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पंजाब के सीएम भगवंत मान का दावा ,सरकार ने 5 महीने में 17313 युवाओं को दिया रोजगार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि पदभार संभालने के महज पांच महीने में ही आम आदमी पार्टी की सरकार ने 17,313 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। पंजाब पुलिस में नए भर्ती हुए 4,358 कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए और एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित किया है।



नई दिल्लीः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि पदभार संभालने के महज पांच महीने में ही आम आदमी पार्टी की सरकार ने 17,313 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। पंजाब पुलिस में नए भर्ती हुए 4,358 कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए और एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित किया है।

उन्होंने कहा कि इस भर्ती अभियान में चयन का एकमात्र मानदंड योग्यता थी। मान ने कहा कि पुलिस विभाग के 5,739 और पदों को भरने के लिए जल्द ही भर्ती शुरू की जाएगी। राज्य से अपराध और अपराधियों को खत्म करने के लिए नए भर्ती हुए कांस्टेबलों को अपनी विशेषज्ञता को अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह उनके लिए गर्व और संतोष की बात है कि सभी रंगरूट उच्च योग्य हैं और शैक्षणिक और तकनीकी ज्ञान से सुसज्जित हैं।

उन्होंने कहा कि यह योग्यता आज के तकनीकी विकास के दौर में अपराध और अपराधियों से निपटने में मददगार हो सकती है। हालांकि, मान ने कहा कि चूंकि अपराधी अपराध करने की नई तकनीक विकसित कर रहे हैं, इसलिए पुलिस को अपराध और अपराधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपनी विशेषज्ञता को भी अपडेट करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हो रही है कि उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं को इस चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए सफलतापूर्वक भर्ती किया गया है।

उन्होंने कहा कि 4,358 उम्मीदवारों में से 103 स्नातकोत्तर हैं, 2,607 स्नातक हैं और 1,648 वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा पास किए हुए हैं। इसी तरह, मान ने कहा कि 2,930 कांस्टेबल 18-25 वर्ष के आयु वर्ग के हैं, जबकि 816 पुलिस जवान 26-30 वर्ष के आयु वर्ग के हैं।


पंजाब में एक विधायक, एक पेंशन बिल को मंजूरी

पंजाब मे मान सरकार की तरफ से पास किये गए बिल को राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसी के साथ पंजाब मे दशको पुराने एक से ज्यादा पेंशन मिलने वाले कानून का अंत हो गया और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने ' एक विधायक, एक पेंशन' कानून को मंजूरी दे दी है।


नई दिल्लीः पंजाब मे मान सरकार की तरफ से पास किये गए बिल को राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसी के साथ पंजाब मे दशको पुराने एक से ज्यादा पेंशन मिलने वाले कानून का अंत हो गया और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने ' एक विधायक, एक पेंशन' कानून को मंजूरी दे दी है। 

केवल एक कर्याकाल के लिए पेंशन

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस बात की जानकारी देते हुए ट्वीट कर कहा, ' मानवीय राज्यपाल जी ने "एक विधायक - एक पेंशन" वाले बिल को मंजूरी दे दी है तथा सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है ।मुझे पंजाबियों को ये बताते हुए बहुत खुशी हो रही है । इससे जनता का बहुत टैक्स बचेगा ।

पेंशन सेवा का लाभ उठा रहे है 250 पूर्व विधायक 

वर्तमान में लगभग 250 पूर्व विधायक पेंशन सेवा का लाभ उठा रहे हैं । किसी भी विधायक को एक कार्यकाल पुरा होने के बाद 75 हजार रुपये पेंशन राशि के तौर पर मिलती है, इसके बाद आगे के कार्यकाल के लिए उन 75 हजार के अलावा अलग से 66 प्रतिशत पेंशन राशि मिलती है । वही एक विधायक एक पेंशन कानून लागू होने के बाद अब एक विधायक को सिर्फ एक ही पेंशन मिला करेगा। इस बिल के पास होने से पहले नियम था की अगर कोई विधायक पाँच बार चुनाव जीतता है तो वह पाँच बार के हिसाब से पेंशन सेवा का लाभ उठाता था।


दलेर मेहंदी को मानव तस्करी के मामले में 2 साल की जेल, 2003 में दर्ज हुआ था केस

पंजाब के मशहूर गायक दलेर पटियाला की एक अदालत के आदेश पर साल 2003 में उनके खिलाफ दर्ज एक मानव तस्करी मामले में जेल भेज दिया गया है। मेहंदी की ओर से गुरुवार को अदालत में सजा की माफ़ी के लिए अपील दायर की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।



नई दिल्लीः पंजाब के मशहूर गायक दलेर पटियाला की एक अदालत के आदेश पर साल 2003 में उनके खिलाफ दर्ज एक मानव तस्करी मामले में जेल भेज दिया गया है। मेहंदी की ओर से गुरुवार को अदालत में सजा की माफ़ी के लिए अपील दायर की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत में मौजूद मेहंदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

आपको बता दें कि, दलेर मेहंदी और उनके भाई शमशेर सिंह पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी मंडली के सदस्यों के रूप में लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजने के लिए मोटी रकम वसूली थी। 2018 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने दोनों भाइयों को दोषी ठहराया भी ठहराया था और उन्हें दो साल जेल की सजा भी सुनाई थी, जिसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई थी और बाद में उन्होंने सत्र अदालत में सजा माफी की अपील दायर की थी। आज अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एचएस ग्रेवाल की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। 

2003 का है मामला

साल 2003 में सदर पुलिस स्टेशन में दलेर मेहंदी के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी जिसमें उनके उपर आरोप लगाया गया था कि मेहंदी बंधुओं ने 1998 और 1999 में दो मंडलियां ली थीं, इस दौरान 10 लोगों को समूह के सदस्यों के रूप में अमेरिका ले जाया गया और अवैध रूप से "छोड़ दिया" गया। अभिनेत्री करिश्मा कपूर और उनकी मां बबीता के साथ अमेरिका की यात्रा पर गए दलेर ने कथित तौर पर सैन फ्रांसिस्को में तीन लड़कियों को "छोड़ दिया" था। लड़कियों की पहचान गुजरात की रहने वाली लड़कियों के रूप में हुई थी।

दोनों भाइयों ने अक्टूबर 1999 में जूही चावला, रवीना टंडन और जावेद जाफरी की कंपनी में एक और मंडली ली, जिसके दौरान न्यू जर्सी में तीन लड़कों को "छोड़ दिया" गया। 19 सितंबर 2003 को पटियाला पुलिस ने दलेर और शमशेर के खिलाफ एक बख्शीश सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया। भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए 35 और शिकायतें आईं।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि दोनों भाइयों ने "अवैध रूप से" अमेरिका में अवैध प्रवास करने में मदद करने के लिए उनसे पैसे लिए थे, लेकिन ऐसा करने में विफल रहे। पटियाला पुलिस ने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में दलेर मेहंदी के कार्यालयों पर भी छापा मारा था और मेहंदी बंधुओं को पैसे देने वालों की केस फाइल सहित दस्तावेज जब्त किए थे।


गुरप्रीत कौर संग सीएम भगवंत मान हुई शादी, सीएम केजरीवाल संग शादी में ये लोग रहे मौजूद

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज अपने जिंदगी की एक नई पारी की शुरुआत करते हुए डॉक्टर गुरप्रीत कौर से चंडीगढ़ स्थित आवास पर शादी की। शादी में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे।

नई दिल्ली पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज अपने जिंदगी की एक नई पारी की शुरुआत करते हुए डॉक्टर गुरप्रीत कौर से चंडीगढ़ स्थित आवास पर शादी की। इसी क्रम में कनाडाई दूतावास के कौंसुल जनरल पैट्रिक हेबर्ट ने भी सीएम को बधाई दी।  


सीएम भगवंत मान के आंनद कारज संपूर्ण हो चुके हैं। सिख धर्म के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हाज़िरी में विवाह संपन्न हुआ। शादी में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। भगवान मान ने गुरुवार को यह शादी बहुत ही लो प्रोफाइल में कि और बहुत ज्यादा भीड़ भाड़ या सुर्खियां नहीं बटोरी। 

मां की खुशियों के लिए कर रहे हैं दूसरी शादी

पंजाब सीएम भगवंत मान की शादी की रस्में पूरी हो चुकी हैं। दूल्हा बने भगवंत मान के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप सांसद राघव चड्ढा भी मौजूद हैं। आपको बता दें की सीएम भगवंत मान की मां की ख्वाहिश थी कि उनका बेटा फिर से अपना घर बसाए। मां की इच्छा पूरी करने के लिए मान ने फिर से शादी करने का फैसला किया। भगवंत मान के लिए लड़की भी उनकी मां और बहन ने ही चुनी है।

लोगों ने दी बधाईयां

पंजाब सीएम की शादी में शामिल हुए इस दौरान चड्ढा ने पंजाबी में कहा कि 'साडे वीर दा ब्याह'। वहीं आप सांसद ने मान के साथ अपनी एक खास फोटो भी ट्वीट की है। शादी की शुभकामनाएं देते हुए दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा कि, आज बेहद खुशी का दिन है कि मेरे छोटे भाई आज शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। भागवंत मान जी को बधाई। दुनिया की सारी खुशी मान जी को मिले। 

 शादी परोसे गए इंडियन और इटेलियन डिशेज

भगवंत मान की शादी में मेहमानों के लिए खास मेन्यू रखा गया है। न्यूज एजेंसी एनआई द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मान की शादी में मेहमानों को कड़ाही पनीर, तंदूरी कुलचे, दाल मखनी, नवरतन बिरयानी, मौसमी सब्ज़ियां, खुबानी भरवां कोफ्ता, लसग्ना सिसिलियानो और बुरानी रायता सहित बेस्ट इंडियन और इटेलियन कुजिन का स्वाद चखने को मिलेगा।


पंजाब के CM मान एक बार फिर से करेंगे शादी, जानिए- कौन बनेंगी दुल्हन

आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर शादी के पवित्र बंधन में बंधने जा रहे हैं। भगवंत मान शादी की शादी बहुत ही लो प्रोफाइल में उनके चंडीगढ़ आवास पर गुरुवार (7 जुलाई) को होगी, जिसकी तैयारियां चल रही हैं।



चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर शादी के पवित्र बंधन में बंधने जा रहे हैं। भगवंत मान शादी की शादी बहुत ही लो प्रोफाइल में उनके चंडीगढ़ आवास पर गुरुवार (7 जुलाई) को होगी, जिसकी तैयारियां चल रही हैं।

बता दें कि भगवंत मान का छह साल पहले तलाक हो गया था और उनकी पहली पत्नी व बच्चे अमेरिका में रहते हैं। भगवंत मान के दोनों बच्चे शपथ ग्रहण समारोह में आए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में भगवंत मान की पत्नी इंदरप्रीत कौर (Inderpreet Kaur) ने भी उनके साथ चुनाव प्रचार किया था।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) की मां हरपाल कौर (Harpal Kaur) की ख्वाहिश थी की वो अपना घर बसाएं. भगवंत मान की शादी डॉक्टर गुरप्रीत कौर (Dr. Gurpreet Kaur) से होगी, जिनको मुख्यमंत्री की मां और बहन ने खुद चुनी है।


भगवंत मान (Bhagwant Mann) की शादी उनके घर में एक छोटे से प्राइवेट समारोह में होगी और समारोह में सिर्फ परिवार वाले शामिल होंगे। शादी समारोह में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) शामिल होंगे और दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देंगे।


मूसेवाला हत्याकांड: मिद्दुखेड़ा की हत्या करने का बदला लेने के लिए की गई थी सिद्धू मूसेवाला की हत्या

मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की सनसनीखेज हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरुवार को कहा कि मुख्य साजिशकर्ता जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने कबूल किया कि विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए पिछले साल अगस्त में मारने की योजना बनाई गई थी।


चंडीगढ़: मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की सनसनीखेज हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरुवार को कहा कि मुख्य साजिशकर्ता जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने कबूल किया कि विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए पिछले साल अगस्त में मारने की योजना बनाई गई थी। 


एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के प्रमुख प्रमोद बान ने यहां मीडिया को बताया कि इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, पहली गिरफ्तारी 30 मई को हुई थी।

कनाडा स्थित गोल्डी बरार, (जो बिश्नोई गिरोह का सदस्य है) ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी।

बान ने कहा कि शूटर 25 मई को अपराध स्थल मूसा गांव के पास मानसा पहुंचे थे। पंजाब पहुंचने पर उन्हें कुछ हथियार मुहैया कराए गए।

उन्होंने बताया कि हत्या में एके सीरीज की राइफलों का इस्तेमाल किया गया।

बान ने कहा, "आज हमने बलदेव उर्फ निक्कू को गिरफ्तार किया है, जो अपराध की रेकी करने में केकड़ा (संदीप सिंह) के साथ था। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।"

निक्कू ने केकड़ा के साथ इलाके का मुआयना किया, मूसेवाला का पीछा किया और शूटरों को संकेत दिया, इसके अलावा गोल्डी बरार और सचिन बिश्नोई को फोन करके मारे गए गायक की गतिविधियों के बारे में रीयल-टाइम अपडेट देने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि बिश्नोई, (जिसे राज्य पुलिस पिछले सप्ताह दिल्ली से पूछताछ के लिए पंजाब लेकर आई थी) ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि हत्या की योजना पिछले साल शुरू हुई थी।

"उसने बरार, सचिन बिश्नोई (थापन) और उसके छोटे भाई अनमोल के साथ साजिश रचने की बात कबूल की है। हत्या से पहले कम से कम तीन रेकी की गई थी। जनवरी में, शूटरों के एक अन्य समूह ने मूसेवाला के घर का दौरा किया था।"

उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे का मकसद, (जैसा कि बिश्नोई ने स्वीकार किया है) मिद्दुखेड़ा की हत्या का बदला लेना था। हमारी जांच के अनुसार, मिद्दुखेड़ा की हत्या में मूसेवाला का हाथ सामने नहीं आया था। लॉरेंस गिरोह द्वारा उसकी हत्या में मूसेवाला की भूमिका के बारे में एक धारणा थी।

पंजाब बान के अतिरिक्त महानिदेशक ने कहा कि पुलिस को विभिन्न गतिविधियों में गिरोह की मदद करने वाले सहयोगियों, हथियार आपूर्तिकर्ताओं, फाइनेंसरों और अन्य लोगों का विवरण मिला है। "विभिन्न जिला पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।"

उन्होंने कहा कि बिश्नोई ने अपने भाई अनमोल और अपने करीबी सहयोगी सचिन थापन को बचाने के लिए एक सुनियोजित साजिश में और खुद को एक आदर्श बहाना बनाया, ताकि वह और उसके सहयोगी अपराध से ना जुड़े।

एडीजीपी ने कहा, "इस योजना को अंजाम देने के लिए उसने अपने भाई अनमोल बिश्नोई और सचिन थापन के फर्जी विवरणों पर पासपोर्ट हासिल किया और इस हत्या को अंजाम देने से पहले उन्हें देश से भगा दिया।"

उसने उन्हें विदेश में बसाया जहां से वे इस अपराध को देखे बिना या दोषी ठहराए बिना समन्वय, सुविधा और सफलतापूर्वक निष्पादित कर सकते थे।

अनमोल बिश्नोई का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह जोधपुर जेल में था, जहां से उसे 7 अक्टूबर 2021 को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। उसने फर्जी विवरण के तहत अपना पासपोर्ट हासिल किया था।

इसी तरह, लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी और 12 आपराधिक मामलों के साथ आपराधिक अतीत वाले सचिन थापन ने भी फर्जी विवरण के तहत आरपीओ दिल्ली द्वारा जारी पासपोर्ट प्राप्त करने में कामयाबी हासिल की।

पूछताछ के दौरान बिश्नोई द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर 20 जून को बिश्नोई और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया था।

एडीजीपी बान ने कहा, "इस गठजोड़ में अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए एक गहरी जांच की जाएगी, जिसमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति आरपीओ दिल्ली से फर्जी विवरणों पर पासपोर्ट प्राप्त करने और देश से भागने का प्रबंधन करते हैं। हमने उनके प्रत्यर्पण के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।"


सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: पेट्रोल पंप की पर्ची ने मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की मदद, जानिए-इन्वेस्टिगेशन की इनसाइड स्टोरी

अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहन से जब्त किए गए एक छोटे से सुराग ने पंजाब पुलिस को सिद्धू मूसेवाला की सनसनीखेज हत्या से संबंधित घटनाओं का खुलासा करने में मदद की, जिसके कारण मुख्य साजिशकर्ता लॉरेंस बिश्नोई सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

चंडीगढ़: अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहन से जब्त किए गए एक छोटे से सुराग ने पंजाब पुलिस को सिद्धू मूसेवाला की सनसनीखेज हत्या से संबंधित घटनाओं का खुलासा करने में मदद की, जिसके कारण मुख्य साजिशकर्ता लॉरेंस बिश्नोई सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं ने गुरुवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पुलिस ने अपराध के पीछे चार शूटरों की पहचान की है।

मूसेवाला शाम करीब पांच बजे घर से निकले थे। 29 मई को दो व्यक्तियों - गुरविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह (चचेरे भाई) के साथ अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या की थी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपने हत्यारों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए एडीजीपी (एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स-एजीटीएफ) की देखरेख में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

मामले में एक महत्वपूर्ण सुराग हरियाणा के फतेहाबाद में एक पेट्रोल पंप की 25 मई की रसीद की बरामदगी थी।

इसे एक बलेरो कार से बरामद किया गया, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल अपराध में किया गया था। एडीजीपी एजीटीएफ ने कहा कि बाद में इसे अपराध स्थल से लगभग 13 किलोमीटर दूर ख्याला गांव के पास छोड़ दिया गया था, सीसीटीवी फुटेज जमा करने के लिए फतेहाबाद के पेट्रोल स्टेशन पर एक पुलिस टीम भेजी गई थी।

उन्होंने कहा, "पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज हासिल कर ली है और एक आरोपी की पहचान करने में कामयाबी हासिल की है, संभवत: एक शूटर, जिसकी पहचान बाद में सोनीपत के प्रियव्रत के रूप में हुई। इसी तरह वाहन के मालिक का पता लगा लिया गया है।"

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा बोलेरो, टोयोटा कोरोला और व्हाइट ऑल्टो कार समेत सभी वाहन बरामद कर लिए हैं। टोयोटा कोरोला में हमलावरों ने टोयोटा कोरोला को पीछे छोड़ते हुए बंदूक की नोक पर एक सफेद ऑल्टो कार को रोका और छीन लिया, जो घटना के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई और सफेद बोलेरो जीप के बाद खारा बरनाला गांव की ओर भाग निकले।

सफेद ऑल्टो भी 30 मई को मोगा जिले के धर्मकोट के पास लावारिस पाई गई और सीसीटीवी फुटेज से आरोपी द्वारा लिए गए मार्ग की पहचान की गई।

दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब पेशी वारंट पर लाए गए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गिरफ्तार करने के अलावा, गिरफ्तार किए गए अन्य नौ आरोपियों की पहचान- बठिंडा के चरणजीत सिंह; सिरसा के संदीप सिंह उर्फ केकड़ा, बठिंडा में तलवंडी साबो के मनप्रीत सिंह; फरीदकोट के मनप्रीत भाऊ; अमृतसर के सराज मिंटू; हरियाणा के प्रभदीप सिद्धू; सोनीपत के मोनू डागर; और पवन बिश्नोई और नसीब, (दोनों फतेहाबाद के निवासी हैं) के रूप में हुई है।

उन्हें साजिश रचने, रसद सहायता प्रदान करने, रेकी करने और शूटरों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

एडीजीपी ने कहा कि कोरोला वाहन का पंजीकरण नंबर असली पाया गया और मालिक की पहचान कर ली गई। हालांकि, जिस व्यक्ति के नाम से खरीद का हलफनामा बरामद हुआ था, वह वास्तविक मालिक नहीं था, बल्कि फिरोजपुर जेल में बंद गोल्डी बराड़ से जुड़े गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना को अपना आधार कार्ड दिया था।

30 मई को उत्तराखंड के चमोली से गिरफ्तार किए गए मनप्रीत भाऊ ने पूछताछ के दौरान कहा कि उसने मन्ना के निर्देश पर मोगा के मनु कूसा और अमृतसर के जगरूप सिंह उर्फ रूपा के रूप में पहचाने गए दो संदिग्ध शूटरों को कार दी थी।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि निशानेबाजों को सराज मिंटू द्वारा प्रदान किया गया था, जो गोल्डी बराड़ और सचिन थापन के करीबी सहयोगी हैं और माना जाता है कि वे शूटरों के समूह का हिस्सा थे।

प्रभदीप सिद्धू उर्फ पब्बी, (जिसे 3 जून को पूछताछ में गिरफ्तार किया गया था) ने कहा कि उसने गोल्डी बराड़ के दो सहयोगियों को आश्रय दिया था, जो उसके साथ आए और उसके साथ रहे और उसने मूसेवाला के घर की रेकी करने में उनकी मदद की।

उन्होंने घर का दौरा भी किया है और सुरक्षाकर्मियों से बातचीत की है और कैमरों आदि की जांच की है।

इनपुट के बाद, गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी मोनू डागर को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया।

पूछताछ के दौरान उसने गोल्डी बराड़ के निर्देश पर सोनीपत निवासी प्रियव्रत और अंकित नाम के दो शूटरों को व्यवस्थित करने की बात कबूल की।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि फतेहाबाद के रहने वाले पवन बिश्नोई और नसीब ने सादुल शहर से अपराध में इस्तेमाल की गई सफेद बोलेरो जीप खरीदी थी और बठिंडा निवासी केशव के माध्यम से शूटरों को सौंप दी थी और उन्हें ठिकाना भी मुहैया कराया था।

संदीप केकड़ा, (जिसे 6 जून को गिरफ्तार किया गया था) ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि सिरसा के निक्कू तख्त मल के साथ कलियांवाली का उसका भाई बिट्टू मूसवाला के हलचल की रेकी कर रहा था।

उसने कहा कि 29 मई को उनके भाई बिट्टू ने उन्हें मोटरसाइकिल पर निक्कू के साथ जाने का काम सौंपा था, ताकि वह उनके प्रशंसक बनकर मूसेवाला के घर जा सकें।

उसने स्वीकार किया कि उसने निक्कू के मोबाइल फोन पर गायक के साथ सेल्फी ली और बाद में सचिन थापन को एक वीडियो कॉल करके उन्हें मूसेवाला के बारे में वास्तविक समय की जानकारी दी थी।

अब तक की जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बराड़, सचिन थापन, अनमोल बिश्नोई और विक्रम बराड़ के निर्देश पर काम कर रहे थे, जो अब दुबई में हैं।

इसके अलावा, इन गैंगस्टरों ने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए हत्या की दो टूक जिम्मेदारी ली थी।

बयान में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और अन्य को इस मामले में उनके गिरोह के सदस्यों के साथ आरोपी और साजिशकर्ता के रूप में नामित किया गया है।

इस बीच, एजीटीएफ और विशेष जांच दल (एसआईटी) केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि संदिग्ध शूटरों और अन्य लोगों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके और उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।


सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: पंजाब पुलिस ने एक और शॉर्प शूटर को दबोचा

बताया जा रहा है कि वह भटिंडा शहर में रहना वाला है। उसके परिवार ने दावा किया कि उन्होंने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है।

चंडीगढ़: पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वाले एक और शार्प शूटर को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

शार्प शूटर हरकमल रानू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह भटिंडा शहर में रहना वाला है। उसके परिवार ने दावा किया कि उन्होंने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है।

इस बीच मूसेवाला की हत्या में वांछित कनाडा के गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किया गया है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 2 जून को गोल्डी बराड़ के खिलाफ आरसीएन जारी करने के लिए इंटरपोल को एक पत्र लिखा था। जानकारी के मुताबिक, गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था और उसके बाद वह वापस नहीं लौटा।


सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: देश छोड़कर भाग निकला मुख्य आरोपी, दूसरा भी भागने की तैयारी में, पढ़िए-हत्यारों की प्लानिंग के बारे में

लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) ही सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड है लेकिन खुफिया एजेंसियों के अनुसार जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल देश छोड़ कर भाग गया है तो उसका भतीजा सचिन फरार बताया जा रहा है।

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बुधवार को दावा किया था लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) ही सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड है लेकिन खुफिया एजेंसियों के अनुसार जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल देश छोड़ कर भाग गया है तो उसका भतीजा सचिन फरार बताया जा रहा है।


खुफिया विभाग के अनुसार सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाला सचिन बिश्नोई भी देश छोड़ने की फिराक में है। मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई है जबकि इस घटना की पूरी साजिश सचिन और अनमोल ने रची थी।

पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार संदिग्धों ने भी पूछताछ के दौरान अनमोल का नाम बताया था। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने सिद्धू मुसावाला (Sidhu Moose Wala)बुधवार को बड़ा खुलासा करते हुए लॉरेन्स को ही मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया था। पुलिस के अनुसार लॉरेन्स ऑर्गेनाइज क्राइम करता रहा है और उसके निशाने पर पंजाब के कई और सिंगर भी हो सकते हैं। पुलिस ने अपने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मूसेवाला हत्याकांड के गुनाहगारों को जल्द पकड़ने की बात कही थी।


मूसेवाला हत्याकांड: गोल्डी बराड़ के प्रत्यर्पण की कोशिश में पंजाब पुलिस, बड़ा सवाल-क्या मिलेगी कामयाबी?

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद, पंजाब पुलिस ने बुधवार को कहा कि वह उसे प्रत्यर्पित करने के लिए काम कर रही है।

चंडीगढ़: गैंगस्टर गोल्डी बराड़ द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद, पंजाब पुलिस ने बुधवार को कहा कि वह उसे प्रत्यर्पित करने के लिए काम कर रही है। सतिंदरजीत सिंह, उर्फ गोल्डी बराड़, श्री मुक्तसर साहिब का मूल निवासी है और 2017 में छात्र वीजा पर कनाडा गया था, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य है।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि मूसेवाला की हत्या से 10 दिन पहले 19 मई को, उन्होंने बराड़ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को प्रस्ताव भेजा था, जो उसके भारत प्रत्यर्पण का मार्ग प्रशस्त करेगा।

प्रस्ताव दो मामलों के आधार पर भेजा गया था। पहला दिनांक 12 नवंबर, 2020 और दूसरा 18 फरवरी, 2021।

पंजाब पुलिस ने तरनतारन के गैंगस्टर से आतंकवादी बने हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की भी मांग की है, जिसे 5 मई 2022 को सीबीआई को भेजा गया था।

रिंडा, जो आतंकवादी मॉड्यूल को शामिल करने और संचालित करने के लिए जिम्मेदार है, अब पाकिस्तान में है।

वह, पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा समर्थित, भारत में भारी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी में भी जिम्मेदार रहा है।

प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में करनाल में गिरफ्तार किए गए चार आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद और आईईडी बरामद किया गया है।


हाल ही में, वह अपने गुर्गों के माध्यम से खुफिया मुख्यालय पर ग्रेनेड हमले के लिए जिम्मेदार था। रिंडा के खिलाफ तीन मामलों में रेड कॉर्नर नोटिस मांगा गया है।

प्रवक्ता ने कहा कि इंटरपोल के साथ संपर्क के लिए केंद्रीय राष्ट्रीय ब्यूरो, सीबीआई के स्तर पर प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।


पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत 2 साथियाें के साथ गिरफ्तार, जानिए-क्या है मामला

धर्मसोत पर पेड़ कटाई के बदले रिश्वत लेने का आरोप है। विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और उनके 2 साथियों को अमलोह से गिरफ्तार किया है।

फतेहगढ़ साहिब: विजिलेंस ब्यूराे ने पंजाब के पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और उसके दाे साथियाें काे गिरफ्तार किया है। मंगलवार सुबह तीन बजे विजिलेंस ने उन्हें अमलोह से उठाया है। धर्मसोत पर पेड़ कटाई के बदले रिश्वत लेने का आरोप है। विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और उनके 2 साथियों को अमलोह से गिरफ्तार किया है।

धर्मसोत कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीएम रहते वन मंत्री थे। गाैरतलब है कि आज ही राहुल गांधी पंजाब आ रहे हैं। वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद उनके परिवार से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली के कुछ जंगलात अफसरों को रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़ा था। उन्होंने पूछताछ में बताया कि धर्मसोत एक पेड़ काटे जाने के बदले 500 रुपये की रिश्वत लेते थे। इसके अलावा नए पेड़ लगाने के बदले भी रिश्वत ली जाती थी। जिसका हिस्सा सीधे तत्कालीन मंत्री धर्मसोत के पास भी जाता था।


साधु सिंह धर्मसोत पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप घोटाले में भी घिरे रहे हैं। उनके सामाजिक सुरक्षा मंत्री रहते आरोप लगे कि गलत तरीके से स्कालरशिप का पैसा प्राइवेट कालेजों और यूनिवर्सिटीज को दे दिया गया। इसको लेकर खूब हंगामा भी हुआ। इसके बावजूद तत्कालीन कैप्टन सरकार ने धर्मसोत को क्लीन चिट दे दी थी।


मूसेवाला हत्याकांड: आरोपी की मां बोली-'अगर मेरे बेटे ने की है सिंगर की हत्या तो पुलिस कर दे उसका एनकाउंटर'

बता दें कि पुलिस जगरूप को गिरफ्तार तो नहीं कर पाई लेकिन उसके परिवार से मीडिया ने बातचीत की। इस बातचीत में परिवार ने कई बड़े बयान दिए हैं। परिवार ने बताया कि जगरूप को साल 2017 में ही घर से बेदखल कर दिया गया था। बेदखल करने के पीछे परिवार ने वजह बताई कि जगरूप नशा करता था और घर से पैसे चुराता था। जगरूप की मां ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर उसके बेटे ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की है तो पुलिस उसका एनकाउंटर कर दे, उन्हें कोई दुख नहीं होगा।

नई दिल्ली: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को करीब हफ्ता बीत चुका है, लेकिन जांच के नाम पर पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। जानकारी के मुताबिक हत्या को अंजाम देने वाले 8 शूटर्स थे। उन सभी की तस्वीरें जारी हो गई है, लेकिन हैरानी की बात ये इन आठों आरोपियों में से अभी तक एक भी पुलिस के गिरफ्त नहीं आया है। 

मूसेवाला की हत्या करने वाले 8 शूटरों में एक जगरूप सिंह रूपा भी है। जगरूप पंजाब के तरनतारन का रहने वाला है। पुलिस को उसके खिलाफ कुछ इनपुट मिले जिसके आधार पर उसे पकड़ने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस जैसे ही उसके घर पहुंची, तो वहां ताला लगा हुआ था।

बता दें कि पुलिस जगरूप को गिरफ्तार तो नहीं कर पाई लेकिन उसके परिवार से मीडिया ने बातचीत की। इस बातचीत में परिवार ने कई बड़े बयान दिए हैं। परिवार ने बताया कि जगरूप को साल 2017 में ही घर से बेदखल कर दिया गया था। बेदखल करने के पीछे परिवार ने वजह बताई कि जगरूप नशा करता था और घर से पैसे चुराता था। जगरूप की मां ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर उसके बेटे ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की है तो पुलिस उसका एनकाउंटर कर दे, उन्हें कोई दुख नहीं होगा। 

जगरूप की मां का कहना है कि अगर उसके बेटे ने कुछ गलत किया है तो उसे सजा निश्चित मिलनी चाहिए। पुलिस जगरूप की तलाश में है। जगरूप घर से गायब है जिस वजह से पुलिस अब दूसरी जगह उसे ढूंढने की तैयारी कर रही है। 


मूसेवाला हत्याकांड: पंजाब पुलिस ने 'केकड़ा' को किया अरेस्ट, सिद्धू को गोली मारने वाले 8 शूटरों की फोटोज की जारी

दूसरी तरफ मूसेवाला केस में 8 शूटरों के शामिल होने का संदेह बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, इन सभी की पहचान कर ली गई है। एक आरोपी मनप्रीत सिंह मन्नू की भी पंजाब से गिरफ्तारी हो चुकी है। 3 शूटर पंजाब के रहने वाले 2 महाराष्ट्र और 2 हरियाणा के हैं जबकि एक शूटर का ताल्लुक राजस्थान से है।

चंडीगढ़:  पंजाब के फेमस सिंगर सिद्धू मूसेवाला केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जानकारी के मुताबिक मूसेवाला के शूटर्स को गाड़ी उपलब्ध कराने वाले 'केकड़ा' नाम के शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मानसा पुलिस केकड़ा से पूछताछ कर रही है। बताया गया है कि पुलिस के लिए यह बड़ी कामयाबी है। 

दूसरी तरफ मूसेवाला केस में 8 शूटरों के शामिल होने का संदेह बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, इन सभी की पहचान कर ली गई है। एक आरोपी मनप्रीत सिंह मन्नू की भी पंजाब से गिरफ्तारी हो चुकी है। 3 शूटर पंजाब के रहने वाले  2 महाराष्ट्र और 2 हरियाणा के हैं जबकि एक शूटर का ताल्लुक राजस्थान से है। 

बता दें कि आरोपियों की तलाश में दिल्ली एनसीआर, पंजाब, यूपी, राजस्थान में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। इन सभी शूटर्स की तस्वीरें जारी हो गई है। 

शूटरों के नाम

जगरूप सिंह रूपा- तरनतारन पंजाब
हरकमल उर्फ रानू- भटिंडा- पंजाब
प्रियव्रत उर्फ फौजी- सोनीपत हरियाणा
मनजीत उर्फ भोलू- सोनीपत- हरियाणा
सौरव उर्फ महाकाल- पुणे- महाराष्ट्र
संतोष जाधव- पुणे- महाराष्ट्र
सुभाष बनौदा- सीकर- राजस्थान 


मूसेवाला हत्याकांड: हत्यारों के बारे में मिला अहम सुराग, CCTV में कैद हुए सिंगर के गुनाहगार

मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के संदिग्ध हत्यारों की एक नई सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जो मामले की चल रही जांच को गति दे सकती है।

चंडीगढ़: मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के संदिग्ध हत्यारों की एक नई सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जो मामले की चल रही जांच को गति दे सकती है। 

सीसीटीवी फुटेज में, कथित हत्यारों को एक पेट्रोल पंप पर देखा जा सकता है, जो उसी जीप में ईंधन भर रहा हैं जिसका इस्तेमाल अपराध के लिए किया गया है। उक्त वीडियो हरियाणा के फतेहाबाद और पंजाब के सरदुलगढ़ के बीच स्थित एक पेट्रोल पंप का है।

वीडियो में, दो आदमी, एक नीली शर्ट पहने और दूसरे सफेद टी-शर्ट पहने, अपनी कार में ईंधन भरवाते हुए देखे जा सकते हैं। वीडियो से पुलिस को संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, क्योंकि उनके चेहरे साफ दिख रहे हैं।

28 वर्षीय मूसेवाला की 29 मई को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह पंजाब के मानसा जिले में एक कार में यात्रा कर रहे थे। करीब एक दर्जन हमलावरों ने उन पर 30 से अधिक गोलियां चलाईं। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें 'मृत लाया' घोषित कर दिया। गायक की ऑटोप्सी रिपोर्ट से पता चला कि उसके शरीर पर गोली लगने के 19 निशान थे।


पंजाब के अलावा दिल्ली में भी जांच चल रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस समय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से पंजाबी गायक की निर्मम हत्या में कथित संलिप्तता के लिए पूछताछ कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले शार्पशूटर संभवत: नेपाल भाग गए हैं।


पंजाब की AAP सरकार को HC से बड़ा झटका, राज्य में 424 VVIP की सुरक्षा फिर होगी बहाल

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हत्या किए जाने के बाद पंजाब सरकार ने गुरुवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया कि सात जून से सभी 434 वीवीआईपी की सुरक्षा बहाल कर दी जाएगी।

चंडीगढ़: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हत्या किए जाने के बाद पंजाब सरकार ने गुरुवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया कि सात जून से सभी 434 वीवीआईपी की सुरक्षा बहाल कर दी जाएगी। पंजाब सरकार की ओर से वीवीआईपी की सुरक्षा में कटौती के 24 घंटे से भी कम समय में, गायक से अभिनेता-राजनेता बने सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े उनके पैतृक गांव मानसा के पास गैंगस्टरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इसके बाद से ही पंजाब में वीवीआईपी सुरक्षा हटाने का मुद्दा काफी गर्मा गया था। इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई वाली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से झटका लगा, क्योंकि अदालत ने वीवीआईपी की सुरक्षा में कटौती को गलत माना।

ऐसे में मान सरकार ने हाईकोर्ट से कहा कि 424 लोगों की सुरक्षा अस्थायी रूप से हटाई गई थी, जो सात जून से फिर से बहाल कर दी जाएगी।

न्यायमूर्ति राज मोहन सिंह की पीठ के समक्ष फिर से शुरू हुई सुनवाई के दौरान सुरक्षा बहाल करने का सरकार का फैसला सामने आया।

पिछली सुनवाई में, अदालत ने सरकार से संबंधित सामग्री को एक सीलबंद लिफाफे में लाने के लिए कहा था, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किस आधार पर उसने सुरक्षा प्राप्त लोगों की सुरक्षा वापस ली या उसमें कटौती की।

अदालत पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ. पी. सोनी द्वारा वकील मधु दयाल के माध्यम से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सोनी ने अपनी सुरक्षा को 'जेड' श्रेणी से हटाने और सुरक्षा कर्मियों की वापसी के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।

सरकार द्वारा उनकी आधी सुरक्षा वापस लेने के बाद, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पिछले हफ्ते नाराजगी जताते हुए कहा था कि उन्होंने अपने कार्यालय से शेष सुरक्षा कर्मियों को भी सरकार को वापस भेजने के लिए कहा है, क्योंकि उन्हें उनकी 'जरूरत नहीं' है।

साथ ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अपने हथियारबंद जवानों को जत्थेदार की सुरक्षा में तैनात कर दिया और इसने सिखों को 'अनिश्चित समय' को देखते हुए लाइसेंसी हथियार रखने को भी कहा था।

एक आदेश में, सरकार ने राज्य में 434 वीआईपी की सुरक्षा वापस ले ली थी या कम कर दी थी। इन 424 लोगों में मूसेवाला भी शामिल थे, जिन्हें रविवार को पंजाब के मनसा जिले में अज्ञात हमलावारों ने गोलियों से भून डाला था। इसके साथ ही इनमें बड़े पैमाने पर पूर्व विधायक, विभिन्न 'डेरों' के प्रमुख और पुलिस अधिकारी शामिल हैं।

सिखों की सर्वोच्च अस्थायी सीट अकाल तख्त के मुखिया भी उनमें से एक हैं।


मूसेवाला हत्याकांड: जांच के लिए पंजाब के डीजीपी ने एसआईटी को किया मजबूत

अब छह सदस्यीय एसआईटी में एक नया चेयरमैन, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जसकरण सिंह और दो नए सदस्य - एआईजी एजीटीएफ गुरमीत सिंह चौहान और एसएसपी मनसा गौरव तोरा - होंगे।

चंडीगढ़: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जांच में तेजी लाने के लिए पंजाब के पुलिस महानिदेशक वी. के. भवरा ने बुधवार को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडीजीपी प्रमोद बान की देखरेख में विशेष जांच दल (एसआईटी) को मजबूत और पुनर्गठित किया।

अब छह सदस्यीय एसआईटी में एक नया चेयरमैन, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जसकरण सिंह और दो नए सदस्य - एआईजी एजीटीएफ गुरमीत सिंह चौहान और एसएसपी मनसा गौरव तोरा - होंगे।

जबकि, एसपी (जांच) मनसा धर्मवीर सिंह, डीएसपी (जांच) बठिंडा विश्वजीत सिंह और प्रभारी सीआईए, मनसा पृथ्वीपाल सिंह मौजूदा तीन सदस्य हैं।

अपने नए आदेश में डीजीपी ने कहा कि एसआईटी दिन-प्रतिदिन जांच करेगी, इस जघन्य अपराध के अपराधियों को गिरफ्तार करेगी और बेहतर ढंग से जांच पूरी की जाएगी। आदेश में आगे कहा गया है कि एसआईटी किसी भी अन्य पुलिस अधिकारी को शामिल कर सकती है और डीजीपी की मंजूरी से किसी विशेषज्ञ या अधिकारी की मदद ले सकती है।


जानकारी के अनुसार सिद्धू मूसेवाला के नाम से विख्यात शुभदीप सिंह रविवार को शाम करीब साढ़े चार बजे घर से निकले थे। उनके साथ दो लोग गुरविंदर सिंह (पड़ोसी) और गुरप्रीत सिंह (चचेरे भाई) भी थे। वह जब अपनी कार में सवार थे, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने मूसेवाला को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे गायक की मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी घायल हो गए।

इस बीच, पुलिस स्टेशन सिटी-1 मानसा में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302, 307, 341, 148, 149 और 120-बी के साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27, 54 और 59 के तहत 29 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।


सिद्धू मूसेवाला की अंतिम यात्रा में भावुक हुए लोग, 'सिद्धू भाई अमर रहे' के लगे नारे

आज यानी मंगलवार को दोपहर 12 बजे उनके गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सिद्धू मूसेवाला के अंतिम संस्कार की जानकारी उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर ही दी गई है। बता दें कि इससे पहले सिद्धू मूसेवाला का सोमवार को डॉक्टर के पैनलों ने पोस्टमार्टम किया।

नई दिल्ली: पंजाब के गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moose Wala) की रविवार शाम को हत्या कर दी गई। वहीं, आज यानी मंगलवार को  दोपहर 12 बजे उनके गांव में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।


सिद्धू मूसेवाला के गांव से लगातार वीडियो और फोटोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसमें से एक वीडियो में सिद्धू मूसेवाला के फैंस 'सिद्धू भाई अमर रहे' के नारे लगा रहे हैं। साथ ही अनके अपराधी को फांसी की सज़ा देने की मांग कर रहे हैं। वहीं उनकी अंतिम यात्रा में सैंकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई है और  सिद्धू को आखिरी बार देखने पहुंचे लोग भावुक नज़र आए।

सिद्धू मूसेवाला का पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट पुलिस ने अब तक शेयर नहीं की है। हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हमलावरों की बंदूकों से उनपर 24 गोलियां  शरीर के आर-पार हो गई थीं और एक गोली मूसेवाला के सिर की हड्डी में फंसी हुई थी। सोमवार को पांच डॉक्टरों के पैनल ने मूसेवाला के शरीर का पोस्टमार्टम किया था। रिपोर्ट के मुातबिक अत्यधिक खून बहने से उनकी मौत हुई थी। 


सिद्धू मूसेवाला का पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट पुलिस ने अब तक शेयर नहीं की है। हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हमलावरों की बंदूकों से उनपर 24 गोलियां  शरीर के आर-पार हो गई थीं और एक गोली मूसेवाला के सिर की हड्डी में फंसी हुई थी। सोमवार को पांच डॉक्टरों के पैनल ने मूसेवाला के शरीर का पोस्टमार्टम किया था। रिपोर्ट के मुातबिक अत्यधिक खून बहने से उनकी मौत हुई थी। 


मुख्य आरोपी तिहाड़ में बंद

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड (Sidhu Moosewala Murder Case) का मुख्य आरोपी लॉरेंस बिश्नोई इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ भी की है और उसके बैरक की तलाशी भी ली। हालांकि तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं लगा है। इस बीच लॉरेंसके वकील ने पटियाला कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है जिसमें सुरक्षा बढ़ाई जाने की मांग की गई है। 


पंजाब की AAP सरकार से हाईकोर्ट का सवाल-किस आधार पर 424 लोगों की सुरक्षा वापस ली, सूची कैसे सार्वजनिक हुई?

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि किस आधार पर सुरक्षा वापस ली गई है और जिनकी सुरक्षा वापस ली गई है तो सूची सार्वजनिक कैसे हुई। अगली सुनवाई पर पंजाब सरकार को इस बारे में सीलबंद रिपोर्ट सौंपनी होगी।

चंडीगढ़: पंजाब सरकार की ओर से 424 से अधिक लोगों को दी गई सुरक्षा वापस क्यों ली गई, इस मामले में पंजाब सरकार अब घिर गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि किस आधार पर सुरक्षा वापस ली गई है और जिनकी सुरक्षा वापस ली गई है तो सूची सार्वजनिक कैसे हुई। अगली सुनवाई पर पंजाब सरकार को इस बारे में सीलबंद रिपोर्ट सौंपनी होगी।

कांग्रेस से पूर्व विधायक ओपी सोनी ने सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए उनकी सुरक्षा वापस लेने के आदेश को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के दौर में उन्हें भारत-पाक सीमा पर कंटीले तार लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई गई थी। 


तब से अब तक उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली थी। अब अचानक उनकी सुरक्षा से 19 कर्मी कम कर दिए गए। याची ने कहा कि ऐसा करना सीधे तौर पर अन्याय है क्योंकि उनकी तरह ही पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल और सुखजिंदर रंधावा को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली थी। उन दोनों की सुरक्षा को जारी रखा गया है जबकि याची की सुरक्षा में कटौती की गई है।

ओपी सोनी के अतिरिक्त जिन 423 से अधिक लोगों की सुरक्षा में कटौती की गई है उन लोगों ने सुरक्षा में कटौती को हाईकोर्ट में चुनौती देना आरंभ कर दिया है। 


अकाली नेता वीर सिंह लोपोके ने भी सुरक्षा वापस लेने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए तत्काल दो सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करवाने का आदेश दिया है। 


इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि आखिर किस आधार पर सुरक्षा वापस लेने का निर्णय लिया गया और आखिर कैसे यह सूची सार्वजनिक हो गई है। पंजाब सरकार को अगली सुनवाई के दौरान इस बारे में सीलबंद रिपोर्ट सौंपनी होगी।


खुलासा: तिहाड़ जेल में रची गई थी सिद्धू मूसेवाला के हत्या की साजिश !

यह जानकारी सामने आ रही है कि तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) ने मूसेवाला की हत्या की साजिश रची। बता दें कि इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथी और कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस नेता और सिंगर सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moose Wala) की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे इसमें नए खुलासे सामने आ रहे हैं। 


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हत्या की साजिश तिहाड़ जेल में रची गई थी। यह जानकारी सामने आ रही है कि तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) ने मूसेवाला की हत्या की साजिश रची। बता दें कि इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथी और कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी।

सूत्रों के मुताबिक, तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ FIR दर्ज की दई है। इसलिए पंजाब पुलिस उसको रिमांड पर लेने के लिए दिल्ली पुलिस से जल्द ही संपर्क कर सकती है। बता दें कि बिश्नोई तिहाड़ जेल से ही अपना गैंग चलाता है।  उसके गैंग की संख्या 700 बताई जा रहा है।

बताया जा रहा  है कि तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई ने वर्चुअल नंबरों के जरिये कनाडा में रह रहे गोल्डी बराड़ से कई बार बात की थी। इस बातचीत के दौरान ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या का पूरा प्लान बना। जिसके बाद, रविवार को घटना को अंजाम दिया गया।

गोल्डी बराड़ ने मूसेवाला की हत्या के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए लिखा-, 'सभी भाइयों को राम राम, सत श्री अकाल, आज जो मूसेवाला की हत्या हुई है, उसकी जिम्मेदारी मैं गोल्डी बरार, सचिन विश्नोई, लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप लेते हैं। पोस्ट में आगे लिखा है कि इसने हमारे भाई विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में मदद की थी। उसी का हमने बदला ले लिया है।'

6 लोगों को हिरासत में लिया गया 


मूसेवाला मर्डर केस में  जांच तेज हो गई है और  SIT टीम का गठन भी किया गया है। इस मामले में अब तक 6 लोगों को हिरासत में लिया गया। बता दें कि मूसेवाला की हत्या के बाद से ही उनके घर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी। फिलहाल घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम जांच कर रही है।


...इस कुख्याय गिरोह ने की सिद्धू मूसेवाला की हत्या, पंजाब के DGP ने खुद बताया

पंजाब के पुलिस महानिदेशक वी के भावरा ने रविवार को कहा कि मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या गिरोहों के बीच आपसी दुश्मनी का परिणाम लग रही है और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह इसमें शामिल था।


चंडीगढ़: पंजाब के पुलिस महानिदेशक वी के भावरा ने रविवार को कहा कि मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या गिरोहों के बीच आपसी दुश्मनी का परिणाम लग रही है और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह इसमें शामिल था।

डीजीपी ने कहा कि रविवार शाम को हुई इस हत्या की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया जाएगा।राज्य पुलिस के प्रमुख ने कहा कि अगले महीने ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी पर तैनाती के लिए पुलिसकर्मियों को मुक्त कराने के मकसद से मूसेवाला की सुरक्षा घटाई गई थी। उन्होंने कहा कि मूसेवाला के साथ तैनात पंजाब पुलिस के चार कमांडो में से दो को हटाया गया था।

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की सरेआम गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस, AAP सरकार पर विपक्ष हमलावर, CM मान ने की शांति की अपील



बताते चलें कि पंजाब के मानसा जिले में दिनदहाड़े पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को गांव जवाहरके के पास अंजाम दिया गया है। मूसेवाला की मौत से पंजाब में सनसनी फैल गई है। मूसेवाला के दो साथी घायल हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने शनिवार को ही सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा को हटाया था।


बताया जा रहा है कि पहले गायक के पास करीब 10 गनमैन थे लेकिन मान सरकार ने इनकी संख्या कम कर दी थी। काले रंग की गाड़ी में सवार दो हत्यारों ने वारदात को अंजाम दिया है। मूसेवाला ने कांग्रेस की टिकट पर इसी साल मानसा से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। 


सुरक्षा वापस लेने पर घिरे मुख्यमंत्री मान

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाने पर ले लिया है। एक के बाद एक मान जिस तरह से सुरक्षा वापस ले रहे हैं, उससे उन पर सवाल उठने लगे हैं। शिरोमणि अकाली दल (अ) के राजिंद्र सिंह जवाहरके व कुछ कांग्रेस नेताओं ने बताया कि अगर मूसेवाला की सुरक्षा वापस न ली जाती तो वो ऐसे हमले का शिकार ना होते। 

उन्होंने कहा कि हमलावरों ने सुरक्षा वापस लेते ही सिद्धू मूसेवाला को मौत के घाट उतार दिया। शिरोमणि अकाली दल (अ) के अध्यक्ष सिमरजीत सिंह मान ने कहा कि पहले योजना के जरिये दीप सिद्धू का कत्ल करवाया गया और अब नौजवान गायक सिद्धू मूसेवाला की जान ले ली गई है। इसका पंजाब सरकार को जवाब देना होगा।


मुख्यमंत्री ने की शांति की अपील

मूसेवाला की सरेआम हत्या के बाद सूबे में आक्रोश की आशंका के चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाबियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस हमले को जिसने भी अंजाम दिया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। नौजवान गायक की हत्या का उन्हें दुख है। 


मुजरिम 'गुरू' नवजोत सिंह सिद्धू को जेल में मिल रहा 'होटल' वाला खाना, पढ़िए-किस तरह से दी जा रही VIP ट्रीटमेंट और क्या है दिनभर का डाईट चार्ट

जेल में रोडरेज के मामले में एक साल की सजा काट रहे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के लिए विशेष डाइट चार्ट बनाया गया है। जो कि एक एक स्पा के मेनू से कम नहीं है।

पटियाला: जेल में रोडरेज के मामले में एक साल की सजा काट रहे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के लिए विशेष डाइट चार्ट बनाया गया है। जो कि एक एक स्पा के मेनू से कम नहीं है।

दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू की चिकित्सा स्थिति को देखते हुए इस चार्ट को बनाया गया है। सिद्धू के सहयोगियों का कहना है कि उनके स्वास्थ्य का विश्लेषण करने के बाद, "उनकी चिकित्सा स्थिति को देखते हुए" आहार चार्ट की सिफारिश की गई है।


डाइट चार्ट के अनुसार सिद्धू के दिन की शुरुआत रोजमैरी चाय, सफेद पेठे के रस या नारियल पानी से होगी। नाश्ते के लिए उन्हें एक कप लैक्टोज ( lactose) मुक्त दूध दिया जाएगा, इसके अलावा सन, सूरजमुखी, खरबूजे या चिया बीज का एक बड़ा चमचा, पांच या छह बादाम, एक अखरोट, और दो पेकान नट्स दिया जाता है।

ये है दिनभर का चार्ट

सुबह: एक गिलास चुकंदर या घिया (बोतल-लौकी) या ककड़ी या मौसमी (मीठा नींबू) या तुलसी और पुदीना के पत्ते या आंवला (आंवला) या अजवाइन के पत्ते या ताजी हल्दी (हल्दी) या गाजर या एलोवेरा का जूस। वैकल्पिक रूप में, एक फल - तरबूज, तरबूज, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अमरूद, सेब।


दोपहर का भोजन: 30 ग्राम ज्वार, पानी-चेस्टनट और रागी के आटे की एक रोटी "समान मात्रा में"। एक कटोरी मौसमी हरी सब्जी, एक कटोरी खीरा, घिये का रायता या एक कटोरी चुकंदर की जड़ का रायता। हरा सलाद, टमाटर, काकरी, सलाद पत्ता और आधे नींबू और एक गिलास लस्सी।


शाम: कम वसा वाला दूध और बिना चीनी वाली 100 मिलीलीटर चाय, और 25 ग्राम पनीर का टुकड़ा या 25 ग्राम टोफू आधा नींबू के साथ।

रात का खाना: एक कटोरी मिश्रित सब्जी और दाल का सूप / 200 ग्राम काले चने का सूप, काली मिर्च पाउडर, भुनी हुई सब्जियां (गाजर, बीन्स, ब्रोकोली, मशरूम, बेल मिर्च) से युक्त।


सोने के समय: एक कप कैमोमाइल चाय और आधा गिलास गर्म पानी के साथ एक बड़ा चम्मच Psyllium husk।


Big News: पंजाब के बर्खास्त किए गए स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला गिरफ्तार

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को उनके पद से बर्खास्त करने के बाद अब गिरफ्तार कर लिया गया है। एंटी करप्शन ब्रांच ने भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद आज विजय सिंगला की गिरफ्तारी की है।

चंडीगढ़: पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को उनके पद से बर्खास्त करने के बाद अब गिरफ्तार कर लिया गया है। एंटी करप्शन ब्रांच ने भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद आज विजय सिंगला की गिरफ्तारी की है।

बता दें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने थोड़ी देर पहले ही स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को बर्खास्त किया था और पुलिस को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया था। जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर ली गई है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया है। मान ने कहा कि उन्होंने ये फैसला, सिंगला द्वारा निविदाओं में कथित रूप से एक प्रतिशत कमीशन की मांग किए जाने की जानकारी मिलने के बाद किया।  मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा, “ मैं मंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा हूं। मैं उन्हें मंत्रिमंडल से हटा रहा हूं।” मान ने दावा किया कि सिंगला ने गलत काम करने की बात स्वीकार की है।

वहीं आप पार्टी ने कहा कि बड़ा फैसला आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार विरोधी मॉडल के अनुरूप लिया गया है। आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि उनकी पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसके पास भ्रष्टाचार के आधार पर अपनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ईमानदारी, साहस और ईमानदारी है। हमने इसे दिल्ली में देखा, अब हम इसे पंजाब में देख रहे हैं।

गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा चुनाव में आप पार्टी को भारी जीत मिली थी। जिसके बाद भगवंत मान को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। आप पार्टी और भगवंत मान ने चुनाव प्रचार के दौरान राज्य से पूरी तरह से भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा किया था। वहीं अब भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्री की गिरफ्तारी कर ली गई है।


Punjab News : सीएम भगवंत मान ने 'भ्रष्टाचारी' स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को कैबिनेट से किया बाहर, जानिए - क्या है पूरा मामला

सीएम मान ने स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को बर्खास्त कर दिया है। सिंगला पर अधिकारियों से कमीशन खाने का आरोप लगा था।

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन में दिख रहे हैं। आज मंगलवार को सीएम भगवंत मान ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सीएम मान ने स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को बर्खास्त कर दिया है। सिंगला पर अधिकारियों से कमीशन खाने का आरोप लगा था।

बताया जा रहा है कि विजय सिंगला के खिलाफ रिश्वतखोरी के पुख्ता सबूत मिले हैं। इसके बाद ही सीएम भगवंत मान ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है। पंजाब सीएमओ ने जानकारी दी है कि विजय सिंगला ठेके के लिए अधिकारियों से 1% कमीशन की मांग कर रहा था। सिंगला के खिलाफ मिले पुख्ता सबूतों के  बाद उनको बर्खास्त कर दिया गया है। 

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को राज्य मंत्रिमंडल से हटा दिया है। उन्होंने ये जानने के बाद निर्णय लिया कि मंत्री कथित तौर पर निविदाओं के लिए एक प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था। पुलिस को उसके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि “मैं मंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा हूं। मैं उन्हें कैबिनेट से हटा रहा हूं, मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में दावा किया कि सिंगला ने गलत काम करना स्वीकार किया था।


जेल में बंद नवजोत सिंह सिद्धू की बिगड़ी तबियत, अस्पताल में किए गए भर्ती

जेल में बंद कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए पटियाला के राजिंद्र अस्पताल लाया गया हैं। फिलहाल अधिक विवरण की प्रतीक्षा है।

पटियाला: जेल में बंद कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए पटियाला के राजिंद्र अस्पताल लाया गया हैं। फिलहाल अधिक विवरण की प्रतीक्षा है।


1988 के रोड रेज मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिद्धू को एक साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है जिसके बाद बाद उन्हें 20 मई को उन्हें पटियाला सेंट्रल जेल में रखा गया था। खबर के मुताबिक, सिद्धू ने दावा किया है कि उन्हें गेहूं से एलर्जी है, ऐसे में उन्होंने जेल का खाना खाने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के अनुसार सिद्धू जेल की दाल रोटी नहीं खा रहे हैं। वे सिर्फ सलाद खाकर गुजारा कर रहे हैं।

क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में आए 58 वर्षीय सिद्धू ने शुक्रवार को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था, जहां से उन्हें पटियाला जेल भेज दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1988 के ‘रोड रेज’ के एक 34 साल पुराने मामले में सिद्धू को एक साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सिद्धू को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है, इसलिए उन्हें कारागार में काम भी करना होगा।



Fire In Guru Nanak Dev Hospital: अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भीषण आगजनी, मरीजों को बाहर निकालने के लिए तोड़ी गईं खिड़कियां

आनन-फानन में अस्पताल की विभिन्न वार्डों में उपचाराधीन 600 से अधिक मरीजों को बाहर निकाला गया।

अमृतसर: ट्रांसफार्मर में धमाका होने की वजह से गुरु नानक देव अस्पताल में आग लगी है। यह ट्रांसफॉमर्स एक्स-रे यूनिट की बैक साइड में रखा था। आग तेजी से फैलती चली गई। आनन-फानन में अस्पताल की विभिन्न वार्डों में उपचाराधीन 600 से अधिक मरीजों को बाहर निकाला गया।

इस दौरान ऑपरेशन थियेटर में डाक्टर मरीज सर्जरी भी कर रहे थे। आग लगने के बाद मरीज में डॉक्टर बाहर निकले। इस घटना में एक कर्मचारी का स्कूटर भी जल गया है। सभी मरीजों को बाहर निकाल कर सड़क पर लाया गया। अस्पताल में फंसे कुछ मरीजों को बाहर निकालने के लिए खिड़कियां भी तोड़ी गई, क्योंकि धुआं बहुत ज्यादा था।


मोहाली रॉकेट अटैक: प्रतिबंधित संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' ने ली हमले की जिम्मेदारी, 20 संदिग्धों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मोहाली के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर्स के हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस ने असत्यापित वॉयस मैसेज के जरिए ली है।

नई दिल्ली: पंजाब के मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर्स पर हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने ली है। मोहाली में सोमवार को पुलिस कार्यालय पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड से हमला किया गया था।  पुलिस ने जांच करते हुए इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई थी।

अंग्रेजी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहाली के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर्स के हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस ने असत्यापित वॉयस मैसेज के जरिए ली है। पुलिस के मुताबिक, संगठन सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह के हमले की जिम्मेदारी लेते हुए वॉयस मैसेज को वेरिफाई कर लिया है। मोहाली के एसएसपी के मुताबिक, 'यह मामला सुलझने के बेहद करीब है। इस मामले में 18-20 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।' 

बता दें कि मंगलवार को मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर्स पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड से हमले के बाद में हाई अलर्ट जारी कर दिया था। फिलहाल, पुलिस इस हमले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने मुख्यालय के क्षेत्र में मौजूद तीन मोबाइलटॉवर से 6 हजार से 7 हजार मोबाइल डेटा की जांच कर रहे हैं। पुलिस को शक है कि इस हमले के लिए मारुति स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया गया था । 

मोहाली हमले की जांच को तेजी से बढ़ाते हुए NIA, NSG और सेना ने भवन का निरीक्षण किया। मंगलवार को डीजीपी वीके भावरा ने राज्य के इंटेलिजेंस ऑफिसर्स, एसएसपी सोनी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही मामले को सुलझा लेंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि 'इस मामले में जांच जारी है और सही समय पर जानकारी साझा की जाएगा।'  




मोहाली ब्लास्ट: आरोपी निशान सिंह को पुलिस ने अमृतसर से किया गिरफ्तार, 2 महीने पहले ही जेल से हुआ था रिहा

मोहाली के सेक्टर-77 स्थित पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेट (आरपीजी) हमले में फरीदकोट पुलिस ने तरनतारन जिले के गांव कुल्ला निवासी निशान सिंह को गिरफ्तार कर मोहाली पुलिस के हवाले कर दिया है। निशान सिंह की गिरफ्तारी पुलिस के लिए ब्लास्ट कांड में बड़ी कामयाबी है।

अमृतसर: मोहाली के सेक्टर-77 स्थित पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेट (आरपीजी) हमले में फरीदकोट पुलिस ने तरनतारन जिले के गांव कुल्ला निवासी निशान सिंह को गिरफ्तार कर मोहाली पुलिस के हवाले कर दिया है। निशान सिंह की गिरफ्तारी पुलिस के लिए ब्लास्ट कांड में बड़ी कामयाबी है।

इस गंभीर मुद्दे पर पंजाब भर की सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर है। ऐसे में फरीदकोट सीआइए स्टाफ भी इस घटना की जांच में शामिल हुआ और अमृतसर से निशान सिंह को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ उपरांत निशान सिंह को फरीदकोट से सीआइए स्टाफ द्वारा मोहाली ले जाया गया है।

निशान सिंह के खिलाफ तरनतारन, अमृतसर, फरीदकोट, मोगा, गुरदासपुर जिले में स्नेचिंग, नशा तस्करी और अन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं। निशान सिंह फरीदकोट जेल में भी बंद रहा है। उसके पिछले आपराधिक रिकार्ड के साथ पुलिस को मिले कुछ और इनपुट के आधार पर सीआइए फरीदकोट द्वारा निशान सिंह को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया है।

सीमावर्ती गांव कुल्ला निवासी परगट सिंह का निशान सिंह हाल ही में गोइंदवाल साहिब की जेल से रिहा होकर गांव आया था। थाना कच्चा पक्का में आते गांव कुल्ला निवासी 26 वर्षीय निशान सिंह के खिलाफ अपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। उसका संबंध खालिस्तानी समर्थकों के साथ कब से है। यह पता लगाने लिए खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों की टीम गांव पहुंचीं।


Punjab News : मोहाली में इंटेलिजेंस विंग के हेडक्वार्टर पर रॉकेट से हमला, कैप्टन ने की सख्त कार्यवायी की मांग, NIA को जांच सौंपने की तैयारी

शुरुआती जांच में पता चला है कि सफ़ेद रंग की कार में आए कुछ लोगों ने RPG फ़ायर किया है। इसे रॉकेट लॉन्चर के जरिए कंधे पर रखकर दागा जाता है।

मोहाली:  पंजाब (Punjab) के मोहाली (Mohali) में इंटेलिजेंस विंग के हेडक्वार्टर (Intelligence Wing headquarter) पर कल देर शाम हुए हमले की जांच एनआईए (NIA) कर सकती है। 

मोहाली के सेक्टर 77 में  इंटेलिजेंस विंग हेडक्वार्टर की बिल्डिंग की एक फ्लोर को निशाना बनाकर हमला किया गया। हालांकि इस हमले में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। फॉरेंसिक टीम पूरी रात घटनास्थल से सैंपल जुटाती रही। 

हमले में RPG (Rocket Propelled Grenade) के इस्तेमाल ने सबको हैरान कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि सफ़ेद रंग की कार में आए कुछ लोगों ने RPG फ़ायर किया है। इसे रॉकेट लॉन्चर के जरिए कंधे पर रखकर दागा जाता है।  

ब्लास्ट की घटना के बाद पंजाब पुलिस (Punjab Police) के बड़े अधिकारियों ने भी मौके पर मुआयना किया है। हालंकि पंजाब पुलिस ने इस आतंकी हमला मानने से इनकार नहीं किया है। मोहाली के एसपी का कहना है कि वो इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह आतंकी हमला है या नहीं। उधर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।


पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने विस्फोट पर हैरानी व्यक्त की और मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।  अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, ''मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय में विस्फोट के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई। हमारे पुलिस बल पर यह हमला बेहद चिंताजनक है और मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान से आग्रह करता हूं कि अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाए।'' 

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह विस्फोट से स्तब्ध हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ''पंजाब पुलिस के खुफिया ब्यूरो मुख्यालय, मोहाली में हुए विस्फोट से स्तब्ध हूं। इससे गंभीर सुरक्षा चूक और पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति एक बार फिर उजागर हो गई है। जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करने और दंडित करने के लिए गहन जांच की आवश्यकता है।'' 

वहीं, शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह विस्फोट से स्तब्ध हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ''पंजाब पुलिस के खुफिया ब्यूरो मुख्यालय, मोहाली में हुए विस्फोट से स्तब्ध हूं। इससे गंभीर सुरक्षा चूक और पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति एक बार फिर उजागर हो गई है। जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करने और दंडित करने के लिए गहन जांच की आवश्यकता है।'' 


पाकिस्तान की नापाक हरकतें अभी भी हैं जारी, पंजाब में ड्रोन से भेजी जा रही थी 74 करोड़ की हेरोइन, BSF ने मार गिराया

रविवार मध्य रात के समय बीएसएफ के जवानों अपने गश्त कर रहे थे तभी जवानों को सीमा के पास एक ड्रोन नजर आया जिसे पाक से भेजा गया था। जिसके बाद जवानों ने फायरिंग कर ड्रोन को गिराने में सफलता हासिल की। उसी समय जवानों ने तत्परता दिखाते हुए पास के खेत में गिरे ड्रोन को उठा लाए।

नई दिल्ली:  पंजाब के अमृतसर में रविवार रात सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी तस्करों की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। पाकिस्तानी तस्करों ने भारत की सीमा में ड्रोन के सहारे नशीली दवाओं को पहुंचाने की कोशिश की जिसे देखते ही सीमा सुरक्षाल बलों के जवानों ने मार गिराया। ड्रोन की तलाशी के दौरान बीएसएफ के जवानों को तस्करी के लिए भेजी गई हेरोइन को भी जब्त कर लिया गया जिसकी कीमत 74 करोड़ रूपये के करीब बताई जा रही है। सीमा सुरक्षा बलों को यह सफलता अमृतसर सेक्टर में मिली है।

 रविवार मध्य रात के समय बीएसएफ के जवानों अपने गश्त कर रहे थे तभी जवानों को सीमा के पास एक ड्रोन नजर आया जिसे पाक से भेजा गया था। जिसके बाद जवानों ने फायरिंग कर ड्रोन को गिराने में सफलता हासिल की। उसी समय जवानों ने तत्परता दिखाते हुए पास के खेत में गिरे ड्रोन को उठा लाए। 

सीमा सुरक्षाबलों को जो ड्रोन मिला है वह चाइना मेड क्वाडकॉप्टर डीजेआई मैट्रिस-300 है। जिसे पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था। ड्रोन की मदद से भारत में तस्करी कर हेरोइन को पहुंचाने के काम को अंजाम दिया जाना था लेकिन बीएसएफ के जवानों नने तस्करों के मनसूबे पर पानी फेर दिया। ड्रोन को मार गिराने के बाद जवानों ने घटना की सूचना अपने अधिकारियों को दी। 

सूचना मिलने पर बीएसएफ के अधिकारी ने जब बैग को खोला तो उसमें एक बोरी मिली। जिसे खोलने के बाद उसमें पीले रंग के टेप में 9 पैकेट बंधे हुए थे। BSF ने पैकेट की जांच किया तो उसमें 10.670 किलो ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसकी अंतरराष्ट्रीय बादार में कीमत 74 करोड़ के करीब बताया जा रहा है। 

गौरतलब है कि पंजाब के रास्ते बीते एक साल में सबसे अधिक तस्करी जारी है। वह भी मामला उस समय से और बढ़ गया जब पड़ोसी देश अफगानिस्तान में तालिबान का शासन हो गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ दो महीने में अप्रैल और मई महीने में  BSF की तरफ से पकड़ी गई 12 वीं खेप है। इससे पहले 5 मई को भी बीएसएफ ने खेतों में गिरी 510 ग्राम हेरोइन बरामद किया था। इतना ही नहीं आज पकड़ी गई यह खेप पिछली सभी बरामदगी से बड़ी हैं। 



पहले की तारीफ और आज CM मान से मुलाकात करेंगे सिद्धू, कई मुद्दों पर करेंगे चर्चा, आखिर चल क्या रहा है?

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वह राज्य की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार पर चर्चा करने के लिए सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलेंगे।

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वह राज्य की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार पर चर्चा करने के लिए सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलेंगे। 


उन्होंने सीएम को "छोटा भाई" और "ईमानदार व्यक्ति" कहा। यह विकास सिद्धू के राज्य में आप के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून और व्यवस्था की स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर हमलों के बाद आता है।


सिद्धू ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, "पंजाब की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के मामलों पर चर्चा करने के लिए कल शाम 5:15 बजे चंडीगढ़ में सीएम भगवंत मान से मुलाकात करूंगा। पंजाब का पुनरुत्थान एक ईमानदार सामूहिक प्रयास से ही संभव है।"


सिद्धू ने 22 अप्रैल को कहा था कि राज्य में व्याप्त "माफिया राज" के कारण पार्टी पंजाब चुनाव हार गई थी और अब उसे खुद को फिर से बदलने की जरूरत है, और मान की "छोटे भाई" और "ईमानदार व्यक्ति" के रूप में प्रशंसा की।


सिद्धू ने कहा था कि वह मान का समर्थन करेंगे (जिनकी आम आदमी पार्टी ने हाल के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मात दी थी) अगर वह माफिया के खिलाफ लड़ते हैं। विशेष रूप से, पंजाब मामलों के एआईसीसी प्रभारी हरीश चौधरी ने भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर सिद्धू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी, जो "खुद को पार्टी से ऊपर दिखाने की कोशिश कर रहे थे।"


बग्गा पर एक्शन का रिएक्शन: पंजाब में AAP विधायक के घर CBI ने की छापेमारी, नगदी और आपत्तिजनक चीजें बरामद

सीबीआई द्वारा अलग-अलग लोगों द्वारा हस्ताक्षरित 90 खाली (ब्लैंक) चेक, 16.57 लाख रुपये की नकदी, लगभग 88 विदेशी मुद्रा के नोट, कुछ संपत्ति के कागजात और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में पंजाब के मलेरकोटला में आप विधायक जसवंत सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के कई ठिकानों पर छापेमारी की है।

सीबीआई द्वारा अलग-अलग लोगों द्वारा हस्ताक्षरित 90 खाली (ब्लैंक) चेक, 16.57 लाख रुपये की नकदी, लगभग 88 विदेशी मुद्रा के नोट, कुछ संपत्ति के कागजात और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।

सीबीआई ने बलवंत सिंह, जसवंत सिंह, कुलवंत सिंह, तेजिंदर सिंह और एक प्राइवेट फर्म तारा हेल्थ फूड्स लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी की।

बैंक ऑफ इंडिया, लुधियाना की शिकायत पर तारा कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जिसका नाम बदलकर मलौध एग्रो लिमिटेड रखा गया), गौंसपुरा, मलेरकोटला और निजी कंपनी के तत्कालीन निदेशकों और गारंटर, एक अन्य निजी फर्म, अज्ञात लोक सेवक और निजी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद तलाशी ली गई है।

उधारकर्ता फर्म को बैंक द्वारा 2011-2014 से चार अंतरालों पर ऋण स्वीकृत किया गया था।  फर्म ने अपने निदेशकों के माध्यम से गिरवी रखे स्टॉक को छुपाया था और ऋणों को दुर्भावनापूर्ण और बेईमान इरादे से डायवर्ट किया था, ताकि उन्हें लेनदार बैंक को निरीक्षण और सुरक्षित लेनदार के रूप में वसूली के लिए उपलब्ध नहीं कराया जा सके।

इससे बैंक को 40.92 करोड़ रुपये का कथित नुकसान हुआ। खाते को 31 मार्च 2014 को एनपीए के रूप में वर्गीकृत किया गया था और विसंगतियों के आधार पर, खाते को 2 सितंबर, 2018 को 40.92 करोड़ रुपये की बकाया राशि के साथ धोखाधड़ी के रूप में घोषित किया गया था।

यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी द्वारा लिए गए ऋण का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया गया था, जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया था।


पटियाला हिंसा: पुलिस ने मास्टरमाइंड बरजिंदर सिंह परवान को किया गिरफ्तार, खालिस्तान का है कट्टर समर्थक, आज कोर्ट में पेशी

पुलिस के मुताबिक 29 अप्रैल को काली माता मंदिर के पास हुई हिंसा की पूरी साजिश इसी ने रची थी। बता दें कि पटियाला हिंसा के मुख्य आरोपी खालिस्तान समर्थक बरजिंदर सिंह परवाना ने 24 अप्रैल के फेसबुक लाइव में इसे धर्म की लड़ाई करार दिया था।

पटियाला: पटियाला में हुई हिंसा का मास्टरमाइंड बरजिंदर सिंह परवाना को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उसे आज सुबह मोहाली एयरपोर्ट के पास से दबोचा है। परवाना को कट्टर खालिस्तानी समर्थक माना जाता है। उस पर पहले भी 6 केस दर्ज है।


पुलिस के मुताबिक 29 अप्रैल को काली माता मंदिर के पास हुई हिंसा की पूरी साजिश इसी ने रची थी। बता दें कि पटियाला हिंसा के मुख्य आरोपी खालिस्तान समर्थक बरजिंदर सिंह परवाना ने 24 अप्रैल के फेसबुक लाइव में इसे धर्म की लड़ाई करार दिया था। परवाना ने अपने लाइव में लोगों से अपील की थी कि 29 अप्रैल की तैयारी कर लें। इसके अलावा अपने साथ शस्त्र लाने के लिए भी कहा था। 


अपने लाइव के दौरान उसने कहा था कि 29 तारीख को सबको अपनी तैयारी रखनी है, छोटा भाई समझ लो या बड़ा भाई... फोन से सबको नहीं बताया जा सकता लेकिन 29 तारीख की तैयारी सबको रखनी है... अगर कुछ होता है तो 29 की तैयारी सबको रखनी है, फुल तैयारी... श्री दुखनिवारण गुरुद्वारा साहिब पर इकट्ठा होना है...26 अप्रैल या 27 को कन्फर्म कर दूंगा.. लेकिन तय्यारी रखो सब.. जो भी शस्त्र हो उन्हें भी ले आओ।


पटियाला बवाल: CM भगवंत मान ने किया 3 पुलिस अधिकारियों का किया तबादला, ऐतिहातन तौर पर इंटरनेट सेवा की गई बंद

हालात की गंभीरता के मद्देनजर राज्य सरकार ने शहर में अस्थाई रूप से मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का फैसला लिया है। फिलहाल, मामले में 4 FIR दर्ज हो गई हैं। वहीं, हिंसा के विरोध में कई संगठनों ने शहर बंद का आह्वन किया है।

पटियाला: पंजाब के पटियाला में जुलूस के दौरान हुई हिंसा के मामले में सूबे के सीएम भगवंत मान ने तीन पुलिसकर्मियों पर गाज गिराते हुए उनके तबादले कर दिए हैं। पंजाब के पटियाला में शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद तनाव जारी है। हालात की गंभीरता के मद्देनजर राज्य सरकार ने शहर में अस्थाई रूप से मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का फैसला लिया है। फिलहाल, मामले में 4 FIR दर्ज हो गई हैं। वहीं, हिंसा के विरोध में कई संगठनों ने शहर बंद का आह्वन किया है। पटियाला में खलिस्तान विरोधी रैली के दौरान काली मंदिर के बाहर दो समूहों में झड़प हो गई थी। इस घटना में दो पुलिसकर्मी समेत 4 लोग घायल हो गए थे।



पटियाला उपायुक्त ने शहर की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर सुबह 9.30 से लेकर शाम 6 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि घटना को लेकर FIR दर्ज की जा चुकी हैं और पुलिस लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। पटियाला एसएसपी नानक सिंह ने किसी भी गलत जानकारी पर भरोसा नहीं करने के लिए कहा है।

इससे पहले भी पुलिस ने जिले में 11 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया था। घटना के एक दिन बाद ही पटियाला आईजी राकेश अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पटियाला बंद के आह्वान के बीच सिंह ने अखिल भारतीय सुरक्षा समिति के प्रमुख गिरि जी से मुलाकात की है। हिंदू संगठन लगातार घटना का विरोध कर रहे हैं और उन्होंने 'खालिस्तान समर्थकों' को गिरफ्तार करने की मांग की है।


पंजाब: पटियाला में जुलूस के दौरान बड़ा बवाल, पुलिस पर पथराव, तलवारबाजी की भी खबर, 4 जवान घायल

दो संगठनों में जुलूस निकालने को लेकर तनाव के बाद बवाल हो गया है। जानकारी के मुताबिक, पटियाला में दो संगठनों की पुलिस (Punjab Police) से झड़प हो गई है। जिसमें पत्थरबाजी और तलवारबाजी होने की भी खबर है। अभी तक की खबर के अनुसार, इस घटना में पुलिस (Punjab Police) के तीन-चार जवान घायल हो गए हैं।

पटियाला: पंजाब के पटियाला से बड़ी खबर सामने आई है। यहां दो संगठनों में जुलूस निकालने को लेकर तनाव के बाद बवाल हो गया है। जानकारी के मुताबिक, पटियाला में दो संगठनों की पुलिस (Punjab Police) से झड़प हो गई है। जिसमें पत्थरबाजी और तलवारबाजी होने की भी खबर है। अभी तक की खबर के अनुसार, इस घटना में पुलिस (Punjab Police) के तीन-चार जवान घायल हो गए हैं।

पटियाला में एक समुदाय के जुलूस को रोकने पर लोगों ने पुलिस (Punjab Police) पर पथराव कर दिया। वहीं, दूसरे समुदाय के जुलूस के दौरान पुलिस (Punjab Police) कर्मियों पर तलवार से हमला किया है। दोनों ही सुमदाय के जुलूस फ़व्वारा चौक की ओर जाने के लिए पुलिस (Punjab Police) से भिड़ गए। जब पुलिस (Punjab Police) ने इन्हें रोकना चाहा तो पुलिस (Punjab Police) पर हमला कर दिया गया। इस संबंध में पुलिस (Punjab Police) का कहना है दोनों ही संगठनों के पास जुलूस निकालने की अनुमति नहीं थी। इस घटना में एक एसएचओ के चोटिल होने की खबर है।

दरअसल, दो गुट के लोग जुलूस निकाल रहे थे। पुलिस (Punjab Police) ने पहले ही इन दोनों संगठनों के जुलूस को एक ही रास्ते पर आने से पहले रोक लिया। उसी से नाराज दोनों संगठनों के लोगों ने गुस्सा उतारते हुए पुलिस (Punjab Police) बल पर हमला बोल दिया। तनाव की स्थिति को देखते हुए इलाके में पुलिस (Punjab Police) बल को और बढ़ा दिया गया है। इस बड़ी घटना को रोकने में पुलिस (Punjab Police)कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


पंजाब के CM भगवंत मान पंजाब में जल्द करेंगे फ्री बिजली योजना का एलान

सूत्रों के मुताबिक पंजाब में जल्दी ही 'केजरीवाल की पहली गारंटी' 300 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान हो सकता है। आप की ओर से पंजाब में 300 यूनिट बिजली फ्री करने के लिए मिशन मोड में तैयारी चल रही है। इससे पहले सोमवार को मान ने पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। केजरीवाल से मुलाकात के बाद भगवंत मान पंजाब में भी 300 यूनिट फ्री बिजली योजना को अमलीजामा पहना सकते हैं।

चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकात करेंगे। इसके बाद आप संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर मुफ्त बिजली योजना पर चर्चा करेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार दोपहर तीन बजे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक पंजाब में जल्दी ही 'केजरीवाल की पहली गारंटी' 300 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान हो सकता है। आप की ओर से पंजाब में 300 यूनिट बिजली फ्री करने के लिए मिशन मोड में तैयारी चल रही है। इससे पहले सोमवार को मान ने पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। केजरीवाल से मुलाकात के बाद भगवंत मान पंजाब में भी 300 यूनिट फ्री बिजली योजना को अमलीजामा पहना सकते हैं।

हालांकि पंजाब में आप सरकार बनने के बाद से ही कांग्रेस आरोप लगा रही है कि सीएम भगवंत मान की सरकार को दिल्ली से 'कंट्रोल' किया जा रहा है। कांग्रेस लगातार यह दावा कर रही है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, पंजाब की सरकार पर नियंत्रण रखे हुए हैं और इसी वजह से सरकार स्वतंत्रता से काम नहीं कर पा रही है।

दरअसल कांग्रेस की पंजाब इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष अमरिंदर सिंह बराड़ ने दावा किया कि सीएम भगवंत मान और विद्युत मंत्री हरभजन की गैरमौजूदगी में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बैठक की। इस बैठक में विद्युत सचिव दलीप कुमार और दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन और भी मौजूद थे। ऐसे में एक फिर भगवंत मान दिल्ली पहुंचकर पंजाब सरकार की ओर से लागू की जाने वाली नीतियों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से चर्चा करेंगे। जिसके बाद ही पार्टी की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


अमरिंदर सिंह बराड़ को मिली पंजाब कांग्रेस की कमान

पंजाब विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब प्रदेश अध्यक्ष से इस्तीफा ले लिया गया था। इसके रविवार को पार्टी ने राज्य इकाई में प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता के नाम भी फाइनल कर दिया है।

चंडीगढ़: पंजाब में कांग्रेस ने अपना नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। विधानसभा चुनावों में बड़ी हार के बाद पार्टी ने राज्य की इकाई में बदलाव करते हुए राजा बराड़ को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। 


पंजाब विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब प्रदेश अध्यक्ष से इस्तीफा ले लिया गया था। इसके रविवार को पार्टी ने राज्य इकाई में प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता के नाम भी फाइनल कर दिया है।

कांग्रेस ने पार्टी नेता अमरिंदर सिंह बराड़ उर्फ राजा वाडिंग को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जोकि यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी हाईकमान ने प्रताप सिंह बाजवा को राज्य में नेता विपक्ष (सीएलपी) बनाया गया है और भारत भूषण आशु को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पंजाब चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। तब से यह पद खाली था।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से शनिवार को पत्र जारी किया गया। इसमें पंजाब अध्यक्ष व सीएलपी नेता के अलावा दो ओर नियुक्तियां की गई हैं। पंजाब कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर भारत भूषण आशू को नियुक्त किया गया है। जबकि कांग्रेस विधायक दल के उपनेता की जिम्मेदारी डॉ. राज कुमार को दी गई है।


एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की गठन करेगी पंजाब की AAP सरकार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को पंजाब के डीजीपी वी. के. भवरा को एक एडीजीपी-रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में एक एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की स्थापना करने का निर्देश दिया। सीएम मान ने राज्य भर में सक्रिय गैंगस्टर के नेटवर्क का सफाया करने के लिए यह फैसला लिया है, ताकि नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा की जा सके।

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को पंजाब के डीजीपी वी. के. भवरा को एक एडीजीपी-रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में एक एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की स्थापना करने का निर्देश दिया। सीएम मान ने राज्य भर में सक्रिय गैंगस्टर के नेटवर्क का सफाया करने के लिए यह फैसला लिया है, ताकि नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा की जा सके।

एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मान ने संगठित अपराध के उन्मूलन की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिस तंत्र में लोगों के विश्वास को बहाल करने के लिए कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पंजाब में हाल के दिनों में कबड्डी मैचों के दौरान प्रसिद्ध खिलाड़ियों की हत्या, राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच रंजिश के चलते हत्या की घटनाएं और गैंगवार के कई मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही पंजाब में नशीले पदार्थों का व्यापार भी लंबे समय से चलन में रहा है। इस नापाक गठजोड़ को तोड़ने के लिए पुलिस बल को पर्याप्त धन के अलावा सभी आवश्यक जनशक्ति, नवीनतम उपकरण और सूचना प्रौद्योगिकी का आश्वासन दिया गया है।

आगे की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एजीटीएफ के पास देश में इसी तरह की विशेष इकाइयों की तर्ज पर खुफिया जानकारी का संग्रह, संचालन और एफआईआर के पंजीकरण, जांच और अभियोजन का एकीकृत संग्रह होगा।

पुलिस आयुक्तों और एसएसपी को संगठित अपराधों के खिलाफ समन्वित प्रयास करने का निर्देश देते हुए मान ने कहा कि संगठित अपराध पर राज्यव्यापी अधिकार क्षेत्र वाले नए पुलिस थानों को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, ताकि गैंगस्टरों द्वारा लोगों के मन में फैलाए गए आतंक और डर को दूर किया जा सके।

मान ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने जेल विभाग को विभिन्न जेलों में बंद गैंगस्टरों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है और इस संबंध में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संगरूर जिले में अपराध दर में भारी कमी लाने के लिए अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए, मान ने कहा कि एक सांसद के रूप में, उन्होंने अपने एमपी-लैड फंड से जिले के प्रमुख शहरों में स्थानीय पुलिस स्टेशनों से जुड़े वाई-फाई सीसीटीवी कैमरे लगाने की पहल की है।

मान ने कहा, "इस परियोजना के तहत मामूली लागत पर उच्च-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए थे, जिससे चौबीसों घंटे निगरानी की जा सकती है और आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है।"

प्रतिदिन घातक सड़क हादसों में कई कीमती जानें जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मान ने कहा कि इन हादसों में 5,500 से अधिक लोगों की जान चली जाती है, इसके अलावा लगभग 1.5 लाख लोग इस वजह से घायल होते हैं।

उन्होंने डीजीपी को सड़क पर गश्त करने वाली पुलिस की एक अलग शाखा बनाने के लिए एक व्यापक प्रस्ताव लाने के लिए कहा, जो ट्रैफिक जाम को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए समर्पित हो। इसके साथ ही दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि मानव जीवन को बचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध टीवी हस्ती जसपाल भट्टी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद 136 ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई थी, लेकिन दुर्भाग्य से जमीनी स्तर पर कुछ भी ठोस नहीं किया गया।

उन्होंने हर पुलिस वाहन में एक प्राथमिक चिकित्सा किट रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि सड़क पर किसी भी घायल को चिकित्सा सहायता दी जा सके।

मान ने फील्ड और मुख्यालय में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों को अनुशासन बनाए रखने के लिए भी कहा ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके।

उन्होंने कहा कि ये चीजें अंतत: पुलिस बल को अपनी छवि सुधारने में मदद करेंगे।

इससे पहले मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए, डीजीपी भवरा ने उन्हें आश्वासन दिया कि पूरा पुलिस बल आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेगा।

विशेष रूप से साइबर अपराधों के मद्देनजर कानून व्यवस्था की उभरती चुनौतियों का सामना करने को लेकर विशेष डीजीपी (इंटेलिजेंस) प्रबोध कुमार द्वारा पुलिस विभाग की विभिन्न मांगों का उल्लेख करने के बाद, मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी ने बताया कि पहले से ही इस दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने डीजीपी को पूरा प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने को कहा, ताकि राज्य के वार्षिक बजट में अपेक्षित बजट आवंटन किया जा सके।


पंजाब विधानसभा में चंडीगढ़ पर 'पूर्ण नियंत्रण' को लेकर केंद्र के खिलाफ प्रस्ताव पास

उन्होंने कहा, "तब से पंजाब और हरियाणा राज्य के नामांकित व्यक्तियों को कुछ अनुपात में प्रबंधन पदों को देकर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड जैसी सामान्य संपत्ति के प्रशासन में एक संतुलन का उल्लेख किया गया था। अपनी कई हालिया कार्रवाइयों के माध्यम से केंद्र सरकार इस संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।"

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Maan) ने आज विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें केंद्र सरकार पर केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन में संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। साथ ही चंडीगढ़ को तुरंत पंजाब स्थानांतरित करने की मांग की गई। 

मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के दो सप्ताह बाद भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Maan) ने चंडीगढ़ को अपने कंट्रोल में लेने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आपको बता दें कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश होने के साथ-साथ पंजाब और पड़ोसी हरियाणा दोनों की ही राजधानी है। 

केंद्र सरकार चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमों में बदलाव कर रहा है। इससे केंद्र सरकार के अधिकारियों की तरह चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों को भी लाभ मिल रहा है।

विधानसभा से पास अपने प्रस्ताव में भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Maan) ने कहा है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 के तहत पंजाब को हरियाणा राज्य में पुनर्गठित किया गया था। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों को तत्कालीन केंद्र शासित प्रदेश हिमाचल प्रदेश को दे दिया गया था। उन्होंने कहा, "तब से पंजाब और हरियाणा राज्य के नामांकित व्यक्तियों को कुछ अनुपात में प्रबंधन पदों को देकर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड जैसी सामान्य संपत्ति के प्रशासन में एक संतुलन का उल्लेख किया गया था। अपनी कई हालिया कार्रवाइयों के माध्यम से केंद्र सरकार इस संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।" 

मुख्यमंत्री ने बताया, "चंडीगढ़ प्रशासन हमेशा पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों द्वारा 60:40 के अनुपात में प्रबंधित किया गया है। हालांकि, हाल ही में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में बाहरी अधिकारियों को तैनात किया है और चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों के लिए केंद्रीय सिविल सेवा नियम पेश किए हैं, जो कि पूरी तरह से अतीत में हुए समझौतों के खिलाफ है।"



पंजाब: भगवंत मान ने निजी स्कूलों पर कसी नकेल, नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, अभिभावकों को बड़ी राहत

उन्होंने कहा कि वह भी एक अध्यापक के बेटे हैं, इसलिए शिक्षा को लेकर वे आज दो बड़े फैसले ले रहा हूं। पहला राज्य के निजी स्कूल इस सत्र में अपना एडमिशन फीस नहीं बढ़ाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि अब कोई भी प्राइवेट स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान पर जाकर यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए नहीं कहेगा।

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) ने बुधवार को शिक्षा के क्षेत्र में दो बड़े फैसले लिये हैं। मुख्यमंत्री ने इस सत्र में निजी स्कूलों के फीस बढ़ाने पर पाबंदी लगा दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल किसी खास दुकान से बुक और ड्रेस खरीदने के लिए नहीं कहेगा।

उन्होंने कहा कि बच्चों के माता-पिता किसी भी दुकान से अपनी सहूलियत के हिसाब से किताबें और ड्रेस खरीद सकते हैं। सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। फैसले का ऐलान करते हुए भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) ने कहा कि शिक्षा का अधिकार हर किसी के लिए बराबर है।

उन्होंने कहा कि वह भी एक अध्यापक के बेटे हैं, इसलिए शिक्षा को लेकर वे आज दो बड़े फैसले ले रहा हूं। पहला राज्य के निजी स्कूल इस सत्र में अपना एडमिशन फीस नहीं बढ़ाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि अब कोई भी प्राइवेट स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान पर जाकर यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए नहीं कहेगा।

एक दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) ने कहा था कि स्कूल एवं कॉलेज शिक्षक अब से सिर्फ शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे और उन्हें इसके अतिरिक्त कोई और काम नहीं सौंपा जाएगा। साथ में मान (Chief Minister Bhagwant Man) ने उनके लंबित मुद्दों के जल्द समाधान का भी वादा किया।

भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) ने एक ‘गारंटी’ देते हुए कहा कि पंजाबी विश्वविद्यालय को उसके कर्ज से निजात दिलाई जाएगी ताकि वह उत्तर भारत में उच्च शिक्षा के लिए एक बेहतरीन संस्थान के तौर पर अपनी प्रतिष्ठा फिर से हासिल कर सके। मालूम हो कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) कई बड़े और अहम फैसले ले चुके हैं।

इससे पहले भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) ने सोमवार को भी बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने दिल्ली की तर्ज पर पंजाब में भी डोर टू डोर राशन की डिलीवरी का ऐलान किया था।


पंजाब की AAP सरकार 35,000 कर्मचारियों को करेगी नियमित

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Man) ने मंगलवार को घोषणा की कि सरकारी विभागों में ग्रुप 'सी' और 'डी' के 35,000 संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित किया जाएगा।

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Man) ने मंगलवार को घोषणा की कि सरकारी विभागों में ग्रुप 'सी' और 'डी' के 35,000 संविदा और  आउटसोर्सिंग  कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित किया जाएगा। मान (CM Bhagwant Man) ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी को विधानसभा के अगले सत्र से पहले कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के लिए एक विधेयक का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, "हम विधानसभा में मसौदा कानून को मंजूरी देंगे और अनुबंध और आउटसोसिर्ंग के माध्यम से लगे कर्मचारियों को नियमित करेंगे। यह सरकार का ऐतिहासिक निर्णय होगा।"

मान (CM Bhagwant Man) ने कहा कि संविदा और आउटसोसिर्ंग कर्मचारी नौकरी नियमित करने के लिए लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "कोई चौक (चौराहा) या पानी की टंकी नहीं थी, जहां वे विरोध नहीं कर रहे थे।"

उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, जबकि पात्र शिक्षक नौकरियों के लिए संस्थानों के ठीक बाहर पानी की टंकियों पर चढ़कर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "इसके लिए किसी रोजगार सृजन की जरूरत नहीं है। हम वह भी करेंगे, लेकिन हमें पहले मौजूदा नौकरियों को भरना होगा।"

इस बीच, विधानसभा के पहले सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस पार्टी में प्रशिक्षण बंदूकें, मान (CM Bhagwant Man) ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस 23 मार्च को महान को श्रद्धांजलि के रूप में अवकाश घोषित किया।

कांग्रेस के गिद्दड़बाहा विधायक अमरिंदर सिंह राजा वारिंग द्वारा सभी स्कूलों और कॉलेजों को अवकाश घोषित करने के बजाय सभी स्कूलों और कॉलेजों को खुला रखने की मांग के जवाब में, मान (CM Bhagwant Man) ने कहा कि छुट्टी को इन महान शहीदों को उचित श्रद्धांजलि के रूप में घोषित किया गया है।

इस दिन राज्य स्तरीय अवकाश घोषित करने के औचित्य को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यह अवकाश केवल शहीद भगत सिंह नगर जिले के भीतर स्थानीय रूप से घोषित किया जाता था, ताकि आसपास के क्षेत्रों के लोग शहीद स्मारक पर उनके पैतृक गांव खटकर कलां में श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।

उन्होंने आगे कहा, "अब, हमारी सरकार ने इस दिन पूरे राज्य में राजपत्रित अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है, ताकि राज्य भर से अधिक से अधिक लोग खटकर कलां और हुसैनीवाला दोनों में छात्रों और शिक्षकों सहित महान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें, क्योंकि ये शहीद पूरे देश के हैं और इसलिए इन्हें एक जगह तक सीमित नहीं रखा जा सकता है।"

सीएम भगवंत मान (CM Bhagwant Man) ने वॉरिंग से भगत सिंह का जन्मदिन बताने के लिए कहा, जिसका वह जवाब देने में विफल रहे। इस पर चकित होकर मान (CM Bhagwant Man) ने वारिंग से यह नोट करने को कहा कि महान शहीद भगत सिंह का जन्मदिन 28 सितंबर को पड़ता है।

हालांकि, मान (CM Bhagwant Man) ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं को यूथ आइकन की विचारधारा और दर्शन से अवगत कराने के लिए राज्य भर के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के अलावा स्कूलों, कॉलेजों में सेमिनार, संगोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता और कई अन्य कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित करके इस दिन को बड़े पैमान (CM Bhagwant Man)े पर मनाने की योजना बनाई है।


पंजाब : AAP सरकार की पहली कैबिनेट बैठक, चुनावी वादे पर मुहर, बेरोज़गारों को 25 हज़ार सरकारी नौकरियों की सौगात

शनिवार को भगवंत मान कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इस बैठक में 25 हजार सरकारी नौकरी निकालने का फैसला लिया गया है। इनमें से 10 हजारी नौकरियां पुलिस विभाग में होंगी, बाकि 15 हजार नौकरियां दूसरे विभागों में होंगी।

चंडीगढ़: पंजाब में मंत्रियों के शपथ लेने के बाद शनिवार को भगवंत मान कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इस बैठक में 25 हजार सरकारी नौकरी निकालने का फैसला लिया गया है। इनमें से 10 हजारी नौकरियां पुलिस विभाग में होंगी, बाकि 15 हजार नौकरियां दूसरे विभागों में होंगी। ये नौकरियां एक महीने के भीतर निकाली जाएंगी। बता दें, भगवंत मान ने चुनाव प्रचार के दौरान पंजाब के युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था।

आज ही मान मंत्रिमंडल में दस नए चेहरों को बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल कराया गया है। इससे तीन दिन पहले भगवंत मान ने शहीद भगत सिंह के गांव में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित ने चंडीगढ़ के पंजाब भवन में मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन 10 मंत्रियों में से आठ पहली बार विधायक बने हैं। इन सभी ने पंजाबी भाषा में शपथ ली। हरपाल सिंह चीमा और गुरमीत सिंह मीत हेयर को छोड़कर आठ अन्य पहली बार विधायक बने हैं। दीर्बा से विधायक चीमा ने सबसे पहले शपथ ली, उनके बाद कैबिनेट में एकमात्र महिला और मलोट से विधायक डॉ बलजीत कौर ने शपथ ली।


इसके बाद जंडियाला से हरभजन सिंह, मानसा से डॉ विजय सिंगला, भोआ से लाल चंद, बरनाला से गुरमीत सिंह मीत हेयर, अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, पट्टी से लालजीत सिंह भुल्लर, होशियारपुर से ब्रह्म शंकर जिंपा और आनंदपुर साहिब से हरजोत सिंह बैंस ने शपथ ली।

कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 18 पद हैं। हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद थे।पंजाब के राज्यपाल पुरोहित ने बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी।



पढ़िए-शपथ लेने के बाद पंजाब के नए कैबिनेट मंत्रियों की पहली प्रतिक्रिया, किए ये बड़े वादे

आज पंजाब की नई कैबिनेट के मंत्रियों ने मंत्रिपद की शपथ ले ली है। आम आदमी पार्टी के विधायक हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह,डॉ. विजय सिंगला, लाल चंद, गुरमीर सिंह मीत, कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर, ब्रम शंकर और हरजोत सिंह बैंस ने मंत्रिपद की शपथ ली।

चंडीगढ़: आज पंजाब की नई कैबिनेट के मंत्रियों ने मंत्रिपद की शपथ ले ली है। आम आदमी पार्टी के विधायक हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह,डॉ. विजय सिंगला, लाल चंद, गुरमीर सिंह मीत, कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर, ब्रम शंकर और हरजोत सिंह बैंस ने मंत्रिपद की शपथ ली।



मंत्रिपद की शपथ लेने के बाद डॉ. विजय सिंगला ने कहा कि नशीली दवाओं की लत, बेरोज़गारी के विभिन्न मुद्दे हैं जिनका समाधान अभी बाकी है और हमें इन सभी मुद्दों पर काम करना होगा। पंजाब में तरक्की करनी है तो हमें विपक्ष के समर्थन की ज़रूरत पड़ेगी।

वहीं, डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुझे यहां तक पहुंचाने के लिए पार्टी (AAP) और पार्टी के हाईकमान का धन्यवाद!, पार्टी की ये अच्छी सोच है जो उन्होंने महिला को कैबिनेट में शामिल किया है। मुझे जो भी काम दिया जाएगा वो मैं ईमानदारी से करूंगी।

कैबिनेट  मंत्री गुरमीर सिंह मीत ने कहा कि हम पंजाब में भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाएंगे। वहीं, हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मैं पहले भी लोगों का सेवक था और आज भी हूं और सेवक बनकर ही काम करूंगा। हम लोगों के लिए काम करेंगे और जो वादे किए उसे पूरा करेंगे।

पंजाब कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद ब्रह्म शंकर जिम्पा ने कहा कि  बहुत सारी समस्याएं हैं, स्वास्थ्य सेवाएं बहुत ख़राब हैं, हम सुधार के लिए काम करेंगे। हमारे पास एक जर्जर पंजाब है, इसमें कुछ समय लगेगा लेकिन बदलाव ज़रूर आएगा।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा  कि मुझे भगवंत मान जी बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है तो बहुत अच्छा लग रहा है। जो भी काम दिया जाएगा उसको पूरे मन से पंजाब के लोगों के हित के लिए काम करेंगे। वहीं, हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि हम दिन-रात ईमानदारी से यहां काम करेंगे।


पंजाब में AAP की सरकार: शनिवार को शपथ लेंगे CM भगवंत मान के कैबिनेट मंत्री

पंजाब के मंत्रियों की शपथ 19 मार्च को सुबह 11 बजे होगी। मंत्रियों के शपथ लेने के बाद 12।30 बजे भगवंत मान की पहली कैबिनेट की बैठक पंजाब सचिवालय में होगी।

चंडीगढ़: पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बन चुकी है। भगवंत मान सिंह पहले ही सीएम पद की शपथ ले चुके हैं और अपना कार्यभार संभाल लिया है। अब 19 मार्च यानि शनिवार को पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर्स अपने पद की शपथ लेंगे। मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद कैबिनेट की बैठक भी होगी।

जानकारी के मुताबिक,  पंजाब के मंत्रियों की शपथ 19 मार्च को सुबह 11 बजे होगी। मंत्रियों के शपथ लेने के बाद 12।30 बजे भगवंत मान की पहली कैबिनेट की बैठक पंजाब सचिवालय में होगी।

गौरतलब है कि बुधवार 16 मार्च को आप नेता भगवंत मान ने पंजाब के 17वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली थी। पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने राज्य के एसबीएस (शहीद भगत सिंह) नगर जिले में स्थित शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में आयोजित समारोह में मान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। उसके बाद आम आदमी पार्टी ने वहां पर तीन दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाया था। 

बुधवार को हुये शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी (आप) के नवनिर्वाचित विधायकों, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येन्द्र जैन और अन्य लोग मौजूद थे। सभी ने पीले रंग की पगड़ी पहनी हुई थी।


पंजाब: CM भगवंत मान ने भ्रष्टाचारियों को पकड़ने के लिए फोन नंबर लॉन्च करने की घोषणा की

उन्होंने कहा, "मैं पहले के राजनीतिक दलों की तरह लाल डायरी नहीं रखता और केवल हरी डायरी रखता हूं, इसलिए आपको किसी प्रतिशोध की चिंता करने की जरूरत नहीं है।"

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शपथ लेने के एक दिन बाद गुरुवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहादत दिवस 23 मार्च को जनता के लिए एक मोबाइल फोन नंबर लॉन्च करने की घोषणा की है और उस पर काम के लिए रिश्वत मांगने वाले या कदाचार में लिप्त अधिकारियों के वीडियो अपलोड करने का आग्रह किया है। 

मुख्यमंत्री ने सिविल और पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों को एक लोक सेवक के रूप में कर्तव्यों का पालन करने और हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में आप को मिले भारी जनादेश का सम्मान करते हुए कहा कि "वे लोग जिन्होंने हमें राज्य की सेवा करने का अवसर दिया है, लोकतंत्र में असली शासक हैं जिनके पास नेताओं को शासन करने या उन्हें दरवाजा दिखाने की शक्ति है।"

भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन से संकेत लेते हुए मान ने कहा, "मैच जीते या हारे लेकिन यह टीम भावना है, जो मायने रखती है।"

इसलिए उन्होंने अधिकारियों से पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने के लिए टीम भावना का बेदाग प्रदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा, "हमारी मुख्य चिंता अपने राज्य को लंदन, कैलिफोर्निया या पेरिस नहीं असली पंजाब बनाने की होनी चाहिए।"

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राजनीतिक प्रतिशोध में शामिल नहीं होगी और पूरे प्रशासन को बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्भीकता से निर्वहन करने के लिए कहा, पहले के शासनों के विपरीत, पंजाबियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अत्यंत समर्पण और ईमानदारी के साथ, जिन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) को अभूतपूर्व फैसले के साथ सत्ता में वोट दिया है।

उन्होंने कहा, "मैं पहले के राजनीतिक दलों की तरह लाल डायरी नहीं रखता और केवल हरी डायरी रखता हूं, इसलिए आपको किसी प्रतिशोध की चिंता करने की जरूरत नहीं है।"

मान ने सिविल और पुलिस दोनों अधिकारियों की क्षमताओं और क्षमताओं की सराहना करते हुए कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि आप आम आदमी का सम्मान करेंगे और बदले में हम भी आपको एक लोक सेवक होने की वास्तविक भावना का प्रदर्शन करने में सम्मान और उचित पहचान देंगे।"

बिना कुछ बोले उन्होंने कहा, "भ्रष्ट अधिकारियों का मेरी सरकार में कोई स्थान नहीं है और अगर ऐसी कोई शिकायत मेरे संज्ञान में आती है, तो ऐसे अधिकारियों के लिए किसी प्रकार की सहानुभूति की अपेक्षा न करें।"

परंपरा को तोड़ते हुए, मुख्यमंत्री ने आम आदमी के जीवन में बदलाव लाने के लिए नागरिक और पुलिस दोनों अधिकारियों को 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार' से पुरस्कृत करने के अलावा सभी का मनोबल बढ़ाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने की भी घोषणा की।

पंजाब को एक आदर्श राज्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मान ने कहा कि उनकी सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह होगी कि हमारे युवाओं के लिए रोजगार के भरपूर अवसर पैदा किए जाएं, ताकि राज्य से विदेशों में ब्रेन ड्रेन की दुर्भाग्यपूर्ण प्रवृत्ति को रोका जा सके।

"इस परि²श्य ने गरीब और असहाय माता-पिता को आजीविका कमाने के लिए बेहतर संभावनाओं के लिए अपने बच्चों को विदेश भेजने के लिए अपनी संपत्ति बेचने के लिए मजबूर कर दिया है।"

मान ने वादा किया कि उनकी सरकार जल्द ही हमारे बेरोजगार युवाओं के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता पर रोजगार के जबरदस्त अवसर पैदा करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना लेकर आएगी।


पंजाब में 'आप' सरकार: शहीद भगत सिंह के गांव में भगवंत मान सिंह ने ली CM पद की शपथ, आज से भगवंत के 'भरोसे' पंजाब

भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) ने बुधवार को पंजाब के सीएम के पद की शपथ ली। उन्हें पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। भगत सिंह के गांव खटकर कलां में यह शपथ ग्रहण समारोह हुआ।

चंडीगढ:  भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) ने बुधवार को पंजाब के सीएम के पद की शपथ ली। उन्हें पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। भगत सिंह के गांव खटकर कलां में यह शपथ ग्रहण समारोह हुआ।

इस शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत दिल्ली आप के तमाम नेता शामिल हुए। पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को प्रचंड जीत मिली है। भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) पंजाब के 17वें सीएम बन गए हैं। कार्यकाल के हिसाब से वे पंजाब के 25वें सीएम हैं।

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117 सीटों वाले पंजाब में आप ने 92 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस को 18, अकाली दल को 3 और बीजेपी को 2 सीटों पर जीत मिली। आप ने इस बार भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Man) के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। मान संगरूर से दो बार के सांसद भी रहे हैं।

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पंजाब में 'आप' की सरकार: भगवंत मान बुधवार को अकेले लेंगे पंजाब सीएम पद की शपथ

सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने फैसला किया है कि केवल मान ही शपथ लेंगे क्योंकि शपथ ग्रहण एक विशेष और ऐतिहासिक स्थान पर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 16 अन्य मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।

नई दिल्लीः भगवंत मान और केजरीवाल ने रविवार को जलियांवाला बाग का दौरा किया और अमृतसर में रोड शो से पहले स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। स्मारक जाने से पहले आप के दो वरिष्ठ नेताओं ने आशीर्वाद लेने के लिए स्वर्ण मंदिर का दौरा किया।


इस बीच, आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा अपने मनोनीत मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपने मंत्री सहयोगी चुनने की छूट देने की खबरों के बीच मंत्रिमंडल के संभावित गठन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने फैसला किया है कि केवल मान ही शपथ लेंगे क्योंकि शपथ ग्रहण एक विशेष और ऐतिहासिक स्थान पर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 16 अन्य मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। 

गौरतलब है कि मान ने केजरीवाल को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है। रविवार को आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल एक दिन के अमृतसर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने पंजाब में पार्टी को दो-तिहाई बहुमत देने के लिए राज्य के लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए एक रोड शो में हिस्सा लिया। आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को कहा कि पार्टी नेता भगवंत मान अकेले 16 मार्च को स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में शपथ लेंगे जबकि 16 मंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाएगी। 


पंजाब में 'आप' की सरकार: आज केजरीवाल संग भगवंत मान अमृतसर में करेंगे रोड शो, 16 को लेंगे सीएम पद की शपथ

चंडीगढ़: पंजाब में प्रचंड जीत के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के सीएम उम्‍मीदवार भगवंत मान (Bhagwant Mann) 16 मार्च को शहीद भगत सिंह के गांव में मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले आज यानी 13 मार्च को अमृतसर में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का मेगा रोड शो होगा। 


बता दें कि भगवंत मान 16 मार्च को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। गुरुवार को उन्होंने ऐलान किया था कि वह राजभवन में नहीं बल्कि भगत सिंह के गांव खटकरकलां में शपथ लेंगे।

गौरतलब है कि पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी में 92 सीटों पर जीत दर्ज की है।


पंजाब में AAP सरकार: मनोनीत सीएम भगवंत मान ने 122 पूर्व विधायकों की सुरक्षा वापस ली

सूची में पूर्व मुख्यमंत्रियों- कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल और राज्य कांग्रेस प्रमुख सिद्धू के नाम नहीं हैं।

चंडीगढ़: पंजाब के मनोनीत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीआईपी संस्कृति के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश देते हुए शनिवार को शपथ ग्रहण से पहले राज्य कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी सहित 122 पूर्व विधायकों, मंत्री और वीआईपी की सुरक्षा वापस ले ली। पूर्व मंत्रियों में कांग्रेस के मनप्रीत सिंह बादल और परगट सिंह शामिल हैं, जो चुनाव हार गए हैं।

हालांकि, सूची में पूर्व मुख्यमंत्रियों- कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल और राज्य कांग्रेस प्रमुख सिद्धू के नाम नहीं हैं लेकिन सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर, जो पूर्व विधायक हैं, उन लोगों में शामिल हैं, जिनकी सुरक्षा हटा ली गई है।


Punjab Election: कैप्टन अमरिंदर का दावा, कहा-'20-30 से ज्यादा सीटें नहीं जीतेगी कांग्रेस', CM चन्नी-सिद्धू को बताया 'बेकार'

उन्होंने कहा, "वे (कांग्रेस) इस बात से चिंतित हैं कि मैं पंजाब में क्या हासिल कर पा रहा हूं जो उनके खिलाफ जा रहा है। मैं अनुमान लगा सकता हूं कि कांग्रेस को 20-30 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी।"

by न्यूज9इंडिया डेस्क

चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व सीएम और पीएलसी अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी एयर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को 'बेकार' बताते हुए दावा किया है कि कांग्रेस पंजाब में 20-30 सीटों से ज्यादा नहीं जीत सकती।


वहीं, अमरिंदर सिंह ने सीएम चन्नी और सिद्धू पर हमला बोलते हुए कहा, "चरणजीत चन्नी क्या है? क्या वह जादूगर है कि 3 महीने में वह पंजाब में चमत्कार कर सकता है? चुनाव से पहले उसे हीरो बनाने की कोशिश में सारा श्रेय उसे दिया गया... मुझे लगता है कि दोनों (चन्नी और नवजोत एस सिद्धू) बेकार हैं।"

एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में राज्य से कांग्रेस का सफाया हो जाएगा। पत्रकारों से बात करते हुए, कांग्रेस छोड़ पंजाब लोक कांग्रेस का गठन करने वाले अमरिंदर सिंह ने कहा, "मैं पटियाला जीतने को लेकर निश्चित हूं। मुझे लगता है कि हम चुनाव जीतेंगे ... वे (कांग्रेस) एक अलग दुनिया में रहते हैं और पंजाब में उनका सफाया हो जाएगा।" 

कैप्टन ने पटियाला में वोट डालने के बाद कहा, "भगवंत मान देशद्रोही हैं और वह अरविंद केजरीवाल का समर्थन कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "वे (कांग्रेस) इस बात से चिंतित हैं कि मैं पंजाब में क्या हासिल कर पा रहा हूं जो उनके खिलाफ जा रहा है। मैं अनुमान लगा सकता हूं कि कांग्रेस को 20-30 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी।"

अमरिंदर सिंह ने सीएम चन्नी और सिद्धू पर हमला बोलते हुए कहा, "चरणजीत चन्नी क्या है? क्या वह जादूगर है कि 3 महीने में वह पंजाब में चमत्कार कर सकता है? चुनाव से पहले उसे हीरो बनाने की कोशिश में सारा श्रेय उसे दिया गया... मुझे लगता है कि दोनों (चन्नी और नवजोत एस सिद्धू) बेकार हैं।"

बता दें कि आज पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है। इस बार पंजाब में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल-बहुजन समाज पार्टी गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के गठबंधन के साथ बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। 


Punjab Election: सभी 117 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग जारी, 1 बजे तक 34% वोटिंग

सुबह 8 बजे से मतदान हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, दोपहर 1 बजे तक पंजाब विधानसभा चुनाव में 33% वोटिंग हो चुकी है।

by न्यूज9इंडिया डेस्क

चंडीगढ़: पंजाब में रविवार सुबह 117 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शुरू हो गया, जहां 2.14 करोड़ से ज्यादा मतदाता 93 महिलाओं और दो ट्रांसजेंडरों सहित 1,304 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा और मतगणना 10 मार्च को होगी। सुबह 8 बजे से मतदान हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, दोपहर  1 बजे तक पंजाब विधानसभा चुनाव में  34% वोटिंग हो चुकी है।

इस बार मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के बीच है, जो कृषि कानूनों को लेकर 2020 में भाजपा के साथ दो दशक पुराने नाता तोड़ने के बाद बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है।

संयुक्त समाज मोर्चा के अलावा भाजपा-पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) गठबंधन भी मैदान में है, जिसमें पंजाब के किसान निकाय शामिल हैं, जिन्होंने केंद्र के अब निरस्त किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लिया था।

सभी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए मुफ्त उपहार दे रही हैं। आप ने सभी महिलाओं के लिए 1,000 रुपये का वादा किया है, जबकि कांग्रेस ने जरूरतमंद महिलाओं के लिए 1,100 रुपये प्रति माह का आश्वासन दिया है। एसएडी-बसपा गठबंधन ने बीपीएल परिवारों की सभी महिला मुखियाओं को हर महीने 2,000 रुपये देने का वादा किया है।

मुख्य चुनाव अधिकारी एस. करुणा राजू ने शनिवार को मीडिया को बताया कि 1,304 उम्मीदवारों में से 231 राष्ट्रीय दलों, 250 राज्य, 362 गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों से और 461 निर्दलीय उम्मीदवारों से हैं। चुनाव लड़ने वाले कुल 315 उम्मीदवार आपराधिक इतिहास वाले हैं।

उन्होंने कहा कि 14,684 मतदान केंद्रों पर 24,689 मतदान केंद्र और 51 सहायक मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 2,013 को संवेदनशील और 2,952 संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है। वहां 1,196 मॉडल मतदान केंद्र और 196 महिला-प्रबंधित केंद्र होंगे। सभी स्टेशनों की वेबकास्टिंग होगी।

राजू ने कहा कि कुल मतदाताओं में 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के 444,721, विकलांग मतदाता 138,116 मतदाता और 162 कोरोना मरीज शामिल हैं। इस बार 18-19 साल की आयु के कुल 348,836 मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जबकि 1608 एनआरआई मतदाता हैं।