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बिहार के वैशाली में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या, चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार पर बोला हमला

मामले में वैशाली के SP मनीष ने बताया, “संदिग्ध लोगों से पुछताछ चल रही है। अभी मामले में जांच जारी है और अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।”

वैशाली: बिहार के वैशाली के महनार थाना इलाके के करनौती में एक नाबालिग के साथ बलात्कार कर हत्या करने का मामला सामने आया है। जिसके बाद लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने सूबे के सीएम नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला।

चिराग पासवान ने सूबे की नीतीश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार राज्य अगर सुर्खियां बनाता है तो सिर्फ आपराधिक घटनाओं को लेकर... मैं खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह करूंगा कि अगर उनसे संभव नहीं हो पाता है ऐसी घटनाओं की जांच करके दोषियों को सज़ा देना तो इसे सीबीआई को सौंप देना चाहिए।


मामले में वैशाली के SP मनीष ने बताया, “संदिग्ध लोगों से पुछताछ चल रही है। अभी मामले में जांच जारी है और अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।”


बिहार के मधेपुरा में बड़ा हादसा, नौका डूबने से 5 बच्चों की मौत

बिहार के मधेपुरा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर आ रही हैं। यहां पूजन सामग्री के विसर्जन के दौरान नौका डूबने से 5 बच्चों की मौत हो गई है।

मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर आ रही हैं। यहां पूजन सामग्री के विसर्जन के दौरान नौका डूबने से 5 बच्चों की मौत हो गई है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, धार (कुंड) में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गई। सभी बच्चों की उम्र 10 से 12 साल के बीच थी। मरने वालों में चार लड़कियां हैं। हादसे की खबर लगते ही मौके पर भारी भीड़ जुट गई। एक साथ पांच बच्चों की शव देख कोहराम मच गया। स्थानीय पुलिस के साथ ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। 

घटना मधेपुरा के चौसा थाना क्षेत्र के मनोहरपुर गांव में हुई। बताया जा रहा है कि करमा-धरमा की पूजन सामग्री विसर्जन के दौरान पहले एक बच्ची का पैर फिसला और वह धार में गिर गई। उसे बचाने के चक्कर में एक-एक कर पांच बच्चे डूब गए।

पांचों के साथ अन्य बच्चे भी गए थे। उन बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। तत्काल कई लोग धार में उतरे और डूबे बच्चों को बाहर निकाला। तब तक पांचों की मौत हो चुकी थी। एक साथ पांच शव देख कोहराम मच गया। 


तेजप्रताप यादव को लगा 71 हजार का चूना!

उन्होंने अपनी अगरबत्ती कंपनी एलआर राधा कृष्णा में काम करने वाले कर्मी आशीष रंजन के खिलाफ एसके पुरी थाने की पुलिस से शिकायत की है।

पटना: आरजेडी चीफ लालू यादव के पुत्र विधायक तेज प्रताप यादव ने खुद के साथ 71 हजार रुपए की धोखाधड़ी होने की बात कही हैं। उन्होंने अपनी अगरबत्ती कंपनी एलआर राधा कृष्णा में काम करने वाले कर्मी आशीष रंजन के खिलाफ एसके पुरी थाने की पुलिस से शिकायत की है। 

आरोप है कि जिस 71 हजार रुपये को कंपनी के खाते में जाना था, उसे आशीष ने अपने खाते में धोखे से मंगवा लिया। उन्होंने कर्मी के ऊपर कानूनी कार्रवाई करने की बात अपनी शिकायत में लिखी है। 

दूसरी ओर एसके पुरी थानेदार सतीश सिंह ने बताया कि उन्हें एक कॉल आया था, जिसमें इस मामले की जानकारी दी गयी। उस कर्मी का नंबर भी पुलिस को दिया गया। लेकिन जब पुलिस ने आशीष से बात की तो उसने कहा कि वह शाम से ही कंपनी के खाते में पैसा ट्रांसफर करने की कोशिश कर रहा है। तकनीकी कारणों से रुपये ट्रांसफर नहीं हो पा रहे थे। पुलिस के मुताबिक इस मामले में की जांच की जा रही है। बकौल थानेदार लिखित शिकायत उन्हें नहीं मिली है। 


बिहार: सुशासन बाबू के राज में 15 घंटे तक फर्श पर पड़ी रही लाश, वार्ड में मंडराते रहे कुत्ते, सिवान के सदर अस्पताल की कहानी

सिवान जिले के सदर अस्पताल में एक व्यक्ति की लाश 15 घंटे तक फर्श पर पड़ी रही और वार्ड में कुत्ते घूमते रहे, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली।

सिवान: एक तरफ बिहार के सीएम नीतीश कुमार दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में सबकुछ ठीक है लेकिन हकीकत तो कुछ और ही है। ऐसा कहा जाता है कि तस्वीरें सच बोलती हैं तो सुशासन बाबू के स्वास्थ्य महकमें के दावों की पोल खलती एक तस्वीर सीवान जिले के सदर से सामने आई है। यहां एक मरीज की लाश जमीन पर पड़ी रहती है और उसके आस-पास कुत्ते मडराते रहते हैं लेकिन अस्पताल में तैनात कोई भी कर्मचारी उस लाश को सही जगह नहीं रखता। नतीजन कुत्ते लाश को नोचने का भी प्रयास करते दिखाई देते हैं। हद की बात तो यह है कि लाश थोड़ी बहुत देर नहीं बल्कि 15 घंटे तक ऐसे पड़ी रही।


मामला सिवान जिले का है। यहां मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। दरअसल, जिले के सदर अस्पताल में एक व्यक्ति की लाश 15 घंटे तक फर्श पर पड़ी रही और वार्ड में कुत्ते घूमते रहे, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली। मिली जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक बुजुर्ग को सिवान के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। इसके बाद उसके शव को बेड से उतारकर नीचे फर्श पर रख दिया गया। दावा किया जा रहा है कि शव 15 घंटे तक फर्श पर ही पड़ा रहा लेकिन किसी ने इसपर ध्यान नहीं दिया।

इस दौरान अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी आते-जाते रहे। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो पाई है। बता दें कि सिवान बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का गृह जिला है। इससे पहले भी जिले की बदतर स्वास्थ्य सुविधाओं को उजागर करने वाली घटनाएं सामने आई हैं।

वहीं, मामला सामने आने के बाद अस्पताल के सिविल सर्जन यदुवंश कुमार शर्मा ने कहा कि मीडिया के जरिए यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए गया हुआ था। इस वजह से मुझे इसकी जानकारी नहीं मिली। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।


BJP विधायक की मांग, बिहार विधानसभा में दी जाए हनुमान चालिसा पढ़ने की इजाजत

एक तरफ झारखंड में बीजेपी ने सूबे की हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो दूसरी तरफ अब बिहार विधानसभा में भी हनुमान चालिसा का पाठ करने के इजाजत मांगी गई है। यह इजाजत बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू की सहयोगी पार्टी बीजेपी के एक विधायक द्वारा मांगी गई है।

पटना: झारखंड विधानसभा के अंदर नमाज अदा करने के लिए एक कमरा आरक्षित किए जाने के बाद अब राजनीति हो रही है। एक तरफ झारखंड में बीजेपी ने सूबे की हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो दूसरी तरफ अब बिहार विधानसभा में भी हनुमान चालिसा का पाठ करने के इजाजत मांगी गई है। यह इजाजत बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू की सहयोगी पार्टी बीजेपी के एक विधायक द्वारा मांगी गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी विधायक हरी भूषण ठाकुर बचौल ने कहा है कि विधानसभा में हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत दी जाए। हरी भूषण ठाकुर ने झारखंड सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसी बात है तो बिहार विधानसभा में भी हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत दी जाए। जुम्मे के दिन अगर नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी दी जाती है, तो हनुमान चालीसा के पाठ के लिए भी छुट्टी मिलनी चाहिए।

बताते चलें कि बीजेपी विधायक हरी भूषण ठाकुर अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहते हैं। कुछ महीने पहले ही बीजेपी विधायक ने भारत को विकसित देश बनाने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून को बेहद जरूरी बताते हुए कहा था कि यह कानून पूरे देश में लागू होना चाहिए। देश में संसाधन सीमित हैं। बीजेपी विधायक से जब जदयू के मुस्लिम नेताओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने सहयोगी दल की राष्ट्र भक्ति पर भी सवाल खड़े कर दिए थे।


जहां चाह, वहीं राह! बाढ़ग्रस्त कटिहार में नाव पर पढ़ रहे बच्चे, पैरों से लिख-लिखकर 10वीं में पहुंची पटना की तनु

एक कहावत है 'जहां चाह, वहीं राह' और इस कहावत को सही साबित कर रहे हैं कटिहार के तीन युवक जो बाढ़ग्रस्त इलाके में बच्चों को नांव में पढ़ा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पटना की तनु के हौसले को उनके साथ हुए हादसे ने तोड़ने में नाकामी हासिल की और वह आज पैरों से लिख-लिखकर दसवीं में पहुंच गई है।

पटना/कटिहार: एक कहावत है 'जहां चाह, वहीं राह' और इस कहावत को सही साबित कर रहे हैं कटिहार के तीन युवक जो बाढ़ग्रस्त इलाके में बच्चों को नांव में पढ़ा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पटना की तनु के हौसले को उनके साथ हुए हादसे ने तोड़ने में नाकामी हासिल की और वह आज पैरों से लिख-लिखकर दसवीं में पहुंच गई है।

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पहली कहानी कटिहार के मनिहारी की है जहां कई इलाके बाढ़ से ग्रस्त होने के कारण तीन युवक ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को नाव पर पढ़ा रहे हैं। एक शिक्षक ने बताया,"हमारा क्षेत्र 6 महीने बाढ़ से ग्रस्त रहता है इसलिए हम लोग नाव पर पाठशाला चल रहे हैं। जब तक यहां पानी रहेगा तब तक हम नाव पर पढ़ाएंगे।"

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पैरों से लिखकर 10वीं में पहुंची तनु


दूसरी कहानी पटना के तनु की है। तनु एक हादसे में अपने दोनों हाथ गंवा चुकीं पटना की रहने वाली तनु अपने पैर से लिखते हुए 10वीं कक्षा में पहुंची गई हैं। तनु ने बताया, “पढ़ाई के आलावा मुझे खेलने और पेंटिंग करने का भी शौक है। खेल-कूद और पेंटिंग में मझे कप और मेडल भी मिला है। मैं बड़े होकर टीचर बना चाहती हूं।"

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कोरोना के तीसरे लहर से निबटने की तैयारी में जुटी बिहार सरकार, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने दी ये बड़ी जानकारी

मौजूदा समय में औसतन 40 हजार मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। तीसरे लहर के खिलाफ जंग में बिहार की भी सरकार जुटी हुई है।

पटना: कोरोना की दूसरी लहर अभी देश में खत्म नहीं हुई है। वहीं, संभावित तीसरी लहर से निबटने की तैयारियों में सरकारे जुटी हुई हैं। मौजूदा समय में औसतन 40 हजार मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। तीसरे लहर के खिलाफ जंग में बिहार की भी सरकार जुटी हुई है।

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया कि दूसरी लहर से जो सीखा है उस पर काम आगे बढ़ा है। ऑक्सीजन की कमी ना होने देना बड़ा विषय है। पर्याप्त ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा है। 122 जगह पर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगवा रहे हैं जिसमें 40 से अधिक जगहों पर शुरू हो गए हैं।

बता दें कि गुरुवार को सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज जारी किए गए ताजा आंकड़ो के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 45,352 नए मामले आए, 34,791 रिकवरी हुईं और 366 लोगों की कोरोना से मौत हुई। वहीं, दूसरी तरफ अकेले केरल में 32 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं।


बिहार: आर्थिक इकाई की बालू अवैध खनन मामले में DSP तनवीर अहमद के खिलाफ कड़ी कार्यवाई, एक साथ कई ठीकानों पर छापेमारी

औरंगाबाद ज़िले के सदर DSP, भोजपुर ज़िले के आरा DSP और रोहतास ज़िले में तैनात डिहरी के DSP को पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया था। सस्पेंड किए गए DSP के खिलाफ बालू माफियाओं से सांठगांठ के सबूत ईओयू को मिले हैं और आज ईओयू द्वारा DSP के कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही हैं।

पटना: बिहार की आर्थिक इकाई द्वारा आज पालीगंज के पूर्व डीएसपी तनवीर अहमद के कई ठिकानों पर आज एक साथ छापेमारी की गई। बता दें कि तनवीर अहमद बालू के अवैध खनन के मामले में संलिप्तता पाए जाने पर कार्यवाई तो हो ही रही है लेकिन अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी कार्यवाई की जा रही है। इतना ही नहीं कई और डीएसपी को पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया है।

बता दें कि राजधानी पटना से सटे पालीगंज के तत्कालीन DSP रहे तनवीर अहमद जो बालू के अवैध खनन में संलिप्तता के बाद आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच के घेरे में हैं, उन्हें पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया था।

वहीं, औरंगाबाद ज़िले के सदर DSP, भोजपुर ज़िले के आरा DSP और रोहतास ज़िले में तैनात डिहरी के DSP को पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया था। सस्पेंड किए गए DSP के खिलाफ बालू माफियाओं से सांठगांठ के सबूत ईओयू को मिले हैं और आज ईओयू द्वारा DSP के कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही हैं।


छपरा में बड़ा हादसा, बालू से लदी नाव गंगा में पलटी, 14 मजदूर लापता

बालू लदी नाव गंगा में पलट गई। नाव पर 14 मजदूर सवार थे। सभी मजदूरों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है।

छपरा: बिहार के छपरा से एक दर्दनाक खबर सामने आ रही है। यहां बालू से लदी नाव पलट जाने के वजह से 14 मजदूरों के डूबने की खबर है। स्थानीय गोताखोरों की तमाम मसक्कत के बाद भी किसी भी मजदूर को अभी तक खोजा नहीं जा सका है।

मिली जानकारी के मुताबिक, बालू लदी नाव गंगा में पलट गई। नाव पर 14 मजदूर सवार थे। सभी मजदूरों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है। कुछ मजदूरों के तैर कर बाहर आने की बात कही जा रही है, लेकिन पुष्टि कोई नहीं कर रहा है। आंधी और तेज हवाओं को घटना का कारण बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, डोरीगंज और मनेर की सीमा पर नास के पास हादसा हुआ है। कोईलवर से बालू लाद कर नाव लौट रही थी। नाव पर बालू लादने और उतारने वाले मजदूरों के साथ ही मल्लाह भी थे। गंगा में लापता हुए मजदूर मुजफ्फरपुर और मोतिहारी के बताए जा रहे हैं। गोताखोरों को भी मौके पर बुलाया गया है। गंगा में बढ़ाव और बहाव ज्यादा होने से अधिकारी एक तरह से असहाय बने हुए हैं। मोटर बोट से घटनास्थल पर पड़ताल हो रही है। 


घटना के समय गंगा नदी में उठ रही ऊंची लहरों में तीन नावें फंस गई थीं। इनमें खाली दो नाव और उस पर सवार लोग किसी तरह बचकर निकल गए जबकि तीसरी नाव बालू लदा होने के कारण गंगा नदी में गोता खाकर समा गई। गंगा नदी में उठ रही ऊंची लहरों के कारण अन्य नाव पर सवार लोग डूब रहे लोगों की मदद नहीं कर पाए। देर शाम तक किसी मजदूर या नाविक के तैरकर बाहर निकलने की सूचना नहीं मिली है। सूत्रों ने बताया कि बालू लदी नाव सारण के डोरीगंज थानाक्षेत्र के दियारे के बलवान टोला गांव की थी।  


JDU की BJP से अपील, कहा-'LPG सिलेंडर्स के दाम मत बाढ़ाएं, चुनाव के समय आएगी दिक्कत'

केसी त्यागी ने कहा, 'कीमतों में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है। देखें आज पेट्रोल और डीजल के दाम कहां पहुंच गए हैं। किचन का बजट भी बुरी तरह बिगड़ा है। यह चिंताजनक है।'

नई दिल्ली: एनडीए की सहयोगी पार्टी जेडीयू ने बीजेपी से अपील की है कि एलपीजी सिलेंडर्स के दाम ना बढ़ाए जाएं इससे आने वाले चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। दरअसल, एलपीजी की बढ़ी कीमतों पर अब एनडीए के भीतर ही मतभेद दिखने लगे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से मोदी सरकार पर हमले के बाद अब जेडीयू ने बढ़ी कीमतों को वापस लेने की मांग की है।

जेडीयू के महासचिव, केसी त्यागी ने बुधवार को एलपीडी सिलेंडरों पर 25 रुपये की बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर इसका असर आने वाले दिनों में राज्यों के चुनावों में दिख सकता है। केसी त्यागी ने कहा कि इससे घरेलू बजट बिगड़ जाएगा। कोरोना काल में लोगों पर बढ़ी कीमतों का बोझ संकट पैदा करेगा और विपक्ष इसे चुनाव में इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और इसके चलते असर पड़ सकता है। एक समाचार चैनल से बातचीत में केसी त्यागी ने कहा, 'कीमतों में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है। देखें आज पेट्रोल और डीजल के दाम कहां पहुंच गए हैं। किचन का बजट भी बुरी तरह बिगड़ा है। यह चिंताजनक है।'

गौरतलब है कि बीते 15 दिनों में एलपीजी की कीमतों में दो बार 25 रुपये का इजाफा हो चुका है। पहले 18 अगस्त को 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी और अब एक बार फिर से इतने ही दाम बढ़ गए हैं। 



बिहार के मोतिहारी में बड़ा हादसा, शौचालय की टंकी में गिरे बच्चे को बचाने के प्रयास में 4 लोगों की मौत

पूर्वी चम्पारण के अहिरौलिया गांव में गुरुवार की देर शाम बड़ा हादसा हो गया। नवनिर्मित शौचालय की टंकी में दम घुटने से चार लोगों की मौत हो गयी। सभी अहिरौलिया गांव के वार्ड संख्या 10 कुम्हारपट्टी के रहने वाले थे।

मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां, एक नवनिर्मित शौंचालय की टंकी में गिरे बच्चो को बचाने के चक्कर में 4 लोगों की मौत हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्वी चम्पारण के अहिरौलिया गांव में गुरुवार की देर शाम बड़ा हादसा हो गया। नवनिर्मित शौचालय की टंकी में दम घुटने से चार लोगों की मौत हो गयी। सभी अहिरौलिया गांव के वार्ड संख्या 10 कुम्हारपट्टी के रहने वाले थे।

बताया जा रहा है कि खेलने के दौरान टंकी में एक बच्चे के गिरने के बाद बचाव में गए चारों गए थे। बच्चे की हालत गंभीर है। इलाज के लिए उसे कोटवा के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।  सदर डीएसपी अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि सभी के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों में गाजर पंडित का पुत्र राजू पंडित (37), पारस साह का पुत्र बिगू साह (45), रामप्रीत साह का पुत्र राहुल साह (20) व मुकेश पंडित का पुत्र नीरज पंडित (13) वर्ष शामिल हैं।

सदर डीएसपी ने बताया कि राकेश पंडित का छह वर्षीय पुत्र अमित उर्फ गुलेल खेलने के दौरान नवनिर्मित शौचालय की टंकी में गिरा था। वह अभी जख्मी है। उसका इलाज कोटवा के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि खेलने के दौरान राकेश पंडित का पुत्र दुखी पंडित के नवनिर्मित शौचालय की टंकी में गिर गया। उसे निकालने के लिए शौचालय की टंकी में एक- एक कार चार लोग घुसे। मगर टंकी में ऑक्सीजन की कमी के वजह से दो लोग टंकी से बाहर नहीं निकले।

दम घुटने से दोनों की मौत हो गयी। अन्य दो लोग बच्चे को लेकर किसी तरह बाहर निकले। बच्चे सहित तीनों को इलाज के लिए कोटवा के एक निजी अस्पताल में लाया गया, जहां से मोतिहारी रेफर किया गया। मुफस्सिल के एक निजी नर्सिंग होम में पहुंचते ही दोनों ने दम तोड़ दिया। निजी नर्सिंग से दोनों शव को परिजन लेकर कोटवा थाने पर चले गये। कोटवा के एसएचओ नितीन कुमार शवों को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा है।


बिहार में स्कूल-कॉलेज, शापिंग मॉल, पार्क और धार्मिक स्थल खोलने के आदेश

पटना: कोरोना के मामले बिहार में लगातार कम हो रहे हैं। ऐसे में अब सरकार तमाम चीजों पर लगी पाबंदियों को हटा रही है। बिहार में कोरोना वायरस के कम मामलों को देखते हुए नीतीश कुमार सरकार ने आज राज्य में अनलॉक-6 की घोषणा कर दी है। इसमें लोगों को और रियायते दी गई हैं। 

सीएम ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के बाद शॉपिंग मॉल, सभी दुकानें, धार्मिक स्थल और पार्क खोलने का फैसला लिया है। इसके अलावा अब राज्य में सभी तरह के सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन किए जा सकेंगे। अब एक से 12वीं तक की क्लास भी पहले की तरह खुल सकेंगी। वहीं 50% क्षमता के साथ सिनेमा हॉल, क्लब रेस्टोरेंट्स को भी खोलने की इजाजत दी गई है।


सीएम ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा, 'कोविड की स्थिति की समीक्षा की गई। कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार को देखते हुए सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, शॉपिंग मॉल, पार्क, उद्यान एवं धार्मिक स्थल सामान्य रूप से खुल सकेगें। जिला प्रशासन की अनुमति से सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन अपेक्षित सावधानियों के साथ आयोजित किए जा सकेगें।'
बिहार में अब पहली से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खुल सकेंगे। वहीं सभी शिक्षण और कोंचिग संस्थान, कॉलेजों को भी खोला जा सकेगा। सीएम ने कहा, 'सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज, तकनीकि शिक्षण संस्थान तथा विद्यालय (पहली से बारहवीं कक्षा तक) के साथ-साथ कोंचिग संस्थान भी सामान्य रूप से खुलेगें। राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, विद्यालयों द्वारा परीक्षा आयोजित की जा सकेंगी।'

राज्य में अब 50 प्रतिशत क्षमका से साथ सिनेमा हॉल, जिम, रेस्टोरेंट को आंगतुकों (कस्टमर्स) के लिए खोलने की अनुमति मिल गई है। सीएम ने कहा, '50% क्षमता के साथ सिनेमा हॉल, क्लब, जिम, स्वीमिंग पूल, रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकान (आंगतुको के साथ) खुल सकेगें। परंतु तीसरी लहर की संभावना के मद्देनजर हम सभी बिहारवासियों को कोविड अनुकूल व्यवहार के साथ सावधानी बरतना जरूरी है।'


बिहार: पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना जारी, 11 चरणों में होंगे मतदान, राज्य में आचार संहिता लागू

इसके साथ ही जहां राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, वहीं किसी भी नई योजना का आरंभ नहीं हो सकेगा। हालांकि, पुरानी योजनाएं जारी रहेंगी। चुनाव के लिए मतदान 11 चरणों में होंगे।

पटना: बिहार चुनाव आयोग ने मंगलवार की शाम में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही जहां राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, वहीं किसी भी नई योजना का आरंभ नहीं हो सकेगा। हालांकि, पुरानी योजनाएं जारी रहेंगी। चुनाव के लिए मतदान 11 चरणों में होंगे।

अधिसूचना जारी होने के साथ प्रत्याशी अब बुधवार से छह अलग-अलग पदों के लिए नामांकन कर सकेंगे। नामांकन के लिए उनको सात दिनों का समय मिलेगा।

आयोग ने नामांकन पत्र भरने, जांच और नाम वापसी के समय निर्धारित कर दिए हैं। मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के प्रत्याशी 11 बजे दिन से शाम चार बजे तक नामांकन कर सकेंगे। 

पहले चरण में 10 जिलों के 12 प्रखंडों में चुनाव कराए जाएंगे। दूसरे चरण में 32 जिलों के 48 प्रखंडों, तीसरे चरण में 33 जिलों के 50 प्रखंडों, चौथे चरण में 36 जिलों के 53 एवं पांचवें चरण में 38 जिलों के 58 प्रखंडों में चुनाव कराए जाएंगे। 

छठे चरण में 37 जिलों के 57 प्रखंडों, सातवें में 37 जिलों के 63 प्रखंडों व आठवें चरण में 36 जिलों के 55 प्रखंडों में मतदान होगा। नौंवें चरण में 33 जिलों के 53 प्रखंडाें तथा 10वें चरण में 34 जिलों के 53 प्रखंडों में चुनाव होंगे। 

11वें चरण का मतदान बाढ़ प्रभावित इलाकों में होगा। इसके तहत 20 जिलों के 38 प्रखंडों में चुनाव कराने की तैयारी है।


हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस का विरोध, गाड़ी पर फेंका गया मोबिल

केंद्रीय मंत्री के काफिले पर मोबिल फेंका गया। वहीं दूसरी ओर पारस के बॉडीगार्ड ने एक महिला के साथ बदसलूकी की।

हाजीपुर: लोजपा (पारस गट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस सोमवार को पटना पहुंचे। एयरपोर्ट के बाहर कार्यकर्ताओं ने पारस का बड़े ही गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। लेकिन हाजीपुर पहुंचने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। 

एयरपोर्ट से निकलने के बाद पारस का काफिला हाजीपुर पहुंचा, जहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। केंद्रीय मंत्री के काफिले पर मोबिल फेंका गया। वहीं दूसरी ओर पारस के बॉडीगार्ड ने एक महिला के साथ बदसलूकी की। 


बता दें कि पारस के केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल होने के बाद लोजपा पार्टी दो धड़े में बंट गया। एक गुट पशुपति पारस के साथ जबकि दूसरा गुट चिराग पासवान के साथ है। चिराग व पारस दोनों ही लोजपा पर अपना अधिकार जता रहे हैं। 

पिछले महीने पशुपति पारस ने चिराग को संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से चिराग को हटा दिया। इसके बाद चिराग पार्टी पर अपना दावा करते हुए चुनाव आयोग व कोर्ट पहुंचे हैं।


जातीय जनगणना: बिहार के सीएम नीतीश की अगुवाई में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल आज पीएम मोदी से करेगा मुलाकात, बड़ा सवाल-क्या बन जाएगी बात

बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पार्टी ने हमेशा जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया है और सोमवार को पीएम से मिलने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनेगी।

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा से दो बार राज्य में जातीय जनगणना कराने का प्रस्ताव पारित हो चुका है लेकिन केंद्र सरकार ने संसद में यह कहकर बिहार सरकार को सकते में डाल दिया किया कि वह बिहार में जातीय जनगणना नहीं कराएगी। लेकिन आज बिहार के सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगा। इस बीच सुशील मोदी ने भी जातीय जनगणना का समर्थन किया है।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आज बिहार से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जाति-आधारित जनगणना की मांग को लेकर मिलने वाला है। इससे ठीक एक दिन पहले भाजपा ने जाति-आधारित गणना के इस कदम का जोरदार समर्थन किया है। बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पार्टी ने हमेशा जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया है और सोमवार को पीएम से मिलने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनेगी।

सुशील मोदी ने ट्वीट किया, "भाजपा कभी भी जातिगत जनगणना के खिलाफ नहीं रही, इसलिए हम इस मुद्दे पर विधानसभा और विधान परिषद में पारित प्रस्ताव का हिस्सा रहे हैं।" उन्होंने सैकड़ों जातियों की संख्या शक्ति का आकलन करने पर सहमति व्यक्त की है।

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम का बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनी टीम में ओबीसी के सदस्यों को रिकॉर्ड प्रतिनिधित्व देने और चिकित्सा पाठ्यक्रमों में अखिल भारतीय कोटा की घोषणा सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुसरण करता है। इससे पहले, यूपी से पार्टी के लोकसभा सदस्य संघमित्रा मौर्य ने 127वें संशोधन विधेयक पर बोलते हुए राज्यों की अपनी ओबीसी कोटा सूची बनाने की शक्तियों को बहाल करते हुए जाति आधारित जनगणना का पुरजोर समर्थन किया था।

सुशील मोदी ने 2014 में संसद में तत्कालीन ग्रामीण विकास स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे के उस बयान को भी याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के निष्कर्षों को विश्वसनीय नहीं मान सकती क्योंकि एकत्र किए गए आंकड़ों में कमियां हैं। उन्होंने कहा, "उस समय केंद्र सरकार के निर्देश पर जब ग्रामीण विकास और शहरी विकास मंत्रालयों द्वारा सामाजिक आर्थिक जाति सर्वेक्षण किया गया तो उसमें करोड़ों त्रुटियां पाई गईं। जातियों की संख्या लाखों में पहुंची।" सुशील मोदी ने कहा कि अशुद्धियों के कारण रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया।

भाजपा नेता ने कहा कि ब्रिटिश राज के तहत 1931 की पिछली जनगणना के समय बिहार, झारखंड और उड़ीसा एक थे। मोदी ने कहा, 'बिहार की करीब एक करोड़ की आबादी में उस समय सिर्फ 22 जातियों की जनगणना हुई थी। अब 90 साल बाद आर्थिक, सामाजिक, भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों में बड़ा अंतर आया है।' उन्होंने कहा कि हालांकि जाति जनगणना कराने में कई तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयां हैं, फिर भी भाजपा सैद्धांतिक रूप से इसके समर्थन में है।

10 अगस्त को बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य ने 127वें संशोधन बिल में हिस्सा लेते हुए जाति जनगणना की जोरदार पैरवी की थी। पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखने वाले सांसद और जिनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं, ने कहा था, ''पहले जानवर भी गिने जाते थे लेकिन पिछड़ी जाति नहीं। बीजेपी सरकार अब कर रही है।'


जन आशीर्वाद यात्रा: बिहार के आरा में बोले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह-'24 घंटे मिलेगी बिजली लेकिन भरना होगा बिल', कॉन्ट्रेक्टर को भी हड़काया !

उन्होंने कहा कि हम पैसा देने को तैयार हैं, लेकिन हमको 24 घंटे बिजली चाहिए। 24 घंटे बिजली रहे इसके लिए एक और चीज जरूरी है कि बिजली का भुगतान करें। अगर भुगतान नहीं करेंगे तो हम बिजली नहीं देंगे।

आराः केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान रविवार की देर रात आरा के नागरिक प्रचारणी सभागार पहुंचे। यहां अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं को देश के हर नागरिक तक पहुंचाने की बात कही।


आरके सिंह ने कहा कि यह जन आशीर्वाद यात्रा पूरे देश भर में चल रही है। जितने भी मंत्री हैं सभी निकले हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका मॉनीटरिंग कर रहे हैं। सभी राज्य मंत्री निकले हुए हैं और सब जगह ऐसे ही उत्साह देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा, “जितना मैं विद्युत विभाग के बारे में जानता हूं कोई दूसरा उतना नहीं जानता। चाहे वह पदाधिकारी ही क्यों ना हो। दूसरे लोगों की तरह नहीं हूं कि पदाधिकारी बताते हैं तब काम करते हैं। मैं उनको बताता हूं कि यह काम ऐसे होगा और ऐसे करना चाहिए।”

24 घण्टे बिजली देने को तैयार


आरके सिंह ने कहा कि बिजली पहुंचाने में दिक्कत नहीं है। पूरे देश को हमने एक ग्रिड में जोड़ दिया है। 142,000 किलोमीटर हमने ग्रिड बनाए हैं और पूरे देश को हमने एक ग्रेड में जोड़ दिया है। जो व्यवस्था सुदृढ़ करनी है उसके लिए हमने 22 हजार करोड़ दे दिया है। जहां कोई पुराना तार छूट गया हो बदल दीजिए, कोई और सब स्टेशन बनाना हो बना दीजिए। हम पैसा देने को तैयार हैं, लेकिन हमको 24 घंटे बिजली चाहिए। 24 घंटे बिजली रहे इसके लिए एक और चीज जरूरी है कि बिजली का भुगतान करें। अगर भुगतान नहीं करेंगे तो हम बिजली नहीं देंगे। यह साफ है सभी राज्यों को हमने साफ कर दिया है।


उन्होंने आगे कहा कि जो राज्य भुगतान नहीं करता है उसका हम बिजली टाइट कर देते हैं। आजकल उत्तर प्रदेश की बिजली टाइट कर रहे हैं क्योंकि उनका भुगतान नहीं आया ह।

कॉन्ट्रेक्टरों को हड़काया

आरके सिंह ने मंच से ठेकेदारों को भी हड़काया और कहा कि यहां रोड बनाने में हमारे पास सबका आशीर्वाद था। जो रोड बना वैसा कभी ना बना है ना बनेगा क्योंकि, हमने डंडा मारकर बनवाया और उसमें चोरी नहीं होने दी। बिजली में भी उसी तरह से काम होगा। जितने ठेकेदार हैं उन्हें यह स्पष्ट हो जाए कि अब हम जांच भी कराने वाले हैं। बिजली का पोल लगाएं तो ठीक से लगाएं, जितना मटेरियल देना है वह दें।


आरजेडी में घमासान: लालू के लाल तेज प्रताप ने दी 'महाभारत' करने की चेतावनी, तेजस्वी बोले-'अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं'

जगदानंद सिंह ने तेज प्रताप यादव के करीबी आकाश यादव को छात्र आरजेडी के अध्‍यक्ष पद से हटा दिया है, जिसे तेज प्रताप पर लगाम लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

पटना: राष्‍ट्रीय जनता दल के अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव फिर अपने बेटे तेज प्रताप यादव  को लेकर मुसीबत में हैं। तेज प्रताप आरजेडी के प्रदेश अध्‍यक्ष जगदानंद सिंह तथा तेजस्‍वी यादव  के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। 


उधर, तेजस्‍वी ने दो-टूक कहा है कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद झुकने को तैयार नहीं तेज प्रताप ने अब दिनकार के काव्‍य संग्रह 'रश्मिरथी' के तृतीय सर्ग 'कृष्‍ण की चेतावनी' के माध्‍यम से पार्टी महाभारत के जंगकी अपनी अंतिम चेतावनी  दे डाली है।

तेज प्रताप ने अपने फेसबुक पेज पर यह कविता पोस्‍ट की है। इसमें भगवान कृष्‍ण व दुर्योधन संवाद के तहत उनकी नजर में दुर्योधन कौन है, इसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। हालिया घटनाक्रम को देखें तो उनका इशारा पार्टी के  प्रदेश अघ्‍यक्ष जगदानंद सिंह की ओर है। 

जगदानंद सिंह ने तेज प्रताप यादव के करीबी आकाश यादव को छात्र आरजेडी के अध्‍यक्ष पद से हटा दिया है, जिसे तेज प्रताप पर लगाम लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


बिहार में जातिगत जनगणना: सीएम नीतीश कुमार का बड़ा एलान-'राज्य सरकार करा सकती है जनगणना, पहले केंद्र से करूंगा अपील'

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वे पहले तो पीएम से मिलकर ये अपील करेंगे कि जाति आधारित जनगणना देश भर में हो। अगर ऐसा होगा तो सबके लिए बेहतर होगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो वे राज्य में लोगों से बातचीत कर जातीय जनगणना करवा सकते हैं। लेकिन ये तो बाद की बात है। पहले तो वे यही चाहेंगे कि केंद्रीय स्तर से जातीय जनगणना हो जाए।

पटना: बिहार के सीएम नीतीश कुमार और कई विपक्षी दल राज्य में जातिगत जनगणना कराने के पक्ष में लेकिन उसकी सहयोगी पार्टी बीजेपी व केंद्र सरकार इसके पक्ष में नहीं है। लेकिन अब सीएम नीतीश कुमार ने एक बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार भी जातिगत जनगणना करा सकती है।


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को बिहार विधानसभा की 10 पार्टियों के प्रतिनिधि के साथ पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं। इस दौरान वे साल 2021 में प्रस्तावित जनगणना को जातियों के आधार पर कराने की अपील करेंगे। हालांकि, जातीय जनगणना के मुद्दे पर बातचीत करने के लिए पीएम से मिलने से पहले शनिवार को मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान दिया है। 

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वे पहले तो पीएम से मिलकर ये अपील करेंगे कि जाति आधारित जनगणना देश भर में हो। अगर ऐसा होगा तो सबके लिए बेहतर होगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो वे राज्य में लोगों से बातचीत कर जातीय जनगणना करवा सकते हैं। लेकिन ये तो बाद की बात है। पहले तो वे यही चाहेंगे कि केंद्रीय स्तर से जातीय जनगणना हो जाए। 


नीतीश कुमार ने कहा, '11 बजे का समय मिला है। मेरे साथ अन्य 10 पार्टियों के नेता पीएम से मिलेंगे। जातीय जनगणना करने को लेकर हमारी जो राय है वो उनके सामने रखेंगे। लेकिन आखिरी फैसला उन्हें ही लेना है। मुझे उम्मीद है कि इस पर सकारात्मक बातचीत होगी लेकिन पर निर्णय लेना पीएम का अधिकार है।'



सीएम नीतीश कुमार ने जातिगत जनगणना कराने के पीछे तर्क दिया है, 'पूरे देश में जाति आधारित जनगणना हुई तो बहुत लाभदायक होगा। सभी राज्य के लोगों की इच्छा है कि जाति आधारित जनगणना एक बार तो जरूर होनी चाहिए। ताकि पता चल जाए कि किसकी कितनी आबादी है। ये हो जाने पर सभी के लिए बेहतर तरीके से काम होगा।' 


बिहार में कोरोना से अबतक हुईं 2 लाख 51 हजार मौतें, सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 5,163 की मौत !

बिहार में नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) के तहत कोविड-19 के प्रकोप की शुरुआत (मार्च 2020 से मई 2021) के बाद से कम से कम 2,51,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। यह संख्या इस अवधि के दौरान राज्य में कोरोना वायरस की वजह से हुई आधिकारिक मौतों से 48.6 गुना है।

पटना: बिहार की नीतिश सरकार पर कोरोना से हुई मौतों को छिपाने का आरोप लग रहा है। दरअसल, एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि राज्य में ढाई लाख से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से हुई हैं लेकिन सरकारी आंकड़े सिर्फ, 5,463 संक्रमितों की मौत कोरोना से होने की बात मान रहा है।


बिहार में नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) के तहत कोविड-19 के प्रकोप की शुरुआत (मार्च 2020 से मई 2021) के बाद से कम से कम 2,51,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। यह संख्या इस अवधि के दौरान राज्य में कोरोना वायरस की वजह से हुई आधिकारिक मौतों से 48.6 गुना है।

जनवरी 2015 और मई 2021 के बीच राज्य की नागरिक पंजीकरण प्रणाली में दर्ज मौतों के आधार पर बिहार के आंकड़े में बहुत अंतर है, यह देश में अबतक किसी भी राज्य के अंदर मौत के आंकड़ों में देखा गया सबसे बड़ा फर्क है। 'अत्यधिक मौत' या मृत्यु दर एक जनरेलाइज्ड शब्द है जो संकट के दौरान सभी कारणों से होने वाली मौतों की कुल संख्या को दिखाता है, जो नियमित परिस्थितियों में अपेक्षित से ऊपर परे है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सभी मौतें कोविड-19 की वजह से नहीं हुई हैं लेकिन एक महामारी के दौरान मौत के आंकड़ों में आए अंतर का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रकोप से जुड़े होने की संभावना रहती है। इससे क्षेत्रीय हेल्थकेयर सिस्टम पर दबाव पड़ता है। 

यहां विश्लेषण के लिए, महामारी से पहले की अवधि (जनवरी 2015 से फरवरी 2020) के सीआरएस डेटा को एक ऑल कॉज मोरटैलिटी बेसलाइन बनाने के लिए औसत किया गया है, इसकी तुलना मार्च 2020 में दर्ज मौतों से की गई है, जिसके परिणामस्वरूप 'अतिरिक्त मौतों' की संख्या सामने आई है। 

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर, इस तरह का डाटा मानव जीवन पर महामारी के वास्तविक प्रकोप के बारे में अहम जानकारी देता है। बिहार के लिए, डाटा से पता चलता है कि महामारी से पहले, चार साल (2015-2019) की अवधि की तुलना में प्रकोप की शुरुआत के बाद से 2,51,053 अधिक मौतें हुई हैं। 

मई के अंत तक राज्य के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 5,163 थी। इसका मतलब है कि सीआरएस आंकड़ों से पता चलता है कि आधिकारिक कोविड-19 की मौत का आंकड़ा 48.6 गुना कम था। कोविड-19 प्रकोप के दौरान राज्य सरकारों ने ग्राउंड डेटा को इकट्ठा करने के लिए इस सिस्टम को शुरू किया था। यह रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के कार्यालय के तहत सभी जन्म और मृत्यु को रिकॉर्ड करने की राष्ट्रीय प्रणाली है। इसका उपयोग उन मौतों की संख्या की गणना करने के लिए किया जा रहा है जो महामारी से नहीं होती हैं।




RJD प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ भाई तेजस्वी पर भी भड़के तेज प्रताप यादव, जानिए क्या है पूरा मामला

तेज प्रताप ने अपने भाई तेजस्वी यादव और RJD के बिहार राज्य के अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, तेज प्रताप अपने करीबी आकाश यादव को पदमुक्त किये जाने से भड़क उठे हैं।

पटना: एक बार फिर से तेज प्रताप यादव अचानक अपनों के ही खिलाफ गुस्से में आ गए है। तेज प्रताप ने अपने भाई तेजस्वी यादव और RJD के बिहार राज्य के अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, तेज प्रताप अपने करीबी आकाश यादव को पदमुक्त किये जाने से भड़क उठे हैं।

हसनपुर विधायक तेज प्रताप यादव खासा नाराज हैं। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के इस फैसले को आरजेडी के संविधान के खिलाफ बताया है। दरअसल, आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष बुधवार को कई दिनों बाद बिहार की राजधानी पटना स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे. कार्यालय पहुंचते ही उन्होंने पार्टी के संबंध में बड़ा फैसला किया।

उन्होंने पार्टी के छात्र विंग की जिम्मेदारी गगन कुमार को सौंप दी। इससे पहले छात्र विंग के अध्यक्ष आकाश यादव थे। आकाश यादव को पदमुक्त किए जाने से भड़के तेज प्रताप ने ट्वीट कर कहा, " प्रवासी सलाहकार से सलाह लेने में अध्यक्ष जी ये भूल गए की पार्टी संविधान से चलती है और आरजेडी का संविधान कहता है की बिना नोटिस दिए आप पार्टी के किसी पदाधिकारी को पदमुक्त नहीं कर सकते। आज जो हुआ वो आरजेडी के संविधान के खिलाफ हुआ।"


तेज प्रताप में आपमे भी तेजस्वी यादव के खिलाफ भी इशारों-इशारों में गुस्सा जाहिर किया है। प्रवासी सलाहकार कह कर इशारों में अपने भाई तेजस्वी यादव को भी घेरा है।


बताते चलें कि बीते रविवार यानी 8 अगस्त को पार्टी के युवा प्रकोष्ठ की बैठक थी। प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक को तेज प्रताप ने संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी एयर उन्हें हिटलर बताया था। पार्टी युवा विंग की बैठक के बाद से ही जगदानंद सिंह पार्टी कार्यालय नहीं जा रहे थे।

माना जा रहा था कि  तेज प्रताप की बातों से आहत होकर जगदानंद सिंह ने पार्टी से दूरी बना ली है। कई बार मीडिया के द्वारा तेजस्वी से इस संबंध में सवाल कर रहे थे। हालांकि, कयासों के बीच बुधवार को जगदानंद सिंह पार्टी दफ्तर पहुंचे। लेकिन यह बात जरूर सामने आ गई है कि  जगदानंद नाराज तो चल ही रहे थे।


बिहार: 11 चरणों में होंगे पंचायत चुनाव, 24 सितंबर को पहले चरण के लिए शुरू होंगे मतदान

इस बार कुल 11 चरणों में चुनाव होंगे, जिसकी अधिसूचना 24 अगस्त को जारी होगी।

पटना: बिहार सरकार ने ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी के चुनाव की तिथि घोषित कर दी गई है। इस बार कुल  11 चरणों में चुनाव होंगे, जिसकी अधिसूचना 24 अगस्त को जारी होगी। 

इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। 24 सितंबर को पहले चरण का मतदान होगा। इसी प्रकार 29 सितंबर, आठ अक्टूबर, 20 अक्टूबर, 24 अक्टूबर, तीन नवंबर, 15 नवंबर, 24 नवंबर, 29 नवंबर, आठ दिसंबर और 12 दिसंबर को क्रमश: दूसरे से 11 वें चरण के मतदान होंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 17 प्रस्तवाओं की मंजूरी दी गई। 

कैबिनट के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बाढ़ क्षेत्रों में अंतिम चरणों में मतदान होंगे। गौरतलब हो कि छह पदों के लिए ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी के चुनाव होने हैं। इनमें मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, वार्ड सदस्य,  सरपंच और पंच के पद शामिल हैं। 


6 महीने में 6 करोड़ लोगों का टीकाकरण करेंगे: नीतीश कुमार

उन्होंने बताया, 'कल 14 अगस्त तक 3 करोड़ के करीब टीकाकरण हो चुका है। हम लोगों ने संकल्प लिया कि अगले 6 महीने में 6 करोड़ लोगों का टीकाकरण करेंगे। 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण हो जाए, हम लोग इस लक्ष्य के साथ चल रहे हैं।'

पटना: आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने राज्य व देश के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अगले 6 महीने में राज्य के 6 करोड़ लीगों को कोरोना का टीकाकरण किया जाएगा।



सीएम नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन हम सभी भारतवासियों के लिए गौरव का दिन है। राष्ट्र भक्तों के साहस, त्याग और बलिदान के फलस्वरूप हमारा देश आज़ाद हुआ। मैं उन वीर जवानों का भी नमन करता हूं जो बहादुरी से देश के सरहदों की सुरक्षा कर रहे हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

कोरोना के आंकड़ों को लेकर सीएम ने कहा, 'कल शाम तक जो सूचनाएं मेरे पास आई हैं उसके हिसाब से 3.94 करोड़ कोरोना वायरस की जांच की गई है। कल के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब सक्रिय मामले मात्र 250 हैं। कल 49 नए मामले सामने आए।'

उन्होंने बताया, 'कल 14 अगस्त तक 3 करोड़ के करीब टीकाकरण हो चुका है। हम लोगों ने संकल्प लिया कि अगले 6 महीने में 6 करोड़ लोगों का टीकाकरण करेंगे। 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण हो जाए, हम लोग इस लक्ष्य के साथ चल रहे हैं।'


बिहार में बाढ़ से हालात बेकाबू, सीएम नीतीश ने अफसरों को दिए राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

सीएम ने आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों की हुई क्षति का ठीक से आकलन कराएं। साथ ही किसानों की धान रोपनी की क्षति का भी आकलन कराएं। प्रभावित लोगों से संपर्क बनाए रखें और पूरी तत्परता के साथ सभी लोगों की सहायता करें।

पटना: बिहार में भारी बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। खुद सीएम नीतीश कुमार लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने आज यानि शुक्रवार को सूबे के आरा और सारण जिले के बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। सीएम कोईलवर और बबुरा का जायजा लेते हुए छपरा पहुंचे। छपरा के डोरीगंज, मौजमपुर होते हुए सोनपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी उन्होंने जायजा लिया। सीएम ने सारण जिले के मुसेपुर चौक पर बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चलाए जा रहे सामुदायिक किचेन का निरीक्षण किया। 

सीएम नीतीश कुमार ने सामुदायिक किचेन में भोजन कर रहे लोगों से उन्होंने बातचीत की और वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। कम्युनिटी किचेन के पास चलाए जा रहे कोविड टीकाकरण केन्द्र का भी सीएम ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि यहां पर रह रहे सभी लोगों की कोरोना जांच जरूर कराएं और जो भी संक्रमित पाए जाते हैं, उनके लिए अलग से व्यवस्था करें। वहीं, जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है, उनका टीकाकरण कराएं। 

सीएम ने मुसेपुर चौक पर रह रहे विस्थापित लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि सामुदायिक किचेन को और बड़ा किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग भोजन कर सकें। लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसका ख्याल रखें। टेंट के साथ-साथ अन्य जरूरी चीजों की भी पूरी व्यवस्था रखें। पशु चारा की पूरी उपलब्धता रखें।

वापस लौटने के बाद सीएम ने आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों की हुई क्षति का ठीक से आकलन कराएं। साथ ही किसानों की धान रोपनी की क्षति का भी आकलन कराएं। प्रभावित लोगों से संपर्क बनाए रखें और पूरी तत्परता के साथ सभी लोगों की सहायता करें। जिलाधिकारियों से निरंतर संपर्क में रहें और स्थिति पर नजर बनाए रखें। राहत और बचाव कार्य तेजी से करें ताकि लोगों की त्वरित सहायता हो सके।


बिहार में जातिगत जनगणना: अभी तक CM नीतीश कुमार के पत्र का PM मोदी ने नहीं दिया जवाब, अब आगे क्या ?

इस बात की जानकारी खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के खत्म होने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।

पटना: बिहार में जाति आधारित जनगणना को लेकर जहां सूबे के सीएम नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इसके पक्ष में हैं तो दूसरी तरफ उनकी सहयोगी पार्टी बीजेपी इसके खिलाफ है। वहीं, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी से मिलने के पत्र के जरिए समय मांगा था लेकिन अभी तक पीएम की तरफ से उन्हें जवाब नहीं दिया गया।

बता दें कि जातीय जनगणना करने के मुद्दे पर बातचीत के लिए समय मांगने के बाबत पत्र लिखा गया था, जो चार अगस्त को उनके कार्यालय में पहुंच भी गया है। लेकिन उनकी ओर से अब तक पत्र का जवाब नहीं दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के खत्म होने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। 

पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि पीएमओ की ओर से पत्र का जवाब आया या नहीं तो उन्होंने कहा कि कहां अभी तक कोई जवाब आया है। लेकिन हमने पत्र लिख दिया है। पत्र पहुंच भी गया है। अब जब उन्हें मिलना होगा मिलेंगे। ये फैसला तो उन पर ही है। हमसे मिलकर विपक्ष ने ये इच्छा जाहिर की थी, तो हमने पत्र लिख दिया। अब जनगणना कराना या नहीं कराना, ये तो केंद्र का फैसला है। 


सीएम नीतीथ कुमार ने कहा, 'हम तो चाहते हैं कि जाति आधारित जनगणना हो जाए। यह हमारी पुरानी मांग है। एक बार इस तरह की जनगणना हो जाएगी तो पता चल जाएगा कि किस जाति के लोगों की देश में क्या स्थिति है। यह सब के हित के लिए हैं। इसे राजनीतिक नहीं सामाजिक नजरिए से देखने की जरूरत है। लेकिन इस बारे में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है।'



जब सीएम नीतीश कुमार से यह पूछा गया कि बिहार सरकार अपने खर्च पर जातीय जनगणना कराएगी तो उन्होंने कहा कि हमने जानकारी इकट्ठा की है। कर्नाटक समेत अन्य जगहों पर ऐसा हुआ है। लेकिन ये तो हमारा आंतरिक विषय है। एक बार पहले बात हो जाए। राष्ट्रीय स्तर पर जातीय जनगणना हो जाए तो बहुत अच्छी बात है। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर हम विचार करेंगे और जो भी बात होगी सबको पता चल ही जाएगा। 


बताते चलें कि सीएम नीतीश कुमार शुरू से ही जातीय जनगणना कराने के पक्षधर रहे हैं। बिहार विधानमंडल में दो बार इस बाबत सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जा चुका है। लेकिन केंद्र की ओर से इस तरफ कोई पहल नहीं की गई है। इधर, बिहार में विपक्ष के नेता जातीय जनगणना कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।


अभी हाल ही में विपक्ष ने सीएम को ये सुझाव दिया था कि वो जाति आधारित जनगणना कराने के मुद्दे पर बात करें। एक डेलिगेशन, जिसमें सभी दल के नेता शामिल हो के साथ वो प्रधानमंत्री से मिलने का वक्त मांगे। वहीं, अगर ऐसा नहीं होता है तो कर्नाटक की तरह बिहार में सरकार अपने खर्च से जातीय जनगणना कराएं। ताकि सभी के लिए योजनाएं बनाने में आसानी हो।


मिशन यूपी: JDU अध्यक्ष ललन सिंह का बड़ा बयान, कहा-'यूपी विधानसभा चुनाव में अकेले भी उतर सकती है पार्टी'

अब जेडीयू के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि अगर बीजेपी एनडीए के गठबंधन सहयोगी के रूप में उसे पर्याप्त सीटें नहीं देगी तो उनकी पार्टी अकेले उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

लखनऊ/पटना: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) आए दिन अपनी सहयोगी पार्टी के बीजेपी के लिए मुसीबतें खड़ी कर रही है। कभी बिहार के सीएम नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताकर बीजेपी के लिए परेशानी खड़ी कर रही है तो कभी कुछ। अब जेडीयू के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि अगर बीजेपी एनडीए के गठबंधन सहयोगी के रूप में उसे पर्याप्त सीटें नहीं देगी तो उनकी पार्टी अकेले उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

अगर ऐसा होता है तो जेडीयू एनडीए का दूसरा राजनीतिक दल होगा जिसने उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इससे पहले, वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी ने इसकी घोषणा की और कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी। साहनी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ उनके राज्य के दौरे से डरे हुए हैं।

अकेल चुनाव लड़ सकती है जेडीयू

अरुणाचल प्रदेश की घटना की ओर इशारा करते हुए ललन सिंह ने कहा कि जेडीयू ने उस राज्य में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 14 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 7 सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी ने जेडीयू की पीठ में छुरा घोंपा और 6 विधायकों का विलय कर दिया। ललन सिंह ने कहा, "हम एनडीए का हिस्सा हैं और अगर बीजेपी हमें उत्तर प्रदेश में पर्याप्त सीटें आवंटित नहीं करती है, तो हम अकेले चुनाव लड़ेंगे। जेडीयू समर्थक बहुत उत्साह दिखा रहे हैं।"


ललन सिंह ने भगवान सिंह कुशवाहा का जेडीयू में स्वागत करते हुए कर्पूरी सभागार में कहा, "हम जेडीयू को नंबर 1 के स्थान पर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा उद्देश्य 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव, 2025 जैसे परिणाम प्राप्त करना है। पार्टी के प्रत्येक सदस्य को उनकी जिम्मेदारी मिलेगी।" भगवान सिंह कुशवाहा शनिवार को जेडीयू में शामिल हो गए और उन्हें पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। विश्लेषकों का कहना है कि यूपी में कम आधार के साथ, जेडीयू और वीआईपी को बीजेपी से कुछ वोट लेने की संभावना है।इस बीच, जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा: मैं पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए बिहार के हर जिले का दौरा कर रहा हूं।

कुशवाहा ने कहा, "विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि मैं जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में ललन सिंह की नियुक्ति पर नाराज था लेकिन वे गलत हैं। मैं नाराज नहीं हूं। मैं और ललन बाबू पुराने दोस्त हैं और लंबे समय से साथ काम कर चुके हैं। हम जेडीयू के देशभर में विस्तार के लिए प्रतिबद्ध हैं।"


जातिगत जनगणना के मामले पर बात करने के लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पीएम से मांगा समय

पटना: बिहार में जातीय जनगणना कराने की मांग को लेकर राज्य के सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर उनसे चर्चा करने के लिए समय मांगा है। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में एक पत्र भेजा हैं, लेकिन समय मिलेगा तब न।

वहीं, पेगासस जासूसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के मुद्दे पर नीतीश ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट में कोई मामला हैं तो सोचना क्या है। सुप्रीम कोर्ट इस मसले को देख रहा हैं तो फ़ैसला करेगा। जेडीयू के सांसदों के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि हमारे पार्टी के सांसदों ने लिखकर दिया, वहीं से आया। अमित शाह जी से भी उन लोगों ने बात की है और अपना पक्ष रखा है।

बता दें कि इससे पहले भी नीतीश, जातिगत आधार पर जनगणना का मजबूती से समर्थन कर चुके हैं। जाति आधारित जनगणना पर उन्‍होंने पिछले सप्‍ताह मीडिया से बातचीत में कहा था, 'कोशिश होगी कि सब लोग मिलकर जाएं। अपनी बात को बिहार के अंदर जो सर्वसम्‍मति के प्रस्‍ताव है, उसके बारे में अपनी बात रख देनी चाहिए।'

वहीं, राजद भी जातिगत जनगणना के पक्ष में है लेकिन जेडीयू की सहयोगी पार्टी बीजेपी इसके पक्ष में नहीं है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने सदन में लिखित में कहा है कि वह बिहार में जातिगत जनगणना नहीं कराएगी।



बिहार में 1 से 10वीं तक के स्कूल खोलने की तैयारी में सरकार

सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि कोरोना संक्रमण में कमी को देखते हुए 7 अगस्त से नौवी से दसवीं कक्षा के स्कूल और पहली से आठवीं कक्षा के सभी स्कूलों को 16 अगस्त से खोला जाएगा।

पटना: देश में कोरोना की दूसरी लहर लगभग खत्म होने के कगार पर है ऐसे में सभी सरकारें अब स्कूलों को खोलने पर विचार कर रही हैं और कई राज्यों में स्कूल खोल भी दिए गए हैं। ऐसे में अब बिहार सरकार भी स्कूल खोलने पर विचार कर रही है।


बिहार सरकार कक्षा 1से 10वीं के  स्कूल भी खोलने की तैयारी कर रही है। पिछले कई महीनों से कोरोना वायरस की वजह से स्कूल बंद थे। सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि कोरोना संक्रमण में कमी को देखते हुए 7 अगस्त से नौवी से दसवीं कक्षा के स्कूल और पहली से आठवीं कक्षा के सभी स्कूलों को 16 अगस्त से खोला जाएगा। 


इसके साथ ही सीएम ने कहा कि कोचिंग संस्थान छात्रों की 50 प्रतिशत उपस्थिति (एक दिन छोड़कर) के साथ कार्य कर सकेंगे।  सीएम नीतीश ने ये भी कहा कि विद्यालयों में बच्चों को कोविड अनुकूल व्यवहार की जानकारी दी जाएगी।

गौरतलब है कि राज्य के ग्यारहवीं-बारहवीं के सभी स्कूल, सभी डिग्री कालेज, सभी सरकारी व निजी विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान कुल छात्र संख्या की 50 फीसदी उपस्थिति के साथ 12 जुलाई से खुल गए हैं।


बिहार के नालंदा में जमीनी विवाद में खूनी संघर्ष, 8 लोगों को मारी गोली, 6 की मौत, 2 की हालत गंभीर

घटना की जानकारी मिलते ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। घायलों को स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया गया है। एक साथ छह लोगों की हत्या से पूरे इलाके में कोहराम मचा है।

नालंदा: बिहार के नालंदा में जमीन के विवाद को लेकर बुधवार की दोपहर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। सनसनीखेज वारदात में छह लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली लगने से दो लोग घायल है। छबीलापुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव में वारदात हुई है। आपस में भिड़े दोनों पक्ष एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। घायलों को स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया गया है। एक साथ छह लोगों की हत्या से पूरे इलाके में कोहराम मचा है।

बताया जाता है कि छबीलापुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव में दो पटीदारों (गोतिया) के बीच जमकर गोलीबारी हुई। ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए हैं। इधर घटना की जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस घटना घटनास्थल पहुंच गई है और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस की टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। 

ग्रामीणों की मानें तो एक पक्ष के लोग खेत की जुताई कर रहे थे। तभी दूसरे पक्ष के दर्जनों हथियारबंद लोग वहां पहुंचे। दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई और हथियार बंद लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इससे मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई। दो लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। 50 बीघा जमीन को लेकर विवाद है।

 मामला कोर्ट में भी चल रहा है। गोली लगने से यद्दु यादव, पिंटू यादव, शिवेन्द्र यादव, धीरेन्द्र यादव, मधेश यादव और बिंदा यादव की मौत हुई है। घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गयी है।


गठबंधन के सवाल पर लालू यादव का बयान, बोले-'चिराग-तेजस्वी का देखना चाहता हूँ साथ, अभी भी LJP के नेता हैं चिराग'

उन्होंने कहा है कि वह बिहार में चिराग पासवान और तेजस्वी यादव का गठबंधन देखना चाहते हैं। इतना ही लालू यादव ने यह भी कह डाला कि अभी भी वह चिराग पासवान को लोजपा का नेता/अध्यक्ष मानते हैं।

पटना: आरजेडी चीफ लालू यादव ने गठबंधन से जुड़े सवाल पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वह बिहार में चिराग पासवान और तेजस्वी यादव का गठबंधन देखना चाहते हैं। इतना ही लालू यादव ने यह भी कह डाला कि अभी भी वह चिराग पासवान को लोजपा का नेता/अध्यक्ष मानते हैं।

लालू याव एनसीपी चीफ शरद पवार से मिलने पहुचे थे। उन्होंने कहा कि मैं शरद पवार के स्वास्थ्य के बारे में जानने आया था, क्योंकि वह बीमार रहे हैं। संसद में उनकी गैर-मौजूदगी रही है। हम तीनों- मैं, शरद भाई और मुलायम सिंह कई मुद्दों को लेकर लड़ाईयां लड़ीं हैं। मुलायम सिंह यादव के साथ हमारी कल की बैठक एक शिष्टाचार भेंट थी।

पेगासस जासूसी कांड की होनी चाहिए जांच

पेगासस जासूसी मुद्दे से जुड़े सवाल पर लालू यादव ने कहा कि  इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी इसमें संलिप्त हैं, उनके नामों का प्रकाशन किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हम बिहार में सरकार बनाने के करीब थे। मैं जेल में था और मेरे बेटे तेजस्वी यादव ने अकेले (राज्य के सत्ताधारी गठबंधन से) मुकाबला किया। उन्हें फर्जीवाड़ा किया और हमें 10-15 वोटों के अंतर से हराया।

मुलायम सिंह से लालू ने की मुलाकात


इससे पहले, सोमवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने दिल्ली में समाजवादी पार्टी के सांसद मुलायम सिंह यादव से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश यादव भी मौजूद रहे।


जातिगत जनगणना को लेकर PM से CM नीतीश को करनी चाहिए मुलाकात: तेजस्वी यादव

बिहार के सीएम नीतीश कुमार खुद जातीय जनगणना के पक्ष में है आरजेडी नेता व नेता प्रतिपक्ष भी इस मुद्दे पर सीएम नीतीश कुमार के साथ हैं। लेकिन जेडीयू की सहयोगी पार्टी बीजेपी इसके समर्थन में नहीं हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने भी संसद में यह लिखित में दिया है कि वह बिहार में जातीय जनगणना नहीं कराएगी।

पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से जातगत जनगणना कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना को लेकर हमारी मांग को बिहार विधानसभा में 2 बार सर्वसम्मति से पास किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते हैं कि होनी चाहिए परन्तु कराएगा कौन? केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से लिखकर मना कर दिया है।


तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि हम विपक्ष के नेताओं से बैठक में फैसला लेना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री से मिलकर ये बात कहें कि आप प्रधानमंत्री से मिलने का समय लीजिए। बिहार विधानसभा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलकर मांग करें कि जो बाकी की छूटी हुई जातियां हैं, उन्हें भी शामिल किया जाए।


बता दें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार खुद जातीय जनगणना के पक्ष में है आरजेडी नेता व नेता प्रतिपक्ष भी इस मुद्दे पर सीएम नीतीश कुमार के साथ हैं। लेकिन जेडीयू की सहयोगी पार्टी बीजेपी इसके समर्थन में नहीं हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने भी संसद में यह लिखित में दिया है कि वह बिहार में जातीय जनगणना नहीं कराएगी।


बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र का बॉयकाट करेगा विपक्ष: तेजस्‍वी यादव

विधानसभा अध्यक्ष को सीएम नीतीश कुमार की कठपुतली बताते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मॉनसून सत्र के बॉयकॉट का ऐलान किया है।

पटना: बिहार का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है लेकिन इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूरे मॉनसून सत्र के बहिष्कार करने का एलान किया है। यह फैसला तेजस्वी ने तब लिया जब विपक्ष इस साल बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में पुलिस बुलवाकर विपक्ष के सदस्यों के साथ कथित तौर पर पिटाई के मुद्दे पर बहस की अपनी मांग कर रहा है, इस मांग को विधानसभा अध्यक्ष ने नामंज़ूर कर दिया।

विधानसभा अध्यक्ष को सीएम नीतीश कुमार की कठपुतली बताते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मॉनसून सत्र के बॉयकॉट का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने कहा कि पूरे तरीके से सदन के अंदर संपूर्ण विपक्ष इस सत्र का बायकॉट कर रहा है। हमारी शर्त है कि बहस कराई जाए तो हम लोग चलेंगे। जनता की बात..जहां जनप्रतिनिधियों का सम्‍मान नहीं होता। अधिकारियों का मन बढ़ा हुआ है, यह बात हम नहीं, सरकार के मंत्री जो मुख्‍यमंत्री के आसपास हैं, वह कहते है। सबकी संपत्ति की जांच कराई जाए।

तेजस्‍वी ने कहा कि हमारी सुनवाई नहीं हो रही, कार्रवाई नहीं हो रही, वहां हम लोग क्‍या करेंगे। कुछ होगा तो जो लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था बनी हुई है, उस तरीके से होगा, क्‍या तानाशाही रवैया अपनाइएगा। आप वहां जाएंगे जहां न्‍याय की उम्‍मीद हो। यहां तो स्‍पीकर को ही हाईजैक कर लिए गया है। तानाशाहीपूर्ण रवैया नहीं चलेगा। 


बिहार में जातिगत जनगणना : BJP-JDU में दो फाड़, तेजस्वी की बात से सहमत हैं CM नीतीश कुमार, अब...?

इस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव एवं सीएम नीतीश कुमार के स्‍टैंड एक हो गए हैं। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले सोमवार को बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी जातिगत जनगणना के पक्ष में नहीं है और इसे किसी भी हाल में नहीं होने देगी। इससे समाज में फासला बढ़ेगा और सद्भाव खत्म होगा।

पटना: बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी और जेडीयू में दो फाड़ की खबरें हैं। जहां जेडीयू जातिगत जनगणना करवाने की मांग कर रही है तो वहीं, बीजेपी इसके पक्ष में नहीं है। लेकिन सूबे के सीएम नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की हां में हां मिलाया है। 


मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव एवं सीएम नीतीश कुमार  के स्‍टैंड एक हो गए हैं। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले सोमवार को बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी जातिगत जनगणना के पक्ष में नहीं है और इसे किसी भी हाल में नहीं होने देगी। इससे समाज में फासला बढ़ेगा और सद्भाव खत्म होगा। कोई व्यवस्था अगर पहले से बनी हुई है तो उसमें बदलाव का सवाल ही पैदा नहीं होता है। दूसरी तरफ, सीएम नीतीश कुमार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार  से इस मामले पर पुनर्विचार का आग्रह किया है।

जातिगत जनगणना चाहती है जेडीयू

हरिभूषण ठाकुर का यह बयान वैसे वक्त में आया है, जब बिहार बीजेपी के बड़े नेताओं ने इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर जेडीयू ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह जातिगत जनगणना के पक्ष में है। 

खबर है कि दिल्ली में 31 जुलाई को होने वाली जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह इस पर दोबारा विचार करे।

मुद्दे का गरमाना तय

मानसून सत्र में आगे इस मुद्दे के और जोर पकड़ने के आसार हैं। इससे सत्ता पक्ष के दोनों बड़े दलों में समन्वय का संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में विपक्ष की भी कोशिश इस मुद्दे को हवा देने की होगी।




चिराग पासवान का दावा-'बिहार में जल्द टूटेगा NDA गठबंधन, मध्यावधि में होंगे चुनाव'

चिराग पासवान ने कहा कि लोक सभा चुनाव से पहले ही बिहार में मध्यविधि चुनाव होना तय है। सरकार में शामिल गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दोनों दलों का गठबंधन जल्द ही टूटने वाला है।

जहानाबादः लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक बार फिर से सूबे की नीतीश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि बिहार में जल्द ही एनडीए गठबंधन में फूट पड़ने वाली है और लोकसभा चुनाव से पहले मध्यावधि में ही चुनाव होंगे। वह 'आशीर्वाद यात्रा' के तहत रविवार को जहानाबाद पहुंचे थे।

चिराग पासवान ने कहा कि लोक सभा चुनाव से पहले ही बिहार में मध्यविधि चुनाव होना तय है। सरकार में शामिल गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दोनों दलों का गठबंधन जल्द ही टूटने वाला है। चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार को लेकर कहा कि उन्हें बिहार की सच्चाई मालूम नहीं है। वह बिहार में सीएम हाउस से कम निकलते हैं और जब निकलते हैं तो हेलिकॉप्टर से ही निकलते हैं।

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इससे पूर्व जहानाबाद पहुंचते ही एलजेपी कार्यकर्ताओं ने चिराग पासवान का स्वागत किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ चिराग पासवान ने रोड शो करते हुए पूरे जहानाबाद का भ्रमण कर लोगों से आशीर्वाद मांगा। बड़ी संख्या में अपने कार्यक्रम में लोगों का हुजूम देख गदगद हुए चिराग ने अपने मित्र डॉ। अजय कुमार के टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में रामविलास पासवान और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण और माल्यार्पण किया। इसके बाद आंबेडकर मोड़ के समीप बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर, स्वामी सहजानंद सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

शहीद लव कुश शर्मा के परिजनों से चिराग पासवान ने की मुलाकात

चिराग पासवान जहानाबाद के इलावा शकुराबाद के शहीद लव कुश शर्मा के गांव अईरा पहुंचे। यहां उन्होंने उनके परिजनों से मुलाकात की और कहा कि उनकी शहादत से जहानाबाद ही नहीं बल्कि पूरे देशवासियों को गर्व है। इसके बाद शकुरबाद में इंदु कश्यप के कार्यक्रम में उन्होंने शिरकत किया। चिराग ने एलजेपी के जिलाध्यक्ष हेमंत शरण उर्फ कुंदन शर्मा के घर घोषी पहुंचकर लोगों से आशीर्वाद और समर्थन मांगा।


बिहार के CM नीतीश कुमार को झटका, SC-ST के अलावा नहीं होगी जातीय जनगणना, केंद्र सरकार ने संसद में बताया

केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का कहना है कि संविधान के मुताबिक लोकसभा और विधानसभा में जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित हैं।

पटनाः जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच अभी रस्साकसी चल ही रही थी के केंद्र की बीजेपी सरकार से सीएम नीतीश कुमार को एक और तगड़ा झटका मिल गया है। वैसे तो नीतीश कुमार ने कहा था कि कानून की जगह लोगों को शिक्षित और जागरूक करने की जरूरत है। इस बयान के जरिए भले ही जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ नहीं दिया लेकिन अब फिर बीजेपी ने जनगणना को लेकर फिर नीतीश कुमार के झटका दिया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने नीतिगत मामलों के रूप में जनगणना में एससी-एसटी के अतिरिक्त कोई जातीय जनगणना नहीं करने का फैसला किया है।


बताते चलें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया था, लेकिन संसद के मानसून सत्र में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 2021 की जनगणना जाति आधारित नहीं होगी।

क्या कह है केंद्र सरकार ने

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उक्त जानकारी दी है। नित्यानंद राय का कहना है कि संविधान के मुताबिक लोकसभा और विधानसभा में जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र और ओडिशा की सरकारों ने आगामी जनगणना में जातीय विवरण एकत्रित करने का अनुरोध किया है। भारत सरकार ने नीतिगत मामले के रूप में फैसला किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अतिरिक्त कोई जातीय जनगणना नहीं होगी।’



बिहार विधानसभा में दो बार पारित हो चुका है जातीय जनगणना का प्रस्ताव

बता दें कि बिहार विधानसभा से एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार जातीय जनगणना को लेकर प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में मांग की गई थी कि साल 2021 में होने वाली जनगणना में जातीय आंकड़े दिए जाएं।

सबसे पहले साल 2019 में विधानसभा में एक प्रस्ताव पास किया गया था और दूसरी बार बीते साल फरवरी में विधानसभा की तरफ से इस प्रस्ताव को पारित किया गया था। नीतीश कुमार ने कहा था कि हर तबके का विकास हो, इसलिए आवश्यक है कि जातीय आंकड़े को जनगणना में लिया जाए।

बता दें कि राजद प्रमुख लालू यादव भी जातीय जनगणना की मांग लंबे समय से करते चले आ रहे हैं। बहरहाल, एक बार फिर से केंद्र सरकार ने नीतीश कुमार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।


कौन बनेगा JDU का नया बॉस? पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 31 जुलाई को, बिहार के CM नीतीश कुमार भी होंगे शामिल

जेडीयू की 31 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की अध्यक्षता में दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित राष्ट्रीय कार्यालय में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी 75 सदस्य शामिल होंगे।

नई दिल्ली/पटना: आरसीपी सिंह के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद अब जेडीयू के नए अध्यक्ष की तलाश शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत में पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक, जेडीयू की 31 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की अध्यक्षता में दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित राष्ट्रीय कार्यालय में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी 75 सदस्य शामिल होंगे। इनमें सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी और राज्यों के अध्यक्ष शामिल हैं। बैठक के आयोजन की पुष्टि राष्ट्रीय महासचिव आफाक अहमद खां ने की। 

मौजूदा अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार से उनका संबंध वर्षों से है और आगे भी रहेगा। हमारे संबंध का कोई पैमाना नहीं है। वे हमारे नेता हैं और वर्षों से उनके साथ काम किया है। आगे भी करेंगे। संगठन है तो पार्टी है। तभी मैं मंत्री और हमारे नेता मुख्यमंत्री हैं। 7 जुलाई को मंत्री बना हूं। मैं संगठन और मंत्री दोनों का काम मजबूती से करूंगा, लेकिन निश्चित रूप से पार्टी तय करेगी तो मैं यह जिम्मेदारी किसी मजबूत साथी को देने से पीछे नहीं हटूंगा।

आरसीपी ने कहा कि नीतीश कुमार के काम की मिसाल पूरे देश में नहीं है। देश की पहली कृषि नीति हो, रेलवे का कायाकल्प हो या बिहार की नई पहचान गढ़ना, उनके काम का कोई जोड़ नहीं। हमारे नेता ने महिलाओं को स्थान और सम्मान दिया। आगे हमारी कोशिश होगी कि पार्टी में महिलाओं को 50% जगह दें। 

गौरतलब है कि आरसीपी सिंह मोदी कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री बनाया गया है। ऐसे में जेडीयू के नियमों के मुताबिक एक व्यक्ति एक पद के अनुरूप काम करती है। ऐसे में आरसीपी सिंह का जेडीयू अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री दोनों बने रहना संभव नहीं है। ऐसे में आरसीपी सिंह की जगह किसी और को जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है।


'सुशासन बाबू' के खिलाफ IAS अफसर ने दी तहरीर, पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR, तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर बोला हमला

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में सचिव स्तर के अधिकारी की नहीं सुनी जाती, जब उनकी एफआईआर नहीं दर्ज हुई तो आम आदमी की कौन सुनेगा?

पटना: बिहार के सीएम नीतीश कुमार और उनके सहयोगियों के खिलाफ आईएएस अफसर सुधीर  कुमार ने आज थाने में अर्जी दी। पुलिस ने उनकी अर्जी तो ले ली लेकिन प्राथमिकी नहीं दर्ज की और आईएएस अफसर घंटों इंतजार करता रहा। अब इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है।


विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में सचिव स्तर के अधिकारी की नहीं सुनी जाती, जब उनकी एफआईआर नहीं दर्ज हुई तो आम आदमी की कौन सुनेगा। सुधीर कुमार एफआईआर दर्ज कराने के लिए पटना के गर्दनीबाग एससी/एसटी थाने में गए थे।

सुधीर कुमार ने मीडिया से कहा कि मैं दोपहर 12 बजे से इंतजार कर रहा हूं, लेकिन अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा, " मुझे केवल थाने से एक रसीद मिली है। यह मामला धोखाधड़ी और फर्जी कागजात बनाने और सीएम नीतीश कुमार और अन्य के खिलाफ सबूतों से संबंधित है।" 

इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश पर हमला बोला है। तेजस्वी ने कहा है कि आज एक आईएएस अधिकारी 5 घंटे से अधिक समय तक थाने में बैठा रहा, लेकिन पुलिस ने उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा, "बिहार के सीएम को आगे आकर सफाई देनी चाहिए। मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं हो सकती? सीएम नीतीश कुमार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।"


'सरकारी बंगले' से बाहर हो सकते हैं चिराग पासवान !

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चिराग पासवान को तीन महीने पहले ही सरकारी बंगाल खाली करने के लिए दो-तीन नोटिस जारी हो चुके हैं।

नई दिल्ली: ऐसा लग रहा है कि चिराग पासवान के 'अच्छे दिन' अभी बहुत दूर हैं। अब इस बात की संभावना जताई जा रही है जल्द ही रामविलास पासवान को जो बंगला सरकार द्वारा दिया गया था उसे वापस लिया जा सकता है। क्योंकि, ये बंगला केंद्रीय मंत्री के लिए है और चिराग पासवान अब सिर्फ सांसद ही रह गए हैं।

लोजपा में बंटवारे के बाद चिराग का दिल्ली स्थित 12 जनपथ का सरकारी बंगला भी हाथ से निकलने वाला हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चिराग पासवान को तीन महीने पहले ही सरकारी बंगाल खाली करने के लिए दो-तीन नोटिस जारी हो चुके हैं। वहीं भाजपा से साथ खराब होते संबंध को देखते हुए चिराग गुट के नेताओं ने बंगला खाली करने का विचार बना लिया है।

दिल्ली स्थित 12 जनपथ का सरकारी बंगला मंत्री पद के लिए आवंटित है। और पिता रामविलास पासवान के जाने के बाद चिराग पासवान केवल सांसद भर रह गए हैं। इस हिसाब से यदि सरकार सख्त होती है तो 30 साल से वहां रह रहे पासवान परिवार को सरकारी बंगला खाली करना पड़ सकता है।

बिहार में ज्यादा समय बिताएंगे चिराग पासवान

लोजपा चिराग गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अब अपना ज्यादा वक्त बिहार में ही व्यतीत करेंगे। चिराग पासवान जल्द से जल्द अपनी कमबैक करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए चिराग 16 जुलाई से अपने आर्शीर्वाद यात्रा का दूसरा फेज शुरू कर रहे हैं।

चिराग पासवान के आशीर्वाद यात्रा का पहला चरण 12 जुलाई तक पूरा होना था। हाजीपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय और खगड़िया के बाद पार्टी नेताओं के मुताबिक चिराग पासवान को कटिहार, पूर्णिया और अररिया के लिए जाना था, लेकिन यात्रा को बीच में ही छोड़कर चिराग को दिल्ली जाना पड़ा है। अब इन जगहों पर उनकी आशीर्वाद यात्रा 16, 17 और 18 जुलाई को होगी।


'शराब मुक्त' बिहार के पश्चिम चंपारण में जहरीली शराब पीने से 12 की मौत, प्रशासन मानने को तैयार नहीं

जहरीली शराब पीने से बिहार के पश्चिम चंपारण में 12 लोगों की मौत हो गई है। इस बात की पुष्टि ग्रामीण तो कर रहे हैं लेकिन प्रशासन ग्रामीणों को झुठलाने पर लगा हुआ है और वह ग्रामीणों की बात नहीं मान रहा है।

पश्‍च‍िम चंपारण: वैसे तो बिहार में शराब बंदी हैं लेकिन यहां शराब से जुड़ी खबरें आती ही रहती हैं। ताजा मामले में जहरीली शराब पीने से बिहार के पश्चिम चंपारण में 12 लोगों की मौत हो गई है। इस बात की पुष्टि ग्रामीण तो कर रहे हैं लेकिन प्रशासन ग्रामीणों को झुठलाने पर लगा हुआ है और वह ग्रामीणों की बात नहीं मान रहा है।


डीएम कुंदन कुमार ने कहा है कि लौरिया एवं रामनगर प्रखंड के सीमावर्ती गांवों में जांच के लिए टीम भेजी गई है। अभी तक दो लोगों की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आई है। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि एक साथ इतनी मौतें जहरीली शराब पीने की वजह से हुई है। घटना की बाबत सिकटा के माले विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि ग्रामीणों ने शराब पीने से मौत की बात कही है। सत्ता के आतंक व प्रशासनिक दबिश के कारण लोग पुलिस-प्रशासन को सच्चाई बताने से डर रहे हैं। इलाके में पुलिस संरक्षण में शराब की भट्ठियों व जुआ के अड्डों का संचालन हो रहा है।

मृतकों में देउरवा पंचायत के वार्ड सात निवासी जुम्मन मियां के पुत्र बिकाऊ मियां, वार्ड छह निवासी लतीफ साह, रामवृक्ष चौधरी, पंडापट्टी निवासी भगवान पंडा आदि हैं। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। बताया गया कि उन्‍हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। मृतकों के स्वजन कुछ नहीं बता रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हैं।

हैरत की बात तो यह है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अब्दुल गनी ने भी घटना को लेकर अनभिज्ञता जताई। पुलिस की बात करें तो प्रभारी थानाध्यक्ष कृष्णा प्रसाद ने कहा कि कुछ लोगों की मौत की सूचना मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।

वहीं, लौरिया एवं रामनगर प्रखंड के देवराज के इलाके में पिछले दो दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में एक दर्जन लोगों की मौत के मामले में शुक्रवार की सुबह में सिकटा के माले विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता के पहुंचने के बाद तस्वीर बदल गई। आनन-फानन में डर के मारे शवों का अंतिम संस्कार करने वाले ग्रामीण मुखर हो गए और खुलकर बोलने लगे।ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष स्वीकार किया कि शराब पीने से मौत हुई है। हालांकि, ग्रामीणों को मुखर करने में विधायक को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

विधायक ने कहा कि सत्ता के आतंक व प्रशासनिक दबिश के कारण लोग सच्चाई बताने से डर रहे हैं। यहां आठ शराब की भट्ठियां व जुआ का अड्डा चलता है। पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी है। इसके बावजूद अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। लौरिया प्रखंड के देउरवा, बगही, पंडापट्टी, तेलपुर, डुमरा एवं रामनगर प्रखंड के जोगिया देवराज गांव में मृतक व बीमार लोगों के स्वजनों को प्रशासन की ओर से डरा दिया गया है। इस वजह से ये लोग सच्चाई बताने में भय खा रहे हैं।


जनसंख्या नियंत्रण कानून पर योगी और नीतीश कुमार आमने-सामने

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जब महिलाएं साक्षर होंगी तो प्रजनन दर अपने आप कम हो जाएगी।

लखनऊ/पटना: यूपी की योगी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून के ड्राफ्ट को लोगों के सामने रख दिया है और लोगों से राय मांग रही है। वहीं,  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को योगी सरकार द्वारा जारी किए गया ड्राफ्ट को पसंद नहीं आया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जब महिलाएं साक्षर होंगी तो प्रजनन दर अपने आप कम हो जाएगी।

नीतीश कुमार का कहना है कि कानून बनाने से जनसख्या नियंत्रित नहीं हो सकती है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक करने जरूरी है। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के लिए शिक्षा पर जोर देने की बात कही है। 

महिलाओं की साक्षरता पर ध्यान देनें की जरूरत

कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि कानून बना देंगे तो जनसंख्या कम हो जाएगा तो ऐसा नहीं हो सकता है। उन्होंने कई उदाहरणों के साथ बताया कि महिला पढ़ी लिखी होगी तो अपने आप जनसख्या नियंत्रित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सोच सोच का फर्क है। हम लोगों की सोच है कि पढाई से ही इसे नियंत्रित कर सकते हैं। कहा हमारी सोच सभी कम्युनिटी पर काम करेगी।

सिर्फ कानून बनाने से नहीं कम होगी जनसंख्या

नीतीश ने कहा कि जो राज्य जो करना चाहें करें परन्तु हमारी राय यह है कि सिर्फ क़ानून बनाने से जनसंख्या नियंत्रित हो जाएगी। नीतीश ने कहा कि जब महिलाएं पूरी तरह पढ़ी लिखी होंगी तो प्रजनन दर कम होगी। हमें लगता है 2040 तक जनसंख्या बढ़ोतरी कम हो जाएगी और फिर ये कम होना शुरू होगी। 



नीतीश कुमार ने चीन का दिया उदाहरण

नीतीश ने कहा कि चीन का पता कर लीजिये। एक से दो किया, अब दो के बाद क्या होगा। आप किसी भी देश का पता कर लीजिये। महिलाएं जब पढ़ी लिखी होंगी, जागरूक होंगी तो खुद प्रजनन दर कम हो जाएगी। 

नीतीश ने आगे कहा कि तमाम सर्वे और रिसर्च देखिये। जब पत्नी मैट्रिक पास है तो प्रजनन दर देश भर में दो था। बिहार में भी यही था। पत्नी अगर इंटर तक पढ़ी है तो रिसर्च में प्रजनन दर देश में 1.7 और बिहार में 1.6 आया। नीतीश ने कहा कि पहले प्रजनन दर 4 थी फिर तीन हुई। अनुमान है कि 2040 तक यह गति नहीं रहेगी। यह कम होगी। उसके बाद इसका घटना भी शुरू होगा। 

बता दें कि उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर योगी सरकार ने फॉर्मूला तैयार कर लिया है। इसके तहत जिनके पास दो से अधिक बच्चे होंगे, वे न तो सरकारी नौकरी के लिए योग्य होंगे और न ही कभी चुनाव लड़ पाएंगे। 


उत्तर प्रदेश के राज्य विधि आयोग ने सिफारिश की है कि एक बच्चे की नीति अपनाने वाले माता पिता को कई तरह की सुविधाएं दी जाएं, वहीं दो से अधिक बच्चों के माता-पिता को सरकारी नौकरियों से वंचित रखा जाए। इतना ही नहीं, उन्हें स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने से रोकने समेत कई तरह के प्रतिबंध लगाने की सिफारिश इस प्रस्ताव में की गई है।


LJP अध्यक्ष चिराग पासवान का दावा, कहा-'JDU में जल्द होगी बड़ी फूट', चाचा पशुपति पारस पर ऐसे कसा तंज

चिराग ने अपने चाचा पशुपति पारस समेत अन्य बागियों को जल्दी से जेडीयू को जॉइन करने की भी राय दी है।

पटना: एक बार फिर से लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने जेडीयू में फुट होने का दावा किया है। चिराग पासवान ने कहा है कि जल्द ही जेडीयू में फूट होनेवाली है और पार्टी के नेता JDU को बचाने पर लग जाएं। चिराग ने अपने चाचा पशुपति पारस समेत अन्य बागियों को जल्दी से जेडीयू को जॉइन करने की भी राय दी है।


चिराग ने एलजेपी का जेडीयू में विलय होने की खबरों का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी से अलग हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द जेडीयू में शामिल हो जाना चाहिए। एलजेपी में टूट की खबरों को बढ़ावा देने वाली जेडीयू को अपनी पार्टी को भी बचा लेना चाहिए क्योंकि जल्दी ही उनकी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है।

चिराग ने अपने चाचा पशुपति पारस को केंद्र में मंत्री बनने पर बधाई भी दी है। चिराग ने कहा कि चाचा ने मंत्री बनने के लिए पार्टी और परिवार को तोड़ने जैसे बड़े कदम उठाये हैं। इतना करने के बाद अब जब वे मंत्री बने हैं तो उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं।

बताते चलें कि लोकसभा स्पीकर के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद आज शाम चिराग पासवान ने दिल्ली स्थित आवास पर लीगल टीम की बैठक बुलाई थी। इसलिए वो दिल्ली के लिए रवाना हो गया। इस संबंध में उन्होंने कहा कि लीगल टीम से बातचीत होने के बाद वह फैसला करेंगे कि उन्हें आगे कौन से कदम उठाने हैं।


लोजपा में फूट: चिराग पासवान को दिल्ली हाई कोर्ट से तगड़ा झटका, लोकसभा स्पीकर के फैसले के खिलाफ दायर याचिका खारिज

कोर्ट ने कहा चिराग की अर्जी में कोई नया आधार नहीं है, चूंकि यह मामला लोकसभा स्पीकर के पास पेडिंग है लिहाजा आदेश देने का कोई जरूरत नहीं है।

नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर के उस फैसले जिसमें उन्होंने पशुपाति पारस को लोजपा संसदीय दल का नेता माना था के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई चिराग पासवान की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा चिराग की अर्जी में कोई नया आधार नहीं है, चूंकि यह मामला लोकसभा स्पीकर के पास पेडिंग है लिहाजा आदेश देने का कोई जरूरत नहीं है।

बता दें कि लोजपा में इन दिनों दो गुट बने हुए हैं। पहला गुट जिसके मुखिया चिराग पासवान हैं और दूसरा जिसके अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस हैं। दोनों की लोजपा पर अपना अधिकार जता रहे हैं। मामले में खुद चिराग पासवान ने ही एक अर्जी देकर लोकसभा स्पीकर से उनके द्वारा किए गए फैसले पर विचार करने को कहा है। वहीं, चुनाव आयोग में भी मामला पहुंच चुका है।

मैं राम विलास पासवान का 'राजनीतिक उत्तराधिकारी': पशुपति


केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस ने गुरुवार को कहा कि वह अपने दिवंगत भाई रामविलास पासवान के ‘वास्तविक राजनीतिक उत्तराधिकारी’ हैं न कि चिराग पासवान, जो अपने पिता की संपत्ति के वारिस हो सकते हैं। 


पारस ने चिराग पासवान से कहा कि वह अपनी गलतियों के लिए ‘आत्म मंथन’ करें। पारस ने कहा कि उनके दिवंगत भाई उनके आदर्श हैं। पहले वह लोजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष थे और वर्तमान में इससे अलग हुए धड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।


मध्यावधि में होंगे बिहार में चुनाव: चिराग


बेगूसराय में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक बार फिर दावा किया कि बिहार में जल्द ही मध्यावधि चुनाव होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जदयू के साथ-साथ एनडीए में भी टूट होगी। जदयू के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। चिराग पासवान ने कहा कि सिर्फ चिराग पासवान की हैसियत कम करने के लिए नीतीश कुमार ने अपनों को धोखा दिया और सिर्फ आरसीपी को केंद्र में मंत्री बनाया है।

चिराग पासवान आशीर्वाद यात्रा के तहत दो दिवसीय दौरे पर बेगूसराय पहुंचे हैं, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया है। चिराग पासवान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जदयू के कई विधायक असंतुष्ट हैं, जो उनके संपर्क में हैं। जिससे जल्दी बिहार में सरकार गिरेगी और मध्यावधि चुनाव होगा। 


चिराग ने कहा कि आशीर्वाद यात्रा के तहत वह चुनाव की तैयारी के साथ-साथ अपने संगठन को मजबूत कर रहे हैं।


JDU के मुख्य प्रवक्ता पद से हटाए गए संजय सिंह, नीरज कुमार को दी गई जिम्मेदारी

संजय सिंह को पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह अब एमएलसी नीरज कुमार को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। प्रवक्‍ताओं की टीम में निखिल मंडल, श्रीमती सुहेली मेहता, डॉ. अजय आलोक, अभिषेक झा और प्रगति मेहता भी शामिल हैं।

पटना: मोदी कैबिनेट विस्तार के बाद बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू में भी बड़ा बदलाव किया गया है। बदलाव के तहत संजय सिंह को पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह अब एमएलसी नीरज कुमार को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। नीरज कुमार सीएम नीतीश और सांसद ललन सिंह के करीबी माने जाते हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, संजय सिंह को जल्‍द ही संगठन में कोई नई जिम्‍मेदारी दी जा सकती है। शुक्रवार को जेडीयू ने इस सम्‍बन्‍ध में नई लिस्‍ट भी जारी कर दी। लिस्‍ट में संजय सिंह की जगह पर पूर्व मंत्री और पार्टी एमएलसी नीरज कुमार का नाम लिखा है। इसके साथ ही पूर्व एमएलसी रणवीर नंदन और अरविंद निषाद को प्रदेश प्रवक्‍ता बनाया गया है।

प्रवक्‍ताओं की टीम में निखिल मंडल, श्रीमती सुहेली मेहता, डॉ. अजय आलोक, अभिषेक झा और प्रगति मेहता भी शामिल हैं। बता दें कि एक दिन पहले भी जेडीयू ने  अपने प्रवक्ताओं की नई टीम घोषित की थी। इस टीम में सात लोगों के नाम शामिल थे। 


वहीं इस मामले में संजय सिंह ने कहा कि उन्‍हें पार्टी का हर फैसला मंजूर है। संजय सिंह को मुख्‍य प्रवक्‍ता पद से हट जाने को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। संजय सिंह जेडीयू के काफी अक्रामक प्रवक्‍ता माने जाते थे। बता दें कि सीएम नीतीश कुमार पर जुबानी हमला करने वाले विरोधी नेताओं को संजय सिंह करारा जवाब देते थे।


पशुपति पारस ने खुद को बताया रामविलास पासवान का 'राजनीतिक उत्तराधिकारी', चिराग बोले-'JDU-NDA में होगी फूट, बिहार में मध्यावधि में होंगे चुनाव'

केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने खुद को लोजपा के दिवंगत अध्यक्ष रामविलास पासवान का 'राजनीतिक उत्तराधिकारी' बताया और उनके बेटे चिराग पासवान को मंथन करने की सलाह है। वहीं दूसरी तरफ बेगूसराय में आशीर्वाद यात्रा के दौरान पहुंचे चिराग पासवान ने कहा कि जल्द ही जेडीयू और एनडीए फूट पड़ने वाली है।

नई दिल्ली: आज केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने खुद को लोजपा के दिवंगत अध्यक्ष रामविलास पासवान का 'राजनीतिक उत्तराधिकारी' बताया और  उनके  बेटे चिराग पासवान को मंथन करने की सलाह है। वहीं दूसरी तरफ बेगूसराय में आशीर्वाद यात्रा के दौरान पहुंचे चिराग पासवान ने कहा कि जल्द ही जेडीयू और एनडीए फूट पड़ने वाली है। साथ ही  दावा किया कि बिहार में मध्यावधि में चुनाव होंगे और उनके संपर्क में जेडीयू के कई असंतुष्ट विधायक हैं।


मैं राम विलास पासवान का 'राजनीतिक उत्तराधिकारी': पशुपति


केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस ने गुरुवार को कहा कि वह अपने दिवंगत भाई रामविलास पासवान के ‘वास्तविक राजनीतिक उत्तराधिकारी’ हैं न कि चिराग पासवान, जो अपने पिता की संपत्ति के वारिस हो सकते हैं। 


पारस ने चिराग पासवान से कहा कि वह अपनी गलतियों के लिए ‘आत्म मंथन’ करें। पारस ने कहा कि उनके दिवंगत भाई उनके आदर्श हैं। पहले वह लोजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष थे और वर्तमान में इससे अलग हुए धड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।


मध्यावधि में होंगे बिहार में चुनाव: चिराग


बेगूसराय में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक बार फिर दावा किया कि बिहार में जल्द ही मध्यावधि चुनाव होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जदयू के साथ-साथ एनडीए में भी टूट होगी। जदयू के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। चिराग पासवान ने कहा कि सिर्फ चिराग पासवान की हैसियत कम करने के लिए नीतीश कुमार ने अपनों को धोखा दिया और सिर्फ आरसीपी को केंद्र में मंत्री बनाया है।

चिराग पासवान आशीर्वाद यात्रा के तहत दो दिवसीय दौरे पर बेगूसराय पहुंचे हैं, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया है। चिराग पासवान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जदयू के कई विधायक असंतुष्ट हैं, जो उनके संपर्क में हैं। जिससे जल्दी बिहार में सरकार गिरेगी और मध्यावधि चुनाव होगा। 


चिराग ने कहा कि आशीर्वाद यात्रा के तहत वह चुनाव की तैयारी के साथ-साथ अपने संगठन को मजबूत कर रहे हैं।


मोदी कैबिनेट विस्तार: RJD का कटाक्ष-'खराबी इंजन में और बदले डिब्बा जा रहे हैं', तेजप्रताप ने जेडीयू और सुशील मोदी पर ऐसा साधा निशाना

राजद ने मोदी कैबिनेट विस्तार को लेकर कटाक्ष किया है। साथ ही जेडीयू और सुशील मोदी पर भी निशाना साधा है।

नई दिल्ली/पटना: मोदी कैबिनेट का विस्तार बुधवार को कर दिया गया है और सभी मंत्रियों को उनके विभाग सौंपे जा चुके हैं। वहीं, राजद ने मोदी कैबिनेट विस्तार को लेकर कटाक्ष किया है। साथ ही जेडीयू और सुशील मोदी पर भी निशाना साधा है।

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने बुधवार को हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तंज कसा है। उन्होंने  कहा कि खराबी इंजन में है और बदले डिब्बे जा रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल में जदयू के शामिल होने पर राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि आज फिर साबित हो गया है कि नीतीश कुमार जाति प्रेम से बाहर नहीं निकल सकते।

ललन सिंह जैसे नेताओं की अनदेखी

शिवानंद तिवारी ने आगे कहा कि व्यवहारिक रूप से किसी भी दल के मंत्रिमंडल में शामिल होने का पहला हक संसदीय दल के नेता का होता है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि इसकी पृष्ठभूमि तैयार करने के लिए ही आरसीपी सिंह को जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर उत्तराधिकारी बनाया गया था। उन्होंने कहा कि आश्चर्य है कि ललन सिंह जैसे तेज-तर्रार नेता भी गच्चा खा गए।


तेज प्रताप ने सुशील मोदी पर कसा तंज

राजद विधायक तेजप्रताप यादव ने ट्वीट कर आरसीपी सिंह को मोदी कैबिनेट में मंत्री बनाए जाने पर कहा कि यह तय करता है कि जदयू एक जाति विशेष की पार्टी है। नए मंत्रियों को शुभकामनाएं देने के साथ ही उन्होंने लिखा है कि सुशील मोदी जी के लिए ढेर सारी सांत्वनाएं। तेजप्रताप ने कहा कि छोटका मोदी जी नया कुर्ता-पायजामा जो सिलवाए हैं, उसको संभालकर रखिए जल्द तेजस्वी का शपथग्रहण होने वाला है। वहां दर्शक दीर्घा में एक कुर्सी आपके लिए रिजर्व रखी जाएगी।


लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप की तबियत बिगड़ी, घर पर ही डॉक्टर कर रहे इलाज

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चीफ लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उनका इलाज फिलहाल घर पर किया जा रहा है और तबियत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है।



 मिली जानकारी के मुताबिक तेज प्रताप यादव की तबियत अचानक बिगड़ गई और उन्हें बुखार आया और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। वहीं, दूसरी तरफ भाई के खराब तबियत की जानकारी मिलते ही तेजप्रताप से मिलने उनके आवास पर उने छोटे भाई तेजस्वी यादव पहुंचे। डॉक्टरों की टीम लगातार तेजप्रताप यादव की स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।

तेज प्रताप यादव का इलाज उनके घर पर ही डॉक्टर घर पर रहे हैं। ऐसे में अगर किसी प्रकार की आपात परिस्थिति पैदा होती है तो एहतियान रूप से एंबुलेंस को बुला लिया गया है। बता दें कि तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव ने हाल ही में कोरोना की वैक्सीन स्पुतनिक लगवाई थी।

तेजप्रताप के डॉक्टर एसके सिन्हा ने दी जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वैक्सीन उन पर असर हुआ है। तेज प्रताप को बदन दर्द और बुखार है। हालांकि सांस लेने में कोई तकलीफ नहीं है। पहले खबर आई ही थी कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ है। तेज प्रताप की स्थिति कुल मिलाकर सामान्य है। तेजस्वी मीडिया से बात किए बगैर बाहर निकले।


RJD के 25वां स्थापना दिवस: बीमारी के बावजूद लालू यादव के तेवर बरकरार, बीजेपी पर बोला हमला, पूरे बिहार का दौरा करने का किया एलान

इस मौके पर लालू यादव ने बीजेपी को भी आड़े हाथों लिया और उसे उसका चुनावी वादा याद दिलाया। साथ ही लालू ने राजद के गठन से लेकर अब तक संघर्षों की बात भी कार्यकर्ताओं को एक बार फिर से बताई।

पटना: आज लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का 25वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर लालू प्रसाद यादव लगभग तीन साल के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता को भी संबोधित किया। साथी ही उन्होंने इस बात का भी एलान किया कि वह जल्द ही पूरे बिहार का दौरा करेंगे और लोगों से मिलकर अपने विचार रखेंगे। इस मौके पर लालू यादव ने बीजेपी को भी आड़े हाथों लिया और उसे उसका चुनावी वादा याद दिलाया। साथ ही लालू ने राजद के गठन से लेकर अब तक संघर्षों की बात भी कार्यकर्ताओं को एक बार फिर से बताई।


पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लालू यादव ने कहा, "जब हम जनता दल से अलग हटे, तभी हमें पता था कि क्या करना है। ऐसे में सभी सहयोगियों के साथ बिहार भवन में मीटिंग कर पार्टी का गठन किया। नाम को लेकर चर्चा हुई, कि क्या नाम रखा जाए। तब हमने रामकृष्ण हेगड़े को कॉल किया, उन्होंने नाम सुझाया राष्ट्रीय जनता दल। इसके बाद पार्टी का गठन हुआ और तब से लगातार हम संघर्ष कर रहे। पुराने लोगों को याद होगा कि हमने कितना संघर्ष किया।"


चुनाव के समय बाहर नहीं आ पाने का मलाल

अपने संबोधन में लालू यादव ने कहा, "पार्टी कर जन्म के बाद जितने चुनाव हुए, उसमें हमें अच्छी सीटें मिलीं। लेकिन मेरे जेल जाने के बाद जब-जब चुनाव आए मैं तड़पता रहा क्योंकि मैं बाहर नहीं आ पाया। मुझे इस बात का मलाल है। तेजस्वी से बात होती थी। उसने कहा कि पापा हम निपट लेंगे। आप घबराइए नहीं।" 

हम कर्पूरी ठाकुर का सपना कर रहे हैं पूरा

राजद के स्थापना दिवस के अवसर पर लालू यादव ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, " हम जननायक कर्पूरी ठाकुर का सपना पूरा कर रहे हैं। हम वंचितों को उनका अधिकार दिला रहे हैं। पार्टी का भविष्य उज्ज्वल है। 5-5 पीएम बनाने में हमने सहयोग किया। नीतीश कुमार व्याकुल थे, इसलिए उनको मंत्री बनवा दिया। सभी बातें बताने का समय नहीं है।"

घी से महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, बेरोजगारी कोरोना से भी बड़ी महामारी


जनता को अपनी ताकत बताते हुए लालू यादव ने कहा, " हमारे साथ जनता की ताकत है। झारखंड में भी हमने राज किया। निकट भविष्य में हम देश को आगे बढ़ाएंगे। आज महंगाई और बेरोजगारी कोरोना से भी बड़ी महामारी है। सरकारी क्षेत्रों का निजीकरण किया जा रहा, ये देश के लिए अच्छा नहीं है। महंगाई इतनी है कि मत पूछिए। हमारे कार्यकाल में ऐसा होता तो लोग चलने नहीं देते। आज घी पीछे छूट गया। पेट्रोल-डीजल आगे निकल गया।" लालू यादव ने आगे कहा, "आज देश को पीछे धकेल दिया गया है। हम पीछे जा रहे है। इसकी पूर्ति करना मुश्किल है। सामाजिक ताना-बाना बदल गया है। सत्ता के लिए देश को बर्बाद किया जा रहा है। ऐसे में आरजेडी कार्यकर्ता सामाजिक ताना-बाना को मजबूत रखने के लिए लोगों को प्रेरित करें। हम पीछे नहीं हटेंगे। मिट जाएंगे, लेकिन टूटेंगे नहीं। पार्टी को मजबूत करने का कार्यकर्ता काम करें। यही पार्टी तमाम समस्याओं निजात दिलाएगी।"


बीजेपी को याद दिलाया चुनावी वादा

अपने संबोधन के दौरान लालू यादव ने बीजेपी पर भी जमकर हमला बोला। वह इस दौरान पूरे रंग में दिखे। लालू यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, "आज बिहार में रोज हत्याऐं होती हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। ये इतना झूठ बोलते हैं। बिहार बहुत पीछे चला गया है। पलायन बढ़ गया। लॉकडाउन में लौटने वालों को आरजेडी ने घर तक पहुंचाया। आरजेडी के 10 लाख नौकरी के एलान पर बीजेपी ने 19 लाख नौकरी का वादा किया। अब जब सरकार बनी है, तो वे वादा पूरा करें।"

राबड़ी-तेजस्वी नहीं होते तो रांची में ही हो जाती मेरी मौत


पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक होकर लालू यादव ने कहा, " राबड़ी और तेजस्वी नहीं होते तो रांची में ही मेरी मौत हो जाती। वो एयरोप्लेन से दिल्ली ले आए। यहां एम्स में डॉक्टरों ने बहुत अच्छा इलाज किया। आज मुझे खुशी बहुत खुशी हुई तेजस्वी और तेज प्रताप को देख कर। दोनों के भाषण में दम है। तेजस्वी ने कम उम्र में बिहार में जो किया, उसकी उम्मीद मुझे नहीं थी। इसमें पार्टी नेता ने भी सहयोग किया। इसलिए सब एक जुट रखकर पार्टी को मजबूत करें। सभी को धन्यवाद। जगतानंद भाई को प्रणाम, उन्हें बहुत जनकरी है। वो हमेशा साथ रहे है। "


लालू यादव ने बताया मोदी के खिलाफ कौन होगा 2024 में पीएम चेहरा

लालू यादव ने नीतिश कुमार के साथ रिश्तों पर भी खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या लालू और नीतिश फिर साथ आएंगे? जवाब में लालू यादव ने कहा, ‘’यह एक काल्पनिक सवाल है।

पटना: आज लालू प्रसाद यादव की पार्टी पार्टी राष्ट्रीय जनता दलअपना 25वां स्थापना दिवस मना रही है। आज का दिन इसलिए भी खास है कि लगभग तीन साल बाद लालू यादव पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। साथ ही जेल से आने के बाद लालू यादव ने पहली बार मीडिया को इंटरव्यू दिया है। जिसमें उन्होंने पार्टी के भविष्य और साल 2024 के लोकसभा चुनावों पर अपनी बात रखी है।


एक दैनिक समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार मे लालू ने कई सवालों के जवाब दिए। जब लालू यादव से पूछा गया कि वह राजनीति में फिर सक्रिय होंगे? तो बताया है कि एक नेता राजनीति से कभी रिटायर नहीं होता। मेरी राजनीति खेत खलिहानों से लेकर सामाजिक न्याय और आखिरी पायदान पर खड़े लोगों को उठाने की रही है। हम गरीबों के हक की लड़ाई के लिए पैदा हुए हैं।


वहीं, लोकसभा चुनाव 2024 में मोदी के खिलाफ पीएम चेहरे से जुड़े सवाल पर लालू यादव ने कहा, ‘’गांठ बांध लीजिए, जो भी चेहरा होगा, वह तानाशाही, अहंकार और आत्म मुग्धता से कोसों दूर होगा। पिछले 6 साल के शासन से यह तो तय हो गया है कि आत्म केंद्रित और व्यक्ति केंद्रित शासन लोकतंत्र की जड़ों को कभी मजबूत नहीं कर सकता।’’


लालू यादव ने नीतिश कुमार के साथ रिश्तों पर भी खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या लालू और नीतिश फिर साथ आएंगे? जवाब में लालू यादव ने कहा, ‘’यह एक काल्पनिक सवाल है। साल 2015 में हमने नीतिश के साथ तमाम अंतर्विरोधो को दरकिनार करके महागठबंधन की जीत सुनिश्तित की थी। लेकिन नीतीश ने पौने दो साल बाद ही उस अभूतपूर्व जनादेश के साथ क्या किया, इसका गवाब पूरा देश है। राजनीति में सिद्धांत, विचार, नीति, नियति और रीढ़ का महत्व नीतीश खो चुके हैं।’’


'दूसरे बेटे' सौरभ ने भी राम विलास पासवान को किया याद

सौरभ ने अपने ट्विटर हैंडल से राम विलास पासवान के जन्मदिन का एक तस्वीर शेयर किया। तश्वीर में सौरभ के साथ रामविलास पासवान और उनकी पत्नी भी नजर आ रही हैं।

पटनाः लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का आज यानि 5 जुलाई को जयंती है। इस मौके पर सौरभ पांडे ने भी उन्हें याद किया। सौरभ पांडे को राम विलास पासवान अपने दूसरे बेटे की ही तरह मानते थे। सौरभ ने अपने ट्विटर हैंडल से राम विलास पासवान के जन्मदिन का एक तस्वीर शेयर किया। तश्वीर में सौरभ के साथ रामविलास पासवान और उनकी पत्नी भी नजर आ रही हैं। तस्वीर में सौरभ दिवंगत राम विलास पासवान केक खिलाते नजर आ रहे हैं।

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सौरभ ने राम विलास पासवाने के साथ की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, 'हैपी बर्थडे पापा जी। मुझे गर्व है की आप के साथ इतना निकट होकर कार्य करने व सीखने का मौक़ा मिला।निरंतरता में व निष्पक्ष होकर काम पुरे लगन से करने की ज़िद्द मैंने आप से ही सीखी है।आप के आशीर्वाद से चिराग आगे बढ़ रहे हैं और आप को #Bihar1stBihari1st के लिए,दिए वचन के लिए लड़ रहें है।


वहीं दूसरी तरफ, राम विलास पासवान के बेटे व सांसद चिराग पासवान उनकी जयंती के अवसर पर बिहार के हाजीपुर से ‘आशीर्वाद यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। बता दें कि चिराग के नेतृत्व वाले खेमा ने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी समूह से जारी लड़ाई के बीच सड़क पर उतर रहे हैं।


राम विलास पासवान की जयंती पर चिराग ने पिता को किया याद, पुरानी तस्वीर को शेयर कर कही ये बात

इस मौके पर उनके बेटे और सांसद चिराग पासवान ने उनकी एक पुरानी तस्वीर को ट्विटर पर शेयर कर उन्हें याद किया है। तस्वीर में रामविलास पासवान केक काटते नजर आ रही हैं। इस तस्वीर में रामविलास पासवान की पत्नी भी उनके साथ हैं।

पटनाः लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का आज यानि 5 जुलाई को जयंती है। इस मौके पर उनके बेटे और सांसद चिराग पासवान ने उनकी एक पुरानी तस्वीर को ट्विटर पर शेयर कर उन्हें याद किया है। तस्वीर में रामविलास पासवान केक काटते नजर आ रही हैं। इस तस्वीर में रामविलास पासवान की पत्नी भी उनके साथ हैं। 


चिराग पासवान ने ट्वीट कर लिखा, “हैप्पी बर्थडे पापा जी, आपकी बहुत याद आती है। मैं आप को दिए वादे को पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहा हूं। आप जहां कहीं भी हैं मुझे इस कठिन परिस्तिथि में लड़ते देख आप भी दुखी होंगे। आप ही का बेटा हूं, हार नहीं मानूंगा। मैं जानता हूं आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ हैं। लव यू पापा जी।”

आज से आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत

चिराग पासवान अपने पिता और पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की जयंती पर आज बिहार के हाजीपुर से ‘आशीर्वाद यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। बता दें कि चिराग के नेतृत्व वाले खेमा ने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी समूह से जारी लड़ाई के बीच सड़क पर उतर रहे हैं।

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'आशीर्वाद यात्रा' को लेकर चिराग ने कहा कि हाजीपुर से यात्रा शुरू करने का यह महत्वपूर्ण फैसला फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि रामविलास पासवान कई बार यहां से लोकसभा के लिए चुने गए और अब सदन में इस सीट का प्रतिनिधित्व पशुपति पारस कर रहे हैं।

चिराग ने कहा कि हाजीपुर उनके पिता की कर्मभूमि थी। यह यात्रा बिहार के प्रत्येक जिले से होकर गुजरेगी और इसके बाद पार्टी की राष्ट्रीय परिषद आयोजित होगी और पटना में एक जनसभा की जाएगी। यात्रा करीब दो महीने में संपन्न होगी।


RJD के 25 साल: तीन साल बाद आज लालू यादव अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित

समारोह का उद्घाटन वर्चुअल रूप से आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद करेंगे। लगभग तीन वर्षों के इंतजार के बाद बिहार के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को लालू प्रसाद यादव के विचार सुनने का अवसर मिलेगा।

पटना: आज राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का 25वां स्थापना दिवस है और इस मौके पर एक लंबे समये के बाद बिहार के पूर्व सीएम व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए पांच जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे के बीच स्थापना दिवस समारोह आयोजित जाएगा। दूसरी तरफ सुशील मोदी ने लालू यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार की राजनीति में अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।  


समारोह का उद्घाटन वर्चुअल रूप से आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद करेंगे। लगभग तीन वर्षों के इंतजार के बाद बिहार के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को लालू प्रसाद यादव के विचार सुनने का अवसर मिलेगा। वहीं, तेजस्वी यादव ने लालू प्रसाद यादव को जन-जन का नेता बताते हुए कहा कि वे देशवासियों के दिल में वास करते हैं। वे गरीब, पीड़ित और वंचितों की आवाज हैं। उन्होंने कहा, ''इन वर्गों के अधिकार की रक्षा के लिए उनका जीवन समर्पित है। आप सभी लोग उनके विचारों समझें और समाज के सभी वर्ग, तबके के उत्थान के लिए संघर्ष करें। आपकी सरकार बनेगी तब सबको सम्मान और अधिकार मिलेगा।''

आरजेडी को तेजसव्री ने ए-टू-जेड पार्टी बताते हुए कहा कि कार्यकर्ता पूरे मन से पार्टी को जन-जन तक पहुंचाने में लग जाएं। पार्टी को माजबूत करें और कार्यकर्ता अपने कार्य क्षेत्र में काम करें। अपनी और पार्टी की पहचान को जनता के बीच स्थापित करें।

भाजपा ने बोला हमला

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सुशील मोदी ने हमला बोलते हुए कहा कि लालू प्रसाद अब जेल में रहें या जमानत पर, पार्टी के पोस्टर-बैनर से  गायब किए जाएं या उनकी सचित्र वापसी हो, बिहार की राजनीति पर इन बातों से अब कोई फर्क नहीं पड़ता। यह दिल बहलाने के लिए एक राजनीतिक दल की आंतरिक कसरत-भर है।


समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह बनाए गए 'करणी सेना' बिहार के मुख्य संरक्षक

हिंदू संगठन 'श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना' ने उन्हें बिहार राज्य का मुख्य संरक्षक बनाया है। संगठन ने उम्मीद जताई कि चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को जो जिम्मेदारी दी गई है उसका बखूबी निर्वहन करेंगे।

पटना: बिहार के प्रसिद्ध समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को एक और नई व बड़ी जिम्मेदारी मिली है। दरअसल, हिंदू संगठन 'श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना' ने उन्हें बिहार राज्य का मुख्य संरक्षक बनाया है। संगठन ने उम्मीद जताई कि चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को जो जिम्मेदारी दी गई है उसका बखूबी निर्वहन करेंगे। 


बता दें कि चंद्रेशखर प्रसाद सिंह अक्सर अपने सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा में रहते हैं। वह एक चर्चित गणितज्ञ भी हैं और हमेसा वह गरीब कन्याओं का विवाह कराते रहते हैं। क्षेत्र में उनके सराहनीय कार्य की अक्सर चर्चा होती रहती है। यह भी बता दें कि 'भारत रक्षा मंच' बिहार के मुख्य संरक्षक भी हैं।


'श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना' के बिहार के मुख्य संरक्षक बनाये जाने के बाद चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने कहा कि संगठन ने जो विश्वास उनपर जताया है और जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है उसका वह बखूबी पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अब अधिक ऊर्जा के साथ लोगों के बीच रहेंगे और जितना हो सकेगा वह संगठन का प्रचार प्रसार करने के साथ-साथ लोगों के हित में काम करते रहेंगे।


नीतीश के मंत्री मदन साहनी ने दिया इस्तीफा, कहा-'अधिकारी सुनते नहीं, जनता की सेवा नहीं कर पा रहा तो मंत्री रहकर क्या करूंगा?'

मदन साहनी ने सीएम नीतीश कुमार के नजदीकी चंचल कुमार की संपत्ति जांच की मांग भी की है।

पटना: बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी ने इस्तीफे की घोषणा कर दी है। साहनी ने आरोप लगाया है कि कोई भी अधिकारी आज के समय में मंत्रियों की नहीं सुन रहा है। ऐसे में वह सरकारी गाड़ी और सरकारी घर लेकर क्या करेंगे। जब वह लोगों का भला नहीं कर पा रहे हैं, जब उनका कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है, तो उनके मंत्री बने रहने का कोई मतलब नहीं बनता है।


ट्रांसफर पोस्टिंग में अनदेखी का लगाया आरोप


साहनी ने ट्रांसफर पोस्टिंग में अनदेखी का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि नीतीश कुमार के करीबी अफसरों ने खूब संपत्ति बनाई है। मदन साहनी ने सीएम नीतीश कुमार के नजदीकी चंचल कुमार की संपत्ति जांच की मांग भी की है।

मदन साहनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम लोग बरसों से तानाशाही झेल रहे हैं, यातना झेल रहे हैं लेकिन अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। साहनी ने कहा कि इसलिए अब हमने मन बना लिया है कि हम अब इस्तीफा दे देंगे। 


साहनी ने आगे कहा कि जब हम किसी का भला नहीं कर सकते है तो हम केवल सुविधा लेने के लिए नहीं बैठे हैं। वहीं, पार्टी से इस्तीफा देने के सवाल पर सहानी ने कहा कि पार्टी में बने रहेंगे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में भी रहेंगे।


अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद पर मनमानी का आरोप लगाया

मदन साहनी ने विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद पर मनमानी का आरोप लगाया। साहनी ने कहा कि विभाग में मंत्रियों की कोई नहीं सुनता है। सारे नियम-कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। समाज कल्याण विभाग में सालों से कई अधिकारी जमे हुए हैं और मनमाना काम कर रहे हैं। इसे हटाने की जब बात कही तो विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सुनने से इनकार कर दिया।


यह मेरी ही नहीं बल्कि सभी मंत्रियों की हालत


साहनी ने आगे कहा कि यह सिर्फ मेरी हालत नहीं है बल्कि बिहार में किसी भी मंत्री की कोई अधिकारी नहीं सुनता है। यह सबको पता है कि जून महीने में वैसे पदाधिकारी जो 3 साल से एक ही जगह पर पदस्थापित हैं, उनका ट्रांसफर होता है। हमने उन सभी अधिकारियों की लिस्ट अपर मुख्य सचिव के सामने रखी पर उसको देखने वाला कोई नहीं है।


बिहार: बीजेपी विधायक का दावा, 'सुशासन बाबू' के मंत्री ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर कर रहे हैं वसूली

बाढ़ विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने गुरुवार को कहा कि इस बार के तबादले में खुलकर पैसे लिए गए हैं। इसमें ज्यादातर बीजेपी के मंत्री शामिल हैं।

पटना: बिहार में हर साल 30 जून से पहले बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला होता है। इस तबादले को लेकर अब तक तो विपक्ष ही धांधली का आरोप लगाता रहा है लेकिन  अब नीतीश सरकार की सहयोगी पार्टी बीजेपी के विधायक की अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है।

बाढ़ विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने आरोप लगाया है कि कुछ बीजेपी के मंत्री और कुछ जेडीयू से मंत्री अवैध रूप से ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल खेल रहे हैं। ज्ञानू का दावा है कि एक एक अधिकारी को पांच पांच बार फोन करके यह कह रहे हैं या पैसा लेकर आइए तो आपका ट्रांसफर कर दिया जाएगा। वहीं, बीजेपी विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सुबह की विपक्षी पार्टी आरजेडी ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला है।

एक निजी समाचार चैनल से बातचीत करते हुए बाढ़ विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने गुरुवार को कहा कि इस बार के तबादले में खुलकर पैसे लिए गए हैं। इसमें ज्यादातर बीजेपी के मंत्री शामिल हैं। एक-एक अफसर को 5-5 बार फोन किया गया कि आइये पैसा दीजिए, तो आपका ट्रांसफर होगा। ज्ञानू के मुताबिक, पैसे देने पर भी जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ, उन्होंने शिकायत भी की है। विभाग के लोगों ने भी बताया है कि खुलकर पैसे लिए जा रहे हैं। सेक्रेटरी के विरोध के बावजूद भी ये काम हो रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, " इस पूरे मामले में जेडीयू के भी एक मंत्री जो इंजीनियरिंग विभाग से संबंधित है और दूसरी पार्टी से आकर जेडीयू में शामिल हुए हैं, उनका नाम सामने आ रहा। उनके विभाग के अभियंताओं में भी जोरों से चर्चा हो रही है कि उन्होंने ने भी जमकर पैसे लिए हैं।"


जेडीयू के कम बीजेपी के ज्यादा मंत्री खेल में शामिल


बीजेपी विधायक ने कहा, " मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तबीयत खराब होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हुई है, लेकिन जैसे ही वे ठीक होंगे उनसे मिलकर ये सारी बातें बताऊंगा. इस बार जेडीयू के एक-आध मंत्री ही शामिल हैं, पर बीजेपी के ज्यादातर मंत्री इसमें शामिल हैं। नीतीश कुमार के कारण इन सभी चीजों पर जेडीयू में नियंत्रण है। वहीं, जो एक मंत्री हैं, वो अभी नीतीश कुमार को पूरी तरह जान भी नहीं पाए हैं।"

समय आने पर करूंगा नाम का खुलासा


बीजेपी के मंत्रियों के नाम का खुलासा करने के संबंध में उन्होंने कहा, " नाम का खुलासा मैं समय आने पर करूंगा। अभी इतना काफी है। मेरे पास ऐसे बहुत लोग आए थे जिनसे पैरवी के लिए पैसे लिए गए हैं " उन्होंने कहा, " अभी एलायंस की सरकार है। ऐसे में पार्टी जिसका नाम आगे करेगी वही मंत्री बनेंगे। नीतीश कुमार ने किसी को खुद से मंत्री बनाया नहीं है।" 

आरजेडी ने नीतीश सरकार को घेर

बीजेपी विधायक द्वारा अपने ही सरकार के मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाए जाने के मामले में आरजेडी ने प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंज तिवारी ने कहा, " बीजेपी के विधायक ने सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। अब सत्तापक्ष के लोगों को जवाब देनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष जो लगातार आरोप लगा रहे थे, वही आरोप बीजेपी नेता भी लगा रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, " सरकार में 80% लोग भ्रष्टाचारी हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि भ्रष्टाचार का खेल किस तरह हो रहा है? अब सत्ताधारी दल के नेता ही सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जिस तरह बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया है ये गंभीर मसला है और बिहार की जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने वालों को इतनी छूट नहीं दी जाएगी।"


बिहार: पूर्वी चंपारण में इंडो-नेपाल बॉर्डर से 8 ड्रोन कैमरे के साथ 3 गिरफ्तार

भारत-नेपाल बॉर्डर पर तैनात एसएसबी द्वारा तीन लोगों को 8 ड्रोन्स के साथ पकड़ा गया है। सभी ड्रोन्स चीन निर्मित हैं।

पूर्वी चंपारण: जम्मू एयरबेस परिसर में बीती रविवार को ड्रोन से हमला होने के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर है। इस बीच भारत-नेपाल बॉर्डर पर तैनात एसएसबी द्वारा तीन लोगों को 8 ड्रोन्स के साथ पकड़ा गया है। सभी ड्रोन्स चीन निर्मित हैं।


SP नवीन चंद्र झा ने बताया, ''कुंडवा चैनपुर थाना अंतर्गत जब नेपाल बॉर्डर पर चेकिंग चल रही थी तब SSB के द्वारा एक वाहन की जांच में 3 व्यक्तियों को पकड़ा गया। इनके वाहन से 8 ड्रोन कैमरे बरामद हुए।'' उन्होंने आगे बताआ कि ये सभी सीलबंद डिब्बे में थे जिन पर मेड इन चाइना लिखा था। इन लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं करने पर उनके विरुद्ध मामला दर्ज करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच चल रही है।


बता दें कि जम्मू एयरबेस पर जिन ड्रोन्स से हमले किए गए थे वह भी चीन निर्मित हैं। जम्मू एयरबेस ब्लास्ट के स की जांच एनआईए कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ये हमले पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई के इसारे पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा ने किए थे।



लालू यादव के लालों ने 5 स्टार हॉस्पिटल में लगवाई विदेशी कोरोना वैक्सीन

इसकी जानकारी तेज प्रताप यादव ने खुद ट्वीट कर दी।

पटना: लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप यादव ने भी आज कोरोना वैक्सीन लगवा ली है। इसकी जानकारी तेज प्रताप यादव ने खुद ट्वीट कर दी। तेज प्रताप यादव ने ट्वीट किया, 'पटना स्थित मेदांता अस्पताल में अपने भाई तेजस्वी के साथ कोरोना का टीका लगवाया। आप सब भी लगवाएं।'


बता दें कि मेदांता में इन दिनों रुस की वैक्सीन स्पूतनिक लगाई जा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों भाइयों ने भी स्पूतनिक टीका लगवाया है। बता दें कि वैक्सीन को लेकर लालू का परिवार लगातार भाजपा और जदयू नेताओं के निशाने पर था। 


पार्टी कार्यकर्ताओं से वैक्सीन लगवाने का किया आह्वान


बता दें कि मंगलवार को ही तेजस्वी यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आहवान किया था कि वे कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन जरूर लें। लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करें।

इतना ही नहीं तेज प्रताप ने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा तंग कि इस महामारी से हुई उन मौतों का आंकड़ा भी जुटाएं, जिसे सरकार कथित तौर पर छिपा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन का असर बमुश्किल साल भर तक रहेगा। वैक्सीन देने की जैसी सरकारी रफ्तार है, कहना मुश्किल है कि कब तक सभी लोग इसे ले पाएंगे।


लालू यादव के लालों लगवाई विदेशी कोरोना वैक्सीन, कहा-'आप सब भी लगवाएं'

पटना: लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप यादव ने भी आज कोरोना वैक्सीन लगवा ली है। इसकी जानकारी तेज प्रताप यादव ने खुद ट्वीट कर दी। तेज प्रताप यादव ने ट्वीट किया, 'पटना स्थित मेदांता अस्पताल में अपने भाई तेजस्वी के साथ कोरोना का टीका लगवाया। आप सब भी लगवाएं।'


बता दें कि मेदांता में इन दिनों रुस की वैक्सीन स्पूतनिक लगाई जा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों भाइयों ने भी स्पूतनिक टीका लगवाया है। बता दें कि वैक्सीन को लेकर लालू का परिवार लगातार भाजपा और जदयू नेताओं के निशाने पर था। 


पार्टी कार्यकर्ताओं से वैक्सीन लगवाने का किया आह्वान


बता दें कि मंगलवार को ही तेजस्वी यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आहवान किया था कि वे कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन जरूर लें। लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करें।

इतना ही नहीं तेज प्रताप ने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा तंग कि इस महामारी से हुई उन मौतों का आंकड़ा भी जुटाएं, जिसे सरकार कथित तौर पर छिपा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन का असर बमुश्किल साल भर तक रहेगा। वैक्सीन देने की जैसी सरकारी रफ्तार है, कहना मुश्किल है कि कब तक सभी लोग इसे ले पाएंगे।


लोगों को पीएम बनने का सपना दिखाते हैं प्रशांत किशोर: जेडीयू

उन्होंने कहा कि बंगाल, तमिलनाडु व अन्य राज्यों में चुनाव जनता ने जिताया है किसी व्यक्ति ने नही।

पटना: जेडीयू ने एक बार फिर से राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर हमला बोला है। जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा है कि प्रशांत किशोर बहुत लोगों को पीएम बनने का सपना दिखाते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि बंगाल, तमिलनाडु व अन्य राज्यों में चुनाव जनता ने जिताया है किसी व्यक्ति ने नही।

आरसीपी ने मंगलवार को कहा कि प्रशांत किशोर बहुत  लोगों को पीएम बनने का सपना दिखाते रहते हैं। वो जहां जाते हैं, उसे पीएम की कुर्सी दिखाकर कहते हैं कि आप वहां पहुंचने वाले हैं। उन्होंने कहा कि बिहार, बंगाल, मद्रास और तमिलनाडू में हुए चुनाव को किसी व्यक्ति नहीं बल्कि, राज्य की जनता ने जिताया था। 

सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर पर आगे हमला करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा, 'न्यूज में बने रहने के लिए पीके (प्रशांत किशोर) शिगूफा छोड़ते रहते हैं। कोई भी चुनाव व्यक्ति नहीं, बल्कि जनता जिताती है। लोकतंत्र चलाना किसी कंपनी को चलाने जैसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब पीके का बिहार में कोई जनाधार नहीं है।'


लोजपा में मचे घमासान के बीच चिराग पासवान ने PM मोदी के करीबी नेता से की मुलाकात, RJD भी डाल रही डोरे !

मुलाकात के बाद कई कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन चिराग पासवान ने इसे निजी ट्रिप बताया और कहा कि यह उनकी निजी मुलाकात थी इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ आरजेडी ने चिराग के पिता स्वर्गीय राम विलास पासवान की जयंती मनाने का एलान करके चिराग को अपने पाले में लाने का प्रयास तेज कर दिया है।

नई दिल्ली/अहमदाबाद: लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अपनी पार्टी में मचे संग्राम के बीच अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक करीबी नेता से मुलाकात की। मुलाकात के बाद कई कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन चिराग पासवान ने इसे निजी ट्रिप बताया और कहा कि यह उनकी निजी मुलाकात थी इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ आरजेडी ने चिराग के पिता स्वर्गीय राम विलास पासवान की जयंती मनाने का एलान करके चिराग को अपने पाले में लाने का प्रयास तेज कर दिया है।

बिहार में लोजपा के अंदर जिस तरह की उठापटक मची है, उसे देखते हुए इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी के सबसे भरोसेमंद नेता से मुलाकात कर चिराग पासवान पार्टी पर अपना दावा मजबूत करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। चिराग ने यह मुलाकात पीएम मोदी और बीजेपी से की गई अपील पर कोई रिस्पॉन्स न मिलने पर की है।

बता दें कि अभी दो दिन पहले ही चिराग ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'यह सही नहीं है कि जब हनुमान का वध हो रहा हो तो राम चुप रहें।'


आरजेडी डाल रही चिराग पर जोरे

वहीं, दूसरी तरफ आरजेडी ने उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। राजद ने चिराग के पिता रामविलास पासवान की जयंती मनाने का ऐलान कर दिया है। राजद इसी 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती मनाएगी। चिराग को लेकर एक इंटरव्यू में तेजस्वी यादव ने कहा था कि वह अपने पिता राम विलास पासवान की विरासत को आरएसएस (RSS) विचारक एम एस गोलवलकर के विचारों के खिलाफ ‘अस्तित्व की लड़ाई’ में शामिल होकर ही आगे ले जा सकते हैं।


बौखलाई बीजेपी, कही ये बात

चिराग पासवान के प्रति राजद की दिलचस्पी देखकर बीजेपी खेमे में खलबली मच गई है। खुद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय जवाब देने के लिए सामने आए हैं। उन्होने कहा, 'ऐसे वरिष्ठ लोगों की जयंती या पुण्यतिथि लोगों को मनानी चाहिए। लेकिन किसी लाभ और हानि की बात करना मैं उचित नहीं समझता। रामविलास पासवान जैसा व्यक्ति होना मुश्किल है, वो हमेशा से लोगों की मदद करते रहे और उनका व्यक्तिगत सानिध्य भी मुझे मिला है। इस जयंती में कहीं भी राजनीति का लाभ नहीं देखना चाहिए।'



मिशन यूपी: BJP की 'साथी' बनना चाहती है JDU, केसी त्यागी ने CM योगी आदित्यनाथ से की बात

बिहार की सत्ताधारी पार्टी और एनडीए की सहयोगी पार्टी जनता दल युनाइटेड ने यूपी में चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। साथ ही बीजेपी से गठबंधन करने की भी इक्षा जताई है। इस बारे में जेडीए नेता केसी त्यागी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की है।

लखनऊ/पटना: यूपी विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल है लेकिन अभी से ही राजनीतिक पार्टियों ने अपने साथी ढूंढने शुरू कर दिए है। ताजा मामले में बिहार की सत्ताधारी पार्टी और एनडीए की सहयोगी पार्टी जनता दल युनाइटेड ने यूपी में चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। साथ ही बीजेपी से गठबंधन करने की भी इक्षा जताई है। इस बारे में जेडीए नेता केसी त्यागी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की है।

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि ''उत्तर प्रदेश में हम पहले भी एनडीए का हिस्सा रहे हैं। वहां हमारे, विधायक, सांसद और मंत्री रहे हैं। 2017 के चुनाव में भी हम पूरी तरह से तैयार थे। लेकिन पार्टी में सर्वसहमति के बाद हमने न लड़ने का निर्णय लिया, जिसका फायदा बीजेपी को मिला।'' त्यागी ने कहा कि ''मैंने योगी आदित्यनाथ से बात की है। उनसे कहा कि नीतीश कुमार की पिछड़े समाज में पॉपुलैरिटी का इस्तेमाल यूपी में भी किया जा सकता है।''

नहीं बनी बात तो अकेले लड़ेंगे चुनाव: केसी त्यागी

केसी त्यागी ने कहा कि ''हमारी पार्टी ने अब विस्तार का फैसला किया है। अगर उत्तर प्रदेश में बीजेपी से बात नहीं बनती तो हम अकेले चुनाव में जा सकते हैं। बिहार में एनडीए का हिस्सा रहते हुए हम पहले भी पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में बीजेपी से अलग चुनाव लड़ चुके हैं।''

गौरलतब है कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू दोनों मिलकर सरकार चला रहे हैं। हालांकि, बीच-बीच में दोनों के बीच अक्सर दूरिया देखी गई हैं। अब ऐसे में यह देखना दिलचश्प होगा कि यूपी में बीजेपी अपने बिहार में साथी पार्टी जेडीयू के साथ समझौता करती है या नहीं।


पढ़िए: बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की जुबानी 'कथावाचक' बनने की कहानी!

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मेरे अंदर सफल राजनेता बनने की क्षमता नहीं है। मैं बन सकता तो अब तक बन गया होता।

पटना: बिहार के पूर्व डीजीपी व जेडीयू नेता गुप्तेश्वर पांडे एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। दरअसल, रविवार को उनका एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह  लोगों को कथा सुना रहे थे। उन्होंने इसके पीछे एक कहानी बताई है। साथ ही आधुनिक राजनीति पर कटाक्ष भी किया।


गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मेरे अंदर सफल राजनेता बनने की क्षमता नहीं है। मैं बन सकता तो अब तक बन गया होता। ऐसा DGP खोज के निकाल दीजिए जो विधायक का चुनाव लड़ने के लिए DGP पद से 6 महीने पहले इस्तीफा दे। मैं विधायक इसलिए बनना चाहता था कि कमज़ोर वर्ग के साथ खड़ा हो सकूं।
 

रविवार को गुप्तेश्वर पांडेय ने अपने इस नए अवतार को लेकर कहा है कि एक समय ऐसा आता है जब आप जीवन के उद्देश्य को जानना चाहते हैं और ईश्वर को जानना चाहते हैं। मैं कोई अपवाद नहीं हूं। मेरी दिलचस्पी अब भगवान में है और यह परिवर्तन अचानक नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि मैं 14 साल की आयु से ही हनुमान जयंती जैसे अलग-अलग मौकों पर लोगों को मंदिर में प्रवचन सुनाया करता था। आध्यात्म में मेरी शुरू से रुचि रही है। इसमें नया कुछ नहीं है। सेवा अवधि में भी मैंने कई अनुष्ठानों में हिस्सा लिया, लेकिन ड्यूटी के दौरान ऐसे कथा कहने की इजाजत नहीं थी, इसलिए मैंने तभी ऐसा नहीं किया। मेरा मानना है कि ईश्वर के चरणों में जगह पाना इंसान का अंतिम लक्ष्य है। इसमें न्यूज जैसी कोई चीज नहीं है, लेकिन मीडिया का धन्यवाद उन्होंने मेरे निजी जिंदगी को जनता तक पहुंचाया।

सुशांत सिंह राजपूत केस में बटोरी थी सुर्खियां 

फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती को लेकर दिए बयान को लेकर पूर्व डीजीपी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने डीजीपी के पद से वीआरएस ले ली थी। चर्चा थी कि वे चुनाव लड़ेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब सोशल मीडिया पर उनका कथा करते हुए वीडियो वायरल हो रहा है।

गुप्तेश्वर पांडेय के बारे में

मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने एएसपी, एसपी, एसएसपी, आईजी, आईजी और एडीजी के तौर पर बिहार के 26 जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। पांडेय ने 2009 में बक्सर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए वीआरएस लिया लेकिन टिकट मिला नहीं तो वापस सेवा में आने की अर्जी दी। इसे 9 महीने बाद नीतीश सरकार ने मंजूर कर लिया था। इसके बाद 2020 में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने दोबारा वीआरएस ली लेकिन इस बार भी उनके हाथ निराशा लगी।


चिराग पासवान का PM पर भरोसा अभी भी कायम, कहा-'हनुमान का राजनीतिक वध राम खामोशी से नहीं देखेंगे'

चिराग पासवान ने आगे कहा कि मैंने शुरू से स्पष्ट किया कि मेरा गठबंधन BJP के साथ हुआ और मैं आज तक BJP के साथ खड़ा हूं। BJP के हर नीतिगत फैसले का मैंने समर्थन किया जबकि नीतीश जी ने इनके हर फैसले का विरोध किया। अब ये फैसला BJP को लेना है कि वो आने वाले समय में मेरा साथ देते हैं या नीतीश जी का।

नई दिल्ली/पटना: लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर भरोसा जताया है। उन्होंने लोजपा में हुई टूट को लेकर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पीएम मोदी उनका साथ देंगे। चिराग ने एक बार फिर दोहराया कि मैंने हनुमान की तरह प्रधानमंत्री जी का हर मुश्किल दौर में साथ दिया, आज जब हनुमान का राजनीतिक वध करने का प्रयास किया जा रहा है, मैं ये विश्वास करता हूं कि ऐसे में राम खामोशी से नहीं देखेंगे।

चिराग पासवान ने आगे कहा कि मैंने शुरू से स्पष्ट किया कि मेरा गठबंधन BJP के साथ हुआ और मैं आज तक BJP के साथ खड़ा हूं। BJP के हर नीतिगत फैसले का मैंने समर्थन किया जबकि नीतीश जी ने इनके हर फैसले का विरोध किया। अब ये फैसला BJP को लेना है कि वो आने वाले समय में मेरा साथ देते हैं या नीतीश जी का।

वहीं बागियों को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि मेरे परिवार के लोगों ने ही मेरी पार्टी को तोड़ने का काम किया है। फिलहाल मुझे अपनी पार्टी को शून्य से उस मुकाम पर लेकर जाना है जहां पापा पार्टी को हमेशा लेकर जाना चाहते थे।


गौरतलब है कि मौजूदा समय में लोजपा में दो गुट है पहले गुट के अध्यक्ष खुद चिराग पासवान हैं जबकि बागियों के गुट के अध्यक्ष चिराग के चाचा पशुपति पारस हैं। फिलहाल चिराग पासवान लंबी लड़ाई की घोषणा कर चुके हैं। वह जल्द ही हाजीपुर से एक यात्रा की भी शुरूआत करने वाले हैं। वहीं, लोजपा पर किसका अधिकारी को इसका फैसला चुनाव आयोग करेगा।



बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय बन गए हैं पुजारी !

दरअसल, उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह पुजारी की भूमिका में हैं और लोगों को प्रवचन दे रहे हैं। प्रवचन के बीच बीच में वह लोगों को कानूनी जानकारी भी दे रहे हैं।

पटना: अपने पुलिस के सेवाकाल के अंतिम दिनों में वीआरएस लेकर खादी पहनने वाले बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे का एक नया अवतार इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह पुजारी की भूमिका में हैं और लोगों को प्रवचन दे रहे हैं। प्रवचन के बीच बीच में वह लोगों को कानूनी जानकारी भी दे रहे हैं।


कभी खाकी में नजर आने वाले गुप्तेश्वर पांडे ने खादी की खातिर नौकरी छोड़ी और वीआरएस लेकर नीतीश कुमार की जेडीयू में शामिल हो गए। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि उनका मन खादी से भी भर गया है और अब वो गेरूआ धारण किए हुए नजर आ रहे हैं और धार्मिक आयोजन में प्रवचन दे रहे हैं।


गुप्तेश्वर पांडे अब लोगों को जीवन तथा ईश्वर के बारे में बता रहे हैं। इस नए अवतार में उनकी भूमिका पूरी तरह बदल गई है और वह अब प्रवचन देते हुए दिख रहे हैं। राजनीति के मोह के कारण नौकरी से त्यागपत्र देने वाले पांडे जी आजकल लोगों को मोह-माया से मुक्ति की राह बता रहे हैं। 


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर उनके कथा वाचन का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो लोगों को जीवन का मर्म समझा रहे हैं। इसके अलावा वो लोगों को कानून की धाराएँ भी समझा रहे हैं। 

शुरूआत से ही धार्मिक प्रवृत्ति के रहे गुप्तेश्वर पांडे अपनी नई भूमिका के बारे में कहते हैं कि उन्हें पहले से ही धार्मिक पुस्तकें पढ़ने का शौक रहा है इसलिए अब उन्हें कोई दिक्कत भी नहीं हो रही है। इन दिनों वह अयोध्या में कथावाचन कर रहे हैं। हनुमान गढ़ी में रोज पूजा-पाठ करने के बाद वह धार्मिक कार्यों में शामिल होते हैं।


चंद्रशेखर प्रसाद सिंह बनाए गए 'भारत रक्षा मंच' बिहार के मुख्य संरक्षक

भारत रक्षा मंच' बिहार के मुख्य संरक्षक बनाए जाने पर प्रसाद सिंह ने कहा कि वह अब अधिक ऊर्जा के साथ लोगों के बीच रहेंगे और जितना हो सकेगा वह संगठन का प्रचार प्रसार करने के साथ-साथ लोगों के हित में काम करते रहेंगे।

पटना/रोहतास: बिहार के प्रसिद्ध समाजसेवी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को एक नई और बड़ी जिम्मेदारी मिली है। दरअसल, हिंदू संगठन 'भारत रक्षा मंच' ने उन्हें बिहार राज्य का मुख्य संरक्षक बनाया है। संगठन ने उम्मीद जताई कि चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को जो जिम्मेदारी दी गई है उसका बखूबी निर्वहन करेंगे। 


बता दें कि मूल रूप से बिहार जिला बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले चंद्रेशखर प्रसाद सिंह अक्सर अपने सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा में रहते हैं। वह एक चर्चित गणितज्ञ भी हैं और हमेसा वह गरीब कन्याओं का विवाह कराते रहते हैं। क्षेत्र में उनके सराहनीय कार्य की अक्सर चर्चा होती रहती है।


वहीं 'भारत रक्षा मंच' बिहार के मुख्य संरक्षक बनाए जाने पर चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने कहा कि वह अब अधिक ऊर्जा के साथ लोगों के बीच रहेंगे और जितना हो सकेगा वह संगठन का प्रचार प्रसार करने के साथ-साथ लोगों के हित में काम करते रहेंगे।


भ्रष्टाचार के 'भीष्म पितामह' हैं नीतीश कुमार: तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव में बिहार के सीएम नीतीश कुमार को 'भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह' बताते हुए जमकर हमला बोला। गुरुवार को वे वीरचंद पटेल मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे और राजद नेताओं के साथ बैठक की।

पटना: लगभग 2 महीने बाद दिल्ली से पटना लौटे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव में बिहार के सीएम नीतीश कुमार को 'भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह' बताते हुए जमकर हमला बोला। गुरुवार को वे वीरचंद पटेल मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे और राजद नेताओं के साथ बैठक की।


तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा, "बिहार में प्रकाशित एसटीईटी के रिजल्ट में जिस तरह मलयालम फिल्म अभिनेत्री का फोटो लगा हुआ है, उससे साफ है कि गड़बड़ी हुई है। यह भ्रष्टाचार का एक बड़ा मकड़जाल है और उसके भीष्म पितामह नीतीश कुमार हैं। यह किसी से छिपा नहीं है। उनके मुख्यमंत्री रहते हुए हर साल त्रुटि पाई जाती रही है। बिहार के अलावा भी कई राज्य हैं। वहां भी परीक्षाएं होती हैं, रिजल्ट आता है लेकिन बिहार में ही ऐसी घटना क्यों होती हैं? घटना होती है तो किसी पर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता है?"


आगे तेजस्वी ने कहा, 'दोषी अधिकारियों को सजा मिलनी चाहिए लेकिन उन्हें प्रमोशन मिलता है। उनको और बढ़िया पोस्ट दिया जाता है। बिना घूस और आरसीपी टैक्स के कोई काम नहीं होता है। कितने दिनों पहले घोषणा की गई थी तो आखिर अब तक नियुक्ति क्यों नहीं हुई है, इसका जिम्मेदार कौन है?'

हर जगह भ्रष्टाचार

तेजस्वी ने कहा कि आप किसी भी विभाग में चले जाए, सभी जगह भ्रष्टाचार भरा पड़ा है. जल संसाधन विभाग में चले जाएं तो वहां दो-दो मंत्री हैं, एक घोषित है और एक अघोषित है। अभी सत्तरघाट को फिर से काटा गया जो पिछले बार भी डूब गया था। हर जगह भ्रष्टाचार है। इस सरकार में 70 घोटाले हुए हैं, लेकिन नीतीश कुमार किसी अधिकारी, किसी मंत्री पर कोई जांच, कोई कार्रवाई नहीं करते। आखिर ये क्या है इसका जवाब कौन देगा। पूरे बिहार में भ्रष्टाचार है और मुख्यमंत्री मौन हैं।


डीएम और एसएसपी कर रहे उगाही


तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार कह रही है कि किसानों से समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद हो रही है। जबकि सच्चाई यह है कि सभी जिले के डीएम और एमएसपी उगाही कर रहे हैं। सभी विभाग में भ्रष्टाचार है और नीतीश कुमार भीष्म पितामह बने बैठे हैं। जनता सब कुछ देख रही है कि किस तरह का शासन बिहार में चल रहा है।


अब जीतन राम मांझी ने उठाया निजी क्षेत्र में आरक्षण का मुद्दा, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से कही ये बात

जीतन राम माझी ने ट्वीट कर केंद्र की मोदी सरकार को निजी और आउटसोर्सिंग की नौकरियों के मुद्दे पर नसीहत दी है।

पटना: राजद के बाद अब 'हम' के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम माझी ने निजी क्षेत्र में आरक्षण का मुद्दा उठाया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को कोट करते हुए ट्वीट किया कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से कहा है कि आप देश को बेशक आउटसोर्सिंग का हब बनाइए। हम इसका स्वागत करेंगे। लेकिन निजी क्षेत्र और आउटसोर्सिंग में आरक्षण नहीं होने से देश के अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य जातियां सीधे प्रभावित होंगी।

बिहार की नीतीश सरकार में शामिल व एनडीए की सहयोगी पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने निजी क्षेत्र में आरक्षण का मुद्दा उछाल दिया है। उन्होंने ट्वीट कर केंद्र की मोदी सरकार को निजी और  आउटसोर्सिंग की नौकरियों के मुद्दे पर नसीहत दी है। 

जीतन राम माझी ने ट्वीट कर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से कहा है कि आप देश को बेशक आउटसोर्सिंग का हब बनाइए। हम इसका स्वागत करेंगे। लेकिन निजी क्षेत्र और आउटसोर्सिंग में आरक्षण नहीं होने से देश के अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य जातियां सीधे प्रभावित होंगी। इसलिए आपसे आग्रह है कि आउटसोर्सिंग में भी आरक्षण का प्रावधान सुनिश्चित कराएं। 


राजद भी उठा चुकी है निजी क्षेत्र में आरक्षण का मुद्दा


बता दें कि राजद निजी क्षेत्र में आरक्षण और जाति के आधार पर जनसंख्या का मुद्दा उठाती रही है। संत शिरोमणि रविदास की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की मांग दोहराई थी। उन्होंने केंद्र सरकार पर संविधान के साथ आरक्षण को भी खत्म करने का आरोप लगाया और कहा कि जिन सरकारी संस्थानों में आरक्षण लागू है, उन्हें निजी हाथों में बेचा जा रहा है। 

तेजस्वी यादव ने कहा था कि केंद्र एवं राज्य सरकार आरक्षण और दलित विरोधी हैं। राजद अगर सड़क पर नहीं उतरता तो एससी/एसटी एक्ट बदल दिया जाता। रेलवे, बीएसएनएल, एयर इंडिया जैसे अधिकतर उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने आरक्षण ना मिलने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी थी।


चिराग पासवान ने लोजपा में फूट के लिए जेडीयू और नीतीश कुमार को बताया जिम्मेदार, चाचा पशुपति पारस को बताया विश्वासघाती

लोक जनशक्ति पार्टी में हुई फूट के लिए आज चिराग पासवान ने जेडीयू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर हमला बोला।

नई दिल्ली/पटना: लोक जनशक्ति पार्टी में हुई फूट के लिए आज चिराग पासवान ने जेडीयू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर हमला बोला। अपने चाचा पशुपति पारस को उन्होंने विश्वासघाती बताते हुए अपने पिता रामविलास पासवान के द्वारा पर किए गए एहसान को गिनाया और कहा कि जब उनके पिता रामविलास पासवान जिंदा थे तब वह सबका ख्याल रखते थे। चिराग पासवान ने कहा कि जेडीयू ने पार्टी को तोड़ने का काम किया है।

जमुई सांसद चिराग पासवान ने मंगलवार को पत्र लिखकर एक ओर पार्टी में टूट का जेडीयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार बताया। वहीं, चाचा पशुपति पारस पर विश्वासघात करने का आरोप भी लगाया। चिराग ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर अपना पत्र जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया है।

जेडीयू ने तोड़ी पार्टी

पत्र में चिराग ने लिखा, " जनता दल (यूनाइटेड) ने हमेशा लोक जनशक्ति पार्टी को तोड़ने का काम किया। 2005 फरवरी के चुनाव में हमारे 29 विधायकों को तोड़ा गया और साथ ही साथ हमारे बिहार प्रदेश के अध्यक्ष को भी तोड़ने का काम किया गया। उसके बाद 2020 में जीते हुए एक विधायक को भी तोड़ने का काम जेडीयू ने किया। आज लोक जनशक्ति पार्टी के 5 सांसदों को तोड़ जनता दल (यूनाइटेड) ने अपनी बांटो और शासन करो की रणनीति को दोहराया है।"


नीतीश कुमार पर लगाया गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए चिराग ने लिखा, " रामविलास पासवान के जीवनकाल में कई बार नीतीश कुमार की ओर से उनकी राजनीतिक हत्या का प्रयास किया गया। दलित व महादलित में बंटवारा करवाना उसी का एक उदाहरण है। उन्होंने मुझे और मेरे पिता को अपमानित करने का और राजनीतिक तौर पर समाप्त करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। इतना कुछ होने पर भी रामविलास पासवान नहीं झुके। लोकसभा के चुनाव में हमारे 6 सांसदों को हराने में जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी।"

बिहार की जनता को भी नीतीश ने दिया धोखा


चाचा पशुपति पारस पर निशाना साधते हुए चिराग पासवान ने कहा, " मुझे ताज्जुब होता है कि पार्टी से निष्कासित सांसद कैसे एक ऐसे व्यक्ति के साथ खड़े हो सकते हैं, जिन्होंने हमेशा रामविलास पासवान को ही नहीं बल्कि बिहार की जनता को धोखा देने का काम किया। नीतीश कुमार ये बर्दाश्त ही नहीं कर सकते कि कोई दलित राजनीति में आगे बढ़े फिर चाहे वो कोई भी हो।"

पिता की मौत के बाद चाचा ने बंद कर दी थी बातचीत

चिराग पासवान ने लिखा, "परिवार के टूटने का दुख मुझे है। पापा ने पूरा जीवन पार्टी के साथ-साथ अपने भाईयों को भी आगे बढ़ाने का काम किया और आज उनको गये 9 महीने भी नहीं हुए और अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए उन्होंने परिवार का साथ छोड़ दिया। पापा (रामविलास पासवान) के जाने के बाद से चाचा (पशुपति पारस) ने मुझसे बात करना बंद कर दिया। अगर वो मुझे कहते तो मैं खुशी-खुशी उनका नाम मंत्री पद के लिए लोक जनशक्ति पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री जी के समक्ष विचार के लिए रखता।"


लंबी लड़ाई के लिए तैयार हूं


चिराग ने कहा, " पापा ने कभी अपने परायों में कोई फर्क नहीं रखा पर आज उनके के बाद पापा के अपनों द्वारा दिये गये जख्मों से दुखी हूँ।" अंत में पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा, " साथियों आने वाले समय में हम सबको एक लंबी और राजनीतिक और सैद्धांतिक लड़ाई लड़नी है। ये लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के अस्तित्व की नहीं बल्कि रामविलास पासवान के विचारधारा को बचाने की है। मैं मजबूती से हर राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हूँ और अपने अगले पत्र में पार्टी के संविधान और सिद्धांतों की जानकारी आप सबके साथ साझा करूंगा ताकि आप सबको भी ये विश्वास रहे कि हम लोग कानूनी तौर पर कितने मजबूत है और पार्टी से निलंबित मुट्ठी भर लोग हम से हमारी पार्टी नहीं छीन सकते। मैं आपसे वादा करता हूँ कि लोक जनशक्ति पार्टी हमारी थी और हमारी रहेगी।"


बिहार के सीएम नीतीश कुमार आज करेंगे पीएम मोदी से मुलाकात, जानिए क्या है प्लान

सीएम नीतीश कुमार और पीएम के बीच होनेवाली मुलाकात में नीतीश जेडीयू और लोजपा के बागी गुटों को मोदी कैबिनेट में शामिल करने की चर्चा कर सकते हैं।

नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में आए भूचाल के बाद केंद्र की मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के चर्चाएं तेज हो गई है। इस बीच आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पीएम सेे मिलने के बाद वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे।


राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, सीएम नीतीश कुमार और पीएम के बीच होनेवाली मुलाकात में नीतीश जेडीयू और लोजपा के बागी गुटों को मोदी कैबिनेट में शामिल करने  की चर्चा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार में जेडीयू के साथ-साथ लोजपा के बागी  गुटों के लिए भी मंत्री पद मांग सकती है।


बता दें कि मोदी कैबिनेट के विस्तार की खबरों के बीच है लोजपा में फूट पड़ी और इसके पीछे जेडीयू का बहुत बड़ा रोल रहा है। हालांकि, वह कभी भी सामने आकर यह नहीं कह सकी लेकिन चिराग पासवान को अध्यक्ष पद से हटवाने में और लोजपा को फिर से अपने करीब लाने में जेडीयू की बड़ी भूमिका रही।

कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो पहले से ही बिहार के विशेष दर्जे की मांग करते आ रहे थे । वे इस मुद्दे पर भी नरेंद्र मोदी से बात कर सकते हैं लिहाजा बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा होनी शुरू हो गई है कि नीतीश कुमार इस बार बिहार को विशेष दर्जा दिलाने के लिए अपनी पुरजोर कोशिश करेंगे।

यह बात जग जाहिर है कि बता दें कि लोक जनशक्ति पार्टी में हुए नेतृत्व परिवर्तन और बदली परिस्थितियों के बाद जदयू की स्थिति केंद्र और बिहार में मजबूत हुई है और जदयू के साथ लोजपा के भी सांसद हैं नीतीश कुमार की नजर अब केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार पर टिकी है। 

नीतीश की सियासी चालें सफल रही तो, वह भाजपा के ही वोट बैंक में सेंधमारी करेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी की नाराजगी की वजह से बीते विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को कम से कम 30 सीटों का नुकसान हुआ था।


लोजपा में फूट: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से चिराग पासवान ने मुलाकात कर फैसले को बताया गलत

सांसद चिराग पासवान और उनके गुट वाले लोजपा के कुछ नेताओं के साथ शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की।

नई दिल्ली/पटना: लोजपा में फूट हो चुकी है और अब इसके दो धड़े हो चुके हैं। वहीं, पार्टी के अध्यक्ष पद को लेकर भी चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति पारस के बीच रस्साकसी जारी है। दोनों ही पार्टी पर अपना अधिकारी बता रहे हैं। इस बीच आज चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात की और पशुपति पारस के पक्ष में उनके द्वारा दिए गए फैसले को गैरकानूनी बताया।

सांसद चिराग पासवान और उनके गुट वाले लोजपा के कुछ नेताओं के साथ शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। ओम बिड़ला से मुलाकात करने के बाद चिराग पासवान ने बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को तथ्यों से अवगत कराया और उनसे एलजेपी के निलंबित सांसदों में से एक पशुपति कुमार पारस को लोकसभा में एलजेपी के अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करने के फैसले पर फिर से समीक्षा करने के लिए आग्रह किया। चिराग पासवान ने कहा कि यह गैरकानूनी है और उनकी पार्टी का संविधान इसकी इजाजत नहीं देता।


पशुपति पारस ने भंग की सारी समितियां
शनिवार को सांसद पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में एलजेपी की राष्ट्रीय, राज्य कार्यकारिणी और विभिन्न प्रकोष्ठों की समितियों को भंग कर दिया गया है। उन्होंने सांसद चौधरी महबूब अली कैसर और वीणा देवी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित किया गया है जबकि प्रिंस राज और चंदन सिंह को राष्ट्रीय महासचिव घोषित किया गया है।


बिहार में बाढ़ जैसे हालात, कई क्षेत्रों का टूटा संपर्क, सैकड़ों गांवों में अंदर तक घुसा पानी

बाढ़ की वजह से सैकड़ों गांवों में पानी अंदर तक घुस गया है। इतना ही नहीं कई क्षेत्रों में सम्पर्क मार्ग तक भारी जलभराव की वजह से टूट गए हैं।

पटना: भारी बारिश से बिहार में कई नदियां उफनाई हुई हैं। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं और सैकड़ों गांवों में पानी अंदर तक घुस गया है। इतना ही नहीं कई क्षेत्रों में सम्पर्क मार्ग तक भारी जलभराव की वजह से टूट गए हैं।

कई नदियां उफ़ान पर

उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मुजफ्फरपुर के तीन प्रखंडों में गंडक तबाही मचा रही है। साहेबगंज व पारू के दियारा इलाके में करीब दो दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। दोनों प्रखंडों के करीब छह सौ घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं सरैया के कई गांव आंशिक रूप से बाढ़ की चपेट में हैं।

दूसरी ओर बागमती और बूढ़ी गंडक में भी तेजी से जलवृद्धि हो रही है। औराई, कटरा व गायघाट में बागमती का पानी तेजी से बढ़ रहा है। बूढ़ी गंडक में वृद्धि से मोतीपुर, कांटी, मीनापुर, मुशहरी व शहरी इलाकों में दहशत का माहौल है। 

जिलाधिकारी ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा


गंडक से प्रभावित क्षेत्रों का डीएम ने दौरा कर राहत व बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया है। वहीं सुगौली थाना कार्यालय में शुक्रवार को बाढ़ का पानी घुस गया। आनन-फानन में थाने को स्कूल में शिफ्ट किया गया।

संग्रामपुर-हाजीपुर के बीच संपर्क टूटा


पूर्वी चंपारण जिले में गंडक व बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से कई प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। गंडक नदी के जलस्तर वृद्धि से संग्रामपुर-हाजीपुर मुख्य पथ पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। इजरा मोरी गांव से लेकर करीब एक किलोमीटर तक पानी का बहाव तेज है। 


तेतरिया प्रखंड के सिरौली डायवर्सन पर बागमती नदी का पानी चढ़ने से आवागमन बाधित हो गया है। सुगौली के बिशुनपुर्वा गांव जाने वाली सड़क पर तीन फुट बाढ़ का पानी चढ़ गया गई। वहीं, डुमरिया घाट रिंग बांध के किनारे बसे कई गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। अरेराज व बंजरिया के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।

पश्चिमी चंपारण में 6 प्रखंडों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा


पश्चिम चंपारण जिले में सिकरहना नदी का तांडव जारी है। शुक्रवार को दो दर्जन नए गांव में इस नदी का पानी घुस गया जबकि छह प्रखंडों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया। इन प्रखंडों में लौरिया, रामनगर, नरकटियागंज, सिकटा, मैनाटांड़ व गौनाहा शामिल हैं। 

बेतिया-नरकटियागंज, बेतिया-सिकटा पथ पर दो दिनों से बाढ़ का पानी बह रहा है। लौरिया-रामनगर व लौरिया नरकटियागंज पथ पर करीब चार फीट पानी बह रहा है।


LJP में फूट के बाद चाचा पशुपति पारस को उनके गढ़ में घेरने की तैयारी में चिराग, हाजीपुर से सड़क पर उतर 'संघर्ष यात्रा' की करेंगे शुरुआत

चिराग पासवान अपने सहयोगियों और समर्थकों के साथ विचार विमर्श कर आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।

पटना/हाजीपुर: बिहार में आये राजनीतिक भूचाल में बेशक पशुपति पारस ने खुद को जीता हुआ मान लिये हैं लेकिन उन्हें अब चिराग पासवान उनके गढ़ में ही घेरने की तैयारी कर चुके हैं।


लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद शुरू होगी रामविलास पासवान के विरासत और नज़र होगी चिराग पासवान के अगले कदम पर। जी हां! चाचा पशुपति पारस के नेतृत्व में पार्टी में हुई बग़ावत के बाद चिराग पासवान का राजनीतिक कदम क्या होगा? पार्टी के सिंबल और दफ़्तर पर कब्ज़े किस गुट का होगा? इसके लिये दोनो गुट के बीच चुनाव आयोग और अदालत में लंबी क़ानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय हो पाएगा। लेकिन रामविलास पासवान राजनीतिक विरासत पर दावा करने के लिए सीधे समर्थकों के बीच जाएंगे चिराग। वज़ह पारस गुट भी रामविलास पासवान के समर्थकों को अपने पाले में करने के लिए कोई कसर नही छोड़ेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ चिराग पासवान अपने सहयोगियों और समर्थकों के साथ विचार विमर्श कर आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।पार्टी सूत्रों का कहना है कि ख़राब तबियत से उबर रहे चिराग पासवान जल्द ही दिल्ली से पटना रवाना होंगे और पैठ बनाने के लिए चिराग पासवान अब अपना ज़्यादा समय बिहार में बिताना चाहते हैं ताकि पार्टी को नए सिरे से खड़ा किया जा सके।

चाचा से मिले झटके के बावज़ूद चिराग पासवान कैम्प का मानना है कि पार्टी के ज़्यादातर वोटर और समर्थक उन्हीं के साथ हैं। इतना ही नहीं, पिता रामविलास पासवान की मृत्यु के कुछ ही महीनों बाद उन्हें पार्टी से बेदखल करने के वज़ह  लोगों की सहानुभूति भी चिराग पासवान के साथ है और चिराग इसे भुनाने की पूरी कोशिश करेंगे।


ऐसे में चिराग पासवान जल्द ही लोगों के बीच उतर कर पार्टी में दो फाड़ के लिए चाचा पारस और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साजिश पर हमला बोलने की तैयारी कर रहे हैं चिराग।

सूत्रों के मुताबिक़ पटना पहुंचने के कुछ दिनों के भीतर ही चिराग पासवान बिहार की यात्रा पर निकलेंगे इस यात्रा को ' संघर्ष यात्रा ' का नाम दिए जाने की संभावना है।

इस यात्रा का मक़सद पूरे बिहार में घूम घूमकर 'बिहार फर्स्ट बिहारी फ़र्स्ट' विजन डोकुमेंट का प्रसार करना और लोगों की समस्याएं सुनना है।


हाजीपुर से हो सकती है 'संघर्ष यात्रा' की शुरुआत


संघर्ष यात्रा की शुरुआत हाजीपुर से किए जाने की संभावना है जो चिराग पासवान के पिता और लोजपा संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान का लोकसभा क्षेत्र हुआ करता था।

मज़ेदार  बात ये है कि फ़िलहाल चिराग के चाचा पशुपति पारस ही हाजीपुर से सांसद हैं। लिहाज़ा हाजीपुर से यात्रा की शुरुआत कर चिराग एक तीर से कई निशाना साधना चाहते हैं।

सूत्रों का ये भी कहना है कि चिराग पासवान अपना ज़्यादातर समय बिहार में ही बिताएंगे ताकि बिहार की राजनीति में एक बड़ी ताकत बन सकें।


लोजपा का अध्यक्ष बनते ही पशुपति पारस 'काम' पर लगे, जेडीयू अध्यक्ष से करेंगे मुलाकात

पशुपति पारस जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह से जल्द ही मुलाकात करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

पटना: लोक जनशक्ति पार्टी का अध्यक्ष बनते ही पशुपति पारस एक्शन मोड में आ गए हैं। जानकारी मिली है कि पशुपति पारस जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह से जल्द ही मुलाकात करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।


बताते चलें कि एलजेपी में टूट की खबर सामने आने के बाद से लगातार  ऐसा कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की वजह से एलजेपी में बगावत हुई है। वहीं, चिराग पासवान ने भी जेडीयू पर उनकी पार्टी को तोड़ने का आरोप लगाया था। हालांकि, पशुपति पारस समेत बागी गुट के नेता इस बात को लगातार नकार रहे थे।

तो क्या सारी कहानी जेडीयू की लिखी हुई थी ?

लोजपा में टूट के बाद नीतीश के करीबी नेताओं ललन सिंह और महेश्वर हजारी का दिल्ली में पशुपति से मिलना और अब पशुपति पारस का जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलना, इस ओर इशारा कर रहा है कि कहीं न कहीं का टूट का जेडीयू से कोई कनेक्शन है।

बता दें कि चिराग पासवान ने पार्टी और परिवार में फूट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस, " पापा (रामविलास पासवान) के जाने से अनाथ नहीं हुआ था। आज अनाथ महसूस कर रहा हूं। वो (पशुपति पारस) मुझे एक बार बोलते, मैं पद छोड़ देता।" वहीं, चिराग ने सीधे तौर पर जेडीयू पर उनकी पार्टी को तोड़ने का भी आरोप लगाया था।

जेडीयू ने चिराग पर किया पलटवार


चिराग द्वारा जेडीयू पर पार्टी को तोड़ने का आरोप लगाने पर जेडीयू के प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा था, " वाह, बुझे हुए चिराग, आपसे खुद पार्टी नहीं संभली क्योंकि आप उस लायक नहीं थे, काबिलियत नहीं थी। पार्टी हाथ से फिसल गई, टूट गई तो आरोप जनता दल यूनाइटेड पर लगा रहे हैं। आपके पिता (रामविलास पासवान) जब तक थे,  तब तक पार्टी संभली क्योंकि उनमें काबिलियत थी, उसके बाद नहीं संभली क्योंकि आप नाकाबिल हैं। तो इसमें जेडीयू कहाँ से आ गई।"


लोजपा में फूट: बागी गुट ने पशुपति पारस को निर्विरोध चुना पार्टी का अध्यक्ष, कार्यकारिणी बैठक में लिया गया फैसला

पशुपति पारस को आज लोक जनशक्ति पार्टी के बागी गुट द्वारा निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। इस बात का फैसला पार्टी की कार्यकरिणी बैठक में लिया गया।

नई दिल्ली/पटना: बिहार की राजनीति में मचे घमासान के बीच चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस को आज लोक जनशक्ति पार्टी के बागी गुट द्वारा निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। इस बात का फैसला पार्टी की कार्यकरिणी बैठक में लिया गया।


बताते चलें कि पिछले कुछ दिनों से लोक जनशक्ति पार्टी ( लोजपा) पर कब्जे की लड़ाई चल रही है। पार्टी चाचा पशुपति कुमार पारस और भतीजा चिराग पासवान के बीच बंट गई है। दोनों गुटों के कार्यकर्ता सड़कों पर हैं। 


लोजपा में उठे बवंडर के बाद दिल्ली से लेकर पटना तक में दोनों गुटों के कार्यकर्ता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में जुटे हुए हैं। पशुपति पारस पार्टी में तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं। तो चिराग पासवान चाचा पर विश्वासघात का आरोप लगा रहे हैं। 


इससे पहले पशुपति पारस ने नामांकन दाखिल किया था। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस के नाम पर सांसदों ने एकमत से सहमति जताई। यह बैठक लोजपा के कार्यकारी अध्यक्ष  चुनाव प्रभारी सूरज भान सिंह के निजी आवास पर हुई। हालांकि पार्टी कार्यालय में चुनावी प्रक्रिया नहीं होने से सवाल उठने लगे हैं। 

पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह को देखते हुए चुनाव प्रभारी सूरजभान सिंह के कंकड़बाग टीवी टॉवर स्थित उनके आवास पर बैठक आयोजित की गई है। पारस गुट का कहना है कि कोरोना को देखते हुए कार्यकारी अध्यक्ष के आवास पर बैठक बुलाई गई है। 

पारस गुट का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ इकट्ठे ना हो, इसलिए चुनाव की प्रक्रिया अलग जगह आयोजित की गई है। अगर पार्टी दफ्तर में बैठक या चुनाव प्रक्रिया की जाती तो प्रदेशभर के कार्यकर्ता और नेता शामिल हो जाते। ऐसे में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा तेज हो जाता।


लोजपा में फूट: चिराग पासवान बोले-'JDU जिम्मेदार, चाचा कहते तो बना देता संसदीय दल का नेता, शेर का बेटा हूँ लड़ाई जारी रहेगी'

उन्होंने पार्टी में टूट के लिए जेडीयू को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर उनके चाचा पशुपति पारस सिर्फ एक बार कहते तो वह तुरंत उन्हें पार्टी की तरफ से संसदीय दल का नेता बन देते। लेकिन उन लोगों ने ऐसे समय पार्टी को तोड़ने की साजिश रची जब वह बीमार थे।

नई दिल्ली/पटना: लोक जनशक्ति पार्टी में में फूट के बाद आज पहली बार चिराग पासवान मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने पार्टी में टूट के लिए जेडीयू को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर उनके चाचा पशुपति पारस  सिर्फ एक बार कहते तो वह तुरंत उन्हें पार्टी की तरफ से संसदीय दल का नेता बन देते।  लेकिन उन लोगों ने ऐसे समय पार्टी  को तोड़ने की साजिश रची जब वह बीमार थे।


बीजेपी के मुद्दे पर चिराग पासवान ने कहा कि अगर वह हनुमान राम का सहारा लेने लगे तो फिर हनुमान किस बात के। वही पार्टी के अध्यक्ष से जुड़े सवाल पर चिराग ने कहा कि संविधान के मुताबिक अभी भी वह पार्टी के अध्यक्ष है। चिराग ने कहा कि अभी लड़ाई जारी रहेगी। वह एक शेर के बेटे हैं और समय-समय पर वह लोगों को जवाब देते रहेंगे।


लोक जनशक्ति पार्टी में जारी घमासान को लेकर बुधवार को चिराग पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चाचा पशुपति पारस के साथ जारी विवाद को लेकर चिराग ने अपने रुख को सभी के सामने रखा। चिराग पासवान ने कहा कि मैं चाहता था कि परिवार की बात बंद कमरे में निपट जाए, लेकिन अब ये लड़ाई लंबी चलेगी और कानूनी तरीके से से लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वक्त से मेरी तबीयत खराब थी, इसलिए मैं पिछले कुछ दिनों से बाहर नहीं आ पाया। सिर्फ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से सबकुछ नहीं निपटेगा, ये लड़ाई लंबी है।

चुनाव के दौरान लोगों ने दिया समर्थन

चिराग पासवान ने कहा कि 8 अक्टूबर को पिताजी का निधन हुआ और उनके बाद ही चुनाव आ गया था। वो काफी मुश्किल वक्त था, लेकिन चुनाव के दौरान लोगों ने हमें बड़ा समर्थन दिया। हमें 25 लाख से अधिक वोट मिले। चिराग पासवान ने कहा कि जदयू की वजह से हम गठबंधन से अलग हुए थे और अकेले चुनाव लड़ा था।


नीतीश कुमार की नीतियों पर नहीं था भरोसा, चाचा ने भी नहीं निभाई सक्रिय भूमिका


चिराग पासवान ने कहा कि मेरा भरोसा नीतीश कुमार की नीतियों पर नहीं था, इसलिए मैंने किसी के सामने नहीं झुकने का फैसला किया। पार्टी में जो लोग संघर्ष के पथ पर नहीं थे, उन्होंने अलग रास्ता अपनाया। मेरे चाचा पशुपति पारस ने भी विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार में कोई भूमिका नहीं निभाई।

चिराग पासवान ने कहा कि जब मैं बीमार था, तब मेरे पीठ पीछे पार्टी को तोड़ने की साजिश रची गई। इस बार की होली पर परिवार का कोई भी व्यक्ति साथ नहीं था। मैंने अपनी चिट्ठी में चाचा से बात करने की अपील की थी।

चाचा कहते तो छोड़ देता संसदीय दल के नेता का पद, मैं ही हूँ पार्टी अध्यक्ष

चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार सिर्फ संसदीय दल और खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष ही संसदीय दल के नेता को चुन सकता है, अगर चाचा कहते तो संसदीय दल का नेता बना दिया जाता। चिराग ने संविधान का हवाला देते हुए कहा किबअगर राष्ट्रीय अध्यक्ष की बात है तो संविधान के अनुसार अभी भी वही अध्यक्ष हैं।


भाजपा को लेकर चिराग ने कहा ये

भाजपा को लेकर जब चिराग पासवान से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि अगर हनुमान को राम से मदद मांगनी पड़े, तो हनुमान काहे के और राम काहे के। दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग पासवान ने खुद को पीएम मोदी का हनुमान बताया था।

6 महीने बाद विरोध का क्या मतलब ?


पशुपति पारस गुट द्वारा लगाए गए आरोपों पर चिराग पासवान ने कहा कि अगर फैसले पर दिक्कत थी, तो तभी बात कहनी थी। चुनाव के 6 महीने बाद विरोध जताने का क्या मतलब नहीं है। पशुपति पारस द्वारा बुलाई गई बैठक पर चिराग पासवान ने कहा कि उनके पास इस तरह की बैठक बुलाने के लिए अधिकार नहीं है।

जब अपने ही दगा दे...

चिराग पासवान ने कहा कि जदयू की ओर से लंबे वक्त से बांटने की कोशिश की गई है, साथ ही उन्होंने कहा कि जब उनकी पार्टी में ही लोग दगा दे रहे हैं तो वह क्या कर सकते हैं। लोजपा सांसद प्रिंस पासवान पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर चिराग पासवान ने कहा कि मैंने दोनों पक्षों को सुना था और पुलिस के पास जाने की सलाह दी थी।

बता दें कि पशुपति पारस समेत कुल पांच सांसदों ने खुद को चिराग पासवान से अलग कर कर दिया था। पशुपति पारस ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिख खुद को संसदीय दल का नेता बनाने की अपील की थी, जिसे मंजूर कर लिया गया था। चिराग पासवान ने भी निर्णय लेते हुए पांचों सांसदों को पार्टी से निकाल दिया था।


लोजपा में फूट: अध्यक्ष पद से हटाए गए चिराग पासवान, सूरजभान सिंह चुने गए कार्यकारी अध्यक्ष

इस लड़ाई में चिराग पासवान अलग थलग पड़ गए हैं। पहले उनसे संसदीय दल के नेता का पद छीन जाता है और अब उन्हें पार्टी के अध्यक्ष पद से भी बागियों ने हटा दिया है।

नई दिल्ली/पटना: तीन दिन से लोजपा में चल रही उठापठक आज खत्म हो गई है। इस लड़ाई में चिराग पासवान अलग थलग पड़ गए हैं। पहले उनसे संसदीय दल के नेता का पद छीन जाता है और अब उन्हें पार्टी के अध्यक्ष पद से भी बागियों ने हटा दिया है। बागियों द्वारा उनकी जगह सूरजभान सिंह को लोजपा का कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया है। 

इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के छह लोकसभा सदस्यों में से पांच ने, दल के मुखिया चिराग पासवान को संसद के निचले सदन में पार्टी के नेता के पद से हटाने के लिए हाथ मिला लिया और उनकी जगह उनके चाचा पशुपति कुमार पारस को इस पद के लिए चुन लिया। चाचा पशुपति कुमार पारस और भाई प्रिंस राज की बगावत के बाद उनकी पार्टी के सभी सांसदों ने उनका साथ छोड़ दिया है। इस घटना के बाद पहली बार चिराग ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

चिराग ने क्या कहा

चिराग पासवान ने ट्विटर पर लिखा, ''पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिए किए मैंने प्रयास किया लेकिन असफल रहा। पार्टी मां के समान है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं। एक पुराना पत्र साझा करता हूं।''


लोजपा में फूट: पार्टी अध्यक्ष पद से भी चिराग पासवान की विदाई तय

पार्टी के संसदीय दल के नेता का पद लेने के बाद अब चिराग से पार्टी के अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष का पद लेने की तैयारी तेज हो चली है।

नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पद से भी चिराग पासवान की विदाई लगभग तय हो चुकी है। पार्टी के संसदीय दल के नेता का पद लेने के बाद अब चिराग से पार्टी के अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष का पद लेने की तैयारी तेज हो चली है।


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब चिराग़ पासवान को लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाने की तैयारी है। पशुपति कुमार पारस व अन्य सांसद पटना जाएंगे और जल्द ही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक बुलाई जाएगी।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इस बैठक में चिराग़ पासवान की जगह पशुपति कुमार पारस को राष्ट्रीय अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके लिए कार्यकारिणी के सदस्यों से संपर्क साधा जा रहा है। 

बता दें कि इससे पहले सोमवार देर शाम पशुपति पारस, चिराग पासवान की जगह लोजपा के लोकसभा में नेता बनाए गए। स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें मान्यता दी है। पार्टी सांसदों ने महबूब अली कैसर को उपनेता चुना है। चंदन सिंह को पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया गया है। 

गौरतलब है कि लोक जनशक्ति पार्टी के 6 में से 5 सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान के खिलाफ बगावत की है। बागी तेवर दिखाने वाले सांसदों में पशुपति कुमार पारस, चंदन सिंह, प्रिंस राज, वीणा देवी और महबूब अली कैसर शामिल हैं।


लोकसभा अध्यक्ष ने पशुपति पारस को माना लोजपा संसदीय दल का नेता, अलग-थलग पड़े चिराग

लोकसभा अध्यक्ष ने पशुपति कुमार पारस को एलजेपी के पार्टी संसदीय दल के नेता के रूप में मान्यता दे दी है।

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने पशुपति पारस को लोकसभा में लोजपा संसदीय दल का नेता मान लिया है। इससे पहले दोपहर में उन्हें लोजपा के पांच सांसद पशुपति पारस पासवान, प्रिंस राज, चंदन सिंह, वीणा देवी और महबूब अली केशर ने लोजपा का संसदीय दल का नेता चुन लिया था। इस फैसले के बाद लोजपा प्रमुख चिराग पासवान अलग थलग पड़ गए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ने चिराग के चाचा और दिवंगत राम विलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस को एलजेपी के पार्टी संसदीय दल के नेता के रूप में मान्यता दे दी है। जिसके बाद पारस सभी सांसदों के साथ चुनाव आयोग के लिए निकल गए हैं जहां वे पार्टी पर अपने अधिकार का दावा कर सकते हैं।

बता दें कि बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद पशुपति कुमार पारस को सर्वसम्मति से लोकसभा में संसदीय दल के नेता चुना गया था। लोजपा के 6 में से पांच सांसदों ने लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में अलग गुट के रूप में मान्यता देने के लिए कहा आग्रह किया था जिसे अब लोकसभा स्पीकर ने स्वीकार कर लिया है। सूत्रों की मानें तो ये सभी सांसद अब जेडीयू का हाथ थाम सकते हैं।


लोजपा में बड़ी फूट, 5 सांसद हुए पार्टी से अलग, चिराग पासवान पड़े अकेले

पार्टी के पांच सांसदों ने चिराग से अलग होने का फैसला लिया है। इनमें पशुपति पारस, प्रिंस, महबूब अली कैसर, वीणा देवी और चंदन सिंह शामिल हैं।

पटना: पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के निधन के बाद उनके पुत्र चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के सर्वेसर्वा जरूर हो गए लेकिन अपरिपक्वता एयर अनुभवहीनता की उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही हैं। पहले तो बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा और अब जब मोदी कैबिनेट में 'हिस्सा' मिलने का समय आया तो चिराग का साथ उनके पांचों सांसदों ने छोड़ दिया है।


मिली जानकारी के मुताबिक, एलजेपी के पांच सांसदों ने पार्टी से अलग होने का फैसला कर लिया है। अब चिराग पार्टी में अकेले ही रह गए हैं। पहले चार सांसदों के अलग होने की खबर आई थी। चिराग के चाचा पशुपति पारस की अगुआई में यह टूट हुई है। उनके भाई प्रिंस भी अब अलग हो गए हैं।


लोक जनशक्ति पार्टी के पांच सांसदों ने पार्टी प्रमुख और सांसद चिराग पासवान के नेतृत्व से अलग होने का फैसला कर लिया है। यह एलजेपी में बड़ी फूट की तरफ अंदेशा लगाया जा रहा है। सभी पांचो सांसदों ने इसकी जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को लिखित में दी है।

यह फैसला तब हुआ है जब केंद्र सरकार अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की योजना बना रही है। पार्टी के पांच सांसदों ने चिराग से अलग होने का फैसला लिया है। इनमें पशुपति पारस, प्रिंस, महबूब अली कैसर, वीणा देवी और चंदन सिंह शामिल हैं।


बिहार में कोरोना टेस्ट के नाम पर हो गया ये घोटाला, आप भी पकड़कर बैठ जाएंगे माथा !

मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में स्वास्थ्य विभाग के अपनी जाँच में कई ब्लॉक में ऐंटिजेन की जितनी किट मिली उससे अधिक जाँच रिपोर्ट सरकारी पोर्टल में दर्ज हैं।

पटना: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे ही है और यहां पर जो भी होता है खासकर आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के नाम पर वज सिर्फ कागजों में होता है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाई का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि उसे जितने कोरोना टेस्टिंग किट मील थे उनसे कहीं ज्यादा उसने टेस्टिंग कर डाले। अब इसमें तो दो ही बात हो सकती है वह है लापरवाही या फिर घोटाला।

राज्य के मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में स्वास्थ्य विभाग के अपनी जाँच में कई ब्लॉक में ऐंटिजेन की जितनी किट मिली उससे अधिक जाँच रिपोर्ट सरकारी पोर्टल में दर्ज हैं। 

इस घोटाले का खुलासा भी दैनिक भास्कर अखबार ने किया है, जिसने पहले एक रिपोर्ट में 25 प्रतिशत मोबाइल नम्बर ग़लत पाये थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के ज़िला स्तर की समिति ने जांच में पाया था कि कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाँच के जितने ऐंटिजेन किट मिले उससे कई गुणा अधिक जाँच का डेटा सरकारी पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए।

उदाहरण के लिए, बोचहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 4350 किट निर्गत हुए। उस स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने 3550 किट स्वीकार किए लेकिन केंद्रीय पोर्टल में 6740 जाँच ऐंटिजेन से करने का डेटा अपलोड कर दिया गया है। ऐसे ही एक और संकरा स्वास्थ्य केंद्र में 7350 ऐंटिजेन किट उपलब्ध कराए गए लेकिन उसके रेकर्ड के अनुसार 8450 किट मिला और जाँच किया उससे भी अधिक 8668 लोगों का।

निश्चित रूप से राज्य में जाँच किट का ये नया घोटाला सामने नहीं आया है। इससे पूर्व पिछले साल भी ग़लत मोबाइल नम्बर का हेराफेरी का मामला सामने आया था और जाँच के बाद कई लोगों को निलंबित भी किया गया था लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो बार-बार ऐसा राज्य में पूरी जाँच का 75 प्रतिशत ऐंटिजेन टेस्ट के ऊपर निर्भरता के कारण हो रहा है।

राज्य के चार ज़िलों में तो 85 प्रतिशत केवल ऐंटिजेन टेस्ट हुए हैं। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अपना गृह ज़िला नालंदा भी शामिल है, जहाँ आरटी-पीसीआर टेस्ट मात्र 10 प्रतिशत और शेष 90 प्रतिशत ऐंटिजेन टेस्ट हुआ। इसके अलावा पूर्णिया में मात्र एक प्रतिशत आरटी-पीसीआर टेस्ट हुआ है।


बिहार में पक रही 'राजनीतिक खिचड़ी', जीतन राम मांझी ने लालू यादव से की बात, जानिए क्या है इनसाइड स्टोरी

तेजप्रताप ने शुक्रवार को न सिर्फ मांझी से मुलाकात की बल्कि फोन पर अपने पिता और पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू यादव से उनकी बात भी कराई।

पटना: बिहार में अब अलग ही राजनीतिक खिचड़ी पकती दिख रही है। दरअसल, लालू यादव और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के बीच आज फोन पर बात हुई। राजनीतिक पंडित इस बात के की राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं।


पिछले कुछ दिनों से जीतनराम मांझी एनडीए और भाजपा को लेकर हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं उससे पटना के सियासी गलियारों में लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं कि मांझी कोई नई खिचड़ी पका रहे हैं। इधर, लालू-राबड़ी की 48 वीं वैवाहिक वर्षगांठ और अब लालू यादव के 72 वें जन्‍मदिन पर मांझी के बधाई संदेशों और उसके बाद शुक्रवार को तेजप्रताप का उनके आवास पर जाकर मुलाकात करने से इस बारे में और तेजी से कयासबाजी होने लगी है। तेजप्रताप ने शुक्रवार को न सिर्फ मांझी से मुलाकात की बल्कि फोन पर अपने पिता और पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू यादव से उनकी बात भी कराई। 

मांझी ने इस मुलाकात और बातचीत के बारे में मीडिया को बताया कि यह बिल्‍कुल गैर राजनीतिक और विशुद्ध पारिवारिक मामला है। उन्‍होंने कहा कि राजनीति में मतभेद तो होता है लेकिन मनभेद नहीं होता। लालू यादव के परिवार से उनके व्‍यक्तिगत और पारिवारिक सम्‍बन्‍ध हैं। उन्‍होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती है कि यहां पति-पत्‍नी, मां-बेटा और बिल्‍कुल के करीब के रिश्‍तों में भी लोग अलग-अलग पार्टियों में रह सकते हैं। राजनीति के क्षेत्र में नीचे से लेकर ऊपर तक ऐसे अनेकों उदाहरण हैं। 

उन्‍होंने कहा कि पारिवारिक सम्‍बन्‍धों के नाते ही उन्‍होंने लालू यादव-राबड़ी देवी को उनके विवाह की 48 वीं वर्षगांठ पर भी बधाई दी थी और अब लालू जी के जन्‍मदिन पर भी उन्‍हें शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि उनके ट्वीट से तेजप्रताप यादव को लगा कि उन्‍हें आकर मुलाकात करनी चाहिए और वे आए। वे आए तो बहुत सी बातें हुईं। इसी दौरान उन्‍होंने कहा कि-'पापा भी आपसे बात करना चाहते हैं। उन्‍होंने फोन मिलाकर लालू जी से बात कराई।' जीतनराम मांझी ने कहा कि फोन पर हुई बातचीत में उन्‍होंने लालू यादव को जल्‍द से जल्‍द पूर्ण रूप से स्‍वस्‍थ होने और दीघार्यु होने की कामना की। इसके साथ ही जन्‍मदिन की बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि इस बातचीत के कोई राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।


बिहार में अपराध बा ! वैशाली में बैंक कर्मियों को बंधक बना लूटे 1करोड़ 19 लाख

बिहार में अपराध बा ! वैशाली में बैंक कर्मियों को बंधक बना लूटे 1करोड़ 19 लाख

वैशाली: बिहार के सीएम नीतीश कुमार अक्सर अपनी सरकार की पीठ थपथपाते रहते हैं और कहते हैं कि उनके राज में बिहार में जंगलराज खत्म हुआ है। लेकिन जिस तरह से राज्य में बैंकों के दिन दहाड़े लुटने की खबरें आती हैं उससे तो नहीं लगता कि बदमाशों में पुलिस और कानून का कोई डर है। ताजा मामले में वैशाली जिले में स्थित एचडीएफसी बैंक की एक शाखा को बदमाशों ने अपना शिकार बनाया। बदमाशों ने बैंक कर्मियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर दिनदहाड़े बैंक में डकैती डाली और 1 करोड़ 19 लाख लेकर चम्पत हो गए। वहीं, पुलिस अभी तक सिर्फ जांच ही कर रही है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।


मामला वैशाली जिले के हाजीपुर में जरुआ का है। बाइक सवार पांच बदमाशों ने एचडीएफसी बैंक से दिनदहाड़े एक करोड़ 19 लाख की लूट को अंजाम दिया है। गुरुवार को बैंक खुलने के थोड़ी देर बाद करीब 11 बजे लुटेरे परिसर में दाखिल हो गए और उन्होंने दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने बैंककर्मियों और एक ग्राहक को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया। बदमाश ग्राहक के 44 हजार रुपए भी लूटकर ले गए।

घटना की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारी वरिष्ठ मौके पर पहुंच गए हैं। तिरहुत रेंज के आईजी गणेश कुमार और वैशाली के एसपी मनीष ने वारदात स्थल पर जाकर मुआयना किया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है।

बैंक खुलने के थोड़ी देर बाद ही अपराधी बैंक में घुस गए और हथियार के बल पर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। बदमाशों ने हथियार का डर दिखाकर ग्राहक और बैंक कर्मियों को अपने कब्जे में ले लिया था।

जानकारी के अनुसार, बाइक सवार बदमाश पांच की संख्या में बैंक पहुंचे थे। लूट के बाद वे हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद बैंक कर्मियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस बैंक के अंदर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है।


बिहार में भी लॉकडाउन खत्म, सीएम नीतीश कुमार ने किया एलान

बिहार में भी लॉकडाउन खत्म, सीएम नीतीश कुमार ने किया एलान

पटनाः बिहार में भी लॉकडाउन समाप्त  खत्म हो चुका है। लगातार कोरोना के मामले घाट रहे हैं और इसी को देखते हुए सरकार ने राज्य को अनलॉक करने का फैसला लिया है।  हालांकि, नाइट कर्फ्यू अभी भी जारी रहेगा।

बुधवार को क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लॉकडाउन लगाने की से कोरोना संक्रमण में कमी आई है। अतः लॉकडाउन खत्म करते हुए शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अब 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सरकारी और निजी कार्यालय चार बजे अपराह्न तक खुलेंगे।  दुकान खुलने की अवधि पांच बजे अपराह्न तक बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण कार्य किए जा सकेंगे। निजी वाहन चलने की अनुमति रहेगी। यह व्यवस्था अगले एक सप्ताह तक रहेगी। अभी भी भीड़भाड़ से बचने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर बुधवार को इसकी जानकारी दी है।


लगातार घट रहे कोरोना के केस


बिहार में लॉकडाउन के पहले हर दिन दस हजार से ऊपर मरीज मिल रहे थे। बिहार में कोरोना की स्थिति गंभीर होता देख तुरंत सरकार ने लॉकडाउन का फैसला लिया। इसके बाद हर दिन मरीजों की संख्या में कमी आई। अब हर दिन एक जहार से कम नए मामले आ रहे हैं। बीते सोमवार को यानी 7 जून को बिहार में सिर्फ 762 नए संक्रमित पाए गए हैं।


ट्विटर ब्लू टिक मामला: अब पप्पू यादव ने कसा तंज-'देश वैक्सीन के लिए तिल-तिल मर रहा और बीजेपी ट्विटर से ब्लू टिक के लिए'

ट्विटर ब्लू टिक मामला: अब पप्पू यादव ने कसा तंज-'देश वैक्सीन के लिए तिल-तिल मर रहा और बीजेपी ट्विटर से ब्लू टिक के लिए'

पटना: ट्विटर द्वारा देश के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, मोहन भागवत व आरएसएस के अन्य पदाधिकारियों के अकाउंट का ब्लू टिक हटाये जाने और फिर वापस लगाए जाने का मामला ठंडा पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है। अब इस प्रकरण में बिहार जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष और बिहार के लोकप्रिय नेता पप्पू यादव भी कूद पड़े हैं। पप्पू यादव ने भाजपा पर तंज कसा है।

उन्होंने कहा, देश वैक्सीन के लिए तिल-तिल मर रहा और बीजेपी ट्विटर से ब्लू टिक के लिए लड़ रही है।

गौरतलब कि ट्विटर ने शनिवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया और सोशल मीडिया पर संघ के शुभचिंतकों के रोष व्यक्त करने के बाद इसे बहाल कर दिया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की दिल्ली इकाई के पदाधिकारी राजीव तुली ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बताया ‘‘यह ट्विटर द्वारा साफ तौर पर भेदभाव और प्रौद्योगिकी सामंतवाद का स्पष्ट उदाहरण है।'' उन्होंने ऐसे कई ट्विटर अकाउंट का हवाला दिया जो निष्क्रिय हैं, लेकिन उनका ब्लू टिक बरकरार है।


संघ के सूत्रों ने बताया कि सत्तारूढ़ भाजपा के मार्गदर्शक आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों से जुड़े पांच अकाउंट से सत्यापन बैज ब्लू टिक को हटा लिया गया। बाद में भागवत, सुरेश सोनी, अरुण कुमार, सुरेश जोशी और कृष्ण गोपाल के अकाउंट के ब्लू टिक को बहाल कर दिया गया। तुली ने कहा कि काफी मशक्कत के बाद इसे बहाल कर दिया गया।


बिहार में जदयू और बीजेपी के बीच ‘सबकुछ’ ठीक नहीं!

बिहार में जदयू और बीजेपी के बीच ‘सबकुछ’ ठीक नहीं!

पटना: क्या बिहार एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है? क्या बीजेपी और जेडीयू में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है? क्या बिहार के सियासी गलियारों में कुछ पक रहा है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि इन दिनों सत्ता पक्ष के नेताओं के तेवर बदले-बदले हैं। नेताओं की ओर से की जा रही बयानबाजी कयासों को जन्म दे रही है। बीते दिनों बीजेपी एमएलसी टुन्ना पांडेय ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर ऐसा ही बयान दिया है। बीजेपी एमएलसी के बयान के बाद जहां सियासी पारा चढ़ गया है। वहीं, सूबे में एनडीए घटक दल जेडीयू और बीजेपी आमने-सामने आ गई है। 


कुशवाहा ने की शिकायत

बीजेपी एमएलसी के बयान से खफा जेडीयू एमएलसी उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल से शिकायत की है। बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा, " यह बयान आप तक भी पहुंच ही रहा होगा संजय जायसवाल जी। ऐसा बयान अगर किसी जद(यू) के नेता ने भाजपा या उसके किसी नेता के बारे में दिया होता तो...अबतक...!"

दरसअल, बीते दिनों एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान बीजेपी एमएलसी टुन्ना पांडेय ने कहा था कि जब तक मोहम्मद शहाबुदीन के परिवार का कोई सदस्य सदन में नहीं नहीं जाता तब तक वो कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा था कि पूर्व सांसद की साजिश के तहत हत्या की गई है। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी हाथ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर चाहते तो मोहम्मद शहाबुदीन के शव को सिवान की मिट्टी नसीब हो सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।"


उन्होंने कहा था, " अभी सिक्किम से एक कोरोना पॉजिटिव शख्स का शव बिहार लाया गया। लेकिन 4 बार सांसद और 2 बार विधायक रहे शहाबुदीन के साथ नीतीश कुमार ने गलत किया और इसका उन्हें पाप लगेगा।" बीजेपी एमएलसी टुन्ना पांडेय ने कहा था कि मोहम्मद शहाबुद्दीन को सच बोलने की सजा मिली है। उन्होंने भागलपुर जेल से सिवान आने के बाद कहा था कि नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं। यही सच बोलने की उन्हें सजा मिली। लेकिन नीतीश कुमार एक बार दूसरी नंबर की पार्टी, तो एक बार तीसरी नंबर की पार्टी होने के बाद भी मुख्यमंत्री बने। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं। ये बात सच है।

बताते चलें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब जेडीयू और बीजेपी के दो नेताओं के बीच इस तरह के बयानबाजी हुए हैं। इससे पहले खुद सीएम नीतीश कुमार भी अपने साथी बीजेपी के खिलाफ अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोल चुके हैं।


कोरोना इफेक्ट : फिलहाल नहीं होंगे बिहार में पंचायत चुनाव, परामर्शी समिति की होगी नियुक्ति

कोरोना इफेक्ट : फिलहाल नहीं होंगे बिहार में पंचायत चुनाव, परामर्शी समिति की होगी नियुक्ति

पटना: कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बिहार सरकार ने पंचायत चुनाव की फिलहाल टाल दिया है। इस बात का फैसला बिहार कैबिनेट मीटिंग के बाद लिया गया है। 


नीतीश कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक के बाद ये स्पष्ट हो गया है कि बिहार में फिलहाल पंचायत चुनाव नहीं होने वाला और ना ही पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल में विस्तार किया जाएगा। चुनाव कराने और मुखियाओं के कार्यालय बढ़ाने को लेकर चल रहे कशमकश कर बीच सरकार ने बीच का रास्ता निकालने का फैसला किया है।

बता दें कि पंचायतों का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है। ऐसे में बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि पंचायतों में परामर्शी समिति की नियुक्ति होगी। उन्होंने बताया कि नीतीश सरकार ने पंचायती राज अधिनियम 2006 में संशोधन किया है। अधिनियम की धारा 14, 39, 66 और 92 में संशोधन किया गया है।


ऐसे में नया अध्यादेश लाकर वर्तमान जनप्रतिनिधियों को शक्ति देने की योजना है। ऐसी चर्चा है कि परामर्श समिति में अफसर और वर्त्तमान पंचायत प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।



बिहार कैबिनेट के इस फैसले का बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने स्वागत किया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, " समय पर पंचायत चुनाव नहीं होने के कारण पंचायतों में परामर्श समिति का गठन करने जैसे कैबिनेट फैसले लेने के लिए नीतीश कुमार को धन्यवाद। परामर्श समितियों में वर्तमान पंचायत सदस्यों के साथ-साथ विधायक प्रतिनिधि भी शामिल होंगें जिससे गांवों का विकास बाधित नहीं होगा। लोकतंत्र की जय।"


कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को प्रतिमाह 1500 देगी बिहार सरकार

कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को प्रतिमाह 1500 देगी बिहार सरकार

पटना: कोरोना ने देश में इतना तांडव मचाया है इतना नुकसान किया है कि जिसका सही तरीके से आंकलन करना भी मुश्किल हैं। लेकिन इस कोरोना ने ना जाने कितने मासूमों के सिर से मां-बाप का साया तक छीन लिया। अब ऐसे बच्चों की जिम्मेदारी सरकारें अपने ऊपर ले रही हैं। वहीं, अब बिहार सरकार भी ऐसे बच्चों के लिए आगे आई है।

कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को बिहार सरकार भी सहायता करेगी। सूबे के सीएम नीतीश कुमार ने इस बात का एलान किया। उन्होंने ट्विटर पर इस बात की घोषणा करते हुए लिखा, ‘जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई, जिनमें कम से कम एक की मृत्यु कोरोना से हुई हो, उनको 'बाल सहायता योजना' के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 18 वर्ष होने तक 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।'