड के मौसम में दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम हैं। ऐसे में आकाश-एस मिसाइल चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के साथ पहाड़ी और अन्य क्षेत्रों में भारतीय सेना की सभी आवश्यकताओं को पूरा करेंगी।


फ्यूचर रिटेल और अमेजन की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में पहुंची

दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ ने दो फरवरी को फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे में यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया था।

नई दिल्ली: फ्यूचर रिटेल लि. (एफआरएल) ने रिलायंस रिटेल के साथ अपने 24,713 करोड़ के सौदे पर दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उच्च न्यायालय ने रिलायंस रिटेल के साथ के कंपनी के सौदे पर यथास्थिति कायम रखने और सिंगापुर के आपात पंचाट के आदेश के प्रवर्तन का निर्देश दिया था।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में फ्यूचर रिटेल ने कहा, ‘‘कंपनी ने दो फरवरी, 2021 और 18 मार्च, 2021 को सुनाए गए एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर की है। समय के साथ इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।'' दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ ने दो फरवरी को फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे में यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया था। अमेरिका की ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन ने इस सौदे पर आपत्ति जताई थी। न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने कहा था कि अदालत इस बात को लेकर संतुष्ट है कि अमेजन के अधिकारों के संरक्षण के लिए तत्काल अंतरिम आदेश पारित करने की जरूरत है।

इसके बाद 18 मार्च को अदालत ने सिंगापुर आपात पंचाट (ईए) के फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल को अपना कारोबार 24,713 करोड़ रुपये में बेचने के सौदे पर रोक के आदेश को उचित ठहराया था। न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने फ्यूचर रिटेल को निर्देश दिया था कि वह रिलायंस के साथ सौदे पर आगे कोई कार्रवाई नहीं करे। अदालत ने कहा था कि समूह ने जानबूझकर ईए के आदेश का उल्लंघन किया है। उच्च न्यायालय ने फ्यूचर समूह की सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया था और साथ कंपनी और उसके निदेशकों पर 20 लाख रुपये की लागत भी लगाई थी।

फ्यूचर रिटेल लि। ने 12 अगस्त को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा था कि किशोर बियानी, राकेश बियानी और बियानी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ होल्डिंग कंपनियों फ्यूचर कूपंस, फ्यूचर कॉरपोरेट रिसोर्सेज, अकार एस्टेट एंड फाइनेंस ने उच्चतम न्यायालय में अमेजन।कॉम एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएलसी के खिलाफ विशेष अवकाश याचिका दायर की है।


1 सितंबर से होने जा रहे हैं ये बदलाव, बैंकिंग, पीएफ एकाउंट समेत कई नियम होंगे चेंज

1 सितंबर से कई तरह के बदलाव होने जा रहे हैं। इसके साथ ही FY 22 की दूसरी तिमाही भी शुरू हो जाएगी। इस तारीख को Bank ग्राहकों को सेविंग खातों में FY 22 की दूसरी तिमाही का ब्‍याज भी मिलेगा। इसके अलावा GSTN ने कुछ नियम सख्‍त कर दिए हैं। वहीं LPG सिलेंडर के रेट की समीक्षा भी होगी।

नई दिल्‍ली: 1 सितंबर से कई तरह के बदलाव होने जा रहे हैं। इसके साथ ही FY 22 की दूसरी तिमाही भी शुरू हो जाएगी। इस तारीख को Bank ग्राहकों को सेविंग खातों में FY 22 की दूसरी तिमाही का ब्‍याज भी मिलेगा। इसके अलावा GSTN ने कुछ नियम सख्‍त कर दिए हैं। वहीं LPG सिलेंडर के रेट की समीक्षा भी होगी।

त्‍योहारी सीजन को देखते हुए Indian Railways कुछ नई स्‍पेशल ट्रेनों या पूजा स्‍पेशल की शुरुआत कर सकता है ताकि यात्रियों को घर आने में दिक्‍कत न झेलनी पड़े। EPFO ने भी PF खाते को लेकर नियम बदले हैं। आइए जानते हैं 1 सितंबर को कौन से बदलाव होंगे और हमारी जेब पर कितना असर पड़ेगा।

GST से जुड़े बदलाव

GSTN ने कहा है कि जिन कारोबारियों ने बीते दो महीनों में GSTR-3B रिटर्न दाखिल नहीं किया है, वे 1 सितंबर से बाहर भेजी जाने वाली आपूर्ति का ब्‍योरा GSTR-1 में नहीं भर पाएंगे। जहां कंपनियां किसी महीने का GSTR-1 उसके अगले महीने के 11 वें दिन तक दाखिल करती हैं, जीएसटीआर-3बी को अगले महीने के 20-24वें दिन के बीच क्रमबद्ध तरीके से दाखिल किया जाता है। व्यवसायिक इकाइयां जीएसटीआर-3बी के जरिए कर भुगतान करती हैं।

बड़े एमाउंट का चेक जारी करने से पहले करें ये काम

RBI ने 1 जनवरी 2020 से चेक जारी करने पर नया नियम लागू कर रखा है। ज्‍यादातर बैंकों ने RBI के Positive Pay System को अपना लिया है। अब 1 सितंबर से Axis Bank इस नियम को अपने यहां लागू कर रहा है। इसके तहत ग्राहक को बड़ी रकम का चेक जारी करने से पहले बैंक को बताना होगा। यह चेक फ्रॉड रोकने की दिशा में उठाया गया कदम है। बैंक ने अपने ग्रा‍हकों को इसकी जानकारी देना शुरू कर दिया है।

पंजाब नेशनल बैंक ब्याज में करेगा कमी

देश के बड़े सरकारी बैंकों में से एक Punjab National Bank सेविंग अकाउंट में डिपॉजिट पर ब्याज दर में कटौती कर रहा है। यह कटौती 1 सितंबर 2021 से लागू होगी। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दी जानकारी के मुताबिक बैंक की नई ब्याज दर 2.90 फीसदी सालाना हो जाएगी। नई ब्याज दर PNB के मौजूदा और नए बचत खातों पर लगेगी। मौजूदा ग्राहकों को PNB बचत खाते पर 3 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है।

पीएफ एकाउंट एकाउंट होल्डर भी ध्यान दें

EPFO ने कहा है कि 31 अगस्त तक अगर PF खाताधारक अपने UAN को Aadhaar से नहीं लिंक करते हैं तो न ही उनका Employer पीएफ खाते में मंथली कॉन्ट्रीब्यूशन दे पाएगा और न ही कर्मचारी अपना PF खाता ऑपरेट कर पाएगा। बता दें कि EPFO ने 1 जून 2021 को नया नियम बनाया था। उसके तहत हरेक कर्मचारी के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को Aadhaar से लिंक कराना अनिवार्य है। बाद में इसकी तारीख 31 अगस्‍त कर दी गई थी।


भारतीय रेल की पूजा स्‍पेशल ट्रेन

भारतीय रेल कुछ नई ट्रेनों का ऐलान कर सकता है ताकि यात्रियों को आने-जाने में सुविधा हो। इसके लिए वह कुछ स्‍पेशल ट्रेनों के फेरों में बढ़ोत्‍तरी कर सकता है। साथ ही डिमांड के हिसाब से कुछ पूजा स्‍पेशल ट्रेनें भी चल सकती हैं।

एलपीजी सिलेंडर का रेट रिवीजन

LPG सिलेंडर के रेट का हर 15 दिन पर रिवीजन होता है। 1 सितंबर को भी तेल कंपनियां इसके रेट की समीक्षा करेंगी। जुलाई और अगस्‍त में ही तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस के दाम में 25-25 रुपए की बढ़ोत्‍तरी की थी।


वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का PSU बैंकों को लेकर बड़ा बयान, कहा-'कोरोना के बावजूद कर रहे अच्छा काम', सरकारी बीमा कंपनियों के लिए कही ये बड़ी बात

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को मुंबई में अपने दो दिवसीय यात्रा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान कई सरकारी बैंकों के सीईओ और अन्य अधिकारियों सहित कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के अधिकारियों से मिलीं।

मुंबई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को मुंबई में अपने दो दिवसीय यात्रा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान कई सरकारी बैंकों के सीईओ और अन्य अधिकारियों सहित कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के अधिकारियों से मिलीं।

बैठकों में बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन और महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था के समर्थन में उनकी तरफ से उठाये गये कदमों की समीक्षा की गई। मंत्री ने इस दौरान सरकारी बैंकों में सुधार के लिए वित्तवर्ष 2021-22 के लिए एक रिफॉर्म एजेंडा EASE 4.0 Index भी लॉन्च किया। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने महामारी के बावजूद अच्छा काम किया और इस दौरान वह रिजर्व बैंक की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई से बाहर निकले हैं।


वित्त मंत्री ने बैंकों से राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है, जिससे ‘एक जिला, एक निर्यात' एजेंडा को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि ‘एक जिला- एक उत्पाद' को बढ़ावा देने के लिये बैंकों से राज्यों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कहा कि वे निर्यातकों के संगठनों से बातचीत करें और उनकी जरूरतों को समझें। उन्होंने ‘एक जिला, एक उत्पाद निर्यात' एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए बैंकों से राज्यों के साथ मिलकर काम करने को कहा। वित्त मंत्री ने बैंकों से वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र को समर्थन देने को भी कहा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने निजीकरण का विरोध कर रहे सरकारी बीमा कंपनियों को कर्मचारियों को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि 'सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार उनकी चिंताओं से अवगत है।' बता दें कि सरकार ने इस मॉनसून सत्र में संसद में साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 पास किया है, जिसका पीएसजीआई कंपनियों के श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं। इस विधेयक के पारित होने के बाद केंद्र सरकार किसी बीमा कंपनी में 51 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी रख सकती है यानी उसका निजीकरण किया जा सकता है।


पेट्रोल-डीजल के दामों में जल्द आएगी कमी, जानिए-तेल से मिलने वाली रकम कहां खर्च कर रही केंद्र सरकार

देश में लगातार पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से परेशान आम जनता को जल्द ही राहत मिलने वाली है। दरअस, वैश्विक बाजार में कच्चे तेलों के दामों में गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में जल्द ही आम लोगों को इसका फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।

नई दिल्ली: देश में लगातार पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से परेशान आम जनता को जल्द ही राहत मिलने वाली है। दरअस, वैश्विक बाजार में कच्चे तेलों के दामों में गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में जल्द ही आम लोगों को इसका फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।

आज प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें धीरे-धीरे नीचे आ रही हैं और स्थिर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनो में इसका असर तेल के दामों पर पड़ेगा और इसमें कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान सरकार द्वारा तेल के दामों पर अधिक एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ठीक है सरकार प्रति लीटर 32 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल करती है, लेकिन इससे मिले पैसे का इस्तेमाल विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं में किया जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार अपनी अन्य जिम्मेदारियों को लेकर भी बहुत संवेदनशील है। पुरी ने कहा कि कोरोना के बाद 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। फ्री वैक्सीन दी गई और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस सबका पैसा कहां से आया। ऐसे में तस्वीर को पूरी तरह से देखने की जरूरत है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्रीय सरकार द्वारा लगाई गई एक्साइज ड्यूटी वही है जो अप्रैल 2010 में लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 19 डॉलर 60 सेंट प्रति लीटर थी तब भी 32 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से ही एक्साइज ड्यूटी लगाई गई थी। जब जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 75 डॉलर प्रति लीटर तक पहुंच चुकी हैं तब भी इसी दर से एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है।

पुरी ने कहा कि भारत में तेल की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय मार्केट के हिसाब से तय होती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकारें भी वैट लगाती हैं। 


मारूती सुजुकी पर लगा 200 करोड़ का जुर्माना, जानिए-क्यों

नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूती सुजुकी पर 200 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। भारत के अविश्वास नियामक या कहें तो एंटीट्रस्ट रेगुलेटर ने भारत की सबसे बड़ी वाहन निर्माता, मारुति सुज़ुकी पर रु 200 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इस जुर्माने को लेकर नियामक द्वारा सोमवार को कहा गया कि, कंपनी ने मुकाबले के लिए गलत नीति अपनाई है जिसमें डीलर्स को कारों पर डिस्काउंट देने के लिए मजबूर किया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया CCI ने 2019 से इस मामले पर नज़र जमाकर रखी थी जब मारुति पर डीलर्स को डिस्काउंट या ऑफर्स को सीमित रखने का दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे, इससे डीलर्स के बीच मुकाबले में बुरा प्रभाव पड़ा है और अगर डीलर्स को अपने हिसाब से काम करने दिया जाता तो ग्राहकों को वाहन संभवतः कम कीमत पर भी मिल सकते थे।

डीलर्स को अपने हिसाब से काम करने दिया जाता तो ग्राहकों को वाहन कम कीमत पर मिल सकते थे। जांच के बाद एक आदेश जारी किया गाय है जिमें सीसीआई ने Maruti Suzuki को "इस नीति को बंद करने और इससे परहेज करने" को कहा है, और यह भी कहा है कि अगले 60 दिनों में कंपनी जुर्माने की राषि जमा करे। मारुति का ज़्यादातर हिस्सा जापान की सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पार है जिससे तत्काल प्रभाव से इस मामले में कोई भी जवाब नहीं दिया है।




Income Tax Portal में आ रही खामियों को लेकर वित्त मंत्री ने Infosys को दिया अल्टीमेटम, इस समय से पहले ठीक करने को कहा

सीतारमण ने अपने दफ्तर में Infosys के सीईओ सलिल पारेख से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री ने पारेख से इस बात की जानकारी ली कि आखिर लॉन्चिंग के ढाई महीने बाद भी पोर्टल से जुड़ी समस्याएं अब तक क्यों नहीं दुरुस्त हो पायी हैं। इस बैठक के दौरान Infosys के MD और CEO सलिल पारेख ने कहा कि वह और उनकी पूरी टीम पोर्टल के सुचारु कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।

नई दिल्ली: लॉंचिंग के शुरुआत से ही इनकम टैक्स की नई वेबसाइट दिक्कतें कर रही है। लगातार करदाता इस बात की शिकायत कर रहे थे। सरकार द्वारा इसे बनाने वाली कंपनी इन्फोसिस को समय दिया जाता रहा लेकिन जब पानी सिर से ऊपर उठा तो केंद्र सरकार सकते में आई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Infosys को नए इनकम टैक्स पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों को 15 सितंबर, 2021 तक दूर करने को कहा है। इससे पहले उन्होंने इस पोर्टल को डेवलप करने वाली कंपनी Infosys के CEO सलिल पारेख के समक्ष वेबसाइट से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर चिंता जाहिर की।

मिली जानकारी के मुताबिक, सीतारमण ने अपने दफ्तर में Infosys के सीईओ सलिल पारेख से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री ने पारेख से इस बात की जानकारी ली कि आखिर लॉन्चिंग के ढाई महीने बाद भी पोर्टल से जुड़ी समस्याएं अब तक क्यों नहीं दुरुस्त हो पायी हैं। इस बैठक के दौरान Infosys के MD और CEO सलिल पारेख ने कहा कि वह और उनकी पूरी टीम पोर्टल के सुचारु कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि 750 से ज्यादा सदस्य इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं और COO प्रवीण राव व्यक्तिगत रूप से इस प्रोजेक्ट पर नजर बनाए हुए हैं।


बता दें कि इससे पहले रविवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक ट्वीट कर कहा था कि मंत्री ने समस्याओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए Infosys के CEO को तलब किया है। इनकम टैक्स विभाग के नए पोर्टल को सात जून को लॉन्च किया गया था। यह पोर्टल 'इमरजेंसी मेंटेनेंस' के लिए 21 अगस्त से लेकर 22 अगस्त की शाम तक एक्सीसेबल नहीं था।

यह भी बता दें कि सीतारमण ने वेबसाइट से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर इन्फोसिस के अधिकारियों से दूसरी बार यह मुलाकात की है। इससे पहले उन्होंने 22 जून को पारेख और कंपनी के COO प्रवीण राव से मुलाकात की थी।


Income Tax E-फाइलिंग पोर्टल में अब भी आ रही हैं दिक्कतें, इंफोसिस के CEO को केंद्र ने किया तलब

लॉचिंग के पहले ही दिन से दिक्कतों का सामना कर रही आयकर विभाग के नए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल को लेकर अब इसे बनाने वाली कंपनी इंफोसिस के सीईओ को केंद्र सरकार ने तलब किया है।

नई दिल्ली: लॉचिंग के पहले ही दिन से दिक्कतों का सामना कर रही आयकर विभाग के नए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल को लेकर अब इसे बनाने वाली कंपनी इंफोसिस के सीईओ को केंद्र सरकार ने तलब किया है।  

मिली जानकारी के मुताबुक, लगातार आ रही खामियों के मद्देनजर वित्त मंत्रालय ने इंफोसिस के चीफ सलिल पारेख को तलब किया है। मंत्रालय ने पारेख से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष यह स्पष्ट करने को कहा है कि दो महीने बाद भी पोर्टल ठीक से काम क्यों नहीं कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जून में इस दिक्कत को लेकर चिंता जताई थी। वित्त मंत्रालय ने पारेख और वरिष्ठ कार्यकारी प्रवीण राव को पोर्टल को "अधिक ह्यूमन और यूजर फ्रेंडली" बनाने के लिए काम करने को कहा था। 


आयकर विभाग की ओर से रविवार को किए गए ट्वीट में कहा गया, ‘‘वित्त मंत्रालय ने इन्फोसिस के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सलिल पारेख को 23 अगस्त को तलब किया है। पारेख को वित्त मंत्री के समक्ष यह बताना है कि नए ई-फाइलिंग पोर्टल के लॉन्च होने के ढाई महीने बाद भी दिक्कतें क्यों जारी हैं और उन्हें ठीक क्यों नहीं किया जा सका है। 21 अगस्त से तो यह पोर्टल उपलब्ध नहीं है।"

ई-फाइलिंग के नए पोर्टल को आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने डिजाइन किया है, जिसमें 7 जून को सेवा शुरू होने के बाद से कई तकनीकी समस्याएं पाई गईं। उपयोगकर्ताओं ने साइट पर आ रही दिक्कतों का स्क्रीनशॉट डालते हुए कई बार उसमें वित्त मंत्री को भी टैग किया है। 

खबरों के मुताबिक, जनवरी, 2019 से जून, 2021 के दौरान सरकार ने इन्फोसिस को पोर्टल के विकास के लिए 164.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।




तालिबान ने दिखाई अपनी औकात, भारत के साथ सभी आयात-निर्यात किया बंद, महंगे होंगे ड्राई फ्रूट्स !

डॉ. सहाय के मुताबिक भारत अफगानिस्तान के बड़े व्यापार साझेदारों में से एक है। नई दिल्ली से काबुल को साल 2021 में अब तक 83.5 करोड़ डॉलर (लगभग 6262.5 करोड़ रुपये) का सामान निर्यात किया जा चुका है।

नई दिल्ली: दुनियभर से शांति का वादा करने वाला तालिबान अपनी काबुल ओर कब्जा करने के साथ ही औकात पर आ गया है। तालिबान ने भारत से सभी तरह का आयात-निर्यात रोक दिया है। भारतीय निर्यात संगठन संघ (एफआईईओ) के महानिदेशक डॉ. अजय सहाय ने बुधवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में यह जानकारी दी।


सहाय ने बताया कि तालिबान ने पाकिस्तान के ट्रांजिट मार्ग से माल की ढुलाई बंद कर दी है। इससे मुल्क में भारत से सामान की आवाजाही रुक गई है। डॉ. सहाय के मुताबिक भारत अफगानिस्तान के बड़े व्यापार साझेदारों में से एक है। नई दिल्ली से काबुल को साल 2021 में अब तक 83.5 करोड़ डॉलर (लगभग 6262.5 करोड़ रुपये) का सामान निर्यात किया जा चुका है। 

वहीं, अफगानिस्तान से भारत में लगभग 51 करोड़ डॉलर (लगभग 3825 करोड़ रुपये) का सामान आयातित हो चुका है। व्यापार के अलावा भारत ने अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर निवेश भी कर रखा है। मुल्क में भारत की ओर से संचालित 400 से अधिक परियोजनाओं में तीन अरब डॉलर (लगभग 225 अरब रुपये) का निवेश होने का अनुमान है।


फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन ने इस बात को लेकर चिंता जाहिर की कि अफगानिस्तान में अस्थिर स्थिति के कारण आने वाले दिनों में ड्राई फ्रूट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं। भारत करीब 85 फीसदी सूखे मेवे अफगानिस्तान से आयात करता है।


सिंगल यूज प्लास्टिक पर सरकार ने लगाया पूरी तरह से प्रतिबंध!

देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं की खरीद, बिक्री, मैन्युफैक्चरिंग पर रोक का आदेश जारी किया है।

नई दिल्ली: सरकार द्वारा सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक के आइटम्स पर जुलाई 2022 से रोक लगाए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। 


देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं की खरीद, बिक्री, मैन्युफैक्चरिंग पर रोक का आदेश जारी किया है। इसके अलावा सरकार ने पॉलीथीन बैग की मोटाई 50 माइक्रोन से बढ़ाकर 120 माइक्रोन तक कर दी है। हालांकि, मोटाई संबंधित नियम 30 सितंबर से शुरू होकर दो चरणों में लागू किया जाएगा। फिलहाल देश में 50 माइक्रॉन से कम के पॉलीथीन बैग पर बैन है।


अगले साल 31 दिसंबर से 75 माइक्रोन से कम मोटाई के पॉलीथीन बैग और 120 माइक्रोन से कम के बैग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 1 जुलाई, 2022 से पॉलीस्टाइनिन और एक्सपैंडेड पॉलीस्टाइनिन सहित सिंगल यूज वाले प्लास्टिक के उत्पादन, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। 


इन चीजों को इस्तेमाल करने से बचें


सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक सिंगल यूज वाली प्लास्टिक चीजों में प्लास्टिक स्टिक, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक स्टिक, झंडे और कैंडी की प्लास्टिक स्टिक, आइसक्रीम की स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन [थर्मो-कॉल] शामिल हैं। इसके अलावा प्लेट, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, ट्रे, मिठाई बक्से, निमंत्रण कार्ड, और सिगरेट के पैकेट पर लपेटे जाने वाली प्लास्टिक और 100 माइक्रोन से कम के पीवीसी बैनर शामिल हैं। इन पर प्रतिबंध लग जाएगा।


स्‍क्रैप नीति का देश के विकास में अहम योगदान: PM मोदी

पीएम मोदी ने इस सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में आज नेशनल आटोमोबाइल स्‍क्रैपिंग नीति लान्‍च हो रही है, जो देश के आटोमोबाइल सेक्टर को एक नई पहचान देगी। खराब और प्रदूषण फैलाने वाले व्‍हीकल्‍स को वैज्ञानिक तरीके से सड़क से हटाने में ये नीति अहम भूमिका निभाएगी।

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने आज गुजरात में आयोजित निवेशकों के सम्‍मेलन को वर्चुअल तौर पर संबोधित किया। इस मौके पर उन्‍होंने केंद्र सरकार की स्‍क्रैप नीति को देश के विकास में अहम बताया है। पीएम मोदी ने इस सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में आज नेशनल आटोमोबाइल स्‍क्रैपिंग नीति लान्‍च हो रही है, जो देश के आटोमोबाइल सेक्टर को एक नई पहचान देगी। खराब और प्रदूषण फैलाने वाले व्‍हीकल्‍स को वैज्ञानिक तरीके से सड़क से हटाने में ये नीति अहम भूमिका निभाएगी।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, 'आज देश नेशनल ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज पॉलिसी शुरू कर रहा है। ये नीति नए भारत के ऑटो सेक्टर को नई पहचान देने वाली है। देश में अनफिट वाहनों को एक वैज्ञानिक तरीके से हटाने में ये नीति बहुत बड़ी भूमिका निभाएगी।ये नीति देश में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश लाएगी और हज़ारों रोज़गार का निर्माण करेगी।'



पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि नई स्क्रैपिंग नीति कचरे से कंचन के अभियान की सर्कुलर अर्थव्यवस्था की एक अहम कड़ी है। ये नीति शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज़ विकास की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। ये नीति मेटल सेक्टर में देश की आत्मनिर्भरता को भी नई ऊर्जा देगी।'

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'स्क्रैपिंग नीति से पूरे देश में स्क्रैप से जुड़े सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी। स्क्रैपिंग से जुड़े हमारे कामगारों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आएगा, संगठित क्षेत्र के दूसरे कर्मचारियों जैसे लाभ भी उनको मिल पाएंगे।'

उन्‍होंने कहा कि मोबिलिटी का देश के विकास में अहम योगदान है। 21वीं सदी का भारत कन्वेनिएंट और क्‍लीन लक्ष्‍य को लेकर चले, ये समय की मांग है। ये नीति तेज विकास के सरकार के कमिटमेंट को दर्शाती है। ये देश की आत्‍मनिर्भरता को भी आगे बढ़ेगी। उन्‍होंंने कहा कि आने वाले 25 वर्ष देश के लिए बेहद अहम हैं। आज मौजूद संपदा हमें धरती से मिल रही है, वो भविष्‍य में कम हो जाएगी और इसलिए भारत डीप ओशियन की नई संभावनाओं को तलाशने में लगा है। क्‍लाइमेट चेंज को हर कोई अनुभव कर रहा है। इसलिए देश को बड़े कदम उठाने भी जरूरी हैं। बीते वर्षों में ऊर्जा के सेक्‍टर में काफी तरक्‍की की है।  


पीएम ने नई स्‍क्रैप नीति को वेस्‍ट टू वेल्‍थ की दिशा में एक अहम कदम बताया है। उन्‍होंंने कहा कि इससे न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था को भी तेजी मिलेगी। उन्‍होंंने बताया कि ये नीति हमारे जीवन से जुड़ी हुई है। पुरानी गाड़ियों की वजह से होने वाले हादसों को इस नीति के तहत रोका जा सकेगा। जिसके पास स्‍क्रैप सर्टिफिकेट होगा उसको रजिस्‍ट्रेशन के नाम पर दिया जाने वाला पैसा नई गाड़ी की खरीद पर नहीं लगेगा। साथ ही नई गाड़ी खरीदने वालों को कई दूसरी तरह की छूट भी मिलेंगी।    

नितिन गडकरी ने कही ये बात

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में लगभग एक करोड़ गाड़ियां ऐसी थीं जो वेलिड फिटनेस के बिना चल रही थीं। इससे प्रदूषण भी बढ़ रहा था और तेल में काफी खर्च हो रहा था। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से ये मानदंडों को पूरा नहीं कर रही थीं। इन्हीं विचारों से स्क्रैपिंग पॉलिसी की शुरुआत हुई।


कच्चे तेल का दामों में 4 डॉलर से अधिक की गिरावट, बड़ा सवाल-अब क्यों पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं कर रहीं तेल कंपनियां?

आम आदमी को ये सवाल बार-बार कचोट रहा है कि जब कच्चे तेल के दाम बढ़े तो उनकी जेब पर डाका डाला गया और उन्हें महंगे दाम पर पेट्रोल डीजल खरीदने पड़े और जब आज कच्चे तेल के दामों में कमीं आ गई है तो उसका फायदा उन्हें क्यों नहीं मिल पा रहा है।

नई दिल्ली: पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के पीछे तेल कंपनियां अक्सर कच्चे तेलों के बढ़ते दामों का हवाला देती रही हैं लेकिन आज जब कच्चे तेलों के दाम घट गए हैं तो वह पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं कर रही हैं। आम आदमी को ये सवाल बार-बार कचोट रहा है कि जब कच्चे तेल के दाम बढ़े तो उनकी जेब पर डाका डाला गया और उन्हें महंगे दाम पर पेट्रोल डीजल खरीदने पड़े और जब आज कच्चे तेल के दामों में कमीं आ गई है तो उसका फायदा उन्हें क्यों नहीं मिल पा रहा है।

करीब 24 दिन में कच्चे तेल में पांच फीसदी से अधिक गिरावट के बावजूद कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे कंपनियों के साथ सरकार का खजाना भर रहा है। वहीं आम लोगों की जेब हल्की हो रही है। पिछली बार 15 जुलाई को पेट्रोल के दाम में बढ़ोत्तरी हुई थी। उसके बाद से लेकर अब तक कच्चे तेल का भाव 74.33 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 69.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुका है। कच्चे तेल के दाम में गिरावट के बावजूद पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं करने से कंपनियों को अब तक 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है।

तेल कंपनियां निकालती रहेंगा आम आदमी का तेल!

कंपनियों का कहना है कि वह कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोलियम का दाम नहीं घटाकर अपने घाटे की भरपाई कर रही हैं। उनका तर्क है कि जब कच्चा तेल महंगा था, तब उस अनुपात में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए थे। वहीं सरकार का तर्क है कि महंगे कच्चे तेल के दौर में उसने 1.3 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी जिसकी भरपाई हो रही है।

ऐसे समझिए तेल का खेल
  • 4.61 डॉलर सस्ता हो चुका है कच्चा तेल 15 जुलाई के बाद
  • 15 जुलाई को अंतिम बार बढ़ा था पेट्रोल का दाम
  • 08 हजार करोड़ रुपये की बचत होती है कंपनियों को कच्चा तेल एक डॉलर सस्ता होने पर
  • 13 हजार करोड़ रुपये सरकार को लाभ पेट्रोल-डीजल पर एक रुपया टैक्स बढ़ाने से
  • 74.33 डॉलर प्रति बैरल था कच्चा तेल 15 जुलाई को
  • 69.72 डॉलर प्रति बैरल रहा कच्चा तेल 10 अगस्त को
  • 3.39 लाख करोड़ रुपये पेट्रोलियम पर टैक्स से मिले सरकार को वित्त वर्ष 2020-21 में
  • 62 फीसदी अधिक कमाई हुई सरकार की पेट्रोलिम पर टैक्स से वित्त वर्ष 2019-20 के मुकाबले
  • 09 फीसदी घटी पेट्रोलियम की बिक्री वित्त वर्ष 2020-21 में कोरोना की वजह से
  • 58 फीसदी टैक्स पेट्रोल की कुल कीमत में
  • 52 फीसदी टैक्स डीजल की कुल कीमत में
कुल मिलाकर एक बार जिस चीज के दाम बढ़ गए हैं उसके दाम बढ़े ही रहेंगे। ज्यादा हो हल्ला किया गया तो 10-20 पैसे पेट्रोल डीजल के दाम ज्यादा से ज्यादा घट सकते हैं। ऐसे में यहां यह कहना सही होगा कि आम जनता को फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलने वाली है। तेल कंपनियां अपना घाटा पूरा कर रही है और सरकार भी उनका साथ दे रही और अपना खजाना भर रही है।


सोने और चांदी की चमक पड़ी फीकी, तेजी से गिर रहे हैं दाम

आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम पर 4,628, 8 ग्राम पर 37,024 10 ग्राम पर 46,280 और 100 ग्राम पर 4,62,800 रुपये चल रही है। अगर प्रति 10 ग्राम देखें तो 22 कैरट सोना 45,280 पर बिक रहा है।

मुंबई: अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से नीतिगत दरों को उम्मीद से पहले बढ़ाए जाने के डर ने बुलियन मार्केट में हलचल मचा रखी है। इंटरनेशनल मार्केट में सोना गिरकर अपने चार महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके चलते सोमवार को मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर में जबरदस्त गिरावट दिखाई दी। सोना आज 1 फीसदी से ज्यादा गिर गया। वहीं, सिल्वर में भी बड़ी गिरावट दिखी है। वहीं स्पॉट गोल्ड भी बहुत बड़ी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। अच्छे US जॉब डेटा के चलते डॉलर और यूएस ट्रेजरी यील्ड में तेजी ने सोने की चमक फीकी कर दी है।

22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम

आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम पर 4,628, 8 ग्राम पर 37,024 10 ग्राम पर 46,280 और 100 ग्राम पर 4,62,800 रुपये चल रही है। अगर प्रति 10 ग्राम देखें तो 22 कैरट सोना 45,280 पर बिक रहा है।


अगर प्रमुख शहरों में गोल्ड की कीमतों पर नजर डालें तो दिल्ली में 22 कैरेट के सोने की कीमत 45,580 और 24 कैरेट सोने की कीमत 49,720 चल रही है। मुंबई में 22 कैरेट सोना 45,280 और 24 कैरेट सोना 46,280 पर चल रहा है।

कोलकाता में 22 कैरेट सोना 46,030 रुपए है, वहीं 24 कैरेट सोना 48,730 रुपए हैं। चेन्नई में 22 कैरेट सोने की कीमत 43,800 और 24 कैरेट 47,780 रुपए पर है। ये कीमतें प्रति 10 ग्राम सोने पर हैं।

अगर चांदी की बात करें तो प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत 63,600 रुपए प्रति किलो है। दिल्ली में चांदी 63,600 रुपए प्रति किलो बिक रही है। मुंबई और कोलकाता में भी चांदी की कीमत यही है. चेन्नई में चांदी की कीमत 68,700 रुपए प्रति किलो है।


SC से फ्यूचर रिटेल को तगड़ा झटका, नहीं कर सकेगा रिलायंस में विलय, अमेजन को मिली जीत

फ्यूचर और रिलायंस ग्रुप को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, सु्प्रीम कोर्ट ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनात हुए फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के रिलायंस रिटेल में विलय होने के 24 हजार करोड़ के सौदे पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के साथ ही शेयर बाजार में रिलांयस के शेयर 1.33 फीसदी तक गिर गए।

नई दिल्ली: फ्यूचर और रिलायंस ग्रुप को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, सु्प्रीम कोर्ट ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनात हुए फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के रिलायंस रिटेल में विलय होने के 24 हजार करोड़ के सौदे पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के साथ ही शेयर बाजार में रिलांयस के शेयर 1.33 फीसदी तक गिर गए।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फ्यूचर रिटेल के रिलायंस रिटेल के साथ विलय सौदे पर रोक लगाने का फैसला भारतीय कानूनों के तहत वैध और लागू करने योग्य है। सिंगापुर में आया इमरजेंसी आर्बिट्रेशन का फैसला भारत में लागू है। इमरजेंसी आर्बिट्रेशन ने इस सौदे पर रोक लगाई थी। अमेजन ने इस विलय सौदे का विरोध किया था।

बताते चलें कि अमेरिकी ई-रिटेल कंपनी अमेजन 24,713 करोड़ के इस सौदे के खिलाफ है। अमेजन का कहना है कि सिंगापुर में इमरजेंसी आर्बिट्रेटर इस सौदे पर रोक लगा चुके हैं। इसके रहते फ्यूचर का रिलायंस में विलय नहीं हो सकता।

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती


इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल को इमरजेंसी आर्बिट्रेटर का आदेश मानने के लिए कहा था। इससे विलय का सौदा खटाई में पड़ गया था। फ्यूचर ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि भारतीय कानूनों में इस तरह के इमरजेंसी अंतर्राष्ट्रीय आर्बिट्रेशन की कोई मान्यता नहीं है।


दरअसल, अमेजन ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसने रिलायंस-एफआरएल सौदे को हरी झंडी दे दी थी। एफआरएल का प्रतिनिधित्व करने वाले साल्वे ने तर्क दिया कि मध्यस्थता और सुलह पर भारतीय कानून के तहत ईए की कोई धारणा नहीं है और साथ ही, इस आशय का कोई मध्यस्थता समझौता नहीं था।

साल्वे ने जोर देकर कहा कि भारतीय कानून के तहत ईए के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद पीठ ने आठ फरवरी को सौदे के संबंध में एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें उन्होंने एफआरएल और विभिन्न वैधानिक निकायों से यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा था।


RBI की ब्याज दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं, आम आदमी को EMI में नहीं मिलेगी राहत

RBI ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, एमएसएफ रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4 फीसदी रहेगा। एमएसएफ रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 फीसदी रहेगा। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी बिना किसी बदलाव के साथ 3.35 फीसदी पर रहेगा। इस वजह से ईएमआई में भी कोई बदलाव नहीं होगा।

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत दर रेपो में किसी भी प्रकार को कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। RBI ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, एमएसएफ रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4 फीसदी रहेगा। एमएसएफ रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 फीसदी रहेगा। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी बिना किसी बदलाव के साथ 3.35 फीसदी पर रहेगा। इस वजह से ईएमआई में भी कोई बदलाव नहीं होगा।

GDP वृद्धि दर का अनुमान 9.5 फीसदी

RBI गवर्नर गवर्नर शशिकांत दास ने कहा, ‘’मौद्रिक नीति समिति ने मौद्रिक नीति के मामले में उदार रुख बनाये रखने का निर्णय किया है। हमारे कदम का मकसद वृद्धि को गति देना और अर्थव्यवस्था में संकट को दूर करना है।’’ आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 9.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

उन्होंने कहा, ‘’अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से लगे झटके से बाहर आ रही है, टीकाकरण में गति के साथ आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।  अर्थव्यवस्था में आपूर्ति-मांग में सुतंलन बहाल करने के लिये काफी कुछ किये जाने की जरूरत है।’’


क्या होता है रेपो रेट

रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI जरूरत पड़ने पर वाणिज्यिक बैंकों को धन उधार देता है और RBI इसे मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए एक उपकरण के रूप में उपयोग करता है। वहीं रिवर्स रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों से उधार लेता है। वहीं आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था में उम्मीद से बढ़िया तेजी देखने को मिल रही है।


PM मोदी ने लॉन्च किया e-RUPI, जानिए-कैसे करेगा काम

पीएम नरेंद्र मोदी ने डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन e-RUPI को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किया। यह वाउचर बेस्ड पेमेंट सॉल्यूशन है। e-RUPI के जरिए कैशलेस और कॉनटैक्टलेस तरीके से डिजिटल पेमेंट किया जा सकता है।

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन e-RUPI को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किया। यह वाउचर बेस्ड पेमेंट सॉल्यूशन है। e-RUPI के जरिए कैशलेस और कॉनटैक्टलेस तरीके से डिजिटल पेमेंट किया जा सकता है।


इस मौके पर मुंबई में एक महिला ने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में e-RUPI के जरिए वैक्सीनेशन के लिए भुगतान किया और इस तरह इस सॉल्यूशन की पहली यूजर बन गईं। इस महत्वपूर्ण डिजिटल कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, केंद्रीय मंत्रियों, आरबीआई के गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्ति ने हिस्सा लिया।

e-RUPI लॉन्चिंग के मौके पर पीएम मोदी द्वारा कही गई मुख्य बातें

  • आज देश, डिजिटल गवर्नेंस को एक नया आयाम दे रहा है। eRUPI वाउचर, देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन को, डीबीटी को और प्रभावी बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है। इससे टार्गेटेड, ट्रांसपोर्ट और लीकेज फ्री डिलिवरी में सभी को बड़ी मदद मिलेगी।

  • सरकार ही नहीं, अगर कोई सामान्य संस्था या संगठन किसी के इलाज में, किसी की पढाई में या दूसरे काम के लिए कोई मदद करना चाहता है तो, वो कैश के बजाय eRUPI दे पाएगा। इससे सुनिश्चित होगा कि उसके द्वारा दिया गया धन, उसी काम में लगा है, जिसके लिए वो राशि दी गई है।

  • eRUPI, एक तरह से पर्सन के साथ-साथ पर्पस स्पेसिफिक भी है। जिस मकसद से कोई मदद या कोई बेनिफिट दिया जा रहा है, वो उसी के लिए प्रयोग होगा, ये eRUPI सुनिश्चित करने वाला है।

  • पहले हमारे देश में कुछ लोग कहते थे कि टेक्नोलॉजी तो केवल अमीरों की चीज है, भारत तो गरीब देश है, इसलिए भारत के लिए टेक्नोलॉजी का क्या काम। जब हमारी सरकार टेक्नोलॉजी को मिशन बनाने की बात करती थी तो बहुत से राजनेता, कुछ खास किस्म के एक्सपर्ट्स उस पर सवाल खड़ा करते थे।

  • भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि टेक्नोलॉजी को अपनाने में, उससे जुडने में वो किसी से भी पीछे नहीं हैं। नवाचार की बात हो, सर्विस की डिलीवरी में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो, भारत दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर ग्लोबल लीडरशिप देने की क्षमता रखता है।

  • हमारी सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की। आज देश के छोटे-बड़े शहरों में, 23 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों को इस योजना के तहत मदद दी गई है। इसी कोरोना काल में करीब-करीब 2300 करोड़ रुपए उन्हें दिए गए हैं।

  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए जो काम पिछले 6-7 वर्षों में हुआ है, उसका लोहा आज दुनिया मान रही है। विशेषकर भारत में फिनटेक का बहुत बड़ा आधार तैयार हुआ है। ऐसा आधार तो बड़े-बड़े देशों में भी नहीं है।

E-RUPI के बारे में

डिजिटल पेमेंट के लिए यह एक कैशलेस और कॉन्टैक्लेस इंस्ट्रुमेंट है। यह क्यूआर कोड या एसएमएस स्ट्रिंग पर आधार ई-वाउचर है, जिसे लाभार्थियों के मोबाइल पर डिलिवर किया जा सकता है। 

इस वन टाइम पेमेंट सिस्टम के यूजर बिना किसी कार्ड, डिजिटल पेमेंट ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के इस वाउचर को सर्विस प्रोवाइडर के पास रिडीम कर पाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने यूपीआई प्लेटफॉर्म पर इसे डेवलप किया है। इसे वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के साथ मिलकर डेवलप किया गया है।


पान मसाला कंपनी की 400 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति का खुलासा !

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उत्तर भारत के एक पान मसाला उत्पादन समूह पर छापेमारी में 400 करोड़ रुपए से अधिक के बेनामी लेनदेन पकड़े जाने की बात कही है।

नई दिल्ली: एक चर्चित पान मसाला कंपनी के 400 करोड़ से अधिक बेनामी  संपत्ति के बारे में पता चला है। हालांकि, अभी कंपनी का नाम सामने नहीं आया है लेकिन आज कंपनी के यूपी में स्थित की ब्रांचों में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नगदी, कई किलो सोना और आवश्यक दस्तावेज एजेंसियों द्वारा बरामद किया गया है।


मिली जानकारी के मुताबिक, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उत्तर भारत के एक पान मसाला उत्पादन समूह पर छापेमारी में 400 करोड़ रुपए से अधिक के बेनामी लेनदेन पकड़े जाने की बात कही है। इनकम टैक्स विभाग ने गुरुवार को कानपुर, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और कोलकाता में कंपनी के 31 परिसरों में छापेमारी की। यह समूह रियल स्टेट बिजनेस भी करता है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने समूह के नाम का खुलासा किए बिना कहा, ''शुरुआती आंकड़े 400 करोड़ से अधिक के बेनामी लेनदेन की ओर इशारा कर रहे हैं।'' सीबीडीटी आईटी डिपार्टमेंट के लिए पॉलिसी तैयार करता है।

 सीबीडीटी की ओर से कहा गया है, ''समूह पान मसाला की बेनामी बिक्री और रियल स्टेट के बेनामी कारोबार से बड़ी रकम अर्जित कर रहा है।'' मुखौटा कंपनियों के माध्यम से पैसा वापस लाया जाता था।

भारी मात्रा में नगदी और सोना बरामद

छापेमारी के दौरान 52 लाख रुपए कैश और 7 किलो सोना भी बरामद किया गया। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की कार्रवाई में कागजों में मौजूद कंपनियों के नेटवर्क का पता चला, जिनके डायरेक्टर्स के पास कोई आर्थिक साधन नहीं है। 

इन कंपनियों ने रियल स्टेट समूह को तीन साल में 266 करोड़ रुपए का कथित लोन और अडवांस दिया। बयान में कहा गया है कि 115 मुखौटा कपनियों का नेटवर्क पाया गया है।


भारत के भगोड़े विजय माल्या ने बैंकों पर कसा तंज, कहा-'...और बैंक कहते हैं, मैं उनका बकायेदार हूं'

नई दिल्ली: भारतीय बैंकों को चूना लगाकर विदेश भागने वाला भारत का भगोड़ा विजय माल्या अब बैंकों पर ही कटाक्ष कर रहा है। दरअसल, विजय माल्या ने गुरुवार का बैंकों पर उनके इस तर्क के लिए कटाक्ष किया कि अभी भी उस पर उनका धन बकाया है।

विजय माल्या ने एक मीडिया रिपोर्ट के साथ यह टिप्पणी की जिसमें कहा गया था कि आईडीबीआई बैंक ने बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस से अपना पूरा बकाया वसूल लिया है। माल्या ने ट्विटर पर एक खबर को पोस्ट किया। इसमें कहा गया है कि आईडीबीआई बैंक ने एयरलाइंस के ऊपर 753 करोड़ रुपये का बकाया वसूल लिया है। इसके साथ व्यवसायी ने ट्वीट किया,‘और बैंक कहते हैं, मैं उनका बकायेदार हूं।’



गौरतलब है कि ब्रिटेन की एक अदालत ने सोमवार को माल्या को दिवालिया घोषित किए जाने का आदेश जारी किया। इससे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई में भारतीय बैंकों के समूह के लिए बंद पड़ी एयरलाइन किंगफिशर के ऊपर बकाये कर्ज की वसूली को लेकर वैश्विक स्तर पर उनकी सम्पत्तियों की जब्ती की कार्रवाई कराने का रास्ता साफ हो गया है।

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9000 करोड़ की हेराफेरी का आरोप

विजय माल्या पर विभिन्न बैंकों को हजारों करोड़ रुपए चूना लगाने का आरोप है। वह भारत में 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज की हेराफेरी और धनशोधन के मामले में वांछित हैं। यह कर्ज किंगफिशयर एयरलाइंस को कई बैंकों ने दिए थे। माल्या मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गये। 


राकेश झुनझुनवाला ला रहे हैं नई एयरलाइंस कंपनी, 2021 के अंत तक खरीदेंगे 70 प्लेन

एयरलाइन कंपनी में अगले 4 साल में 70 विमानों को शामिल करने की बात भी सामने आ रही है। उम्मीद है कि साल के अंत तक कंपनी के विमानों का परिचालन शुरू हो जाएगा। नई एयरलाइन कंपनी का नाम 'आकासा' (Akasa Air) हो सकता है।

नई दिल्ली: बिजनेसमैन राकेश झुनझुनवाला सस्ती उड़ान सेवा के लिए एक नई एयरलाइंस कंपनी ला रहे हैं। झुनझुनवला इस नए एयरलाइन वेंचर में 3।5 करोड़ डॉलर (लगभग 260।7 करोड़ रुपए) का निवेश कर सकते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, एयरलाइन कंपनी में अगले 4 साल में 70 विमानों को शामिल करने की बात भी सामने आ रही है। उम्मीद है कि साल के अंत तक कंपनी के विमानों का परिचालन शुरू हो जाएगा। नई एयरलाइन कंपनी का नाम 'आकासा' (Akasa Air) हो सकता है। नई एयरलाइन कंपनी की टीम के साथ डेल्टा एयरलाइंस के पूर्व सीनियर एग्जीक्युटिव भी शामिल होंगे।

राकेश झुनझुनवाला ने बताया कि एयरलाइन के बेड़े में शामिल होने वाले विमानों की क्षमता 180 पैसेंजर्स तक की हो सकती है। झुनझुनवाला के पास स्पाइसजेट और ग्राउंडेड एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज में 1-1% की हिस्सेदारी है। देश के घरेलू विमान बाजार में इंडिगो की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। घरेलू विमान सेवा में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी इंडिगो की है।

रिपोर्ट के मुताबिक जेट एयरवेज के पूर्व सीईओ विजय दूबे के साथ झुनझुनवाला नई एयरलाइन का गठन करने वाले हैं। फोर्ब्स के मुताबिक झुनझुनवाला की नेटवर्थ 4।6 अरब डॉलर (लगभग 34।21 हजार करोड़ रुपए) है। नई एयरलाइन के पीछे भारत के ज्यादा से ज्यादा लोगों को सस्ती हवाई यात्रा मुहैया कराने की मंशा है। झुनझुनवाला को कंपनी में 3।5 करोड़ डॉलर के निवेश पर 40% हिस्सेदारी मिलेगी।

ब्लूमबर्ग को दिए साक्षात्कार में राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि हमें अगले 15 दिन में एविएशन मिनिस्ट्री से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की उम्मीद है। घरेलू विमान सेवा में लॉकडाउन से पहले वृद्धि दर ऊंची रही है। लोग सस्ती दर पर विमानों में जाना पसंद करने लगे हैं। लॉकडाउन से पहले दिसंबर 2019 में 1।3 करोड़ पैसेंजरों ने उड़ान भरी, इनमें से 82 प्रतिशत ने सस्ती विमान सेवा का इस्तेमाल किया। 

गौरतलब है कि कोरोना संकट की वजह से विमान सेवा आर्थिक संकट से गुजर रही थी। हालांकि, कोरोना से पहले भी विमानन कंपनियों की हालत खस्ता ही थी। किंगफिशर एयरलाइन्स को 2012 में अपना काम बंद करना पड़ा था। इसी तरह जेट एयरवेज भी 2019 से ग्राउंडेड है, जो अब एक फिर उड़ान भरने की तैयारी में है।

इतना ही नहीं टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइन लिमिटेड के जॉइंट वेंचर वाली कंपनी विस्तारा और इंडिगो भी कोरोना महामारी के चलते आर्थिक तंगी में हैं। लेकिन उम्मीद है कि कोरोना संकट के बाद एक बार फिर विमान सेवा में तरक्की होगी। इसी उद्येश्य से राकेश झुनझुनवाला ने नई कंपनी खोलने की योजना बनाई है। 


DICGC Act में संसोधन को मोदी कैबिनेट से हरी झंडी, बैंक बंद होने की स्थिति में 90 दिनों के अंदर मिलेगा ग्राहकों को पैसा

इस विधेयक को मौजूदा मानसून सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। विधेयक के कानून बनने के बाद इससे उन हजारों जमाकर्ताओं को तत्काल राहत मिलेगी, जिन्होंने अपना धन पीएमसी बैंक और दूसरे छोटे सहकारी बैंकों में जमा किया था।

नई दिल्ली: आज मोदी कैबिनेट ने बैंक बंद होने की स्थिति में खाताधारकों को 90 दिन के अंदर 5 लाख रुपये तक की अपनी राशि हासिल करने की सुरक्षा देने को लेकर DICGC Act में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस बात की जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट की बैठक के बाद दी।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने बताया कि जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) कानून में संशोधन के साथ जमा बीमा का दायरा बढ़ जाएगा और इसके अंतर्गत 98।3 प्रतिशत बैंक खाताधारक पूरी तरह संरक्षित हो जाएंगे। सीतारमण ने कैबिनेट बैठक के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस विधेयक को मौजूदा मानसून सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस विधेयक को मौजूदा मानसून सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। विधेयक के कानून बनने के बाद इससे उन हजारों जमाकर्ताओं को तत्काल राहत मिलेगी, जिन्होंने अपना धन पीएमसी बैंक और दूसरे छोटे सहकारी बैंकों में जमा किया था। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रिमंडल ने कारोबार को और सुगम बनाने को लिये सीमित जवाबदेही भागीदारी (एलएलपी) कानून में संशोधन को भी मंजूरी दी है।


बताते चलें कि पिछले साल सरकार ने पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक जैसे संकटग्रस्त बैंकों के जमाकर्ताओं को सहायता देने के लिए जमा राशि पर बीमा आवरण को पांच गुना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया था। पीएमसी बैंक के डूबने के बाद यस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक भी संकट आए, जिनका पुनर्गठन नियामक और सरकार द्वारा किया गया। जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) अधिनियम, 1961 में संशोधन की घोषणा वित्त मंत्री ने आम बजट में की थी।

क्या होता रहा अबतक है

अबतक बैंक बंद होने की स्थिति में पांच लाख रुपये तक का जमा बीमा तब लागू होता है, जब किसी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है और परिसमापन प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बता दें कि डीआईसीजीसी, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो बैंक जमा पर बीमा आवरण देती है।


उपभोक्ता अपनी मर्जी से चुन सकेंगे LPG का डिस्ट्रीब्यूटर

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को एक और बड़ा अधिकार दे दिया है। अब ग्राहक अपने मन मुताबिक डिस्ट्रीब्यूटर चुन सकेंगे। मतलब ये हुआ कि अब ग्राहक तय करेंगे कि उन्हें किस डिस्ट्रीब्यूटर से गैस सिलेंडर भरवानी है। मौजूदा समय में ग्राहकों को किसी एक डिस्ट्रीब्यूटर से गैस सिलेंडर भरवाने के लिए बाध्य होना पड़ता है।

दरअसल, लोकसभा में कुछ सांसदों ने ये सवाल किया था कि क्या LPG ग्राहक ये तय कर सकते हैं कि उन्हें किस डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर रिफिल करानी है। इस सवाल पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने नई सुविधा के बारे में जानकारी दी।

lpg distributor portability

उन्होंने बताया कि LPG ग्राहक को रिफिल अपनी पसंद के डिस्ट्रिब्यूटर से लेने का विकल्प दिया गया है। अब उपभोक्ता अपने हिसाब से रिफिल बुक करने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर का चयन कर सकते हैं। 

पेट्रोलियम राज्य मंत्री ने अपने लिखित जवाब में इस सुविधा के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने बताया कि रजिस्टर्ड लॉगिन का उपयोग करके मोबाइल ऐप या ओएमसी वेब पोर्टल के जरिये डिस्ट्रीब्यूटर का चयन कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्राहक सिलेंडर डिलीवरी करने वाले वितरक की रेटिंग भी देख सकेंगे। यह रेटिंग डिस्ट्रीब्यूटर के पहले के प्रदर्शन पर आधारित होगी। मतलब ये हुआ कि आप खराब रेटिंग वाले वितरक से पहले ही अलर्ट हो सकते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि रेटिंग के साथ मोबाइल ऐप या तेल कंपनियों के पोर्टल पर वितरकों की पूरी सूची भी दी जाएगी। LPG रिफिल की डिलीवरी के लिए ग्राहक को अपने इलाके की लिस्ट में से किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर को केवल टैप कर या क्लिक कर चुन सकते हैं। ये सुविधा देश के कुछ शहरों में शुरू की गई है लेकिन सरकार इसे देशभर में लागू करने का इरादा रखती है।


भगोड़े विजय माल्या को ब्रिटेन की अदालत ने घोषित किया दिवालिया, जानिए-इससे भारत को मिलेगा किस तरह का लाभ

भगोड़े भारतीय कारोबारी विजय माल्या को लंदन की एक अदालत ने सोमवार को दिवालिया घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद भारतीय बैंकों के लिए माल्या की संपत्ति जब्त कर ऋण वसूली का रास्ता साफ हो गया है।

नई दिल्ली: भारत के भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को ब्रिटेन की अदालत ने दिवालिया घोषित कर दिया है। हालांकि, अभी उसके पास इस फैसलो को चुनौती देना का अधिकार जरूर है लेकिन अदालत के इस फैसले से भारती बैंकों को उससे विदेश में भी कर्ज वसूलने की छूट मिल गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, भगोड़े भारतीय कारोबारी विजय माल्या को लंदन की एक अदालत ने सोमवार को दिवालिया घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद भारतीय बैंकों के लिए माल्या की संपत्ति जब्त कर ऋण वसूली का रास्ता साफ हो गया है। माल्या के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व में 13 भारतीय बैंकों के एक संघ ने ब्रिटिश कोर्ट में याचिका दाखिल करके दिवालिया घोषित करने की मांग की थी। विजय माल्या पर भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ रुपये बकाया हैं।

ब्रिटिश समयानुसार सोमवार दोपहर 3:42 बजे मुख्य दिवाला और कंपनी न्यायालय के न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान कहा, 'मैं विजय माल्या को दिवालिया घोषित करता हूं।' भारतीय बैंक का प्रतिनिधित्व करने वाले लॉ फर्म टीएलटी एलएलपी और बैरिस्टर मार्सिया शेकरडेमियन ने जिरह करते हुए भारतीय बैंकों के पक्ष में दिवालिया आदेश देने का अनुरोध किया था।

माल्या के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए अभी एक मौका बाकी है। सूत्रों के अनुसार माल्या के वकील जल्द इस फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दाखिल करेंगे। ब्रिटेन भाग गए माल्या के खिलाफ ईडी और सीबीआई  9000 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी की जांच कर रही है। यह धोखाधड़ी माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़ी है, जिसके लिए उसने कई बैंकों से करीब नौ हजार करोड़ रुपये के ऋण लिए थे। 

792.12 करोड़ की बैंकों द्वारा की जा चुकी है वसूली

बताते चलें की माल्या को कर्ज देने वाले भारतीय बैंकों ने जुलाई में ही उसके शेयर बेचकर 792.12 करोड़ रुपये हासिल किए थे। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इन शेयरों को जब्त करके बैंकों के संघ को सौंपा था। इससे पिछले महीने भी इसी मामले में बैंकों के समूह को शेयरों की बिक्री के माध्यम से 7,181 करोड़ रुपये मिले थे।


1 अगस्त से सैलरी, पेंशन और ईएमआई से जुड़े होने जा रहे कई बदलाव, जानिए-आम आदमी को मिलेगा किस तरह का फायदा

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की घोषणा के अनुसार 1 अगस्त से सैलरी, पेंशन और EMI कि भुगतान 24×7 किया जा सकेगा।

नई दिल्ली: अक्सर एक वेतनभोगी को अबतक उसकी सैलरी खाते में आने के लिए बैंक खुलने का इंतजार करना पड़ता था। यानी, अगर बैंक की छुट्टी पड़ जाती है तो वेतनभोगी को बैंक खुलने की इंतजार करना होता है एयर फिर उसके खाते में उसका वेतन या पेंशन ट्रांसफर होता था। लेकिन अब इन चीजों से 1 अगस्त से आजादी मिलने वाली है। दरअसल, 1 अगस्त से पेंशन, सैलरी व EMI को लेकर बड़ा बदलाव होने वाला है।


नियमों के बदलाव की वजह से अब महीने की पहली तारीख को ही आपके खाते में सैलरी आ जाएगी। आइए जानते हैं कि किस नियम के बदलने से यह सुविधा मिलेगी साथ ही EMI और पेंशन से इसका क्या कनेक्शन है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की घोषणा के अनुसार 1 अगस्त से सैलरी, पेंशन और EMI कि भुगतान 24×7 किया जा सकेगा। इसी साल जून में RBI गवर्नर ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा के वक्त कहा था कि नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) की सुविधा अब सप्ताह के सभी दिन उपलब्ध रहेगी। अभी यह सुविधा बैंकों के कार्यदिवसों के दिन ही उपलब्ध होती है। 


बता दें कि जून में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा था कि ग्राहकों को सुविधाओं के विस्तार तथा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहने वाली रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) का पूरा लाभ लेने के लिए एनएसीएच को एक अगस्त, 2021 से सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।


NACH कैसे काम करता है

यह एक ऐसी बैंकिंग सर्विस है जिसके जरिए कंपनियां और आम आदमी पेमेंट प्रक्रिया आसानी से पूरी कर लेते हैं। सैलरी पेमेंट, पेंशन ट्रांसफर, इलेक्ट्रिक बिल, पानी का बिल का पेमेंट इसी के जरिए होता है। तब आरबीआई गर्वनर ने कहा था, 'इस प्रक्रिया के सुधार के बाद सरकारी सब्सिडी समय और पारदर्शी तरीके से लोगों के खातों में पहुंच जाएगी।'  


भारत की इकॉनमी का 1991 से भी आने वाला है बुरा वक्त: मनमोहन सिंह

1991 के ऐतिहासिक बजट के 30 साल पूरा होने के मौके पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए हालात के मद्देनजर आगे का रास्ता उस वक्त की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है और ऐसे में एक राष्ट्र के तौर पर भारत को अपनी प्राथमिकताओं को फिर से निर्धारित करना होगा।

नई दिल्ली: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज देश की इकॉनमी को लेकर एक बड़ी बात कही है। दरअसल, उन्होंने दावा किया है कि देश की इकॉनमी के लिए 1991 से भी मुश्किल वक्त आने वाला है। बता दें कि मनमोहन सिंह 1991 में नरसिंह राव की अगुवाई में बनी सरकार में वित्त मंत्री थे और 24 जुलाई, 1991 को अपना पहला बजट पेश किया था। इस बजट को देश में आर्थिक उदारीकरण की बुनियाद माना जाता है।

1991 के ऐतिहासिक बजट के 30 साल पूरा होने के मौके पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए हालात के मद्देनजर आगे का रास्ता उस वक्त की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है और ऐसे में एक राष्ट्र के तौर पर भारत को अपनी प्राथमिकताओं को फिर से निर्धारित करना होगा। उन्होंने उस बजट को पेश किए जाने के 30 साल पूरे होने के मौके पर कहा, ''1991 में 30 साल पहले, कांग्रेस पार्टी ने भारत की अर्थव्ध्यवस्था के महत्वपूर्ण सुधारों की शुरुआत की थी और देश की आर्थिक नीति के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया था। पिछले तीन दशकों के दौरान विभिन्न सरकारों ने इस मार्ग का अनुसरण किया और देश की अर्थव्यवस्था तीन हजार अरब डॉलर की हो गई और यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।''

उन्होंने कहा, ''अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अवधि में करीब 30 करोड़ भारतीय नागरिक गरीबी से बाहर निकले और करोड़ों नई नौकरियों का सृजन हुआ। सुधारों की प्रक्रिया आगे बढ़ने से स्वतंत्र उपक्रमों की भावना शुरू हुई जिसका परिणाम यह है कि भारत में कई विश्व स्तरीय कंपनियां अस्तित्व में आईं और भारत कई क्षेत्रों में वैश्विक ताकत बनकर उभरा।''

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के मुताबिक, ''1991 में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत उस आर्थिक संकट की वजह से हुई थी, जिसने हमारे देश को घेर रखा था, लेकिन यह सिर्फ संकट प्रबंधन तक सीमित नहीं था। समृद्धि की इच्छा, अपनी क्षमताओं में विश्वास और अर्थव्यवस्था पर सरकार के नियंत्रण को छोड़ने के भरोसे की बुनियाद पर भारत के आर्थिक सुधारों की इमारत खड़ी हुई।''

खुद को बताया सौभाग्यशाली
     
उन्होंने कहा, ''मैं सौभाग्यशाली हूं कि मैंने कांग्रेस में कई साथियों के साथ मिलकर सुधारों की इस प्रक्रिया में भूमिका निभाई। इससे मुझे बहुत खुशी और गर्व की अनुभूति होती है कि पिछले तीन दशकों में हमारे देश ने शानदार आर्थिक प्रगति की। परंतु मैं कोविड के कारण हुई तबाही और करोड़ों नौकरियां जाने से बहुत दुखी हूं।''

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र पीछे छूटा

मनमोहन सिंह ने कहा, ''स्वास्थ्य और शिक्षा के सामाजिक क्षेत्र पीछे छूट गए और यह हमारी आर्थिक प्रगति की गति के साथ नहीं चल पाया। इतनी सारी जिंदगियां और जीविका गई हैं, वो नहीं होना चाहिए था।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ''यह आनंदित और मग्न होने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और विचार करने का समय है। आगे का रास्ता 1991 के संकट की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। एक राष्ट्र के तौर पर हमारी प्राथमिकताओं को फिर से निर्धारित करने की जरूरत है, ताकि हर भारतीय के लिये स्वस्थ और गरिमामयी जीवन सुनिश्चित हो सके।
    
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ''1991 में मैंने एक वित्त मंत्री के तौर पर विक्टर ह्यूगो (फ्रांसीसी कवि) के कथन का उल्लेख किया था कि 'पृथ्वी पर कोई शक्ति उस विचार को नहीं रोक सकती है, जिसका समय आ चुका है। 30 साल बाद, एक राष्ट्र के तौर पर हमें रॉबर्ट फ्रॉस्ट (अमेरिका कवि) की उस कविता को याद रखना है कि हमें अपने वादों को पूरा करने और मीलों का सफर तय करने के बाद ही आराम फरमाना है।''


ICICI बैंक और Indian Oil की पहल, अब फास्ट टैग से खरीद सकेंगे पेट्रोल-डीजल

ग्राहक की तरफ से डीजल-पेट्रोल का पेमेंट सीधे उसके फास्टैग से हो जाएगा। इतना ही नहीं, आप सर्वो लुब्रिकेंट्स का भुगतान भी फास्टैग के जरिए कर सकेंगे।

नई दिल्ली: कॉन्टैक्टलेस पेमेंट करने के लिए ICICI बैंक और Indian Oil के बीच एक स्पेशल सुविधा ग्राहकों को देने के लिए बॉंडिंग की गई है। करार के तहत ICICI बैंक के फास्टैग यूजर्स को इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर अब कार्ड या कैश देने की जरूरत नहीं होगी।

ICICI बैंक और Indian Oil ने ने ग्राहकों की सुविधा के लिए ये खास पहल की है। इसमें ग्राहक की तरफ से डीजल-पेट्रोल का पेमेंट सीधे उसके फास्टैग से हो जाएगा। इतना ही नहीं, आप सर्वो लुब्रिकेंट्स का भुगतान भी फास्टैग के जरिए कर सकेंगे। प्रथम चरण में कुल 3000 इंडियन ऑयल रिटेल आउटलेट्स पर ये सुविधा दी जाएगी।

इसकी जानकारी देते हुए इंडियन ऑयल के चेयरमैन श्रीकांत माधव वैद्य ने बताया कि इंडियन ऑयल और आईसीआईसीआई बैंक ने मिलकर फास्टैग के जरिए भुगतान की जो सुविधा शुरू की है, वह डिजिटल इंडिया को मजबूत करने वाली पहल है। इसकी वजह से आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहकों को एक शानदार डिजिटल अनुभव मिलेगा।

ऐसे होगा भुगतान

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पहले पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भर रहे कर्मचारी को सूचना देनी होगी कि आप फास्टैग से भुगतान करेंगे। इसके बाद वह कर्मचारी आपकी कार पर लगे फास्टैग को स्कैन करेगा। फास्ट टैग को स्कैन करने के बाद आपके पास एक OTP आगए जिसे आप पीओएस मशीन में डालेंगे और फिर आपका ट्रांजेक्शन पूरा हो जाएगा। इस तरह आपके फास्ट टैग से आपके पेट्रोल-डीजल की कीमत कट जाएगी और आप कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकेंगे।



माहाराष्ट्र में बारिश बनी आफत, 48 ट्रेनें रद्द, 33 का बदला गया रूट और 51 ट्रेनों के सफर किए गए छोटे

भारतीय रेल ने भारी बारिश को देखते हुए 48 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। इतना ही नहीं 33 ट्रेनों का रूट बदला गया है और 51 ट्रेनों के सफर को छोटा कर दिया गया है। इस बीच मौसम विभाग ने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

मुंबई: भारी बारिश की वजह से महाराष्ट्र में ट्रेनों के संचालन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। भारतीय रेल ने भारी बारिश को देखते हुए 48 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। इतना ही नहीं 33 ट्रेनों का रूट बदला गया है और 51 ट्रेनों के सफर को छोटा कर दिया गया है।  इस बीच मौसम विभाग ने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

सेंट्रल रेलवे द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि राज्य में भारी बारिश की वजह से 48 ट्रेनें को रद्द किया गया है। 33 का रूट बदलना पड़ा तो 51 का सफर छोटा किया गया है। कई जगह रेल की पटरियां पानी में डूब गई हैं तो कई जगह पटरियों पर कीचड़ जमा है। कुछ जगहों पर पटरियों को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस बीच मरम्मत का काम भी जारी है।

बता दें कि भारी बारिश और नदियों में उफान आने से कोंकण रेलवे मार्ग पर ट्रेन सेवांए प्रभावित हुई और हजारों यात्री फंस गए। भारी बारिश की वजह से मुंबई सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। इसकी वजह से अधिकारियों को बचाव कार्य में प्रशासन की मदद के लिए एनडीआरएफ को बुलानी पड़ी है। 


खुशखबरी! 22 जुलाई से रात 1 बजे से खुलेगा दिल्ली एयरपोर्ट का T-2, 200 फ्लाइट्स प्रतिदिन भरेंगी उड़ान

अब दिल्ली के टर्मिनल T-2 से गुरुवार रात एक बजे से फ्लाइट परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस टर्मिनल से इंडिगो 2000-2999 सीरिज के विमान और गो एयर की सभी फ्लाइट्स उड़ान भरेंगी। पहली फ्लाइट रात 3 बजे से उड़ान भरेगी।

नई दिल्ली: हवाई सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, अब दिल्ली के टर्मिनल T-2 से गुरुवार रात एक बजे से फ्लाइट परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस टर्मिनल से इंडिगो 2000-2999 सीरिज के विमान और गो एयर की सभी फ्लाइट्स उड़ान भरेंगी। पहली फ्लाइट रात 3 बजे से उड़ान भरेगी।

दिल्ली एयरपोर्ट को चलाने वाली कंपनी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, टर्मिनल-2 से प्रतिदिन करीब 200 फ्लाइट उड़ान भरेंगी, जिनमें 100 आगमन और 100 प्रस्थान की फ्लाइट होंगी। प्रतिदिन उड़ानों की ये संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी और अगस्त के अंत तक टर्मिनल-2 से प्रतिदिन लगभग 280 फ्लाइट्स के उड़ान का लक्ष्य रखा गया है।


डायल ने उम्मीद जाहिर की है कि शुरुआत में लगभग 25000 यात्री प्रतिदिन इस टर्मिनल का उपयोग करेंगे। टर्मिनल-2 के दोबारा शुरू होने पर पहली फ्लाइट गुरुवार रात 3 बजे जाएगी। इंडिगो की ये फ्लाइट दिल्ली से कोलकाता के लिए उड़ान भरेगी। लॉकडाउन में ढील के बाद धीरे-धीरे दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिसे देखते हुए डायल ने अब टर्मिनल-2 को शुरू करने का फैसला किया है।

बता दें कि करोना की पहली लहर के बाद फ्लाइट ऑपरेशन 1 अक्टूबर 2020 को शुरू किया गया था। उसके बाद से यात्रियों की कमी और कोरोना प्रोटोकॉल के पालन संबंधी कई वजहों को देखते हुए टर्मिनल-2 से ऑपरेशन 18 मई 2021 से बंद कर दिया गया था। अब इसे फिर से शुरू किया जा रहा है और इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया और कराया जाएगा।

यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

  • इस टर्मिनल पर 10 ई-चेक इन कियोस्क लगाए गए हैं और 10 स्कैनर लगाए गए हैं
  • थर्मल चेकिंग होगी
  • टर्मिनल-2 पर आए यात्रियों की सुविधा के लिए कई क्यू मैनेजर और यात्री सहायकों को भी नियुक्त किया गया है
  • टर्मिनल-2 पर यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 27 काउंटर बनाए गए हैं। जिनमें 11 काउंटर गो एयर के हैं और 16 काउंटर इंडिगो एयरलाइंस के हैं
  • अगर मोबाइल पर सॉफ्ट कॉपी हो तो प्रिंटेड बोर्डिंग पास की जरूरत नहीं होगी
  • ऑटो डिस्पेंसर सैनिटाइजर लगे हैं


Taxpayers के लिए बड़ी राहत, फॉर्म 15CA/15CB मैनुअली भरने की अंतिम तिथि बढ़ाई गई, जानिए-कब तक भर सकेंगे फॉर्म

इनकम टैक्स के नए पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग में आ रही दिक्कत को देखते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी CBDT ने फॉर्म 15CA/15CB मैनुअली भरने की आखिरी डेट बढ़ा दी है। अब 15 अगस्‍त 2021 तक इसे भरा जा सकता है।

नई दिल्ली: टैक्स पेयर्स के लिए एक राहत भरी खबर है। दरअसल, इनकम टैक्स के नए पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग में आ रही दिक्कत को देखते हुए  सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी CBDT ने फॉर्म 15CA/15CB मैनुअली भरने की आखिरी डेट बढ़ा दी है। अब 15 अगस्‍त 2021 तक इसे भरा जा सकता है।

बता दें कि हले इसकी डेडलाइन 15 जुलाई 2021 थी। आयकर विभाग को नये पोर्टल की शुरुआत 7 जून हुई और पहले ही दिन करदाताओं, कर पेशेवरों और अन्य  ने इसके कामकाज में गड़बड़ियों की सूचना दी थी। 

क्यों जरूरी होता है यह फॉर्म भरना

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के मुताबिक, फॉर्म 15CA/15CB  को इनकम टैक्स पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फाइल करना जरूरी है। फॉर्म 15CA रेमिटर द्वारा इस बात का डिक्लेरेशन होता है कि नॉन-रेजिडेंट को किए गए पेमेंट्स के मामले में सोर्स पर टैक्स डिडक्ट हो चुका है, जबकि फॉर्म 15CB सीए द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला इस बात का सर्टिफिकेट है कि ओवरसीज पेमेंट करते वक्त प्रासंगिक कर संधि और आईटी एक्ट के प्रावधानों का अनुपालन किया गया है। ऑथराज्ड डीलर (बैंक) इन फॉर्मों के जमा होने के बाद ही विदेश में पैसा भेज सकते हैं।

करदाता अब फॉर्म 15CA/15CB मैनुअल फॉर्मेट में अधिकृत डीलर को 15 अगस्‍त 2021 तक जमा कर सकते हैं। अधिकृत डीलर्स से भी दोनों फॉर्म 15 अगस्‍त 2021 तक स्वीकार करने के लिए कहा गया है।

सीबीडीटी ने कहा है कि इन फॉर्मों को बाद की तारीख में अपलोड करने के लिए नए ई-फाइलिंग पोर्टल पर सुविधा प्रदान की जाएगी ताकि डॉक्युमेंटेशन आइडेंटिफिकेशन नंबर जनरेट हो सके।


पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से आम आदमी परेशान, सरकार मालामाल !

संसद में लिखित जवाब देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 2020-21 के वित्त वर्ष में पेट्रोल और डीजल पर वसूले जाने वाले टैक्स में 88 फीसदी का इजाफा हुआ है।

नई दिल्ली: एक तरफ आम आदमी पेट्रोल और डीजल के दामों के बढ़ने की वजह से परेशान है। आए दिन तेल कंपनियां तेल के दाम बढ़ा रही हैं। वहीं सरकार भी बढ़ते तेल के दामों को कम ना करने के पीछे मजबूरियां बता रही है लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। दरअसल, आम आदमी बेशक तेल के बढ़ते दामों से परेशान हो रहा है लेकिन इससे सरकार की जबरदस्त कमाई हो रही है। 


सोमवार को संसद में लिखित जवाब देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 2020-21 के वित्त वर्ष में पेट्रोल और डीजल पर वसूले जाने वाले टैक्स में 88 फीसदी का इजाफा हुआ है। 

लोकसभा में लिखित जवाब देते पेट्रोलियम राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने कहा, 'पिछले साल पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 19.98 रुपये से बढ़ाकर 32.9 रुपये कर दिया गया। वहीं, डीजल पर 15.83 रुपये से बढ़ाकर 31.80 रुपये कर दिया गया।' बढ़े हुए एक्साइज ड्यूटी के बाद अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक सरकार के खजाने में पेट्रोल डीजल के जरिए 3.35 लाख रुपये आए। जबकि इसके पहले वित्त वर्ष में सरकार ने पेट्रोल और डीजल का जरिए 1.78 लाख करोड़ रुपये कमाए थे। जबकि 2018-19 के साल में पेट्रोल और डीजल से 2.13 लाख करोड़ रुपये की सरकार ने कमाई की थी। 

एक अलग सवाल के जवाब में पेट्रोल राज्य मंत्री ने बताया कि इस दौरान एटीएफ, क्रूड ऑयल और नैचुरल गैस से 1.01 लाख करोड़ रुपये वसूले गए हैं। 

केन्द्र और राज्य इतना वसूलते हैं टैक्स  

1 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल पर केन्द्र सरकार 33.29% और राज्य सरकार 23.07% टैक्स वसूलते हैं। वहीं, डीजल पर केन्द्र सरकार 35.66% और दिल्ली सरकार 14.62% प्रतिशत पैसा टैक्स के रुप में वसूलते हैं। 2020 में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई थी लेकिन तब महामारी की वजह से केन्द्र सरकार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दिया था।

बता दें कि 17 से ज्यादा राज्य में पेट्रोल की कीमत 100 से ऊपर हो चुकी हैं। कुछ शहरों में डीजल के दाम भी 100 से ऊपर हो गए हैं। लेकिन अभी भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी होने की गुंजाइश नहीं दिखाई दे रही है।


तेल कंपनियों ने आज फिर बढ़ा दिए पेट्रोल के दाम, डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं

एक बार फिर से पेट्रोल के दाम में 30 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है। हालांकि, आज डीजल के दाम में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है।

नई दिल्ली: तेल कंपनियां आम आदमी का तेल निकालने में जी जान से जुटी हैं। कई राज्यों में पेट्रोल 100 के पार हो चुका है और कुछ शहरों में पेट्रोल 110 के भी आंकड़े को पार कर चुका है लेकिन अभी भी तेल कंपनियां आम आदमी का तेल निकाले ही जा रही हैं और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए ही जा रही हैं। ताजा मामले में एक बार फिर से पेट्रोल के दाम में 30 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है। हालांकि, आज डीजल के दाम में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है।


तेल कंपनियों ने शनिवार को डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। राजधानी में पेट्रोल 30 पैसे प्रति बढ़ाया गया है। इससे पहले गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में क्रमश: 35 पैसे और 15 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देशभर में तेल की कीमते शुक्रवार को नहीं बढ़ी थी। दिल्ली में आज पेट्रोल 101.84 रुपये और डीजल 89.87 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।


बता दें कि 1 मई को 90.40 रुपये प्रति लीटर की कीमत रेखा से शुरू होकर अब राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत 101.84 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो पिछले 78 दिनों में 11.44 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह, राजधानी में डीजल की कीमत भी पिछले दो महीनों में 9.14 रुपये प्रति लीटर बढ़कर राजधानी में 89.87 रुपये प्रति लीटर हो गई।


महानगरों में पेट्रोल डीजल के दाम

  • दिल्ली में पेट्रोल 101.84 रुपये और डीजल 89.87 रुपये प्रति लीटर 
  • मुंबई में आज पेट्रोल 107.83 रुपये और डीजल 97.45 रुपये प्रति लीटर
  • कोलकाता में आज पेट्रोल 102.08 रुपये और डीजल 93.02 रुपये प्रति लीटर
  • चेन्नई में आज पेट्रोल 102.49 रुपये और डीजल 94.39 रुपये प्रति लीटर

अन्य शहरों में तेल के दाम


बेंगलुरु में आज पेट्रोल 105.25 रुपये और डीजल 95.26 रुपये प्रति लीटर
लखनऊ में आज पेट्रोल 98.69 रुपये और डीजल 90.26 रुपये प्रति लीटर
पटना में आज पेट्रोल 104.57 रुपये और डीजल 95.81 रुपये प्रति लीटर
जयपुर में आज पेट्रोल 108.71 रुपये और डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर
गुरुग्राम में आज पेट्रोल 99.46 रुपये और डीजल 90.47 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद में आज पेट्रोल 105.52 रुपये और डीजल 97.96 रुपये प्रति लीटर
रांची में आज पेट्रोल 96.45 रुपये और डीजल 94.84 रुपये प्रति लीटर
पुणे में आज पेट्रोल 107.10 रुपये और डीजल 95.54 रुपये प्रति लीटर


4 महीने में 41 बार बढ़े पेट्रोल और 37 बार डीजल के बढ़े दाम

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में चुवान खत्म होने के साथ ही पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़नी शुरू हो गई थीं और यह लगातार जारी है। बीते 4 महीने में यानि 4 मई के बाद से 41 बार बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीजल के दाम 37 बार बढ़े और एक बार कम हुए।

काई राज्यों में पेट्रोल 100 के पार

लगातार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, बिहार और पंजाब सहित 15 राज्यों में पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर चले गए। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ जिलों में भी पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से महंगा हो चुका है। डीजल राजस्थान, ओडिशा और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर 100 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गया है।


तेल कंपनियों ने आज फिर बढ़ा दिए पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए आपके शहर में क्या हैं कीमतें

चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल 31-39 पैसे और डीजल 15-21 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हो गया है।

नई दिल्ली: तेल कंपनियां आम आदमी का तेल निकालने में जुटी हुई हैं। दो दिन की राहत के बाद आज फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल 31-39 पैसे और डीजल 15-21 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हो गया हैै।  इस बढ़ोतरी के बाद देशभर में तेल की कीमतें नए रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंच गई हैं।


महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम


  • दिल्‍ली में पेट्रोल का नया भाव 101.54 रुपये और डीजल का भाव 89.87 रुपये प्रति लीटर हो गया है
  • मुम्बई में पेट्रोल 107.54 रुपये और डीजल 97.45 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है
  • कोलकाता में पेट्रोल 101.35 रुपये और डीजल 93.02 रुपये प्रति लीटर पर है
  • चेन्‍नई में पेट्रोल 102.23 रुपये और डीजल 94.39 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है



अन्य प्रमुख शहरों में पेट्रोल डीजल के दाम


  • बेंगलुरु में आज पेट्रोल 104.94 रुपये और डीजल 95.26 रुपये प्रति लीटर
  • चंडीगढ़ में आज पेट्रोल 97.64 रुपये और डीजल 89.50 रुपये प्रति लीटर
  • लखनऊ में आज पेट्रोल 98.63 रुपये और डीजल 90.26 रुपये प्रति लीटर
  • पटना में आज पेट्रोल 103.91 रुपये और डीजल 95.51 रुपये प्रति लीटर
  • जयपुर में आज पेट्रोल 108.40 रुपये और डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर
  • नोएडा में आज पेट्रोल 98.73 रुपये और डीजल 90.34 रुपये प्रति लीटर
  • गुरुग्राम में आज पेट्रोल 99.17 रुपये और डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर
  • हैदराबाद में आज पेट्रोल 105.52 रुपये और डीजल 97.96 रुपये प्रति लीटर
  • गंगानगर में आज पेट्रोल 112.90 रुपये और डीजल 103.15 रुपये प्रति लीटर


17 राज्यों में पेट्रोल 100 के पार

देश के 17 राज्यों में पेट्रोल के दाम 100 के पार हो चुके हैं। इन राज्यों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, जम्मू कश्मीर, ओडिशा, केरल, बिहार, पंजाब, लद्दाख, सिक्कम, दिल्ली, पुड्डुचेरी और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।


केंद्रीय कर्मियों के 'अच्छे दिन', महंगाई भत्ते पर लगी रोक हटी, 3 किश्त में 11 फीसदी बढ़ेगा डीए

मंहगाई भत्ते पर लगी रोक को आज हटा लिया गया है। इसके साथ ही तीन किश्तों को मिलाकर 11% महंगाई भत्ता बढ़ाने का भी फैसला हुआ है।

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। दरअसल, मंहगाई भत्ते पर लगी रोक को आज हटा लिया गया है। इसके साथ ही तीन किश्तों को मिलाकर 11% महंगाई भत्ता बढ़ाने का भी फैसला हुआ है।

इस बात का फैसला आज पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। बताते चलें कि कोरोना की शुरुआत में ही रोक लगा दी गई थी। महंगाई भत्ते की तीन किस्तों पर रोक लगाई गई थी। इसी रोक को हटाने का फ़ैसला लिया गया है।


मोदी सरकार द्वारा आज लिए गए फैसले के मुताबिक, 1 जनवरी 2020 , 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से लागू होने वाली तीनों किस्तों पर लगी रोक हटा दी गई है। रोक हटने के बाद तीनों किस्तों को मिलाकर कुल 11 फ़ीसदी की बढोत्तरी होगी। यानि महंगाई भत्ते की दर वर्तमान के 17 फ़ीसदी से बढ़कर 28 फ़ीसदी हो जाएगी। सरकार के इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों को फ़ायदा होगा।


क्या होता है महंगाई भत्ता


दरअसल बढ़ती महंगाई से वस्तुओं के दाम बढ़ते जाते हैं और लोगों के पास मौजूद पैसे की क्रय क्षमता को कम करने लगते हैं। इसका सामना करने के लिए सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है ताकि लोग बढ़ते हुए खर्चों का सामना कर सकें और अपनी जरूरत की चीजों को दाम बढ़ने के बावजूद भी खरीद पाएं।


सरकार ऐसे तय करती है महंगाई भत्ता 


महंगाई भत्ते यानी डीए की कैलकुलेशन के लिए सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर बेस्ड महंगाई दर को आधार मानती है और इसके आधार पर हर दो साल में सरकारी कर्मचारियों का डीए संशोधित किया जाता है।


यात्रीगण कृपया ध्यान दें! इन रूटों पर फिर से दौड़ेंगी सुपरफास्ट ट्रेन

नई दिल्ली: कोरोना जैसे-जैसे खत्म हो रहा है वैसे-वैसे ट्रेनों का परिचालन भी भारतीय रेल बढ़ा रही है। अब पश्चिमी रेलवे ने यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए और उन्हें उनके गंतव्यों तक जल्दी से जल्दी पहुंचाने के लिए भावनगर टर्मिनस-काकीनाड़ा पोर्ट स्पेशल ट्रेन को सुपरफास्ट ट्रेन में बदलने का फैसला लिया है। रेलवे के इस फैसले से यात्री कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे।

मिली जानकारी के मुताबिक ट्रेन संख्या 02700 के लिए टिकटों की बुकिंग 13 जुलाई, 2021 यानि आज से नामित पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू हो जाएगी। हालांकि, इन ट्रेनों की सुविधा नवंबर से यात्रियों को मिलने लगेगी।

दूसरी ओर पश्चिम मध्य रेलवे एर्नाकुलम-हजरत निजामुद्दी के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। ये ट्रेन 17 जुलाई से हर शनिवार को चलेगी। स्पेशल ट्रेन एर्नाकुलम से शाम 7 बजे चलेगी जो कि तीसरे दिन सुबह 6.45 बजे भोपाल पहुंचेगी और शाम 5.50 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंच जाएगी।

इसी तरह से 06172 हजरत निजामुद्दीन-एर्नाकुलम स्पेशल ट्रेन 20 जुलाई से हर मंगलवार को हजरत निजामुद्दीन से सुबह 5.10 बजे रवाना होकर तीसरे दिन 3.10 बजे एर्नाकुलम स्टेशन पहुंच जाएगी।


LIC के निजीकरण को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली हरी झंडी

एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि वित्त मंत्री की अगुवाई वाली एक समिति एलआईसी में हिस्सेदारी बिक्री की मात्रा तय करेगी।

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल से देश की सबसे बड़ी इंस्योरेन्स कंपानी जीवन बीमा निगम (LIC) के विनिवेश को मंजूरी दे दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि वित्त मंत्री की अगुवाई वाली एक समिति एलआईसी में हिस्सेदारी बिक्री की मात्रा तय करेगी। 

निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले एलआईसी का अंतर्निहित मूल्य निकालने के लिए बीमांकिक  कंपनी मिलीमैन एडवाइजर्स एलएलपी इंडिया की नियुक्ति की थी। इसे भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम कहा जा रहा है।

एलआईसी कानून में बजट संशोधनों को अधिसूचित कर दिया गया है और बीमांकिक कंपनी जीवन बीमा कंपनी के अंतर्निहित मूल्य  को अंतिम रूप देगी। अंतर्निहित मूल्य के तहत बीमा कंपनी के भविष्य के मुनाफे के मौजूदा मूल्य को उसके मौजूदा शुद्ध संपत्ति मूल्य में शामिल किया जाएगा।

अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने पिछले सप्ताह एलआईसी के आईपीओ के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। ‘‘विनिवेश पर वैकल्पिक व्यवस्था द्वारा सरकार द्वारा हिस्सेदारी बिक्री की मात्रा तय की जाएगी।’’

अधिकारी ने बताया कि एलआईसी का आईपीओ चालू वित्त वर्ष के अंत तक आ सकता है। एलआईसी आईपीओ के निर्गम आकार का 10 प्रतिशत तक पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। प्रस्तावित आईपीओ के लिए सरकार पहले ही एलआईसी कानून में जरूरी विधायी संशोधन कर चुकी है। डेलॉयट और एसबीआई कैप्स को आईपीओ पूर्व सौदे का सलाहकार नियुक्त किया गया है।

एलआईसी की सूचीबद्धता सरकार के चालू वित्त वर्ष के विनिवेश लक्ष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस 1.75 लाख करोड़ रुपये में एक लाख करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से जुटाए जाएंगे। शेष 75,000 करोड़ रुपये केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के विनिवेश से आएंगे।


राहत भी आफत भी! आज पेट्रोल के दाम फिर बढ़े, डीजल 16 पैसे प्रति लीटर हुआ सस्ता

12 जुलाई को पेट्रोल के रेट में 28 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वहीं, डीजल 16 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ है।

नई दिल्ली: आज लगभग 3 महीने बाद डीजल के दाम में कमीं आई है लेकिन पेट्रोल के दाम एक बार फिर से बढ़ गए हैं।


तेल कंपनियों ने एक बार फिर आज (सोमवार) यानी 12 जुलाई को पेट्रोल के रेट में 28 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वहीं, डीजल 16 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ है। इससे पहले 15 अप्रैल को डीजल के रेट में 14 पैसे की कटौती की गई थी। 

तेल की नई कीमतों के साथ दिल्ली के बाजार में पेट्रोल 101.19 रुपये प्रति रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। जबकि डीजल का रेट घटकर 89.72 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

प्रमुख शहरों में तेल के दाम

शहर       पेट्रोल    डीजल
दिल्ली 101.19 89.72
मुंबई          107.20 97.29
चेन्नई         101.92 94.24
कोलकाता 101.35 92.81
बेंगलुरु 104.58 95.09
भोपाल 109.53 98.50
चंडीगढ़ 97.37      89.35 
रांची          96.18     94.68 
लखनऊ      98.29     90.11 
पटना         103.52   95.30 


अब मदर डेयरी का भी दूध हुआ महंगा, 2 रुपए प्रतिलीटर बढ़ा दाम

नई कीमतें 11 जुलाई से लागू होंगी। ये बढ़ोतरी सभी प्रकार के दूध पर लागू होंगी। मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतों में आखिरी बार करीब 1.5 साल पहले दिसंबर 2019 में बदलाव किया गया था।

नई दिल्ली: दूध कंपनी मदर डेयरी ने भी दिल्ली-एनसीआर में दूध की कीमतें बढ़ा दी है। कंपनी ने 2 रुपए प्रतिलीटर दूध के दाम में बढ़ोत्तरी की है। नई कीमतें 11 जुलाई से लागू होंगी। ये बढ़ोतरी सभी प्रकार के दूध पर लागू होंगी। मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतों में आखिरी बार करीब 1.5 साल पहले दिसंबर 2019 में बदलाव किया गया था।

मदर डेयरी का टोंड दूध पहले 42 रुपए किलो मिलता था। नई दरों के लागू हो जाने के बाद अब कल से ये 44 रुपए किलो मिलेगा। इसके अलावा 55 रुपए किलो मिलने वाला फुल क्रीम दूध अब 57 रुपए किलो मिलेगा। वहीं फुल क्रीम का आधा किलो का पैकट जो पहले 28 रुपए का मिलता था वो अब 29 रुपए में मिलेगा।

नई कीमत लागू होने के बाद अब एक किलो डबल टोंड दूध 41 रुपए की मिलेगा। पहले इसकी कीमत 39 रुपए प्रति किलो थी। इसके अलावा डबल टोंड दूध का आधा किलो का पैकेट अब 20 की जगह 21 रुपए में मिलेगा। अगर गाय के दूध के बात की जाए तो पहले एक किलो गाय का दूध 47 रुपए का मिलता था। वहीं अब कीमतें बढ़ने के बाद ये 49 रुपए किलो मिलेगा। वहीं पहले 24 रुपए में मिलने वाले आधा किलो गाय के दूध के पैकेट के लिए आपको 25 रुपए चुकाने होंगे।

अमूल ने भी बढ़ाये थे दाम

गौरतलब है कि अभी हाल ही में दूध कंपनी अमूल ने भी दूध के दामों में 2 रुपए प्रतिलीटर की बढ़ोत्तरी की थी।

अमूल द्वारा की गई बढ़ेतरी का असर दिल्ली, पंजाब, गुजरात के ग्राहकों पर पड़ा था। जानकारी के अनुसार अमूल ने बढ़ती लागत की वजह से दूध की कीमतें बढ़ाई थी। बढ़ोतरी के बाद से अमूल गोल्ड 58 रुपए प्रति लीटर मिल रह है। 

इसके अलावा अमूल शक्ति, अमूल ताजा, अमूल टी स्पेशल, अमूल स्लिम एन्ड ट्रीम दूध के दामों में भी 2 रुपए प्रति किलो का इजाफा किया गया था।


आज फिर बढ़े तेल के दाम, कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल 100 के पार, जानिए-आपके शहर का हाल

आज पेट्रोल 35 पैसे और डीजल 26 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। बढ़े हुए दामों के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 100.91 रुपये व डीजल 89.88 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

नई दिल्ली: गुरुवार को नए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपना पदभार संभाल लिया है। लोगों को उम्मीद थी कि शायद पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर ब्रेक लग जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिया है। आज पेट्रोल 35 पैसे और डीजल 26 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। बढ़े हुए दामों के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 100.91 रुपये व डीजल 89.88 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

अन्य शहरों में आज पेट्रोल-डीजल का भाव

  • मुंबई में आज पेट्रोल 106.92 रुपये और डीजल 97.46 रुपये प्रति लीटर
  • चेन्नई में आज पेट्रोल 101.67 रुपये और डीजल 94.39 रुपये प्रति लीटर
  • कोलकाता में आज पेट्रोल 101.01 रुपये और डीजल 92.97 रुपये प्रति लीटर
  • बेंगलुरु में आज पेट्रोल 104.29 रुपये और डीजल 95.26 रुपये प्रति लीटर
  • लखनऊ में आज पेट्रोल 98.01 रुपये और डीजल 90.27 रुपये प्रति लीटर
  • पटना में आज पेट्रोल 103.18 रुपये और डीजल 95.46 रुपये प्रति लीटर
  • चंडीगढ़ में आज पेट्रोल 97.04 रुपये और डीजल 89.51 रुपये प्रति लीटर
  • रांची में आज पेट्रोल 95.96 रुपये और डीजल 94.84 रुपये प्रति लीटर
  • भोपाल में आज पेट्रोल 109.24 रुपये और डीजल 98.67 रुपये प्रति लीटर

दिल्ली में 10.51 रुपए पेट्रोल तो 9.15 रुपए डीजल के बढ़े दाम

1 मई 2021 से अबतक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 90.40 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100.91 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो पिछले 70 दिनों में 10.51 रुपये प्रति लीटर है। ऐसे ही डीजल की कीमत भी पिछले दो महीनों में 9.15 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई।

कई राज्यों  में पेट्रोल व डीजल 100 के पार

दिल्ली, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, बिहार, पंजाब, लद्दाख और सिक्कम में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर चुकी है। वहीं राजस्थान, ओडिशा, मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्यों में डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।


70 दिन में 37 बार बढ़े तेल के दाम

तेल कंपनियां औसतन हर दूसरे दिन तेल के दामों में बढ़ोत्तरी कर रही हैं। मई और जून यानि 70 दिन के अंदर 37 बार तेल के दाम बढ़ा चुकी हैं। जिससे देशभर में खुदरा दरें नई ऊंचाई पर पहुंच सकें। उपभोक्ता अब केवल यह उम्मीद कर सकते हैं कि तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी पर रोक लगे क्योंकि ओएमसी ने राहत देने के लिए अगले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती शुरू कर दी है।

बहरहाल, अब यह देखना होगा कि बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों पर रोक लगती है या फिर ऐसे ही आम लोग परेशान होते रहेंगे। 


अब दो शिफ्ट में काम करेंगे रेल मंत्रालय में तैनात अधिकारी व कर्मचारी

पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे शुरू होगी और शाम 4 बजे खत्म होगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे शुरू होगी और मध्यरात्रि में 12 बजे तक चलेगी।

नई दिल्ली: नए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। इसके साथ ही वह काम पर बी लग गए हैं। नए मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों के काम करने का समय बदल दिया है। रेल मंत्री ने स्टाफ को दो शिफ्ट में काम करने का आदेश दिया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा द्वारा दिए गए निर्देश के मुताबिक, पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे शुरू होगी और शाम 4 बजे खत्म होगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे शुरू होगी और मध्यरात्रि में 12 बजे तक चलेगी। इसके अलावा रेल मंत्री वैष्णव रेलवे की कमाई बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाने पर विचार विमर्श कर रहे हैं।


रेल मंत्रालय के एडीजी पीआर डीजे नारायण के मुताबिक यह आदेश सिर्फ एमआर सेल (मंत्री कार्यालय) के लिए जारी किया गया है न कि प्राइवेट या रेलवे स्टाफ के लिए। उन्होंने कहा, "रेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि मंत्री कार्यालय के सभी कर्मचारी तत्काल प्रभाव से दो शिफ्ट सुबह 7 बजे से 4 बजे और दोपहर 3 बजे से रात 12 बजे तक काम करेंगे।"


बता दें कि ओडिशा से राज्यसभा सदस्य अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी और रेलवे मंत्रालय का कार्यभार संभाला है।उन्होंने संचार मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला है। वैष्णव ने दोनों मंत्रालयों में रविशंकर प्रसाद का स्थान लिया। प्रसाद 2019 से संचार विभाग संभालने के अलावा 2016 से आईटी मंत्रालय संभाल रहे थे।


तेल कंपनियों ने फिर बढ़ाए तेल के दाम, देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल 100 के पार

आज पेट्रोल आज 35 पैसे और डीजल 9 पैसे महंगा हुआ है। नई कीमतों के साथ ही देश के कई शहरों में पट्रोल 100 के पार पहुंच चुका है।

नई दिल्ली: आज एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी की है। आज पेट्रोल आज 35 पैसे और डीजल 9 पैसे महंगा हुआ है। नई कीमतों के साथ ही देश के कई शहरों में पट्रोल 100 के पार पहुंच चुका है।


बात अगर महानगरों में कीमत कीकरें तो दिल्ली में इंडियन ऑयल पंप पर पेट्रोल 100.56 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर का हो गया है। देश के लगभग सभी बड़ी शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार पहुंच चुकी है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 100.23  रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100.62 रुपये प्रति लीटर हो गई। अन्य दो महानगरों (चेन्नई और मुंबई) में पेट्रोल की कीमतें कुछ समय पहले ही सेंचुरी का आंकड़ा पार कर चुकी हैं। मुंबई में पेट्रोल 29 मई से ही 100 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर गई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत अब 106.59 रुपये प्रति लीटर हो गई है।


अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

मुंबई में आज पेट्रोल 106.59 रुपये और डीजल 97.18 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता में आज पेट्रोल 100.62 रुपये और डीजल 92.65 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई में आज पेट्रोल 101.37 रुपये और डीजल 94.15 रुपये प्रति लीटर
भोपाल में आज पेट्रोल 108.88 रुपये और डीजल 98.40 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु में आज पेट्रोल 103.93 रुपये और डीजल 94.99 रुपये प्रति लीटर
पटना में आज पेट्रोल 102.79 रुपये और डीजल 95.14 रुपये प्रति लीटर
चंडीगढ़ में आज पेट्रोल 96.70 रुपये और डीजल 89.25 रुपये प्रति लीटर
लखनऊ में आज पेट्रोल 96.67 रुपये और डीजल 90.01 रुपये प्रति लीटर
रांची में आज पेट्रोल 95.70 रुपये और डीजल 94.58 रुपये प्रति लीटर


'महंगाई एक्सप्रेस' राजधानी पहुंची, दिल्ली में पेट्रोल अब 100 के पार, डीजल के भी बढ़े दाम

नई दिल्ली: तेल कंपनियां अभी आम आदमी को आराम देने के मूड में नहीं है। एक बार फिट से पेट्रोल डीजल कर दाम बढ़ गए हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 100 को पार कर गया।


देश की राजधानी दिल्ली में आज एक लीटर पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार पहुंच गई है। आज पेट्रोल 35 पैसे और डीजल 17 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। दिल्ली में आज पेट्रोल 100 रुपए 21 पैसे लीटर महंगा बिक रहा है। वहीं, डीजल का दाम 89.53 रुपए प्रति लीटर है। इससे पहले सोमवार को पेट्रोल 35 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था।


दिल्ली में 9.81 रुपए बढ़ा पेट्रोल का दाम


पिछले दो महीनों में कई वृद्धि के माध्यम से देश भर में ईंधन की दरें नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। 1 मई को 90.40 रुपये प्रति लीटर की कीमत रेखा से शुरू होकर राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत अब 100 रुपए 21 पैसे प्रति लीटर हो गई है, जो पिछले 68 दिनों में 9.81 रुपए प्रति लीटर की तेज वृद्धि है। इसी तरह, राजधानी में डीजल की कीमतें भी पिछले दो महीनों में 8.80 रुपए प्रति लीटर बढ़ी है। मई और जून के बीच 61 दिनों में 32 दिन दाम बढ़े थे।

आज दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं।
शहरडीजलपेट्रोल
दिल्ली89.53 100.21
मुंबई97.09106.25  
कोलकाता92.50100.23  
चेन्नई94.06101.06

(पेट्रोल-डीजल की कीमत रुपये प्रति लीटर में है।) 



इन राज्यों/शहरों में 100  के पार हुआ

राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये पार हो चुका है। इसके अलावा महानगरों में मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है।


दिल्ली सरकार ने जारी की नई आबकारी नीति, 3 बजे रात तक खुलेंगे बार, जानिए- कौन कौन से हुए बदलाव

नए आबकारी नियम के तहत, ग्राहकों को दुकान के बाहर या फुटपाथ पर भीड़ लगाने और काउंटर से खरीदारी करने की अनुमति नहीं होगी। हर ग्राहक को दुकान के भीतर जाने की इजाज़त होगी और दुकान के अंदर ही वो अपनी पसंद के ब्रांड की शराब चुन सकेंगे। शराब खरीदने की सारी प्रक्रिया दुकान परिसर के अंदर ही पूरी की जायेगी।

नई दिल्ली: दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी जारी की है। नई आबकारी नीति के तहत अब रात के  3 बज तक बार खुले रहेंगे। इतना ही नहीं अब ग्राहकों को 'वॉक-इन' सुविधा का भी लाभ मिलेगा। नई पॉलिसी के बाद अब शराब के ठेकों के बाहर लगने वाली लंबी लाइनों, भीड़ और धक्का-मुक्की नहीं दिखाई देगी।

नए आबकारी नियम के तहत, ग्राहकों को दुकान के बाहर या फुटपाथ पर भीड़ लगाने और काउंटर से खरीदारी करने की अनुमति नहीं होगी। हर ग्राहक को दुकान के भीतर जाने की इजाज़त होगी और दुकान के अंदर ही वो अपनी पसंद के ब्रांड की शराब चुन सकेंगे। शराब खरीदने की सारी प्रक्रिया दुकान परिसर के अंदर ही पूरी की जायेगी।

नए नियम के मुताबिक, दुकानें वातानुकूलित होंगी, कांच के दरवाजे होंगे और प्रकाश की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। सभी दुकानों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरा लगे होने चाहिए और दुकानदार को कम से कम 1 महीने की कैमरा रिकॉर्डिंग रखनी होगी। इसके अलावा अभी तक बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, मोटेल, पार्टी प्लेस में शादी, पार्टी या कोई इवेंट आयोजित करने पर शराब परोसने के लिए वेन्यू मालिक को अस्थायी लाइसेंस लेना होता था। अब नए L-38 लाइसेंस के ज़रिए एक बार सालाना फीस भरने के बाद बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, मोटेल अपने यहां आयोजित होने वाली पार्टियों में देसी और विदेशी शराब सर्व कर सकेंगे।



वहीं, किसी अस्थायी लाइसेंस की ज़रूरत नहीं होगी। जिस वेन्यू पर कई इवेंट आयोजित किये जाते हैं उन्हें ये लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। अगर किसी बैंक्वेट हाल या फार्म हाउस के पास रेगुलर लाइसेंस नहीं होगा तो उन्हें वन टाइम P-10E लाइसेंस के लिए प्रति इवेंट 50,000 रुपये फीस देनी होगी।

इसके अलावा होटल, रेस्तरां और क्लब में बार देर रात 3 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है। हालांकि इनमें वो लाइसेंसधारक शामिल नहीं है जिन्हें शराब की 24 घंटे बिक्री का लाइसेंस दिया गया है। बियर बनाने की छोटी इकाइयों (माइक्रोब्र्यूरी) से ग्राहक बोतल या ग्राउलर में ड्राट बियर ले सकेंगे। हालांकि जहां भी ड्राट बियर टेक अवे की तरह सर्व की जाएगी वहां इस बियर की शार्ट शेल्फ लाइफ के बारे में सूचना और साइनेज देना होगा साथ ही बोतलों पर एक्सपायरी डेट साफतौर पर अंकित होना चाहिए।

नए नियम के तहत  देसी और विदेशी शराब की खुदरा दुकानें (एल-7वी) किसी भी बाजार, मॉल, वाणिज्यिक क्षेत्रों, स्थानीय शॉपिंग कांपेल्क्स में कहीं भी खोली जा सकती हैं।



इस महीने 15 दिन बंद रहेंगे बैंक, निबटा लें अपने बैंकिंग से जुड़े सारे काम

जुलाई महीने में बैंक को त्योहार के कारण 9 छुट्टियां मिल रही है वहीं इसके अलावा 6 शनिवार और रविवार की छुट्टियां शामिल होंगी।

नई दिल्ली: जुलाई 2021 में बैंक 15 दिन बंद रहेंगे। इनमें तो कुछ साप्ताहिक अवकाश हैं, कुछ क्षेत्रीय और राज्जयीय अवकाश शामिल हैं। ऐसे में जब आप बैंक निकले तों सबसे पहले घर में कैलेंडर की तारीख जरूर देख लें। जानकारी के मुताबिक, जुलाई महीने में शासकीय और त्योहारी छुट्टियों के साथ-साथ शनिवार और रविवार के अवकाश को जोड़ा जाए तो पूरा आधा महीना यानि कि 15 दिन बैंक बंद रहेगा। जुलाई महीने में बैंक को त्योहार के कारण 9 छुट्टियां मिल रही है वहीं इसके अलावा 6 शनिवार और रविवार की छुट्टियां शामिल होंगी।

तो आइए हम आपको बताते हैं कि जुलाई 2021 में किस-किस दिन बैंक बंद रहेंगे:

4 जुलाई- रविवार


10 जुलाई- दूसरा शनिवार


11 जुलाई- रविवार


12 जुलाई- कांग त्योहार


13 जुलाई- भानु जयंती


14 जुलाई- द्रुकपा त्शेची


16 जुलाई -  हरेला त्योहार की छुट्टी


17 जुलाई - खारची पूजा की छुट्टी


18 जुलाई- रविवार की छुट्टी


19 जुलाई- गुरु रिम्पोछे के थुंगकर त्शेचु की छुट्टी


20 जुलाई- बकरीद की छुट्टी


21 जुलाई-  ईद-उल-जुहा त्योहार की छुट्टी


24 जुलाई –  महीने के चौथे शनिवार की छुट्टी


25 जुलाई -  रविवार की छुट्टी


31 जुलाई - केर पूजा की छुट्टी



बता दें कि आरबीआई की छुट्टियां हर राज्य पर एक साथ लागू नहीं होती है। राज्यों के हिसाब से बैंकों में छुट्टियां होती हैं। इसलिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट को देखकर यह जान सकते हैं कि कौनसे त्योहार पर आपके राज्य में बैंको की छुट्टी रहेगी। यानि कुछ त्यौहार राज्यीय होते हैं ऐसे में उस दिन भी बैंकों की छुट्टी रहेगी।  


शक्ति भोग के मालिक केवल कृष्ण को ED ने किया गिरफ्तार, बैंक घोटाले का है आरोप

ईडी ने कहा कि उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ कंपनियों द्वारा संदिग्ध खरीद-फरोख्त के जरिए कर्ज खाते के पैसे को हेराफेरी करके बाहर भेज दिया।

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में शक्ति भोग फूड्स के मालिक केवल कृष्ण को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी कई करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन के मामले में की गई है।

ईडी ने सोमवार को कहा कि उसने दिल्ली स्थित शक्ति भोग फूड्स लिमिटिड के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक (सीएमडी) केवल कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया है।केवल कृष्ण कुमार को रविवार 04 जुलाई 2021 को यहां से गिरफ्तार किया गया और बाद में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें नौ जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।


बता दें कि उनकी गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने दिल्ली और हरियाणा में कम से कम नौ जगहों पर छापे मारे थे। ईडी द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, छापेमारी के दौरान विभिन्न अपराध संकेती दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर पीएमएलए की आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया था। ईडी ने कहा कि उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ कंपनियों द्वारा संदिग्ध खरीद-फरोख्त के जरिए कर्ज खाते के पैसे को हेराफेरी करके बाहर भेज दिया। 

इसी साल दर्ज कराई थी केवल कृष्ण के खिलाफ शिकायत

CBI ने इस साल के शुरू में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले 10 बैंकों के एक संघ के साथ 3,269 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के लिए शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एसबीआई ने कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

एसबीआई द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी के निदेशकों ने लोगों के पैसे को हड़पने के लिए कथित तौर पर खातों में हेराफेरी की और जाली दस्तावेज तैयार किए। बैंक ने कहा था कि 24 साल पुरानी कंपनी की 2008 में कारोबार वृद्धि 1411 करोड़ रुपये थी जो 2014 में बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी आटा, गेंहू, चावल, बिस्किट आदि बनाने व बेचने के व्यापार में है।


आम आदमी को नहीं मिल रहा आराम, तेल कंपिनियों ने फिर बढ़ाए पेट्रोल के दाम

दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 99.86 रुपए हो गई है। हालांकि आज डीजल के दाम में आज कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।

नई दिल्ली: एक बार फिर से तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में बढ़ोत्तरी की है। पेट्रोल के दाम तेल कंपनियों ने 35 पैसे की बढ़ोत्तरी की है। जिसके राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के बेहद करीब पहुंच गई है। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 99.86 रुपए हो गई है। हालांकि आज डीजल के दाम में आज कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।


अन्य महानगरों में पेट्रोल के दाम

मुंबई में पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के बाद अब 105.93 रुपए प्रतिलीटर पेट्रोल मिल रहा है। वहीं, चेन्नई में भी यह 100 रुपए के स्तर को पार कर गई है और वर्तमान में 100.79 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 99.80 रुपए प्रति लीटर है। वहीं डीजल के दाम नहीं बढ़े के वजह से मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में डीजल की कीमत क्रमश: 96.91 रुपए, 93.91 रुपए और 92.27 रुपए प्रति लीटर ही हैं।


आज फिर बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए आपके शहर में क्या हैं कीमतें

तेल कंपनियां आम आदमी को राहत नहीं देना चाहती। एक बार फिर से रविवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी गई हैं।

नई दिल्ली: तेल कंपनियां आम आदमी को राहत नहीं देना चाहती। एक बार फिर से रविवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की खुदरा कीमत 35 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 99.51 रुपये हो गई. वहीं डीजल 18 पैसे प्रति लीटर बढ़ोतरी के बाद 89.36 रुपये हो गया है।

महानगरों में तेल के दाम

चेन्नई में अब पेट्रोल 100.44 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 93.91 प्रति लीटर है। वहीं, दिल्ली में पेट्रोल 99.51 और डीजल 89.36 रुपए प्रतिलीटर हो गई हैं। यानि पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रतिलीटर ही मानिए। कोलकाता में भी पेट्रोल शतक के पास है। कोलकाता में आज पेट्रोल 99.45 प्रति लीटर और डीजल 92.27 प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 105.58 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। 


जानिए अन्य प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल का भाव

  • लखनऊ में आज पेट्रोल- 96.65 प्रति लीटर, डीजल- 89.75 प्रति लीटर
  • गुरुग्राम में आज पेट्रोल- 97.20 प्रति लीटर, डीजल- 89.96 प्रति लीटर
  • चंडीगढ़ में आज पेट्रोल- 95.70 प्रति लीटर, डीजल- 89.00 प्रति लीटर
  • नोएडा में आज पेट्रोल- 96.76 प्रति लीटर, डीजल- 89.83 प्रति लीटर
  • बेंगलुरु में आज पेट्रोल- 102.84 प्रति लीटर, डीजल- 94.72 प्रति लीटर
  • पटना में आज पेट्रोल- 101.62 प्रति लीटर, डीजल- 94.76 प्रति लीटर
  • हैदराबाद में आज पेट्रोल- 103.41 प्रति लीटर, डीजल- 97.40 प्रति लीटर
  • जयपुर में आज पेट्रोल- 106.27 प्रति लीटर, डीजल- 98.47 प्रति लीटर

बता दे कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कुछ शहरों और कस्बों में पेट्रोल की दर 100 रुपये प्रति लीटर के पार कर चुकी है।


भारतीय रेलवे: सर्वाधिक माल ढुलाई का बनाया रिकॉर्ड

भारतीय रेलवे ने जून 2021 में आय और माल ढुलाई के रूप में उच्चगति को बरकरार रखा है।

नई दिल्ली: कोविड चुनौतियों के बावजूद भारतीय रेलवे ने जून 2021 में आय और माल ढुलाई के रूप में उच्चगति को बरकरार रखा है।

मिशन मोड में जून 2021 मेंभारतीय रेलवे ने 112.65 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जो जून 2019 (101.31 मिलियन टन) की तुलना में 11.19 प्रतिशत अधिक है।यह एक सामान्य वर्ष था।इसी अवधि के लिए यानिजून 2020 (93.59 मिलियन टन) की तुलना में यह ढुलाई 20.37 प्रतिशत अधिक रही है।

जून 2021 के दौरान ढुलाई की गई महत्वपूर्ण वस्तुओं में 50.03 मिलियन टन कोयला, 14.53 मिलियन टन लौह-अयस्क, 5.53 मिलियन टन कच्चा लोहा और तैयार स्टील, 5.53 मिलियन टन खाद्यान्न, 4.71 मिलियन टन उर्वरक, 3.66 मिलियन टन खनिज तेल शामिल है। 6.59 मिलियन टन सीमेंट (क्लिंकर को छोड़कर) और 4.28 मिलियन टन क्लिंकर शामिल है।

जून 2021 के महीने में, भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई से 11,186.81 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जो जून 2020 की तुलना में 26.7 प्रतिशत अधिक (8,829.68 करोड़ रुपये) और जून 2019 की तुलना में 4.48 प्रतिशत अधिक (10,707.53 करोड़ रुपये) है।

गौरतलब है कि रेलवे माल ढुलाई को आकर्षक बनाने के लिए भारतीय रेलवे में कई तरह की रियायतें/छूट भी दी जा रही हैं। यह उल्लेखनीय है कि मौजूदा नेटवर्क में मालगाड़ियों की गति बढ़ा दी गई है।

माल ढुलाई की गति में सुधार से सभी हितधारकों के लिए लागत की बचत होती है। पिछले 19 महीनों में माल ढुलाई की गति दोगुनी हो गई है। भारतीय रेलवे द्वारा कोविड-19 का उपयोग चौतरफा दक्षता और प्रदर्शन में सुधार के अवसर के रूप में किया गया है।


34 दिनों में 8.84 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल, जानिए-आज कितने बढ़े दाम

बीते चार मई से इसकी कीमतें खूब बढ़ी। कभी लगातार तो कभी ठहर कर, 34 दिनों में ही पेट्रोल 8.84 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।

नई दिल्ली: आम आदमी को बढ़ती महंगाई से कोई भी राहत नहीं मिल रही है। खासकर तेल कंपनियां आम आदमी का तेल निकालने पर लगी हुई हैं। ताजा मामले में एक बार फिर से पेट्रोल के दाम में 35 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि डीजल के दाम में आज कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। आज पेट्रोल के दाम 2 दिन बाद बढ़ाए गए हैं।


महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

शहर        पेट्रोल        डीजल
दिल्ली     99.16 89.18
मुंबई        105.24  96.72
चेन्नई  100.13  93.72
कोलकाता  99.04  92.03



अन्य शहरों का हाल


भोपाल में पेट्रोल 107.43 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.93 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।


रांची में पेट्रोल 94.62 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.12 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

बेंगलुरु में पेट्रोल 102.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.54 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

पटना में पेट्रोल 101.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.52 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

चंडीगढ़ में पेट्रोल 95.36 रुपये प्रति लीटर और डीजल 88.81 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

लखनऊ में पेट्रोल 96.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.59 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।


34 दिन में  8.84 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल

कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चलने की वजह से बीते मार्च और अप्रैल में पेट्रोल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। इसलिए, उस दौरान कच्चा तेल महंगा होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी। लेकिन, बीते चार मई से इसकी कीमतें खूब बढ़ी। कभी लगातार तो कभी ठहर कर, 34 दिनों में ही पेट्रोल 8.84 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।


यात्रीगण कृपया ध्यान दें ! रेलवे ने 50 नई ट्रेनों के संचालन का किया एलान, देखें पूरी लिस्ट

रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए भारतीय रेल अनेक विशेष ट्रेनों को पुनः आरंभ करने जा रही है। एक बार फिर से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तेज व सुरक्षित रेल सेवाएं तैयार हैं।

नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर लगभग खत्म होने के कगार पर है। ऐसे में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल ने 50 नई ट्रेनों के संचालन का एलान किया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर ट्रेनों की लिस्ट जारी की है। अपने ट्वीट में रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए भारतीय रेल अनेक विशेष ट्रेनों को पुनः आरंभ करने जा रही है। एक बार फिर से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तेज व सुरक्षित रेल सेवाएं तैयार हैं। रेल मंत्री द्वारा जारी लिस्ट में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाली ट्रेनें शामिल हैं। यानी इन राज्यों के रेल यात्रियों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ जाएंगे।

ये रही ट्रेनों की लिस्ट

1-ट्रेन संख्या 4202 प्रतापगढ़ से वाराणसी 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

2-ट्रेन संख्या 4201 वाराणसी से प्रतापगढ़ 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

3-ट्रेन संख्या 4203 फैजाबाद से लखनऊ 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

4-ट्रेन संख्या 4204 लखनऊ से फैजाबाद 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

5-ट्रेन संख्या 4303 बरेली से दिल्ली 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

6-ट्रेन संख्या 4304 दिल्ली से बरेली 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

7-ट्रेन संख्या 4305 बालामऊ से शाहजहांपुर 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

8-ट्रेन संख्या 4306 शाहजहांपुर से बालामऊ 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

9-ट्रेन संख्या 4636 फिरोजपुर कैंट से लुधियाना 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

10-ट्रेन संख्या 4635 लुधियाना से फिरोजपुर कैंट 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

11-ट्रेन संख्या 4513 नांगल डैम से दौलतपुर चौक 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

12-ट्रेन संख्या 4514 दौलतपुर चौक से नांगल डैम से 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

13-ट्रेन संख्या 4213 लखनऊ से कानपुर सेंट्रल से 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

14-ट्रेन संख्या 4214 कानपुर सेंट्रल से लखनऊ 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

15-ट्रेन संख्या 4503 अंबाला कैंट से लुधियाना 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

16-ट्रेन संख्या 4504 लुधियाना से अंबाला कैंट 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

17-ट्रेन संख्या 4404 सहारनपुर से दिल्ली 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

18-ट्रेन संख्या 4301 मुरादाबाद से सहारनपुर 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

19-ट्रेन संख्या 4302 सहारनपुर से मुरादाबाद 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

20-ट्रेन संख्या 4633 जलांधर सिटी से फिरोजपुर कैंट 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

21-ट्रेन संख्या 4634 फिरोजपुर कैंट से जलांधर सिटी 3 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

22-ट्रेन संख्या 4637 जलंधर सिटी से फिरोजपुर कैंट 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

23-ट्रेन संख्या 4638 फिरोजपुर कैंट से जलंधर सिटी 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

24-ट्रेन संख्या 4459 दिल्ली से सहारनपुर 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

25-ट्रेन संख्या 4461 दिल्ली से रोहतक 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

26-ट्रेन संख्या 4462 रोहतक से दिल्ली 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

27-ट्रेन संख्या 4455 नई दिल्ली से गाजियाबाद 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

28-ट्रेन संख्या 4626 फिरोजपुर कैंट से लुधियाना 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

29-ट्रेन संख्या 4625 लुधियाना से फिरोजपुर कैंट 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

30-ट्रेन संख्या 4627 फिरोजपुर कैंट से फजिल्का 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

31-ट्रेन संख्या 4628 फजिल्का से फिरोजपुर कैंट 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

32-ट्रेन संख्या 4629 लुधियाना से लोहिन खास 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

33-ट्रेन संख्या 4630 लोहिन खास से लुधियाना 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

34-ट्रेन संख्या 4632 फिरोजपुर कैंट से भटिंडा 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

35-ट्रेन संख्या 4631 भटिंडा से फजिल्का 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

36-ट्रेन संख्या 4643 फिरोजपुर कैंट से फजिल्का 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

37-ट्रेन संख्या 4644 फजिल्का से फिरोजपुर कैंट 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

38-ट्रेन संख्या 4659 अमृतसर से पठानकोट 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

39-ट्रेन संख्या 4660 पठानकोट से अमृतसर 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

40-ट्रेन संख्या 4263 वाराणसी से सुल्तानपुर 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

41-ट्रेन संख्या 4264 सुल्तानपुर से वाराणसी 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

42-ट्रेन संख्या 4267 वाराणसी से प्रतापगढ़ 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

43-ट्रेन संख्या 4267 प्रतापगढ़ से वाराणसी 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

44-ट्रेन संख्या 4523 सहारनपुर से नांगलडैम 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

45-ट्रेन संख्या 4524 नांगलडैम से अंबाला कैंट 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

46-ट्रेन संख्या 4532 अंबाला कैंट से सहारनपुर 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

47-ट्रेन संख्या 4327 सीतापुर सिटी से कानपुर सेंट्रल 2 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

48-ट्रेन संख्या 4328 कानपुर सेंट्रल से सीतापुर सिटी 3 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

49-ट्रेन संख्या 4334 नजीबाबाद से गजरौला 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।

50-ट्रेन संख्या 4333 गजरौला से नजीबाबाद 1 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी।


आज से बदल जाएंगे बैंकिंग समेत ये 10 नियम, जानिए-आम आदमी की जेब पर पड़ेगा कितना असर

आज यानि 1 जुलाई से देश में कई नियम बदलने वाले हैं। इनमें बैंकिंग सेवाओं से लेकर एलपीजी सिलेंडर्स के बढ़े हुए दामों तक की बातें शामिल है। इन बदलाव का असर सीधा आम आदमी पर पड़ने वाला है।

नई दिल्ली: आज यानि 1 जुलाई से देश में कई नियम बदलने वाले हैं। इनमें बैंकिंग सेवाओं से लेकर एलपीजी सिलेंडर्स के बढ़े हुए दामों तक की बातें शामिल है। इन बदलाव का असर सीधा आम आदमी पर पड़ने वाला है। तो आइए हम आपको बताते हैं कि आज यानि 1 जुलाई से देश में क्या-क्या बदलाव होने जा रहा है:

  1. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने नियमों में बदलाव किया है। एसबीआई ग्राहको को अब बैंक एटीएम और ब्रांच से सिर्फ 4 निकासी की अनुमति होगी। यानी सिर्फ 4 निकासी फ्री होगी। उसके बाद ग्राहक को प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर 15 रुपए चार्ज और जीएसटी का भुगतान करना पड़ेगाय़ इतना ही नहीं चेक बुक को लेकर भी नई सीमा तय की गई है। अब सिर्फ 10 चेक पन्नों का उपयोग फ्री कर सकते हैं। इससे अधिक के लिए चार्ज देना होगा। 10 अधिक के चेक लीफलेट के लिए 40 रुपए प्लस जीएसटी देना होगा। 25 पन्नों की चेक बुक के लिए 75 रुपए प्लस जीएसटी देना होगा। हालांकि, सीनियर सिटिजन के लिए ऐसे किसी चार्ज की घोषणा नहीं की गई है।
  2. आज यानि जुलाई से सिंडिकेट बैंक का IFSC कोड और चेक बुक अमान्य हो जाएगा। इसी तरह, सिंडिकेट बैंक के ग्राहकों को 30 जून तक IFSC कोड लेटेस्ट अपडेट करने के लिए कहा गया है। इस बाबत केनरा बैंक ने कहा कि प्रिय ग्राहक, ई-सिंडिकेट चेक बुक और जारी किए गए चेक को बदलें। प्रस्तुति के लिए थर्ड पार्टी की वैधता 30 जून 2021 को समाप्त हो रही है।
  3. टैक्सपेयर्स का वेरिफिकेशन किया जाएगा और जिन टैक्सपेयर्स ने पिछले दो वर्षों से आईटीआर दाखिल नहीं किया है, उनसे अधिक टीडीएस लिया जाएगा। नियम उन टैक्सपेयर्स के लिए है जिनके लिए टीडीएस कटौती मूल्य 50000 रुपए की सीमा मूल्य से अधिक है। यह वित्त अधिनियम, 2021 में शामिल किए गए नए नियम का हिस्सा है।
  4. एक अच्छी सुविधा आज से आम लोगों को मिलने जा रही है। वह यह कि आप घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवा सकते हैं। आपको आरटीओ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऑनलाइन आवेदन करें और घर से ही टेस्ट भी दे दें। टेस्ट में पास होने के बाद लर्निंग लाइसेंस आपके घर पहुंच जाएगा। बाद में स्थायी लाइसेंस के लिए वाहन चलाकर दिखाना होगा।
  5. अब गाड़ियों को खरीदना और भी महंगा होगा। हीरो मोटोकॉर्प से लेकर मारुति तक की ऑटो कंपनियां इस साल जुलाई से वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी करेंगी।
  6. अमूल दूध कंपनी ने दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रतिलीटर की बढ़ोत्तरी की है। अब अमूल गोल्ड दूध की यह बढ़ी हुई कीमतें सभी राज्यों में1 जुलाई 2021 से लागू कर दी जाएगी। इसी के साथ अब अमूल गोल्ड 58 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिलेगा।
  7. भारतीय डाक छोटी बचत योजनाओं में कम ब्याज दर व्यवस्था को अनुसरण करते हुए दर में कटौती हो सकती है। पिछली तिमाही के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र ने छोटी बचत योजनाओं पर दरों को कम करने के बाद दर में कटौत