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1 जुलाई से आपके घर नहीं दिखेंगे AMUL समेत ये सारे सामान!

सिंगल यूज प्लास्टिक बैन के डिसिजन ने कई कंपनियों को हिलाकर रख दिया है। अमूल (Amul) सहित करीब आधा दर्जन कंपनियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को खत लिखकर कुछ राहत देने की मांग की थी। लेकिन पीएमओ ने सभी कंपनीज की मांग को नकार दिया है।




नई दिल्ली: सिंगल यूज प्लास्टिक बैन के डिसिजन ने कई कंपनियों को हिलाकर रख दिया है। अमूल (Amul) सहित करीब आधा दर्जन कंपनियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को खत लिखकर कुछ राहत देने की मांग की थी। लेकिन पीएमओ ने सभी कंपनीज की मांग को नकार दिया है। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णत बैन करने के आदेश जारी कर दिये हैं। आपको 1 जुलाई से घरों में सिंगल यूज प्लास्टिक (single use plastic closure) नहीं दिखाई देगा। फिलहाल सरकार ने किसी भी कंपनी को कोई राहत देने से साफ इंकार किया है। पैक्ड जूस और डेयरी उत्पादों (Dairy Products) के साथ मिलने वाले प्लास्टिक के स्ट्रॉ (Plastic straws) पर सरकार ने पूर्ण रूप से प्रतिबंद लगा दिया है।


भारत में एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाएगा। सरकार इसमें अब किसी भी तरह की छूट नहीं देने वाली है। सरकार के इस फैसले की वजह से पैक्ड जूस, सॉफ्ट ड्रिंक्स और डेयरी प्रोडक्ट (Dairy Products) बनाने और बेचने वाली कंपनियों को तगड़ा झटका दिया है। एक जुलाई से इस प्रतिबंध के लागू होने के बाद बेवरेज कंपनियां प्लास्टिक स्ट्रॉ (Plastic Straw) के साथ अपने प्रोडक्ट को नहीं बेच पाएंगी। इसलिए अमूल, मदर डेयरी और डाबर जैसी कंपनियों ने सरकार से निवेदन किया था कि वो अपने फैसले को कुछ समय के लिए टाल दे। 

प्लास्टिक के साथ ईयर-बड, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल) प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच जैसी वस्तुओं के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग जाएगा। भारत सरकार ने कूड़ा-करकट वाले सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। देश के सबसे बड़े डेयरी समूह अमूल (Amul) ने कुछ दिन पहले सरकार को पत्र लिखकर प्लास्टिक स्ट्रॉ पर लगने वाले प्रतिबंध को टालने का अनुरोध किया था। अमूल ने कहा था कि सरकार के इस फैसले से दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक (Milk Producer) देश के किसानों और दूध की खपत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


डिब्बायुक्त घी, पनीर खाना पड़ेगा महंगा, चैक पर भी लगेगी जीएसटी

नई दिल्ली: अब दही, पनीर, शहद, मांस और मछली जैसे डिब्बा बंद और लेबल-युक्त या ब्रांडेड चीजें महंगी हो जाएंगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन खाद्य पदार्थों पर माल एवं सेवा कर (GST) लगाने का फैसला हुआ है। साथ ही चेक जारी करने के एवज में बैंकों की तरफ से लिये जाने पर शुल्क पर भी जीएसटी (Goods and Service Tax) देना पड़ेगा।


अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी परिषद ने राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह की ज्यादातर सिफारिशों को मान लिया है। परिषद जीएसटी से जुड़े मसलों पर निर्णय लेने वाली शीर्ष निकाय है। परिषद के समक्ष जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के मकसद से छूट वापस लेने को लेकर राज्यों के वित्त मंत्रियो के समूह की सिफारिशें आई थीं। इनमें से ज्यादातर को स्वीकार कर लिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होते हैं।

परिषद ने दो दिन की बैठक के पहले दिन मंगलवार को जीएसटी से छूट की समीक्षा को लेकर मंत्री समूह (जीओएम) की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया। यह छूट फिलहाल डिब्बाबंद और लेबल युक्त खाद्य पदार्थों को मिलती है। इससे डिब्बा बंद मांस (फ्रोजन छोड़कर), मछली, दही, पनीर, शहद, सूखा मखाना, सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज, गेहूं का आटा, मूढ़ी, गुड़ और जैविक खाद जैसे उत्पादों पर अब पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा।

और किन चीजों पर लगेगी जीएसटी

इसी प्रकार, चेक जारी करने पर बैंकों द्वारा लिये जाने वाले शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। एटलस समेत नक्शे और चार्ट पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। वहीं खुले में बिकने वाले बिना ब्रांड वाले उत्पादों पर जीएसटी छूट जारी रहेगी। इसके अलावा 1,000 रुपये प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल कमरों पर 12 प्रतिशत की दर से कर लगाने की बात कही गयी है। अभी इसपर कोई कर नहीं लगता है। भारांश औसत जीएसटी को बढ़ाने के लिये दरों को युक्तिसंगत बनाना महत्वपूर्ण है। भारांश औसत जीएसटी घटकर 11.6 प्रतिशत पर आ गया है जो इस कर व्यवस्था के लागू होने के समय 14.4 प्रतिशत था।


5G सेवा: सबसे पहले इन 13 शहरों में मिलेगी 5जी की सुविधा, देखें-क्या आपके शहर का भी लिस्ट में है नाम

मोदी सरकार ने देश में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी दे दी है। भारत में बहुत जल्द 5G सेवायें उपलब्ध होने वाली हैं।

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने देश में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी दे दी है। भारत में बहुत जल्द 5G सेवायें उपलब्ध होने वाली हैं। 


बताया जा रहा है कि इस साल के दिवाली तक हमें 5G सेवाओं का तोहफा मिल सकता है। देश के कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें पहले 5G सर्विस मुहैया कराई जाएंगी। दूरसंचार विभाग के अनुसार, देश भर में इन 13 शहरों में सबसे पहले में 5G कनेक्टिविटी मिलेगी। इनमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, जामनगर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और पुणे शामिल है।

5G नीलामी 26 जुलाई, 2022 को आयोजित की जानी है। यह नीलामी 72 GHz से ज्यादा स्पेक्ट्रम की 20 साल की वैधता अवधि के साथ होगी। नीलामी अलग-अलग लो (600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज), मिड (3300 मेगाहर्ट्ज) और हाई (26 गीगाहर्ट्ज़) फ्रीक्वेंसी बैंड में स्पेक्ट्रम के लिए आयोजित होने वाली है। सरकार का दावा कर रही है कि भारत में 5जी 4जी से करीब 10 गुना तेज होगा।


केंद्रीय कैबिनेट से 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी को मिली मंजूरी

20 साल की वैधता अवधि के साथ कुल 72097.85 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी जुलाई, 2022 के अंत तक की जाएगी।

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक स्पेक्ट्रम नीलामी आयोजित करने के दूरसंचार विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके माध्यम से सफल बोलीदाताओं को जनता और उद्यमों को 5जी सेवाएं प्रदान करने के लिए स्पेक्ट्रम सौंपा जाएगा। 20 साल की वैधता अवधि के साथ कुल 72097.85 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी जुलाई, 2022 के अंत तक की जाएगी।

नीलामी विभिन्न निम्न (600 मेगाहट्र्ज, 700 मेगाहट्र्ज, 800 मेगाहट्र्ज, 900 मेगाहट्र्ज, 1800 मेगाहट्र्ज, 2100 मेगाहट्र्ज, 2300 मेगाहट्र्ज), मिड (3300 मेगाहट्र्ज) और हाई (26 गीगाहट्र्ज) फ्ऱीक्वेंसी बैंड के तहत स्पेक्ट्रम के लिए आयोजित की जाएगी।

यह उम्मीद की जा रही है कि मिड और हाई बैंड स्पेक्ट्रम का उपयोग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा गति और क्षमता प्रदान करने में सक्षम 5जी प्रौद्योगिकी-आधारित सेवाओं को रोल-आउट करने के लिए किया जाएगा, जो वर्तमान 4जी की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक होगा।

मंत्रिमण्डल ने व्यवसाय करने में सुगमता के लिए आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी के माध्यम से बोलीदाताओं द्वारा प्राप्त किए जाने वाले स्पेक्ट्रम के संबंध में विभिन्न प्रगतिशील विकल्पों की घोषणा की है।

पहली बार, सफल बोलीदाताओं द्वारा अग्रिम भुगतान करने की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं है। स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान 20 समान वार्षिक किश्तों में किया जा सकता है जिसका भुगतान प्रत्येक वर्ष की शुरुआत में अग्रिम रूप से किया जाना है।

इससे नकदी प्रवाह की आवश्यकताओं में काफी कमी आने और इस क्षेत्र में व्यवसाय करने की लागत कम होने की उम्मीद है। बोलीदाताओं को शेष किश्तों के संबंध में भविष्य की देनदारियों के बिना 10 वर्षों के बाद स्पेक्ट्रम को सरेंडर करने का विकल्प दिया जाएगा।


Fuel Shortage in India : कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रही प्रभावित, बंद करने पड़े पेट्रोल पंप

ऐसा क्यों हो रहा है, इस बारे में जानने के लिए तेल कंपनियों के पदाधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, मगर किसी ने भी खुलकर बात नहीं की। ऐसी चर्चा जरूर है कि पेट्रोल व डीजल पर घाटे की बात कर ऐसा किया जा रहा है।

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश, हरियाणा व पंजाब सहित कई राज्यों में तेल कंपनियां मांग के अनुपात में पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति नहीं कर रही हैं। मध्य प्रदेश में तो आपूर्ति 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। 


ऐसा क्यों हो रहा है, इस बारे में जानने के लिए तेल कंपनियों के पदाधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, मगर किसी ने भी खुलकर बात नहीं की। ऐसी चर्चा जरूर है कि पेट्रोल व डीजल पर घाटे की बात कर ऐसा किया जा रहा है।

बिहार में सप्लाई अभी प्रभावित नहीं हुई है, मगर कंपनियां नकद भुगतान करने पर ही तेल उपलब्ध करवा रही हैं। हरियाणा व पंजाब में भी नकद भुगतान की बात कंपनियां कर रही हैं। 


मध्य प्रदेश, हरियाणा व पंजाब में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के पंपों पर पेट्रोल व डीजल की किल्लत शुरू हो गई है। हालांकि, इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आइओसी) के पंपों पर अभी ज्यादा समस्या नहीं है, लेकिन इन पर भी दबाव बढ़ने लगा है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह में यहां भी किल्लत शुरू हो जाने की आशंका है।

वहीं, तेल कंपनियों का दावा है कि डीजल पर 23 और पेट्रोल में 16 रुपये प्रति लीटर घाटा हो रहा है, इसलिए पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति कम की जा रही है। इससे नाराज मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने मुख्य सचिव ने संबंधित जिले के कलेक्टरों से खपत के अनुसार पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कराने की मांग की है। 


गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 21 मई को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) घटा दी थी। इससे लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों पर ब्रेक लग गया था और इसकी कीमत कुछ कम हो गई थी। तभी से तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति करने में घाटा होना बता रही हैं और पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं कर रही हैं।


शेयर बाजार में निवेशकों के डूबे 6 लाख करोड़ रुपये, सेंसेक्स 1400 अंक टूटकर बंद, जानिए-क्या है गिरावट का कारण

बाजार मे आज की गिरावट के साथ निवेशकों के 6.37 लाख करोड़ रुपये डूब गए। साथ ही बीएसई पर लिस्ट सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप (Market Cap) घटकर 250 लाख करोड़ रुपये से नीचे पहुंच गया। आज की गिरावट के साथ कुल मार्केट कैप 249.40 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है।

मुम्बई: दुनिया भर के शेयर बाजारों में जारी गिरावट का असर आज घरेलू बाजारों (Stock Market Today) पर भी देखने को मिला है। प्रमुख इंडेक्स (Sensex and Nifty) आज 2.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। गुरुवार को सेंसेक्स 1416 अंक की गिरावट के साथ 52,792 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 431 अंक की गिरावट के साथ 15809 के स्तर पर बंद हुआ है।

6 लाख करोड़ डूबे

बाजार मे आज की गिरावट के साथ निवेशकों के 6.37 लाख करोड़ रुपये डूब गए। साथ ही बीएसई पर लिस्ट सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप (Market Cap) घटकर 250 लाख करोड़ रुपये से नीचे पहुंच गया। आज की गिरावट के साथ कुल मार्केट कैप 249.40 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। वहीं एक दिन पहले ये 255.77 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था। भविष्य को लेकर बाजार का डर दिखाने वाला वॉलिटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स आज 10 प्रतिशत बढ़ गया है।

क्या है गिरावट का कारण


शेयर बाजार में आज की गिरावट फेडरल रिजर्व के द्वारा दरों में तेज बढ़ोतरी की आशंकाओं की वजह से दुनिया भर के बाजारों में आई गिरावट की वजह से देखने को मिली है। अगर फेड दरों में तेज बढ़ोतरी करता है तो दुनिया भर के इक्विटी मार्केट से पैसा निकलने की रफ्तार बढ़ सकती है। इसी आशंका की वजह से निवेशक अब कम जोखिम वाले निवेश विकल्पों की तरफ जा रहे हैं। इसका नुकसान इक्विटी मार्केट पर पड़ रहा है। 

एशिया पैसेफिक मार्केट में 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले समय में चुनौतियां बढ़ने की संभावनाओं से भी निवेशक बाजार से बाहर निकल रहे हैं। लगातार एजेंसी और संस्थान जीडीपी के अनुमानों में कटौती कर रही हैं। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये में रिकॉर्ड गिरावट और घटते विदेशी मुद्रा भंडार से भी सेंटीमेंट्स कमजोर हुए हैं।


आज LIC के शेयरों में भारी गिरावट, निवेशकों को करोड़ों का नुकसान

शेयर बाजार में पिछले काफी दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जिसका सीधा असर LIC के शेयर पर भी दिखाई दे रहा है। LIC के शेयर में भारी गिरावट आई है। अगर देखा जाए तो ये अबतक की रिकॉर्ड गिरावट मानी जा रही है।

नई दिल्ली: शेयर बाजार में पिछले काफी दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जिसका सीधा असर LIC के शेयर पर भी दिखाई दे रहा है। LIC के शेयर में भारी गिरावट आई है। अगर देखा जाए तो ये अबतक की रिकॉर्ड गिरावट मानी जा रही है। 

एंकर निवेशकों (Anchor Investors) के लिए लॉक इन पीरियड की अवधि के खत्म होते ही LIC का शेयर पहली बार 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 700 रुपये के नीचे जा फिसला है। LIC के शेयर ने 682 रुपये का लेवल बनाया है। फिलहाल शेयर 2.95 फीसदी की गिरावट के साथ 288 रुपये पर कारोबार कर रहा है। LIC का शेयर अपने आईपीओ (IPO) प्राइस से 27.50 फीसदी से भी ज्यादा 260 रुपये से ज्यादा नीचे गिर चुका है।

दरअसल LIC के आईपीओ (IPO) में जिन एंकर निवेशकों (Anchor Investors) ने निवेश किया हुआ है उनके लिए लॉक इन पीरियड ( Lock In Period) आज खत्म हो गया है। एंकर निवेशक जिन्हें अपने निवेश पर भारी नुकसान हो रहा है माना जा रहा है कि बाजार में बिकवाली के चलते एंकर निवेशकों द्वारा बिकवाली की जा सकती है। इसी दवाब के कारण LIC का शेयर 700 रुपये से नीचे जा फिसला है। 

लिस्टिंग के बाद बीते 20 ट्रेडिंग सेशन में लगातार एलआईसी के शेयर में 28 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। LIC ने अपने आईपीओ का इश्यू प्राइस 949 रुपये तय किया था। सोमवार को शेयर 682 रुपये पर बंद हुआ है. यानि अपने इश्यू प्राइस से  267 रुपये नीचे।


बाजार खुलते ही धड़ाम हुआ शेयर मार्किट, सेंसेक्‍स 1460 अंक टूटा, निफ्टी भी 15,800 के नीचे

वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली को देखते हुए सोमवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। खबर लिखे जाते समय बीएसई का सेंसेक्‍स 1460.09 अंकों की गिरावट के साथ 52,843.35 पर कारोबार करता देखा गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी 410.55 अंकों की गिरावट के साथ 15,791.25 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा था।

नई दिल्ली: वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली को देखते हुए सोमवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। खबर लिखे जाते समय बीएसई का सेंसेक्‍स 1460.09 अंकों की गिरावट के साथ 52,843.35 पर कारोबार करता देखा गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी 410.55 अंकों की गिरावट के साथ 15,791.25 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्‍स में शामिल कंपनियों में सबसे अधिक गिरावट बजाज फिनसर्व में देखी गई जो 4.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इसके अलावा, जिन शेयरों में सबसे अधिक गिरावट रही, उनमें बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, एसएंडटी, इंडसइंड बैंक, स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्‍ट्रीज और इन्‍फोसिस शामिल हैं।


निफ्टी में शामिल कंपनियों की बात करें तो सभी शेयर भारी गिरावट के साथ कारोबार करते देखे गए। जिन शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दिखी उनमें हिंडाल्‍को (4.21 प्रतिशत), बजाज फिनसर्व (4.01 प्रतिशत), बजाज फाइनेंस (3.84 प्रतिशत), आईसीआईसीआई बैंक (3.67 प्रतिशत) और स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (3.54 प्रतिशत) शामिल हैं।

सेक्‍टोरल इंडाइसेज की बात करें तो सारे के सारे लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निफ्टी पीएसयू बैंक 3.55 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 3.31 प्रतिशत, निफ्टी बैंक 3.25 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 3.10 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 3.03 प्रतिशत और निफ्टी रियलटी 3.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।


अमूल की अपील-प्लास्टिक स्ट्रॉ पर लगने वाला प्रतिबंध 1 साल के लिए टाले सरकार

जीसीएमएमएफ अपने दूध और अन्य डेयरी उत्पाद अमूल ब्रांड नाम से बेचती है। सोढ़ी ने बताया, ‘प्लास्टिक स्ट्रॉ हमारे बटर मिल्क और लस्सी के टेट्रा पैक के साथ ही जुड़ा होता है।

नई दिल्ली: प्रमुख डेयरी कंपनी अमूल ने पर्यावरण मंत्रालय से प्लास्टिक स्ट्रॉ पर प्रतिबंध को एक साल के लिए टालने का अनुरोध किया है। कंपनी ने कहा है कि घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कागज के स्ट्रॉ की कमी है। सरकार का एकल इस्तेमाल प्लास्टिक (including plastic Straws) पर प्रतिबंध एक जुलाई, 2022 से लागू होगा।

गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (GCMMF) के प्रबंध निदेशक आर एस सोढ़ी ने मिडिया से कहा, ‘हमने एकल इस्तेमाल वाले प्लास्टिक स्ट्रॉ पर प्रस्तावित प्रतिबंध के बारे में पर्यावरण सचिव को पत्र लिखा है।’

जीसीएमएमएफ अपने दूध और अन्य डेयरी उत्पाद अमूल ब्रांड नाम से बेचती है। सोढ़ी ने बताया, ‘प्लास्टिक स्ट्रॉ हमारे बटर मिल्क और लस्सी के टेट्रा पैक के साथ ही जुड़ा होता है।’

अमूल को प्रतिदिन 10 से 12 लाख प्लास्टिक स्ट्रॉ की जरूरत होती है। सोढ़ी ने कहा कि हमने मंत्रालय से आग्रह किया है कि स्थानीय उद्योग को कागज के स्ट्रॉ के उत्पादन की सुविधाएं विकसित करने के लिए एक साल का समय दिया जाए। 

एक अन्य कंपनी पारले एग्रो ने भी सरकार से इसी तरह का अनुरोध किया है। पारले के लोकप्रिय ब्रांड में ‘फ्रूटी’ और ‘एप्पी’ शामिल हैं।


शराब कारोबारियों के लिए आफत बनी दिल्ली की नई शराब नीति, सरकार को करोड़ो का मुनाफा

दिल्ली में लगभग 7 महीने पहले नई आबकारी नीति लागू की गई थी। जिसके बाद से ही राजधानी में शराब कारोबारी अपना बोरिया-बिस्तर समेटने लगे।

नई दिल्ली: दिल्ली की नई आबकारी नीति लागू होने के बाद से ही सवाल उठने लगे थे, जो अभी भी उठ रहे हैं। दिल्ली में लगभग 7 महीने पहले नई आबकारी नीति लागू की गई थी। जिसके बाद से ही राजधानी में शराब कारोबारी अपना बोरिया-बिस्तर समेटने लगे।

दिल्ली के कुल 32 जोन में से 9 जोन के शराब कारोबारियों ने इस साल अपना लाइसेंस सरकार को सरेंडर करने का फैसला लिया है। जिसके बाद से ही सरकार पर आरोप लग रहे हैं, कि सरकार नई नीति लाई ही इसलिए थी कि शराब बेचने के कारोबार से बाहर निकला जा सके और सभी ठेकों को प्राइवेट हाथों में सौंप कर ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके। 

दिल्ली में नई नीति से पहले लगभग 700 शराब की दुकानें थीं, जिनमें से लगभग 500 सरकारी एजेंसियां चलाती थीं जबकि 200 प्राइवेट हाथों में थीं। दिल्ली सरकार ने जो नई नीति लाई उसमें इन दुकानों की संख्या को बढ़ाकर 849 कर दिया गया। दिल्ली सरकार की कोशिश ये ही रही कि हर इलाके में दुकानों के लाइसेंस दे दिए जाएं। जिससे मुनाफा भी पूरा हो और खरीददारों को ज्यादा दूर भी नहीं जाना पड़े। 


दिल्ली सरकार जैसे ही नई नीति लेकर आई, वैसे ही उसकी मुश्किलें भी बढ़ने लगीं। इस नीति के तहत सरकार को 850 दुकानों से सालाना 8900 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस आनी थी, लेकिन दिल्ली सरकार यहीं पर खेल कर गई और कमाई के लिए पिछले वित्तीय साल में महज साढ़े चार महीने ही बचे थे। इसलिए उस हिसाब से इतने समय के लिए 849 दुकानों से तकरीबन 3500 करोड़ रुपए कमाई भी हो गई। देखा जाए तो इस कमाई की बदौलत साल 2020-21 के मुकाबले साल 2021-22 में सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी कर ली।


अब क्रेडिट कार्ड से भी सकेगा UPI पेमेंट, RBI ने दी राहत

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज UPI के माध्यम से Rupay क्रेडिट कार्ड से भुगतान की अनुमति दे दी है। इसकी घोषणा शक्तिकांत दास ने मोनेटरी पॉलिसी रिव्यू प्रेस कॉन्फ्रेंस (monetary policy review press conference) में की।

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जहां एक तरफ आम जनता पर लोन का बोझ बढ़ा दिया है। वहीं, दूसरी तरफ एक बड़ी राहत भी दी है। RBI ने क्रेडिट कार्ड को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) से जोड़ने का ऐलान किया है। इसकी शुरुआत Rupay क्रेडिट कार्ड से की गई है। 


आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज UPI के माध्यम से Rupay क्रेडिट कार्ड से भुगतान की अनुमति दे दी है। इसकी घोषणा शक्तिकांत दास ने मोनेटरी पॉलिसी रिव्यू प्रेस कॉन्फ्रेंस (monetary policy review press conference) में की।

बता दें कि वर्तमान में, UPI यूजर्स डेबिट कार्ड के माध्यम से सेविंग्स या करेंट अकाउंट को जोड़कर लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। दास ने कहा कि नई व्यवस्था से ग्राहकों को यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से भुगतान करने में अधिक अवसर और सुविधा मिलने की उम्मीद है। 

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वर्तमान में 26 करोड़ से अधिक यूजर्स और 5 करोड़ कारोबारी यूपीआई प्लेटफॉर्म पर शामिल हैं। अकेले मई 2022 में यूपीआई के माध्यम से 10.40 लाख करोड़ रुपये के 594.63 करोड़ लेनदेन किए गए थे।


आम आदमी को RBI ने दिया झटका, लोन लेना पड़ेगा महंगा, रेपो रेट 4.90 फीसदी बढ़ा

केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने आगे कहा कि स्टैंडिग डिपोजिट फैसिलिटी(SDF रेट) को 4.65% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी(MSF रेट) और बैंक रेट को 5.15% तक एडजस्ट किया गया है।

नई दिल्ली: आम आदमी को केंद्रीय बैंक से आज बड़ा झटका मिला है। दरअसल,  रेपो रेट में 4.90 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। यानि बैंकों से कर्ज लेना अब महंगा हो जाएगा।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस वार्ता में कहा कि मॉनिटरिंग पॉलिसी कमेटी ने सर्वसम्मति से 50 BPS पर पॉलिसी रेपो रेट को बढ़ाकर 4.90% करने के लिए मतदान किया।

केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने आगे कहा कि स्टैंडिग डिपोजिट फैसिलिटी(SDF रेट) को 4.65% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी(MSF रेट) और बैंक रेट को 5.15% तक एडजस्ट किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि 31 मई को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी प्रोविजनल अनुमानों के अनुसार, 2021-22 में भारत की GDP ग्रोथ 8.7% रहने का अनुमान है। 2021-22 में रियल GDP का स्तर महामारी से पहले यानी 2019-20 के स्तर से अधिक हुआ है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि 2022 में सामान्य मानसून और भारत में कच्चे तेल की औसत कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के मुताबिक, अब 2022-23 में  मुद्रास्फीति 6.7% होने का अनुमान है।

उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल लोग UPI से अपने बचत और चालू खाते से अपने डेबिट कार्ड के माध्यम से लेन-देन कर सकते हैं। यह प्रस्तावित हुआ है कि लोग अपने 'RuPay' क्रेडिट कार्ड से भी UPI के माध्यम से लेन-देन कर सकेंगे। शुरूआत में 'RuPay' क्रेडिट कार्ड UPI प्लेटफॉर्म पर जुड़ सकेंगे।


महंगा होगा लोन लेना, RBI आज करेगी घोषणा, जानिए-आम आदमी की जेब पर पड़ेगा कितना असर

आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा नीति की बैठक (Monetary Policy Meeting) 6 जून को शुरू हुई थी। आज यानी 8 जून को आरबीआई बैठक के फैसलों की घोषणा करेगा।

नई दिल्ली: आम आदमी के लिए आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया झटका देने वाला एलान कर सकती है।
 दरअसल, आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा नीति की बैठक (Monetary Policy Meeting) 6 जून को शुरू हुई थी। आज यानी 8 जून को आरबीआई बैठक के फैसलों की घोषणा करेगा।

एक्सपर्ट का मानना है कि आज बैठक के नतीजों के बाद में लोन की दरों में और इजाफा हो जाएगा। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। एक बार फिर से लोन महंगा हो सकता है। इससे पहले मई में भी आरबीआई ने अचानक बैठक करके नीतिगत दरों में ब्याज बढ़ा दिया था, जिसके बाद सभी प्राइवेट और सरकारी बैंक ने भी लोन की दरों में इजाफा कर दिया था।

RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा में आधार दरें बढ़ने के संकेत हैं। उम्‍मीद की जा रही है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया रेपो रेट्स में 0.25 से 0.50 फीसदी तक का इजाफा कर सकता है।


एलन मस्क ने Twitter पर लगाया फर्जी डेटा छिपाने का आरोप, कैंसिल हो सकती है डील!

मस्क ने कंपनी पर फर्जी यूजर्स अकाउंट्स के बारे में डेटा छिपाने का आरोप लगाया है। मस्क ने चेतावनी दी कि वह ट्विटर का अधिग्रहण करने के लिए अपने 44 बिलियन डॉलर के सौदे से पीछे हट सकते हैं।

नई दिल्ली: एलन मस्क (Elon Musk) ने ट्विटर (Twitter) के साथ डील को खत्म करने की चेतावनी दी है। रॉयटर्स के मुताबिक, एलन मस्क ने चेतावनी दी है कि अगर सोशल मीडिया नेटवर्क (Social Media) स्पैम और फर्जी अकाउंट्स पर डेटा को उपलब्ध नहीं कराता है, तो वे ट्विटर इंक को खरीदने की 44 अरब डॉलर की डील (Twitter Deal) को रद्द कर देंगे। 


बता दें कि अप्रैल में मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदने की घोषणा की थी। इससे पहले मस्क ने मई में कहा था कि यह सौदा तब तक रोक दिया गया है जब तक यह पता नहीं चल जाता है कि स्पैम या फर्जी खाते माइक्रोब्लॉगिंग साइट के कुल यूजरबेस के 5 परसेंट से कम हैं।

ट्विटर यूजर्स के मामले में 9-15 फीसदी तक एक्टिव बॉट हो सकते हैं। इन बॉट या स्पैम अकाउंट की मदद से सोशल मीडिया एक्टिविटी को बूस्ट किया जाता है। वर्तमान में ट्विटर रियल आइडेंटिटी की मांग नहीं करता है। अगर किसी अकाउंट से गलत एक्टिविटी होती है तब जाकर उसके खिलाफ एक्शन लिया जाता है।

बता दें कि एलन मस्क ने सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर से स्पैम या फेक अकाउंट की डिटेल्स शेयर करने की मांग की थी। मस्क ने कंपनी पर फर्जी यूजर्स अकाउंट्स के बारे में डेटा छिपाने का आरोप लगाया है। मस्क ने चेतावनी दी कि वह ट्विटर का अधिग्रहण करने के लिए अपने 44 बिलियन डॉलर के सौदे से पीछे हट सकते हैं।

मस्क के वकीलों के लेटर में कहा गया है कि ट्विटर अपनी रिस्पॉन्सिबिलिटी को अनदेखा कर रहा है। ऐसे में मस्क के पास डील को समाप्त करने के सभी अधिकार सुरक्षित हैं। बता दें कि इससे पहले मस्क ने कहा था कि माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर डील (Twitter deal) को फिलहाल के लिए होल्ड पर रख दिया है। एलन मस्क सोशल मीडिया कंपनी से फर्जी या स्पैम अकाउंट्स की पूरी डिटेल्स मिलने का इंतजार कर रहे हैं।


नोटों से क्या हटा दी जाएंगी महात्मा गांधी की तस्वीरें? पढ़िए-RBI ने क्या कहा

नोटों से महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की तस्वीर हटाई जा सकती है। ये खबर कैसे फैलती है। और इसमें कितनी सच्चाई होती है, ये खुद आरबीआई ने बताया है। आरबीआई (RBI) ने प्रस्ताव को लेकर भी बयान दिया है।

मुंबई: सोशल मीडिया (Social Media) पर अक्सर इस तरह की खबर वायरल होती है कि भारतीय करेंसी पर छपी तस्वीर बदली जा सकती है। नोटों से महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की तस्वीर हटाई जा सकती है। ये खबर कैसे फैलती है। और इसमें कितनी सच्चाई होती है, ये खुद आरबीआई ने बताया है। आरबीआई (RBI) ने प्रस्ताव को लेकर भी बयान दिया है।

RBI ने ऐसी खबरों का खंडन करते हुए कहा कि बैंक नोटों पर महात्मा गांधी के चित्र को बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि मीडिया के कुछ वर्गों में ऐसी खबरें आई हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक महात्मा गांधी के चित्र को बदला जा सकता है। ये भी कहा जा रहा है कि तस्वीर को अन्य लोगों के साथ बदलकर मौजूदा मुद्रा और बैंक नोटों में बदलाव करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।

RBI ने बयान में कहा कि रिजर्व बैंक में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। और बैंक इस तरह का कोई भी कदम उठाने नहीं जा रहा है।’’

पिछले दिनों कुछ खबरों में बताया गया था कि वित्त मंत्रालय और आरबीआई कुछ मूल्यवर्ग के बैंक नोटों पर रवींद्रनाथ टैगोर और एपीजे अब्दुल कलाम सहित अन्य प्रमुख भारतीयों के चित्रों का उपयोग करने पर विचार कर रहे हैं। अक्सर ही सोशल मीडिया पर इस तरह बातें होती हैं। अब इन बातों और अफवाहों का आरबीआई ने खंडन किया है।


PM ने जारी किए 1 से 20 रुपयों के सिक्के, नेत्रहीन लोग भी कर सकेंगे आसानी से पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के प्रतिष्ठित सप्ताह समारोह का उद्घाटन करते हुए 1, 2, 5, 10 और 20 रुपयों के नए सिक्के (New Coins) लॉन्च किए।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के प्रतिष्ठित सप्ताह समारोह का उद्घाटन करते हुए 1, 2,  5, 10 और 20 रुपयों के नए सिक्के (New Coins) लॉन्च किए।

पीएम मोदी ने ये सिक्के आजादी का अमृत महोत्सव को समर्पित किए। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि ये नए सिक्के देश के लोगों को निरंतर अमृतकाल के लक्ष्य याद दिलाएंगे और उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान के लिए प्रेरित करेंगे। 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 'बीते सालों में वित्त और कॉरपोरेट मंत्रालय ने अपने काम से सही निर्णय लेकर एक लिगेसी बनाई है, एक बेहतरीन सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि आप सभी इस विरासत का हिस्सा हैं। देश के आम जन के जीवन को आसान बनाना हो, या देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करना हो, बीते 75 सालों में अनेक साथियों ने इसमें बहुत योगदान दिया है।'

ये सिक्के बेहद खास हैं क्योंकि इन स्पेशल सीरीज के सिक्कों को नेत्रहीन लोग भी आसानी से पहचान सकते हैं। इस बात की जानकारी पीएमओ ने दी है।

प्रधानमंत्री ने सिक्कों की जो सीरीज जारी की है उनमें एकेएएम का लोगो होगा। एकेएएम यानी आजादी का अमृत महोत्सव (  Azadi Ka Amrit Mahotsav). बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपने बजट भाषण में इन सिक्कों का जिक्र किया था और कहा था कि जल्द ही इन्हें आम लोगों के इस्तेमाल के लिए जारी किया जाएगा।


खुशखबरी! आम जनता को महंगाई से मिलेगा आराम, जल्द ही और घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, OPEC बढ़ाएगा कच्चे तेल का उत्पादन

कच्चा तेल सस्ता होगा तो निश्चित तौर पर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम नीचे आएंगे। भारत की क्रूड बास्केट के दाम में कटौती आने से देश में फ्यूल सस्ता होगा।

नई दिल्ली: तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक-OPEC) और रूस समेत सहयोगी देश जुलाई और अगस्त में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर 6,48,000 बैरल प्रतिदिन करेंगे। इस कदम से ऊर्जा के ऊंचे दाम और फलस्वरूप बढ़ती महंगाई से प्रभावित वैश्विक अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिलेगी।


ओपेक और सहयोगी देशों (ओपेक प्लस) का निर्णय महामारी के दौरान की गयी कटौती को तेजी से बहाल करने में मददगार होगा। समूह 2020 से उत्पादन में कटौती को धीरे-धीरे बहाल करने के लिये हर महीने प्रति दिन 4,32,000 बैरल का उत्पादन कर रहा था।

ओपेक देशों के फैसले से विश्व में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ेगी और इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतें कम होने के रूप में सामने आएगा। कच्चा तेल सस्ता होगा तो निश्चित तौर पर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम नीचे आएंगे। भारत की क्रूड बास्केट के दाम में कटौती आने से देश में फ्यूल सस्ता होगा।

ओपेक ग्रुप 2020 से उत्पादन में कटौती को धीरे-धीरे बहाल करने के लिये हर महीने प्रति दिन 4,32,000 बैरल का उत्पादन कर रहा था। इसे बढ़ाकर 6,48,000 बैरल प्रतिदिन करने का फैसला ले लिया गया है।


दिव्यांग को प्लेन में सवार होने से रोकना इंडिगो को पड़ा महंगा, DGCA ने लगाया 5 लाख का जुर्माना

नागर विमानन निदेशालय (डीजीसीए) ने रांची एयरपोर्ट पर गत सात मई को एक दिव्यांग बच्चे को विमान में नहीं चढ़ने देने के मामले में विमानन कंपनी इंडिगो पर शनिवार को पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया। डीजीसीए ने विमानन कंपनी पर जुर्माना लगाते हुए कहा कि इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ का बच्चे को शांत करने का तरीका सही नहीं था और उसकी वजह से स्थिति और बिगड़ गई।

नई दिल्ली: नागर विमानन निदेशालय (डीजीसीए) ने रांची एयरपोर्ट पर गत सात मई को एक दिव्यांग बच्चे को विमान में नहीं चढ़ने देने के मामले में विमानन कंपनी इंडिगो पर शनिवार को पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया। डीजीसीए ने विमानन कंपनी पर जुर्माना लगाते हुए कहा कि इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ का बच्चे को शांत करने का तरीका सही नहीं था और उसकी वजह से स्थिति और बिगड़ गई।

डीजीसीए ने नोट में कहा है कि अगर बच्चे के साथ अधिक प्यार से पेश आया जाता तो वह शांत हो सकता था। इससे इंडिगो को सख्त कदम नहीं उठाना पड़ता और उसे पैसेंजर को बोर्डिग करने से मना नहीं करना पड़ता।

नोट में कहा गया है कि विशेष परिस्थितियों में विशेष कदम उठाने पड़ते हैं, लेकिन विमानन कंपनी के कर्मचारी इस स्थिति में सही कदम उठाने में असक्षम रहे और ऐसा करने में उन्होंने प्रक्रियाओं में चूक की।

भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इस मकसद के साथ डीजीसीए ने नियमों में जरूरी बदलाव लाने का निर्णय लिया है।

डीजीसीए ने साथ ही पैसेंजर की बोर्डिग के मामले में विमान के कमांडर की राय और पैसेंजर के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में एयरपोर्ट डॉक्टर की लिखित सलाह जरूरी कर दी है।

डीजीसीए के एक पैनल ने इस घटना के परिप्रेक्ष्य में इंडिगो के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला लिया था और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था।

गौरतलब है कि गत सात मई को रांची एयरपोर्ट पर इंडिगो के कर्मचारियों ने रांची से हैदराबाद जाने वाले विमान में एक दिव्यांग बच्चे को नहीं चढ़ने दिया था। विमानन कंपनी का तर्क था कि वह बच्चा दहशत में था। विमान में बच्चा और उसके माता-पिता सवार नहीं हो पाए थे।

डीजीसीए ने इंडिगो को 26 मई तक लिखित जवाब देने और निजी रूप से अपना पक्ष करने का मौका दिया था।

इंडिगो की इस हरकत की नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कटु आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि इस तरह के बर्ताव को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा था कि किसी भी इंसान को इस तरह की स्थिति से गुजरना नहीं चाहिए और वह खुद इस मामले की जांच करेंगे।

हालांकि, इंडिगो के सीईओ रंजोय दत्ता ने कहा था कि पूरे मामले की समीक्षा के बाद कंपनी को लगता है कि उसने कठिन परिस्थितियों में सबसे बेहतर निर्णय लिया।


बैंक के जून से बदल रहे हैं ये नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर!

जून का महीना (June 2022) शुरू होते हे कई बदलाव देखने को मिलेंगे। जैसे की आप जानते ही होंगे की हर नए महीने की शुरुआत होते ही ऐसे कुछ नियम बदल जाते हैं, जो सीधे जेब पर असर डालते हैं। तो इस बार भी ऐसे कुछ बदलाव (Changes in June) होने वाले हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में-

नई दिल्ली: मई का महीना खत्म होने में महज कुछ ही दिन बचे है। वहीं, जून का महीना (June 2022) शुरू होते हे कई बदलाव देखने को मिलेंगे। जैसे की आप जानते ही होंगे की हर नए महीने की शुरुआत होते ही ऐसे कुछ नियम बदल जाते हैं, जो सीधे जेब पर असर डालते हैं। तो इस बार भी ऐसे कुछ बदलाव (Changes in June) होने वाले हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में-

1. Axis बैंक के बचत खाते का नियम बदलेगा

जून के महीने में एक्सिस बैंक (Axis Bank) अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खातों के लिए औसत मंथली बैलेंस की लिमिट 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी है। वहीं, अगर ग्राहक एक लाख रुपये का  टर्म डिपॉजिट रखता है तो उसे इस शर्त से छूट मिलेगी। इसके अलावा लिबर्टी सेविंग अकाउंट के लिए भी यह 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये  कर दी गई है।

2. एटीएम से पैसे निकालना होगा आसान

अब आप मोबाइल के जरिए एटीएम (ATM Cash Withdrawl) से कैश निकाल पाएंगे। इसमें यूजर्स बिना डेबिट और क्रेडिट कार्ड के एटीएम से कैश निकालेंगे। ये प्रक्रिया 1 जूम से लागू हो जाएगी। इसके चलते 
कार्ड से होने वाले फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही अगर आप कभी अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड घर पर भूल जाएं तो तब भी आसानी से पैसे निकाले जा सकते है।

3. गोल्ड हॉलमार्किंग का दूसरा फेज

आपको बता दें कि गोल्ड हॉलमार्किंग (Gold Hallmarking) का दूसरा फेस एक जून 2022 से शुरू किया जाएगा। सरकार ने बीते दिनों इस बात की जानकारी देते हुए कहा था कि जून की शुरुआत से गोल्ड हॉलमार्किंग के दूसरे चरण की शुरूआत की जाएगी, जिससे सोने की शुद्धता का प्रमाण करना जरूरी होगा। इसके अलावा बता दें कि अब 32 नए जिलों में भी एसेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर्स खुलने वाले हैं।

4. इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक शुल्क लागू

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने कहा है कि अब आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के लिए शुल्क चार्ड लगेगा। ये चार्ज 15 जून से लागू किया जाएगा। बदलाव के बाद हर महीने के शुरुआती तीन ट्रांजेक्शन फ्री होंगे, जिसमें एईपीएस नकद निकासी, एईपीएस नकद जमा और एईपीएस मिनी स्टेटमेंट शामिल हैं। फ्री लेन-देन के बाद 20 रुपये और जीएसटी लगेगा। 

5. एसबीआई के होम लोन का ब्याज बढ़ेगा

एसबीआई (SBI) की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, बैंक ने होम लोन के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) को बढ़ा दिया है। अब यह बेंचमार्क दर 0.40 फीसदी बढ़कर 7.05 फीसदी हो गई है। इसी तरह रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) भी 0.40 फीसदी बढ़कर 6.65 फीसदी हो गया है। ये बढ़ी ब्याज दरें 01 जून से लागू हो जाएंगी।


राहत भरी खबर: खाने के तेल की कीमत होगी कम, सोयाबीन-सूरजमुखी तेल के आयात पर कस्टम ड्यूटी और सेस खत्म

सरकार ने मंगलवार को सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर सीमा शुल्क और कृषि अवसंरचना उपकर को मार्च, 2024 तक हटाने की घोषणा की है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल में एक्साइज टैक्स में कटौती के बाद अब खाने के तेल की कीमतों पर नियंत्रण करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मंगलवार को सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर सीमा शुल्क और कृषि अवसंरचना उपकर को मार्च, 2024 तक हटाने की घोषणा की है।

दो साल के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। सरकार का मानना है आयात शुल्क में इस छूट से घरलू कीमतों में नरमी आएगी और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

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इससे खाने का तेल सस्ता होने की उम्मीद है। यह छूट 31 मार्च 2024 तक लागू रहेगी। सरकार ने 20 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल के आयात पर 2 साल के लिए कस्टम ड्यूटी और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट​​​​​​ सेस खत्म करने का ऐलान किया है।सरकार ने 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन, सूरजमुखी तेल के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी सरकार ने सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर सीमा शुल्क तथा कृषि अवसंरचना उपकर को मार्च, 2024 तक हटाने की घोषणा की है।

वित्त मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में आयात शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक ट्वीट में लिखा, यह निणर्य उपभोक्ताओं को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा।



उत्पाद शुल्क में कटौती: जानिए-आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें

दिल्ली में पेट्रोल का भाव कल यानी शनिवार को 105 रुपये 41 पैसे था जो अब 96 रुपये 72 पैसे प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में पेट्रोल 9 रुपये 16 पैसा सस्ता हुआ है। मुंबई में अब पेट्रोल 111.35 रुपये प्रति लीटर है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद अब राजस्थान और केरल सरकार ने भी वैट घटाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्विटर पर लिखा, "केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी के कारण, राज्य सरकार पेट्रोल पर 2.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 1.16 रुपये प्रति लीटर वैट कम करेगी। इससे राज्य में पेट्रोल 10.48 रुपये और डीजल 7.16 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा।

वहीं, केरल सरकार ने भी पेट्रोल पर 2.41 रुपये और डीजल की कीमतों पर 1.36 रुपये की राहत की घोषणा की है जिससे राज्य की जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है।

दिल्ली में पेट्रोल का भाव कल यानी शनिवार को 105 रुपये 41 पैसे था जो अब 96 रुपये 72 पैसे प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में पेट्रोल 9 रुपये 16 पैसा सस्ता हुआ है। मुंबई में अब पेट्रोल 111.35 रुपये प्रति लीटर है।

प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल-डीजल का भाव

  • दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर
  • मुंबई में पेट्रोल 111.35 रुपये और डीजल 97.28 रुपये प्रति  लीटर
  • कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये प्रति  लीटर 
  • चेन्नई में पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति  लीटर


महंगाई की मार! एक सप्ताह में दूसरी बार दिल्ली में बढ़े सीएनजी के दाम, 2 रुपए प्रतिकिलो बढ़ी कीमत

दिल्ली में सीएनजी की कीमतें 6 दिन में दूसरी बार बढ़े हैं। इससे पहले 15 मई को दिल्ली एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई थी। फिलहाल अब दिल्ली में प्रति किग्रा सीएनजी के लिए ग्राहकों को 75.61 रुपये की कीमत चुकानी होगी।

नई दिल्ली: अभी कुछ दिन पहले सीएनजी की कीमतें बढ़ाई गई थीं। वहीं एक बार फिर सीएनजी की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। दिल्ली में 21 मई को सीएनजी की बढ़ी कीमतें प्रभावी हो गई हैं।

दिल्ली में सीएनजी की कीमतें 6 दिन में दूसरी बार बढ़े हैं। इससे पहले 15 मई को दिल्ली एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई थी। फिलहाल अब दिल्ली में प्रति किग्रा सीएनजी के लिए ग्राहकों को 75.61 रुपये की कीमत चुकानी होगी।

वहीं, एनसीआर क्षेत्र के गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सीएनजी कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके बाद यहां प्रति किलोग्राम सीएनजी की कीमत 78.17 रुपये हो गई है। वहीं गुरुग्राम में प्रतिकिलो सीएनजी के लिए 83.94 रुपये का भुगान करना होगा।


एलन मस्क पर महिला कर्मचारी ने लगाया रेप करने का आरोप, पैसे देकर जुबान बंद रखने की भी दी थी धमकी!

एलन पर एक एयर होस्टेस ने यौन उत्पीड़न और दुराचार जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने दावा किया है कि मस्क एक हवाई यात्रा के दौरान उससे मिलने आए थे और एक बड़ा ऑफर दिया था। जब महिला ने मस्क की बात नहीं मानी तो उनकी कंपनी ने महिला को इस मामले में मुंह बंद रखने के लिए एक मोटी रकम भी चुकाई थी।

नई दिल्ली: विश्व के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क को कौन नहीं जानता। वह सोशल मीडिया से लेकर मीडिया की खबरों में किसी न किसी कारण से बने रहते हैं। लेकिन आज एलन से जुड़ी जिस खबर के बारे हम आपको बताने जा रहे हैं उसे सुन आप हैरान रह जाएंगे।

दरअसल, एलन पर एक एयर होस्टेस ने यौन उत्पीड़न और दुराचार जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने दावा किया है कि मस्क एक हवाई यात्रा के दौरान उससे मिलने आए थे और एक बड़ा ऑफर दिया था। जब महिला ने मस्क की बात नहीं मानी तो उनकी कंपनी ने महिला को इस मामले में मुंह बंद रखने के लिए एक मोटी रकम भी चुकाई थी।

एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स (spaceX) पर आरोप लगाया गया कि मामले पर चुप रहने के लिए कंपनी ने महिला को (1.9 करोड़) 2.5 लाख डॉलर देकर मामले को खत्म किया। एक फ्लाइट अटेंडेंट ने इस बात का खुलासा किया है कि एलन ने एक उड़ान के दौरान प्राइवेट जेट में एलन ने महिला को मसाज करने को कहा था। जानकारी के मुताबिक, स्पेस एक्स (Space X) द्वारा फ्लाइट अटेंडेट को इस राशि का भुगतान वर्ष 2018 में किया गया था। 

उस समय महिला फ्लाइट अटेंडेंट एलन मस्क की कंपनी में ही कर्मचारी के रूप में कार्यरत थी। साल 2016 में इस महिला कर्मचारी ने मस्क पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला ने अपने बयान में बताया था कि उन्होंने न्यूड होकर उनसे मसाज करने को कहा था। जिसके लिए महिला को एक कीमती घोड़ा गिफ्ट करने की बात कही थी । महिला को घुड़सवारी करना बेहद पसंद है।  

वहीं, इस बारे में मस्क से जब पूछा था तो जवाब में उन्होंने ने कहा था कि यह मामला राजनीति से जुड़ा हुआ है। इसके लिए आगे उन्होंने कहा था कि अगर में इस तरह के किसी मामले में जुड़ा होता तो यह बातें पहले ही सामने आ जाती लेकिन 30 साल के लंबे करियर में कभी भी इस तरह का मामला सामने नहीं आया। वहीं पत्रिका के अनुसार स्पेस एक्स के मालिक इस मामले पर कुछ भी कहने से बचते हुए दिख रहे हैं।


अब बिना ATM के निकाल सकेंगे खाते से पैसे, RBI ने बदला ये नियम

दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) एटीएम से पैसे निकालने के लिए नया नियम लागू करने वाला है, जिसके तहत आप बिना कार्ड के बैंक से पैसा निकाल सकते है।

नई दिल्ली: अगर आप अक्सर एटीएम से पैसे निकालते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद काम की है। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) एटीएम से पैसे निकालने के लिए नया नियम लागू करने वाला है, जिसके तहत आप बिना कार्ड के बैंक से पैसा निकाल सकते है। आरबीआई ने इसके लिए (Cardless withdrawal from ATM) बैंकों और एटीएम ऑपरेटर्स को आदेश द‍िए हैं।

आरबीआई अगर इस नियम को लागू कर देती है तो कैश निकालने का पूरा तरीक ही बदल जाएगा। इससे फायदा ये होगा कि आपको एटीएम से ट्रांजेक्‍शन (ATM Transactions) में कैश न‍िकालने के ल‍िए डेब‍िट या क्रेड‍िट कार्ड की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा आप कार्ड की क्‍लोन‍िंग, कार्ड स्किमिंग और दूसरे बैंक फ्रॉड से भी बच जाएंगे।

अगर आप एटीएम घर पर भूल भी जाएं तो इस नए नियम के तहत आप यूपीआई पेमेंट एप जैसे पेटीएम (Paytm), गूगल पे (Google Pay), एमेजॉन पे (Amazon Pay) या फोन पे (Phone Pay) जैसे ऐप्स के जर‍िये एटीएम से पैसे न‍िकाल सकेंगे।

फिलहाल अभी एटीएम ऑपरेटर को कार्डलेस कैश निकालने का इंतजार करना होगा। वहीं, आप जान लें कि ATM कार्ड पर फ‍िलहाल जो चार्ज लगते हैं, इस बदलान के बाद भी वहीं चार्ज रहेंगे। इसके अलावा कैशलेस ट्रांजेक्‍शन से कैश निकालने (Cash Withdraw Rules) के लिए ल‍िम‍िट भी पहले वाली ही रहेगी। 

बता दें कि जिस तरह से ठगी, फ्रॉड की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसे देखते हुए आरबीआई ये नियम (RBI News Rules) लेकर आ रही है। उम्मीद की जा रही है कि ऐसा करने से क्‍लोन‍िंग, कार्ड स्किमिंग और दूसरे बैंक फ्रॉड में कमी आ जाएगी।



Share Market News: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में भारी गिरावट

विदेशी निवेशकों द्वारा पैसों की लगातार निकासी और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के कारण भी बाजार धारणा कमजोर हुई है।

मुंबई: कमजोर वैश्विक संकेतों को देखते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई का सेंसेक्‍स 1155 अंक टूट गया। विदेशी निवेशकों द्वारा पैसों की लगातार निकासी और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के कारण भी बाजार धारणा कमजोर हुई है। 


खबर लिखे जाते समय बीएसई का सेंसेक्‍स 1.84 प्रतिशत यानी 994.38 अंकों की गिरावट के साथ 53,214.15 के स्‍तर पर कारोबार करता नजर आया। शुरुआती कारोबार के दौरान एनएसई का निफ्टी भी 335.65 अंकों की गिरावट के साथ 15,904.65 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा था। खबर लिखे जाते समय निफ्टी 306.55 अंकों की गिरावट के साथ 15933.75 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा था।


सेंसेक्‍स में शामिल 30 कंपनियों में से सिर्फ ITC के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। जिन प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई उनमें टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इन्‍फोसिस, विप्रो, टाटा स्‍टील, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एसबीआई और बजाज फाइनेंस शामिल हैं।


महंगाई का बूस्टर डोज! घरेलू व कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुए महंगे, जानिए-कितनी बढ़ी कीमतें

इस माह दूसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं।

नई दिल्ली: घरेलू व व्यावसायिक एलपीजी गैस दोनों के सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए हैं। इस माह दूसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं। राजधानी दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर अब 1000 रुपये पार पहुंच गया है। 14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर में आज 3.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जबकि 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में आठ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 


दाम बढ़ने के बाद गुरुवार से दिल्ली में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 1003 रुपये, मुंबई में 1002.50 रुपये, कोलकाता में 1029 रुपये और चेन्नई में 1018.50 रुपये में मिलेगा। इससे पूर्व 7 मई को घरेलू सिलेंडर के दाम में 50 रुपये की वृद्धि की गई थी।

अब 19 किलो का व्यावसायिक सिलेंडर दिल्ली में 2354 रुपये, कोलकाता में 2454 रुपये, मुंबई में 2306 रुपये और चेन्नई में 2507 रुपये में मिलेगा। देशभर में अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 1000 रुपये के पार पहुंच गए हैं। एक साल में घरेलू सिलेंडर के दाम 800 रुपये से 1000 के पार पहुंच गए हैं। 


एलन मस्क-पराग अग्रवाल के घमासान के बीच Twitter के 3 शीर्ष कर्मचारियों का इस्तीफा

स्वास्थ्य, वार्ता और विकास के लिए उत्पाद प्रबंधन की उपाध्यक्ष इल्या ब्राउन, ट्विटर सेवा की उपाध्यक्ष कैटरीना लेन, डेटा साइंस के प्रमुख मैक्स शमीजर ने कंपनी छोड़ दी है।

नई दिल्ली: टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क और पराग अग्रवाल के बीच चल रही तनातनी के बीच ट्विटर के कुछ और अधिकारी आगे बढ़ गए हैं और जाहिर तौर पर यह महसूस कर रहे हैं कि निकट भविष्य में माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर उनके रास्ते में क्या आ सकता है। 

टेकक्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य, वार्ता और विकास के लिए उत्पाद प्रबंधन की उपाध्यक्ष इल्या ब्राउन, ट्विटर सेवा की उपाध्यक्ष कैटरीना लेन, डेटा साइंस के प्रमुख मैक्स शमीजर ने कंपनी छोड़ दी है।

उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, जहां लेन और शमीजर ने ट्विटर पर क्रमश: लगभग एक और दो साल तक काम किया, वहीं ब्राउन लगभग छह वर्षो से माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर सेवा दे रहे थे।

मंगलवार को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, "हम लोगों को ट्विटर पर सबसे अच्छा अनुभव प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखे हुए हैं। हम पुष्टि कर सकते हैं कि वे नए अवसरों के लिए ट्विटर छोड़ देंगे। हम उनकी कड़ी मेहनत और नेतृत्व के लिए आभारी हैं।"

ट्विटर के सीईओ अग्रवाल ने हाल ही में दो प्रमुख अधिकारियों - राजस्व उत्पाद के प्रमुख ब्रूस फाल्क और उत्पाद के प्रमुख कायवन बेकपोर को कंपनी से निकाल दिया।

निराश बेकपोर ने कहा कि अग्रवाल ने उन्हें जाने के लिए कहा, क्योंकि वह "टीम को एक अलग दिशा में ले जाना चाहते हैं।"

मस्क ने अब फर्जी/स्पैमी खाते पाए जाने पर 44 अरब डॉलर के ट्विटर सौदे को रोक दिया है और चाहते हैं कि ट्विटर बॉट्स की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो जाए। अगर वह पदभार संभालते हैं तो एक नया सीईओ नियुक्त करेंगे।


बैन के बावजूद भारत से गेहूं खरीदेगा मिस्र

मिस्र के आपूर्ति मंत्री अली मोसेली ने कहा है कि इस प्रतिबंध का मिस्र और भारत के बीच हुए करार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मिस्र भारत से 5 लाख टन गेहूं खरीदने पर सहमत हुआ है।

काहिरा: भारत ने शनिवार को गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने की घोषणा की थी। इसके पीछे की वजह घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करना बताया गया था। हालांकि, अब मिस्र के आपूर्ति मंत्री अली मोसेली ने कहा है कि इस प्रतिबंध का मिस्र और भारत के बीच हुए करार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मिस्र भारत से 5 लाख टन गेहूं खरीदने पर सहमत हुआ है।

गौरतलब है कि मिस्र गेहूं के सबसे बड़े आयातकों में से एक है और अब काला सागर के रास्ते आने वाले अनाज के विकल्पों को तलाश रहा है क्योंकि ये मार्ग रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बंद हो गया है।

मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने जनरल अथॉरिटी फोर सप्लाई कमोडिटीज को देशों व कंपनियों से सीधे अनाज खरीदने की अनुमति दे दी है।

उन्होंने कहा कि मिस्र केवल भारत ही नहीं कजाकिस्तान, अर्जेंटीना और फ्रांस के साथ भी अनाज के आयात को लेकर वार्ता कर रहा है। मिश्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मैडबौली ने कहा था कि देश के पास अनाज का 4 महीने का रणनीतिक स्टॉक और खाद्य तेल का 6 महीने का स्टॉक बचा है।

केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय (Sudhanshu Pandey) ने कहा है कि वैश्विक मांग बढ़ रही थी और विभिन्न देश प्रतिबंध लगा रहे थे। धारणाओं से कीमतें तय हो रही थीं। हमें पूरा विश्वास है कि अब धारणाएं भी कीमतों को नीचे लाने का काम करेंगी। इन दिनों कई क्षत्रों में वैश्विक कीमतों के साथ-साथ मुद्रास्फीति का भी आयात होता है। गेहूं के मामले में भी यही हो रहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेहूं की कीमतें बढ़ रही हैं। दूसरे देशों का गेहूं 420-480 डॉलर प्रति टन के ऊंचे भाव पर बिक रहा था।”

 उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भारत को बढ़ती घरेलू कीमतों पर नियंत्रण रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए गेहूं के निर्यात पर बैन लगाना पड़ा। बकौल सचिव, इस फैसले से निश्चित तौर पर कीमतों में नरमी लाने में मदद मिलेगी।


सीनियर्स सिटीजन्स के हक मारकर इंडियन रेलवे ने कमाए 3,464 करोड़ रुपए

भारतीय रेल ने पिछले दो सालों में वरिष्ठ नागरिकों को टिकट में छूट ना देकर एक बड़े राजस्व की पूर्ति की है। रेलवे ने 3,464 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है।

नई दिल्ली: भारतीय रेल ने पिछले दो सालों में वरिष्ठ नागरिकों को टिकट में छूट ना देकर एक बड़े राजस्व की पूर्ति की है। रेलवे ने 3,464 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। दरअसल कोविड महामारी के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को टिकट में दी जाने वाली रियायत निलंबित कर दी गई थी।

सूचना के अधिकार कानून के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में जानकारी निकलकर सामने आई है कि 20 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच रेलवे ने 7.31 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा में रियायत ना देकर राजस्व अर्जित किया है। इससे पहले रेल यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को टिकट में छूट दी जाती थी लेकिन कोविड महामारी के दौरान इसे बंद कर दिया गया था जिसे अब तक जारी रखा गया है।

जानकारी के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु के 4.46 करोड़ पुरुष और 58 वर्ष से अधिक आयु की 2.84 करोड़ महिला और 8,310 ट्रांसजेंडर लोगों को छूट न दिए जाने के बाद रेलवे ने 2 साल की अवधि के दौरान कुल 3464 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। इसमें दूसरी रियायतों के निलंबन के कारण अर्जित अतिरिक्त 15,100 करोड़ रुपए भी शामिल है।

मध्य प्रदेश के चंद्रशेखर गॉड की ओर से दायर आरटीआई के सवाल के जवाब में रेलवे ने कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों में पुरुष यात्रियों से 2,082 करोड रुपए, महिला यात्रियों से 1,381 करोड़ रुपए, ट्रांसजेंडर से 45.58 लाख रुपए राजस्व हासिल हुआ।

गौरतलब है कि अब तक वरिष्ठ नागरिकों को टिकट पर 50 फीसदी रियायत दी जाती थी। इसी तरह महिलाओं को 58 वर्ष की आयु के बाद यह रियायत दी जाती थी और पुरुषों को 60 वर्ष के बाद यात्रा में रियायत दी जाती थी। फिलहाल रेलवे की ओर से पिछले 2 सालों में इसे निलंबित कर दिया गया है।

हालांकि रेलवे के फैसले को वापस लेने की मांग की जा रही है। जुलाई 2016 में रेलवे ने बुजुर्गों के रियायत के लिए वैकल्पिक भी बना दिया था।

गौरतलब है कि 58 प्रकार की अलग-अलग रियायतों की वजह से रेलवे को हर साल 2000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता था, जिसे रेलवे ने कम करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों की टिकट में रियायत देने का फैसले को निलंबित किया था। वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायत कुल छूट का 80 फीसदी हिस्सा था जिससे रेलवे को बेहद नुकसान उठाना पड़ता था।


LIC IPO : लिस्टिंग के पहले ही दिन एलआईसी के शेयरों में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

एलआईसी के शेयर आज मंगलवार को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट हो गए। बीमा कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को लिस्टिंग के पहले दिन निराश किया है।

मुम्बई: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कारपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC IPO) के शेयरों ने आज यानी 17 मई को फाइनली शेयर बाजार में डेब्यू कर लिया है।

एलआईसी के शेयर आज मंगलवार को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट हो गए। बीमा कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को लिस्टिंग के पहले दिन निराश किया है। 


कंपनी के शेयर बीएसई पर 81.80 रुपये डिस्काउंट यानी 8.62% गिरावट के साथ 867.20 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए हैं। वहीं, NSE पर एलआईसी के शेयर 77 रुपये डिस्काउंट पर लिस्ट हुए। एनएसई पर कंपनी के शेयर 8.11 पर्सेंट की गिरावट के साथ 872 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। 


हालांकि, लिस्टिंग के करीब 10 मिनट बाद 10:02 बजे एलआई के शेयरों में थोड़ी रिकवरी नजर देखी जा रही है। बीएसई पर कंपनी के शेयर 4.36% पर्सेंट की गिरावट के साथ 907.60 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। वहीं, इस समय एनएसई पर एलआईसी के शेयर 4.72% की गिरावट के साथ 904.25 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं।


आम आदमी पर फिर पड़ी महंगाई की मार, 2.5 रुपए बढ़े CNG के दाम

दो हफ्तों में सीएनजी पर 11.60 रुपये बढ़ चुके हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की ताजा कीमतें 74.17 रुपये प्रति किलो हो गई है। मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली में 78.84 रुपये प्रति किलो की दर से सीएनजी बिक रही है।

नई दिल्ली: जनता को एक बार फिर से महंगाई का झटका लगा है। दिल्ली में पीएनजी की कीमतें बढ़ने के 12 घंटे से भी कम समय में सीएनजी की कीमतों में इजाफा कर दिया गया है। सीएनजी की कीमतें ढाई रुपये प्रति किलो बढ़ गई हैं, जिसके बाद दिल्ली में एक किलो सीएनजी के दाम 71.61 रुपये हो गए हैं।


दो हफ्तों में सीएनजी पर 11.60 रुपये बढ़ चुके हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की ताजा कीमतें 74.17 रुपये प्रति किलो हो गई है। मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली में 78.84 रुपये प्रति किलो की दर से सीएनजी बिक रही है।

इसके अलावा, गुरुग्राम में 79.94 रुपये, रेवाड़ी में 82.07 रुपये, करनाल और कैथल में 80.27 रुपये प्रति किलो कीमत हो गई है। उधर, यूपी के कानपुर, हमीरपुर और फतेहपुर में सीएनजी 83.40 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। राजस्थान के अजमेर, पाली और राजसमंद में CNG के दाम 81.88 रुपये हो गए हैं।


दूसरी तरफ, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने पाइप से रसोई तक पहुंचने वाली PNG की कीमत 4.25 रुपये प्रति एससीएम बढ़ा दी है। ये बढ़े हुए दाम 14 अप्रैल यानी गुरुवार रात से लागू हो गए हैं। 

दस दिन पहले ही पहले पीएनजी की कीमतों में ₹5.85 रुपये की वृद्धि की गई थी। अब दिल्ली में पीएनजी की कीमत 45.86 रुपये प्रति एससीएम (वैट सहित), जबकि गाजियाबाद-नोएडा में गैस की प्रति एससीएम कीमत 45.96 रुपये होगी।


उधर, मुंबई में भी मंगलवार को ही महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में घरेलू पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की कीमत में 4.50 रुपये प्रति एससीएम की वृद्धि की।


Twitter deal temporarily on hold: एलन मस्क ने 44 बिलियन डॉलर की ट्विटर डील पर लगाई रोक!

एक बार फिर से एलन मस्क ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। उन्होंने ट्विटर डील को फिलहाल होल्ड कर दिया है। मस्क ने शुक्रवार को इस फैसले की पीछे की वजह भी बताई है।

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क (Elon Musk) ट्विटर (Twitter) को खरीदने की वजह से पिछले महीने से ही लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। एलन मस्क के पिछले महीने ऐलान किया था कि वह 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर को खरीद रहे हैं। जिसके बाद ट्विटर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। वहीं अब एक बार फिर से एलन मस्क ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। उन्होंने ट्विटर डील को फिलहाल होल्ड कर दिया है। मस्क ने शुक्रवार को इस फैसले की पीछे की वजह भी बताई है। 


एलन मस्क ने शुक्रवार को कहा कि स्पैम और फर्जी खातों पर चल रहे विवरण का हवाला देते हुए कहा कि ट्विटर इंक के लिए उनका 44 बिलियन डॉलर का सौदा अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मस्क ने एक ट्वीट में कहा, 'ट्विटर डील अस्थायी रूप से पेंडिंग जानकारियों पर गणना का समर्थन करती है कि स्पैम/ नकली खाते वास्तव में 5% से कम उपयोगकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।' 


कंपनी के तेजी से गिरे शेयर

इस खबर के बाद ट्विटर, सोशल मीडिया कंपनी के शेयर प्रीमार्केट ट्रेडिंग में 20% गिरे गए हैं. ट्विटर ने एलन के इस ट्वीट का तुरंत जवाब नहीं दिया. कंपनी ने इस महीने की शुरुआत में अनुमान लगाया था कि झूठे या स्पैम खातों में तीन महीनों में कमी आई है।  


इंडिगो एयरलाइंस की बद्तमीजी, दिव्यांग बच्चे को विमान में चढ़ने से रोका, सिंधिया बोले-'खुद करूंगा जांच'

रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों ने शनिवार को रांची हवाई अड्डे पर विशेष जरूरतों वाले (specially abled) एक किशोर को उसके माता-पिता के साथ विमान में चढ़ने नहीं दिया गया। पोस्ट के अनुसार बाद में इंडिगो के कर्मचारियों ने घोषणा की, " उस बच्चे को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे अन्य यात्रियों के लिए खतरा है। वह अन्य यात्रियों के लिए एक जोखिम था। यात्रा के योग्य होने से पहले उसे 'सामान्य' बनना होगा।"

नई दिल्ली: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को कहा कि वह स्वयं इंडिगो एयरलाइंस की कथित घटना की जांच करेंगे। इंडिगो ने शनिवार को रांची हवाई अड्डे पर अपने माता-पिता के साथ एक दिव्यांग किशोर बच्चे को विमान में चढ़ने से रोक दिया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह के व्यवहार के लिए जीरो टॉलरेंस है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, "इस तरह के व्यवहार के प्रति जीरो टॉलरेंस है। किसी भी इंसान को इससे नहीं गुजरना चाहिए। इसलिए मैं स्वयं ही मामले की जांच कर रहा हूं, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।"

रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों ने शनिवार को रांची हवाई अड्डे पर विशेष जरूरतों वाले (specially abled) एक किशोर को उसके माता-पिता के साथ विमान में चढ़ने नहीं दिया गया। पोस्ट के अनुसार बाद में इंडिगो के कर्मचारियों ने घोषणा की, " उस बच्चे को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे अन्य यात्रियों के लिए खतरा है। वह अन्य यात्रियों के लिए एक जोखिम था। यात्रा के योग्य होने से पहले उसे 'सामान्य' बनना होगा।"

फिर कर्मचारियों ने 'इस तरह के व्यवहार और नशे में यात्रियों की यात्रा करने के लिए अयोग्य' की तर्ज पर कुछ बताया।पोस्ट पब्लिक होने के बाद, इंडिगो ने एक स्पष्टीकरण जारी किया। जिसमें कहा, "यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए, एक विशेष रूप से विकलांग बच्चा 07 मई को अपने परिवार के साथ उड़ान में नहीं जा सका क्योंकि वह दहशत की स्थिति में था। ग्राउंड स्टाफ ने आखिरी मिनट तक उनके शांत होने का इंतजार किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।"

अपने बयान में कहा, "एयरलाइन ने उन्हें होटल में ठहरने की सुविधा प्रदान करके परिवार को सहज बनाया, परिवार ने आज सुबह उनके गंतव्य के लिए उड़ान भरी। इंडिगो  एक समावेशी संगठन होने पर गर्व करता है, चाहे वह कर्मचारियों के लिए हो या ग्राहकों के लिए। हर महीने 75k से अधिक विशेष रूप से विकलांग यात्री इंडिगो के साथ उड़ान भरते हैं।"


आम आदमी की जेब पर फिर पड़ा डाका, 50 रुपए महंगा हुआ घरेलू गैस सिलेंडर

दिल्ली में अब घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 999.50 रुपये हो गई है। इससे पहले 22 मार्च को घरेलू रसोई गैस की कीमत बढ़ाई गई थी।

नई दिल्ली: एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder Price Hike) की बढ़ती कीमत ने लोगों को झटका दिया है। 


आज शनिवार को एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी कर दिए गए हैं, इसकी कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है।  दिल्ली में अब घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 999.50 रुपये हो गई है। इससे पहले 22 मार्च को घरेलू रसोई गैस की कीमत बढ़ाई गई थी।  अप्रैल माह में इस सिलेंडर की कीमत में कोई इजाफा नहीं हुआ था।

बता दें कि 1 अप्रैल को 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी के दाम में 250 रुपये का इजाफा हुआ था। वहीं 1 मई को इसका दाम 102.50 रुपये बढ़ा था। अब दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2355.50 रुपये हो गई है।


Twitter को एक 'बदतर' प्लेटफॉर्म बना सकते हैं एलन मस्क: बिल गेट्स

बिल गेट्स ने कहा है कि टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क का व्यावसायिक तौर पर ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा रहा है, मगर वह ट्विटर को एक 'बदतर' प्लेटफॉर्म बना सकते हैं।

नई दिल्ली: माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक और अरबपति कारोबारी बिल गेट्स ने कहा है कि टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क का व्यावसायिक तौर पर ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा रहा है, मगर वह ट्विटर को एक 'बदतर' प्लेटफॉर्म बना सकते हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स ने मस्क की ओर से ट्विटर के 44 अरब डॉलर के अधिग्रहण सौदे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मस्क 'वास्तव में इसे और भी 'बदतर' (खराब) कर सकते हैं'।

वॉल स्ट्रीट जर्नल के सीईओ शिखर सम्मेलन में बोलते हुए गेट्स ने यह टिप्पणी की। हालांकि 'बदतर' से उनका क्या मतलब था, उन्होंने इसे ठीक से परिभाषित नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मस्क सोशल मीडिया पर सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर गलत सूचना और वैक्सीन संदेह के तेजी से प्रसार को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं?

बता दें कि एलन मस्क ने ट्विटर के अधिग्रहण के दौरान कहा था कि यह प्लेटफॉर्म लोगों के लिए अपनी बात को खुलकर कहने का एक सार्वजनिक मंच है। वह ट्विटर पर आपत्तिजनक सामग्री के नाम पर कंटेंट को ब्लॉक किए जाने को खुलकर बोलने या अभिव्यक्ति (फ्री स्पीच) की राह का रोड़ा मानते हैं। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि वे सेंसरशिप से दूरी बनाना चाहते हैं और एक मुक्त भाषण को बढ़ावा देना चाहते हैं और इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने प्लेटफॉर्म का अधिग्रहण किया है।

इस पर गेट्स ने सवाल उठाते हुए कहा कि मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खरीदने के पीछे जो फ्री स्पीच की दलील दे रहे हैं क्या वो तर्कसंगत है? गेट्स ने कहा कि कोरोना काल के दौरान मस्क ने कई बार गलत जानकारी ट्विटर पर साझा की थी और अगर मस्क फ्री स्पीच के नाम पर किसी को कुछ भी कहने की छूट देते हैं तो यह सही नहीं होगा।

यही नहीं, मस्क ने कोरोना काल के दौरान कई बार वैक्सीन को लेकर भी सवाल उठाए थे, जिसे गेट्स ने गलता माना है। मस्क की ओर से वैक्सीन को लेकर कथित भ्रमित पोस्ट को लेकर गेट्स ने कहा, "क्या यह उन चीजों में से एक है, जो उन्हें लगता है कि इसे फैलाना चाहिए?"

गेट्स ने यह भी कहा कि वह मस्क की कंपनी टेस्ला और स्पेसएक्स के 'माइंड-ब्लोइंग' यानी शानदार प्रदर्शन को ट्विटर के साथ दोहराने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। यानी गेट्स का साफ तौर पर मानना है कि मस्क जितने कामयाब अपनी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला और अंतरिक्ष के अभियान में लगी स्पेशल रॉकेट बनाने वाली स्पेसएक्स में रहे हैं, वह उसी कामयाबी को ट्विटर के साथ जारी नहीं रख पाएंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के हफ्तों में मस्क के साथ गेट्स के संबंधों पर जनता का खास तौर पर ध्यान गया है, क्योंकि मस्क ने हाल ही में गेट्स की एक तस्वीर ट्वीट की थी और उनका मजाक बनाया था। यही नहीं, मस्क ने उन पर टेस्ला के स्टॉक को कम करने का आरोप भी लगाया था।

बुधवार को, गेट्स ने कहा कि मस्क का ट्वीट 'मुझे परेशान नहीं करता'। इसके अलावा उन्होंने यह कहने से इनकार कर दिया कि उन्होंने टेस्ला के खिलाफ दांव लगाया है।

गेट्स ने कहा, "यह संभव है कि स्टॉक नीचे चला गया और जिसने भी स्टॉक को कम किया, उसने पैसा कमाया, मुझे नहीं पता।"


ट्विन टॉवर में फ्लैट बॉयर्स के पैसे निकलना मुश्किल, सुपरटेक के पास घर खरीदारों को धन वापसी के लिए नहीं है पैसा!

सुप्रीम कोर्ट को शुक्रवार को सूचित किया गया कि संकटग्रस्त रियल एस्टेट फर्म सुपरटेक लिमिटेड के पास नोएडा में स्थित इसके 40-मंजिला ट्विन टावरों में अपार्टमेंट खरीदने वाले घर खरीदारों को रिफंड की प्रक्रिया के लिए पर्याप्त धन नहीं है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट को शुक्रवार को सूचित किया गया कि संकटग्रस्त रियल एस्टेट फर्म सुपरटेक लिमिटेड के पास नोएडा में स्थित इसके 40-मंजिला ट्विन टावरों में अपार्टमेंट खरीदने वाले घर खरीदारों को रिफंड की प्रक्रिया के लिए पर्याप्त धन नहीं है।

शीर्ष अदालत के आदेश के बाद नोएडा में स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर्स को जल्द ही ध्वस्त कर दिया जाएगा।

पिछले साल अगस्त में, शीर्ष अदालत ने ट्विन टावरों को गिराने का आदेश दिया था और अपार्टमेंट खरीदने वाले घर खरीदारों को धनवापसी का आदेश दिया था।

न्याय मित्र (एमिक्स क्यूरी) गौरव अग्रवाल ने न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि रियल एस्टेट फर्म के पास घर खरीदारों को रिफंड की प्रक्रिया के लिए उसके खाते में पर्याप्त धन नहीं है।

सुपरटेक के वकील ने तर्क दिया कि उसने बकाया भुगतान के संबंध में विवाद को सुलझाने के लिए वित्तीय लेनदार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ बातचीत की है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने अग्रवाल से कहा कि घर खरीदारों को रिफंड के लिए कोई रास्ता निकालना होगा।

अग्रवाल ने कहा कि अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) के अनुसार, कंपनी के खातों में रिफंड के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। उन्होंने कहा कि 107 घर खरीदार हैं जिन्हें अभी तक रिफंड नहीं मिला है और अदालत के निर्देश के अनुसार एक सीलबंद लिफाफे में एक रिपोर्ट दायर की गई है।

शीर्ष अदालत को सूचित किया गया कि फर्म के पूर्व प्रबंधन ने कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) का रुख किया है और मामला 17 मई को सूचीबद्ध है।

सुपरटेक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंधन का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता एस. गणेश ने कहा कि बैंक के साथ अब तक कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं और बकाया राशि के विवाद को सुलझाने के लिए और भी कई बैठकें होने की संभावना है।

अग्रवाल ने कहा कि अगर वित्तीय लेनदार के साथ समस्या का समाधान हो जाता है, तो 711 से अधिक घर खरीदारों में से 107 घर खरीदारों की स्थिति वापस वही हो जाएगी जो दिवाला प्रक्रिया शुरू होने से पहले थी।

शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 मई को निर्धारित की है।

4 अप्रैल को, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह रियल एस्टेट फर्म के खिलाफ दिवाला कार्यवाही में आईआरपी की नियुक्ति के मद्देनजर सुपरटेक के 40 मंजिला ट्विन टावर घर खरीदारों के हितों की रक्षा करेगा। शीर्ष अदालत ने भुगतान की वापसी के लिए उनके दावे 15 अप्रैल तक दायर करने का निर्देश दिया।

रियल्टी फर्म ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि वह नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के उस आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी, जिसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा लगभग 432 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान न करने के लिए दायर याचिका पर इसे दिवालिया घोषित किया गया था।

अग्रवाल द्वारा शीर्ष अदालत में प्रस्तुत एक नोट में कहा गया है, "सुपरटेक लिमिटेड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 711 ग्राहकों/यूनिट्स में से, 652 यूनिट्स/ग्राहकों के दावों का निपटान/भुगतान किया गया है। 59 घर खरीदारों को अभी भी राशि वापस करनी है। मूलधन बकाया 14.96 करोड़ रुपये होगा।"


कर्ज के बोझ तले दबेगा आम आदमी, इन बैंकों ने महंगा कर दिया लोन

ICICI बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स में इजाफा कर दिया है। बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने से होम लोन, ऑटो लोन समेत सभी तरह के लोन महंगे हो गए।

नई दिल्ली:  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट में बढ़ोतरी के फैसले के बाद प्राइवेट और सरकारी बैंकों ने भी लोन महंगा करना शूरू कर दिया है। ICICI बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स में इजाफा कर दिया है। बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने से होम लोन, ऑटो लोन समेत सभी तरह के लोन महंगे हो गए।


आम लोगों पर लोन की ईएमआई (EMI) का बोझ बढ़ गया। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने 2 और 3 मई को केंद्रीय बैंक के MPC की आपात बैठक बुलाई, जिसमें सभी सदस्यों ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया।


आरबीआई गवर्नर ने बुधवार को रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का ऐलान किया। कुछ और बैंक जल्द ही अपनी ब्याज दरों को बढ़ा सकते हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने रेपो-रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट (RRLR) में 40 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी के बाद, BoB का RRLR बढ़कर 6.9 फीसदी हो गया। नई दरें 5 मई, 2022 से लागू हो गई हैं। रिटेल लोन के लिए प्रासंगिक बड़ौदा रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट BRLLR 6.90 फीसदी है।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट को 40 बेसिस प्वाइंट्स को बढ़ा दिया। एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट वह दर है जिस पर बैंक अपने कई तरह का लोन देता है। बढ़ोतरी के बाद यह 8.10 फीसदी हो गया है।

ICICI बैंक के ग्राहकों को अब पहले मुकाबले महंगा लोन मिलेगा, जिसे चुकाने के लिए अब पहले के मुकाबले ज्यादा EMI भरनी होगी। इसके अलावा, आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) ने भी अपनी ब्याज दरों में 40 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा किया है।


अब SBI ने भी कर्ज महंगा करने के संकेत दिए हैं। 13 मई से पहले ALCO की बैठक में दरें बढ़ाने पर फैसला हो सकता है। बैंक रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी को ग्राहकों पर पास ऑन करेगा। 13 मई की SBI की बोर्ड बैठक में इस पर फैसला होगा। बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई से प्रभावी होगी।


देश में बढ़ेगी महंगाई, बैंकों से लोन लेना पड़ेगा महंगा, RBI के इस फैसले से लोगों की जेबें कटना तय

RBI के इस फैसले से आम आदमी को झटका लगा है। रेपो रेट के बढ़ने का असर अब आपके लोन की EMI पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। अगर बैंक 0.4 पर्सेंट भी इस बढ़ोतरी को अपने ग्राहकों डालते हैं, तो 50 लाख का कर्ज लेने वाले व्यक्ति की EMI पर प्रति महीने 1196 रुपये का असर पड़ेगा।

नई दिल्ली: देश में महंगाई चरम पर है। खुदरा महंगाई दर मार्च में 17 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी जो अब तक बरकरार है। खाद्य और विनिर्माण पदार्थ की कीमतो में तेजी से महंगाई बढ़ी है। इस बीच आरबीआई के एक फैसले ने लोगों को चौंका दिया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 40 बेसिस पॉइंट बढ़ाने की घोषणा की। इसे 4 से बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया गया है। आइए जानते हैं कि रेपो रेट के बढ़ने से आम आदमी के ऊपर क्या बोझ आने वाला है।

RBI के इस फैसले से आम आदमी को झटका लगा है। रेपो रेट के बढ़ने का असर अब आपके लोन की EMI पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। अगर बैंक 0.4 पर्सेंट भी इस बढ़ोतरी को अपने ग्राहकों डालते हैं, तो 50 लाख का कर्ज लेने वाले व्यक्ति की EMI पर प्रति महीने 1196 रुपये का असर पड़ेगा।

आरबीआई के इस फैसले को आप इस तरह भी समझ सकते हैं कि अगर आपने 20 वर्षों के लिए 50 लाख रुपये का कर्ज बैंक से लिया है और वर्तमान में 6.7 पर्सेंट की रेट से आपकी EMI 37,870 रुपये बनती है। लेकिन अगर आपका बैंक भी आरबीआई के इस बढ़ोतरी को आपकी तरफ बढ़ाते हैं, तो आपके लोन का रेट 6.95% हो जाएगा। जिससे आपकी EMI बढ़कर 39,066 हो जाएगी। इसका मतलब है कि आपकी जेब से 1196 रुपये हर महीने अतिरिक्त कटेंगे।

बता दें कि आरबीआई (RBI) पिछले महीने (अप्रैल) की आठ तारीख को अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति (bi-monthly policy) के दौरान रेपो रेट (repo rate) में कोई बदलाव नहीं किया था। पहले से 4% रेट को ही आरबीआई ने बरकरार रखा था। अब इसमें बढ़ोतरी की गई है। इसे चार फीसदी से बढ़ाकर 4.4 किया गया है। अंदेशा लगाया जा रहा है कि अब यही बढ़ोतरी बैंक ग्राहकों के ऊपर डाल सकती है।

इसके अलावा आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट (reverse repo rate) को बरकरार रखने का फैसला लिया है। वर्तमान में रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसद पर है। मालूम हो कि इससे पहले आरबीआई ने आखिरी बार 22 मई 2020 को प्रमुख ब्याज दरों में बदलाव किया था। जिसके बाद रिजर्व बैंक ने लगातार 11 बार प्रमुख ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया था।



आज से आम लोगों के लिए खुल रहा LIC का IPO, जानिए-कबतक लगा सकेंगे बोली

सरकार एलआइसी में अपनी 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 21,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। यह भारतीय बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आइपीओ है।

नई दिल्ली: बीमा सेक्टर की दिग्गज कंपनी एलआइसी का आइपीओ बुधवार यानी आज से आम निवेशकों के लिए खुलेगा। आम निवेशक नौ मई तक इसमें बोली लगा सकेंगे। सोमवार को आइपीओ एंकर निवेशकों के लिए खोला गया था और पहले ही दिन ओवर सब्सक्राइब हो गया था। 

सरकार एलआइसी में अपनी 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 21,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। यह भारतीय बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आइपीओ है। इससे पहले 2021 में पेटीएम का 18,300 करोड़ रुपये का और 2010 में कोल इंडिया का 15,200 करोड़ रुपये का आइपीओ आया था।


इसके अलावा कुछ घरेलू बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों द्वारा भी निवेश किया गया। निवेश करने वाले घरेलू संस्थानों में आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआइ लाइफ इंश्योरेंस, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस, पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस, एसबीआइ पेंशन फंड और यूटीआइ रिटायरमेंट साल्यूशंस पेंशन फंड स्कीम शामिल हैं। 

विदेशी भागीदारों में सिंगापुर सरकार, मोनेटरी अथारिटी आफ सिंगापुर, गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल और बीएनपी इंवेस्टमेंट एलएलपी शामिल हैं।

IPO दस्तावेज के मुताबिक बिक्री के लिए पेश किए गए 22.13 करोड़ शेयरों में 5.93 करोड़ शेयर एंकर निवेशकों के लिए रिजर्व थे। 9.88 करोड़ शेयर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए और 2.96 करोड़ शेयर नान-इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हैं। 

15 लाख शेयर कर्मचारियों और 2.21 करोड़ शेयर पालिसीधारकों के लिए हैं। कंपनी 17 मई को स्टाक एक्सचेंजों में ट्रेडिंग शुरू करेगी। ज्‍यादातर ब्रोकरेज हाउस ने एलआइसी आइपीओ के लिए खरीदारी की सलाह दी है। 


अप्रैल में टूटा GST कलेक्शन का रिकॉर्ड, जानिए-सरकार के खजाने में आये कितने रुपए

वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2022 में एक महीने पहले यानी मार्च महीने में सरकार को 1,42, 095 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ था। वहीं अप्रैल माह में सरकार को 25 हजार करोड़ रुपये ज्यादा कलेक्शन किया है। पिछले साल मार्च में अगर तुलना करें तो 20 फीसदी ज्यादा हैं।

नई दिल्ली: अप्रैल का महीना समाप्त हो चुका है।और देश में  माल और सेवाकर (Goods and Services) के कलेक्शन की रिपोर्ट आ गई है। जिसके अनुसार जीएसटी के कलेक्शन में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। बीते अप्रैल माह में GST के कलेक्शन ने रिकॉर्ड बना दिया है। इस महीने में रिकॉर्ड 1,67,540 करोड़ रुपये खजाने में आए हैं। अभी तक के किसी भी महीने में हुए जीएसटी कलेक्शन से ज्यादा है। इस रिपोर्ट के अनुसार सरकार के पहले तिमाही में ही सरकार के लिए शानदार शुरूआत मानी जा रही है।  

वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2022 में एक महीने पहले यानी मार्च महीने में सरकार को 1,42, 095 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ था। वहीं अप्रैल माह में सरकार को 25 हजार करोड़ रुपये ज्यादा कलेक्शन किया है। पिछले साल मार्च में अगर तुलना करें तो 20 फीसदी ज्यादा हैं।

आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2022 के दौरान सरकार को सेंट्रल GST से 33159 करोड़ रुपये हासिल हुए थे। इसके अलावे सरकार को स्टेट जीएसटी से 41973 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) 81,939 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। साथ ही आप को बता दें इस साल सरकार को एक्साइज टैक्स से 36,705 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ है। सरकार को इस साल सेस के माध्यम से 10,649 करोड़ रुपये हासिल हुए है साथ ही आयात किए समानों से सरकार को 857 करोड़ रुपये भी इस कलेक्शन में शामिल हैं। इस तरह सरकार को 2022 की पहली तिमाही में 1.68 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए जो एक नया रिकॉर्ड बना है। 


चाइनीज कम्पनी Xiaomi पर ईडी का शिकंजा, 5 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को किया जब्त

वहीं, शाओमी ने कहा है कि कंपनी सभी भारतीय कानूनों का पालन करती है और 'सभी नियमों का पूरी तरह से अनुपालन' करती है। "हम अधिकारियों के साथ उनकी चल रही जांच में सहयोग कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके पास सभी आवश्यक जानकारी है।"

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को कहा कि उसने शाओमी (Xiaomi)  टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित 5,551.27 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। यह कार्रवाई 1999 के विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है। जांच एजेंसी ने कहा कि पैसा चीनी स्मार्टफोन दिग्गज के बैंक खातों में था और इसे सीज किया गया है।

इस महीने की शुरुआत में यह सामने आया था कि एजेंसी ने जांच के तहत शाओमी कोर्पोरेशन के एक पूर्व भारतीय प्रमुख को यह निर्धारित करने के लिए बुलाया था कि क्या कंपनी की व्यावसायिक प्रथाएं भारतीय विदेशी मुद्रा कानूनों के अनुरूप हैं। ईडी दो महीने से अधिक समय से कंपनी की जांच कर रही है। इस संबंध में एजेंसी ने भारत के पूर्व प्रबंध निदेशक मनु कुमार जैन को पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा था। हालांकि इस पर न तो जैन और न ही एजेंसी ने टिप्पणी दी है।

वहीं, शाओमी ने कहा है कि कंपनी सभी भारतीय कानूनों का पालन करती है और 'सभी नियमों का पूरी तरह से अनुपालन' करती है। "हम अधिकारियों के साथ उनकी चल रही जांच में सहयोग कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके पास सभी आवश्यक जानकारी है।"



YES Bank Scam: मुम्बई, पुणे में 8 ठिकानों पर CBI का छापा

सूत्रों ने बताया कि ये परिसर एबीआईएल ग्रुप के प्रमोटर अविनाश भोंसले और शाहिद बलवा से संबंधित हैं। शाहिद बलवा 2जी घाटाले में आरोपी रह चुका है लेकिन उसे बाद में बरी कर दिया गया था।

मुंबई: यस बैंक-डीएचएफएल घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को मुम्बई और पुणे में आठ ठिकानों पर छापा मारा।

सूत्रों ने बताया कि ये परिसर एबीआईएल ग्रुप के प्रमोटर अविनाश भोंसले और शाहिद बलवा से संबंधित हैं। शाहिद बलवा 2जी घाटाले में आरोपी रह चुका है लेकिन उसे बाद में बरी कर दिया गया था।

सीबीआई ने दो दिन पहले ही इसी मामले में डीएचएफएल के सबसे बड़े लेनदारों में एक रेडियस डेवलपर्स के संजय छाबड़िया को हिरासत में लिया था।

गत फरवरी में रेडियस डेवलपर्स के छह परिसरों पर छापा मारा था। रेडियस डेवलपर्स ने डीएचएफएल से मुम्बई में एक परियोजना के लिये तीन हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया था।

सीबीआई मार्च 2020 से ही यस बैंक के पूर्व संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल मामले की जांच कर रही है।


रतन टाटा की हिंदी ने लूटा देश का दिल, जानिए-क्या हैं उनकी ख्वाहिशें

टाटा हिंदी में हाथ तंग होने के बावजूद हिंदी में बोलने लगे। उन्होंने टूटी-फूटी हिंदी में कहा, 'आज असम दुनिया को बता सकता है कि इंडिया का एक छोटा स्टेट कैंसर का इलाज कर सकता है....।'

गुवाहटी: देश के दिग्गज बिजनेसमैन में से एक रतन टाटा आज जब पीएम नरेंद्र मोदी के साथ असम में 7 कैंसर हॉस्पिटल का उद्घाटन किये तो वहां मौजूद हर शख्स इस ऐतिहासिक पल का गवाह बना।  इस दौरान मंच संचालक द्वारा रतन टाटा से भी लोगों को संबोधित करने की अपील की गई। रतन टाटा को सहारा देकर माइक के पास तक ले जाया गया। अब सबकी निगाहें रतन टाटा पर थी और रतन टाटा भावुक थे। वह ज्यादा हिंदी में नहीं बोल पाए लेकिन जो भी कुछ कहा वह वहां देश को भावुक करने वाला था।

अपने संबोधन में टाटा ने कहा कि मैं हिंदी में भाषण नहीं दे सकता, इसलिए अंग्रेजी में बोलूंगा...। कुछ देर अंग्रेजी में बोलने के बाद रतन टाटा खुद को रोक न सके।टूटी-फूटी ही सही, पर हिंदी में बोलने लगे। उम्र के असर के कारण उनकी आवाज में थरथराहट थी। 


मौका असम में कैंसर हॉस्पिटलों के उद्घाटन का था। इन अस्पतालों को बनाने में सरकार के साथ टाटा की भी हिस्सेदारी है। कार्यक्रम में पीएम मोदी मंच पर मौजूद थे। रतन टाटा भी इस मौके पर बुलाए गए। अधिक उम्र के कारण टाटा अनाउंसर की मदद से किसी तरह माइक पर आए और उन्होंने दिल से बातें कहनी शुरू कीं। उन्होंने कहा कि मुझे हिंदी में भाषण देना नहीं आता, इसलिए मैं अंग्रेजी में बोलूंगा।

दिग्गज उद्योगपति ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी वर्षों को हेल्थ के लिए समर्पित कर दिया है। रतन टाटा ने आगे कहा- संदेश एक ही होगा। मेरे दिल से निकला हुआ। टाटा ने इसके बाद असम में कैंसर अस्पतालों के उद्घाटन को राज्य के इतिहास का बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर और कैंसर के इलाज के क्षेत्र में असम एक पायदान पर खड़ा है। इस दौरान पीएम मोदी टाटा की हर एक बात को बेहद गौर से सुनते हुए दिखाई दिए।

टाटा हिंदी में हाथ तंग होने के बावजूद हिंदी में बोलने लगे। उन्होंने टूटी-फूटी हिंदी में कहा, 'आज असम दुनिया को बता सकता है कि इंडिया का एक छोटा स्टेट कैंसर का इलाज कर सकता है....।' टाटा ने मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मोदी गर्वनमेंट को मैं थैंक्यू बोलता हूं कि वे असम को भूले नहीं...आगे बढ़ेगा। और मैं उम्मीद करता हूं कि यह स्टेट आगे जाएगा। भारत का झंडा और इंडिया फ्लैग.. दिल से यह स्टेट आगे बढ़ेगा।


अब Coca Cola पर एलन मस्क की नजर, कहा-'कोका कोला में 'कोकीन' डालना है'

गुरुवार की सुबह-सुबह एलन मस्क (Elon Musk) ने सभी को उस वक्त चौंका दिया जब उनका ये नया ट्वीट आया। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि 'अब अगला मैं कोका कोला खरीदने जा रहा हूं, ताकि उसमें कोकीन (cocaine) डाल सकूं।'

नई दिल्ली: Twitter खरीदने के बाद से इन दिनों ट्विटर के मालिक Elon Musk सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव दिख रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने ट्वीट करके इस जानकारी को साझा किया है कि वो अब कोका कोला खरीदने वाले हैं। हालांकि वो एक के बाद एक लगातार कई ट्वीट कर रहे हैं।

गुरुवार की सुबह-सुबह एलन मस्क (Elon Musk) ने सभी को उस वक्त चौंका दिया जब उनका ये नया ट्वीट आया। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि 'अब अगला मैं कोका कोला खरीदने जा रहा हूं, ताकि उसमें कोकीन (cocaine) डाल सकूं।'

दुनियाभर में कोका कोला की करीब 900 से अधिक प्लांट हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इन प्लांट्स में और इस कंपनी के लिए 7 लाख लोग कर्मचारी काम करते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार कोका कोला कंपनी (Coca Cola Company) की कुल नेट वर्थ 19.80 लाख करोड़ रुपए है।


मंहगाई के बीच राहत भरी खबर, तेल, दाल और चावल के दामों में गिरावट

बढ़ती मंहगी से परेशान आम जनता के लिए मंगलवार को तेल-तिलहन बाजारों से खुशखबरी आई है। विदेशी बाजारों में भारी गिरावट के बाद देश खाद्य तेल बाजार में मूंगफली तेल 20 रुपये और पाम तेल में 10 रुपय किलोग्राम की कमी दर्ज की गई है, तो वही तिलहन में सरसों 100 रुपये प्रति क्विंटल महंगी बिकी। अनाज मंडी की अगर बात करे तो मूंग के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी दर्ज की गई है।

नई दिल्लीः बढ़ती मंहगी से परेशान आम जनता के लिए मंगलवार को  तेल-तिलहन बाजारों से खुशखबरी आई है। विदेशी बाजारों में भारी गिरावट के बाद देश खाद्य तेल बाजार में मूंगफली तेल 20 रुपये और पाम तेल में 10 रुपय किलोग्राम की कमी दर्ज की गई है, तो वही तिलहन में सरसों 100 रुपये प्रति क्विंटल महंगी बिकी। अनाज मंडी की अगर बात करे तो मूंग के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी दर्ज की गई है। 

देश के कई अनाज मंडियों में दालो के रेट में भारी गिरावट दर्ज की गई है।  मूंग की दाल में 100 रुपये प्रति क्विंटल रेट गिरें है,साथ ही उड़द मोगर में भी 100 रुपये प्रति क्विंटल तक रेट डाउन रहे। चना के दाम 50 रूपये कि तेजी देखी गई 4900 से बढ़कर नए रेट 4950 हो गए। आइए जानते है देश के विभिन्न बाजारों में क्या है आज के नए दामः- 

सोमवार को दिल्ली मंडी में तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे

सरसों तेल दादरी- 15,300 रुपये प्रति क्विंटल। 
सरसों पक्की घानी- 2,405-2,485 रुपये प्रति टिन।  
सरसों कच्ची घानी- 2,440-2,555 रुपये प्रति टिन। 
सरसों तिलहन - 7,640-7,690 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल। 
मूंगफली - 6,960 - 7,095 रुपये प्रति क्विंटल। 
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,000 रुपये प्रति क्विंटल। 
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,655 - 2,845 रुपये प्रति टिन। 
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।  
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 17,050 रुपये प्रति क्विंटल। 
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,950 रुपये प्रति क्विंटल।   
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,400 रुपये प्रति क्विंटल। 
पामोलिन एक्स- कांडला- 15,100 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल। 
सोयाबीन दाना - 7,600-7,650 रुपये प्रति क्विंटल। 
सोयाबीन लूज 7,300-7,400 रुपये प्रति क्विंटल। 
मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।  
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,500 रुपये प्रति क्विंटल। 
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,600 रुपये प्रति क्विंटल। 
सीपीओ एक्स-कांडला- 14,950 रुपये प्रति क्विंटल।  
सरसों (निमाड़ी) 6600 से 6800,
नया रायड़ा 6200 से 6400 रुपये प्रति क्विंटल।

दलहन   

तुअर (अरहर) निमाड़ी (नई) 5500 से 6100, तुअर सफेद (महाराष्ट्र) 6200 से 6300, तुअर (कर्नाटक) 6500 से 6600,
मूंग 6600 से 6700, मूंग नया 6900 से 7000, मूंग हल्की 6000 से 6500,
उड़द 7000 से 7100, उड़द मीडियम 5500 से 6200, उड़द हल्की 2500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल दाल
चना (कांटा) 4900 से 4950
मसूर 6625 से 6650
दालों के नए रेट 
चना दाल 6150 से 6650,
मसूर दाल 7950 से 8250,
मूंग दाल 8600 से 8900,
मूंग मोगर 9200 से 9500,  
उड़द दाल 8400 से 8700, 
उड़द मोगर 9300 से 9700 रुपये प्रति क्विंटल 
तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 8400 से 8500,
तुअर दाल फूल 8600 से 8800, 
तुअर दाल (नई) 9100 से 9800,
आयातित तुअर दाल 8200 से 8300,

चावल

राजभोग 6400 से 6500,
दूबराज 3500 से 4500,
परमल 2500 से 2650, 
हंसा सैला 2450 से 2650, 
हंसा सफेद 2350 से 2450, 
पोहा 3700 से 4100 रुपये प्रति क्विंटल
बासमती (921) 10000 से 11000,
तिबार 8000 से 8500,
दुबार 7000 से 7500,
मिनी दुबार 6500 से 7000,
मोगरा 3500 से 6000, 
बासमती सैला 6500 से 9000, 
कालीमूंछ 7000 से 7500


#TwitterTakeoverbyElonMusk: सीईओ पराग अग्रवाल को को पद से हटाने पर एलन मस्क को चुकानी होगी बड़ी कीमत

सोशल मीडिया (Social Media) पर बेहद एक्टिव रहने वाले टेस्ला कंपनी के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने सोमवार को Twitter को खरीद लिया। एलन मस्क ने कई बार पहले भी ट्विटर (Twitter) को खरीदने की इच्छा जाहिर की था। एलन मस्क ने ट्विटर बोर्ड को 54।20 डॉलर प्रति शेयर खरीदने का ऑफर दिया था। जिसे बाद में बोर्ड के मेंबर्स ने स्वीकार कर लिया।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया (Social Media) पर बेहद एक्टिव रहने वाले टेस्ला कंपनी के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने सोमवार को Twitter को खरीद लिया। एलन मस्क ने कई बार पहले भी ट्विटर (Twitter) को खरीदने की इच्छा जाहिर की था। एलन मस्क ने ट्विटर बोर्ड को 54।20 डॉलर प्रति शेयर खरीदने का ऑफर दिया था। जिसे बाद में बोर्ड के मेंबर्स ने स्वीकार कर लिया।

एलन मस्क के ट्विटर खरीदने के साथ ही 2013 से पब्लिक चल रही कंपनी अब प्राइवेट हाथों में चली जाएगी। एलन मस्क के कंपनी खरीदने के बाद से जिस बात की सबसे ज्यादा अटकले लगाई जा रहा है वह है ट्विटर के मौजूदा CEO पराग अग्रवाल की विदाई। भारतीय मूल के पराग अग्रवाल ने पिछले साल ही नवंबर में Twitter का सीईओ (CEO) बनाया गया था। लेकिन, एलन मस्क के कंपनी को खरीद लेने के बाद से पराग अग्रवाल की कंपनी के CEO पद से विदाई के कयास लगाए जा रहे हैं।  

रिसर्च फर्म Equilar की रिपोर्ट के मुताबिक अगर ट्विटर पराग अग्रवाल को 12 महीने से पहले यानी नवंबर 2022 से पहले हटाता है तो ऐसे में उसे मौजूदा सीईओ को करीब 4।2 करोड़ डॉलर यानी लगभग 321।6 करोड़ रुपये देने होगों।


Twitter के नए मालिक एलन मस्क के बारे में ये बातें जानकर रह जाएंगे आप हैरान, नहीं है अपना घर, मंगल ग्रह पर कर रहे बसने की तैयारी

ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क के बारे में अब कई बातें सामने आ रही हैं। उनके बारे में सबसे खास बात यह है कि दुनिया के दिग्गज अमीरों में शुमार एलन मस्क के पास रहने के लिए अपना घर तक नहीं है। वह किराये के घर में रहते हैं। इतना ही नहीं वह मंगल ग्रहण पर भी बसने की तैयारी कर रहे हैं।

नई दिल्ली: ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क के बारे में अब कई बातें सामने आ रही हैं। उनके बारे में सबसे खास बात यह है कि दुनिया के दिग्गज अमीरों में शुमार एलन मस्क के पास रहने के लिए अपना घर तक नहीं है। वह किराये के घर में रहते हैं। इतना ही नहीं वह मंगल ग्रहण पर भी बसने की तैयारी कर रहे हैं।

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने मंगलवार को ट्विटर खरीद लिया है। 54.20 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से 3.37 लाख करोड़ रुपए कैश पेमेंट में ये सौदा हुआ। ताजा डील के बाद एलन मस्क के पास कंपनी की 100% हिस्सेदारी होगी और ट्विटर उनकी प्राइवेट कंपनी बन जाएगी। इस डील ने एलन मस्क को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। एलन मस्क के बारे में दैनिक भास्कर ने एक खास रिपोर्ट बनाई है। 

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में क्या है 

  • एलन मस्क की मां अमेरिकन थीं और पिता साउथ अफ्रीकन। वो 28 जून 1971 को साउथ अफ्रीका के प्रिटोरिया शहर में पैदा हुए।
  • 12 साल की उम्र में एलन मस्क ने एक वीडियो गेम बनाया और फिर उसे एक मैगजीन को 500 डॉलर में बेच दिया। स्पेस फाइटिंग गेम का नाम ब्लास्टर था।
  • मस्क ने अपने भाई किंबल के साथ मिलकर Zip 2 नाम की सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू की। बाद में इसे भी 2.2 करोड़ डॉलर में COMPAQ कंपनी को बेच दिया।
  • 1999 में एलन मस्क ने करीब एक करोड़ डॉलर के निवेश से x.com की शुरुआत की। ये बाद में Confinity नाम की कंपनी के साथ मर्ज हो गई। जो आगे चलकर PayPal बनी।
  • 2002 में eBay ने PayPal को 150 करोड़ डॉलर में खरीद लिया, जिसमें मस्क का हिस्सा 16.5 करोड़ डॉलर था।
  • इसके बाद मस्क ने स्पेस रिसर्च की तकनीकों पर काम करना शुरू किया। उनके इसी प्रोग्राम को 'स्पेस-एक्स' का नाम दिया गया, जिसने कहा कि 'मनुष्य आने वाले समय में दूसरे ग्रहों पर भी रह सकेंगे।'
  • साल 2004 में एलन मस्क ने इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की बुनियाद रखी और कहा, 'भविष्य में सब कुछ इलेक्ट्रिक होगा, स्पेस में जाने वाले रॉकेट भी और टेस्ला इस बदलाव को लाने में अहम भूमिका निभाएगी।'

दिसंबर 2016 में एलन मस्क ने एक ट्वीट किया- ट्रैफिक ने मुझे पागल कर दिया है। मैं एक टनल बोरिंग मशीन बनाने जा रहा हूं और खुदाई शुरू कर रहा हूं। उसी दिन उन्होंने द बोरिंग कंपनी रजिस्टर करा ली। उन्होंने 2018 में अंडरग्राउंड टनल का एक प्रोटोटाइप भी बना दिया। उन्होंने बोरिंग कंपनी की आग उगलने वाली एक मशीन भी बनाई और मजाक-मजाक में 20 हजार यूनिट बेच डालीं।

एलन मस्क मंगल ग्रह पर इंसानों की सेल्फ सस्टेनिंग कॉलोनी बसाना चाहते हैं। उनका कहना है कि न्यूक्लियर युद्ध या किसी एस्टेरॉइड के टकराने से पृथ्वी का अस्तित्व खतरे में आ जाए, ऐसी स्थिति में हमारे लिए सबसे उपयुक्त मंगल ग्रह ही है। इससे इंसान अपना विनाश टाल सकते हैं। सितंबर 2016 में मस्क ने अपने प्लान और तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया भी है। मस्क के मुताबिक 2022 तक स्पेसएक्स रॉकेट मंगल ग्रह पर जा सकता है। 2050 तक वहां सेल्फ सस्टेनिंग इंसानी बस्ती देख पाएंगे।


IRCTC की वेबसाइट 2 घंटे के लिए आज रहेगी बंद

रेलवे के मुताबिक मंगलवार रात 12 बजे के बाद की ट्रेनों के रिजर्वेशन चार्ट समय से पहले तैयार कर लिए जाएंगे। करीब तीन घंटे तक टिकट बुकिंग व अन्य सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के जरिये यात्रा करने के लिए आईआरसीटीसी के जरिये ट्रेन की टिकट बुक करने वाले यात्रियों को मंगलवार को परेशानी उठानी पड़ सकती है। आईआरसीटी ने 2 घंटे से अधिक समय तक आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) को बंद रखने का फैसला किया है।

दरअसल, इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड(आईआरसीटीसी) के जरिये यात्री मंगलवार रात 11 बजकर 45 मिनट से अगले तकरीबन ढाई घंटे तक यानी 26 अप्रैल की रात से तड़क 2 बजकर 15 मिनट तक आनलाइन टिकट बुक नहीं करा पाएंगे। आईआरसीटीसी के अनुसार तकनीकी कारणों के चलते भारतीय रेलवे द्वारा संचालित कंप्यूटरीकृत यात्री आरक्षण प्रणाली बंद रहेगी। इसके साथ ही रेलवे की तमाम ऑनलाइन सेवाएं भी बंद रहेंगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए इसे लगभग ढाई घंटे तक बंद रखा जाएगा। इस दौरान आरक्षण, निरस्तीकरण, आरक्षण चार्ट बनाने, पूछताछ काउंटर सेवा सहित पीआरएस से संबंधित अन्य सेवाएं भी बंद रहेगी। खासबात बात यह है कि इन ढाई घंटों के दौरान यात्री आनलाइन आरक्षण भी नहीं करा सकेंगे। इसके साथ ही ट्रेन व पार्सल से संबंधित कोई जानकारी भी नहीं मिलेगी।

रेलवे के मुताबिक मंगलवार रात 12 बजे के बाद की ट्रेनों के रिजर्वेशन चार्ट समय से पहले तैयार कर लिए जाएंगे। करीब तीन घंटे तक टिकट बुकिंग व अन्य सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

हालांकि अधिकतर लोग भारतीय रेलवे द्वारा संचालित कंप्यूटरीकृत यात्री आरक्षण प्रणाली केंद्रों के जरिये ट्रेनों में यात्रा से पहले टिकट बुक कराते हैं। तकनीकी के इस युग में अधिकतकर लोग समय बचाने के मकसद से घर पर बैठे आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर ही ऑनलाइन टिकट का आरक्षण कराते हैं।

यात्री आरक्षण प्रणाली के जरिये यात्री सामान्य या अनारक्षित टिकट कंप्यूटरीकृत अनआरक्षित टिकट प्रणाली केन्द्रों से खरीद सकते हैं। इसके अलावा, स्टेशनों पर लगाई गई स्वचालित टिकट वेंडिग मशीनों से भी ट्रेन का टिकट बुक करा सकते हैं। ऐसे में इसमें सुधार या फिर अन्य काम के लिए जब भारतीय रेलवे द्वारा संचालित कंप्यूटरीकृत यात्री आरक्षण प्रणाली को बंद रखा जाता है तो लोगों को दिक्कत आती है। हालांकि रेलवे के मुताबिक यह काम ऐसे समय में किया जाता है जब यात्रियों को कम से कम दिक्कत आए।


#LICIPO: 4 मई को खुलेगा LIC का IPO, 9 मई को होगा बंद, भारत सरकार बेचेगी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी

आईपीओ के जरिए सरकार एलआईसी में अपनी 3.5 हिस्सेदारी बेचेगी। इससे सरकारी खजाने में 21,000 करोड़ रुपये आएंगे। आईपीओ के आधार पर एलआईसी का मूल्यांकन छह लाख करोड़ रुपये बैठता है।

नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (जीवन बीमा निगम) का आईपीओ चार मई को खुल सकता है। वहीं, इसके बंद होने की संभावना नौ मई को है। 


इस आईपीओ के जरिए सरकार एलआईसी में अपनी 3.5 हिस्सेदारी बेचेगी। इससे सरकारी खजाने में 21,000 करोड़ रुपये आएंगे। आईपीओ के आधार पर एलआईसी का मूल्यांकन छह लाख करोड़ रुपये बैठता है।

इससे पहले शनिवार को एक अधिकारी ने कहा था कि मई के पहले सप्ताह में खुलने वाले आईपीओ के दौरान सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री से करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है। अपने निर्गम के लिए एलआईसी की ओर से बुधवार तक बाजार नियामक सेबी के पास अंतिम मंजूरी की अर्जी दाखिल की जा सकती है। 

बता दें कि पहले सरकार देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी में पहले पांच फीसदी की हिस्सेदारी बेचने वाली थी। 


भारत के रिटेल किंग नहीं बन पाएंगे मुकेश अंबानी, रिलायंस ने फ्यूचर ग्रुप के साथ कैंसिल की डील

नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) ने फ्यूचर समूह (Future Group) के साथ अपने 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को कैंसिल कर दिया है। आरआईएल ने कहा है कि इस सौदे को सुरक्षित कर्जदाताओं की बैठक में मंजूरी नहीं मिलने के बाद क्रियान्वित नहीं किया जा सकता है। 


रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजारों को भेजी गई सूचना में कहा कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) और फ्यूचर समूह की अन्य कंपनियों ने इस सौदे की मंजूरी के लिए हुई बैठकों के नतीजों से अवगत कराया है। इसके मुताबिक, सौदे को शेयरधारकों एवं असुरक्षित कर्जदाताओं ने बहुमत से स्वीकार कर लिया है लेकिन सुरक्षित ऋणदाताओं ने प्रस्ताव को नकार दिया है।


रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में कहा, ‘‘एफआरएल के सुरक्षित ऋणदाताओं ने प्रस्तावित योजना के खिलाफ मतदान किया है। ऐसी स्थिति में इस योजना को आगे क्रियान्वित नहीं किया जा सकता है।’’

बता दें कि फ्यूचर समूह ने अगस्त 2020 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) के साथ 24,713 करोड़ रुपये के विलय समझौते की घोषणा की थी। 

इस समझौते के तहत खुदरा, थोक, लॉजिस्टिक एवं भंडारण खंडों में सक्रिय फ्यूचर समूह की 19 कंपनियों का रिलायंस रिटेल अधिग्रहण करने वाली थी। इस विलय समझौते की घोषणा के बाद से ही दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन इसका विरोध कर रही थी। 


विभिन्न अदालती मुकदमों में ऐमजॉन ने यह कहते हुए इस सौदे का विरोध किया कि उसके साथ हुए फ्यूचर समूह के निवेश समझौते का यह करार उल्लंघन करता है।