Skip to main content
Follow Us On
Hindi News, India News in Hindi, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें, News9india

जागरूकता अभियान से नहीं लट्ठ से लागू होगी शराबबंदी: उमा भारती

शराबबंदी को लेकर उमा भारती ने कहा है कि मध्यप्रदेश में शराबबंदी जागरूकता अभियान से नहीं बल्कि लट्ठ के दम पर होगी।

भोपाल: ऐसा लग रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आएंगी। मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है। शराबबंदी को लेकर उमा भारती ने कहा है कि मध्यप्रदेश में शराबबंदी जागरूकता अभियान से नहीं बल्कि लट्ठ के दम पर होगी।

उमा भारती ने कहा कि बी.डी. शर्मा और शिवराज सिंह ने कहा कि जागरुकता अभियान से शराबबंदी होनी चाहिए। मेरा मानना है कि यह जागरुकता से नहीं लठ्ठ से ही खत्म होता है... मैं उनको 15 जनवरी तक का समय देती हूं, तब तक हम जागरुकता अभियान चलाएंगे। उसके बाद अभियान का नेतृत्व करने मैं सड़क पर उतर जाऊंगी।


हिंदी दिवस पर MP सरकार का बड़ा एलान, राज्य में हिंदी में होगी MBBS की पढ़ाई, कांग्रेस ने जताया विरोध

आज 14 सितम्बर यानी हिंदी दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि अब राज्य में एमबीबीएस के छात्र हिंदी में पढ़ाई करेंगे। हालांकि, कांग्रेस ने इस बात पर आपत्ति जताई है।

भोपाल: आज 14 सितम्बर यानी हिंदी दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि अब राज्य में एमबीबीएस के छात्र हिंदी में पढ़ाई करेंगे। हालांकि, कांग्रेस ने इस बात पर आपत्ति जताई है।

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, 'एमबीबीएस पाठ्यक्रम, नर्सिंग और अन्य पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में हिंदी माध्यम कैसे शुरू किया जाए, यह तय करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। यह चिकित्सा शिक्षा विभाग और अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय का संयुक्त प्रयास होगा।'

हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति रामदेव भारद्वाज ने कहा कि अब राज्य सरकार ने पाठ्यक्रम के लिए अनुमति लेने का फैसला किया है और पाठ्यक्रम हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया जाएगा।

मामले से वाकिफ एक अधिकारी के मुताबिक, 'हिंदी प्रोजेक्ट में इंजीनियरिंग के फेल होने का कारण इंजीनियरिंग शब्दावली का हिंदी में अनुवाद भी हो चुका है। लेकिन अब हमने तय किया है कि मेडिकल कोर्स की शब्दावली एक जैसी होगी ताकि छात्रों को मेडिकल शिक्षा के बारे में सीखने में दिक्कत न हो।'

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छात्र विंग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनुराग गुप्ता ने कहा, “राज्य सरकार को छात्रों को हिंदी सिखानी चाहिए लेकिन अंग्रेजी की कीमत पर नहीं। चिकित्सा एक विशाल क्षेत्र है और डॉक्टर नई तकनीक और उपचार योजना के बारे में जानने के लिए विभिन्न देशों द्वारा आयोजित संगोष्ठियों में भाग लेते हैं। हिंदी माध्यम के छात्रों को नुकसान होगा और वे खुद को अपग्रेड नहीं कर पाएंगे। यह एक अच्छा निर्णय नहीं है।”

कांग्रेस ने जताया विरोध

एमपी कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने कहा, “हिंदी में इंजीनियरिंग सफल नहीं हुई, पैरा-मेडिकल सफल नहीं हुई और अब राज्य सरकार एमबीबीएस पाठ्यक्रमों के साथ एक बार और प्रयास करना चाहती है। उन्हें केवल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों के भविष्य को खराब करने के लिए पाठ्यक्रमों के साथ प्रयोग नहीं करना चाहिए। हिंदी एक अच्छी भाषा है और लोगों को इसे जानना चाहिए, लेकिन मेडिकल कॉलेजों में हिंदी की शुरुआत करके वे छात्र को विकलांग बनाना चाहते हैं।”

भाजपा में कही ये बात

भजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, “यह कदम न केवल एक भाषा को बढ़ावा देने के लिए है बल्कि हिंदी माध्यम के छात्रों को बढ़ावा देने के लिए है, जो भाषा की बाधाओं के कारण चीजों को सीखने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। उन्हें अपनी मातृभाषा में ज्ञान प्राप्त करने के साथ अंग्रेजी सीखने और इसे समझने के लिए पांच साल का समय मिलेगा। यह एक बहुत अच्छा कदम है।”


अपराधियों व बदमाशों की संपत्ति गरीबों में बाटेंगी MP सरकार, लाने जा रही कानून

मध्य प्रदेश सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है जिसके तहत अपराधियों और बदमाशों की संपत्ति को गरीबों में बांट दिया जाएगा। यह कानून उत्तर प्रदेश के कानून गैंगस्टर एक्ट से भी ज्यादा प्रभावी होगा।

भोपाल: मध्यप्रदेश में अब अपराधियों को कोई अपराध करने से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है जिसके तहत अपराधियों और बदमाशों की संपत्ति को गरीबों में बांट दिया जाएगा। यह कानून उत्तर प्रदेश के कानून गैंगस्टर एक्ट से भी ज्यादा प्रभावी होगा। कानून के तहत अपराधियों की संपत्ति को गरीबों में बांटने का प्रावधान होगा।

राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार संगठित अपराध पर लगाम के लिए जल्द नया कानून लाने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर ऐक्ट से भी ज्यादा सख्त हो सकता है। इस कानून में अपराधियों का पैसा और संपत्ति गरीबों में बांटने का प्रावधान किया जाएगा।

भोपाल में पत्रकारों से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गृह और कानून विभाग बिल का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए साथ में काम कर रहे हैं, जो संगठित अपराध को टारगेट करेगा। उन्होंने कहा, ''खनन माफिया, शराब माफिया, जमीन माफिया और अन्य असमाजिक तत्व इस बिल के बाद राज्य में खत्म हो जाएंगे।'' 

मिश्रा ने कहा कि ड्राफ्ट बिल में सरकार अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान करेगी। उन्होंने कहा, ''जब्त धन और संपत्ति को गरीबों में बांटने का प्रावधान भी हम ला रहे हैं। केसों के जल्द निपटारे के लिए हम स्पेशल कोर्ट बनाएंगे और गवाहों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। इन अपराधियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वालों को भी सजा का प्रावधान इस बिल में किया जाएगा।'' 

माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार इस बिल को विधासभा में शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। 


ग्वालियर त्रिपल मर्डर केस: दोनों आरोपी गिरफ्तार, 'अपना' ही निकला कातिल, संपत्ति के लिए दिया गया वारदात को अंजाम

पुलिस महानिरीक्षक अवनीश शर्मा ने आगे बताया कि 3 लोगों की हत्या का मामला सामने आया। मृतकों में एक वृद्ध पुरूष, 55 वर्षीय महिला और 10 वर्ष की बच्ची शामिल हैं। मामले में 2 लोगो को गिरफ़्तार किया गया है।

ग्वालियर: शहर में हुए त्रिपल मर्डर केस को पुलिस ने सुलझा लिया है। आरोपी मृतक परिवार का रिश्तेदार बताया जा रहा है। तिहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन अवनीश शर्मा ने बताया कि ये संपत्ति संबंधित अपराध था। सोना, चांदी और नकद के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया। घटना में इस्तेमाल चाकू और कट्टा ज़ब्त किए गए हैं।

पुलिस महानिरीक्षक अवनीश शर्मा ने आगे बताया कि 3 लोगों की हत्या का मामला सामने आया। मृतकों में एक वृद्ध पुरूष, 55 वर्षीय महिला और 10 वर्ष की बच्ची शामिल हैं। मामले में 2 लोगो को गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक परिवार के घर से चोरी किए हुए गहने, नगदी व हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियारों को भी बरामद कर लिया है।

Gwalior Crime News: ट्रिपल मर्डर का खुलासा, माेहल्ले के लड़काें ने की वृद्ध, उसकी पत्नी व गाेद ली हुई बेटी की हत्या


बता दें कि ग्वालियर में एक नहीं बल्कि तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। हत्यारा कोई बाहर का नहीं बल्कि उनके साढ़ू का बेटा ही निकला। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने दो दोस्तों के साथ मिलकर इस खतरनाक वारदात को अंजाम दिया।

Image


पुलिस ने बताया कि साढ़ू के बेटे ने एक प्लान बनाया, इसमें उसने दो दोस्तों को शामिल कर लिया। ये तोनों चोरी के लिए घर में घुस गए, इसके बाद जो भी सामने आया उन सब को मारते गए। उसने अपनी मौसी, मौसा और छोटी बहन तीनों को मार दिया।




पुलिस ने वारदात में शामिल पहले एक आरोपी अरूण उर्फ घोड़ा को पकड़ा। फिर उसने पूछताछ में बताया कि पूरा प्लान साढ़ू के लड़के सचिन पाल का था और इसमें मैं और मोनू भी शामिल थे। घोड़ा के मुताबिक, जब हम चोरी कर रहे थे तो मौसी जाग गई, उस पर चाकू से हमला कर दिया और उसकी हत्या कर दी। फिर मौसा और बहन की नींद खुली तो उन्हें भी गला घोंटकर मार दिया।


जब पुलिस जांच कर रही थी तो उसे एक सुराग मिला। दरअसल, पुलिस ने जांच के दौरान पड़ोसियों से पूछताछ की। मृतक के घर के सामने साढ़ू का परिवार भी रहता है, लेकिन हत्या के बाद उनका बेटा सचिन गायब था। इस पर पुलिस को शक हुआ और उसकी छानबीन शुरू की। तब उसके दोस्त अरूण उर्फ घोड़ा का पता चला।

 घोड़ा के बारे में पता चला कि वह अक्सर चोरी करता है। इसके बाद पुलिस ने घोड़ा और मोनू की तलाश की जो गायब मिले। पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी और इस दौरान घोड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद घोड़ा ने पूरे मामले को पुलिस के सामने खोल कर रख दिया। फिलहाल पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझा ली है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।


एमपी में अब विश्व विद्यालयों के कुलपति को कहा जाएगा कुलगुरु !

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि उनके विभाग ने कुलपति का नाम हिंदी में बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने का प्रस्ताव जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में पेश किया जाएगा।

भोपाल: मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयो के कुलपति पदनाम को बदलकर कुलगुरु करने पर विचार किया जा रहा है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने सोमवार को इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने  बताया कि जिला कलेक्टर को हिंदी में जिलाधीश कहा जाता था। यह शब्द एक राजा की तरह लगता था। उन्होंने कहा कि यदि हम कुलगुरु कहते हैं तो यह कुलपति से अधिक अपना लगता है।

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि उनके विभाग ने कुलपति का नाम हिंदी में बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने का प्रस्ताव जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में पेश किया जाएगा। यदि इसे मंजूरी मिल जाती है तो प्रस्ताव को लागू किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट के अनुसार मध्यप्रदेश में आठ पारंपरिक विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा एक अलग अधिनियम के तहत और अन्य विभागों द्वारा 17 विश्वविद्यालय (पत्रकारिता, इंजीनियरिंग और खुले पाठ्यक्रमों सहित) स्थापित किए गए हैं।

131 नए पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे

इसके अलावा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अनुसार राज्य में 32 निजी विश्वविद्यालय भी चलाए जा रहे हैं। प्रदेश में दो केंद्रीय विश्वविद्यालय भी हैं। यादव ने यह भी बताया कि केंद्र की नयी शिक्षा नीति के अनुसार उनके विभाग द्वारा ''नई नीति के तहत हमारी उच्च शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण के तहत 131 पाठ्यक्रमों को लागू किया जाएगा।



हाईकोर्ट से शिवराज सरकार को तगड़ा झटका, एमपी में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर जारी रहेगी रोक

ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार को आज हाईकोर्ट से तगड़ा झटका मिला है। दरअसल, हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण में लगी रोक हटाने से इनकार करते हुए अंतिम सुनवाई के निर्देश जारी किए हैं।

भोपाल: ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार को आज हाईकोर्ट से तगड़ा झटका मिला है। दरअसल,  हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण में लगी रोक हटाने से इनकार करते हुए अंतिम सुनवाई के निर्देश जारी किए हैं। ओबीसी वर्ग का आरक्षण 27 फीसदी किए जाने के मामले में सरकार को हाईकोर्ट से झटका लगा है। 

बता दें कि सरकार की तरफ से 6 याचिका में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने के खिलाफ लगी रोक को हटाने के लिए आवेदन पेश किया गया था। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश वी के शुक्ला की डबल बेंच ने संबंधित याचिकाओं की आज सुनवाई करते हुए ओबीसी आरक्षण में लगी रोक को हटाने से इनकार करते हुए अंतिम सुनवाई के निर्देश जारी किए हैं। याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई 20 सितंबर को निर्धारित की गई है। 

प्रदेश सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने के खिलाफ दायर की गई अशिता दुबे की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के अंतरिम आदेश 19 मार्च 2019 को जारी किए थे।

डबल बेंच ने पीएससी द्वारा विभिन्न पदों की परीक्षाओं की चयन सूची में भी ओबीसी वर्ग को 14 फीसदी आरक्षण दिए जाने का अंतरिम आदेश पारित किए थे। इसके अलावा चार अन्य याचिकाओं में भी सरकार ने ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने पर स्थगन आदेश जारी किए थे। 

ओबीसी आरक्षण के समर्थन, ईडब्ल्यूएस आरक्षण, न्यायिक सेवा में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, महिला आरक्षण तथा एनएचएम भतीर् में आरक्षण के संबंध में भी याचिकाए दायर की गई थी। बेंच ने दायर सभी 24 याचिकाओं की सुनवाई संयुक्त रूप से आज की गई।


6 याचिकाएं की गई थी दाखिल

सरकार की तरफ से 6 याचिकाओं में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने पर लगी रोक को हटाने के लिए आवेदन पेश किया गया। आवेदन में कहा गया था कि प्रदेश में 51 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग की है।

 ओबीसी, एसटी, एससी वर्ग की आबादी कुल 87 प्रतिशत है। ओबीसी वर्ग के व्यक्तियों का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व, रहन-सहन की स्थिति आदि के अध्ययन के लिए एक आयोग का गठन किया गया था। आयोग की रिपोर्ट और आबादी के अनुसार सरकार ने ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत लागू करने का निर्णय लिया है।


याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आदित्य संघी ने बेंच को बताया की सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने साल 1993 में इंदिरा साहनी और साल 2021 में मराठा आरक्षण के मामलें में स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जाति जनगणना के आधार पर आरक्षण प्रदान नहीं किया जा सकता है। आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।


कोर्ट का डिसीजन

बेंच ने सुनवाई के बाद सरकार के अंतरिम आवेदन को खाजिर करते हुए याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका की अलग सुनवाई का निर्देश दिया। शेष याचिकाओं पर सुनवाई के अलग से प्रस्तुत करने आदेश जारी किए हैं। याचिकाकतार्ओं की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संधी और सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और महाधिवक्ता पुरूषेन्द्र कौरव पेश हुए। 


व्यापम घोटाला: 9 साल बाद आया फैसला, सीबीआई कोर्ट ने 8 दोषियों को सुनाई 7 साल की सजा, 2 बरी

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले के मामले में आज सीबीआई कोर्ट ने 8 दोषियों को को 7-7 वर्ष की सजा की सजा सुनाई है और 2 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

भोपाल: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले के मामले में आज सीबीआई कोर्ट ने 8 दोषियों को को 7-7 वर्ष की सजा की सजा सुनाई है और 2 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।


व्यापम पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाला 2012 मामले में कोर्ट ने 8 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने इन सभी लोगों को 7-7 साल जेल की सजा सुनाई है। इसके अलावा इन सभी पर 10,000 रुपया का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा अदालत ने इस मामले के 2 आरोपियों को बरी भी किया है।

दरअसल सीबीआई कोर्ट में 3 उम्मीदवार, 3 सॉल्वर और 4 बिचौलियों को आरोपी बनाया गया था। इन्हीं 4 बिचौलियों में से 2 को अदालत ने बरी कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने राजेश धाकड़, कवींद्र, विशाल, कमलेश, ज्योतिष, नवीन समेत 8 आरोपियों को दोषी माना और इसमें से 2 को बरी कर दिया।

व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाला 2013 में तब सामने आया था जब इंदौर पुलिस ने 2001 की पीएमटी प्रवेश से जुड़े केस में 20 नकली अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। साल 2013 में डॉक्टर जगदीश सागर के पकड़े जाने के बाद इस मामले की परतें खुलती चली गई थीं। आरोप लगा था कि कई लोग असली अभ्यर्थियों की जगह पर परीक्षा देने आए थे।

साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने व्यापम केस की जांच सीबीआई को सौंपी थी। राष्ट्रीय एजेंसी ने इस मामले में 100 से ज्यादा केस दर्ज किये थे। घोटालेबाजों ने असली प्रतियोगियों और उनकी जगह परीक्षा में बैठने वाले लोगों की तस्वीरों को मिला कर ये तस्वीरें बनाई थीं। लिहाजा मोर्फ तस्वीरों से असली परीक्षार्थी और नकली परीक्षार्थी की पहचान करना एजेंसी के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा। इस मामले में दर्ज सभी केसों की जांच पूरी हो चुकी है। 


नीमच कांड पर बोले सीएम शिवराज सिंह-'अपराधियों को कुचल कर रख दिया जाएगा, इसमें कोई कसर नही छोड़ेंगे', पुलिस ने आरोपी का घर ढहाया

शिवराज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "ऐसे कुकृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, कुचल दिया जाएगा। बाकी जो आरोपी थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसी कार्रवाई करेंगे कि ऐसी घटना करने से पहले कोई सोचे। अपराधियों को कुचल कर रख दिया जाएगा, इसमें कोई कसर नही छोड़ेंगे।"

बालाघाट/नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच में एक आदिवासी युवक की बेरहमी से हत्या किए जाने के मामले में सूबे के सीएम शिवराज सिंह ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी। नीमच की घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "ऐसे कुकृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, कुचल दिया जाएगा। बाकी जो आरोपी थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसी कार्रवाई करेंगे कि ऐसी घटना करने से पहले कोई सोचे। अपराधियों को कुचल कर रख दिया जाएगा, इसमें कोई कसर नही छोड़ेंगे।" सीएम शिवराज सिंह ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, दूसरी तरफ नीमच पुलिस ने केस में कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान को ध्वस्त कर दिया है। 


बताते चलें कि  मध्यप्रदेश के नीमच में एक बहुत ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। कुछ दबंगों ने कथित चोरी के शक में एक आदिवासी युवक को पहले तो बुरी तरह से पिटाई कर दी। इसके बाद उसे रस्सी से बांधकर गाड़ी से घसीटा गया। जिसके कारण युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में लोगों को युवक पर लात-घूंसे बरसाते और युवक को जान की भीख मांगते देखा जा रहा है। मामले में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरते हुए पूछा है कि आखिर मध्य प्रदेश में क्या हो रहा है। 
बता दें कि एक आदिवासी युवक कन्हैया लाल भील अपने साथी के साथ अथवा कलां गांव से गुजर रहा था। तभी उनकी बाइक की टक्कर एक शख्स से हो गई। इसपर वहां के लोगों ने आदिवासी युवक को लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। जब दबंगों का मन नहीं भरा तो युवक को  पिकअप वाहन से बांधकर उसे घसीटा। जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। 


मध्य प्रदेश: आदिवासी युवक को वाहन के पीछे बांधकर घसीटकर मार डाला, पूर्व सीएम कमलनाथ का सवाल-'ये क्या हो रहा है?'

सिंगोली थाना क्षेत्र के ग्राम अथवा कला में गुरुवार सुबह एक आदिवासी युवक की बाइक से टक्कर लगने के बाद हुए विवाद में आदिवासी युवक को वाहन से बांधकर घसीटा। बाद में युवक को अस्‍पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस वारदात का वीडियो भी सामने आया है।

नीमच: मध्य प्रदेश में गुंडों के हौसले इतनी बुलंदी पर हैं वह सरेराह किसी के भी साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर जा रहे हैं। कुछ इसी तरह का वाकया मध्‍य प्रदेश के नीमच जिले में देखने को मिला है। यहां सिंगोली थाना क्षेत्र के ग्राम अथवा कला में गुरुवार सुबह एक आदिवासी युवक की बाइक से टक्कर लगने के बाद हुए विवाद में आदिवासी युवक को वाहन से बांधकर घसीटा। बाद में युवक को अस्‍पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस वारदात का वीडियो भी सामने आया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह आदिवासी युवक कान्हा उर्फ कन्हैया लाल भील (35 वर्ष) निवासी बाणदा अपने एक अन्य साथी के साथ ग्राम अथवा कलां के पास से जा रहा था। इस दौरान गुर्जर समाज के किसी अन्य व्यक्ति से मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। इसके बाद विवाद बढ़ने पर गुर्जर समाज के लोगों ने मिलकर आदिवासी युवक के साथ बेरहमी से पिटाई की और उसे पिकअप से बांधकर घसीटा। इससे उसकी मौत हो गई।


घटना के बारे में नीमच के एसपी सूरज कुमार वर्मा ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब छह बजे आरोपी छीतरमल गुर्जर ने कान्हा को मोटर साइकिल से टक्कर मार दी थी। इस दौरान छीतरमल की बाइक पर लदा दूध नीचे गिर गया था। टक्कर लगने पर कान्हा ने पत्थर उठा लिया। इस पर छीतरमल ने रिश्तेदारों को बुला लिया और कान्हा से जमकर मारपीट की। इसी दौरान उस सड़क से एक पिकअप गाड़ी निकली। इसमें रस्सी भी बंधी थी। आरोपियों ने कान्हा के पैर बांधकर पिकअप से उसे 100 मीटर से ज्यादा दूर तक घसीटा।

एसपी सूरज कुमार वर्मा ने बताया कि 27 अगस्त को गोविंद ने रतनगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त की रात नौ बजे उसके गांव में रहने वाले कान्हा उर्फ कन्हैयालाल ने कॉल कर शराब पीने के लिए बुलाया था। जब वह उसके घर पहुंचा तो कान्हा और उसकी पत्नी दोनों घर पर नहीं थे। रात में कान्हा घर लौटा और सुबह करीब पांच बजे गोविंद को जगाकर पत्नी को खोजने की बात कही। इसके बाद गोविंद और कान्हा बाइक से अथवाकला फंटा पहुंचे। यहां कान्हा गाड़ियों में पत्नी को तलाशने लगा। पत्नी के न मिलने पर वह परेशान हो गया और उसने गुस्से में पत्थर उठा लिया।

इस बारे में मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस नेता कमल नाथ ने ट्वीट किया। उन्‍होंने लिखा कि सतना, इंदौर, देवास और अब नीमच में अमानवीयता की घटनाएँ…? पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल, लोग बेख़ौफ़ होकर क़ानून हाथ में ले रहे है, कानून का कोई डर नही, सरकार नाम की चीज़ कही भी नजर नही आ रही है…? मध्‍य प्रदेश में यह क्‍या हो रहा है।

अब नीमच जिले के के सिंगोली में कन्हैयालाल भील नाम के एक आदिवासी व्यक्ति के साथ बर्बरता की बेहद अमानवीय घटना सामने आयी है? मृतक को चोरी की शंका पर बुरी तरह से पीटने के बाद उसे एक वाहन से बांधकर निर्दयता से घसीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गयी? मै सरकार से मांग करता हूँ कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने को लेकर तत्काल आवश्यक कदम उठाये, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, प्रदेश में क़ानून का राज स्थापित हो। उन्‍होंने घटना का वीडियो भी इसके साथ अटैच किया है।

इस मामले में जानकारी देते हुए सिंगोली थाना क्षेत्र के थानाधिकारी रमेशचन्द्र दांगी ने बताया कि आरोपी छितर गुर्जर, महेंद्र गुर्जर, लक्ष्मण गुर्जर सहित आठ आरोपितों के खिलाफ हत्या व एट्रोसिटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।


मध्य प्रदेश: चूड़ी बेचने वाले को 'धर्म के ठेकेदारों' ने घेरकर पीटा, कुमार विश्वास ने सुनाई खरी खोटी

तस्लीम उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई का निवासी बताया जा रहा है। पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है मगर अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वीडियो वारयल होने के बाद कई जाने-माने लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

नई दिल्ली: कुछ धर्म के ठेकेदार धर्म को ही बदनाम करने में इस कदर जुटे हुए हैं कि इंसानियत उनके लिए कुछ नहीं रह गई है। एक बार फिर से हिंदू-मुस्लिम के बीच जहर घोलने का काम कुछ धर्म के ठेकेदारों द्वारा किया गया है। दरअसल, मध्य प्रदेश के इन्दौर में चूड़ियां बेचने वाले एक व्यक्ति को कुछ लोगों द्वारा बुरी तरह से पीटते हुए एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर काफी तेजी से वायरल है। वीडियो में जिस व्यक्ति को पीटते हुए दिखाया जा रहा है उसकी पहचान 25 साल के एक युवक के रूप में हुई है जिसका नाम तस्लीम बताया जा रहा है।

तस्लीम उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई का निवासी बताया जा रहा है। पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है मगर अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वीडियो वारयल होने के बाद कई जाने-माने लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि ये वीडियो अफगानिस्तान का नहीं बल्कि आज के इंदौर शहर का है।

मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूपसे यूपी के हरदोई के रहने वाले तस्लीम घर-घर जाकर चूड़ियाां बेचने का काम करते हैं, वो इन्दौर के गोविन्द नगर इलाके में चूड़ियां बेचने के लिए गए हुए थे, तभी कुछ लोग उनके पास आए उनका नाम पूछा, नाम बताने पर उन्हें मारापीटा जाने लगा, इस दौरान कोई वीडियो भी बना रहा था जिसने ये वीडियो शेयर की और ये इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गई। वायरल वीडियो में ये भी दिखता है कि भगवा रंग का कुर्ता पहने एक व्यक्ति तस्लीम की पिटाई कर रहा है, उसके साथ कुछ और लोग भी वीडियो में नजर आ रहे हैं।

इस वीडियो को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने भी ट्वीट किया और लिखा कि “ये वीडियो अफगानिस्तान का नहीं बल्कि आज इंदौर का है, @ChouhanShivraj जी के सपनों के मध्यप्रदेश में एक चूड़ी बेंचने वाले मुसलमान का सामान लूट कर सरेआम भीड़ से लिंचिंग करवाई जाती है। @narendramodi जी क्या यही भारत बनाना चाहते थे आप ? इन आतंकियों पर कार्यवाही कब ?”