Skip to main content
Follow Us On
Hindi News, India News in Hindi, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें, News

अनिल बैजल के इस्तीफे के बाद विनय कुमार सक्सेना बनाए गए दिल्ली के नए उपराज्यपाल, जानिए-नए LG के बारे में सबकुछ

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रपति को श्री विनय कुमार सक्सेना को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्त करते हुए प्रसन्नता हो रही है।”'

नई दिल्ली: विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली के नए उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। इनसे पहले अनिल बैजल यह जिम्मेदारी निभा रहे थे। बैजल ने ‘निजी कारणों’ का हवाला देते हुए पिछले सप्ताह पद से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल, विनय कुमार सक्सेना खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के चेयरमैन हैं। 

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रपति को श्री विनय कुमार सक्सेना को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्त करते हुए प्रसन्नता हो रही है।”'

उल्लेखनीय है कि तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग के अचानक इस्तीफा देने के बाद 1969 बैच के आईएएस अधिकारी बैजल को दिसंबर 2016 में दिल्ली का 21वां उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था।

दिल्ली के नए उपराज्यपाल के बारे में

  • इनका जन्म 23 मार्च 1958 को हुआ था।
  • इन्होंने कानपुर यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।
  • कॉरपोरेट के साथ-साथ एनजीओ सेक्टर में काफी लंबे समय तक काम किया है।
  • 1984 में राजस्थान में जेके ग्रुप को ज्वाइन किया और 11 सालों तक काम किया।


'मांगे पूरी न होने तक नहीं लौटेंगे नौकरी पर...', LG मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद कश्मीरी पंडितों ने किया एलान

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एलजी मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि मांगें पूरी होने तक वह नौकरी पर नहीं लौटेंगे। इसके साथ विरोध प्रदर्शन भी जारी रहेगा।

नई दिल्ली: कश्मीर में ​बीते दिनों हुई हिंसा को लेकर यहां के स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एलजी मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि मांगें पूरी होने तक वह नौकरी पर नहीं लौटेंगे। इसके साथ विरोध प्रदर्शन भी जारी रहेगा।

गौरतलब है कि केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सोमवार देर शाम शेखपोरा बड़गाम पहुंचे। उन्होंने कश्मीरी हिंदू राहुल भट्ट की मौत के बाद से धरने पर बैठे कश्मीरी हिंदुओं को सुरक्षा का भरोसा दिया है। इससे पहले रविवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा था कि आतंकवाद, शांति और समृद्धि के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

आतंकवाद के खात्मे के लिए उसके पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म किया जाना जरूरी है। जम्मू कश्मीर में किसी को भी अशांति फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद को माकूल जवाब दिया जा रहा है। आतंकवाद विरोधी दिवस पर राजभवन में शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों, उपायुक्तों  और एसएसपी को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई गई। 

उपराज्यपाल ने कहा कि हमें शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए मानव जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली ताकतों को प्रतिबद्धता के साथ खत्म किया जा रहा है। युवाओं को सही दिशा की ओर अग्रसर करना हमारी जिम्मेदारी है। इस दौरान देश की एकता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रदांजलि दी गई। 


Bihar News: बिहार में होने वाला है कुछ बड़ा सियासी घमासान, सीएम नीतीश कुमार का फरमान-नीतीश कुमार का फरमान- '72 घंटे तक पटना ना छोड़े विधायक'

नीतीश के इस फरमान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारो में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है। वहीं, दूसरी ओर लालू प्रसाद की आरजेडी (RJD) ने बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ पोस्टर वॉर छेड़ दिया है।

पटना: बिहार में सियासी पारा चरम पर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने विधायकों के लिए फरमान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि अगले 72 घंटे तक सारे विधायक पटना से बाहर ना जाएं। 


नीतीश के इस फरमान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारो में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है। वहीं, दूसरी ओर लालू प्रसाद की आरजेडी (RJD) ने बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ पोस्टर वॉर छेड़ दिया है।


दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फरमान को  जातीय जनगणना (Caste Census) से जोड़ा जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि 27 मई को होने वाली बैठक में कुछ बड़ा ऐलान किया जा सकता है। एक तरफ जहां  जनगणना को लेकर JDU समेत RJD एक साथ नजर आ रहे हैं, वहीं, BJP इसके समर्थन में नहीं हैं। जिसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जैसे की नीतीश कुमार जातीय जनगणना के मुद्दें को लेकर अपनी पार्टी के नेताओं और विधायकों के साथ लगातार मुलाकातें कर रहे हैं। दूसरी ओर बीजेपी (BJP) इसे विरोध में हैं। तो क्या नीतीश एक बार फिर से पलटी मारकर बीजेपी छोड़कर आरजेडी के साथ सरकार बना सकते हैं।  माना जा रहा है कि इन 72 घंटों के अंदर ही इन सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे। 


हनुमान चालिसा विवाद: संसद की विशेषाधिकार समिति के सामने आज पेश होंगी नवनीत राणा

महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा आज लोकसभा की संसदीय विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होकर गिरफ्तारी और जेल में रहने के दौरान अपने साथ किए गए दुर्व्यवहार को लेकर अपना पक्ष रखेंगी।

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा आज लोकसभा की संसदीय विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होकर गिरफ्तारी और जेल में रहने के दौरान अपने साथ किए गए दुर्व्यवहार को लेकर अपना पक्ष रखेंगी।

दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री पर हनुमान चालीसा पढ़ने के विवाद पर नवनीत राणा और उनके पति महाराष्ट्र से निर्दलीय सांसद रवि राणा को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए नवनीत राणा ने पुलिस पर यह आरोप लगाया कि उनकी जाति की वजह से उन्हें बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित रखा गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

उन्होंने लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में अपने साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र पुलिस पर कई तरह के आरोप लगाए थे। अदालत द्वारा जमानत पर रिहा करने के बाद नवनीत राणा ने दिल्ली आकर 9 मई को लोक सभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर भी सारे मामले की जानकारी दी।

लोक सभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद आईएएनएस से बात करते हुए नवनीत राणा ने कहा था कि उन्होंने थाने और जेल में अपने साथ किए गए दुर्व्यवहार और अत्याचार की जानकारी देते हुए स्पीकर साहब से कार्रवाई की मांग की है।

इन्ही शिकायतों के मद्देनजर नवनीत राणा आज लोकसभा की संसदीय विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगी। आपको बता दें कि, झारखंड से भाजपा सांसद सुनील कुमार सिंह, इस 15 सदस्यीय विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद इस समिति के सदस्य हैं, हालांकि फिलहाल समिति में एक स्थान खाली है।


पश्चिम बंगाल में BJP को लगा एक और झटका, TMC में शामिल हुए अर्जून सिंह, अभिषेक बनर्जी ने दिलाई सदस्यता

अर्जून सिंह रविवार दोपहर पार्टी से इस्तीफा देकर शाम होते-होते टीएमसी की सदस्यता अपना ली है। अर्जून सिंह को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने सदस्यता दिलाई है।

नई दिल्ली: बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से ही बीजेपी में बगावत की खबरें शुरू हो गई थी। बीजेपी के प्रमुख नेताओं में मुकुल रॉय और बाबूल सुप्रियो के पार्टी छोड़ने के बाद अब अर्जून सिंह ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है। अर्जून सिंह रविवार दोपहर पार्टी से इस्तीफा देकर शाम होते-होते टीएमसी की सदस्यता अपना ली है। अर्जून सिंह को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने सदस्यता दिलाई है। 

तृणमूल पार्टी की ओर से एक ट्वीट कर कहा गया कि बंगाल भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष और बैरकपुर से सांसद अर्जुन सिंह का अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस परिवार में हार्दिक स्वागत है। 

रविवार सुबह से ही बंगाल की राजनीति में चर्चा थी कि बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह आज टीएमसी के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से मिल सकते हैं। बाद में बताया गया कि वे दोनों शाम 4 बजे मुलाकात कर सकते हैं। बता दें कि अर्जून सिंह बीते कुछ समय से बीजेपी के खिलाफ बागी सुर अपनाए हुए  थे। वह लगातार पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के केंद्रीय नेताओं बंगाल में डैमेज कंट्रोल की काफी कोशिशें की। दिल्ली से अर्जून सिंह को लगातार फोन किए जा रहे थे। बीजेपी आलाकमान भी उनसे चर्चा करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन अर्जून सिंह पहले से ही मन बना चुके थे, आखिरकार उन्होंने रविवार शाम को टीएमसी जॉइन कर लिया। 

सूत्रों के अनुसार, अर्जुन सिंह पिछले 6 महीनों से टीएमसी के संपर्क में थे। उनकी टीएमसी नेताओं से लगातार बात हो रही थी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अर्जुन सिंह बैरकपुर में तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते थे। लेकिन चुनाव के पास आने से कुछ दिनों पहले सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। भाजपा ने भी उन पर भरोसा जताया और वह जीतकर सांसद बन गए थे। 


भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत करेंगे: PM मोदी

उन्होंने कहा कि मार्च 2022 में उन्होंने 14वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान के प्रधानमंत्री किशिदा की मेजबानी की। अभी 2 महीने पहले, मार्च में, मुझे भारत में पीएम फूमियो किशिदा की मेजबानी करने का सम्मान मिला था। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को बढ़ाएगी। मैं जापानी कारोबारी नेताओं और वहां के भारतीय समुदाय से भी बातचीत करूंगा।"

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत बातचीत करेगा। मोदी ने अपनी जापान यात्रा से पहले एक बयान में कहा, "मैं जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा के निमंत्रण पर 23-24 मई 2022 तक टोक्यो, जापान का दौरा करूंगा।"

उन्होंने कहा कि मार्च 2022 में उन्होंने 14वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान के प्रधानमंत्री किशिदा की मेजबानी की। अभी 2 महीने पहले, मार्च में, मुझे भारत में पीएम फूमियो किशिदा की मेजबानी करने का सम्मान मिला था। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को बढ़ाएगी। मैं जापानी कारोबारी नेताओं और वहां के भारतीय समुदाय से भी बातचीत करूंगा।"

उन्होंने कहा, "हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र के घटनाक्रम और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।"

साथ ही कहा कि भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। मार्च शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री किशिदा और उन्होंने जापान से भारत में अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक और निजी निवेश और वित्तपोषण में जापानी पांच ट्रिलियन येन का एहसास करने की अपनी मंशा की घोषणा की थी।

पीएम मोदी ने कहा, "आगामी यात्रा के दौरान, मैं इस उद्देश्य से हमारे देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लक्ष्य के साथ जापानी व्यापार जगत के नेताओं से मिलूंगा।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि जापान में वह क्वाड लीडर्स समिट में भी भाग लेंगे, जो चार क्वाड देशों के नेताओं को क्वाड पहल की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करेगा।

मोदी ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। मोदी ने कहा, "अमेरिका के साथ अपने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। हम क्षेत्रीय विकास और समकालीन वैश्विक मुद्दों पर भी अपनी बातचीत करेंगे।"

नव-निर्वाचित ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज का जिक्र करते हुए, (जो पहली बार क्वाड लीडर्स समिट में शामिल होंगे) मोदी ने कहा, "मैं उनके साथ एक द्विपक्षीय बैठक की आशा करता हूं, जिसके दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक सहयोग के तहत बहुआयामी सहयोग होगा। रणनीतिक साझेदारी और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।"


पुणे में गरजे राज ठाकरे, PM मोदी से की जल्द सिविल कोड लागू करने की मांग, औरंगाबाद का नाम भी बदलने की मांग की, अयोध्या दौरा रद्द करने का भी खोला 'राज'

उन्‍होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि, ''मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करता हूं कि जल्द से जल्द 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' लाएं। जनसंख्या नियंत्रण पर भी क़ानून लाएं और औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर कर दिया जाए।''

पुणे: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे की आज रविवार को पुणे में रैली हुई। इस दौरान उन्‍होंने रैली को संबोधित किया और अपने अयोध्या दौरे के रद्द का कारण बताया।

पुणे में रैली को संबाेधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा- मैंने अपनी अयोध्या यात्रा स्थगित करने के बारे में ट्वीट किया था। मैंने जानबूझकर बयान दिया ताकि सभी को अपनी प्रतिक्रिया देने की अनुमति मिल सके। जो लोग मेरी अयोध्या यात्रा के खिलाफ थे, वे मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मैंने इस विवाद में नहीं पड़ने का फैसला किया। स्वास्थ्य कारणों के चलते अयोध्या यात्रा स्थगित की गई है। मेरा अनुरोध है कि इस बारे में किसी भी तरह की गलत जानकारी न फैलाई जाए।


उन्‍होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि, ''मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करता हूं कि जल्द से जल्द 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' लाएं। जनसंख्या नियंत्रण पर भी क़ानून लाएं और औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर कर दिया जाए।''

इस दौरान राज ठाकरे ने महाराष्‍ट्र के CM उद्धव ठाकरे को निशाने पर लेते हुए उनके असली हिंदू वाले भाषण को बचकाना बताया और कहा- वह पूछते हैं कि कौन असली हिंदू है। मुझे उनके असली हिंदू वाले दावे पर हंसी आती है। साथ ही यह पूछने का मन करता है कि आपकी कमीज ज्यादा सफेद या फिर मेरी।

वहीं, लाउडस्पीकर के मुद्दे पर भी राज ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि, ''मैं अभी भी अपनी मांग को लेकर अडिग हूं। मेरी मांग है कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाएं, क्योंकि सिर्फ शोर का लेवल कम करना ही काफी नहीं है। अब समय है कि इन्हें पूरी तरह से हटाया जाए, क्योंकि ये अभी नहीं हुआ तो फिर कभी नहीं होगा।''


Amit Shah in Arunachal Pradesh: गृह मंत्री अमित शाह ने नामसाई में कई परियोजनाओं का किया उद्घाटन, कांग्रेस पर बोल करारा हमला

अमित शाह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेसी मित्र बोलते हैं कि 8 साल हो गए मोदी जी ने क्या किया? ये कांग्रेस वाले आंख बंद करके विकास को ढूंढ रहे हैं। राहुल बाबा आंख खोल दो, इटालियन चश्मा निकाल दो और भारतीय चश्मा पहन लो तो मालूम पड़ेगा कि 8 साल में क्या हुआ है।

नामसाई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नामसाई में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने विपक्षियों और खासकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

अमित शाह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेसी मित्र बोलते हैं कि 8 साल हो गए मोदी जी ने क्या किया? ये कांग्रेस वाले आंख बंद करके विकास को ढूंढ रहे हैं। राहुल बाबा आंख खोल दो, इटालियन चश्मा निकाल दो और भारतीय चश्मा पहन लो तो मालूम पड़ेगा कि 8 साल में क्या हुआ है।


शाह में आगे कहा कि इन 8 सालों में पर्यटन को बढ़ाने के लिए, यहां के लॉ एंड ऑर्डर को शांति प्रदान करने के लिए, इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए और विकास को बढ़ाने के लिए पेमा खांडू और नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार ने जो 50 साल में नहीं हुआ वो 8 साल में करने का काम किया है।


मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर करारा हमला, कहा-'वे देश के सबसे असफल, कुंठित, हताश व निराश नेता'

सीएम शिवराज ने कहा कि राहुल गांधी देश के सबसे असफल, कुंठित और हताश-निराश नेता हैं। विदेशी धरती पर जाकर कोई देशभक्त नेता राहुल गांधी की तरह देशविरोधी बयान नहीं देता है। ऐसा बयान देकर राहुल गांधी ने अपनी देशभक्ति और राष्ट्र निष्ठा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है।

भोपाल: मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी को देश का सबसे हताश, निराश व कुंठित नेता बताया है।


सीएम शिवराज ने कहा कि राहुल गांधी देश के सबसे असफल, कुंठित और हताश-निराश नेता हैं। विदेशी धरती पर जाकर कोई देशभक्त नेता राहुल गांधी की तरह देशविरोधी बयान नहीं देता है। ऐसा बयान देकर राहुल गांधी ने अपनी देशभक्ति और राष्ट्र निष्ठा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि हमने कभी भी विदेश में जाकर देश की आलोचना नहीं की है। आश्चर्च है कि इसी नेता को कुछ नेता कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की मुहिम चलाए हुए हैं तो फिर तो कांग्रेस का भगवान ही मालिक है।


PM मोदी ने पूर्वोत्तर के भाषाओं को दी अहमियत, असम-अरुणाचल का सीमा विवाद अगले साल तक सुलझ जाएगा: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘बोडोलैंड की समस्या का समाधान हो गया है। अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच सीमा संबंधी 60 फीसदी मुद्दों को भी सुलझा लिया गया है। भारत में गुरू दक्षिणा की परंपरा बहुत पुरानी है पर किसी भी शिष्य ने अपने गुरू को इतनी बड़ी गुरू दक्षिणा नहीं दी होगी, जो स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना करके परमहंस रामकृष्ण को दी है।’

ईटानगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में कहा कि ‘एक दृष्टि से देखें तो अरुणाचल प्रदेश एक प्रकार से नॉर्थ ईस्ट है। नॉर्थ ईस्ट में कई सालों तक समस्याओं को हमने झेला है। अब धीरे-धीरे समस्याओं का निराकरण और निवारण हो रहा है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने 2014 से हमारे उत्तर पूर्व (Amit Shah in Arunachal Pradesh) की अनेक समस्याओं से ग्रस्त नॉर्थ ईस्ट को बदलने की शुरुआत की। पूरा देश अपने नॉर्थ ईस्ट को अपने राज्य जितना ही प्यार करता है और नॉर्थ ईस्ट भी गौरव के साथ आज कह रहा है कि हां हम महान भारत का हिस्सा हैं, हम भारत हैं।’

शाह ने आगे कहा कि अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच सीमा संबंधी 60% मुद्दों को सुलझा लिया गया है। सभी 8 राज्यों को विकसित करना उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि 2014-2022 के दौरान, पीएम मोदी ने उत्तर पूर्व और दिल्ली के बीच मतभेदों को समाप्त कर दिया है। पूर्वोत्तर की भाषाओं की किसी ने परवाह नहीं की लेकिन पीएम ने उन्हें अहमियत दी है।

उन्होंने कहा, ‘नॉर्थ ईस्ट में जो युवा रास्ता भटक गए थे, हाथ में हथियार लेकर अपने ही देश के सामने खड़े हो गए थे वो मोदी सरकार के 8 साल में हथियार डालकर मुख्य धारा में सम्मलित होकर, भारत के विकास के लिए काम कर रहे हैं। बोडोलैंड की समस्या को इतने सालों के बाद सरलता से सुलझाने का काम देश के पीएम मोदी जी ने किया है। त्रिपुरा के हथियारी ग्रुपों को हथियार डलवाने का काम नरेंद्र मोदी सरकार ने किया है। ब्रू शरणार्थियों की समस्या को स्थायी समाधान देने का काम मोदी सरकार ने किया है।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘बोडोलैंड की समस्या का समाधान हो गया है। अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच सीमा संबंधी 60 फीसदी मुद्दों को भी सुलझा लिया गया है। भारत में गुरू दक्षिणा की परंपरा बहुत पुरानी है पर किसी भी शिष्य ने अपने गुरू को इतनी बड़ी गुरू दक्षिणा नहीं दी होगी, जो स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना करके परमहंस रामकृष्ण को दी है।’


राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने बोला मोदी सरकार पर हमला, कहा-'देश में लगी 'आग' बुझाने के लिए PM मोदी बस अपील कर दें'

सीएम गहलोत ने भाजपा व मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा किइस बात का एहसास इनको(भाजपा) नहीं है क्या? आज देश में आग लगी हुई है, जगह-जगह पर दंगे हो रहे हैं।

जयपुर: राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने एक बार फिर से केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। 


सीएम गहलोत ने भाजपा व मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा किइस बात का एहसास इनको(भाजपा) नहीं है क्या? आज देश में आग लगी हुई है, जगह-जगह पर दंगे हो रहे हैं। 

उन्होंने आगे कहा कि हम PM से मांग करते हैं कि आप बस शांति की अपील कर दीजिए, असामाजिक तत्वों की निंदा कीजिए। इसमें इनको क्या संकोच है? पूरा देश इनके मंसूबों और चाल को समझ चुका है।

सीएम गहलोत ने कहा कि आज 70 साल का सफर तय करके हम यहां पहुंचे है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी समेत कई  लोग शहीद हुए पर खालिस्तान नहीं बनने दिया। देश को अखंड रखा। इतनी बड़ी उपलब्धि इस देश ने बलिदान करके हासिल की है।


कैदी नंबर 241383: नवजोत सिंह सिद्धू की नई पहचान, जेल में करेंगे ये काम

33 साल पहले सड़क से शुरु हुआ यह सफर पटियाला सेंट्रल जेल (Patiala Central Jail) तक पहुंच चुका है। एक घटना ने कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की पहचान और पता बदल कर रख दिया है। सिद्धू अब कैदी नंबर 241383 बन गए हैं और पता पटियाला सेंट्रल जेल हो गया है। सिद्धू ने शुक्रवार शाम को पटियाला सेशन कोर्ट में सरेंडर किया था। वहां मेडिकल करवाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था।

नई दिल्ली: 33 साल पहले सड़क से शुरु हुआ यह सफर पटियाला सेंट्रल जेल (Patiala Central Jail) तक पहुंच चुका है। एक घटना ने कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू (Navjot Singh Sidhu)  की पहचान और पता बदल कर रख दिया है। सिद्धू अब कैदी नंबर 241383 बन गए हैं और पता पटियाला सेंट्रल जेल हो गया है। सिद्धू ने शुक्रवार शाम को पटियाला सेशन कोर्ट में सरेंडर किया था। वहां मेडिकल करवाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। 

एक साल कैद बामशक्कत की सजा के लिए जेल पहुंचे सिद्धू को अब सीमेंट से बने थड़े (चबूतरे) पर सोना होगा। सिद्धू के पहले लाइब्रेरी अहाते में रखा गया। हालांकि, बाद में कैदी नंबर अलॉट कर बैरक नंबर 10 में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां उन्हें हत्या में सजा काट रहे 8 कैदियों के साथ रखा गया है। 

कॉमेडी शो में बात-बात पर ठहाके लगाने वाले सिद्धू के मीडिया सलाहकार सुरिंदर डल्ला ने कहा कि सिद्धू को गेहूं से एलर्जी है। वह गेहूं की रोटी नहीं खा सकते। लंबे समय से वह रोटी नहीं खा रहे। इसलिए उन्होंने स्पेशल डाइट मांगी है। इसके बारे में उन्होंने कल मेडिकल के दौरान भी जानकारी दी। साथ ही कहा कि उनको लिवर की प्रॉब्लम है। इसके अलावा उनके पैरों में बैल्ट भी बंधी हुई है।  

बता दें कि जेल में कैदियों को जेल के नियमों का पालन करना होता है। जिसके लिए प्रतिएक कैदी को सफेद कपड़े पहनने होते हैं। इसी लिए जेल के पहले दिन ही सिद्धू को जेल में एक कुर्सी-टेबल, एक अलमारी, 2 पगड़ी, एक कंबल, एक बेड, तीन अंडरवियर और बनियान, 2 टॉवल, एक मच्छरदानी, एक कॉपी-पेन, जूतें, 2 बेडशीट, दो तकिया कवर और 4 कुर्ते-पायजामे दिए गए हैं।


मेरे पिता की नीतियों ने आधुनिक भारत को आकार दिया: राहुल गांधी

राहुल गांधी ट्विटर शनिवार को ट्वीट कर कहा, "मेरे पिता एक दूरदर्शी नेता थे जिनकी नीतियों ने आधुनिक भारत को आकार देने में मदद की।

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उनके बेटे और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें याद करते हुऐ कहा है कि उनकी नीतियों ने आधुनिक भारत को आकार देने में मदद की। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर शनिवार को देश भर में उन्हें याद किया जा रहा है। 21 मई 1991 को एक आत्मघाती बम धमाके में भारत रत्न राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।

राहुल गांधी ट्विटर शनिवार को ट्वीट कर कहा, "मेरे पिता एक दूरदर्शी नेता थे जिनकी नीतियों ने आधुनिक भारत को आकार देने में मदद की।

वह एक संवेदनशील और दयालु व्यक्ति थे और मेरे और प्रियंका के लिए एक अद्भुत पिता थे, जिन्होंने हमें क्षमा और सहानुभूति का मूल्य सिखाया।

उन्होंने कहा, "मुझे उनकी बहुत याद आती है और हम दोनों ने साथ में जो समय बिताया है, उसे याद करता हूं।"

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 में हुआ था। जब वह तीन साल के थे, तब देश आजाद हुआ था। उनका बचपन तीन मूर्ति भवन में बीता। बतौर प्रधानमंत्री राजीव गांधी नेहरू-गांधी परिवार के आखिरी सदस्य थे। उनके बाद भले ही गांधी परिवार राजनीति में आज भी है लेकिन कोई प्रधानमंत्री के पद पर आसीन न हो सका। राजीव गांधी की छवि हमेशा एक बेदाग नेता की रही। राजीव गांधी की 21 मई, 1991 की रात को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर द्वारा हत्या कर दी गई थी।

वहीं भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर शनिवार से भारत जोड़ो अभियान शुरू करेगी। आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने कहा, आज हम जिस डिजिटल क्रांति के दौर में जी रहे हैं, उसकी नींव राजीव गांधी ने ही रखी थी। इस अभियान के माध्यम से हम भारत को जोड़ने की पहल के तौर पर एक नयी क्रांति की शुरुआत करेंगे।


भाजपा पर राहुल गांधी ने 'कैंब्रिज यूनिवर्सिटी' से बोला करारा हमला, कहा-देश में केरोसिन छिड़कने का काम कर रही BJP, एक चिंगारी से भड़क सकती है आग'

राहुल ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए भारत सोने की चिड़िया है और कर्मों के आधार पर उसका हिस्सा बांटना चाहते हैं जिसमें दलितों के लिए कोई जगह नहीं है।

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इन दिनों ब्रिटेन में हैं। शुक्रवार 20 मई को उन्होंने लंदन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में "आइडियाज फॉर इंडिया" सम्मेलन में हिस्सा लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस दौरान कहा कि भारत में लोकतंत्र वैश्विक सार्वजनिक भलाई है। हम अकेले ऐसे लोग हैं जिसने अद्वितीय पैमाने पर लोकतंत्र का प्रबंधन किया है। 

राहुल ने ट्विटर पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इनमें राहुल विपक्षी नेताओं, राजद के तेजस्वी यादव, मनोज झा, टीएमसी के महुआ मोइत्रा और सीपीआई (एम) के सीताराम येचुरी के साथ खड़े हैं। राहुल ने ट्वीट कर बताया कि, लंदन में #IdeasForIndia सम्मेलन में व्यापक विषयों पर समृद्ध आदान-प्रदान हुआ।

राहुल ने इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए भारत की तुलना पाकिस्तान से की है। राहुल ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए भारत सोने की चिड़िया है और कर्मों के आधार पर उसका हिस्सा बांटना चाहते हैं जिसमें दलितों के लिए कोई जगह नहीं है। इसके अलावा राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कांग्रेस की हार की वजह ध्रुवीकरण और सत्ता का मीडिया पर नियंत्रण को बताया। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने लोगों के बीच अपनी जगह बनाई है कांग्रेस और विपक्षी दलों को भी ऐसा ही करना चाहिए और उन 60-70% लोगों को एकजुट करना चाहिए जो उनके लिए वोट नहीं करते हैं। 

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस दौरान, यूक्रेन की तुलना भारत के लद्दाख और डोकलाम से करते हुए कहा कि दोनों जगह चीन की सेना भारत की सीमा के अंदर बैठी है। चीन अगर वहां निर्माण कर रहा है तो किसी तैयारी के लिए कर रहा है लेकिन सरकार इस पर बात नहीं करती। मुझे चिंता है क्योंकि मैं यूक्रेन जैसी स्थिति देख रहा हूं। राहुल ने दावा किया कि एक निजी बातचीत में विदेश मंत्री जयशंकर ने भी उनके नजरिए को महत्वपूर्ण बताया।

इससे पहले आर्थिक नीतियों पर बोलते हुए राहुल ने कहा, 1991 के विचारों से आज काम नहीं चलेगा। मैंने 2012 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछा तो उन्होंने भी कहा कि हम नई दुनिया में आ गए हैं जहां हमारे पुराने तरीके काम नहीं आ रहे। पीएम मोदी ने भी उन्हीं आर्थिक नीतियों का विस्तार किया जबकि वह मृत दृष्टिकोण है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि हमारे देश में संवाद की कमी है। प्रधानमंत्री सुनते नहीं है। कुछ अफसरों ने बताया कि विदेश विभाग में बदलाव आ चुका है किसी की नहीं सुनी जाती।

वहीं, इस दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बीजेपी पर भी कड़ा वार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले जैसा भारत हासिल करना चाहती है जिसके लिए वो लड़ रही है। वहीं, बीजेपी उनकी आवाज दबा रही है। उन्होंने कहा देश उन संस्थानों पर हमले होते देख रहा है जिन्होंने देश का निर्माण किया है। बता दें, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ इस सम्मेलन में शामिल होने सीताराम येचुरी, सलमान खुर्शीद, तेजस्वी याद समेत अन्य कई विपक्ष के नेता शामिल हुए। 

राहुल ने कहा, बीजेपी की सरकार और आरएसएस देश को एक भूगोल की तरह देखते हैं लेकिन हमारे लिए, हमारी पार्टी के लिए भारत लोगों से बनता है। हालांकि, राहुल ने इस बात से भी नहीं नकारा कि पार्टी इस वक्त अंदुरूनी कलह, बगावत, चुनाव में हार से जूझ रही है। राहुल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में इस वक्त अच्छे हालात नहीं है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, बीजेपी देश में केरोसिन छिड़कने का काम कर रही है। एक चिंगारी से आग भड़क सकती है। इस गर्मी को शांत करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।


Navjot Singh Siddhu in Jail: गुरू ने नहीं खाया खाना, रातभर नहीं आई नींद, पढिये-सिद्धू की पहली रात जेल में कैसे कटी

जेल के एक अधिकारी ने बताया कि सिद्धू ने शुक्रवार को यह कहते हुए रात का खाना छोड़ दिया कि उन्होंने पहले ही अपना खाना खा लिया है। लेकिन उन्होंने कुछ दवा ली।

पटियाला: रोडरेज केस में एक साल की सजा पाए कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला की कोर्ट में शुक्रवार को सरेंडर कर दिया जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। सलाखों के पीछे गुरु की पहली रात बिना खाना खाए गुजरी। खबर है कि पूरी रात सिद्धू बेचैन रहे और रातभर नींद भी नहीं आई।


नवजोत सिंह सिद्धू सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गई एक साल की कैद के दौरान हर दिन 40 से 60 रुपये के बीच कमाएंगे। यह वही जेल है जहां शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया भी ड्रग मामले में बंद हैं। हालांकि, उनके बैरक अलग हैं।

जेल के एक अधिकारी ने बताया कि सिद्धू ने शुक्रवार को यह कहते हुए रात का खाना छोड़ दिया कि उन्होंने पहले ही अपना खाना खा लिया है। लेकिन उन्होंने कुछ दवा ली। अधिकारी ने कहा, “जेल में उनके लिए कोई विशेष भोजन की व्यवस्था नहीं है। यदि कोई डॉक्टर किसी विशेष भोजन की सलाह देते हैं, तो वह जेल की कैंटीन से खरीद सकते हैं या खुद बना सकते हैं।”

चूंकि सिद्धू को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, इसलिए उन्हें जेल नियमावली के अनुसार काम करना होगा। हालांकि पहले तीन महीनों के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। जेल नियमावली के अनुसार, एक अकुशल कैदी को प्रतिदिन 40 और एक कुशल कैदी को 60 प्रति दिन मिलते हैं।

रोड रेज का मामला 1988 का है, जब सिद्धू ने गुरनाम सिंह को कथित तौर पर हाथ से पीटा था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। 1999 में सिद्धू और रूपिंदर सिंह संधू को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। इसके बाद पीड़ित परिवारों ने इसे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसने 2006 में सिद्धू को दोषी ठहराया था और उन्हें तीन साल कैद की सजा सुनाई थी।


ज्ञानवापी सर्वे में मिले शिवलिंग पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले DU के प्रोफेसर रतनलाल गिरफ्तार, छात्रों ने रातभर किया प्रदर्शन

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतनलाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साइबर सेल ने शुक्रवार देर रात उन्हें गिरफ्तार किया।

नई दिल्ली: वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतनलाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साइबर सेल ने शुक्रवार देर रात उन्हें गिरफ्तार किया। 


इसके विरोध में देर रात स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने कथित तौर पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में हिंदू कॉलेज, डीयू में इतिहास के प्रोफेसर रतन लाल की गिरफ्तारी के खिलाफ साइबर पीएस, उत्तरी जिले के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क जाम की। प्रो. रतनलाल को ज्ञानवापी प्रकरण में एक पोस्ट कर धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को उत्तरी जिला साइबर सेल को प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत मिली थी। आरोप था कि उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में शिवलिंग को लेकर मजाक उड़ाया था। मंगलवार रात साइबर सेल ने प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने शिकायत के मद्देनजर प्रोफेसर के खिलाफ तकनीकी साक्ष्य जुटाए और शुक्रवार रात उन्हें मौरिस नगर से गिरफ्तार कर लिया। 

दरअसल, टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर प्रोफेसर की जमकर आलोचना होने लगी। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर रतन लाल ने जानबूझकर शिवलिंग का मजाक उड़ाया। घटना के बाद उत्तर-पश्चिम जिला के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने उत्तरी जिला के साइबर थाने में प्रोफेसर के खिलाफ धार्मिक विश्वास का अपमान और धार्मिक भावाओं को आहत करने का आरोप मामला दर्ज करवा दिया था। 

मामला दर्ज होने के बाद प्रोफेसर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का नहीं था। इतिहासकार होने के नाते उन्होंने इसकी समीक्षी कर अपनी राय दी है। सोशल मीडिया पर धमकियां मिलने के बाद रतन लाल ने अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग करने के अलावा प्रधान मंत्री को पत्र लिखकर एके-56 राफल का लाइसेंस मांगा था। 


आज से 2 दिवसीय अरुणाचल दौरे पर अमित शाह, राज्य को देंगे 1000 करोड़ के विकास परियोजनाओं की सौगात

शाह अरुणाचल प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

ईटानगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय यात्रा पर अरुणाचल प्रदेश जा रहे हैं। अमित शाह 21 मई को अरुणाचल प्रदेश पहुंचेंगे। अरुणाचल प्रदेश की अपनी यात्रा के दौरान, अमित शाह असम राइफल्स और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों से मुलाकात करेंगे।

अमित शाह 22 मई को असम राइफल्स और आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अरुणाचल प्रदेश की यह यात्रा भारतीय सेना के दावों के बीच है कि चीन अरुणाचल प्रदेश के साथ अपनी सीमा पर बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी ला रहा है।


शाह अरुणाचल प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। 21 मई को उनके आगमन के बाद, अमित शाह अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में परशुराम कुंड के दर्शन करेंगे।


लालू के ठिकानों पर CBI रेड को लेकर कांग्रेस ने बोला मोदी सरकार पर हमला, कहा-'नाकामी छिपाने के लिए किया जा रहा ये अब'

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवादददाताओं से कहा कि मोदी जी से आप लोग कितनी रचनात्मात्कता की उम्मीद करते हैं? अब तो उनकी रचनात्मकता खत्म हो गई। ऐसे में वह पुराने ढर्रे पर ही बार-बार चलते रहते हैं। इस छापेमारी से किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ये छापेमारी की गई है।

पटना: कांग्रेस ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सीबीआई की छापेमारी को लेकर शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवादददाताओं से कहा कि मोदी जी से आप लोग कितनी रचनात्मात्कता की उम्मीद करते हैं? अब तो उनकी रचनात्मकता खत्म हो गई। ऐसे में वह पुराने ढर्रे पर ही बार-बार चलते रहते हैं। इस छापेमारी से किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ये छापेमारी की गई है।

बता दें कि सीबीआई ने रेलवे में नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से जमीन लेने के आरोप में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है।


अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ये कथित घोटाला तब का है जब लालू प्रसाद यादव संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में केंद्रीय मंत्री थे।


कांग्रेस के चिंतन शिविर को PK ने बताया नाकाम, कहा-'गुजरात और हिमाचल चुनाव में कुछ नहीं हासिल होनेवाला'

कांग्रेस ने 50 साल से कम उम्र के लोगों के लिए पदों का आरक्षण और हाशिए के वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए 'भारत जोड़ो मार्च' की घोषणा की है।

नई दिल्ली: कांग्रेस के साथ विफल वार्ता के बाद, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए चिंता बढ़ाने वाली टिप्पणी की है।

उदयपुर में कांग्रेस के हाल ही में संपन्न हुए चिंतन शिविर पर तंज कसते हुए किशोर ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा चुनावों में पार्टी को करारी हार मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि कांग्रेस अपने चिंतन शिविर से कोई सार्थक परिणाम हासिल करने में नाकाम रही है।

प्रशांत किशोर ने कहा, "उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में हासिल को लेकर मुझसे लगातार सवाल किए जा रहे हैं। मेरे विचार से, यह यथास्थिति को लंबा खींचने और कांग्रेस लीडरशिप को कुछ समय देने के अलावा कुछ भी सार्थक हासिल करने में नाकाम रहा है, कम से कम गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाली चुनावी हार तक!"

कांग्रेस ने 50 साल से कम उम्र के लोगों के लिए पदों का आरक्षण और हाशिए के वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए 'भारत जोड़ो मार्च' की घोषणा की है।

कांग्रेस और प्रशांत किशोर अप्रैल में दो सप्ताह तक चली बातचीत के बाद अलग हो गए हैं।

कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि किशोर व्यापक अधिकार चाहते थे और चुनाव प्रबंधन में एक स्वतंत्र रुख चाहते थे, लेकिन पार्टी चाहती थी कि नेताओं का एक समूह 2024 के आम चुनावों की देखरेख करे।

कथित तौर पर कई कांग्रेस नेताओं की राय थी कि किसी भी सलाहकार को पूरे शो को चलाने की शक्ति नहीं मिलनी चाहिए।

सूत्रों ने कहा कि चूंकि कांग्रेस की कार्यशैली अलग है और पार्टी को एक सिंगल विंडो से नहीं चलाया जा सकता, इसलिए सोनिया गांधी ने किशोर को 2024 के चुनावों के लिए एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।

सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि राहुल गांधी भी एक व्यक्ति को व्यापक अधिकार देने के इच्छुक नहीं हैं।

पार्टी में शामिल होने के कांग्रेस के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद, किशोर ने कहा था कि पार्टी को गहरी जड़ें जमाने वाली संरचनात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए 'नेतृत्व' और 'सामूहिक इच्छाशक्ति' की जरूरत है।

इस पर किशोर ने ट्वीट किया, "मैंने ईएजी के हिस्से के तौर पर पार्टी में शामिल होने की कांग्रेस की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है।"

उन्होंने कहा, "मेरे विचार में परिवर्तनकारी सुधारों के माध्यम से गहरी जड़ें जमाने वाली संरचनात्मक समस्याओं को सुधारों के जरिए ठीक करने के लिए पार्टी को मुझसे ज्यादा नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।"


'हमारी तबाहियों में अपनों का हाथ, फर्जी केस कराने वाले मुकदमा हार गए...', जेल से निकलने के बाद आजम खां की पहली प्रतिक्रिया

सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव से नाराजगी के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि हमें किसी से कोई शिकवा नहीं है, लेकिन हमारी बर्बादी में, हमारी तबाही में अपनों का ही हाथ है।

रामपुर: सवा दो साल बाद जेल से छूटे समाजवादी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता आजम खां शुक्रवार को रामपुर स्थित अपने घर पहुंच गए। शाम को उन्‍होंने  मीडिया से भी बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी बर्बादी में अपनों का ही हाथ है। हमें किसी से शिकायत नहीं है।

आजम ने कहा कि दारोगा ने जेल में हमारे बयान लिए तो कहा कि आपने शहर बहुत खूबसूरत बनाया है। यूनिवर्सिटी बहुत खूबसूरत बनवाई है, लेकिन आप के खिलाफ मुकदमे बहुत ज्यादा हैं इसलिए जमानत पर छूटने के बाद भूमिगत रहिएगा, वरना आप का एनकाउंटर कराया जा सकता है।

सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव से नाराजगी के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि हमें किसी से कोई शिकवा नहीं है, लेकिन हमारी बर्बादी में, हमारी तबाही में अपनों का ही हाथ है। 


हमारे खिलाफ जमीन कब्जाने के ऐसे मुकदमे दर्ज कराए गए, जिन जमीनों के हमने  चेक के जरिए भुगतान करा दिए थे। वे लोग कोर्ट में मुकदमा भी हार गए थे।


रोडरेज केस: नवजोत सिंह सिद्धू ने पटियाला कोर्ट में किया सरेंडर

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने आज पटियाला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अब उन्हें एक साल जेल की सलाखों के पीछे काटना होगा।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने आज पटियाला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अब उन्हें एक साल जेल की सलाखों के पीछे काटना होगा। 


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बृहस्पतिवार को 1988 रोडरेज के मामले में सिद्धू को दोषी मानते हुए 1 साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें फौरन सरेंडर करने के लिए कहा था। इस केस में राहत के लिए सिद्धू के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था लेकिन उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिली थी। 

बता दें कि सिद्धू के वकील अभिषेक सिंघवी ने उनकी सेहत का हवाला देते हुए सरेंडर करने के लिए 7 दिनों का समय मांगा था। जिस पर जस्टिस खानविलकर ने कहा कि ये मामला विशेष पीठ से संबंधित है। उन्होंने कहा था कि इस मामले में मुख्य न्यायाधीश के समक्ष अर्जी दायर कर सुनवाई की मांग करें।


'झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं...', आजम की रिहाई पर अखिलेश यादव का बयान

आजम की रिहाई पर अखिलेश यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आने पर कई कयास लगाए जा रहे थे, हालांकि उन सभी पर विराम लगाते हुए सपा मुखिया ने शुक्रवार को ट्वीट कर आजम का स्वागत किया है।

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सीतापुर जेल से रिहा हो चुके हैं। पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लंबी चुप्पी के बाद आजम की रिहाई पर खुशी जाहिर की है।

आजम की रिहाई पर अखिलेश यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आने पर कई कयास लगाए जा रहे थे, हालांकि उन सभी पर विराम लगाते हुए सपा मुखिया ने शुक्रवार को ट्वीट कर आजम का स्वागत किया है। 

अखिलेश ने लिखा, सपा के वरिष्ठ नेता व विधायक आजम खान जी के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नए मानक दिए हैं। पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुकदमों में बाइज्जत बरी होंगे। झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं!

आजम खान को जमानत मिलने के बाद करीब 20 घंटे तक अखिलेश यादव चुप्पी साधे रहे। पार्टी के इतने वरिष्ठ नेता की रिहाई पर अध्यक्ष की चुप्पी से सभी हैरान थे।

इस बीच शिवपाल यादव काफी एक्टिव हैं। उन्होंने आजम के जेल से बाहर निकलते ही जहां इसे सत्य की जीत बताकर सरकार पर निशाना साधा तो अपने पुराने साथी के स्वागत के लिए जेल के दरवाजे तक पहुंच गए।


 इससे उन अटकलों को काफी बल मिला है, जिनमें कहा जा रहा है कि शिवपाल और आजम साथ मिलकर कोई नया मोर्चा बना सकते हैं।


रोडरेज केस: सरेंडर से पहले सिद्धू ने SC से कुछ वक्त मांगा, सेहत का दिया हवाला

कांग्रेस नेता और एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि नवजोत सिंह सिद्धू को मेडिकल ग्राउंड्स के आधार पर सरेंडर करने के लिए कुछ वक्त दिया जाए। इस पर बेंच ने कहा कि एक एप्लिकेशन फ़ाइल की जाए और CJI के सामने मेंशन किया जाए।

पटियाला: सरेंडर करने से पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने कोर्ट से सेहत का हवाला देते हुए कुछ वक्त मांगा है।इसी बीच कांग्रेस नेता और एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि नवजोत सिंह सिद्धू को मेडिकल ग्राउंड्स के आधार पर सरेंडर करने के लिए कुछ वक्त दिया जाए। इस पर बेंच ने कहा कि एक एप्लिकेशन फ़ाइल की जाए और CJI के सामने मेंशन किया जाए।

इससे पहले कल गुरुवार को सिद्धू ने संकेत दिए थे कि वे खुद को कानून के ​हवाले करेंगे और पटियाला कोर्ट में सरेंडर करेंगे। सिद्धू हाल ही हुए विधानसभा चुनाव में हार गए थे। अब उन पर ये कोर्ट का फैसला आया है, इससे उनकी मुश्किलें हाल के समय में कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 

रोडरेज मामले सिद्धू को कल गुरुवार को एक साल की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने अपना पुराना फैसला बदला है। यह मामला करीब 34 साल पुराना है। जब नवजोत सिद्धू और उनके दोस्त का पटियाला में पार्किंग को लेकर झगड़ा हो गया था। इसमें 65 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। सिद्धू को इस मामले में हाईकोर्ट से सजा हुई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के आरोप को खारिज कर दिया था। इसके बाद 2 साल पहले परिजनों ने रिव्यू पिटीशन दायर की थी। सिद्धू के वकीलों ने इस याचिका का विरोध किया।


भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक को PM मोदी में किया सम्बोधित, पार्टी कार्यकर्ताओं में भरा जोश, कही ये बड़ी बातें

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं जब भी कार्यकर्ताओं से मिलता हूं उनसे बहुत कुछ जानने को मिलता है। कार्यकर्ता के द्वारा जो जानकारी प्राप्त होती है वो बेहद सटीक जानकारी होती है।

नई दिल्ली: भाजपा पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को पीएम मोदी ने वर्चुअली संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज हम देख रहे हैं कि दुनिया में भारत के प्रति किस प्रकार की भावना जागृत हुई है।देश की जनता भाजपा को बेहद विश्वास और उम्मीद से देख रही है।देश की आशा और आकांक्षा हमारा दायित्व बढ़ा देती है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं जब भी कार्यकर्ताओं से मिलता हूं उनसे बहुत कुछ जानने को मिलता है। कार्यकर्ता के द्वारा जो जानकारी प्राप्त होती है वो बेहद सटीक जानकारी होती है।

उन्होंने कहा कि आज देश का हर नागरिक नतीजा चाहता है,नागरिकों में आकांक्षाएं बढ़ी हैं। जब देश के 130 करोड़ लोगों की आकांक्षाएं जग जाती है तो निश्चित रूप से सरकारों की जवाबदेही भी बढ़ती है। ये जन जागृति अनिवार्य रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करती है और दबाव भी बनाती है।

पीएम ने कहा कि हमें अगर सत्ताभोग ही करना होता तो भारत जैसे विशाल देश में कोई भी सो सकता है कि इतना सारा मिल गया अब तो बैठो...लेकिन हमें ये रास्ता मंजूर नहीं है। हमारा मूल लक्ष्य भारत को उस ऊंचाई पर पहुंचाना है जिसका सपना देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों ने देखा था।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि भाजपा का हर कार्यकर्ता इन भावनाों से प्रेरित होकर न थके न झुके काम कर रहा है। जिस पार्टी के पास ऐसे कार्यकर्ता हो तो कौन होगा जो इस पर गर्व न करे। 

पीएम ने आगे कहा कि चुनाव के समय हम जैसे हर घर, हर बूथ तक पहुंचते हैं वैसे ही नागरिकों के घर-घर तक जाना है...हर घर भाजपा, इसी लगन के साथ काम करना होगा। देश में विकासवाद की राजनीति पर हमें हर दिशा में काम करना है। हर दल को विकासवाद की राजनीति पर आने पर मजबूर करना है।


लालू पर आफत! 17 ठिकानों पर CBI की रेड, राबड़ी देवी के आवास पर भी छापेमारी

बताया जा रहा है कि बिहार की राजधानी पटना स्‍थित पूर्व मुख्‍यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी के आवास पर भी सीबीआई पहुंची है।

पटना: बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और राजद प्रमुख लालू यादव ( Lalu Prasad Yadav ) की मुश्‍किलें बढ़ती नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई  (CBI) ने लालू यादव से जुड़े 17 ठिकानों पर छापा मारा है। टीवी रिपोर्ट के अनुसार छापेमारी की कार्रवाई भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में जांच एजेंसी ने की है। खबर यह भी है कि राबड़ी देवी के आवास तक सीबीआई पहुंच गई है।


बताया जा रहा है कि चारा घोटाला मामले में जमानत मिलने के कुछ हफ्ते बाद, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर भ्रष्टाचार का एक नया मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई शुरू की है खबरों की मानें तो लालू यादव के अलावा, उनके परिवार के सदस्यों को भी नये मामले में आरोपी बनाया गया है।

खबरों की मानें तो लालू यादव और उनकी बेटी के खिलाफ नया केस दर्ज करने का काम सीबीआई ने किया है। सीबीआई ने इस मामले में शुरुआती जांच की थी जिसके बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


बताया जा रहा है कि बिहार की राजधानी पटना स्‍थित पूर्व मुख्‍यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी के आवास पर भी सीबीआई पहुंची है।


सपा सांसद आजम खां हुए जेल से आजाद, प्रसपा चीफ शिवपाल पंहुचे रिसीव करने

सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान की रिहाई का आदेश 19 मई को ही दे दिया था, लेकिन कोर्ट सर्टिफाइड कॉपी जेल न पहुंचने के कारण रिहाई लेट हो गई। सपा नेता की रिहाई पर उन्हें लेने के लिए उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और भाई भी सीतापुर जिला कारागार पहुचे थे।

लखनऊ: सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान जेल से रिहा कर दिए गए हैं। उन्हें रिसीव करने के लिए प्रसपा चीफ शिवपाल यादव पहुंचे थे। 

वैसे तो आजम को 19 मई यानी कल ही रिहा होना था लेकिन रिहाई के आदेश जेल में देरी से पहुँचने की वजह से आज उनकी रिहाई की गई है।


सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान की रिहाई का आदेश 19 मई को ही दे दिया था, लेकिन कोर्ट सर्टिफाइड कॉपी जेल न पहुंचने के कारण रिहाई लेट हो गई। सपा नेता की रिहाई पर उन्हें लेने के लिए उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और भाई भी सीतापुर जिला कारागार पहुचे थे।

आजम खान के खिलाफ 88 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें 87 मामलों में उनकी पहले ही जमानत हो गई थी। बीते दिनों लिखे गए एक नए मुकदमे में सुनवाई में विलंब के चलते सर्वोच्च न्यायालय ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए आजम खान को एक-एक लाख रुपये के बेल बॉन्ड पर अंतरिम जमानत दी है। 


आजम खान इस मामले में रेगुलर बेल डाले जाने और उसके निस्तारण तक अंतरिम जमानत पर रहेंगे।

गौरतलब है कि 88 मामलों में आजम खान पिछले 27 महीने से सीतापुर जेल में बंद हैं। वह एक केस में जमानत लेते तो दूसरा केस दायर हो जाता। इसके बाद आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां मंगलवार को सुनवाई हुई थी।


झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की CBI जांच का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में

झारखंड हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) दाखिल की है। शुक्रवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लीज आवंटित करने और उनके करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश के मामले में झारखंड हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) दाखिल की है। शुक्रवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। 


सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने ईडी से सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट मांगी थी। सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष रख रहे वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि हाई कोर्ट के आदेशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक अदालत को इस मामले में सुनवाई स्थगित कर देना चाहिए।


इसके बाद अदालत ने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण मामला है। अदालत इसकी सुनवाई शनिवार को करेगी। इसपर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि शनिवार को कोर्ट का कामकाज नहीं होता है। इसकी सुनवाई सोमवार को निर्धारित की जाए। जब कोर्ट ने मामले की सुनवाई सोमवार को निर्धारित करने का आदेश दिया तो फिर महाधिवक्ता ने इसकी सुनवाई मंगलवार को निर्धारित करने का आग्रह किया।


उनकी ओर से कहा गया कि सोमवार को कपिल सिब्बल की पहले से ही व्यस्तता है। उनके बार-बार आग्रह करने पर अदालत ने इस मामले में 24 मई को सुनवाई की अगली तिथि निर्धारित की है। इस मामले में सरकार का पक्ष है कि पूर्व में इसे सुप्रीम कोर्ट में खारिज किया जा चुका है। अदालत को इसकी जानकारी भी दी गई, लेकिन अदालत ने संज्ञान नहीं लिया है। उक्त आदेश को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।


पंजाब के CM भगवंत मान ने गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात, की ये बड़ी मांग

सीएम केंद्रीय गृहमंत्री से किया है। उन्होंने कहा कि कहा कि हम राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में बासमती फसल और पंजाब कोटा मुद्दे सहित कई अन्य मामलों पर भी अमित शाह से चर्चा हुई।

नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। 

इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और बॉर्डर से जुड़े मामलों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मान ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री ने उनको राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।

भगवंत मान ने कहा, आज मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और सीमा प्रबंधन सेवाओं को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे के मुद्दों सहित कई मामलों पर चर्चा की। कानून व्यवस्था को लेकर पटियाला में जो घटना हुई, उस पर विस्तार से बात हुई। पार्टी से ऊपर उठकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में सहयोग किया जाएगा। केंद्र की ओर से सुरक्षा बलों की 10 और कंपनियां मुहैया कराई जाएंगी। 10 कंपनी पंजाब को पहले ही भेजी जा चुकी हैं।

मान ने कहा कि हमने ड्रोन रोधी तकनीक का अनुरोध केंद्रीय गृहमंत्री से किया है। उन्होंने कहा कि कहा कि हम राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में बासमती फसल और पंजाब कोटा मुद्दे सहित कई अन्य मामलों पर भी अमित शाह से चर्चा हुई।


SC से सिद्धू को करारा झटका, रोडरेज केस में सुनाई 1 साल की सजा, गुरू बोले-'Will Submit to Majesty of Law...'

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि, रोड रेज मामले का दायरा बढ़ाया जाए। जिसमें कहा गया था कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि सड़क पर हुए झगड़े में ही पीड़ित की मौत हुई थी।

नई दिल्ली: रोडरेज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को रोडरेज मामले में एक साल की सजा सुनाई है। उन्हें जल्दी ही हिरासत में लिया जाएगा। बता दें कि सिद्धू पर रोडरेज का मामला 1988 से चल रहा था। जिसमें पिटाई के बाद बुजुर्ग की मौत हो गई थी। 

एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद, पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को कहा कि वह 'कानून का सम्मान करेंगे।' सिद्धू ने एक ट्वीट में कहा, "कानून का सम्मान करूंगा।"

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि, रोड रेज मामले का दायरा बढ़ाया जाए। जिसमें कहा गया था कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि सड़क पर हुए झगड़े में ही पीड़ित की मौत हुई थी। 

नवजोत सिंह सिद्धू और सह-आरोपी संधू को हाई कोर्ट ने दिसंबर 2006 में गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया था। जिस लिए उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।  


पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप था कि 27 दिसंबर 1998 को सिद्धू और संधू पटियाला में शेरनवाला गेट क्रॉसिंग के पास खड़ी एक जिप्सी में कथित रुप से मौजूद थे। अभियोजन पक्ष से अनुसार, जब तीन व्यक्ति गुरनाम सिंह, जसविंदर सिंह और एक अन्य व्यक्ति शादी के लिए पैसे निकालने बैंक जा रहे थे। 

जैसे ही वे रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचे, तो मारुति कार चला रहे गुरनाम सिंह ने जिप्सी को सड़क के बीचों बीच पाया। जिसके बाद सिद्धू और संधू को रास्ते से अपनी जिप्सी हटाने के लिए कहा गया। जिसके बाद तीखी नोकझोंक भी हुई। 

पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि सिद्धू ने सिंह को पीटा था और घटना स्थल से भाग गया था। जिसके बाद घायल को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था।


भाजपा में शामिल होते ही सुनील जाखड़ ने बोला कांग्रेस पर हमला, कहा-'मेरी राष्ट्रवादी आवाज पर पाबंदी लगाने का किया प्रयास'

पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को नई दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नई दिल्ली के राष्ट्रीय मुख्यालय में सुनील जाखड़ को भाजपा में शामिल किया।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को नई दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नई दिल्ली के राष्ट्रीय मुख्यालय में सुनील जाखड़ को भाजपा में शामिल किया। 


भाजपा में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस के साथ 50 वर्षों का रिश्ता तोड़ना आसान नहीं था, 1972 से लेकर 2022 तक मेरी तीन पीढ़ियों ने कांग्रेस को अपना परिवार समझ कर काम किया। हर अच्छे-बुरे समय में पार्टी के साथ रहे । लेकिन कांग्रेस में मेरी राष्ट्रवादी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। मुझे पंजाब और देश के हित में बोलने के लिए नोटिस दिया गया।

जाखड़ ने कहा कि उन्हें इस बात के लिए कठघरे में खड़ा किया गया कि उन्होंने पंजाब को जाति और धर्म में नहीं बांटने की बात कही।

कांग्रेस आलाकमान पर निशाना साधते हुए जाखड़ ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति या किसी निजी झगड़े की वजह से कांग्रेस नहीं छोड़ी बल्कि उनकी आवाज पर पाबंदी लगाने का प्रयास किया गया, बोलने के लिए नोटिस जारी किया गया। उन्होंने आगे कहा कि सुनील जाखड़ की आवाज को नहीं रोका जा सकता, गिरवी नहीं रखा जा सकता। राष्ट्रीयता को लेकर सुनील जाखड़ की आवाज उठती रहेगी।


जाखड़ ने अतीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि संवैधानिक रूप से भले ही यह संभव न हो लेकिन व्यवहारिक ²ष्टि से उन्होंने पंजाब को विशेष राज्य का दर्जा दे दिया है। उन्होंने खुले दिल से स्वागत करने के लिए भाजपा आलाकमान का धन्यवाद करते हुए कहा कि सुनील जाखड़ ने कभी भी राजनीति को अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया। तोड़ने का नहीं बल्कि हमेशा जोड़ने का काम किया है और भाजपा में शामिल होने के बाद भी वो हमेशा पंजाब की भलाई और एकता के लिए कार्य करते रहेंगे।

सुनील जाखड़ का भाजपा में स्वागत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने और पाकिस्तान के रवैये की वजह से पंजाब में राष्ट्रवादी ताकतों का मजबूत होना जरूरी है और पंजाब में राष्ट्रवादी ताकतों का पहला स्थान भाजपा ले रही है। नड्डा ने जाखड़ को ईमानदार छवि वाला राष्ट्रवादी नेता बताते हुए कहा कि वो हमारे साथ मिलकर पंजाब को एक नए मुकाम पर ले जाएंगे। उनके अनुभव का फायदा उठाकर भाजपा पार्टी और पंजाब को मजबूत बनाने के लिए कार्य करेगी।

आपको बता दें कि, राहुल गांधी से नाराज चल रहे सुनील जाखड़ ने शनिवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद जाखड़ ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राजनीतिक परिस्थितियों और पंजाब के हालात पर चर्चा की। इस मुलाकात के एक दिन बाद गुरुवार को सुनील जाखड़ ने नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया।


जल्द जेल से रिहा होंगे आजम खां, सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

साथ ही बेंच ने उन्हें स्थानीय (निचली) अदालत के समक्ष दो सप्ताह की अवधि के भीतर नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की भी अनुमति दी है। ये भी अहम है की आज दी गई अंतरिम जमानत उस समय तक लागू रहेगी जब तक नियमित जमानत आवेदन पर निर्णय नहीं हो जाता।

नई दिल्ली:  आजम खान को उत्तर प्रदेश के रामपुर में दर्ज एक मामले के संबंध में अंतरिम जमानत पर जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

 न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बोपन्ना की सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने आजम खान को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही बेंच ने उन्हें स्थानीय (निचली) अदालत के समक्ष दो सप्ताह की अवधि के भीतर नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की भी अनुमति दी है। ये भी अहम है की आज दी गई अंतरिम जमानत उस समय तक लागू रहेगी जब तक नियमित जमानत आवेदन पर निर्णय नहीं हो जाता।


सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान द्वारा की गई अंतरिम जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, जो न्यायिक हिरासत में हैं। खंडपीठ ने इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा आजम खान की जमानत के मामले में फैसले की घोषणा में लंबे समय से देरी पर नाराजगी जाहिर की थी।


बता दें कि आज़म खान के खिलाफ 89 केस दर्ज हैं। वह फरवरी 2020 से सीतापुर की जेल में बंद हैं, अब और फिलहाल रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

पिछली सुनवाई पर उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू द्वारा यह दलील दी गई थी की आजम ने जांच अधिकारी को धमकी दी थी, जबकि उस समय जांच अधिकारी उनके बयान दर्ज कर रहे थे। उनके द्वारा यह भी दलील दी गई की खान एक आदतन अपराधी और जमीन कब्जाने वाले हैं।


अनिल बैजल के हटने के बाद दिल्ली का उपराज्यपाल बनने की रेस में ये तीन नाम, प्रफुल्ल के. पटेल का नाम सबसे आगे

पटेल लक्षद्वीप, दमन और दीव के प्रशासक हैं। उन्हें शीर्ष पसंद माना जा रहा है, लेकिन सूत्रों का यह भी कहना है कि दक्षिण भारत के किसी भाजपा राजनेता को नियुक्त किया जा सकता है।

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल के हटने के साथ ही इस पद के तीन शीर्ष दावेदारों में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल शामिल हैं। कई सार्वजनिक नीति के मुद्दों पर सरकार का चेहरा बने कांत 1980 बैच के केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं, जबकि सुनील अरोड़ा, जो दिसंबर 2018 से अप्रैल 2021 तक सीईसी थे, 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वह केंद्रीय कौशल विकास सचिव और सूचना एवं प्रसारण सचिव रहे हैं।

पटेल लक्षद्वीप, दमन और दीव के प्रशासक हैं। उन्हें शीर्ष पसंद माना जा रहा है, लेकिन सूत्रों का यह भी कहना है कि दक्षिण भारत के किसी भाजपा राजनेता को नियुक्त किया जा सकता है।

पटेल ने 2010 में गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार में गृह राज्यमंत्री के रूप में भी काम किया है। उनका लक्षद्वीप में एक विवादास्पद कार्यकाल रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए पर्यटकों को शराब परोसने की अनुमति दी थी।

दिल्ली में तीन एमसीडी के एकीकरण के बाद आने वाले निकाय चुनावों को टाल दिया गया था और अब नगर निकाय उपराज्यपाल के अधीन आ जाएगा, इसलिए एक व्यक्ति जो मौजूदा अतिक्रमण विरोधी अभियान को सुनिश्चित करेगा, उसे नियुक्त किया जा सकता है।

दिल्ली सेवानिवृत्त नौकरशाहों को उपराज्यपाल के रूप में देखती रही है। बैजल से पहले नजीब जंग दिल्ली के उपराज्यपाल थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार के साथ भी उनके अच्छे संबंध नहीं थे।

बैजल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए बुधवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा, जो इस समय विदेश दौरे पर हैं। हालांकि जल्द ही इसे स्वीकार किए जाने की संभावना है।

एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के 1969 बैच के आईएएस अधिकारी बैजल ने 31 दिसंबर, 2016 से 18 मई, 2022 तक पांच साल और चार महीने की अवधि के लिए दिल्ली के 21वें उपराज्यपाल के रूप में कार्य किया। उपराज्यपाल के रूप में वह कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री केजरीवाल के साथ उनकी अनबन चलती रही। बैजल ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान केंद्रीय गृह सचिव के रूप में भी काम किया था।


Hanuman Chalisa Row : राणा दंपती की 15 जून तक नहीं गिरफ्तार कर सकती मुम्बई पुलिस

पुलिस ने राणा दंपती की जमानत रद करने के लिए याचिका लगाई है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 15 जून को होगी।

मुम्बई: महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस ने विशेष अदालत में कहा है कि हनुमान चालीसा विवाद में वह 15 जून तक निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को गिरफ्तार नहीं करेगी।


पुलिस ने राणा दंपती की जमानत रद करने के लिए याचिका लगाई है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 15 जून को होगी। मुंबई पुलिस ने राणा दंपती को 23 अप्रैल को उस समय गिरफ्तार किया था, जब उन्होंने घोषणा की थी कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बांद्रा स्थित निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। 

विशेष न्यायाधीश आरएन रोकड़े ने पांच मई को मामले की सुनवाई के दौरान राणा दंपती पर कुछ शर्तें लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। इसमें एक शर्त यह भी थी कि उन्हें मामले से संबंधित कोई बयानबाजी प्रेस के समक्ष नहीं करनी है। न्यायाधीश ने यह भी कहा था कि अगर दंपती ने अदालत के आदेशों का उल्लंघन किया तो उनकी जमानत रद कर दी जाएगी।

इसके बाद मुंबई पुलिस ने नौ मई को विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाकर मांग की थी कि राणा दंपती की जमानत रद कर दी जाए, क्योंकि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। बुधवार को महाराष्ट्र के अमरावती से लोकसभा सदस्य नवनीत राणा और बडनेरा के विधायक रवि राणा ने पुलिस की याचिका पर संयुक्त जवाब दाखिल किया।

राणा दंपती ने कहा कि उन्होंने न तो पुलिस जांच में कोई हस्तक्षेप किया और न ही उन्होंने मामले से संबंधित कोई सार्वजनिक बयान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस उनकी जमानत रद करने की मांग करने के लिए कोई ठोस कारण देने में भी विफल रही है। उनके जवाब के बाद पुलिस ने अदालत के समक्ष कहा कि वे अगली सुनवाई तक दंपती के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेंगे। विशेष अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए मामले को सुनवाई 15 जून तक के लिए स्थगित कर दी।


पंजाब के किसानों का चंडीगढ़ की सीमाओं पर प्रदर्शन खत्म, जानिए-किन शर्तों पर बनी बात

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले मुख्यमंत्री और 23 किसान संघों के नेताओं के बीच बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल यहां के पास मोहाली में धरना स्थल पहुंचे, जहां मंगलवार से हजारों किसान धरना दे रहे थे।

चंडीगढ़: प्रदर्शनकारी किसानों और भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के बीच जारी गतिरोध बुधवार को उनकी अधिकांश मांगों पर आम सहमति के साथ खत्म हो गया, जिसमें 10 जून से धान की बुवाई शुरू करना शामिल है। 


उन्होंने अपने विरोध खत्म कर दिया, जो एक दिन पहले राज्य की राजधानी चंडीगढ़ की सीमाओं पर शुरू हुआ था, दिल्ली की सीमाओं पर केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ साल भर के विरोध की तर्ज पर, जो तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ समाप्त हुआ।

यहां संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले मुख्यमंत्री और 23 किसान संघों के नेताओं के बीच बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल यहां के पास मोहाली में धरना स्थल पहुंचे, जहां मंगलवार से हजारों किसान धरना दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ किसानों की बैठक फलदायी रही और किसानों ने धरना समाप्त करना स्वीकार किया। किसानों की 13 में से 12 मांगों पर सहमति बनी है।

प्रमुख मांगों में मक्का, बासमती और मूंग (दाल) की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) शामिल है, जिसका सरकार ने आश्वासन दिया है, 18 जून से धान की खेती को समाप्त करने, बिजली के प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जाने के अलावा, गर्मी के कारण नुकसान का सामना करने वालों को 500 रुपये प्रति क्विंटल का मुआवजा दिया जाएगा।

किसानों ने बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने के लिए सीमाओं पर लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने की धमकी दी, अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं।

बैठक के बाद किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने मीडिया को बताया कि धान की बुवाई के लिए राज्य को चार की जगह दो जोन में बांटने की उनकी मांग मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर ली है।

उन्होंने कहा, "अब आधे राज्य में 14 जून से, जबकि बाकी 17 जून से धान की बुवाई हो सकेगी। हमें जिलों को दो क्षेत्रों में विभाजित करने के लिए कहा गया है। इससे पहले सरकार ने आदेश दिया था कि 18 जून से चार जोनों में बुवाई शुरू होगी।"

सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हें मूंग पर एमएसपी मिलेगा और इस संबंध में एक अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों को तुरंत धान की नर्सरी लगाने को कहा, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर धान की रोपाई की जा सके।

उन्होंने किसान नेताओं को अवगत कराया कि सरकार ने पहले ही मूंग की फसल को 7,275 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर खरीदने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।

उन्होंने उन्हें यह भी आश्वासन दिया कि सरकार फसल विविधीकरण के अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए एमएसपी पर भी मक्का की खरीद के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए तैयार है।

बासमती के लिए एमएसपी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बासमती पर तुरंत एमएसपी की घोषणा करने के लिए भारत सरकार पर दबाव डालने के लिए कहेंगे, ताकि किसानों को पानी की कमी वाले धान से बड़े पैमाने पर इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

उन्होंने किसानों से यह भी कहा कि वह भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के विवादास्पद मुद्दे को शाह के समक्ष उठाएंगे, ताकि सभी हितधारकों की संतुष्टि के लिए शीघ्र समाधान किया जा सके।

मान ने संघ के नेताओं से कृषि क्षेत्र में किसान हितैषी सुधार लाने के लिए उन्हें कम से कम एक साल के लिए कुछ समय देने का आग्रह किया।

साथ ही, उन्होंने उनसे आंदोलन का रास्ता छोड़ने का आग्रह किया और अगर उन्हें सरकार से कोई शिकायत है, तो उन्हें अंत में एक सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए मेज पर बैठना चाहिए।

कृषि संघों द्वारा उठाए गए एक अन्य मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मान ने कहा कि सरकार जल्द ही उन काश्तकारों को स्वामित्व अधिकार देने के लिए एक व्यापक नीति लाएगी, जिनके पास पंचायत की जमीन थी और जो लंबे समय से बंजर भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए उस पर खेती कर रहे थे।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने किसानों को धान की सीधी सीडिंग (डीएसआर) तकनीक के माध्यम से धान की बुवाई के लिए प्रति एकड़ 1,500 रुपये प्रोत्साहन को मंजूरी दी गई।

कम पानी की खपत और लागत प्रभावी डीएसआर प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए 450 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

यह कदम फसलों के जीवनचक्र के दौरान पारंपरिक पोखर पद्धति की तुलना में लगभग 15-20 प्रतिशत पानी बचाने में सहायक होगा।

वर्तमान में, जल स्तर 86 सेमी प्रति वर्ष की दर से गिर रहा है, जिससे एक अनिश्चित स्थिति पैदा हो रही है, जहां आने वाले 15-20 वर्षों में राज्य भर में कोई भूमिगत जल उपलब्ध नहीं होगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के अनुसार, यह तकनीक अधिकांश किसानों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, क्योंकि इसे सिंचाई के लिए बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, रिसाव में सुधार होता है, कृषि श्रम पर निर्भरता कम होती है और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार होता है और धान और गेहूं दोनों की उपज को 5-10 प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलती है।

प्रदर्शनकारी किसानों का गुस्सा एक दिन पहले आक्रोश हो गया था, क्योंकि मुख्यमंत्री उनकी मांगों को लेकर नेताओं से मिलने में विफल रहे और दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

देर शाम, मान ने कहा कि आंदोलन 'अनुचित और अवांछनीय' था और उन्होंने कृषि संघों को घटते जल स्तर की जांच के लिए सरकार से हाथ मिलाने को कहा।


दिल्ली के उपराज्यपाल पद से अनिल बैजल का इस्तीफा, राष्ट्रपति को सौंपा त्यागपत्र, निजी कारणों का दिया हवाला

एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के 1969 बैच के आईएएस अधिकारी बैजल ने 31 दिसंबर, 2016 से 18 मई, 2022 तक पांच साल और चार महीने की अवधि के लिए दिल्ली के 21वें उपराज्यपाल के तौर पर कार्य किया।

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए बुधवार को इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, बैजल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के 1969 बैच के आईएएस अधिकारी बैजल ने 31 दिसंबर, 2016 से 18 मई, 2022 तक पांच साल और चार महीने की अवधि के लिए दिल्ली के 21वें उपराज्यपाल के तौर पर कार्य किया।

उपराज्यपाल के पद पर रहते हुए वह कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ कुछ विवादों में भी उलझे। बैजल ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान केंद्रीय गृह सचिव के तौर पर भी काम किया था।


राजीव गांधी के हत्यारे की रिहाई को कांग्रेस ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, सुरजेवाला का आरोप-भाजपा की वजह से हुई दोषी की रिहाई

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 19 सितंबर 2008 में एआईडीएमके-बीजेपी गठबंधन की कैबिनेट ने राजीव गांधी के हत्यारों के आजीवन कारावास की सजा को कम कर रिहा करने का फैसला लिया जिसे तत्कालीन राज्यपाल और बीजेपी नेता बनवारी लाल को भेजा गया, जिसपर उन्होंने बिना कोई निर्णय लिए राष्ट्रपति को भेज दिया और राष्ट्रपति ने भी कोई निर्णय नहीं लिया।

नई दिल्ली: कांग्रेस ने राजीव गांधी के हत्यारे की रिहाई के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए इसके लिए बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार बताया है। पार्टी के अनुसार हत्या और सजा में राजनितिक रंगभेद नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस महासचिव और मुख्य प्रवक्त रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर कहा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट ने आज राजीव गांधी के हत्यारे को रिहा कर दिया। इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा की राज्यपाल और राष्ट्रपति द्वारा निर्णय नहीं लेने की वजह से आज रिहा कर दिया। मोदी जी क्या यही आपका राष्ट्रवाद है?

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, मैं एक भारतवासी, एक कांग्रेस नेता और एक वकील की हैसियत से यह कह सकता हूं कि देश के प्रधानमन्त्री के हत्यारे को इस तरह से छोड़ा जा सकता है तो हिन्दुस्तान की जेल में जितने कैदी हैं जिन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली है उन सबको छोड़ा जा सकता है। हजारों तो तमिलवासी ही जेल में हैं उन सबको रिहा कर दिया जाना चाहिए। केवल पूर्व प्रधानमन्त्री के हत्यारों को ही क्यों जिनको पहले फांसी की सजा दी गई। फिर उसको बदलकर आजीवन कारावास और अब रिहा कर दिया गया। लेकिन इसके लिए देश का कानून बदलना आवश्यक है।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 19 सितंबर 2008 में एआईडीएमके-बीजेपी गठबंधन की कैबिनेट ने राजीव गांधी के हत्यारों के आजीवन कारावास की सजा को कम कर रिहा करने का फैसला लिया जिसे तत्कालीन राज्यपाल और बीजेपी नेता बनवारी लाल को भेजा गया, जिसपर उन्होंने बिना कोई निर्णय लिए राष्ट्रपति को भेज दिया और राष्ट्रपति ने भी कोई निर्णय नहीं लिया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बनवारी लाल और राष्ट्रपति ने बहुत समय तक कोई निर्णय नहीं लिया और मामले में चुप्पी साध ली इसलिए राजीव गांधी के हत्यारे को रिहा किया जाता है।

सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा,क्या यही बीजेपी सरकार का राष्ट्रवाद है, क्या यही नीति है, आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ की। सरकार बदलते ही देश के पूर्व प्रधानमन्त्री के हत्यारे को रिहा कर दिया जाए। इस पर लिए फैसले पर चुप्पी साध ली जाए। क्या हत्या, सजा इस पर राजनितिक रंगभेद हो सकता है।

गौरतलब है कि राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी एजी पेरारिवलन की 31 साल से अधिक पुरानी कैद को समाप्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जेल में उनके अच्छे आचरण, चिकित्सा स्थिति, शैक्षिक योग्यता को देखते हुए उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया। जेल में बंद पेरारिवलन की दया याचिका दिसंबर 2015 से लंबित थी। कोर्ट ने आगे कहा कि पिछले साल 25 जनवरी को पेरारिवलन की दया याचिका को राष्ट्रपति के पास भेजने के राज्यपाल के फैसले का कोई संवैधानिक समर्थन नहीं था।


राज्यों में 2 दिवसीय शिविर का अयोजन करेगी कांग्रेस, जानिए-क्या है एजेंडा

चिंतन शिविर के प्रस्ताव के क्रियान्वयन को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को महासचिवों की बैठक में चार अहम फैसले लिए। इसके तहत देशभर के सभी राज्यों में एक और दो जून को कांग्रेस पार्टी शिविर का आयोजन करेगी।

नई दिल्ली: चिंतन शिविर के प्रस्ताव के क्रियान्वयन को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को महासचिवों की बैठक में चार अहम फैसले लिए। इसके तहत देशभर के सभी राज्यों में एक और दो जून को कांग्रेस पार्टी शिविर का आयोजन करेगी।

कांग्रेस ने संगठन को फिर से खड़ा करने के लिए उदयपुर - नवसंकल्पों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को महासचीवों व प्रभारियों की दूसरे दौर की बैठक बुलाई गई।

कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रियंका गांधी समेत तमाम प्रभारी महासचिव मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित दूसरे दिन की इस बैठक के बाद कर्नाटक प्रभारी और महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस वार्ता कर कहा कि प्रभारी महासचिव की इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए हैं जिनमें चार प्रमुख रूप से कुछ समय में कार्यान्वित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पहली और दूसरी जून को प्रभारी महासचिव और प्रभारी दो दिन का राज्य शिविर करेंगे। इसमें प्रदेश और जिला स्तर के सभी पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। 

11 जून को एक दिन का जिला स्तर का शिविर होगा। इसके बाद 9 अगस्त से 15 अगस्त के बीच हर जिला इकाई तीन दिन की 'आजादी गौरव यात्रा' निकलेंगे। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सभी जिलों में कम से कम 75 लोग अन्य लोगों के साथ पदयात्रा करेंगे।


इससे पहले मंगलवार को हुई बैठक के बाद महासचिव व राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने कहा कि पार्टी के सभी रिक्त पद चुनाव प्रक्रिया से भरे जाएंगे। इसके लिए 90 से 120 दिन तय किए गए हैं। पार्टी पदाधिकारियों को टास्क देने का निर्णय भी किया गया। 


उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति एक पद और 5 साल से ऊपर कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर नहीं रहने के लिए जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है। हालांकि यह नियम कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर लागू नहीं होगा।

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, सचिव, प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारियों को टास्क दिया जाएगा। इन सभी पदाधिकारियों के कार्य मूल्यांकन संगठन महासचिव कार्यालय में होगा। इसके अलावा संगठन में 50 फीसदी पदों पर 50 साल से कम आयु के लोगों की नियुक्ति समेत अन्य संकल्प इसी संगठन चुनाव से लागू किया जाएगा। जिससे युवाओं को भी मौका मिल सके।


AIMIM प्रवक्ता दानिश कुरैशी को पुलिस में किया गिरफ्तार, ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

दानिश कुरैशी ने ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है।

अहमदाबाद:  गुजरात में AIMIM प्रवक्ता दानिश कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की ओर से की गई है। 


जानकारी के मुताबिक, दानिश कुरैशी ने ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है।

 दरअसल, दानिश कुरैशी ने सोशल मीडिया पर शिवलिंग के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद की ओर से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। 

साइबर क्राइम के सहायक पुलिस आयुक्त जेएम यादव ने मीडिया को बताया कि दानिश कुरैशी नाम के ट्विटर हैंडल से आपत्तिजनक पोस्ट की गई थी। इस पोस्ट में दानिश कुरैशी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग पर सवाल उठाया था। इस पर उन्होंने अभद्र टिप्पणी की। 

पुलिस अधिकारी ने बताया, दानिश के ट्वीट से एक समुदाय की भावनाएं आहत हुईं, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया दानिश के खिलाफ दो पुलिस थानों में मामला दर्ज किया गया था।


#MCDBuldozerAction: दिल्ली सरकार ने तीनों निगमों से बुलडोजर चलाने पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट, केजरीवाल बोले-'जनता के लिए जेल जाने से डरें विधायक'

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने विधायकों के साथ इसपर बैठक भी कर चुके हैं। दिल्ली सरकार ने तीनों निगमों से 1 अप्रैल से लेकर अब तक की रिपोर्ट मांगी है।

नई दिल्ली: दिल्ली में लगातार चल रहे निगम के बुलडोजर के खिलाफ राजनीति ने तूल पकड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार ने तीनों निगमों से बुलडोजर चलाने पर रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने विधायकों के साथ इसपर बैठक भी कर चुके हैं। दिल्ली सरकार ने तीनों निगमों से 1 अप्रैल से लेकर अब तक की रिपोर्ट मांगी है। 


सरकार ने कहा है कि तीनों निगम 1 अप्रैल से अभी तक का सारा डाटा दें। सरकार बुलडोजर के खिलाफ खड़ी होती नजर आ रही है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों को निर्देश दिया है कि यदि इस दौरान जेल भी जाना पड़े तो डरना नहीं है।


दरअसल दिल्ली में नगर निगमों के बुलडोजर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। इस कार्रवाई के दौरान बवाल भी होता हुआ नजर आया है, वहीं भाजपा, कांग्रेस और आप एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगा रही हैं।


गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका, हार्दिक पटेल ने सभी पदों से दिया इस्तीफा, बड़ा सवाल-अब कहां होगा 'हार्दिक अभिनंदन'

गुजरात कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। लंबे समय से कांग्रेस पार्टी में अंदरुनी कलह के शिकार हो रहे कांग्रसे नेता हार्दिक पटेल ने आज पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। हार्दिक पटेल ने खुद ट्वीट कर यहा जानकारी दी है।

अहमदाबाद: गुजरात कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। लंबे समय से कांग्रेस पार्टी में अंदरुनी कलह के शिकार हो रहे कांग्रसे नेता हार्दिक पटेल ने आज पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। हार्दिक पटेल ने खुद ट्वीट कर यहा जानकारी दी है। 

हार्दिक पटेल ने ट्वीट कर कहा है कि आज मैं हिम्मत करके कांग्रेस पार्टी के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी। मैं मानता हूं कि मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाऊँगा।

हार्दिक पटेल गुजरात कांग्रेस में अपनी अवहेलना के नाराज थे और इस बारे में खुलकर कई बार बोल भी चुके थे। कांग्रेस आलाकमान तक भी उन्होंने आवाज पहुंचाने के कोशिश की थी। इसके बावजूद उन्हें गुजरात कांग्रेस की कई अहम बैठकों में बुलाया नहीं जाता था। कांग्रेस के उदयपुर खेमे से दूरी बनाए रखने वाले गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। हार्दिक की मांग थी कि अगर पाटीदार नेता नरेश पटेल कांग्रेस में शामिल होते हैं तो उनकी नाराजगी दूर हो जाएगी, लेकिन नरेश पटेल के पार्टी में शामिल होने की शर्त पर कांग्रेस में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

सूत्रों के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी का धड़ा खोदलधाम के मुख्य ट्रस्टी नरेश पटेल के संपर्क में थे और उन्हें कांग्रेस में लाने की पूरी कोशिश कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस में अहम पद को लेकर बातचीत सफल नहीं हो पाई थी।


अब जामा मस्जिद के सर्वे की मांग, हिन्दू महासभा ने किया देवी-देवताओं की मूर्ति होने का दावा

ज्ञानवापी विवाद के बाद जामा मस्जिद का सर्वे (Survey) कराने की मांग उठने लगी है। हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि का दावा है कि जामा मस्जिद के नीचे हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां हैं।

नई दिल्ली: ज्ञानवापी (Gyanvapi), कुतुबमीनार (Qutub Minar) और ताजमहल (Taj Mahal) की मस्जिद के बाद अब हिंदू संगठनों के निशाने पर दिल्ली की जामा मस्जिद आ गई है। 


ज्ञानवापी विवाद के बाद जामा मस्जिद का सर्वे (Survey) कराने की मांग उठने लगी है। हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि का दावा है कि जामा मस्जिद के नीचे हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां हैं।


चक्रपाणी महाराज (Chakrapani Maharaj) का कहना है कि जामा मस्जिद के अंदर भी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां दबा रखी है। उन्होंने कहा कि शाही इमाम से हमारी मांग है कि जामा मस्जिद की खुदाई कराने की अनुमति दें। इससे जो भी सच है वो सभी लोगों के सामने आ जाएगा।

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के दौरान वजूखाने में शिवलिंग मिलने पर चक्रपाणी महाराज का कहना है कि, ''ये बात 100 फीसदी पुख्ता हो गई कि वहां हिंदू मंदिर था। कोर्ट ने भी इसे मानकर आदेश दिया है कि जिस स्थान पर शिवलिंग मिला है, उसे सील कर दिया जाए। वहां किसी को न जाने दिया जाए।''

वहीं, बीजेपी सांसद साक्षी महाराज (Sakshi Maharaj) का कहना है कि जिस जगह जामा मस्जिद बनाई गई है वहां मंदिर था। उन्होंने कहा कि यमुना नदी के किनारे विष्णु भगवान का मंदिर है। वह इस बात को वर्ष 2009 से कह रहे हैं, तब वह मथुरा के विधायक थे। साक्षी महाराज ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद की असलियत सामने आ चुकी है। ऐसे ही भारत में लाखों मंदिर हैं जो मुस्लिम आक्रांताओं ने तोड़े है।


औरंगजेब के मकबरे को ढहाने की मनसे ने की मांग, राज ठाकरे की बढ़ी सुरक्षा

औरंगाबाद में औरंगजेब के मकबरे को मनसे द्वारा धवस्त किये जाने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने मनसे चीफ राज ठाकरे की सुरक्षा बढ़ा दी है।

मुम्बई: औरंगाबाद में औरंगजेब के मकबरे को मनसे द्वारा धवस्त किये जाने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने मनसे चीफ राज ठाकरे की सुरक्षा बढ़ा दी है।


औरंगाबाद में औरंगजेब के मकबरे के बाहर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस को तैनात कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने इसे ध्वस्त करने के लिए कहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा पर्यटकों/आगंतुकों के लिए प्रवेश भी रद्द कर दिया गया है। आपको बता दें कि यह मकबरा हाल ही में तब चर्चा में आया जब ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने रहस्यमय तरीके से वहां का दौरा किया।

एमएनएस के प्रवक्ता गजानन काले ने मंगलवार को पूछा, "शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने सामना से कहा था कि मकबरा गिरा दिया जाना चाहिए। फिर यह अभी भी क्यों है?"

काले ने आरोप लगया, "सुरक्षा प्रदान करने के लिए महाराष्ट्र सरकार का कार्य हमारे घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। औरंगजेब ने संभाजी राजे (शिवाजी के पुत्र) को बेरहमी से प्रताड़ित किया। उन्होंने ही हमारे स्वराज को रौंदने की कोशिश की थी और फिर भी महाराष्ट्र सरकार ने सुरक्षा प्रदान की है।"


इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा था कि असदुद्दीन ओवैसी औरंगजेब को उनकी कब्र पर श्रद्धांजलि देते हैं, इस बात से शर्म आनी चाहिए। फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब की पहचान पर कुत्ता भी पेशाब नहीं करेगा। इसके अलावा देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा।


मनी लॉन्ड्रिंग केस: पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के दफ्तर और आवास समेत कई जगहों पर CBI ने की छापेमारी

ये छापेमारी उनके दिल्‍ली और मुंबई के अलावा तमिलनाडु के सिवागंगई और चेन्‍नई स्थित आवास पर की गई है।

नई दिल्ली: सीबीआई ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिंदबरम के बेटे कार्ति के घर पर छापेमारी की है। ये छापेमारी उनके दिल्‍ली और मुंबई के अलावा तमिलनाडु के सिवागंगई और चेन्‍नई स्थित आवास पर की गई है। सीबीआई की ये छापेमारी मनी लाड्रिंग मामले में की गई है। 


बता दें कि चिदंबरम के बेटे पर कई मामले चल रहे हैं। इनमें आईएनएक्‍स मीडिया को एफआईपीबी (Foreign Investment Promotion Board) की क्लियरेंस मिलने का भी मामला शामिल है जो करीब 305 करोड़ विदेशी फंड से जुड़ा है। ये मामला तब का है जब चिदंबरम वित्‍त मंत्री थे। इनके ही मद्देनजर ये छापेमारी की गई है। 

सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी ने कार्ति के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है जो विदेशों से मिले पैसे से जुड़ा है। ये पैसा वर्ष 2010-14 के दौरान हासिल किया गया था।


अमित शाह आज अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की करेंगे समीक्षा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में भाग लेंगे, जिसमें खुफिया ब्यूरो, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के शीर्ष अधिकारी भी शामिल होंगे।

नई दिल्ली: गृहमंत्री अमित शाह आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंगलवार को नॉर्थ ब्लॉक में सभी हितधारकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। गृह मंत्रालय (एमएचए) के सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमरनाथ यात्रा, जिसे कोविड-19 महामारी के कारण 2020 और 2021 में निलंबित कर दिया गया था, 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्त को समाप्त होगी। इस वर्ष तीर्थयात्रा में बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में भाग लेंगे, जिसमें खुफिया ब्यूरो, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के शीर्ष अधिकारी भी शामिल होंगे।

अमरनाथ यात्रा पर गृहमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली यह पहली बैठक है।

मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि दिलबाग सिंह वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा तैयारियों के बारे में बैठक में एक प्रस्तुति देंगे, जबकि अन्य जम्मू-कश्मीर अधिकारी यात्रा के दौरान भक्तों को प्रदान की जाने वाली नागरिक सुविधाओं का विवरण देंगे।

अधिकारियों ने कहा कि बैठक के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी फैसला लिया जाएगा और पता चला है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के अलावा लगभग 35,000 केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों को बालटाल और पहलगाम के आधार शिविर से पवित्र गुफा तक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए तैनात किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन को तीर्थयात्रियों के लिए विस्तृत व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, जो इस साल लगभग सात लाख तक जा सकता है।


शाह इस बार तीर्थयात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं की तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे। पता चला है कि जम्मू-कश्मीर सरकार, प्रयागराज में कुंभ मेले की तर्ज पर दो अस्थायी अस्पतालों जैसी चिकित्सा सुविधाओं के साथ, पवित्र गुफा के मार्ग में दो स्थानों पर पहली बार टेंट टाउनशिप स्थापित करेगी।

इससे पहले 12 मई को गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी और अब तक की गई तैयारियों पर चर्चा की थी।


CM योगी संग PM मोदी ने किया 'सियासी डिनर', योगी कैबिनेट के साथ खिंचाई फ़ोटो

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी कैबिनेट के मंत्रियों के साथ मुलाकात और डिनर मीटिंग की। डिनर पर बतौर पीएम यह उनकी दूसरी विजिट थी।

लखनऊ: सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी कैबिनेट के मंत्रियों के साथ मुलाकात और डिनर मीटिंग की। बतौर पीएम यह उनकी दूसरी विजिट थी। 


इससे पहले पिछली बार जब प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे तो राष्ट्रपति चुनाव से पहले का मौका था। योगी के पहले कार्यकाल में 20 जून 2017 को पीएम ने सीएम आवास पर डिनर में हिस्सा लिया था। इसमें विपक्ष के नेताओं, धर्मगुरुओं सहित दूसरे खास मेहमान भी बुलाए गए थे। 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में प्रदेश बीजेपी नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य मौजूद रहें। 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य तथा अन्य मंत्रियों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई।


इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी एक दिन के नेपाल दौरे के बाद लखनऊ पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया।


जम्मू कश्मीर में परिसीमन को लेकर OIC ने ट्विटर पर जताई आपत्ति, भारत ने लगा दी लताड़, जमकर लगाई फटकार

इसके बाद भारत ने भी इस्लामिक देशों के संगठन को फटकार लगाते हुए कहा कि ओआईसी को किसी एक देश की शह पर सांप्रदायिक अजेंडा नहीं चलाना चाहिए। भारत का इशारा पाकिस्तान की तरफ था।

नई दिल्ली: इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को भारत ने एकबार फिर से जमकर लताड़ लगाई है। इस बार उसे जम्मु कश्मीर में परिसीमन को लेकर भारत ने लताड़ लगाई है। 


जम्मू-कश्मीर में परिसीमन को लेकर इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने आपत्ति जाहिर की है। ओआईसी की तरफ से परिसीमन को लेकर कई ट्वीट किए गए। OIC के महासचिव ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन तक बता डाला


 इसके बाद भारत ने भी इस्लामिक देशों के संगठन को फटकार लगाते हुए कहा कि ओआईसी को किसी एक देश की शह पर सांप्रदायिक अजेंडा नहीं चलाना चाहिए। भारत का इशारा पाकिस्तान की तरफ था। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ‘हमें आश्चर्य है कि ओआईसी ने एक बार फिर भारत के आंतरिक मामलों के लेकर गैरजरूरी टिप्पणियां की हैं।’ उन्होंने कहा कि पहले भी भारत सरकार केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर ओआईसी के बयानों को खारिज कर चुका है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। 


ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा ने कहा था कि उन्हें जम्मू-कश्मीर की डेमोग्राफी बदलने को लेकर चिंता है। यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों से छेड़छाड़ है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत वहां के लोंगों को निर्णय लेने का अधिकार है। 


अमरनाथ यात्रा: जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने रक्षामंत्री राजनाथ से की मुलाकात, श्रद्धालुओं के लिए कर डाली ये मांग

सिन्हा ने रक्षा मंत्री से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की सहायता के लिए अनुरोध किया ताकि उच्च ऊंचाई पर चुनौतीपूर्ण इलाके में कठिन हिस्सों को सुगम बनाया जा सके जिससे पवित्र गुफा तक ट्रैकिंग आसान हो सके।

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को यहां केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए सड़क के बुनियादी ढांचे पर चर्चा की।

सिन्हा ने रक्षा मंत्री से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की सहायता के लिए अनुरोध किया ताकि उच्च ऊंचाई पर चुनौतीपूर्ण इलाके में कठिन हिस्सों को सुगम बनाया जा सके जिससे पवित्र गुफा तक ट्रैकिंग आसान हो सके।

जम्मू-कश्मीर एलजी कार्यालय की ओर से एक ट्वीट में कहा गया है, माननीय रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह से आज मुलाकात की और श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए सड़क के बुनियादी ढांचे और उच्च ऊंचाई पर चुनौतीपूर्ण इलाकों में कठिन हिस्सों में बीआरओ सहायता पर चर्चा की, जो पवित्र गुफा के लिए ट्रेक को बहुत आसान बना देगा।

पता चला है कि एलजी ने रक्षा मंत्री से रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा कम से कम दो स्थानों पर अस्थायी अस्पताल और पवित्र गुफा के मार्ग में ऑक्सीजन बूथ स्थापित करने का भी अनुरोध किया है।

सिन्हा मंगलवार को नार्थ ब्लॉक में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में भी हिस्सा लेंगे।

उनके साथ, जम्मू-कश्मीर प्रशासन के अधिकारी और पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह बैठक में भाग लेंगे, जिसमें वे 45 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए तैयार एक ब्लूप्रिंट की प्रस्तुति देंगे।

यह वार्षिक तीर्थयात्रा दो साल के अंतराल के बाद 30 जून से शुरू हो रही है और इस साल भक्तों की भारी भागीदारी की उम्मीद है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कुंभ मेले की तर्ज पर टेंट टाउनशिप की स्थापना जैसी कई नई पहलों के साथ इस वार्षिक तीर्थयात्रा की बड़े पैमाने पर योजना बनाई है। इसके लिए पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और भारतीय सेना की मदद से जम्मू-कश्मीर में एक बड़ा और फुल-प्रुफ सुरक्षा तंत्र बनाया जाएगा।


ज्ञानवापी सर्वे: ओवैसी और महबूबा मुफ्ती को केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी का जवाब, कहा-'दोनों को फिर से इतिहास पढ़ने की जरूरत'

मीनाक्षी लेखी ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में असदुद्दीन ओवैसी और महबूबा मुफ्ती के बयान पर पलटवार करते कहा है कि इन्हें अदालत की कार्रवाई में कोई खलल डालने या माहौल को बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मीनाक्षी लेखी ने इन दोनों नेताओं को फिर से इतिहास पढ़ने की सलाह भी दी ताकि उन्हें सही जानकारी हो सके।

नई दिल्ली:  केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में असदुद्दीन ओवैसी और महबूबा मुफ्ती के बयान पर पलटवार करते कहा है कि इन्हें अदालत की कार्रवाई में कोई खलल डालने या माहौल को बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मीनाक्षी लेखी ने इन दोनों नेताओं को फिर से इतिहास पढ़ने की सलाह भी दी ताकि उन्हें सही जानकारी हो सके।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में किए गए सर्वे में शिवलिंग और इसके अतीत में मंदिर होने की कई निशानियां मिलने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। मुस्लिम पक्ष की तरफ से इसे लेकर लगातार बयानबाजी की जा रही है।


एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ज्ञानवापी में कयामत तक मस्जिद रहने का ऐलान कर रहे हैं तो वहीं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा को उन मस्जिदों की एक लिस्ट सौंप देनी चाहिए जिन्हें वो लेना चाहती है।

इन दोनों नेताओं के बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा है कि मामला अदालत में है और अदालत के आदेश पर ही सब हो रहा है। ऐसे में इन लोगों को अदालत की कार्रवाई में खलल डालने और माहौल को बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

शांति और भाईचारा बनाए रखने की बात कहते हुए केंद्रीय मंत्री ने ओवैसी और महबूबा मुफ्ती समेत उन तमाम लोगों को फिर से इतिहास पढ़ने की सलाह भी दे डाली जो इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

मीनाक्षी लेखी ने कहा कि इनको इतिहास के पन्ने खोलकर फिर से पढ़ना चाहिए।


केजरीवाल की आतंकियों को चेतावनी, कहा-'अगर कश्मीरी पंडितों की तरफ गलत इरादे से देखा तो...'

उन्होंने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकी समझ ले कि अगर उन्होंने कश्मीरी पंडितों की तरफ गलत इरादे से देखा भी तो उन्हें बख्शेगा नहीं भारत।

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कश्मीर में चल रही उठापटक पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले कश्मीर में एक सरकारी कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या कर दी गई। हमारी सेना ने 24 घंटों के अंदर दोनों आतंकवादियों को ढूंढकर मार गिराया, पर आज पूरा देश इस बात से चिंतित है कि कश्मीर में आज भी कश्मीरी पंडित सुरक्षित क्यों नहीं है?

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार से गुजारिश है कि कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीर में बसाने के लिए जो भी सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़े, जितना भी खर्च हो वो किया जाए। साथ ही उन्होंने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकी समझ ले कि अगर उन्होंने कश्मीरी पंडितों की तरफ गलत इरादे से देखा भी तो उन्हें बख्शेगा नहीं भारत।

मालूम हो कि साल 1989-90 के आसपास जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लाखों कश्मीरी हिंदुओं को मजहबी कट्टरपंथियों के आतंक के कारण अपनी मातृभूमि को छोड़कर पलायन करना पड़ा था। बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों का नरसंहार भी हुआ, लेकिन केंद्र से लेकर राज्य तक की तत्कालीन सरकारें इस त्रासदी पर मूकदर्शक बनी बैठी रहीं और पंडितों की सुरक्षा के लिए किसी ने भी कुछ ठोस नहीं किया।


हमें जनता से फिर मजबूत करने होंगे संबंध, BJP से सिर्फ कांग्रेस ही लड़ सकती है, क्षेत्रीय पार्टियां नहीं: राहुल गांधी

तीन दिन के कांग्रेस चिंतन शिविर पूरा होने पर राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संबोधित किया और अपनी आगे की रणनीति का जिक्र भी किया। नेताओं को राहुल ने साफ कर दिया है कि मैं आपके साथ खड़ा हूं, हमें डरना नहीं है। साथ ही रीजनल पार्टी पर भी राहुल ने अपनी राय रखी है और बताया कि, सिर्फ कांग्रेस ही भाजपा से लड़ सकती है।

जयपुर: कांग्रेस चिंतन शिविर में राहुल गांधी ने अपने पार्टी के सभी नेताओं को साफ कर दिया है कि हमें जनता के बीच जाना होगा और उनकी समस्याओं को सुन कर उनसे जुड़ना होगा। अक्टूबर महीने में कांग्रेस के सभी नेता जनता के बीच में उतरेंगे और जनता की समस्याओं को सुनेंगे। 

तीन दिन के कांग्रेस चिंतन शिविर पूरा होने पर राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संबोधित किया और अपनी आगे की रणनीति का जिक्र भी किया। नेताओं को राहुल ने साफ कर दिया है कि मैं आपके साथ खड़ा हूं, हमें डरना नहीं है। साथ ही रीजनल पार्टी पर भी राहुल ने अपनी राय रखी है और बताया कि, सिर्फ कांग्रेस ही भाजपा से लड़ सकती है।

इसके अलावा राहुल गांधी ने एक परिवार एक टिकट पर बोलते हुए कहा कि, एक परिवार से एक ही टिकट का हमने फैसला किया है। हम नहीं चाहते कि एक परिवार से 6, 7 लोगों को टिकट मिले, लोग महनत करें।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि, मीडिया में कांग्रेस के स्थान पर चर्चा होती है लेकिन हमें बिना सोचे हमारे सभी नेताओं को जनता के बीच मे जाकर बैठ जाना चाहिए। समस्या को समझना चाहिए, कांग्रेस का सम्बंध जनता से टूटा है यह हमें स्वीकार करना होगा। जनता समझती है कि यह काम कांग्रेस ही कर सकती है और देश को आगे ले जा सकती है। मुझे यह सुनकर कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि पुरी कांग्रेस पार्टी अक्टूबर में जनता के बीच जाएगी और जनता से बात करेगी।

जनता और पार्टी के रिश्ते को वापस पाएगी, लेकिन यह शार्ट कट से नहीं होने वाला। यह काम पसीना बहाकर ही होगा। हम पैदा जनता से हुए हैं यह संगठन जनता से बना है। हमें अपना कम्युनिकेशन की रणनीति में बदलाव करना होगा, क्योंकि हमारा कम्युनिकेशन भाजपा के मुकाबले कमजोर हैं।

पार्टी में युवा और सिनियर का मिश्रण होना चाहिए। आज युवाओं को रोजगार नहीं मिल सकता है। मोदी जी ने नौकरी देने की बात कही थी, लेकिन रीढ़ की हड्डी जो रोजगार पैदा करती है, उसे ही बीजेपी ने तोड़ दिया। नोटबंदी, जीएसटी लागू करके, पूरा फायदा दो- तीन उद्योगपति को देकर सरकार ने युवाओं के भविष्य को नष्ट कर दिया है। देश का युवा नौकरी नहीं ले सकेगा, यह भविष्य में दिखेगा।

उन्होंने आगे कहा कि, हमारी जिम्मेदारी विचारधारा की लड़ाई लड़ने की है और जनता के साथ खड़े होने की है। हमें जनता के पास जाना होगा, उनकी तरफ देखना होगा, सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि देश के लिए।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि, मेरी लड़ाई भाजपा-आरएसएस की विचारधारा से है। मैं हिंसा फैलाने के खिलाफ लड़ता हूं। यह मेरी जिंदगी की लड़ाई है। मैं ये मानने को तैयार नहीं हूं कि इस प्यारे देश में नफरत और गुस्सा है।

सभी नेताओं से कहता हूं घबराने की जरूरत नहीं, यह देश सच्चाई को मानता है। यह देश देख रहा है। आपसे कहता हूं जिंदगी भर आपके साथ खड़ा हूं। मुझे कोई डर नहीं, मैने भ्रष्टाचार नहीं किया है, एक रुपया नहीं लिया। भारत माता से एक पैसा नहीं लिया है। मैं सच्चाई बोलने से नहीं डरता हूं। हम उनकी विचारधारा को हराकर दिखाएंगे, हम सब एक साथ हैं।

हमारे सीनियर नेता डिप्रेशन में चले जाते हैं, क्योंकि लड़ाई आसान नहीं है। यह लड़ाई रीजनल पार्टी नहीं लड़ सकती क्योंकि यह विचारधारा की लड़ाई है। बीजेपी कांग्रेस की बात करेगी, नेताओं की बात करेगी लेकिन रीजनल पार्टी की बात नहीं करेगी, उनको पता है उनकी अपनी जगह है, उनकी विचारधारा नहीं है। रीजनल पार्टी बीजेपी को नहीं हरा सकते।

मैं जानता हूं आगामी दिनों में देश में आग लगेगी ,हमारी जिम्मेदारी है कि वो आग न लगे। हमारी जिम्मेदारी है कि जनता से कहें आप को बांटा जा रहा है। इससे आपको फायदा नहीं होगा। रीजनल पार्टी कोई किसी जात की है, वह सब की नहीं है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश की पार्टी है। घबराने की जरूरत नहीं है, सड़क पर उतरेंगे। उनकी विचारधारा से कांग्रेसी की तरह लड़ेंगे।