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जल्द ही महाराष्ट के सीएम एकनाथ शिंदे जाएंगे अयोध्या, करेंगे राम लला के दर्शन

शिंदे समर्थक बाला मुदलियार ने कहा कि 8 से 10 दिनों से जो चल रहा था तो मुझे लगा कि रामलला का दर्शन करना चाहिए जैसे ही शिंदे साहब का मुख्यमंत्री पद का ऐलान हुआ तो रात मैं अयोध्या आ गया। दिल में एक इच्छा थी कि शिंदे साहब मुख्यमंत्री बनेगे तो आऊंगा।

नई दिल्ली: एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री घोषित होने के बाद उनसे जुड़े लोग अयोध्या आकर भगवान का दर्शन कर रहे है. पटाखे फोड़ रहे है यही नहीं सड़कों पर होर्डिंग भी लगा रहे हैं, जिसमें हम हिन्दू है स्लोगन के साथ श्री राम की फ़ोटों लगी हैं। 

महाराष्ट्र से आने वाले एकनाथ शिंदे के यह वही समर्थक हैं जो अभी कुछ दिन पहले आदित्य ठाकरे के साथ अयोध्या आये थे। अब वही कह रहे हैं की उन्होंने तो मन्नत मांगी थी कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे तो वह अयोध्या दर्शन करने आएंगे।  अभी वह आए हैं, शीघ्र ही एकनाथ शिंदे भी साधू संतों का आशीर्वाद लेने और रामलला का दर्शन करने अयोध्या आएंगे।
 

शिंदे समर्थक बाला मुदलियार ने कहा कि 8 से 10 दिनों से जो चल रहा था तो मुझे लगा कि रामलला का दर्शन करना चाहिए जैसे ही शिंदे साहब का मुख्यमंत्री पद का ऐलान हुआ तो रात मैं अयोध्या आ गया। दिल में एक इच्छा थी कि शिंदे साहब मुख्यमंत्री बनेगे तो आऊंगा।

वहीं एक और समर्थक नितिन वाडेकर ने कहा कि सभी के मन में चल रहा था। पूरा हिंदू धर्म उनके साथ है बाला साहब का आशीर्वाद उनके साथ है।

इसीलिए उनको  जो मुख्यमंत्री बनाया गया है तो सभी उनके साथ हैं संतों का आशीर्वाद  उनके साथ है इसीलिए हम लोग आए हैं दर्शन पूजन और खुशियां मना रहे हैं।


Maharashra News: पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान, कहा-'अमित शाह मेरी बात मान जाते, तो MVA का जन्म ही न होता'

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra Farmer Chief Minister Uddhav Thackeray) ने कहा कि ये जो कल हुआ, मैं पहले ही अमित शाह (Amit Shah) से कह रहा था कि 2.5 साल शिवसेना का मुख्यमंत्री हो और वही हुआ।

मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra Farmer Chief Minister Uddhav Thackeray) ने कहा कि  ये जो कल हुआ, मैं पहले ही अमित शाह (Amit Shah) से कह रहा था कि 2.5 साल शिवसेना का मुख्यमंत्री हो और वही हुआ।

उन्होंने आगे कहा कि पहले ही अगर ऐसा करते तो महा विकास आघाडी (Maha Vikas Aghari) का जन्म ही नहीं होता। शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि मेरा गुस्सा मुंबई के लोगों पर मत निकालो। मेट्रो शेड के प्रस्ताव में बदलाव न करें। मुंबई के पर्यावरण के साथ खिलवाड़ न करें।

पूर्व CM उद्धव ठाकरे यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से सरकार बनी है और एक तथाकथित शिवसेना कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया गया है, मैंने अमित शाह से यही कहा था। ये सम्मानपूर्वक किया जा सकता था। शिवसेना आधिकारिक तौर पर(उस समय) आपके साथ थी। यह मुख्यमंत्री(एकनाथ शिंदे) शिवसेना के नहीं हैं।

बता दें कि महाराष्ट्र में लंबे राजनीतिक गतिरोध के बाद उद्धव ठाकरे को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद शिवसेना के ही एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। एकनाथ शिंदे ने करीब 40 शिवसेना विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया था, जिसके बाद उद्धव ठाकरे की सरकार कमजोर पड़ गई।

उद्धव ठाकरे एनसीपी और कांग्रेस की मदद से महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी सरकार चला रहे थे, लेकिन अब राज्य में शिवसेना और बीजेपी ने सरकार बनाई है, जिसमें एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने हैं, तो महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।


फ्लोर टेस्ट सिर्फ एक औपचारिकता, आसानी से जीत लेंगे : CM शिंदे

शिंदे ने कहा कि चूंकि भाजपा और बागी मिलाकर 175 विधायक हैं, इसलिए फ्लोर टेस्ट सिर्फ एक औपचारिकता होगी और वे इसे आसानी से जीत लेंगे। उन्होंने कहा, 'हमारे पास 175 नंबर हैं, तस्वीर साफ है।'

मुम्बई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा और आनंद ढिगे की शिक्षाओं की जीत बताते हुए कहा है कि अगर वे 'मातोश्री' जाते हैं तो लोगों को पता चल जाएगा। शिंदे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद गुरुवार देर रात वापस गोवा आए और पणजी के ताज होटल में बागी विधायकों के साथ शामिल हुए।

शिवसेना के बागी विधायक, जिन्होंने उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया, वे गोवा में डेरा डालना जारी रखेंगे और फ्लोर टेस्ट से पहले वापस जा सकते हैं।

शिंदे ने कहा कि चूंकि भाजपा और बागी मिलाकर 175 विधायक हैं, इसलिए फ्लोर टेस्ट सिर्फ एक औपचारिकता होगी और वे इसे आसानी से जीत लेंगे। उन्होंने कहा, 'हमारे पास 175 नंबर हैं, तस्वीर साफ है।'

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, समय आने पर लोगों को पता चल जाएगा कि मैं 'मातोश्री' के दर्शन करने जा रहा हूं या नहीं।

उन्होंने कहा, "यह जीत बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा, आनंद ढिगे की शिक्षाओं और 50 विधायकों की एकता की है। इन विधायकों ने महाराष्ट्र में इतिहास रच दिया है। मैं उन्हें बधाई देता हूं।"

शिंदे ने कहा, हालांकि भाजपा के पास 115 से 120 विधायक थे, उन्होंने मेरा समर्थन किया, मैं बड़े दिल से बालासाहेब का सैनिक हूं। इसलिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और देवेंद्र फडणवीस को भी धन्यवाद देता हूं।

उन्होंने कहा, "उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के लिए शिव सैनिक का समर्थन किया है। उन्होंने राज्य के विकास का रास्ता दिखाया है।'

शिंदे ने कहा कि वह 50 विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित सभी मुद्दों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो उनके साथ हैं।

उन्होंने कहा, "मैं उनके मुद्दों का समाधान करूंगा। मेरे पास सभी रिकॉर्ड हैं। उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यो को करने के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। मतदाताओं की इच्छाओं को पूरा करना मेरी जिम्मेदारी है।"

शिंदे ने कहा, "हम बालासाहेब के हिंदुत्व को आगे बढ़ा रहे हैं, यहां तक कि आनंद ने भी हमें अन्याय के खिलाफ लड़ना और इसके खिलाफ आवाज उठाना सिखाया है। हम शिवसैनिकों के रूप में काम करेंगे और अपने राज्य को समग्र विकास की ओर ले जाएंगे। सभी परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी।"


IPS विवेक फनसालकर बने मुंबई के नए पुलिस कमिश्नर

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विवेक फनसालकर ने मुंबई के नए पुलिस आयुक्त नियुक्त किए गए हैं। वे वर्तमान पुलिस आयुक्त संजय पांडे से गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया है। गौरतलब है कि मुंबई के निवर्तमान पुलिस आयुक्त संजय पांडे आज पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हो गए हैं।




मुंबई: वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विवेक फनसालकर ने मुंबई के नए पुलिस आयुक्त नियुक्त किए गए हैं। वे वर्तमान पुलिस आयुक्त संजय पांडे से गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया है। गौरतलब है कि मुंबई के निवर्तमान पुलिस आयुक्त संजय पांडे आज पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हो गए हैं। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विवेक फनसालकर 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी है।  इससे पहवले महाराष्ट्र के गृह विभाग ने बुधवार को उनकी की शीर्ष पद पर नियुक्ति की घोषणा की थी।

फनसालकर ने शाम करीब 5 बजे दक्षिण मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में अपना कार्यभार संभाला। इससे पहले वह पुलिस आवास और कल्याण निगम के डीजी और एमडी के रूप में कार्यरत थे। इससे पहल वे ठाणे पुलिस आयुक्त और राज्य एटीएस प्रमुख के रूप में विभिन्न प्रमुख पदों पर महाराष्ट्र पुलिस की सेवा में रह चुके हैं। 

मुंबई के नए पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर को 2008 में ठाणे में सांप्रदायिक दंगों को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती वर्षों में 1993 से 1995 तक पूर्व गवर्नर डॉ। पीसी अलेक्जेंडर के एडीसी के रूप में काम किया था।


सियासी संकट के बीच ठाकरे सरकार ने बदले दो जिलों के नाम, 'संभाजीनगर' कहलाएगा औरंगाबाद, उस्मानाबाद का नाम का नाम 'धाराशिव

CM उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि राज्य के लिए हल्दी अनुसंधान और प्रसंस्करण नीति लागू की जाएगी तथा हिंगोली जिले में बालासाहेब ठाकरे हरिद्रा (हल्दी) अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।

'मुंबई: भले ही महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार बेहद नाज़ुक दौर से गुज़र रही है, लेकिन उसके बावजूद बुधवार को महाराष्ट्र कैबिनेट की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के औरंगाबाद शहर का नाम 'संभाजीनगर' तथा उस्मानाबाद शहर का नाम 'धाराशिव' रखने को मंज़ूरी दे दी गई है। 

इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर स्वर्गीय डी।बी। पाटिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे रखने को भी स्वीकृति दे दी है। 

औरंगाबाद का नाम मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब के नाम पर उस वक्त रखा गया था, जब वह इस क्षेत्र का गवर्नर हुआ करता था, और इस शहर का नाम बदले जाने की मांग शिवसेना काफी लम्बे अरसे से करती आ रही थी। 

औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर किया गया है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े पुत्र थे। गौरतलब है कि शिवसेना का नाम भी छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर ही रखा गया है।

CM उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि राज्य के लिए हल्दी अनुसंधान और प्रसंस्करण नीति लागू की जाएगी तथा हिंगोली जिले में बालासाहेब ठाकरे हरिद्रा (हल्दी) अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।

इके अतिरिक्त, कर्जत (जिला अहमदनगर) में सिविल जज (सीनियर लेवल) कोर्ट की स्थापना की जाएगी। अहमदनगर-बीड-परली वैजनाथ नई रेलवे लाइन परियोजना के पुनर्निर्माण को मंज़ूरी दी जाएगी और राज्य सरकार इसके लिए योगदान देगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले घरकुल योजना लागू की जाएगी।


खुलासा! महाराष्ट्र में तांत्रिक ने चाय पिलाकर एक ही परिवार के 9 लोगों की कर डाली थी हत्या

महाराष्ट्र में एक ही परिवार के 9 लोगों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ चुका है। एक साथ एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत को शुरू में कर्ज की वजह से सामूहिक आत्महत्या माना गया, लेकिन जांच में पता चला कि एक तांत्रिक ने पूरे परिवार को चाय में जहर मिला दिया था।



सांगली: महाराष्ट्र में एक ही परिवार के 9 लोगों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ चुका है। एक साथ एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत को शुरू में कर्ज की वजह से सामूहिक आत्महत्या माना गया, लेकिन जांच में पता चला कि एक तांत्रिक ने पूरे परिवार को चाय में जहर मिला दिया था। जिसकी वजह से सबकी मौत हुई। इतने बड़े पैमाने पर हत्याओं को सामूहिक आत्महत्या का रूप दिया जा सके, इसके लिए बाकायदा सुसाइड नोट लिखा गया और कई लोगों के नाम लिख कर कर्ज होने की बात कही गई। हालांकि अब सांगली पुलिस ने तांत्रिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। 

बता दें बीते महीने 20 जून को सांगली के म्हैसल गांव के दो घरों में 9 लोगों के शव पाए गए थे। ये सभी लोग एक ही परिवार से थे, लेकिन डेढ़ किमी की दूरी पर अलग-अलग घरों में रहते थे। इसमें एक भाई शिक्षक था और दूसरा पशु चिकित्सक, जानकारी के मुताबिक, पोपट वनमोर, डॉ माणिक वनमोर समेत उनकी 74 साल की मां, पत्नियों समेत चार बच्चे अलग अलग घरों में मृत पाए गए थे। पुलिस को दोनों ही घरों से सुसाइड नोट मिले थे। लेकिन अब मामले का खुलासा होने के बाद सभी हतप्रभ हैं।

कोल्हापुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार लोहिया ने बताया कि तांत्रिक अब्बास ने वनमोर भाइयों के लिए गुप्त धन खोजने का वादा किया था और इसके एवज में उसने मोटी रकम (करीब 1 करोड़ रुपए) भी लिए थे। जब गुप्त धन नहीं मिला तो वनमोरे बंधु तांत्रिक से अपनी रकम वापस मांगने लगे। लेकिन अब्बास रुपए वापस नहीं करना चाहता था। दबाव बढ़ा तो उसने वनमोरे बंधुओं के पूरे परिवार को ही रास्ते से हटाने की योजना बनाई। और फिर एक एक करके उन्हें चाय में जहर मिला कर पिला दिया। सांगली जिले के एसपी दीक्षित गेदाम ने कहा कि मुख्य आरोपी अब्बास बागवान और सुरवासे को सोलापुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया गया है।


मुम्बई के कुर्ला में 4 मंजिला इमारत गिरी, 25 लोगों के दबने की सूचना

BMC के अनुसार, मलबे के नीचे से बचाए गए 7 लोगों की हालत स्थिर है, 20 से 25 लोगों की मलबे में दबे होने की संभावना है।

मुम्बई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से बड़ी खबर सामने आई है। यहां कुर्ला के नाइक नगर में 4 मंजिला इमारत गिरने की खबर है। मौके पर दमकल की टीम और पुलिस मौजूद है। बचाव अभियान जारी है। 


BMC के अनुसार, मलबे के नीचे से बचाए गए 7 लोगों की हालत स्थिर है, 20 से 25 लोगों की मलबे में दबे होने की संभावना है। घटना की जानकारी मिलते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है, जिसके बाद दमकल और बचाव दल को राहत कार्य में लगाया गया। प्रशासन ने अहतियात के तौर पर आसपास के मकानों को भी खाली करा लिया है।


वहीं, शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी तक 5-7 लोगों को निकाला गया है उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। चारों इमारत को खाली करने का नोटिस दिया गया था लेकिन कई लोग अभी भी वहां रहते हैं। हमारी प्राथमिकता है कि इमारत को खाली कराया जाए और बिल्डिंग को तोड़ा जाए।

प्रशासन की ओर से अब ऐसे मकानों को चिन्हित कर खाली कराने की कार्रवाई की जा रही है।  NDRF डिप्टी कमांडर आशीष सिंह ने बताया कि अभी भी राहत बचाव कार्य जारी है। एक और व्यक्ति को बचाया गया है। 25-30 लोगों के दबे होने की आशंका है लेकिन इसके सटीक आकंड़े अभी स्पष्ट नहीं है। इमारत की मंजिल एक के ऊपर एक आकार में गिरने के कारण भीतर जाने में समय लग रहा है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय मांजरेकर ने बताया कि करीब 12 बजे ये इमारत गिरी है। सूचना मिलने के बाद हमारे कुछ अधिकारी घटनास्थल पर आएं और उन्होंने 3 लोगों को बचाया। बचाएं हुए व्यक्तियों में से 1 व्यक्ति ने बताया की इमारत में 25-30 लोग फंसे हो सकते हैं।अभी तक हमने 12 व्यक्तियों को बाहर निकाला है और हमें अंदर 5 लोग और फंसे हुए दिख रहे हैं। उनका बचाव अभियान जारी है। हमें लग रहा है कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कम से कम 1 दिन लगेगा।


महाराष्ट्र में मचे सियासी बवाल के बीच शिव सेना के पूर्व विधायक अर्जुन खोटकर पर कसा शिकंजा, ईडी ने जब्त की 78 करोड़ की संपत्ति

ईडी ने पीएमएलए के तहत जालना के स्वरगांव हदप में जालना सहकारी शक्कर कारखाने का प्लांट मशीनरी और इमारत के साथ 200 एकड़ से ज्यादा जमीन अटैच की है।

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (MSCB) घोटाला मामले में जारी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में शिव सेना के पूर्व विधायक अर्जुन खोटकर की महाराष्ट्र के जालना की चीनी मिल की 78.38 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली है।  


ईडी ने पीएमएलए के तहत जालना के स्वरगांव हदप में  जालना सहकारी शक्कर कारखाने का प्लांट मशीनरी और इमारत के साथ 200 एकड़ से ज्यादा जमीन अटैच की है।

अर्जुन खोटकर ने 8 मई 2012 को कारखाना खरीदने के लिए अर्जुन शुगर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी इस वक्त ये पूरी प्रापर्टी इसी कंपनी के नाम पर है। दरअसल मुंबई पुलिस ईओडब्ल्यू ने इस मामले में अगस्त 2019 में रिपोर्ट दर्ज की थी कि इस मामले को बाद में ईडी ने टेकओवर कर मनी लॉडरिंग की जांच शुरू कर दी थी।


इस मामले में दर्ज FIR के मुताबिक आरोप है कि सहकारी एसएसके को अधिकारियों और निदेशकों द्वारा निर्धारित उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना धोखाधड़ी से बेच दिया गया था। पीएमएलए के तहत जांच में पता चला कि अर्जुन खोटकर उस अवधि के दौरान महाराष्ट्र स्टेट को-ऑप बैंक लिमिटेड के निदेशक मंडल में थे साथ ही जालना एसएसके को उसकी असल कीमत से बहुत कम 42.31 करोड़ रुपये में बेचा गया था। वहीं ईडी द्वारा किए गए संपत्ति के मूल्यांकन से पता चला कि जालना एसएसके की वैल्यू लगभग 78 करोड़ रुपये थी।


Maharashtra News: एक ही परिवार के 9 लोगों ने की खुदकुशी

सांगली के पुलिस अधीक्षक दीक्षित कुमार गेदम, म्हैसल पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत बेंद्रे और अन्य सहित शीर्ष पुलिस अधिकारी जांच करने और स्थानीय लोगों को शांत करने के लिए वहां पहुंचे।

सांगली: मिराज के निकट म्हैसाल गांव में दो भाइयों के परिवारों के कम से कम नौ सदस्यों ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

पीड़ितों में एक पशु चिकित्सक और उसका भाई, एक स्कूल शिक्षक, उनकी पत्नी और बच्चे शामिल हैं, जिनके 9 शव उनके घरों से बरामद किए गए हैं।

कठोर कदम के पीछे के मकसद, चाहे वह योजनाबद्ध हो या स्वैच्छिक हो या उन्होंने किस तरह के जहरीले पदार्थों का सेवन किया है अभी तुरंत ज्ञात नहीं हुआ है। अधिक विवरण की प्रतीक्षा है।

कथित सामूहिक आत्महत्या की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और गांव के अंबिका नगर इलाके में सैकड़ों लोग घरों की ओर दौड़ पड़े।

सांगली के पुलिस अधीक्षक दीक्षित कुमार गेदम, म्हैसल पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत बेंद्रे और अन्य सहित शीर्ष पुलिस अधिकारी जांच करने और स्थानीय लोगों को शांत करने के लिए वहां पहुंचे।

एक अधिकारी ने कहा कि पंचनामा रिकॉर्ड करने, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से पहले उनकी तस्वीरें लेने और अन्य प्रक्रियाओं का काम अभी चल रहा है।


Maharashtra MLC Election: नवाब मलिक और अनिल देशमुख को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, वोटिंग की अनुमति नहीं मिली

बॉम्बे हाई कोर्ट 20 जून को होने वाले महाराष्ट्र विधानपरिषद चुनाव में मतदान करने की अनुमति मांगने संबंधी राज्य के मंत्री नवाब मलिक और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की दो याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता मलिक और देशमुख वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

नई दिल्ली: बॉम्बे हाई कोर्ट 20 जून को होने वाले महाराष्ट्र विधानपरिषद चुनाव में मतदान करने की अनुमति मांगने संबंधी राज्य के मंत्री नवाब मलिक और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की दो याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता मलिक और देशमुख वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।  

जस्टिस एन जे जामदार ने गुरुवार को सभी पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनीं और कहा था कि फैसला शुक्रवार को सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान, मलिक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा था कि मंत्री का मामला मतदान के लिए न्यायिक हिरासत में रहते हुए सुरक्षा घेरे में जाने देने का एक सामान्य अनुरोध है। 

सुनावाई के दौरान देसाई ने कहा था कि हालांकि, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 62(5) जेल में कैद लोगों के मतदान करने पर प्रतिबंध लगाती है, लेकिन इस तरह का प्रतिबंध भौतिक समस्याओं की वजह होता है जैसे कि सुरक्षा इंतजाम करना और जेल में कैद व्यक्तियों को मतदान के लिए ले जाने को लेकर जरूरी व्यवस्था करना। 

राज्य विधानपरिषद की 10 खाली सीट पर द्विवार्षिक चुनाव अगले सोमवार को होना है। मतदान के लिए निर्वाचक मंडल में राज्य विधानसभा के सदस्य शामिल हैं। कुल 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें भाजपा के पांच, जबकि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने दो-दो उम्मीदवार (महाविकास आघाड़ी से कुल छह उम्मीदवार) उतारे हैं। 


आज महाराष्ट्र दौरे पर PM मोदी, लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे के साथ साझा करेंगे मंच, संत तुकाराम शिला मंदिर का करेंगे लोकार्पण

पीएम मोदी पहले पुणे के नजदीक 17वीं सदी के कवि-संत तुकाराम महाराज की जन्मस्थली देहू में उनके शिला मंदिर का लोकर्पण करेंगे। इसके बाद वे मुंबई स्थित राजभवन में क्रांतिकारी गैलरी का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी मौजूद रहेंगे।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर महाराष्ट्र में होंगे। पीएम मोदी पहले पुणे के नजदीक 17वीं सदी के कवि-संत तुकाराम महाराज की जन्मस्थली देहू में उनके शिला मंदिर का लोकर्पण करेंगे। इसके बाद वे मुंबई स्थित राजभवन में क्रांतिकारी गैलरी का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी मौजूद रहेंगे।

सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री 14 जून को मुंबई समाचार के द्विशताब्दी समारोह में शामिल होंगे। मुंबई समाचार पिछले 200 वर्षों से निरंतर छप रहा है। पुणे के देहू में प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 1.45 बजे जगतगुरु श्रीसंत तुकाराम महाराज मंदिर का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान पीएम वारकरियों से भी संवाद करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राजभवन में जल भूषण भवन और क्रांतिकारी गैलरी का शुभारंभ करेंगे। 


बता दें कि महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सी विद्यासागर राव के कार्यकाल में राजभवन में एक भूमिगत तहखाना मिला था। इस तहखाने में क्रांतिकारी गैलरी स्थापित की गई है। इस गैलरी में चापेकर बंधुओं सहित सावरकर के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं।

केंद्र और राज्य सरकार में जारी तनाव के बीच लंबे समय बाद किसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री एक साथ नजर आएंगे। अप्रैल माह में लता मंगेशकर फाउंडेशन के पुरस्कार कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई आए थे। उस दौरान कार्यक्रम की आमंत्रण पत्रिका में उद्धव ठाकरे का नाम नहीं होने की वजह से मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शरीक नहीं हुए थे।

इससे पहले स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन के बाद हुए अंतिम क्रिया में दोनो की सार्वजनिक मुलाकात हुई थी। इसके पहले उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। 


Maharashtra News: उद्धव सरकार में बह रही 'विकास की गंगा', गंदा पानी पीने को मजबूर हैं लोग

एक महिला ने बताया कि पानी लेने के लिए हमें काफी दूर जाना पड़ता है, 2 किमी चलकर हम पानी लेने जाते हैं। स्थानीय प्रशासन से भी यहां कोई नहीं आया है।

अमरावती: एक तरफ महाराष्ट्र की उद्धव सरकार यह कहते नहीं थकती है उसके यहां सब ठीक है। राज्य में विकास की गंगा बह रही है लेकिन हकीकत यह है कि अमरावती में लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है।


अमरावती के मेलघाट क्षेत्र में भीषण जल संकट से लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय व्यक्ति ने कहा, "हमारी समस्या का कोई हल नहीं हो रहा है। यहां ना पक्की सड़क है ना बिजली है और ना ही पानी है। पानी का टैंकर भी समय पर नहीं आता है और कुएं का पानी भी गंदा है।"

एक महिला ने बताया कि पानी लेने के लिए हमें काफी दूर जाना पड़ता है, 2 किमी चलकर हम पानी लेने जाते हैं। स्थानीय प्रशासन से भी यहां कोई नहीं आया है।


महाराष्ट्र बोर्ड का 12वीं का परीक्षाफल जारी, लड़कियों ने मारी बाजी, 94.22 फीसदी छात्रों को मिली सफलता

महाराष्ट्र बोर्ड के 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए गए हैं। लड़कियों में एक बार फिर से बाजी मारी है। लड़कियों का कुल पासिंग परसेंटेज- 95.35% और लड़कों का कुल पासिंग परसेंटेज- 93.29% रहा।

मुम्बई: महाराष्ट्र बोर्ड के 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए गए हैं। लड़कियों में एक बार फिर से बाजी मारी है। लड़कियों का कुल पासिंग परसेंटेज- 95.35% और लड़कों का कुल पासिंग परसेंटेज- 93.29% रहा।


महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी होने बाद छात्र अपने रिजल्ट का रीवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन कर सकते हैं। इसके लिए 10जून 2022 से सोमवार 2022 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए प्रति विषय 300 रुपये फीस भरनी होगी।

इस साल महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं में कुल 94.22 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं। लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा है। लड़कियों का पास परसेंटेज 95.34 और लड़कों का पास प्रतिशत 93.29 रहा है। आधिकारिक वेबसाइट  mahahsscboard.in पर लिंक एक्टिव हो गई है।

महाराष्ट्र HSC परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड कुल छात्र: 14,85,191

लड़कियों की संख्या: 6,68,003
लड़कों की कुल संख्या: 8,17,188
लड़कों का पास प्रतिशत : 93.29%
लड़कियों का पास प्रतिशत: 95:34% 


वसूली कांड: अनिल देशमुख के खिलाफ CBI ने दाखिल की 59 चार्जशीट, वाजे को बनाया सरकारी गवाह

अनिल देशमुख और उनके निजी सहायक संजीव पलांडे और कुंदन शिंदे के खिलाफ 59 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया है। एजेंसी ने अप्रैल में देशमुख, पलांडे और शिंदे को 100 करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था।

मुंबई: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के मामले में गुरुवार को सत्र अदालत में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और उनके निजी सहायक संजीव पलांडे और कुंदन शिंदे के खिलाफ 59 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया है। एजेंसी ने अप्रैल में देशमुख, पलांडे और शिंदे को 100 करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। 


एजेंसी ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर 21 अप्रैल, 2021 को देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। 

20 मार्च 2021 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने सचिन वाजे सहित मुंबई के कुछ पुलिस अधिकारियों को मुंबई के रेस्तरां और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था।

सीबीआई की एक विशेष अदालत द्वारा बर्खास्त किए गए पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को देशमुख सीबीआई के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में सरकारी गवाह बनने की अनुमति देने के एक दिन बाद आरोप पत्र दायर किया गया है।

बता दें कि मुंबई में मुकेश अंबानी के घर के पास खड़ी एक कार से विस्फोटक बरामद होने की जांच के सिलसिले में एनआईए ने वाजे को गिरफ्तार किया था।


पेयजल के लिए प्रदर्शन करने को मजबूर हुए नासिक में मजदूर, प्रशासन पर लगाया अनदेखी करने का आरोप

एक महिला ने बताया, "हमारे गांव में हमें अपने हक का पानी चाहिए। हम पूरे दिन मज़दूरी करते हैं और पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।"

नासिक: पानी की किल्लत के चलते नासिक में तिरडशेत गाँव की महिलाओं द्वारा सड़क पर प्रदर्शन किया जा रहा है। एक महिला ने बताया, "हमारे गांव में हमें अपने हक का पानी चाहिए। हम पूरे दिन मज़दूरी करते हैं और पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।" 

वहीं नासिक के डीएम गंगाधरन ने कहा कि ज़िला परिषद जल सप्लाई विभाग के द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत उन गांवो को चिह्नित कर रहे हैं जहां पानी की समस्या है। इसके आधार पर आकलन करके काम शुरू किया गया है। पानी की कमी को दूर करने के लिए टैंकर के माध्यम से अस्थायी व्यवस्था भी की जा रही है।


महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की जेल में बिगड़ी तबियत, ICU में कराए गए भर्ती

देशमुख को मुंबई के केईएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री (Home Minister) अनिल देशमुख (Anil DeshmuKh) की तबीयत अचानक खराब हो गई है। जानकारी के मुताबिक देशमुख को मुंबई के केईएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि पूर्व गृहमंत्री को सीने में दर्द, हाई बीपी और कंधे में दर्द बढ़ने पर केईएम के ICU वार्ड में भर्ती किया गया है। 

अनिल देशमुख के एक करीबी ने जानकारी दी कि, ''72 वर्षीय देशमुख 'अनियंत्रित उच्च रक्तचाप और सीने में दर्द' से जूझ रहे थे और उन्हें 25 मई को ‘स्ट्रेस थैलियम हार्ट टेस्ट’ के लिए यहां के सरकारी केईएम अस्पताल (KEM) के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।''

बता दें कि इस समय अनिल देशमुख न्यायिक हिरासत में हैं। देशमुख पर वसूली समेत कई आरोप लगे हैं। इस मामले में सीबीआई और ईडी जांच कर रही है। अनिल देशमुख के खिलाफ अप्रैल 2021 में सीबीआई ने वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया था। 


महाराष्ट्र: राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार को शिवसेना नहीं देगी समर्थन

शिवसेना ने कोल्हापुर के युवराज संभाजीराजे छत्रपति की ओर से निर्दलीय राज्यसभा चुनाव लड़ने पर पार्टी की ओर से समर्थन देने की किसी भी संभावना से इनकार करते हुए सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि वह आगामी राज्यसभा चुनाव में किसी भी निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगी।

मुंबई: शिवसेना ने कोल्हापुर के युवराज संभाजीराजे छत्रपति की ओर से निर्दलीय राज्यसभा चुनाव लड़ने पर पार्टी की ओर से समर्थन देने की किसी भी संभावना से इनकार करते हुए सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि वह आगामी राज्यसभा चुनाव में किसी भी निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगी। शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि पार्टी दो उम्मीदवार उतारेगी और विश्वास जताया कि दोनों ही जीतेंगे।

राउत राष्ट्रपति मनोनीत पूर्व सांसद संभाजीराजे की ओर से पिछले हफ्ते की गई घोषणा की ओर इशारा कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अकेले राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे और विभिन्न दलों का समर्थन मांगेंगे।

इस मुद्दे पर शिवसेना के रुख को दोहराते हुए राउत ने कहा, "हमारे पास संभाजीराजे के खिलाफ कुछ भी नहीं है। अगर उन्होंने कहा है कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने अपने 42 वोटों की व्यवस्था की होगी।"

पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना संभाजीराजे को मैदान में उतारने के लिए तैयार होगी बशर्ते वह पार्टी में शामिल हों और कथित तौर पर उन्हें फैसला करने के लिए सोमवार (23 मई) दोपहर 12 बजे तक की 'समय सीमा' दी गई थी।

हालांकि, संभाजीराजे ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है और वह राज्यसभा चुनाव में अकेले लड़ने पर अड़े हुए हैं।

राउत ने पुष्टि की कि शिवसेना ने संभाजीराजे को पार्टी में शामिल होने और उसका उम्मीदवार बनने के लिए आमंत्रित किया था और निर्णय उन पर छोड़ दिया गया है।

राउत ने दोनों सीटों पर शिवसेना उम्मीदवार की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी संसद के उच्च सदन में अपनी संख्या बढ़ाने की इच्छुक है और इसलिए किसी भी निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन करने का कोई सवाल ही नहीं है।

राज्यसभा चुनाव छह सदस्यों के सेवानिवृत्त होने पर रिक्तियों को भरने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों में सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सहयोगी शिवसेना से संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से प्रफुल पटेल और कांग्रेस से पी. चिदंबरम शामिल हैं। इसके अलावा इस सूची में भारतीय जनता पार्टी से डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, पीयूष गोयल और डॉ. विकास महात्मे शामिल हैं।

हालांकि, चुनावी संकेतों पर गौर करें तो भाजपा वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को दोबारा उच्च सदन में भेज सकती है, शिवसेना अपने मुख्य प्रवक्ता राउत को फिर से मैदान में उतार सकती है और राकांपा अपने महासचिव पटेल को बनाए रख सकती है, जो पार्टी अध्यक्ष शरद पवार के करीबी विश्वासपात्र हैं, लेकिन कांग्रेस की ओर से चिदंबरम को लेकर संशय बना हुआ है, क्योंकि वह और उनका परिवार सीबीआई की जांच के दायरे में है।

इस बार, 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद बने समीकरणों को देखते हुए, भाजपा आराम से अपने पास मौजूद तीन सीटों में से दो सीटें जीत सकती है और एमवीए भी अपनी तीन सीटें जीत सकती है। एमवीए भाजपा की तीसरी सीट को जीतने के लिए अपना चौथा मजबूत उम्मीदवार उतारकर भगवा पार्टी को झटका देना चाहती है।

छठी सीट पर एकतरफा दावा करने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें प्रत्यक्ष वंशज संभाजीराजे हैं, जो एक निर्दलीय के रूप में राज्यसभा चुनावों में उतरने की योजना बना रहे हैं।

निर्वाचक मंडल में 288 विधायक हैं और संसद के उच्च सदन में एक सीट जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 42 वोट प्राप्त करने होंगे।

एमवीए के 170 विधायक हैं, जिनमें शिवसेना के 55 (पिछले हफ्ते दुबई में एक विधायक रमेश लटके की मृत्यु हो गई), राकांपा के 53, कांग्रेस के 44, छोटे दलों/समूहों के 10 और 8 निर्दलीय विधायक हैं।

विपक्ष की बात करें तो भाजपा के पास 106, अन्य छोटे दलों/समूहों के पास 2 और 5 विधायक निर्दलीय हैं।

संभाजीराजे का कहना है कि इन परिस्थितियों में भाजपा को केवल दो सीटें मिल सकती हैं और शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस को एक-एक, इसलिए वह विभिन्न प्रमुख और छोटी पार्टियों के समर्थन से उस 'अतिरिक्त' छठी सीट पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे।


नवाब मलिक के खिलाफ कोर्ट की बड़ी टिप्पणी-D कंपनी और अंडरवर्ड से मिलकर रची थी प्रापर्टी हड़पने की साजिश

कोर्ट ने कहा कि नवाब मलिक के खिलाफ दायर चार्जशीट देखकर लगता है कि उन्होंने जानबूझकर कुर्ला स्थित गोवावाड़ा मैदान पर कब्जा करने में सीधे तौर पर शामिल थे।

मुम्बई: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ ED द्वारा दर्ज चार्जशीट पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने कहा कि नवाब मलिक के खिलाफ दायर चार्जशीट देखकर लगता है कि उन्होंने जानबूझकर कुर्ला स्थित गोवावाड़ा मैदान पर कब्जा करने में सीधे तौर पर शामिल थे। 


मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस राहुल एन रोकाडे ने कहा कि नवाब मलिक ने दाउद इब्राहिम की बहन और डी कंपनी की सदस्य हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान के साथ मिलकर मुनीरा प्लंबर की प्रॉपर्टी हड़पने की आपराधिक साजिश रची। 

कोर्ट ने कहा कि इस तरह सीधे तौर पर साबित होता है कि नवाब मलिक मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे इसलिए उन्हें PMLN की धारा 3 और 4 के तहत आरोपी बनाया गया है।

मलिक के भाई असलम मलिक, दाउद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर और 1993 बम ब्लास्ट के दोषी सरदार खान के बीच गोवावाला ग्राउंड पर कब्जा करने के लिए कई दौर की बैठक हुई जिसके मालिक मुनीरा प्लंबर और मरियम गोवावाला हैं। 

ईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि नवाब मलिक ने डी कंपनी के साथ मिलकर ऐसी कई प्रॉपर्टी पर कब्जा किया। चार्जशीट में कहा गया है कि नवाब मलिक की इलाके में बाहुबली की छवि और इसी छवि और रसूख के चलते नवाब मलिक ने कई जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा किया।


Maharashtra News: डीजल टैंकर और ट्रक में भिडंत होने से लगी आग, 9 लोगों की जलकर मौत

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ है। डीजल टैंकर और ट्रक की जोरदार भिड़ंत के बाद वाहनों में लग गई। आग में जलने के कारण 9 लोगों की मौत हो गई है। एजेंसी के मुताबिक, हादसे में ट्रक चालक की भी जान चली गई है।

मुंबई: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ है। डीजल टैंकर और ट्रक की जोरदार भिड़ंत के बाद वाहनों में लग गई। आग में जलने के कारण 9 लोगों की मौत हो गई है। एजेंसी के मुताबिक, हादसे में ट्रक चालक की भी जान चली गई है।

बताया जा रहा है कि ये हादसा चंद्रपुर जिले के एक इलाके में हुआ है। हादसे के सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ट्रक में लकड़ियां लदी हुई थी। फिलहाल हादसे की जांच की जा रही है।

चंद्रपुर के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सुधीर नंदनवार ने कहा, 'चंद्रपुर शहर के पास अजयपुर के पास डीजल से लदा एक टैंकर लकड़ी के लट्ठों को ले जा रहे ट्रक से टकरा गया। दुर्घटना के बाद आग लग गई जिसमें नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।


Maharashtra News: शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर जालना में बवाल, दो गुटों में झड़प, पुलिस पर भी पथराव, 5 घायल, जानिए-क्या है मामला

महाराष्ट्र के जालना जिले में शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर दो गुटों के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते झड़प इतनी बढ़ गई कि पुलिस को बीच में आना पड़ा। इस दौरान दोनों ही गुटों की तरफ से पत्थरबाजी भी की गई। पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। वहीं, भीड़ को बेकाबू होता देख पुलिस को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। पुलिस ने 20-25 लोगों को हिरासत में भी लिया है।

जालना: महाराष्ट्र के जालना जिले में शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर दो गुटों के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते झड़प इतनी बढ़ गई कि पुलिस को बीच में आना पड़ा। इस दौरान दोनों ही गुटों की तरफ से पत्थरबाजी भी की गई। पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। वहीं, भीड़ को बेकाबू होता देख पुलिस को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। पुलिस ने 20-25 लोगों को हिरासत में भी लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, जालना जिले के भोकरदान तहसील के चंदई गांव में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गांव में दाखिल होने वाली कमान पर लगाई गई थी। उस कमान का नाम गोपीनाथ मुंडे किया जाना था, लेकिन दो समुदायों के बीच कमान के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दो गुटों ने  जमकर पथराव किया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायर किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े ।।इस दौरान पुलिस ने करीब 20 से 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

चंदई में दो गुटों के आपस में भिड़ने की वजह से माहौल में तनाव व्याप्त हो गया है।  इलाके में भारी संख्या में पुलिसफोर्स तैनात है। पुलिस क्षेत्र में शांति स्थापित करने का प्रयास कर रही है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

जालना एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि पुलिस ने 20 से 25 लोगों को भी गिरफ्तार किया है, दोनों गुटों की ओर से पथराव में कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। कुछ पुलिस वाले भी जख्मी हुए हैं घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि गांव में स्थिति अभी शांत है और स्थिति नियंत्रण में है।


हनुमान चालीसा विवाद: जेल से निकलते ही नवनीत राणा से मिलने पहुंचे पति रवि राणा, छलके आंसू, सामने आई तस्वीर

तस्वीरों में नवनीत रोती हुई नजर आ रही हैं और उनके साथ उनके पति रवि राणा भी है। जो कि उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

मुम्बई: इन दिनों महाराष्ट्र में एक साथ कई मुद्दों ने सूबे की राजनीति को चर्चा का विषय बनाया हुआ है। राज्य की उद्धव सरकार एक साथ कई लोगों के साथ लड़ाई लड़ रही है। 


एक तरफ जहां उद्धव के ही चचेरे भाई राज ठाकरे उनके लिए आफत बनकर सामने आ रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा भी उनके खिलाफ सुर में सुर मिलाते नजर आयी थी। यह सब मस्जिदों से आने वाली आवाज के मुद्दे से शुरू हुआ। 

पहले राज ठाकरे ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर को हटाने की मांग की और इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि लाउडस्पीकर नहीं हटा तो वह भी मंदिर के आगे लाउडस्पीकर से हनुमान चालिसा का पाठ कराएंगे। 

इसी मुद्दे को आगे चलकर निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने भी समर्थन किया और सीएम उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालिसा पढ़ने का निश्चय किया। इसके लिए उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया था। अब लगभग 14 दिनों के बाद वो अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जेल से बाहर हैं। जेल से आने के बाद नवनीत राणा मुंबई के लीलावती अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इसी बीच आज मुंबई के लीलावती अस्पताल से नवनीत राणा की भावुक कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में नवनीत रोती हुई नजर आ रही हैं और उनके साथ उनके पति रवि राणा भी है। जो कि उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं। 

बता दें जेल में रहने के दौरान भी नवनीत राणा जेल प्रशासन से लगातार अपनी सेहत खराब होने की बात कर रही थी। इसके लिए उन्होंने जेल प्रशासन पर आरोप भी लगाया कि वहां उन्हें कोई सुन नहीं रहा है।


एंटीलिया केस:मनसुख हिरेन की हत्या की साजिश एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने रची थी, NIA ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया, जमानत का किया विरोध

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष यह दावा किया कि पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या का मास्टरमाइंड है।

मुम्बई: उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के पास से विस्फोटकों से भरी एसयूवी बरामद होने और इसके मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में एनआईए ने खुलासा करते हुए कहा है कि इसके पीछे बर्खास्त किए गए पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा का हाथ है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष यह दावा किया कि पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या का मास्टरमाइंड है।

पूरी साजिश से अवगत एनआईए ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि अंबानी परिवार को आतंकित करने की साजिश रची गई थी और मनसुख हिरेन साजिश की 'कमजोर कड़ी' था, इसलिए उसकी हत्या करवा दी गई। जब 25 फरवरी, 2021 को एसयूवी की खोज की गई थी, तो हिरेन की हत्या की बात सामने आई थी और इस मामले ने खूब सुर्खियां बटोरी थी।

शर्मा को 17 जून, 2021 को पकड़ा गया था और वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए एनआईए के हलफनामे में कहा गया है कि वह निर्दोष नहीं है और उसने आपराधिक साजिश, हत्या और आतंकी कृत्यों जैसे गंभीर अपराध किए हैं।

न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर और न्यायमूर्ति जी. ए. सनप ने शर्मा की जमानत याचिका को - विशेष एनआईए अदालत द्वारा फरवरी 2022 में उनकी जमानत अर्जी को खारिज करने को चुनौती देते हुए - 17 जुलाई को आगे की सुनवाई के लिए रखा है।


एनआईए ने कहा, "प्रदीप शर्मा एक गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है, जिसने अंबानी परिवार सहित लोगों को आतंकित करने की साजिश रची थी और हिरेन की हत्या कर दी थी, क्योंकि वह साजिश में एक कमजोर कड़ी था।" एजेंसी ने कहा कि शर्मा और अन्य आरोपियों पर जघन्य और गंभीर अपराधों के लिए गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।

हिरेन को उस दिन एसयूवी को एंटीलिया के बाहर पार्क करने की पूरी साजिश के बारे में पता था और आरोपी (शर्मा और सह-साजिशकर्ता और बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे) को डर था कि वह (हिरेन) कहीं सच न सामने ला दे, इसलिए उसे मार डाला गया।

एनआईए ने कहा कि एकत्र किए गए सबूतों से, यह स्पष्ट था कि शर्मा सीधे अपराध में शामिल था और साजिश, आतंकवादी कृत्य, एक आतंकवादी गिरोह का सदस्य होने, अपहरण, हत्या और सबूतों को नष्ट करने के साथ कई अपराधों में लिप्त था।

एनआईए ने कहा कि एकत्र किए गए सबूतों से यह स्पष्ट है कि प्रदीप शर्मा अपराध में सक्रिय रूप से शामिल था और उसने साजिश, आतंकी कृत्य, आंतकी गैंग का सदस्य बनने का, अपहरण, हत्या और सबूत नष्ट करने का अपराध किया है।

एनआईए ने यह भी दावा किया कि हिरेन की हत्या तब की गई थी, जब उसने एंटीलिया के बाहर की घटना का दोष लेने से इनकार कर दिया था।

एनआईए ने अपने हलफनामे में कहा, "जब हिरेन ने अपराध के लिए दोष लेने से इनकार कर दिया, तो वाजे ने शर्मा और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हिरेन को मारने की साजिश रची, ताकि वह यह न बताए कि वह वाजे ही था, जिसने एंटीलिया के बाहर वाहन (एसयूवी) खड़ा किया था।"

एनआईए ने बताया कि हिरेन को मारने के बाद आरोपी (शर्मा-वाजे) ने इसे आत्महत्या के रूप में दिखाने का प्रयास किया। एजेंसी के अनुसार, चौंकाने वाली बात यह है कि शर्मा पुलिस आयुक्त परिसर में उन बैठकों में शामिल हुए थे, जहां कथित साजिश रची गई थी।

मुख्य साजिशकर्ता के रूप में, शर्मा ने वेज से मिले 45 लाख रुपये का भुगतान करके हिरेन को मारने के लिए गुर्गे को काम पर रखा और हत्या के बाद सह-आरोपियों को मुंबई से नेपाल भाग जाने के लिए कहा।

एनआईए ने तर्क दिया कि शर्मा एक 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' के रूप में प्रसिद्ध थे, प्रभावशाली थे और अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया गया, तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ करेंगे और गवाहों को प्रभावित करेंगे।


नासिक के पुलिस कमिश्नर का आदेश, अजान के समय नहीं बजा सकते हनुमान चालीसा

CP दीपक पाण्डेय ने बताया कि आने वाली 3 मई तक सभी लोगों के लाउडस्पीकर बजाने के लिए कानूनन आदेश लेना आवश्यक है। अगर कोई 3 मई के बाद इसका उल्लंघन करता हुआ पकड़ा जाता है। तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली: देश में आजकल लाउडस्पीकर विवाद चर्चा मे बना हुआ है। हिंदू संगठन के नेताओं ने मुस्लिमों के अजान के बदले में हनुमान चालीसा बजाने का ऐलान कर रखा है। लेकिन इस बीच महाराष्ट के नासिक प्रशासन ने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि अजान के 15 मिनट पहले और 15 मिनट बाद तक हनुमान चालीसा नहीं बजाई जाएगी। नासिक प्रशासन ने कहा है कि यह फैसला राज्य और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। 

नासिक पुलिस कमिश्नर दीपक पाण्डेय ने संवादाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 'अगर अब कोई नासिक शहर में हनुमान चालीसा बजाना चाहता है तो पहले उसे प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। साथ ही नए कानून को मानना पड़ेगा।' वहीं, पुलिस कमिश्नर पाण्डेय ने बताया कि 'कोई भी व्यक्ति मस्जिद के 100 मीटर के दायरे  में चालीसा या भजन बजाता हुआ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'

CP दीपक पाण्डेय ने बताया कि आने वाली 3 मई तक सभी लोगों के लाउडस्पीकर बजाने के लिए कानूनन आदेश लेना आवश्यक है। अगर कोई 3 मई के बाद इसका उल्लंघन करता हुआ पकड़ा जाता है। तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 


वहीं, आज महाराष्ट्र में गृहमंत्री और डीजीपी के बीच बैठक हुई जिसमें फैसला लिया गया कि अब किसी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने के लिए प्रशासन से आदेश लेना आवश्यक होगा। अगर कोई आदेश का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है। तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी । 


पवार के घर पर हमला: NCP का भाजपा पर बड़ा आरोप, कहा-'परिवार को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने की थी साजिश'

आवास मंत्री डॉ जितेंद्र आव्हाड ने चौंकाने वाला दावा किया कि हमले का पूरा उद्देश्य पवार, उनकी पत्नी और उनके सिल्वर ओक्स बंगले में उस समय मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को 'शारीरिक नुकसान' पहुंचाना था।

मुम्बई: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना ने शनिवार को सीधे आरोप लगाते हुए विपक्षी भारतीय जनता पार्टी पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के घर पर शुक्रवार शाम हुए हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। इसके अलावा राज्य के एक मंत्री ने कहा कि यह वरिष्ठ नेता और उनके परिवार को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की एक भयावह योजना थी। वहीं दूसरी ओर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने इस घटना की निंदा की है।

आवास मंत्री डॉ जितेंद्र आव्हाड ने चौंकाने वाला दावा किया कि हमले का पूरा उद्देश्य पवार, उनकी पत्नी और उनके सिल्वर ओक्स बंगले में उस समय मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को 'शारीरिक नुकसान' पहुंचाना था।

मंत्री ने कहा कि सौभाग्य से, राज्य के लाखों लोगों के आशीर्वाद से पवार साहब या उनके परिवार के सदस्यों के साथ कुछ भी अनहोनी नहीं हुई।

राकांपा के राज्य प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि हमला एमवीए सरकार को अस्थिर करने के इरादे से एक पूर्व नियोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित साजिश थी। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी के कार्यकर्ता 'मूक दर्शक' नहीं रहेंगे।

उन्होंने कहा, "एक तरफ, राज्य परिवहन कर्मचारियों ने बड़े जश्न के साथ बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। फिर उन्होंने अचानक पथराव और जूते फेंकने का फैसला कैसे किया? अनिल बोंडे और अन्य भाजपा नेता कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं जो बहुत खेदजनक है।"

पवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए, शिवसेना सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि शुक्रवार को परिवहन कर्मचारियों का आंदोलन कोई आंदोलन नहीं था, बल्कि दक्षिण मुंबई में सिल्वर ओक्स बंगले में राकांपा नेता के आवास पर 'एक क्रूर, पूर्व नियोजित हमला' था।

उन्होंने कहा, "यह खेदजनक है कि विपक्ष (भाजपा) इस तरह के कृत्यों का समर्थन कर रहा है। वे एमवीए सरकार को निशाना बनाने और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने के लिए राजनीति के निचले स्तर तक गिर रहे हैं।"


आंदोलनकारी महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कर्मचारियों के नेता और वकील गुणरतन सदावर्ते पर निशाना साधते हुए राउत ने उन लोगों के बारे में जानने की मांग की, जिनका हाथ इस घटनाक्रम के 'पीछे' हैं। उन्होंने कहा कि उन लोगों को सामने आए जाने की जरूरत है, जो उन्हें आर्थिक रूप से समर्थन दे रहे हैं।

यहां तक कि जब एमएसआरटीसी के कई कर्मचारी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पहुंचे, तो उन सभी के पास प्लेटफॉर्म टिकट थे और राउत ने पूछा कि वे सभी एक साथ स्टेशन में प्रवेश के लिए टिकट कैसे खरीद सकते हैं और इसके लिए पैसा किसने मुहैया कराया था?

राउत ने आरोप लगाया कि एमवीए सरकार को गिराने के भयावह उद्देश्य के साथ एक श्रमिक आंदोलन की आड़ में भाजपा द्वारा सदावर्ते का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन वे सफल नहीं होंगे।

इस बीच, हमले के सिलसिले में कल देर रात गिरफ्तार किए गए सदावर्ते और लगभग 100 से अधिक लोगों को मुंबई मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।


एमएसआरटीसी के 100-125 कर्मचारियों ने, जो कि नवंबर 2021 से ही प्रदर्शन कर रहे हैं, पवार के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने इस दौरान पवार के घर पर पत्थरों और जूते-चप्पलों से सटीक हमला किया, जिससे राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा हो गई।

अचानक हुए हमले के लिए 'खुफिया विफलता' का आरोप भी लगाया गया है, जिसमें पुलिस की भूमिका की जांच और कथित रूप से देरी से प्रतिक्रिया की मांग की गई है। यह भी कहा जा रहा है कि जब मीडिया के लोगों को अग्रिम सूचना मिल गई थी और वे समय पर घटनास्थल पहुंच गए थे, तो फिर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की।

इस घटना का मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित उच्चतम स्तर पर संज्ञान लिया गया है, जबकि गृह मंत्री दिलीप वालसे-पाटिल ने हमले में पुलिस रिपोर्ट का आदेश दिया है।

मुंबई पुलिस ने अब एहतियात के तौर पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री अनिल परब, मुंबई और बारामती (पुणे) में पवार परिवार के घरों और अन्य नेताओं सहित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों के घरों पर सुरक्षा बढ़ा दी है।


शरद पवार के घर पर हमले के मामले में अधिवक्ता समेत 100 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

राज्य परिवहन कर्मचारियों के आंदोलन में सबसे आगे रहे वकील गुणरतन सदावर्ते को शुक्रवार देर रात हिरासत में लिया है और कम से कम 100 और लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुम्बई: पुलिस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के घर पर हुए हमले के सिलसिले में राज्य परिवहन कर्मचारियों के आंदोलन में सबसे आगे रहे वकील गुणरतन सदावर्ते को शुक्रवार देर रात हिरासत में लिया है और कम से कम 100 और लोगों को गिरफ्तार किया है। 100 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंगा करने और साजिश रचने समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दक्षिण मुंबई में पवार के सिल्वर ओक्स बंगले पर हमले की पृष्ठभूमि के सिलसिले में यह गिरफ्तारी हुई है, जिसने राष्ट्रीय राजनीतिक हलकों को स्तब्ध कर दिया है।

इससे एक दिन पहले बॉम्बे उच्च न्यायालय ने आंदोलनकारी कर्मचारियों को 22 अप्रैल तक ड्यूटी पर शामिल होने का निर्देश दिया था।


महाराष्ट्र के परिवहन कर्मचारियों ने NCP चीफ शरद पवार के घर पर किया पथराव

कर्मचारियों के छोटे-छोटे समूह सिल्वर ओक्स बिल्डिंग में उच्च सुरक्षा वाले पवार आवास की ओर भागते हुए देखे गए। उन्होंने सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ दिए, नारेबाजी की और उनके घर पर पथराव किया और जूते-चप्पल फेंके।

मुंबई: एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के आंदोलनकारी कर्मचारियों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के घर पर धावा बोल दिया और पथराव किया।

इस घटनाक्रम ने मुंबई पुलिस को भी आश्चर्यचकित कर दिया, जब कई महिलाओं सहित बड़ी संख्या में नाराज राज्य परिवहन कर्मचारियों ने पहले राज्य सरकार के साथ एमएसआरटीसी के विलय की मांग को लेकर शोर-शराबा किया और महा विकास अघाड़ी और पवार के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद उन्होंने पवार के घर पर पथराव भी किया।

कर्मचारियों के छोटे-छोटे समूह सिल्वर ओक्स बिल्डिंग में उच्च सुरक्षा वाले पवार आवास की ओर भागते हुए देखे गए। उन्होंने सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ दिए, नारेबाजी की और उनके घर पर पथराव किया और जूते-चप्पल फेंके।

अप्रत्याशित 'हमले' से स्तब्ध, एनसीपी सांसद और पवार की बेटी सुप्रिया सुले आंदोलनकारी राज्य परिवहन कर्मचारियों की भीड़ के बीच घर से बाहर निकली और उनसे शांत रहने और बातचीत के लिए बैठक करने की अपील की।

सुले ने कहा, "मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती कर रही हूं.. कृपया शांत रहें, मेरे माता-पिता और मेरे बच्चे घर पर हैं। इस तरह का व्यवहार न करें।"

पवार को जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है और अभूतपूर्व हमले ने संभावित खुफिया विफलता पर सवाल उठाए हैं, खासकर जब गृह विभाग राकांपा के मंत्री दिलीप वालसे-पाटिल द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।

सुले ने परिवहन कर्मचारियों से बार-बार आग्रह किया कि वह 'इस समय बातचीत के लिए बैठने के लिए तैयार हैं', लेकिन वे सुनने के मूड में नहीं दिखाई दे रहे हैं।

इसके तुरंत बाद, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक टीम वहां पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। पिछले पांच महीनों से आंदोलन की राह पर उतरे कर्मचारियों को पीछे धकेल दिया गया।

परिवहन विभाग की जिम्मेदारी शिवसेना नेता अनी परब के पास है। परिवहन कर्मचारियों के इस कदम की राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया के माध्यम से कड़ी निंदा की गई है।

एमवीए नेताओं ने उनके एक नेता गुणरत्न सदावर्ते को सरकार के साथ उच्चतम स्तर पर बातचीत के बावजूद पवार के घर पर हमले के लिए दोषी ठहराया।



वसूली कांड: SC ने अनिल देशमुख मामले में SIT जांच की मांग वाली महाराष्ट्र सरकार की याचिका खारिज की

शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने देशमुख के खिलाफ एक एसआईटी द्वारा अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई से जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपने का निर्देश देने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा: 'क्षमा करें, इसे खारिज किया जाता है।"

शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने देशमुख के खिलाफ एक एसआईटी द्वारा अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

महाराष्ट्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सी.ए. सुंदरम ने पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि राज्य सरकार ने देशमुख के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच पर आपत्ति जताई, जिसमें सुबोध कुमार जायसवाल सीबीआई निदेशक थे।

सुंदरम ने जोरदार तर्क दिया कि जायसवाल प्रासंगिक समय पर महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी और पुलिस स्थापना बोर्ड के अध्यक्ष भी थे, जिसने संबंधित पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण और पोस्टिंग की जांच की।

पीठ में न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश भी शामिल थे। उन्होंने कहा, "हम इस मामले को नहीं छूएंगे।"

सुंदरम ने कहा कि वर्तमान सीबीआई प्रमुख या तो संभवत: एक आरोपी होंगे या निश्चित रूप से गवाह होंगे। उन्होंने कहा, "मैं पक्षपात की संभावना में नहीं जा रहा हूं, एक व्यक्ति जो गवाह या आरोपी के रूप में प्रासंगिक है, वह सीधे तौर पर शामिल था।"

सुंदरम ने जोर देकर कहा कि "यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है तो आपका प्रभुत्व एसआईटी या मामले की जांच करने वाला कोई भी व्यक्ति हो सकता है।"

दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा कि वह राज्य सरकार की याचिका पर विचार करने की इच्छुक नहीं है।

सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में देशमुख और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत मामला दर्ज किया था।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता देशमुख गृह मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस तबादलों और पोस्टिंग के लिए रिश्वत लेने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।


मशहूर अधिवक्ता सतीश उके के आवास पर ED का छापा

पिछले हफ्ते फोन टैपिंग मामले में आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला के खिलाफ दायर 500 करोड़ रुपये के मानहानि के मामले में सतीश उके कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के वकील के रूप काम कर रहे थे।

नागपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को हाई-प्रोफाइल वकील सतीश उके के आवास पर छापेमारी की, जिन्हें महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ कैंपेन चलाने के लिए जाना जाता है। ईडी की एक टीम सीआरपीएफ के साथ वकील और उनके भाई प्रदीप उके के पार्वती नगर स्थित आवास पर सुबह करीब पांच बजे पहुंची और तलाशी शुरु कर दी।

पिछले हफ्ते फोन टैपिंग मामले में आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला के खिलाफ दायर 500 करोड़ रुपये के मानहानि के मामले में सतीश उके कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के वकील के रूप काम कर रहे थे।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि केंद्रीय एजेंसी किस विशेष मामले के लिए हाई-प्रोफाइल वकील की जांच कर रही है, हालांकि एक संपत्ति के लेनदेन मामले पर अटकलें चल रही हैं जो कथित तौर पर ईडी के निशाने पर हैं।

मुंबई में, शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने ईडी की छापेमारी की निंदा की और कहा कि चूंकि वह राज्य कांग्रेस प्रमुख के वकील हैं, अगर पटोले पर भी छापा मारा जाता है तो यह आश्चर्य की बात नहीं होगी।

राउत ने दोहराया कि कैसे केंद्र और भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों की मदद से सरकार को गिराने के अपने प्रयासों में विशेष रूप से महाराष्ट्र में ईडी का दुरुपयोग कर रहे हैं।

राउत ने कहा, "एक अजीब स्थिति देखी जा रही है, जिसमें सूचना और सबूत देने वालों को दंडित किया जा रहा है जबकि दोषी फरार हो रहे हैं। मेरे मामले में, ईडी के खिलाफ मेरी शिकायतों के बावजूद पीएमओ से किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की है।"


मनी लॉन्ड्रिंग केस: नवाब मलिक की ज्यूडिशियल कस्टडी 4 अप्रैल तक कोर्ट ने बढ़ाई

कोर्ट ने नवाब मलिक (Navab Malik) को न्यायिक हिरासत के दौरान बिस्तर, गद्दा और कुर्सी मुहैया कराने की इजाजत दी है। दरअसल, मलिक (Navab Malik) के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि उनकी पीठ में दर्द है। लिहाजा उन्हें बेड पर सोने की इजाजत दी जाए।

मुंबई: दाऊद इब्राहिम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट ने महाराष्ट्र के मंत्री और NCP नेता नवाब मलिक (Navab Malik) की न्यायिक हिरासत 4 अप्रैल तक बढ़ा दी है। हालांकि कोर्ट ने नवाब मलिक (Navab Malik) को न्यायिक हिरासत के दौरान बिस्तर, गद्दा और कुर्सी मुहैया कराने की इजाजत दी है। दरअसल, मलिक (Navab Malik) के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि उनकी पीठ में दर्द है। लिहाजा उन्हें बेड पर सोने की इजाजत दी जाए।


वहीं, उन्होंने घर का खाना खाने की भी इजाजत मांगी है, जिस पर आज सुनवाई नहीं हो पाई। बता दें कि नवाब मलिक (Navab Malik) को ईडी ने इस साल 23 फरवरी को धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत भगोड़े अपराधी दाऊद इब्राहिम के सहयोगियों से कथित रूप से जुड़े एक संपत्ति सौदे को लेकर गिरफ्तार किया था। मलिक (Navab Malik) इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं।


दूसरी तरफ, बीते बुधवार को नवाब मलिक (Navab Malik) के बेटे ने उनके पिता को जमानत पर छुड़ाने के लिए एक व्यक्ति की ओर से तीन करोड़ रुपये की मांग करने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मंत्री के बेटे आमिर मलिक (Navab Malik) की शिकायत के बाद वी बी नगर पुलिस ने बुधवार देर रात अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।


ठाणे के मुर्दाघर में पोस्टमाटर्म करने वाली मेज पर छलकाए जा रहे थे जाम, मामला दर्ज

पुलिस ने बताया कि एक स्टिंग ऑपरेशन में व्यक्तियों के एक समूह को मुर्दाघर के अंदर शव परीक्षण कक्ष (पोस्टमार्टम रूम) में उस मेज पर पार्टी करते हुए पकड़ा गया है, जिस पर मृत लोगों के शरीर की चीर-फाड़ यानी पोस्टमार्टम किया जाता है।

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे में एक नागरिक अस्पताल के मुर्दाघर के अंदर कुछ लोगों को पोस्टमाटर्म करने वाली एक मेज पर जन्मदिन की पार्टी करते हुए देखा गया है।

पुलिस ने बताया कि एक स्टिंग ऑपरेशन में व्यक्तियों के एक समूह को मुर्दाघर के अंदर शव परीक्षण कक्ष (पोस्टमार्टम रूम) में उस मेज पर पार्टी करते हुए पकड़ा गया है, जिस पर मृत लोगों के शरीर की चीर-फाड़ यानी पोस्टमार्टम किया जाता है।

भायंदर थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक एम. बी. पाटिल ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब 1.30 बजे मुर्दाघर से सटे पोस्टमार्टम कक्ष में धूमधाम से जश्न मनाया गया, जहां उस समय कई शव भी रखे हुए थे।

पाटिल ने कहा, "एक पत्रकार की शिकायत के आधार पर हमने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की जांच की जा रही है। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।"

पत्रकार अनिल नौटियाल के अनुसार 18 मार्च की तड़के उन्हें यहां भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी (तेंभा) अस्पताल के शव परीक्षण कक्ष के अंदर खुलेआम शराब पार्टी किए जाने की सूचना मिली थी। यह अस्पताल मीरा भयंदर नगर निगम (एमबीएमसी) द्वारा संचालित है।

नौटियाल ने कहा, "मैं 10 मिनट में वहां पहुंचा और मैंने लगभग 8-9 लोगों को एक शानदार तरीके से मनाई जा रही पार्टी करते हुए देखा। जब मैंने कहा कि ये क्या हो रहा है, तो सुशांत नामक एक व्यक्ति ने दावा किया कि दरअसल उसका जन्मदिन है, इसलिए पार्टी की जा रही है।"

जैसे ही नौटियाल ने इसे फिल्माना शुरू किया और तस्वीरें लेना शुरू किया तो वे लोग उग्र और क्रोधित हो गए और उन्हें नीचे गिराने की कोशिश की और उनके साथ मारपीट की, लेकिन वह किसी तरह उनके चंगुल से छूटने में सफल रहे और मौके से भाग गए।

जब नौटियाल बाहर खड़ी अपनी गाड़ी के पास पहुंचे, तो एक आरोपी ने उनकी कार की चाबियां छीन लीं और उनका पीछा करना जारी रखा।

पत्रकार ने कहा, "मैंने अपनी कार वहीं छोड़ दी और कुछ मिनट बाद सुरक्षित रूप से घर भाग गया और फिर पुलिस को फोन किया। उन्होंने जांच का वादा किया और मुझे शिकायत दर्ज कराने के लिए भी कहा।"

जब तक पुलिस मुर्दाघर के परिसर में पहुंची, तब तक वे लोग वहां से भाग चुके थे। वे वहां से रात के अंधेरे में भाग निकले।

नौटियाल ने दावा किया कि तेंभा अस्पताल कई महीनों से उनके रडार पर था, क्योंकि उन्हें कथित तौर पर वहां चल रही कुछ अप्रिय गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसमें नग्न शरीर के साथ सेल्फी क्लिक करना या उनके साथ छेड़छाड़ करना शामिल था।

पार्टी में मौज-मस्ती करने वालों में कुछ आधिकारिक कर्मचारी, एम्बुलेंस चालक या सहायक बताए जा रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या उन्हें मुर्दाघर परिसर में प्रवेश करने के लिए अधिकृत किया गया था या नहीं, क्योंकि आमतौर पर इस परिसर में कुछ चुनिंदा लोगों को ही जाने की इजाजत होती है।

पाटिल ने कहा कि कम से कम छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और कड़े महाराष्ट्र मीडियाकर्मी और मीडिया संस्थान (हिंसा और क्षति या संपत्ति के नुकसान) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि सभी आरोपी अभी भी आसपास ही हैं और कोई भी पुलिस को चकमा देकर फरार नहीं हो पाएगा। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती जांच पूरी होने के बाद कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इस मामले को लेकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए नौटियाल ने एमबीएमसी प्रशासक और अन्य शीर्ष नागरिक अधिकारियों से मिलने की योजना बनाई है, जो कि मुर्दाघर में कथित तौर पर चल रही भयावह गतिविधियों की श्रृंखला की पूरी जांच करने और दोषियों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।


पंजाब में AAP सरकार: CM भगवंत मान सिंह के कैबिनेट मंत्रियों ने ली शपथ, कैबिनेट की पहली बैठक थोड़ी देर में

आम आदमी पार्टी के विधायक हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह,डॉ. विजय सिंगला, लाल चंद, गुरमीर सिंह मीत, कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर, ब्रम शंकर और हरजोत सिंह बैंस ने मंत्रिपद की शपथ ली। 12:30 बजे CM भगवंत मान के कैबिनेट की पहली बैठक होगी।

चंडीगढ़:  पंजाब के कैबिनेट का विस्तार समारोह खत्म हो गया है। मंत्रियों के शपथ-ग्रहण समारोह में सीएम भगवंत मान की बेटी सीरत कौर और बेटे दिलशान मान भी शामिल हुए। आम आदमी पार्टी के विधायक हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह,डॉ. विजय सिंगला, लाल चंद, गुरमीर सिंह मीत, कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर, ब्रम शंकर और हरजोत सिंह बैंस ने मंत्रिपद की शपथ ली। 12:30 बजे CM भगवंत मान के कैबिनेट की पहली बैठक होगी।

आम आदमी पार्टी के विधायक हरपाल सिंह चीमा ने राजभवन में पंजाब कैबिनेट मंत्री की शपथ ग्रहण की।

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आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह,डॉ. विजय सिंगला और लाल चंद ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ग्रहण की।

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आम आदमी पार्टी के विधायक गुरमीर सिंह मीत, कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर और ब्रम शंकर ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ग्रहण की। 

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आम आदमी पार्टी के विधायक हरजोत सिंह बैंस ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ग्रहण की।

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20 लाख के इनामी नक्सली जोड़े ने किया सरेंडर

गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल ने कहा कि ये माओवादी दंपत्ति महाराष्ट्र के 34 वर्षीय दीपक उर्फ मुंशी रामसू इष्टम और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर की 25 वर्षीय उनकी पत्नी शंबट्टी नवारू आलम हैं।

गढ़चिरौली: दो कट्टर माओवादी, जिनके ऊपर कुल 20 लाख रुपये का इनाम है, उन्होंने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। माओवादी पति-पत्नी हैं। पुलिस ने यह जानकारी बुधवार को दी।

गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल ने कहा कि ये माओवादी दंपत्ति महाराष्ट्र के 34 वर्षीय दीपक उर्फ मुंशी रामसू इष्टम और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर की 25 वर्षीय उनकी पत्नी शंबट्टी नवारू आलम हैं।

दीपक ने प्लाटून नंबर 21 के डिप्टी कमांडर के रूप में काम किया, जबकि उनकी पत्नी शंबत्ती उसी यूनिट में एक सदस्य थीं और दंपति पर क्रमश: 16 लाख रुपये और चार लाख रुपये का इनाम रखा गया था।

गोयल ने कहा कि दीपक पर अपने माओवादी गिरोहों के साथ तीन हत्याओं, आठ मुठभेड़ों और दो आगजनी के आरोप हैं और वह शंबट्टी जन मिलिशिया संगठन के साथ था और सुरक्षा बलों के साथ दो बड़ी मुठभेड़ों में भी शामिल था।

दीपक ने छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के खिलाफ आधा दर्जन हमले किए, जिसमें कुल 31 पुलिसकर्मी मारे गए।

उन्हें जुलाई 2001 में एक एलओएस सदस्य के रूप में कसनसुर दलम में भर्ती किया गया था, उन्होंने देवजी नामक केंद्रीय समिति के सदस्य के सुरक्षा गार्ड के रूप में काम किया था और 2004 में डिप्टी कमांडर के रूप में पदोन्नत किया गया था, 2009 में प्लाटून कमांडर पर और वर्तमान में एक डिवीजनल कमेटी के रूप में काम कर रहे थे।

शंबट्टी 2015 में प्लाटून नंबर 16 के साथ माओवादी मिलिशिया में शामिल हुई और फिर प्लाटून नंबर 21 में स्थानांतरित हो गई, जहां उसने बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया। सरकार ने उनके सिर पर 16 लाख रुपये और चार लाख रुपये के इनाम की घोषणा की।

सरकार की आत्मसमर्पण नीति के अनुसार, दंपति को पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए एक करोड़ रुपये और अन्य लाभ दिए जाएंगे। गोयल ने कहा कि पिछले तीन वर्षो में, कुल 45 माओवादियों ने हथियार डाल दिए हैं, जिनमें पांच डीवीसी, दो कमांडर, तीन डिप्टी कमांडर, 34 सदस्य और एक जन मिलिशिया सदस्य जैसे व्यक्ति शामिल हैं।

पिछले एक दशक में लगभग 650 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और उन्हें घरों, खेती के भूखंडों, आधिकारिक दस्तावेजों, विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं के तहत लाभ, शिक्षा आदि के साथ पूरी तरह से लाभ दिया गया है और गोयल ने अन्य माओवादियों से हिंसा छोड़ने और लाभ लेने की अपील की।


शिवसेना नेता के घर पर आयकर विभाग का छापा, 2 करोड़ से ज्यादा की नगदी बरामद

छापेमारी के दौरान शिवसेना पार्षद और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव के परिवार और सहयोगियों के परिसर से दो करोड़ रुपये से ज्यादा की नगदी बरामद किए हैं। आईटी विभाग ने शुक्रवार को जाधव उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और बीएमसी के कुछ ठेकेदारों के परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आयकर (आईटी) विभाग ने छापेमारी के दौरान शिवसेना पार्षद और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव के परिवार और सहयोगियों के परिसर से  दो करोड़ रुपये से ज्यादा की नगदी बरामद किए हैं। आईटी विभाग ने शुक्रवार को जाधव उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और बीएमसी के कुछ ठेकेदारों के परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था।

जाधव के एक सहयोगी बिमल अग्रवाल के घर की भी तलाशी ली गई और वहां से नकदी भी बरामद की गई। उन्होंने हाल ही में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज कराया था। यह आरोप लगाया गया है कि जाधव ने 2018 और 2020 के बीच कथित तौर पर रिश्वत ली और शेल कंपनियों में निवेश किया। आयकर विभाग ने कूपर महल, मझगांव, भायखाला और अन्य स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था।

यह भी आरोप है कि जाधव ने 2018 और 2020 के दौरान बीएमसी के टेंडर दिलाने में मदद करने के लिए ठेकेदारों से पैसे लिए थे। सूत्रों ने बताया कि जाधव को कमीशन के तौर पर करीब 15 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। इस राशि को काला धन बताया गया है।

सूत्रों ने कहा कि जाधव ने यह पैसा कुछ निजी फर्मों को दिया, जिन्होंने बाद में पूरी राशि को उनकी फर्जी कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया। इनमें उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को शामिल किया गया था। जाधव के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद आईटी विभाग ने गहन जांच शुरू की और पाया कि जाधव द्वारा कथित तौर पर लगभग 15 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे।

आईटी विभाग को प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला था कि दुबई की कुछ फर्मों से उसके खाते में कुछ लेनदेन किए गए थे। आईटी अधिकारियों ने इस लेनदेन के संबंध में जाधव और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की थी।


मुंबई पुलिस ने NCB अधिकारी समीर वानखेड़े की 9 घंटे तक पूछताछ,जानिए- क्या है मामला

समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) बुधवार सुबह 11.30 बजे ठाणे के कोपरी थाने पहुंचे और करीब नौ घंटे की पूछताछ के बाद थाने से बाहर निकले। शराब लाइसेंस खरीदते समय फर्जीवाड़ा करने और जानबूझकर गलत जानकारी देने के आरोप में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में वे थाने पहुंचे थे।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबई: क्रेज पर ड्रग्स पार्टी के मामले का भंडाफोड़ कर रातों-रात सुर्खियों में आए एनसीबी मुंबई के पूर्व जोनल अधिकारी समीन वानखेड़े भी अब पुलस के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ आज ईडी ने समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) के 'दुश्मन' महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन समीर वानखेडे से भी मुंबई पुलिस ने 9 घंटे तक पूछताछ की।

समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) से बुधवार को ठाणे में कोपरी पुलिस ने करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। वह रात करीब 8.15 बजे थाने से बाहर निकले और दावा किया कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। दरअसल, शराब लाइसेंस खरीदते समय फर्जीवाड़ा करने और जानबूझकर गलत जानकारी देने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में वे थाने पहुंचे थे।

समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) बुधवार सुबह 11.30 बजे ठाणे के कोपरी थाने पहुंचे और करीब नौ घंटे की पूछताछ के बाद थाने से बाहर निकले। शराब लाइसेंस खरीदते समय फर्जीवाड़ा करने और जानबूझकर गलत जानकारी देने के आरोप में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में वे थाने पहुंचे थे। कोपरी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा, "अदालत के आदेश के अनुसार वानखेड़े ने पुलिस स्टेशन का दौरा किया था और हमने उनका विस्तृत बयान दर्ज किया है। जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर हम उन्हें फिर बुलाएंगे।"

वानखेड़े ने कहा, "मामला विचाराधीन है इसलिए मैं मामले या दर्ज किए गए बयान पर टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन पुलिस अपना काम कर रही है और जब भी वे मुझे इस मामले में बुलाएंगे मैं उनका सहयोग करूंगा।" हालांकि उन्होंने राज्य के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक की ईडी द्वारा गिरफ्तारी पर कोई सवाल पूछने से इनकार कर दिया।


फर्जी बार लाइसेंस केस: खुद के खिलाफ दर्ज FIR को निरस्त कराने HC की शरण में NCB अधिकारी समीर वानखेड़े

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुम्बई: क्रूज पर ड्रग पार्टी मामले का खुलासा करके रातो-रात सुर्खियों में आये एनसीबी अधिकारी एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, उन्होंने अपने बार के रद्द किए गए लाइसेंस के मामले में खुद के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

बता दें कि ठाणे पुलिस उपायुक्त डॉ. विजय कुमार राठौड़ के मुताबिक,राज्य आबकारी अधिकारियों की शिकायत के बाद समीर वानखेड़े के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में यहां कोपरी पुलिस थाने में शनिवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

ठाणे पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरी (एनसीबी) मुंबई के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ होटल और बार का लाइसेंस हासिल करने में कथित धोखाधड़ी को लेकर FIR दर्ज किया था। ठाणे पुलिस के FIR को समीर वानखेड़े ने चुनौती दी. उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख खिया है। वानखेड़े ने ठाणे कलेक्टर द्वारा रद्द किए गए बार लाइसेंस की बहाली की मांग करते हुए हाकोर्ट में एक और याचिका दायर की है। इस मामले पर आज सुनवाई सुनवाई होगी।

जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर ने नवी मुंबई स्थित होटल और बार का लाइसेंस रद्द करते हुए दावा किया था कि इसे गलत जानकारी देकर और धोखाधड़ी करके हासिल किया गया था। ठाणे पुलिस उपायुक्त डॉ. विजय कुमार राठौड़ के मुताबिक, राज्य आबकारी अधिकारियों की शिकायत के बाद समीर वानखेड़े के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में यहां कोपरी पुलिस थाने में शनिवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

1997 में हासिल किया था बार का लाइसेंस


मजराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने पिछले साल नवंबर में आरोप लगाया था कि समीर वानखेड़े का नवी मुंबई के वाशी में एक परमिट रूम और बार है, जिसके लिए लाइसेंस 1997 में प्राप्त किया गया था जब वानखेड़े नाबालिग थे और इसलिए यह अवैध है। नवाब मलिक ने यह भी कहा था कि सरकारी नौकरी में होने के बावजूद समीर वानखेड़े के पास परमिट रूम चलाने का लाइसेंस है, जो सेवा नियमों के खिलाफ है।


ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भगोड़े डॉन दाउद के भाई इकबाल इब्राहिम को किया गिरफ्तार

by न्यूज9इंडिया डेस्क

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को भगोड़े माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम कासकर के भाई इकबाल इब्राहिम कासकर को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ठाणे जेल से गिरफ्तार किया।

मुंबई की एक अदालत ने ईडी को इकबाल कासकर से पूछताछ करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद एजेंसी ने उसे अपनी गिरफ्तर में ले लिया है। उसे 2017 में ठाणे पुलिस के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने गिरफ्तार किया था और तब से वह हिरासत में है। ईडी उसे रिमांड और आगे की जांच के लिए विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश करेगी।

इकबाल को ईडी ने उसके और अन्य के खिलाफ तीन दिन पहले दर्ज किए गए एक नए मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है, जब उसने मुंबई में कासकर गैंग से जुड़ी लगभग 10 संपत्तियों पर छापा मारा था। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में छह लोगों के बयान दर्ज किए हैं और बिल्डरों और राजनेताओं सहित कुछ और लोगों से पूछताछ की जा सकती है।

केंद्रीय एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट में डिजिटल वॉलेट और डार्कनेट का उपयोग कैसे शामिल है और पता लगाने से बचने के लिए कुछ विदेशी स्थानों में रियल्टी क्षेत्रों में फिर से निवेश किस प्रकार किया गया।

एजेंसियों को संदेह है कि धन फिरौती, मामलों के निपटारे, नशीले पदार्थों के माध्यम से फिरौती या अन्य अपराधों से एकत्र किया गया हो सकता है और हवाला के माध्यम से भेजा गया हो सकता है, जिसके लिए पूरे पैसे के हिसाब-किताब की गहराई से जांच की जा रही है। इसके साथ ही कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस मामले में आतंकवादी लिंक को भी खंगाल रही हैं।


ठाणे में 100 मुर्गियों की अचानक मौत से मचा कोहराम, 25 हजार पक्षियों को मारने के दिए गए आदेश

जिला पशुपालन विभाग को संक्रमण को नियंत्रित करने के उपाय बताते हुए कलेक्टर राजेश जे. नरवेका कहा कि अगले कुछ दिनों में प्रभावित पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले करीब 25,000 पक्षियों को मार दिया जाएगा। जिससे बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

इनपुट एजेंसियां
ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे (Thane) जिले के शाहपुर तहसील (Shahapur Tehsil) के वेहलोली गांव (Vehloli village) में एक पोल्ट्री फार्म में लगभग 100 मुर्गियों की अचानक मौत हो गई। ठाणे के डीएम और कलेक्टर राजेश जे. नार्वेकर के अनुसार बर्ड फ्लू (Bird Flu) के खतरे को देखते हुए उनके नमूने पुणे की एक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।

जिला पशुपालन विभाग  को संक्रमण को नियंत्रित करने के उपाय बताते हुए कलेक्टर राजेश जे. नरवेका कहा कि अगले कुछ दिनों में प्रभावित पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले करीब 25,000 पक्षियों को मार दिया जाएगा। जिससे बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

बीते कुछ दिनों में ठाणे के शाहपुर तालुका के वेहलोली में 300 से अधिक मुर्गियां बर्ड फ्लू (Bird Flu) से संक्रमित हो चुकी हैं। जिसे देखते हुए पशुपालन विभाग ने तत्काल एक किलोमीटर के दायरे में कम से कम 15,000 पक्षियों को नष्ट करने का अभियान शुरू किया है।

पशुपालन विभाग का कहना है कि नागरिक अफवाहों पर विश्वास न करें। वेहलोली में एक सोसायटी के शेड में देशी मुर्गियां और बत्तख अचानक मर रहे थे। सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। मुर्गियों के रक्त के नमूने 11 फरवरी को पुणे में रोग जांच विभाग को जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट में बर्ड फ्लू (Bird Flu) के संकेत भी मिले हैं।



राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र के राजभवन के नए दरबार हॉल का किया उद्घाटन

इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि इस राजभवन के नए दरबार हॉल का उद्घाटन करके मुझे प्रसन्नता हो रही है। नई सुविधाओं से युक्त इस दरबार हॉल के निर्माण के लिए मैं राज्यपाल और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अधिकारियों की सराहना करता हूं।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबई: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्ट्र राजभवन के नए दरबार हॉल का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी मौजूद रहे।


इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि इस राजभवन के नए दरबार हॉल का उद्घाटन करके मुझे प्रसन्नता हो रही है। नई सुविधाओं से युक्त इस दरबार हॉल के निर्माण के लिए मैं राज्यपाल और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अधिकारियों की सराहना करता हूं।

राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, महा विकास अघाड़ी के मंत्री और शीर्ष गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं ।

यह शानदार दरबार हॉल का पहला बड़ा नवीनीकरण है जो शीर्ष राज्य और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों जैसे राज्यपालों, मुख्य न्यायाधीशों, मुख्यमंत्रियों और कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह और महत्वपूर्ण विदेशी वीवीआईपी प्राप्त करने का स्थान है।

अपने नए अवतार में दरबार हॉल में बैठने की क्षमता को 225 से 750 तक तिगुना से अधिक बढ़ा दिया गया है, हालांकि जगह की सभी विरासत सुविधाओं को बरकरार रखा गया है।

नवीनीकरण कार्य 2019 में शुरू हुआ और दिसंबर 2021 में अरब सागर और आसपास के शानदार ²श्य के लिए एक नई व्यूइंग गैलरी के साथ पूरा हुआ।

यह समारोह मूल रूप से 8 दिसंबर के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर त्रासदी के पीड़ितों के सम्मान में रद्द कर दिया गया जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका सहित कम से कम 13 लोग मारे गए थे।


पंजाब: CM चन्नी के रिश्तेदार भूपेंद्र सिंह हनी को ED ने किया गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेश कर मांगेगी रिमांड

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने सीएम चन्नी के भांजे भूपेंद्र सिंह हनी को सैंड माइनिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने कल हनी को पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी आज हनी को दोपहर 12 बजे जालंधर कोर्ट में पेश करेगी।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

जालंधर: प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने सीएम चन्नी के भांजे भूपेंद्र सिंह हनी को सैंड माइनिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने कल हनी को पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी आज हनी को दोपहर 12 बजे जालंधर कोर्ट में पेश करेगी।

बता दें कि पिछले दिनों अवैध रेत खनन को लेकर ईडी की टीम ने पंजाब में जो छापेमारी की थी, उसमें 10 करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी, 21 लाख का सोना और 12 लाख रुपए की रोलेक्स की घड़ी बरामद हुई थी। इसके साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। बताया जा रहा है कि इस बरामदगी में सबसे ज्यादा नकदी भुपेंद्र सिंह हनी के ठिकाने से मिली थी। ये रकम लगभग सात से आठ करोड़ रुपए है।


वसूली कांड: अनिल देशमुख ने ED की चार्जशीट में बताया क्यों दिया गृहमंत्री के पद से इस्तीफा, जानिए-परमबीर सिंह को लेकर क्या खुलासा किया

अनिल देशमुख ने बताया है कि 20 मार्च 2021 को सिंह ने मेरे पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा जिस पत्र के आधार पर एडवोकेट जयश्री पाटिल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 5 अप्रैल 2021 को इस मामले को जांच करने के लिए CBI को आदेश दिया जिसके बाद मैंने मोरल ग्राउंड पर अपने पद से उसी दिन इस्तीफ़ा दे दिया था।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबई: वसूली कांड के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है। चार्जशीट में आरोपी व महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) का भी पक्ष रखा गया है। ईडी की चार्जशीट में अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने खुद के द्वारा इस्तीफा दिए जाने के कारणों को बताया है।

चार्जशीट के मुताबिक, पिछले साल पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने उस समय के गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर जो भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे उसके बाद देशमुख (Anil Deshmukh) को इस्तीफ़ा देना पड़ा था। ED को दिए अपने बयान में देशमुख (Anil Deshmukh) ने बताया कि, सिंह को कमिश्नर के पद से 17 मार्च 2021 को हटाए जाने के बाद उन्होंने मुझ पर 20 मार्च 2021 को झूठे आरोप लगाए थे। सिंह को कमिश्नर के पद से इसलिए हटाया गया क्योंकि उनके करीबी सचिन वाझे और 4 अन्य लोगों का नाम एंटीलिया कांड और मनसुख हिरन हत्या में सामने आया था।

आरोप यह था की वाझे और उसके सहकर्मियों ने मनसुख हिरन की स्कोर्पियों में जिलेटिन स्टिक्स प्लांट किया था जिस मामले में NIA ने उन्हें गिरफ़्तार किया। 5 मार्च 2021 को असेम्बली जब चल रही थी तब सिंह को ब्रीफिंग के लिए विधानसभा में बुलाया गया था, तब मैं गृहमंत्री था और जब सिंह को बुलाया गया था तब मैं, एडिशन्स चीफ़ सेक्रेटरी, मनुकुमार श्रीवास्तव, लिमाय और दूसरे बड़े अधिकारी भी मौजूद थे। उस ब्रीफिंग के दौरान सिंह एंटीलिया कांड और मनसुख हत्या के संदर्भ में जो ब्रीफिंग दे रहे थे वो गुमराह करने वाले थे।

चार्जशीट में अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने बताया है कि इस मामले को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करने के बाद इसकी जांच ATS को सौंपी गई। कुछ दिनों के बाद मुख्यमंत्री के आवास वर्षा बंगले पर ब्रीफिंग हो रही थी तब मैं, चीफ़ सेक्रेटरी सिताराम कुंठे और दूसरे गृहविभाग के अधिकारी मौजूद थे। उस ब्रिफिंग के दौरान भी ऐसा सामने आया की सिंह अपने उत्तर से हमें गुमराह कर रहे थे और सच को छुपाने की कोशिश कर रहे थे। ब्रीफिंग में यह भी पता चला की कमिश्नर ऑफिस की एक इनोवा गाड़ी का इस्तेमाल भी इस क्राइम में वाझे द्वारा किया गया था। उसके कुछ दिन बाद इस मामले की जांच NIA में अपने हाथ में ली और फिर 13 मार्च 2021 को वाझे को NIA ने गिरफ़्तार कर किया।

अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने चार्जशीट के जरिए यह भी जानकारी दी है कि  17 मार्च 2021 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और मैंने गृहमंत्री के हैसियत से सिंह को कमिश्नर के पद से हटाने के निर्णय लिया और उन्हें फिर DG होम गार्ड बनाया गया। मुझे ऐसा पता चला था कि सिंह ही मास्टरमाइंड थे क्योंकि वो सच छिपा रहे थे। 20 मार्च 2021 को सिंह ने मेरे पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा जिस पत्र के आधार पर एडवोकेट जयश्री पाटिल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 5 अप्रैल 2021 को इस मामले को जांच करने के लिए CBI को आदेश दिया जिसके बाद मैंने मोरल ग्राउंड पर अपने पद से उसी दिन इस्तीफ़ा दे दिया था।



महाराष्ट्र के वर्धा में भयंकर सड़क हादसा, पुल से कार के नीचे गिरने से 7 छात्रों की दर्दनाक मौत, PM ने किया मुआवजे का ऐलान

एसपी वर्धा प्रशांत होल्कर से मिली जानकारी के अनुसार ये हादसा बीती रात 11 बजकर 30 मिनट पर हुआ। इस हादसे में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वाहन की हालत देखकर दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

इनपुट एजेंसियां
वर्धा: महाराष्ट्र में वर्धा (Wardha ) के रास्‍ते सेलसुरा के पास एक पुल से कार गिरने से भाजपा विधायक विजय रहांगदाले  के बेटे आविष्कार रहांगदाले समेत 7 छात्रों की मौत हो गई। एसपी वर्धा प्रशांत होल्कर से मिली जानकारी के अनुसार ये हादसा बीती रात 11 बजकर 30 मिनट पर हुआ। इस हादसे में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वाहन की हालत देखकर दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पीएम मोदी ने हादसे का शिकार हुए मृतकों के परिजनों के लिए पीएमएनआरएफ की ओर से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार के मुआवजे का ऐलान किया है। ऐसी जानकारी मिली है कि ये सभी छात्र सवांगी के एक मेडिकल कालेज में पढ़ते थे। मृतकों की पहचान नीरज चव्हाण, अविष्कार रहांगदाले, नितेश सिंह, विवेक नंदन, प्रत्यूष सिंह, शुभम जायसवाल और पवन शक्ति के रूप में हुई है। राहंगदाले तिरोदा गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक है।

ये हादसा उस समय हुआ जब कार ने अपना नियंत्रण खो दिया और सेलसुरा के पास नदी पर बने पुल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। चार पहिया वाहन पुल से नीचे गिर गया। इस हादसे में सात मेडिकल कालेज के छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। देवली से वर्धा आते समय सेलसुरा के पास ये दर्दनाक हादसा हुआ। मृतकों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार कार चला रहे व्‍यक्ति ने किसी जानवर को बचाने के लिए स्‍टेयरिग जोर से घुमा दिया था, जिससे कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि सभी छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। रात की वजह से हादसे की सूचना देर से मिली हालांकि हादसे के समय हुई तेज आवाज को सुनकर स्‍थानीय लोग घटनास्‍थल पर दौड़ पड़े और शवों को निकालने में मदद की।


NCP चीफ शरद पवार कोरोना की चपेट में, ट्वीट कर दी जानकारी

एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सोमवार को उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबईः एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सोमवार को उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी।

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने आप को कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी देते हुए लिखा, 'मैंने कोविड का परीक्षण सकारात्मक किया है लेकिन चिंता का कोई कारण नहीं है। मैं अपने चिकित्सक द्वारा सुझाए गए उपचार का पालन कर रहा हूं। मैं उन सभी लोगों से अनुरोध करता हूं जो पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में रहे हैं और अपना परीक्षण करवाएं और सभी आवश्यक सावधानी बरतें।' 


आपको बता दें कि महाराष्ट्र देश के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्यों में से एक रहा है। यहां पर अभी भी कोरोना के मामलों में पिछले दो दिनों से गिरावट आई है जो कि राहत की बात है। वहीं दो दिनों में ही कोविड के कम मामले आने की वजह से राज्य सरकार ने स्कूलों को भी खोलने का फैसला किया है।


मुम्बई: बहुमंजिला इमारत में लगी आग, 15 झुलसे, 2 की मौत, 4 की हालत गंभीर

मुंबई के तारदेव में भाटिया अस्पताल के पास कमला इमारत की 20वीं मंजिल में आग लग गई। दमकल की 13 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। इस अग्निकांड में 2 लोगों के मौत की खबर है और 15 लोगों के झुलसने की भी सूचना है। 4 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुम्बई: मुंबई के तारदेव में भाटिया अस्पताल के पास कमला इमारत की 20वीं मंजिल में आग लग गई। दमकल की 13 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। इस अग्निकांड में 2 लोगों के मौत की खबर है और 15 लोगों के झुलसने की भी सूचना है। 4 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर  ने बताया कि 6 वृद्ध लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम की जरूरत थी और उन्हें अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। आग पर काबू पा लिया गया है लेकिन धुआं बहुत ज्यादा है। सभी लोगों को बचा लिया गया है।

डीसीपी सौरभ त्रिपाठी में बताया कि दमकल की 21 गाड़ियां आई हैं, ट्राफिक पुलिस व स्थानीय पुलिस की मदद ली गई। अनुमान है कि 15वें फ्लॉर पर आग लगी और उपर तक गई। 19वां फ्लॉर ज़्यादा  प्रभावित हुआ है। 15 घायलों को विभिन्न आस्पताल में भर्ती कराया गया है, इनमें से 4 गंभीर बताए गए हैं।


कोरोना से जंग! महाराष्ट्र में सख्ती के आदेश, अब लगेगा नाइट कर्फ्यू, जानिए-क्या खुलेंगे और क्या रहेंगे बंद

सरकार ने एलान किया है कि राज्य में 10 जनवरी से रात 11 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। सरकार ने सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के समूहों में आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा सरकार ने स्विमिंग पूल, जिम, स्पा, ब्यूटी सैलून, चिड़ियाघर, संग्रहालय और मनोरंजन पार्कों को बंद करने का आदेश दिया है।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए राज्य की उद्धव सरकार ने 10 जनवरी से राज्य में स्पा सेंटर, शॉपिंग मॉल्स, स्कूल, जिम, सार्वजनिक  स्थानों को पूरी तरह से 15 फरवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है।

सरकार ने एलान किया है कि राज्य में 10 जनवरी से रात 11 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। सरकार ने सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के समूहों में आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा सरकार ने स्विमिंग पूल, जिम, स्पा, ब्यूटी सैलून, चिड़ियाघर, संग्रहालय और मनोरंजन पार्कों को बंद करने का आदेश दिया है।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए आवश्यक गतिविधियों और शिक्षकों की प्रशासनिक गतिविधियों को छोड़कर स्कूल और कॉलेज 15 फरवरी तक बंद रहेंगे। कार्यालय प्रमुखों की लिखित अनुमति के बिना सरकारी कार्यालयों में किसी भी आगंतुक को अनुमति नहीं दी जाएगी। वीडियो कांफ्रेंस के जरिए लोगों को ऑनलाइन संवाद की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।


आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यालयों को घर से काम करने का विकल्प चुनना चाहिए और यदि कार्यालय से काम करना आवश्यक है तो काम के घंटे को अलग- अलग करना चाहिए। निजी कार्यालयों को भी घर से काम करने की अनुमति देकर और काम के घंटे को अलग-अलग करके कार्यालय आने वाले कर्मचारियों की संख्या को युक्तिसंगत बनाने के लिए कहा गया है।

आदेश में कहा गया है कि विवाह और सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक या राजनीतिक समारोहों में उपस्थित लोगों की सीमा 50 होगी। अंतिम संस्कार में 20 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकते।

तरणताल, जिम, स्पा, वेलनेस सेंटर, ब्यूटी सैलून बंद रहेंगे। हेयर कटिंग सैलून 50 फीसदी क्षमता पर काम करेंगे। पहले से निर्धारित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को छोड़कर, खेल आयोजनों को स्थगित कर दिया जाएगा। हालांकि इस तरह के आयोजन दर्शकों के बिना और खिलाड़ियों एवं अधिकारियों के लिए बायो-बबल के साथ होंगे।

आदेश में कहा गया है कि टूर्नामेंट या आयोजन के हर तीसरे दिन खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन जांच अनिवार्य होगा।

आदेश के अनुसार जनता के लिए मनोरंजन पार्क, चिड़ियाघर, संग्रहालय, किले और अन्य टिकट वाले स्थान बंद रहेंगे। शॉपिंग मॉल और मार्केट कॉम्प्लेक्स 50 प्रतिशत क्षमता पर काम कर सकते हैं और आगंतुकों की वर्तमान संख्या की जानकारी नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जानी चाहिए।

कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों को ही मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में प्रवेश करने की अनुमति होगी और ये प्रतिष्ठान रात 10 बजे के बाद बंद हो जाएंगे। रेस्टोरेंट और भोजनालय भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुले रहेंगे और आगंतुकों की वर्तमान संख्या नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी. वे भी रात 10 बजे तक ही खुले रह सकते हैं।

इसमें कहा गया है कि सिनेमा थिएटर और ड्रामा हॉल भी 50 प्रतिशत क्षमता पर काम करेंगे। कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले चुके व्यक्तियों के लिए ही सार्वजनिक परिवहन की अनुमति होगी।

 प्रतियोगी परीक्षाएं, जहां हॉल टिकट जारी किए गए हैं, केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजित की जाएंगी। आदेश में कहा गया है कि भविष्य की सभी परीक्षाएं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से अनुमति मिलने के बाद ही आयोजित की जाएंगी।


मनी लांड्रिंग केस: प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल देशमुख और उनके बेटे के खिलाफ दायर किया 7000 पन्ने का आरोप पत्र

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई के पीएमएलए कोर्ट में अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। 7000 पन्नों की इस चार्जशीट में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री, एनसीपी विधायक अनिल देशमुख को मुख्य आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में अनिल देशमुख के दोनों बेटों ऋषिकेश और सलिल को भी आरोपी बनाया गया है।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबई: मनी लांड्रिंग केस में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई के पीएमएलए कोर्ट में दायर 7000 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अनिल देशमुख को मुख्य अभियुक्त बनाया है। इसके साथ ही अनिल देशमुख के दोनों बेटों का भी इस चार्टशीट में नाम शामिल किया है। 

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई के पीएमएलए कोर्ट में अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। 7000 पन्नों की इस चार्जशीट में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री, एनसीपी विधायक अनिल देशमुख को मुख्य आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में अनिल देशमुख के दोनों बेटों ऋषिकेश और सलिल को भी आरोपी बनाया गया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता, देशमुख को मुंबई में ED कार्यालयों के सामने पेश होने के एक दिन बाद 2 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था, और तब से वह हिरासत में हैं। अगस्त में दायर पहले चार्जशीट में, ईडी ने देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और नागपुर में देशमुख परिवार द्वारा संचालित एक निजी सहायक कुंदन शिंदे और अन्य सहित 14 आरोपियों को नामजद किया था। आरोपों से इनकार करते हुए, देशमुख ने ईडी का जवाब देते हुए दावा किया कि पैसा विभिन्न कंपनियों से प्राप्त ऋण और सीएसआर फंड था।

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार और जबरन वसूली का आरोप लगाया था। देशमुख ने कथित तौर पर वाजे को होटल व्यवसायियों से प्रति माह 100 करोड़ रुपये एकत्र करने का निर्देश दिए थे और मुंबई में विभिन्न बार मालिकों से 4.70 करोड़ रुपये एकत्र किए थे, जिसे बाद में उनके ट्रस्टों के माध्यम से इसकी लॉन्ड्रिंग की गई थी। इन आरोपों के बाद देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 


केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की जांच कर रहे हैं। ED ने इसको लेकर मनीलॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन रोकथाम कानून (PMLA) के तहत 71 वर्षीय अनिल देशमुख से लंबी पूछताछ के बाद दो नवंबर को उनको गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से देशमुख जेल में हैं। उनके कुछ सहयोगी भी इस मामले में आरोपित हैं और गिरफ्तार किए गए हैं।


वसूली कांड: सचिन वाजे करता था परमबीर सिंह के लिए रिश्वत कलेक्शन का काम, चार्जशीट में खुलासा

चार्जशीट में यह खुलासा किया गया है कि सचिन वाजेे परमबीर सिंह के लिए रिश्वत की रकम इकट्ठा करता था और उन्हें 75 फीसदी रकम देता था व शेष 25 फीसदी रकम खुद रखता था।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुम्बई: मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ वसूली कांड  में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। चार्जशीट में यह खुलासा किया गया है कि सचिन वाजेे परमबीर सिंह के लिए रिश्वत की रकम इकट्ठा करता था और उन्हें 75 फीसदी रकम देता था व शेष 25 फीसदी रकम खुद रखता था।



चार्जशीट के मुताबिक, निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को 'नंबर एक' बताते हुए उनकी तरफ से वसूली करने का आरोप लगाया है। मुंबई पुलिस ने जबरन वसूली के एक मामले में अपने आरोपपत्र में यह दावा किया है। आरोप है कि सचिन वाजे के अनुसार वसूली का 75 प्रतिशत पैसा परमबीर सिंह के पास जाता था और बाकी पैसा वह रखता था।

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने उपनगरीय गोरेगांव में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में शहर के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह और तीन अन्य के खिलाफ शनिवार को आरोपपत्र दाखिल किया। 400 से अधिक पृष्ठों का आरोपपत्र मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एस.बी. भाजीपाले के समक्ष दाखिल किया गया। 


वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सिंह के खिलाफ दाखिल यह पहला आरोपपत्र है। वह महाराष्ट्र में जबरन वसूली के कम से कम पांच मामलों में नामजद हैं और उन्हें इस हफ्ते की शुरुआत में निलंबित कर दिया गया था। आरोपियों में से सुमित सिंह और अल्पेश पटेल जमानत पर हैं जबकि विनायक सिंह और रियाज भट्टी वांछित आरोपी हैं।


आरोपपत्र के अनुसार, तीन से चार गवाहों ने पुष्टि की कि वाजे सिंह को ''नंबर एक'' बुलाता था और कहता था कि ''नंबर एक ने पैसा मांगा है।''

 
आरोपपत्र में कहा गया है कि वाजे को कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच करने को कहा गया। वह शहर के पुलिस प्रमुख से सीधे मुलाकात करता था और महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा करता था और यह सभी दिखाता है कि वह सिंह का करीबी था। इसमें कहा गया है कि सिंह, वाजे और अन्य आरोपियों के जरिए क्रिकेट सटोरिये के साथ ही होटल और बार मालिकों से पैसे मांगते थे और पैसे न देने पर उन्हें गिरफ्तार करने तथा उनके प्रतिष्ठानों पर छापे मारने की धमकियां देते थे।


मायानगरी मुम्बई में 20 वर्षीय युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या, 2 संदिग्ध पुलिस हिरासत में, मामले की जांच जारी

मुंबई के एक इलाके में खाली पड़े बिल्डिंग में महिला की लाश मिली है। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में पुलिस 2 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। दोनों संदिग्ध मृतक युवती के जानकार बताए जा रहे हैं।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबई: मायानगरी मुम्बई में एक 20 वर्षीय युवती की रेप के बाद हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। युवती की लाश वीरान जगह पर मिली।


मुंबई के एक इलाके में खाली पड़े बिल्डिंग में महिला की लाश मिली है। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। 

शुरू में डीसीपी (जोन 5), प्रणय अशोक ने कहा था, 'आरोपी युवक की पहचान के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यौन उत्पीड़न के सबूत मिले हैं।'

मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्ध पीड़िता के परिचित हैं। फिलहाल पुलिस इनसे इस घटना के संबंध में सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस की तरफ से यह भी बताया गया है कि लड़की की डेड बॉडी अब सड़ने लगी थी।

इस खौफनाक वारदात को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि गुरुवार को कुछ लड़के वीडियो शूट करने के लिए इस बिल्डिंग में गए हुए थे। लेकिन इमारत बंद थी। जैसे ही यह लड़के वहां पहुंचे उनकी नजर महिला की डेड बॉडी पर पड़ी। इसके बाद घबराए लड़कों ने स्थानीय लोगों को इस संबंध में सूचित जिसके बाद पुलिस को भी सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि मृत लड़की की सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। 


वसूली कांड: परमबीर सिंह के खिलाफ जारी हुये NBW को ठाणे कोर्ट ने किया रद्द

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ठाणे कोर्ट से रवाना हुए। अदालत ने पेश होने के बाद ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया। कोर्ट ने उन्हें ठाणे पुलिस को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

ठाणे: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ठाणे कोर्ट से रवाना हुए। अदालत ने पेश होने के बाद ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया। कोर्ट ने उन्हें ठाणे पुलिस को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।

वहीं, दूसरी तरफ आज परम बीर सिंह से ठाणे नगर पुलिस थाने में लगभग 4 घंटे तक जांच अधिकारियों ने पूछाताछ की। इससे पहले गुरुवार को वसूली कांड मामले में वह क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए थे, जहां उनसे मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने लगभग 7 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान परम बीर सिंह खुद को पाक-साफ बताते रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वह जांच में सहयोग करते रहेंगे।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक,  परम बीर सिंह को वापस जांच के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि, वह जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने शिकायतकर्ता के आरोपों पर कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है।

गौरतलब है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर एक गाड़ी से विस्फोटक मिलने के बाद दर्ज मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद सिंह को मार्च 2021 में मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया था। इसके बाद सिंह को होम गार्ड्स का महानिदेशक नियुक्त किया था।


वसूली कांड: परम बीर सिंह मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने कसा तंज, कही ये बात

परम बीर सिंह के मुंबई पहुंचते ही महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वाल्से ने उनपर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि बहुत अचरज की बात है कि जो व्यक्ति राज्य के पुलिस प्रमुख रहे, मुंबई और ठाणे पुलिस के प्रमुख रहे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी पुलिस में बिता दी, उन्हें डर लग रहा है।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुंबई: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह मुंबई पहुंच गए हैं। उन्हें मुंबई की एक अदालत ने फरार घोषित कर दिया था। वह महाराष्ट्र में कई मामलों में रंगदारी के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इससे पहले परम बीर सिंह ने एक निजी समाचार चैनल से खुद के चंडीगढ़ में होने की जानकारी दी थी और कहा था कि वह जल्द ही जांच में शामिल होंगे।

वहीं, परम बीर सिंह के मुंबई पहुंचते ही महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वाल्से ने उनपर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि बहुत अचरज की बात है कि जो व्यक्ति राज्य के पुलिस प्रमुख रहे, मुंबई और ठाणे पुलिस के प्रमुख रहे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी पुलिस में बिता दी, उन्हें डर लग रहा है।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट में परम बीर सिंह के वकील द्वारा यह कहा गया था कि उन्हें मुंबई में जान का खतरा बना हुआ है और उन्हें किसी और से नहीं बल्कि मुंबई पुलिस से ही जान का खतरा है। जिसके बाद अब महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वाल्से ने कहा है कि अगर उनको खतरा लग रहा है, तो किनसे खतरा है और क्या खतरा है, वो कुछ बताएंगे तो देखेंगे।


वसूली कांड: भागे नहीं हैं मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह, कहा-'चंडीगढ़ में हूँ जल्द जाँच में होऊंगा शामिल'

एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में परम बीर सिंह कहा कि वह चंडीगढ़ में हैं और जल्द ही मुंबई में उनके खिलाफ चल रहे मामलों की जांच में शामिल होंगे।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

मुम्बई: वसूली कांड में तमाम तरह के आरोपों का सामना कर रहे मुम्बई पुलिस के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने कहा है कि वह चंडीगढ़ में हैं और जल्द ही जांच में शामिल होंगे। 

एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में परम बीर सिंह कहा कि वह चंडीगढ़ में हैं और जल्द ही मुंबई में उनके खिलाफ चल रहे मामलों की जांच में शामिल होंगे। बता दें कि परम बीर सिंह के खिलाफ मुंबई और ठाणे में पांच मामले दर्ज हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को परम बीर सिंह को कथित जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की थी। कोर्ट ने इसे मंजूर करते हुए परम बीर सिंह को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान परम बीर सिंह के वकील ने कहा था कि वह देश में ही हैं। उनके वकील ने कहा था, "वह फरार नहीं होना चाहते हैं। वह भागना नहीं चाहते हैं। हालांकि, मुद्दा यह है कि जैसे ही वह महाराष्ट्र में प्रवेश करेंगे, उनके जीवन के लिए एक बहुत ही वास्तविक खतरा है।"


बताते चलें कि पिछले हफ्ते, परमबीर सिंह को मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने "घोषित अपराधी" घोषित किया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है।

मार्च 2021 में बर्खास्त किए गए पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की गिरफ्तारी के बाद परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटा दिया गया था। वाझे को मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के पास विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था।