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बिहार: CM नीतीश कुमार के गृह जनपद नालंदा में शराब पीने से 8 लोगों की मौत

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही राज्य में शराबबंदी लागू करने को लेकर अधिकरियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हों, लेकिन शनिवार को उनके गृह जिले नालंदा में ही कथित तौर पर आठ लोगों की मौत शराब पीने से हो गई।

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही राज्य में शराबबंदी लागू करने को लेकर अधिकरियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हों, लेकिन शनिवार को उनके गृह जिले नालंदा में ही कथित तौर पर आठ लोगों की मौत शराब पीने से हो गई। 

बताया जा रहा है कि अभी भी दो पीड़ित लोगों का इलाज चल रहा है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सोहसराय थाना क्षेत्र के छोटी पहाड़ी मुहल्ले में संदिग्ध स्थिति में आठ लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री के गृह जिले में ऐसी घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद और नालंदा (सदर) डीएसपी डॉ. शिब्ली नोमानी ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी। इसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी संबंधित क्षेत्र पहुंचे और लोगों से जानकारी प्राप्त की। 

नालंदा के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने मीडिया को बताया कि अब तक आठ लोगों की मौत हुई है। जबकि दो लोग अभी भी बीमार बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। लेकिन प्रथम दृष्टया शराब पीने से ही मौत की आशंका जताई जा रही है।

मृतकों के परिजन भी शराब पीने से ही मौत होना बता रहे हैं। मृतकों की उम्र 45 से 65 साल के बीच बताई जा रही है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। 

शुभंकर ने बताया कि पूरे क्षेत्र में कांबिग ऑपरेशन चलाया जाएगा और कोई भी शराब का व्यापार करते पकड़ा जाएगा तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जबकि अपुष्ट खबरों के मुताबिक शराब पीने से मरने वालों की संख्या 10 है।


बिहारः बिजली की चपेट में आने से SSB के 9 जवान झुलसे, 3 की मौत 4 गंम्भीर

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी (SSB)) की 45 वीं बटालियन के 3 जवानों की मौत हो गई, जबकि 9 जवान घायल हो गए। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सुपौल के पुलिस अधीक्षक डी अमरकेश ने तीन जवानों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि वीरपुर एसएसबी (SSB) कैंप में हुए बिजली करंट लगने से तीन जवानों की मौत हुई है।

इनपुट एजेंसियां

पटनाः बिहार के सुपौल में शुक्रवार को बिजली करंट की चपेट में आने से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी (SSB)) की 45 वीं बटालियन के 3 जवानों की मौत हो गई, जबकि 9 जवान घायल हो गए। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सुपौल के पुलिस अधीक्षक डी अमरकेश ने तीन जवानों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि वीरपुर एसएसबी (SSB) कैंप में हुए बिजली करंट लगने से तीन जवानों की मौत हुई है।

एसएसबी (SSB) के एक अधिकारी ने बताया कि एसएसबी (SSB) के 45 वीं बटालियन के परिसर में कुछ दिन पूर्व लगे एक टेंट को शुक्रवार कुछ जवान हटा रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक पाइप, उपर से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की तार के संपर्क में आ गई, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि नौ लोग घायल हो गए।

अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के परशुराम सबर, ओडिशा के महेंद्र चन्द्र कुमार तथा महाराष्ट्र के नासिक के अनमोल पाटिल के रूप में हुई है।उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में नौ लोग झुलसकर घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। घायलों में 4 की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। करंट की चपेट में आने वाले कई प्रशिक्षु बताए जा रहे हैं।

घटना को लेकर कोई अधिकारी बहुत कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। एसएसबी (SSB) की ओर से बताया जा रहा है कि कैंप के उपर से हाईटेंशन तार गुजरी है, उसे हटाने को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा बिजली तार नहीं हटाया गया। जिससे यह हादसा हुआ है। इधर, धटना के बाद से एसएसबी (SSB) 45 वीं बटालियन के कमांडेंट आलोक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं।


बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी कोरोना की चपेट में

बिहार मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी साझा की है। कहा गया है कि फिलहाल वे होम आइसोलेशन में हैं।

पटनाः बिहार में कोरोना की रफ्तार अब तेज हो गई है। इस बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सोमवार को कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर साझा की है। 

बिहार मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी साझा की है। कहा गया है कि फिलहाल वे होम आइसोलेशन में हैं।

कार्यालय द्वारा ट्वीट में लिखा गया, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोरोना जांच में पॉजि़टिव पाये गए हैं। चिकित्सकों की सलाह पर वह होम आइसोलेशन में हैं। ट्वीट में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने सभी से कोविड अनुकूल सावधानियां बरतने की अपील की है। उल्लेखनीय है राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राज्य में रविवार को 5022 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई थी।

बताते चलें कि बिहार के पूर्व सीएम और हिंदुस्तान अवाम मोरचा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी और मंत्री अशोक चौधरी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। दोनों बीते दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। पूर्व सीएम ने ट्विट कर इस बारे में जानकारी दी है। 

जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर कहा कि आपलोगों की दुआ से मेरा कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गया है। वहीं, मंत्री अशोक चौधरी ने ट्वीट कर कहा कि आज मेरी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। आप सभी के आशीर्वाद व दुवाओं से मैं पूरी तरह स्वस्थ्य हूं। आप सभी का धन्यवाद।

बता दें कि पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के साथ उनकी पत्नी शांति देवी, बेटी पुष्पा माझी और बहू दीपा माझी के साथ ही परिवार से जुड़े 18 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।


बिहार: BJP विधायक रश्मि वर्मा ने दिया इस्तीफा, प्रियंका गांधी ने लगाया था ये बड़ा आरोप

अपने त्यागपत्र में उन्होंने निजी कारणों से विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही है, लेकिन इसके पीछे के असली कारण का सच अभी सामने आना बाकी है।

नई दिल्ली: बिहार के नरकटियागंज से बीजेपी विधायक रश्मि वर्मा ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र के साथ अपना एक फोटो जारी किया है। 


बताया जा रहा है कि रश्मि वर्मा सोमवार को बिहार के विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप सकती हैं, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उन्होंने इसे सार्वजनिक कर दिया। अपने त्यागपत्र में उन्होंने निजी कारणों से विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही है, लेकिन इसके पीछे के असली कारण का सच अभी सामने आना बाकी है।

इस इस्तीफे के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। दरअसल, हमेशा से ही विवादों में रहने वाली बिहार के नरकटियागंज से भाजपा विधायक रश्मि वर्मा की वजह से उत्तर प्रदेश का सियासी पारा भी चढ़ा हुआ था। 


उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा लीक के मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने बिहार की इन भाजपा विधायक पर निशाना साधते हुए कहा था कि यूपीटेट पेपर आउट कराने के घोटाले का मास्टरमाइंड भाजपा विधायक का भाई है। 

प्रियंका गांधी ने यूपीटेट घोटाले में पेपर छापने का ठेका देने से लेकर परीक्षा के प्रबंधन तक हर कदम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बिहार की भाजपा विधायक के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा था।

प्रियंका गांधी ने लागए थे गंभीर आरोप

प्रियंका गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए पिछले महीने भाजपा विधायक रश्मि वर्मा ने कहा था कि उन्हें यह पता होना चाहिए कि शादी के बाद लड़की के सारे तार ससुराल से जुड़े होते हैं, मायके से नहीं। इसके साथ ही उन्होंने सफाई देते हुए यह भी कहा था कि उन्होंने कभी भी अपने भाई के साथ मिलकर कोई कारोबार नहीं किया।


Bihar News: पुलिस होगी और हाईटेक, नक्सलियों, शराब तस्करों पर रखेगी ड्रोन से नजर

राज्य में घने जंगलों, पहाड़ों और सुदूरवर्ती इलाकों में नक्सली गतिविधियों और शराब के कारोबार पर नजर रखने के लिए बिहार पुलिस ड्रोन खरीदने जा रही है।

पटना : बिहार पुलिस अब जल्द ही हाइटेक होने वाली है। पुलिस अब शराब तस्करों, नक्सलियों और अवैध खनन करने वालों पर पैनी निगाह रखने के लिए ड्रोन की मदद लेगी। राज्य में घने जंगलों, पहाड़ों और सुदूरवर्ती इलाकों में नक्सली गतिविधियों और शराब के कारोबार पर नजर रखने के लिए बिहार पुलिस ड्रोन खरीदने जा रही है। 


एक अधिकारी ने बताया कि योजना कई ड्रोन खरीदने की लेकिन फिलहाल इस वर्ष के मार्च महीने तक दो आधुनिक ड्रोन पुलिस के पास पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इसके खरीदने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई हैं। फिलहाल इसे विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को सुपुर्द किया जाएगा। 

एसटीएफ विशेष अभियान को अंजाम देती है। उसके द्वारा नक्सलियों के साथ ही बड़े आपराधिक गिरोह के खिलाफ अभियान चलाया जाता है।

बिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र, पहाड़ी इलाके जहां नक्सली ज्यादा सक्रिय हैं, वहां इस ड्रोन की मदद से जवान आसपास की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे। 

अभियान के दौरान जहां नक्सलियों के ठिकानों का पता लगाने में यह ड्रोन मददगार होगा वहीं मुठभेड़ की सूरत में भी इसके जरिए उनपर निगाह रखी जा सकेगी। दियारा इलाकों में भी एसटीएफ को इसके इस्तेमाल से आपराधिक गिरोह पर नजर रखने में आसानी होगी।

 उन्होंने बताया कि इसके अलावा इसका उपयोग सीमावर्ती इलाकों में शराब की तस्करी को पकड़ने के लिए भी किया जाएगा। शराब तस्करी को लेकर चौकसी बरतने में भी ये ड्रोन काफी मददगार साबित होंगे।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस को अत्याधुनिक बनाने के लिए बुलेटप्रूफ गाड़ी, जैकेट व सैटेलाइट फोन समेत अन्य संचार उपकरणों के अलावा कई आधुनिक उपकरण खरीदने की भी योजना बनाई गई है। 

पुलिस के लिए सुदूरवर्ती इलाकों में पेट्रोलिंग करना कठिन कार्य होता है तथा दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है, ऐसे में अब ड्रोन की मदद से एक स्थान पर ही बैठ कर पूरे इलाके की सघन मॉनीटरिंग की जाएगी। बताया जा रहा है कि ड्रोनों के कैमरे बेहद उच्च क्षमता वाले होंगे, इससे दूर से भी एक स्पष्ट रूप से चीजों को देखा जा सकेगा।


बिहार: सुशासन बाबू के राज में कैबिनेट मिनिस्टर के भतीजे पर हत्या का आरोप, आरोपी पर पुलिस ने घोषित किया 50 हजार का ईनाम

आशीष कुमार सिंह 11 नवंबर, 2021 को सरसी पुलिस स्टेशन में हत्या की संबंधित आईपीसी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से फरार है। रिंटू सिंह की 11 नवंबर को सरसी थाने के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पटना: पूर्णिया पुलिस ने पूर्व जिला पार्षद विश्वजीत सिंह उर्फ रिंटू सिंह की हत्या के मामले में बिहार की कैबिनेट मंत्री लेसी सिंह के भतीजे के सिर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। बिहार मंत्री के भतीजे की पहचान आशीष कुमार सिंह उर्फ अथिया के रूप में हुई है। उसपर पहले से कई मामले चल रहे हैं और वो स्थानीय पुलिस की नजर में पहले से वांछित चल रहा है। जिसके बाद पुलिस ने उसपर ईनाम की घोषणा की है।

जानकारी के मुताबिक, आशीष कुमार सिंह 11 नवंबर, 2021 को सरसी पुलिस स्टेशन में हत्या की संबंधित आईपीसी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से फरार है। रिंटू सिंह की 11 नवंबर को सरसी थाने के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पत्नी ने दर्ज कराया था नामजद एफआईआर

पूर्णिया की पूर्व जिला पार्षद रिंटू की पत्नी अनुलिका सिंह ने आशीष कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पूर्णिया के एस.पी. दया शंकर ने कहा, "आशीष कुमार सिंह उर्फ अथिया जिले का कुख्यात अपराधी है। वह रिंटू सिंह की हत्या के आरोप का सामना कर रहा है। तब से वह फरार है, हमने उसके सिर पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा है। दया ने कहा, "हमने एसटीएफ को बिहार, उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों के अन्य जिलों में भी आरोपी की तलाश करने के लिए कहा है। इसके अलावा, हमने एसडीपीओ बनमखी और एसएचओ सरसी को उसके स्थान का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।"

रिंटू के करीबी की भी कर दी गई हत्या

गुरुवार को पूर्णिया में अज्ञात हमलावरों ने रिंटू सिंह के करीबी नीरज झा की गोली मारकर हत्या कर दी। झा की हत्या जिले के खजांची हाट थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर की गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फेस मास्क और हेलमेट पहने बाइक सवार दो हमलावरों ने झा पर गोलियां चला दीं। वह बाइक पर यात्रा कर रहा था। झा सड़क पर गिर गया और एक गोली उसे पीछे से लगी। पुलिस को दी शिकायत में झा के परिजनों ने आरोप लगाया कि रिंटू सिंह की हत्या में शामिल आरोपियों ने झा की हत्या में अहम भूमिका निभाई।


बिहार: CM आवास के 21 कर्मचारी कोरोना की चपेट में

मुख्यमंत्री ने गंभीर संक्रमण को देखते हुए जनता दरबार और समाज सुधार अभियान (समाज सुधार अभियान) सहित अपनी सभी नियुक्तियों और कार्यक्रमों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है।

पटनाः कोरोना की तीसरी लहर के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पटना स्थित आवास पर संक्रमण पहुंच गया है। 

बुधवार को सुरक्षा कर्मियों और अन्य स्टाफ सदस्यों सहित 21 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाये गये। मुख्यमंत्री ने गंभीर संक्रमण को देखते हुए जनता दरबार और समाज सुधार अभियान (समाज सुधार अभियान) सहित अपनी सभी नियुक्तियों और कार्यक्रमों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है। 

एक अधिकारी के मुताबिक, सीएम नीतीश कुमार कोरोना की तीसरी लहर जैसे राज्य के अहम मामलों से जुड़े बैठकें करते रहेंगे। इससे पहले, दो मुख्यमंत्रियों तार किशोर प्रसाद और रेणु देवी सहित चार कैबिनेट मंत्री कोविड से संक्रमित हुए थे। इसके अलावा, अशोक चौधरी, भवन निर्माण मंत्री और आबकारी मंत्री सुनील कुमार भी पॉजिटिव हैं।

बुधवार को पटना में नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें केवल उन मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया, जिनकी रिपोर्ट कोविड निगेटिव थी। उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, "मैंने बैठक में शारीरिक रूप से भाग लिया, क्योंकि मेरी रिपोर्ट निगेटिव थी। जो मंत्री कोरोना पॉजिटिव निकले, उन्होंने बैठक में वर्चुअली भाग लिया। हमने कोविड के मुद्दों और इसके निवारक उपायों पर चर्चा की है।"


कोरोना का कहर! बिहार में नाइट कर्फ्यू का एलान, शॉपिंग मॉल पूरी तरह रहेंगे बंद, जानिए क्या हैं नए नियम

बिहार में भी लगतार बढ़ते केसों को देखते हुए सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू का एलान किया है। इसके अलावा दुकानों के खुलने और बंद करने की भी समय सीमा तय कर दी गई है और अब स्कूल में सिर्फ 50 फीसदी बच्चे ही आ सकेंगे।

पटना: देश में लगातार कोरोना और इसके नए वेरियंट ओमिक्रोन के केस दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। बिहार में भी लगतार बढ़ते केसों को देखते हुए सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू का एलान किया है। इसके अलावा दुकानों के खुलने और बंद करने की भी समय सीमा तय कर दी गई है और अब स्कूल में सिर्फ 50 फीसदी बच्चे ही आ सकेंगे।

राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार (आपदा प्रबंधन समूह/Crisis Management Group) की बैठक में निम्नांकित निर्णय लिए गए है:

1. आवश्यक सेवाओ को छोड़ कर सभी दुकाने 8 बजे  तक खुली रहेंगी।
2. रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू जारी रहेगी।
3. क्लास 9, 10, 11 एवम 12 की क्लास एवम सभी कॉलेज 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। 
ऑनलाइन क्लास को प्राथमिकता देंगे।
4. क्लास 8 तक के सभी क्लास ऑनलाइन ही चलेंगे।
5. कोचिंग क्लास 9, 10, 11, 12 के लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। 
6. सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय 50 प्रतिशत उपस्थित के साथ खुलेंगे। किसी भी बाहरी व्यक्ति के कार्यालय में प्रवेश वर्जित रहेगा।
7. सभी पूजा स्थल श्रद्धालुओं के लिए अगले आदेश तक बन्द रहेंगे। केवल पुजारी ही पूजा कर सकेंगे।
8. सिनेमा हॉल/ जिम/पार्क/ क्लब/ स्टेडियम/ स्वीमिंग पूल पूर्णतः बन्द रहेंगे।
9. रेस्टोरेंट/ ढाबे आदि 50% कैपेसिटी के साथ खुलेंगे।
10. शादी विवाह में अधिकतम 50 व्यक्ति तथा अन्तिम संस्कार में 20 व्यक्ति की अनुमति होगी।
11. सभी राजनीतिक/ सामुदायिक/ सांस्कृतिक सार्वजनिक आयोजनों में अधिकतम 50 व्यक्ति की अनुमति होगी। परंतु इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
12. शॉपिंग मॉल पूर्णतः बन्द रहेँगे।


बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम माझी कोरोना की चपेट में, परिवार के 18 लोग भी संक्रमित

जीतन राम मांझी, उनकी पत्नी, बेटी और बहू के साथ ही सचिव गणेश पंडित और उनकी सुरक्षा में लगे कर्मी समेत परिवार के ही 18 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

पटनाः देश में लगातर बढ़ रहा कोरोना संक्रामण ने एक बार फिर देश के सामने संकट खड़ा कर दिया है। बिहार में पिछले 5 दिन में ही कोरोना की रफ्तार 5 गुना बढ़ चुकी है। 

इसी बीच सोमवार को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और परिवार के कुछ लोग सर्दी जुकाम तथा बुखार से परेशान थे। 

इसी को देखते हुए कोरोना की जांच कराई गई। उन्होंने कहा कि जांच होने पर जीतन राम मांझी, उनकी पत्नी, बेटी और बहू के साथ ही सचिव गणेश पंडित और उनकी सुरक्षा में लगे कर्मी समेत परिवार के ही 18 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। 

फिलहाल सभी कोरोना संक्रमित जीतन राम मांझी के गया स्थित पैतृक आवास महाकार में आइसोलेशन में हैं। जानकारी के अनुसार इन्हें किसी तरह की अभी कोई परेशानी नहीं है और वहां लोग सभी सुरक्षित हैं। 


समाज सुधार अभियान: मीडिया पर भड़के नीतीश कुमार, कह डाली ये बात

हंगामा करने वालों की ओर कैमरे घुमाए जाने पर उन्होंने कहा कि "मीडिया वाले किधर जा रहे हैं? क्या आप लोगों को समाज सुधार अभियान से नफरत है, अगर नफरत है तो चले जाइए यहां से।"

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को समाज सुधार अभियान के तहत मुजफ्फरपुर में जनसभा को संबोधित करने के दौरान हुए हंगामे को लेकर भड़क गए। 

हंगामा करने वालों की ओर कैमरे घुमाए जाने पर उन्होंने कहा कि "मीडिया वाले किधर जा रहे हैं? क्या आप लोगों को समाज सुधार अभियान से नफरत है, अगर नफरत है तो चले जाइए यहां से।" 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को अपने समाज सुधार अभियान के तहत मुजफ्फरपुर पहुंचे। इस दौरान वे एक सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी सभा में ही कुछ लोग हंगामा करने लगे।

इसी दौरान जब मीडिया वालों की नजर जनसभा स्थल की ओर गई और वे वहां जाने लगे, तभी मुख्यमंत्री भड़क गए। उन्होंने कहा कि ये मीडिया वाले किधर जा रहे हैं? क्या आप लोगों को समाज सुधार अभियान से नफरत है, अगर नफरत है तो यहां से चले जाइए बाहर। 

उन्होंने आगे कहा कि कौन क्या बोलता है, बोलने दीजिए। आदमी का स्वभाव क्या 100 प्रतिशत ठीक हो नहीं हो सकता है। कुछ लोग हमारी बात सुन रहे हैं और कुछ लोग हो, हो कर रहे हैं। उन्होंने फिर दोहराया कि जिन्हें समाज सुधार से जरूरत नहीं उन्हें यहां आने की कोई जरूरत नहीं।

मुख्यमंत्री ने शराबबंदी को लेकर कहा कि शराब पीना किसी को मौलिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि शराब इतनी बुरी चीज है, इसके संबंध में विज्ञापन के जरिए भी लोगों को जानकारी दी जा रही है। 

उन्होंने लोगों से इसके लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान करते हुए कहा कि लोगों को इसके प्रति सचेत कीजिए। उन्होंने महिलाओं से भी शराब पीने वालों और इसे लेकर गड़बड़ करने वालों के चारों तरफ खड़ा होकर नारा लगाने की सलाह दी। उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन को भी देने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ समाज सुधार होगा तो समाज, राज्य और देश आगे बढ़ेगा।


लालू के लाल तेजप्रताप के खिलाफ FIR दर्ज, जानिए क्या है मामला

हसनपुर विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी व डीसीएलआर सह एसडीओ ब्रजेश कुमार के आवेदन पर लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 125 क के तहत मामला दर्ज कराया गया है। उनपर संपत्ति छिपाने का आरोप है।

पटना: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े पुत्र और हसनपुर से विधायक तेजप्रताप यादव के खिलाफ समस्‍तीपुर जिले के रोसड़ा थाने में एफआइआर कराई गई है। उनपर 2020 के विधानसभा चुनाव में गलत शपथ पत्र दाखिल करने का आरोप लगाया गया है। 

हसनपुर विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी व डीसीएलआर सह एसडीओ ब्रजेश कुमार के आवेदन पर लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 125 क के तहत मामला दर्ज कराया गया है। उनपर संपत्ति छिपाने का आरोप है। 

प्राथमिकी ( 419/21) के अनुसार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना के तहत 140 हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्‍याशी के रूप में 13 अक्‍टूबर 2020 को तेजप्रताप यादव ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया था। इस दौरान उन्‍होंने शपथ पत्र में अचल संपत्ति की गलत जानकारी दी थी, यह इसकी शिकायत बिहार प्रदेश जदयू ने प्रदेश के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी से की थी। 

मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी ने इस शिकायत की प्रति चार नवंबर 2020 को भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजी थी। वहां से इसकी जांच के लिए केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को लिखा गया। 

सीबीडीटी ने जांच कर तीन पत्रों के माध्‍यम से बताया कि वर्ष 2015 और 2020 के चुनाव में दाखिल शपथ पत्रों के मुताबिक संपत्तियों में 82 लाख 40 हजार 867 रुपये की वृद्धि‍ हुई, जबकि 2015-16 एवं 2016-20 तक इनकम टैक्‍स विवरणियों के हिसाब से यह 22 लाख 76 हजार 220 रुपये बनती है। 


बिहार में 28 दिनों के भीतर 5 गुना बढ़ी कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या

राज्य में पिछले 24 घंटे में 47 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। आंकडों पर गौर करें तो पिछले 28 दिनों में राज्य में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या पांच गुना तक बढ गई है।

पटनाः बिहार में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने लगी है। राज्य में पिछले 24 घंटे में 47 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। आंकडों पर गौर करें तो पिछले 28 दिनों में राज्य में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या पांच गुना तक बढ गई है। इस बीच, सरकार ने राज्य के सभी पार्क और उद्यानों को 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया है। 

स्वास्थ्य विभाग के आंकडों के मुताबिक, राज्य में एक दिसंबर को जहां कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 31 थी वहीं अब इसकी संख्या बढकर 155 तक पहुंच गई है। सबसे गौर करने वाली बात है कि राज्य में सबसे अधिक सक्रिय मरीजों की संख्या पटना में है। पटना में एक दिसंबर को सक्रिय मरीजों की संख्या 18 थी जबकि यहां अब सक्रिय मरीजों की संख्या बढकर 76 तक पहुंच गई है।

बिहार में पिछले 24 घंटे में 47 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें गया में सबसे ज्यादा 17 संक्रमित पाए गए हैं। जबकि राजधानी पटना में कोरोना के 10 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में सोमवार को 26 नए कोरोना संक्रमित सामने आए थे। इस बीच, कोरोना के नए वेरिएंट ऑमिक्रॉन का खौफ भी बढ़ता जा रहा है। 

राज्य में हालांकि ऑमिक्रॉन का एक भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है। बिहार सरकार ने हालांकि एहतियातन नव वर्ष के मौके पर राज्य के सभी पार्कों को 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक के लिए बंद करने की घोषणा कर दी है, ताकि भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके।

सभी जिलों को जारी किए गए जरुरी दिशा-निर्देश  

गुह विभाग ने मंगलवार की शाम इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि ऑमिक्रॉन के संक्रमण के प्रसार और नववर्ष की पूर्व संध्या तथा नए साल में होने वाले आयोजनों तथा सार्वजनिक स्थलों पर संभावित भीड़ को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस संबंध में सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।उल्लेखनीय है कि आपदा प्रबंधन समूह की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है।


शराब पीना है तो न आएं बिहार: नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा कि शराबबंदी के बाद से समाज में बड़ा परिवर्तन हुआ है। उन्होंने लोगों शराबबंदी को लेकर अभियान जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि समाज में कुछ लोग गड़बड़ी करने वाले होते हैं, चाहे वे किसी भी धर्म के मानने वाले लोग हों। कितना भी अच्छा काम कीजिएगा, कुछ लोग तो गड़बड़ी करेंगे ही लेकिन हम लोगों को अभियान चलाते रहना है।

सासाराम: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को स्पष्ट कहा कि हमलोग वैसे किसी आदमी को बिहार आने की इजाजत नहीं देंगे, जो शराब पीने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर शराब पीना है तो बिहार मत आइए। 

मुख्यमंत्री सासाराम के न्यू स्टेडियम फजलगंज में बिहार में पूर्ण नशामुक्ति, दहेज प्रथा एवं बाल विवाह उन्मूलन के लिए समाज सुधार अभियान के तहत एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सिर्फ विकास का काम करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि समाज सुधार भी करना होगा। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी जब वर्ष 1977 में मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होंने शराबंदी लागू किया, लेकिन दो वर्ष बाद फिर से शराब शुरू कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा कि शराबबंदी के बाद से समाज में बड़ा परिवर्तन हुआ है। उन्होंने लोगों शराबबंदी को लेकर अभियान जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि समाज में कुछ लोग गड़बड़ी करने वाले होते हैं, चाहे वे किसी भी धर्म के मानने वाले लोग हों। कितना भी अच्छा काम कीजिएगा, कुछ लोग तो गड़बड़ी करेंगे ही लेकिन हम लोगों को अभियान चलाते रहना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत लोग कहते हैं शराबबंदी के कारण पर्यटक बिहार नहीं आएंगे। गड़बड़ करने वाले लोग अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि हमलोग वैसे किसी आदमी को बिहार आने की इजाजत नहीं देंगे, जो शराब पीने की इच्छा रखते हैं। अगर शराब पीना है तो बिहार मत आइए। 

उन्होंने महात्मा गांधी के बयान की चर्चा करते हुए कहा कि बापू ने कहा था कि शराब न सिर्फ आदमी का पैसा बल्कि बुद्धि भी खत्म कर देती है। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। अगर एक घंटे के लिए भी मुझे देश का तानाशाह बना दिया जाय तो मैं सभी शराब की दुकानें बंद करवा दूंगा।

मुख्यमंत्री ने दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ भी अभियान चलाते रहने की लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि समाज सुधार के बिना विकास का कोई मतलब नहीं है। विकास के साथ समाज सुधार होगा तो समाज, देश और राज्य आगे बढ़ेगा।


मुजफ्फरपुर: नूडल फैक्ट्री में बॉयलर फटने से 5 की मौत, 6 घायल

बिहार के मुजफ्फरपुर की एक नूडल फैक्ट्री में रविवार को बॉयलर फटने से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए।

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर की एक नूडल फैक्ट्री में रविवार को बॉयलर फटने से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए।

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने बताया कि नूडल फैक्ट्री के बॉयलर में हुए विस्फोट से उस फैक्ट्री और आसपास की फैक्ट्री में बिल्डिंग क्रैक हुई और आग लगी। जिसमें 5 लोगों की मौत हुई है। 6 घायलों का इलाज कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। 


मुजफ्फरपुर के SSP जयंत कांत ने बताया कि हमारे पास बॉयलर फटने की जानकारी आई थी। मौके पर दमकल की 5 गाड़ियां हैं और आग बुझाने के साथ ही बचाव कार्य चल रहा है। जिसमें 6 लोगों को अभी तक अस्पताल पहुंचाया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज 5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई। 

इस हादसे में नूडल फैक्ट्री के पास स्थित फैक्टरियों को भी नुकसान हुआ है। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में जान गंवानेवाले मजदूरों की पहचान की जा रही है। बॉयलर के फटने से कई मजदूरों के शव क्षत-विक्षत हो गए हैं। 

सीएम नीतीश ने किया मुआवजे का एलान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर जिले की एक निजी फैक्ट्री में बॉयलर विस्फोट की घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।


जीतन राम मांझी की जीभ काटने वाले को 11 लाख देने की घोषणा करने वाले भाजपा नेता को पार्टी ने किया निलंबित

जीतन राम मांझी की जीभ काटने के लिए 11 लाख रुपये इनाम की घोषणा करने वाले गजेंद्र झा को भारतीय जनता पार्टी ने तत्काल निलंबित कर दिया है। गजेंद्र झा को अगले 15 दिनों में इस मामले पर पार्टी आलाकमान को स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।


पटना: बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के ब्राह्मणों पर दिए गए बयान पर बवाल बढ़ता जा रहा है। भाजपा के एक नेता गजेंद्र झा ने कहा है कि “मैं एक घोषणा करना चाहता हूं। अगर कोई ब्राह्मण जीतन राम मांझी की जीभ काटकर मेरे सामने लाता है तो मैं उसे 11 लाख रुपये का इनाम दूंगा। जीतन राम मांझी 11 पैसे के भी लायक नहीं है।”

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की जीभ काटने के लिए 11 लाख रुपये इनाम की घोषणा करने वाले गजेंद्र झा को भारतीय जनता पार्टी ने तत्काल निलंबित कर दिया है। गजेंद्र झा को अगले 15 दिनों में इस मामले पर पार्टी आलाकमान को स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने एक समारोह में ब्राहमण पुजारियों पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसके बाद जब विवाद बढ़ने लगा तो मांझी ने इस पूरे वाकये के लिए माफी मांग ली। मांझी ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। “मैंने अपने समुदाय के लिए 'हरामी' शब्द का इस्तेमाल किया था, पंडितों के लिए नहीं। अगर कोई गलतफहमी हुई है तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं।”


बता दें कि मांझी ने कहा था कि ज्यादातर  IAS-IPS और बड़े नेता शराब पीते हैं। ऐसे लोग रात 10 बजे के बाद शराब पीते हैं और इन मामलों में कोई गिरफ्तार नहीं किया जाता है। अगर कोई गरीब थोड़ी शराब पी लेता है तो उसे पकड़कर जेल में डाल दिया जाता है। मांझी यहीं पर नहीं रूके। उन्होंने कहा कि गरीब और मजदूर लोगों को रात में शराब पीकर घर में सो जाना चाहिए और सड़क पर नहीं निकलना चाहिए। सुबह उठकर अपने काम पर निकल जाना चाहिए।  


नीतीश ने फिर छोड़ा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने का राग, बड़ा सवाल-क्या बीजेपी से बढ़ेगी दूरियां?

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग सीएम नीतीश कुमार लंबे समय से करते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वक्त से वह इसे लेकर शांत थे। अब एक बार फिर से उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है और कहा कि यह बिहार की जरूरत है।

पटना: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग सीएम नीतीश कुमार लंबे समय से करते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वक्त से वह इसे लेकर शांत थे। अब एक बार फिर से उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है और कहा कि यह बिहार की जरूरत है। 


राज्य की डिप्टी सीएम और बिहार की नेता रेनू देवी ने शनिवार को ही कहा था कि विशेष राज्य का दर्जा मांगने का कोई अर्थ नहीं है और इस दावे को लेकर कोई विस्तृत जानकारी भी नहीं है। उनके इस बयान पर नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए ही निशाना साधा है। नीतीश कुमार ने कहा कि यदि राज्य में कोई स्पेशल स्टेटस की डिमांड का विरोध करता है तो संभव है कि उसे मुद्दे की जानकारी ही न हो। 

नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग 2007 से ही उठाते रहे हैं। आमतौर पर चुनाव से पहले यह मांग और तेज हो जाती है। फिलहाल पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के अलावा उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखं.ड को ही यह दर्जा प्राप्त है। ये सभी राज्य सीमांत इलाके हैं और पहाड़ी हैं। 1969 में योजना आयोग की सिफारिश पर इन राज्यों को यह दर्जा मिला था। अब इसकी जगह नीति आयोग ने ले ली है। 

बिहार, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्य पिछड़ेपन के आधार पर विशेष राज्य के दर्जे की मांग करते रहे हैं। आंध्र प्रदेश के पुनर्गठन के दौरान कांग्रेस सरकार ने उसे विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की बात कही थी। इसके चलते वह भी अकसर ऐसी मांग करता रहा है, लेकिन मोदी सरकार में इस पर कोई विचार नहीं हुआ है। 


Bihar News: हाजीपुर के श्रम प्रवर्तन अधिकारी के घर पर विजलेंस का छापा, करोड़ों की नगदी व जेवरात जब्त

विजिलेंस विभाग के अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी दीपक शर्मा के ख़िलाफ एक करोड़ 6 लाख रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति होने की प्राथमिकी दर्ज़ कराई गई थी। आज हमने छापेमारी की है जिसमें लगभग 2 करोड़ से ज़्यादा रुपए , आभूषण, बैंक के पासबुक, अहम दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं।

पटना: बिहार की राजधानी पटना में विजिलेंस विभाग के अधिकारियों ने हाजीपुर श्रम प्रवर्तन अधिकारी दीपक शर्मा के आवास पर छापेमारी कर करोड़ों की नकदी और आभूषण ज़ब्त किए। 

विजिलेंस विभाग के अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी दीपक शर्मा के ख़िलाफ एक करोड़ 6 लाख  रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति होने की प्राथमिकी दर्ज़ कराई गई थी। आज हमने छापेमारी की है जिसमें लगभग 2 करोड़ से ज़्यादा रुपए , आभूषण, बैंक के पासबुक, अहम दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं।

निगरानी ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने हाजीपुर के श्रम परिवर्तन पदाधिकारी दीपक कुमार शर्मा (Labor Enforcement Officer Deepak K Sharma) के पटना, मोतिहारी और हाजीपुर के ठिकानों पर शनिवार को छापा मारा है। कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार हाजीपुर के श्रम परिवर्तन पदाधिकारी दीपक कुमार शर्मा के पटना आवास से अब तक करीब सवा दो करोड़ रुपए नगद मिले हैं। छापेमारी अभी जारी है। निगरानी ब्यूरो ने बैंक से नोट गिनने की मशीन मंगाई है। 

सूत्रों से जानकारी मिली है कि ये अधिकारी हाजीपुर से पहले कैमूर में पदस्थापित थे। वहां इन्हें मजिस्ट्रेट बनाकर चेकपोस्ट पर ड्यूटी दी गई थी। वहीं पर इन्होंने जमकर माल कमाया।

बताया जाता है कि पटना स्थित आवास से नोटों की गड्डि‍यां बरामद की गई। गिनती होने तक यह सवा दो करोड़ तक पहुंच गई। उनके आवास से गहने भी बरामद किए गए हैं। इनके वैल्‍यूशन की कार्रवाई कराई जा रही है। डीएसपी एसके मउआर के नेतृत्‍व में यह छापेमारी की जा रही है।

एसपी ने बताया कि एक करोड़ छह लाख रुपये की अवैध कमाई का मामला बना था। उसपर निगरानी में प्राथमिकी की गई थी। कोर्ट से वारंट लेने के बाद आज छापेमारी की गई है। अभी तक तो सवा दो करोड़ नकद, गहने, जमीन के कागजात मिल चुके हैं। 15-20 पासबुक मिले हैं। नकद इतना ज्‍यादा मिलने से निगरानी के अधिकारी भी हैरत में हैं। 


Bihar News: भागलपुर के नवगछिया में एक के बाद एक 21 सिलेंडर्स ब्लास्ट, अवैध रिफलिंग बताई जा रही वजह

घटना में बगल के घरों में भी आग लग गई। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। मौके से पुलिस ने 63 सिलेंडर को जब्त कर लिया है। मकान मालिक परिवार सहित घर छोड़कर फरार हो गया है। एसडीओ यतेंद्र कुमार पाल ने बताया कि मकान मालिक पर प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

भागलपुर: बिहार के भागलपुर में आज अवैध सिलेंडर्स रिफलिंग की वजह से एक के बाद एक 21 सिलेंडर्स ब्लास्ट हुए। घटना जिले के नवगछिया बाजार का है।

आग की लपटों में काफी सामान जलकर राख हो गया और पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग घर छोड़कर भाग खड़े हुए। पुलिस प्रशासन की टीम और फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया गया है। आग को काबू में करने का प्रयास शुरू हुआ। 


घटना में बगल के घरों में भी आग लग गई। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। मौके से पुलिस ने 63 सिलेंडर को जब्त कर लिया है। मकान मालिक परिवार सहित घर छोड़कर फरार हो गया है। एसडीओ यतेंद्र कुमार पाल ने बताया कि मकान मालिक पर प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। 

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसके पास बिना किसी लाइसेंस इतने सिलेंडर कैसे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर करीब 1:15 बजे नोनियापट्टी के रामचन्द्र साह के घर में रखे सिलेंडर में विस्फोट से आसपास  के कई घरों में आग लग गई। इसमें घर में रखे सामान जलकर राख हो गये। आग बुझाने के दौरान रामचन्द्र साह का चेहरा भी बुरी तरफ झुलस गया। दो और व्यक्ति के झुलसने की सूचना है। 

घटना के बाद रामचंद्र परिवार और बच्चों के साथ घर के जरूरी कागजात  लेकर भाग गया है। आग में उसके घर का सबकुछ जलकर राख हो गया। लोगों ने बताया कि घटना के दौरान कई सिलेंडर बगल में बह रही नदी में भी फेंक दिया गया। 

जैसे-जैसे विस्फोट की आवाज बढ़ी लोगों में दहशत भी बढ़ती चली गई। फिलहाल दो लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। चार दमकल से आग पर काबू करने का प्रयास किया जा रहा है। एसडीओ और एसडीपीओ घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। पुलिस ने मौके से 63 गैस सिलेंडर जब्त भी किया है। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस वालों की तैनाती कर दी गई है। आसपास के लोगों के मकानों को नुकसान की बात भी कही जा रही है।

एसडीओ व एसडीपीओ ने कम्युनिस्ट कार्यालय में रखे 63 गैस सिलेंडर को जब्त कर लिया है। जब्त सिलेंडर में कुछ खाली थे जबकि बाकी भरे हुए थे। एसडीओ ने कम्युनिस्ट पार्टी कार्यालय के सीताराम महतो से सिलेंडर के विषय में जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि कि अशोक महतो अपनी गाड़ी पर सिलेंडर लेकर आया और कहा कि आग लग गई है। यहां रखते हैं नहीं तो सब फट जाएगा। पूरा शहर बर्बाद हो जाएगा। वही रखकर गया है।

एसडीओ ने कहा कि अभी तत्काल आग बुझाने पर ध्यान दिया जा रहा है। सिलेंडर कहां से आया, इसकी जांच करायी जायेगी। इसके अलावा इतने सिलेंडर घर में रखकर घर मालिक क्या कर रहा था, इसकी भी जांच होगी। घर में रीफिंलिंग की बात सामने आ रही है। गैस सिलेंडर भारत गैस का है। भारत गैस एजेंसी से भी पूछताछ की जाएगी। दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।


बड़ी खबर: बिहार सरकार अपने खर्च पर कराएगी राज्य में जाति आधारित जनगणना, CM नीतीश ने खुद किया एलान

केंद्र सरकार द्वारा बिहार में जाति आधारित जनगणना कराने से मना करने के बाद अब बिहार सरकार ने अपने खर्च पर जाति आधारित जनगणना कराने का निर्णय लिया है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने खुद इस बात का एलान किया है।

पटना: केंद्र सरकार द्वारा बिहार में जाति आधारित जनगणना कराने से मना करने के बाद अब बिहार सरकार ने अपने खर्च पर जाति आधारित जनगणना कराने का निर्णय लिया है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने खुद इस बात का एलान किया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि हमलोग जातीय जनगणना के पक्ष में हैं। इससे सबको फायदा होगा। ये बहुत ठीक चीज है। हमलोग इसे ठीक ढंग से करवायेंगे ताकि कोई छूटे नहीं। जातीय जनगणना को लेकर बिहार में जल्द ही सर्वदलीय बैठक होगी।  

आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने सर्वदलीय बैठक पर कहा कि हमलोग इसे करना चाह रहे हैं। हमने बात कर ली है। उपमुख्यमंत्री को भी अपनी पार्टी के लोगों से बात करने के लिए कहा है। बाकी सब लोगों से बातचीत हो गई है। जब वे बातचीत कर लेंगे और इसके बारे में बताएंगे तो उसके बाद ऑल पार्टी मीटिंग की जाएगी। इन प्रिंसिपल (सैद्धांतिक तौर पर)  हम पहले ही से जातीय जनगणना को लेकर बार-बार कह रहे हैं। हम इसलिए ऑल पार्टी मीटिंग करना चाह रहे हैं कि इसके बारे में सब लोगों की समझ बहुत साफ होनी चाहिए। 

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जनगणना हम किस तरह से कराएंगे, उस पर सब लोगों की एक राय होनी चाहिए। कैसे करेंगे, किस प्रकार से करेंगे, किस माध्यम से करेंगे, इन सब पर पूरी तैयारी करवा रहे हैं। जब इस पर सबकी राय बन जाएगी तो सारी चीजों को मीटिंग में फाइनल करेंगे। सभी पार्टी की मीटिंग में एक राय होगी, उसी के आधार पर निर्णय लेकर सरकार उसका एलान करेगी।

सीएम नीतीश ने कहा कि यह भी होगा कि बहुत लोग सब-कास्ट (उपजाति)  ही बोलेंगे, कास्ट नहीं बोलेंगे। इसलिए सब-कास्ट और कास्ट को हर तरह से देखना है। एक-एक चीज के लिए हमने लोगों को कहा भी है। बात भी की है। क्या-क्या किया जाएगा, इन सब चीजों के बारे में अभी कुछ नहीं कहेंगे। जब मीटिंग होगी, उसी समय कुछ बात को रखेंगे। सबकी सहमति से जो बात निकलेगी, उसी के आधार पर सरकार की तरफ से कास्ट बेस्ड सेंशस का जो तरीका होगा, उसके बारे में एलान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जैसे ही सबकी सहमति आएगी, उसके बाद एक तारीख तय करेंगे और पूरे डिटेल में हमलोग बातचीत करेंगे। हमको नहीं लगता है किसी तरह की असहमति की कोई गुंजाइश है।


नीतीश कुमार ने की BJP महिला विधायक की 'सुंदरता' की तारीफ, लालू की बेटी रोहिणी ने ऐसे किया कटाक्ष

उन्होंने आरजेडी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, 'महिलाओं की सुंदरता ही निहारता रह गया। तीन नंबरी पार्टी का मुखिया बिहार को फिसड्डी राज्य का दर्जा जो दिला दिया।' रोहिणी आचार्य यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें लिखा कि 'रंगीन मिजाजी के चर्चे सरेआम हैं, इस उम्र में भी चच्चा बदनाम है।'

पटना: एक महिला बीजेपी विधायक की सुंदरता की तारीफ करके बिहार के सीएम नीतीश कुमार विपक्षियों के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, बिहार में  बीजेपी की विधायक निक्की हेम्ब्रम की 'सुंदरता' की तारीफ को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं। खुद निक्की हेम्ब्रम मुख्यमंत्री के व्यवहार से मर्माहत हैं, उन्होंने मीडिया से कहा कि सीएम ने जो उनसे कहा उसे मैं सार्वजनिक तौर पर दोहरा नहीं सकती।

महिला विधायक ने कहा कि यह मेरी मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला है और मैंने पार्टी फोरम में अपनी बात कह दी है। वहीं, आरजेडी ने इसे लेकर नीतीश कुमार पर तंज कसा है, तो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस मौके को लपक लिया।

आरजेडी के ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि 'जानें CM नीतीश कुमार का एक महिला भाजपा विधायक पर 'तुम इतनी सुंदर हो' कमेंट कैसे तूल पकड़ रहा?' इस बात को लालू यादव की बेटी और आगे तक ले गईं।

उन्होंने आरजेडी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, 'महिलाओं की सुंदरता ही निहारता रह गया। तीन नंबरी पार्टी का मुखिया बिहार को फिसड्डी राज्य का दर्जा जो दिला दिया।'

रोहिणी आचार्य यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें लिखा कि 'रंगीन मिजाजी के चर्चे सरेआम हैं, इस उम्र में भी चच्चा बदनाम है।'

अब इस मामले को तूल पकड़ता देख एनडीए के दोनों घटक दलों बीजेपी और जेडीयू की ओर से बैकडोर मामले को सुलझाने की कोशिश में लग गए हैं।

क्या हुआ था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र को लेकर सोमवार को एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में बीजेपी विधायक निक्की हेमब्रम ने शराबबंदी की वजह से महुआ की खेती में लगे लोगों की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए वैकल्पिक रोजगार का मुद्दा उठाया था।

इसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें बीच में टोक दिया। उन्होंने कहा, 'आप इतनी सुंदर हैं, लेकिन आपको मालूम नहीं है कि आदिवासियों के लिए हमने क्या-क्या किया है और आपका विचार बिल्कुल उलटा है। नीतीश ने बीजेपी के विधायक से यह भी कह दिया कि वह अपने क्षेत्र में जाती ही नहीं हैं। निक्की हेम्ब्रम कटोरिया से विधायक हैं।


बिहार में जाति आधारित जनगणना होना लगभग तय, तेजस्वी यादव ने दी ये बड़ी जानकारी

बिहार की नीतीश सरकार जाति आधारित जनगणना कराने के पक्ष में है। इसके लिए नीतीश कुमार को अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा का सहयोग नहीं मिल रहा है लेकिन विपक्षी पार्टी राजद का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

पटना: केंद्र सरकार ने बिहार में जाति आधारित जनगणना के लिए मना कर दिया है लेकिन बिहार की नीतीश सरकार जाति आधारित जनगणना कराने के पक्ष में है। इसके लिए नीतीश कुमार को अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा का सहयोग नहीं मिल रहा है लेकिन विपक्षी पार्टी राजद का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

बिहार में अलग से जातीय जनगणना कराने को लेकर विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से विधानसभा के उनके कक्ष में मिला। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सभी दलों के नेताओं ने जातीय जनगणना कराने के लिए जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। मुलाकात के बाद पत्रकारों को तेजस्वी यादव ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि दो-चार दिनों के अंदर सर्वदलीय बैठक होगी। 

सीएम से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि जातीय जनगणना तय है। यह कैसे होगी? इस पर फैसला सर्वदलीय बैठक में होगी। केंद्र ने हमारी माँग को खारिज कर दिया है। ऐसे में बिहार सरकार द्वारा अपने खर्च पर जातीय गणना कराने की हमारी मांग पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है। इस विषय में शीघ्र ही सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। लालू प्रसाद के नेतृत्व में जातीय जनगणना को लेकर काफी पहले से संघर्ष किया जा रहा है, जिसमें विपक्ष की सभी पार्टियों ने भी सहयोग किया है।

तेजस्वी ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट भी बताती है कि बिहार में सबसे अधिक करीब 52 आबादी गरीब है। जातीय जनगणना से यह भी जानकारी मिलेगी कि कौन सी आबादी अधिक पीछे है, जिन्हें आगे लाने के लिए अलग से योजनाएं बनेंगी। कई मामलों में जातीय जनगणना उपयोगी होगी। यह बात गलत है कि जातीय जनगणना से कोई मतभेद पैदा होगा। 

उन्होंने कहा कि हमलोगों ने पहले भी मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि केंद्र सरकार जातीय जनगणना नहीं कराती है तो राज्य सरकार अपने खर्च से इसे कराए। मुख्यमंत्री ने भी इसको लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही थी। कहा कि जातीय जनगणना तो तय है, पर कैसे होगी इसका निर्णय सर्वदलीय बैठक में होगा।


मुख्यमंत्री से मिलने वाले विपक्षी सदस्यों में तेजस्वी यादव के अलावा राजद के तेजप्रताप यादव, ललित यादव, कांग्रेस के अजीत शर्मा, माले के महबूब आलम, एमआईएमआईएम के अख्तरूल इमान और सीपीएम के अजय शर्मा शामिल थे। 


बिहार में मिला सोने का सबसे बड़ा भंडार, खनन मंत्री ने संसद को बताया

जमुई जिले के सोनो प्रखंड के करमटिया इलाके में यह भंडार है। केंद्रीय खनन मंत्री प्रहलाद जोशी ने खुद इस बात की जानकारी बुधवार को संसद में दी। प्रहलाद जोशी ने खुलासा किया है कि जमुई में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है। अकेले 44 प्रतिशत सोना जमुई जिले के सोनो इलाके में है।

नई दिल्ली: सोने के खान देश में बहुत ही कम है लेकिन देश के सबसे बड़ा सोने की खान बिहार में मिली है। इस बातकी जानकारी आज संसद में सरकार ने दी।

जमुई जिले के सोनो प्रखंड के करमटिया इलाके में यह भंडार है। केंद्रीय खनन मंत्री प्रहलाद जोशी ने खुद इस बात की जानकारी बुधवार को संसद में दी। प्रहलाद जोशी ने खुलासा किया है कि जमुई में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है। अकेले 44 प्रतिशत सोना जमुई जिले के सोनो इलाके में है।

मंत्री के खुलासे के बाद देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक बिहार की उम्मीदें जग गई हैं। स्थानीय लोगों को जल्द ही सोने का खनन शुरू होने की आस भी जगी है।

सोने की खान से जुड़ा सवाल सांसद संजय जायसवाल ने पूछा था। बिहार बीजेपी अध्यक्ष और बेतिया सांसद संजय जायसवाल ने लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय खनन मंत्री प्रहलाद जोशी से बिहार के राज्यों में सोने के भंडार को लेकर सवाल किया था।

सवाल के जवाब में प्रहलाद जोशी ने जानकारी देते हुये बताया था कि बिहार में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है। इसमें बताया गया कि देश में कुल 501.83 टन का प्राथमिक स्‍वर्ण अयस्‍क भंडार है। इसमें 654.74 टन स्‍वर्ण धातु है, इसमें 44 फीसद सोना तो केवल बिहार में ही पाया गया है। राज्‍य के जमुई जिले के सोनो क्षेत्र में 37.6 टन धातु अयस्‍क सहित 222.885  मिलियन टन स्‍वर्ण धातु से संपन्‍न भंडार मिला है।

बताते चलें कि जमुई जिले का सोनो प्रखंड के चुरहेत पंचायत का करमटिया इलाका कई दशकों से स्वर्ण भंडार को लेकर चर्चा में रहा है। यहां के लोग बताते हैं कि बहुत पहले से यहां की मिट्टी में सोने के छोटे-छोटे टुकड़े पाए जाते थे।

बहुत पहले लोग करमटीया इलाके के मिट्टी को नदी के पानी में धोकर छानते हुए सोना निकाल लेते थे, जिस कारण ही लगभग 15 साल पहले सरकार की एजेंसी के लोग यहां आए थे और महीनों रहकर सर्वेक्षण का काम हुआ था।

उसी सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि जमुई जिले के सोनो प्रखंड के इसी करमटिया इलाके में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है, यहां 44 प्रतिशत सोना पाये जाने की बात कही जा रही है।


मुजफ्फरपुर में 'आंख फोड़वा' आई हॉस्पिटल की वजह से 15 लोगों की आंखे हुई खराब

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में आंख का ऑपरेशन करने वाले लोगों में से अबतक 15 लोगों की आंखें निकालने की इसलिए नौबत आ गई हैं क्योंकि उन्हें इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ रहा था।

मुजफ्फरपुर: बिहार के स्वास्थ्य महकमें की कलई एक बार फिर खुली है। दरअसल, मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में आंख का ऑपरेशन करने वाले लोगों में से अबतक 15 लोगों की आंखें निकालने की इसलिए नौबत आ गई हैं क्योंकि उन्हें इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ रहा था।


मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन के बाद आंख गंवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में गंभीर रूप से संक्रमित नौ और पीड़ितों की आंख निकालनी पड़ी। इससे आंख गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बुधवार को नौ नए मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए हैं। जांच के बाद इनकी आंख निकालने पर फैसला होगा। 

बढ़ सकती है मरीजों की संख्या

ऑपरेशन कर रहे डॉक्टरों के अनुसार संख्या बढ़ सकती है। दूसरी ओर, 22 नवंबर को ऑपरेशन कराने वाले सभी लोगों में संक्रमण की आशंका के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ रखा है। लगभग पचास पीड़ितों के बारे में न तो विभाग के पास पर्याप्त जानकारी है और न ही उनकी कोई खोज-खबर ली जा रही है। 

तीन दिन बाद जागे सीएस

घटना सामने आने के तीन दिन बाद बुधवार को सीएस जागे और आई अस्पताल को पत्र भेजकर पीड़ितों का ब्योरा व अस्पताल से जुड़े दस्तावेज मांगे। वह भी तब जब मुख्यालय ने उनसे पूरी जानकारी तलब की। इस बीच, डीएम ने पीड़ितों को मुख्यमंत्री सहायत कोष से मुआवजा देने की बात कही है। 

मंगलवार को 2 मरीजों की निकाली गईं थीं आंखें

इससे पहले, मंगलवार को दो पीड़ितों की आंख निकाली गई थी, जबकि ऑपरेशन के दूसरे दिन 22 नवंबर को आई अस्पताल ने मामला दबाने के लिए आनन-फानन में चार मरीजों की आंख निकाली थी। 

बुधवार को मुजफ्फरपुर के साथ ही पटना में यह मामला गरमाया रहा। स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह सहित कई अन्य आला अधिकारियों के फोन आने के बाद सीएस डॉ. विनय कुमार शर्मा टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। 


विधानसभा परिसर में शराब की बोतलें मिलने पर CM नीतीश का बड़ा बयान, कहा-'कोई कर रहा है गड़बड़, छोड़ेंगे नहीं'

नीतीश कुमार ने कहा कि इस चीज़ को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम मुख्य सचिव और DGP को इस पर कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। अगर यहां शराब की बोतल आई है तो इसका मतलब कोई गड़बड़ कर रहा है और उसको छोड़ना नहीं चाहिए।

पटना: आज बिहार विधानसभा परिसर में शराब की बोतले मिलने के बाद सूबे के सीएम नीतीश कुमार विपक्षियों के निशाने पर आ गए हैं। लेकिन उन्होंने विधानसभा में इस घटना को साजिश बताया है और कहा है कि कोई गड़बड़ कर रहा है, इस चीज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिहार विधानसभा परिसर में शराब की बोतल मिलने पर सदन में बोलते हुए राज्य के CM नीतीश कुमार ने कहा कि इस चीज़ को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम मुख्य सचिव और DGP को इस पर कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। अगर यहां शराब की बोतल आई है तो इसका मतलब कोई गड़बड़ कर रहा है और उसको छोड़ना नहीं चाहिए। 

तेजस्वी ने इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमले करते हुए उन्हें घेरने की कोशिश की। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा के अंदर शराब की बोतल कहां से आई ?मुख्यमंत्री को खुद मुआयना करना चाहिए। शराब माफिया के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर हमने देखी है। नीतीश कुमार के मंत्रियों को अपराध करने की छूट है। CM को बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए।


वीडियो: खुली जीप में पटना की सड़कों पर लालू यादव ने भरा फर्राटा, 'गीता ज्ञान' भी दिया

लालू प्रसाद यादव मंगलवार रात से ही अपनी पुरानी जीप चलाने की जिद कर रहे थे, लेकिन जीप ठीक होने गई हुई थी। ऐसे में जैसे ही बुधवार सुबह जीप बनकर उनके घर पहुंची, लालू प्रसाद यादव उसकी ड्राइविंग सीट पर सवार हो गए और जीप लेकर पटना की सड़कों पर निकल पड़े।

पटना: आरजेडी चीफ लालू यादव  शरीर और उम्र से बेशक बुजुर्ग हो चुके  हैं लेकिन उनका दिल आज भी जवां है। इसका ताजा उदाहरण आज उस समय देखने को मिला जब वह खुली जीप लेकर पटना की सड़कों पर फर्राटा भरते दिखाई दिए।

इस दौरान लालू यादव के साथ कुछ सुरक्षाकर्मी और नेता भी सड़कों के किनारे दिखे। किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो जाये इसके लिए जीप के साथ साथ एक्सपर्ट भी दौड़ रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव मंगलवार रात से ही अपनी पुरानी जीप चलाने की जिद कर रहे थे, लेकिन जीप ठीक होने गई हुई थी। ऐसे में जैसे ही बुधवार सुबह जीप बनकर उनके घर पहुंची, लालू प्रसाद यादव उसकी ड्राइविंग सीट पर सवार हो गए और जीप लेकर पटना की सड़कों पर निकल पड़े।

जीप ड्राइविंग के बाद राजद प्रमुख ने ट्विटर पर गीता का ज्ञान भी समझाया। उन्होंने ड्राइविंग की वीडियो अपलोड करते हुए लिखा- 'आज वर्षों बाद अपनी प्रथम गाड़ी को चलाया। इस संसाद में जन्में सभी लोग किसी ना किसी रूप में ड्राइवर ही तो हैं। आपके जीवन में प्रेम, सद्भाव, सौहार्द, समता, समृद्धि, शांति, सब्र, न्याय और खुशहाली रूपी गाड़ी सबको साथ लेकर सदा मजे से चलती रहे।'


बिहार में आईएएस और आईपीएस कर रहे हैं शराब की होम डिलीवरी: तेज प्रताप यादव

उन्होंने कहा कि बिहार में संपूर्ण शराबबंदी कहां है? राज्य के बॉर्डर पर प्रशासन शराब में लिप्त है। प्रशासन के लोग, सिपाही, हवलदार सभी जगह होम डिलीवरी कर रहे हैं। जिस तरह पिज्जा की होम डिलीवरी होती है उसी तरह से IPS, IAS घरों में शराब की होम डिलीवरी कर रहे हैं।

पटना: पिछले कुछ दिनों में शराब बंदी वाले बिहार में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन भी तभी तक सक्रिय रहता है जबतक मामला मीडिया में गर्म रहता है। उसके बाद ढाक के तीन पात वाली कहानी सामने आ जाती है। 

शराब कांड को लेकर राजनीति भी हो रही है। ताजा मामले में तेज प्रताप यादव ने सूबे की नीतीश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार में संपूर्ण शराबबंदी कहां है? राज्य के बॉर्डर पर प्रशासन शराब में लिप्त है। प्रशासन के लोग, सिपाही, हवलदार सभी जगह होम डिलीवरी कर रहे हैं। जिस तरह पिज्जा की होम डिलीवरी होती है उसी तरह से IPS, IAS घरों में शराब की होम डिलीवरी कर रहे हैं।


'भोजपुरिया दारोगा' ने ADJ को उसके ही कोर्ट में पीटा, पिस्टल भी तान दी, जवाब में वकीलों ने कर दी पिटाई

थानेदार ने जज के साथ मारपीट की और उन पर पिस्टल भी तान दी। इस दौरान थानेदार के साथ एक दरोगा भी मौजूद था। थानेदार की कारस्तानी से कोर्ट परिसर में खलबली मच गई।

मधुबनी: वर्दी का नशा कुछ पुलिसवालों पर इस कदर चढ़ा हुआ है कि अब जज की ही पिटाई कर दे रहे हैं वह भी भरी कोर्ट में। बात इतने पर ही नहीं खत्म हुई दारोगा ने जज पर पिस्तौल भी तान दी।

मधुबनी में कोर्ट के अंदर ही एडीजे पर एक थानेदार ने हमला बोल दिया। थानेदार ने जज के साथ मारपीट की और उन पर पिस्टल भी तान दी। इस दौरान थानेदार के साथ एक दरोगा भी मौजूद था। थानेदार की कारस्तानी से कोर्ट परिसर में खलबली मच गई। कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने थानेदार के हाथ से पिस्टल छीनी और उसे पकड़कर जमकर धुना। आपाधापी और मारपीट में पुलिस के दोनों अधिकारी और जज के अलावा एक कर्मचारी और कुछ अधिवक्ता घायल हुए हैं।

मुताबिक एडीजे प्रथम अविनाश कुमार ने घोघरडीहा थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण को उसी थाना क्षेत्र की एक महिला आशा देवी द्वारा दिए गए एक आवेदन के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया था। बुधवार को ही पुलिस अधिकारी को बुलाया गया था जबकि वह गुरुवार को एएसआई अभिमन्यु कुमार शर्मा के साथ पहुंचे। पूछताछ के दौरान ही कहासुनी हो गयी। इस पर थानेदार ने जज के साथ हाथापाई शुरू कर दी। थानेदार ने पिस्टल भी तान दी। 
एडीजे के साथ हाथापाई से अचानक अफरातफरी मच गई। एडीजे के चैंबर से हल्ला मचने पर कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ता और कर्मचारी दौड़कर चैंबर में पहुंचे और थानाध्यक्ष के हाथ से उसका पिस्टल छीनकर स्थिति को काबू में किया। थानेदार को काबू में करने के साथ ही भीड़ ने दोनों पुलिस अधिकारियों की पिटाई की। घटना की सूचना मिलते ही सारे अधिवक्ता न्यायालय कक्ष के समक्ष जमा हो गए और दोनों पुलिस अधिकारियों को अपने कब्जे में लेकर चैंबर में ही धकेल कर बंद कर दिया। अधिवक्ताओं का कहना है यह दोनों पुलिस अधिकारी को कोर्ट से ही रिमांड कर भेजा जाए और प्राथमिकी दर्ज की जाए। 

मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम और डीएसपी मौके पर पहुंचे। मामले में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है और आगे की कार्यवाही की जा रही है।

पटना हाईकोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान

पटना उच्च न्यायालय ने आज मधुबनी ज़िले में दो पुलिस अधिकारियों द्वारा झंझारपुर के अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार पर हमले का संज्ञान लिया। बिहार के DGP को 29 नवंबर को मामले की सुनवाई के दौरान मौज़ूद रहने के निर्देश दिए हैं।


बिहार के जमुई में बड़ा सड़क हादसा, कार-ट्रक के टक्कर में 6 लोगों की मौत

बिहार के जमुई में भीषण सड़क हादसा हुआ है। दाह संस्कार कर लौट रहे लोगों की कार ट्रक से भिड़ जाने के कारण 6 लोगों की मौत हुई है कुछ लोग घायल भी हुए हैं।

जमुई: बिहार के जमुई में भीषण सड़क हादसा हुआ है। दाह संस्कार कर लौट रहे लोगों की कार ट्रक से भिड़ जाने के कारण 6 लोगों की मौत हुई है कुछ लोग घायल भी हुए हैं।


मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा सिंकदरा-शेखपुर मुख्‍य मार्ग पर स्थित पिपरा गांव के पास हुआ। मरने वालों में 5 लोग जमुई के खैरा प्रखंड के नौडीहा के बताए जा रहे हैं जबकि एक चौहान जी क्षेत्र के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि सभी लोग दाह संस्कार के लिए जमुई खैरा से पटना गए थे। वापसी के दौरान यह हादसा हुआ।


ट्रक और सुमो विक्‍टा के बीच आमने-सामने की टक्‍कर हुई। टक्‍कर इतनी जबरदस्‍त थी कि छह लोगों की घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को नजदीकी अस्‍पताल पहुंचाया गया। 

हादसे की सूचना पाकर घटनास्‍थल पर बड़ी संख्‍या में लोग जुट गए। पुलिस ने घायलों को अस्‍पताल पहुंचाने का इंतजाम किया और अब आगे की कार्यवाही में जुटी है। मृतकों और घायलों के परिवारों को सूचना दे दी गई है। 


समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह बनाए गए 'विश्व क्षत्रिय परिषद' के राष्ट्रीय संगठन सचिव

बिहार के प्रसिद्ध समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिल गई है। उनकी सामाज के प्रति सक्रियता व सेवा भावना को देखते हुए विश्व क्षत्रिय परिषद ने उन्हें राष्ट्रीय संगठन सचिव नियुक्त किया है।

पटना: बिहार के प्रसिद्ध समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिल गई है। उनकी सामाज के प्रति सक्रियता व सेवा भावना को देखते हुए विश्व क्षत्रिय परिषद ने उन्हें राष्ट्रीय संगठन सचिव नियुक्त किया है।

संगठन के उपाध्यक्ष हरी सिंह ने समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को विश्व क्षत्रिय परिषद में दी गई जिम्मेदारी को अपने फेसबुक वाल पर साझा करते हुए लिखा, 'दोस्तों नमस्कार! विश्व क्षत्रिय परिषद परिवार में आज एक महत्वपूर्ण नियुक्ति श्री प्रो. चन्द्रशेखर सिंह जी, की राष्ट्रीय संगठन सचिव के लिए हुईं हैं आप बिहार प्रदेश से जाने माने समाज सेवी एवंप्रविख्यात गणितज्ञ है, आशा है आप हमेशा की तरह क्षत्रिय समाज के हितों को लेकर अग्रणी भूमिका में रहेंगे ।


वहीं, नई जिम्मेदारी मिलने के बाद चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने कहा है कि वह अब पहले से और अधिक ऊर्जा के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अब अधिक ऊर्जा के साथ लोगों के बीच रहेंगे और जितना हो सकेगा वह संगठन का प्रचार प्रसार करने के साथ-साथ लोगों के हित में काम करते रहेंगे।


बता दें कि चंद्रेशखर प्रसाद सिंह अक्सर अपने सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा में रहते हैं। वह एक चर्चित गणितज्ञ भी हैं और हमेसा वह गरीब कन्याओं का विवाह कराते रहते हैं। क्षेत्र में उनके सराहनीय कार्य की अक्सर चर्चा होती रहती है। यह भी बता दें कि 'भारत रक्षा मंच' बिहार के मुख्य संरक्षक भी हैं। इसके अलावा वह श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के बिहार के मुख्य संरक्षक भी हैं।


सेना का जवान दे रहा था पाकिस्तान की महिला को खुफिया जानकारी, बिहार ATS ने किया गिरफ्तार

खुद को नेवी की मेडिकल टीम का स्टाफ बताने वाली पाकिस्‍तानी महिला को खुफिया जानकारी देने के आरोप में पटना के दानापुर इलाके से सेना के जवान को गिरफ्तार किया गया है।

पटना: आइबी की सूचना पर बिहार एटीएस ने रविवार को राजधानी में बड़ी कामयाबी हासिल की है। खुद को नेवी की मेडिकल टीम का स्टाफ बताने वाली पाकिस्‍तानी महिला को खुफिया जानकारी देने के आरोप में पटना के दानापुर इलाके से सेना के जवान को गिरफ्तार किया गया है। 


जवान पर आरोप है कि वह फील्‍ड इन्फार्मेशन पड़ोसी देश की एक महिला को फोन पर देता था। उस पर कुछ गोपनीय दस्तावेज साझा करने के भी आरोप लगे हैं। हनी ट्रैप के मामले में गिरफ्तार जवान ने प्रारंभिक पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। आरोपित बिहार के नालंदा निवासी गणेश कुमार मुकेश है। उसकी अभी पुणे में पोस्टिंग है। जवान से खगौल थाने में आइबी, सेना के अधिकारी और एटीएस पूछताछ कर रही है।  

नालंदा जिले के अस्थावां गांव निवासी गणेश कुमार मुकेश सेना में मेडिकल कोर का जवान है। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग महाराष्ट्र के पुणे में है। जवान पर आरोप है कि वह पाकिस्तान में रह रही एक महिला को सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा कर रहा था। महिला की जवान से फोन पर बात होती थी। 


आरोप यह भी है कि वह गोपनीय दस्तावेज भी पाकिस्तानी महिला से साझा करता था। आइबी की रिपोर्ट पर छठ के दो दिन पहले से ही बिहार एटीएस की टीम जवान के पीछे लगी थी। पुष्टि होने पर रविवार को उसकी गिरफ्तारी की गई। उसपर गुप्त जानकारी साझा करने का आरोप है। 


मधुबनी में हुई RTI एक्टिविस्ट की हत्या को लेकर तेजस्वी यादव ने साधा CM नीतीश पर निशाना, कही ये बात

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार पुलिस पूरी तरह से नीतीश कुमार की पुलिस हो गई है। अगर जांच होने लगे तो नीतीश कुमार की पूरी कैबिनेट मंत्री से लेकर विधायक तक सब लोग जेल में मिलेंगे।

पटना/मधुबनी: मधुबनी के बेनीपट्टी इलाके में RTI एक्टिविस्ट की कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या के मामले पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने सूबे के सीएम नीतीश कुमार और बिहार पुलिस पर करारा हमला बोला है। 

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार पुलिस पूरी तरह से नीतीश कुमार की पुलिस हो गई है। अगर जांच होने लगे तो नीतीश कुमार की पूरी कैबिनेट मंत्री से लेकर विधायक तक सब लोग जेल में मिलेंगे।


तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि पहले लोग गोली मारकर भाग जाते थे। आजकल लोग गोली मारकर दोबारा देखने जाते हैं कि आदमी जिंदा है कि मरा है। नीतीश कुमार के सुशासन के राज में कितना भारी अंतर आ गया है।

बता दें कि मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के उरैन और पाली गांवों के बीच शुक्रवार की रात पुलिस ने अपहृत आरटीआई कार्यकर्ता बुद्धि नाथ झा उर्फ अविनाश झा (23) का जला हुआ शव बरामद किया। RTI एक्टिविस्ट के साथ अविनाश एक पत्रकार भी थे। उनका नौ नवंबर की रात लोहिया चौक पर उनके घर के पास से ही चार लोगों ने अपहरण कर लिया था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिवार को सौंप दिया गया।

पुलिस के मुताबिक अविनाश झा के भाई चंद्रशेखर ने जो FIR दर्ज कराई है, उसमें अवैध स्वास्थ्य क्लीनिक मालिकों पर इस कांड का आरोप लगाया गया है। इसी अस्पताल माफिया के गठजोड़ का अविनाश ने खुलासा किया था ।

अविनाश झा ने अपने क्षेत्र में अवैध और अनधिकृत क्लीनिकों, अस्पतालों और स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अपने वेब पोर्टल पर आरटीआई आवेदन और कथित तौर पर लेख लिखे थे। पुलिस सूत्रों ने कहा कि उन्होंने बिना लाइसेंस के चल रहे ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ मधुबनी डीएम को कई याचिकाएं भी सौंपी थीं, जिसके बाद उनमें से कई को या तो प्रशासन ने बंद कर दिया या जुर्माना लगाया।


बिहार में शराब बंदी का हाल: 9 माह में 38 लाख लीटर शराब जब्त, 62 हजार से ज्यादा गिरफ्तार

आपको जानकर हैरानी होगी कि बीते 9 माह में 38 लाख लीटर अवैध शराब की जब्ती की गई है और 62 हजार से ज्यादा लोगों को शराब पीने, शराब बनाने और शराब बेचने ले जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाई की गई है। बावजूद इसके बिहार में शराब पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

पटना: बिहार में शराबबंदी की किस कदर से लागू है उसका अंदाज आप इस रिपोर्ट को पढ़कर लगा सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि बीते 9 माह में 38 लाख लीटर अवैध शराब की जब्ती की गई है और 62 हजार से ज्यादा लोगों को शराब पीने, शराब बनाने और शराब बेचने ले जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाई की गई है। बावजूद इसके बिहार में शराब पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।


एक रिपोर्ट के अनुसार यहां के लोग महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी काफी ज्यादा शराब पी रहे हैं। इतना ही नहीं पिछले कुछ समय से लगातार जहरीली शराब पीने से 40 से ज्यादा लोग मौत की नींद सो चुके हैं। इसी बीच बिहार पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया है कि राज्य में जनवरी 2021 से अक्टूबर 2021 तक राज्य मद्य निषेध एवं उत्पाद (संशोधन) अधिनियम-2018 के तहत विशेष छापेमारी करके विभिन्न जिलों में कुल 49,900 मामले दर्ज किए गए हैं। शुक्रवार को राज्य पुलिस ने बताया कि सूबे में कुल 38,72,645 लीटर अवैध शराब बरामद और जब्त की गई है।

बिहार पुलिस ने शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि राज्य में कुल 12,93,229 लीटर देशी शराब और 25,79,415 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। पुलिस ने कहा कि अभियान के दौरान, राज्य में 62,140 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 12,200 वाहन जब्त किए गए।

पुलिस ने आगे बताया कि कुल आरोपियों में से गिरफ्तार किए गए 1,590 लोग राज्य के नागरिक नहीं है। शराब बरामदगी के मामले में अव्वल रहे पांच जिलों के नाम हैं- 45,63,59 लीटर शराब के साथ वैशाली, 35,00,85 लीटर के साथ पटना, 25,64,80 लीटर के साथ मुजफ्फरपुर, 23,25,42 लीटर के साथ औरंगाबाद और 223767 लीटर के साथ मधुबनी।

गिरफ्तारी के मामले में शीर्ष पांच जिलों के नाम हैं- 6855 गिरफ्तारियों के साथ पटना, 3872 गिरफ्तारियों के साथ सारण, 2832 गिरफ्तारियों के साथ मोतिहारी, 2814 गिरफ्तारियों के साथ नवादा और 2660 गिरफ्तारियों के साथ मुजफ्फरपुर।


बिहार के 3.5 लाख शिक्षकों का 15% वेतन वृद्धि का रास्ता साफ, जानिए कब से मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन

बिहार के सभी कोटि के नियोजित शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों को 1 अप्रैल 2021 से 15 फीसदी वेतन वृद्धि का संकल्प सरकार के शिक्षा विभाग ने 29 अगस्त 2020 को जारी किया था।

पटना: बिहार सरकार ने शिक्षकों को नए साल का बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, बिहार के सभी कोटि के नियोजित शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों को 1 अप्रैल 2021 से 15 फीसदी वेतन वृद्धि का संकल्प सरकार के शिक्षा विभाग ने 29 अगस्त 2020 को जारी किया था। 


इस संकल्प को लागू करने के लिए शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया। अब शिक्षकों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी और जनवरी की पहली तारीख से शिक्षकों को बढ़ा हुआ वेतन मिल पाएगा। 

जानकारी के मुताबिक, 12 नवम्बर 2021 को जारी पे-मैट्रिक्स में 1 अप्रैल 2021 के प्रभाव से जिन शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों के वेतन का निर्धारण होगा, उन्हें वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ 1 जनवरी 2022 से देय होगा। उपयुक्त पे-मैट्रिक्स में वेतन निर्धारण में यदि किसी शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष का मूल वेतन अपने कनीय शिक्षक से कम निर्धारित हो, तो उनका मूल वेतन कनीय शिक्षक के मूल वेतन के अनुरूप निर्धारित किया जाएगा। 

हालांकि, शिक्षा विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2017 को जारी संकल्प के मुताबिक निर्धारित मैट्रिक्स में पूर्व से प्राप्त मूल वेतन में 1.15 से गुना कर जो राशि आएगी, उसे ताजा जारी पे-मैट्रिक्स के सापेक्ष अथवा ठीक ऊपर के लेवल के अनुसार निर्धारित करते हुए 1 अप्रैल 2021 से वित्तीय लाभ अनुमान्य होगा। नियोजित शिक्षकों के भत्तों का भुगतान पूर्व की भांति होगी। 


बिहार: CM नीतीश कुमार ने शराबबंदी पर विचार के लिए बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, मुजफ्फरनगर ने जहरीली शराब से 24 घंटे में 5 की मौत

इस बीच मुज़फ़्फ़रपुर के कांति इलाके में एक और व्यक्ति की कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से मौत हो गई है। पिछले 24 घंटों में मरने वालों की संख्या 5 हो गई है।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी नीति को और प्रभावी करने के लिए कमर कस ली है। इस क्रम में उन्होंने शराबबंदी नीति पर विचार करने के लिए अपने मंत्री सहयोगियों के साथ बैठक बुलाई है।


सीएम की यह बैठक जहरीली शराब के सेवन से 40 से अधिक लोगों की मौत के बाद सामने आई है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंध के कारण लोग खुद को अवैध शराब के सेवन से रोक नहीं पा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार द्वारा बैठक बुलाने को इस बात के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए कि वह नीति पर पुनर्विचार करेंगे, बल्कि यह इस बात पर चर्चा करने के लिए है कि ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं और नीति के किन हिस्सों में सुधार की आवश्यकता है।

इस बीच मुज़फ़्फ़रपुर के कांति इलाके में एक और व्यक्ति की कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से मौत हो गई है।  पिछले 24 घंटों में मरने वालों की संख्या 5 हो गई है।


बेतिया-गोपालगंज के बाद अब समस्तीपुर में जहरीली शराब का कहर, 4 की मौत, कई लोगों की हालत गंभीर

पहले बेतिया और गोपालगंज में 16 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत होती है और अब खबर आ रही है कि समस्तीपुर में भी जहरीली शराब का कहर बरपा है और 1 आर्मी व 1 बीएसएफ जवान समेत 4 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई है।

समस्तीपुर: बिहार में इन दिनों शराबबंदी की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। पहले बेतिया और गोपालगंज में 16 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत होती है और अब खबर आ रही है कि समस्तीपुर में भी जहरीली शराब का कहर बरपा है और 1 आर्मी व 1 बीएसएफ जवान समेत 4 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई है।


समस्तीपुर जिले के पटोरी प्रखंड के रुपौली पंचायत में संदिग्ध हालत में एक साथ चार लोगों की मौत होने के साथ ही आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। बीमार लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया है। मृतकों में एक बीएसएफ का और एक सेना का जवान भी शामिल है। दोनों छुट्टी में घर आये हुए थे। 

चर्चा है कि सभी ने गांव में शराब पी थी। जिसके बाद सभी की स्थिति बिगड़ी, लेकिन इसकी पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं है। इस संबंध में पटोरी डीएसपी ओमप्रकाश अरुण ने बताया कि मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच के बाद ही मौत के कारण के बारे में बताया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम रुपौली में लोगों के बीमार पड़ने और मरने का सिलसिला शुरू हुआ। गांव में व्याप्त चर्चा के अनुसार शुक्रवार शाम तीन से चार बजे के बीच लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। एक-एक कर करीब दस लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया।

ग्रामीणों के सहयोग से परिजन बीमार लोगों को इलाज के लिए ले गए। बताया गया है सबसे पहले बीएसएफ के जवान विनय सिंह (54) की शाम करीब आठ बजे मौत हुई। उसके बाद एक-एक करके चार ने दम तोड़ा। सेना के जवान मोहन कुमार (27) को परिजन इलाज के लिए दानापुर कैंट ले गए थे। उसकी वहीं इलाज के दौरान मौत हो गई। 


इसके अलावा मरने वालों में किसान श्यामनंदन चौधरी और वीरचंद्र राय शामिल हैं। वहीं इलाजरत लोगों में अभिलाख राय, बेंगा राय, सुमन कुमार, दीपक कुमार और कुंदन कुमार का नाम बताया जा रहा है। एक साथ चार लोगों की मौत और आधा दर्जन के गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कहीं हरकत में नहीं दिखें। 


बिहार में जहरीली शराब पीने से अबतक 13 की मौत, बेतिया से 3 गोपालगंज से 19 गिरफ्तार, 50 से अधिक जगहों पर छापेमारी

अभी भी 9 लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहे हैं। पुलिस द्वारा दोनों जिलों से कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इस शराबकाण्ड के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है और 50 से भी अधिक जगहों पर छापेमारी की है।

पटना: बेतिया और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से अबतक 13 लोगों की मौत होने की प्रशासन द्वारा पुष्टि की जा चुकी है। हालांकि, अभी भी 9 लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहे हैं। पुलिस द्वारा दोनों जिलों से कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इस शराबकाण्ड के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है और 50 से भी अधिक जगहों पर छापेमारी की है।

बेतिया के एसपी ने बताया कि 13 लोगों की मौत हुई है और अभी 9 लोगों का इलाज चल रहा है। नौतन के SHO  और वहां के स्थानीय वफादार को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में 3 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और कुछ लोग फरार है उनके विरुद्ध छापेमारी की जा रही है।

वहीं, गोपालगंज के एसपी आनंद कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटों से ज़िले में शराब के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है, 50 से ज़्यादा जगहों पर छापा मारा गया है जिसमें 19 लोगों को गिरफ़्तार किया गया और 270 लीटर देशी शराब बरामद हुआ तथा 6 वाहनों को जब़्त किया गया है।

एसपी आनंद कुमार ने आगे बताया कि मामले की जांच में अगर किसी भी पुलिस की लापरवाही सामने आएगी तो हम उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे। अभी तक 3 लोग की गिरफ़्तारी हुई है और इसमें जितने लोग शामिल है उन्हें हम जल्द ही गिरफ़्तार कर लेंगे।

ज़हरीली शराब पीने से हुई मौतों पर गोपालगंज के ज़िलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि कुल 11 लोगों की मौतें हुई हैं और मामले में कुल 3 लोग गिरफ़्तार हुए हैं। पूरे ज़िले के लगभग 50 जगहों पर छापा मारा गया है जिसमें हमें कई कामयाबी मिली है। अभी तक जो तथ्य समाने आए हैं उससे पता चलता है कि स्प्रिट से शराब बनाने का प्रयास किया गया। FSL रिपोर्ट आने के बाद हम पुख्ता बता सकते हैं, लोगों के बयान के आधार पर मौतें ज़हरीली शराब से हुई हैं, इसकी आधिकारिक तौर पर अभी पुष्टि नहीं की जा सकती है।


बेतिया में शराब कांड

घटना नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मरने वालों में पंचायत के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 के लोग हैं। गांववालों के मुताबिक बुधवार की देर शाम एक टोले के लोगों ने शराब पी थी


शराब पीने के कुछ समय बाद ही सभी लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक के बाद एक लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। 

मृतकों में बच्चा यादव, महाराज यादव, हनुमंत सिंह, मुकेश पासवान, जवाहर सहनी, उमा साह, रमेश सहनी और राम प्रकाश राम शामिल हैं। कई लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार हैं।

गोपालगंज में शराब कांड


मंगलवार को गोपालगंज के महम्मदपुर थाने के महम्मदपुर गांव में छह और बुचेया और लोहजिरा के एक-एक समेत आठ लोगों की बुधवार को संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। चार लोग बीमार हो गए। परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार जहरीली शराब पीने के कारण मौत हुई है। 


मृतकों में रामबाबू राय (35) , छोटेलाल प्रसाद (35) संतोष कुमार साह, मुकेश राम (महम्मदपुर) व छोटे लाल सोनी, पानापुर (सारण) शामिल हैं। इनमें दो लोगों को मोतिहारी के छतौनी स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।


बिहार में शराबबंदी बनी मजाक, नीतीश के मंत्री ने खुद स्वीकार किया, कहा- 'जहरीली शराब से हुई 11 लोगों की मौत'

नीतीश के मंत्री ने 11 लोगों की मौत शराब की वजह से होना बात रहे हैं और 'शराब मुक्त बिहार' की पोल खोल रगे हैं। शेष मौतों के कारणों के लिए अभी मंत्री जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।

पटना: दीपावली के दिन 16-16 लोगों की जिन्दगी जहरीली शराब ने निगल ली। इसी के साथ सूबे के सीएम नीतीश कुमार के 'शराब मुक्त बिहार' की कलई खुल गई है। वैसे तो 16 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई है लेकिन नीतीश के मंत्री ने 11 लोगों की मौत शराब की वजह से होना बात रहे हैं और 'शराब मुक्त बिहार' की पोल खोल रगे हैं। शेष मौतों के कारणों के लिए अभी मंत्री जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।

जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर बिहार के मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि गोपालगंज के एसपी और डीएम से 11 मौतों का आंकड़ा प्राप्त हुआ है और बेतिया में 10 मौतों की पुष्टि हुई है। संभावना है कि ये मौतें जहरीली शराब से हुई हैं, पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद हम स्पष्ट रूप से कह पाएंगे।

बता दें कि गोपालगंज और बेतिया में 8-8 लोगों की  जहरीली शराब पीकर आठ लोगों की मौत हुई है और कई लोग अभी भी जिंदगी एयर मौत के बीच अस्पताल में जूझ रहे हैं।


बेतिया में शराब कांड

घटना नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मरने वालों में पंचायत के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 के लोग हैं। गांववालों के मुताबिक बुधवार की देर शाम एक टोले के लोगों ने शराब पी थी

शराब पीने के कुछ समय बाद ही सभी लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक के बाद एक लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। अब तक कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है। 

मृतकों में बच्चा यादव, महाराज यादव, हनुमंत सिंह, मुकेश पासवान, जवाहर सहनी, उमा साह, रमेश सहनी और राम प्रकाश राम शामिल हैं। कई लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार हैं। 

गोपालगंज में शराब कांड

मंगलवार को गोपालगंज के महम्मदपुर थाने के महम्मदपुर गांव में छह और बुचेया और लोहजिरा के एक-एक समेत आठ लोगों की बुधवार को संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। चार लोग बीमार हो गए। परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार जहरीली शराब पीने के कारण मौत हुई है। 

मृतकों में रामबाबू राय (35) , छोटेलाल प्रसाद (35) संतोष कुमार साह, मुकेश राम (महम्मदपुर) व छोटे लाल सोनी, पानापुर (सारण) शामिल हैं। इनमें दो लोगों को मोतिहारी के छतौनी स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।


दिवाली पर बिहार में शराब बनी लोगों की काल, गोपालगंज और बेतिया में 8-8 लोगों की मौत

दिवाली पर तो जहरीली शराब ने कहर ही बरपा रखा है। कल गोपालगंज में आठ लोगों की मौत के बाद आज बेतिया से भी बुरी खबर आई है। वहां भी जहरीली शराब पीकर आठ लोगों की मौत हो गई जबकि कई बीमार होकर अस्‍पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पटना: वैसे तो बिहार में शराबबंदी चल रही है लेकिन सिर्फ कागजों पर। प्रशासन अवैध शराब बनाने वालों पर कार्यवाई करने में बिल्कुल भी सक्षम नहीं दिख रहा है। ताजा मामले में गोपाल और बेतिया में 8-8 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत होने की खबर है।


दिवाली पर तो जहरीली शराब ने कहर ही बरपा रखा है। कल गोपालगंज में आठ लोगों की मौत के बाद आज बेतिया से भी बुरी खबर आई है। वहां भी जहरीली शराब पीकर आठ लोगों की मौत हो गई जबकि कई बीमार होकर अस्‍पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 

घटना नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मरने वालों में पंचायत के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 के लोग हैं। गांववालों के मुताबिक बुधवार की देर शाम एक टोले के लोगों ने शराब पी थी। शराब पीने के कुछ समय बाद ही सभी लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक के बाद एक लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। अब तक कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में बच्चा यादव, महाराज यादव, हनुमंत सिंह, मुकेश पासवान, जवाहर सहनी, उमा साह, रमेश सहनी और राम प्रकाश राम शामिल हैं। कई लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार हैं। बेतिया के एसपी उपेन्द्रनाथ वर्मा ने कहा कि वह खुद इस मामले को देख रहे हैं। दोषियों को बख्‍शा नहीं जाएगा। 

दूसरी तरफ, मंगलवार को गोपालगंज के महम्मदपुर थाने के महम्मदपुर गांव में छह और बुचेया और लोहजिरा के एक-एक समेत आठ लोगों की बुधवार को संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। चार लोग बीमार हो गए। परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार जहरीली शराब पीने के कारण मौत हुई है। हालांकि प्रशासन ने चार की मौत की पुष्टि की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। वहीं, खान व भूतत्व मंत्री जनक राम ने जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत की बात कही है।


मृतकों में रामबाबू राय (35) , छोटेलाल प्रसाद (35) संतोष कुमार साह, मुकेश राम (महम्मदपुर) व छोटे लाल सोनी, पानापुर (सारण) शामिल हैं। इनमें दो लोगों को मोतिहारी के छतौनी स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

 गोपालगंज के एसपी आनंद कुमार ने बताया कि संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले की जांच की जा रही है। शवों का पोस्टमार्टम व एसएफएल जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि आखिर चार लोगों की मौत किस वजह से हुई है। चार को हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है।


सीएम योगी ने वनटांगियों संग मनाई दीवाली, कहा-'इसी को कहते हैं राम राज्य'

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आज दिवाली मनाने गोरखपुर के वनटांगिया गांव पहुंचे। वनवासियों के बीच दिवाली मनाने के बाद एक सभा को सम्‍बोध‍ित करते हुए उन्‍होंने कहा कि शासन की जो योजनाएं पहले यहां सपना थीं, अब आसानी से हर पात्र तक उपलब्ध हैं।

गोरखपुर: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आज दिवाली मनाने गोरखपुर के वनटांगिया गांव पहुंचे। वनवासियों के बीच दिवाली मनाने के बाद एक सभा को सम्‍बोध‍ित करते हुए उन्‍होंने कहा कि शासन की जो योजनाएं पहले यहां सपना थीं, अब आसानी से हर पात्र तक उपलब्ध हैं। 


सीएम योगी ने कहा कि आजादी के बाद भी 70 साल तक वनटांगिया गांवों में कोई बुनियादी सुविधा तो दूर वोटिंग का अधिकार तक नहीं था, वहां 2017 के बाद से विकास की नई गाथा लिखी गई है। अब यहां हर व्यक्ति के पास अपना पक्का मकान, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, पीने को शुद्ध पानी, खेती के लिए जमीन का पट्टा, राशनकार्ड, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, पात्रता के अनुसार पेंशन, समेत सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित रूप से उपलब्ध है। रामराज्य इसी को कहते हैं और इस रामराज्य की अवधारणा वनटांगिया गांव में साकार हुई है।

अयोध्या में जन्मभूमि पर रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन करने के बाद वनटांगिया गांव तिकोनिया नम्बर तीन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क व अन्य बुनियादी सुविधाओं वाली आठ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। साथ ही उन्होंने गोरखपुर-महराजगंज के वनटांगिया गांवों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित कर उपहार दिए। 

इस मौके पर वनटांगिया परिवारों को मिले विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 874 को आयुष्मान कार्ड, 132 को किसान सम्मान निधि, 14 को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, 833 को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है।  43 समूहों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्य हो रहे हैं। 916 को व्यक्तिगत शौचालय, 758 को उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन, 154 को वृद्धावस्था पेंशन, 71 को निराश्रित पेंशन, 33 को दिव्यांग पेंशन का लाभ मिला है। इसके साथ ही 3 से 6 वर्ष के 195 बच्चों, 6 माह से 3 वर्ष तक के 232 बच्चों व 34 गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी सभी वह सुविधाएं उपलब्ध हैं जो पहले सपना लगती थीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान वनटांगियों से अपील की कि वे जंगल की सुरक्षा जरूर करेंगे। जंगल को ना तो खुद नुकसान पहुंचाएंगे और ना ही किसी को नुकसान पहुंचाने देंगे। उन्होंने कहा कि वन सुरक्षा से है,  पहचान बनेगी और जंगल बचे रहेंगे तो समृद्धि आएगी जिसका लाभ वनटांगिया लोगों को भी मिलेगा।

सीएम योगी ने यह भी अपील की की वनटांगिया लोग अपने बच्चों को खूब पढ़ाएं। बच्चों की पढ़ाई को लेकर सरकार ने हर तरह की व्यवस्था कर रखी है। बालिकाओं को तो स्नातक तक मुफ्त शिक्षा दी जा रही है । मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार स्नातक और परास्नातक में पढ़ने वाले युवाओं को मुफ्त टैबलेट या स्मार्ट फोन देने जा रही है ताकि उनकी ऑनलाइन पढ़ाई में कोई दिक्कत न आने पाए।


आरजेडी चीफ लालू यादव की फिर बिगड़ी तबियत, राबड़ी-तेजस्वी संग दिल्ली रवाना

पटना एयरपोर्ट पर आरजेडी मुखिया ने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं, इलाज के लिए दिल्ली जा रहा हूं। एयरपोर्ट पर जब लालू यादव पहुंचे तो उन्हें सहारा देकर गाड़ी से उतारा गया। उनके साथ बेटे तेजस्वी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी थीं।

पटना: आरजेडी चीफ और बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव की तबियत आज अचानक फिर बिगड़ गई। जिसके बाद लालू यादव आज अपने पुत्र तेजस्वी यादव व पत्नी राबड़ी देवी के साथ दिल्ली रवाना हुए।

पटना एयरपोर्ट पर आरजेडी मुखिया ने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं, इलाज के लिए दिल्ली जा रहा हूं। एयरपोर्ट पर जब लालू यादव पहुंचे तो उन्हें सहारा देकर गाड़ी से उतारा गया। उनके साथ बेटे तेजस्वी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी थीं।

बता दें कि बिहार में हुए दो सीटों पर उपचुनाव से ठीक पहले ही लालू यादव पटना पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कुशेस्वरस्थान में 27 अक्टूबर को चुनावी रैली को भी संबोधित किया था। ए