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महंत नरेंद्र गिरी का निधन: हत्या या आत्महत्या ? जांच में जुटे यूपी के शीर्ष पुलिस अधिकारी, PM मोदी-CM योगी समेत तमाम हस्तियों ने जताया दुःख

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी की महंत जी ने आत्महत्या की है। सूचना मिलने पर IG और उनकी टीम मौके पर पहुंची और उनके शरीर को पंखे से उतारा। हमको मौके से सुसाइड नोट मिला था जिसपर उन्होंने आनंद गिरि तथा दो अन्य लोगों के विरुद्ध आरोप लगाए हैं।


लखनऊ: आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है। इस बीच यह सूचना मिली है कि उनका शव पंखे से लटका मिला एयर आईजी लेवल के अधिकारी की मौजूदगी में शव को पंखे से उतारा गया। यह भी खबर है कि पुलिस ने मामले में जुड़े एक संत को हरिद्वार से उत्तराखंड पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है।

मामले को लेकर प्रयागराज आईजी के.पी. सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये सुसाइड का मामला लग रहा है। उनका (महंत नरेंद्र गिरि) सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि मैं बहुत से कारणों से दुखी था इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। मामले में जांच जारी है। उन्होंने आगे कहा कि हमें आश्रम से फोन आया कि महाराज(महंत नरेंद्र गिरि) फंदे से लटक गए हैं। जब हम यहां आए तो देखा कि महाराज ज़मीन पर लेटे हुए थे। रस्सी पंखे में फंसी हुई थी। उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी की महंत जी ने आत्महत्या की है। सूचना मिलने पर IG और उनकी टीम मौके पर पहुंची और उनके शरीर को पंखे से उतारा। हमको मौके से सुसाइड नोट मिला था जिसपर उन्होंने आनंद गिरि तथा दो अन्य लोगों के विरुद्ध आरोप लगाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि तुरंत कार्रवाई करते हुए हमने आनंद गिरि को उत्तराखंड पुलिस की सहायता से हरिद्वार से हिरासत में लिया। एक टीम वहां भेजी जा रही है जो पूर्ण सुरक्षा के बीच उसको लाएगी और आगे की पूछताछ इसमें की जाएगी।


उनके निधन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।


वही, हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी के निधन की सूचना मिली जो बहुत ही आहत करने वाला है। ये सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ी क्षति है। ये अपूरणीय क्षति है। प्रशासन से मांग है कि उनकी मौत की निष्पक्षता से जांच की जाए।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी प्रयागराज पहुंच गए हैं और प्रारंभिक दौर में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनको वे जल्द प्रस्तुत करेंगे। महंत जी का ना रहना हम सब के बीच में अविस्मरणीय और दुखद क्षण है, जो मन को आहत करने वाला है।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य  ने कहा कि इस समाचार से सिर्फ मैं ही नहीं भक्त भी दुखी हैं। उन्होंने मुझे सदैव प्यार दिया। विश्वास नहीं हो रहा की वह आत्महत्या कर सकते हैं। अगर किसी ने ऐसी स्थिति पैदा की है तो उसे बख़्शा नहीं जाएगा। स्थिति जानने के लिए प्रयागराज जा रहा हूं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन

आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है।

लखनऊ: आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का निधन हो गया। उनके निधन से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और तमाम संतों में नरेंद्र गिरी के निधन पर शोक जताया है।


उनके निधन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।


वही, हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी के निधन की सूचना मिली जो बहुत ही आहत करने वाला है। ये सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ी क्षति है। ये अपूरणीय क्षति है। प्रशासन से मांग है कि उनकी मौत की निष्पक्षता से जांच की जाए।


'बिजली बिल माफी' का दांव खेलकर पंजाब के CM चन्नी हराएंगे AAP को !

हमाना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान रखते हुए सीएम चन्नी ने जान-बूझकर यह दांव खेला है। बता दें कि पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।

चंडीगढ़: आज से पंजाब के नए सीएम को रूप में  चरणजीत सिंह चन्नी ने कमान संभाल ली है और आते ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के प्लान पर पानी फेरने का काम किया है। सीएम बनने के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने खुद को आम आदमी बताया। उन्होंने कहा कि मैं गरीबों का प्रतिनिधि हूं। प्रदेश में आम आदमी का शासन स्थापित हो गया है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान रखते हुए सीएम चन्नी ने जान-बूझकर यह दांव खेला है। बता दें कि पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। 

पंजाब में सियासी गुणा-गणित का आंकड़ा फिट बैठाने के लिए कांग्रेस ने दलित विधायक चरणजीत सिंह चन्नी को वहां का नया सीएम बनाया है। चन्नी ने भी शपथ ग्रहण करते ही इस दिशा में कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। अपनी पहली ही प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने खुद को आम आदमी बताकर यहां आम आदमी पार्टी की हवा निकालने की कोशिश शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पंजाब में जब कांग्रेस पार्टी में विवाद चल रहा था तब भी आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने उसका फायदा उठाने की कोशिश की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को राखी सावंत बता दिया था। 

पंजाब में कांग्रेस पार्टी भाजपा से बड़ा खतरा आम आदमी पार्टी को मानती है। वजह, किसानों के मुद्दे पर भाजपा पहले ही बैकफुट पर है। वहीं आम आदमी पार्टी हर तरह से पंजाब में हावी होने की तैयारी में है। 2017 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने यहां 20 सीटों पर जीत हासिल की थी और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनकर उभरी थी। वहीं इस साल भी चुनाव में बेहतर करने के लिए वह पूरा जोर लगा रही है।

आम आदमी पार्टी ने हर राज्य की तरह ही पंजाब में भी मुफ्त बिजली देने का वादा कर रखा है। इसके अलावा वह पंजाब में मुहिम चलाकर लोगों से एक नई पार्टी को मौका देने की बात कह रही है। ऐसे में चरणजीत सिंह चन्नी ने खुद को आम आदमी कहकर और सभी बकाया बिजली बिलों को माफ कर आम आदमी की मुश्किलें बढ़ाने का पूरा इंतजाम कर लिया है।


अलीगढ़: जिला कारागार में बंद कैदियों को वितरित की गई डेंगू की दवा

जिला कारागार अलीगढ़ में निरुद्ध सभी बंदियों (3849)को श्री वार्षणेय मंदिर होम्योपैथिक चिकित्सालय अलीगढ़ के तत्वावधान में डेंगू रोग‌ से बचाव हेतु विशेष दवा Eupatorium Perfoliatum 200 CH नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई।

अलीगढ़: इन दिनों उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डेंगू व अन्य तमाम प्रकार के बुखार का कहर बरप रहा है। खासकर पश्चिमी यूपी के कई जिले जैसे कि हाथरस, मथुरा, फिरोजाबाद बुखार की चपेट में हैं। कई लोगों की बुखार की वजह से मौत भी हो चुकी है। ऐसे में आज जिला कारागार अलीगढ़ में बंद कैदियों को आज डेंगू रोधक दवा का वितरण किया गया।


जिला कारागार अलीगढ़ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आदरणीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक महोदय, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश  द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुक्रम में आज दिनांक 19 सितंबर को  जिला कारागार अलीगढ़ में  निरुद्ध सभी बंदियों (3849)को श्री वार्षणेय मंदिर होम्योपैथिक चिकित्सालय अलीगढ़ के तत्वावधान में डेंगू रोग‌ से बचाव हेतु विशेष दवा  Eupatorium Perfoliatum 200 CH  नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई। 

उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा आज आयोजित चिकित्सीय शिविर में कारागार में  निरुद्ध 236 पुरुष बंदी + 36 महिला बंदियों सहित कुल 272 बंदियो का परीक्षण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निशुल्क होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध कराया गया। 


इस अवसर पर जेल प्रशासन द्वारा आगंतुक चिकित्सक गण डा. सुनील गुप्ता,  डा. योगेश गुप्ता, डा. अशोक वशिष्ठ और टीम के अन्य सहयोगी सदस्य बंटी और नितिन का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।


बड़ी खबर: सुखजिंदर रंधावा बनेंगे पंजाब के नए सीएम, अंतिम फैसला सोनिया गांधी पर

सुखजिंदर के अलावा दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हो रही है। अरुणा चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इसके अलावा एक और नेता भारत भूषण आशु को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है।

चंडीगढ़: पंजाब में आज शाम तक नए   सीएम के नाम पर मुहर लग जायेगी। पार्टी ने  सुखजिंदर रंधावा का नाम कांग्रेस हाईकमान को भेजा है। लेकिन अंतिम फैसला सोनिया गांधी को ही लेना है। सूत्रों से खबर मिली है कि सोनिया गांधी की भी हां रंधावा के लिए है।


सुखजिंदर के अलावा दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हो रही है। अरुणा चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इसके अलावा एक और नेता भारत भूषण आशु को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है।

पंजाब कांग्रेस द्वारा नाम भेजे जाने के बाद रंधावा के घर पर विधायकों और कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा हो रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू सरीखे नेता उनके घर पहुंचे हैं। रंधावा के नाम को लेकर महज घोषणा बाकी है।  


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धियां, कहा-'दंगामुक्त हुआ उत्तर प्रदेश'

आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग के लोगों तक सरकार को योजना पहुंच रही है। पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते और अपराधियों को जेल में डाला जा रहा है।

लखनऊ: आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग के लोगों तक सरकार को योजना पहुंच रही है। पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते और अपराधियों को जेल में डाला जा रहा है।

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि, केंद्र से हमें लगातार सहयोग मिला जिससे हमने सभी योजनाओं को अच्छी तरह से लागू किया। सीएम योगी ने कहा कि, पहले की सरकारों के कार्यकाल में यूपी की क्या दशा थी, ये किसी से छिपी नहीं थी।

सीएम योगी ने कहा कि, पहले सरकारी योजना का हाल क्या होता था, ये सभी जानते हैं। हमारी सरकार ने सभी वर्गों तक पूरी इमानदारी के साथ सरकारी योजनाओं को पहुंचाया। आपदा के वक्त सरकार ने हर स्तर पर लोगों को सहायता पहुंचाई। उन्होंने बताया कि, कोरोना काल में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया।

अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी में पहले हर तीसरे चौथे दिन दंगा हुआ करता था, लेकिन हमारी सरकार ने प्रदेश को दंगामुक्त बनाया। वहीं, उन्होंने कहा कि हमने माफिया और अपराधियों पर कानून की दायरे में कार्रवाई की। सीएम योगी ने कहा कि, हमने 1800 करोड़ की सरकारी संपति जब्त की और अवैध निर्माण पर कार्रावाई की।

सीएम योगी ने आगे कहा कि सरकारी नौकरियों को लेकर सीएम योगी ने कहा कि, पहले कुछ परिवारों को लिए ये वसूली का काम होता था। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार ने पार्दर्शी तरीके से सरकारी नौकरी में भर्ती शुरू की। सीएम ने कहा कि, साढ़े चार लाख युवाओं को हमारी सरकार ने नौकरी दी। किसी भी भर्ती में कोई दलाली नहीं हुई। उन्होंने कहा कि, पहले की सरकारों में वर्षों से नौकरी लंबित पड़ी थी।

इसके अलावा सीएम ने बताया कि, यूपी पुलिस में 30 हजार महिला आरक्षियों की भर्ती की गई। बेसिक शिक्षा परिषद में ज्यादातर महिलाओं की भर्ती की गई। उन्होंने बताया कि, प्रदेश में 50 नये महाविद्यालय बनाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, यूपी में कानून व्यवस्था ऐसी थी कि, निवेश नहीं था और इज ऑफ डुइंग के मामले में प्रदेश का 14वां स्थान था। लेकिन हमारी सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार करते हुए यूपी में पहले इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया और खास बात ये है कि, अब देश और दुनिया का उद्योगपति प्रदेश में निवेश का इच्छुक है। यूपी में तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि यूपी अब इज ऑफ डुइंग में दूसरे स्थान पर आ गया है।


बिहार के वैशाली में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या, चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार पर बोला हमला

मामले में वैशाली के SP मनीष ने बताया, “संदिग्ध लोगों से पुछताछ चल रही है। अभी मामले में जांच जारी है और अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।”

वैशाली: बिहार के वैशाली के महनार थाना इलाके के करनौती में एक नाबालिग के साथ बलात्कार कर हत्या करने का मामला सामने आया है। जिसके बाद लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने सूबे के सीएम नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला।

चिराग पासवान ने सूबे की नीतीश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार राज्य अगर सुर्खियां बनाता है तो सिर्फ आपराधिक घटनाओं को लेकर... मैं खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह करूंगा कि अगर उनसे संभव नहीं हो पाता है ऐसी घटनाओं की जांच करके दोषियों को सज़ा देना तो इसे सीबीआई को सौंप देना चाहिए।


मामले में वैशाली के SP मनीष ने बताया, “संदिग्ध लोगों से पुछताछ चल रही है। अभी मामले में जांच जारी है और अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।”


राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के OSD लोकेश का इस्तीफा, पंजाब कांग्रेस की कलह बनी कारण !

सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने विवाद के बीच अपना इस्‍तीफा उन्‍हें भेज दिया है। इस पत्र में ओएसडी लोकेश शर्मा ने अपनी सफाई भी रखी।

जयपुर: पंजाब में बीते कल यानी 18 सितंबर शानिवार को पंजाब के सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के इस्‍तीफे के घटनाक्रम के बीच राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत के एक ऑफिसर ऑन स्‍पेशल ड्यूटी (ओसडी) को एक ट्वीट करने से एक विवाद बढ़ गया। सीएम  अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने विवाद के बीच अपना इस्‍तीफा उन्‍हें भेज दिया है। इस पत्र में ओएसडी लोकेश शर्मा ने अपनी सफाई भी रखी।

ओएसडी शर्मा ने अपने इस्‍तीफे में सीएम गहलोत को संबोधित करते हुए लिखा है,'' मेरे द्वारा किए ट्वीट को राजनैतिक रंग देते हुए, गलत अर्थ निकालकर पंजाब के घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है... मैंने आज तक पार्टी लाइन से अलग कांग्रेस के किसी भी छोटे से लेकर बड़े नेता के संबंध में और प्रदेश की कांग्रेस सरकार को लेकर कभी भी कोई ऐसे शब्‍द नहीं लिखे नहीं हैं जिन्‍हें गलत कहा जा सके...


शर्मा ने आपने पत्र में लिखा है, श्रीमान मेरे आज के ट्वीट से किसी भी रूप में पार्टी, सरकार और आलाकमान की भावननाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं करबद्ध रूप से क्षमा चाहता हूं, मेरी मंशा, मेरे शब्‍द और मेरी भावना किसी को भी किसी भी रूप में ठेस पहुंचाने वाली थी और न कभी होगी।

शर्मा ने आगे लिखा कि माननीय फिर भी अगर आपको लगता है मेरे द्वारा जान-बूझकर कोई गलती की है तो आपके विशेषाधिकारी पद से इस्‍तीफा भेज रहा हूं, निर्णय आपको करना है।


जागरूकता अभियान से नहीं लट्ठ से लागू होगी शराबबंदी: उमा भारती

शराबबंदी को लेकर उमा भारती ने कहा है कि मध्यप्रदेश में शराबबंदी जागरूकता अभियान से नहीं बल्कि लट्ठ के दम पर होगी।

भोपाल: ऐसा लग रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आएंगी। मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है। शराबबंदी को लेकर उमा भारती ने कहा है कि मध्यप्रदेश में शराबबंदी जागरूकता अभियान से नहीं बल्कि लट्ठ के दम पर होगी।

उमा भारती ने कहा कि बी.डी. शर्मा और शिवराज सिंह ने कहा कि जागरुकता अभियान से शराबबंदी होनी चाहिए। मेरा मानना है कि यह जागरुकता से नहीं लठ्ठ से ही खत्म होता है... मैं उनको 15 जनवरी तक का समय देती हूं, तब तक हम जागरुकता अभियान चलाएंगे। उसके बाद अभियान का नेतृत्व करने मैं सड़क पर उतर जाऊंगी।


झारखंड: लातेहार में मूर्ति विसर्जन के दौरान 7 बच्चियों की नदी में डूबने से मौत, राष्ट्रपति-पीएम ने जताया दुःख

घटना को लेकर ज़िला कलेक्टर अबू इमरान ने बताया, ''मौत की पुष्टि हो गई है। बचाव के लिए टीम लगी है, हम एनडीआरएफ से भी संपर्क कर रहे हैं। जिनकी स्थिति नाजुक है उनका इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।''

लातेहार: झारखंड के लातेहार से एक दुखद खबर सामने आ रही है। यहां, बालूमाथ में विसर्जन के दौरान डूबने से 7 बच्चियों की मौत हो गई। घटना को लेकर ज़िला कलेक्टर अबू इमरान ने बताया, ''मौत की पुष्टि हो गई है। बचाव के लिए टीम लगी है, हम एनडीआरएफ से भी संपर्क कर रहे हैं। जिनकी स्थिति नाजुक है उनका इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।'' 

वहीं, इस घटना पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में दुख जताया है। राष्ट्रपति ने कहा कि लातेहार, झारखंड में करम डाली विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में कई बच्चियों की मृत्यु का समाचार सुनकर बेहद व्यथित हूँ। दुःख की इस घड़ी में, शोकाकुल परिवारजनों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।


वहीं, पीएम मोदी ने घटना को लेकर दुख प्रकट करते हुए झारखंड के लातेहर ज़िले में डूबने से हुई मौतों से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं।

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि लातेहार जिले के शेरेगाड़ा गांव में करम डाली विसर्जन के दौरान 7 बच्चियों की डूबने से हुई मौत की खबर सुनकर स्तब्ध हूँ। परमात्मा दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान कर शोक संतप्त परिवारों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।


अलीगढ़: BJP नेता को पकड़ने आई बंगाल पुलिस टीम को पीटा, CO से भिड़े MP-MLA, जानिए-क्या है मामला

अलीगढ़ आई पुलिस टीम को शुक्रवार शाम लोगों ने कमरा बंद कर पिटाई की। सूचना पर भाजपा सांसद-विधायक और समर्थक मौके पर पहुंच गए।

अलीगढ़: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ विवादित बयान देने वाले अलीगढ़ के बीजेपी नेता को गिरफ्तार करने आई पुलिस टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। अलीगढ़ आई पुलिस टीम को शुक्रवार शाम लोगों ने कमरा बंद कर पिटाई की। सूचना पर भाजपा सांसद-विधायक और समर्थक मौके पर पहुंच गए।

 सांसद-विधायक भी स्थानीय पुलिस की तरफ से पहुंचे सीओ से भिड़ गए। बाद में स्थानीय पुलिस बंगाल पुलिस टीम को समर्थकों से बचाते हुए थाने ले गई। घटना को लेकर भाजपा समर्थकों ने काफी देर तक हंगामा किया।


बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष योगेश वाष्र्णेय ने 2017 में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिर कलम करने पर 11 लाख रुपये इनाम देने का बयान दिया था। मामले में योगेश के खिलाफ कोलकाता में तीन मुकदमे दर्ज किये गये थे। योगेश की गिरफ्तारी को टीम पूर्व में कई बार अलीगढ़ आ चुकी है। लेकिन योगेश एक बार भी पुलिस गिरफ्त में नहीं आया।

शुक्रवार को फिर से: बंगाल पुलिस स्थानीय गांधीपार्क पुलिस को लेकर उनके घर पहुंची। जैसे ही टीम उसके घर पहुंची देखते ही देखते समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। भारी भीड़ के बीच भाजपा समर्थकों ने बंगाल पुलिस टीम की कमरे में बंद कर जमकर धुनाई की। 

सूचना पर सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर और शहर विधायक संजीव राजा मौके पर पहुंच गए। बंगाल पुलिस का बचाव करते हुए गांधीपार्क पुलिस उनको अपने साथ थाने ले गई। घटना के बाद मौके पर सांसद व विधायक समर्थकों के साथ हंगामा करते रहे।

भाजपा समर्थकों को पुलिस से लेकर मीडिया तक किसी को घर में नहीं घुसने दिया। सभी को घर से बाहर रखा। हालांकि बाद में स्थानीय पुलिस मकान में घुसी थी। सांसद सतीश गौतम ने सीओ मोहसिन खान व इंस्पेक्टर गांधीपार्क वंशीधर पांडेय से सवाल-जवाब किया। कहा कि तुम्हारी अनुमति के बिना पुलिस टीम मकान तक कैसे पहुंच गई। बंगाल पुलिस व उनके साथ आई थाना गांधीपार्क पुलिस पर भाजपा नेता के परिजनों ने घर की महिलाओं के साथ छेड़खानी व अभद्रता करने का आरोप लगाया है। मामले में तहरीर दी जा रही है।


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि कार्यक्रम में लिया हिस्सा

आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं पुण्यतिथि और महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्ताहिक पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।

गोरखपुर: आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं पुण्यतिथि और महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्ताहिक पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। 

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इस मौक पर सीएम गोयी ने अपने संबोधन में कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने अपना पूरा जीवन देश और सनातन धर्म के लिए समर्पित किया था। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनकी भागीदारी उन सभी अभियानों के साथ रही है जो लोक कल्याण और राष्ट्र कल्याण के लिए देश में विगत 100 वर्षों के अंदर घटित हुई है।

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वसूली कांड: सचिन वाझे कबुलनामा, ट्रांसफर रुकवाने को देशमुख और परब ने 10 DCP से ली थी 40 करोड़ की रिश्वत

वाझे ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए अपने बयान में बताया कि परिवहन मंत्री अनिल परब और तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देखमुख ने मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की ओर से जारी तबादला आदेशों को रोकने के एवज में 10 पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) से 40 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी।

मुंबई: महाराष्ट्र के चर्चित वसूली कांड में आज एक बड़ा खुलासा बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे न किया है। वाझे ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए अपने बयान में बताया कि परिवहन मंत्री अनिल परब और तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देखमुख ने मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की ओर से जारी तबादला आदेशों को रोकने के एवज में 10 पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) से 40 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी।

बताते चलें कि यह बयान प्रवर्तन ईडी की ओर से देशमुख के पूर्व निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हाल में दायर आरोप पत्र का हिस्सा है। परमबीर सिंह ने जुलाई, 2020 में मुंबई में 10 डीसीपी के स्थानांतरण के आदेश जारी किए थे। वाझे ने अपने बयान में दावा किया कि परमबीर सिंह की ओर से जारी ट्रांसफर आदेश को लेकर तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख और परब खुश नहीं थे।

वाझे ने कहा, ''बाद में मुझे पता चला कि ट्रांसफर आदेश में सूचीबद्ध पुलिस अधिकारियों से 40 करोड़ रुपए की राशि एकत्र की गई थी, जिनमें से अनिल देशमुख और अनिल परब और 20-20 करोड़ रुपए दिए गए थे।'' गिरफ्तार किए गए पलांडे और शिंदे के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दायर आरोप पत्र में वाझे का नाम भी आरोपी के रूप में दर्ज है। आरोप पत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता देशमुख या उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया है। पलांडे और शिंदे इस मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।

यह बयान प्रवर्तन ईडी की ओर से देशमुख के पूर्व निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हाल में दायर आरोप पत्र का हिस्सा है। परमबीर सिंह ने जुलाई, 2020 में मुंबई में 10 डीसीपी के स्थानांतरण के आदेश जारी किए थे। वाझे ने अपने बयान में दावा किया कि परमबीर सिंह की ओर से जारी ट्रांसफर आदेश को लेकर तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख और परब खुश नहीं थे।

वाझे ने कहा, ''बाद में मुझे पता चला कि ट्रांसफर आदेश में सूचीबद्ध पुलिस अधिकारियों से 40 करोड़ रुपए की राशि एकत्र की गई थी, जिनमें से अनिल देशमुख और अनिल परब और 20-20 करोड़ रुपए दिए गए थे।'' गिरफ्तार किए गए पलांडे और शिंदे के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दायर आरोप पत्र में वाझे का नाम भी आरोपी के रूप में दर्ज है। आरोप पत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता देशमुख या उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया है। पलांडे और शिंदे इस मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।


मिशन यूपी: EVM और DM से सावधान रहने की जरूरत- अखिलेश यादव

उन्होंने भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। बिहार के चुनाव में बेईमानी EVM और DM ने की लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने जवाब दिया। हमें इस बार EVM और DM से सावधान रहना होगा।

लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां चुनवी तैयारी में जुट चुकी हैं और एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। ताजा मामले में यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर बिना नाम लिए हमला होला है।

अखिलेश यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर धांधली करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। बिहार के चुनाव में बेईमानी EVM और DM ने की लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने जवाब दिया। हमें इस बार EVM और DM से सावधान रहना होगा।


बारिश बनी आफत, उत्तर प्रदेश में 44 लोगों की मौत

सबसे ज्यादा नुकसान लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में हुआ है। यहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, प्रयागराज, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में 14, मध्य यूपी व बुंदेलखंड में छह और पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हुई है।

लखनऊ: लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में 44 लोगों की मौत की सूचना है। राज्य में बुधवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर ढा दिया है। गुरुवार को जगह-जगह मकान, दीवार, पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। 

रेलवे ट्रैक पर ओएचई लाइन टूट जाने से कई ट्रेनों के पहिए थम गए, विमान सेवा बाधित हुई और बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कुल 44 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई घायल हैं। 

सबसे ज्यादा नुकसान लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में हुआ है। यहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, प्रयागराज, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में 14, मध्य यूपी व बुंदेलखंड में छह और पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हुई है। 

घनघोर बारिश के चलते लखनऊ के मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर जलभराव में डूबने से दो बच्चों की और अलीगंज में बिजली का झटका लगने से एक बच्चे की जान चली गई। निगोहा में एक घर, मोहनलालगंज में तहसील की छत समेत आधा दर्जन घरों की दीवारें ढह गईं। 

लखनऊ का दो तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया। मानकनगर में ट्रैक पर पानी भरने से कानपुर से आने-जाने वाली ट्रेनें उत्तर रेलवे के ट्रैक से गईं। जिले में बिजली का हाहाकार रहा। 52 से अधिक पोल पेड़ गिरने व चार दर्जन से अधिक ट्रांसफर दग गए। 

बाराबंकी के बसायगपुर मजरा ढेमा, खुशेहटी, महमूदपुर मजरे टिकरा घाट और जेठौती कुर्मियान गांव में दीवार व कच्चे मकान गिरने से पिता-पुत्र समेत पांच लोगों की मौत हो गई है।

प्रयागराज समेत कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में मूसलाधार बारिश ने कहर ढा दिया। जर्जर मकान गिरने से प्रयागराज में छह, कौशाम्बी में तीन और प्रतापगढ़ में पांच लोगों की की जान गई। प्रशासन सभी तहसीलों से आकड़े एकत्र कर रहा है, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। 

प्रयागराज में शंकरगढ़ क्षेत्र के कचारी गांव के जंगल में खंडहरनुमा मकान गिर गया। मलबे में दबने से दो गार्डों की मौत हो गई। मऊआइमा के सेमरा बीरभानपुर में एक अधेड़ की मौत हो गई। कोरांव क्षेत्र में एक और सदर तहसील के अंतर्गत मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। 

वहीं फूलपुर के मौजा आले मऊ स्थित कान्हा गोशाला में पांच गोवंशों ने दम तोड़ दिया और सात गंभीर रूप से बीमार हैं। कोहंडौर और कंधई इलाके में दो बुजुर्ग महिलाओं ने दम तोड़ दिया। गोंड़े गांव में बहन के घर आए एक युवक की मलबे में दबने से और लालगंज में कच्चा मकान गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। अंतू क्षेत्र में चार साल के बच्चे की जान चली गई। इधर कौशाम्बी के पइंसा क्षेत्र के जवई पंडिरी में एक वृद्ध, रामपुर बढ़नावा गांव 11 वर्षीय बच्चे तथा नेवादा के बिरनेर में एक अधेड़ महिला की दीवार के मलबे में दबने से मौत हो गई।

बलिया को छोड़कर पूर्वांचल के 9 जिलों में दिनभर रुक रुककर बारिश होती रही। जौनपुर में कच्चे मकान और पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। आजमगढ़ में दीवार गिरने से एक की जान चली गई। चंदौली में वज्रपात से किसान की मौत हो गई। 

पूर्वांचल भर में गुरुवार को औसत सात एमएम बारिश होने का अनुमान है। बारिश से सब्जी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़ और मऊ के कई इलाकों में बिजली के तार टूट जाने से 270 से अधिक गांवों की आपूर्ति बाधित है। चंदौली के आधा दर्जन गांवों में कच्चे मकान ढहने से आधा दर्जन लोग चोटिल हैं। 

मूसलाधार बारिश से धान और सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है। पूर्वांचल में खासतौर पर धान की अगैती फसल पर बुरा असर पड़ा। लखनऊ मण्डल के कृषि उप निदेशक सीपी श्रीवास्तव के अनुसार अगैती फसल में बालियां आने लगी हैं। इसलिए तेज हवा और बारिश से फसल खेत में गिर गई। 

उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि मक्का, ज्वार और बाजरा के खेतों में भरा पानी मेड़ काटकर तत्काल निकाल दें। बहराइच, अम्बेडकरनगर समेत कई जगह गन्ने की फसल गिर गई है। केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। 


हत्यारे ने शव के 12 टुकड़े कर फेंके, बजरंग बली ने कराई मृतक की पहचान, आरोपी गिरफ्तार

यह केस सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। लेकिन मृतक शख्स का ईश्वर मदद करता है और पुलिस ईश्वर के सहारे अपराधी तक पहुंच की जाती है।

मुंबई: एक शख्स की हत्या कर दी जाती है और उसके शव के दर्जन भर टुकड़े कर दिए जाते हैं। इतना ही नहीं शव के टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर फेंका जाता है। यानि यह केस सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। लेकिन मृतक शख्स का ईश्वर मदद करता है और पुलिस ईश्वर के सहारे अपराधी तक पहुंच की जाती है।

नवी मुंबई में एक शख्स की हत्या कर उनके शव के 12 टुकड़े कर फेंक दिये गये। इस मामले में पुलिस ने कटे हुए हाथ पर मिले एक टैटू की मदद से पहले मृतक की पहचान कर ली और फिर सीधे वो जा पहुंची हत्या के आरोपी तक। गुरुवार को पुलिस ने बताया कि 25 साल के आरोपी हरीश कुमार चौहान ने 30 साल के रविंद्र रमेश मंडोतिया की बेरहमी से हत्या की थी। इसके बाद उनके शव के टुकड़े कर उसे ठिकाने भी लगा दिया था।

नवी मुंबई के पुलिस कमिश्नर बिपिन कुमार सिंह ने कहा कि 12 सितंबर को मानव अंग के 12 टुकड़े मिले। इसमें दो हाथ और पांव एक प्लास्टिक के थैले में रखे मिले थे। यह थैला नवी मुंबई के वाशी एपीएमसी इलाके से बरामद किया गया था। 

हालांकि, इस बॉडी के सिर समेत अन्य अंग गायब थे। इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा (302) हत्या और धारा (201)सबूत मिलाने के तहत केस एपीएमसी थाने में दर्ज किया था। केस को सुलझाने में जुटी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मृतक युवक की पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस को कटे हुए हाथ पर भगवान हनुमान का टैटू दिखा था और यह जानकारी थी कि मृतक युवक का नाम रविंद्र है। 

इस मिस्ट्री को सुलझाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। केस को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई थीं। यह टीम मृतक के शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश भी कर रही थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम को थाणे, रायगढ़, मुंबई और नवी मुंबई जांच के लिए भेजा गया। नवी मुंबई इलाके से गायब करीब 100 लोगों के बारे में जांच-पड़ताल भी की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रविंद्र मंडोतिया एक सफाईकर्मी के तौर पर काम करते हैं और वो लापता हैं और इस संबंध में कोपरखैरनी पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज करवाया गया था। उनके परिवार के सदस्यों को शव की पहचान करने के लिए बुलाया। उनके घऱ के सदस्यों को उनके कटे हुए हाथ पर बने टैटू के निशान दिखाए गए। इसके बाद परिजनों ने रविंद्र की पहचान कर ली औऱ कहा कि यह टुकड़े उनके ही शरीर के अंग हैं। 

इसके बाद पुलिस ने अपनी पड़ताल तेज की और कई सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जांच के क्रम में पुलिस ने चौहान को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी चौहान ने पुलिस को बताया कि दोनों के बीच पैसे को लेकर विवाद था। इसी की वजह से उसने मंडोतिया की हत्या करने की योजना बनाई थी। 9 सितंबर को उसने चौहान की गला काट कर हत्या कर दी। इसके बाद उसने उनके शरीर के टुकड़े किये उसे एपीएमसी इलाके में फेंक दिया। जबकि सिर और अन्य अंग महापे इलाके में दफन कर दिये गये। 

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक के शरीर के अन्य अंग बरामद कर लिये। पुलिस ने बताया कि 14 सितंबर को आरोपी को पकड़ा गया। अदालत ने उसे 22 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा है। 



अलीगढ़: सांसद सतीश गौतम ने किया जिला कारागार में बने बंदी कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र का उद्घाटन

इस अवसर पर उपस्थित कैदियो को सम्बोधित करते हुए सांसद सतीश गौतम के द्वारा जेल प्रशासन अलीगढ़ द्वारा बंदियों के दीर्घकालिक हितों के दृष्टिगत सुधार एवं पुनर्वास योजना के अंतर्गत जो कार्य किए जा रहे हैं उसकी प्रशंसा करते हुए आश्वासन दिया गया कि उनके द्वारा बंदियों के कल्याणार्थ हर तरह का सहयोग जेल प्रशासन को प्राथमिकता प्रदान करते हुए अवश्य उपलब्ध कराया जाएगा।

अलीगढ़: जिला कारागार अलीगढ़ में बंद कैदियों की जिंदगी को सुधारने का बीड़ा जेल प्रशासन द्वारा उठाया गया है। खासकर, कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा कैदियों को इस बात का एहसास नहीं होने देते कि वह जेल के अंदर हैं। अगर कोई कैदी अपना हुनर निखारना चाहता है या जेल के बाहर निकलकर अच्छी जिंदगी जीना चाहता है तो ऐसे कैदियों को हुनर सीखने का पूरा मौका जिला कारागार अलीगढ़ में दिया जा रहा है।

ताजा मामले में आज दिनांक 16 सितंबर 2021 को जिला कारागार अलीगढ़ में नव स्थापित बंदी कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र का औपचारिक उद्घाटन सांसद सतीश गौतम ने किया। केंद्र में कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें कारागार से रिहा होने के पश्चात समाजोपयोगी और स्वावलंबी जीवन जीने  के साथ-साथ आपराधिक मानसिकता से दूर रखने के उद्देश्य से वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र के नेतृत्व में जेल प्रशासन एवं  बिजली के सजावटी सामान बनाने वाली कम्पनी वी. एस. एनर्जी के सहयोग से जेल में निरुद्ध बंदियों को सजावटी झालर, एल ई डी बल्ब, नाइट लैंप आदि उपकरण बनाया जाना सिखाया जा रहा है।

इस अवसर पर उपस्थित कैदियो को सम्बोधित करते हुए सांसद सतीश गौतम के द्वारा जेल प्रशासन अलीगढ़ द्वारा बंदियों के दीर्घकालिक हितों के दृष्टिगत सुधार एवं पुनर्वास योजना के अंतर्गत जो कार्य किए जा रहे हैं उसकी प्रशंसा करते हुए आश्वासन दिया गया कि उनके द्वारा बंदियों के कल्याणार्थ हर तरह का सहयोग जेल प्रशासन को प्राथमिकता प्रदान करते हुए अवश्य उपलब्ध कराया जाएगा। सांसद सतीश गौतम द्वारा स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से और शासन-प्रशासन स्तर से भी बंदियों के  नैतिक और सामाजिक उत्थान के लिए हर तरह से सहयोग प्रदान करने हेतु प्रतिबद्धता प्रकट की गई।

इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार की मंशानुरूप जेल में नव स्थापित कौशल विकास एवं कल्याण केन्द्र में निर्मित उत्पादों को स्थानीय बाजार में बिक्री के लिए व्यापारियों से समर्थन दिलाने का भरोसा भी सांसद सतीश गौतम द्वारा जेल प्रशासन को दिलाया गया। विशेष रूप से सजावटी झालर के लिए सतीश गौतम द्वारा आगामी दीपावली के दृष्टिगत  अधिक से अधिक उत्पादन करने हेतु प्रशिक्षु बंदियों को प्रेरित किया गया ताकि इस तरह के उत्पादों में हमारी आत्मनिर्भरता बढ़ सके और बाजार में इस तरह के उपलब्ध चाइनीज सामानों पर हम बढ़त हासिल कर सकें।

अपने संबोधन में सतीश गौतम ने यह भी कहा कि वह शहरवासियों से अपील करेंगे कि दीपावली अथवा अन्य त्योहारों और समारोहों में भविष्य में अलीगढ़ जेल द्वारा निर्मित उत्पादों से ही लोग अपने घरों की सजावट करें। इस मौके पर सतीश गौतम द्वारा कैदियों से बात-चीत की गई और उनका हाल-चाल भी जाना गया। कारागार की साफ-सफाई, भोजन आदि की गुणवत्ता तथा जेल प्रशासन एवं बंदियों के बीच परस्पर सौहार्द और विश्वास की भावना की सांसद द्वारा विशेष सराहना की गई।

वहीं, वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र द्वारा अपने सम्बोधन में सांसद सतीश गौतम द्वारा जिला कारागार को समय दिए जाने एवं कैदियों और जेल प्रशासन का उत्साहवर्धन करने के लिए हार्दिक आभार जताया गया।


बिहार के मधेपुरा में बड़ा हादसा, नौका डूबने से 5 बच्चों की मौत

बिहार के मधेपुरा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर आ रही हैं। यहां पूजन सामग्री के विसर्जन के दौरान नौका डूबने से 5 बच्चों की मौत हो गई है।

मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर आ रही हैं। यहां पूजन सामग्री के विसर्जन के दौरान नौका डूबने से 5 बच्चों की मौत हो गई है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, धार (कुंड) में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गई। सभी बच्चों की उम्र 10 से 12 साल के बीच थी। मरने वालों में चार लड़कियां हैं। हादसे की खबर लगते ही मौके पर भारी भीड़ जुट गई। एक साथ पांच बच्चों की शव देख कोहराम मच गया। स्थानीय पुलिस के साथ ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। 

घटना मधेपुरा के चौसा थाना क्षेत्र के मनोहरपुर गांव में हुई। बताया जा रहा है कि करमा-धरमा की पूजन सामग्री विसर्जन के दौरान पहले एक बच्ची का पैर फिसला और वह धार में गिर गई। उसे बचाने के चक्कर में एक-एक कर पांच बच्चे डूब गए।

पांचों के साथ अन्य बच्चे भी गए थे। उन बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। तत्काल कई लोग धार में उतरे और डूबे बच्चों को बाहर निकाला। तब तक पांचों की मौत हो चुकी थी। एक साथ पांच शव देख कोहराम मच गया। 


तेजप्रताप यादव को लगा 71 हजार का चूना!

उन्होंने अपनी अगरबत्ती कंपनी एलआर राधा कृष्णा में काम करने वाले कर्मी आशीष रंजन के खिलाफ एसके पुरी थाने की पुलिस से शिकायत की है।

पटना: आरजेडी चीफ लालू यादव के पुत्र विधायक तेज प्रताप यादव ने खुद के साथ 71 हजार रुपए की धोखाधड़ी होने की बात कही हैं। उन्होंने अपनी अगरबत्ती कंपनी एलआर राधा कृष्णा में काम करने वाले कर्मी आशीष रंजन के खिलाफ एसके पुरी थाने की पुलिस से शिकायत की है। 

आरोप है कि जिस 71 हजार रुपये को कंपनी के खाते में जाना था, उसे आशीष ने अपने खाते में धोखे से मंगवा लिया। उन्होंने कर्मी के ऊपर कानूनी कार्रवाई करने की बात अपनी शिकायत में लिखी है। 

दूसरी ओर एसके पुरी थानेदार सतीश सिंह ने बताया कि उन्हें एक कॉल आया था, जिसमें इस मामले की जानकारी दी गयी। उस कर्मी का नंबर भी पुलिस को दिया गया। लेकिन जब पुलिस ने आशीष से बात की तो उसने कहा कि वह शाम से ही कंपनी के खाते में पैसा ट्रांसफर करने की कोशिश कर रहा है। तकनीकी कारणों से रुपये ट्रांसफर नहीं हो पा रहे थे। पुलिस के मुताबिक इस मामले में की जांच की जा रही है। बकौल थानेदार लिखित शिकायत उन्हें नहीं मिली है। 


ATS को बड़ी सफलता, 3 आतंकी गिरफ्तार, ISI ने दी थी ट्रेनिंग, यूपी को दहलाने का था प्लान

यूपी एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, एटीएस ने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ट्रेनिंग दिया गया था। गिरफ्तार किए गए आतंकी आने वाले दिनों में यूपी को दहलाने की फिराक में थे।

लखनऊ: यूपी एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, एटीएस ने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ट्रेनिंग दिया गया था। गिरफ्तार किए गए आतंकी आने वाले दिनों में यूपी को दहलाने की फिराक में थे।


मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी के आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त आपरेशन में मंगलवार को चार शहरों लखनऊ, प्रयागराज, रायबरेली और प्रतापगढ़ में एक साथ छापेमारी कर आईएसआई के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ये आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिये प्रशिक्षित किए गए थे। इनके कब्जे से यूपी एटीएस ने प्रयागराज स्थित बन नैनी के डांडी से एक अतिसंवेदनशील आईईडी बरामद की है। इसमें उच्च श्रेणी के विस्फोटक आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल की सूचना है। ये माड्यूल अयोध्या के साथ ही चुनाव के दौरान होने वाली बड़ी रैलियों या किसी बड़े आयोजन में विस्फोट करने की साजिश रच रहा था।


एटीएस के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों के जरिये सूचनाएं मिल रही थीं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के कई शहरों खासतौर पर यूपी में विस्फोट करने की साजिश में जुटी है। सूचना के बाद यूपी एटीएस ने प्रयागराज के करेली इलाके से जीशान कमर (28), रायबरेली से मूलचंद उर्फ लाला उर्फ सज्जू और लखनऊ के मानकनगर प्रेमवती नगर से मोहम्मद आमिर जावेद को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि तीनों आतंकियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक सूचना मिली है कि उन्होंने आईएसआई से ट्रेनिंग ली है।

उन्होंने बताया कि एटीएस ने प्रयागराज, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़ में एक साथ छापेमारी की है। इसमें प्रयागराज से जीशान कमर के कब्जे से आईईडी बरामद की गई है। इसमें घातक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया है। इस आईईडी को प्रयागराज में बम निरोधक दस्ते की मदद से निष्क्रिय किया गया। इस मामले में अंडरवर्ल्ड से भी तार जुड़े होने की सूचना है। इस मामले में अभी आगे की पड़ताल की जा रही है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों युवक शिक्षित हैं।

बहरहाल, गिरफ्त में आये आतंकियों से एटीएस पूछताछ कर रही है। लेकिन एटीएस और दिल्ली पुलिस की सक्रियता से एक बार फिर से आतंकियों के अरमानों पर पानी फिर गया है।


हिंदी दिवस पर MP सरकार का बड़ा एलान, राज्य में हिंदी में होगी MBBS की पढ़ाई, कांग्रेस ने जताया विरोध

आज 14 सितम्बर यानी हिंदी दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि अब राज्य में एमबीबीएस के छात्र हिंदी में पढ़ाई करेंगे। हालांकि, कांग्रेस ने इस बात पर आपत्ति जताई है।

भोपाल: आज 14 सितम्बर यानी हिंदी दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि अब राज्य में एमबीबीएस के छात्र हिंदी में पढ़ाई करेंगे। हालांकि, कांग्रेस ने इस बात पर आपत्ति जताई है।

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, 'एमबीबीएस पाठ्यक्रम, नर्सिंग और अन्य पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में हिंदी माध्यम कैसे शुरू किया जाए, यह तय करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। यह चिकित्सा शिक्षा विभाग और अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय का संयुक्त प्रयास होगा।'

हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति रामदेव भारद्वाज ने कहा कि अब राज्य सरकार ने पाठ्यक्रम के लिए अनुमति लेने का फैसला किया है और पाठ्यक्रम हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया जाएगा।

मामले से वाकिफ एक अधिकारी के मुताबिक, 'हिंदी प्रोजेक्ट में इंजीनियरिंग के फेल होने का कारण इंजीनियरिंग शब्दावली का हिंदी में अनुवाद भी हो चुका है। लेकिन अब हमने तय किया है कि मेडिकल कोर्स की शब्दावली एक जैसी होगी ताकि छात्रों को मेडिकल शिक्षा के बारे में सीखने में दिक्कत न हो।'

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छात्र विंग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनुराग गुप्ता ने कहा, “राज्य सरकार को छात्रों को हिंदी सिखानी चाहिए लेकिन अंग्रेजी की कीमत पर नहीं। चिकित्सा एक विशाल क्षेत्र है और डॉक्टर नई तकनीक और उपचार योजना के बारे में जानने के लिए विभिन्न देशों द्वारा आयोजित संगोष्ठियों में भाग लेते हैं। हिंदी माध्यम के छात्रों को नुकसान होगा और वे खुद को अपग्रेड नहीं कर पाएंगे। यह एक अच्छा निर्णय नहीं है।”

कांग्रेस ने जताया विरोध

एमपी कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने कहा, “हिंदी में इंजीनियरिंग सफल नहीं हुई, पैरा-मेडिकल सफल नहीं हुई और अब राज्य सरकार एमबीबीएस पाठ्यक्रमों के साथ एक बार और प्रयास करना चाहती है। उन्हें केवल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों के भविष्य को खराब करने के लिए पाठ्यक्रमों के साथ प्रयोग नहीं करना चाहिए। हिंदी एक अच्छी भाषा है और लोगों को इसे जानना चाहिए, लेकिन मेडिकल कॉलेजों में हिंदी की शुरुआत करके वे छात्र को विकलांग बनाना चाहते हैं।”

भाजपा में कही ये बात

भजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, “यह कदम न केवल एक भाषा को बढ़ावा देने के लिए है बल्कि हिंदी माध्यम के छात्रों को बढ़ावा देने के लिए है, जो भाषा की बाधाओं के कारण चीजों को सीखने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। उन्हें अपनी मातृभाषा में ज्ञान प्राप्त करने के साथ अंग्रेजी सीखने और इसे समझने के लिए पांच साल का समय मिलेगा। यह एक बहुत अच्छा कदम है।”


माफिया मुख्तार अंसारी की जेल में बिगड़ी तबियत, बांदा मेडिकल कॉलेज में उपचार हेतु कराया गया भर्ती

फर्जी एंबुलेंस प्रकरण समेत कई मामलों में जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उसे बांदा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्तार अंसारी को क्या तकलीफ है इस बात की जानकारी अधिकारी अभी नहीं दे रहे हैं।

बांदा: फर्जी एंबुलेंस प्रकरण समेत कई मामलों में जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उसे बांदा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्तार अंसारी को क्या तकलीफ है इस बात की जानकारी अधिकारी अभी नहीं दे रहे हैं।

बता दें कि पंजाब की रोपण जेल से 6 अप्रैल को मुख्तार को बांदा जेल लाया गया था। तब से वह जेल की चहारदीवारी में ही है। इस दौरान मऊ, आजमगढ़, प्रयागराज, बाराबंकी की अदालतों में उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। पांच महीने में पहली बार उसे जेल से बाहर कहीं लाया गया है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बांदा जेल की बैरक में ही मंगलवार की सुबह उसकी तबीयत बिगड़ी तो पहले जेल अस्पताल में लाया गया। यहां हालात गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके बाद आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। तत्काल सुरक्षा गारद जेल पहुंची और मुख्तार को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया। मेडिकल कालेज पर भी पुलिस और पीएसी के दस्ते तैनात कर दिये गए हैं। मुख्तार की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल क्या हुआ है, इस पर कोई कुछ बोलने  को तैयार नहीं है। 

बता दें कि पंजाब की जेल में जाने से पहले भी मुख्तार अंसारी बांदा की जेल में बंद थे। तब भी एक बार उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उनके भाई अफजाल अंसारी ने कहा था कि उन्हें चाय में जहर दिया गया था। पंजाब की जेल में एक बार फिर जब मुख्तार को बांदा लाया गया तो अफजाल और परिवार वालों ने विरोध भी किया था। कहा था कि एक बार उन्हें चाय में जहर देकर मारने की कोशिश यहां हो चुकी है। 

यह भी बता दें कि मुख्तार अंसारी ने लगातार अपनी पेशी के दौरान जान के खतरे का अंदेशा जताते हुए गुहार लगाई है। फिलहाल उनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होती है। उनके भाई अफजाल अंसारी और पत्नी अफ्शां अंसारी ने भी कोर्ट में इस बाबत गुहार लगाई थी।


अलीगढ़: सलाखों के पीछे कैदी सीख रहे जिंदगी जीने का हुनर, वी एस एनर्जी कर रहा सहयोग

जिला कारागार अलीगढ़ के माध्यम से कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत कारागार से रिहा होने के पश्चात गरिमापूर्ण, स्वावलंबी और समाजोपयोगी जीवन व्यतीत करने हेतु स्वयं सेवी संस्था वी. एस. एनर्जी के सहयोग से बिजली की झालर, एलईडी बल्ब और नाइट लैंप आदि बिजली के सजावटी उपकरण जेल में ही बनाना सिखाया जाएगा।

अलीगढ़: जेल... एक ऐसी जगह जहां जाने के बाद इंसान पर एक कलंक सा लग जाता है। लेकिन कहा जाता है ना कि हर जगह सिर्फ सही अथवा सिर्फ गलत लोग ही नहीं रहते। कुछ इसी की तरह एक जगह है जेल। सलाखों के पीछे एक अलग ही दुनिया बसती है। कोई यहां रहकर अपराध के अंधकार में जाने की सोचता है तो कोई यहां रहकर अपने आने वाले भविष्य को सुनहरा बनाने की सोचता है।

जिला कारागार अलीगढ़ में बंद जो कैदी अपने भविष्य को सुनहरा बनाने की सोच रखते हैं ऐसे कैदियों की मदद खुद जेल प्रशासन ही कर रहा है। तमाम तरीके से कैदियों की जिंदगी बनाने का प्रयास जेल प्रशासन करता रहता है। इसी कड़ी में जिला कारागार अलीगढ़ के माध्यम से कारागार में निरुद्ध बंदियों को सुधार एवं पुनर्वास के दृष्टिगत कारागार से रिहा होने के पश्चात गरिमापूर्ण,  स्वावलंबी और समाजोपयोगी जीवन व्यतीत करने हेतु स्वयं सेवी संस्था  वी. एस. एनर्जी के सहयोग से बिजली की झालर, एलईडी बल्ब और नाइट लैंप आदि बिजली के सजावटी उपकरण जेल में ही बनाना सिखाया जाएगा।


इस बंदी सुधार सम्बन्धी महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र द्वारा कारागार में नव स्थापित कौशल विकास केन्द्र में किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षु बंदियों को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र ने कहा कि उनका प्रयास है कि कारागार में निरुद्ध होने वाले बंदियों को इस तरह से प्रशिक्षित किया जाए कि वह कारागार से मुक्त होने पर समाज के साथ कदम-से-कदम मिलाते हुए एक गरिमापूर्ण, स्वावलंबी और गैर आपराधिक जीवन व्यतीत कर सके।

उन्होंने कहा कि कारागार में रहते हुए बंदियों को विभिन्न रोजगारोन्मुखी व्यवसायिक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करने का मूल उद्देश्य है कि पैसे/रोजगार की कमी की वजह से फिर से कोई व्यक्ति आपराधिक गतिविधियों में पुनः संलिप्त न हो, अपितु स्वयं लोगों को रोजगार दे।

कार्यक्रम के उद्घाटन में वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा साथ-साथ वी. एस. एनर्जी संस्था के विशेष कार्याधिकारी विवेक, जिला कारागार अलीगढ़ के कारापाल पी.के. सिंह, जेल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. शाहरुख रिज़वी डिप्टी जेलर श्री सुरेश कुमार और अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।


महाराष्ट्र: मंत्री व एनसीपी नेता हसन मुश्रीफ पर भ्रष्टाचार करने का BJP नेता ने लगाया आरोप, जानिए-क्या है पूरा मामला

मंत्री हसन मुश्रीफ पर बेनामी संपत्तियां बनाने का आरोप लगने लगा है। महाराष्ट्र भाजपा नेता किरीट सोमैया ने सोमवार को एनसीपी नेता और राज्य सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ पर अपने परिवार के सदस्यों और कंपनियों के माध्यम से भ्रष्ट आचरण और बनेमी संपत्तियां बनाने का आरोप लगाया है।

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार में एनसीपी कोटे से एक और मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। दरअसल, मंत्री हसन मुश्रीफ पर बेनामी संपत्तियां बनाने का आरोप लगने लगा है। महाराष्ट्र भाजपा नेता किरीट सोमैया ने सोमवार को एनसीपी नेता और राज्य सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ पर अपने परिवार के सदस्यों और कंपनियों के माध्यम से भ्रष्ट आचरण और बनेमी संपत्तियां बनाने का आरोप लगाया है। 

भाजपा नेता के आरोपों पर शिवसेना ने पलटवार करते हुए कहा कि वह सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के खिलाफ निराधार आरोप लगाने की बात कही। मुंबई में मीडिया से बात करते हुए सोमैया ने आरोप लगाया कि मुश्रीफ और उनके परिवार के सदस्यों ने कंपनियों का एक जाल बनाया है और कोलकाता की उन कंपनियों के साथ लेन-देन किया है जिनका केवल नाम है।

सौमैया ने दावा किया है कि वित्तीय लेनदेन से पता चलता है कि उनके बैंक खाते में उन कंपनियों ने पैसा आ रहा था जो वास्तव में मौजूद नहीं है। सोमैया ने आगे बताया है कि उन्होंने इनकम टैक्स विभाग को वित्तीय लेनदेन और मुश्रीफ परिवार की गैर-पारदर्शी आय के बारे में जानकारी हासिल करवाई है। 

सोमैया ने मुश्रीफ पर 100 करोड़ रुपए के वित्तीय लेनदेन का आयकर विभाग, ईडी और एसीबी से जांच कराने की मांग की। वहीं, एनसीपी के प्रवक्ता और राज्य मंत्री नवाब मलिक ने सोमैया पर निशाना साधा और उन पर महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के नेताओं के खिलाफ निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया। 

सोमैया को कोई गंभीरता से नहीं लेता: मलिक

मलिक ने कहा कि सोमैया को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता है। उन्होंने कहा कि अदालत ने महाराष्ट्र सदन घोटाला मामले में राकांपा नेता छगन भुजबल को आरोपमुक्त कर दिया है, जिसमें सोमैया ने उन पर आरोप लगाए थे। बता दें कि पिछले हफ्ते, मुंबई की एक विशेष अदालत ने दिल्ली में महाराष्ट्र सदन (राज्य सरकार गेस्ट हाउस) के निर्माण में कथित अनियमितताओं से संबंधित 2015 के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री और राकांपा नेता छगन भुजबल और सात अन्य को आरोप मुक्त कर दिया।


साकीनाका दुष्कर्म कांड: हत्या व रेप में प्रयुक्त हथियार बरामद, सीएम राहत कोष से दिया जाएगा 20 लाख का मुआवजा

मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले ने कहा कि इस पर हमने एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट लगाया है। हमने आरोपी मोहन को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी 21 तारीख तक पुलिस कस्टडी भी मिल गई है। उसने अपना गुनाह कबूल किया है। जो हथियार इस्तेमाल किया गया था वह भी बरामद कर लिया गया है।

मुंबई: मुंबई के साकीनाका में हुए महिला के साथ दुष्कर्म के बाद बर्बरता के मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। इस बीच पुलिस ने महिला के साथ हुए दुष्कर्म के दौरान आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए हैं।

मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले ने कहा कि इस पर हमने एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट लगाया है। हमने आरोपी मोहन को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी 21 तारीख तक पुलिस कस्टडी भी मिल गई है। उसने अपना गुनाह कबूल किया है। जो हथियार इस्तेमाल किया गया था वह भी बरामद कर लिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि एक महीने में चार्जशीट चली जाएगी। अगले 15-20 दिन में हमारी जांच हो जाएगी। जो सैंपल्स लैब में जाएंगे उसमें थोड़ा समय लग सकता है। पीड़ित महिला के परिवार के लिए शासकीय योजनाओं और CM राहत फंड मिलाकर कुल 20 लाख का मुआवजा प्रोसेस किया जाएगा और अलग-अलग स्टेज में दिया जाएगा।

गौरतलब है कि मुंबई के साकीनाका इलाके एक महिला की दुष्कर्म करने के बाद उसके प्राइवेट पार्ट में आरोपी द्वारा रॉड डाल दिया गया था। मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था लेकिन अगले दिन पीड़िता की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।


यूपी के बहराइच में नहीं थम रहा हत्याओं का सिलसिला, 9 किमी के अंदर 2 दिन में मिली 4 लाशें

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच में हत्याओं और लावारिश लाशों के मिलने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। ताजा मामले में 9 किलोमीटर की दूरी में 2 दिन के अंदर 4 लाशें मिलने से सनसनी फैल गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ-बहराइच हाईवे से लगे फखरपुर इलाके के नौ किमी दायरे में दो दिन में चार हत्याओं ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

शनिवार को मिली बालक-बालिका और रविवार को मिली महिला और बच्‍ची की लाशों की पहचान न होने से पुलिस की तहकीकात की मुश्किलें और  बढ़ा दी हैं। रविवार को मिली लाशें सड़ने लगी थीं। जिससे इनकी हत्या शुक्रवार या शनिवार के बीच होने के कयास लगाए जा रहे हैं। 

फखरपुर थाने से बहराइच की तरफ ग्राम मलूकपुर व माधौपुर की सीमा पर रविवार की शाम हाईवे से लगभग 100 मीटर दूरी पर राम गोपाल के खेत में धान की फसल के बीच छह वर्षीय बालिका व बालक राम के खेत में 35 वर्षीय महिला की लाश मिली है। शनिवार को मिली दो मासूमों की लाशों व रविवार को मिली लाशों में गला रेत कर हत्या होना एक समानता पाई गई है।

महिला व बालिका की लाशों में सड़न पैदा होने से इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इनकी हत्या शुक्रवार या शनिवार के बीच हुई होगी। लोगों ने इन चारों शवों का एक ही परिवार का होने की आशंका भी जताई है। एसपी सुजाता सिंह ने रविवार को मलूकपुर व माधौपुर गांव का निरीक्षण किया। हालांकि इस पर एसपी का कहना है कि साक्ष्य मिलने पर ही कुछ कहा जा सकता है।



छत्तीसगढ़ में 20 IAS और 2 IPS अधिकारियों का तबादला

सरकार ने 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं तो कुछ को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया है। इसके साथ ही सरकार ने छत्तीसगढ़ एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के 94 अधिकारियों को लेकर भी बदलाव किए हैं और 2 आईपीएस अधिकारियों का तबादला भी किया है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं तो कुछ को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया है। इसके साथ ही सरकार ने छत्तीसगढ़ एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के 94 अधिकारियों को लेकर भी बदलाव किए हैं और 2 आईपीएस अधिकारियों का तबादला भी किया है।

इसी तरह, एग्रीकल्चर एंड फार्मर वेलफेयर और बायोटेकनोलॉजी डिपार्टमेंट की सचिव डॉक्टर एम गीता को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ भवन के रेजिडेंट कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 


इन अधिकारियों के हुए तबादले

जिन आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, तबादला किया गया या फिर सेवा से मुक्त किया गया है उनमें अमृत कुमार खाल्को (2002), सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी (2003), अविनाश चंपावत (2003), प्रसन्ना आर (2004), अंबलगन पी (2004), धनंजय देवंगन (2004), नीलम नामदेव एक्का (2005), एलेक्स वी एफ पॉल मेनन (2006), भुवनेश यादव (2006), राजेश सिंह राणा (2008), नरेंद्र कुमार दुग्गा (2008), अभिजीत सिंह (2012), रणबीर शर्मा (2012), सुधाकर खाल्को (2012), जगदीश सोनकर (2013), ऋतुराज रघुवंशी (2014), चंदन संजय त्रिपाठी (2016) और तुलिका प्रजापति (2016) शामिल हैं।


छत्तीसगढ़ गृह विभाग ने रविवार को आदेश जारी कर यह भी बताया कि राज्य में दो आईपीएस अधिकारियों का तबादला भी किया गया है। इनमें से एक 2004 बैच के अजय यादव हैं, जिन्हें सरगुजा रेंज के आईजी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 

इनके अलावा 2019 बैच के विवेक शुक्ला को जंजगीर-चंपा जिले के एसपी प्रभार से मुक्त किया गया है और उन्हें पुलिस मुख्यालय में एसिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल के तौर पर शिफ्ट कर दिया गया है। 


विपक्ष ने किसानों को लूटा, हमने सम्मान दिया, राम भक्तों पर गोलियां चलवाने वालों को लगेगा बिच्छू का डंक: CM योगी

आज किसानों के बहाने एक बार फिर से विपक्षी पार्टियों पर यूपी केे सीएम योगी आदित्यनाथ ने जमकर हमला बोला। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी विपक्षियों पर तंज कसा।

लखनऊ/कुशीनगर: आज किसानों के बहाने एक बार फिर से विपक्षी पार्टियों पर यूपी केे सीएम योगी आदित्यनाथ ने जमकर हमला बोला। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी विपक्षियों पर तंज कसा।

कुशीनगर दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम के भक्तों पर गोली चलवाने वालों को बिच्छू का डंक लगेगा। जनता से राम मंदिर के लिए खुशी पूछी और कहा कि कांग्रेस सरकार में राम मंदिर नहीं बन पाता। सपा व बहुजन समाज पार्टी भी नहीं बना पाती। अब मंदिर निर्माण को देख विपक्ष के अब लोग बोलने लगे हैं कि हम अब स्मारक नहीं बनाएंगे। 


सीएम रविवार को कुशीनगर के कप्तानगंज व सेवरही में जन संवाद एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वाले नतो मंदिर बना पाते, न 370 हटाते और न ही तीन तलाक हटा पाते। सवा सात वर्ष पीएम मोदी न झुके, न थके, न डिगे, निरन्तर देश के लिए कार्य कर रहे हैं। मोदी की प्रेरणा से बिना थके, बिना डिगे हमने जनता की सेवा की है। 

योगी ने कहा कि विपक्ष ने किसानों व गरीबों के हक पर लगातार डकैती डाली। हमने किसानों को सम्मान निधि दी। अब किसान किसी के आगे हाथ फैलाने को मजबूर नहीं हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने हर गरीब को मुफ्त राशन दिया और कोरोना की मुफ्त वैक्सीन सभी को दी है। इसी का असर है कि यूपी में कोरोना काफी हद तक नियंत्रित हो गया है। रविवार को यूपी की 24 करोड़ आबादी में केवल 14 केस आए हैं। 

उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ना मूल्य के रूप में 2007 से 2016 तक करीब 95 हजार करोड़ का भुगतान किया गया। उसमें भी कई जगह भारी गड़बड़ियां हुईं। भाजपा सरकार ने महज साढ़े चार साल में इससे अधिक का भुगतान कर दिया और कहीं गड़बड़ी नहीं होने दी।  

सीएम योगी ने आगे कहा कि कानून व्यवस्था को हमने बेहतर किया। आज दंगाई गायब हैं। पडरौना के कुशीनगर के डोल मेले में दंगा होता था। अब दंगाई जानते हैं घर बार बिक जाएगा। किसान, गरीब का नुकसान किया तो सात पीढ़ी को भरना पड़ेगा। 

सीएम ने आगे कहा कि कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से बिना थके, बिना डिगे हमने जनता की सेवा की है। सीएम ने चार साल तक के अपने काम गिनाए और कहा कि अगर इस भाव से सेवा कर सके तो आगे भी मौका चाहिए। कार्यकर्ताओं को यह संकल्प लेना होगा। जीत के मायने तभी हैं, जब विपक्षियों की जमानत जब्त हो जाए।

सीएम ने कहा कि कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। यह भगवान बुद्ध को समर्पित होगा। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई जहाज की उड़ान जल्द होगी। पहली उड़ान अंतरराष्ट्रीय होगी।


 कार्यक्रम को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण गो सेवा आयोग उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने दिया। हेलीपैड पर सीएम का भाजपा पदाधिकारियों ने स्वागत किया।


मुंबई की दामिनी हार गई जिंदगी से जंग, आरोपी गिरफ्तार, विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने जहां एक तरफ इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है तो वहीं, सरकार द्वारा कहा गया है कि वह आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाएगी। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।

मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के साकीनाका में दुष्कर्म की शिकार हुई महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। अब इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने जहां एक तरफ इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है तो वहीं, सरकार द्वारा कहा गया है कि वह आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाएगी। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।


मुंबई के साकीनाका रेप मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि बहुत दुखद है कि महिला नहीं रही। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सरकार जितनी जल्दी हो सके चार्जशीट दाखिल करेगी। प्रयास रहेगा कि सरकार फास्ट ट्रैक पर मामला ले जाए। निश्चित तौर पर सजा मिलेगी ताकि लोगों में डर पैदा हो

वहीं, पूर्व सीएम और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने सूबे की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि साकीनाका की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ये मानवता को कालिख पोतने वाली है। तुरंत फास्ट ट्रैक कोर्ट तैयार किया जाए। आरोपियों को फांसी की सजा ही होनी चाहिए। पिछले 1 महीने में राज्य में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार की घटनाएं बहुत बढ़ रही हैं। 



पुलिस विभाग में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए देंवेंद्र फड़वीस ने कहा कि पिछले 2 साल से पुलिस में हस्तक्षेप चल रहा है। राज्य कैडर के कई बड़े अफसरों को छोड़कर पोस्ट डाउनग्रेड करके उनसे जूनियर अफसरों को उस पोस्ट पर लिया गया है। इससे अनुशासित फोर्स में अनुशासनहीनता तैयार होती है। उसका फायदा समाज विरोधी तत्वों को होता है जो दिखाई पड़ रहा है।


गुरुवार की रात को शहर साकी नाका इलाके में स्थित खैरानी रोड पर महिला अचेत अवस्था में पाई गई थी। फिलहाल महिला का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने रेप के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट में रॉड भी डाल दी थी।


जिस शख्स को पुलिस ने पकड़ा है उसका नाम मोहन चौहान बताया जा रहा है। 45 साल के मोहन चौहान को पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों पर दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि एक महिला को एक शख्स बुरी तरह से पीट रहा है।


सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। यहां सड़क पर महिला खून से लथपथ पड़ी हुई थीं। इसके बाद महिला को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि महिला के साथ दुष्कर्म हुई है और उनके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाला गया है। पुलिस का कहना है कि सड़क किनारे खड़े एक टेम्पो के अंदर महिला के साथ यह हैवानियत की गई है।


गाड़ी के अंदर खून के छींटे भी मिले हैं

चिकित्सकों के मुताबिक महिला की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश) और 376 (दुष्कर्म) के तहत केस दर्ज किया था अब चूंकि पीड़िता की मौत हो गई है इस मामले में हत्या से जुड़ी धाराएं भी पुलिस द्वारा बढ़ाई जाएंगी।


WTC 9/11 आतंकी हमला: 20वीं बरसी आज, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मारे गए लोगों को किया याद

दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के सीने पर इस दिन हुए घातक आतंकी हमले ने एक ऐसा जख्म दिया, जिसकी टीस रहती दुनिया तक कायम रहेगी। आज इस हमले की 20वीं बरसी है। इस मौके पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्वीट कर अमेरिकियों को एक संदेश दिया है।

न्यूयॉर्क: आज अमेरिका के इतिहास का वह काला दिन है जब एक आतंकी हमले में 3000 से ज्यादा लोग एक साथ मार दिए गए थे। उसके बाद जिम्मेदार आतंकियों के खिलाफ अमेरिका ने एक अभियान छेड़ा और अपनी फौज अफगानिस्तान में आतंकियों के सफाए के लिए उतार दिया। हालांकि, अमेरिका का यह फैसला कोई खास नतीजे लेकर नहीं आ सका।

अमेरिका के इतिहास में 11 सितंबर का दिन एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के सीने पर इस दिन हुए घातक आतंकी हमले ने एक ऐसा जख्म दिया, जिसकी टीस रहती दुनिया तक कायम रहेगी। आज इस हमले की 20वीं बरसी है। इस मौके पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्वीट कर अमेरिकियों को एक संदेश दिया है।


अपने संदेश में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है, ‘’11 सितंबर 2001 के 20 साल बाद  हम 2977 लोगों को याद करते हैं, जिन्हें हमने खो दिया। हम इन लोगों का सम्मान करते हैं। जैसा कि हमने आने वाले दिनों में देखा, एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यही हमें बनाता है कि हम कौन हैं और हम इसे कभी नहीं भूल सकते।’’


इस हमले की बरसी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने बयान जारी किया और आतंकवाद को हर तरह से रोकने और मुकाबला करने की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति न्यूयॉर्क के ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 9/11 स्मारक हमें आतंकवाद से लड़ने और सामूहिक संकल्प की याद दिलाता है।


क्या हुआ था 20 साल पहले

वर्ष 2001 को 11 सितंबर के दिन अल कायदा के आतंकवादियों ने यात्री विमानों को मिसाइल की तरह इस्तेमाल करते हुए अमेरिका के मशहूर वर्ल्ड ट्रेड टॉवर और पेंटागन को निशाना बनाया। इसे अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े आतंकी हमले के तौर पर देखा जाता है।


अपराधियों व बदमाशों की संपत्ति गरीबों में बाटेंगी MP सरकार, लाने जा रही कानून

मध्य प्रदेश सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है जिसके तहत अपराधियों और बदमाशों की संपत्ति को गरीबों में बांट दिया जाएगा। यह कानून उत्तर प्रदेश के कानून गैंगस्टर एक्ट से भी ज्यादा प्रभावी होगा।

भोपाल: मध्यप्रदेश में अब अपराधियों को कोई अपराध करने से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है जिसके तहत अपराधियों और बदमाशों की संपत्ति को गरीबों में बांट दिया जाएगा। यह कानून उत्तर प्रदेश के कानून गैंगस्टर एक्ट से भी ज्यादा प्रभावी होगा। कानून के तहत अपराधियों की संपत्ति को गरीबों में बांटने का प्रावधान होगा।

राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार संगठित अपराध पर लगाम के लिए जल्द नया कानून लाने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर ऐक्ट से भी ज्यादा सख्त हो सकता है। इस कानून में अपराधियों का पैसा और संपत्ति गरीबों में बांटने का प्रावधान किया जाएगा।

भोपाल में पत्रकारों से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गृह और कानून विभाग बिल का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए साथ में काम कर रहे हैं, जो संगठित अपराध को टारगेट करेगा। उन्होंने कहा, ''खनन माफिया, शराब माफिया, जमीन माफिया और अन्य असमाजिक तत्व इस बिल के बाद राज्य में खत्म हो जाएंगे।'' 

मिश्रा ने कहा कि ड्राफ्ट बिल में सरकार अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान करेगी। उन्होंने कहा, ''जब्त धन और संपत्ति को गरीबों में बांटने का प्रावधान भी हम ला रहे हैं। केसों के जल्द निपटारे के लिए हम स्पेशल कोर्ट बनाएंगे और गवाहों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। इन अपराधियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वालों को भी सजा का प्रावधान इस बिल में किया जाएगा।'' 

माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार इस बिल को विधासभा में शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। 


मायानगरी मुम्बई में दामिनी दुष्कर्म कांड जैसी घटना, महिला का रेप कर प्राइवेट पार्ट में डाला लोहे का रॉड

आरोपी को पुलिस ने तत्परता से कार्यवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है और पीड़ित महिला को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से दिल्ली में हुई दामिनी दुष्कर्म कांड की तरह घटना सामने आई आई है। यहां, एक महिला के साथ पहले तो दुष्कर्म किया गया फिर उसके प्राइवेट पार्ट में हवसी द्वारा रॉड डाल दिया गया। आरोपी को पुलिस ने तत्परता से कार्यवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है और पीड़ित महिला को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने एक 30 वर्षीय महिला के कथित रेप के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। गुरुवार की रात को शहर साकी नाका इलाके में स्थित खैरानी रोड पर महिला अचेत अवस्था में पाई गई थी। फिलहाल महिला का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने रेप के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट में रॉड भी डाल दी थी।

जिस शख्स को पुलिस ने पकड़ा है उसका नाम मोहन चौहान बताया जा रहा है। 45 साल के मोहन चौहान को पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों पर दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि एक महिला को एक शख्स बुरी तरह से पीट रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। यहां सड़क पर महिला खून से लथपथ पड़ी हुई थीं। इसके बाद महिला को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि महिला के साथ दुष्कर्म हुई है और उनके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाला गया है। पुलिस का कहना है कि सड़क किनारे खड़े एक टेम्पो के अंदर महिला के साथ यह हैवानियत की गई है।


गाड़ी के अंदर खून के छींटे भी मिले हैं। चिकित्सकों के मुताबिक महिला की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश) और 376 (दुष्कर्म) के तहत केस दर्ज किया गया है।


ओवैसी पर तिरंगे के अपमान का आरोप, बाराबंकी में मुकदमा दर्ज

दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा की शिकायत पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी और आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

बाराबंकी: मिशन यूपी के लिए अपनी पार्टी AIMIM के लिए जमीन तलाश रहे असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। उनपर राष्ट्रध्वज तिरंगे का अपमान करने का आरोप लगा है। दरअसल, ओवैसी ने बिना अनुमति एक सभा यूपी के बाराबंकी में की थी। इस सभा में उन्होंने तिरंगे को फहराने के बजाय उसे पिल्लर में लपेटा था। मामले में पुलिस ने राष्ट्रध्वज के अपमान के अलावा धारा 144 का उल्लंघन करने, बिना अनुमति सभा करने एवं कोविड 19 महामारी के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ओवैसी ने बाराबंकी में गुरुवार को बिना अनुमति एक जनसभा को संबोधित किया था। दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा की शिकायत पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी और आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

शुक्रवार को जनसभा की तस्वीरें वायरल होने के बाद उसी मुकदमे में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की धाराएं भी जोड़ दी गईं। ओवैसी पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराने की जगह एक खंभे पर लपेटने का आरोप लगा है। जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें ओवैसी के ठीक बगल में राष्ट्रीय ध्वज एक खंभे पर लपेटा नजर आ रहा है। 


मिली जानकारी के मुताबिक, दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने ओवैसी व कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ एफआईआर कराए जाने की मांग गुरुवार की शाम को अपर मुख्य सचिव गृह से की थी। उसकी प्रति डीएम व एसपी को भी भेजी। विधायक ने बताया कि उन्होंने डीएम व एसपी से इस संबंध में बात भी की। तब प्रशासन हरकत में आया।

विधायक सतीश शर्मा ने अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लिखा है कि गुरुवार को कटरा मुहल्ला में बिना अनुमति के मीटिंग कर ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर रामसनेहीघाट में 100 साल पुरानी मस्जिद शहीद कराने का आरोप लगाया है जो निंदनीय व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है, जबकि अवैध ढांचे को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत गिराया गया है।


सपा सांसद आजम खान को मेदांता हॉस्पिटल से छुट्टी मिली, वापस भेजे गए सीतापुर जेल

यूपी के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान को मेदान्ता हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें वापस सीतापुर जेल कड़ी सुरक्षा के बीच भेजा गया है। बता दें कि, पिछले दिनों तबियत खराब होने की वजह से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

लखनऊ: यूपी के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान को मेदान्ता हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें वापस सीतापुर जेल कड़ी सुरक्षा के बीच भेजा गया है। बता दें कि, पिछले दिनों तबियत खराब होने की वजह से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


मेदान्ता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि आजम खान की सेहत में सुधार होने पर छुट्टी कर दी गई है। आगे जरूरत पड़ने पर वह फॉलोअप पर आ सकते हैं। आजम 19 जुलाई को मेदान्ता में दोबारा भर्ती हुए थे।

बता दें कि कोरोना संक्रमित आजम खान की नौ मई को सीतापुर जेल में तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने मेदान्ता अस्पताल में भर्ती कराया था। उनके बेटा भी पॉजिटिव था। साथ में दोनों लोग मेदान्ता भर्ती हुए थे। 13 जुलाई को आजम खान व उनके बेटे अब्दुल्ला को मेदान्ता अस्पताल से छुट्टी मिलने सीतापुर जेल भेजा गया था।


मिशन यूपी: मऊ से बसपा ने भीम राजभर को बनाया प्रत्याशी, मुख्तार अंसारी को लगाया किनारे

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है लेकिन इससे पहले बसपा चीफ मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बाहुबली विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी को किनारे लगा दिया है। मुख्तार की जगह भीम राजभर को मऊ विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है लेकिन इससे पहले बसपा चीफ मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बाहुबली विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी को किनारे लगा दिया है। मुख्तार की जगह भीम राजभर को मऊ विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।


बहुजन समाज पार्टी का अगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफिया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए। आजमगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख्तार अंसारी नहीं भीम राजभर चुनाव लड़ेंगे। इस बात की जानकारी खुद बसपा चीफ मायावती ने दी है।


इस बात का एलान मायावती ने अपने ट्विटर हैंडलर पर किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'बीएसपी का अगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफिया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए। इसके मद्देनजर ही आजमगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख्तार अंसारी का नहीं बल्कि यूपी के बीएसपी स्टेट अध्यक्ष श्री भीम राजभर के नाम को फाइनल किया गया है।'

अपने दूसरे ट्वीट में मायावती ने लिखा, '2. जनता की कसौटी व उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के प्रयासों के तहत ही लिए गए इस निर्णय के फलस्वरूप पार्टी प्रभारियों से अपील है कि वे पार्टी उम्मीदवारों का चयन करते समय इस बात का खास ध्यान रखें ताकि सरकार बनने पर ऐसे तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने में कोई भी दिक्कत न हो।'

तीसरे और आखिरी ट्वीट में मायावती ने लिखा, '3. बीएसपी का संकल्प ’कानून द्वारा कानून का राज’ के साथ ही यूपी की तस्वीर को भी अब बदल देने का है ताकि प्रदेश व देश ही नहीं बल्कि बच्चा-बच्चा कहे कि सरकार हो तो बहनजी की ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ जैसी तथा बीएसपी जो कहती है वह करके भी दिखाती है यही पार्टी की सही पहचान भी है।'


आजम खां के जौहर विश्वविद्यालय पर यूपी सरकार का कब्जा

दो गवाहों और पुलिस की मौजूदगी में 173 एकड़ जमीन की कब्जा बेदखली की कार्रवाई की गई।

रामपुर: जेल में बंद समाजवादी पार्टी के जौहर विश्वविद्यालय पर आज यूपी सरकार ने कब्जा कर लिया है और जौहर ट्रस्ट को बेदखल कर दिया है। 

गुरुवार को यूनिवर्सिटी पहुंची तहसील की टीम ने जमीन पर कब्जा करने के साथ ही आजम खां के मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को बेदखल कर दिया। यह ट्रस्ट ही यूनिवर्सिटी को संचालित करता है और आजम खां इसके अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी पत्नी शहर विधायक डा. तजीन फात्मा सचिव हैं।

जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन पर कब्जा करने के लिए दोपहर तीन बजे तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम पहुंची। तहसीलदार ने जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति सुल्तान मुहम्मद खां से बात की। उनसे दखलनामा पर हस्ताक्षर करने को कहा लेकिन, उन्होंने खुद को मुलाजिम बताते हुए हस्ताक्षर करने में असमर्थता जता दी। इस पर दो गवाहों और पुलिस की मौजूदगी में 173 एकड़ जमीन की कब्जा बेदखली की कार्रवाई की गई।


ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण पर HC ने लगाई रोक, मुस्लिम पक्षकारों को फौरी राहत

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद की जमीन का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने आज रोक लगा दी। मामले में मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जतते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद की जमीन का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने आज रोक लगा दी। मामले में मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जतते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रकाश पाडिया की सिंगल बेंच ने सर्वेक्षण पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों से 2 हफ्ते में नए सिरे से जवाब दाखिल करने को कहा है। तब तक के लिए निचली अदालत के फैसले पर रोक लगी रहेगी।

हाईकोर्ट ने 1991 में दायर मुख्य मुकदमे की किसी कार्यवाही पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगाई है। अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश से मुस्लिम पक्षकारों को तत्कालिक राहत जरूर मिल गई है।


अंजुमन इंतजामिया मसाजिद व यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की याचिका पर स्टे का फैसला देते हुए अदालत ने वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के आदेश को निराधार बताया। मामले की सुनावाई के दौरान कोर्ट का कहना था कि ऊपरी अदालत में मामला लंबित होने के बावजूद निचली कोर्ट को आदेश देने का अधिकार नहीं है। 

बता दें कि 8 अप्रैल 2021 को वाराणसी के सीनियर डिवीजन सिविल जज ने वाद मित्र की याचिका पर सर्वेक्षण का आदेश दिया था। एएसआई से खुदाई कराकर सर्वेक्षण के जरिए हकीकत का पता लगाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाने को कहा था। मुस्लिम पक्षकारों ने सिविल जज के इस आदेश पर असहमति जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मस्जिद की इंतजामिया कमेटी और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इससे पहले इस मामले में 31 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था।

मामले पर एक नजर

ज्ञानवापी में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा पाठ करने का अधिकार देने आदि को लेकर वर्ष 1991 में मुकदमा दायर किया गया था। मामले में निचली अदालत व सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ 1997 में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट से कई वर्षों से स्टे होने से वाद लम्बित रहा।

10 दिसंबर 2019 में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने सिविल जज सीनियर डिविजन (फास्ट ट्रैक कोर्ट) आशुतोष तिवारी की अदालत में आवेदन देकर अपील की थी कि ढांचास्थल के पुरातात्विक सर्वेक्षण के लिए निर्देशित किया जाये। दावा किया कि ढांचा के नीचे काशी विश्वनाथ मंदिर के पुरातात्विक अवशेष हैं। 

न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अपील में कहा गया कि मौजा शहर खास स्थित ज्ञानवापी परिसर के 9130, 9131, 9132 रकबा नं. एक बीघा 9 विस्वा लगभग जमीन है। उक्त जमीन पर मंदिर का अवशेष है। 14वीं शताब्दी के मंदिर में प्रथमतल में ढांचा और भूतल में तहखाना है। इसमें 100 फुट गहरा शिवलिंग है। मंदिर हजारों वर्ष पहले 2050 विक्रमी संवत में राजा विक्रमादित्य ने, फिर सतयुग में राजा हरिश्चंद्र और 1780 में अहिल्यावाई होलकर ने जीर्णोद्धार कराया।


बिहार: सुशासन बाबू के राज में 15 घंटे तक फर्श पर पड़ी रही लाश, वार्ड में मंडराते रहे कुत्ते, सिवान के सदर अस्पताल की कहानी

सिवान जिले के सदर अस्पताल में एक व्यक्ति की लाश 15 घंटे तक फर्श पर पड़ी रही और वार्ड में कुत्ते घूमते रहे, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली।

सिवान: एक तरफ बिहार के सीएम नीतीश कुमार दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में सबकुछ ठीक है लेकिन हकीकत तो कुछ और ही है। ऐसा कहा जाता है कि तस्वीरें सच बोलती हैं तो सुशासन बाबू के स्वास्थ्य महकमें के दावों की पोल खलती एक तस्वीर सीवान जिले के सदर से सामने आई है। यहां एक मरीज की लाश जमीन पर पड़ी रहती है और उसके आस-पास कुत्ते मडराते रहते हैं लेकिन अस्पताल में तैनात कोई भी कर्मचारी उस लाश को सही जगह नहीं रखता। नतीजन कुत्ते लाश को नोचने का भी प्रयास करते दिखाई देते हैं। हद की बात तो यह है कि लाश थोड़ी बहुत देर नहीं बल्कि 15 घंटे तक ऐसे पड़ी रही।


मामला सिवान जिले का है। यहां मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। दरअसल, जिले के सदर अस्पताल में एक व्यक्ति की लाश 15 घंटे तक फर्श पर पड़ी रही और वार्ड में कुत्ते घूमते रहे, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली। मिली जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक बुजुर्ग को सिवान के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। इसके बाद उसके शव को बेड से उतारकर नीचे फर्श पर रख दिया गया। दावा किया जा रहा है कि शव 15 घंटे तक फर्श पर ही पड़ा रहा लेकिन किसी ने इसपर ध्यान नहीं दिया।

इस दौरान अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी आते-जाते रहे। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो पाई है। बता दें कि सिवान बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का गृह जिला है। इससे पहले भी जिले की बदतर स्वास्थ्य सुविधाओं को उजागर करने वाली घटनाएं सामने आई हैं।

वहीं, मामला सामने आने के बाद अस्पताल के सिविल सर्जन यदुवंश कुमार शर्मा ने कहा कि मीडिया के जरिए यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए गया हुआ था। इस वजह से मुझे इसकी जानकारी नहीं मिली। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।


ग्वालियर त्रिपल मर्डर केस: दोनों आरोपी गिरफ्तार, 'अपना' ही निकला कातिल, संपत्ति के लिए दिया गया वारदात को अंजाम

पुलिस महानिरीक्षक अवनीश शर्मा ने आगे बताया कि 3 लोगों की हत्या का मामला सामने आया। मृतकों में एक वृद्ध पुरूष, 55 वर्षीय महिला और 10 वर्ष की बच्ची शामिल हैं। मामले में 2 लोगो को गिरफ़्तार किया गया है।

ग्वालियर: शहर में हुए त्रिपल मर्डर केस को पुलिस ने सुलझा लिया है। आरोपी मृतक परिवार का रिश्तेदार बताया जा रहा है। तिहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन अवनीश शर्मा ने बताया कि ये संपत्ति संबंधित अपराध था। सोना, चांदी और नकद के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया। घटना में इस्तेमाल चाकू और कट्टा ज़ब्त किए गए हैं।

पुलिस महानिरीक्षक अवनीश शर्मा ने आगे बताया कि 3 लोगों की हत्या का मामला सामने आया। मृतकों में एक वृद्ध पुरूष, 55 वर्षीय महिला और 10 वर्ष की बच्ची शामिल हैं। मामले में 2 लोगो को गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक परिवार के घर से चोरी किए हुए गहने, नगदी व हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियारों को भी बरामद कर लिया है।

Gwalior Crime News: ट्रिपल मर्डर का खुलासा, माेहल्ले के लड़काें ने की वृद्ध, उसकी पत्नी व गाेद ली हुई बेटी की हत्या


बता दें कि ग्वालियर में एक नहीं बल्कि तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। हत्यारा कोई बाहर का नहीं बल्कि उनके साढ़ू का बेटा ही निकला। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने दो दोस्तों के साथ मिलकर इस खतरनाक वारदात को अंजाम दिया।

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पुलिस ने बताया कि साढ़ू के बेटे ने एक प्लान बनाया, इसमें उसने दो दोस्तों को शामिल कर लिया। ये तोनों चोरी के लिए घर में घुस गए, इसके बाद जो भी सामने आया उन सब को मारते गए। उसने अपनी मौसी, मौसा और छोटी बहन तीनों को मार दिया।




पुलिस ने वारदात में शामिल पहले एक आरोपी अरूण उर्फ घोड़ा को पकड़ा। फिर उसने पूछताछ में बताया कि पूरा प्लान साढ़ू के लड़के सचिन पाल का था और इसमें मैं और मोनू भी शामिल थे। घोड़ा के मुताबिक, जब हम चोरी कर रहे थे तो मौसी जाग गई, उस पर चाकू से हमला कर दिया और उसकी हत्या कर दी। फिर मौसा और बहन की नींद खुली तो उन्हें भी गला घोंटकर मार दिया।


जब पुलिस जांच कर रही थी तो उसे एक सुराग मिला। दरअसल, पुलिस ने जांच के दौरान पड़ोसियों से पूछताछ की। मृतक के घर के सामने साढ़ू का परिवार भी रहता है, लेकिन हत्या के बाद उनका बेटा सचिन गायब था। इस पर पुलिस को शक हुआ और उसकी छानबीन शुरू की। तब उसके दोस्त अरूण उर्फ घोड़ा का पता चला।

 घोड़ा के बारे में पता चला कि वह अक्सर चोरी करता है। इसके बाद पुलिस ने घोड़ा और मोनू की तलाश की जो गायब मिले। पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी और इस दौरान घोड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद घोड़ा ने पूरे मामले को पुलिस के सामने खोल कर रख दिया। फिलहाल पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझा ली है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।


वसूली कांड: NIA ने परमवीर को बचाने के लिए सचिन वजे के जरिए अनिल देशमुख पर लगाया गलत आरोप-नवाब मलिक

नवाब मलिक ने कहा कि एनआईए की चार्जशीट से एंटीलिया मामले पर सवलिया निशान खड़े हो गए हैं। सचिन वजे को मुख्य आरोपी बनाया गया। पूरी तरह से पहले दिन से जो हम कह रहे थे कि परमवीर सिंह को बचाने के एवज में उनके जरिए अनिल देशमुख पर आरोप लगाया गया।

मुंबई: वसूली कांड के मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह के खिलाफ कार्यवाई जारी है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने एंटीलिया कांड मामले की जांच कर रही एनआईए पर सवाल खड़े किए हैं और उसपर राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को फंसाने का आरोप लगाया है।


नवाब मलिक ने कहा कि एनआईए की चार्जशीट से एंटीलिया मामले पर सवलिया निशान खड़े हो गए हैं। सचिन वजे को मुख्य आरोपी बनाया गया। पूरी तरह से पहले दिन से जो हम कह रहे थे कि परमवीर सिंह को बचाने के एवज में उनके जरिए अनिल देशमुख पर आरोप लगाया गया।

उन्होंने आगे कहा कि जो अधिकारी मुख्य आरोपी है, जिसे पूर्व कमिश्नर ने नियुक्त किया। विशेष अधिकार देकर अलग सेल बनाकर मुंबई शहर के क्राइम ब्रांच की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। एंटीलिया केस के बाद उसी की जांच उसी अधिकारी को दिया गया। मामला सामने आया तो उसी कमिश्नर ने मंत्री और CM को गुमराह किया।

बता दें कि वसूली कांड में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह का नाम सामने आने के बाद उन्हें कमिश्नर के पद से हटा दिया गया था। वहीं, उनके द्वारा महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का नाम लिए जाने के बाद देशमुख को भी अपनी कुर्सी छो़ड़नी पड़ी थी। फिलहाल, देशमुख के खिलाफ देश की शीर्ष एजेंसियां जांच कर रही है। वहीं, परमवीर के खिलाफ भी जांच की जा रही है।


यूपी के विंध्याचल में गंगा में पलटी नाव, 6 डूबे

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। दर्शनार्थियों से भरी नाव पलटने से छह लोग डूब गए। डूबने वालों में तीन बच्चे और तीन महिलाएं हैं। नाव पर 12 लोग सवार थे। छह लोगों को आसपास के नाविकों ने बचा लिया। डूबे लोगों को तलाश में गोतोखोरों को लगाया गया है।

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। दर्शनार्थियों से भरी नाव पलटने से छह लोग डूब गए। डूबने वालों में तीन बच्चे और तीन महिलाएं हैं। नाव पर 12 लोग सवार थे। छह लोगों को आसपास के नाविकों ने बचा लिया। डूबे लोगों को तलाश में गोतोखोरों को लगाया गया है।

हादसे का शिकार हुए लोग झारखंड की राजधानी रांची से विंध्यधाम में दर्शन पूजन के लिए आए थे। आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, रांची के रहने वाले राजेश तिवारी अपने परिवार के साथ विंध्याचल दर्शन पूजन करने पहुंचे थे। इसी दौरान बुधवार को अखाड़ा घाट पर नाव से ऊपर पार गए थे। नाव पर परिवार के 12 लोग राजेश (35), विकास (28), दीपक (27), वाहन चालक (अज्ञात), अल्का (9), रितिका (7), गुड़िया (28) खुशबू (30), अनीषा (26), सत्यम (5) और एक अन्य बच्चा उम्र (2½) व एक बच्ची (3माह) सवार थे। 

दोपहर करीब एक बजे उस पार से वापस आते समय नाव बीच गंगा में डगमगाने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता नाव पलट गई। चीख पुकार मचने पर आसपास के नाविक अपनी नावों के साथ वहां पहुंचे। 

राजेश, विकास, दीपक, उनके वाहन चालक, अल्का, रितिका को बचा लिया गया। गुड़िया, खुशबू, अनीषा, सत्यम, एक अन्य बच्चा उम्र (2.5) व एक बच्ची (3माह) डूब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। क्षेत्राधिकारी नगर, थाना विन्ध्याचल पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच गए। स्थानीय नाविकों और गोताखोरो की मदद से डूबे हुए लोगों की तलाश कराई जा रही है।


BJP विधायक की मांग, बिहार विधानसभा में दी जाए हनुमान चालिसा पढ़ने की इजाजत

एक तरफ झारखंड में बीजेपी ने सूबे की हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो दूसरी तरफ अब बिहार विधानसभा में भी हनुमान चालिसा का पाठ करने के इजाजत मांगी गई है। यह इजाजत बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू की सहयोगी पार्टी बीजेपी के एक विधायक द्वारा मांगी गई है।

पटना: झारखंड विधानसभा के अंदर नमाज अदा करने के लिए एक कमरा आरक्षित किए जाने के बाद अब राजनीति हो रही है। एक तरफ झारखंड में बीजेपी ने सूबे की हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो दूसरी तरफ अब बिहार विधानसभा में भी हनुमान चालिसा का पाठ करने के इजाजत मांगी गई है। यह इजाजत बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू की सहयोगी पार्टी बीजेपी के एक विधायक द्वारा मांगी गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी विधायक हरी भूषण ठाकुर बचौल ने कहा है कि विधानसभा में हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत दी जाए। हरी भूषण ठाकुर ने झारखंड सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसी बात है तो बिहार विधानसभा में भी हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत दी जाए। जुम्मे के दिन अगर नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी दी जाती है, तो हनुमान चालीसा के पाठ के लिए भी छुट्टी मिलनी चाहिए।

बताते चलें कि बीजेपी विधायक हरी भूषण ठाकुर अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहते हैं। कुछ महीने पहले ही बीजेपी विधायक ने भारत को विकसित देश बनाने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून को बेहद जरूरी बताते हुए कहा था कि यह कानून पूरे देश में लागू होना चाहिए। देश में संसाधन सीमित हैं। बीजेपी विधायक से जब जदयू के मुस्लिम नेताओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने सहयोगी दल की राष्ट्र भक्ति पर भी सवाल खड़े कर दिए थे।


दलितों ने मुश्किल समय में भी नहीं छोड़ा BSP का साथ, ब्राम्हणों ने बहकावे में आकर दिया BJP को वोट: मायावती

मायावती ने लखनऊ के पार्टी कार्यालय में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ के पार्टी कार्यालय में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मायावती ने दलिव वर्ग के लोगों को एक बार फिर से साधने की कोशिश की तो वहीं, ब्राम्हणों के हवाले से कहा कि आज ब्राम्हण कहते हैं कि उन्होंने बहकावे में कर BJP की पूर्ण बहुमत की सरकार बना दी।

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अपने संबोधन में मायावती ने कहा कि दलित वर्ग के लोगों पर शुरू से गर्व रहा है कि उन्होंने बिना गुमराह और बहकावे में आए कठिन से कठिन दौर में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। ये लोग मज़बूत चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहे हैं। उम्मीद है कि BSP से जुड़े अन्य सभी वर्गों के लोग इनकी तरह आगे कभी गुमराह नहीं होंगे।

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मायावती ने आगे कहा कि ब्राम्हण समाज के लोग भी कहने लगे हैं कि, हमने BJP के प्रलोभन भरे वादों के बहकावे में आकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर बहुत बड़ी गलती की है। BSP की रही सरकार ने ब्राम्हण समाज के लोगों के सुरक्षा, सम्मान, तरक्की के मामले में हर स्तर पर अनेको ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

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मायावती ने आगे कहा कि मुझे कल मीडिया के ज़रिए मालूम हुआ है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं। मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि एक ही हैं तो आरएसएस की बीजेपी हर स्तर पर मुसलमानों के साथ सौतेला रवैया क्यों अपना रही है।


यूपी: फिरोजाबाद में डेंगू के बढ़ते मामलों पर सख्त हुए CM योगी, लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई के आदेश

फिरोजाबाद और आसपास के जिलों में डेंगू बुखार व अन्य बीमारियों के बढ़ने के मामले को लेकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

लखनऊ: फिरोजाबाद और आसपास के जिलों में डेंगू बुखार व अन्य बीमारियों के बढ़ने के मामले को लेकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।


उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिरोजाबाद में डेंगू और अन्य वायरल बीमारियों को फैलने से रोकने में लापरवाही के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें स्वास्थ्य और नगर विकास के कुछ अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संजय गांधी पीजीआई, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और केजीएमयू के विशेषज्ञ चिकित्‍सकों की तीन अलग-अलग टीमें आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा भेजने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को अधिकारियों के साथ उच्‍च स्‍तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ से भेजी जाने वाली विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें तीनों जिलों के अस्‍पतालों में इलाज की प्रक्रिया देखेंगी और स्‍थानीय चिकित्‍सकों का मार्गदर्शन करेंगी।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक मरीज की सेहत पर बारीकी से ध्यान दिया जाए। बैठक में बताया गया कि तीनों जिलों में इलाज के लिए स्‍थानीय स्‍तर पर पर्याप्त चिकित्‍सकों की तैनाती की गई है।

फिरोजाबाद में डेंगू व अन्य वायरल बीमारियों की रोकथाम के लिए अतिरिक्त बेड, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयां व जांच उपकरण आदि की व्यवस्था की गई है। प्रभावित जिले में मरीजों की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। 

सीएम हेल्पलाइन द्वारा भी मरीजों और उनके परिजनों से संपर्क कर उनको मिल रहे इलाज और सुविधाओं की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और प्रशासन को लोगों को इस बात के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं कि बीमारी के हल्के लक्षण होने पर भी तत्काल निकटतम अस्पताल से संपर्क करें। 


एमपी में अब विश्व विद्यालयों के कुलपति को कहा जाएगा कुलगुरु !

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि उनके विभाग ने कुलपति का नाम हिंदी में बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने का प्रस्ताव जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में पेश किया जाएगा।

भोपाल: मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयो के कुलपति पदनाम को बदलकर कुलगुरु करने पर विचार किया जा रहा है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने सोमवार को इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने  बताया कि जिला कलेक्टर को हिंदी में जिलाधीश कहा जाता था। यह शब्द एक राजा की तरह लगता था। उन्होंने कहा कि यदि हम कुलगुरु कहते हैं तो यह कुलपति से अधिक अपना लगता है।

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि उनके विभाग ने कुलपति का नाम हिंदी में बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने का प्रस्ताव जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में पेश किया जाएगा। यदि इसे मंजूरी मिल जाती है तो प्रस्ताव को लागू किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट के अनुसार मध्यप्रदेश में आठ पारंपरिक विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा एक अलग अधिनियम के तहत और अन्य विभागों द्वारा 17 विश्वविद्यालय (पत्रकारिता, इंजीनियरिंग और खुले पाठ्यक्रमों सहित) स्थापित किए गए हैं।

131 नए पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे

इसके अलावा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अनुसार राज्य में 32 निजी विश्वविद्यालय भी चलाए जा रहे हैं। प्रदेश में दो केंद्रीय विश्वविद्यालय भी हैं। यादव ने यह भी बताया कि केंद्र की नयी शिक्षा नीति के अनुसार उनके विभाग द्वारा ''नई नीति के तहत हमारी उच्च शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण के तहत 131 पाठ्यक्रमों को लागू किया जाएगा।



जहां चाह, वहीं राह! बाढ़ग्रस्त कटिहार में नाव पर पढ़ रहे बच्चे, पैरों से लिख-लिखकर 10वीं में पहुंची पटना की तनु

एक कहावत है 'जहां चाह, वहीं राह' और इस कहावत को सही साबित कर रहे हैं कटिहार के तीन युवक जो बाढ़ग्रस्त इलाके में बच्चों को नांव में पढ़ा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पटना की तनु के हौसले को उनके साथ हुए हादसे ने तोड़ने में नाकामी हासिल की और वह आज पैरों से लिख-लिखकर दसवीं में पहुंच गई है।

पटना/कटिहार: एक कहावत है 'जहां चाह, वहीं राह' और इस कहावत को सही साबित कर रहे हैं कटिहार के तीन युवक जो बाढ़ग्रस्त इलाके में बच्चों को नांव में पढ़ा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पटना की तनु के हौसले को उनके साथ हुए हादसे ने तोड़ने में नाकामी हासिल की और वह आज पैरों से लिख-लिखकर दसवीं में पहुंच गई है।

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पहली कहानी कटिहार के मनिहारी की है जहां कई इलाके बाढ़ से ग्रस्त होने के कारण तीन युवक ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को नाव पर पढ़ा रहे हैं। एक शिक्षक ने बताया,"हमारा क्षेत्र 6 महीने बाढ़ से ग्रस्त रहता है इसलिए हम लोग नाव पर पाठशाला चल रहे हैं। जब तक यहां पानी रहेगा तब तक हम नाव पर पढ़ाएंगे।"

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पैरों से लिखकर 10वीं में पहुंची तनु


दूसरी कहानी पटना के तनु की है। तनु एक हादसे में अपने दोनों हाथ गंवा चुकीं पटना की रहने वाली तनु अपने पैर से लिखते हुए 10वीं कक्षा में पहुंची गई हैं। तनु ने बताया, “पढ़ाई के आलावा मुझे खेलने और पेंटिंग करने का भी शौक है। खेल-कूद और पेंटिंग में मझे कप और मेडल भी मिला है। मैं बड़े होकर टीचर बना चाहती हूं।"

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मुजफ्फरनगर में किसानों की 'महापंचायत' जारी, अन्नदाताओं को मिला BJP सांसद वरुण गांधी का साथ, कही ये बड़ी बात

किसानों को पीलीभीत लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद वरुण गांधी का साथ मिला है।वरूण गांधी ने किसानों का दर्द समझने की अपील की है।

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत जारी है। इस बीच किसानों को पीलीभीत लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद वरुण गांधी का साथ मिला है।वरूण गांधी ने किसानों का दर्द समझने की अपील की है। 


उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मुजफ्फरनगर में आज प्रदर्शन के लिए लाखों किसान जुटे हैं। वो हमारा ही खून हैं। हमें उनके साथ फिर से सम्मानजनक तरीके से जुड़ने की जरूरत है। उनका दर्द समझें, उनका नजरिया देखें और जमीन तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करें।'


उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के जीआईसी मैदान में आज किसान महापंचायत जारी है। देशभर से सैकड़ों किसानों का सैलाब इसमें हिस्सा लेने के लिए पहुंचा है। महिलाएं भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है। महापंचायत के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल तैनात हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। माना जा रहा है कि महापंचायत में अगले साल यूपी और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए भी रणनीति बन सकती है। इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल हुए हैं। 

बीकेयू नेता नरेश टिकैत मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं। महापंचायत के मंच पर राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव सहित कई अन्य किसान नेता मौजूद हैं। महापंचायत में जीआईसी मैदान के मंच से लेकर पार्किंग तक की व्यवस्था एसकेएम और बीकेयू के वालंटियर देख रहे हैं। पहचान के लिए वालंटियर्स को आईडी कार्ड दिए गए हैं। वहीं पुलिसबल किसानों की जिले और शहर में सुरक्षित एंट्री और उनके सकुशल प्रस्थान तक की व्यवस्था देख रही है।

मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत को लेकर यूपी एडीजी (कानून और व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा, 'हमने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। पीएससी की 25 कंपनियां और मेरठ जोन के तहत 20 अधिकारियों को तैनात किया गया है। हमने यातायात की सुचारू आवाजाही के लिए ट्रैफिक अलर्ट जारी किया है। हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।'


यूपी के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत आज, अन्नदाता भरेंगे हुंकार, अलर्ट पर प्रशासन

इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल होंगे, जिनमें करीब 60 किसान संगठन होंगे और अन्य कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे। किसानों के 40 संगठन अग्रणी भूमिका में रहेंगे, जबकि 20 संगठन पूरा सहयोग करेंगे।

मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर में आज यानी रविवार को किसान महापंचायत होने वाली है। महापंचायत के दौरान किसान जीआईसी मैदान में जुटेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसान यहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। 

बताया जा रहा है कि इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल होंगे, जिनमें करीब 60 किसान संगठन होंगे और अन्य कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे। किसानों के 40 संगठन अग्रणी भूमिका में रहेंगे, जबकि 20 संगठन पूरा सहयोग करेंगे।


इधर रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी को मुजफ्फरनगर में संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में आने वाले किसानों पर पुष्प वर्षा करने की अनुमति नहीं मिली है। जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को पुष्प वर्षा की अनुमति देने के लिए लिखे गए लेटर की प्रति ट्वीट करते हुए जयंत चौधरी ने लिखा कि किसानों के सम्मान से भला सरकार को क्या खतरा। बहुत माला पहनी हैं, मुझे जनता ने बहुत प्यार, सम्मान दिया है। अन्नदाताओं पर पुष्प बरसाकर उनका नमन और स्वागत करना चाहता था। डीएम एडीजी सिटी मजिस्ट्रेट प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री सबको सूचित किया लेकिन अनुमति नहीं दे रहे! किसान के सम्मान से सरकार को क्या ख़तरा है?

भले ही जयंत चौधरी को प्रशासन ने किसान महापंचायत पर पुष्प वर्षा की अनुमति नहीं दी। लेकिन रालोद के प्रदेश मीडिया संयोजक सुनील रोहटा ने बताया कि प्रशासन के अनुमति न दिए जाने की स्थिति में भी रालोद सुप्रीमो जयन्त चौधरी हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा अवश्य करेंगे।  किसानों पर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा के बाद तिरंगा फहराते हुए जयन्त चौधरी बिना उतरे वापस दिल्ली लौट जाएंगे।


यूपी को हुआ 'बुखार', CMO के पैरों में गिरकर बोला बुजुर्ग-'मेरे गाँव को बचा लो'

गांव में सीएमओ के पहुंचने पर एक बुजुर्ग उनके पैरों में पड़ गया और बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाने लगा। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

मथुरा: उत्तर प्रदेश में इन दिनों बुखार का प्रकोप जारी है। इसका सबसे ज्यादा प्रकोप फिरोजाबाद जिले में देखने को मिला है। मथुरा में भी कई बच्चों की बुखार से मौत हुई है। हर व्यक्ति अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर काफी डरा हुआ महसूस कर रहा है। 

मथुरा के कोह गांव में बुखार से हो रहीं मौत से गांव के लोग घबराये हुए हैं। बहुत से लोग तो घर छोड़कर रिश्तेदारियों में चले गए हैं। गांव में सीएमओ के पहुंचने पर एक बुजुर्ग उनके पैरों में पड़ गया और बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाने लगा। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

फरह के गांव कोह में अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है। गांव में बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं। कुछ मथुरा के अस्पतालों में तो कुछ आगरा में इलाज करा रहे हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम डेरा डाले हुए है। दो दिन पूर्व सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता जब टीम के साथ गांव पहुंचीं तो गांव के बुजुर्ग किशन सिंह ने रोते हुए सिर उनके पैरों में रख दिया और बच्चों की जान की भीख मांगने लगे। सीएमओ ने उनसे पैर न छूने को कहते हुए ढांढ़स बंधाया। 

रोते हुए किशन सिंह ने कहा कि हमारी कोई गलती हो तो बताओ, आप नहीं बताएंगी तो कौन बताएगा। उन्होंने बिलखते हुए कहा कि कैसे भी करके उनके गांव के बच्चों को बचा लो। उनका नाती मर गया। गांव के तमाम बच्चे अस्पतालों में भर्ती हैं। गांव की महिलाएं भर्ती हैं। एक-एक करके उनकी आंखों के सामने उनके नौनिहाल बुखार के कारण जान गंवा रहे हैं। पूरा गांव त्राहि-त्राहि कर रहा है। यह देखकर वहां मौजूद सभी अधिकारी व ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। 

सीएमओ ने ग्रामीणों से कहा कि आपके बच्चे कहां-कहां भर्ती हैं, इसकी लिस्ट बनाकर दो, हम दिखवाते हैं। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अन्य लोगों भी द्रवित हो गए। कोह गांव की घटना से क्षेत्र के हर व्यक्ति के दिल में गम और दहशत है।


महिला सिपाही के प्यार में अंधे शख्स ने परिवार की मदद से किया पत्नी, बच्चों और दोस्त का कत्ल, खुद को भी दिखाया मरा, 3 साल बाद हुआ खुलासा, पढ़िए-पूरी कहानी

महिला सिपाही के प्यार में पड़े एक युवक ने नोएडा के बिसरख में पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को मार डाला और उसके बाद अपने जैसे दिखने वाले एक दोस्त को मौत के घाट उतारकर अपनी ही हत्या साबित कर दी। फिर तीन साल तक वह शख्स नाक की सर्जरी कराकर वेश बदल घूमता रहा और अंत में जब पर्दाफाश हुआ तो हर कोई इस वारदात से सन्न रह गया।

कासगंज/नोएडा: कहते हैं प्यार अंधा होता है लेकिन इतना भी अंधा नहीं होना चाहिए कि प्यार को पाने के लिए अपने बीवी, बच्चों और दोस्त का कत्ल कर दिया जाए। दरअसल, ऐसी खौफनाक कहानी यूपी के अलीगढ़ से सामने आई है। महिला सिपाही के प्यार में पड़े एक युवक ने नोएडा के बिसरख में पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को मार डाला और उसके बाद अपने जैसे दिखने वाले एक दोस्त को मौत के घाट उतारकर अपनी ही हत्या साबित कर दी। फिर तीन साल तक वह शख्स नाक की सर्जरी कराकर वेश बदल घूमता रहा और अंत में जब पर्दाफाश हुआ तो हर कोई इस वारदात से सन्न रह गया।

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मिली जानकारी के मुताबिक, कासगंज जिले के गंगीरी इलाके के गांव नौगंवा के रहने वाले युवक ने महिला सिपाही के इश्क में अपनी पत्नी और दो बच्चों को अपने नोएडा विशरख के चिपयाना स्थित मकान में हत्या कर दी। तीनों के शवों को घर के बेसमेंट में दफनाया और उसके ऊपर पक्का फर्स कर दिया। ससुराल वालों को पत्नी बच्चों को गायब होने की सूचना दे दी, लेकिन ससुराल वालों ने शक पर होने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मुकदमे से बचने और उल्टा ससुराल पर साजिश के तहत अपने कदकाठी जैसे दोस्त की कासगंज में लाकर हत्या कर दी।

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उसके क्षतविक्षत शव को अपने कपड़े पहनाकर अपना आईकार्ड जेब में डाल दिया। साजिश में शामिल पिता और भाई ने शव का शिनाख्त अपने बेटे के रूप में कर दी। हत्या का केस ससुराल वालों पर दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस तह तक गई और डीएनए टेस्ट कराये तो डीएनए का मिलान नहीं होने पर चार हत्याओं की साजिश परत दर पर खुलकर सामने आ गई। पुलिस ने हत्याओं के मास्टरमाइंड युवक और उसकी प्रेमिका सिपाही समेत परिजनों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया है। 

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मामले में गुरुवार को खुलासा करते हुए एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि, गांव कलुआ थाना मारहरा एटा निवासी मोती लाल ने अपनी बेटी रतनेश की शादी शादी वर्ष 2012  में राकेश पुत्र बनवारी लाल निवासी नौगंवा गंगीरी अलीगढ़ के साथ की थी। जबकि इस दौरान राकेश का गांव ही एक युवती रूबी के साथ प्रेमसंबंध चल रहे थे। शादी के बाद पति राकेश और पत्नी रतनेश ने शादीशुदा जिंदगी की शुरूआत की थी। इसके बाद उनके दो बच्चे हुए पुत्री अवनी उम्र 3 वर्ष एवं पुत्र अर्पित हुए। बच्चे होने के बाद राकेश द्वारा नोएडा में पंच विहार कॉलोनी थाना बिसरख में एक मकान खरीदा गया। उसी मकान में वह परिवार सहित निवास कर रहा था और स्वयं नोएडा में ही एक लेबोरेट्री में काम कर रहा था। 

इस तरह से की पत्नी व बच्चों की हत्या

शादीशुदा होने के बाद भी राकेश के रूबी से प्रेम प्रसंग बादस्तूर बने रहे तथा वह अपनी पत्नी को रास्ते से हटाकर रूबी के साथ शादी करने की योजना बना रहा था। इस योजना में उसकी प्रेमिका रूबी, पिता बनवारी लाल, भाई राजीव कुमार व प्रवेश एवं मां इन्द्रवती ने पूरा सहयोग किया। योजना के तहत ही 14 फरवरी 2018 को राकेश ने पत्नी रतनेश एवं दोनों बच्चों अवनी व अर्पित को मकान के बेसमेन्ट में बुलाकर लोहे की रॉड (सब्बल) से प्रहार कर तीनों की हत्या कर उनके  शवों को उसी मकान के  बेसमेन्ट में दफन कर ऊपर से सीमेन्ट का पक्का फर्श बनवा दिया। 

ससुरालियों को ऐसे किया गुमराह

योजना के तहत ही राकेश ने अपने ससुर मोती लाल को नोएडा बुलाकर सूचना दी कि, उसकी पत्नी रत्नेश बच्चों के साथ गायब है। इस पर रत्नेश के पिता मोतीलाल द्वारा थाना बिसरख जनपद नोएडा पर पहले गुमशुदा होने की सूचना दी। फिर धारा 364,498 ए,504,506 भादवि के तहत दामाद राकेश, ससुर बनबारी लाल समेत परिजनों के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में राकेश को थाना बिसरख पुलिस द्वारा कईं बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन उसने कोई भी जानकारी होने से इंकार किया था। 

अपनी हत्या दिखाने के लिए कर दिया दोस्त का मर्डर


एसपी ने बताया कि, पुलिस एवं अन्य कार्यवाही से बचने के लिए आरोपी राके श ने अपने परिवार के  लोगों से मिलकर साजिश रचकर अपने ही गांव के  अपने जैसे शरीर की बनावट के  अपने मित्र राजेन्द्र उर्फ  कलुआ पुत्र दिलीप सिंह को रिश्तेदारी में चलने के  बहाने से मोटर साइकिल पर ले जाकर रास्ते में पहले शराब पिलाई गई। इसके बाद कासगंज के थाना ढोलना क्षेत्र ग्राम मारुपुर के जंगल में रेलवे लाइन के  पास पहले से ही मोटर साइकिल में छिपाये गये गंडासे को निकालकर उसकी हत्या कर दी गई तथा पहचान छिपाने के  लिए  उसके  सिर, हाथों के  पंजे काटकर साक्ष्य छिपाने के  उद्देश्य से नष्ट कर दिये गये। शव को अपने कपडे़ पहनाकर तथा अपना पहचान पत्र भी उसके  पास फेंकदिया। अपनी हत्या का षडयन्त्र रचते हुए अपने भाई राजीव कुमार के  माध्यम से शव की पहचान राकेश (स्वयं) के  रूप में करा दी। इसके बाद भाई राजीश के  ही माध्यम से थाना ढोलना पर अपनी हत्या का मुकदमा राकेश के ससुर मोतीलाल एवं साले जितेन्द्र एवं रवि के  विरुद्ध पंजीकृत कराया गया। 

राकेश से बन गया दिलीप शर्मा


अपनी योजना के मुताबिक राकेश द्वारा अपने को छिपाते हुए दिलीप शर्मा पुत्र सुभाष शर्मा निवासी कुक्कन पटटी जनपद कुशीनगर नाम का आधार कार्ड बनवाया तथा स्वयं पानीपत हरियाणा में मछरौली नामक गांव में पहले मजदूर एवं बाद में राजमिस्त्री बनकर कार्य करने लगा और स्थायी रूप से वहीं पर रहने लगा। 

डीएनए रिपोर्ट से सच आया सामने

इधर राकेश की हत्या के केस में फंसे ससुर मोती लाल व उसके बेटों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मामले की गहनता से जांच कराने के लिए जानकारी देना शुरू किया। पुलिस ने भी तह तक जाना शुरू किया और राकेश के नाम के मिले शव के विसरा रक्त और राकेश के पिता बनवारी लाल और राकेश के दोस्त कलुआ के पिता के रक्त के नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला भिजवाया। जिसकी रिपोर्ट आई तो राकेश केनाम के मिले शव और उसके पिता बनबारी लाल का डीएनए का मिलान नहीं हुआ। जबकि कलुआ और उसके पिता का डीएनए मिलान होने पर पुलिस को पूरी साजिश समझ में आ गई। जिस पर घेराबंदी करके पुलिस ने पिता बनबारी लाल और उसके बाद उसके बेटे राकेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो चौंकाने वाले दबे राज खुलकर सामने आते चले गये। 

नोएडा ले गई पुलिस

पुलिस ने बताया कि, इस दौरान भी अपनी राकेश अपनी प्रेमिका रूबी के  लगातार सम्पर्क  में बना रहा, जिससे मिलने के  लिए ही राकेश एक सितंबर को जनपद कासगंज से होकर गंगीरी जा रहा था। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर कासगंज पुलिस द्वारा गढी तिराहे के पास गिरफ्तारी की गई।

एसपी ने बताया कि, थाना ढोलना पुलिस एवं एसओजी, सर्विलांस टीम द्वारा आरोपी को साथ लेकर उसकी निशानदेही पर मित्र राजेन्द्र उर्फ  कलुआ की हत्या में प्रयुक्त गंडासा मारूपुर के  जंगलों से बरामद किया गया। इसके बाद थाना बिसरख जनपद नोएडा से समन्वय स्थापित किया गया और आरोपी राकेश की पत्नी एवं बच्चों के  शवों की बरामदगी के लिए नोएडा से एक मजिस्टे्रट की नियुक्ति कराकर उनके  समक्ष बेसमेन्ट को खुदवाकर उनके  कंकालों एवं हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड को बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने हत्याओं की वारदात के मुख्य आरोपी राकेश, उसके भाई राजीव, प्रवेश, पिता बनवारी लाल, मां इन्द्रवती और प्रेमिका रूबी को गिरफ्तार कर लिया है।


कोरोना के तीसरे लहर से निबटने की तैयारी में जुटी बिहार सरकार, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने दी ये बड़ी जानकारी

मौजूदा समय में औसतन 40 हजार मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। तीसरे लहर के खिलाफ जंग में बिहार की भी सरकार जुटी हुई है।

पटना: कोरोना की दूसरी लहर अभी देश में खत्म नहीं हुई है। वहीं, संभावित तीसरी लहर से निबटने की तैयारियों में सरकारे जुटी हुई हैं। मौजूदा समय में औसतन 40 हजार मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। तीसरे लहर के खिलाफ जंग में बिहार की भी सरकार जुटी हुई है।

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया कि दूसरी लहर से जो सीखा है उस पर काम आगे बढ़ा है। ऑक्सीजन की कमी ना होने देना बड़ा विषय है। पर्याप्त ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा है। 122 जगह पर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगवा रहे हैं जिसमें 40 से अधिक जगहों पर शुरू हो गए हैं।

बता दें कि गुरुवार को सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज जारी किए गए ताजा आंकड़ो के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 45,352 नए मामले आए, 34,791 रिकवरी हुईं और 366 लोगों की कोरोना से मौत हुई। वहीं, दूसरी तरफ अकेले केरल में 32 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं।


यूपी के सीएम योगी ने किया बाढ़ प्रभावित जिलों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजे के आदेश

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। मैंने अपने 3 दिन का आगामी कार्यक्रम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के लिए और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत सामग्री की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया है। बहराइच में राहत कार्य संतोष जनक ढ़ंग से आगे बढ़ रहा है।

लखनऊ: भारी बारिश की वजह से इन दिनों यूपी में कई नदियां उफनाई हुई हैं। आज सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और इसी क्रम में वह बहराइच पहुंचे। जहां उन्होंने लोगों से बात की। इसके अलावा सीएम ने लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की।


इस दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। मैंने अपने 3 दिन का आगामी कार्यक्रम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के लिए और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत सामग्री की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया है। बहराइच में राहत कार्य संतोष जनक ढ़ंग से आगे बढ़ रहा है।

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सीएम योगी ने बताया कि राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ ईकाई को हर ज़िले में तैनात किया गया है। अगर किसी की बाढ़ के पानी में डूबने या किसी हिंसक जानवर के काटने से मौत होती है तो पीड़ित परिवारों को तत्काल 4 लाख रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

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बलरामपुर में भी लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा

बहराइच के बाद सीएम योगी बलरामपुर भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से गन्ने की खेती प्रभावित हुई है। प्रशासन को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीड़ित किसानों को आवश्यक मुआवज़ा दिया जा सके इसके बारे में अपनी तैयारी पूरा करने के लिए कहा गया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित है। इसी हिस्सी के गोरखपुर में बाढ़ ने कहर बरपाया हुआ है। गोरखपुर में राप्ती और रोहन नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ बुलेटिन के मुताबिक राप्ती नदी 77.27 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का स्तर 74.98 है, रोहिन नदी 84.44 मीटर पर बह रही है जबकि इसका खतरे का निशान 82.44 मीटर है। 

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राहत की बात है कि रोहिन नदी का जल स्तर बुधवार से कुछ कम हुआ है। जिले के इलाहीबाग, बशारतपुर, बडगो, चिलुआताल, चिलमापुर और बहरामपुर सहित अन्य क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से पुरानी बीमारियों के रोगियों के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो इलाके प्रभावित नहीं हैं। वहां के कर्मचारी और गांवों के चिकित्सक भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करें।


4 साल में योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान

उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने चार वर्ष में अब तक 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को करने का काम किया। इस वर्ष भी अब तक 84% भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया गया है। पिछले 15 सालों में कभी भी 3 सितंबर तक 84% भुगतान नहीं किया गया था।

लखनऊ: यूपी की योगी सरकार द्वारा गन्ना किसानों का बीते 4 वर्षों में 1,42,311 करोड़ रुपये भुगतान किया गया है। इस बात की जानकारी यूपी सरकार के मंत्री सुरेश राणा ने दी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने चार वर्ष में अब तक 1,42,311 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को करने का काम किया। इस वर्ष भी अब तक 84% भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया गया है। पिछले 15 सालों में कभी भी 3 सितंबर तक 84% भुगतान नहीं किया गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि गन्ना किसानों को 2016-17 में 14,998 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। इसके बाद जैसे ही योगी सरकार आई, एक ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला और 2017-18 में 35,443 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को किया गया।


बिहार: आर्थिक इकाई की बालू अवैध खनन मामले में DSP तनवीर अहमद के खिलाफ कड़ी कार्यवाई, एक साथ कई ठीकानों पर छापेमारी

औरंगाबाद ज़िले के सदर DSP, भोजपुर ज़िले के आरा DSP और रोहतास ज़िले में तैनात डिहरी के DSP को पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया था। सस्पेंड किए गए DSP के खिलाफ बालू माफियाओं से सांठगांठ के सबूत ईओयू को मिले हैं और आज ईओयू द्वारा DSP के कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही हैं।

पटना: बिहार की आर्थिक इकाई द्वारा आज पालीगंज के पूर्व डीएसपी तनवीर अहमद के कई ठिकानों पर आज एक साथ छापेमारी की गई। बता दें कि तनवीर अहमद बालू के अवैध खनन के मामले में संलिप्तता पाए जाने पर कार्यवाई तो हो ही रही है लेकिन अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी कार्यवाई की जा रही है। इतना ही नहीं कई और डीएसपी को पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया है।

बता दें कि राजधानी पटना से सटे पालीगंज के तत्कालीन DSP रहे तनवीर अहमद जो बालू के अवैध खनन में संलिप्तता के बाद आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच के घेरे में हैं, उन्हें पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया था।

वहीं, औरंगाबाद ज़िले के सदर DSP, भोजपुर ज़िले के आरा DSP और रोहतास ज़िले में तैनात डिहरी के DSP को पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में तलब किया गया था। सस्पेंड किए गए DSP के खिलाफ बालू माफियाओं से सांठगांठ के सबूत ईओयू को मिले हैं और आज ईओयू द्वारा DSP के कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही हैं।


छपरा में बड़ा हादसा, बालू से लदी नाव गंगा में पलटी, 14 मजदूर लापता

बालू लदी नाव गंगा में पलट गई। नाव पर 14 मजदूर सवार थे। सभी मजदूरों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है।

छपरा: बिहार के छपरा से एक दर्दनाक खबर सामने आ रही है। यहां बालू से लदी नाव पलट जाने के वजह से 14 मजदूरों के डूबने की खबर है। स्थानीय गोताखोरों की तमाम मसक्कत के बाद भी किसी भी मजदूर को अभी तक खोजा नहीं जा सका है।

मिली जानकारी के मुताबिक, बालू लदी नाव गंगा में पलट गई। नाव पर 14 मजदूर सवार थे। सभी मजदूरों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है। कुछ मजदूरों के तैर कर बाहर आने की बात कही जा रही है, लेकिन पुष्टि कोई नहीं कर रहा है। आंधी और तेज हवाओं को घटना का कारण बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, डोरीगंज और मनेर की सीमा पर नास के पास हादसा हुआ है। कोईलवर से बालू लाद कर नाव लौट रही थी। नाव पर बालू लादने और उतारने वाले मजदूरों के साथ ही मल्लाह भी थे। गंगा में लापता हुए मजदूर मुजफ्फरपुर और मोतिहारी के बताए जा रहे हैं। गोताखोरों को भी मौके पर बुलाया गया है। गंगा में बढ़ाव और बहाव ज्यादा होने से अधिकारी एक तरह से असहाय बने हुए हैं। मोटर बोट से घटनास्थल पर पड़ताल हो रही है। 


घटना के समय गंगा नदी में उठ रही ऊंची लहरों में तीन नावें फंस गई थीं। इनमें खाली दो नाव और उस पर सवार लोग किसी तरह बचकर निकल गए जबकि तीसरी नाव बालू लदा होने के कारण गंगा नदी में गोता खाकर समा गई। गंगा नदी में उठ रही ऊंची लहरों के कारण अन्य नाव पर सवार लोग डूब रहे लोगों की मदद नहीं कर पाए। देर शाम तक किसी मजदूर या नाविक के तैरकर बाहर निकलने की सूचना नहीं मिली है। सूत्रों ने बताया कि बालू लदी नाव सारण के डोरीगंज थानाक्षेत्र के दियारे के बलवान टोला गांव की थी।  


JDU की BJP से अपील, कहा-'LPG सिलेंडर्स के दाम मत बाढ़ाएं, चुनाव के समय आएगी दिक्कत'

केसी त्यागी ने कहा, 'कीमतों में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है। देखें आज पेट्रोल और डीजल के दाम कहां पहुंच गए हैं। किचन का बजट भी बुरी तरह बिगड़ा है। यह चिंताजनक है।'

नई दिल्ली: एनडीए की सहयोगी पार्टी जेडीयू ने बीजेपी से अपील की है कि एलपीजी सिलेंडर्स के दाम ना बढ़ाए जाएं इससे आने वाले चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। दरअसल, एलपीजी की बढ़ी कीमतों पर अब एनडीए के भीतर ही मतभेद दिखने लगे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से मोदी सरकार पर हमले के बाद अब जेडीयू ने बढ़ी कीमतों को वापस लेने की मांग की है।

जेडीयू के महासचिव, केसी त्यागी ने बुधवार को एलपीडी सिलेंडरों पर 25 रुपये की बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर इसका असर आने वाले दिनों में राज्यों के चुनावों में दिख सकता है। केसी त्यागी ने कहा कि इससे घरेलू बजट बिगड़ जाएगा। कोरोना काल में लोगों पर बढ़ी कीमतों का बोझ संकट पैदा करेगा और विपक्ष इसे चुनाव में इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और इसके चलते असर पड़ सकता है। एक समाचार चैनल से बातचीत में केसी त्यागी ने कहा, 'कीमतों में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है। देखें आज पेट्रोल और डीजल के दाम कहां पहुंच गए हैं। किचन का बजट भी बुरी तरह बिगड़ा है। यह चिंताजनक है।'

गौरतलब है कि बीते 15 दिनों में एलपीजी की कीमतों में दो बार 25 रुपये का इजाफा हो चुका है। पहले 18 अगस्त को 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी और अब एक बार फिर से इतने ही दाम बढ़ गए हैं। 



यूपी हाईकोर्ट का केंद्र को सुझाव-'गाय को घोषित किया जाए राष्ट्रीय पशु, इसे मारने का अधिकार किसी को नहीं'

गो हत्या के एक आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राय दी है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और इन्हें मारने का अधिकार किसी को नहीं है।

लखनऊ/प्रयागराज: गो हत्या के एक आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राय दी है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और इन्हें मारने का अधिकार किसी को नहीं है।


गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। साथ ही हाईकोर्ट ने केन्द्र को सुझाव भी दिया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। 

गो हत्या के आरोपी जावेद की जमानत याचिका रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और गोरक्षा को हिंदुओं का मौलिक अधिकार किया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने बुधवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि गायों को सिर्फ धार्मिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। देशवासी गाय का सम्मान करें और उनकी सुरक्षा भी करें।

हाईकोर्ट ने यह सुझाव काउ स्लाटर एक्ट के तहत आरोपी जावेद नाम के व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सुझाव केन्द्र सरकार को दिए। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम जानते हैं जब किसी देश की संस्कृति और उसकी आस्था को ठेस पहुंचती है, तो देश कमजोर हो जाता है। 

न्यायमूर्ति शेखर यादव की खंडपीठ ने गो हत्या के आरोपी जावेद को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि आवेदक ने गाय की चोरी करने के बाद उसे मार डाला था, उसका सिर काट दिया था और उसका मांस भी उसके साथ रखा था। यह उसका पहला अपराध नहीं है, इससे पहले उसने कई गो हत्या की थी, जिसने समाज के सौहार्द्र को बिगाड़ दिया था। कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी जमानत पर रिहा हुआ तो वह फिर से अपराध करेगा, जिससे माहौल भी खराब होगा। 


'भारत रत्न' बिस्मिल्लाह खाँ की नातिन से गैंगरेप, मुख्तार के गुर्गों पर आरोप, दरिंदों को बचाने में जुटी यूपी की जौनपुर पुलिस

अब यूपी पुलिस के लिए गैंगरेप जैसी वारदात 'नार्मल' अपराध बन चुके हैं और शायद इसलिए ही 2019 ले मामले में एडीजी स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी जौनपुर जिले की पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। शायद इसलिए क्योंकि आरोपी मुख्तार के गुर्गे हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस अक्सर अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। दरअसल, अब यूपी पुलिस के लिए गैंगरेप जैसी वारदात 'नार्मल' अपराध बन चुके हैं और शायद इसलिए ही 2019 ले मामले में एडीजी स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी जौनपुर जिले की पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। शायद इसलिए क्योंकि आरोपी मुख्तार अंसारी के गुर्गे हैं।


'भारत रत्न' मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ की नातिन गत वर्ष 2019 में गैग रेप शिकार हो गयी थी, जिसे अब तक सूबे के सीएम योगी का प्रशासन न्याय नहीं दिलवा सका है। यह सनसनीखेज घटना सूबे जौनपुर जनपद की सदर कोतवाली के मुफ़्ती मोहल्ले की है।


पीड़िता के साथ गत 2019 में गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले बांदा जेल में बंद पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी के चारो गुर्गे हैं, जिनके नाम हसन जमाल, हसन कमाल, हसन फराज व हसन जहिद हैं। भारत रत्न शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान की नातिन पिछले माह भी सूबे की राजधानी लखनऊ में सीएम योगी व डीजीपी मुकुल गोयल से मिलने आयी थी, लेकिन तब उसकी मुलाकात सीएम योगी से नहीं हो सकी थी।

हालांकि एडीजी एल ओ प्रशांत कुमार से उसने मुलाकात कर उसने गैंग रेप के आरोपियों को शीध्र गिरफ्तारी की मांग की थी। एडीजी एल ओ ने पीड़िता का शिकायती पत्र लेकर उसे तत्काल न्याय दिलाने का आश्वसन दिया था। उसके बाद भी इस गैंगरेप के प्रकरण पर जौनपुर की सदर कोतवाली पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है।


बताया जा रहा है कि मशहूर शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खां की नातिन के साथ गैंगरेप की घटना को दो साल पूर्व अंजाम देने वाले चारों रेपिस्ट के खिलाफ अदालत ने नॉन बेलेबिल वारंट भी जारी कर दिए हैं। उसके बाद भी चारों रेपिस्ट खुले आम सड़को पर घूम रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि चारों रेपिस्ट माफिया मुख्तार अंसारी के गुर्गे होंने के कारण जौनपुर की सदर कोतवाली पुलिस इनके दवाब में है।


वहीं पीड़िता ने बताया है कि उसकव साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों पर जौनपुर पुलिस का खुला संरक्षण भी है। अब सवाल यह है कि इस मसले पर अखिर जौनपुर इतनी लापरवाही क्यो बरत रही है। आज इस घटना को तीन साल होने जा रहे हैं। उसके बाद भी अब तक जौनपुर पुलिस इन चारों रेपिस्ट को गिरफ्तार करने में हीलाहवाली क्यों कर रही है? 


हाईकोर्ट से शिवराज सरकार को तगड़ा झटका, एमपी में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर जारी रहेगी रोक

ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार को आज हाईकोर्ट से तगड़ा झटका मिला है। दरअसल, हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण में लगी रोक हटाने से इनकार करते हुए अंतिम सुनवाई के निर्देश जारी किए हैं।

भोपाल: ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार को आज हाईकोर्ट से तगड़ा झटका मिला है। दरअसल,  हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण में लगी रोक हटाने से इनकार करते हुए अंतिम सुनवाई के निर्देश जारी किए हैं। ओबीसी वर्ग का आरक्षण 27 फीसदी किए जाने के मामले में सरकार को हाईकोर्ट से झटका लगा है। 

बता दें कि सरकार की तरफ से 6 याचिका में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने के खिलाफ लगी रोक को हटाने के लिए आवेदन पेश किया गया था। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश वी के शुक्ला की डबल बेंच ने संबंधित याचिकाओं की आज सुनवाई करते हुए ओबीसी आरक्षण में लगी रोक को हटाने से इनकार करते हुए अंतिम सुनवाई के निर्देश जारी किए हैं। याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई 20 सितंबर को निर्धारित की गई है। 

प्रदेश सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने के खिलाफ दायर की गई अशिता दुबे की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के अंतरिम आदेश 19 मार्च 2019 को जारी किए थे।

डबल बेंच ने पीएससी द्वारा विभिन्न पदों की परीक्षाओं की चयन सूची में भी ओबीसी वर्ग को 14 फीसदी आरक्षण दिए जाने का अंतरिम आदेश पारित किए थे। इसके अलावा चार अन्य याचिकाओं में भी सरकार ने ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने पर स्थगन आदेश जारी किए थे। 

ओबीसी आरक्षण के समर्थन, ईडब्ल्यूएस आरक्षण, न्यायिक सेवा में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, महिला आरक्षण तथा एनएचएम भतीर् में आरक्षण के संबंध में भी याचिकाए दायर की गई थी। बेंच ने दायर सभी 24 याचिकाओं की सुनवाई संयुक्त रूप से आज की गई।


6 याचिकाएं की गई थी दाखिल

सरकार की तरफ से 6 याचिकाओं में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने पर लगी रोक को हटाने के लिए आवेदन पेश किया गया। आवेदन में कहा गया था कि प्रदेश में 51 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग की है।

 ओबीसी, एसटी, एससी वर्ग की आबादी कुल 87 प्रतिशत है। ओबीसी वर्ग के व्यक्तियों का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व, रहन-सहन की स्थिति आदि के अध्ययन के लिए एक आयोग का गठन किया गया था। आयोग की रिपोर्ट और आबादी के अनुसार सरकार ने ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत लागू करने का निर्णय लिया है।


याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आदित्य संघी ने बेंच को बताया की सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने साल 1993 में इंदिरा साहनी और साल 2021 में मराठा आरक्षण के मामलें में स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जाति जनगणना के आधार पर आरक्षण प्रदान नहीं किया जा सकता है। आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।


कोर्ट का डिसीजन

बेंच ने सुनवाई के बाद सरकार के अंतरिम आवेदन को खाजिर करते हुए याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका की अलग सुनवाई का निर्देश दिया। शेष याचिकाओं पर सुनवाई के अलग से प्रस्तुत करने आदेश जारी किए हैं। याचिकाकतार्ओं की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संधी और सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और महाधिवक्ता पुरूषेन्द्र कौरव पेश हुए। 


व्यापम घोटाला: 9 साल बाद आया फैसला, सीबीआई कोर्ट ने 8 दोषियों को सुनाई 7 साल की सजा, 2 बरी

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले के मामले में आज सीबीआई कोर्ट ने 8 दोषियों को को 7-7 वर्ष की सजा की सजा सुनाई है और 2 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

भोपाल: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले के मामले में आज सीबीआई कोर्ट ने 8 दोषियों को को 7-7 वर्ष की सजा की सजा सुनाई है और 2 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।


व्यापम पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाला 2012 मामले में कोर्ट ने 8 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने इन सभी लोगों को 7-7 साल जेल की सजा सुनाई है। इसके अलावा इन सभी पर 10,000 रुपया का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा अदालत ने इस मामले के 2 आरोपियों को बरी भी किया है।

दरअसल सीबीआई कोर्ट में 3 उम्मीदवार, 3 सॉल्वर और 4 बिचौलियों को आरोपी बनाया गया था। इन्हीं 4 बिचौलियों में से 2 को अदालत ने बरी कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने राजेश धाकड़, कवींद्र, विशाल, कमलेश, ज्योतिष, नवीन समेत 8 आरोपियों को दोषी माना और इसमें से 2 को बरी कर दिया।

व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाला 2013 में तब सामने आया था जब इंदौर पुलिस ने 2001 की पीएमटी प्रवेश से जुड़े केस में 20 नकली अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। साल 2013 में डॉक्टर जगदीश सागर के पकड़े जाने के बाद इस मामले की परतें खुलती चली गई थीं। आरोप लगा था कि कई लोग असली अभ्यर्थियों की जगह पर परीक्षा देने आए थे।

साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने व्यापम केस की जांच सीबीआई को सौंपी थी। राष्ट्रीय एजेंसी ने इस मामले में 100 से ज्यादा केस दर्ज किये थे। घोटालेबाजों ने असली प्रतियोगियों और उनकी जगह परीक्षा में बैठने वाले लोगों की तस्वीरों को मिला कर ये तस्वीरें बनाई थीं। लिहाजा मोर्फ तस्वीरों से असली परीक्षार्थी और नकली परीक्षार्थी की पहचान करना एजेंसी के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा। इस मामले में दर्ज सभी केसों की जांच पूरी हो चुकी है। 


राजस्थान के नागौर में बड़ा सड़क हादसा, 11 की मौत, 7 घायल, पीएम ने जताया दुख

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'राजस्थान के नागौर में हुआ भीषण सड़क हादसा बेहद दुखद है। मैं इस दुर्घटना में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'

नागौर: आज राजस्थान के नागौर जिले में एक सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हुई गई है और इस हादसे में 7 लोगों के घायल होने की भी खबर है। मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा एक क्रूजर के ट्रक के टकराने की वजह से हुई है।


पुलिस स्टेशन नागौर के एसएचओ श्री बालाजी ने बताया कि नागौर में आज सुबह एक क्रूजर के एक ट्रक से टकरा जाने के कारण 11 लोगों की मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को बीकानेर (नोखा) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस हादसे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'राजस्थान के नागौर में हुआ भीषण सड़क हादसा बेहद दुखद है। मैं इस दुर्घटना में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'


मिली जानकारी के मुताबिक, जिले के श्रीबालाजी कस्बे के पास एक ट्रक और क्रूजर में जबर्दस्त भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि इसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर कोहराम मच गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों और मृतकों को संभाला। हादसा कैसे हुआ इसका अभी पता नहीं चल पाया है। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नोखा अस्पताल पहुंचाया गया है । पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गये हैं।



प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब पौने आठ बजे नागौर जिले के श्रीबालाजी कस्बे के बाईपास पर हुआ। उस समय एक क्रूजर में सवार होकर 17 लोग कहीं जा रहे थे। इसी दौरान श्रीबालाजी कस्बे के बाईपास के पास एक ट्रक से क्रूजर की जोरदार भिड़ंत हो गई। भिड़ंत इतनी जबर्दस्त थी कि क्रूजर मलबे में तब्दील हो गई। इससे क्रूजर में सवार लोग उसमें फंसकर रह गये। दुर्घटना में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।

सूचना पर स्थानीय थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को नोखा अस्पताल भिजवाया। वहां तीन और घायलों ने दम तोड़ दिया। बाद में शेष घायलों का प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर रेफर कर दिया गया। हादसे बाद घटनास्थल पर सड़क खून से लाल हो गई। अभी तक मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी शिनाख्तगी के प्रयास कर रही है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। हादसे में 11 लोगों की मौत के समाचार से पूरा जिला स्तब्ध है। वहीं हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस भी वहां के हालात और चीख पुकार सुनकर सहम सी गई।


यूपी, हरियाणा, राजस्थान समेत इन राज्यों में आज होगी तगड़ी बारिश

उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों में आज तगड़ी बारिश होने की बात मौसम विभाग द्वारा कही गई है और साथ-साथ अलर्ट भी जारी किया है।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों में आज तगड़ी बारिश होने की बात मौसम विभाग द्वारा कही गई है और साथ-साथ अलर्ट भी जारी किया है।


मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ समेत राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्से में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हुई और पश्चिमी इलाके में भी कई स्थानों पर भी बारिश हुई। बारिश का यह दौर उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में आज भी जारी रहेगा।


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों में बारिश का अनुमान है। यूपी के खैर, इगलास, कासगंज क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। हरियाणा के होडल और औरंगाबाद क्षेत्र में बारिश का अनुमान है।

राजस्थान के विराटनगर, अलवर के आसपास के क्षेत्रों में गरज के साथ अगले कुछ घंटों में बारिश होगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, मिलक और चांदपुर के आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है।

यूपी, हरियाणा और राजस्थान के अलावा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार  मंगलवार से 1 सितंबर तक पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और कोंकण और गोवा के कई हिस्सों में तेज बारिश होगी।

आइएमडी ने अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिणी प्रायद्वीप के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश की उम्मीद है। पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ 1 सितंबर तक बढ़ने की संभावना है। 

वहीं, अगले 4-5 दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर पश्चिम भारत के आसपास के मैदानी इलाकों में छिटपुट बारिश की गतिविधि की संभावना है। उत्तराखंड के कई हिस्सों में अभी भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।


राजस्थान: 5 दरिदों ने किशोरी से किया गैंगरेप, 2 गिरफ्तार, 3 अभी भी फरार

मामला नागौर जिले का है जहां पांच दरिंदों द्वारा एक किशोरी के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपियों में एक नाबालिग है। पुलिस ने मामले मं 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और शेष तीन की तलाश कर रही है।

नागौर: राजस्थान में अब बच्चियों की अस्मत सुरक्षित नहीं रह गई है। आए दिन यहां रेप और गैंगरेप की खबरें सामने आती रहती है। ताजा मामले में एक बार फिर से एक किशोरी के साथ गैंगरेप होने की खबर सामने आई है। मामला नागौर जिले का है जहां पांच दरिंदों द्वारा एक किशोरी के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपियों में एक नाबालिग है। पुलिस ने मामले मं 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और शेष तीन की तलाश कर रही है। 

राजस्थान के नागौर जिले में एक 16 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। आरोप है कि पांच लोगों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। इसमें एक नाबालिग भी शामिल है। पीड़िता के घरवालों ने नागौर के जायल पुलिस थाने में रविवार को मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं सोमवार को नाबालिग को भी हिरासत में लेने में कामयाब रही। 


थाना इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़की के घरवालों का कहना है कि किशोरी को उसके पड़ोसी हरिप्रसाद ने पिछले सप्ताह गुरुवार को किसी काम से अपने घर बुलाया, जहां चार अन्य लोग पहले से ही मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने किशोरी के साथ कथित रूप से बलात्कार किया और घटना के बारे के किसी को बताने पर पीड़िता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। 

किशोरी के बदले हुए व्यवहार को देखते हुए घरवालों ने उससे इसकी वजह पूछनी शुरू कर दी। काफी समझाने-बुझाने के बाद उसने घटना के बारे में सबको बताया। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इसके बाद घरवालों पुलिस में केस दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि पड़ोसी को गिरफ्तार कर लिया गया और नाबालिग को भी हिरासत में ले लिया गया है। अन्य तीनों को भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। 


हाल-ए-लखनऊ: महिला सिपाही से छेड़छाड़, विरोध करने पर रॉड से किया जानलेवा हमला, आरोपी गिरफ्तार

अलीगंज थाने के पिंक स्कूटी पर तैनात महिला सिपाही पर गश्त के दौरान युवक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। विरोध पर लोहे की रॉड से हमला बोल दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में अब महिला खाकीधारी भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। यहां मनचलों के हौसलें इतनी बुलंदी पर हैं कि महिला पुलिसकर्मी तक के साथ छेड़-छाड़ जैसी घटनाएं कारित कर रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, अलीगंज थाने के पिंक स्कूटी पर तैनात महिला सिपाही पर गश्त के दौरान युवक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। विरोध पर लोहे की रॉड से हमला बोल दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ छेड़छाड़ व जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया।

मामले में प्राची सिंह (एडीसीपी, उत्तर), लखनऊ ने बताया कि बीते कल अलीगंज थाना क्षेत्र में गश्त कर रही महिला सिपाही पर एक युवक ने अभद्र टिप्पणी की। जब महिला ने युवक से टिप्पणी पर सवाल किए तो युवक अपने घर जाकर लोहे की रॉड लाया और महिला सिपाही को मारने लगा। वह अकेली थी अपने आप को बचा नहीं पाई। जब वहां पर कुछ लोग आए तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। घटना के एक घंटे बाद ही पुलिस ने मामले में FIR दर्ज़ कर अभियुक्त की गिरफ़्तारी की। आगे की कार्रवाई जारी है।

आरोपी प्रभात सिंह।

आरोपी प्रभात सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है


प्रभारी निरीक्षक पन्ने लाल यादव के मुताबिक, मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि खून से लथपथ सिपाही सड़क पर पड़ी थी और स्कूटी पास में गिरी पड़ी थी। एंबुलेंस से सिपाही को अस्पताल भेजा गया। पीड़िता के ठीक होने के बाद तहरीर पर आरोपी प्रभात सिंह के खिलाफ छेड़छाड़, सरकारी काम में बाधा, सरकारी कार्य के दौरान सिपाही पर हमला और जान से मारने की नियत से हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

आरोपी को पकड़कर पुलिस टीम थाने लेकर गई, जहां उससे देर रात तक पूछताछ की जा रही थी। उधर, प्रभात के पिता वैभव सिंह ने पुलिस को बताया कि प्रभात को मानसिक बीमारी है। उसका इलाज चल रहा है। लेकिन इसके संबंध में पुलिस को कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकें।


नोएडा: ट्रैक्टर्स से जोर आजमाइश करने वालों को बादलपुर थाने की पुलिस ने दबोचा, वार्निंग देकर छोड़ा

क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार से शिकायत की गई थी कि कुछ लोग अक्सर ट्रैक्टर्स का शक्ति प्रदर्शन करते हैं और उसमें हार-जीत के रूप में रकम तय करते हैं। यानि एक प्रकार से जुआं खेलते हैं।

नोएडा (बादलपुर): गौतमबुधनगर जिले की बादलपुर थाने की पुलिस ने आज ट्रैक्टर्स से जोर आजमाइश करने वालों को बादलपुर में उस समय दबोचा जब वहां कई ट्रैक्टर चालक अपने ट्रैक्टर्स लेकर पहुंचे थे। क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार से शिकायत की गई थी कि कुछ लोग अक्सर ट्रैक्टर्स का शक्ति प्रदर्शन करते हैं और उसमें हार-जीत के रूप में रकम तय करते हैं। यानि एक प्रकार से जुआं खेलते हैं।

बादलपुर थाने की पुलिस को आज जैसे ही इनके इकट्ठा होने का खबर मिली तुरंत फोर्स मौके पह पहुंची और अम्बेडकर पार्क के समीप लगभग आधा दर्जन ट्रैक्टरों को धर दबोचा। मौके पर 100 से अधिक लोग थे जो ट्रैक्टर्स की जोर आजमाइश देखने आए हुए थे। पुलिस को देखते ही ट्रैक्टर्स चालक मौके से भाग निकले जिसके बाद पुलिस ने सभी ट्रैक्टर्स को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।

मामले में थानाध्यक्ष दिनेश कुमार द्वारा सूझ-बूझ का परिचय देते हुए सभी ट्रैक्टर्स के मालिकों को बुलाया गया और उनके बच्चों को उनके कृत की जानकारी दी गई। अभिभावक भी अपने बच्चों के द्वारा की जा रही गलतियों के अनजान थे। लिहाजा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने सभी को चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया और कहा गया कि अगर इस तरह की गलती करते हुए दोबारा कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी।

वहीं, शरारत कर रहे लोगों द्वारा माफीनाफा थानाध्यक्ष को संबोधित करते हुए दिया गया और कहा गया कि वह आगे से इस तरह की कोई गलती नहीं करेंगे जो नियमों के विपरीत हो। खासकर ट्रैक्टर का शक्ति प्रदर्शन बिल्कुल भी नहीं करेंगे।

वहीं, दूसरी तरफ कुछ लोगों का यह भी कहना था कि ट्रैक्टर्स के शक्ति प्रदर्शन से किसी का भी नुकसान नहीं हो रहा था। जब पुलिस पहुंची तो वह खुद पुलिस का सम्मान करते हुए भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले एक जिप्सी में चार-पांच पुलिसकर्मी मौके पर थे लेकिन लोगों की संख्या अधिक होने की वजह से अतिरिक्त फोर्स मंगानी पड़ गई। जिसके बाद तीन वाहनों में पुलिसकर्मी पहुंचे फिर स्थिति नियंत्रण में आई।


तस्वीरों में देखें! जिला कारागार अलीगढ़ में किस तरह से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी

शासनादेश के मुताबिक, आज जिला कारागार अलीगढ़ में भी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कैदियों द्वारा भगवान कृष्ण के भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई।

अलीगढ़: आज भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जा रहा है। लेकिन कान्हा का जन्मदिन एक और जगह पर बेहद ही खास तरीके से मनाया जाता है। वह जगह है थाने और कारागार। जी हां! यूपी के समस्त थानों और जेलों में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव बड़े ही धूम-धाम से मनाए जाते हैं। 

शासनादेश के मुताबिक, आज जिला कारागार अलीगढ़ में भी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कैदियों द्वारा भगवान कृष्ण के भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री कृष्ण के जीवन पर प्रकाश डाला गया। विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि आज जन्माष्टमी के अवसर पर शासनादेश के मुताबिक, जिला कारागार में कैदियों द्वारा जन्माष्टमी मनाया गया और कृष्ण भजनों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई।

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'जो पहले खुशियों पर लगाते थे बंदिशें, अब बधाई देते हैं', मथुरा में बोले सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा पहले आपके पर्व-त्योहारों में बधाई देने के लिए न तो कोई मुख्यमंत्री आता था और न ही कोई मंत्री। लोग डरते थे कि उन्हें साम्प्रदायिक न मान लिया जाए। पर्व-त्योहारों में बंदिशे लगती थीं। अलर्ट जारी होता था कि रात 12 बजे बाद कोई भी कार्यक्रम नहीं करेंगे। अब तो ऐसी कोई बंदिश नहीं है, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म ही रात में 12 बजे होता है। अब तो हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया जाता है।

लखनऊ/मथुरा: आज भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव यानि जन्माष्टमी के अवसर पर सूबे की सीएम योगी आदित्यनाथ मथुरा दौरे पर थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज त्यौहरों पर बधाई देने के लिए होड़ लगी है। पहले आपके पर्व-त्योहारों में बधाई देने के लिए न तो कोई मुख्यमंत्री आता था और न ही कोई मंत्री। लोग डरते थे कि उन्हें साम्प्रदायिक न मान लिया जाए। पर्व-त्योहारों में बंदिशे लगती थीं। अलर्ट जारी होता था कि रात 12 बजे बाद कोई भी कार्यक्रम नहीं करेंगे। अब तो ऐसी कोई बंदिश नहीं है, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म ही रात में 12 बजे होता है। अब तो हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया जाता है। 

सीएम योगी ने आगे कहा कि आजादी के बाद रामनाथ कोविंद पहले राष्ट्रपति, जिन्होंने अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन किए। इससे पहले सरकारों में बैठे लोगों को पूजा करने में भी सांप्रदायिकता का भय होता था। जो पहले मंदिर जाने में संकोच करते थे, अब कहते हैं राम और कृष्ण हमारे हृदय में हैं। पहले हिन्दू त्योहारों पर न बिजली होती थी न पानी, राजनीतिक परिवर्तन के बाद मिलने लगी।

इस मौके पर सीएम योगी ने ब्रज के विकास का संकल्प दोहराय, उन्होंने कहा कि ब्रज तीर्थ विकास परिषद संतों के सानिध्य में है। रामलीला मैदान में आयोजित भव्य समारोह में संबोधन के बाद कृष्णजन्म स्थान स्थित भागवत भवन में की पूजा-अर्चना भी की। 

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ शाम करीब 4:58 बजे श्री कृष्ण जन्मस्थान पहुंचे। उन्होंने पहले केश‌वदेव के दर्शन किये और इसके बाद गर्भगृह में पहुंचकर ठाकुरजी के दर्शन किये। यहां से वह भागवत भवन पहुंचे, जहां पूजन अर्चन किया। यहां पर पुजारी ने उन्हें पगड़ी पहनाई और प्रसाद भेंट किया। 


नीमच कांड पर बोले सीएम शिवराज सिंह-'अपराधियों को कुचल कर रख दिया जाएगा, इसमें कोई कसर नही छोड़ेंगे', पुलिस ने आरोपी का घर ढहाया

शिवराज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "ऐसे कुकृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, कुचल दिया जाएगा। बाकी जो आरोपी थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसी कार्रवाई करेंगे कि ऐसी घटना करने से पहले कोई सोचे। अपराधियों को कुचल कर रख दिया जाएगा, इसमें कोई कसर नही छोड़ेंगे।"

बालाघाट/नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच में एक आदिवासी युवक की बेरहमी से हत्या किए जाने के मामले में सूबे के सीएम शिवराज सिंह ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी। नीमच की घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "ऐसे कुकृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, कुचल दिया जाएगा। बाकी जो आरोपी थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसी कार्रवाई करेंगे कि ऐसी घटना करने से पहले कोई सोचे। अपराधियों को कुचल कर रख दिया जाएगा, इसमें कोई कसर नही छोड़ेंगे।" सीएम शिवराज सिंह ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, दूसरी तरफ नीमच पुलिस ने केस में कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान को ध्वस्त कर दिया है।