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अमरावती हत्याकांड में आतंकी एंगल की होगी जांच NIA ने आरोपियों के खिलाफ लगाया UAPA एक्ट

एनआईए संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की किसी भी तरह की संलिप्तता की भी गहन जांच करेगी। वहीं एनआईए ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ यूएपीए लगागया है। अब इस केस की आतंकी एंगल से जांच होगी। 54 वर्षीय कोल्हे की पिछले हफ्ते गला काटकर हत्या कर दी गई थी।

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के अमरावती में एक केमिस्ट की हत्या मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एनजीओ चलाने वाले इरफान खान के रूप में हुई है। इस मामले में इरफान के अलावा पांच और लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया गया है।


अमरावती शहर में गत 21 जून 54 वर्षीय केमिस्ट उमेश कोल्हे की चाकू मारकर हत्या कर दी गयी थी। पुलिस ने संदेह जताया है कि कोल्हे द्वारा फेसबुक पर नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले पोस्ट के प्रतिशोधस्वरुप उसकी हत्या की गयी है। 

इससे पहले गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा था कि हत्या मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। उन्होंने कहा कि एनआईए संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की किसी भी तरह की संलिप्तता की भी गहन जांच करेगी। वहीं एनआईए ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ यूएपीए लगागया है। अब इस केस की आतंकी एंगल से जांच होगी।

54 वर्षीय कोल्हे की पिछले हफ्ते गला काटकर हत्या कर दी गई थी। यह वाकया 21 जून का है, जब कोल्हे अपनी दुकान से वापस लौट रहा था। भाजपा का दावा है कि कोल्हे ने फेसबुक पर नूपुर शर्मा के पक्ष में पोस्ट किया था और इसकी कीमत उसने जान देकर चुकाई। 

घटना को अंजाम देने वाले तत्काल वहां से भाग निकले। यहां तक कि उन्होंने पीड़ित की मोबाइल तक को हाथ नहीं लगाया था। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार करने की सूचना है।


अयोध्या में भी उदयपुर और अमरावती जैसी घटना, हनुमान चबूतरे पर मिली गर्दन कटी हिंदू की लाश!

जान लें कि अयोध्या में शख्स की बेरहमी से गला काट कर हत्या होने के बाद से इलाके में सनसनी मची हुई है। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई।

अयोध्या: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) में एक चौंकाने वाली घटना हुई है। दरअसल यहां पंकज नामक एक शख्स की गला काटकर हत्या (Murder) कर दी गई है। वारदात के खुलासे के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। 


आपको जानकर हैरानी होगी कि इस खौफनाक वारदात को हनुमान चबूतरे पर अंजाम दिया गया है। बता दें कि जिस शख्स की गला रेत कर अयोध्या में हत्या की गई है, उसकी उम्र 35 साल थी। शख्स हनुमान मंदिर (Hanuman Temple) के चबूतरे पर सो रहा था। अयोध्या पुलिस (Ayodhya Police) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

हनुमान मंदिर के चबूतरे पर सो रहा था पंकज

जान लें कि अयोध्या में शख्स की बेरहमी से गला काट कर हत्या होने के बाद से इलाके में सनसनी मची हुई है। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई। 

दरअसल युवक पंकज 2 महीने से अपने मामा के घर रहता था और रात में भोजन करने के बाद बिजली न होने के कारण वह घर के बाहर स्थित हनुमान मंदिर के चबूतरे पर जाकर सो गया। जब सुबह परिजन घर के बाहर निकले तो सामने पंकज का शव पड़ा हुआ था। पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है।

सीओ ने दी ये जानकारी

सर्किल अधिकारी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने कहा कि भाऊपुर गांव में शख्स का गर्दन कटा हुआ शव हनुमान मंदिर परिसर में पड़ा मिला। पीड़ित अमेठी जिले का रहने वाला है। 

वह अक्सर मंदिर में सो जाता था। शव का पोस्टमार्टम हो चुका है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है।


RTI के जवाब में भारतीय पुरातत्व विभाग बोला-'ताजमहल में नहीं है हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति, ना ही ये मंदिर की जमीन पर बना'

ताजमहल में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और मंदिर के दावे पर RTI में बड़ा खुलासा हुआ है। ये RTI 20 जून को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत एस गोखले ने दाखिल की थी। अब भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने इसका जवाब दिया है। ASI ने ताजमहल में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों के होने से इनकार किया है




नई दिल्ली: ताजमहल में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और मंदिर के दावे पर RTI में बड़ा खुलासा हुआ है। ये RTI 20 जून को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत एस गोखले ने दाखिल की थी। अब भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने इसका जवाब दिया है। ASI ने ताजमहल में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों के होने से इनकार किया है और यह भी कहा है कि ताजमहल किसी मंदिर की जमीन पर नहीं बना।

साकेत एस गोखले ने पहले सवाल में ताजमहल की जमीन पर मंदिर नहीं होने का सबूत मांगा था। दूसरे सवाल में उन्होंने तहखानों के 20 कमरों में हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्ति से जुड़ी बात पूछी थी। इस आरटीआई के पहले सवाल के जवाब में ASI ने एक शब्द में 'नो' लिखा है। दूसरे सवाल के जवाब में कहा है कि तहखानों में हिंदू देवी- देवताओं की मूर्ति नहीं है।

भाजपा के अयोध्या मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश सिंह ने 7 मई को कोर्ट में याचिका दायर कर ताजमहल के 22 कमरों को खोलने की मांग की थी। उन्होंने इन कमरों में हिंदू-देवी-देवताओं की मूर्ति होने की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि इन बंद कमरों को खोलकर इसका रहस्य दुनिया के सामने लाना चाहिए। 
याचिकाकर्ता रजनीश सिंह ने इस मामले में राज्य सरकार से एक समिति गठित करने की मांग की थी। इसके बाद से ही देश में ताजमहल के कमरों के रहस्यों को लेकर एक नई बहस छिड़ी गई थी। वहीं, इतिहासकारों का कहना है कि ताजमहल विश्व विरासत है। इसे धार्मिक रंग नहीं देना चाहिए।

इससे पहले भी हिंदू संगठनों ने ताजमहल में हिंदू देवी देवताओं की मूर्ति के होने का दावा किया था। तब भी भारतीय पुरातत्व विभाग ने मूर्तियों के होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया था। गौरतलब है कि कई हिंदू संगठनों ने समय-समय पर ये दावा किया है कि ताजमहल, पहले एक मंदिर था। वहीं कई हिंदू संगठन इसमें हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों के होने का दावा भी कर चुके हैं। 


कमलेश तिवारी की पत्नी को जान से मारने की धमकी, उर्दू में लिखा- 'पति के पास पहुंचा देंगें'

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के बाद देश का माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया। एक तरफ सभी हिंदूवादी संगठन इस घटना को लेकर रोष जाहिर करने लगे तो वहीं हिंदू संगठन के बड़े चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले कमलेश तिवारी की हत्या के बाद अब उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी मिली है।

लखनऊ: राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के बाद देश का माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया। एक तरफ सभी हिंदूवादी संगठन इस घटना को लेकर रोष जाहिर करने लगे तो वहीं हिंदू संगठन के बड़े चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले कमलेश तिवारी (Kamlesh tiwari) की हत्या के बाद अब उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी मिली है। पत्र के जरिए मिली धमकी के बाद कमलेश तिवारी की पत्नी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आपको बता दें कि हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के बाद उनकी पत्नी किरन को सुरक्षा दी गई थी लेकिन अब धमकी भरा पत्र मिलने के बाद उनकी सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।


घर के कमरे में मिला उर्दू में लिखा धमकी भरा पत्र

 शुक्रवार को किरन को घर में ही एक पत्र के जरिए जान से मारने की धमकी मिली। लखनऊ के खुर्शेदबाग में उनके घर के कमरे में एक पत्र मिला, जिसमें उर्दू में लिखा था। उनके कमरे में मिले उर्दू में लिखे इस पत्र को ट्रांसलेट करवाया गया तो इसमें लिखा मिला जहां तुम्हारे पति को भेजा गया है, वहीं तुम्हे भी पहुंचा देंगे। इसके बाद किरन तिवारी और उनके बच्चे दहशत में हैं। सोशल मीडिया पर धमकी भरा पत्र वायरल होते ही पुलिस एक बार फिर मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय हो गई। जिसके चलते 24 घंटे मुस्तैदी के साथ उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पत्र के बारे में जानकारी मिली है कि वो उर्दू में लिखा था। पत्र पर कोई मुहर या कोई डाक टिकट नहीं है और न ही पत्र किसने भेजा यह लिखा है।
पुलिस के मुताबिक, किरन के कार्यालय के किसी वर्कर ने ये जानकारी किसी को बताई जो बाद में इंटरनेट पर वायरल हुई। इसी का संज्ञान पुलिस ने लिया और किरन से मामले को लेकर पूछताछ की गई। पत्र की बात सही होने पर किरन की सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस अफसरों ने बताया कि ये धमकी भरा पत्र किरन के कमरे तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।


'हर परिवार के एक व्यक्ति को मिलेगी नौकरी-रोजगार', CM योगी ने किया बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया। 1.90 लाख कारीगरों और छोटे उद्यमियों को 16 हजार करोड़ का लोन बांटते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जल्दी ही हर परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी, रोजगार, स्वतः रोजगार को जोड़ने की कार्ययोजना लेकर आ रहे है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया। 1.90 लाख कारीगरों और छोटे उद्यमियों को 16 हजार करोड़ का लोन बांटते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जल्दी ही हर परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी, रोजगार, स्वतः रोजगार को जोड़ने की कार्ययोजना लेकर आ रहे है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले एमएसएमई क्षेत्र पूरी तरह खत्म हो गया था, लेकिन 2017 में जब हम आये तो हमारे सामने चुनौती थी, देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में युवाओं के स्वावलंबन का विषय बहुत महत्वपूर्ण था, पहले की सरकारें केंद्र की योजनाओं में कोई रुचि नही लेती थीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में हमने आने के बाद एक जनपद एक उत्पाद की कार्ययोजना बनाकर काम शुरू किया, आज 1 लाख 56 हजार करोड़ के प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट हो रहे हैं, हस्तशिल्पी और कारीगरों ने अपने कौशल का परिचय दिया और बैंकर्स ने सहयोग किया, आज हमने बेरोजगारी दर को हमने 3 फीसदी कम कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले लोन देने के लिए किसको देना चाहिए नहीं पता होता था, कोरोनकाल में भी देश का पहला लोन मेला आयोजित किया था, सकरात्मक पहल का असर अब दिखाई दे रहा है, मैंने कारीगरों-हस्तशिल्पियों से बात की, इनका सहयोग स्थानीय प्रशासन, बैंकर्स, शासन सबने किया और आज उनके चेहरे पर नई चमक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वो स्वयं स्वावलंबी बन रहे हैं और लोगो को भी प्रेरित कर रहे हैं, प्रधानमंत्रीजी ने कहा था कि हमारा नौजवान नौकरी देने वाला होना चाहिए, आज ये ओडीओपी कार्यक्रम इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगले एक साल में यूपी के हस्तशिल्पी उद्यमी के साथ राज्य सरकार मजबूती से खड़े होकर उन्हें मजबूती प्रदान करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा ये प्रयास शासन की 100 दिन की कार्ययोजना का हिस्सा था, अगले 6 महीने में सितंबर में हम फिर से इस योजना को और आगे बढ़ाएंगे, नौजवानों को अधिक से अधिक स्वावलंबी बनाने के कार्य में केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर काम करने की ओर अग्रसर होंगे, साथ डिजिटल पेमेंट की ओर हमे आगे बढ़ना होगा।


उदयपुर हत्याकांड के खिलाफ प्रदर्शन पर सीएम योगी ने लगाई रोक

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में उदयपुर की घटना के खिलाफ जुलूस या किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डीएस चौहान ने कहा कि राज्यभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भड़काऊ टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी धार्मिक या राजनीतिक समारोह के लिए अनुमति की जरूरत होगी।

प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ जिला स्तर पर भी सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखे हुए है।

प्रशांत कुमार ने कहा, "हम खुफिया जानकारी और धमकियों को साझा करने के लिए केंद्र और राज्य की एजेंसियों के संपर्क में हैं। प्रमुख विवरणों का आदान-प्रदान किया जा रहा है।"

एडीजी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए धर्मगुरुओं से भी बातचीत की है।

जिला पुलिस प्रमुखों ने नागरिकों से अपील की है कि वे न तो सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी पोस्ट करें और न ही उदयपुर हत्याकांड से संबंधित कोई वीडियो साझा करें।

गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा जुलाई के मध्य में शुरू होने वाली है और एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आयोजन से पहले स्थिति की समीक्षा की जाएगी।


UP News: अब महंगा स्टांप शुल्क देने का झंझट हुआ खत्म, अब मात्र 5 हजार रुपए में कराएं रजिस्ट्री

आपको बता दें कि अब तक परिवार के अंदर गिफ्ट डीड में भी डीएम सर्किल रेट के हिसाब से शुल्क देना पड़ता था। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अपनी 25 लाख रुपये की संपत्ति अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम करता था तो उसे कम से कम 2 लाख 10 हजार खर्च करने पड़ते थे। हालांकि अब यह काम मात्र 6 हजार में ही पूरा हो जाएगा।

लखनऊ: अगर आप किसी अपने के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री (property registry) करना चाह रहे हैं, साथ ही महंगा स्टांप (expensive stamp) होने से लगातार डिले हो रहा है तो ये खबर आपके बहुत काम की है।

क्योंकि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi government of Uttar Pradesh) ने अब किसी भी घर के सदस्य के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री करने का मोटा स्टांप शुल्क खत्म कर दिया है।

नई स्कीम के तहत आप सिर्फ 5000 रुपए स्टांप शुल्क (5000 rupees stamp duty) और 1000 रुपए प्रोसेसिंग फीस देकर संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकते हैं। आपको बता दें कि अभी तक इसके लिए संपत्ति के सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप लगता था। 

उदाहरण के तौर पर यदि संपत्ति की कीमत 25 लाख रुपए है तो लगभग 2 लाख 10 रुपए का स्टांप लगता था। जिसे घटाकर अब महज 6000 रुपए कर दिया है।

आपको बता दें कि अब तक परिवार के अंदर गिफ्ट डीड में भी डीएम सर्किल रेट के हिसाब से शुल्क देना पड़ता था। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अपनी 25 लाख रुपये की संपत्ति अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम करता था तो उसे कम से कम 2 लाख 10 हजार खर्च करने पड़ते थे। हालांकि अब यह काम मात्र 6 हजार में ही पूरा हो जाएगा। 

योगी सरकार की ओर से मंजूर की गई इस नई रजिस्ट्री नीति के मुताबिक, स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होने की तिथि से इस छूट का लाभ दिया जाएगा।

इस योजना के तहत छूट पाने वालों में परिवार के सदस्य, जैसे पिता-माता, पति-पत्नी, बेटा, बेटी, बहू, दामाद, सगा भाई, सगी बहन और उनके बच्चे भी आएंगे।

विभागीय जानकारी के मुताबिक, यह योजना अभी ट्रायल बेसिस पर शुरू की गई है, जिसका लाभ छह महीने के लिए मिलेगा। इस योजना से राजस्व और रजिस्ट्री पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने के बाद इसकी समयसीमा आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। 

योगी सरकार ने इसी प्रावधान के आधार पर यह सुविधा देने का फैसला किया है। वैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में यह सुविधा पहले से मौजूद है।


यूपी सरकार के 100 दिन: सीएम योगी पेश करेंगे सरकार का रिपोर्ट कार्ड

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार 5 जुलाई को सत्ता के 100 दिन पूरे करेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री जनता को अपने लक्ष्यों और मंत्रियों द्वारा किए गए कामों के बारे में बताएंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार 5 जुलाई को सत्ता के 100 दिन पूरे करेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री जनता को अपने लक्ष्यों और मंत्रियों द्वारा किए गए कामों के बारे में बताएंगे। 

योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च को शपथ लेने के तुरंत बाद बेहतर प्रशासन और सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए हर एक विभागों की प्राथमिकताएं, उद्देश्य और लक्ष्य निर्धारित किए थे।

योगी ने लक्ष्य के अनुसार, विभिन्न विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के लिए समय सीमा भी निर्धारित की थी।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों से बातचीत कर उपलब्धियों को बताने और यूपी को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया है।

पिछले 100 दिनों से निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेताओं और अधिकारियों को अगले 6 महीने के लिए नया लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपेगे।

उपलब्धियों की लिस्ट में तीसरे ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन शामिल होने की संभावना है, क्योंकि इसमें 1,400 से अधिक कंपनियों ने 85,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का वादा किया था।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, जो पूरा होने वाला है, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए पर्यावरण मंजूरी, आईआईटी कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन आदि भी उपलब्धियों की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।


कानपुर हिंसा: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने, मिले अहम सुराग

कानपुर में 3 जून को नई सड़क और दादा मियां हाते में हुई हिंसा मामले में अब तक का सबसे बड़ा पर्दाफाश हुआ है। एसआईटी की जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जिस वक्त उपद्रवी भीड़ बवाल कर रही थी उस समय कुख्यात अपराधी अकील खिचड़ी अपने मोबाइल फोन से पाकिस्तान अकाउंट के संपर्क में था।

कानपुर: कानपुर में 3 जून को नई सड़क और दादा मियां हाते में हुई हिंसा मामले में अब तक का सबसे बड़ा पर्दाफाश हुआ है। एसआईटी की जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जिस वक्त उपद्रवी भीड़ बवाल कर रही थी उस समय कुख्यात अपराधी अकील खिचड़ी अपने मोबाइल फोन से पाकिस्तान अकाउंट के संपर्क में था। इस जानकारी के बाद पुलिस पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच में जुट गई है कि दंगे के दौरान खिचड़ी पकाने में अकील की कितनी भूमिका थी।

दरअसल नूपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर जौहर अली एसोसिएशन के अध्यक्ष शाह जफर हाशमी ने कानपुर में 3 जून को बाजार बंदी और 5 जून को जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। बाद में बंदी का आवाह्न वापस लिया गया, लेकिन 3 जून को जुमे की नमाज के बाद नई सड़क पर भीड़ ने दूसरे संप्रदाय की दुकानों को बंद कराने की कोशिश की तो विवाद शुरू हो गया। इसके बाद नमाजियों की भीड़ ने बवाल किया गोलीबारी और बम बाजी शुरू कर दी। 

मामले में हयात जफर समेत 58 आरोपितों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। अब तक की जांच में 2 बिंदु सामने आए हैं पहला उपद्रव की साजिश नूपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर भारत की विश्व पटल पर बदनामी कराने की गई। दूसरा स्थानीय हिंदू की बस्ती चंदेश्वर हाता खाली कराना था। हालांकि अब पुलिस की जांच में दिशा बदल गई। अगर सूत्रों की माने तो अब पाकिस्तान नंबर से जो चैट सामने आया है जिसमें अकील खिचड़ी की व्हाट्सएप का स्क्रीनशॉट उपलब्ध हुआ है उसमें वही पाकिस्तानी नंबर है चैट सामने आई है। इसकी जांच में एसआईटी जुट गई है।



UP News: जौनपुर में गैस रिसाव से 5 झुलसे, बचाने की कोशिश में 3 की मौत

घटना से परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से झुलसे हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।

जौनपुर: जौनपुर में महाराजगंज के केवटली गांव में गुरूवार की सुबह घरेलू गैस सिलेंडर के रिसाव से बड़ा हादसा हो गया। दूध गर्म करते समय आग लगने से पति-पत्नी और उनके दो बच्चों समेत पांच लोग झुलस गए।

घटना से परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से झुलसे हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने पांचों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां तीन लोगों की मौत हो गई। क्षेत्रीय विधायक रमेश मिश्र भी अस्पताल पहुंचे हैं।


जानकारी के अनुसार केवटली निवासी अखिलेश विश्वकर्मा की 28 वर्षीय पत्नी नीलम अपने छप्पर वाले घर में दूध गर्म कर रही थीं। छप्पर में उसके दो बच्चे 5 वर्षीय शिवांश व 3 वर्षीय युवराज और पति अखिलेश (30) सो रहे थे। इसी दौरान सिलेंडर की पाइप से गैस का रिसाव हो रहा था।

इसकी जानकारी नीलम को नहीं हो पाई। उसने दूध गर्म करने के लिए जैसे ही गैस चूल्हा का रेग्यूलेटर चालू कर माचिस जलायी वैसे ही आग लग गई। आग ने फौरन विकराल रुप धारण कर लिया। आग पूरे छप्पर में लग गयी। इसमें नीलम के अलावा परिवार के अन्य सभी सदस्य जलने लगे। चीख पुकार सुन आसपास के लोग एकत्र हो गए। 

अखिलेश के बड़े भाई 32 वर्षीय सुरेश ने छप्पर में घुसकर लोगों बचाने का प्रयास किया। इससे वह भी झुलस गया। ग्रामीणों की मदद से किसी तरह सबको बाहर निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से स्थानीय सीएचसी ले गई। 

जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार को बचाने की कोशिश करने वाला सुरेश, अखिलेश की पत्नी नीलम और बेटे शिवांस की मौत हो गई।


UP News: पीलीभीत में बड़ा सड़क हादसा,एक ही परिवार के 10 लोगों की मौत 7 घायल, पेड़ से टकराई पिकअप

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से दिल दहलाने वाली खबर आ रही है। यहां एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 7 लोग गंभीर रूप से घायल होगए हैं।

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से दिल दहलाने वाली खबर आ रही है। यहां एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 7 लोग गंभीर रूप से घायल होगए हैं।


मिली जानकारी के मुताबिक, यात्रियों से भरी पिकअप अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। ये हादसा इतना भयानक था कि पिकअप बुरी तरह से छतिग्रस्त हो गई. 8 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग पहुंच गए और हादसे के शिकार लोगों को किसी तरह निकाला। 

पीलीभीत के पूरनपुर हाईवे पर गजरौला स्थित मालामुड़ पर एक पिकअप पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत होने की बात सामने आई है। इसके साथ ही करीब सात श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं।

यह सभी एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का परिवार हरिद्वार में गंगा स्नान और दर्शन कर लौट रहा था। सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर मृतकों और गंभीर घायलों को अस्पताल भेज। अस्पताल पहुंचने के बाद ही मृतकों की शिनाख्त हो सकेगी।

हादसा तड़के सुबह चार बजे के करीब हुआ. हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोगों की अस्‍पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।


अग्निपथ योजना का विरोध: अलीगढ़ में 9 कोचिंग संचालक गिरफ्तार, भाजपा नेता भी शामिल

अलीगढ़ में हिंसा के बाद से पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और अब तक 9 कोचिंग संचालकों समेत कई लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। इन कोचिंग संचालकों पर युवाओं को भड़काने के आरोप लगे हैं। गिरफ्तार लोगों में बीजेपी का एक नेता भी शामिल है, जिसका नाम सुधीर शर्मा बताया जा रहा है।

अलीगढ़: केंद्र सरकार द्वारा घोषित अग्निपथ योजना के खिलाफ पूरे देश में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान यूपी के अलीगढ़ में भी हिंसा की बात सामने आई। 

अलीगढ़ में हिंसा के बाद से पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और अब तक 9 कोचिंग संचालकों समेत कई लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। इन कोचिंग संचालकों पर युवाओं को भड़काने के आरोप लगे हैं। गिरफ्तार लोगों में बीजेपी का एक नेता भी शामिल है, जिसका नाम सुधीर शर्मा बताया जा रहा है।


मिली जानकारी के मुताबिक, सुधीर शर्मा के साथ ही 8 अन्य कोचिंग संचालकों पर कार्रवाई हुई है। उनमें यंग इंडिया कोचिंग संचालक सुधीर शर्मा सहित जट्टारी इलाके में स्थित चौधरी कोचिंग के संचालक, तिरुपति के संचालक रामकुमार सिंह और केशव, केडी इंस्टीट्यूट के संचालक गौरव चौधरी और रोबिन चौधरी, गुरुकुल कोचिंग सेंटर के संचालक नवीन वैष्णव और अमित कुमार के नाम शामिल हैं।

अलीगढ़ के टप्पल में यंग इंडिया के नाम से कोचिंग चलाने वाले सुधीर शर्मा पर शुक्रवार के हिंसक प्रदर्शन में युवाओं को उकसाने के बाद बवाल कराने का आरोप लगा है। हालांकि, हिंसक बवाल के बाद अब अलीगढ़ में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है। इस दौरान अलीगढ़ रेंज के डीआईजी दीपक कुमार ने बताया कि प्रशासन सोशल मीडिया पर खास नजर रखे हुए है।


भगवान के घर भी घोटाला: रामजन्मभूमि निधि समर्पण में श्री राम मंदिर के लिए दान में मिले 22 करोड़ के चेक बाउंस

फिलहाल अखिल भारतीय स्तर से निधि समर्पण अभियान की मानीटरिंग कर रही टीम की गणना में एक टेन्टिव रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार श्रीराम मंदिर के लिए दान करने वालों में लगभग 22 करोड़ के कई चेक ऐसे हैं जो बाउंस हो गये हैं। इन्हें अलग करते हुए एक दूसरी रिपोर्ट बनाई जा रही है।

अयोध्या: रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से चलाए गये निधि समर्पण अभियान में अब तक कुल 5457.94 करोड़ की धनराशि एकत्र हो चुकी है। हालांकि यह संख्या अभी अंतिम नहीं है क्योंकि जिलावार आडिट का काम अभी पूरा नहीं हो सका है। 


फिलहाल अखिल भारतीय स्तर से निधि समर्पण अभियान की मानीटरिंग कर रही टीम की गणना में एक टेन्टिव रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार श्रीराम मंदिर के लिए दान करने वालों में लगभग 22 करोड़ के कई चेक ऐसे हैं जो बाउंस हो गये हैं। इन्हें अलग करते हुए एक दूसरी रिपोर्ट बनाई जा रही है। 


रिपोर्ट के जरिए चेक बाउंस होने के कारणों का पता लगेगा। तकनीकी कारणों से बाउंस होने वाले चेक को बैंक के साथ बैठक करके दोबारा रिप्रेजेंट किया जाएगा। इस रिपोर्ट के मुताबिक कूपनों व रसीद के जरिए 2253.97 करोड़ की निधि एकत्र हुई।

इसी तरह से डिजिटल माध्यमों से 2753.97 करोड़ व एसबीआई-पीएनबी व बीओबी के बचत खातों में करीब 450 करोड़ की धनराशि एकत्र हुई है। ट्रस्ट की ओर से निधि समर्पणके दस, सौ व एक हजार के कूपन छपवाए गये थे। इसके अलावा इससे अधिक की धनराशि के लिए रसीदों का प्रयोग किया गया। 


ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट में बताया गया कि दस रुपये के कूपन से 30.99 करोड़, सौ रुपये के कूपन से 372.48 करोड़ व एक हजार के कूपन से 225.46 करोड़ व रसीदों के जरिए 1625.04 करोड़ की निधि एकत्र हुई। इस प्रकार कुल राशि 2253.97 करोड़ हुई।


यूपी बोर्ड का 10वीं व 12वीं का रिजल्ट घोषित, ऐसे चेक करें अपना परीक्षा परिणाम

छात्र अपना यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं का परिणाम यूपीएमएसपी की आधिकारिक परिणाम वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर देख सकते हैं।

लखनऊ: यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं का परिणाम 2022 आज, 18 जून, 2022 को घोषित कर दिया गया। ठीक 2 बजे अपने निर्धारित समय पर परिणाम जारी किया गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने एक दिन पहले ही पुष्टि कर दी थी कि यूपी बोर्ड रिजल्ट्स 18 जून को जारी होंगे। छात्र अपना यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं का परिणाम यूपीएमएसपी की आधिकारिक परिणाम वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर देख सकते हैं। 

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, यूपीएमएसपी ने आज, 18 जून को यूपी बोर्ड 10वीं का परिणाम 2022 जारी किया है। यूपी बोर्ड के परिणाम नोटिस के अनुसार, रिजल्ट 2 बजे ही जारी किया जाना था। अब upresults.nic.in  से अपना परिणाम देखें।

यूपी कक्षा 10 वीं के परिणाम बोर्ड के प्रयागराज स्थित मुख्यालय में घोषित किए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल पास प्रतिशत 88.18% है। 


खत्म हुआ इंतजार, कल जारी होंगे यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के परिणाम

हाई स्कूल का कल दोपहर 2 बजे नतीजा आएगा और इंटर का भी शाम 4 बजे परिणाम आएगा। बता दें कि इस बार कुल 51 लाख 92 हज़ार 616 छात्रो का रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

लखनऊ: UP बोर्ड से जुड़े छात्रों के लिए बड़ी खबर आई है। जानकारी है कि कल यानी 18 जून को इंटर और हाई स्कूल का रिजल्ट घोषित किया जाएगा। हाई स्कूल का कल दोपहर 2 बजे नतीजा आएगा और इंटर का भी शाम 4 बजे परिणाम आएगा। बता दें कि इस बार कुल 51 लाख 92 हज़ार 616 छात्रो का रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

रिजल्ट जारी होने के बाद आप UP बोर्ड की वेब साइट www.upmsp.edu.in पर विजिट कर नतीजे देख सकते हैं। बता दें कि यूपी बोर्ड की 2021 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 29,96,031 परीक्षार्थियों में से 29,82,055 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे।

ऐसे चेक करें रिजल्ट

स्टेप 1- ऑफिशियल वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।
स्टेप 2- 'यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2022' या 'यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2022' के लिंक पर जाएं।
 
स्टेप 3- अपना रोल नंबर और मांगी गई जानकारी भरें।
 
स्टेप 4- सबमिट करने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा।
स्टेप 5- रिजल्ट को डाउनलोड कर लें और प्रिंट निकाल लें। 


जुमे की नमाज के बाद न हो बवाल, जमीन से लेकर आसमान तक, यूपी पुलिस रख रही चप्पे-चप्पे पर नजर

पुलिस प्रशासन लगातार लोगों से संवाद करने में जुटा हुआ है। कई जिलों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला है। आरएएफ और पीएसी जैसे सुरक्षाबलों की भी तैनाती की गई है।

लखनऊ:  जुमे की नमाज के बाद कोई बवाल न हो इसके लिए यूपी पुलिस अलर्ट पर है। जमीन से लेकर आसमान तक से निगरानी रखी जा रही थी। 

पुलिस प्रशासन लगातार लोगों से संवाद करने में जुटा हुआ है। कई जिलों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला है। आरएएफ और पीएसी जैसे सुरक्षाबलों की भी तैनाती की गई है। 

बीते दिनों प्रयागराज और कानपुर में हिंसक प्रदर्शनों के बाद यह कवायद की जा रही है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने जुमे की नमाज को लेकर यूपी पुलिस के मुस्तैद होने का दावा किया। 

एजीडीजी ने प्रदेश में सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से कार्रवाई किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में जुमे की नमाज से पहले जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के स्तर पर धर्मगुरुओं से जनसंपर्क किया गया है। सभी का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि बरेली में प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। इसकी तिथि आगे बढ़ा दी गई है।

प्रयागराज में विशेष सतर्कता

शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रयागराज जिला प्रशासन प्रयागराज पुलिस ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है। 10 जून के बाद से ही लगातर मोअज़्ज़िज़ धर्म गुरुओं, मुतवल्लियों, इमामों और मुदर्रिसों से थाना स्तर व जिला स्तर पर मीटिंग की गयी। 

सभी ने हिंसा के मार्ग को ग़लत बताते हुए हिंसा की पुरज़ोर निंदा की है। और अपने लोगों से अपील किया है कि शहर में अमन चैन कायम करने में सहयोगी बनें।


लखनऊ में शांति की अपील

शिया वक़्फ़ बोर्ड के अधीन समस्त वक़्फ़ मस्जिदों के मुतवल्लियों को बोर्ड के चैयरमैन ने निर्देश जारी किया है। इसके तहत हर जुमे की नामज़ और तमाम नमाज़ों में कोई ऐसी तक़रीर न हो जिससे आपसी सौहार्द और शांति व्यवस्था भंग हो। 

नमाज के बाद कोई भीड़ इकठ्ठा न हो और न कोई जलसा किया जाए। चैयरमैन शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड अली ज़ैदी ने लिखित आदेश पारित करके इसे सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।

गोरखपुर पुलिस अलर्ट

गोरखपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरीके से सतर्क है। हालांकि गोरखपुर में शांतिपूर्ण ढंग से जुमे की नमाज बीते दिनों पूरी की गई थी और कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई थी लेकिन पुलिस ने गोरखनाथ मंदिर, मुख्यमंत्री आवास के अगल-बगल मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे से निगाह रखी है।

गोरखनाथ मंदिर के बगल के मकानों के छतों पर जिन लोगों ने ईंट-पत्थर इकट्ठा कर रखे थे, उन्हें गुरुवार को पुलिस ने नोटिस थमा दी है और शुक्रवार तक सभी पत्थर हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कानपुर में तैयारी सख्त

जुमे की नमाज को लेकर कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने इस बार कमर कस ली है। धर्मगुरुओं के साथ बैठकर संवाद किया गया है। जुमे की नमाज के दौरान पुलिस 8 ड्रोन से नजर रखेगी। सीपी ने 40 पॉइंट्स को चिह्नित किया है, जहां भारी फोर्स तैनात रहेगा। जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से जुमे की नमाज अदा करने की अपील की है। हिंसा प्रभावित इलाकों में छतों में पुलिस कर्मी तैनात किए जाएंगे।


सहारनपुर में सुरक्षा व्यवस्था

सहारनपुर में जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सहारनपुर की सुरक्षा व्यवस्था को कई सेक्टरों में बांटा गया है। कमिश्नर, डीएम,आईजी, एसएसपी और एसपी सिटी व एसपी देहात लगातार सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों के लोगों से वार्ता की। जामा मस्जिद की प्रबंधन कमिटी ने मुसलमानों से अपने अपने इलाके की मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस अधिकारी लगातार पैदल गश्त कर रहे हैं।


कानपुर हिंसा: पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, मुख्य आरोपी जफर हयात के संगठन को फंडिंग करते थे बिल्डर, बिजनेसमैन और राजनेता

मुख्य आरोपी जफर हयात हाशमी ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि उसके संगठन को बिल्डरों, व्यापारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों द्वारा फंडिंग मिलती थी।

कानपुर: कानपुर में 3 जून को हुई हिंसा के मुख्य आरोपी जफर हयात हाशमी ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि उसके संगठन को बिल्डरों, व्यापारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों द्वारा फंडिंग मिलती थी। 

एक पुलिस सूत्र के अनुसार, "हाशमी ने कबूल किया है कि उसे क्राउडफंडिंग के माध्यम से दान में एक बड़ी राशि मिली थी, जो उसके मौलाना मोहम्मद अली जौहर फैन्स एसोसिएशन के फंड में आई थी।"

पुलिस का दावा है कि हाशमी और उनके तीन सहयोगी सैफुल्ला, मोहम्मद नसीम और मोहम्मद उमर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य हैं।

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी कानपुर पुलिस से संपर्क कर इस मामले की रिपोर्ट मांगी।

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने कहा कि हाशमी ने फंडिंग के स्रोतों का खुलासा किया है, लेकिन वह 3 जून को हुई हिंसा से सीधे संबंध होने के सवालों पर चुप्पी साधे हुए है।

अधिकारी ने कहा कि हाशमी के साथ गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों ने हिंसा में शामिल होने की बात स्वीकार की है।


प्रयागराज में 'बाबा के बुल्डोजर' का खौफ, लोग खुद खाली कर रहे अवैध अतिक्रमण

बता दें कि प्रयागराज हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 68 लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक इन सभी लोगों के घरों का चिन्हीकरण किया जा चुका है। यह जानकारी जुटाई गई कि किसने अवैध तरीके से मकान बनवा रखे हैं।

लखनऊ: यूपी के प्रयागराज में बीत दिन जावेद अहमद के घर को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। बताया गया कि 10 जून को विरोध प्रदर्शन के नाम पर जो हिंसा भड़की थी, उसका मास्टरमाइंड जावेद ही है। हालांकि जावेद पर तो कार्रवाई हो गई लेकिन पुलिस ने अपना एक्शन नहीं रोका है। 

जानकारी के मुताबिक पुलिस की कार्रवाई में अब बाकी आरोपियों की बारी है। इसके अलावा प्रयागराज में बुलडोजर चलने से वे लोग भी खौफ में आ गए हैं जो अवैध मकान बनाए सालों से रह रहे हैं। 

बता दें कि प्रयागराज के जिस अटाला इलाके में बीते शुक्रवार हिंसा हुई, उसी इलाके के मजीदी इंटर कॉलेज की जमीन पर बनीं दुकानों को बुलडोजर के डर से खाली किया जा रहा है। लोगों में बुलडोजर का खौफ ऐसा भर आया है कि जिन दुकानों से वो घर का खर्च चला रहे थे अब खुद ही आगे आकर उसे खाली कर रहे हैं।  

बता दें कि प्रयागराज हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 68 लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक इन सभी लोगों के घरों का चिन्हीकरण किया जा चुका है। यह जानकारी जुटाई गई कि किसने अवैध तरीके से मकान बनवा रखे हैं।

उन सभी के घरों की पड़ताल करने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की टीमों को जिम्मा सौंपा गया है। इतना ही नहीं अटाला इलाके में लस्सी व बिरयानी की दुकानों का भी चिन्हीकरण किया जा चुका है। खबरों के मुताबिक यहां भी बुलडोजर चलाया जा सकता है। 


UP News: DM की गाय हुई बीमार, 6 डॉक्टरों की इलाज करने के लिए लगाई गई ड्यूटी, गैर हाजिर चिकित्सकों को नही मिलेगी माफी

आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि गाय की देखभाल में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की जिलाधिकारी (डीएम) अपूर्वा दुबे की गाय के इलाज के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) ने 6 पशु चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है। सोशल मीडिया पर आदेश की एक कॉपी काफी वायरल हो रही है, जिसमें सीवीओ डॉक्टर एस.के. तिवारी ने गाय की देखभाल के लिए 6 पशु चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है।

आदेश में, डॉक्टरों को दिन में दो बार गाय के पास जाने और शाम छह बजे तक अपनी रिपोर्ट सीवीओ कार्यालय में सौंपने के लिए कहा गया है।

आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि गाय की देखभाल में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


यूपी में 'बुलडोजर एक्शन' पर जयंत चौधरी का योगी सरकार पर हमला, कहा-'बुलडोजर बन चुका है गुंडागर्दी का प्रतीक'

उतर प्रदेश में जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज, हाथरास, फिरोजाबाद आदि जगहों पर हुई हिंसा के बाद अब पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इनसब के बीच इस मसले पर सियासत भी जारी है। आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने कहा है, "बुलडोजर कानून का राज लागु नहीं कर रहा है। बल्कि यह राज्य प्रायोजित गुंडागर्दी का प्रतीक बन गया है!"

नई दिल्ली: उतर प्रदेश में जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज, हाथरास, फिरोजाबाद आदि जगहों पर हुई हिंसा के बाद अब पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इनसब के बीच इस मसले पर सियासत भी जारी है। आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने कहा है, "बुलडोजर कानून का राज लागु नहीं कर रहा है। बल्कि यह राज्य प्रायोजित गुंडागर्दी का प्रतीक बन गया है!"

दरअसल यह बयान तक आया है जब प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड मोहम्मद जावेद उर्फ पंप के अवैध घर पर बुलडोजर चल रहा है।

उत्तरप्रदेश पुलिस हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार व उनपर कार्रवाई करने में जुटी हुई है। प्रदेश में पुलिस ने अब तक 300 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रयागराज से 91, हाथरस से 51, सहारनपुर से 71, मुरादाबाद से 34, फिरोजाबाद से 15, अलीगढ़ से छह, अम्बेडकरनगर से 34 और जालौन से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इन सभी के खिलाफ पथराव, माहौल बिगाड़ने तथा लोगों को भड़काने में लिप्त होने का आरोप है। बवाल करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार चल रही है। फिलहाल इन सभी जिलों के हिंसा वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य है और हालात काबू में हैं।


प्रयागराज हिंसा: एक्शन में 'बाबा का बुल्डोजर', मुख्य आरोपी जावेद पम्प का अवैध अतिक्रमण कर बनाया घर ढहाया

रविवार को पुलिस बल के साथ पहुंची प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम ने घर का मुख्‍य दरवाजा गिरा दिया है। बाहरी दीवारें भी तोड़ दी हैं। दो-दो बुलडोजर तेजी के साथ घर गिराते चले जा रहे हैं। इसके साथ ही साफ हो गया है कि यूपी में हिंसा मामलों पर योगी सरकार चुप नहीं बैठने वाली है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जावेद अहमद पंप को पहले ही अरेस्‍ट कर लिया गया था।

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज में 10 जून को हुई हिंसा (Prayagraj Violence) के मामले में मास्टरमाइंड कहे जा रहे जावेद अहमद उर्फ पंप (Javed Ahmed Alias Pump) का घर बुलडोजर से ढहाया दिया। 



रविवार को  पुलिस बल के साथ पहुंची प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम ने घर का मुख्‍य दरवाजा गिरा दिया है। बाहरी दीवारें भी तोड़ दी हैं। दो-दो बुलडोजर तेजी के साथ घर गिराते चले जा रहे हैं। इसके साथ ही साफ हो गया है कि यूपी में हिंसा मामलों पर योगी सरकार चुप नहीं बैठने वाली है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जावेद अहमद पंप को पहले ही अरेस्‍ट कर लिया गया था।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से कहा जा रहा है कि जावेद पंप को 25 मई को ही घर खाली करने का नोटिस किया गया था। 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा मामले में जावेद अहमद का नाम सामने आने के बाद हो रही कार्रवाई को अलग नजरिए से देखा जा रहा है। प्रयागराज हिंसा मामले में जावेद पंप के साथ-साथ उसकी पत्नी और बेटी का भी हाथ भी होने की बात कही गई है। 


जावेद पंप के खिलाफ रविवार को हो रही कार्रवाई को पूर्व में जारी नोटिस के आधार पर किए जाने का दावा किया जा रहा है। पीडीए के अधिकारियों की ओर से सुबह 11 बजे तक घर को खाली करने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, दोपहर 12.45 बजे पुलिस और प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ।

इससे पहले प्रयागराज हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद पंप के घर पर पुलिस पहुंच गई है। रविवार सुबह से अवैध निर्माण को तोड़ने को लेकर पुलिस की टीम सुरक्षा देने के लिए वहां मौजूद है। पीडीए की ओर से पहले ही घर पर अवैध निर्माण को तोड़े जाने का नोटिस चिपका दिया गया था। इसमें रविवार सुबह 11 बजे तक मकान को खाली करने का आदेश दिया गया है। 

पीडीए सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जावेद पंप की ओर से बिना नक्शा पास कराए मकान का निर्माण कराया गया। इस संबंध में उनसे कागजात की मांग की गई, लेकिन इसे पेश करने में वे नाकाम रहे हैं। ऐसे में मकान को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया।


उपद्रवियों को यूपी के सीएम योगी का संदेश, कहा-'ऐसी कार्यवाही करेंगे ...दोबारा सोच भी नहीं सकोगे उपद्रव के बारे में'

सीएम योगी ने कहा कि हम एक लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं। ऐसे में हमें सभी पक्षों से संवाद बनाए रखना होगा। धर्मगुरुओं/सिविल सोसाइटी से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखने के साथ-साथ उपद्रवियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी जारी रखी जाएगी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उपद्रवियों को सख्त संदेश दिया है। सीएम योगी ने कहा कि उपद्रवियों पर कार्रवाई ऐसी हो, जो असामाजिक सोच रखने वाले सभी तत्वों के लिए एक उदाहरण बने और माहौल बिगाड़ने के बारे में कोई सोच भी न सके।

सीएम योगी ने कहा कि हम एक लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं। ऐसे में हमें सभी पक्षों से संवाद बनाए रखना होगा। धर्मगुरुओं/सिविल सोसाइटी से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखने के साथ-साथ उपद्रवियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी जारी रखी जाएगी।


उन्होंने आगे कहा कि कोई भी तत्व अगर क़ानून को अपने हाथों में ले रहा है या कोई भी संगठन हो उसके ख़िलाफ़ सख्ती से निपटने की कार्रवाई ज़िला स्तर पर हो। हर गतिविधी पर मजबूती के साथ उसका संज्ञान लि्या जाए। उपद्रवी तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई करेंगे।


यूपी में उपद्रवियों पर चला 'बाबा का बुलडोजर', रांची में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, दिल्ली और उत्तराखंड में भी अलर्ट पर प्रशासन

जुमे की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शन करने वाले उपद्रवियों पर अगले दिन शनिवार को ही कार्रवाई शुरू हो गई। सबसे सख्त रुख यूपी की योगी सरकार का रहा। कानपुर और सहारनपुर में उपद्रवियों के भवनों पर बुलडोजर गरजा, तो प्रयागराज में बवाल काटने वाले बिजली बिल बकाएदारों के साथ अवैध निर्माण कराने वाले चिह्नित किए गए।

नई दिल्ली: जुमे की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शन करने वाले उपद्रवियों पर अगले दिन शनिवार को ही कार्रवाई शुरू हो गई। सबसे सख्त रुख यूपी की योगी सरकार का रहा। 

कानपुर और सहारनपुर में उपद्रवियों के भवनों पर बुलडोजर गरजा, तो प्रयागराज में बवाल काटने वाले बिजली बिल बकाएदारों के साथ अवैध निर्माण कराने वाले चिह्नित किए गए। ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के साथ ही पत्थरबाजों और दंगाइयों पर रासुका भी लगाने की तैयारी है। 

उत्तर प्रदेश में सबसे पहले कानपुर में तीन जून को नमाज के बाद उपद्रव हुआ था। इस मामले में शनिवार सुबह कानपुर विकास प्राधिकरण का बुलडोजर गरजा और उपद्रव के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी के रिश्तेदार मोहम्मद इश्तियाक की अवैध बनी बिल्डिंग ध्वस्त हो गई। 

सहारनपुर में जुमे की नमाज के बाद घंटाघर, नेहरू मार्केट और मोरगंज में बवाल करने वाले 54 आरोपितों को पुलिस ने दबोचने के बाद फरार चल रहे दो लोगों के घरों पर शनिवार सुबह बुलडोजर चलवा दिया।

दिल्ली में जामा मस्जिद में नमाज के बाद बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। झारखंड की राजधानी रांची पुलिस पहरे में रही तो जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह (डोडा) में तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। किश्तवाड़ में भी कर्फ्यू के साथ इंटरनेट सेवा को भी एहतियातन बंद रखा गया। उत्तराखंड में एहतियातन अलर्ट जारी किया है।


UP News : सीएम योगी की सुरक्षा में बड़ी चूक, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

शुक्रवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का गोरखपुर में कार्यक्रम था। जेपी नड्डा के गोरखपुर पहुंचने पर सीएम योगी उन्हें रिसीव करने 11.28 बजे एयरपोर्ट जा रहे थे। गेट के पास जैसे ही वाहन अंदर जाने के लिए मुड़े कुसम्ही के आए वाहन फ्लीट के सामने आ गए। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लखनऊ: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह सीएम के एयरपोर्ट जाते समय फ्लीट में वाहन घुस जाने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि अधिकारियों ने स्थिति को किसी तरह संभाली लेकिन एसएसपी ने एयरपोर्ट के बाहर सुरक्षा-व्यवस्था में तैनात इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। 

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का गोरखपुर में कार्यक्रम था। जेपी नड्डा के गोरखपुर पहुंचने पर सीएम योगी उन्हें रिसीव करने 11.28 बजे एयरपोर्ट जा रहे थे। गेट के पास जैसे ही वाहन अंदर जाने के लिए मुड़े कुसम्ही के आए वाहन फ्लीट के सामने आ गए। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक, डा. विपिन ताडा (SSP) ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि एयरपोर्ट से पूरब तक वाहनों को रोकने के लिए जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी थी उन्होंने लापरवाही बरती। कुसम्ही की तरफ से आने वाले वाहनों को उन्होंने एयरपोर्ट की तरफ भेज दिया।

लापरवाही के आरोप में एसएसपी ने ड्यूटी पर तैनात अपराध शाखा के इंस्पेक्टर यदुनंदन यादव, दारोगा अजय राय, गीडा थाने में तैनात आरक्षी बृजेश यादव, सतेन्द्र यादव, विवेक मिश्रा तिवारीपुर थाने में तैनात आरक्षी सुजीत यादव, महिला आरक्षी अरुणिमा मिश्रा और कैंट थाने में तैनात महिला आरक्षी किरन चौधरी को निलंबित कर दिया।


प्रयागराज हिंसा: जावेद अहमद नाम का एक मास्टरमाइंड गिरफ़्तार, पढ़िए-कैसे की गई थी उपद्रव की प्लानिंग

जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज हिंसा में बड़ा खुलासा हुआ है। जावेद पंप को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ हो रही है और पुलिस का कहना है कि इस पूरी हिंसा में जावेद पंप की बेटी जो कि दिल्ली की जेएनयू यूनिवर्सिटी में पढ़ती है, उसका नाम भी सामने आ रहा है।

प्रयागराज: जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज हिंसा में बड़ा खुलासा हुआ है। जावेद पंप को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ हो रही है और पुलिस का कहना है कि इस पूरी हिंसा में जावेद पंप की बेटी जो कि दिल्ली की जेएनयू यूनिवर्सिटी में पढ़ती है, उसका नाम भी सामने आ रहा है। क्योंकि जावेद पंप की बेटी भी इस तरह से खुरापात करती है और संप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम करती है तो जावेद पंप की बेटी के लिए प्रयागराज पुलिस दिल्ली पुलिस से बात कर रही है। उसके बाद प्रयागराज पुलिस हिंसा के संबंध में उसकी बेटी से भी पूछताछ करेगी।


प्रयागराज हिंसा के आरोपियों में जावेद पंप के साथ सैफ, कैफ और फ़ैज़ान पठान सबसे बड़े मास्टर माइंड हैं। AIMIM के जिला अध्यक्ष से भी पूछताछ होगी। अब तक 29 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है 68 लोगों की गिरफ्तारी हुई है 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर है।

प्रयागराज घटना पर SSP अजय कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि घटना में जावेद अहमद नाम का एक मास्टरमाइंड गिरफ़्तार किया गया है। इसके अलावा कई और मास्टर माइंड हो सकते हैं, उनके बारे में पूछताछ की जा रही है। कल की घटना में कुछ लोगों ने  नाबालिग बच्चों को आगे कर पुलिस पर पथराव किया। 

SSP अजय कुमार ने बताया कि थाना खुर्जा बाद और करेली में 29 धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 70 अभियुक्त और 5000 से ज्यादा अज्ञात को नामजद हैं। इनकी पहचान वीडियो के आधार पर की जा रही है। अब तक 68 लोग हिरासत में लिए गए हैं। इनपर गैंगस्टर एक्ट और NSA के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।


काशी धर्म परिषद में प्रस्ताव पारित, कहा- भारत को बचाने के लिए संतों को आना होगा आगे

जुमे के दिन हिंसा पर आज काशी धर्म परिषद में प्रस्ताव पारित हुआ। इसमें कहा गया कि इस्लामी आतंकियों के हाथ में देश को नहीं छोड़ा जा सकता है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। नफरत फैलाने वालों की संपत्ति जब्त की जाए।

वाराणसी: जुमे के दिन हिंसा पर आज काशी धर्म परिषद में प्रस्ताव पारित हुआ। इसमें कहा गया कि इस्लामी आतंकियों के हाथ में देश को नहीं छोड़ा जा सकता है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। नफरत फैलाने वालों की संपत्ति जब्त की जाए। कट्टरपंथी नमाजियों के कारण देश का माहौल खराब हो रहा है। नुपुर शर्मा को धमकी देने वालों पर रासुका लगे। जिस मस्जिद में पथराव हुआ वहां तालाबंदी हो देश को बचाने के लिए संतों को सड़क पर उतरना होगा। देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर जेल का प्राविधान किया जाए। तकरीर करने वाले मौलानाओं के भाषण को रिकार्ड किया जाए।

भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा के विवादित बयान को लेकर जुमे की नमाज के बाद देश के अधिकांश शहरों में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। कई जगहों पर तो प्रदर्शन ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया जिसके बाद प्रशासन के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। इस क्रम में शनिवार को पश्चिम बंगाल में उपद्रवियों ओर पुलिस के बीच ताजा झड़प हुई। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया। हालात को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले बरसाने पड़े। 

उधर झारखंड  के रांची में जिला प्रशासन ने रविवार तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दिया है। यहां के 12 इलाकों में धारा 144 लागू है। बता दें कि रांची में विभिन्न धार्मिक संगठनों ने बंद बुलाया है।



जुमे की नमाज के बाद यूपी में भी कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन, अब तक 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

पैगंबर पर टिप्पणी के विरोध और नुपुर शर्मा एवं नवीन कुमार जिंदल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मुस्लिमों ने उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रयागराज, सहारनपुर, देवबंद, हाथरस और अंबेडकरनगर में हिंसक प्रदर्शन हुए। राज्य में अब तक पुलिस ने 109 लोगों की गिरफ्तारी की है।

लखनऊ: पैगंबर पर टिप्पणी के विरोध और नुपुर शर्मा एवं नवीन कुमार जिंदल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मुस्लिमों ने उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रयागराज, सहारनपुर, देवबंद, हाथरस और अंबेडकरनगर में हिंसक प्रदर्शन हुए। राज्य में अब तक पुलिस ने 109 लोगों की गिरफ्तारी की है।

उत्तर प्रदेश में हिंसक घटनाओं को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन घटनाओं में पुलिस ने सहारनपुर से 38, प्रयागराज से 15, हाथरस से 24, अंबेडकरनगर से 23 मुरादाबाद से सात और फिरोजाबाद से दो असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया है।

प्रयागराज में उपद्रवियों ने चलाये बम

प्रयागराज के अटाला इलाके में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पथराव किया, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं। उपद्रवियों ने आक्रोशित भीड़ ने एक दुकान और बाइक को फूंकने के साथ पीएसी के ट्रक में भी आग लगा दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आग को काबू में किया। उपद्रवियों ने बम भी चलाए।

हाथरस में निकाला जुलूस

हाथरस के कस्बा पुरदिलनगर में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने जुलूस निकाला। जलेसर रोड अंबेडकर मूर्ति चौराहे पर नुपुर शर्मा का पुतला दहन किया। पुलिस पर भीड़ ने पथराव किया। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया है। हाथरस में पुलिस ने बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करने वाले आठ लोगों को हिरासत में लिया है।

अम्बेडकरनगर में पुलिस पर पथराव

अंबेडकरनगर में टांडा नगर के तलवापार में नमाज के बाद पुलिस पर पथराव कर दिया। यहां दर्जनभर लोगों को हिरासत में लिया है। लखनऊ में टीले वाली मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद भीड़ चबूतरे पर खड़ी होकर मजहबी नारेबाजी करने के साथ नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग करने लगी। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सझाकर शांत कराया और कड़ी कार्रवाई की बात कहकर घर के लिए रवाना किया।

सहारनपुर में भी बवाल

सहारनपुर में नमाज के बाद भीड़ जामा मस्जिद से पैदल घंटाघर पहुंची और हंगामा करने लगी। पुलिस ने भीड़ को वापस किया तो लोगों ने कई दुकानों पर पथराव कर दिया। इसमें एक युवक पत्थर लगने से चोटिल हो गया। पुलिस ने लाठी चार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। यहां से कई लोगों को हिरासत में लिया है।

देवबंद की रशीद मस्जिद के बाहर कुछ युवकों ने नारेबाजी की और विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं, बिजनौर में गुरुवार रात नजीबाबाद में लोगों को भड़काने के मामले में एसडीपीआइ के जिलाध्यक्ष समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नगीना पुलिस ने भी एआइएमआइएएम जिलाध्यक्ष और एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है।


मुरादाबाद में पुलिस ने भांजी लाठियां

मुरादाबाद में दोपहर को जामा मस्जिद में जुमा की नमाज के बाद चौराहे पर जुटी भीड़ ने करीब डेढ घंटे तक प्रदर्शन किया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद लोग फैजगंज चौकी पर जमा हो गए और वहां धरना पर बैठ गए। कुछ लोगों ने सपा सांसद डा. एसटी हसन के आवास पर भी जाकर नारेबाजी की। अधिकारियों ने समझाकर उन्हें वापस किया।

फिरोजाबाद रहा बंद

फिरोजाबाद में शहर से लेकर देहात तक मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में बाजार नहीं खुले। चूड़ी कारखानों में भी काम नहीं हुआ। शिकोहाबाद के मुहल्ला रुकनपुर में नाईयों वाली मस्जिद से नमाज के बाद जुलूस निकालने का प्रयास कर रही भीड़ को पुलिस ने खदेड़ दिया। फिरोजाबाद शहर में हाजीपुरा, जाटवपुरी और नालबंद चौराहे पर जमकर नारेबाजी हुई।


Rajasthan News: बांसवाड़ा जिला जेल से फरार हुए 3 कैदी, प्रशासन को नहीं लगी भनक

बांसवाड़ा के एसपी राजेश मीणाने बताया कि जेल की तरफ से रिपोर्ट मिली कि 3 कैदी रात में फरार हो गए हैं। मामले में मुकदमा दर्ज़ कर तीनों कैदियों को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है। तीनों कैदी कंबल की रस्सी बनाकर भागने में कामयाब हुए।

बांसवाड़ा: राजस्थान के बांसवाड़ा जेल से तीन कैदी फरार हो गए और इसी भनक तक जेल प्रसासन को नहीं लगी। जबतक जेल प्रशासन को कैदियों के भागने का पता चलता तबतक बहुत देर हो चुकी थी। अब जेल प्रशासन की तरफ से तीनों कैदियों के भागने की एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है।

बांसवाड़ा के एसपी राजेश मीणाने बताया कि जेल की तरफ से रिपोर्ट मिली कि 3 कैदी रात में फरार हो गए हैं। मामले में मुकदमा दर्ज़ कर तीनों कैदियों को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है। तीनों कैदी कंबल की रस्सी बनाकर भागने में कामयाब हुए।

फिलहाल पुलिस जेल ब्रेक कर फरार हुए तीनों कैदियों की तलाश कर रही है। कैदियों के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है कि कैदी किस मामले में बंद थे।


कानपुर हिंसा: जुमे की नमाज को लेकर धारा 144 लागू, अलर्ट पर प्रशासन

सुरक्षा के लिहाज से पीएसी, आरएएफ और क्विक रिस्पांस टीम के जवानों को मुस्लिम बहुल इलाकों में तैनात किया गया है।

कानपुर: कानपुर में 3 जून को भड़की हिंसा के बाद आज पहली जुमे की नमाज है। जुमे की नमाज से पहले कानपुर शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं और धारा 144 लागू कर दी गई है। 

सुरक्षा के लिहाज से पीएसी, आरएएफ और क्विक रिस्पांस टीम के जवानों को मुस्लिम बहुल इलाकों में तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कानपुर के जिला मजिस्ट्रेट विशाख जी अय्यर और पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा ने भी मुस्लिम मौलवियों और हिंदू पुजारियों समेत धार्मिक नेताओं के साथ बैठक की, ताकि उन्हें विश्वास में लिया जा सके।

बता दें कि बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा की ओर से पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में दुकानें बंद करने के प्रयास को लेकर पिछले हफ्ते शुक्रवार की नमाज के बाद कानपुर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क गई थी। मौलवियों और पुजारियों को अपने-अपने समुदायों के सदस्यों को शांति बनाए रखने के लिए मनाने के लिए कहा गया है।

पुलिस ने लोगों से कानून को अपने हाथ में नहीं लेने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि अफवाह फैलाने वालों और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


उत्तर प्रदेश में फिर 17 IAS अधिकारियों के तबादले

यूपी मेडिकल सप्लाईज कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक के पद से हटाये जाने के बाद प्रतीक्षारत कंचन वर्मा को महानिरीक्षक निबंधन के पद पर तैनात किया गया है। सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा रहे शाहिद मंजर अब्बास रिजवी अब सचिव वित्त की भूमिका निभाएंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में तबादलों का सिलसिला जारी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़े स्तर प्रशासनिक फेरबदल किया है। मंगलवार को 21 आईएएस अधिकारियों के तबादलों के बाद गुरुवार शाम फिर 17 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इन तबादलों में विशेष सचिव, आयुक्त और मुख्य विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।


यूपी सरकार ने गुरुवार को 17 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए हैं। सचिव चिकित्सा शिक्षा रहे गौरीशंकर प्रियदर्शी को ग्राम्य विकास आयुक्त बनाया गया है।

 
यूपी मेडिकल सप्लाईज कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक के पद से हटाये जाने के बाद प्रतीक्षारत कंचन वर्मा को महानिरीक्षक निबंधन के पद पर तैनात किया गया है। सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा रहे शाहिद मंजर अब्बास रिजवी अब सचिव वित्त की भूमिका निभाएंगे।


पोस्टिंग का इंतजार कर रहे प्रमोद कुमार उपाध्याय को अपर महानिरीक्षक निबंधन के पद पर तैनाती दी गई है। विशेष सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डा. वेदपति मिश्रा को विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है। विशेष सचिव वित्त प्रकाश बिन्दु को विशेष सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा रहे जयशंकर दुबे अब विशेष सचिव वित्त होंगे।

विशेष सचिव नगर विकास संजय कुमार सिंह यादव को सदस्य (न्यायिक) राजस्व परिषद के पद पर भेजा गया है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव महेन्द्र प्रसाद को प्रबंध निदेशक उप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का दायित्व दिया गया है। सोनभद्र के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रहे अमित पाल अब मेरठ के नगर आयुक्त होंगे। बहराइच के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सौरभ गंगवार को सोनभद्र का सीडीओ बनाया गया है।


सिद्धार्थनगर के सीडीओ पुलकित गर्ग झांसी के नगर आयुक्त नियुक्त किये गए हैं। मुजफ्फरनगर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जयेन्द्र कुमार अब सिद्धार्थनगर के सीडीओ की जिम्मेदारी निभाएंगे। मुजफ्फरनगर के सीडीओ आलोक यादव को उपाध्यक्ष झांसी विकास प्राधिकरण के पद पर भेजा गया है। 

मेरठ के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संदीप भागिया को सीडीओ मुजफ्फरनगर बनाया गया है। बरेली के सीडीओ चन्द्र मोहन गर्ग प्रयागराज के नगर आयुक्त होंगे। सिद्धार्थनगर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जग प्रवेश को बरेली के सीडीओ पद पर भेजा गया है।


जून अंत तक पूरा होगा काशी विश्वनाथ परियोजना का पूरा काम

पहले चरण का काम पूरा होने के साथ ही पीएम मोदी ने 13 दिसंबर को औपचारिक रूप से केवी धाम का उद्घाटन किया था। भव्य उद्घाटन समारोह के दो दिन बाद, एसकेवीएसएडीबी ने दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था।

वाराणसी: काशी विश्वनाथ धाम (केवीडी) परियोजना, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रीम परियोजना है, महीने के अंत तक पूरी होने वाली है। श्री काशी विश्वनाथ विशेष क्षेत्र विकास बोर्ड (एसकेवीएसएडीबी) ने केवी धाम में परियोजना के प्रारंभिक चरण में निर्मित 23 भवनों में से 10 को पहले ही अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि शेष भवनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

एसकेवीएसएडीबी के अध्यक्ष और संभागीय आयुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा, "केवल 3 प्रतिशत निर्माण कार्य, मुख्य रूप से रैंप बिल्डिंग, गंगा व्यू-पॉइंट और सुरक्षा भवन जो गंगा द्वार के पास हैं, अभी पूरा होना बाकी है। इसे एक सप्ताह में पूरा किया जाएगा। जिसके बाद करीब दो हफ्ते में फिनिशिंग का काम भी खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही केवी धाम परियोजना को जून के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।"

उन्होंने कहा "केवी धाम तीर्थ क्षेत्र में कुल 23 इमारतों का निर्माण किया गया है। इनमें से अधिकांश इमारतों का निर्माण परियोजना के पहले चरण में किया गया था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर को केवी धाम को औपचारिक रूप से खोला था। परियोजना के क्रियान्वयन का जिम्मा पीडब्ल्यूडी एजेंसी ने निर्माण कार्य में लगी कंपनी से इन भवनों को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। पीडब्ल्यूडी ने भी एसकेवीएसएडीबी को इमारतों को सौंपना शुरू कर दिया है।"

अब तक लोक निर्माण विभाग ने 10 भवन एसकेवीएसएडीबी को सौंपे हैं, जबकि 13 अन्य भवनों को सौंपने की तकनीकी एवं अन्य औपचारिकताएं भी प्रगति पर हैं।


दिसंबर 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 600 करोड़ रुपये से शुरू की गई, केवी धाम परियोजना को तब बढ़ावा मिला जब प्रधानमंत्री मोदी ने 8 मार्च, 2019 को इसकी नींव रखी थी।

पहले चरण का काम पूरा होने के साथ ही मोदी ने 13 दिसंबर को औपचारिक रूप से केवी धाम का उद्घाटन किया था। भव्य उद्घाटन समारोह के दो दिन बाद, एसकेवीएसएडीबी ने दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था।

एसकेवीएसएडीबी के अधिकारियों ने कहा कि दूसरे चरण का प्रमुख निर्माण कार्य मणिकर्णिका, जलासेन और ललिता घाटों पर हुआ था, जहां फरवरी में निर्माण के बाद गंगा द्वार नामक नदी तट से केवीडी का प्रवेश मार्ग खोला गया था।


UP MLC Election 2022: सीएम योगी की उपस्थिति में भाजपा के 9 प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

भाजपा के 9 उम्मीदवारों ने लखनऊ में विधान परिषद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी विधान परिषद में मौजूद रहें।

लखनऊ: भाजपा के 9 उम्मीदवारों ने लखनऊ में विधान परिषद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी विधान परिषद में मौजूद रहें।


कानपुर हिंसा: हयात जफर हाशमी के 4 बैंक खाते मिले, 50 करोड़ से ज्यादा लेनदेन आया सामने

पैसा किस मद में आया और किस मद में खर्च हुआ, यह जांच का विषय है, लेकिन इसमें भी अफसर यही मान रहे हैं कि यह पैसा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में प्रयोग किया गया।

कानपुर: कानपुर हिंसा की जांच कर रही एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) को एमएमए जौहर फैन्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हयात जफर हाशमी के अर्थ तंत्र से जुड़ी  महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं। 

सामने आया है कि हयात जफर अपने संगठन के नाम से जिन बैंक खातों का उपयोग कर रहा था, उनमें  पिछले कुछ सालों में करोड़ों का लेनदेन हुआ है। जांच की जा रही है कि इतने बड़ी रकम कहां से आई और किन मदों में खर्च हुुई। हालांकि यह गुत्थी सुलझेगी जब हयात को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। वहीं, अधिकृत रूप से जांच से जुड़ा कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहा है।  

उपद्रव की जांच कर रही एटीएस को अब की जांच में हयात जफर हाशमी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं। असल में एटीएस जफर के सहयोगियों और उसके अर्थतंत्र की जांच कर रही है। 


अर्थतंत्र की जांच के दौरान जो बातें सामने आईं, उससे अफसरों की आंखें खुली रह गई। अफसर पूरे यकीन से तो नहीं कह रहे, लेकिन उनका अनुमान है कि खाड़ी देशों से यह पैसा आया। पैसा किस मद में आया और किस मद में खर्च हुआ, यह जांच का विषय है, लेकिन इसमें भी अफसर यही मान रहे हैं कि यह पैसा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में प्रयोग किया गया। 


सूत्रों के मुताबिक एटीएस को हयात जफर के चार बैंक खाते मिले हैं। एक बैंक खाता बाबूपुरवा क्षेत्र में स्थित एक निजी बैंक में है, जो कि वर्ष 2019 में खोला गया था।


दावा है कि इस बैंक खाते में 30 जुलाई 2019 को 3.54 करोड़ा रुपये जमा हुए। यह पैसा विदेश से आया था। सितंबर 2021 को इसमें से 98 लाख रुपया निकाला गया। अभी भी इस खाते में 1.27 करोड़ रुपये जमा हैं। दो अन्य बैंक खाते कर्नलगंज और बेकनगंज में हैं। वहीं, एक चौथा बैंक खाता पंजाब नैशनल में भी मिला है। 


इनकी बहुत अधिक जानकारी अभी एटीएस को नहीं मिली है, लेकिन शुरुआती जांच में यह दोनों खाते बेहद खास नजर आ रहे हैं। यह खाते पुराने हैं और पिछले तीन सालों के दौरान इनमें करीब 48 करोड़ रुपये आए हैं। हालांकि अभी इन खातों में करीब 12 लाख रुपये ही बचा हुआ है।  इतनी बड़ी रकम का क्या हुआ, यह एक बड़ा सवाल है। सवाल यह भी है कि क्या इस रकम का प्रयोग देश विरोधी कार्यों के लिए हुआ। 


ज्ञानवापी मामले की सुनवाई कर रहे वाराणसी के जज को मिली धमकी, सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए यह पत्र मिलने के तुरंत बाद सिविल जज ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त को इसकी जानकारी दी।

वाराणसी: वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई करने वाले सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि दिवाकर को धमकी भरा पत्र मिला है। जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है।

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए यह पत्र मिलने के तुरंत बाद सिविल जज ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त को इसकी जानकारी दी।

वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने कहा, "पत्र के संबंध में सिविल जज द्वारा सूचना मिलने के बाद, इस मामले को जांच के लिए पुलिस उपायुक्त को सौंप दिया गया है।"

गणेश ने कहा कि वाराणसी के सिविल जज और लखनऊ में उनकी मां की सुरक्षा को भी बढ़ाया जा रहा है।

पत्र में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की गई है।

12 मई को जारी अपने एक आदेश में सिविल जज दिवाकर ने कहा कि इस दीवानी मामले को असाधारण मामला बनाकर भय का माहौल बनाया जा रहा है। भय इस कदर है कि मैं और मेरा परिवार डर के साए में जी रहे हैं।


पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में कानपुर का भाजपा नेता गिरफ्तार, CM योगी के साथ तस्वीर हो रही वायरल

हर्षित ने कानपुर हिंसा के बाद पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया था, जिसके बाद इलाके का माहौल फिर से गर्म हो गया था। पुलिस ने कहा कि वह माहौल फिर से बिगाड़ने की कोशिश कर रहा था।

कानपुर: पैगंबर मोहम्मद (Paigambar Muhammad) पर टिप्पणी को लेकर बीजेपी नेता को यूपी पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।  इस बीजेपी नेता का नाम हर्षित श्रीवास्तव (Harshit Srivastava) बताया जा रहा है। 


हर्षित ने कानपुर हिंसा के बाद पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया था, जिसके बाद इलाके का माहौल फिर से गर्म हो गया था। पुलिस ने कहा कि वह माहौल फिर से बिगाड़ने की कोशिश कर रहा था।

हर्षित श्रीवास्तव बीजेपी यूथ विंग के पदाधिकारी हैं। कानपुर के पुलिस आयुक्त विजय मीणा (Vijay Meena) ने कहा है कि ''जो भी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे।''

बताते चलें कि पैगंबर मोहम्मद पर बीजेपी नेताओं नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद नूपुर शर्मा को पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके अलावा, एक धार्मिक नेता पर टिप्पणी को लेकर बीजेपी की दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन जिंदल को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

इस्लामिक देशों का भारत के खिलाफ एक्शन

नुपुर शर्मा (Nupur Sharma) द्वारा की गई वादास्पद टिप्पणी को लेकर कम से कम 15 देशों ने भारत के खिलाफ आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है। जिनमें ईरान, इराक, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, ओमान, ईरान, यूएई, जॉर्डन, अफगानिस्तान, बहरीन, मालदीव, लीबिया और इंडोनेशिया जैसे देशों के नाम शामिल है।


यूपी में एक साथ 21 आइएएस अफसरों का तबादला, हिंसाग्रस्त कानपुर समेत 9 जिलों के बदले डीएम

उत्तर प्रदेश सरकार ने आज जारी एक आदेश में 21 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिया। जिसमें लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज के IAS अधिकारियों का ट्रांसफर भी शामिल हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आज जारी एक आदेश में 21 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिया। जिसमें लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज के IAS अधिकारियों का ट्रांसफर भी शामिल हैं। 


 9 जिलों के डीएम बदले गए

  1. लखनऊ डीएम अभिषेक प्रकाश उद्योग विभाग भेजे गए
  2. सूर्य पाल गंगवार लखनऊ के नए डीएम बने
  3. इंद्र विक्रम सिंह डीएम अलीगढ़ बने
  4. विशाख जी डीएम कानपुर नगर बनाए गए
  5. कृष्णा कुरुणेश डीएम गोरखपुर बने
  6. विजय किरण आनंद डीजी शिक्षा विभाग बने
  7. अनामिका सिंह सचिव महिला कल्याण बनीं
  8. भवानी सिंह खगरौत एमडी मध्यांचल विविनि
  9. अनुपम शुक्ला डायरेक्टर नेडा बनाए गए
  10. सेल्वा कुमारी जे कमिश्नर बरेली मंडल
  11. सौम्या अग्रवाल डीएम बलिया बनीं
  12. प्रियंका निरंजन डीएम बस्ती
  13. चांदनी सिंह डीएम जालौन बनीं
  14. अवनीश राय डीएम इटावा बनाए गए
  15. रवि रंजन डीएम फिरोजाबाद बनाए गए
  16. श्रुति सिंह डीजी मेडिकल एजुकेशन
  17. नेहा शर्मा निदेशक स्थानीय निकाय बनीं
  18. शकुंतला गौतम श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश बनीं
  19. आर रमेश कुमार प्रमुख सचिव रेशम विभाग
  20. डीएम गाजियाबाद को वीसी पद का भी चार्ज, गाजियाबाद प्राधिकरण के वीसी का अतिरिक्त चार्ज


कानपुर हिंसा: आरोपियों को को पकड़ने गई पुलिस टीम लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला

भीषण पथराव के बीच पुलिस एक आरोपित को ही पकड़ पाई, जबकि दूसरा भागने में सफल रहा। मौके पर भारी पुलिस बल भेजा गया है।

कानपुर: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की कानपुर में बीते शुक्रवार को मौजूदगी के दौरान उपद्रव तथा हिंसा के मामले में पुलिस पत्थरबाजी करने वालों पर शिकंजा कस रही है लेकिन इलाके तनाव शांत नहीं हो रहा है। नई सड़क पर तीन जून को हुए बवाल में एक आरोपित को पकड़ने के लिए गई पुलिस टीम पर बजरिया थाना क्षेत्र के कंघी मोहाल में भीड़ ने हमला कर दिया। भीषण पथराव के बीच पुलिस एक आरोपित को ही पकड़ पाई, जबकि दूसरा भागने में सफल रहा। मौके पर भारी पुलिस बल भेजा गया है।

भाजपा नेता नूपुर शर्मा की कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन ने बंद का एलान किया था। हालांकि, संगठन ने बंद वापस ले लिया था, लेकिन समुदाय विशेष के क्षेत्रों में दुकानें बंद रहीं। जुमा की नमाज के बाद हजारों लोग सड़क पर उतर आए थे। पथराव, फायरिंग व बमबाजी की थी। इसमें दारोगा समेत सात लोग गंभीर और दो दर्जन अन्य घायल हो गए थे। पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज कर 36 नामजद व एक हजार अज्ञात को आरोपित बनाया था।


वाराणसी बम धमाके: दोषी वलीउल्लाह खान को गाजियाबाद कोर्ट ने सुनाई सजा-ए-मौत

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साल 2006 में हुए सिलसिलेवार बम धमाके के मास्टरमाइंड वलीउल्लाह खान को गाजियाबाद की एक अदालत ने सोमवार को मृत्यदंड दिया। संकट मोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर सात मार्च 2006 को हुए इन धमाकों में कम से कम 20 लोग मारे गये थे और करीब 100 लोग घायल हुए थे।

वाराणसी/गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साल 2006 में हुए सिलसिलेवार बम धमाके के मास्टरमाइंड वलीउल्लाह खान को गाजियाबाद की एक अदालत ने सोमवार को मृत्यदंड दिया। संकट मोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर सात मार्च 2006 को हुए इन धमाकों में कम से कम 20 लोग मारे गये थे और करीब 100 लोग घायल हुए थे।

शनिवार को जिला सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने वलीउल्लाह को दो मामलों में दोषी ठहराया था। प्रयागराज का निवासी वलीउल्लाह एक मुफ्ती था। वाराणसी के वकीलों ने उसका मामला लड़ने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसका केस गाजियाबाद स्थानान्तिरित किया गया था।

बता दें कि 16 साल पहले संकटमोचन और कैंट स्टेशन में यह सीरियल ब्लास्ट हुआ था। दरअसल, सात मार्च, 2006 को संकट मोचन मंदिर और छावनी रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोटों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गए थे।

जिला प्रशासन के वकील राजेश शर्मा ने को बताया कि जिला सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने वलीउल्ला को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज दो मामलों में दोषी करार दिया। फैसला सुनाने के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला जज की अदालत में मीडिया को भी प्रवेश नहीं दिया गया।  अदालत में सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए थे। डॉग स्क्वाड से समय समय पर अदालत परिसर की तलाशी चलती रही।


वाराणसी सीरियल बम ब्लास्ट: गाजियाबाद कोर्ट आज सुनाएगी आतंकी वलीउल्लाह की सजा पर फैसला

वाराणसी में वर्ष 2006 में हुए सिलसिलेवार बम धमाके के मामले में शनिवार को दोषी करार दिए गए आतंकी वलीउल्लाह की सजा पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में आज यानी सोमवार दोपहर दो बजे से सुनवाई होगी। सजा के प्रश्न पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद अदालत फैसला सुनाएगी।

गाजियाबाद: वाराणसी में वर्ष 2006 में हुए सिलसिलेवार बम धमाके के मामले में शनिवार को दोषी करार दिए गए आतंकी वलीउल्लाह की सजा पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में आज यानी सोमवार दोपहर दो बजे से सुनवाई होगी। सजा के प्रश्न पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद अदालत फैसला सुनाएगी।

सभी लोग इस चर्चित मामले में अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वलीउल्लाह प्रयागराज की फूलपुर स्थित नलकूप कालोनी का रहने वाला है। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद शर्मा ने बताया कि सात मार्च 2006 को वाराणसी में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे।

पहला बम धमाका सात मार्च को शाम 6.15 बजे वाराणसी के लंका थानाक्षेत्र में संकटमोचन मंदिर में हुआ था। इसमें सात लोग मारे गए थे जबकि 26 घायल हुए थे। उसी दिन 15 मिनट के बाद 6.30 बजे दशाश्वमेध घाट थानाक्षेत्र में जम्मू रेलवे फाटक की रेलिंग के पास कुकर बम मिला था। पुलिस की मुस्तैदी के चलते यहां विस्फोट होने से बचा गया था।

इन दोनों मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, चोटिल व अंग भंग करने, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम व आतंकी गतिविधि के आरोप में अदालत आतंकी वलीउल्लाह को दोषी करार दे चुकी है जबकि जीआरपी वाराणसी थानाक्षेत्र में वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रथम श्रेणी के विश्राम कक्ष के सामने हुए धमाके, जिसमें 11 लोग मारे गए थे और 50 लोग घायल हुए थे।


हापुड़ केमिकल फैक्ट्री हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 13, दर्जनों लोगों का चल रहा इलाज

इलाज के दौरान 4 और लोगों की मौत हुई है। इस तरह अबतक इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों लोगों का इलाज अभी भी जारी है।


हापुड़: हापुड के धौलाना में कैमिकल फैक्टरी में ब्लास्ट से 9  लोगों की मौत हो गई जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। वहीं, इलाज के दौरान 4 और लोगों की मौत हुई है। इस तरह अबतक इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों लोगों का इलाज अभी भी जारी है।

 बता दें कि केमिकल बॉयलर फटने से फैक्ट्री में जबर्दस्त ब्लास्ट हुआ था और आग लग गई। इस ब्लास्ट की चपेट में आने से वहां काम कर रहे 9 फैक्ट्री कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। 


हादसा धौलाना क्षेत्र के यूपीएसआईडीसी (औद्योगिक क्षेत्र) में सीएनजी पंप के पीछे कृष्णा ऑर्गेनिक कंपनी में हुआ जहां बॉयलर फटने से आग लग गई थी। ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास की कई फैक्टरियों की छतें उड़ गईं। पुलिस प्रशासन व दमकल विभाग ने मौके पर पहुंच कर राहत कार्य शुरू किया और कई लोगों को वहां से सुरक्षित निकाला। सीएम योगी ने हादसे पर दुख जताया है।


पीएम ने जताया दुख


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हापुड़ केमिकल फैक्ट्री हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने इस हादसे हृदय विदारक बताया और कहा कि जिन लोगों को इस हादसे में जान गंवानी पड़ी उनके प्रति मैं संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। राज्य सरकार घायलों के इलाज और हरसंभव सहायता में तत्परता से जुटी है।

एफआईआर किया गया दर्ज

हापुड़ फैक्ट्री में हुए विस्फोट से 13 लोगों की मौत होने पर धौलाना थाने में आईपीसी की धारा 286, 287, 304, 308, 337 और 338 के तहत  FIR दर्ज की गई है। FIR में कहा गया है कि फैक्ट्री में पटाखों का निर्माण किया जाता था।


हापुड़ में केमिकल फैक्ट्री का बॉयलर फटने से, 9 लोगों की मौत, 20 लोग घायल, PM मोदी ने जताया दुःख

इस ब्लास्ट की चपेट में आने से वहां काम कर रहे 9 फैक्ट्री कर्मचारियों की मौत हो गई। हादसे में 19 लोग घायल हुए हैं।

हापुड़: हापुड के धौलाना में कैमिकल फैक्टरी में ब्लास्ट से 9  लोगों की मौत हो गई जबकि 19 लोग घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बॉयलर फटने से फैक्ट्री में जबर्दस्त ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। 

इस ब्लास्ट की चपेट में आने से वहां काम कर रहे 9 फैक्ट्री कर्मचारियों की मौत हो गई। हादसे में 19 लोग घायल हुए हैं। फैक्ट्री में ब्लास्ट और आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।

हादसा धौलाना क्षेत्र के यूपीएसआईडीसी (औद्योगिक क्षेत्र) में सीएनजी पंप के पीछे कृष्णा ऑर्गेनिक कंपनी में हुआ जहां बॉयलर फटने से आग लग गई। ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास की कई फैक्टरियों की छतें उड़ गईं। पुलिस प्रशासन व दमकल विभाग ने मौके पर पहुंच कर राहत कार्य शुरू किया और कई लोगों को वहां से सुरक्षित निकाला। सीएम योगी ने हादसे पर दुख जताया है।

पीएम ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हापुड़ केमिकल फैक्ट्री हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने इस हादसे हृदय विदारक बताया और कहा कि जिन लोगों को इस हादसे में जान गंवानी पड़ी उनके प्रति मैं संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। राज्य सरकार घायलों के इलाज और हरसंभव सहायता में तत्परता से जुटी है।


कानपुर हिंसा: सामने आया एंटी CAA और NRC लिंक, BJP बोली- पूर्व नियोजित दंगा

मामले में भाजपा (BJP) ने इसे पूर्व नियोजित हिंसा करार दिया। कहा कि इसे जानबूझकर पीएम, राष्ट्रपति और सीएम के जिले में होने के दौरान अंजाम दिया गया।

लखनऊ: कानपुर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में स्थानीय मुस्लिम नेता हयात जफर हाशमी की पहचान हुई है। वह पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में 40 नामजद आरोपियों में से एक है।

जानकारी मिल रही है कि पुलिस ने हयात जफर को हिरासत में लिया है। हाशमी की कस्टडी इसलिए अहम हो गई है क्योंकि अतीत में वह कथित रूप से नागरिक संशोधन अधिनियम (CAA)और नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हो चुका है।

वहीं, मामले में भाजपा (BJP) ने इसे पूर्व नियोजित हिंसा करार दिया। कहा कि इसे जानबूझकर पीएम, राष्ट्रपति और सीएम के जिले में होने के दौरान अंजाम दिया गया। कानपुर पुलिस का कहना है कि मौलाना मुहम्मद जौहर अली फैन्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हयात जफर हाशमी ने टीवी में डिबेट के दौरान भाजपा (BJP) प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में बाजार बंद का आह्वान किया था।

इंडिया टुडे के मुताबिक, अतीत में, हाशमी कथित रूप से कानपुर में प्रस्तावित सीएए और एनआरसी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों में भी शामिल था। जानकारी है कि हाशमी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

आरोप है कि हाशमी ने लोगों को उकसाया, जिसके बाद पथराव हुआ और दो समुदायों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें कई पुलिस कर्मियों सहित 30 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।


कानपुर हिंसा के पीछे PFI कनेक्शन की भी आशंका, मुख्य आरोपी अबतक पुलिस की गिरफ्त से बाहर

देश में कई दंगों के साथ उपद्रव के मामलों में इस संगठन की भी साजिश रहती है, इसी कारण कानपुर के बवाल में इसकी साजिश का शक जताया जा रहा है। कानपुर में अब हालात नियंत्रण में हैं। कई बटालियन पीएसी के साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स की टीमों ने रात में ही दंगाई पर नियंत्रण पा लिया।

लखनऊ: कानपुर में शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में उपद्रव के मामले में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया का भी कनेक्शन होने की आशंका है। 

देश में कई दंगों के साथ उपद्रव के मामलों में इस संगठन की भी साजिश रहती है, इसी कारण कानपुर के बवाल में इसकी साजिश का शक जताया जा रहा है। कानपुर में अब हालात नियंत्रण में हैं। कई बटालियन पीएसी के साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स की टीमों ने रात में ही दंगाई पर नियंत्रण पा लिया।

कानपुर के पुलिस कमिश्नर वीएस मीणा ने गृह विभाग तथा पुलिस के आला अधिकारियों को जो इनपुट दिया है, उसमें अचानक हुए उपद्रव में पीएफआइ के कनेक्शन की भी आशंका जताई है। अब पीएफआइ के कनेक्शन की भी जांच प्रारंभ हो गई है। कानपुर के नई सड़क क्षेत्र में शुक्रवार को उपद्रव के मामले में 55 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है जबकि हजार अज्ञात पर भी नजर है। 

पुलिस रात भर दबिश देकर अब तक 35 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। यहां पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने पीएसी की कई कंपनियां कानपुर में आ चुकी हैं। कानपुर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कानपुर में हुई हिंसा के पीछे पीएफआई या किसी अन्य संगठन की साजिश को भी खंगाला जा रहा है।


कानपुर हिंसा: मायावती में बोला योगी सरकार पर हमला, खुफिया तंत्र को बताया फेल

बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री जी के यूपी दौरे के दौरान ही कानपुर में दंगा व हिंसा भड़कना अति-दु:खद, दुर्भाग्यपूर्ण व चिन्ताजनक तथा पुलिस खुफिया तंत्र की भी विफलता का द्योतक है। सरकार को समझना होगा कि शान्ति व्यवस्था के अभाव में प्रदेश में निवेश व यहां का विकास कैसे संभव?

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कानपुर में हुए बवाल पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि जुमे की नमाज के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की शहर में मौजूदगी के दौरान शुक्रवार को माहौल बिगाड़ने के प्रयास पुलिस और खुफिया तंत्र की विफलता है।

बता दें कि इससे पहले कानपुर में हुई हिंसा पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हिंसा के लिए भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा को दोषी ठहराते हुए गिरफ्तारी की मांग की और पुलिस और इंटेलिजेंस पर भी सवाल उठाए थे।

बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री जी के यूपी दौरे के दौरान ही कानपुर में दंगा व हिंसा भड़कना अति-दु:खद, दुर्भाग्यपूर्ण व चिन्ताजनक तथा पुलिस खुफिया तंत्र की भी विफलता का द्योतक है। सरकार को समझना होगा कि शान्ति व्यवस्था के अभाव में प्रदेश में निवेश व यहां का विकास कैसे संभव?

मायावती ने कहा कि सरकार इस घटना की धर्म, जाति व दलगत राजनीति से ऊपर उठकर स्वतंत्र व निष्पक्ष उच्च-स्तरीय जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटना आगे न हो। साथ ही, लोगों से शान्ति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तेजक भाषणों आदि से बचने की भी अपील की है।

ज्ञात हो कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के कथित पैंगबर साहब पर विवादित टिप्पणी के बाद शुक्रवार दोपहर नमाज के बाद नई सड़क पर प्रदर्शन के बाद जमकर बवाल हुआ। पथराव कर कई गाड़ियां तोड़ दी गई पर फायरिंग के साथ बमबाजी भी हुई। पथराव में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। बवाल की सूचना पर डीएम और संयुक्त पुलिस आयुक्त समेत भारी फोर्स मौके पर पहुंचा और पैदल मार्च करते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की जिद, ज्ञानवापी में शिवलिंग की पूजा के बाद ही करूंगा भोजन, पूछा-कोर्ट के फैसले तक क्या भगवान भूखे रहेंगे?

पुलिस द्वारा मठ पर रोके जाने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि न्यायालय का जो निर्णय होगा, उसे हम मानेंगे लेकिन कोर्ट का निर्णय आने तक क्या भगवान भूखे और प्यासे रहेंगे?...हमने प्रार्थना करने की अनुमति के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की, लेकिन पुलिस से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मैंने अपने खुद के मोबाइल से आयुक्त को याचिका भेजी और अपने आदमी को पत्र के साथ उपायुक्त के ऑफिस भेजा। मेरे पास प्रमाण है। मैं यहां बैठूंगा, पूजा के बाद ही खाना खाऊंगा।

वाराणसी: वाराणसी का ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंग जैसी आकृति को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। इस मामले में अभी कोर्ट का फैसला आना बाकी है, लेकिन इससे पहले धार्मिक नगरी काशी में साधु संतों ने शिवलिंग जैसी आकृति की पूजा करने के लिए अनुमति मांगी है। 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आज 4 जून को ज्ञानव्यापी परिसर में संतों के साथ पूजा-अर्चना करने की घोषणा की है, वहीं जिला प्रशासन ने कहा है कि यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है और विवादित स्थल पर सीआरपीएफ का घेरा है, इस कारण से प्रशासन ने पूजा की अनुमति नहीं दी है। किसी विवाद की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी है।

पुलिस द्वारा मठ पर रोके जाने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि न्यायालय का जो निर्णय होगा, उसे हम मानेंगे लेकिन कोर्ट का निर्णय आने तक क्या भगवान भूखे और प्यासे रहेंगे?...हमने प्रार्थना करने की अनुमति के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की, लेकिन पुलिस से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मैंने अपने खुद के मोबाइल से आयुक्त को याचिका भेजी और अपने आदमी को पत्र के साथ उपायुक्त के ऑफिस भेजा। मेरे पास प्रमाण है। मैं यहां बैठूंगा, पूजा के बाद ही खाना खाऊंगा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 4 जून को ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग की पूजा करने का ऐलान किया है। काशी जोन के डीसीपी ने कहा कि अगर वहां कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने की कोशिश की जाती है को हम कानून के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। किसी भी तरह से शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।


कानपुर हिंसा: सभी आरोपियों पर लाएगा गैंगेस्टर एक्ट, संपत्तियों को किया जाएगा जब्त, 'बुल्डोजर एक्शन' की भी तैयारी

यूपी के ADG (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार में बताया कि जिन भी लोगों ने उपद्रव किया है उनकी पहचान की जा रही है। हमने अब तक 18 लोगों को गिरफ़्तार किया है। उपद्रवियों के साथ षड्यंत्रकारियों के ख़िलाफ़ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी तथा उनकी संपत्तियों को जब्त या ध्वस्त किया जाएगा।

कानपुर:  उत्तर प्रदेश के कानपुर कथित तौर पर बाजार बंद को लेकर कानपुर में दो समुदायों के बीच झड़प के मद्देनजर 18 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 

पुलिस आयुक्त विजय मीना ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों ने एक जूलुस निकालने का प्रयास किया और उस दौरान भीड़ इकट्ठी हो गई। यहां पर करीब 10 पुलिसकर्मी पहले से तैनात थे। घटना की सूचना मिलते हैं सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

उन्होंने आगे बताया कि करीब 18 लोगों को हिरासत में लिया है और शेष अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हमने वीडियो और फोटोग्राफ से लोगों को चिन्हित किया है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपियों पर लगेगा गैंगेस्टर एक्ट

यूपी के ADG (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार में बताया कि  जिन भी लोगों ने उपद्रव किया है उनकी पहचान की जा रही है। हमने अब तक 18 लोगों को गिरफ़्तार किया है। उपद्रवियों के साथ षड्यंत्रकारियों के ख़िलाफ़ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी तथा उनकी संपत्तियों को जब्त या ध्वस्त किया जाएगा।

एडीजी प्रशांत ने आगे बताया कि कुछ लोगों ने दुकान बंद करने का प्रयास किया जिसका विरोध दूसरे पक्ष के लोगों ने किया जिसको लेकर टकराव और पत्थरबाजी की घटना हुई। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण किया। मौके पर 12 कंपनी PAC को रवाना किया गया है।


विपक्ष में बोला योगी सरकार पर हमला

अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा महामहिम राष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नगर में रहते हुए भी पुलिस और खुफिया-तंत्र की विफलता से BJP प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा दिए गए भड़काऊ बयान से, कानपुर में जो अशांति हुई है, उसके लिए BJP नेता को गिरफ़्तार किया जाए।


यूपी कांग्रेस ने कहा है कि जिस शहर में देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मौजूद हों, वहां पर दो गुटों में झड़प और हिंसा समझ से परे है। जनता को BJP की 'बांटो और राज करो' की यह साजिश समझनी चाहिए। आपसे अपील है कि किसी भी बात पर उग्र हुए बिना, हर हाल में शांति बनाए रखें।

क्यों हुई हिंसा


पुलिस के मुताबिक अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हाल ही में टीवी पर बहस के दौरान BJP प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर नाराज थे और इसी के विरोध में वो इलाके की दुकानें बंद कराने का प्रयास कर रहे थे। देखते ही देखे प्रदर्शन हिंसक हो गया और पत्थरबाजी शुरू हो गई।

कानपुर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के तुरंत बाद परेड, नयी सड़क और यतीमखाना समेत कई इलाकों में हिंसा भड़क गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जुमे की नमाज के बाद दो समुदायों के सदस्य आमने-सामने आ गए और उन्होंने एक-दूसरे पर ईंटों से पथराव किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान गोलीबारी भी हुई। हालांकि पुलिस ने कहा कि हालात को कंट्रोल कर लिया गया है. इस मामले में अब तक 18 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।


कानपुर में हिंसक झड़प, 17 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है और अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि भड़काने के कारणों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है।

कानपुर: शुक्रवार को कानपुर में एक समुदाय के सदस्यों द्वारा शुक्रवार की नमाज के बाद बेकनगंज इलाके में दुकानों को बंद करने के लिए मजबूर करने के बाद सांप्रदायिक झड़प हो गई।

सदस्यों ने भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में बाजार बंद करने की घोषणा की थी।

जुमे की नमाज के बाद एक समुदाय के लोगों ने दुकानें बंद करवाना शुरू कर दिया तो दूसरे समुदाय ने इसका विरोध किया।

इसके बाद झड़पें हुईं, पथराव और ईंट-पत्थरबाजी भी शुरू हो गई। सूत्रों ने बताया कि बदमाशों ने हवा में फायरिंग भी की थी। घटना के बाद 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है और अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि भड़काने के कारणों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है।

संयोग से, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उसी समय पड़ोसी जिले कानपुर देहात में थे, जब झड़पें शुरू हुईं।


नहीं करेंगे कोर्ट के फैसले का इंतजार, कल करेंगे ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की पूजा: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

मामला अदालत में होने और वजूखाने की कड़ी सुरक्षा के बीच पूजन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में शंकराचार्य का आदेश सर्वोपरि है। उनके आदेश का पालन होगा। शनिवार को वह कब और कैसे मस्जिद परिसर में प्रवेश करेंगे, इसकी जानकारी शुक्रवार को दी जाएगी।

वारणसी: भगवान शिव प्रकट हो गए हैं तो उनका पूजन-अर्चन, राग-भोग होना ही चाहिए। अपने आराध्य की पूजा के लिए न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा हम नहीं कर सकते हैं। गुरु व शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के आदेश पर चार जून को वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए हम ज्ञानवापी जाएंगे, जहां तक अनुमति होगी, वहां तक जाकर भगवान शिव को राग-भोग व पूजन अर्पित करेंगे। 

बृहस्पतिवार को द्वारका व ज्योतिर्मठ के पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने केदारघाट स्थित विद्यामठ में प्रेसवार्ता में उक्त घोषणा की। मामला अदालत में होने और वजूखाने की कड़ी सुरक्षा के  बीच पूजन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में शंकराचार्य का आदेश सर्वोपरि है। उनके आदेश का पालन होगा। शनिवार को वह कब और कैसे मस्जिद परिसर में प्रवेश करेंगे, इसकी जानकारी शुक्रवार को दी जाएगी। 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शास्त्रों में प्रभु के प्रकट होते ही दर्शन करके उनकी स्तुति करने का, राग-भोग, पूजा-आरती कर भेंट चढ़ाने का नियम है। परंपरा को जानने वाले सनातनियों ने तत्काल स्तुति पूजा के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका। भगवान की पूजा और राग-भोग एक दिन भी रोका नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि शास्त्रों में तो यह बात बताई ही गई है कि देवता को एक दिन भी बिना पूजा के नहीं रहने देना चाहिए। भारत के संविधान में भी यह स्पष्ट रूप से उल्लिखित है कि कोई भी प्राण प्रतिष्ठित देवता तीन वर्ष के बालक के समकक्ष होते हैं। जिस प्रकार तीन वर्ष के बालक को बिना स्नान भोजन आदि के अकेले नहीं छोड़ा जा सकता, उसी प्रकार देवता को भी राग भोग आदि उपचार पाने का संवैधानिक अधिकार है।


Yogi in Ayodhya: CM सीएम योगी ने राम मंदिर के गर्भगृह में रखी पहली आधारशिला, सर्वदेव अनुष्ठान का समापन किया

दुनिया भर में राम भक्तों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राममंदिर (Ram Mandir) का निर्माण तेजी से चल रहा है। आज से गर्भगृह का काम शुरू हो गया है।

नई दिल्ली: दुनिया भर में राम भक्तों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राममंदिर (Ram Mandir) का निर्माण तेजी से चल रहा है। आज से गर्भगृह का काम शुरू हो गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने राम मंदिर के गर्भगृह की पहली आधारशिला रखी। इससे पहले सीएम योगी ने अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की।  इसके साथ ही 29 मई से शुरू हुआ सर्वदेव अनुष्ठान का समापन हो गया। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सीएम योगी द्रविड़ शैली में बने मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

राम मंदिर गर्भगृह का शिलान्यास करने के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा- राम भक्तों का सैकड़ों वर्षों का इंतजार खत्म होने वाला है क्योंकि मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। राम मंदिर भारत का राष्ट्र मंदिर होगा। मेरे लिए शिला पूजन करना बेहद सौभाग्य की बात है। साथ ही सीएम योगी ने कहा कि, आज उन सभी संतों की आत्मा आनंदित हो रही होगी, जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।

मंदिर परिसर में राम मंदिर के अलावा भगवान वाल्मीकि, माता शबरी, जटायु, केवट, माता सीता, भगवान गणेश और लक्ष्मण के मंदिर भी बनाए जाएंगे। एक हजार साल से ज्यादा टिकने वाले राम मंदिर के प्रथम चरण में एक तीर्थ सुविधा केंद्र भी बनाया जाएगा। यह केंद्र लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगा। इसे पूरब दिशा में मंदिर पहुंचने के रास्ते के पास बनाया जाएगा। कुल 70 एकड़ क्षेत्र के भीतर और परकोटा के बाहर मंदिर के आस-पास के क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा।



ज्ञानवापी मामला : हिंदू वादी संगठन ने अधिवक्ता हरिशंकर जैन को हटाया

जैन और बिसेन के बीच मतभेद 6 मई के बाद कोर्ट आयोग के सर्वेक्षण के साथ खुलकर सामने आने लगे थे। जब वीवीएसएस प्रमुख द्वारा केस वापस लेने वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

वाराणसी: हिंदू पक्षकारों में शामिल हरिशंकर जैन को सभी मुकदमों से हटा दिया गया है। इसका ऐलान ज्ञानवापी मामले में लीगल बैकअप देख रही संस्था विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने किया है।

साथ ही, बिसेन ने हरिशंकर जैन की अध्यक्षता में चल रही हिंद साम्राज्य पार्टी से भी इस्तीफे देने का ऐलान किया है।

बिसेन ने बताया, "मैंने हिंद साम्राज्य पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, जिसमें मैं राष्ट्रीय संयोजक और राष्ट्रीय महासचिव के पदों पर रहा हूं।"

ज्ञानवापी मामले पर उनके फैसले के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर, बिसेन ने कहा, "जैन इस मामले में केवल एक वकील हैं और एक वकील को कभी भी बदला जा सकता है।"

जैन और बिसेन के बीच मतभेद 6 मई के बाद कोर्ट आयोग के सर्वेक्षण के साथ खुलकर सामने आने लगे थे। जब वीवीएसएस प्रमुख द्वारा केस वापस लेने वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

9 मई को बिसेन ने यू-टर्न लेते हुए कहा कि उन्होंने काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मामले से जुड़े अन्य पांच मामलों के लिए बयान दिया था, जिसमें वह एक वादी है।