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चीन को POK सौंप सकता है पाकिस्तान! इन इलाकों के बदले लेगा 19 हजार करोड़ का कर्ज

कंगाली की कगार पर पहुंचा पाकिस्तान 19 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के बदले गिलगित और बाल्तिस्टान के इलाकों को चीन के हवाले करने की फिराक में है। अपनी बदहाल आर्थिक हालत को सुधारने के लिए पाकिस्तान यह कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।



नई दिल्ली: कंगाली की कगार पर पहुंचा पाकिस्तान 19 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के बदले गिलगित और बाल्तिस्टान के इलाकों को चीन के हवाले करने की फिराक में है। अपनी बदहाल आर्थिक हालत को सुधारने के लिए पाकिस्तान यह कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार खत्म हो रहा है। बड़ी बैंक भी उसे कर्ज देने से मुंह मोड़ रही हैं। ऐसे में संभावना है कि पाकिस्तान अपने कब्जे वाले कश्मीर (POK) के इलाकों को भी चीन को सौंप सकता है।

दरअसल, पाकिस्तान के पास कर्ज चुकाने के लिए पैसा नहीं हैं। ऐसे में वह चालाकी से पीओके और गिलगित बाल्तिस्तान के इलाके चीन को बदले में देना चाहता है। वहीं चीन भी कोई मदद अगर पाकिस्तान को करता है तो वह भारत को ध्यान में रखकर ही करता है। दोनों की दोस्ती भारत की बुनियाद पर ही बनी है।

इन अरब देशों से कर्ज लेने पर मजबूर है पाक
पाकिस्तान UAE यानी युनाइटेड अरब अमीरात से 8 हजार करोड़ रुपए लेने जा रहा है। इसके लिए वह 20 सरकारी कंपनियों के 12 फीसदी से ज्यादा शेयर UAE को देगा। सऊदी अरब से भी 40 हजार करोड़ रुपए कर्ज लेने के लिए पाकिस्तान ने 2018 से अर्जी लगा रखी थी। फरवरी में ही सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 10 हजार करोड़ का कर्ज दिया है।

पीओके के कई इलाके चीन को दे सकता है पाकिस्तान
पाकिस्तान ने इतने कर्ज ले रखे हैं कि उसे चुकाने की भी उसकी हैसियत नहीं रह गई है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार लगातार खाली हो रहा है। इंटरनेशनल बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसी संस्थाएं भी उससे किनारा करने लगी हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से तो पाकिस्तान को 90 हजार करोड़ रुपए की हेल्प मिलने की कोई आस नहीं रह गई है। ऐसी आशंका है कि पाकिस्तान अपने कब्जे वाले पीओके के इलाकों को भी चीन को सौंप सकता है। पाकिस्तान ने गिलगित, बाल्टिस्तान और POK के 52 कानूनों को अपने हाथ में ले लिया है। इसके तहत पाकिस्तान सरकार को वहां की जमीन किसी भी देश को लीज पर देने का अधिकार मिल गया है।

गिलगित और बाल्तिस्तान के सीएम ने पाक सरकार पर लगाए आरोप
साल 2018 में पाकिस्तान सरकार ने गिलगित, बाल्टिस्तान और पीओके को और अधिकार देने की घोषणा की थी। गिलगित और बाल्तिस्तान के मुख्यमंत्री खालिद खुर्शीद खान ने पाकिस्तान सरकार पर 30 अरब रुपए की सहायता को मात्र 12 अरब रुपए करने का आरोप भी लगाया है। कर्ज के बदले पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान में हुंजा इलाके से चीन नियोबिम की बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है।


इजराइल में फिर से होंगे चुनाव, 2019 से 2022 के बीच 5वीं बार इलेक्शन, येर लैपिड संभालेंगे देश की कमान

इजराइल में 2019 से 2022 के बीच पांचवी बार इलेक्शन होने जा रहे हैं। नफ्ताली बेनेट के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गिर चुकी है और देश में एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइल में अक्टूबर के अंत में चुनाव हो सकते हैं।


नई दिल्ली: इजराइल में 2019 से 2022 के बीच पांचवी बार इलेक्शन होने जा रहे हैं। नफ्ताली बेनेट के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गिर चुकी है और देश में एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइल में अक्टूबर के अंत में चुनाव हो सकते हैं। इजरायली पीएम नफ्ताली बेनेट के साथ एक डील के तहत विदेश मंत्री यायिर लैपिड आने वाले कुछ दिनों के लिए देश की सत्ता पर आसीन होंगे।

नेतन्याहू को सत्ता से हटाकर सरकार बनाते समय बेनेट और लैपिड के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत मौजूदा फॉरेन मिनिस्टर कार्यवाहक पीएम बने रहेंगे। इसका अर्थ है कि अगले महीने इजरायल दौरे पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आगमन पर उनका स्वागत बेनेट के बजाय लैपिड करेंगे। इजरायल का सियासी गणित बहुत रोचक है। बेनेट सरकार के पास विपक्ष से सिर्फ एक सीट ज्यादा थी। इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। बहुमत के लिए 61 सीटें चाहिए। इजराइल में भी हमारे देश की तरह मल्टी पार्टी सिस्टम है और छोटी पार्टियां भी कुछ सीटें जीत जाती हैं। इसी वजह से किसी एक पार्टी को बहुमत पाना आसान नहीं होता। 

सोमवार को नफ्ताली बेनेट और यायिर लैपिड संसद भंग करने के लिए सहमत हो गए। कई हफ्तों से ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि इजरायल का सत्तारूढ़ गठबंधन टूट सकता है। एक संयुक्त वक्तव्य में बेनेट और लैपिड ने अपने दलों के बीच गठबंधन को तोड़ने की जानकारी दी। इसमें कहा गया कि दोनों संसद भंग करने के लिए एक विधेयक लेकर आएंगे और अक्टूबर में चुनाव होने की उम्मीद है।

इजराइली संसद एक विशेष बिल पास करके नए चुनाव की राह आसान कर देगी। तमाम पार्टियां नए चुनाव कराने का समर्थन कर चुकी हैं। लिहाजा, अब इस बिल का पास होना भी तय है। 2019 से 2022 के बीच यह पांचवां चुनाव होगा। कुछ दिन पहले ये माना जा रहा था कि पूर्व पीएम बेंजामिन नेतन्याहू समर्थन जुटाकर फिर प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने भी तय कर लिया कि नए चुनाव कराना ही बेहतर होगा। वैसे, नेतन्याहू के खिलाफ करप्शन केस चल रहा है। हालांकि कोर्ट ने माना है कि नेतन्याहू के खिलाफ पेश सबूत बहुत भरोसेमंद नहीं हैं।बेनेट सरकार में फॉरेन मिनिस्टर रहे येर लैपिड कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन उनके पास एक इलेक्टेड पीएम की तरह पावर्स नहीं होंगे। 

इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव इसी साल अक्टूबर के अंत में हो सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व पीएम नेतन्याहू की पार्टी फिर सरकार बना सकती है।  हालांकि, उसे अकेले स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना कम है। इसलिए हो सकता है कि वे चुनाव से पहले या बाद में गठबंधन के साथ सरकार बनाएं। इसी बीच नेतन्याहू ने हाल के समय में एक साक्षात्कार में कहा था कि 'बेनेट सरकार इजराइल के इतिहास में सबसे घटिया और कमजोर सरकार थी। मुझे उम्मीद है कि जब भी नए इलेक्शन होंगे तो मेरी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और हम देश को तेजी के साथ आगे ले जाएंगे।'


अमेरिका में ट्रेलर के भीतर 46 प्रवासियों के मिले शव!

मारे गए अधिकतर लोग दूसरे देशों से आए हैं, जो चोरी-छिपे अमेरिका में एंट्री करना चाहते थे। ये हाल-फिलहाल के उस तमाम हादसों में से एक है, जिसमें बेहतर जीवन की तलाश में अमेरिका में घुसने की कोशिश में लोगों की जानें गई हैं।

न्यूयॉर्क: अमेरिका में एक ट्रैक्टर-ट्रेलर के अंदर से 55 लोग मिले हैं, जिसमें से कम से कम 46 लोगों की मौत पहले ही हो चुकी है। इसे अमेरिका में अवैध प्रवास और जीवन रक्षण से जुड़े घुसपैठ का मामला माना जा रहा है।

 मारे गए अधिकतर लोग दूसरे देशों से आए हैं, जो चोरी-छिपे अमेरिका में एंट्री करना चाहते थे। ये हाल-फिलहाल के उस तमाम हादसों में से एक है, जिसमें बेहतर जीवन की तलाश में अमेरिका में घुसने की कोशिश में लोगों की जानें गई हैं। 

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ये लोग मालवाहक ट्रेलर में बैठकर अमेरिका में एंट्री कर रहे थे। लेकिन किसी वजह से अमेरिका एंट्री के बाद वो लोग निकल नहीं सके। दक्षिणी टेक्सास के सैन एंटोनियो में मिले इस ट्रेलर में 55 लोग सवार थे, जिसमें से 46 की मौत दम घुटने और खाने-पीने की कमी के चलते हो गई। ये सभी लोग मैक्सिको से अमेरिका में घुस रहे थे। इसे हाल फिलहाल का इस तरह का सबसे बड़ा हादसा माना जा रहा है।


जी-7 समिट:पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने की 'चाय पर चर्चा'

जर्मन चांसलर से मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट किया, "स्कोल्ज के साथ शानदार मुलाकात की। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए उनका धन्यवाद।

नई दिल्ली: जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए जर्मनी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ 'चाय पर चर्चा' की।

पीएम मोदी ने मैक्रों के साथ चाय पीते हुए उनकी तस्वीरें साझा कीं। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से मुलाकात की थी।

जर्मन चांसलर से मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट किया, "स्कोल्ज के साथ शानदार मुलाकात की। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए उनका धन्यवाद। 

हमने वाणिज्य और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। हमने अपने ग्रह के लिए पर्यावरण के अनुकूल विकास को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया।"

इस दौरान प्रधानमंत्री ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से भी मुलाकात की।


अमेरिका में गर्भपात कानून पर SC के फ़ैसले का जमकर हो रहा विरोध, सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फ़ैसले में गर्भपात को क़ानूनी तौर पर मंज़ूरी देने वाले पांच दशक पुराने फ़ैसले को पलट दिया है जिसके बाद देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं।

न्यूयॉर्क: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फ़ैसले में गर्भपात को क़ानूनी तौर पर मंज़ूरी देने वाले पांच दशक पुराने फ़ैसले को पलट दिया है जिसके बाद देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। अब महिलाओं के लिए गर्भपात का हक़ क़ानूनी रहेगा या नहीं इसे लेकर अमेरिका के अलग-अलग राज्य अपने-अपने अलग नियम बना सकते हैं।

माना जा रहा है कि इसके बाद आधे से अधिक अमेरिकी राज्य गर्भपात क़ानून को लेकर नए प्रतिबंध लागू कर सकते हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) के बाहर गर्भपात के अधिकार को लेकर प्रदर्शन किया गया। कई दूसरे राज्यों में महिलाओं समते सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के समर्थक और विरोधी दोनों तरह के लोग वाशिंगटन डीसी और दूसरे शहरों में सड़कों पर उतरे। लॉस एंजिल्स में डाउनटाऊन सैन जोस से सीजर शावेज प्लाजा पार्क तक एक बड़े मार्च में बदल दिया गया। प्रो अबॉर्शन अधिकार प्रदर्शनकारियों ने 25 जून को वाशिंगटन की सड़कों के माध्यम से प्रदर्शनों के जरिए लगातार दूसरे दिन मार्च किया। 

प्रदर्शनकारियों को वाशिंगटन में सुप्रीम कोर्ट की इमारत के बाहर नारे लगाते हुए दिखाया गया है। लोगों का कहना था कि ये फैसला बरकरार नहीं रहना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कानूनी गर्भपात की मांग की।


विश्व स्वास्थ्य नेटवर्क ने मंकीपॉक्स को महामारी घोषित किया

इस समय मंकीपॉक्स का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इस वायरस ने 42 देशों में 3,417 लोगों को संक्रमित किया है। इसको देखते हुए वैज्ञानिक और नागरिक टीमों के वैश्विक सहयोग विश्व स्वास्थ्य नेटवर्क (डब्ल्यूएचएन) ने गुरुवार को मंकीपॉक्स को महामारी घोषित किया। यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की गुरुवार को होने वाली बैठक से पहले की गई है।

नई दिल्ली: इस समय मंकीपॉक्स का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इस वायरस ने 42 देशों में 3,417 लोगों को संक्रमित किया है। इसको देखते हुए वैज्ञानिक और नागरिक टीमों के वैश्विक सहयोग विश्व स्वास्थ्य नेटवर्क (डब्ल्यूएचएन) ने गुरुवार को मंकीपॉक्स को महामारी घोषित किया। यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की गुरुवार को होने वाली बैठक से पहले की गई है।

डब्ल्यूएचएन ने संक्रमण के मामलों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट मंकीपॉक्समीटर का हवाला देते हुए कहा कि अब 58 देशों में 3,417 पुष्ट मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं, और इसका प्रकोप तेजी से कई महाद्वीपों में फैल रहा है।

डब्ल्यूएचएन ने मंकीपॉक्स को आपदा बनने से रोकने के लिए डब्ल्यूएचओ और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम संगठनों द्वारा तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

इसने कहा कि भले ही मृत्युदर चेचक की तुलना में बहुत कम है, लेकिन इसके फैलाव को रोकने के लिए अगर ठोस वैश्विक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो संक्रमण से लाखों लोगों की मौत हो जाएगी और कई संक्रमित लोग अंधे और विकलांग हो जाएंगे।

महामारी विज्ञानी, स्वास्थ्य अर्थशास्त्री और डब्ल्यूएचएन के सह-संस्थापक एरिक फीगल-डिंग ने एक बयान में कहा, "डब्ल्यूएचओ को तत्काल अपने स्वयं के सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल को अंतर्राष्ट्रीय चिंता (पीएचईआईसी) घोषित करने की जरूरत है - जनवरी 2020 की शुरुआत में तुरंत (कोविड-19) को पीएचईआईसी घोषित नहीं करने के सबक को इतिहास के सबक के रूप में याद किया जाना चाहिए। यह समझना चाहिए कि महामारी का मतलब दुनिया के लिए हो सकता है।"


न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स सिस्टम इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष और डब्ल्यूएचएन के सह-संस्थापक यानीर बार-यम ने कहा, "मंकीपॉक्स महामारी के और बढ़ने की प्रतीक्षा करने का कोई औचित्य नहीं है। अब आवश्यक कार्यो के लिए केवल लक्षणों के बारे में स्पष्ट सार्वजनिक संचार, व्यापक रूप से उपलब्ध टेस्ट और बहुत कम आइसोलेशन के साथ कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जरूरत है। इसमें देरी किसी भी प्रयास को मुश्किल बनाती है और उसका अधिक गंभीर परिणाम सामने आता है।"

अब तक ज्यादातर मामले वयस्कों में हुए हैं, लेकिन बच्चों में किसी भी तरह के फैलाव से मामले गंभीर हो सकते हैं और अधिक मौतें हो सकती हैं। जानवरों, विशेष रूप से चूहों और अन्य छोटे जंतुओं, बल्कि पालतू जानवरों में संक्रमण होने पर प्रकोप को फैलने से रोकना और भी मुश्किल हो जाएगा। निष्क्रिय रूप से प्रतीक्षा करने से बिना किसी क्षतिपूर्ति लाभ के ये नुकसान होंगे।

मंकीपॉक्स एक ऐसा वायरस है, जिसमें गंभीर दर्दनाक बीमारी सहित जनता को महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाने की क्षमता है, जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत हो सकती है और इसके परिणामस्वरूप मृत्यु, त्वचा पर निशान, अंधापन और अन्य दीर्घकालिक विकलांगता हो सकती है। गंभीर बीमारी की चपेट में सबसे अधिक बच्चे, गर्भवती और वे लोग शामिल हैं जो प्रतिरक्षा से समझौता करते हैं।


पाकिस्तान: इमरान खान की जान को खतरा, PTI के कई नेताओं ने जताई चिंता

पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी विभाग ( Counter Terrorism Department) के खैबर पख्तूनख्वा विंग ने अलर्ट किया है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ( PTI) के प्रमुख इमरान खान की हत्या की योजना बनाई जा रही है।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के कत्ल की साजिश को लेकर एक बार फिर शोर मच गया है। 

पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी विभाग ( Counter Terrorism Department) के खैबर पख्तूनख्वा विंग ने अलर्ट किया है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ( PTI) के प्रमुख इमरान खान की हत्या की योजना बनाई जा रही है।

इसके लिए स्थानीय आतंकवादियों ने अफगानिस्तान में एक कुख्यात हत्यारे से मदद मांगी है। इसके बाद पाकिस्तान की सियासत और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सरगर्मी तेज हो गई है।

पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक ‘जंग’ की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकवाद विरोधी विभाग ( CTD) ने इस अलर्ट के बाद सुरक्षा और खुफिया कामों में लगे सभी सरकारी एजेंसियों को इमरान खान की सुरक्षा के लिए हर संभव इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। 

अखबार ने एक सीनियर पुलिस अफसर का हवाला देते हुए बताया है कि एटीएस विभाग ने 18 जून को सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया था। अलर्ट के साथ धमकी की खबर को गोपनीय रखने और सोशल मीडिया पर लीक होने से रोकने के आदेश थे।

लगभग ढ़ाई महीने पहले हाई प्रोफाइल पॉलिटिकल ड्रामे के बाद प्रधानमंत्री पद से हटाए गए पीटीआई प्रमुख इमरान खान की जान के खतरे लेकर उनकी पार्टी के कई नेताओं ने चिंता जताई है।

पीटीआई नेता फैयाज चौहान ने साफ कहा है कि उनके पास जानकारी है कि कुछ लोगों ने अफगानिस्तान के आतंकवादी और कुख्यात हत्यारे ‘कोच्चि’को इमरान खान की कत्ल करने का आदेश या सुपारी दिया है। 

विश्वास मत हारकर सत्ता से बाहर हुए इमरान खान नई सरकार के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं।


अफगानिस्तान: काबुल में गुरुद्वारे पर आतंकी हमला, भारत बोला-हालात पर है हमारी नजर

मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के हवाले से एक बयान में कहा गया है, हम काबुल से शहर के एक पवित्र गुरुद्वारे पर हमले की खबरों से बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा, हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और सामने आने वाले घटनाक्रम पर और विवरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

काबुल: विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि वह अफगानिस्तान की राजधानी में एक गुरुद्वारे पर हुए हमले के बाद काबुल में स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के हवाले से एक बयान में कहा गया है, हम काबुल से शहर के एक पवित्र गुरुद्वारे पर हमले की खबरों से बेहद चिंतित हैं।

उन्होंने कहा, हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और सामने आने वाले घटनाक्रम पर और विवरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

शनिवार की सुबह काबुल के कार्त-ए-परवान इलाके में गुरुद्वारे के पास एक व्यस्त सड़क पर दो धमाके हुए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की एक रिपोर्ट में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया है कि पहला धमाका सुबह करीब छह बजे हुआ और दूसरा धमाका उसके आधे घंटे बाद हुआ।

सुरक्षा बलों ने एहतियात के तौर पर इलाके की घेराबंदी कर दी है।

विस्फोट के बाद आसमान में घने धुएं का एक गुबार छा गया और राजधानी शहर के निवासियों की बीच दहशत फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट में लोगों के हताहत होने की भी संभावना है।


चीन, मलेशिया और तुर्की की चाल नाकाम, FATF की ग्रे लिस्ट से पाक नहीं हो सका बाहर

आतंक पर लगाम और कार्रवाई करने के मोर्चे पर पाकिस्तान को झटका लगा है। ग्लोबल टेरर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने कहा है कि पाकिस्तान को तुरंत ग्रे लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा और ऑनसाइट विजिट के बाद ही फैसला लिया जाएगा।

नई दिल्ली: आतंक पर लगाम और कार्रवाई करने के मोर्चे पर पाकिस्तान को झटका लगा है। ग्लोबल टेरर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने कहा है कि पाकिस्तान को तुरंत ग्रे लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा और ऑनसाइट विजिट के बाद ही फैसला लिया जाएगा।

जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने दो एक्शन प्लान्स पूरे कर लिए हैं। क्या सुधारों का कार्यान्वयन शुरू हो गया है और यह लगातार हो रहा है, इसे वेरिफाई करने के लिए साइट पर दौरे की जरूरत है। यह भी देखने की जरूरत है कि 'भविष्य में कार्यान्वयन और सुधार को बनाए रखने के लिए जरूरी राजनीतिक प्रतिबद्धता बनी रहे'। हालांकि एफएटीएफ ने पाकिस्तान के उठाए गए कदमों का स्वागत किया है। 34 एक्शन पॉइंट्स पर लिए गए एक्शन को भी स्वीकार किया है।

बता दें कि पाकिस्तान मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को पनाह और फंडिंग देने में फेल रहने की वजह एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में साल 2018 से है। अक्टूबर 2019 तक पूरा करने के लिए उसे एक कार्ययोजना दी गई थी। लेकिन वह इसमें भी फेल हो गया और अब तक इस सूची में बना हुआ है।


ना'पाक चीन का हाथ पाक के साथ, आतंकी मक्की को ग्लोबल टेरर लिस्ट में डालने का ड्रैगन ने किया विरोध

लश्कर के कुख्यात आतंकी और उपप्रमुख अब्दुल रहमान मक्की (Abdul Rehman Makki) को यूएन अंतर्राष्ट्रीय आतंकी की सूची में डालने का चीन ने विरोध किया है। हाफिज सईद (Hafiz Saeed) के साले अब्दुल रहमान मक्की पर यूएस ने 2 मिलियन डॉलर का अवार्ड रखा है। मक्की भारत और अमेरिका की आतंकी सूची में शामिल है।

नई दिल्ली: पाकिस्तान की जमीन से चल रहे ग्लोबल टेररिज्म (Global Terrorism) को चीन किस तरह संरक्षण दे रहा है, उसका एक और सच दुनिया के सामने आया है। लश्कर के कुख्यात आतंकी और उपप्रमुख अब्दुल रहमान मक्की (Abdul Rehman Makki) को यूएन अंतर्राष्ट्रीय आतंकी की सूची में डालने का चीन ने विरोध किया है। हाफिज सईद (Hafiz Saeed) के साले अब्दुल रहमान मक्की पर यूएस ने 2 मिलियन डॉलर का अवार्ड रखा है। मक्की भारत और अमेरिका की आतंकी सूची में शामिल है।

मक्की को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के अल कायदा (दाएश) और आई एस आई एल सैंक्शन कमेटी में डालने का साझा प्रस्ताव भारत और अमेरिका ने 1 जून को दिया था। लश्कर और जमात उद दावा यूएन के आतंकी संगठनों की सूची में शामिल है जिसकी प्रमुख जिम्मेदारी मक्की संभाल रहा है। बावजूद इसके भारत और अमेरिका के प्रस्ताव का विरोध करते हुए चीन ने पाकिस्तान के जमीन पर जारी आतंक और उसके प्रमुख आतंकी चेहरे को बचाने का काम किया है। चीन ने इस प्रस्ताव पर टेक्निकल होल्ड लगाकर मामले को 6 महीने के लिए लटका दिया है।

मक्की के खिलाफ टेरर फंडिंग का मामला पाकिस्तान की अदालत में भी आया था और 15 मई 2019 में उसकी गिरफ्तारी भी हुई और हाउस अरेस्ट रखा गया। साल 2020 में टेरर फाइनेंस के केस में मक्की को कनविक्ट भी किया गया और जेल की सजा सुनाई गई। इन तमाम साक्ष्यों के बावजूद चीन का यह कदम ग्लोबल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने वाला है और पाकिस्तान को एक आतंकी देश के रूप में फलने फूलने में मददगार है।

यूएन में भारत और यूएस के प्रस्ताव का चीन ने विरोध कर एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रैगन का हाथ आतंक के साथ है। मक्की भारत में आतंकी हमले, आतंकियों की भर्ती, फंड रेसिंग सहित विशेष रूप से J&K की आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। Let और Jud के प्रमुख पदों पर रहा मक्की 26/11 हमले में अहम किरदार रहा तो वहीं लाल किला आतंकी हमले का भी मास्टरमाइंड रहा है। 1 जनवरी 2008 में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले, 12-13 फरवरी श्रीनगर के करण नगर में हुआ आतंकी हमला, 2018 में ही हुए गुरेज और बांदीपुरा के आतंकी हमले में भी मक्की का नाम आया था, के आतंकी हमले में भी शामिल रहा है।



पैगम्बर विवाद: नुपुर शर्मा के बयान की US ने भी की आलोचना, कही ये बड़ी बात

अमेरिका ने बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता के बयान की निंदा करते हुए कहा कि वह भारत को मानवाधिकारों (Human Rights) के सम्मान को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करता है।

नई दिल्ली: पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) पर नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) की ओर से की गई टिप्पणी का मुद्दा अमेरिका (America) में पहुंच गया है। अमेरिका ने बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता के बयान की निंदा करते हुए कहा कि वह भारत को मानवाधिकारों (Human Rights) के सम्मान को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करता है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस (Ned Price) ने गुरुवार को कहा कि हमने भाजपा के दो पदाधिकारियों की ओर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा की है। हमें यह देखकर खुशी हुई कि पार्टी ने सार्वजनिक रूप से उनके बयानों की निंदा की।

नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका नियम‍ित तौर पर भारत सरकार के वरिष्‍ठ नेताओं के स्‍तर पर मानवाधिकारों को लेकर उठ रही चिंताओं पर बात करता रहता है। इसमें धर्म या विश्‍वास को मानने की आजादी शामिल है। उन्‍होंने कहा, 'हम भारत को मानवाधिकारों के सम्‍मान के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।'

नूपुर के पैगंबर पर टिप्‍पणी से मुस्लिम देशों में गुस्‍सा भड़क उठा था। इस पूरे मुद्दे को पाकिस्‍तान ने भी जमकर हवा दी थी। बीजेपी ने नूपुर शर्मा के खिलाफ ऐक्‍शन लेते हुए उन्‍हें निलंबित कर दिया है। बावजूद इसके देश में उनके खिलाफ प्रदर्शन जारी है।



श्रीलंका में हालात और बिगड़े, केवल 5 दिन का ही बचा तेल, भारत पर टिकी नजरें

श्रीलंका बेलआउट पैकेज के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आइएमएफ के साथ भी बातचीत कर रहा है। 20 जून को आइएमएफ के एक प्रतिनिधिमंडल के श्रीलंका पहुंचने की उम्मीद है।

कोलंबो: श्रीलंका में हालात बेहद खराब हो गए हैं। समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री ने गुरुवार को बताया कि देश में अब लगभग पांच दिनों का ही ईंधन स्‍टाक बचा है।

श्रीलंका ईंधन के लिए 500 मिलियन डालर की नई क्रेडिट लाइन के लिए भारत सरकार की मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहा है। श्रीलंका सात दशकों में अपने सबसे खराब वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर रिकार्ड निचले स्तर पर आ गया है।

श्रीलंका में भोजन, दवा और ईंधन समेत जरूरी आयात के भुगतान के लिए बचा-खुचा विदेशी मुद्रा भंडार भी तेजी से खत्‍म हो रहा है। देशभर में गैस स्टेशनों पर किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी हुई है। इसको लेकर छिटपुट विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 

आलम यह है कि वाहन मालिकों को पेट्रोल और डीजल के लिए रातभर इंतजार करना पड़ रहा हैं। देश में ईंधन का जो स्‍टाक है उसे कुछ उद्योगों और जरूरी सेवाओं के लिए ही उपलब्ध कराया जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकेरा ने कहा कि श्रीलंका आपूर्तिकर्ताओं को 725 मिलियन डालर का भुगतान करने में असमर्थ है। सरकार 21 जून तक डीजल और पेट्रोल के मौजूदा स्‍टाक का प्रबंधन करने के लिए काम कर रही है। 

श्रीलंका बेलआउट पैकेज के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आइएमएफ के साथ भी बातचीत कर रहा है। 20 जून को आइएमएफ के एक प्रतिनिधिमंडल के श्रीलंका पहुंचने की उम्मीद है।


FATF ग्रे लिस्ट से पाक को निकालना चाह रहा चीन, तुर्की-मलेशिया के साथ मिलकर चली ये ना'पाक चाल

पड़ोसी मुल्क पाकिस्‍तान की शहबाज शरीफ सरकार ने देश को FATF की ग्रे लिस्‍ट से निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। इस कोशिश में पाकिस्तान को चीन के साथ-साथ तुर्की और मलेशिया का भी साथ मिल रहा है।

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क पाकिस्‍तान की शहबाज शरीफ सरकार ने देश को FATF की ग्रे लिस्‍ट से निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। इस कोशिश में पाकिस्तान को चीन के साथ-साथ तुर्की और मलेशिया का भी साथ मिल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन तीनों देशों ने पाकिस्तान की मुश्किल आसान करने के लिए कूटनीतिक दांव लगाना शुरू कर दिया है। भारत के खिलाफ चीन की चालाकी कोई नई बात नहीं है और इसमें अब उसे मलेशिया और तुर्की का भी साथ मिल रहा है।

चीन और पाकिस्तान का गठजोड़ भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ता है। अब पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में से निकालन के लिए चीन, तुर्की और मलेशिया भी साथ आ गए हैं। इससे पाकिस्‍तान के ग्रे लिस्‍ट से निकलने की संभावना काफी बढ़ गई है।

पाकिस्तान चीन, तुर्की और मलेश‍िया की मदद से विश्व स्तर पर धनशोधन और आतंकवादी वित्तपोषण के खतरों से निपटने वाले ‘वित्तीय कार्रवाई कार्यबल’ (FATF) की ‘ग्रे’ सूची से बाहर निकल सकता है। पाकिस्‍तान ने ग्रे लिस्‍ट से निकलने के लिए व्यापक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास किए हैं। मीडिया की एक खबर में मंगलवार को यह जानकारी दी गई है।

बता दें कि पाकिस्तान को जून 2018 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाला था। अक्टूबर 2018, 2019, 2020, अप्रैल 2021, अक्टूबर 2021 और मार्च 2022 में हुए रिव्यू में भी पाक को राहत नहीं मिली थी। इस बार की बैठक 14 जून से 17 जून तक जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित की जा रही है।


गंभीर आरोप: 'अदाणी के लिए PM मोदी ने डाला दबाव...', आरोप को दोहरा श्रीलंका के CEB प्रमुख ने दिया इस्तीफा

श्रीलंका के सरकारी बिजली आपूर्तिकर्ता सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीईबी) के अध्यक्ष ने अदाणी समूह को श्रीलंका की अक्षय ऊर्जा परियोजना आवंटन को लेकर सोमवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अदाणी समूह के बारे में दिए गए विवादित बयानों को दोहराने के बाद इस्तीफा दे दिया।

कोलंबो:  श्रीलंका के सरकारी बिजली आपूर्तिकर्ता सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीईबी) के अध्यक्ष ने अदाणी समूह को श्रीलंका की अक्षय ऊर्जा परियोजना आवंटन को लेकर सोमवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अदाणी समूह के बारे में दिए गए विवादित बयानों को दोहराने के बाद इस्तीफा दे दिया।

सीईबी अध्यक्ष एम.एम.सी. फर्डिनांडो ने अपना इस्तीफा सौंप दिया और ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकारा ने एक ट्विटर संदेश में कहा कि उन्होंने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि सीईबी प्रमुख ने बाद में यह दावा करते हुए सीओपीई को वापस ले लिया कि उन्होंने थकावट और खराब भावनात्मक स्थिति में बयान दिया था।


फर्डिनांडो ने पिछले हफ्ते संसद की सार्वजनिक उद्यम समिति (सीओपीई) को बताया था कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने उन्हें बताया था कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने उन पर भारत के अदाणी समूह को पवन ऊर्जा परियोजना देने का दबाव डाला था। राष्ट्रपति राजपक्षे ने फर्डिनांडो के बयान का खंडन किया और कहा कि उन्होंने मन्नार में किसी व्यक्ति या किसी संस्था को पवन ऊर्जा परियोजना देने का अधिकार कभी नहीं दिया।

राष्ट्रपति के मीडिया डिवीजन ने एक बयान जारी करते हुए कहा, 'श्रीलंका में इस समय बिजली की भारी कमी है और राष्ट्रपति जल्द से जल्द मेगा बिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने की इच्छा रखते हैं। हालांकि ऐसी परियोजनाओं के आवंटन में किसी भी अनुचित प्रभाव का उपयोग नहीं किया जाएगा।'

बयान में आगे कहा गया, 'बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए परियोजना प्रस्ताव सीमित हैं, लेकिन परियोजनाओं के लिए संस्थानों के चयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह श्रीलंका सरकार द्वारा पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली के अनुसार सख्ती से किया जाएगा।


पैगम्बर विवाद: कुवैत में नूपुर शर्मा का विरोध कर रहे लोगों का वीजा हुआ रद्द

नूपुर शर्मा पर खाड़ी देशों में भारी विरोध के बाद भारत की निंदा करने वाले कुवैत ने अब पैगंबर विवाद में अपने देश में प्रदर्शन कर रहे प्रवासी प्रदर्शनकारियों को अरेस्‍ट करके निकालने का फैसला किया है। कुवैत ने कहा है कि पैगंबर को लेकर नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सभी प्रदर्शनकारियों को निकालने जा रहा है।

नई दिल्ली: नूपुर शर्मा पर खाड़ी देशों में भारी विरोध के बाद भारत की निंदा करने वाले कुवैत ने अब पैगंबर विवाद में अपने देश में प्रदर्शन कर रहे प्रवासी प्रदर्शनकारियों को अरेस्‍ट करके निकालने का फैसला किया है। कुवैत ने कहा है कि पैगंबर को लेकर नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सभी प्रदर्शनकारियों को निकालने जा रहा है।

कुवैत का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन करके देश के कानूनों और नियमों का उल्‍लंघन किया है। एक तरफ कुवैत जहां प्रदर्शन करने पर सख्‍त ऐक्‍शन ले रहा है, वहीं भारत में यूपी से लेकर बंगाल हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत में उपद्रवियों के खिलाफ सरकारी ऐक्‍शन का विरोध किया जा रहा है।


अरब टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत के कानून के मुताबिक कुवैत में बड़ी संख्‍या में भारतीय और पाकिस्‍तानी काम करते हैं और प्रवासियों का कुवैत में प्रदर्शन करना पूरी तरह से बैन है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुवैत के अधिकारी प्रदर्शन करने वाले प्रवासियों को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया में हैं और उन्‍हें इसके बाद डिपोर्टेशन सेंटर में भेजा जाएगा जहां से उन्‍हें उनके देश भेज दिया जाएगा। यही नहीं ये लोग अब दोबारा कभी कुवैत आ भी नहीं पाएंगे।


पाकिस्तान: पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की हालत बिगड़ी, शरीर के अंगों ने काम करना किया बंद, सोशल मीडिया पर उड़ी मौत की अफवाह

परिवार की तरफ से जारी मैसेज में कहा गया है कि वह वेंटीलेटर पर नहीं हैं। परिवार ने लोगों से गुजारिश की है कि वह मुशर्रफ के लिए दुआ करें। परिवार ने यह भी कहा है कि कि उनकी रिकवरी अब संभव नहीं है। यह मैसेज मुशर्रफ के ट्विटर हैंडल पर जारी किया गया है।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की हालत गंभीर बताई जा रही है। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक मुशर्रफ के करीबी सहयोगी और पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। 


फवाद चौधरी ने कहा, "मैंने अभी दुबई में जनरल मुशर्रफ के बेटे बिलाल से बात की है, जिन्होंने पुष्टि की कि वह (मुशर्रफ) वेंटिलेटर पर हैं।" 


इस बीच कुछ न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर परवेज मुशर्रऱ के निधन की भी खबरें आ रही हैं। इन रिपोर्टों को फर्जी करार देते हुए उनकी पार्टी ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) ओवरसीज के अध्यक्ष इफज़ाल सिद्दीकी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति थोड़े बीमार हैं लेकिन पूरी तरह से सतर्क हैं। "जनरल परवेज मुशर्रफ घर पर (थोड़ा) बीमार हैं, लेकिन हमेशा की तरह पूरी तरह से सतर्क हैं, कृपया फर्जी समाचार न सुनें। बस प्रार्थना करें उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए, अमीन," सिद्दीकी ने कहा।

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ अस्पताल में जीवन और मृत्यु से जूझ रहे हैं। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। परिवार की तरफ से जारी मैसेज में कहा गया है कि वह वेंटीलेटर पर नहीं हैं। परिवार ने लोगों से गुजारिश की है कि वह मुशर्रफ के लिए दुआ करें। परिवार ने यह भी कहा है कि कि उनकी रिकवरी अब संभव नहीं है। यह मैसेज मुशर्रफ के ट्विटर हैंडल पर जारी किया गया है।

बता दें मुशर्रफ मार्च 2016 से ही दुबई में रह रहे हैं और लंबे वक्त से बीमार चल रहे हैं। मुशर्रफ ने 1999 से 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया था। इससे पहले वो आर्मी चीफ भी रहे। भारत और पाकिस्तान के बीच हुई कारगिल की जंग के लिए मुशर्रफ को ही सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाता है। मुशर्रफ ही वो शख्स थे जिन्होंने नवाज शरीफ का तख्तापलट किया था। इस पूर्व सैन्य तानाशाह को विशेष अदालत ने 2019 में राजद्रोह का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। वह पाकिस्तान के इतिहास में पहले सैन्य शासक हैं, जिन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। लेकिन इलके पहले ही मुशर्रफ इलाज के लिए दुबई चले गये और फिर कभी वापस नहीं लौटे।


अमेरिका के मैरीलैंड में गोलीबारी में 3 की मौत, 1 घायल

अमेरिकी राज्य मैरीलैंड के स्मिथसबर्ग में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

वाशिंगटन: अमेरिकी राज्य मैरीलैंड के स्मिथसबर्ग में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, घटना गुरुवार दोपहर की है।

वाशिंगटन काउंटी शेरिफ कार्यालय के नवीनतम प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अधिकारी दोपहर लगभग 2:30 बजे घटनास्थल पर चार पीड़ित मिले।

पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया। बाद में मैरीलैंड स्टेट पुलिस ने संदिग्ध के वाहन को देखा।

विज्ञप्ति के अनुसार, संदिग्ध और एक सैनिक के बीच गोलीबारी हुई।

दोनों घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस घटना के संबंध में समुदाय के लिए कोई सक्रिय सक्रिय खतरा नहीं है।

कई संघीय एजेंसियों ने घटना की जांच में सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है।

स्मिथसबर्ग वाशिंगटन, डी.सी. से लगभग 110 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में है।

यह सामूहिक गोलीबारी की एक श्रृंखला का नया हिस्सा है जिसने पिछले हफ्तों में अमेरिका को हिलाकर रख दिया है।

अमेरिकी सांसद बंदूक नियंत्रण कानून पर चर्चा कर रहे हैं लेकिन क्या वार्ता सफल होगी, इसके बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।


पाकिस्तान में नूपुर शर्मा विवादित बयान पर हिंदू मंदिर पर फिर हमला, उपद्रवियों ने तोड़ीं मूर्तियां

पैगंबर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद लेक्चर देने वाले पाकिस्तान में एक बार फिर से अल्पसंख्यकों की आस्था पर हमला हुआ है। बुधवार को कराची शहर के कोरांगी इलाके के श्री मारी माता मंदिर में कुछ उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की।

नई दिल्ली: पैगंबर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद लेक्चर देने वाले पाकिस्तान में एक बार फिर से अल्पसंख्यकों की आस्था पर हमला हुआ है। बुधवार को कराची शहर के कोरांगी इलाके के श्री मारी माता मंदिर में कुछ उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की।

इस दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी तोड़ डाला गया। इस घटना ने हिंदू समुदाय के लोगों में डर पैदा कर दिया है। फिलहाल बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कोई और उपद्रव न हो सके।

कराची में हिंदू मंदिर पर यह हमला ठीक उस वक्त हुआ है, जब कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान ने नूपुर शर्मा की टिप्पणी पर भारत को ज्ञान देने की कोशिश की थी। हालांकि इस पर भारत ने भी तीखा रिएक्शन दिया था और उसे अपने देश में रह रहे अल्पसंख्यकों का ख्याल रखने को कहा था।

इलाके में रहने वाले संजीव ने पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून से बातचीत में कहा कि 6 से 8 लोग मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए और मंदिर में तोड़फोड़ कर चले गए। उन्होंने कहा कि हम नहीं जानते हैं कि यह हमला किन लोगों ने और क्यों किया है। हमने इस अटैक के बाद पुलिस में संपर्क किया ताकि केस दर्ज हो सके। कोरांगी के एसएचओ फारूक संजरानी ने कहा, '5 से 6 अज्ञात लोग मंदिर में पहुंचे थे और तोड़फोड़ कर भाग निकले।'

पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों पर अकसर अटैक होते रहे हैं। इससे पहले बीते साल अक्टूबर में सिंधु नदी के किनारे कोटरी में स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर में भी तोड़फोड़ की गई थी।


27 देशों में मंकीपाक्स के 780 मामलों की पुष्टि, जानिए-क्या है राहत एवं बचाव के उपाय

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 13 मई से दो जून के बीच इन देशों में मंकीपाक्स के कुल मामले 257 से बढ़कर 780 हो गए हैं। इस तरह में इनमें 523 की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इन देशों में मंकीपाक्स की वजह से अभी कोई मौत होने की खबर नहीं है।

जेनेवा: डब्ल्यूएचओ ने कहा कि विश्व के गैर स्थानिक 27 देशों में मंकीपाक्स के 780 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। गैर स्थानिक वो देश हैं जहां यह बीमारी बाहर से आई है। संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक स्वास्थ्य संस्था ने कहा है कि 29 मई के बाद से गैर स्थानिक देशों में मंकीपाक्स के मामलों में 203 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 13 मई से दो जून के बीच इन देशों में मंकीपाक्स के कुल मामले 257 से बढ़कर 780 हो गए हैं। इस तरह में इनमें 523 की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इन देशों में मंकीपाक्स की वजह से अभी कोई मौत होने की खबर नहीं है।

मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) सहित दुनियाभर के बड़े स्वास्थ्य संगठनों ने चिंता जताई है। डब्ल्यूएचओ इस बीमारी को गंभीरता से ले रहा है और मंकीपॉक्स वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। संगठन ने कहा है कि यह वायरस शुरुआती चरण में और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने बहुत जरूरी हैं।

डब्ल्यूएचओ की अधिकारी मारिया वैन कारखेव ने कहा है कि मंकीपॉक्स क्या है और क्या नहीं, इसके बारे में जागरूकता बढ़ानी होगी। इस वायरस को लेकर हमें निगरानी बढ़ानी होगी। 


बांग्लादेश: कंटेनर डिपो विस्फोट में 39 की मौत, 500 घायल

बांग्लादेश के चटगांव जिले में एक निजी कंटेनर डिपो में भीषण आग लगने से कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई और 10 पुलिसकर्मियों सहित करीब 500 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

ढाका: बांग्लादेश के चटगांव जिले में एक निजी कंटेनर डिपो में भीषण आग लगने से कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई और 10 पुलिसकर्मियों सहित करीब 500 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

रात करीब साढ़े दस बजे शनिवार को सीताकुंडा में नीदरलैंड-बांग्लादेश संयुक्त उद्यम कंपनी बीएम कंटेनर डिपो लिमिटेड में आग लग गई।

अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के 40 मिनट के भीतर ही एक बड़ा धमाका हो गया और विस्फोटक रसायनों की मौजूदगी के कारण आग एक कंटेनर से दूसरे कंटेनर में फैल गई।

अग्निशमन सेवा के महानिदेशक ने कहा कि कंपनी का कोई भी मालिक या निदेशक उपलब्ध नहीं है। यह भी पता नहीं चल पाया है कि किस प्रकार के रसायनों को संग्रहीत किया गया था या कितने कंटेनर मौजूद थे।

अधिकारी ने कहा कि चूंकि आग अभी भी लगी हुई है, जिसे पूरी तरह से बुझने में 24 घंटे और लग सकते हैं, इसलिए डिपो के पास जाना संभव नहीं है। आग 5 किमी के क्षेत्र में फैल गई है।


चटगांव अग्निशमन सेवा और नागरिक सुरक्षा के सहायक निदेशक, मोहम्मद फारुक हुसैन सिकदर ने आईएएनएस को बताया, "आग बुझाने के लिए लगभग 29 अग्निशमन इकाइयां काम कर रही हैं और 50 एम्बुलेंस मौके पर तैयार हैं।"

डिपो से करीब 21 किलोमीटर दूर चटगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल (सीएमसीएच) में आईसीयू बेड पहले से ही भरे हुए हैं, जबकि संकट की स्थिति में डॉक्टरों की छुट्टी रद्द कर दी गई है।

घायलों को सीएमसीएच और संयुक्त सैन्य अस्पताल (सीएमएच) समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

बीएम कंटेनर डिपो को एक अंतर्देशीय कंटेनर डिपो के रूप में स्थापित किया गया था। यह मई 2011 से काम कर रहा है। कंटेनरों में विभिन्न प्रकार के आयात और निर्यात रसायन थे।

बीएम कंटेनर डिपो के निदेशक मुजीबुर रहमान ने एक बयान में दावा किया कि यह स्पष्ट नहीं है कि आग किस वजह से लगी।

उन्होंने कहा, "लेकिन मुझे लगता है कि आग कंटेनर से शुरू हुई थी। घायलों को सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की जा रही है। हम इलाज की पूरी लागत वहन करेंगे। दुर्घटना में घायल लोगों को अधिकतम मुआवजा दिया जाएगा।"


पाकिस्तान: मरियम नवाज का इमरान खान पर बड़ा हमला, कहा-'आतंकियों से ज्यादा खतरनाक हैं वो'

पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा, "इमरान खान एक गिरोह के नेता हैं .. उनका राजनीतिक अभियान आतंकवाद से ज्यादा खतरनाक है।"

इस्लामाबाद: पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के हालिया दंगों की आलोचना करते हुए मंगलवार को दावा किया कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 'आतंकवादियों से ज्यादा खतरनाक' हैं। 

जियो न्यूज की खबरों के मुताबिक, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा, "इमरान खान एक गिरोह के नेता हैं .. उनका राजनीतिक अभियान आतंकवाद से ज्यादा खतरनाक है।"

मरियम नवाज ने कहा कि खान ने हाल ही में एक साक्षात्कार में स्वीकार किया था कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता हथियार से लैस थे, जबकि पीएमएल-एन की रैलियों में एक भी व्यक्ति हथियार नहीं रखता।

पीएमएल-एन नेता ने खान से कहा कि अगर वह पाकिस्तान में आतंकवाद जारी रखना चाहते हैं तो अपने चेहरे से 'राजनीतिक नकाब' हटा दें, क्योंकि एक बार जब अधिकारी उनका असली चेहरा देखेंगे, तो उनसे उसी तरह निपटा जाएगा, जैसे 'आतंकवादियों' से निपटा जाता है।

मरियम ने कहा, "इमरान खान ने एक राजनीतिक मुखौटा लगाया है और इसकी आड़ में वह सशस्त्र आतंकवाद में शामिल हैं। वह जानते हैं कि नवंबर बीत जाने के बाद उसकी साजिश विफल हो जाएगी।"

पीएमएल-एन नेता ने कहा कि अपदस्थ प्रधानमंत्री जिहाद नहीं, बल्कि 'फसाद' कर रहे हैं और सरकार इस 'फसाद' को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

उन्होंने कहा, "खान और आतंकवादियों में क्या फर्क है? यहां तक कि आतंकवादी भी हथियारों से पाकिस्तान पर हमला करते हैं। इसके अलावा, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने भी अपने प्रांत और महासंघ के बीच संघर्ष का संकेत दिया है।"

मरियम नवाज ने कहा कि जब से खान को प्रधानमंत्री पद से हटाया गया है, उन्होंने पूरे देश में आग लगा दी है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक आतंकवादी का ही लक्ष्य हो सकता है।"


नेपाल: तारा एयर का विमान लापता, 4 भारतीय समेत 22 यात्री हैं सवार

आखिरी बार विमान से सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर संपर्क हुआ था।अधिकारियों ने बताया कि विमान में 22 यात्री सवार हैं। बता दें कि तारा एयर कंपनी मुख्य रूप से कनाडा में निर्मित ट्विन ओटर विमानों को उड़ाता है।

काठमांडू: नेपाल में तारा एयर के एक विमान का संपर्क टूट गया है। विमान ने रविवार सुबह उड़ान भरी थी। एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, तारा एयर के डबल इंजन विमान ने आज सुबह पोखरा से जोमसोम के लिए उड़ान भरी थी। 

आखिरी बार विमान से सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर संपर्क हुआ था।अधिकारियों ने बताया कि विमान में 22 यात्री सवार हैं। बता दें कि तारा एयर कंपनी मुख्य रूप से कनाडा में निर्मित ट्विन ओटर विमानों को उड़ाता है।

नेपाल के स्थानीय मीडिया के अनुसार लापता विमान में 4 भारतीय और 3 जापानी नागरिक भी सवार हैं। बाकी सभी शेष नेपाली नागरिक थे और विमान में चालक दल सहित कुल 22 यात्री हैं। मीडिया के अनुसार अधिकारी लगातार संपर्क साधने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

नेपाल के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता फदींद्र मणि पोखरेल के अनुसार मंत्रालय ने लापता विमान की तलाश के लिए मस्टैंग और पोखरा से दो निजी हेलीकाप्टर विमान के सर्च में तैनात किए हैं। 

उन्होंने बताया कि नेपाल सेना के हेलिकाप्टर को भी तलाशी के लिए तैनात करने की तैयारी की जा रही है।


पाकिस्तान में 30 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, इमरान खान ने शरीफ सरकार पर बोला हमला, भारत की जमकर की तारीफ

पाकिस्तान में अब पेट्रोल की नई कीमत 179.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 174.15 रुपये प्रति लीटर हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कल आइएमएफ (IMF) की वार्ता विफल होने के बाद आधी रात से पेट्रोल-डीजल प्रति लीटर 30 रुपए की वृद्धि हुई है।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में आज आधी रात से डीजल-पेट्रोल 30 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। बता दें कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के वस्तुओं पर सब्सिडी को समाप्त करने पर जोर देने के बाद पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। 


वित्त मंत्री के ट्वीट कर पेट्रोल-डीजल और केरोसिन तेल के दामों में हुई बढ़ोतरी की जानकारी दी है। बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आई अचानक उछाल से पाकिस्तान की जनता की परेशानी बढ़ने वाली है। 

पाकिस्तान में अब पेट्रोल की नई कीमत 179.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 174.15 रुपये प्रति लीटर हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कल आइएमएफ (IMF) की वार्ता विफल होने के बाद आधी रात से पेट्रोल-डीजल प्रति लीटर 30 रुपए की वृद्धि हुई है। 


पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान  ने शहबाज शरीफ सरकार को असंवेदनशील बताया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद उन्होंने तीखा प्रहार किया है। सरकार की आलोचना करते हुए, इमरान ने कहा कि इस "असंवेदनशील सरकार" ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी द्वारा रूस के साथ 30 फीसदी सस्ते तेल के लिए किए गए सौदे को आगे नहीं बढ़ाया।

इमरान खान ने भारत की एक बार फिर से तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के रणनीतिक सहयोगी रूस से सस्ता तेल खरीदकर ईंधन की कीमतों में 25 रुपये प्रति लीटर की कमी करने में कामयाब रहे हैं। इमरान खान ने एक ट्वीट में कहा कि देश के लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ विदेशी आकाओं के सामने आयातित सरकार की अधीनता के लिए कीमत चुकाना पड़ रहा है।


पाकिस्तान: इमरान खान का 'आजादी मार्च' समाप्त, चुनाव की घोषणा के लिए सरकार को दिया 6 दिन का अल्टीमेटम

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने 'आजादी मार्च' समाप्त करने का संकेत देते हुए गुरुवार को मौजूदा सरकार को चुनाव की घोषणा करने और विधानसभाओं को भंग करने के लिए छह दिन की समय सीमा दी।

इस्लामाबाद: पीटीआई अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने 'आजादी मार्च' समाप्त करने का संकेत देते हुए गुरुवार को मौजूदा सरकार को चुनाव की घोषणा करने और विधानसभाओं को भंग करने के लिए छह दिन की समय सीमा दी। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई अध्यक्ष जिन्ना एवेन्यू में 'आजादी मार्च' में भाग लेने वालों को संबोधित करने के बाद अपने बानी गाला आवास रवाना हो गए।

पीटीआई के प्रदर्शनकारी बुधवार की रात के अधिकांश समय डी-चौक में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद के प्रतिबंधित रेड जोन में प्रवेश कर चुके थे, जहां सुप्रीम कोर्ट, पीएम हाउस, अमेरिकी दूतावास सहित कई संवेदनशील इमारत हैं।

भारी सुरक्षा के बावजूद वे अंदर प्रवेश करने में सफल रहे।

जिन्ना एवेन्यू में अपने भाषण में, खान ने कहा कि वह खैबर पख्तूनख्वा से 30 घंटे की यात्रा के बाद इस्लामाबाद पहुंचे हैं।

जियो न्यूज ने कहा, "सरकार ने हमारे आजादी मार्च को कुचलने के लिए हर तरह की कोशिश की। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया, हमारे घरों पर छापे मारे गए और हमारी निजता का उल्लंघन किया गया। हालांकि, मैंने देश को गुलामी के डर से मुक्त होते देखा है।"

उन्होंने यह भी दावा किया कि कराची में तीन पीटीआई कार्यकर्ताओं की जान चली गई, जबकि दो अन्य को रावी ब्रिज से फेंक दिया गया और हजारों अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।

देश में नए सिरे से चुनाव की तारीख की घोषणा करने के लिए सरकार को समय सीमा देते हुए, खान ने कहा कि वह सरकार को इस बार जून में आम चुनाव की घोषणा करने के लिए समय दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "सरकार के लिए मेरा संदेश यह है कि वह विधानसभाओं को भंग करे और चुनावों की घोषणा करें, अन्यथा मैं छह दिन के बाद फिर से इस्लामाबाद आऊंगा।"

जैसे ही खान का काफिला इस्लामाबाद में दाखिल हुआ और बड़े कारवां के साथ डी-चौक की ओर बढ़ने लगा, संघीय सरकार ने रेड जोन की रक्षा के लिए सेना बुलाई। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, "संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना बुलाई गई।"

गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने ट्विटर पर इसकी पुष्टि की। पीटीआई कार्यकर्ताओं ने डी-चौक के पास स्थित जंग/जियो बिल्डिंग पर गुलेल का इस्तेमाल कर पथराव किया और न्यूजरूम के शीशे चकनाचूर कर दिए। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पथराव में कई कर्मचारी घायल हो गए। इसके अलावा, डी-चौक के पास खड़ी वैन क्षतिग्रस्त हो गई।


पाकिस्तान: जंग का मैदान बना इस्लामाबाद, इमरान का 'आजादी मार्च' हिंसक प्रदर्शन में तब्दील, समर्थकों ने मेट्रो स्टेशन फूंका

पुलिस की भारी गोलाबारी और पीटीआई कार्यकर्ताओं की कथित बर्बरता से इस्लामाबाद युद्ध का मैदान बन गया।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान आज सुबह ही आजादी मार्च के लिए इस्लामाबाद डी चॉक पहुंच चुके हैं। हजारों की संख्या में उनके समर्थक भी वहां मौजूद हैं। इमरान खान की मांग है कि नई सरकार जल्द ही चुनावों की तारीख का ऐलान करे। 


इस आजादी मार्च को रोकने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने रेड जोन में सेना की तैनाती कर दी है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वहां सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो रही है। 

सरकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, संसद भवन, प्रधान मंत्री भवन, प्रेसीडेंसी, पाकिस्तान सचिवालय और राजनयिक एन्क्लेव जैसी महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा के लिए सेना को तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि इमरान के समर्थकों ने मेट्रो स्टेशन पर आग लगा दी है। 

पाकिस्तान के जियो न्यूज ने बताया कि उसके कार्यालय में इमरान खान की पार्टी पीटीआई के कार्यकर्ताओं के हमले की चपेट में आ गया जिसमें कुछ मीडियाकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि पुलिस की भारी गोलाबारी और पीटीआई कार्यकर्ताओं की कथित बर्बरता से इस्लामाबाद युद्ध का मैदान बन गया। 

बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इमरान खान की पार्टी को इस्लामाबाद के एच-9 और जी-9 इलाके के बीच पेशावर मोड़ के पास अपना आजादी मार्च निकालने की इजाजत दे दी और सरकार को पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने से रोक दिया।


आतंकी यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा मिलने पर बौखलाया पाक, PM शरीफ ने भारतीय लोकतंत्र और न्यायिक प्रणाली के लिए बताया काला दिन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने भी यासीन मलिक (Yasin Malik) को मिली सजा का विरोध करते हुए ट्वीट कर इसे भारतीय लोकतंत्र और न्यायिक प्रणाली के लिए काला दिन करार दिया है।

नई दिल्ली: कश्मीर के अलगाववादी नेता और आतंकी यासीन मलिक (Yasin Malik) को आज टेरर फंडिंग मामले में NIA कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने यासीन मलिक को सज़ा सुनाए जाने का विरोध किया है।

पाकिस्तान की ओर से आतंकी यासीन मलिक के समर्थन में लगातार बयान दिए जा रहे हैं। फिर चाहे वो पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) हों, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) हों या फिर मौजूदा विदेश मंत्री बिलावल भुट्टों (Bilawal Bhutto) हो, सबने यासीन मलिक को अपना समर्थन दिया है और भारत पर आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने भी यासीन मलिक (Yasin Malik) को मिली सजा का विरोध करते हुए ट्वीट कर इसे भारतीय लोकतंत्र और न्यायिक प्रणाली के लिए काला दिन करार दिया है।


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif on Yasin Malik) ने ट्वीट कर लिखा, “आज भारतीय लोकतंत्र और उसकी न्यायिक प्रणाली के लिए काला दिन है। भारत यासीन मलिक (Yasin Malik) को शारीरिक तौर पर जेल में डाल सकता है लेकिन आज़ादी के जिस विचार के लिए वो जाने जाते हैं उस विचार को कैद नहीं किया जा सकता। एक बहादुर स्वतंत्रता सेनानी को आजीवन कारावास देना कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार को नया प्रोत्साहन देगा।”


यासीन मलिक (Yasin Malik) पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आपराधिक साज़िश रचने और ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों में शामिल होने जैसे संगीन आरोप थे। अदालत में सुनवाई के दौरान यासीन मलिक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया था। NIA की एक अदालत ने यासीन मलिक को दो मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई है।


टेक्सास गोलीबारी: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का बड़ा एलान, कहा-'घोषणा नहीं अब एक्शन का समय... कुछ करना ही होगा'

राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी खुला आह्वान कर दिया है कि कोई भी हमलावर छोड़ा नहीं जाएगा और अब बाते नहीं केवल कार्रवाई होगी।

वाशिंगटन: अमेरिका के टेक्सास में एक स्कूल में हुई गोलीबारी से 19 बच्चों समेत 21 की मौत हो गई है, जिसके बाद अमेरिकी सुरक्षा विभाग सकते में आया हुआ है। वहीं राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी खुला आह्वान कर दिया है कि कोई भी हमलावर छोड़ा नहीं जाएगा और अब बाते नहीं केवल कार्रवाई होगी।

राष्ट्रपति ने मंगलवार को बंदूक रखने पर नए प्रतिबंधों की भी घोषणा की है। उन्होंने भावुक अपील के साथ गन लाबी के खिलाफ एक अभियान छेड़ने की भी बात कही। बता दें कि बाइडन हाल ही में एशिया की पांच दिवसीय यात्रा से लौटें हैं जिसके बाद ये घटना होने से वे काफी आहत हैं।


रूजवेल्ट रूम में पत्नी जिल बाइडन के साथ खड़े जो बाइडन ने कहा, 'मैं अब अमेरिका में इन सभी घटनाओं को देख कर थक चुका हूं, हमें अब कुछ एक्शन लेना होगा। राज्य के एक सीनेटर के अनुसार, कम से कम 19 छात्र इस गोलीबारी में मारे गए हैं, वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान शूटर मारा जा चुका है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने घटना के बाद देश को संबोधित कर अमेरिकियों से बंदूक लाबी और कांग्रेस के सदस्यों से बंदूक कानून पारित करने के लिए एक साथ खड़े होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि, "मुझे उम्मीद थी कि जब मैं राष्ट्रपति बनूंगा तो मुझे ऐसा नरसंहार देखना नहीं पड़ेगा।

बता दें कि यह घटना टेक्सास के राब प्राथमिक विद्यालय में घटी है जिसमें 19 बच्चों समेत 21 की मौत हो गई है। गौरतलब है कि 2012 सैंडी हुक प्राथमिक विद्यालय की शूटिंग के बाद यह सबसे घातक स्कूल शूटिंग मानी जा रही है।


टोक्यो में पीएम मोदी और जो बाइडेन ने की मुलाकात, जानिए-दोनों के बीच क्या हुई बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने टोक्यो में द्विपक्षीय वार्ता की। मुलाकात के बाद मीडिया से इंटरेक्ट हुए दोनों नेताओं ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की।

नई दिल्ली/टोक्यो: क्वाड समिट में शिरकत करने जपान पहुंचे भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने आज एक दूसरे से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने टोक्यो में द्विपक्षीय वार्ता की। मुलाकात के बाद मीडिया से इंटरेक्ट हुए दोनों नेताओं ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी सही मायने में एक विश्वास की साझेदारी है। कई क्षेत्रों में हमारे समान हितों ने इस विश्वास के रिश्ते को मज़बूत किया है। हमारे बीच व्यापार और निवेश में भी लगातार विस्तार हो रहा है। हालांकि, यह हमारी ताक़त से बहुत कम है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारे बीच 'इंडिया-USA इन्वेस्टमेंट इनसेंटिव एग्रीमेंट' से निवेशी की दिशा में मज़बूत प्रगति देखने को मिलेगी। हम टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में अपना द्विपक्षीय सहयोग बढ़ा रहे हैं और वैश्विक मुद्दों पर भी आपसी समन्वय कर रहे हैं।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि प्रधानमंत्री(नरेंद्र मोदी), हमारे देश मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं और करेंगे भी। मैं पृथ्वी पर हमारे सबसे करीबी के बीच अमेरिका-भारत साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।


बाइडेन ने आगे कहा कि हमने यूक्रेन पर रूस के क्रूर और गैर-न्यायसंगत आक्रमण के चल रहे प्रभावों और पूरे विश्व व्यवस्था पर इसके प्रभाव पर भी चर्चा की। इन नकारात्मक प्रभावों को कैसे कम किया जाए, इस पर अमेरिका और भारत बारीकी से परामर्श करना जारी रखेंगे।


क्वाड समिट में PM मोदी का बड़ा बयान, कहा-'एक बेहतर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र बनाने में मदद कर रहा है QUAD', पढ़िए-जो बाइडेन ने क्या कहा

पीएम मोदी ने कहा कि टोक्यों में मित्रों के बीच होना सौभाग्य की बात है। क्वाड की संभावना बहुत व्यापक हो गई है। थोड़े समय में ही क्वाड ने अपनी अलग जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में क्वाड अच्छा काम कर रहा है।

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी टोक्यो में आयोजित क्वाड समिट में शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने जापान के पीएम फुमियो किशिदा को बेहतरीन मेजबानी के लिए बधाई दी। साथ ही कोरोना महामारी के दौरान भारत में स्वास्थ्य प्रबंधों और दुनिया को सहयोग को लेकर भी चर्चा की।

पीएम मोदी ने कहा कि टोक्यों में मित्रों के बीच होना सौभाग्य की बात है। क्वाड की संभावना बहुत व्यापक हो गई है। थोड़े समय में ही क्वाड ने अपनी अलग जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में क्वाड अच्छा काम कर रहा है।

जो बाइडन ने क्या कहा अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने क्वाड मीटिंग में रूस और यूक्रेन जंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन एक संस्कृति को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। यह यूरोपियन नहीं, बल्कि ग्लोबल मुद्दा है। यूक्रेन पर गेहूं निर्यात में पाबंदी से दुनियाभर में खाद्य संकट खड़ा हो गया है।


प्रधानमंत्री इस दौरे पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज और जापान के पीएम से फुमियो किशिदा से भी मुलाकात करेंगे। यूक्रेन और रूस युद्ध के बीच पीएम मोदी का जापान का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा टोक्यो में क्वाड लीडर्स समिट के लिए इकट्ठा हुए हैं।


TIME मैग्जीन ने जारी की दुनिया के '100 सबसे प्रभावशाली लोगों' की लिस्ट, गौतम अडाणी, जेलेन्सकी, पुतिन, बाइडेन, जिनपिंग समेत इन चेहरों को मिली जगह

भारत के उद्योगपति उद्योगपति गौतम अडाणी और अधिवक्ता करूणा नंदी को ‘टाइम’ पत्रिका (TIME magazine) के 2022 के 100 सर्वाधिक प्रभावशाली लोगों की सूची में सोमवार को शामिल किया गया है।

नई दिल्ली: भारत के उद्योगपति उद्योगपति गौतम अडाणी और अधिवक्ता करूणा नंदी को ‘टाइम’ पत्रिका (TIME magazine) के 2022 के 100 सर्वाधिक प्रभावशाली लोगों की सूची में सोमवार को शामिल किया गया है।

 लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin), चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल, एप्पल के सीईओ टिम कुक और टीवी शो होस्ट ओपरा विनफ्रे के नाम शामिल हैं।


इस लिस्ट को छह कैटेगरी में बांटा गया है। ये कैटेगरी आइकंस, पायनियर्स, टाइटंस, आर्टिस्ट्स, लीडर्स और इनोवेटर्स हैं। ‘टाइम’ की दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 13वीं बार जगह बनाई है। उनके अलावा पुतिन ने 10वीं बार, पुतिन ने सातवीं बार, बाइडेन ने पांचवीं बार जगह बनाई है।

गौतम अडाणी को टाइटंस कैटेगरी में अमेरिकी होस्ट ओपरा विन्फ्रे और एप्पल के सीईओ टिम कुक जैसे लोगों के साथ जगह मिली है, वहीं, नंदी को लीडर्स कैटेगरी में स्थान मिला है। इस श्रेणी में व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की भी शामिल किए गए हैं।


PM Modi in Japan: भारत-अमेरिका ने टोक्यो में नए निवेश प्रोत्साहन समझौते पर हस्ताक्षर किए

इस निवेश प्रोत्साहन समझौते पर भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा और यू. एस. इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (डीएफसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्कॉट नाथन ने हस्ताक्षर किए।

नई दिल्ली/टोक्यो: भारत और अमेरिका ने सोमवार को जापान के टोक्यो में एक निवेश प्रोत्साहन समझौते (आईआईए) पर हस्ताक्षर किए। यह वर्ष 1997 में भारत सरकार और अमेरिकी सरकार के बीच हस्ताक्षरित निवेश प्रोत्साहन समझौते का स्थान लेगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।

इस निवेश प्रोत्साहन समझौते पर भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा और यू. एस. इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (डीएफसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्कॉट नाथन ने हस्ताक्षर किए।

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यह निवेश प्रोत्साहन समझौता वर्ष 1997 में भारत और अमेरिकी सरकार के बीच हस्ताक्षरित निवेश प्रोत्साहन समझौते का स्थान लेगा। पूर्व में, 1997 में निवेश प्रोत्साहन समझौता पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद से महत्वपूर्ण प्रगति हुई हैं, जिसमें डीएफसी नाम की एक नई एजेंसी का गठन भी शामिल है। डीएफसी अमेरिका की एक विकास वित्त एजेंसी है और इसका गठन अमेरिका के हालिया कानून, बिल्ड एक्ट 2018, के अधिनियमन के बाद पूर्ववर्ती विदेशी निजी निवेश निगम (ओपीआईसी) की उत्तराधिकारी एजेंसी के रूप में हुआ है। ऋण, इक्विटी निवेश, निवेश गारंटी, निवेश बीमा या पुनर्बीमा, संभावित परियोजनाओं एवं अनुदानों के लिए व्यवहार्यता अध्ययन जैसे डीएफसी द्वारा प्रस्तावित अतिरिक्त निवेश सहायता कार्यक्रमों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए इस निवेश प्रोत्साहन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।"

बयान के अनुसार, "यह समझौता भारत में निवेश सहायता प्रदान करना जारी रखने की ²ष्टि से डीएफसी के लिए कानूनी जरूरत है। डीएफसी या उनकी पूर्ववर्ती एजेंसियां 1974 से भारत में सक्रिय हैं और अब तक 5.8 अरब डॉलर की निवेश सहायता प्रदान कर चुकी हैं, जिसमें से 2.9 अरब डॉलर अभी भी बकाया हैं।"

बयान में आगे कहा गया है कि भारत में निवेश सहायता प्रदान करने के लिए डीएफसी के 4 अरब डॉलर मूल्य के प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। डीएफसी ने कोविड-19 वैक्सीन के उत्पादन, स्वास्थ्य संबंधी वित्तपोषण, नवीकरणीय ऊर्जा, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) के वित्तपोषण, वित्तीय समावेशन, बुनियादी ढांचा जैसे विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश सहायता प्रदान की है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, "उम्मीद है कि इस निवेश प्रोत्साहन समझौते पर हस्ताक्षर होने से भारत में डीएफसी द्वारा प्रदान की जाने वाली निवेश सहायता में वृद्धि होगी, जिससे भारत के विकास में और अधिक मदद मिलेगी।"


जपान में भारतीयों को पीएम ने किया संबोधित, पढ़िए-संबोधन की मुख्य बातें

संबोधन की शुरूआत में पीएम ने कहा कि 'हमने भारत को एक मजबूत और लचीला, जिम्मेदार लोकतंत्र की पहचान दी है। 8 सालों में हमने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाया है। आज भारत अपने खोये हुए विश्वास को वापस अपना आ रहा है।'

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं। इस दौरान पीएम मोदी राजधानी टोक्यो में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। 


संबोधन की शुरूआत में पीएम ने कहा कि 'हमने भारत को एक मजबूत और लचीला, जिम्मेदार लोकतंत्र की पहचान दी है। 8 सालों में हमने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाया है। आज भारत अपने खोये हुए विश्वास को वापस अपना आ रहा है।' 


भारतीय प्रवासी को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, 'आज भारत में जनता नेतृत्व वाली सरकार काम कर रही है। गवर्नेंस का यही तरीका डिलिवरी को कुशल बना रहा है। यही प्रजातंत्र पर निरंतर मजबूत होते विश्वास का सबसे बड़ा कारण है। भारत अपने अतीत को लेकर जितना गौरवान्वित है, उतना ही टैक लेड, साइंस लेड, इनोवेशन लेड, टेलैंड लेड फ्यूचर को लेकर भी आशावान है।' पीएम ने आगे कहा कि, "मैं मक्खन पर नहीं, पत्थर पर लकीर खींचता हूं।"


पीएम ने भारत और जापान के रिश्तों पर कहा कि 'जापान से हमारा रिश्ता सामर्थ्य, सम्मान और विश्व के लिए साझे संकल्प का है। जापान से हमारा रिश्ता बुद्ध, बौद्ध, ज्ञान और ध्यान का है। जापानी जनता की देशभक्ति, आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्छता के लिए स्वामी विवेकानंद ने खुलकर प्रशंसा की थी'। पीएम ने कहा कि 'स्वामी विवेकानंद जब धर्म सम्मेलन में हिस्सा लेने शिकागो जा रहे थे, तो उससे पहले वे जापान आए थे। जापान ने उनके मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव छोड़ा था।' 

बता दें कि पीएम मोदी सोमवार को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे हैं। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी जापानी पीएम फूमिओ किशिदा के निमंत्रण पर 24 मई तो क्वाड समिट में शामिल होंगे।  रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।


ऑस्ट्रेलियाई PM भगवा गमछा पहने आए नजर, हिंदुत्व का दुनिया में बज रहा डंका

ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों हिंदुत्व का जमकर डंका बज रहा है। ऐसा नजारा ऑस्ट्रेलिया (Australia) में जारी आम चुनाव के दौरान देखने को मिला।

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों हिंदुत्व का जमकर डंका बज रहा है। ऐसा नजारा ऑस्ट्रेलिया (Australia) में जारी आम चुनाव के दौरान देखने को मिला। जहां ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की लिबरल पार्टी को एंथनी अल्बानीज की पार्टी ने हराकर जीत दर्ज की। वहां के आम चुनाव में पूर्व पीएम स्कॉट मॉरिसन की पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा है।

मॉरिसन (Morison) की हार के बाद अब ऑस्ट्रेलिया की कमान एंथनी अल्बनीज (Anthony Albanese) के हाथों में आ गई है। इस बीच एंथनी की एक फोटो और वीडियो काफी चर्चा में आ गई है। जिसमें एंथनी अल्बनीज फोटो और वीडियो में भगवा गमछा पहने हुए नजर आ रहे हैं। 

वायरल तस्वीर आने के बाद कहा जा रहा है कि ये ऑस्ट्रेलिया के नए पीएम हैं जिन्होंने जीत के लिए भगवे का दामन थाम लिया है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के पीएम कई मौके पर कंधें पर 'ऊं' लिखा गमछा पहने नजर आ चुके थे। ऐसे में इस गमछे को उनकी जीत के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। 



ताइवान को चीन द्वारा धमकी दिए जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भड़के, कहा-'खतरे से खेल रहा चीन, भुगतना होगा'

जापान में आयोजित होने जा रहे क्वाड समिट से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने चीन को ताइवान के मसले पर कड़ा संदेश दिया है।

टोक्यो: जापान में आयोजित होने जा रहे क्वाड समिट से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने चीन को ताइवान के मसले पर कड़ा संदेश दिया है। जो बाइडेन (Joe Biden) ने कहा कि यदि ताइवान पर चीन हमला करता है तो फिर अमेरिका उसका जवाब देगा। उन्होंने कहा कि ऐसा होने की स्थिति में अमेरिका की ओर से ताइवान को सैन्य मदद दी जाएगी। यही नहीं उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चीन खतरे से खेलने का प्रयास कर रहा है।

मीडिया से बात करते हुए जो बाइडेन (Joe Biden) ने कहा कि यह हमारा कमिटमेंट है कि ताइवान की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि वन चाइना पॉलिसी को लेकर सहमत हैं, लेकिन किसी भी क्षेत्र पर यदि चीन की ओर से जबरन कब्जा किया जाता है तो फिर उसका जवाब दिया जाएगा। 


उन्होंने कहा, 'हम वन चाइना पॉलिसी से सहमत हैं। हमने उस पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन बलपूर्वक कुछ भी हथियाने का काम चीन करता है तो वह ठीक नहीं होगा। इससे पूरे क्षेत्र में अशांति होगी और यहां भी वैसा ही ऐक्शन होगा, जैसा यूक्रेन में लिया जा रहा है।' इस तरह जो बाइडेन (Joe Biden) ने बता दिया कि कैसे पश्चिमी देशों की यूक्रेन को मदद की गई है और इसके चलते रूस को बड़ा झटका लगा है। यदि चीन की ओर से ताइवान को लेकर हमले जैसी हरकत की जाती है तो फिर उसके खिलाफ भी ऐसा ही ऐक्शन लिया जाएगा। 

इस दौरान जो बाइडेन (Joe Biden) ने रूस को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'यह महत्वपूर्ण है कि यूक्रेन में बर्बरता की कीमत व्लादिमीर पुतिन को चुकानी होगी। रूस को लंबे वक्त तक इसकी कीमत अदा करनी होगी।' उन्होंने कहा कि यह बात सिर्फ यूक्रेन को लेकर ही नहीं है। चीन भी यह देख रहा है कि कैसे पश्चिमी देशों के दखल के चलते रूस को पीछे हटना पड़ा है। चीन को इससे ज्यादा क्या संकेत दिया जा सकता है कि यदि उसने ताइवान पर हमला किया तो फिर क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि चीन के पास यह अधिकार नहीं है कि वह ताइवान पर जबरन कब्जा कर ले। 


Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में गहराया ईंधन संकट, अस्पताल ले जाने के लिए पिता को नहीं मिला पेट्रोल, 2 दिन के शिशु की मौत

श्रीलंका में ईंधन का संकट गहराता जा रहा है। यहां दो दिन के बच्चे की मौत के बाद एक परिवार में त्रासदी हो गई, क्योंकि उसके पिता को उसकी गाड़ी के लिए पेट्रोल नहीं मिला, जिससे वह उसे अस्पताल नहीं ले जा सका।

कोलंबो: श्रीलंका में ईंधन का संकट गहराता जा रहा है। यहां दो दिन के बच्चे की मौत के बाद एक परिवार में त्रासदी हो गई, क्योंकि उसके पिता को उसकी गाड़ी के लिए पेट्रोल नहीं मिला, जिससे वह उसे अस्पताल नहीं ले जा सका।

दियातलावा अस्पताल के न्यायिक चिकित्सा अधिकारी (जेएमओ) शनाका रोशन पथिराना ने शिशु का पोस्टमार्टम किया और दिल को छू लेने वाली कहानी सोशल मीडिया पर साझा की।

राजधानी कोलंबो से करीब 190 किलोमीटर दूर हल्दामुल्ला में माता-पिता अपने बच्चे को अस्पताल ले जाना चाहते थे क्योंकि उसमें पीलिया के लक्षण दिख रहे थे और वह स्तनपान भी नहीं कर रहा था।

ईंधन संकट के चलते बच्चे के पिता घंटों पेट्रोल ढूंढते रहे।

अंत में, जब बच्चा हल्दामुल्ला के एक अस्पताल में पहुंचा, तो डॉक्टरों को उसे दियातालवा अस्पताल में एक आपातकालीन उपचार इकाई (ईटीयू) में स्थानांतरित करना पड़ा।

उसे भर्ती करने में देरी के कारण बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

पथिराना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राजनीतिक अधिकारियों पर सबसे खराब आर्थिक संकट के बीच लोगों की मदद करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा, "पोस्टमॉर्टम करना दुखद था क्योंकि बच्चे के सभी अंग अच्छी तरह से विकसित हो गए थे। माता-पिता के लिए निराशाजनक स्मृति कि वे अपने बच्चे को सिर्फ इसलिए नहीं बचा सके क्योंकि उन्हें एक लीटर पेट्रोल नहीं मिला था।"

इस बीच, शिक्षा मंत्री सुशील प्रेमजयंता ने देश से उन बच्चों को परिवहन में मदद करने का आग्रह किया जो सोमवार को अपनी महत्वपूर्ण जीसीई सामान्य स्तर की परीक्षा शुरू कर रहे हैं।

मंत्री ने अनुरोध किया, "मानवता के नाम पर कृपया मदद करें और एक बच्चे को लिफ्ट दें जो बिना परिवहन के परीक्षा में जाने में देरी कर रहा है। कृपया छात्रों और परीक्षार्थियों के लिए सड़क को अवरुद्ध न करें।"

श्रीलंका वर्तमान में एक गंभीर बिजली और ईंधन आपातकाल का सामना कर रहा है और अन्य आवश्यक चीजों के बीच ईंधन और गैस आयात करने के लिए डॉलर खोजने के लिए संघर्ष कर रहा है।

भारत ने कई मौकों पर श्रीलंका की मदद की है और शनिवार को क्रेडिट लाइन सुविधा के तहत 40,000 मीट्रिक टन डीजल उपलब्ध कराया है।

अप्रैल में, भारत ने ईंधन आयात करने के लिए अतिरिक्त 500 मिलियन डॉलर क्रेडिट लाइन का विस्तार किया।


'जो 370 मिटाए हैं, वो टोक्यो आए हैं' और 'जय श्री राम' के नारों के साथ जपान में भारतीयों ने किया पीएम मोदी का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमवार को होटल New Otani में भारतीय प्रवासियों ने जोरदार स्वागत किया और 'हर हर मोदी', 'मोदी मोदी', 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।


टोक्यो : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमवार को होटल  New Otani  में भारतीय प्रवासियों ने जोरदार स्वागत किया और  'हर हर मोदी', 'मोदी मोदी', 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। दो दिवसीय टोक्यो यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखकर भारतीय मूल के लोग खुशी से झूम उठे और उन्होंने देश का झंडा लहराया। साथ ही लोगों के हाथ में पोस्टर भी थे, जिसमें लिखा गया था कि जो 370 मिटाए हैं, वो टोक्यो आए हैं।

इसके अलावा होटल में कई बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार की शाम दो-दिवसीय यात्रा पर जापान के लिए रवाना हुए थे। जहां वह 24 मई को क्वाड नेताओं के एक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, जो प्रभावशाली समूह के सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र से संबंधित घटनाक्रम पर चर्चा करने पर केंद्रित है।


प्रधानमंत्री सोमवार को कॉर्पोरेट जगत के कई प्रमुख दिग्गजों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे, जिनमें एनईसी कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष नोबुहिरो एंडो, यूनीक्लो के अध्यक्ष तदाशी यानाई, सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के सलाहकार ओसामु सुजुकी और सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन बोर्ड के निदेशक मासायोशी सोन शामिल हैं।


टोक्यो में 24 मई को होने वाले शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस शामिल होंगे।


पाक के पूर्व PM इमरान खान ने फिर से की भारत के नीतियों की तारीफ, पढिये-क्या कहा

इमरान खान ने ट्वीट किया कि क्वोड का हिस्सा होने के बावजूद भारत ने अमेरिका के दबाव को दरकिनार करके रूस से कम कीमत पर कच्चा तेल खरीदा। आम लोगों को राहत देने के लिए भारत ने यह निर्णय लिया।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर भारत की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा है कि बाहरी दबावों को अनदेखा करके वहां फैसले जनता के हित में लिए जाते हैं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने ट्वीट किया कि क्वोड का हिस्सा होने के बावजूद भारत ने अमेरिका के दबाव को दरकिनार करके रूस से कम कीमत पर कच्चा तेल खरीदा। आम लोगों को राहत देने के लिए भारत ने यह निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भी एक आजाद विदेशी नीति के साथ यही करने की कोशिश कर रही थी।

इमरान खान ने कहा कि उनकी सरकार के लिए पाकिस्तान का हित ही सर्वोपरि था, लेकिन बदकिस्मती से देश के मीर जाफर और मीर सादिक जैसे लोगों ने बाहरी दबाव के सामने घुटने टेक दिये और सत्ता को बदल दिया। अब ये बिन पेंदी के लोटे की तरह इधर से उधर जा रहे हैं और अर्थव्यवस्था नियंत्रण से बाहर चली गई है।

उन्होंने अपने ट्वीट में दक्षिण एशिया सूचकांक की रिपोर्ट को भी टैग किया और कहा कि रूस से कम कीमत पर तेल खरीदने के बाद भारत सरकार ने पेट्रोल के दाम साढ़े नौ रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम सात रुपये प्रति लीटर घटा दिये।


ऑस्ट्रेलिया के नए PM होंगे एंथनी अल्बनीज़, एक दशक तक सत्ता में रहने वाले PM स्कॉट मॉरिसन की करारी हार

ऑस्ट्रेलिया में 2022 के संघीय चुनाव में विपक्षी लेबर पार्टी को जीत मिली है। लेबर पार्टी ने प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया है। लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बनीज़ अब देश के नए पीएम होंगे।

सिडनी: ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। निवर्तमान प्रधानमंत्री मॉरिसन ने शनिवार को यह ऐलान किया कि राष्ट्रीय चुनाव में वह हार चुके हैं। विपक्ष के नेता एंथनी अल्बनीज़ देश के नए प्रधानमंत्री होंगे।



ऑस्ट्रेलिया में 2022 के संघीय चुनाव में विपक्षी लेबर पार्टी को जीत मिली है। लेबर पार्टी ने प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया है। लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बनीज़ अब देश के नए पीएम होंगे। 

स्कॉट मॉरिसन ने शनिवार को हार मान ली, जिससे एंथनी अल्बनीज़, ऑस्ट्रेलियाई लेबर पार्टी के नेता के लिए राह आसान हो गया। स्कॉट मॉरिसन ने ऑस्ट्रेलिया की लिबरल पार्टी के नेता के रूप में पद छोड़ने का भी फैसला किया है। इससे साफ है कि मॉरिसन की जगह पर विपक्ष को कोई दूसरा नेता चुनना पड़ेगा। 


स्कॉट मॉरिसन ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि आज रात मेरे सहयोगियों के लिए, जिन्हें बहुत मुश्किल खबरों से जूझना पड़ा है। हम अपनी सीट हार गए हैं, एक नेता के रूप में जीत और हार की जिम्मेदारी लेता हूं। यही नेतृत्व की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि पार्टी की मीटिंग में वह नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए पार्टी के नेता पद को भी छोड़ूंगा। मुझे इस महान पार्टी का नेतृत्व करने और नेतृत्व करने का बड़ा सौभाग्य मिला है। 

31वें पीएम होंगे एंथनी अल्बानीज़

एंथोनी अल्बनीज देश के 31वें प्रधानमंत्री होंगे। एंथोनी वर्तमान में ऑस्ट्रेलियाई लेबर पार्टी के नेता हैं। उन्होंने 1996 से ऑस्ट्रेलिया में संसद सदस्य के रूप में कार्य किया है। वह 2013 में ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधान मंत्री थे और 2007 और 2013 के बीच कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया।


देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए श्रीलंका की एयरलाइंस बेचने को तैयार PM विक्रमसिंघे, सरकारी कर्मचारियों का वेतन देने के लिए भी नहीं बचे पैसे

श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मौजूदा आर्थिक संकट के बीच द्वीप राष्ट्र के वित्त को स्थिर करने के प्रयासों के तहत राज्य के स्वामित्व वाली श्रीलंकाई एयरलाइंस को बेचने का प्रस्ताव दिया है।

कोलंबो: श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मौजूदा आर्थिक संकट के बीच द्वीप राष्ट्र के वित्त को स्थिर करने के प्रयासों के तहत राज्य के स्वामित्व वाली श्रीलंकाई एयरलाइंस को बेचने का प्रस्ताव दिया है।

 
विक्रमसिंघे ने सोमवार रात राष्ट्र के नाम एक टेलीविजन संबोधन में कहा : "मैं श्रीलंकाई एयरलाइंस का निजीकरण करने का प्रस्ताव करता हूं, जो व्यापक नुकसान उठा रही है। अकेले वर्ष 2020-2021 के लिए नुकसान 45 अरब एलकेआर (129.5 मिलियन डॉलर) है। 31 मार्च तक, 2021 में कुल घाटा 372 अरब एलकेआर था।

उन्होंने कहा, "यहां तक कि अगर हम श्रीलंकाई एयरलाइंस का निजीकरण करते हैं, तो यह एक नुकसान है, जिसे हमें सहन करना चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि यह एक नुकसान है जो इस देश के गरीब लोगों को भी उठाना चाहिए, जिन्होंने कभी हवाई जहाज पर कदम नहीं रखा है।"

जैसा कि 1948 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से देश सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, प्रधानमंत्री ने कहा, "अगले कुछ महीने सभी नागरिकों के जीवन में सबसे कठिन होंगे और देश को कुछ बलिदान करने और इस अवधि की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि देश में पिछले हफ्ते भीषण हिंसा हुई थी, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी और पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे का कारण बना, अगले कुछ दिनों में आवश्यक आयात के भुगतान के लिए तत्काल 7.5 करोड़ डॉलर विदेशी मुद्रा की जरूरत है।

जैसा कि देश भी गंभीर ईंधन की कमी का सामना कर रहा है, विक्रमसिंघे ने कहा, "फिलहाल हमारे पास केवल एक दिन के लिए पेट्रोल का स्टॉक है।

विक्रमसिंघे ने 12 मई को पदभार ग्रहण किया है। उन्होंने कहा, "कल (रविवार) को आए डीजल शिपमेंट के कारण, डीजल की कमी कुछ हद तक हल हो जाएगी। भारतीय क्रेडिट लाइन के तहत, दो और डीजल शिपमेंट 18 मई और 1 जून को आने वाले हैं। इसके अलावा, दो पेट्रोल शिपमेंट 18 और 28 मई को होने की उम्मीद है।"

विक्रमसिंघे ने कहा कि सरकार के वेतन बिल और अन्य प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद के लिए देश के केंद्रीय बैंक को पैसे छापने होंगे।

उन्होंने कहा, "अपनी मर्जी के खिलाफ, मैं राज्य क्षेत्र के कर्मचारियों को भुगतान करने और आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के भुगतान के लिए पैसे छापने की अनुमति देने के लिए मजबूर हूं। हालांकि, हमें यह याद रखना चाहिए कि पैसे की छपाई से रुपये का मूल्यह्रास होता है।"

द्वीप राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को कोविड-19 महामारी, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और लोकलुभावन कर कटौती से नुकसान हुआ है। विदेशी मुद्रा की कमी और बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण दवाओं, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है।

हाल के हफ्तों में, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनके परिवार के खिलाफ बड़े, हिंसक, विरोध प्रदर्शन हुए हैं।


रूस-यूकेन जंग: रूस तगड़ा झटका, फिनलैंड और स्वीडन के नाटो में जाने की राह खुली, तुर्की भी तैयार

फिनलैंड मीडिया के मुताबिक इसी सप्ताह नाटो से जुड़ने के प्रस्ताव को संसद में मंजूरी दी जा सकती है। इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद एक औपचारिक आवेदन ब्रसेल्स स्थित नाटो दफ्तर में दिया जाएगा। इसके बाद इस पर जल्दी ही फैसला हो सकता है।

मॉस्को: रूस की ओर से यूक्रेन पर हमला करने की एक बड़ी वजह यह भी थी कि वह नाटो का हिस्सा न बन जाए, लेकिन इस मुद्दे पर व्लादिमीर पुतिन को अगले हफ्ते बड़ा झटका लग सकता है। फिनलैंड की सरकार ने आधिकारिक तौर पर नाटो का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर कर दी है। उसके बाद स्वीडन ने भी ऐसे ही संकेत दिए हैं। 

यही नहीं इन दोनों देशों की एंट्री का विरोध करने वाले तुर्की को भी अमेरिका ने साध लिया है।स्वीडन की सत्ताधारी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने नाटो में जाने पर सहमति जाहिर की है। दोनों ही देश रूस से सीमा साझा करते हैं, ऐसे में उनका नाटो में जाना रूस की चिंताओं को बढ़ा सकता है। रूस पड़ोसियों के नाटो में शामिल होने का विरोध करता रहा है।


रूस की राय रही है कि पड़ोसी देशों के नाटो में शामिल होने से अमेरिका उसकी सीमाओं के पास आ सकता है और कभी भी हथियारों की तैनाती कर सकता है। इसी को आधार बनाते हुए उसने यूक्रेन पर अटैक किया था और उसके नाटो में जाने की संभावनाओं को अपने लिए खतरा बताया था। य़ही नहीं युद्ध समाप्त होने की शर्त भी यही थी कि यूक्रेन यह ऐलान करे कि वह नाटो का हिस्सा नहीं बनेगा। फिनलैंड के राष्ट्रपति साउली निनिस्तो ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'यह एक ऐतिहासिक दिन है। नए युग की शुरुआत हो रही है।'

फिनलैंड मीडिया के मुताबिक इसी सप्ताह नाटो से जुड़ने के प्रस्ताव को संसद में मंजूरी दी जा सकती है। इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद एक औपचारिक आवेदन ब्रसेल्स स्थित नाटो दफ्तर में दिया जाएगा। इसके बाद इस पर जल्दी ही फैसला हो सकता है।

फिनलैंड के ऐलान के कुछ घंटों के बाद ही स्वीडन के सत्ताधारी दल सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी नाटो में शामिल होने की इच्छा जता दी। पार्टी का कहना है कि वह नाटो जॉइन करने के पक्ष में है।

दरअसल एक दशक पहले स्वीडन ने इसका विरोध किया था, लेकिन यूक्रेन पर रूस के अटैक के बाद से घरेलू स्तर पर इसकी मांग उठने लगी थी कि उसे नाटो जॉइन करना चाहिए। 




PM Modi in Nepal: लुम्बिनी के महामाया मंदिर में PM मोदी ने की पूजा

पीएम मोदी ने नेपाल पहुंचने पर अपने ट्विटर लिखा, " बुद्ध पूर्णिमा के विशेष अवसर पर नेपाल में आगमन, इस मौके पर यहां के अद्भुत लोगों के बीच आकर खुश हूं और लुम्बिनी में कार्यक्रमों की प्रतीक्षा कर रहा हूं।" अपने समकक्ष देउबा के निमंत्रण पर पीएम मोदी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुम्बिनी का एक दिवसीय दौरा कर रहे हैं।

लुंबिनी: पीएम नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) नेपाल पहुंच चुके हैं। मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सोमवार सुबह वायुसेना के हेलिकाप्टर से लुंबिनी पहुंचे। लुंबिनी पहुंचने पर नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने उनका जोरदार स्वागत किया। 

उन्होंने नेपाली पीएम शेर बहादुर देउबा के साथ मुलाकात कर महामाया मंदिर में पूजा अर्चना की। पीएम मोदी ने नेपाल पहुंचने पर अपने ट्विटर लिखा, " बुद्ध पूर्णिमा के विशेष अवसर पर नेपाल में आगमन, इस मौके पर यहां के अद्भुत लोगों के बीच आकर खुश हूं और लुम्बिनी में कार्यक्रमों की प्रतीक्षा कर रहा हूं।" अपने समकक्ष देउबा के निमंत्रण पर पीएम मोदी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुम्बिनी का एक दिवसीय दौरा कर रहे हैं।

इस यात्रा पर आए प्रधानमंत्री लुंबिनी मठ क्षेत्र के भीतर बौद्ध संस्कृति और विरासत के लिए एक केंद्र के निर्माण के लिए शिलान्यास समारोह में भी भाग लेंगे। नेपाल के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, "बैठक के दौरान, वे नेपाल-भारत सहयोग और आपसी हितों के मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।"
पीएम मोदी (Prime Minister Narendra Modi) नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के साथ बैठक भी करेंगे। दोनों नेताओं के बीच विकास, पनबिजली और संपर्क जैसे कई क्षेत्रों द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। बता दें कि साल 2014 में पीएम बनने के बाद मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का ये पांचवी बार नेपाल का दौरा है। बताया जा रहा है कि पीएम सुबह 10 बजे नेपाल पहुंचेंगे और शाम को वापस आ जाएंगे।

पीएम मोदी (Prime Minister Narendra Modi) बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र की आधारशिला रखने के लिए आयोजित समारोह में भी भाग लेंगे। मोदी (Prime Minister Narendra Modi) लुंबिनी में मायादेवी मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री नेपाल सरकार के तत्वावधान में लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा आयोजित बुद्ध जयंती कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल रहेंगे।


पाकिस्तान: पूर्व पीएम इमरान खान का बड़ा दावा, कहा-'मेरी हत्या करने की रची जा रही है साजिश'

शनिवार को सियालकोट में अपने समर्थकों की एक रैली को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि उन्होंने अपनी सरकार के खिलाफ 'साजिश' के पीछे के पात्रों का एक वीडियो रिकॉर्ड किया है और अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसे जारी किया जाएगा।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि उनकी जान लेने के लिए एक 'साजिश' रची जा रही थी और इसके बारे में पहले से जानने के बावजूद, अब उनके पास इसकी पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। 

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को सियालकोट में अपने समर्थकों की एक रैली को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि उन्होंने अपनी सरकार के खिलाफ 'साजिश' के पीछे के पात्रों का एक वीडियो रिकॉर्ड किया है और अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसे जारी किया जाएगा।

पीटीआई अध्यक्ष ने उनकी हत्या की कथित साजिश के आलोक में कहा कि उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया है और इसे एक सुरक्षित स्थान पर रखा है जिसमें उन्होंने हर उस चरित्र का उल्लेख किया है जो उनकी सरकार को हटाने की 'साजिश' के पीछे था।

अपदस्थ प्रधानमंत्री ने कहा, "उन्होंने इमरान खान को मारने का फैसला किया है। और यही कारण है कि मैंने यह वीडियो रिकॉर्ड किया है क्योंकि मैं यह नहीं मानता कि राजनीति में मैं क्या करता हूं, लेकिन यह मेरे लिए जिहाद है।"

खान ने कहा कि उन्होंने उन सभी लोगों का नाम लिया है, जो विदेशों में और घर पर 'साजिश' में शामिल थे। उन्होंने कहा, "मैंने वीडियो में कहा है कि मेरी सरकार के खिलाफ साजिश करने वाले हर व्यक्ति के नाम मेरे दिल पर अंकित हैं।"


जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई अध्यक्ष ने वीडियो के पीछे के कारण के बारे में बताते हुए कहा कि पाकिस्तान में शक्तिशाली लोगों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता है, इसलिए इस वीडियो के माध्यम से वह 'देश के हित के खिलाफ' जाने वाले सभी लोगों का पर्दाफाश करेंगे।

अपदस्थ प्रधानमंत्री ने लोगों से सरकार के खिलाफ सामने आने और पीटीआई का समर्थन करने का आग्रह किया।


न्यूयॉर्क के बफ़ेलो मार्किट में अश्वेतों को बंदूकधारी ने बनाया निशाना, 10 लोगों की गोली मारकर की हत्या, खुद को किया सरेंडर

न्यूयॉर्क के बफ़ेलो स्थित एक सुपरमार्केट में शनिवार को दोपहर के समय 10 लोगों को गोली मार दी गई। पुलिस ने कहा कि बंदूकधारी को हिरासत में ले लिया गया है।

बफ़ेलो: न्यूयॉर्क के बफ़ेलो स्थित एक सुपरमार्केट में शनिवार को दोपहर के समय 10 लोगों को गोली मार दी गई। पुलिस ने कहा कि बंदूकधारी को हिरासत में ले लिया गया है। 

टॉप फ्रेंडली मार्केट में हुई गोलीबारी की चपेट में आए और लोगों के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिली है। गवर्नर कैथी होचुल ने ट्वीट किया कि वह उनके गृहनगर बफ़ेलो में एक किराने की दुकान पर हुई इस घटना को लेकर अधिकारियों के संपर्क में हैं।


पुलिस के मुताबिक गोलीबारी से पहले हमलावर ने इस घटना को ऑनलाइन दिखाने के लिए कैमरे का इस्तेमाल किया। फिलहाल पुलिस ने 18 साल के इस हमलावर को हिरासत में ले लिया है। हालांकि अभी इसका नाम नहीं बताया गया है।

जिस इलाके में ये गोलीबारी की घटना हुई है वहां ज्यादातर अश्वेत रहते हैं। अधिकांश पीड़ित अश्वेत ही हैं। बफ़ेलो के पुलिस कमिश्नर ग्रैमाग्लिया ने कहा कि 13 लोगों को गोली मारी गई, इनमें से 10 की मौत हो गई बाकी लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कहा जा रहा है कि संदिग्ध ने शहर के इस इलाके तक पहुंचने के लिए कई घंटों तक गाड़ी चलाई।

एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने संदिग्ध को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। पुलिस ने कहा कि संदिग्ध के पास एक ताकतवर राइफल थी और उसने हेलमेट भी पहना था। बाद में उसने अपना हथियार सरेंडर कर दिया।


श्रीलंका की फिर से मदद करेगा भारत, 65 हजार मीट्रिक टन यूरिया देने का ऐलान

श्रीलंका के इस विनाशकारी आर्थिक संकट के बीच भारत की सराहनीय कदम एक बार फिर से देखी गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने द्वीप राष्ट्र को 65,000 मीट्रिक टन यूरिया ( Urea fertilizer Support to Sri Lanka) की आपूर्ति करने का फैसला किया है।

नई दिल्ली: श्रीलंका इन दिनों ऐतिहासिक आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में महंगाई चरम सीमा पर है। जिस कारण वहां के आमजनों में भारी गुस्सा है। 

श्रीलंका के इस विनाशकारी आर्थिक संकट के बीच भारत की सराहनीय कदम एक बार फिर से देखी गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने द्वीप राष्ट्र को 65,000 मीट्रिक टन यूरिया ( Urea fertilizer Support to Sri Lanka) की आपूर्ति करने का फैसला किया है।

श्रीलंका को मदद देने का यह फैसला भारत में श्रीलंकाई उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा और भारत के उर्वरक विभाग के सचिव राजेश कुमार चतुर्वेदी की मीटिंग के बाद आया है, जहां इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका उच्चायुक्त और भारतीय उर्वरक सचिव ने संभावित तरीकों और उपायों पर चर्चा की। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत से श्रीलंका को रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति वर्तमान क्रेडिट लाइन के तहत की जाए। 

इसके अलावा, भारत से यूरिया उर्वरक के निर्यात प्रतिबंध के बावजूद भारत सरकार ने श्रीलंका के अनुरोध पर वर्तमान 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की भारतीय लाइन के तहत संकटग्रस्त द्वीप देश को यह सहायता दी है।  


शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान होंगे यूएई के अगले राष्ट्रपति

यूएई के अगले राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान होंगे। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 61 वर्षीय नेता देश के तीसरे राष्ट्रपति होंगे।

नई दिल्ली: यूएई के अगले राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान होंगे। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 61 वर्षीय नेता देश के तीसरे राष्ट्रपति होंगे।

राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद के शुक्रवार को निधन से यह पद रिक्त हुआ था। अमीरात समाचार एजेंसी ने शनिवार को बताया कि यूएई की फेडरल सुप्रीम काउंसिल ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को नया राष्ट्रपति चुना है। परिषद की शनिवार को दुबई के शासक शेख मोहम्मद की अध्यक्षता में अबू धाबी के अल-मुशरिफ पैलेस में एक बैठक हुई। उसमें नया राष्ट्रपति चुना गया। दुबई के शासक और यूएई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को बधाई दी है। 

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मामलों के मंत्रालय ने राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान का निधन पर दुख व्यक्त करते हुए देश में 40 दिनों के शोक की घोषणा की है।  इसके अलावा सभी मंत्रालयों और प्राइवेट सेक्टर में तीन दिन तक कामकाज बंद रहेगा। 

शेख खलीफा के सम्मान में आज भारत में एक दिन का राजकीय शोक रखा गया है। इस दौरान सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया गया है। मनोरंजन का भी कोई सरकारी कार्यक्रम आज नहीं होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने दिवंगत राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान के निधन पर शुक्रवार को शोक जताया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत और यूएई के संबंध समृद्ध हुए। नाहयान 73 साल के थे।  शेख खलीफा 3 नवंबर 2004 से यूएई के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक के रूप में सेवाएं दे रहे थे।


हिंसा के बीच श्रीलंका को मिला नया PM, रानिल विक्रमसिंघे ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ

विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने प्रधानमंत्री नियुक्त किया। इससे पहले दोनों ने बुधवार को बंद कमरे में बातचीत की थी। कुछ दिन पहले ही महिंदा राजपक्षे ने देश के बिगड़ते आर्थिक हालात के मद्देनजर हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

कोलंबो: श्रीलंका में विपक्ष के नेता और यूनाइटेड नेशनल पार्टी (United National Party) के नेता रानिल विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) ने गुरुवार को श्रीलंका (Sri Lanka) के नए प्रधानमंत्री (Prime Minister) के रूप में शपथ ली।

विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने प्रधानमंत्री नियुक्त किया। इससे पहले दोनों ने बुधवार को बंद कमरे में बातचीत की थी। कुछ दिन पहले ही महिंदा राजपक्षे ने देश के बिगड़ते आर्थिक हालात के मद्देनजर हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।


श्रीलंका के चार बार प्रधानमंत्री रह चुके विक्रमसिंघे को अक्टूबर 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री पद से हटा दिया था। हालांकि दो महीने बाद ही सिरीसेना ने उन्हें फिर से प्रधानमंत्री बना दिया था।

देश की सबसे पुरानी पार्टी यूएनपी 2020 के संसदीय चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत सकी थी और यूएनपी के मजबूत गढ़ रहे कोलंबो से चुनाव लड़ने वाले विक्रमसिंघे भी हार गए थे। बाद में वो सकल राष्ट्रीय मतों के आधार पर यूएनपी को आवंटित राष्ट्रीय सूची के माध्यम से संसद पहुंच सके।


SriLankaCrisis: श्रीलंका कोर्ट ने पूर्व PM राजपक्षे, बेटे व 14 अन्य के देश छोड़ने पर लगाया प्रतिबंध

कोलंबो की मजिस्ट्रेट अदालत ने महिंदा राजपक्षे, उनके बेटे एमपी नमल, और 14 अन्य पर यात्रा प्रतिबंध जारी किया। इन लोगों ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक घर के बाहर और उनके राष्ट्रपति कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसक हमले किए थे।

कोलंबो: श्रीलंका की एक अदालत ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और उनके बेटे, सांसदों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित 14 अन्य लोगों के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया।

कोलंबो की मजिस्ट्रेट अदालत ने महिंदा राजपक्षे, उनके बेटे एमपी नमल, और 14 अन्य पर यात्रा प्रतिबंध जारी किया। इन लोगों ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक घर के बाहर और उनके राष्ट्रपति कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसक हमले किए थे।

अटॉर्नी जनरल संजय राजरंतम ने अदालतों को पूर्व पीएम और अन्य पर प्रतिबंध लगाने के लिए सूचित किया था। अटॉर्नी पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसक हमलों की जांच करने का निर्देश दिया है।

राजपक्षे के समर्थक डंडों और लोहे की सलाखों से लैस थे, उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था। गंभीर आर्थिक संकट के बीच राजपक्षे से पद छोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी एक महीने से अधिक समय से डेरा डाले हुए थे।

जिन अन्य लोगों के खिलाफ यात्रा प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें पूर्व मंत्री पवित्रा वन्नियाराची, कंचना जयरत्ने, रोहिता अबेगुणवर्धने, सनथ निशांत, अन्य सांसद और वरिष्ठ डीआईजी देशबंधु थेनाकून शामिल हैं।


पाकिस्तान: कोर्ट ने हिंदू मंदिर हमला मामले में 22 दोषियों को 5 साल की सजा सुनाई

पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) ने 2021 में पंजाब प्रांत में एक हिंदू मंदिर पर हमला करने के मामले में कम से कम 22 आरोपियों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई है।

लाहौर: पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) ने 2021 में पंजाब प्रांत में एक हिंदू मंदिर पर हमला करने के मामले में कम से कम 22 आरोपियों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई है।

जुलाई 2021 में पंजाब प्रांत के रहीम यार खान जिले के भोंग शहर स्थित गणेश मंदिर पर बदमाशों ने लाठी, बांस और हथियारों से कथित तौर पर हमला कर दिया था।

गुस्साई भीड़ ने कथित तौर पर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की, मूर्तियों, दीवारों, दरवाजों और बिजली की फिटिंग को क्षतिग्रस्त कर दिया और मंदिर के एक हिस्से को आग लगा दी और पवित्र हिंदू मंदिर को अपवित्र करने का काम किया।

एक आठ वर्षीय हिंदू लड़के ने कथित तौर पर एक मुस्लिम मदरसे को अपवित्र किया था, जिसके जवाब में बदमाशों ने यह कृत्य किया।

सितंबर 2021 के दौरान हिंदू मंदिर पर हमला करने वाले कम से कम 84 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और पंजाब प्रांत के बहावलपुर में एटीसी में मामला दर्ज किया गया।

जानकारी के अनुसार बहावलपुर एटीसी जज नजीर हुसैन ने मामले में फैसला सुनाया।

अदालत के एक अधिकारी ने पुष्टि की, "न्यायाधीश ने कम से कम 22 संदिग्धों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई, जबकि शेष 62 लोगों को संदेह के आधार पर बरी कर दिया।"

अधिकारी ने कहा, "अदालत ने 22 आरोपियों को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने फुटेज और गवाहों के रूप में प्रासंगिक सबूत पेश किए, जिन्होंने उनके खिलाफ गवाही दी।"

इस मामले को पाकिस्तान सरकार ने भी उठाया था, जिसने पहले ही कथित संदिग्धों से दस लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की थी। यह इसी अदालत के आदेश के अनुसार किया गया था।

सरकार ने गणेश मंदिर के तत्काल जीर्णोद्धार की भी घोषणा की थी, जिसका पालन किया गया और सरकार ने मंदिर का जीर्णोद्धार किया।

पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, गुलजार अहमद ने इस घटना का संज्ञान लिया था और खेद व्यक्त किया था कि गणेश मंदिर की तोड़फोड़ ने देश को शर्मसार किया है।

उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, हिंसक भीड़ को हिंदू मंदिर पर हमला करने से रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

अहमद ने कहा, "कल्पना कीजिए कि अपवित्रता की घटना ने हिंदू समुदाय के सदस्यों को कितनी मानसिक पीड़ा दी होगी।"


#SriLankaCrisis: हिंसा के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, कहा-'एक सप्ताह के अंदर की जाएगी नए पीएम की नियुक्ति'

मौजूदा राजनीतिक संकट को खत्म करने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने बुधवार को घोषणा की कि इस हफ्ते संसद में बहुमत हासिल करने वाले नए प्रधानमंत्री के साथ नई सरकार की नियुक्ति की जाएगी।

कोलंबो: मौजूदा राजनीतिक संकट को खत्म करने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने बुधवार को घोषणा की कि इस हफ्ते संसद में बहुमत हासिल करने वाले नए प्रधानमंत्री के साथ नई सरकार की नियुक्ति की जाएगी।

राष्ट्र को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति राजपक्षे ने 19वें संशोधन के अनुरूप संवैधानिक परिवर्तन लाने पर भी सहमति व्यक्त की, जिसे पिछली सरकार द्वारा पेश किया गया था और चाहते हैं कि कार्यकारी (राष्ट्रपति) शक्तियों को कम करते हुए संसद को अधिक अधिकार दिए जाएं।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि समाज के विभिन्न वर्गों की मांग के अनुसार, वह राष्ट्रपति प्रणाली को खत्म करने के उपाय करेंगे।

इस बीच पूर्व पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने बुधवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की है और ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें नए पीएम के रूप में नियुक्त किया जाना है।

अपने भाषण में, राष्ट्रपति राजपक्षे ने सोमवार की हिंसा की कड़ी निंदा की, जिसमें एक सांसद सहित नौ लोग मारे गए, 300 घायल हुए और राजनेताओं के 100 से अधिक घरों और कार्यालयों को आग लगा दी गई।

उन्होंने आश्वासन दिया कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी सजा दी जाएगी और वह सभी लोगों की सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अन्य दलों के साथ काम कर रहे हैं।

जैसा कि यह अपने सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है, श्रीलंका ने सोमवार को हिंसक हमलों को देखा, जो राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे से इस्तीफा देने की मांग कर रहे थे।

इसके बाद, महिंदा राजपक्षे के लगभग 2,000 समर्थकों ने, (जो उनके आधिकारिक निवासी, टेंपल ट्रीज पर एकत्र हुए) ने जोर देकर कहा कि वह पद न छोड़ें और बाद में डंडों और लोहे की छड़ों से लैस होकर, अपने आवास के पास दो विरोध स्थलों की ओर मार्च किया और प्रदर्शनकारियों पर हमला किया।

हमलों की निंदा करते हुए, देश भर के लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार समर्थक समूह पर जवाबी हमला किया और बाद में, कोलंबो आने वाली बसों और अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और जला दिया गया।

महिंदा राजपक्षे और उनके छोटे भाई और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे और बड़े भाई और पूर्व मंत्री चमल राजपक्षे, अन्य सत्ताधारी पार्टी के मंत्रियों, सांसदों और स्थानीय राजनेताओं के घरों सहित 100 से अधिक इमारतों पर आगजनी की गई।

हिंसा के मद्देनजर, पीएम महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफा दे दिया और बाद में पूर्वी तट पर एक नौसैनिक अड्डे पर शरण ली।

जनता के गुस्से के बीच सत्ताधारी पार्टी के नेता छिप गए हैं और स्पीकर ने बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक से सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

सोमवार की हिंसा के बाद, गुरुवार सुबह तक एक द्वीप-व्यापी कर्फ्यू लगा दिया गया था और बाद में घोषणा की गई कि उसी दिन कर्फ्यू दोपहर 2 बजे से फिर से शुरू होगा।

मंगलवार को सेना बुलाई गई और लूटपाट और आगजनी करने वाले सभी लोगों को गोली मारने के आदेश दिए गए। बुधवार को कोलंबो के चारों ओर भारी सैन्य उपस्थिति के साथ बख्तरबंद वाहन देखे गए और राजनीतिक दलों ने शिकायत की थी कि सरकार एक सैन्य तानाशाही की योजना बना रही है।

अमेरिका ने सेना की तैनाती पर चिंता व्यक्त की और आग्रह किया कि सरकार देश में दीर्घकालिक आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाधानों को लागू करने के लिए तेजी से काम करेगी।

इस बीच, कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने कुछ मीडिया रिपोटरें का ²ढ़ता से खंडन किया कि कुछ राजनेता अपने परिवारों के साथ सुरक्षा के लिए भारत भाग गए हैं।

भारत ने मीडिया रिपोटरें का भी खंडन किया कि उन्हें श्रीलंका में सैनिकों को भेजना था और इसके विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा था कि भारत श्रीलंका के लोकतंत्र, स्थिरता और आर्थिक सुधार का पूरा समर्थन करता है।


Sri Lanka Crisis: पूरे श्रीलंका में हिंसा की खबरें, रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, दंगाईयों को देखते ही गोली मारने के आदेश

श्रीलंका के सुरक्षा बलों को उन सभी लोगों को गोली मारने का आदेश दिया गया है जो सार्वजनिक संपत्ति को लूट रहे हैं या व्यक्तिगत नुकसान पहुंचा रहे हैं।

कोलंबो: श्रीलंका के सुरक्षा बलों को उन सभी लोगों को गोली मारने का आदेश दिया गया है जो सार्वजनिक संपत्ति को लूट रहे हैं या व्यक्तिगत नुकसान पहुंचा रहे हैं। 


स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को बताया कि पूरे द्वीप राष्ट्र में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी है। श्रीलंका सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों में तेज हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप विरोध स्थलों पर तैनात सुरक्षा बलों के साथ झड़पों की घटनाओं में वृद्धि हुई है।

सेना के प्रवक्ता ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने तीनों बलों को सार्वजनिक संपत्ति लूटने या दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति पर गोलियां चलाने का आदेश दिया है। देश में विरोध की पहचान हो गई है, जिन्‍होंने मंत्रियों और सांसद के घरों को जला दिया है।
सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंका के मोरातुवा मेयर समन लाल फर्नांडो और सांसद सनथ निशांत, रमेश पथिराना, महिपाल हेराथ, थिसा कुट्टियाराची और निमल लांजा के आधिकारिक आवासों को भी आग के हवाले कर दिया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और श्रीलंका के पोदुजाना पेरामुना के सांसदों पर हमला कर दिया।

यहां तक ​​कि श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के कुछ कार्यालयों को भी आग के हवाले कर दिया गया। श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार के कुछ सदस्यों को हिंसक विरोध के बाद इस्तीफा देने के एक दिन बाद त्रिंकोमाली नौसैनिक अड्डे में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिसके कारण देशव्यापी कर्फ्यू लगा।
प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के कोलंबो स्थित सरकारी आवास से निकलने के बाद त्रिंकोमाली नौसैनिक अड्डे में शरण ली। यह खबर फैलने के बाद मंगलवार को नौसैनिक अड्डे के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, प्रदर्शनकारी महिंदा को परिसर से बाहर करने की मांग कर रहे हैं।