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महंत नरेंद्र गिरी का निधन: हत्या या आत्महत्या ? जांच में जुटे यूपी के शीर्ष पुलिस अधिकारी, PM मोदी-CM योगी समेत तमाम हस्तियों ने जताया दुःख

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी की महंत जी ने आत्महत्या की है। सूचना मिलने पर IG और उनकी टीम मौके पर पहुंची और उनके शरीर को पंखे से उतारा। हमको मौके से सुसाइड नोट मिला था जिसपर उन्होंने आनंद गिरि तथा दो अन्य लोगों के विरुद्ध आरोप लगाए हैं।


लखनऊ: आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है। इस बीच यह सूचना मिली है कि उनका शव पंखे से लटका मिला एयर आईजी लेवल के अधिकारी की मौजूदगी में शव को पंखे से उतारा गया। यह भी खबर है कि पुलिस ने मामले में जुड़े एक संत को हरिद्वार से उत्तराखंड पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है।

मामले को लेकर प्रयागराज आईजी के.पी. सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये सुसाइड का मामला लग रहा है। उनका (महंत नरेंद्र गिरि) सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि मैं बहुत से कारणों से दुखी था इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। मामले में जांच जारी है। उन्होंने आगे कहा कि हमें आश्रम से फोन आया कि महाराज(महंत नरेंद्र गिरि) फंदे से लटक गए हैं। जब हम यहां आए तो देखा कि महाराज ज़मीन पर लेटे हुए थे। रस्सी पंखे में फंसी हुई थी। उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी की महंत जी ने आत्महत्या की है। सूचना मिलने पर IG और उनकी टीम मौके पर पहुंची और उनके शरीर को पंखे से उतारा। हमको मौके से सुसाइड नोट मिला था जिसपर उन्होंने आनंद गिरि तथा दो अन्य लोगों के विरुद्ध आरोप लगाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि तुरंत कार्रवाई करते हुए हमने आनंद गिरि को उत्तराखंड पुलिस की सहायता से हरिद्वार से हिरासत में लिया। एक टीम वहां भेजी जा रही है जो पूर्ण सुरक्षा के बीच उसको लाएगी और आगे की पूछताछ इसमें की जाएगी।


उनके निधन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।


वही, हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी के निधन की सूचना मिली जो बहुत ही आहत करने वाला है। ये सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ी क्षति है। ये अपूरणीय क्षति है। प्रशासन से मांग है कि उनकी मौत की निष्पक्षता से जांच की जाए।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी प्रयागराज पहुंच गए हैं और प्रारंभिक दौर में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनको वे जल्द प्रस्तुत करेंगे। महंत जी का ना रहना हम सब के बीच में अविस्मरणीय और दुखद क्षण है, जो मन को आहत करने वाला है।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य  ने कहा कि इस समाचार से सिर्फ मैं ही नहीं भक्त भी दुखी हैं। उन्होंने मुझे सदैव प्यार दिया। विश्वास नहीं हो रहा की वह आत्महत्या कर सकते हैं। अगर किसी ने ऐसी स्थिति पैदा की है तो उसे बख़्शा नहीं जाएगा। स्थिति जानने के लिए प्रयागराज जा रहा हूं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन

आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है।

लखनऊ: आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है।


उनके निधन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।


वही, हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी के निधन की सूचना मिली जो बहुत ही आहत करने वाला है। ये सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ी क्षति है। ये अपूरणीय क्षति है। प्रशासन से मांग है कि उनकी मौत की निष्पक्षता से जांच की जाए।


अलीगढ़: जिला कारागार में बंद कैदियों को वितरित की गई डेंगू की दवा

जिला कारागार अलीगढ़ में निरुद्ध सभी बंदियों (3849)को श्री वार्षणेय मंदिर होम्योपैथिक चिकित्सालय अलीगढ़ के तत्वावधान में डेंगू रोग‌ से बचाव हेतु विशेष दवा Eupatorium Perfoliatum 200 CH नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई।

अलीगढ़: इन दिनों उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डेंगू व अन्य तमाम प्रकार के बुखार का कहर बरप रहा है। खासकर पश्चिमी यूपी के कई जिले जैसे कि हाथरस, मथुरा, फिरोजाबाद बुखार की चपेट में हैं। कई लोगों की बुखार की वजह से मौत भी हो चुकी है। ऐसे में आज जिला कारागार अलीगढ़ में बंद कैदियों को आज डेंगू रोधक दवा का वितरण किया गया।


जिला कारागार अलीगढ़ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आदरणीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक महोदय, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश  द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुक्रम में आज दिनांक 19 सितंबर को  जिला कारागार अलीगढ़ में  निरुद्ध सभी बंदियों (3849)को श्री वार्षणेय मंदिर होम्योपैथिक चिकित्सालय अलीगढ़ के तत्वावधान में डेंगू रोग‌ से बचाव हेतु विशेष दवा  Eupatorium Perfoliatum 200 CH  नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई। 

उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा आज आयोजित चिकित्सीय शिविर में कारागार में  निरुद्ध 236 पुरुष बंदी + 36 महिला बंदियों सहित कुल 272 बंदियो का परीक्षण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निशुल्क होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध कराया गया। 


इस अवसर पर जेल प्रशासन द्वारा आगंतुक चिकित्सक गण डा. सुनील गुप्ता,  डा. योगेश गुप्ता, डा. अशोक वशिष्ठ और टीम के अन्य सहयोगी सदस्य बंटी और नितिन का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धियां, कहा-'दंगामुक्त हुआ उत्तर प्रदेश'

आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग के लोगों तक सरकार को योजना पहुंच रही है। पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते और अपराधियों को जेल में डाला जा रहा है।

लखनऊ: आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग के लोगों तक सरकार को योजना पहुंच रही है। पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते और अपराधियों को जेल में डाला जा रहा है।

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि, केंद्र से हमें लगातार सहयोग मिला जिससे हमने सभी योजनाओं को अच्छी तरह से लागू किया। सीएम योगी ने कहा कि, पहले की सरकारों के कार्यकाल में यूपी की क्या दशा थी, ये किसी से छिपी नहीं थी।

सीएम योगी ने कहा कि, पहले सरकारी योजना का हाल क्या होता था, ये सभी जानते हैं। हमारी सरकार ने सभी वर्गों तक पूरी इमानदारी के साथ सरकारी योजनाओं को पहुंचाया। आपदा के वक्त सरकार ने हर स्तर पर लोगों को सहायता पहुंचाई। उन्होंने बताया कि, कोरोना काल में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया।

अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी में पहले हर तीसरे चौथे दिन दंगा हुआ करता था, लेकिन हमारी सरकार ने प्रदेश को दंगामुक्त बनाया। वहीं, उन्होंने कहा कि हमने माफिया और अपराधियों पर कानून की दायरे में कार्रवाई की। सीएम योगी ने कहा कि, हमने 1800 करोड़ की सरकारी संपति जब्त की और अवैध निर्माण पर कार्रावाई की।

सीएम योगी ने आगे कहा कि सरकारी नौकरियों को लेकर सीएम योगी ने कहा कि, पहले कुछ परिवारों को लिए ये वसूली का काम होता था। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार ने पार्दर्शी तरीके से सरकारी नौकरी में भर्ती शुरू की। सीएम ने कहा कि, साढ़े चार लाख युवाओं को हमारी सरकार ने नौकरी दी। किसी भी भर्ती में कोई दलाली नहीं हुई। उन्होंने कहा कि, पहले की सरकारों में वर्षों से नौकरी लंबित पड़ी थी।

इसके अलावा सीएम ने बताया कि, यूपी पुलिस में 30 हजार महिला आरक्षियों की भर्ती की गई। बेसिक शिक्षा परिषद में ज्यादातर महिलाओं की भर्ती की गई। उन्होंने बताया कि, प्रदेश में 50 नये महाविद्यालय बनाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, यूपी में कानून व्यवस्था ऐसी थी कि, निवेश नहीं था और इज ऑफ डुइंग के मामले में प्रदेश का 14वां स्थान था। लेकिन हमारी सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार करते हुए यूपी में पहले इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया और खास बात ये है कि, अब देश और दुनिया का उद्योगपति प्रदेश में निवेश का इच्छुक है। यूपी में तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि यूपी अब इज ऑफ डुइंग में दूसरे स्थान पर आ गया है।


अलीगढ़: BJP नेता को पकड़ने आई बंगाल पुलिस टीम को पीटा, CO से भिड़े MP-MLA, जानिए-क्या है मामला

अलीगढ़ आई पुलिस टीम को शुक्रवार शाम लोगों ने कमरा बंद कर पिटाई की। सूचना पर भाजपा सांसद-विधायक और समर्थक मौके पर पहुंच गए।

अलीगढ़: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ विवादित बयान देने वाले अलीगढ़ के बीजेपी नेता को गिरफ्तार करने आई पुलिस टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। अलीगढ़ आई पुलिस टीम को शुक्रवार शाम लोगों ने कमरा बंद कर पिटाई की। सूचना पर भाजपा सांसद-विधायक और समर्थक मौके पर पहुंच गए।

 सांसद-विधायक भी स्थानीय पुलिस की तरफ से पहुंचे सीओ से भिड़ गए। बाद में स्थानीय पुलिस बंगाल पुलिस टीम को समर्थकों से बचाते हुए थाने ले गई। घटना को लेकर भाजपा समर्थकों ने काफी देर तक हंगामा किया।


बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष योगेश वाष्र्णेय ने 2017 में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिर कलम करने पर 11 लाख रुपये इनाम देने का बयान दिया था। मामले में योगेश के खिलाफ कोलकाता में तीन मुकदमे दर्ज किये गये थे। योगेश की गिरफ्तारी को टीम पूर्व में कई बार अलीगढ़ आ चुकी है। लेकिन योगेश एक बार भी पुलिस गिरफ्त में नहीं आया।

शुक्रवार को फिर से: बंगाल पुलिस स्थानीय गांधीपार्क पुलिस को लेकर उनके घर पहुंची। जैसे ही टीम उसके घर पहुंची देखते ही देखते समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। भारी भीड़ के बीच भाजपा समर्थकों ने बंगाल पुलिस टीम की कमरे में बंद कर जमकर धुनाई की। 

सूचना पर सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर और शहर विधायक संजीव राजा मौके पर पहुंच गए। बंगाल पुलिस का बचाव करते हुए गांधीपार्क पुलिस उनको अपने साथ थाने ले गई। घटना के बाद मौके पर सांसद व विधायक समर्थकों के साथ हंगामा करते रहे।

भाजपा समर्थकों को पुलिस से लेकर मीडिया तक किसी को घर में नहीं घुसने दिया। सभी को घर से बाहर रखा। हालांकि बाद में स्थानीय पुलिस मकान में घुसी थी। सांसद सतीश गौतम ने सीओ मोहसिन खान व इंस्पेक्टर गांधीपार्क वंशीधर पांडेय से सवाल-जवाब किया। कहा कि तुम्हारी अनुमति के बिना पुलिस टीम मकान तक कैसे पहुंच गई। बंगाल पुलिस व उनके साथ आई थाना गांधीपार्क पुलिस पर भाजपा नेता के परिजनों ने घर की महिलाओं के साथ छेड़खानी व अभद्रता करने का आरोप लगाया है। मामले में तहरीर दी जा रही है।


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि कार्यक्रम में लिया हिस्सा

आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं पुण्यतिथि और महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्ताहिक पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।

गोरखपुर: आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं पुण्यतिथि और महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्ताहिक पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। 

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इस मौक पर सीएम गोयी ने अपने संबोधन में कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने अपना पूरा जीवन देश और सनातन धर्म के लिए समर्पित किया था। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनकी भागीदारी उन सभी अभियानों के साथ रही है जो लोक कल्याण और राष्ट्र कल्याण के लिए देश में विगत 100 वर्षों के अंदर घटित हुई है।

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मिशन यूपी: EVM और DM से सावधान रहने की जरूरत- अखिलेश यादव

उन्होंने भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। बिहार के चुनाव में बेईमानी EVM और DM ने की लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने जवाब दिया। हमें इस बार EVM और DM से सावधान रहना होगा।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां चुनवी तैयारी में जुट चुकी हैं और एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। ताजा मामले में यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर बिना नाम लिए हमला होला है।

अखिलेश यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर धांधली करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। बिहार के चुनाव में बेईमानी EVM और DM ने की लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने जवाब दिया। हमें इस बार EVM और DM से सावधान रहना होगा।


बारिश बनी आफत, उत्तर प्रदेश में 44 लोगों की मौत

सबसे ज्यादा नुकसान लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में हुआ है। यहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, प्रयागराज, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में 14, मध्य यूपी व बुंदेलखंड में छह और पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हुई है।

लखनऊ: लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में 44 लोगों की मौत की सूचना है। राज्य में बुधवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर ढा दिया है। गुरुवार को जगह-जगह मकान, दीवार, पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। 

रेलवे ट्रैक पर ओएचई लाइन टूट जाने से कई ट्रेनों के पहिए थम गए, विमान सेवा बाधित हुई और बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कुल 44 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई घायल हैं। 

सबसे ज्यादा नुकसान लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में हुआ है। यहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, प्रयागराज, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में 14, मध्य यूपी व बुंदेलखंड में छह और पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हुई है। 

घनघोर बारिश के चलते लखनऊ के मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर जलभराव में डूबने से दो बच्चों की और अलीगंज में बिजली का झटका लगने से एक बच्चे की जान चली गई। निगोहा में एक घर, मोहनलालगंज में तहसील की छत समेत आधा दर्जन घरों की दीवारें ढह गईं। 

लखनऊ का दो तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया। मानकनगर में ट्रैक पर पानी भरने से कानपुर से आने-जाने वाली ट्रेनें उत्तर रेलवे के ट्रैक से गईं। जिले में बिजली का हाहाकार रहा। 52 से अधिक पोल पेड़ गिरने व चार दर्जन से अधिक ट्रांसफर दग गए। 

बाराबंकी के बसायगपुर मजरा ढेमा, खुशेहटी, महमूदपुर मजरे टिकरा घाट और जेठौती कुर्मियान गांव में दीवार व कच्चे मकान गिरने से पिता-पुत्र समेत पांच लोगों की मौत हो गई है।

प्रयागराज समेत कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में मूसलाधार बारिश ने कहर ढा दिया। जर्जर मकान गिरने से प्रयागराज में छह, कौशाम्बी में तीन और प्रतापगढ़ में पांच लोगों की की जान गई। प्रशासन सभी तहसीलों से आकड़े एकत्र कर रहा है, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। 

प्रयागराज में शंकरगढ़ क्षेत्र के कचारी गांव के जंगल में खंडहरनुमा मकान गिर गया। मलबे में दबने से दो गार्डों की मौत हो गई। मऊआइमा के सेमरा बीरभानपुर में एक अधेड़ की मौत हो गई। कोरांव क्षेत्र में एक और सदर तहसील के अंतर्गत मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। 

वहीं फूलपुर के मौजा आले मऊ स्थित कान्हा गोशाला में पांच गोवंशों ने दम तोड़ दिया और सात गंभीर रूप से बीमार हैं। कोहंडौर और कंधई इलाके में दो बुजुर्ग महिलाओं ने दम तोड़ दिया। गोंड़े गांव में बहन के घर आए एक युवक की मलबे में दबने से और लालगंज में कच्चा मकान गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। अंतू क्षेत्र में चार साल के बच्चे की जान चली गई। इधर कौशाम्बी के पइंसा क्षेत्र के जवई पंडिरी में एक वृद्ध, रामपुर बढ़नावा गांव 11 वर्षीय बच्चे तथा नेवादा के बिरनेर में एक अधेड़ महिला की दीवार के मलबे में दबने से मौत हो गई।

बलिया को छोड़कर पूर्वांचल के 9 जिलों में दिनभर रुक रुककर बारिश होती रही। जौनपुर में कच्चे मकान और पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। आजमगढ़ में दीवार गिरने से एक की जान चली गई। चंदौली में वज्रपात से किसान की मौत हो गई। 

पूर्वांचल भर में गुरुवार को औसत सात एमएम बारिश होने का अनुमान है। बारिश से सब्जी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़ और मऊ के कई इलाकों में बिजली के तार टूट जाने से 270 से अधिक गांवों की आपूर्ति बाधित है। चंदौली के आधा दर्जन गांवों में कच्चे मकान ढहने से आधा दर्जन लोग चोटिल हैं। 

मूसलाधार बारिश से धान और सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है। पूर्वांचल में खासतौर पर धान की अगैती फसल पर बुरा असर पड़ा। लखनऊ मण्डल के कृषि उप निदेशक सीपी श्रीवास्तव के अनुसार अगैती फसल में बालियां आने लगी हैं। इसलिए तेज हवा और बारिश से फसल खेत में गिर गई। 

उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि मक्का, ज्वार और बाजरा के खेतों में भरा पानी मेड़ काटकर तत्काल निकाल दें। बहराइच, अम्बेडकरनगर समेत कई जगह गन्ने की फसल गिर गई है। केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। 


अलीगढ़: सांसद सतीश गौतम ने किया जिला कारागार में बने बंदी कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र का उद्घाटन

इस अवसर पर उपस्थित कैदियो को सम्बोधित करते हुए सांसद सतीश गौतम के द्वारा जेल प्रशासन अलीगढ़ द्वारा बंदियों के दीर्घकालिक हितों के दृष्टिगत सुधार एवं पुनर्वास योजना के अंतर्गत जो कार्य किए जा रहे हैं उसकी प्रशंसा करते हुए आश्वासन दिया गया कि उनके द्वारा बंदियों के कल्याणार्थ हर तरह का सहयोग जेल प्रशासन को प्राथमिकता प्रदान करते हुए अवश्य उपलब्ध कराया जाएगा।

अलीगढ़: जिला कारागार अलीगढ़ में बंद कैदियों की जिंदगी को सुधारने का बीड़ा जेल प्रशासन द्वारा उठाया गया है। खासकर, कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा कैदियों को इस बात का एहसास नहीं होने देते कि वह जेल के अंदर हैं। अगर कोई कैदी अपना हुनर निखारना चाहता है या जेल के बाहर निकलकर अच्छी जिंदगी जीना चाहता है तो ऐसे कैदियों को हुनर सीखने का पूरा मौका जिला कारागार अलीगढ़ में दिया जा रहा है।

ताजा मामले में आज दिनांक 16 सितंबर 2021 को जिला कारागार अलीगढ़ में नव स्थापित बंदी कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र का औपचारिक उद्घाटन सांसद सतीश गौतम ने किया। केंद्र में कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें कारागार से रिहा होने के पश्चात समाजोपयोगी और स्वावलंबी जीवन जीने  के साथ-साथ आपराधिक मानसिकता से दूर रखने के उद्देश्य से वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र के नेतृत्व में जेल प्रशासन एवं  बिजली के सजावटी सामान बनाने वाली कम्पनी वी. एस. एनर्जी के सहयोग से जेल में निरुद्ध बंदियों को सजावटी झालर, एल ई डी बल्ब, नाइट लैंप आदि उपकरण बनाया जाना सिखाया जा रहा है।

इस अवसर पर उपस्थित कैदियो को सम्बोधित करते हुए सांसद सतीश गौतम के द्वारा जेल प्रशासन अलीगढ़ द्वारा बंदियों के दीर्घकालिक हितों के दृष्टिगत सुधार एवं पुनर्वास योजना के अंतर्गत जो कार्य किए जा रहे हैं उसकी प्रशंसा करते हुए आश्वासन दिया गया कि उनके द्वारा बंदियों के कल्याणार्थ हर तरह का सहयोग जेल प्रशासन को प्राथमिकता प्रदान करते हुए अवश्य उपलब्ध कराया जाएगा। सांसद सतीश गौतम द्वारा स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से और शासन-प्रशासन स्तर से भी बंदियों के  नैतिक और सामाजिक उत्थान के लिए हर तरह से सहयोग प्रदान करने हेतु प्रतिबद्धता प्रकट की गई।

इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार की मंशानुरूप जेल में नव स्थापित कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र में निर्मित उत्पादों को स्थानीय बाजार में बिक्री के लिए व्यापारियों से समर्थन दिलाने का भरोसा भी सांसद सतीश गौतम द्वारा जेल प्रशासन को दिलाया गया। विशेष रूप से सजावटी झालर के लिए सतीश गौतम द्वारा आगामी दीपावली के दृष्टिगत  अधिक से अधिक उत्पादन करने हेतु प्रशिक्षु बंदियों को प्रेरित किया गया ताकि इस तरह के उत्पादों में हमारी आत्मनिर्भरता बढ़ सके और बाजार में इस तरह के उपलब्ध चाइनीज सामानों पर हम बढ़त हासिल कर सकें।

अपने संबोधन में सतीश गौतम ने यह भी कहा कि वह शहरवासियों से अपील करेंगे कि दीपावली अथवा अन्य त्योहारों और समारोहों में भविष्य में अलीगढ़ जेल द्वारा निर्मित उत्पादों से ही लोग अपने घरों की सजावट करें। इस मौके पर सतीश गौतम द्वारा कैदियों से बात-चीत की गई और उनका हाल-चाल भी जाना गया। कारागार की साफ-सफाई, भोजन आदि की गुणवत्ता तथा जेल प्रशासन एवं बंदियों के बीच परस्पर सौहार्द और विश्वास की भावना की सांसद द्वारा विशेष सराहना की गई।

वहीं, वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र द्वारा अपने सम्बोधन में सांसद सतीश गौतम द्वारा जिला कारागार को समय दिए जाने एवं कैदियों और जेल प्रशासन का उत्साहवर्धन करने के लिए हार्दिक आभार जताया गया।


ATS को बड़ी सफलता, 3 आतंकी गिरफ्तार, ISI ने दी थी ट्रेनिंग, यूपी को दहलाने का था प्लान

यूपी एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, एटीएस ने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ट्रेनिंग दिया गया था। गिरफ्तार किए गए आतंकी आने वाले दिनों में यूपी को दहलाने की फिराक में थे।

लखनऊ: यूपी एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, एटीएस ने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ट्रेनिंग दिया गया था। गिरफ्तार किए गए आतंकी आने वाले दिनों में यूपी को दहलाने की फिराक में थे।


मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी के आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त आपरेशन में मंगलवार को चार शहरों लखनऊ, प्रयागराज, रायबरेली और प्रतापगढ़ में एक साथ छापेमारी कर आईएसआई के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ये आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिये प्रशिक्षित किए गए थे। इनके कब्जे से यूपी एटीएस ने प्रयागराज स्थित बन नैनी के डांडी से एक अतिसंवेदनशील आईईडी बरामद की है। इसमें उच्च श्रेणी के विस्फोटक आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल की सूचना है। ये माड्यूल अयोध्या के साथ ही चुनाव के दौरान होने वाली बड़ी रैलियों या किसी बड़े आयोजन में विस्फोट करने की साजिश रच रहा था।


एटीएस के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों के जरिये सूचनाएं मिल रही थीं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के कई शहरों खासतौर पर यूपी में विस्फोट करने की साजिश में जुटी है। सूचना के बाद यूपी एटीएस ने प्रयागराज के करेली इलाके से जीशान कमर (28), रायबरेली से मूलचंद उर्फ लाला उर्फ सज्जू और लखनऊ के मानकनगर प्रेमवती नगर से मोहम्मद आमिर जावेद को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि तीनों आतंकियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक सूचना मिली है कि उन्होंने आईएसआई से ट्रेनिंग ली है।

उन्होंने बताया कि एटीएस ने प्रयागराज, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़ में एक साथ छापेमारी की है। इसमें प्रयागराज से जीशान कमर के कब्जे से आईईडी बरामद की गई है। इसमें घातक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया है। इस आईईडी को प्रयागराज में बम निरोधक दस्ते की मदद से निष्क्रिय किया गया। इस मामले में अंडरवर्ल्ड से भी तार जुड़े होने की सूचना है। इस मामले में अभी आगे की पड़ताल की जा रही है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों युवक शिक्षित हैं।

बहरहाल, गिरफ्त में आये आतंकियों से एटीएस पूछताछ कर रही है। लेकिन एटीएस और दिल्ली पुलिस की सक्रियता से एक बार फिर से आतंकियों के अरमानों पर पानी फिर गया है।


माफिया मुख्तार अंसारी की जेल में बिगड़ी तबियत, बांदा मेडिकल कॉलेज में उपचार हेतु कराया गया भर्ती

फर्जी एंबुलेंस प्रकरण समेत कई मामलों में जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उसे बांदा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्तार अंसारी को क्या तकलीफ है इस बात की जानकारी अधिकारी अभी नहीं दे रहे हैं।

बांदा: फर्जी एंबुलेंस प्रकरण समेत कई मामलों में जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उसे बांदा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्तार अंसारी को क्या तकलीफ है इस बात की जानकारी अधिकारी अभी नहीं दे रहे हैं।

बता दें कि पंजाब की रोपण जेल से 6 अप्रैल को मुख्तार को बांदा जेल लाया गया था। तब से वह जेल की चहारदीवारी में ही है। इस दौरान मऊ, आजमगढ़, प्रयागराज, बाराबंकी की अदालतों में उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। पांच महीने में पहली बार उसे जेल से बाहर कहीं लाया गया है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बांदा जेल की बैरक में ही मंगलवार की सुबह उसकी तबीयत बिगड़ी तो पहले जेल अस्पताल में लाया गया। यहां हालात गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके बाद आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। तत्काल सुरक्षा गारद जेल पहुंची और मुख्तार को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया। मेडिकल कालेज पर भी पुलिस और पीएसी के दस्ते तैनात कर दिये गए हैं। मुख्तार की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल क्या हुआ है, इस पर कोई कुछ बोलने  को तैयार नहीं है। 

बता दें कि पंजाब की जेल में जाने से पहले भी मुख्तार अंसारी बांदा की जेल में बंद थे। तब भी एक बार उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उनके भाई अफजाल अंसारी ने कहा था कि उन्हें चाय में जहर दिया गया था। पंजाब की जेल में एक बार फिर जब मुख्तार को बांदा लाया गया तो अफजाल और परिवार वालों ने विरोध भी किया था। कहा था कि एक बार उन्हें चाय में जहर देकर मारने की कोशिश यहां हो चुकी है। 

यह भी बता दें कि मुख्तार अंसारी ने लगातार अपनी पेशी के दौरान जान के खतरे का अंदेशा जताते हुए गुहार लगाई है। फिलहाल उनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होती है। उनके भाई अफजाल अंसारी और पत्नी अफ्शां अंसारी ने भी कोर्ट में इस बाबत गुहार लगाई थी।


अलीगढ़: सलाखों के पीछे कैदी सीख रहे जिंदगी जीने का हुनर, वी एस एनर्जी कर रहा सहयोग

जिला कारागार अलीगढ़ के माध्यम से कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत कारागार से रिहा होने के पश्चात गरिमापूर्ण, स्वावलंबी और समाजोपयोगी जीवन व्यतीत करने हेतु स्वयं सेवी संस्था वी. एस. एनर्जी के सहयोग से बिजली की झालर, एलईडी बल्ब और नाइट लैंप आदि बिजली के सजावटी उपकरण जेल में ही बनाना सिखाया जाएगा।

अलीगढ़: जेल... एक ऐसी जगह जहां जाने के बाद इंसान पर एक कलंक सा लग जाता है। लेकिन कहा जाता है ना कि हर जगह सिर्फ सही अथवा सिर्फ गलत लोग ही नहीं रहते। कुछ इसी की तरह एक जगह है जेल। सलाखों के पीछे एक अलग ही दुनिया बसती है। कोई यहां रहकर अपराध के अंधकार में जाने की सोचता है तो कोई यहां रहकर अपने आने वाले भविष्य को सुनहरा बनाने की सोचता है।

जिला कारागार अलीगढ़ में बंद जो कैदी अपने भविष्य को सुनहरा बनाने की सोच रखते हैं ऐसे कैदियों की मदद खुद जेल प्रशासन ही कर रहा है। तमाम तरीके से कैदियों की जिंदगी बनाने का प्रयास जेल प्रशासन करता रहता है। इसी कड़ी में जिला कारागार अलीगढ़ के माध्यम से कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत कारागार से रिहा होने के पश्चात गरिमापूर्ण,  स्वावलंबी और समाजोपयोगी जीवन व्यतीत करने हेतु स्वयं सेवी संस्था  वी. एस. एनर्जी के सहयोग से बिजली की झालर, एलईडी बल्ब और नाइट लैंप आदि बिजली के सजावटी उपकरण जेल में ही बनाना सिखाया जाएगा।


इस बंदी सुधार सम्बन्धी महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र द्वारा कारागार में नव स्थापित कौशल विकास केन्द्र में किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षु बंदियों को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र ने कहा कि उनका प्रयास है कि कारागार में निरुद्ध होने वाले बंदियों को इस तरह से प्रशिक्षित किया जाए कि वह कारागार से मुक्त होने पर समाज के साथ कदम-से-कदम मिलाते हुए एक गरिमापूर्ण, स्वावलंबी और गैर आपराधिक जीवन व्यतीत कर सके।

उन्होंने कहा कि कारागार में रहते हुए बंदियों को विभिन्न रोजगारोन्मुखी व्यवसायिक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करने का मूल उद्देश्य है कि पैसे/रोजगार की कमी की वजह से फिर से कोई व्यक्ति आपराधिक गतिविधियों में पुनः संलिप्त न हो, अपितु स्वयं लोगों को रोजगार दे।

कार्यक्रम के उद्घाटन में वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा साथ-साथ वी. एस. एनर्जी संस्था के विशेष कार्याधिकारी विवेक, जिला कारागार अलीगढ़ के कारापाल पी.के. सिंह, जेल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. शाहरुख रिज़वी डिप्टी जेलर श्री सुरेश कुमार और अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।


यूपी के बहराइच में नहीं थम रहा हत्याओं का सिलसिला, 9 किमी के अंदर 2 दिन में मिली 4 लाशें

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच में हत्याओं और लावारिश लाशों के मिलने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। ताजा मामले में 9 किलोमीटर की दूरी में 2 दिन के अंदर 4 लाशें मिलने से सनसनी फैल गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ-बहराइच हाईवे से लगे फखरपुर इलाके के नौ किमी दायरे में दो दिन में चार हत्याओं ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

शनिवार को मिली बालक-बालिका और रविवार को मिली महिला और बच्‍ची की लाशों की पहचान न होने से पुलिस की तहकीकात की मुश्किलें और  बढ़ा दी हैं। रविवार को मिली लाशें सड़ने लगी थीं। जिससे इनकी हत्या शुक्रवार या शनिवार के बीच होने के कयास लगाए जा रहे हैं। 

फखरपुर थाने से बहराइच की तरफ ग्राम मलूकपुर व माधौपुर की सीमा पर रविवार की शाम हाईवे से लगभग 100 मीटर दूरी पर राम गोपाल के खेत में धान की फसल के बीच छह वर्षीय बालिका व बालक राम के खेत में 35 वर्षीय महिला की लाश मिली है। शनिवार को मिली दो मासूमों की लाशों व रविवार को मिली लाशों में गला रेत कर हत्या होना एक समानता पाई गई है।

महिला व बालिका की लाशों में सड़न पैदा होने से इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इनकी हत्या शुक्रवार या शनिवार के बीच हुई होगी। लोगों ने इन चारों शवों का एक ही परिवार का होने की आशंका भी जताई है। एसपी सुजाता सिंह ने रविवार को मलूकपुर व माधौपुर गांव का निरीक्षण किया। हालांकि इस पर एसपी का कहना है कि साक्ष्य मिलने पर ही कुछ कहा जा सकता है।



विपक्ष ने किसानों को लूटा, हमने सम्मान दिया, राम भक्तों पर गोलियां चलवाने वालों को लगेगा बिच्छू का डंक: CM योगी

आज किसानों के बहाने एक बार फिर से विपक्षी पार्टियों पर यूपी केे सीएम योगी आदित्यनाथ ने जमकर हमला बोला। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी विपक्षियों पर तंज कसा।

लखनऊ/कुशीनगर: आज किसानों के बहाने एक बार फिर से विपक्षी पार्टियों पर यूपी केे सीएम योगी आदित्यनाथ ने जमकर हमला बोला। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी विपक्षियों पर तंज कसा।

कुशीनगर दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम के भक्तों पर गोली चलवाने वालों को बिच्छू का डंक लगेगा। जनता से राम मंदिर के लिए खुशी पूछी और कहा कि कांग्रेस सरकार में राम मंदिर नहीं बन पाता। सपा व बहुजन समाज पार्टी भी नहीं बना पाती। अब मंदिर निर्माण को देख विपक्ष के अब लोग बोलने लगे हैं कि हम अब स्मारक नहीं बनाएंगे। 


सीएम रविवार को कुशीनगर के कप्तानगंज व सेवरही में जन संवाद एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वाले नतो मंदिर बना पाते, न 370 हटाते और न ही तीन तलाक हटा पाते। सवा सात वर्ष पीएम मोदी न झुके, न थके, न डिगे, निरन्तर देश के लिए कार्य कर रहे हैं। मोदी की प्रेरणा से बिना थके, बिना डिगे हमने जनता की सेवा की है। 

योगी ने कहा कि विपक्ष ने किसानों व गरीबों के हक पर लगातार डकैती डाली। हमने किसानों को सम्मान निधि दी। अब किसान किसी के आगे हाथ फैलाने को मजबूर नहीं हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने हर गरीब को मुफ्त राशन दिया और कोरोना की मुफ्त वैक्सीन सभी को दी है। इसी का असर है कि यूपी में कोरोना काफी हद तक नियंत्रित हो गया है। रविवार को यूपी की 24 करोड़ आबादी में केवल 14 केस आए हैं। 

उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ना मूल्य के रूप में 2007 से 2016 तक करीब 95 हजार करोड़ का भुगतान किया गया। उसमें भी कई जगह भारी गड़बड़ियां हुईं। भाजपा सरकार ने महज साढ़े चार साल में इससे अधिक का भुगतान कर दिया और कहीं गड़बड़ी नहीं होने दी।  

सीएम योगी ने आगे कहा कि कानून व्यवस्था को हमने बेहतर किया। आज दंगाई गायब हैं। पडरौना के कुशीनगर के डोल मेले में दंगा होता था। अब दंगाई जानते हैं घर बार बिक जाएगा। किसान, गरीब का नुकसान किया तो सात पीढ़ी को भरना पड़ेगा। 

सीएम ने आगे कहा कि कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से बिना थके, बिना डिगे हमने जनता की सेवा की है। सीएम ने चार साल तक के अपने काम गिनाए और कहा कि अगर इस भाव से सेवा कर सके तो आगे भी मौका चाहिए। कार्यकर्ताओं को यह संकल्प लेना होगा। जीत के मायने तभी हैं, जब विपक्षियों की जमानत जब्त हो जाए।

सीएम ने कहा कि कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। यह भगवान बुद्ध को समर्पित होगा। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई जहाज की उड़ान जल्द होगी। पहली उड़ान अंतरराष्ट्रीय होगी।


 कार्यक्रम को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण गो सेवा आयोग उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने दिया। हेलीपैड पर सीएम का भाजपा पदाधिकारियों ने स्वागत किया।


ओवैसी पर तिरंगे के अपमान का आरोप, बाराबंकी में मुकदमा दर्ज

दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा की शिकायत पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी और आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

बाराबंकी: मिशन यूपी के लिए अपनी पार्टी AIMIM के लिए जमीन तलाश रहे असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। उनपर राष्ट्रध्वज तिरंगे का अपमान करने का आरोप लगा है। दरअसल, ओवैसी ने बिना अनुमति एक सभा यूपी के बाराबंकी में की थी। इस सभा में उन्होंने तिरंगे को फहराने के बजाय उसे पिल्लर में लपेटा था। मामले में पुलिस ने राष्ट्रध्वज के अपमान के अलावा धारा 144 का उल्लंघन करने, बिना अनुमति सभा करने एवं कोविड 19 महामारी के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ओवैसी ने बाराबंकी में गुरुवार को बिना अनुमति एक जनसभा को संबोधित किया था। दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा की शिकायत पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी और आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

शुक्रवार को जनसभा की तस्वीरें वायरल होने के बाद उसी मुकदमे में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की धाराएं भी जोड़ दी गईं। ओवैसी पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराने की जगह एक खंभे पर लपेटने का आरोप लगा है। जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें ओवैसी के ठीक बगल में राष्ट्रीय ध्वज एक खंभे पर लपेटा नजर आ रहा है। 


मिली जानकारी के मुताबिक, दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने ओवैसी व कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ एफआईआर कराए जाने की मांग गुरुवार की शाम को अपर मुख्य सचिव गृह से की थी। उसकी प्रति डीएम व एसपी को भी भेजी। विधायक ने बताया कि उन्होंने डीएम व एसपी से इस संबंध में बात भी की। तब प्रशासन हरकत में आया।

विधायक सतीश शर्मा ने अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लिखा है कि गुरुवार को कटरा मुहल्ला में बिना अनुमति के मीटिंग कर ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर रामसनेहीघाट में 100 साल पुरानी मस्जिद शहीद कराने का आरोप लगाया है जो निंदनीय व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है, जबकि अवैध ढांचे को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत गिराया गया है।


सपा सांसद आजम खान को मेदांता हॉस्पिटल से छुट्टी मिली, वापस भेजे गए सीतापुर जेल

यूपी के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान को मेदान्ता हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें वापस सीतापुर जेल कड़ी सुरक्षा के बीच भेजा गया है। बता दें कि, पिछले दिनों तबियत खराब होने की वजह से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

लखनऊ: यूपी के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान को मेदान्ता हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें वापस सीतापुर जेल कड़ी सुरक्षा के बीच भेजा गया है। बता दें कि, पिछले दिनों तबियत खराब होने की वजह से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


मेदान्ता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि आजम खान की सेहत में सुधार होने पर छुट्टी कर दी गई है। आगे जरूरत पड़ने पर वह फॉलोअप पर आ सकते हैं। आजम 19 जुलाई को मेदान्ता में दोबारा भर्ती हुए थे।

बता दें कि कोरोना संक्रमित आजम खान की नौ मई को सीतापुर जेल में तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने मेदान्ता अस्पताल में भर्ती कराया था। उनके बेटा भी पॉजिटिव था। साथ में दोनों लोग मेदान्ता भर्ती हुए थे। 13 जुलाई को आजम खान व उनके बेटे अब्दुल्ला को मेदान्ता अस्पताल से छुट्टी मिलने सीतापुर जेल भेजा गया था।


मिशन यूपी: मऊ से बसपा ने भीम राजभर को बनाया प्रत्याशी, मुख्तार अंसारी को लगाया किनारे

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है लेकिन इससे पहले बसपा चीफ मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बाहुबली विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी को किनारे लगा दिया है। मुख्तार की जगह भीम राजभर को मऊ विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है लेकिन इससे पहले बसपा चीफ मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बाहुबली विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी को किनारे लगा दिया है। मुख्तार की जगह भीम राजभर को मऊ विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।


बहुजन समाज पार्टी का अगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफिया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए। आजमगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख्तार अंसारी नहीं भीम राजभर चुनाव लड़ेंगे। इस बात की जानकारी खुद बसपा चीफ मायावती ने दी है।


इस बात का एलान मायावती ने अपने ट्विटर हैंडलर पर किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'बीएसपी का अगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफिया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए। इसके मद्देनजर ही आजमगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख्तार अंसारी का नहीं बल्कि यूपी के बीएसपी स्टेट अध्यक्ष श्री भीम राजभर के नाम को फाइनल किया गया है।'

अपने दूसरे ट्वीट में मायावती ने लिखा, '2. जनता की कसौटी व उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के प्रयासों के तहत ही लिए गए इस निर्णय के फलस्वरूप पार्टी प्रभारियों से अपील है कि वे पार्टी उम्मीदवारों का चयन करते समय इस बात का खास ध्यान रखें ताकि सरकार बनने पर ऐसे तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने में कोई भी दिक्कत न हो।'

तीसरे और आखिरी ट्वीट में मायावती ने लिखा, '3. बीएसपी का संकल्प ’कानून द्वारा कानून का राज’ के साथ ही यूपी की तस्वीर को भी अब बदल देने का है ताकि प्रदेश व देश ही नहीं बल्कि बच्चा-बच्चा कहे कि सरकार हो तो बहनजी की ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ जैसी तथा बीएसपी जो कहती है वह करके भी दिखाती है यही पार्टी की सही पहचान भी है।'


ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण पर HC ने लगाई रोक, मुस्लिम पक्षकारों को फौरी राहत

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद की जमीन का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने आज रोक लगा दी। मामले में मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जतते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद की जमीन का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने आज रोक लगा दी। मामले में मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जतते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रकाश पाडिया की सिंगल बेंच ने सर्वेक्षण पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों से 2 हफ्ते में नए सिरे से जवाब दाखिल करने को कहा है। तब तक के लिए निचली अदालत के फैसले पर रोक लगी रहेगी।

हाईकोर्ट ने 1991 में दायर मुख्य मुकदमे की किसी कार्यवाही पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगाई है। अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश से मुस्लिम पक्षकारों को तत्कालिक राहत जरूर मिल गई है।


अंजुमन इंतजामिया मसाजिद व यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की याचिका पर स्टे का फैसला देते हुए अदालत ने वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के आदेश को निराधार बताया। मामले की सुनावाई के दौरान कोर्ट का कहना था कि ऊपरी अदालत में मामला लंबित होने के बावजूद निचली कोर्ट को आदेश देने का अधिकार नहीं है। 

बता दें कि 8 अप्रैल 2021 को वाराणसी के सीनियर डिवीजन सिविल जज ने वाद मित्र की याचिका पर सर्वेक्षण का आदेश दिया था। एएसआई से खुदाई कराकर सर्वेक्षण के जरिए हकीकत का पता लगाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाने को कहा था। मुस्लिम पक्षकारों ने सिविल जज के इस आदेश पर असहमति जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मस्जिद की इंतजामिया कमेटी और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इससे पहले इस मामले में 31 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था।

मामले पर एक नजर

ज्ञानवापी में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार देने आदि को लेकर वर्ष 1991 में मुकदमा दायर किया गया था। मामले में निचली अदालत व सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ 1997 में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट से कई वर्षों से स्टे होने से वाद लम्बित रहा।

10 दिसंबर 2019 में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने सिविल जज सीनियर डिविजन (फास्ट ट्रैक कोर्ट) आशुतोष तिवारी की अदालत में आवेदन देकर अपील की थी कि ढांचास्थल के पुरातात्विक सर्वेक्षण के लिए निर्देशित किया जाये। दावा किया कि ढांचा के नीचे काशी विश्वनाथ मंदिर के पुरातात्विक अवशेष हैं। 

न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अपील में कहा गया कि मौजा शहर खास स्थित ज्ञानवापी परिसर के 9130, 9131, 9132 रकबा नं. एक बीघा 9 विस्वा लगभग जमीन है। उक्त जमीन पर मंदिर का अवशेष है। 14वीं शताब्दी के मंदिर में प्रथमतल में ढांचा और भूतल में तहखाना है। इसमें 100 फुट गहरा शिवलिंग है। मंदिर हजारों वर्ष पहले 2050 विक्रमी संवत में राजा विक्रमादित्य ने, फिर सतयुग में राजा हरिश्चंद्र और 1780 में अहिल्यावाई होलकर ने जीर्णोद्धार कराया।


यूपी के विंध्याचल में गंगा में पलटी नाव, 6 डूबे

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। दर्शनार्थियों से भरी नाव पलटने से छह लोग डूब गए। डूबने वालों में तीन बच्चे और तीन महिलाएं हैं। नाव पर 12 लोग सवार थे। छह लोगों को आसपास के नाविकों ने बचा लिया। डूबे लोगों को तलाश में गोतोखोरों को लगाया गया है।

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। दर्शनार्थियों से भरी नाव पलटने से छह लोग डूब गए। डूबने वालों में तीन बच्चे और तीन महिलाएं हैं। नाव पर 12 लोग सवार थे। छह लोगों को आसपास के नाविकों ने बचा लिया। डूबे लोगों को तलाश में गोतोखोरों को लगाया गया है।

हादसे का शिकार हुए लोग झारखंड की राजधानी रांची से विंध्यधाम में दर्शन पूजन के लिए आए थे। आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, रांची के रहने वाले राजेश तिवारी अपने परिवार के साथ विंध्याचल दर्शन पूजन करने पहुंचे थे। इसी दौरान बुधवार को अखाड़ा घाट पर नाव से ऊपर पार गए थे। नाव पर परिवार के 12 लोग राजेश (35), विकास (28), दीपक (27), वाहन चालक (अज्ञात), अल्का (9), रितिका (7), गुड़िया (28) खुशबू (30), अनीषा (26), सत्यम (5) और एक अन्य बच्चा उम्र (2½) व एक बच्ची (3माह) सवार थे। 

दोपहर करीब एक बजे उस पार से वापस आते समय नाव बीच गंगा में डगमगाने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता नाव पलट गई। चीख पुकार मचने पर आसपास के नाविक अपनी नावों के साथ वहां पहुंचे। 

राजेश, विकास, दीपक, उनके वाहन चालक, अल्का, रितिका को बचा लिया गया। गुड़िया, खुशबू, अनीषा, सत्यम, एक अन्य बच्चा उम्र (2.5) व एक बच्ची (3माह) डूब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। क्षेत्राधिकारी नगर, थाना विन्ध्याचल पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच गए। स्थानीय नाविकों और गोताखोरो की मदद से डूबे हुए लोगों की तलाश कराई जा रही है।


दलितों ने मुश्किल समय में भी नहीं छोड़ा BSP का साथ, ब्राम्हणों ने बहकावे में आकर दिया BJP को वोट: मायावती

मायावती ने लखनऊ के पार्टी कार्यालय में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ के पार्टी कार्यालय में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मायावती ने दलिव वर्ग के लोगों को एक बार फिर से साधने की कोशिश की तो वहीं, ब्राम्हणों के हवाले से कहा कि आज ब्राम्हण कहते हैं कि उन्होंने बहकावे में कर BJP की पूर्ण बहुमत की सरकार बना दी।

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अपने संबोधन में मायावती ने कहा कि दलित वर्ग के लोगों पर शुरू से गर्व रहा है कि उन्होंने बिना गुमराह और बहकावे में आए कठिन से कठिन दौर में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। ये लोग मज़बूत चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहे हैं। उम्मीद है कि BSP से जुड़े अन्य सभी वर्गों के लोग इनकी तरह आगे कभी गुमराह नहीं होंगे।

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मायावती ने आगे कहा कि ब्राम्हण समाज के लोग भी कहने लगे हैं कि, हमने BJP के प्रलोभन भरे वादों के बहकावे में आकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर बहुत बड़ी गलती की है। BSP की रही सरकार ने ब्राम्हण समाज के लोगों के सुरक्षा, सम्मान, तरक्की के मामले में हर स्तर पर अनेको ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

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मायावती ने आगे कहा कि मुझे कल मीडिया के ज़रिए मालूम हुआ है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं। मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि एक ही हैं तो आरएसएस की बीजेपी हर स्तर पर मुसलमानों के साथ सौतेला रवैया क्यों अपना रही है।


यूपी: फिरोजाबाद में डेंगू के बढ़ते मामलों पर सख्त हुए CM योगी, लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई के आदेश

फिरोजाबाद और आसपास के जिलों में डेंगू बुखार व अन्य बीमारियों के बढ़ने के मामले को लेकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

लखनऊ: फिरोजाबाद और आसपास के जिलों में डेंगू बुखार व अन्य बीमारियों के बढ़ने के मामले को लेकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।


उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिरोजाबाद में डेंगू और अन्य वायरल बीमारियों को फैलने से रोकने में लापरवाही के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें स्वास्थ्य और नगर विकास के कुछ अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संजय गांधी पीजीआई, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और केजीएमयू के विशेषज्ञ चिकित्‍सकों की तीन अलग-अलग टीमें आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा भेजने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को अधिकारियों के साथ उच्‍च स्‍तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ से भेजी जाने वाली विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें तीनों जिलों के अस्‍पतालों में इलाज की प्रक्रिया देखेंगी और स्‍थानीय चिकित्‍सकों का मार्गदर्शन करेंगी।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक मरीज की सेहत पर बारीकी से ध्यान दिया जाए। बैठक में बताया गया कि तीनों जिलों में इलाज के लिए स्‍थानीय स्‍तर पर पर्याप्त चिकित्‍सकों की तैनाती की गई है।

फिरोजाबाद में डेंगू व अन्य वायरल बीमारियों की रोकथाम के लिए अतिरिक्त बेड, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयां व जांच उपकरण आदि की व्यवस्था की गई है। प्रभावित जिले में मरीजों की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। 

सीएम हेल्पलाइन द्वारा भी मरीजों और उनके परिजनों से संपर्क कर उनको मिल रहे इलाज और सुविधाओं की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और प्रशासन को लोगों को इस बात के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं कि बीमारी के हल्के लक्षण होने पर भी तत्काल निकटतम अस्पताल से संपर्क करें। 


मुजफ्फरनगर में किसानों की 'महापंचायत' जारी, अन्नदाताओं को मिला BJP सांसद वरुण गांधी का साथ, कही ये बड़ी बात

किसानों को पीलीभीत लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद वरुण गांधी का साथ मिला है।वरूण गांधी ने किसानों का दर्द समझने की अपील की है।

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत जारी है। इस बीच किसानों को पीलीभीत लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद वरुण गांधी का साथ मिला है।वरूण गांधी ने किसानों का दर्द समझने की अपील की है। 


उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मुजफ्फरनगर में आज प्रदर्शन के लिए लाखों किसान जुटे हैं। वो हमारा ही खून हैं। हमें उनके साथ फिर से सम्मानजनक तरीके से जुड़ने की जरूरत है। उनका दर्द समझें, उनका नजरिया देखें और जमीन तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करें।'


उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के जीआईसी मैदान में आज किसान महापंचायत जारी है। देशभर से सैकड़ों किसानों का सैलाब इसमें हिस्सा लेने के लिए पहुंचा है। महिलाएं भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है। महापंचायत के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल तैनात हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। माना जा रहा है कि महापंचायत में अगले साल यूपी और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए भी रणनीति बन सकती है। इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल हुए हैं। 

बीकेयू नेता नरेश टिकैत मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं। महापंचायत के मंच पर राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव सहित कई अन्य किसान नेता मौजूद हैं। महापंचायत में जीआईसी मैदान के मंच से लेकर पार्किंग तक की व्यवस्था एसकेएम और बीकेयू के वालंटियर देख रहे हैं। पहचान के लिए वालंटियर्स को आईडी कार्ड दिए गए हैं। वहीं पुलिसबल किसानों की जिले और शहर में सुरक्षित एंट्री और उनके सकुशल प्रस्थान तक की व्यवस्था देख रही है।

मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत को लेकर यूपी एडीजी (कानून और व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा, 'हमने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। पीएससी की 25 कंपनियां और मेरठ जोन के तहत 20 अधिकारियों को तैनात किया गया है। हमने यातायात की सुचारू आवाजाही के लिए ट्रैफिक अलर्ट जारी किया है। हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।'


यूपी के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत आज, अन्नदाता भरेंगे हुंकार, अलर्ट पर प्रशासन

इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल होंगे, जिनमें करीब 60 किसान संगठन होंगे और अन्य कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे। किसानों के 40 संगठन अग्रणी भूमिका में रहेंगे, जबकि 20 संगठन पूरा सहयोग करेंगे।

मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर में आज यानी रविवार को किसान महापंचायत होने वाली है। महापंचायत के दौरान किसान जीआईसी मैदान में जुटेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसान यहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। 

बताया जा रहा है कि इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल होंगे, जिनमें करीब 60 किसान संगठन होंगे और अन्य कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे। किसानों के 40 संगठन अग्रणी भूमिका में रहेंगे, जबकि 20 संगठन पूरा सहयोग करेंगे।


इधर रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी को मुजफ्फरनगर में संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में आने वाले किसानों पर पुष्प वर्षा करने की अनुमति नहीं मिली है। जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को पुष्प वर्षा की अनुमति देने के लिए लिखे गए लेटर की प्रति ट्वीट करते हुए जयंत चौधरी ने लिखा कि किसानों के सम्मान से भला सरकार को क्या खतरा। बहुत माला पहनी हैं, मुझे जनता ने बहुत प्यार, सम्मान दिया है। अन्नदाताओं पर पुष्प बरसाकर उनका नमन और स्वागत करना चाहता था। डीएम एडीजी सिटी मजिस्ट्रेट प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री सबको सूचित किया लेकिन अनुमति नहीं दे रहे! किसान के सम्मान से सरकार को क्या ख़तरा है?

भले ही जयंत चौधरी को प्रशासन ने किसान महापंचायत पर पुष्प वर्षा की अनुमति नहीं दी। लेकिन रालोद के प्रदेश मीडिया संयोजक सुनील रोहटा ने बताया कि प्रशासन के अनुमति न दिए जाने की स्थिति में भी रालोद सुप्रीमो जयन्त चौधरी हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा अवश्य करेंगे।  किसानों पर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा के बाद तिरंगा फहराते हुए जयन्त चौधरी बिना उतरे वापस दिल्ली लौट जाएंगे।


यूपी को हुआ 'बुखार', CMO के पैरों में गिरकर बोला बुजुर्ग-'मेरे गाँव को बचा लो'

गांव में सीएमओ के पहुंचने पर एक बुजुर्ग उनके पैरों में पड़ गया और बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाने लगा। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

मथुरा: उत्तर प्रदेश में इन दिनों बुखार का प्रकोप जारी है। इसका सबसे ज्यादा प्रकोप फिरोजाबाद जिले में देखने को मिला है। मथुरा में भी कई बच्चों की बुखार से मौत हुई है। हर व्यक्ति अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर काफी डरा हुआ महसूस कर रहा है। 

मथुरा के कोह गांव में बुखार से हो रहीं मौत से गांव के लोग घबराये हुए हैं। बहुत से लोग तो घर छोड़कर रिश्तेदारियों में चले गए हैं। गांव में सीएमओ के पहुंचने पर एक बुजुर्ग उनके पैरों में पड़ गया और बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाने लगा। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

फरह के गांव कोह में अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है। गांव में बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं। कुछ मथुरा के अस्पतालों में तो कुछ आगरा में इलाज करा रहे हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम डेरा डाले हुए है। दो दिन पूर्व सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता जब टीम के साथ गांव पहुंचीं तो गांव के बुजुर्ग किशन सिंह ने रोते हुए सिर उनके पैरों में रख दिया और बच्चों की जान की भीख मांगने लगे। सीएमओ ने उनसे पैर न छूने को कहते हुए ढांढ़स बंधाया। 

रोते हुए किशन सिंह ने कहा कि हमारी कोई गलती हो तो बताओ, आप नहीं बताएंगी तो कौन बताएगा। उन्होंने बिलखते हुए कहा कि कैसे भी करके उनके गांव के बच्चों को बचा लो। उनका नाती मर गया। गांव के तमाम बच्चे अस्पतालों में भर्ती हैं। गांव की महिलाएं भर्ती हैं। एक-एक करके उनकी आंखों के सामने उनके नौनिहाल बुखार के कारण जान गंवा रहे हैं। पूरा गांव त्राहि-त्राहि कर रहा है। यह देखकर वहां मौजूद सभी अधिकारी व ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। 

सीएमओ ने ग्रामीणों से कहा कि आपके बच्चे कहां-कहां भर्ती हैं, इसकी लिस्ट बनाकर दो, हम दिखवाते हैं। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अन्य लोगों भी द्रवित हो गए। कोह गांव की घटना से क्षेत्र के हर व्यक्ति के दिल में गम और दहशत है।


महिला सिपाही के प्यार में अंधे शख्स ने परिवार की मदद से किया पत्नी, बच्चों और दोस्त का कत्ल, खुद को भी दिखाया मरा, 3 साल बाद हुआ खुलासा, पढ़िए-पूरी कहानी

महिला सिपाही के प्यार में पड़े एक युवक ने नोएडा के बिसरख में पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को मार डाला और उसके बाद अपने जैसे दिखने वाले एक दोस्त को मौत के घाट उतारकर अपनी ही हत्या साबित कर दी। फिर तीन साल तक वह शख्स नाक की सर्जरी कराकर वेश बदल घूमता रहा और अंत में जब पर्दाफाश हुआ तो हर कोई इस वारदात से सन्न रह गया।

कासगंज/नोएडा: कहते हैं प्यार अंधा होता है लेकिन इतना भी अंधा नहीं होना चाहिए कि प्यार को पाने के लिए अपने बीवी, बच्चों और दोस्त का कत्ल कर दिया जाए। दरअसल, ऐसी खौफनाक कहानी यूपी के अलीगढ़ से सामने आई है। महिला सिपाही के प्यार में पड़े एक युवक ने नोएडा के बिसरख में पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को मार डाला और उसके बाद अपने जैसे दिखने वाले एक दोस्त को मौत के घाट उतारकर अपनी ही हत्या साबित कर दी। फिर तीन साल तक वह शख्स नाक की सर्जरी कराकर वेश बदल घूमता रहा और अंत में जब पर्दाफाश हुआ तो हर कोई इस वारदात से सन्न रह गया।

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मिली जानकारी के मुताबिक, कासगंज जिले के गंगीरी इलाके के गांव नौगंवा के रहने वाले युवक ने महिला सिपाही के इश्क में अपनी पत्नी और दो बच्चों को अपने नोएडा विशरख के चिपयाना स्थित मकान में हत्या कर दी। तीनों के शवों को घर के बेसमेंट में दफनाया और उसके ऊपर पक्का फर्स कर दिया। ससुराल वालों को पत्नी बच्चों को गायब होने की सूचना दे दी, लेकिन ससुराल वालों ने शक पर होने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मुकदमे से बचने और उल्टा ससुराल पर साजिश के तहत अपने कदकाठी जैसे दोस्त की कासगंज में लाकर हत्या कर दी।

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उसके क्षतविक्षत शव को अपने कपड़े पहनाकर अपना आईकार्ड जेब में डाल दिया। साजिश में शामिल पिता और भाई ने शव का शिनाख्त अपने बेटे के रूप में कर दी। हत्या का केस ससुराल वालों पर दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस तह तक गई और डीएनए टेस्ट कराये तो डीएनए का मिलान नहीं होने पर चार हत्याओं की साजिश परत दर पर खुलकर सामने आ गई। पुलिस ने हत्याओं के मास्टरमाइंड युवक और उसकी प्रेमिका सिपाही समेत परिजनों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया है। 

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मामले में गुरुवार को खुलासा करते हुए एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि, गांव कलुआ थाना मारहरा एटा निवासी मोती लाल ने अपनी बेटी रतनेश की शादी शादी वर्ष 2012  में राकेश पुत्र बनवारी लाल निवासी नौगंवा गंगीरी अलीगढ़ के साथ की थी। जबकि इस दौरान राकेश का गांव ही एक युवती रूबी के साथ प्रेमसंबंध चल रहे थे। शादी के बाद पति राकेश और पत्नी रतनेश ने शादीशुदा जिंदगी की शुरूआत की थी। इसके बाद उनके दो बच्चे हुए पुत्री अवनी उम्र 3 वर्ष एवं पुत्र अर्पित हुए। बच्चे होने के बाद राकेश द्वारा नोएडा में पंच विहार कॉलोनी थाना बिसरख में एक मकान खरीदा गया। उसी मकान में वह परिवार सहित निवास कर रहा था और स्वयं नोएडा में ही एक लेबोरेट्री में काम कर रहा था। 

इस तरह से की पत्नी व बच्चों की हत्या

शादीशुदा होने के बाद भी राकेश के रूबी से प्रेम प्रसंग बादस्तूर बने रहे तथा वह अपनी पत्नी को रास्ते से हटाकर रूबी के साथ शादी करने की योजना बना रहा था। इस योजना में उसकी प्रेमिका रूबी, पिता बनवारी लाल, भाई राजीव कुमार व प्रवेश एवं मां इन्द्रवती ने पूरा सहयोग किया। योजना के तहत ही 14 फरवरी 2018 को राकेश ने पत्नी रतनेश एवं दोनों बच्चों अवनी व अर्पित को मकान के बेसमेन्ट में बुलाकर लोहे की रॉड (सब्बल) से प्रहार कर तीनों की हत्या कर उनके  शवों को उसी मकान के  बेसमेन्ट में दफन कर ऊपर से सीमेन्ट का पक्का फर्श बनवा दिया। 

ससुरालियों को ऐसे किया गुमराह

योजना के तहत ही राकेश ने अपने ससुर मोती लाल को नोएडा बुलाकर सूचना दी कि, उसकी पत्नी रत्नेश बच्चों के साथ गायब है। इस पर रत्नेश के पिता मोतीलाल द्वारा थाना बिसरख जनपद नोएडा पर पहले गुमशुदा होने की सूचना दी। फिर धारा 364,498 ए,504,506 भादवि के तहत दामाद राकेश, ससुर बनबारी लाल समेत परिजनों के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में राकेश को थाना बिसरख पुलिस द्वारा कईं बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन उसने कोई भी जानकारी होने से इंकार किया था। 

अपनी हत्या दिखाने के लिए कर दिया दोस्त का मर्डर


एसपी ने बताया कि, पुलिस एवं अन्य कार्यवाही से बचने के लिए आरोपी राके श ने अपने परिवार के  लोगों से मिलकर साजिश रचकर अपने ही गांव के  अपने जैसे शरीर की बनावट के  अपने मित्र राजेन्द्र उर्फ  कलुआ पुत्र दिलीप सिंह को रिश्तेदारी में चलने के  बहाने से मोटर साइकिल पर ले जाकर रास्ते में पहले शराब पिलाई गई। इसके बाद कासगंज के थाना ढोलना क्षेत्र ग्राम मारुपुर के जंगल में रेलवे लाइन के  पास पहले से ही मोटर साइकिल में छिपाये गये गंडासे को निकालकर उसकी हत्या कर दी गई तथा पहचान छिपाने के  लिए  उसके  सिर, हाथों के  पंजे काटकर साक्ष्य छिपाने के  उद्देश्य से नष्ट कर दिये गये। शव को अपने कपडे़ पहनाकर तथा अपना पहचान पत्र भी उसके  पास फेंकदिया। अपनी हत्या का षडयन्त्र रचते हुए अपने भाई राजीव कुमार के  माध्यम से शव की पहचान राकेश (स्वयं) के  रूप में करा दी। इसके बाद भाई राजीश के  ही माध्यम से थाना ढोलना पर अपनी हत्या का मुकदमा राकेश के ससुर मोतीलाल एवं साले जितेन्द्र एवं रवि के  विरुद्ध पंजीकृत कराया गया। 

राकेश से बन गया दिलीप शर्मा


अपनी योजना के मुताबिक राकेश द्वारा अपने को छिपाते हुए दिलीप शर्मा पुत्र सुभाष शर्मा निवासी कुक्कन पटटी जनपद कुशीनगर नाम का आधार कार्ड बनवाया तथा स्वयं पानीपत हरियाणा में मछरौली नामक गांव में पहले मजदूर एवं बाद में राजमिस्त्री बनकर कार्य करने लगा और स्थायी रूप से वहीं पर रहने लगा। 

डीएनए रिपोर्ट से सच आया सामने

इधर राकेश की हत्या के केस में फंसे ससुर मोती लाल व उसके बेटों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मामले की गहनता से जांच कराने के लिए जानकारी देना शुरू किया। पुलिस ने भी तह तक जाना शुरू किया और राकेश के नाम के मिले शव के विसरा रक्त और राकेश के पिता बनवारी लाल और राकेश के दोस्त कलुआ के पिता के रक्त के नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला भिजवाया। जिसकी रिपोर्ट आई तो राकेश केनाम के मिले शव और उसके पिता बनबारी लाल का डीएनए का मिलान नहीं हुआ। जबकि कलुआ और उसके पिता का डीएनए मिलान होने पर पुलिस को पूरी साजिश समझ में आ गई। जिस पर घेराबंदी करके पुलिस ने पिता बनबारी लाल और उसके बाद उसके बेटे राकेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो चौंकाने वाले दबे राज खुलकर सामने आते चले गये। 

नोएडा ले गई पुलिस

पुलिस ने बताया कि, इस दौरान भी अपनी राकेश अपनी प्रेमिका रूबी के  लगातार सम्पर्क  में बना रहा, जिससे मिलने के  लिए ही राकेश एक सितंबर को जनपद कासगंज से होकर गंगीरी जा रहा था। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर कासगंज पुलिस द्वारा गढी तिराहे के पास गिरफ्तारी की गई।

एसपी ने बताया कि, थाना ढोलना पुलिस एवं एसओजी, सर्विलांस टीम द्वारा आरोपी को साथ लेकर उसकी निशानदेही पर मित्र राजेन्द्र उर्फ  कलुआ की हत्या में प्रयुक्त गंडासा मारूपुर के  जंगलों से बरामद किया गया। इसके बाद थाना बिसरख जनपद नोएडा से समन्वय स्थापित किया गया और आरोपी राकेश की पत्नी एवं बच्चों के  शवों की बरामदगी के लिए नोएडा से एक मजिस्टे्रट की नियुक्ति कराकर उनके  समक्ष बेसमेन्ट को खुदवाकर उनके  कंकालों एवं हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड को बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने हत्याओं की वारदात के मुख्य आरोपी राकेश, उसके भाई राजीव, प्रवेश, पिता बनवारी लाल, मां इन्द्रवती और प्रेमिका रूबी को गिरफ्तार कर लिया है।


यूपी के सीएम योगी ने किया बाढ़ प्रभावित जिलों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजे के आदेश

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। मैंने अपने 3 दिन का आगामी कार्यक्रम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के लिए और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत सामग्री की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया है। बहराइच में राहत कार्य संतोष जनक ढ़ंग से आगे बढ़ रहा है।

लखनऊ: भारी बारिश की वजह से इन दिनों यूपी में कई नदियां उफनाई हुई हैं। आज सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और इसी क्रम में वह बहराइच पहुंचे। जहां उन्होंने लोगों से बात की। इसके अलावा सीएम ने लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की।


इस दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। मैंने अपने 3 दिन का आगामी कार्यक्रम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के लिए और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत सामग्री की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया है। बहराइच में राहत कार्य संतोष जनक ढ़ंग से आगे बढ़ रहा है।

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सीएम योगी ने बताया कि राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ ईकाई को हर ज़िले में तैनात किया गया है। अगर किसी की बाढ़ के पानी में डूबने या किसी हिंसक जानवर के काटने से मौत होती है तो पीड़ित परिवारों को तत्काल 4 लाख रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

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बलरामपुर में भी लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा

बहराइच के बाद सीएम योगी बलरामपुर भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से गन्ने की खेती प्रभावित हुई है। प्रशासन को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीड़ित किसानों को आवश्यक मुआवज़ा दिया जा सके इसके बारे में अपनी तैयारी पूरा करने के लिए कहा गया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित है। इसी हिस्सी के गोरखपुर में बाढ़ ने कहर बरपाया हुआ है। गोरखपुर में राप्ती और रोहन नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ बुलेटिन के मुताबिक राप्ती नदी 77.27 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का स्तर 74.98 है, रोहिन नदी 84.44 मीटर पर बह रही है जबकि इसका खतरे का निशान 82.44 मीटर है। 

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राहत की बात है कि रोहिन नदी का जल स्तर बुधवार से कुछ कम हुआ है। जिले के इलाहीबाग, बशारतपुर, बडगो, चिलुआताल, चिलमापुर और बहरामपुर सहित अन्य क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से पुरानी बीमारियों के रोगियों के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो इलाके प्रभावित नहीं हैं। वहां के कर्मचारी और गांवों के चिकित्सक भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करें।


4 साल में योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान

उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने चार वर्ष में अब तक 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को करने का काम किया। इस वर्ष भी अब तक 84% भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया गया है। पिछले 15 सालों में कभी भी 3 सितंबर तक 84% भुगतान नहीं किया गया था।

लखनऊ: यूपी की योगी सरकार द्वारा गन्ना किसानों का बीते 4 वर्षों में 1,42,311 करोड़ रुपये भुगतान किया गया है। इस बात की जानकारी यूपी सरकार के मंत्री सुरेश राणा ने दी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने चार वर्ष में अब तक 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को करने का काम किया। इस वर्ष भी अब तक 84% भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया गया है। पिछले 15 सालों में कभी भी 3 सितंबर तक 84% भुगतान नहीं किया गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि गन्ना किसानों को 2016-17 में 14,998 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। इसके बाद जैसे ही योगी सरकार आई, एक ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला और 2017-18 में 35,443 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को किया गया।


यूपी हाईकोर्ट का केंद्र को सुझाव-'गाय को घोषित किया जाए राष्ट्रीय पशु, इसे मारने का अधिकार किसी को नहीं'

गो हत्या के एक आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राय दी है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और इन्हें मारने का अधिकार किसी को नहीं है।

लखनऊ/प्रयागराज: गो हत्या के एक आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राय दी है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और इन्हें मारने का अधिकार किसी को नहीं है।


गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। साथ ही हाईकोर्ट ने केन्द्र को सुझाव भी दिया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। 

गो हत्या के आरोपी जावेद की जमानत याचिका रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और गोरक्षा को हिंदुओं का मौलिक अधिकार किया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने बुधवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि गायों को सिर्फ धार्मिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। देशवासी गाय का सम्मान करें और उनकी सुरक्षा भी करें।

हाईकोर्ट ने यह सुझाव काउ स्लाटर एक्ट के तहत आरोपी जावेद नाम के व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सुझाव केन्द्र सरकार को दिए। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम जानते हैं जब किसी देश की संस्कृति और उसकी आस्था को ठेस पहुंचती है, तो देश कमजोर हो जाता है। 

न्यायमूर्ति शेखर यादव की खंडपीठ ने गो हत्या के आरोपी जावेद को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि आवेदक ने गाय की चोरी करने के बाद उसे मार डाला था, उसका सिर काट दिया था और उसका मांस भी उसके साथ रखा था। यह उसका पहला अपराध नहीं है, इससे पहले उसने कई गो हत्या की थी, जिसने समाज के सौहार्द्र को बिगाड़ दिया था। कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी जमानत पर रिहा हुआ तो वह फिर से अपराध करेगा, जिससे माहौल भी खराब होगा। 


'भारत रत्न' बिस्मिल्लाह खाँ की नातिन से गैंगरेप, मुख्तार के गुर्गों पर आरोप, दरिंदों को बचाने में जुटी यूपी की जौनपुर पुलिस

अब यूपी पुलिस के लिए गैंगरेप जैसी वारदात 'नार्मल' अपराध बन चुके हैं और शायद इसलिए ही 2019 ले मामले में एडीजी स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी जौनपुर जिले की पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। शायद इसलिए क्योंकि आरोपी मुख्तार के गुर्गे हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस अक्सर अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। दरअसल, अब यूपी पुलिस के लिए गैंगरेप जैसी वारदात 'नार्मल' अपराध बन चुके हैं और शायद इसलिए ही 2019 ले मामले में एडीजी स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी जौनपुर जिले की पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। शायद इसलिए क्योंकि आरोपी मुख्तार अंसारी के गुर्गे हैं।


'भारत रत्न' मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ की नातिन गत वर्ष 2019 में गैग रेप शिकार हो गयी थी, जिसे अब तक सूबे के सीएम योगी का प्रशासन न्याय नहीं दिलवा सका है। यह सनसनीखेज घटना सूबे जौनपुर जनपद की सदर कोतवाली के मुफ़्ती मोहल्ले की है।


पीड़िता के साथ गत 2019 में गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले बांदा जेल में बंद पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी के चारो गुर्गे हैं, जिनके नाम हसन जमाल, हसन कमाल, हसन फराज व हसन जहिद हैं। भारत रत्न शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान की नातिन पिछले माह भी सूबे की राजधानी लखनऊ में सीएम योगी व डीजीपी मुकुल गोयल से मिलने आयी थी, लेकिन तब उसकी मुलाकात सीएम योगी से नहीं हो सकी थी।

हालांकि एडीजी एल ओ प्रशांत कुमार से उसने मुलाकात कर उसने गैंग रेप के आरोपियों को शीध्र गिरफ्तारी की मांग की थी। एडीजी एल ओ ने पीड़िता का शिकायती पत्र लेकर उसे तत्काल न्याय दिलाने का आश्वसन दिया था। उसके बाद भी इस गैंगरेप के प्रकरण पर जौनपुर की सदर कोतवाली पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है।


बताया जा रहा है कि मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खां की नातिन के साथ गैंगरेप की घटना को दो साल पूर्व अंजाम देने वाले चारों रेपिस्ट के खिलाफ अदालत ने नॉन बेलेबिल वारंट भी जारी कर दिए हैं। उसके बाद भी चारों रेपिस्ट खुले आम सड़को पर घूम रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि चारों रेपिस्ट माफिया मुख्तार अंसारी के गुर्गे होंने के कारण जौनपुर की सदर कोतवाली पुलिस इनके दवाब में है।


वहीं पीड़िता ने बताया है कि उसकव साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों पर जौनपुर पुलिस का खुला संरक्षण भी है। अब सवाल यह है कि इस मसले पर अखिर जौनपुर इतनी लापरवाही क्यो बरत रही है। आज इस घटना को तीन साल होने जा रहे हैं। उसके बाद भी अब तक जौनपुर पुलिस इन चारों रेपिस्ट को गिरफ्तार करने में हीलाहवाली क्यों कर रही है? 


हाल-ए-लखनऊ: महिला सिपाही से छेड़छाड़, विरोध करने पर रॉड से किया जानलेवा हमला, आरोपी गिरफ्तार

अलीगंज थाने के पिंक स्कूटी पर तैनात महिला सिपाही पर गश्त के दौरान युवक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। विरोध पर लोहे की रॉड से हमला बोल दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में अब महिला खाकीधारी भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। यहां मनचलों के हौसलें इतनी बुलंदी पर हैं कि महिला पुलिसकर्मी तक के साथ छेड़-छाड़ जैसी घटनाएं कारित कर रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, अलीगंज थाने के पिंक स्कूटी पर तैनात महिला सिपाही पर गश्त के दौरान युवक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। विरोध पर लोहे की रॉड से हमला बोल दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ छेड़छाड़ व जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया।

मामले में प्राची सिंह (एडीसीपी, उत्तर), लखनऊ ने बताया कि बीते कल अलीगंज थाना क्षेत्र में गश्त कर रही महिला सिपाही पर एक युवक ने अभद्र टिप्पणी की। जब महिला ने युवक से टिप्पणी पर सवाल किए तो युवक अपने घर जाकर लोहे की रॉड लाया और महिला सिपाही को मारने लगा। वह अकेली थी अपने आप को बचा नहीं पाई। जब वहां पर कुछ लोग आए तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। घटना के एक घंटे बाद ही पुलिस ने मामले में FIR दर्ज़ कर अभियुक्त की गिरफ़्तारी की। आगे की कार्रवाई जारी है।

आरोपी प्रभात सिंह।

आरोपी प्रभात सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है


प्रभारी निरीक्षक पन्ने लाल यादव के मुताबिक, मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि खून से लथपथ सिपाही सड़क पर पड़ी थी और स्कूटी पास में गिरी पड़ी थी। एंबुलेंस से सिपाही को अस्पताल भेजा गया। पीड़िता के ठीक होने के बाद तहरीर पर आरोपी प्रभात सिंह के खिलाफ छेड़छाड़, सरकारी काम में बाधा, सरकारी कार्य के दौरान सिपाही पर हमला और जान से मारने की नियत से हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

आरोपी को पकड़कर पुलिस टीम थाने लेकर गई, जहां उससे देर रात तक पूछताछ की जा रही थी। उधर, प्रभात के पिता वैभव सिंह ने पुलिस को बताया कि प्रभात को मानसिक बीमारी है। उसका इलाज चल रहा है। लेकिन इसके संबंध में पुलिस को कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकें।


नोएडा: ट्रैक्टर्स से जोर आजमाइश करने वालों को बादलपुर थाने की पुलिस ने दबोचा, वार्निंग देकर छोड़ा

क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार से शिकायत की गई थी कि कुछ लोग अक्सर ट्रैक्टर्स का शक्ति प्रदर्शन करते हैं और उसमें हार-जीत के रूप में रकम तय करते हैं। यानि एक प्रकार से जुआं खेलते हैं।

नोएडा (बादलपुर): गौतमबुधनगर जिले की बादलपुर थाने की पुलिस ने आज ट्रैक्टर्स से जोर आजमाइश करने वालों को बादलपुर में उस समय दबोचा जब वहां कई ट्रैक्टर चालक अपने ट्रैक्टर्स लेकर पहुंचे थे। क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार से शिकायत की गई थी कि कुछ लोग अक्सर ट्रैक्टर्स का शक्ति प्रदर्शन करते हैं और उसमें हार-जीत के रूप में रकम तय करते हैं। यानि एक प्रकार से जुआं खेलते हैं।

बादलपुर थाने की पुलिस को आज जैसे ही इनके इकट्ठा होने का खबर मिली तुरंत फोर्स मौके पह पहुंची और अम्बेडकर पार्क के समीप लगभग आधा दर्जन ट्रैक्टरों को धर दबोचा। मौके पर 100 से अधिक लोग थे जो ट्रैक्टर्स की जोर आजमाइश देखने आए हुए थे। पुलिस को देखते ही ट्रैक्टर्स चालक मौके से भाग निकले जिसके बाद पुलिस ने सभी ट्रैक्टर्स को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।

मामले में थानाध्यक्ष दिनेश कुमार द्वारा सूझ-बूझ का परिचय देते हुए सभी ट्रैक्टर्स के मालिकों को बुलाया गया और उनके बच्चों को उनके कृत की जानकारी दी गई। अभिभावक भी अपने बच्चों के द्वारा की जा रही गलतियों के अनजान थे। लिहाजा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने सभी को चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया और कहा गया कि अगर इस तरह की गलती करते हुए दोबारा कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी।

वहीं, शरारत कर रहे लोगों द्वारा माफीनाफा थानाध्यक्ष को संबोधित करते हुए दिया गया और कहा गया कि वह आगे से इस तरह की कोई गलती नहीं करेंगे जो नियमों के विपरीत हो। खासकर ट्रैक्टर का शक्ति प्रदर्शन बिल्कुल भी नहीं करेंगे।

वहीं, दूसरी तरफ कुछ लोगों का यह भी कहना था कि ट्रैक्टर्स के शक्ति प्रदर्शन से किसी का भी नुकसान नहीं हो रहा था। जब पुलिस पहुंची तो वह खुद पुलिस का सम्मान करते हुए भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले एक जिप्सी में चार-पांच पुलिसकर्मी मौके पर थे लेकिन लोगों की संख्या अधिक होने की वजह से अतिरिक्त फोर्स मंगानी पड़ गई। जिसके बाद तीन वाहनों में पुलिसकर्मी पहुंचे फिर स्थिति नियंत्रण में आई।


तस्वीरों में देखें! जिला कारागार अलीगढ़ में किस तरह से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी

शासनादेश के मुताबिक, आज जिला कारागार अलीगढ़ में भी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कैदियों द्वारा भगवान कृष्ण के भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई।

अलीगढ़: आज भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जा रहा है। लेकिन कान्हा का जन्मदिन एक और जगह पर बेहद ही खास तरीके से मनाया जाता है। वह जगह है थाने और कारागार। जी हां! यूपी के समस्त थानों और जेलों में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव बड़े ही धूम-धाम से मनाए जाते हैं। 

शासनादेश के मुताबिक, आज जिला कारागार अलीगढ़ में भी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कैदियों द्वारा भगवान कृष्ण के भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री कृष्ण के जीवन पर प्रकाश डाला गया। विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि आज जन्माष्टमी के अवसर पर शासनादेश के मुताबिक, जिला कारागार में कैदियों द्वारा जन्माष्टमी मनाया गया और कृष्ण भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई।

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राष्ट्रपति ने किया रामायण कान्क्लेव का शुभारंभ, बोले-'प्रभु राम के बिना अयोध्या की कल्पना असंभव', सीएम योगी ने कही ये बड़ी बात

राष्ट्रपति ने रामायण कान्क्लेव के आयोजन और कला व संस्कृति के माध्यम से आम लोगों तक रामायण पहुंचाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम की सराहना भी की।

लखनऊ/अयोध्या: राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के यूपी दौरे का आज चौथा दिन है। आज वह अयोध्या पहुंचे।  इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की। उनके रामनगरी में प्रथम आगमन को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी की गई है। अयोध्या में राष्ट्रपति का भव्य स्वागत आठ मंचों से किया गया। 


अयोध्या में रामायण कान्क्लेव के शुभारंभ के बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रामायण एक ऐसा विलक्षण ग्रंथ है जो राम कथा के माध्यम से विश्व समुदाय के समक्ष मानव जीवन के उच्च आदर्शों और मर्यादा को प्रस्तुत करता है।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि रामायण के प्रचार-प्रसार के लिए यूपी सरकार का यह प्रयास पूरी मानवता के हित में बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। राष्ट्रपति ने रामायण कान्क्लेव के आयोजन और कला व संस्कृति के माध्यम से आम लोगों तक रामायण पहुंचाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम की सराहना भी की।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने आगे कहा कि अयोध्या प्रभु राम की जन्म और लीला भूमि तो है ही बिना राम के इस नगरी की कल्पना करना भी असंभव है। उन्होंने कहा रामायण का प्रचार महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसमें जीवन के निहित मूल्य मानवता के लिए हमेशा प्रासंगिक हैं। दर्शन के साथ-साथ रामायण आदर्श आचार संहिता भी प्रदान करती है जो हमारे जीवन के सभी पहलुओं का मार्गदर्शन करती है।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि अयोध्या मानव सेवा का उत्कृष्ट केंद्र बने। शिक्षा और शोध का भी वैश्विक केंद्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय और युवा पीढ़ी को रामकथा में निहित जीवन मूल्यों से जोड़ना चाहिए। रामायण में राम निवास करते हैं। वाल्मीकि जी ने कहा था जब तक पृथ्वी पर नदी और पर्वत रहेंगे रामकथा लोकप्रिय रहेगी। रामकथा के अनेक पठनीय रूप देश और विदेश में प्रचलित है। इस दौरान उन्होंने पर्यटन विभाग की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिल्यान्यास भी किया।

सीएम योगी ने कही ये बात


रामायण कान्क्लेव के शुभारंभ अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन-जन के हैं। हमारी आस्था और रोम-रोम में राम बसे हैं। यही आस्था ही अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के मार्ग को प्रशस्त किया है। 


खराब सड़क को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा, योगी के मंत्री को गाड़ी से उतारा और कीचड़ में पैदल चलवाया!

बिलासपुर में बदहाल सड़क के कारण नाराज लोगों ने औलख के काफिले को न सिर्फ जबरन रुकवाया बल्कि उन्हें कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलने को मजबूर किया। वे शीघ्र सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे।

बिलासपुर (रामपुर): आज यूपी के जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख को उस समय अपने ही विधानसभा क्षेत्र में लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ गई जब भारी संख्या में लोग आकर उन्हें गाड़ी से उतारकर टूटी सड़कों पर चलने के लिए मजबूर कर दिया गया। बिलासपुर में बदहाल सड़क के कारण नाराज लोगों ने औलख के काफिले को न सिर्फ जबरन रुकवाया बल्कि उन्हें कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलने को मजबूर किया। वे शीघ्र सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे।

मिली जानकारी के मुताबि, शनिवार दोपहर राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ सीएचसी में ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट के उद्घाटन के लिए जा रहे थे। इसी बीच वर्षों से सड़क की बदहाली झेल रहे मोहल्ला सिंह कॉलोनी के नाराज लोगों ने राज्यमंत्री के काफिले को रास्ते में रोक लिया। वे राज्यमंत्री और जिलाधिकारी को खस्ताहाल सड़क दिखाकर पालिका की लापरवाही पर नाराजगी जताने लगे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई वर्षों से सड़क के निर्माण के लिए पालिका और अन्य अफसरों से अनुरोध किया गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे बारिश के दिनों में लोगों को काफी परेशानी होती है। शनिवार को भी सवेरे बारिश हुई थी लेकिन मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए अफसरों ने लापरवाही छिपाने के लिए पालिका ने गड्ढों को मिट्टी से पाट दिया लेकिन इससे राहत मिलने के बजाय पूरे रास्ते पर कीचड़ हो गई।

मंत्री ने दिया रोड जल्द ठीक कराने का आश्वासन

लोगों की नाराजगी इस कदर थी कि उन्होंने अपनी परेशानी से मंत्री औलख को अवगत कराने के लिए उन्हें कार से उतार लिया और उन्हें कुछ दूर तक कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलने को मजबूर किया। औलख ने भी लोगों की नाराजगी को समझा और बिना हिचक कीचड़ भरे रास्ते पर चले। साथ ही कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मामले को लेकर राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि यह रास्ता पालिका क्षेत्र में आता है। यदि उनके अधिकार क्षेत्र में होता तो कब का दुरुस्त करा दिया गया होता। केंद्रीय मंत्री व डीएम ने पूर्व में भी इस रास्ते को लेकर पालिका को चेताया था। मगर इसे ठीक नहीं कराया गया। लोगों की नाराजगी सही है। ईओ को सख्त चेतावनी दी गई है। अगर जल्द रास्ते का निर्माण नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री को पैदल चलते देख जिलाधिकारी का भी पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और ईओ राजेश सिंह राणा के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखे जाने की बात कही। डीएम ने ईओ को आदेश दिए कि वह तत्काल इस मार्ग का निर्माण कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


पक्की खबर! 5 दिन के अंदर होगा योगी कैबिनेट का विस्तार, इन बातों का रखा जाएगा विशेष ध्यान

कैबिनेट का विस्तार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए खासकर जातीय समीकरण के ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। कैबिनेट विस्तार में उन चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा जिनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं है और कई नए चेहरों को भी कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।

लखनऊ: अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बहुप्रतिक्षित यूपी कैबिनेट विस्तार होने की संभावना जल्द है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अगले पांच दिनों के अंदर योगी कैबिनेट का विस्तार होगा। कैबिनेट का विस्तार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए खासकर जातीय समीकरण के ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। कैबिनेट विस्तार में उन चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा जिनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं है और कई नए चेहरों को भी कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।


बीजेपी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का उत्तर प्रदेश दौरा खत्म होते ही, उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार होना तय हो गया है। 29 अगस्त को राष्ट्रपति अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने जाएंगे और उसके बाद वह दिल्ली को रवाना हो जाएंगे। राष्ट्रपति के उत्तर प्रदेश से दिल्ली रवाना होने के बाद शपथ ग्राहण की तारीख तय कर ली जाएगी। एबीपी न्यूज़ ने पहले भी इस बारे में अमित शाह के आवास पर 20 अगस्त को हुई बैठक एक बाद एक्सक्लूसिव खबर दी थी कि अगले 15 दिन में उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार होगा। 


सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरकार और संगठन ने पूरी कवायद कर ली है। इसके लिए पश्चिम से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक अलग-अलग बिरादरी और क्षेत्र के विधायकों की छटनी भी कर ली गयी है। बाकायदा इन विधायकों का एक पैनल तैयार किया गया है। इनमें से जिन नामों पर केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लग जाएगी, उनको मंत्री बनाया जाएगा।

किसे कहां से बनाया जाएगा मंत्री

पश्चिम से शुरू करें तो सबसे पहले जाट समाज की बात कर लेते हैं। किसान आंदोलन की वजह से जाटों की नाराज़गी को दूर करने की कोशिश जाटों को मंत्री पद देकर की जा रही है, जिन विधायकों के नाम छाटें गए हैं उनमें जाट समुदाय से मंजु सीवास का नाम सबसे ऊपर है। वह गाज़ियाबाद की मोदीनगर विधानसभा से विधायक हैं और पेशे से डॉक्टर हैं, जबकि जाट समुदाय से दूसरा नाम बागपत के छपरौली से  विधायक सहेंद्रव रमाला हैं। वह RLD से बीजेपी में 2018 में आए थे और RLD के एकमात्र विधायक हैं।


गुर्जर समाज से भी मंत्री बनाया जाएगा। मेरठ से विधायक सोमेंद्र गुर्जर का नाम सबसे ऊपर है। वह पहली बार विधायक बने हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से बीजेपी में आए और अब मंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं दूसरा नाम गौतमबुद्ध नगर के दादरी से विधायक तेजपाल नागर का है, वह पेशे से शिक्षक हैं।


ब्रह्मणों की नाराज़गी दूर करने के लिए जतिन प्रसाद को मंत्री बनाया जा रहा है। वह हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं। उन्हें MLC भी बनाया जाएगा। वह दूसरी पीढ़ी के बड़े ब्राह्मण नेता में शुमार होते हैं। 


निषाद समुदाय को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा रही है। निषाद पार्टी के संजय निषाद को MLC और मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि एक अन्य नाम संगीता बलवंत बिंद है। वे गाज़ीपुर सदर से विधायक हैं और बिंद समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं।


पटेल और कुर्मी बिरादरी को भी योगी सरकार में जगह दी जा रही है। अपना दल के अध्यक्ष हैं आशीष पटेल। वह भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। आशीष पटेल फिलहाल MLC हैं।

महेंद्र पाल सिंह सेंथवार भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। वह गोरखपुर के पिपराइच से विधायक हैं। जब योगी मुख्यमंत्री बने थे तब उन्होंने योगी आदित्यनाथ के लिए सबसे पहले अपनी सीट छोड़ने की पेशकश की थी। 

अदिवासी समाज से भी मंत्री बनाया जाएगा। अपना दल से उत्तर प्रदेश की छानबे विधानसभा विधायक राहुल कोल को मंत्री बनाया जा सकता है। वह पहली बार विधायक चुने गए हैं। अनुसूचित जनजाति से आते हैं, जब आदिवासी समाज से ही बीजेपी विधायक संजय गोंड का नाम भी सम्भावित मंत्रियों की सूची में है। वे सोनभद्र के ओबरा से विधायक हैं। अनुसूचित जनजाति से आते हैं, अपनी सादगी के लिए चर्चित रहते हैं।

अनुसूचित जाति से रवि सोनकर को मंत्री बनाया जा सकता है। वे सोनभद्र ज़िले की महादेवा सीट से विद्यायक हैं। पिता कल्पनाथ सोनकर 1989-1991 सांसद रह चुके हैं। अनुसूचित जाति में अच्छा असर रखते हैं।


राष्ट्रपति ने गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय का किया शिलान्यास, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी भी रहे मौजूद

इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोविड-19 की लड़ाई में विशेषकर दूसरी लहर में आयुष चिकित्सा पद्धतियों ने लोगों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें संक्रमण मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले 2 दशकों में पूरे देश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई है।

गोरखपुर: आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोविड-19 की लड़ाई में विशेषकर दूसरी लहर में आयुष चिकित्सा पद्धतियों ने लोगों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें संक्रमण मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले 2 दशकों में पूरे देश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई है।

वहीं, सीएम योगी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त है। इस दौरान दुनिया का कोई देश ऐसा नहीं होगा जिसने इस महामारी से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भारत की चिकित्सा पद्धतियों का अनुसरण न किया हो।

सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने UNO के मंच से भारत की इस परंपरा को वैश्विक मंच पर ले जाने का कार्य किया है। इसकी वजह से भारत की चिकित्सा पद्धति तेज़ी के साथ आगे बढ़ी। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय भूमि पूजन और शिलान्यास के साथ शुरू होने जा रहा है।




योगी की पुलिस की जबरजस्ती, 'जबरिया रिटायर' आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जबरन किया गिरफ्तार

अमिताभ ठाकुर को आज लखनऊ की हजरतगंज थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के समय का वीडियो उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है।

लखनऊ: सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने के एलान ले बाद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को आज लखनऊ की हजरतगंज थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के समय का वीडियो उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है।

बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती ने मरने से पहले अमिताभ ठाकुर पर भी लगाए थे आरोप। बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगानी वाली लड़की और गवाह की मौत के मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर अमिताभ ठाकुर पर पहले एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद गिरफ़्तार करके हजरतगंज कोतवाली ले जाया गया।

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार करने के बाद हजरतगंज कोतवाली ले ज़ाया गया है जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पूर्व IPS ठाकुर को बंद कमरे में रखा गया है। कोतवाली में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।


यूपी के इटावा में बड़ा सड़क हादसा, रोडवेज बस और ट्राला की टक्कर में 3 की मौत, 30 से ज्यादा घायल

उत्तर प्रदेश के इटावा में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यहां, रोडवेज बस और ट्राला के बीच हुई टक्कर में तीन लोगों की मौत हुई है और 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यहां, रोडवेज बस और ट्राला के बीच हुई टक्कर में तीन लोगों की मौत हुई है और 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

मिली जानकारी के मुताबिक, आगरा-कानपुर नेशलन हाइवे पर गुरुवार देर रात कानपुर से आगरा जा रही आगरा डिपो की रोडवेज बस हाइवे पर खड़े ट्राला से टकरा गई। भीषण हादसे में बस में सवार एक मासूम समेत तीन यात्रियों की मौत हो गयी और 30 से अधिक यात्री घायल हो गए। 


दुर्घटना के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई, आसपास के गांव वालों और पुलिस ने रेस्क्यू चलाकर घायलों को अस्पताल भिजवाया। हादसा बकेवर क्षेत्र के राधे-राधे धाबा के पास द्वारका गांव के सामने हुआ। ट्राला से टकराने के बाद बस का एक तरफ का पूरा हिस्सा ही गायब हो गया। भयानक मंजर देखकर लोग सन्न रह गए। 

गुरुवार की रात कानपुर नगर से चलकर रोडवेज की आगरा फोर्ट डिपो की बस लगभग 50 सवारियों को लेकर आगरा के लिए निकली थी। बस में कानपुर, इटावा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, आगरा, अलीगढ़ की सवारियां थीं। रात करीब सवा दो बजे बस इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी वह हाइवे पर खड़े 22 चक्का ट्राला से पीछे से तेजी से टकरा गई। बस की कन्डक्टर साइड के आधे हिस्से के परखचे उड़ गए।

पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे


सूचना पर एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह, सीओ भरथना पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने आनन फानन में रेस्क्यू अभियान चलाकर बस में फंसे घायल यात्रियों को एम्बुलेन्स व निजी वाहनों की मदद से अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्‍टरों ने एक साल के मासूम अलीगढ़ के आदित्य, हमीरपुर के निरपत समेत तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। 30 घायलों में एक महिला समेत सात लोगों की हालत नाजुक होने पर उन्हें सैफई रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में सीएमएस एमएम आर्या समेत पांच डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी है।


चाचा के खिलाफ साजिश रचने वाला मुनव्वर राना का बेटा गिरफ्तार, खुद पर चलवाई थी गोली

खुद पर हमले की साजिश रचने के आरोपी शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना को रायबरेली पुलिस ने बुधवार की शाम गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तबरेज को लखनऊ के लालकुंआ से पकड़ा है।

लखनऊ: खुद पर हमले की साजिश रचने के आरोपी शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना को रायबरेली पुलिस ने बुधवार की शाम गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तबरेज को लखनऊ के लालकुंआ से पकड़ा है।

बताते चलें  कि 28 जून को तबरेज राना पर हाईवे पर हमला हुआ था। इस दौरान उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग भी की गई थीं। जब मामले की जांच पड़ताल की गई तो उसमें खुद ही हमले की साजिश रचने की बात सामने आई थी। तबरेज ने खुद को साजिश को आरोपी भी माना था। 

इस साजिश में तबरेज के अलावा चार अन्य आरोपी थी जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था, लेकिन तब से तबरेज फरार चल रहा था। तबरेज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके करीबियों से भी पूछताछ की थी लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका था। बुधवार की शाम को तबरेज की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस ने राहत की सांस ली है।

हाईवे पर हमले के बाद तबरेज राना ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तबरेज राना के वाहन पर गोलियों के निशान भी मिले थे। पुलिस की जांच में पता चला था कि अपने निजी स्वार्थों के लिए तबरेज ने खुद ही अपने ऊपर फायर कराया था। पुलिस ने गोली चलाने वाले शूटरों को भी गिरफ्तार किया था। 

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व अन्य तथ्यों के आधार पर इसका खुलासा किया था। इसके बाद पुलिस ने तबरेज को इसी मामले में झूठ बोलने व षडयंत्र रचने के साथ ही अन्य धाराओं में आरोपी बनाया। 


पुलिस तबरेज की तलाश कर रही है वहीं दो जुलाई को तबरेज ने न्यायालय ने आत्मसमर्पण का प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर न्यायालय ने छह जुलाई की तिथि नियत की थी लेकिन नियत तिथि पर भी तबरेज न्यायालय में हाजिर नहीं हुए थे।

कैसे रची थी साजिश


तबरेज पर हमले की जब पुलिस ने जांच बिठाई तो पूरा मामला पानी की तरह साफ हो गया था। चाचा को फंसाने के लिए तबरेज ने खुद पर गोली चलवाई थी। 

पुलिस ने बताया था कि पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर इस साजिश का पता चला था। जानकारी के अनुसार तबरेज ने अपने साथी हलीम और सुल्तान के साथ पूरी साजिश रची थी। तबरेज ने अपने चाचा को संपत्ति विवाद में फंसाने के लिए ये पूरा घटनाक्रम रचा था। 

पुलिस ने बताया था कि हलीम ने सतेंद्र और शुभम नाम के दो शूटर को फायरिंग के लिए भेजा था। उन्होंने बताया कि हलीम, सुल्तान, सतेंद्र और शुभम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान उनके पास से पिस्टल और एक बाइक भी बरामद हुई थी। 


पुलिस फोर्स में दाढ़ी रखना संवैधानिक अधिकार नहीं: यूपी हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने वाले सिपाही के खिलाफ जारी निलंबन आदेश और आरोप पत्र में भी दखल से इनकार कर दिया है।

लखनऊ: एक मुस्लिम सिपाही की याचिका आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यह कहकर खारिज कर दी कि पुलिस फोर्स में दाढ़ी रखना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने वाले सिपाही के खिलाफ जारी निलंबन आदेश और आरोप पत्र में भी दखल से इनकार कर दिया है।


यह आदेश जस्टिस राजेश सिंह चौहान की एकल पीठ ने अयोध्या जनपद के खंडासा थाने में तैनात रहे सिपाही मोहम्मद फरमान की दो अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ पारित किया। पहली याचिका में पुलिस महानिदेशक द्वारा 26 अक्टूबर 2020 को जारी सर्कुलर के साथ-साथ याची ने अपने खिलाफ डीआइजी/एसएसपी अयोध्या द्वारा पारित निलंबन आदेश को चुनौती दी थी जबकि दूसरी याचिका में विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही में याची के खिलाफ जारी आरोप पत्र को चुनौती दी गई थी।

याची का कहना था कि संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत उसने मुस्लिम सिद्धांतों के आधार पर दाढ़ी रखी हुई है। याचिका का सरकारी वकील ने विरोध किया। उन्होंने दोनों ही याचिकाओं की पोषणीयता पर सवाल उठाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात पारित अपने निर्णय में कहा कि 26 अक्टूबर 2020 का सर्कुलर एक कार्यकारी आदेश है जो पुलिस फोर्स में अनुशासन को बनाए रखने के लिए जारी किया गया है।

हाई कोर्ट ने कहा कि पुलिस फोर्स को एक अनुशासित फोर्स होना चाहिए और लॉ इंफोर्समेंट एजेंसी होने के कारण इसकी छवि भी सेक्युलर होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अपने एसएचओ की चेतावनी के बावजूद दाढ़ी न कटवा कर याची ने कदाचरण किया है।


पंचतत्व में विलीन हुए कल्याण सिंह, पुत्र राजवीर स‍िंह व दो पौत्र ने दी मुखाग्नि

राजकीय सम्मान के साथ बुलंदशहर जिले के नरौरा स्थित बंशी घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे राजवीर सिंह ने मुखाग्नि दी।

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान-हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। राजकीय सम्मान के साथ बुलंदशहर जिले के नरौरा स्थित बंशी घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे राजवीर सिंह ने मुखाग्नि दी।


इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े नेताओं ने पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि दी। उनके अंतिम दर्शनों के लिए भारी जनसैलाब यहां पर उमड़ा।

इस बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर को नरौरा में श्रद्धांजलि अर्पित की। 


यादों में रहेंगे कल्याण ! अयोध्या में राम मंदिर जाने वाली सड़क का नाम होगा 'कल्याण सिंह मार्ग'

यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि की ओर जाने वाली सड़क का नाम पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखा जाएगा।

नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर राज्य में 3 दिवसीय राजकीय शोक का एलान किया गया है। वहीं, यूपी की योगी सरकार ने उन्हे सम्मान देने के लिए कई फैसले किए हैं।

यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि की ओर जाने वाली सड़क का नाम पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखा जाएगा। उनके इस कदम का केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत कई लोगों ने स्वागत किया है।


पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में लखनऊ, अलीगढ़, एटा, बुंलदशहर और प्रयागराज की एक-एक सड़क का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। बता दें कि कल्याण सिंह को राम मंदिर आंदोलन के सेनापति के तौर पर जाना जाता है। डिप्टी सीएम ने बताया कि अधिकारियों को कागजी कार्यवाही जल्द पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।


केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को ट्वीट में कहा, "राम भक्त स्वर्गीय बाबू जी के नाम लोक निर्माण विभाग अयोध्या अलीगढ़,एटा,बुलंदशहर प्रयागराज में एक एक मार्ग के नाम होगा। बाबू जी ने राम मंदिर के लिए सत्ता छोड़ दी परंतु कारसेवकों पर गोली नहीं चलाई!! अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश!!" 

खबर यह भी है कि अलीगढ़ के एयरपोर्ट का भी कल्याण सिंह के नाम पर रखने को लेकर विचार चल रहा है। अलीगढ़ के बीजेपी नेता लगातार इस मांग को उठा रहे हैं कि नवनिर्मित हवाई अड्डे को पूर्व मुख्यमंत्री का नाम दिया जाए। 

अलीगढ़ एय़रपोर्ट का नाम कल्याण सिंह के नाम पर रखे जाने के सवाल पर यूपी के सीएम ने कहा, हम जल्द ही कैबिनेट की बैठक करेंगे और इस पर फैसला लेंगे।


बीजेपी कार्यालय लखनऊ से कल्याण सिंह का पार्थिव शरीर लेकर अलीगढ़ रवाना हुए सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा के अन्य नेता यहां से पार्थिव देह तो लेकर अमौसी एयरपोर्ट रवाना हो गए। जहां से एयर एंबुलेंस से पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पार्थिव देह को अलीगढ़ ले जाया जाएगा। आज अलीगढ़ में उनकी पार्थिव देह को जनता के दर्शन के लिए स्टेडियम में रखा जाएगा।

लखनऊ/अलीगढ़: यूपी के पूर्व सीएम व दिग्गज बीजेपी नेता कल्याण सिंह अब अपने अंतिम सफर पर हैं। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक कल्याण सिंह का शनिवार को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में निधन हो गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में भाजपा कार्यालय से कल्याण सिंह की पार्थिव देह को लेकर अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे। वहां पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने स्वर्गीय कल्याण सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर कल्याण सिंह के सांसद पुत्र राजवीर सिंह तथा उनकी पत्नी भी थीं।

भाजपा के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे कल्याण सिंह की पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में भी बड़ी संख्या में भाजपा के विधायक, मंत्री तथा कार्यकर्ता एकत्र थे। यहां पर कल्याण सिंह की पार्थिव देह तो तिरंगे के साथ भाजपा के ध्वज में भी लपेटा गया। यहां पर उनकी पार्थिव देह को सेना की गाड़ी में रखा गया। जहां से गाड़ी को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट रवाना किया गया। इस दौरान चारों तरफ लोग नारे लगा रहे थे, कल्याण सिंह अमर रहें। 


पार्टी कार्यालय से जब कल्याण सिंह का पार्थिव शव लेकर सेना का वाहन निकला तो उसपे पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी फ्लीट के साथ रवाना हो गए। सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा के अन्य नेता यहां से पार्थिव देह तो लेकर अमौसी एयरपोर्ट रवाना हो गए। जहां से एयर एंबुलेंस से पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पार्थिव देह को अलीगढ़ ले जाया जाएगा। आज अलीगढ़ में उनकी पार्थिव देह को जनता के दर्शन के लिए स्टेडियम में रखा जाएगा।

कल्याण सिंह का पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने विधान भवन में इससे पहले विपक्षी दलों के नेता विधान भवन में भी बड़ी संख्या में नेता तथा विपक्षी दलों के दिग्गज पहुंचे। इनमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी थे। विधान भवन के हाल में सभी अपने लोकप्रिय तथा जनप्रिय नेता की अंतिम झलक पाने को आतुर थे। यहां पर दलगत भावना भी टूटती दिखीं।

 समाजवादी पार्टी के साथ ही बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल तथा अन्य पार्टियों के विधायक तथा नेताओं ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी। उनकी पार्थिव देह को रात से ही उनके पौत्र और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास पर रखा गया।


कल्याण सिंह का निधन: यूपी में 3 दिन का राजकीय शोक, सोमवार को सार्वजनिक अवकाश, 23 अगस्त को अंतिम संस्कार

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की अंत्येष्टि 23 अगस्त की शाम उनके पैतृक गांव अतरौली के नरौरा में गंगा घाट पर होगी। इस दिन पूरे यूपी में सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन की आधिकारिक जानकारी देते हुए प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा भी की।

लखनऊ: यूपी के तीन बार मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह का आज यानि शनिवार (21 अगस्त को रात्रि में निधन हो गया। उनके निधन पर भाजपा परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। पीएम मोदी, राष्ट्रपति समेत तमाम बीजेपी के दिग्गजों दुख जताया। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक का एलान किया है।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की अंत्येष्टि 23 अगस्त की शाम उनके पैतृक गांव अतरौली के नरौरा में गंगा घाट पर होगी। इस दिन पूरे यूपी में सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन की आधिकारिक जानकारी देते हुए प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा भी की। 

सीएम योगी ने बताया कि रविवार की शाम कल्याण सिंह का पार्थिव शरीर अलीगढ़ ले जाया जाएगा। लोगों के दर्शन के लिए वहां स्टेडियम में व्यवस्था हो रही है। अगले दिन सोमवार 23 अगस्त को पार्थिव शरीर उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि अतरौली लाया जाएगा। यहां लोगों के दर्शन के बाद नरौरा में गंगा किनारे अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

कल्याण सिंह के निधन की खबर मिलते ही शनिवार की देर शाम सीएम योगी पीजीआई पहुंचे। कल्याण सिंह के निधन की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सदस्य कल्याण सिंह जी हमारे बीच नहीं रहे। दो महीने से कल्याण सिंह जी बीमार थे। रात सवा नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 

सीएम योगी ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान कल्याण सिंह ने जो आदर्श प्रस्तुत किये वो आज भी मानक बने हुए हैं। वह श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी नेता थे। राममंदिर के लिए सत्ता छोड़ने में भी संकोच नहीं किया। विवादित ढांचा गिरने पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था। कल्याण सिंह का जाना न केवल समाज बल्कि भारतीय राजनीति की भी बड़ी क्षति है। 


सीएम योगी ने बताया कि आज रात ही या सुबह कैबिनेट की बैठक में शोक प्रस्ताव के साथ ही कल्याण सिंह के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक का प्रस्ताव रखा जाएगा। 23 अगस्त को अंत्येष्टि के दिन सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। सीएम योगी ने कल्याण सिंह के शोक संतृप्त परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनसे लगातार संपर्क में हम लोग हैं। कल्याण सिंह ने जो सपना देखा उसे पूरा करने में हम लोगों ने ताकत लगा दी है।


योगी सरकार का बहनों को तोहफा, रक्षाबंधन के अवसर पर फ्री कर सकेंगी यूपी रोडवेज की बसों में यात्रा

सभी महिलाएं शनिवार रात 12 बजे से लेकर रविवार रात 12 बजे तक उत्तर प्रदेश रोडवेज के सभी बसों जिसमें एसी और नॉन एसी दोनों शामिल हैं में फ्री यात्रा कर सकतीं हैं।

लखनऊ: रक्षाबंधन के दिन यूपी की योगी सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त में यात्रा करने का एलान किया है। सभी महिलाएं शनिवार रात 12 बजे से लेकर रविवार रात 12 बजे तक उत्तर प्रदेश रोडवेज के सभी बसों जिसमें एसी और नॉन एसी दोनों शामिल हैं में फ्री यात्रा कर सकतीं हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। सीएम ने कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत लोगों से रक्षाबंधन का पर्व कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करते हुए मनाए जाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने बधाई संदेश में कहा है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पारस्परिक प्रेम, स्नेह व विश्वास का त्यौहार है। यह पर्व कर्तव्य, आत्मीयता, त्याग, सामाजिक एकता व सद्भाव की भावना का प्रतीक है। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व तो है ही, यह भारत की गुरु-शिष्य परम्परा का त्यौहार भी है।

उन्होंने कहा है कि रक्षाबंधन का त्यौहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण मास में ऋषिगण आश्रम में रहकर अध्ययन और यज्ञ करते थे। श्रावण पूर्णिमा को मासिक यज्ञ की पूर्णाहुति होती थी। यज्ञ की समाप्ति पर यजमानों और शिष्यों को रक्षासूत्र बांधने की प्रथा थी, जिसका पालन रक्षाबंधन के रूप में भी किया जाता है।


पक्की खबर! 15 दिनों के अंदर होगा योगी कैबिनेट का विस्तार

उत्तर प्रदेश में अगले 15 दिनों के अंदर मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। खबर है कि रक्षा बंधन के बाद लखनऊ में सरकार और संगठन की बैठक होगी, जिसमें मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए संभावित मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले 15 दिनों के अंदर मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। खबर है कि रक्षा बंधन के बाद लखनऊ में सरकार और संगठन की बैठक होगी, जिसमें मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए संभावित मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।


मिली जानकारी के मुताबिक, अगस्त के आखिरी हफ्ते या सितम्बर के पहले हफ्ते में प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। इसमें 5 से 7 नए मंत्री बनाए जाने की संभावना है।


गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर तकरीबन साढे तीन घंटे उत्तर प्रदेश को लेकर मंथन चला। बैठक में पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन मंत्री सुनील बंसल शामिल हुए। विधानसभा चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार मंत्रिमंडल विस्तार की जरूरत पर जोर देती नजर आ रही है।

चर्चा में क्षेत्रीय, सामाजिक और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए 5-7 मंत्री बनाए जाने की जरूरत जताई गई। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अगले तीन दिनो में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी और फिर आखिरी मुहर के लिए केंद्र की सहमति ली जाएगी। जिसके बाद  मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय की जाएगी।


मुरादाबाद जिला कारागार के सभी कैदियों को मिल चुकी है वैक्सीन की पहली डोज, 1752 को दूसरी खुराक भी मिली

वैक्सीनेशन के मामले में ज़िला कारागार मुरादाबाद उत्तर प्रदेश की पहली जेल बनी जहां वैक्सीन की पहली डोज़ सभी लोगों को लगाई गई।

मुरादाबाद: कोरोना के खिलाफ जंग में प्रभावी वैक्सीन लोगों को सुरक्षित करने का काम कर रही है। वहीं, सूबे का कारागार विभाग कैदियों की सेहत को लेकर लगातार प्रयासरत रहता है। खासकर कोरोना का टीका कैदियों को लगाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। सूबे के सभी कारागारों में कैदियों को वैक्सीन लगाई जा रही है।

वैक्सीनेशन के मामले में ज़िला कारागार मुरादाबाद उत्तर प्रदेश की पहली जेल बनी जहां वैक्सीन की पहली डोज़ सभी लोगों को लगाई गई।


जिला कारागार मुरादाबाद के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉक्टर विरेश राज शर्मा  द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यहां के सभी कैदियों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है और आधे स ज्यादा कैदियों को दूसरी डोज भी दी जा चुकी है।


डॉक्टर शर्मा ने बताया कि 3350 लोगों को पहली डोज़ लगी थी, दूसरी डोज़ 1752 लोगों को लगा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके कैदियों को दूसरी डोज़ लगवा रहे हैं।


मिशन यूपी: CM योगी ने लगाई वादों की झड़ी, युवाओं को टैबलेट या स्मार्ट फोन देने से लेकर दलितों को मकान देने तक किया किया वादा

आज विधानसभा में अनुपूरक बजट से योगी सरकार ने न सिर्फ अपने घोषणा पत्र के कुछ बचे वादों को पूरा करने की ओर कदम बढ़ाया है, बल्कि चुनावी गणित भी साधा है। मानसून सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने नौजवानों के लिए खास तौर पर उपहारों की बरसात कर दी।

लखनऊ: अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां जी जान से जुटी हैं। वहीं, आज विधानसभा में अनुपूरक बजट से योगी सरकार ने न सिर्फ अपने घोषणा पत्र के कुछ बचे वादों को पूरा करने की ओर कदम बढ़ाया है, बल्कि चुनावी गणित भी साधा है। मानसून सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने नौजवानों के लिए खास तौर पर उपहारों की बरसात कर दी।


सीएम योगी ने घोषणा की है कि एक करोड़ युवाओं को टैबलेट या स्मार्ट फोन दिया जाएगा। प्रतियोगी छात्रों को तीन परीक्षाओं तक भत्ता दिया जाएगा तो संस्कृत छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की भी व्यवस्था सरकार करने जा रही है। विधानसभा सत्र में बुधवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट पर गुरुवार को चर्चा शुरू हुई तो विपक्ष ने इसे चुनावी और निरर्थक बताया। वहीं, जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पर चर्चा शुरू की तो समझा दिया कि इस बजट का क्या गुणा-भाग है। नौजवानों की बड़ी आबादी को सरकार चुनाव से पहले तोहफा देने जा रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने तीन हजार करोड़ की निधि बनाई है। इससे एक करोड़ नौजवानों को टैबलेट या स्मार्ट फोन दिया जाएगा। इसके पात्र स्नातक, परास्नातक, तकनीकी या डिप्लोमा के छात्र होंगे। उन्हें जरूरत के अनुसार डिजिटल एक्सेस भी मुफ्त मिलेगा। अगली घोषणा भी युवाओं के लिए ही थी। योगी ने कहा कि कारपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड, अन्य वित्तीय संस्थाओं और विश्वविद्यालयों के सहयोग से तीन हजार करोड़ रुपये का एक बड़ा कोष गठित किया जाएगा। उससे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए परीक्षार्थी को तीन परीक्षाओं तक सरकार भत्ता देगी।

विपक्ष पर संस्कृत विद्यालयों को बंद करने और उनमें छात्रों के प्रवेश न होने देने का आरोप लगाते हुए योगी ने कहा कि सभी संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती मानदेय पर करने के लिए जिलों में विद्यालय प्रबंधकों की अध्यक्षता में टीम गठित कर दी गई है। इसके अलावा संस्कृत छात्रों को अभी तक कोई सुविधा नहीं मिलती थी। पहली बार सरकार ने तय किया है कि संस्कृत छात्रों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इसके कुछ देर बाद विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

अधिवक्ताओं को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा :

योगी सरकार ने अधिवक्ता वर्ग के लिए पिटारा खोला है। सीएम ने घोषणा की है कि युवा अधिवक्ताओं के लिए वह पहले ही व्यवस्था कर चुके हैं। अब सभी अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा मजबूत की जा रही है। अब तक इसकी राशि डेढ़ लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जा रहा है।

बढ़ेगा कार्मिकों का मानदेय :

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनुपूरक बजट को युवाओं, कोरोना योद्धाओं और फील्ड कर्मचारियों को समर्पित किया। कोरोना काल में इन सभी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि रोजगार सेवकों, पीआरडी जवान, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं सहित कम मानदेय वाले कार्मिकों का मानदेय बढ़ाया जाएगा।


माफिया से मुक्त जमीनों पर बनेंगे गरीबों के आवास :

विपक्षी दलों पर माफिया को संरक्षण के आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने 1500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त और ध्वस्त की है। माफिया से खाली हुई इन जमीनों पर गरीब और दलितों के लिए आवास बनाए जाएंगे। बिना किसी दल का नाम लिए बोले कि अब समझ लें कि जो माफिया को साथ लेकर चलेगा, उसके पीछे-पीछे बुल्डोजर भी जाएगा।


चीनी निर्यात शुरू होते ही बाकी गन्ना मूल्य का भुगतान :

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने सदन में गन्ना मूल्य बकाया का मुद्दा उठाया। इस पर योगी ने कहा कि 2017 तक हाल यह था कि 2010 से गन्ना मूल्य का भुगतान बकाया था। चीनी मिलें बंद हो रही थीं। भाजपा सरकार 81 फीसद गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। अब चीनी निर्यात शुरू होते ही नए सीजन से पहले बचा हुआ भुगतान भी कर दिया जाएगा।



माफियाओं से जब्त की गई जमीन पर दलितों के लिए घर बनवाएगी यूपी सरकार, सीएम योगी ने विधानसभा में किया एलान

अनुपूरक बजट पर बोलते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखे वार किए। सीएम ने कहा कि अवैध तरीके से जुटाई गई माफियाओं की हर संपत्ति सरकार जब्त करेगी।

लखनऊ: यूपी में माफियाओं से जब्‍त जमीन पर सीएम योगी दलितों-गरीबों के लिए मकान बनवाएंगे। गुरुवार को उन्‍होंने विधानसभा में कहा कि हम माफियाओं को सिर पर ढोते नहीं चलते। सरकार ने उनकी 1500 करोड़ रुपए की सम्‍पत्तियां जब्‍त कर ली हैं। गरीबों को लूटकर सम्‍पत्ति बनाने वालों के यहां बुल्‍डोजर चल रहे हैं। सरकार माफियाओं से जब्‍त जमीन पर गरीबों और दलितों के लिए मकान बनवाएगी। अनुपूरक बजट पर बोलते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखे वार किए। सीएम ने कहा कि अवैध तरीके से जुटाई गई माफियाओं की हर संपत्ति सरकार जब्त करेगी।


उन्‍होंने कहा कि गुंडों के कब्जे से मुक्त कराई जा रही जमीनों पर सरकार उन गरीबों-दलितों के लिए आवास बनाएगी, जिनके पास रहने के लिए घर नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय ने कहा था कि आर्थिक योजनाओं और आर्थिक प्रगति का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को भी मिलना चाहिए। हमने बिना किसी भेदभाव के अपनी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया। सीएम ने कहा कि यह पहली महामारी है जिसमें एक भी गरीब भूखा नहीं मरा। हमें महामारी को तो स्वीकार करना होगा नहीं तो बीमारी के उपचार के लिए और बीमारी से बचाव के लिए कोई अभियान आगे नहीं बढ़ पाएगा। 

उन्‍होंने कहा कि विपक्ष को तो गरीबों को अन्‍न दिया जाना भी बुरा लग रहा है। झोलों में अनाज वितरण को भी गरीबों का मजाक बता दिया। यह साफ दिख रहा है कि विपक्ष को जमीन पर चलने की आदत नहीं है। सीएम ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रदेश के अंदर बजट का दायरा काफी बढ़ गया। वर्ष 2015-16 में ढाई लाख करोड़ रुपए का बजट आता था। 2016-17 में 2.40 लाख करोड़ का बजट आया। आज हम करीब छह लाख करोड़ रुपए तक बजट के दायरे को पहुंचाने में सफल रहे हैं। बड़ी सोच और बड़े कार्यों के साथ बजट का दायरा भी बढ़ा है। 


39 जातियों को आरक्षण सूची में शामिल करने की तैयारी में यूपी की योगी सरकार

सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार ने 39 नई जातियों को ओबीसी की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया है। राज्य में फिलहाल 79 जातियां ओबीसी आरक्षण के दायरे में आती हैं।

नई दिल्ली: संसद से ओबीसी बिल पास होने के बाद यूपी की योगी सरकार एक्शन में आ गई है। संसद ने 127वें संविधान संशोधन को मंजूरी देकर राज्यों को अपने स्तर पर ओबीसी आरक्षण के लिए जातियों की सूची तैयार करने का अधिकार दिया है। 

इसी के तहत अब राज्यों में हलचल तेज हो गई है और नई सूची तैयार करने का काम हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार ने 39 नई जातियों को ओबीसी की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया है। राज्य में फिलहाल 79 जातियां ओबीसी आरक्षण के दायरे में आती हैं। 

राज्य पिछड़ वर्ग आयोग के चेयरमैन जसवंत सैनी ने कहा, 'हमारा काम राज्य सरकार से सिफारिश करना है। 24 जातियों के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है और कुछ सिफारिशें सरकार को पहले ही भेजी जा चुकी हैं।' आयोग का कहना है कि अभी 15 और जातियों का सर्वे किया जाना है और फिर सभी सिफारिशों को राज्य सरकार के समक्ष भेजा जाएगा। 


यूपी ही नहीं दक्षिण भारत के बीजेपी शासित राज्य में भी यह काम शुरू हो चुका है। आयोग उन जातियों की मांग पर विचार कर रहा है, जिन्होंने ओबीसी सूची में एंट्री की डिमांड की है।


उत्तर प्रदेश में अगले ही साल चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में 39 जातियों को ओबीसी में शामिल करने की कवायद बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।


यूपी में 1 सितंबर से खुलेंगे 1 से 5वीं तक के स्कूल

उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोलने के आदेश जारी किए। राज्य में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नौंवीं से 12 वीं कक्षाओं तक के स्कूलों को 16 अगस्त से खोले जाने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

लखनऊ: कोरोना वायरस का संक्रमण धीरे-धीरे कम हो रहा है ऐसे में अब स्कूलों को खोलने की कवायद राज्य सरकारों द्वारा की जा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में 1 से लेकर 5वीं तक के स्कूलों के खुलने का एलान सरकार द्वारा कर दिया गया है। 

उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोलने के आदेश जारी किए। राज्य में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नौंवीं से 12 वीं कक्षाओं तक के स्कूलों को 16 अगस्त से खोले जाने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोलने के आदेश जारी कर दिये गए हैं। इस हफ्ते के शुरू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को छात्र-छात्राओं के लिए खोलने पर विचार करने को कहा था।


यूपी के 3 जिलों के नाम बदलने की तैयारी, अलीगढ़ बनेगा हरिगढ़, मैनपुरी बनेगी मयन नगरी, फिरोजाबाद का भी बदलेगा नाम!

यूपी में इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलने के बाद तीन और जिलों के नाम बदलने की तैयारी की जा रही है। ये जिले हैं अलीगढ़, फिरोजाबाद और मैनपुरी। अलीगढ़ को कुछ दिनों बाद हरिगढ़ और मैनपुरी को मयन नगरी के नाम से जाना जाएगा। इतना ही नहीं फिरोजाबाद का भी नाम बदलने की तैयारी चल रही है।

लखनऊ: यूपी में इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलने के बाद तीन और जिलों के नाम बदलने की तैयारी की जा रही है। ये जिले हैं अलीगढ़, फिरोजाबाद और मैनपुरी। अलीगढ़ को कुछ दिनों बाद हरिगढ़ और मैनपुरी को मयन नगरी के नाम से जाना जाएगा। इतना ही नहीं फिरोजाबाद का भी नाम बदलने की तैयारी चल रही है।


मिली जानकारी के मुताबिक, अब मैनपुरी, अलीगढ़ तथा फीरोजाबाद का भी नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ रखने की मांग लंबे समय से की जा रही है। विश्व हिंदू परिषद और भाजपा के जन प्रतिनिधि कई बार मांग को प्रदेश स्तर तक उठा चुके हैं। इलाहाबाद का नाम प्रयागराज तथा फैजाबाद का अयोध्या रखा गया है।


अलीगढ़, मैनपुरी तथा फीरोजाबाद जिला पंचायत की बैठकों में जिलों का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया है। फीरोजाबाद का नाम चंद्रनगर करने का प्रस्ताव पारित होने के बाद अब मैनपुरी का नाम मयन नगरी व अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का प्रस्ताव दोनों जिलों के जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सोमवार को रखा गया। सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया। अब प्रस्तावों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा। इसके बाद अब वहां से ही आगे की कार्यवाही होने का प्रविधान है।

मैनपुरी में जिला पंचायत की बैठक अध्यक्ष अर्चना भदौरिया की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई। सदस्य योगेंद्र प्रताप ने मैनपुरी का नाम मयन नगरी रखे जाने का प्रस्ताव पेश किया। इसे चर्चा के बाद स्वीकार कर लिया गया। अर्चना भदौरिया ने बताया कि अब इसे शासन को भेजा जाएगा। बैठक में विकास के लिए कार्ययोजना बनाने पर भी सदस्यों ने मंथन किया। गांवों में विकास के लिए पहल करने की बात रखी।

अलीगढ़ में जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक में बिजौली के ब्लाक प्रमुख उमेश यादव व अतरौली ब्लाक प्रमुख केहरी सिंह ने प्रस्ताव रखा कि पूर्व में जिले का नाम हरिगढ़ था। ऐसे में अलीगढ़ का नाम पुन: हरिगढ़ करने का प्रस्ताव इस सदन से पास करके शासन को भेजा जाए। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने भी हरिगढ़ नाम रखने के लिए ज्ञापन दिया है, जिसमें जिले में स्व. राजा बलवंत सिंह के नाम से द्वार बनवाने की भी मांग है। अलीगढ़ के जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह के मुताबिक बोर्ड की बैठक में अलीगढ़ को हरिगढ़ बनाने का प्रस्ताव आया था, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है। गंभीर रूप से बीमार होने के कारण लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती कल्याण सिंह 1992 में मुख्यमंत्री रहते हुए अलीगढ़ का नाम बदलने की कवायद शुरू की थी, लेकिन तब ऐसा नहीं हो सका था।


यूपी विधानसभा सत्र: योगी सरकार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, सपाई बैलगाड़ी से तो कांग्रेसियों ने की रिक्शे की सवारी

यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों की बैठकें शुरू हो चुकी हैं। सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारीऔर किसान बिल को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहा है।

लखनऊ: यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों की बैठकें शुरू हो चुकी हैं। सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारीऔर किसान बिल को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहा है। 


महंगाई और बेरोजगारी का विरोध करते हुए समाजवादी पार्टी के विधायक बैलगाड़ी से विधानसभा पहुंचे। काफिले की शक्ल में विधानसभा पहुंचे सपा विधायकों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। सपा विधायक एक हाथ में राष्ट्रध्वज और एक हाथ में समाजवादी पार्टी का झंडा लिए बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का विरोध कर रहे थे। वहीं कांग्रेस यूपी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू रिक्शे से विधानसभा पहुंचकर विरोध जताया। लल्लू ने कहा कि सदन के अंदर और बाहर हम संघर्ष करेंगे।

21 व 22 अगस्त को शनिवार व रविवार होने के कारण अवकाश रहेगा। सोमवार 23 अगस्त को विधायी कार्य होंगे। 24 अगस्त को बजट पर चर्चा के बाद बजट पास किया जाएगा। इसी तरह विधान परिषद में भी कार्यवाही चलेगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन (द्वितीय)अध्यादेश-2021, उप्र निजी विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश, उप्र प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश और उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक पेश होंगे।


'मेरी हत्या के लिए दी गई है 5 करोड़ की सुपारी', मुख्तार अंसारी ने जज से कहा

पीठासीन अधिकारी के सामने मुख्तार ने 5 करोड़ की सुपारी देने व साजिश में जेल पुलिस के शामिल होने का आरोप लगाते हुए सीसीटीवी फुटेज व गेट बुक तलब करने की मांग की है।

बांदा/बाराबंकी/लखनऊ: बाराबंकी की अदालत में वर्चुअल पेशी के दौरान माफिया मुख्तार अंसारी ने बांदा जेल में अपनी हत्या की आशंका जताई। 

एम्बुलेंस के फर्जी पते पर रजिस्ट्रेशन के मामले में हो रही वर्चुअल सुनवाई को दौरान मुख्तार ने न्यायाधीश के सामने ही कहा कि उसकी हत्या के लिए कैदियों को पांच करोड़ का आफर दिया जा रहा है। पीठासीन अधिकारी के सामने मुख्तार ने 5 करोड़ की सुपारी देने व साजिश में जेल पुलिस के शामिल होने का आरोप लगाते हुए सीसीटीवी फुटेज व गेट बुक तलब करने की मांग की है। 

फर्जी पते पर एम्बुलेंस पंजीकृत कराने के मामले में सोमवार को बाराबंकी के एमपी-एमएलए कोर्ट की प्रभारी न्यायाधीश मौसमी मधेशिया की कोर्ट में मुख्तार अंसारी की वर्चुअल पेशी थी। 

बचाव पक्ष के अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन के मुताबिक बांदा जेल में निरुद्ध मुख्तार अंसारी ने पेशी के दौरान कहा है कि जेल के अंदर पुलिस के साथ कई संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ी है। इन लोगों की गेट बुक में एंट्री भी नहीं की जाती है। यही नहीं ऐसे लोगों के आते-जाते समय कैमरा घुमा दिया जाता है। ऐसे लोगों से मुख्तार ने जान का खतरा बताया है।


अधिवक्ता सुमन के मुताबिक मुख्तार ने पेशी के दौरान यह भी कहा है कि उन्हें पता चला है कि उनकी हत्या के लिए पांच करोड़ रुपए की सुपारी दी गई है। सुपारी देने वाले ने कहा है कि हत्या के बदले पांच करोड़ परिवार को दिया जाएगा और उसके मुकदमें भी खत्म कर दिए जाएंगे। इसे लेकर मुख्तार ने कोर्ट से मांग की है कि जेल की गेट बुक व सीसीटीवी फुटेज को तलब कर उसकी जांच की जाए।


 मुख्तार ने कोर्ट से की गई प्रार्थना को एक पत्र के रूप में देते हुए अपनी सुरक्षा की मांग की है। कोर्ट ने सारी बाते सुनने के बाद सुनवाई की अगली तिथि 27 अगस्त नियत है।


'जबरिया रिटायर' IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर लड़ेंगे यूपी विधानसभा चुनाव, CM योगी के खिलाफ मैदान में उतरने का किया एलान

अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खड़े होंगे।

लखनऊ: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खड़े होंगे। उत्तर प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी ठाकुर को समयपूर्व सेवानिवृत्त कर दिया गया था।


ठाकुर ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा,‘‘ आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल में तमाम अलोकतांत्रिक, अराजक, दमनकारी, उत्पीड़नात्मक तथा विभेदकारी कार्य किये, वह इनके विरोध में मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे,फिर चाहे आदित्यनाथ जहां से भी चुनाव लड़ें।

अपने फेसबुक वॉल पर जारी किए गए एक बयान में उन्होंने यह भी कहा है कि कल योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर करने के बाद से तमाम साथी लगातार मुझे उनके खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं। सभी बातों पर गंभीरता से विचार कर मैंने निर्णय लिया है कि वे जहाँ से भी आगामी विधान सभा चुनाव लड़ेंगे, मैं निश्चित रूप से उनके विरुद्ध चुनाव लडूंगा।

कई साथी कह रहे हैं कि आप योगीजी के खिलाफ चुनाव लड़ जाईये। आईडिया बुरा नहीं है। वैसे मैं भी जानता हूँ कि मुझे वोट बहुत ही कम मिलेंगे, नाममात्र  के, क्योंकि मुझ में नेताओं वाले गुण नहीं हैं, पर इतना जरुर है कि उस चुनाव में योगीजी से आचार संहिता का पूर्ण पालन जरुर करवा दूंगा।

ठाकुर ने कहा कि यह उनके लिए सिद्धांतों की लड़ाई है, जिसमें वह गलत के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त करेंगे। उन्हें गृह मंत्रालय के निर्णय के अनुपालन में गत 23 मार्च को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गयी थी।


जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आजम खान को राहत नही

जयाप्रदा पर अश्लील टिप्पणी केस में मुरादाबाद की स्पेशल एमपीएमएलए अदालत ने शुक्रवार को आजम खान की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को खारिज कर दिया है। अब अगली तारीख पर दोनों के खिलाफ आरोप तय होंगे।

लखनऊ/रामपुर: अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को कोर्ट से किसी भी प्रकार का राहत नहीं मिलता दिख रहा है। दरअसल, जयाप्रदा पर अश्लील टिप्पणी केस में मुरादाबाद की स्पेशल एमपीएमएलए अदालत ने शुक्रवार को आजम खान की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को खारिज कर दिया है। अब अगली तारीख पर दोनों के खिलाफ आरोप तय होंगे।


मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को मुरादाबाद की एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के जज बहस के बाद डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। अब अगली तारीख पर आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला पर चार्ज फ्रेम होंगे।

बीजेपी नेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर मुरादाबाद में एक कार्यक्रम में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। ये कार्यक्रम जून 2019 में मुरादाबाद में मुस्लिम इंटर कालेज में आजम खां के स्वागत में रखा गया था। 

समारोह में मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन ने जयप्रदा पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसका वीडियो वायरल हुआ तो थाना कटघर में रामपुर व मुरादाबाद सांसद समेत सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी।

मामले में शुक्रवार को अदालत ने अपने आदेश में प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया और अब अगली तारीख पर सपा नेताओं पर चार्ज फ्रेम होंगे। आज़म खान और अब्दुल्लाह आज़म फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद हैं।


झांसी: योगी की पुलिस शिकायत करने पर महिलाओं को गला दबाकर पीटती है!

मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के एसपी शिवहरि मीणा ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया है और उसके खिलाफ जांच बैठा दी है।

झांसी: उत्तर प्रदेश पुलिस महकमें में  कुछ ऐसे हैं जो रात दिन खाकी को चमकाने में जुटे रहते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो खाकी को खाक में मिलाने से जरा भी पीछे नहीं हटते हैं। कुछ ऐसे मामला झांसी से सामने आया है। जहां एक दरोगा जी ने पीड़ित शिकायतकर्ता महिला को गला दबाकर तमाचे भी जड़ दिए। विरोध करने पर उसे तमाम तरीके की धमकियां दी। हालांकि, मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के एसपी शिवहरि मीणा ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया है और उसके खिलाफ जांच बैठा दी है।


मिली जानकारी के मुताबिक, प्रेमनगर थाने में परिजनों संग पहुंची महिला से दरोगा ने न केवल अभद्रता की बल्कि गर्दन पकड़कर धकिया दिया। दरोगा ने वीडियो बना रहे महिला के बेटे को भी मारने के लिए दौड़ाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसएसपी शिवहरि मीणा ने दरोगा संदीप यादव को सस्पेंड कर पूरे प्रकरण की जांच सीओ गरौठा आभा सिंह को सौंप दी है। महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। 

दरअसल, क्षेत्र में दो महिलाओं के बीच मकान का विवाद थाने पहुंचा था। मीना नाम की महिला ने संध्या नाम की महिला के पास साल 2019 में एग्रीमेंट कर अपना मकान गिरवी रखा था। हाल में संध्या ने न्यायालय के माध्यम से मीना को नोटिस भेज दिया, इस पर मीना घबरा गई और धोखाधड़ी की शिकायत लेकर चौकी पहुंची। 

पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर महिला को टरका दिया। चौकी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो मीना परिजनों को लेकर थाने पहुंच गई। थाने में महिला हेल्प डेस्क में शिकायत की, लेकिन मामला चौकी क्षेत्र का होने पर उसे वहां भी टरकाने का प्रयास किया गया। इस पर उसने थाना प्रभारी व उच्चाधिकारियों से शिकायत करने को कहा। इस पर दरोगा संदीप यादव ने मीना को फटकारना शुरू कर दिया।

 मीना का आरोप है कि उन्होंने दरोगा को रोकने की कोशिश की तो उसे थप्पड़ जड़ दिया दिया। इस बीच दरोगा की नजर वीडियो बना रहे एक युवक पर पड़ी तो वह उसे मारने के लिए दौड़ा लिया। मीना ने रोकने की कोशिश की तो दरोगा ने गर्दन पकड़कर धक्का देकर गिरा दिया। जिस युवक को दरोगा ने दौड़ाया था वह मीना का बेटा बताया जा रहा है। उसने पूरी घटना का वीडियो वायरल कर दिया।


योगी के यूपी का हाल! बच्ची अपने पिता से लिपटी रही और भीड़ लगवाती रही 'जय श्री राम' का नारा

कानपुर में कुछ अतिवादी लोगों ने सरेआम एक मुस्लिम रिक्‍शेवाले को पीटते हुए 'जयश्री राम' के नारे लगवाए और सड़क पर उसका जुलूस निकाला।

कानपुर: एक तरफ उत्तर प्रदेश के सीएम यह कहते नहीं थकते कि उनके यहां सब ठीक है। किसी भी जाति, धर्म, मजहब के लोगों को कोई परेशान नहीं कर सकता लेकिन हकीकत कुछ और ही है।


दरअसल, उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में कुछ अतिवादी लोगों ने सरेआम एक मुस्लिम रिक्‍शेवाले को पीटते हुए 'जयश्री राम' के नारे लगवाए और सड़क पर उसका जुलूस निकाला। कानपुर की एक बस्‍ती में दो पड़ोसी कुरैशा और रानी के परिवार में बाइक के मुद्दे को लेकर झगड़ा शुरू हुआ था, इसमें कुरैशा ने रानी पर मारपीट की FIR की तो रानी ने कुरैशा के लड़कों पर छेड़खानी की। फिर बजरंग दल इस मामले में आया और उसने कल वहां जाकर प्रदर्शन किया। 

इस मामले में पिटते हुए पिता को बचाने के लिए उसकी बच्‍ची लिपटकर रोती रही लेकिन धर्म के नाम पर यह करने वालों को उस पर रहम नहीं आया। खास बात यह है कि पिटने वाले अफसार पर न कोई आरोप है और नहीं उसके खिलाफ कोई एफआईआर है।


'हमलावर' कुरैशा बेगम के घर उनके बेटों को पकड़ने गए थे, उनके बेटे नहीं मिले लेकिन सड़क पर उनके देवर हाथ लग गए  तो उनके साथ ही मारपीट की। घटना के पहले बजरंग दल वे वहां पर एक सभा भी की थी। कानपुर बजरंग दल के जिला संयोजक दिलीप सिंह बजरंगी कहते हैं, 'हम हिंदू समाज को आहत नहीं होने देंगे। हम अपने सनातन धर्म को बचाने के लिए स्‍वयं सक्षम हैं। अगर हमारा हिंदू परिवार किसी भी प्रकार से परेशान रहेगा तो हम उसके लिए ढाल बनकर खड़े हैं।' 


बहरहाल,  पुलिस दोनों पक्षों की एफआईआर  दर्ज कर जांच कर रही थी तभी किसी की राय पर रानी ने बजरंग दल के लोगों से मुलाकात की, जिन्‍होंने उनकी बस्‍ती में प्रदर्शन किया।


कुरैशा का कहना है कि रानी के दरवाजे पर बाइक लड़ने से शुरू हुए झगड़े को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अफसार की जान बचाई और उनकी तरफ से कुछ लोगों पर मारपीट की एफआईआर  की है।

एसीपी कानपुर साउथ, रवीना त्‍यागी ने कहा, 'जो पीडि़त है उनकी तहरीर के आधार पर कुछ नामजद और कुछ अज्ञात व्‍यक्तियों के खिलाफ मुकदमा कायम कर लिया गया है। मामले में कार्रवाई की जा रही है।' 


उज्ज्वला 2.0: मोदी सरकार पर प्रियंका गांधी का करारा हमला, कहा- '90 फीसदी गरीबों को मिले सिलेंडर खा रहे हैं धूल, दोगुने हो चुके है LPG के दाम'

इसके पीछे प्रियंका गांधी ने सिलेडरों के दाम में बढ़ोत्तरी की बात कहीहै। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि सिलेंडर के दाम दोगुने हो गए हैं और सब्सिडी नहीं दी जा रही है।

नई दिल्ली/लखनऊ: पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उज्जवला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत यूपी के महोबा से की। लेकिन अब कांग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 90 फीसदी गरीबों के मिले गैस के सिलेंडर धूल खा रहे हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया है कि इस स्कीम के तहत गरीब परिवारों को मिले 90 फीसदी सिलेंडर धूल खा रहे हैं। प्रियंका ने कहा कि महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। इसके पीछे प्रियंका गांधी ने सिलेडरों के दाम में बढ़ोत्तरी की बात कहीहै। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि सिलेंडर के दाम दोगुने हो गए हैं और सब्सिडी नहीं दी जा रही है।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, 'उज्ज्वला में मिले 90 प्रतिशत सिलेंडर धूल खा रहे हैं और महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं क्योंकि भाजपा सरकार ने सिलेंडर के दाम 7 सालों में दुगने और सब्सिडी न के बराबर कर दी है।' प्रियंका गांधी ने कहा, 'अगर उज्ज्वला को लेकर सरकार जरा भी ईमानदार है तो गरीबों को सब्सिडी दे और महंगाई कम करे।'

बता दें कि पीएम मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के दूसरे चरण की शुरुआत की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महोबा जिले में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने उज्ज्वला योजना-दो के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में मोदी ने उज्ज्वला योजना के पहले चरण के पांच लाभार्थियों से बातचीत भी की थी।


'जबरिया रिटायर' IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने बनाई 'अधिकार सेना', जानिए-कैसे करेंगे लोगों की मदद

उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा, 'हमें "अधिकार सेना" में सरकारी नौकरों को भगवान मानने वाले दब्बू लोग नहीं, सरकारी तंत्र को उसकी औकात में रख कर अपने क़ानूनी अधिकार छीनने वाले व दूसरों के क़ानूनी अधिकार दिलाने वाले ऐसे "दबंग" चाहिए, जिनके नाम से ही बेईमान अफसरों के पसीने छूटें।'

लखनऊ: 'जबरिया रिटायर' आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर एक बार फिर से चर्चा में हैं। अक्सर लोगों की मदद के लिए तत्पर रहने वाले अमिताभ ठाकुर अब लोगों के हक की लड़ाई के लिए एक मंच तैयार कर रहे हैं। इसका नाम दिया गया है 'अधिकार सेना' और इसका आदर्श वाक्य है 'Fight For Right' यानि हक के लिए लड़ाई। 

अमिताभ ठाकुर की अपील पर भारी संख्या में लोग 'अधिकार सेना' से जुड़ रहे हैं। वहीं, अमिताभ ठाकुर ने ऐसे लोगों को सेना में शामिल होने से बचने को कहा है जो निर्भीक नहीं हो। उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा, 'हमें "अधिकार सेना" में सरकारी नौकरों को भगवान मानने वाले दब्बू लोग नहीं, सरकारी तंत्र को उसकी औकात में रख कर अपने क़ानूनी अधिकार छीनने वाले व दूसरों के क़ानूनी अधिकार दिलाने वाले ऐसे "दबंग" चाहिए, जिनके नाम से ही बेईमान अफसरों के पसीने छूटें।'

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कोर्ट में व्याप्त भ्रष्टाचार के बारे में लिखा। उन्होंने पोस्ट किया, 'तमाम भुक्तभोगी साथियों ने राय दी कि अधिकार सेना को न्यायिक भ्रष्टाचार पर भी काम करना चाहिए क्योंकि यह अब एक बहुत गंभीर व बड़ा मुद्दा हो गया है पर कई बार "कंटेम्प्ट" के भय से लोग इसकी शिकायत तक नहीं करते हैं। हम इससे पूरी तरह सहमत हैं व अधिकार सेना कानून के अधीन इसपर भी काम करेगी।

May be an image of text that says 'अधिकार सेना Fight for Rights'

साथ ही अमिताभ ठाकुर ने अपील कि है कि अधिक से अधिक लोग अधिकार सेना से जुड़ें। उन्होंने इस बाबत फेसबुक पर लिखा, '"अधिकार सेना" का यह मानना है कि संविधान ने सारे अधिकार "हम भारत के लोग" को दिए व हमारी देखभाल के लिए कुछ पोलिटिकल व प्रशासनिक पद बनाये, किन्तु वे पदधारक खुद को राजा मान बैठे। यह सेना आम जन की उसी ताकत की बात करती है। इस कार्य हेतु इच्छुक साथी व्हाट्सएप नं 9415534526 पर अवगत कराएँ।'

कुल मिलाकर आनेवाले समय में अमिताभ ठाकुर और उनके साथी आम जन की तकलीफों को दूर करते नजर आने वाले हैं। बता दें कि अमिताभ ठाकुर अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। शासन किसी का भी रहा हो लेकिन उन्होंने कानून और अपने फर्ज को ही सबसे ऊपर रखा। कभी भी वह खादी के सामने नहीं झुके। कई बार उन्हें अपनी ईमानदारी की कीमत भी चुकानी पड़ी। सबसे बड़ी कीमत उन्हें यह चुकानी पड़ी कि उनके सामने आए आईपीएस अफसर उनसे बड़े ओहदे पर पहुंच गए। शायद इसलिए कि अमिताभ ठाकुर को अपना फर्ज ज्यादा पसंद था और योगी सरकार द्वारा उन्हें 'जबरिया रिटायर' करना पड़ा।


काकोरी कांड की वर्षगांठ: CM योगी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, कहा-'देश की स्वाधीनता से बढ़कर कुछ भी नहीं'

काकोरी कांड की वर्षगांठ पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर लखनऊ में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे और शहीदों एवं क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद थीं।

लखनऊ: काकोरी कांड की वर्षगांठ पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर लखनऊ में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे और शहीदों एवं क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद थीं। 

इस अवसर पर शहीदों के स्वजन को भी सम्मानित किया गया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन की 97वीं वर्षगांठ पर मैं देश की स्वाधीनता के लिए स्वयं को बलिदान करने वाले अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अॢपत करता हूं।

काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि काकोरी घटना में मां भारती की सेवा में सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारियों के साहस का प्रतीक है। 

सीएम ने आगे कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव और चौरा-चौरी शताब्दी महोत्सव की कड़ी में काकोरी रेल घटना हमें याद दिलाती है कि यदि देश की आजादी को लेकर हमने कोई असावधानी बरती तो हमें इसी तरह की यातनाएं भुगतनी पड़ेंगी। इसलिए देश की स्वाधीनता से कोई समझौता नहीं होना है। इसके लिए भारत के हर नागरिक को एक साथ चलने की जरुरत है।

सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि अमृत महोत्सव का मतलब आजादी का अमृत महोत्सव। यानी आजादी की ऊर्जा का अमृत, स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणा का अमृत, नए विचारों का अमृत, नए संकल्प का अमृत तथा आत्मनिर्भरता का अमृत। आजादी के अमृत महोत्सव एवं चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव की शृंखला के तहत काकोरी रेल घटना की वर्षगांठ का भी आयोजन किया जा रहा है।

अपने संबोधन में सीएम ने आगे कहा कि हम सब जानते हैं कि ब्रिटिश हुकूमत ने कैसे अन्याय किया। ट्रैन एक्शन कांड में देश सेनानियों ने 46 सौ रुपए लूटे थे। लेकिन इन सेनानियों को पकड़ने के लिए उस समय हुकूमत ने 10 लाख रुपये खर्च किये। इससे पता चलता है कि अंग्रेज कितने दमनकारी थे।


क्या है काकोरी कांड

आजादी की लड़ाई हिंसक तरीके से लड़ने वाले क्रांतिकारियों को अपना आंदोलन तेज करने के लिए धन की जरूरत थी। इसके लिए राम प्रसाद बिस्मिल ने अंग्रेजी सरकार का खजाना लूटने की योजना बनाई। 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के काकोरी रेलवे स्टेशन पर सरकारी खजाना ले जाने वाली सहारनपुर-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन को चेन खींचकर रोका गया। बिस्मिल के नेतृत्व में अशफाकउल्ला खां, पं। चंद्रशेखर आजाद और अन्य क्रांतिकारियों ने ट्रेन पर धावा बोलकर सरकारी खजाना लूट लिया। इसे काकोरी कांड के नाम से जाना जाता है। 


'आप' सांसद संजय सिंह का यूपी सरकार पर बड़ा आरोप, कहा-'जल जीवन मिशन में हुआ 30 हजार करोड़ का घोटाला, मामले की हो सीबीआई जांच'

'आम आदमी पार्टी' के यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर 30 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। संजय सिंह ने कहा है कि सरकार द्वारा ब्लैक लिस्टेड कंपनी को टेंडर जारी किया गया था। संजय सिंह ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगले साल चुनाव होने हैं और राजनीतिक पार्टियां एक दूसरी के खिलाफ 'पोल खोल' अभियान छेड़ चुकी हैं। इसी क्रम में 'आम आदमी पार्टी' के यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर 30 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। संजय सिंह ने कहा है कि सरकार द्वारा ब्लैक लिस्टेड कंपनी को टेंडर जारी किया गया था। संजय सिंह ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। 

संजय सिंह ने रविवार को एक पीसी कर घोटाले का आरोप लगाया। संजय सिंह ने कहा कि कई राज्यों में ब्लैक लिस्टेड कंपनी रश्मि मेटलिक को यूपी में करोंड़ों का काम दिया गया। संजय सिंह ने कहा कि अगर एक हफ्ते में इसकी सीबीआई या सिटिंग जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी से जांच नही हुई तो पार्टी आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह और मिशन से जुड़े आला अफसरों ने मिलकर ना सिर्फ करोड़ों का भ्रष्टाचार किया, बल्कि एक ऐसी कंपनी को करोड़ों का काम दिया जो कई राज्यों में ब्लैक लिस्टेड की गई है। संजय सिंह ने कहा कि उड़ीसा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, पंजाब, हिमाचल, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, राज्यों के साथ ही सेना ने भी रश्मि मेटलिक को घटिया पाइप सप्लाई करने की वजह से ब्लैक लिस्ट कर दिया है। ऐसे में सवाल मंत्री महेंद्र सिंह ने इसी ब्लैक लिस्टेड कंपनी को करोंड़ों की पाइप सप्लाई का काम क्यों दिया। 

उन्होंने आगे कहा कि संजय सिंह ने आगे कहा कि जल जीवन मिशन के मौजूदा अधिशाषी निदेशक अखण्ड प्रताप सिंह ने इस पूरे मामले की जांच झांसी के अपर जिलाधिकारी को सौंपी। एक महीने के बाद जो जांच रिपोर्ट सामने आई उसमें खुलासा हो गया कि कंपनी की सप्लाई की गई पाइपों की क्वालिटी घटिया है।

संजय सिंह के मुताबिक, यूनिट को ऑर्डिनेटर जेपी शुक्ला ने भी अपनी रिपोर्ट में इस कंपनी की पाइप को बेहद घटिया और मानक के विरुद्ध बताया है। रिपोर्ट में कहा कि ऐसी घटिया सप्लाई देने वाली कंपनी को ठेका किसी भी कीमत पर नहीं मिलना चाहिए। परियोजना प्रबंधक महेश कुमार ने भी इस कंपनी पर सवाल खड़े किए। सीएंडडीएस ने भी अपनी जांच में इसके पाइपों को बेहद घटिया बताया है। संजय सिंह ने बताया की सेंट्रल इकोनोमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो ने भी इस कंपनी की रिपोर्ट में लिखा है कि ये कंपनी बोगस इन्वेस्टमेंट कराती है, फर्जी शेल कंपनी बनाती है और इसकी कई फर्जी कंपनिया है जिनके माध्यम से पूरे देश में घोटालों का खेल करती है। संजय सिंह ने कहा कि योजना से जुड़े चीफ इंजीनियर आलोक सिन्हा, प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव और विभाग के मंत्री महेंद्र सिंह ने बाकायदा चिट्ठी जारी कर पूरे प्रदेश में इसी ब्लैक लिस्टेड कंपनी से पाइप खरीद करने का ऑर्डर तक जारी किया।

संजय सिंह का दावा बीजेपी विधायक भी कर चुके हैं सीएम से इसकी शिकायत


संजय सिंह ने दावा किया कि प्रयागराज से बीजेपी के विधायक डॉ। अजय कुमार भी इस कंपनी के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं। संजय सिंह के मुताबिक, सीएम को भेजे पत्र में विधायक ने ये तक लिखा है कि मंत्री महेंद्र सिंह को 2 करोड़ की रिश्वत देने के लिए विभाग के छोटे अफसरों से 5 से 10 लाख रुपये की वसूली की गई है। संजय सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन में अयोध्या, आगरा और कानपुर के अंदर होने वाले तमाम कामों का पूरा कच्चा चिट्ठा उनके पास है। इन मंडलों में जो जल निगम की तरफ से अप्रूव्ड रेट से 30 से 40 प्रतिशत की ज्यादा दरों पर काम कराए गए हैं। 

केंद्र की गाइडलाइन्स का किया गया उल्लंघन

संजय सिंह ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत होने वाले कामों के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक टीपीआई के काम में कुल बजट का 0.4 प्रतिशत से ज्यादा का खर्च नहीं किया जा सकता, लेकिन सरकार ने 1.33 प्रतिशत टीपीआई के लिए खर्च किया। मतलब कुल बजट 1 लाख 20 हजार करोड़ के हिसाब से 1.33 प्रतिशत होता है। करीब 1500 करोड़ यानि जो काम 400-500 करोड़ में हो जाता उसके लिए भी 1500 करोड़ खर्च करके करीब 1000 करोड़ का घोटाला किया गया।


यूपी में 9 जिलों के पुलिस कप्तान समेत 14 IPS अफसरों का तबादला

यूपी के गृह विभाग ने तड़के गोरखपुर, उन्नाव, पीलीभीत, बलिया, हापुड़, रामपुर, चित्रकूट, बागपत व ललितपुर के एसपी को हटाया है। इनके साथ 14 आइपीएस अफसरों का तबादला किया गया है।

लखनऊ: देर रात यूपी में 9 जिलो के पुलिस कप्तानों समेत 14 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। योगी सरकार का फोकस प्रदेश की काननू-व्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही नए आइपीएस अधिकारियों को जिले की कमान सौंपकर उनका हुनर भी परखने पर है।

यूपी के गृह विभाग ने तड़के गोरखपुर, उन्नाव, पीलीभीत, बलिया, हापुड़, रामपुर, चित्रकूट, बागपत व ललितपुर के एसपी को हटाया है। इनके साथ 14 आइपीएस अफसरों का तबादला किया गया है।


किसे कहां से कहां भेजा गया

  • दिनेश कुमार पी को एसएसपी गोरखपुर से एसपी पीलीभीत
  • विपिन टांडा को एसपी बलिया से एसएसपी गोरखपुर
  • राजकरण नैयर को एसपी डीजीपी मुख्यालय से एसपी बलिया
  • अंकित मित्तल को एसपी चित्रकूट से एसपी रामपुर
  • अविनाश पाण्डेय को सेनानायक चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज से एसपी उन्नाव
  • नीरज कुमार जादौन को एसपी हापुड़ से एसपी बागपत
  • निखिल पाठक को अपर पुलिस कमिश्नर कानपुर से एसपी ललितपुर
  • दीपक भूकर को अपर पुलिस कमिश्नकर कानपुर से एसपी हापुड़
  • धवल जयसवाल को एएसपी गंगापार प्रयागराज से एसपी चित्रकूट
  • शगुन गौतम को एसपी रामपुर से एसपी विजिलेंस
  • सुरेश राव कुलकर्णी को एसपी उन्नाव से एसपी इंटेलिजेंस
  • राठौर किरीट हरिभाई को एसपी पीलीभीत से एसपी इंटेलिजेंस आगरा
  • अभिषेक सिंह एसपी बागपत को एसपी एटीएस लखनऊ
  • प्रमोद कुमार एएससी बागपत को एसपी कानून व्यवस्था डीजीपी मुख्यालय
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दुबई में में फंसा अमेठी का युवक, स्मृति ईरानी से लगाई मदद की गुहार

कैलाश ने एक अन्य युवक की मदद से उसके मोबाइल में अपना वीडियो बनाकर अपनी पत्नी आरती को भेजा। वीडियो मिलने व उसे देखने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने एजेंट बाबूलाल से संपर्क किया तो उसने 20 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए कहा कि पैसा देने के बाद दुबई में उसे पूरी व्यवस्था मिल जाएगी।

नई दिल्ली/अमेठी: यूपी के अमेठी का रहने वाला शख्स दुबई के शारजाह में फंस गया है। युवक ने व्हाट्सएप के माध्यम से अपने परिवार को मार्मिक वीडियो भेजा है। वीडियो मिलने के बाद से परिवारीजन परेशान हैं और उसे भेजने वाले एजेंट पर फंसाने का आरोप लगा रहे हैं।

परिजनों ने  पुलिस अधीक्षक से मिलकर युवक को वापस लाने की गुहार लगाई है, साथ ही अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी को भी पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है। मिली जानकारी के मुताबिक, दरअसल नौकरी की चाह में एजेंट की मदद से दुबई के शारजाह गया एक युवक वहां फंस गया है। एजेंट के करीबियों की प्रताड़ना से परेशान युवक ने दूसरे के मोबाइल से एक मार्मिक वीडियो बनाकर पत्नी के व्हाट्स एप पर भेजकर वापस लाने की गुहार लगाई है।


शुक्रवार को युवक के परिजन अमेठी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और युवक को वापस लाने की मांग की। परिवार ने युवक को दुबई भेजने वाले एजेंट पर केस दर्ज करने के साथ पासपोर्ट व वीजा के नाम पर ली गई धनराशि वापस दिलाने के साथ कार्रवाई की मांग की है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, जिले के गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के सुभावतपुर वार्ड निवासी कैलाश को जामो थाने के गोरियाबाद निवासी बाबूलाल ने अच्छी नौकरी दिलाने की बात कहकर 21 फरवरी 2021 को दुबई भेजा था। इसके लिए उसने कैलाश के परिवार से 1 लाख 20 हज़ार रुपये लिए थे। आरोप है कि दुबई पहुंचने पर वहां रहने वाले बाबूलाल के करीबी एजेंट ने कैलाश का वीजा व पासपोर्ट अपने पास रख लिया। एजेंट ने कुछ दिन तक उसे काम के लिए आज-कल किया। इसके बाद उसे मारपीट कर कमरे से भी निकाल दिया।


कैलाश ने एक  अन्य युवक की मदद से उसके मोबाइल में अपना वीडियो बनाकर अपनी पत्नी आरती को भेजा। वीडियो मिलने व उसे देखने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने एजेंट बाबूलाल से संपर्क किया तो उसने 20 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए कहा कि पैसा देने के बाद दुबई में उसे पूरी व्यवस्था मिल जाएगी।


कैलाश की परेशानी को देखते हुए शुक्रवार को उसकी पत्नी आरती अपने पुत्र शिवांश, सास कुसुमा, देवर राम प्रसाद व जीजा राजकुमार के साथ एसपी कार्यालय पहुंची। पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे परिवार ने एसपी दिनेश सिंह को पूरे मामले की जानकारी देते हुए कैलाश को दुबई से वापस लाए जाने की मांग की। मामले में पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के 'अब्बाजान' वाले बयान पर भड़के अखिलेश यादव, कहा-'भाषा पर बनाएं रखें संयम, वरना...'

सीएम योगी पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने आगे कहा कि यूपी में आज सबसे ज्यादा दलित, पिछड़े और मुसलमान जेल में है। इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।

लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर आज सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी भाषा पर संतुलन रखना चाहिए, वरना वह भी अपने पिताजी के लिए उसी तरह की भाषा सुनने के लिए तैयार रहें, जैसा वह हमारे पिताजी के लिए बोले हैं।

अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसानों और नौजवानों की आवाज नहीं सुनाई दे रही है। उनके साथ अन्याय कर रहे हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है, और नौजवान रोजगार की मांग कर रहा है। गन्ना किसानों का हजारों करोड़ों रुपया बकाया है। सीएम योगी पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने आगे कहा कि यूपी में आज सबसे ज्यादा दलित, पिछड़े और मुसलमान जेल में है। इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। यादव ने कहा भाजपा ने अपने संकल्प पत्र से किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। पिछली बार हमने सवाल किया था कि किसानों की आय क्या है इस समय। किसानों की दुगना करने के भाजपा के वादे का क्या हुआ, आज तक जवाब नहीं आया। इसी तरह से बीजेपी ने हर जिले में दुग्ध परक्योरमेंट वादा किया था।

दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में योगी सरकार की नकामियों को गिनाते हुए अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार में अमूल के दो प्लांट लगवाए गए थे, लेकिन उसमें यूपी के किसानों का दूध नहीं लिया जा रहा है। भाजपा सरकार ने डेयरी के क्षेत्र में कोई काम नहीं किया। सपा सरकार में डेयरी के विकास के लिए जो काम हो रहे थे उसे भी रोक दिया।

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी बताएं कि किसानों की आय कब दुगनी होगी। डीजल, कीटनाशक की महंगाई बढ़ रही है सरकार को बताना चाहिए, अब किसानों की आय क्या है। सपा प्रदेश मुख्यालय पर बसपा, कांग्रेस समेत विभिन्न दलों को छोड़कर शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि कि बीजेपी सोशल मीडिया से डरी हुई है। 2014, 2017 के चुनाव में भाजपा ने अफवाहें फैलाकर और झूठ बोलकर लोगों को गुमराह किया है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर जमकर दुरुपयोग किया था ।

अखिलेश यादव ने कहा कि आज भाजपा घबराई हुई है। आज जब सोशल मीडिया की पहुंच गांव तक हो गई है, लोग सच बोल रहे हैं, तो भाजपा घबराई हुई है। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों के स्वागत के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने जिनके लिए लोकतंत्र की हत्या की, चीर हरण किया और आज उन्हीं का स्वागत कर रही है। जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी।


पंचायत चुनाव नहीं होने देना चाहता था विपक्ष: सीएम योगी

लखनऊ: अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी राजनीतिक पार्टियों ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इसी क्रम में आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुखों और ज़िला अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में बोलते हुए विपक्षियों पर जमकर हमला बोला।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हमने पंचायत चुनाव कराने का फै़सला लिया पर कोरोना की दूसरी लहर आ गई। विपक्ष नहीं चाहता था चुनाव हो। हमने कोरोना को नियंत्रित कर चुनाव सकुशल संपन्न कराए। उन्होंने आगे कहा कि अगले एक साल में पंचायतों को 2,500 करोड़ रुपए विकास के लिए दिए जाएंगे। अगर हम 2,500 करोड़ रुपए ईमानदारी के साथ गांव के विकास, क्षेत्र पंचायत के विकास के लिए इस्तेमाल करेंगे तो आप देखेंगे, आपकी विकास की छवि उभरेगी और पार्टी को भी लाभ होगा।

सीएम योगी ने यूपी में वैक्सीनेशन के आंकड़े गिनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हम अब तक 5,35,00,000 से अधिक लोगों को कोविड वैक्सीन की डोज़ दे चुके हैं। 18 साल से ऊपर के उम्र के 2,28,00,000 से अधिक लोगों को वैक्सीन की डोज़ दे चुके हैं।

बता दें कि आज बीजेपी के राष्ट्री अध्यक्ष जेपी नड्डा यूपी दौरे पर है। माना जा रहा है कि नड्डा के साथ होने वाली बैठक में इस बात का फैसला ले लिया जाएगा कि योगी कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा अथवा नहीं।


मिशन यूपी: योगी कैबिनेट का कब होगा विस्तार? आज नड्डा की बैठक में हो जाएगा फैसला

जेपी नड्डा के यूपी दौरे को यूपी मंत्रिमंडल विस्तार से भी लेकर जो़ड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि योगी मंत्रिमंडल के विस्तार के फैसले को लेकर आज अहम दिन, है और जेपी नड्डा के साथ आज की बैठक में इस बात पर मुहर लगेगी कि अब उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार होगा या नहीं।

लखनऊ: अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और मौजूदा सत्ताधारी पार्टी बीजेपी किसी भी कीमत पर यूपी में चुनाव नहीं हारना चाहती। इसके लिए उसने अभी से ही कमर कस ली है। खुद पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी यूपी चुनाव की शंखनाद करते हुए मिशन में जुट चुके हैं। वहीं, अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी आज लखनऊ पहुंच चुके हैं।


जेपी नड्डा के यूपी दौरे को यूपी मंत्रिमंडल विस्तार से भी लेकर जो़ड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि योगी मंत्रिमंडल के विस्तार के फैसले को लेकर आज अहम दिन, है और जेपी नड्डा के साथ आज की बैठक में इस बात पर मुहर लगेगी कि अब उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार होगा या नहीं। 


आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा लखनऊ में मौजूद रहेंगे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष सम्मेलन को जेपी नड्डा संबोधित करेंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ सहित अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी मोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष  स्वतंत्र देव सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ। दिनेश शर्मा, महामंत्री (संगठन)  सुनील बंसल भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

आज यानी शनिवार को दोपहर 1।15 बजे विधानसभा प्रभारियों के साथ भी बैठक होगी। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष 3।30 बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे। शाम 4 बजे मंत्रियों, पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज संगठन और सरकार के कार्यों की समीक्षा करेंगे। जेपी नड्डा मंत्रियों की परफॉर्मेंस भी परखेंगे। मंत्रियों और पदाधिकारियों को सौपें गए एजेंडे पर जवाब तलब करेंगे। दरअसल, मंत्रियों को चार साल का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का निर्देश दिया गया था। 

बता दें कि मंत्रियों को मैं नहीं... हम की तर्ज पर कार्य करने का निर्देश मिला था। मंत्रियों को प्रभार वाले जिले में संगठन के साथ बैठक का भी निर्देश दिया गया था।  बीते 21- 22 जनवरी के दौरे के बाद फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष लखनऊ में पार्टी नेताओं को चुनावी मंत्र देने पहुंचे हैं। मंत्रियों को किसी भी गांव में एक दिन-एक रात गुजारने का भी लक्ष्य दिया गया था।


खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह की यूपी के सीएम योगी को धमकी, नहीं फहराने देंगे 15 अगस्त को तिरंगा!

इससे पहले गुरपतवंत सिंह हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई शीर्ष नेताओं को इस तरह की धमकी दे चुके हैं।

नई दिल्ली/लखनऊ: प्रतिबंधित सिख संगठन खालिस्तान के समर्थक गुरपतवंत सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी धमकी दी है कि वह उन्हें भी 15 अगस्त को तिरंगा नहीं फहराने देंगे। बता दें कि इससे पहले गुरपतवंत सिंह हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई शीर्ष नेताओं को इस तरह की धमकी दे चुके हैं।

ताजा मामले में भारत में प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए धमकी वाला ऑडियो मीडियाकर्मियों के फोन पर डाल है। जिसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 अगस्त को लखनऊ विधानभवन पर झंडा नहीं फहराने देंगे। खालिस्तान समर्थक एवं सिख फॉर जस्टिस संगठन (एसएफजे) के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने यह धमकी गुरुवार को लखनऊ के पत्रकारों को +6478086308 इस नंबर से आई कॉल के माध्यम से दी।

पन्नू ने कहा कि वो योगी आदित्यनाथ को 15 अगस्त पर तिरंगा नहीं फहराने देंगे। इससे पहले पन्नू ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और हिमाचल के हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार को धमकी दी थी।


मिशन यूपी: प्रियंका गांधी को कांग्रेस ने बनाएगी सीएम फेस, सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव!

राजेश तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की तैयारी सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की है। प्रदेश में समाजवादी पार्टी या अन्य किसी दल से अभी कोई गठजोड़ की बात नहीं चल रही है।

लखनऊ: अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी पार्टियां आये दिन कुछ ना कुछ नया एलान करती रहती हैं। आज कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उत्त