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सुकांता मजूमदार को मिली बंगाल BJP की कमान, दिलीप घोष को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

बीजेपी ने यहां दिलीप घोष को हटाकर डॉक्टर सुकांता मजूमदार को पश्चिम बंगाल में नया अध्यक्ष अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं दिलीप घोष राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं के दलबदल के बीच पार्टी ने बड़ा फेरबदल किया है। बीजेपी ने यहां दिलीप घोष को हटाकर डॉक्टर सुकांता मजूमदार को पश्चिम बंगाल में नया अध्यक्ष अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं दिलीप घोष राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

भाजपा महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी अलग-अलग विज्ञप्तियों में यह घोषणाएं की गईं। इनमें कहा गया, ''बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सांसद सुकांता मजूमदार को पश्चिम बंगाल की इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी।''


पश्चिम बंगाल के बालूरघाट से सांसद मजूमदार, दिलीप घोष का स्थान लेंगे। घोष को पिछले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगातार दूसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब वह नड्डा के साथ बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में उपाध्यक्ष होंगे।

भाजपा ने बेबी रानी मौर्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। उत्तराखंड के राज्यपाल के पद से मौर्य के इस्तीफे के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें भाजपा में कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है।


पश्चिम बंगाल: CM ममता से मुलाकात के बाद बाबुल सुप्रियो का बयान-''दीदी की हर बात मेरे कान में संगीत की तरह'

बाबुल सुप्रियो ने कहाकि हमारे बीच बहुत संगीतमय बात हुई। ममता बनर्जी ने मुझसे जो भी कहा वह मेरे कानों के लिए संगीत की तरह ही है। बाबुल ने कहा कि वह दीदी और अभिषेक बनर्जी का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। इन दोनों ने टीएमसी परिवार में जिस प्यार और गर्मजोशी के साथ मेरा स्वागत किया है वह बहुत शानदार है।

कोलकाता: पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो टीएमसी का दामन थामने के बाद 'दीदीमय' हो गए हैं। आज उन्होंने ममता बनर्जी से मुलाकात की और फिर दीदी के जमकर कसींदे पढ़े। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने पार्टी में वापस आने के बाद जिस तरह से उनका स्वागत किया है, वह उससे अभिभूत हैं।

बाबुल सुप्रियो ने कहाकि हमारे बीच बहुत संगीतमय बात हुई। ममता बनर्जी ने मुझसे जो भी कहा वह मेरे कानों के लिए संगीत की तरह ही है। बाबुल ने कहा कि वह दीदी और अभिषेक बनर्जी का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। इन दोनों ने टीएमसी परिवार में जिस प्यार और गर्मजोशी के साथ मेरा स्वागत किया है वह बहुत शानदार है। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद बाबुल सुप्रियो ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि मैं उनसे मिलकर बहुत खुश हूं। उन्होंने बेहद ममत्व और गर्मजोशी के साथ टीएमसी परिवार में मेरा स्वागत किया है। बाबुल ने बताया कि ममता बनर्जी ने उनसे कहा है कि तुम पूरे मन से लोगों की सेवा करो और दिल खोलकर सिंगिंग करो। उनकी इस बात ने मेरा दिल खुश कर दिया है। 

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी की कैबिनेट से हटाए जाने के बाद बाबुल सुप्रियो ने पिछले दिनों राजनीति से संन्यास की घोषणा की थी। इसके कुछ दिनों के बाद वह टीएमसी में शामिल हो गए।


पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का एलान-'किसानों के बिजली बिल होंगे माफ, कटे कनेक्शन फिर से जोड़ेंगे'

पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बड़े एलान किए हैं। उन्होंने कहा, 'किसानों के लिए बिजली मुफ्त होनी चाहिए। हमारी सरकार किसानों के बड़े बिजली के बिल माफ किए जाएंगे। अगर किसी की बिजली कटी है तो हम उसके घर बिजली बहाल करेंगे। ये पंजाब के आम लोगों की सरकार है। हम भरोसा दिलाते हैं कि किसी के साथ कुछ गलत नहीं होगा। सभी के लिए कानून एक जैसा होगा।'

चंडीगढ़: चरणजीत सिंह चन्नी ने आज पंजाब के सीएम पद की शपथ लेने के बाद अपना कार्यभार संभाल लिया है। सीएम पद का कार्यभार संभालने के बाद चन्नी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों की सरकार है। किसानों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। वहीं, पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की भी सीएम चन्नी ने तारीफ की। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में सराहनीय कार्य किए हैं।

सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, 'पंजाब सरकार किसानों के साथ है। मैं सभी किसानों और कर्मचारियों से अनुरोध करता हूं कि आप अपना आंदोलन खत्म कर दें। मुझे थोड़ा समय चाहिए, आप सभी की मांगे पूरी होगी। मुझपर भरोसा रखिए। हर एक शिकायत का हल होगा। यह आम आदमी की सरकार है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में बहुत अच्छा काम किया।'


पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बड़े एलान किए हैं। उन्होंने कहा, 'किसानों के लिए बिजली मुफ्त होनी चाहिए। हमारी सरकार किसानों के बड़े बिजली के बिल माफ किए जाएंगे। अगर किसी की बिजली कटी है तो हम उसके घर बिजली बहाल करेंगे। ये पंजाब के आम लोगों की सरकार है। हम भरोसा दिलाते हैं कि किसी के साथ कुछ गलत नहीं होगा। सभी के लिए कानून एक जैसा होगा।'

सीएम चन्नी ने आगे कहा कि किसानों पर कोई आंच आएगी, तो मैं अपना गला काट कर दे दूंगा
पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, 'ये किसानों की सरकार है। किसानों पर कोई आंच आएगी, तो मैं अपना गला काट कर दे दूंगा। अगर किसान डूबा, तो देश डूब जाएगा। अर्थव्यवस्था डूब जाएगी। अगर किसानी खुशहाल होगी तो ही पंजाब खुशहाल होगा। पंजाब के किसान को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। कृषि कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए।


चरणजीत सिंह चन्नी ने संभाला पंजाब के सीएम का कार्यभार

चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब के सीएम पद की शपथ लेने के बाद सीएम का कार्यभार संभाल लिया है। इस मौके पर उनके साथ पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू समेत तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे।

चंडीगढ़: चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब के सीएम पद की शपथ लेने के बाद सीएम का कार्यभार संभाल लिया है। इस मौके पर उनके साथ पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, राज्य के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत समेत तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे।

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बताते चलें कि आज कांग्रेस विधायक चरणजीत सिंह चन्नी ने राजभवन में पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ-साथ ओपी सोनी और सुखजिंदर एस रंधावा ने भी मंत्रि पद की शपथ ली। वहीं, शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दूरी बनाए रखी।

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वहीं, दूसरी तरफ पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह नए सीएम चन्नी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। इस बीच खबर है कि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी कैप्टन अमरिंदर से मिलने जा सकते हैं। सूत्रों से खबर मिल रही है कि पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी दोपहर करीब एक बजे कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने जा सकते हैं।


चन्नी को पंजाब का सीएम बनाने पर मायावती ने बोला कांग्रेस पर हमला, कहा-'कुछ समय के लिए दी है कमान'

मायावती ने कहा कि चन्नी को कुछ समय के लिए कांग्रेस द्वारा राज्य का सीएम बनाया गया है। उनके नेतृत्व में पंजाब विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा जाएगा।

लखनऊ/चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बना दिया है। जिसके बाद यूपी की पूर्व सीएम व बसपा चीफ मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोला है। मायावती ने कहा कि चन्नी को कुछ समय के लिए कांग्रेस द्वारा राज्य का सीएम बनाया गया है। उनके नेतृत्व में पंजाब विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा जाएगा।


मायावती ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी को कुछ वक्त के लिए पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया जाना कांग्रेस का चुनावी हथकंडा है। आगामी पंजाब चुनाव इनके नेतृत्व में नहीं बल्कि गैर दलित के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। इससे साफ होता है कि कांग्रेस का दलितों पर अब तक भरोसा नहीं हुआ है।


बता दें कि मायावती की पार्टी बसपा का पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन हुआ है।

बताते चलें कि आज कांग्रेस विधायक चरणजीत सिंह चन्नी ने राजभवन में पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ-साथ ओपी सोनी और सुखजिंदर एस रंधावा ने भी मंत्रि पद की शपत ली। वहीं, शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दूरी बनाए रखी।


बता दें कि चन्नी मुख्यमंत्री पद के लिए राहुल गांधी की पसंद हैं। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह ली है। चन्नी के अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने राजभवन में पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई दी।


चरणजीत सिंह चन्नी ने ली पंजाब के सीएम पद की शपथ, कैप्टन अमरिंदर रहे नदारद!

कांग्रेस विधायक चरणजीत सिंह चन्नी ने राजभवन में पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ-साथ ओपी सोनी और सुखजिंदर एस रंधावा ने भी मंत्रि पद की शपत ली। वहीं, शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दूरी बनाए रखी।

चंडीगढ़: कांग्रेस विधायक चरणजीत सिंह चन्नी ने राजभवन में पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ-साथ ओपी सोनी और सुखजिंदर एस रंधावा ने भी मंत्रि पद की शपत ली। वहीं, शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दूरी बनाए रखी।

बता दें कि चन्नी मुख्यमंत्री पद के लिए राहुल गांधी की पसंद हैं। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह ली है। चन्नी के अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने राजभवन में पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई दी।



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वहीं, दूसरी तरफ, सूत्रों से खबर मिल रही है कि पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी दोपहर करीब एक बजे कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने जा सकते हैं। कैप्टन अमरिंदर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए।



इनसाइड स्टोरी: PK की रिपोर्ट पर छिनी कैप्टन अमरिंदर की कुर्सी, 1 महीने पहले ही कांग्रेस हाईकमान ने ले लिया था निर्णय!

पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को उनके पद से हटाने की पटकथा या फिर यह कहें कि उन्हें हटाने के निर्णय कांग्रेस आलाकमान द्वारा एक महीने पहले ही ले लिया गया था। इसके पीछे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है।

नई दिल्ली: पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को उनके पद से हटाने की पटकथा या फिर यह कहें कि उन्हें हटाने के निर्णय कांग्रेस आलाकमान द्वारा एक महीने पहले ही ले लिया गया था। इसके पीछे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है।


दरअसल, कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव में करिश्मा दिखा पाते या नहीं इसका जवाब पार्टी को कुछ महीने पहले ही मिल चुका है और जवाब देने वाले शख्स थे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर। पीके ने बीते महीने ही पंजाब सीएम के मुख्य सलाहकार पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, अब बताया जा रहा है कि पीके के फीडबैक के आधार पर ही पंजाब में कांग्रेस ने यह बड़ा फेरबदल किया है। 

प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों के बीच उन्होंने पंजाब के तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के सलाहकार का पद छोड़ दिया था। सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने ही यह फीडबैक दिया था कि कांग्रेस आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी से पीछे रहने वाली है।

एक अन्य सूत्र ने बताया कि पार्टी के आंतरिक सर्वेक्षणों में भी यह बात सामने आई कि पंजाब में कांग्रेस कमजोर पड़ती जा रही है और आगामी चुनावों में पार्टी मौजूदा सीटों के आधे पर भी जीत नहीं पाएगी। बता दें कि 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में कांग्रेस के पास फिलहाल 80 सीटें हैं। 

बता दें कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट्स में यह जरूर कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी में उन्हें कोई बड़ी भूमिका दी जा सकती है, मगर इस पर आखिरी फैसला पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेना है। प्रशांत किशोर ने बीते महीने यानी 5 अगस्त को ही पंजाब सीएम के मुख्य सलाहकार पद से इस्तीफा दिया था। 

ये भी कारण हैं कैप्टन को हटाने के 

इसके अलावा गांधी परिवार को फैसले लेने में शामिल न करना और पार्टी लाइन से अलग चलना भी कैप्टन को भारी पड़ा। हाल ही में जलियांवाला बाग के मेकओवर को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था और इसे शहीदों का अपमान तक बताया था, जबकि कैप्टन ने इस बदलाव को अच्छा बता डाला था। हालांकि, पार्टी सूत्रों की मानें तो कैप्टन को अपनी विदाई का संकेत 18 जुलाई को ही मिल गया था, जब उनकी नाराजगी के बावजूद नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। 

कुल मिलाकर आज चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के नए सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं। ऐसे में अब चन्नी क्या करिश्मा करते हैं पंजाब विधानसभा चुनाव में यह तो आने वाला समय ही बताएगा।


चन्नी के शपथ-ग्रहण समारोह में आएंगे कैप्टन या नहीं? कांग्रेस बोली-उनकी मर्जी !

ऐसे में यह माना जा रहा है कि कांग्रेस कैप्टन अमरिंदर सिंह को दूध में से जैसे मक्खी निकालकर फेंकी जाती है ठीक उसी तरह उन्हें भी लगभग पार्टी से निकाल दिया है।

नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब में कांग्रेस ने अध्यक्ष बदल दिया, सीएम भी बदल दिया लेकिन प्राब्लम खत्म होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। कांग्रेस ने कैप्टन और सिद्धु दोनों खेमों में से सिद्धू खेमे को चुना है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि कांग्रेस कैप्टन अमरिंदर सिंह को दूध में से जैसे मक्खी निकालकर फेंकी जाती है ठीक उसी तरह उन्हें भी लगभग पार्टी से निकाल दिया है।

अब तो कांग्रेस उन्हें तोड़ा भी भाव देना नहीं चाह रही है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि जब कांग्रेस के पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत से पूछा गया कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे तो उन्होंने कहा कि यह उन्हें तय करना है कि वह आएंगे या नहीं।

हरीश रातव ने कहा कि नए मुख्यमंत्री का नाम कल ही तय हो गया था। पार्टी चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर पहले से एकजुट थी। हमारा प्रयास है कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में कैप्टन अमरिंदर सिंह भी आए, यह तय उन्हें करना है कि वे आ रहे है कि नहीं...।

उन्होंने आगे कहा कि हमने उनसे(कैप्टन अमरिंदर सिंह) अभी बात करने की कोशिश की थी। हम कल सुबह भी उनसे बातचीत करेंगे। हमारे विधायक चाहते हैं कि राज्य में दो उपमुख्यमंत्री हो। कुछ नामों पर चर्चा हुई है। हम दो उप-मुख्यमंत्रियों के नाम जल्द बताएंगे।


तेजस्वी यादव-मीसा भारती समय 6 के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश, टिकट देने के बदले लिए थे करोड़ों रुपए!

पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विजय किशोर सिंह की अदालत ने राजधानी के कोतवाली थाने को छह नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

पटना: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुत्र व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनकी बहन मीसा भारती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन दोनों ने चुनाव में टिकट देने के लिए एक नेता से 5 करोड रुपए लिए थे और पैसे लेने के बाद भी उसे टिकट नहीं दिया था। इनके खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

इतना ही नहीं कोर्ट ने बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौर और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश के खिलाफ भी केस दर्ज करने का आदेश दिया है। इन सभी पर रुपए लेकर लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं देने का आरोप है। पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विजय किशोर सिंह की अदालत ने राजधानी के कोतवाली थाने को छह नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। 

आरोप है कि उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट देने का आश्वासन दिया गया लेकिन वह भी नहीं मिला। जब इस मामले में तेजस्वी से संपर्क किया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विजय किशोर सिंह ने इस मामले की सुनवाई की थी। इसके बाद 31 अगस्त 2021 को आदेश को सुरक्षित रख लिया और फिर 16 सितंबर को पटना के एसएसपी के जरिए कोतवाली थानाध्यक्ष को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

इस घटना को लेकर राजद के प्रवक्ता चिंतरंजन गगन ने कहा कि पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्‍होंने कहा कि हमें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा है कि केस दर्ज करने वाला संजीव सिंह कांग्रेस पार्टी का सदस्य नहीं है। इस आरोप का जवाब हम कोर्ट में देंगे। 


अब कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह, ये रहा सबूत !

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमरिंदर सिंह अपना वादा निभाएंगे या फिर उनका किया हुआ वादा 'इमोशनल कार्ड' साबित होगा।


चंडीगढ़: अब कभी भी पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस बात का एलान खुद कैप्टन ने 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में किया था। उन्होंने कहा था कि 2017 विधानसभा चुनाव उनका आखिरी चुनाव होगा।


बता दें कि 17 जनवरी 2017 को अकाली दल पर हमला करते हुए अपने नामांकन से पूर्व अमरिंदर ने अकाली दल की ओर इशारा करते हुए कहा था कि हमारे यहां एक परिवार को एक सीट दी गई है, लेकिन वहां तो पूरा परिवार लड़ रहा है। अमरिंदर ने कहा, यह मेरा अंतिम चुनाव है। लांबी में मैं प्रकाश सिंह बादल को चुनौती दे रहा हूं। मैं उन लोगों (बादल परिवार) को सबक सिखाना चाहता हूं, जिन्होंने पंजाब को लूटा है।


ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमरिंदर सिंह अपना वादा निभाएंगे या फिर उनका किया हुआ वादा 'इमोशनल कार्ड' साबित होगा।



कांग्रेस हाईकमान की बेरुखी के शिकार कैप्टन अमरिंदर सिंह थाम सकते हैं 'कमल' का दामन

कांग्रेस हाईकमान की बेरुखी का शिकार हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव में बगावती तेवर अपना सकते हैं।

चंडीगढ़: नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का सीएम ने बनाकर ऊपरी तौर पर पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की नाराजगी दूर करने का प्रयास जरूर किया है लेकिन उसका प्रयास कितना सफल होगा ये तो आने वाले समय में ही पता चलेगा। 

राजनीतिक जानकार यह मानकर चल रहे हैं कि पंजाब में कांग्रेस की दाल बिना कैप्टन अमरिंदर के नहीं गलती दिख रही है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस हाईकमान की बेरुखी का शिकार हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव में बगावती तेवर अपना सकते हैं। 


पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद से ही पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर अख्तयार कर चुके हैं। उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के संबंध पाकिस्तान से होने के आरोप लगाकर जमकर हमला बोला। उन्होंने यहां तक कह डाला कि अगर कांग्रेस हाईकमान सिद्धू को सीएम बनाती तो वह उसका विरोध करते। लेकिन पार्टी हाईकमान और सोनिया गांधी का विरोध कैप्टन में सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद ही करना शुरू कर दिये। ऐसे में वह आने वाले समय में कांग्रेस के लिए 'जख्मी शेर' की भूमिका निभा सकते हैं यानी कि वह पार्टी में रहकर पार्टी के खिलाफ जा सकते हैं।


कैप्टन अमरिंदर के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद ही भाजपा ने उनपर डोरे डालने शुरू कर दिए। पहले तो भाजपा द्वारा उन्हें देशभक्त बताया जाता है और फिर रविवार शाम को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का यह बड़ा बयान आ जाता है कैप्टन को सिर्फ इसलिए सीएम पद से हटाया गया क्योंकि वह लोकप्रियता के मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी को पीछे छोड़ रहे थे।

वहीं, दूसरी तरफ कैप्टन के पास AAP में भी जा सकते है। हालांकि, इस मुद्दे पर दोनों ही तरफ से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। राजनीतिक पंडित यह मान रहे हैं कि कैप्टन की 'आप' में एंट्री आसान नहीं होगी क्योंकि ऐसा करने आए 'आप' में कलह शुरू हो जाएगी। लेकिन राजनीति है कुछ भी हो सकता है।


आज पंजाब के सीएम पद की शपथ लेंगे चरणजीत सिंह चन्नी, नए 'कैप्टन' के सामने होंगी ये चुनौतियां

आज पंजाब के नए सीएम के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। वह 11 बजे शपथ लेंगे। अपने शपथ ग्रहण की जानकारी रविवार शाम राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद चन्नी ने खुद ही दी।

चंडीगढ़: आज पंजाब के नए सीएम के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। वह 11 बजे शपथ लेंगे। अपने शपथ ग्रहण की जानकारी रविवार शाम राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद चन्नी ने खुद ही दी।

चरणजीत सिंह चन्नी के पंजाब के नए मुख्यमंत्री बनने पर पंजाब कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा चरणजीत सिंह चन्नी मेरे छोटे भाई है। मैं हाईकमान के फ़ैसले का स्वागत करता हूं। मैं आज भी ताकतवर नेता हूं और कल भी रहूंगा।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी नामित सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को शुभकामनाएं दीं है, उन्होंने ट्वीट में कहा है कि "उम्मीद है कि वे सीमावर्ती राज्य पंजाब को सुरक्षित रखने और सीमा पार से बढ़ते सुरक्षा खतरे से लोगों की रक्षा करने में सक्षम हैं।"


चन्नी को सीएम चुने जाने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी में बधाई दी। एक ट्वीट में उन्होंने कहा है कि, ''चरणजीत सिंह चन्नी को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई। हमें पंजाब के लोगों से किए गए वादों को पूरा करना जारी रखना चाहिए। उनका विश्वास सर्वोपरि है।''


बता दें कि चरणजीत सिंह चन्नी अमरिंदर सिंह की सरकार में तकनीकी शिक्षा और पर्यटन मंत्री थे। चमकौर विधानसभा सीट से विधायक हैं।वे पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं।

चन्नी के सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का सीएम ने बनाकर ऊपरी तौर पर पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की नाराजगी दूर करने का प्रयास जरूर किया है लेकिन उसका प्रयास कितना सफल होगा ये तो आने वाले समय में ही पता चलेगा। ऐसे में नए सीएम चन्नी के सामने पंजाब कॉंग्रेस में मचे घमासान को खत्म करने के साथ-साथ अमरिंदर गुट से तल्खियां भी खत्म करना होगा।

राजनीतिक जानकार यह मानकर चल रहे हैं कि पंजाब में कांग्रेस की दाल बिना कैप्टन अमरिंदर के नहीं गलती दिख रही है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस हाईकमान की बेरुखी का शिकार हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव में बगावती तेवर अपना सकते हैं। ऐसे में नए सीएम चन्नी के सामने कैप्टन अमरिंदर को बागी बनने से रोकना होगा। यह भी उनके सामने एक बड़ी चुनौती होगी।

अभी से ही बगावत पर उतारू हो गए हैं कैप्टन

पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद से ही पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर अख्तयार कर चुके हैं। उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के संबंध पाकिस्तान से होने के आरोप लगाकर जमकर हमला बोला। उन्होंने यहां तक कह डाला कि अगर कांग्रेस हाईकमान सिद्धू को सीएम बनाती तो वह उसका विरोध करते। लेकिन पार्टी हाईकमान और सोनिया गांधी का विरोध कैप्टन में सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद ही करना शुरू कर दिये। ऐसे में वह आने वाले समय में कांग्रेस के लिए 'जख्मी शेर' की भूमिका निभा सकते हैं यानी कि वह पार्टी में रहकर पार्टी के खिलाफ जा सकते हैं।


भाजपा ने डाले डोरे, AAP में भी जाने की संभावना


कैप्टन अमरिंदर के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद ही भाजपा ने उनपर डोरे डालने शुरू कर दिए। पहले तो भाजपा द्वारा उन्हें देशभक्त बताया जाता है और फिर रविवार शाम को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का यह बड़ा बयान आ जाता है कैप्टन को सिर्फ इसलिए सीएम पद से हटाया गया क्योंकि वह लोकप्रियता के मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी को पीछे छोड़ रहे थे।

AAP में एंट्री आसान नहीं

वहीं, दूसरी तरफ कैप्टन के पास AAP में भी जा सकते है। हालांकि, इस मुद्दे पर दोनों ही तरफ से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। राजनीतिक पंडित यह मान रहे हैं कि कैप्टन की 'आप' में एंट्री आसान नहीं होगी क्योंकि ऐसा करने आए 'आप' में कलह शुरू हो जाएगी। लेकिन राजनीति है कुछ भी हो सकता है।

ऐसे में नए सीएम चन्नी के सामने अपनी पार्टी को पंजाब में मजबूत करने कब साथ-साथ अगले साल राज्य में होने वाले चुनाव में सत्ता की वापसी कराने की भी चुनौती होगी। अगर कांग्रेस चुनाव हारती है तो इसके लिए अगर किसी पर सबसे ज्यादा ठीकरा फूटेगा तो वह होंगे नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी।


सोमवार 11 बजे पंजाब के सीएम पद की शपथ लेंगे चरणजीत सिंह चन्नी, राहुल गांधी-कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दी बधाई

शपथ ग्रहण को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि कल 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से जो फैसला लिया उस बारे में आज राज्यपाल के सामने दावा पेश किया। कल 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष और नेता संबोधित करेंगे।

चंडीगढ़: आखिरकार पंजाब के नए सीएम से सस्पेंस खत्म हो गया है। चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस द्वारा पंजाब का नया सीएम बनाया गया है। इस बात की जानकारी पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने ट्वीट कर दी।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने ट्वीट करके बताया है कि "कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे।" चरणजीत सिंह चन्नी के पंजाब के नए मुख्यमंत्री बनने पर पंजाब कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा चरणजीत सिंह चन्नी मेरे छोटे भाई है। मैं हाईकमान के फ़ैसले का स्वागत करता हूं। मैं आज भी ताकतवर नेता हूं और कल भी रहूंगा।



शपथ ग्रहण को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि कल 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से जो फैसला लिया उस बारे में आज राज्यपाल के सामने दावा पेश किया। कल 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष और नेता संबोधित करेंगे।


चन्नी को सीएम चुने जाने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी में बधाई दी। एक ट्वीट में उन्होंने कहा है कि, ''चरणजीत सिंह चन्नी को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई। हमें पंजाब के लोगों से किए गए वादों को पूरा करना जारी रखना चाहिए। उनका विश्वास सर्वोपरि है।''


बता दें कि चरणजीत सिंह चन्नी अमरिंदर सिंह की सरकार में तकनीकी शिक्षा और पर्यटन मंत्री थे। चमकौर विधानसभा सीट से विधायक हैं।वे पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं।


कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा राज्यपाल से मिलने शाम साढ़े छह बजे राजभवन जाएंगे। उनके साथ हरीश रावत सहित कांग्रेस के पाच नेता होंगे। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने शाम साढ़े छह बजे मिलने का समय दिया है।


कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी नामित सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को शुभकामनाएं दीं है, उन्होंने ट्वीट में कहा है कि "उम्मीद है कि वे सीमावर्ती राज्य पंजाब को सुरक्षित रखने और सीमा पार से बढ़ते सुरक्षा खतरे से लोगों की रक्षा करने में सक्षम हैं।"


मिशन उत्तराखंड: अरविंद केजरीवाल ने लगाई वादों की झड़ी, कहा-'जो कहता हूँ, वह करता हूँ'

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अगर हमारी सरकार यहां बनेगी तो 300 यूनिट मुफ़्त बिजली दी जाएगी और पुराने बिजली के बिल माफ़ किया जाएगा तथा 24 घंटे बिजली दी जाएगी। मैं जो कहता हूं वो करता हूं। हमने कहा मुफ़्त बिजली देंगे..तो देंगे।

देहरादून: अगले साल उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं। इसी क्रम में आज अरविंद केजरीवाल एक बार फिर से उत्तराखंड पहुंचे।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अगर हमारी सरकार यहां बनेगी तो 300 यूनिट मुफ़्त बिजली दी जाएगी और पुराने बिजली के बिल माफ़ किया जाएगा तथा 24 घंटे बिजली दी जाएगी। मैं जो कहता हूं वो करता हूं। हमने कहा मुफ़्त बिजली देंगे..तो देंगे।

उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार बनने के 6 महीने के अंदर 1 लाख सरकारी नौकरियां तैयार की जाएगी, उत्तराखंड के बच्चों के लिए एक जॉब पोर्टल बनाया जाएगा और यहां के लोगों के लिए रोज़गार और पलायन मंत्रालय बनाया जाएगा।

केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर हमारी सरकार बनेगी तो उत्तराखंड के सभी बेरोज़गार के लिए रोज़गार मुहैया कराया जाएगा। जब तक उस बेरोज़गार को रोजगार नहीं मिलता तब तक हर परिवार से एक युवा को 5,000 रुपए महीना दिया जाएगा। सरकारी और निजी में 80% नौकरियां उत्तराखंड के बच्चों के लिए रिज़र्व की जाएगी।


चरणजीत सिंह चन्नी बनाये गए पंजाब के नए 'कैप्टन'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने ट्वीट करके बताया है कि

चंडीगढ़: आखिरकार पंजाब के नए सीएम से सस्पेंस खत्म हो गया है। चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस द्वारा पंजाब का नया सीएम बनाया गया है। इस बात की जानकारी पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने ट्वीट कर दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने ट्वीट करके बताया है कि "कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे।" चरणजीत सिंह चन्नी के पंजाब के नए मुख्यमंत्री बनने पर पंजाब कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा चरणजीत सिंह चन्नी मेरे छोटे भाई है। मैं हाईकमान के फ़ैसले का स्वागत करता हूं। मैं आज भी ताकतवर नेता हूं और कल भी रहूंगा।

बता दें कि चरणजीत सिंह चन्नी अमरिंदर सिंह की सरकार में तकनीकी शिक्षा और पर्यटन मंत्री थे। चमकौर विधानसभा सीट से विधायक हैं।वे पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं।

कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा राज्यपाल से मिलने शाम साढ़े छह बजे राजभवन जाएंगे। उनके साथ हरीश रावत सहित कांग्रेस के पाच नेता होंगे। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने शाम साढ़े छह बजे मिलने का समय दिया है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी नामित सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को शुभकामनाएं दीं है, उन्होंने ट्वीट में कहा है कि "उम्मीद है कि वे सीमावर्ती राज्य पंजाब को सुरक्षित रखने और सीमा पार से बढ़ते सुरक्षा खतरे से लोगों की रक्षा करने में सक्षम हैं।"


BJP ने बताया- कैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस ने क्यों हटाया

बीजेपी ने कैप्टन अमरिंदर को कांग्रेस द्वारा हटाये जाने का कारण बताया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की लोकप्रियता सोनिया और राहुल गांधी से ज्यादा बढ़ रही थी इसलिए उन्हें सीएम पद से हटा दिया गया।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में रार के बीच आज सूबे को नया सीएम मिलने जा रहा है। वहीं, बीजेपी ने कैप्टन अमरिंदर को कांग्रेस द्वारा हटाये जाने का कारण बताया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की लोकप्रियता सोनिया और राहुल गांधी से ज्यादा बढ़ रही थी इसलिए उन्हें सीएम पद से हटा दिया गया।


कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस आलाकमान पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कैप्टन एक लोकप्रिय नेता हैं। उन्होंने सीएम के पद से इसलिए हटा दिया गया है क्योंकि वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी की तुलना में अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं। इतने गहरे संटक में फंसे लोग हमसे सवाल कर रहे हैं। उन पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है।

वहीं, भाजपा के प्रवक्ता एनवी सुभाष ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को हर राज्य में उनकी पार्टी द्वारा अपमानित किया जा रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बारे में एएनआई से बात करते हुए सुभाष ने कहा, 'हर कांग्रेस शासित राज्य में कांग्रेस के सभी नेता पार्टी आलाकमान के उदासीन रवैये के कारण अपमानित हो रहे हैं।' उन्होंने कहा कि आलाकमान को सिर्फ परिवार के शासन की चिंता है, न कि 135 साल पुरानी पार्टी की।


पीएम मोदी को टोक्यो ओलंपिक 2020 के खिलाड़ियों से मिले उपहारों की नीलामी, नीरज चोपड़ा के भाले के मिले करोडों रूपये

स्वर्ण जीतने वाले नीरज चोपड़ा के भाले और पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले सुमित एंटिल के भाले का बेस प्राइस एक करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन अब तक 10 करोड़ रुपये की बोली लग चुकी है।

नई दिल्ली: नरेन्द्र मोदी को मिले उपहारों आनलाइन नीलामी चल रही है। इसको लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी ने रविवार को नागरिकों को उनके द्वारा प्राप्त उपहारों और स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

इस बाबत पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'समय के साथ, मुझे कई उपहार और स्मृति चिन्ह मिले हैं जिनकी नीलामी की जा रही है। इसमें हमारे ओलंपिक नायकों द्वारा दिए गए विशेष स्मृति चिन्ह शामिल हैं। नीलामी में भाग लें। इससे मिलने वाला पैसा नमामि गंगे पहल में जाएगा। पीएम मोदी ने ई-नीलामी के लिए निर्धारित पोर्टल का लिंक भी साझा किया।

मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय पीएम मोदी को मिले उपहारों और स्मृति-चिह्नों की ई-नीलामी कर रहा है। नीलाम किए जाने वाले स्मृति-चिह्नों में पदक जीतने वाले ओलिंपियन और पैरालिंपियन के स्पो‌र्ट्स गियर और उपकरण, अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिकृति, चारधाम, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, माडल, मूर्तियां, पेंटिंग, अंगवस्त्र आदि शामिल हैं।

इस दौरान करीब 13 सौ उपहारों को नीलामी के लिए रखा गया है। साथ ही सभी का बेस प्राइस भी तय किया गया। ओलिंपिक में स्वर्ण जीतने वाले नीरज चोपड़ा के भाले और पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले सुमित एंटिल के भाले का बेस प्राइस एक करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन अब तक 10 करोड़ रुपये की बोली लग चुकी है।

कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संगठन 17 सितंबर से सात अक्टूबर के बीच वेबसाइट 'पीएममेमेंटोस डाट जीओवी डाट इन' (https://pmmementos.gov.in) के माध्यम से ई-नीलामी में भाग ले सकता है। ई-नीलामी से प्राप्त धनराशि गंगा के संरक्षण और कायाकल्प के उद्देश्य से नमामि गंगे मिशन को दी जाएगी।


अम्बिका सोनी ने पंजाब का सीएम बनने से किया इनकार, CLP की बैठक टली

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब के लिए नए सीएम की तलाश जारी है। इस बीच अम्बिका सोनी ने पंजाब का नया सीएम बनने से मना कर दिया है। वहीं, आज होने वाली सीएलपी की बैठक भी टल गई है।

चंडीगढ़: कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब के लिए नए सीएम की तलाश जारी है। इस बीच अम्बिका सोनी ने पंजाब का नया सीएम बनने से मना कर दिया है। वहीं, आज होने वाली सीएलपी की बैठक भी टल गई है।


कांग्रेस में पंजाब के मुख्यमंत्री के नाम को लेकर पेच फंस गया है। अंबिका सोनी के इनकार के बाद अब CLP की मीटिंग भी टाल दी गई है। सूत्रों की मानें तो पंजाब कांग्रेस विधायक की बैठक आज नहीं होगी। इधर, अजय माकन, हरीश रावत, नवजोत सिद्धू ने मुख्यमंत्री पद पर की चर्चा है। हालांकि, अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पंजाब का अगला सीएम कौन होगा।

मुख्यमंत्री पद की रेस में आगे चल रहीं अंबिका सोनी ने सीएम बनने से इनकार कर दिया है। राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री का पद ठुकरा दिया है। उन्होंने बैठक में ही स्पष्ट कर दिया कि पंजाब में सिख को ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए। 

चंडीगढ़ में सुनील जाखड़ से मुलाकात के बाद कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह वैद ने कहा कि हम सोनिया गांधी के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद सीएलपी की बैठक में फैसला लिया जाएगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के पीछे एक पृष्ठभूमि और मुद्दे हैं।

वहीं एक अन्य कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर यह सब कांग्रेस आलाकमान पर निर्भर है। यह आलाकमान का विशेषाधिकार है। सीएलपी की बैठक कल हुई थी और इसे जनादेश दिया गया है। सीएलपी की एक और बैठक की जरूरत नहीं।

नए सीएम को लेकर अभी भी जारी है माथा-पच्ची

कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद पंजाब का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर कांग्रेस में मंथन जारी है। पंजाब का नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए आज पजंबा कांग्रेस के विधायक दल की बैठक है। अब तक जो खबरें आ रही हैं, उसके हिसाब से मुख्यमंत्री पद की रेस में सुनील जाखड़, अंबिका सोनी और प्रताप सिंह बाजवा का नाम सामने आ रहा है। कुछ लोग सिद्धू को भी रेस में आगे मान रहे हैं। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला सोनिया गांधी को ही करना है।


आपबीती: आम मरीज बनकर स्वास्थ्य मंत्री मांडविया पहुंचे थे सफदरजंग हॉस्पिटल, गॉर्ड ने मारा डंडा, निलंबित करने के सवाल पर पीएम को दिया ये जवाब

वैसे तो सफदरजंग हॉस्पिटल में ये आम बात है लेकिन इस बार मरीज की भेष में गये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया थे और उन्हें गॉर्ड के गुस्से का शिकार होना पड़ा। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने अपनी आपबीती सफदरजंग हॉस्पिटल में ही साझा की।

नई दिल्ली: एक शख्स जो मरीज जैसा दिख रहा था वह सफदरजंग हॉस्पिटल में इलाज कराने के लिए पहुंचता है। वहां अस्पताल में एक बेंच पर बैठ जाता है। मरीज के इस 'गुनाह' पर एक गॉर्ड द्वारा उसे डंडे से मारा जाता है और उसे तुरंत वहां से उठने को कहा जाता है।


वैसे तो सफदरजंग हॉस्पिटल में ये आम बात है लेकिन इस बार मरीज की भेष में गये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया थे और उन्हें गॉर्ड के गुस्से का शिकार होना पड़ा। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने अपनी आपबीती सफदरजंग हॉस्पिटल में ही साझा की। उन्होंने यह भी बताया कि उनके द्वारा यह कहानी पीएम नरेंद्र मोदी से भी साझा की। 


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि वह बीते दिनों जब सफदरजंग अस्पताल में औचक निरीक्षण करने के लिए आम मरीज बनकर पहुंचे तो बेंच पर बैठने के दौरान एक गार्ड ने उन्हें डंडा मारा। यही नहीं, उस दौरान उन्हें अस्पताल में अव्यवस्था भी देखने को मिली। यह बात मांडविया ने गुरुवार को उसी अस्पताल में स्वास्थ्य संबंधी चार सुविधाएं शुरू करने के दौरान कार्यक्रम में मौजूद डाक्टरों से साझा की। उन्होंने व्यवस्था में सुधार कर इसे देश का माडल अस्पताल बनाने का निर्देश दिया।
 
मांडविया ने सफदरजंग अस्पताल में नए आक्सीजन प्लांट, कोरोना के इलाज के लिए तैयार अस्थायी अस्पताल सहित चार सुविधाओं का शुभारंभ किया। इसके बाद डाक्टरों को संबोधित करते हुए उन्होंने यहां औचक निरीक्षण के समय की आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वह एक आम मरीज की तरह बेंच पर बैठे तो गार्ड ने उन्हें डंडा मारा और कहा कि यहां नहीं बैठना।


ये लापरवाही भी देखने को मिली

मांडविया ने देखा कि अस्पताल में करीब 75 साल की एक बुजुर्ग महिला को उसके बेटे के लिए स्ट्रेचर की जरूरत थी। परेशान हो रही बुजुर्ग महिला को स्ट्रेचर दिलाने व स्ट्रेचर ले जाने में सुरक्षा गार्डों ने कोई मदद नहीं की। 

उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था ऐसी बनाई जानी चाहिए कि मरीजों को बिल्कुल परेशानी न होने पाए। यदि अस्पताल में 1500 गार्ड हैं तो ये स्ट्रेचर ले जाने में बुजुर्ग महिला की मदद क्यों नहीं कर सकते। उन्होंने निर्देश दिया कि इमरजेंसी ब्लाक में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाने चाहिए।

गार्ड के निलंबन से जुड़े सवाल पर पीएम को दिया ये जवाब


मंत्री ने डाक्टरों से कहा कि उन्होंने इस औचक निरीक्षण का अनुभव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी साझा किया। पीएम को जब उन्होंने यह पूरी बात बताई तो उन्होंने पूछा कि क्या जिस गार्ड ने डंडा मारा, उसे उन्होंने निलंबित कर दिया? जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नहीं, क्योंकि वह व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहते हैं। 

अस्पताल व डाक्टरों को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए मांडविया ने कोरोना के इलाज में डाक्टरों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और कहा कि सभी डाक्टरों को टीम वर्क के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अस्पताल अपनी छवि बदलने के लिए एक प्रेरणा के रूप में काम करेगा।


कब की है घटना


विगत 24 अगस्त की रात वह आम मरीज बनकर सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी ब्लाक में पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने सीजीएचएस की एक डिस्पेंसरी का भी औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने गुरुवार को भी अस्पताल में मरीजों से बातचीत की और सुविधाओं के बारे में पूछा। इससे पूर्व बुधवार को भी उन्होंने आरएमएल अस्पताल में औचक निरीक्षण किया था।


इन चार सुविधाओं का शुभारंभ

आक्सीजन प्लांट (क्षमता तीन मीट्रिक टन)
मेकशिफ्ट अस्पताल (44 बेड)
चाइल्ड एब्यूज प्रोटेक्शन सेंटर
एल्डर एब्यूज केयर सेंटर


कौन बनेगा पंजाब का नया बॉस? सुनील जाखड़ समेत ये नाम रेस में

इस रेस में नवजोत सिंह, सुनील जाखड़, पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी या फिर राज्य के मंत्री विजय इंदर सिंगला सबसे आगे बताए जा रहे हैं।

नई दिल्ली: पंजाब के सीएम पद से कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद नए सीएम की तलाश शुरू हो गई है। सीएम बनने की रेस में सुनील जाखड़ समेत कई नाम शामिल हैं। लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर है कि राहुल गांधी सुनील जाखड़ के नाम पर कैप्टन के इस्तीफे से पहले ही मुहर लगा चुके हैं। ऐसे में सुनील जाखड़ को राज्य का नया सीएम बनाया जाना लगभग तय माना जा रहा है।


पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर अब कप्तानी कौन करेगा। पंजाब का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस रेस में नवजोत सिंह, सुनील जाखड़, पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी या फिर राज्य के मंत्री विजय इंदर सिंगला सबसे आगे बताए जा रहे हैं। 


हालांकि, फाइनल फैसला सोनिया गांधी को ही करना है, क्योंकि विधायक दल ने नया नेता चुनने के लिए सोनिया गांधी को ही अधिकृत किया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य का अगला सीएम कौन होगा? इसे लेकर पार्टी आलाकमान के बीच मंथन जारी है। 

माना जा रहा है कि कुर्सी के अगले दावेदार के नाम पर आज यानी रविवार की सुबह तक मुहर लग जाएगी। नाम तय होने तक ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के ऑबजर्वर चंडीगढ़ में ही मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर नई दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई है।

पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ लंबे समय तक चली तनातनी के बाद अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और दो टूक कहा कि बार-बार विधायकों की बैठक बुलाए जाने से उन्होंने अपमानित महसूस किया, जिसके बाद पद छोड़ने का फैसला किया। मुख्यमंत्री के बाद हुई विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अधिकृत किया गया कि वह विधायक दल के नये नेता का चयन करें। यह नया नेता ही पंजाब का अगला मुख्यमंत्री होगा। 

सूत्रों के मुताबिक, नये विधायक दल के नेता के तौर पर नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा के नाम चर्चा में हैं। उनके अनुसार इन नामों के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अम्बिका सोनी, ब्रह्म मोहिंद्रा, विजय इंदर सिंगला, पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत सिंह नागरा आदि के नामों की भी चर्चा है ।


बाबुल सुप्रियो के TMC में जाने से BJP को कोई नुकसान नहीं: सुवेन्दु अधिकारी

पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने टीएमसी का दामन थाम लिया है जिसके बाद वह अपने पूर्व पार्टी यानी कि भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष सुवेन्दु अधिकारी ने कहा है कि बाबुल सुप्रियो के भाजपा से जाने और टीएमसी में शामिल होने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता।

कोलकाता: आज पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने टीएमसी का दामन थाम लिया है जिसके बाद वह अपने पूर्व पार्टी यानी कि भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष सुवेन्दु अधिकारी ने कहा है कि बाबुल सुप्रियो के भाजपा से जाने और टीएमसी में शामिल होने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता।


बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बाबुल सुप्रियो को तुरंत संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए। TMC में शामिल होने से पहले उन्हें भाजपा को जानकारी देना चाहिए था। इसमें भाजपा का कोई नुकसान नहीं है।

वही भवानीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी ना उतारे जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि ये सवाल तो कांग्रेस से पूछना चाहिए। कांग्रेस ने भवानीपुर उपचुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारा, ममता का सहयोग किया। 

वहीं, TMC के मुखपत्र में ममता बनर्जी को राहुल गांधी की जगह प्रधानमंत्री पद का विकल्प बताए जाने पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जो कांग्रेस ममता की मदद में आगे आई, उसी के खिलाफ बोल रहे हैं।


शहीद शंकर शाह-रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन, कही ये बड़ी बातें

इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें जबलपुर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हाेंने कहा कि देश के लिए उनका बलिदान हमेशा ही हमारे लिए प्रेरणास्राेत रहेगा।

भोपाल : 18 सितंबर यानि आज अमर क्रांतिकारी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस था। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें जबलपुर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हाेंने कहा कि देश के लिए उनका बलिदान हमेशा ही हमारे लिए प्रेरणास्राेत रहेगा। 

इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि बलिदानियों के कारण ही हम आजाद हिंदुस्तान में सांस ले रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि जब पिछली बार जबलपुर आया था तब इन दो बलिदानियों की वीरगाथा को सुना था। देश में कई ऐसे शहीद है जिन्हें भूला दिया गया है। इस दौरान अमित शाह ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 9 जनजातीय संग्राहलय बनाने की घोषणा भी की।

 
जबलपुर के गैरीसन ग्राउड में आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह, सीएम शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा  समेत कई मंत्री और बीजेपी नेता शामिल हुए। इस दौरान जनजातीय नायकों के जीवन पर आधारित प्रदर्शन का शुभारंभ किया गया।

इस दौरान शंकर शाह और रघुनाथ शाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने शंकर शाह आर रघुनाथ शाह की स्मृति में 5 करोड़ की लागत से बनने वाले संग्राहलय का भूमिपूजन भी किया। इस दौरान जननायकों पर आधारित एलबम का विमोचन किया गया।


कांग्रेस में कलह से UPA की सहयोगी पार्टियां निराश, उमर अब्दुल्ला ने कही ये बड़ी बात

पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है। ऐसे में अब यूपीए की सहयोगी पार्टियां भी अब खुद को असहज महसूस कर रही हैं।

नई दिल्ली: पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है। ऐसे में अब यूपीए की सहयोगी पार्टियां भी अब खुद को असहज महसूस कर रही   हैं।

अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि कांग्रेस से यह उम्मीद करना बेकार है कि बीजेपी से लड़ेगी क्योंकि इसके नेता आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं। नेशनल कांफ्रेस के उपाध्यक्ष ने यह टिप्पणी पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद की है।

अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कामकाज का भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बाहर हर राजनीतिक दल पर सीधा प्रभाव डालता है, क्योंकि लगभग 200 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होता है। एक के बाद एक कई ट्वीट में उमर अब्दुल्ला ने कहा, ''मुझे लगता है कि जब कांग्रेस के नेता आपस में लड़ने में व्यस्त हैं तो कांग्रेस से भाजपा के खिलाफ लड़ने की उम्मीद करना बेकार है।''

उमर ने आगे लिखा, ''आमतौर पर मैं कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई पर बात नहीं करता, उनकी पार्टी, उनका काम। हालांकि, कांग्रेस का एनडीए से बाहर के दलों पर सीधार असर पड़ता है, क्योंकि करीब 200 लोकसभा सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है।'' 


कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू पर लगाई आरोपों की झड़ी, कहा-'पाकिस्तान से है उनका रिश्ता, नहीं बनने दूंगा सीएम'

पंजाब के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सिंद्धु के पाकिस्तान के पीएम, आर्मी चीफ से संबंध हैं। अगर पार्टी उन्हें सीएम बनाती है तो वह इसका विरोध करेंगे।

चंडीगढ़: पंजाब के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सिंद्धु के पाकिस्तान के पीएम, आर्मी चीफ से संबंध हैं। अगर पार्टी उन्हें सीएम बनाती है तो वह इसका विरोध करेंगे।


कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि सिद्धू का पाकिस्तान, उसके प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना चीफ कमर जावेद बाजवा से रिश्ते हैं। सिद्धू को पंजाब के लिए डिजास्टर बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश की सुरक्षा का मामला है। बता दें, अमरिंदर के बाद पंजाब में मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धू को प्रमुख दावेदार बताया जा रहा है।  

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सिद्धू को मैं अच्छी तरह से जानता हूं। सिद्धू पंजाब में कोई मैजिक नहीं करने जा रहे हैं। वह एक डिजास्टर साबित होंगे। कैप्टन ने आगे कहा कि यह कांग्रेस पार्टी का फैसला है। वह उनको पीसीसी का चीफ बनाती है बनाएं। लेकिन अगर उन्हें सीएम फेस बनाया गया। अगर उन्हें पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट किया गया तो मैं इसका विरोध करूंगा।

अमरिंदर सिंह सिर्फ इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा तक बता दिया। कैप्टन ने कहा कि यह नेशनल सिक्योरिटी का मसला है। जब अमरिंदर सिंह से पूछा गया कि वह ऐसा क्यों कह रहे हैं तो उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि उसके पाकिस्तान से बहुत अच्छे संबंध हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से सिद्धू की दोस्ती है। जनरल बाजवा से उसकी दोस्ती है।

अमरिंदर ने कहा कि हर रोज पंजाब में पाकिस्तान से ड्रोन आते हैं। कितने हथियार, कितने विस्फोटक, आरडीएक्स, पिस्टल वगैरह सब पाकिस्तान से ही तो आ रहे हैं। हमारा कितना लंबा कॉमन बॉर्डर है जो पाकिस्तान से जुड़ता है। ऐसे में सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाना देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। कैप्टन ने कहा कि अगर ऐसा कोई भी फैसला होता है तो वह खुलकर इसका विरोध करेंगे। 


सीएम पद से इस्तीफा देते ही कैप्टन अमरिंदर सिंह लगने लगे BJP को अच्छे, बताया 'देशभक्त'

इस्तीफा देते ही भाजपा कैप्टन अमरिंदर सिंह पर डोरे डालने शुरू कर चुकी है। भाजपा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उनका बहुत अपमान किया है। पूरा देश देख रहा है। वह एक देशभक्त हैं।

चंडीगढ़: आज पंजाब के सीएम पद से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देते ही भाजपा कैप्टन अमरिंदर सिंह पर डोरे डालने शुरू कर चुकी है। भाजपा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उनका बहुत अपमान किया है। पूरा देश देख रहा है। वह एक देशभक्त हैं।

कैप्टन के अगले कदम को लेकर चल रही अटकलों में इस बात की भी चर्चा है कि वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी के कई नेताओं से उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं। इस बीच बीजेपी ने उनकी तारीफ करते हुए देशभक्त बताया है। 

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता जफर इस्लाम ने एक टीवी चैनल पर कहा, ''कैप्टन के इस्तीफे से बीजेपी को फायदा या नुकसान होगा, यह दूसरी बात है। लेकिन जिस तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाया गया और अपमानित किया गया, वह जनता देख रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह देश भक्त हैं। आप इतिहास उठाकर देख लीजिए जब भी देश के लिए खड़ा होने की जरूरत हुई वह राहुल गांधी के खिलाफ जाकर भी देश के साथ खड़े रहे।''


गुजरात में मुख्यमंत्री और पूरी कैबिनेट शांति से बदल जाने और कांग्रेस में मचे हंगामे पर तंज कसते हुए जफर इस्लाम ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश के खिलाफ बयान देते हैं, जबकि अमरिंदर देशहित में बात करते हैं। 

जफर ने कहा, ''कैप्टन कांग्रेस के कुछ उन नेताओं में शामिल हैं, जो देश हित में खड़े रहते हैं। राहुल गांधी के बयान का पाकिस्तान ने यूएन में इस्तेमाल किया, लेकिन अमरिंदर का बयान पाकिस्तान के खिलाफ था। वह सेना में अधिकारी थे, जानते हैं कि देश हित से ऊपर कुछ नहीं है। सिद्धू पाकिस्तान में बाजवा को जाकर गले लगाते हैं, उन्हें यहां तरजीह दी जाती है, लेकिन कैप्टन को अपमानित किया जाता है।'' 


वहीं, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या भाजपा उनका स्वागत करेगी तो उन्होंने कहा कि यह पार्टी लीडरशिप तय करती है कि किसे पार्टी में लेना है और किसे नहीं, लेकिन जो लोग देशभक्त हैं और देशहित में काम कर रहे हैं उनका हम स्वागत करते हैं। 


पंजाब: सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद छलका कैप्टन का दर्द, कहा-'बहुत अपमानित हुआ'

कैप्टन ने आगे कहा कि पिछले कुछ महीनों मे तीसरी बार ये हो रहा है कि विधायकों को दिल्ली में बुलाया गया। मैं समझता हूं कि अगर मेरे ऊपर कोई संदेह है, मैं सरकार चला नहीं सका, जिस तरीके से बात हुई है मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं।

चडीगढ़: आज पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैंने सुबह कांग्रेस अध्यक्ष से बात की थी और मैंने उन्हें कह दिया था कि मैं इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें (कांग्रेस अध्यक्ष) जिसपर विश्वास है उसे मुख्यमंत्री बनाए।

कैप्टन ने आगे कहा कि पिछले कुछ महीनों मे तीसरी बार ये हो रहा है कि विधायकों को दिल्ली में बुलाया गया। मैं समझता हूं कि अगर मेरे ऊपर कोई संदेह है, मैं सरकार चला नहीं सका, जिस तरीके से बात हुई है मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है। फ्यूचर पॉलिटिक्स हमेशा एक विकल्प होती है और जब मुझे मौका मिलेगा मैं उसका इस्तेमाल करूंगा।

बता दें कि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले उन्होंने अपने करीबी विधायकों के साथ बैठक भी की और इसके बाद राजभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ठीक 4:30 बजे राजभवन पहुंचे और इस्तीफा दिया।

इस्तीफा देने के समय उनके साथ पत्नी परनीत कौर भी मौजूद थीं। कांग्रेस पार्टी में यह भूचाल ऐसे समय पर आया है जब कुछ ही महीनों बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस से सत्ता छीनने की पूरी कोशिश में जुटी हैं। राज्य में विधानसभा चुनावों के ऐन पहले पार्टी में मचा यह घमासान उसे भारी पड़ सकता है। राज्य सरकार के नेतृत्व में परिवर्तन का जनता के बीच गलत संकेत भी जा सकता है। 

बता दें कि  कैप्टन अमरिंदर की कार्यशैली से नाराज होकर 40 विधायकों ने और मंत्रियों ने पार्टी हाईकमान से शिकायत की थी। विधायकों और मंत्रियों ने कहा कि जरूरी काम के लिए भी मुख्यमंत्री से मिलना बेहद मुश्किल है।

इससे पहले हरीश रावत ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा था कि प्रदेश के पार्टी विधायकों ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिख कर विधायक दल की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है जिसे देखते हुए 18 सितंबर को शाम 5 बजे यह बैठक बुलाने का फैसला लिया गया है। 

कैप्टन अमरिंदर ने प्रताप सिंह बाजवा, गुरप्रीत औजला समेत अनेक सांसदों और समर्थक विधायकों से बातचीत की। उन्होंने सोनिया गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं से भी बातचीत की और अपनी नाराजगी जाहिर की।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम पद से इस्तीफा देने को कह दिया गया था। कैप्टन ने सोनिया गांधी से कह दिया था कि उन्हें पद हटाया जाना अपमान होगा जिसे वह बदार्श्त नहीं करेंगे। वह पार्टी तक छोड़ सकते हैं।


पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा, समर्थक मंत्रियों ने भी छोड़ा पद

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले उन्होंने अपने करीबी विधायकों के साथ बैठक भी की और इसके बाद राजभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया।

चंडीगढ़: पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले उन्होंने अपने करीबी विधायकों के साथ बैठक भी की और इसके बाद राजभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ठीक 4:30 बजे राजभवन पहुंचे और इस्तीफा दिया।

इस्तीफा देने के समय उनके साथ पत्नी परनीत कौर भी मौजूद थीं। कांग्रेस पार्टी में यह भूचाल ऐसे समय पर आया है जब कुछ ही महीनों बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस से सत्ता छीनने की पूरी कोशिश में जुटी हैं। राज्य में विधानसभा चुनावों के ऐन पहले पार्टी में मचा यह घमासान उसे भारी पड़ सकता है। राज्य सरकार के नेतृत्व में परिवर्तन का जनता के बीच गलत संकेत भी जा सकता है। 

बता दें कि  कैप्टन अमरिंदर की कार्यशैली से नाराज होकर 40 विधायकों ने और मंत्रियों ने पार्टी हाईकमान से शिकायत की थी। विधायकों और मंत्रियों ने कहा कि जरूरी काम के लिए भी मुख्यमंत्री से मिलना बेहद मुश्किल है।

इससे पहले हरीश रावत ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा था कि प्रदेश के पार्टी विधायकों ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिख कर विधायक दल की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है जिसे देखते हुए 18 सितंबर को शाम 5 बजे यह बैठक बुलाने का फैसला लिया गया है। 

कैप्टन अमरिंदर ने प्रताप सिंह बाजवा, गुरप्रीत औजला समेत अनेक सांसदों और समर्थक विधायकों से बातचीत की। उन्होंने सोनिया गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं से भी बातचीत की और अपनी नाराजगी जाहिर की।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम पद से इस्तीफा देने को कह दिया गया था। कैप्टन ने सोनिया गांधी से कह दिया था कि उन्हें पद हटाया जाना अपमान होगा जिसे वह बदार्श्त नहीं करेंगे। वह पार्टी तक छोड़ सकते हैं।


बड़ी खबर: BJP के नक्शे कदम कांग्रेस, पंजाब के सीएम पद से कैप्टन अमरिंदर की छुट्टी तय, सुनील जाखड़ बनाए जा सकते हैं नए मुखिया

माना जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब के सीएम पद से छुट्टी हो सकती है। इतना ही नहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने यह भी फैसला ले लिया है कि सुनील जाखड़ को पंजाब का नया सीएम बनाया जा सकता है।

चंडीगढ़: आखिरकार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की जीत हुई है। माना जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब के सीएम पद से छुट्टी हो सकती है। इतना ही नहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने यह भी फैसला ले लिया है कि सुनील जाखड़ को पंजाब का नया सीएम बनाया जा सकता है।

कांग्रेस नेतृत्व की ओर से शनिवार शाम 5 बजे बुलाई की विधायक दल की बैठक में बड़ा फैसला हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने सरकार का चेहरा बदलने का फैसला ले लिया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह भी कहा है जा रहा है कि कैप्टन विधायक दल की बैठक से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।


पंजाब में कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक से पहले पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी की राज्य इकाई में उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने का जो रास्ता अपनाया है उसने न सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है, बल्कि अकाली दल की बुनियाद हिल गई है।

उन्होंने ट्वीट किया, ''वाह राहुल गांधी, आपने बेहद उलझी हुई गुत्थी के पंजाबी संस्करण के समाधान का रास्ता निकाला है। आश्चर्यजनक ढंग से नेतृत्व के इस साहसिक फैसले ने न सिर्फ पंजाब कांग्रेस के झंझट को खत्म किया है, बल्कि इसने कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है और अकालियों की बुनियाद हिला दी है।''

गौरतलब है कि कांग्रेस की पंजाब इकाई में जारी तनातनी के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के निर्देश पर शनिवार शाम राज्य के कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। कांग्रेस महासचिव एवं पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार रात को इस बारे में घोषणा की।


पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने थामा TMC का दामन, कुछ दिन पहले ही छोड़ी थी BJP

सुप्रियो बंगाल की आसनसोल सीट से सांसद हैं। सुप्रियो ने ऐसे वक्त तृणमूल का दामन थामा है, जब कोलकाता की भबानीपुर सीट से विधानसभा उपचुनाव हो रहा है, जहां से स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं।

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी लगातार बीजेपी के एक के बाद एक विकेट गिराते चली जा रही है। ताजा मामले में हाल ही में बीजेपी छोड़ने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने टीएमसी का दामन थाम लिया है। 

सुप्रियो शनिवार को टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन की मौजूदगी में तृणमूल में शामिल हो गए। बाबुल सुप्रियो को हाल ही में हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल में भारी फेरबदल के दौरान सुप्रियो को पद से हटा दिया गया था। सुप्रियो बंगाल की आसनसोल सीट से सांसद हैं। सुप्रियो ने ऐसे वक्त तृणमूल का दामन थामा है, जब कोलकाता की भबानीपुर सीट से विधानसभा उपचुनाव हो रहा है, जहां से स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं। हाल ही में बीजेपी के चार विधायक पहले ही तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं।

बता दें कि सुप्रियो पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद से ही भाजपा से नाराज चल रहे थे। बाबुल सुप्रियो ने कुछ वक्त पहले एक पोस्ट लिखकर राजनीति छोड़ने की बात कही थी और अचानक से अब वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इसे भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से कई भाजपा के कई बड़े नेताओं ने पार्टी को अलविदा कहा है। उन नेताओं में अब बाबुल सुप्रियो का भी नाम जुड़ गया है। 

इससे पहले मार्च में पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में वापस लौट गए थे। इसके बाद से भाजपा विधायकों का भाजपा छोड़कर लगातार तृणमूल कांग्रेस में जा रहे हैं।


पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पद और पार्टी दोनों से दे सकते हैं इस्तीफा, सोनिया गांधी से कही ये बड़ी बात

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से कहा है कि वह इस तरह से अपमानित होकर पार्टी में नहीं रह सकते हैं।

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में बहुत कुछ गड़बड़ हो चुका है। ताजा जानकारी यह है कि राज्य के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने पद और कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से कहा है कि वह इस तरह से अपमानित होकर पार्टी में नहीं रह सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिद्धू द्वारा बुलाई गई विधायकों की बैठक से ठीक पहले सोनिया गांधी से कहा है कि वह "इस तरह के अपमान के साथ पार्टी में नहीं रह सकते हैं"। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अमरिंदर सिंह के खिलाफ विधायकों के एक वर्ग, जिन्हें नवजोत सिंह सिद्धू का समर्थक माना जाता है, ने बगावत की और एक नए नेता की मांग की है। पंजाब के संभावित नए मुख्यमंत्री के लिए सुनील जाखड़, पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख प्रताप सिंह बाजवा और बेअंत सिंह के पोते और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू जैसे नाम सामने आ रहे हैं।

कांग्रेस की पंजाब इकाई में जारी तनातनी के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने शनिवार को राज्य के कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। एआईसीसी के महासचिव एवं पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार रात को इस बारे में घोषणा की।

 रावत ने ट्वीट किया, ''कांग्रेस के अनेक विधायकों ने एआईसीसी से पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक तत्काल बुलाने का अनुरोध किया। इसी क्रम में पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यालय में 18 सितंबर को शाम पांच बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। पंजाब कांग्रेस के सभी विधायकों से बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया जाता है''

इस ट्वीट में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू को भी टैग किया। सिद्धू ने शुक्रवार रात को ट्विटर पर लिखा, ''एआईसीसी के निर्देश पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यालय में 18 सितंबर 2021 को शाम पांच बजे बुलाई गई है।''

बता दें कि पिछले महीने, राज्य के चार मंत्रियों और अनेक विधायकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतोष के स्वर उठाए थे और कहा था कि उन्हें अब इस बात का भरोसा नहीं है कि अमरिंदर सिंह में अधूरे वादों को पूरा करने की क्षमता है। इतना ही नहीं सिंद्धु के धड़े ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह किसी अन्य को सीएम बनाने की मांग की थी।


पीएम मोदी ने गोवा के हेल्थकेयर वर्कर्स और कोविड वैक्सीन के लाभार्थियों से किया संवाद, कही ये बड़ी बातें

पीएम नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी ने गोवा के हेल्थकेयर वर्कर्स और कोविड वैक्सीन के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान गोवा के मुख्यमंत्री भी संवाद सम्मेलन में शामिल रहे।

नई दिल्ली/पणजी: आज पीएम नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी ने गोवा के हेल्थकेयर वर्कर्स और कोविड वैक्सीन के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान गोवा के मुख्यमंत्री भी संवाद सम्मेलन में शामिल रहे।

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक समाज सेवा करने वाले व्यक्ति के साथ बातचीत के दौरान कहा कि देश को अगर अपने संकल्प सिद्ध करने है तो हमारी कोशिशों में सब के प्रयास भी बहुत ज़रूरी है। आपके प्रयास से गोवा ने वैक्सीनेशन में उपलब्धी हासिल की। आपकी तरह समाज सेवा करने वाले लाखों लोग हैं। मैं आपको बधाई देता हूं। उन्होंने आगे कहा कि गोवा के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को कोवीड वैक्सीन की एक डोज़ लग चुकी है। कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में यह बहुत बड़ी बात है। इसके लिए गोवा के सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई।


अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि बीते कुछ महीनों में गोवा ने भारी बारिश, चक्रवात और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ भी बहादुरी से लड़ाई लड़ी। इन प्राकृतिक चुनौतियों के बीच कोविड टीकाकरण की रफ्तार को बनाए रखने के लिए सभी कोरोना वॉरियर्स और स्वास्थ्यकर्मियों का अभिनंदन करता हूं।

वहीं, बीते कल कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ां 2 करोड़ के पार होने पर पीएम मोदी ने कहा कि कल का दिन मेरे लिए खास बन गया। स्वास्थ्य क्षेत्र के लोगों ने कल जिस तरह से वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बनाया है वह बहुत बड़ी बात है। जन्मदिन आएंगे और जाएंगे लेकिन कल का दिन मेरे दिल को छू गया। मैं सभी का आभार जताता हूं। वैक्सीन की हर डोज़ एक जीवन को बचाने में मदद करता है। ढाई करोड़ से ज़्यादा लोगों को इतने कम समय में इतना बड़ा सुरक्षा कवच मिलना बहुत संतोष देता है।


पीएम मोदी ने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश, गोवा, चंडीगढ़ और लक्षद्वीप में 100 पतिशत कोविड वैक्सीन की पहली डोज़ लग चुकी है। सिक्किम, अंडमान निकोबार, केरल, लद्दाख, उत्तराखंड और दादर और नागर हवेली भी बहुत जल्द 100 पतिशत वैक्सीन का आंकड़ा छू लेंगे। केंद्र सरकार ने हाल में विदेशी पर्यटकों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। भारत ने आने वाले दिनों में 5 लाख पर्यटकों को मुफ्त वीजा देने का फ़ैसला किया है। पीएम ने यह भी कहा कि कोविड संक्रमण कम हुआ है लेकिन अभी भी कोविड वायरस को हमें हल्के में नहीं लेना है। सुरक्षा और स्वच्छता पर जितना ध्यान होगा पर्यटक उतनी ही संख्या में यहां आएंगे।




कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि हमने कोविड वैक्सीन की पहली डोज़ को 100 प्रतिशत पूरा कर दिया है। आपसे और केंद्र सरकार से सहयोग मिला इसलिए हम यह कर पाए। हमने लगभग 42% कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज़ अब तक दी है। हमने वैक्सीन की बर्बादी बिल्कुल भी नहीं की है।


BJP के साथ शिवसेना नहीं कर सकती गठबंधन: संजय राउत

अभी दो दिन पहले भजपा को 'भविष्य का साथी' महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने बताया था। जिसके बाद एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों में यह बात उड़ी की आने वाले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में शिवसेना और भाजपा फिर से साथ आ सकते हैं। लेकिन शिवसेना के प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने इन कयासों पर विराम लगा दिया है।

मुंबई: शिवसेना और भाजपा के बीच क्या चल रहा है इसके बारे में कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है। अभी दो दिन पहले भजपा को 'भविष्य का साथी' महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने बताया था। जिसके बाद एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों में यह बात उड़ी की आने वाले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में शिवसेना और भाजपा फिर से साथ आ सकते हैं। लेकिन शिवसेना के प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने इन कयासों पर विराम लगा दिया है।

संजय रावत ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि शिवसेना और भाजपा कभी भी एक नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने खुलेआम कहा है कि हम शिवसेना भवन में तोड़फोड़ करेंगे। कुछ केंद्रीय मंत्री ऐसे हैं जो मुख्यमंत्री(उद्धव ठाकरे) पर हमला करने की बात करते हैं। ऐसी पार्टी जो शिवसेना को अपना दुश्मन मानती हो उनके साथ कैसे गठबंधन हो सकता है।


पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर के लिए आज 'अग्नि परीक्षा' का दिन, कांग्रेस हाईकमान ने बुलाई पार्टी के विधायक दल की बैठक

कुल मिलाकर आज तय हो जाएगा कि कैप्टन अमरिंदर चुनाव तक पंजाब के सीएम बने रहेंगे या कोई और सीएम बनेगा। हरीश रावत के साथ पार्टी दो अब्ज़र्वर भी चंडीगढ़ भेजेगी।

चंडीगढ़: काफी दिनों से पंजाब कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल के बीच आज कांग्रेस हाईकमान ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। आज का दिन पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ-साथ कांग्रेस के लिए भी काफी अहम साबित होने वाला है।

मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान के आदेश पर आज शाम 5 बजे चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी विधायकों को शामिल होने को कहा गया है। सियासी गलियारों में इसे कैप्टन की अग्निपरीक्षा कहा जा रहा है। खबर है कि 40 विधायकों ने हाईकमान को चिट्ठी लिखी थी।

बेशक बाहरी तौर पर लग रहा है कि कैप्टन और क्रिकेटर रहे सिद्धू के बीच जारी विवाद की आग बुझ गई है, लेकिन अंदर ही अंदर ये आग सुलग रही थी। कल देर रात हरीश रावत ने ट्वीट किया, ‘’AICC को कांग्रेस पार्टी के बड़ी संख्या में विधायकों के पत्र मिले हैं, जिसमें पंजाब विधायक दल की तुरंत बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया है। AICC ने PPCC को इस बैठक को सुविधाजनक बनाने का निर्देश दिया है।’’


कुल मिलाकर आज तय हो जाएगा कि कैप्टन अमरिंदर चुनाव तक पंजाब के सीएम बने रहेंगे या कोई और सीएम बनेगा। हरीश रावत के साथ पार्टी दो अब्ज़र्वर भी चंडीगढ़ भेजेगी।


तेलंगाना में गरजे अमित शाह, कहा-'2024 में बनेगी भाजपा की सरकार'

अमित शाह ने राज्य में 2024 में भाजपा की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि 2024 में तेलंगाना में भाजपा की सरकार बनने वाली है, भाजपा सरकार बनने के बाद 17 सितंबर को राज्य के अधिकृत कार्यक्रम करके हैदराबाद विमोचन दिन को जन-जन के साथ बनाएंगे।

नई दिल्ली: आज तेलंगाना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद विमोचन कार्यक्रम में शिरकत ही। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि मैं आप सभी को हैदराबाद विमोचन दिन का ह्रदय से शुभकामनाएं देता हूं। आज ही के दिन ये निजाम के शासन में रहा हुआ ये पूरा क्षेत्र सरदार वल्लभ भाई पटेल के पराक्रम के कारण 13 महीने के बाद आज़ाद हुआ था।


उन्होंने आगे कहा कि आज का दिन तेलंगाना के लिए स्वतंत्रता दिन भी माना जाता है। आज प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन भी है। 7-17 सितंबर तक भाजपा इसे सेवा दिन के रूप में भी मना रही है।

अमित शाह ने राज्य में 2024 में भाजपा की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि 2024 में तेलंगाना में भाजपा की सरकार बनने वाली है, भाजपा सरकार बनने के बाद 17 सितंबर को राज्य के अधिकृत कार्यक्रम करके हैदराबाद विमोचन दिन को जन-जन के साथ बनाएंगे। जो डरते हैं वो डरें, भाजपा नहीं डरती मजलिस वालों से। हम तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करते।


उद्धव ठाकरे ने कही 'मन की बात', BJP को बताया 'भविष्य का साथी', अब आगे क्या?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से शुक्रवार को एक कार्यक्रम में 'भविष्य के साथी' का बयान देने को लेकर कयास तेज हो गए हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों कड़वाहट के दौर से गुजर रहे शिवसेना और बीजेपी के साथ आने के कयास इस बयान से लग रहे हैं।

मु्ंबई: ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शिवसेना और भाजपा महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक हो सकते हैं। क्योंकि बीजेपी और शिवसेना दोनों ही एक-दूसरे के प्रति काफी समय से झुकाव मुद्रा में नजर आ रहे हैं। ताजा मामले में महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को 'भविष्य का साथी' बताकर राजनीतिक गलियारों में गर्माहट पैदा कर दी है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से शुक्रवार को एक कार्यक्रम में 'भविष्य के साथी' का बयान देने को लेकर कयास तेज हो गए हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों कड़वाहट के दौर से गुजर रहे शिवसेना और बीजेपी के साथ आने के कयास इस बयान से लग रहे हैं।

शुक्रवार को औरंगाबाद में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, 'मंच पर बैठे मेरे पूर्व, मौजूदा और यदि हम साथ आते हैं तो भविष्य के सहयोगी'। उद्धव ठाकरे के करीबी और सरकार में मंत्री अनिल परब के खिलाफ हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू की है और छापेमारी भी की थी। इन घटनाओं और उद्धव ठाकरे के बयान को जोड़कर देखते हुए तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। 

हालांकि शिवसेना के नेताओं ने भाजपा के साथ आने की अफवाहों को खारिज किया है। यही नहीं नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने भी ऐसी अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शिवसेना और भाजपा के साथ आने की कोई संभावना नहीं है। उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में कहा, 'मेरे मौजूदा, पूर्व और यदि हम साथ आते हैं तो फिर भविष्य के सहयोगी...'। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, जहां रेल राज्य मंत्रीी राव साहेब दानवे बैठे हुए थे। इस साल यह दूसरा मौका है, जब भाजपा और शिवसेना के साथ आने के कयास लग रहे हैं।


मिशन उत्तराखंड: केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस पर बोला हमला, कहा-'BJP सरकार में राज्य का हुआ विकास'

प्रहलाद जोशी ने कहा कि एक घोषणा की गई है कि जय श्री राम के नारे के बदले में जय श्री गणेश का नारा देंगे। मैं रावत जी(हरीश रावत) और कांग्रेस पार्टी को अभिनंदन देना चाहता हूं कि कम से कम नॉन सीरियस पार्ट टाइम पॉलिटिशियन राहुल गांधी ने जय श्री गणेश बोलने का निर्णय तो लिया।

देहरादून: अगले साल उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं और लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव प्रचार में जुट गई है। जहां कांग्रेस तमाम तरह की रैलियां निकालकर आमजनों को सरकार की खामियों के बारे में बता रही है तो वहीं जवाब में बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो रही है। ताजा मामले में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है।

सूबे की सरकार का बखान करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि अटल जी की सरकार जब चली गई थी इस नए राज्य के विकास के लिए यूपीए सरकार ने 10 वर्ष कुछ नहीं किया। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए सरकार आने के बाद और 2017 में राज्य में हमारी सरकार आने के बाद ज़बरदस्त विकास कार्यक्रम शुरू हुए।

वहीं, उन्होंने इस मौके पर हरीश रावत और राहुल गांधी पर चुटकी भी ली। प्रहलाद जोशी ने कहा कि एक घोषणा की गई है कि जय श्री राम के नारे के बदले में जय श्री गणेश का नारा देंगे। मैं रावत जी(हरीश रावत) और कांग्रेस पार्टी को अभिनंदन देना चाहता हूं कि कम से कम नॉन सीरियस पार्ट टाइम पॉलिटिशियन राहुल गांधी ने जय श्री गणेश बोलने का निर्णय तो लिया।


किसान बिल के खिलाफ मार्च निकाल रहे शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

संसद की तरफ बढ़ रही शिअद कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है।

नई दिल्ली: तीन कृषि कानूनों के एक साल पूरे होने पर शिरोमणि अकाली दल ने गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब से संसद भवन के लिए मार्च निकाला गया। संसद की तरफ बढ़ रही शिअद कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है।

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वहीं, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने तीनों कृषि कानूनों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हम यहां पीएम मोदी को संदेश देने आए हैं कि पूरा पंजाब नहीं बल्कि पूरा देश उनकी सरकार के ख़िलाफ़ है।

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गौरतलब है कि पिछले लगभग 10 महीने से किसान बिल के खिलाफ देशव्यापी किसानों का प्रदर्शन जारी है। किसान राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। किसानों के प्रदर्शन को लेकर हरियाणा सरकार द्वारा कई बार उनपर लाठीचार्ज किया गया है। एक तरफ सरकार किसान बिल को वापस नहीं लेने की बात कह रही है तो दूसरी तरफ किसान बिल के वापस लेने के लिए लगातार 10 महीनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं।


पीएम मोदी के जन्मदिन पर ट्विटर पर Trend हुआ #अखंड_पनौती_दिवस और #मोदी_रोजगार_दो

पीएम मोदी के जन्मदिन पर आज सुबह से ही #अखंड_पनौती_दिवस और #मोदी_रोजगार_दो ट्विटर पर ट्रेड हो रहा है और लोग तमाम तरह के मीम्स शेयर कर रहे हैं।

नई दिल्ली: आज पीएम नरेंद्र मोदी 71 साल के हो गए हैं। एक तरफ जहां उनके समर्थक इस दिन को अच्छे से मना रहे हैं तो विरोधी उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोले हुए हैं। पीएम मोदी के जन्मदिन पर आज सुबह से ही #अखंड_पनौती_दिवस और #मोदी_रोजगार_दो ट्विटर पर ट्रेड हो रहा है और लोग तमाम तरह के मीम्स शेयर कर रहे हैं।