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जम्मू-कश्मीर : सरपंच की हत्या करने वाले लश्कर ए तैयबा के 3 आतंकी गिरफ्तार

बारामूला की पट्टन तहसील के गोशबुग गांव के सरपंच मंजूर अहमद बांगू की 15 अप्रैल को आतंकियों ने हत्या कर दी थी।

श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के बारामूला जिले में पिछले महीने एक सरपंच की हत्या के आरोप में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों और उनके साथियों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। बारामूला की पट्टन तहसील के गोशबुग गांव के सरपंच मंजूर अहमद बांगू की 15 अप्रैल को आतंकियों ने हत्या कर दी थी।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "गोशबुग के सरपंच मंजूर अहमद बांगू की हत्या के मामले में जांच के दौरान आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों में संलिप्तता के लिए विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिलने के बाद तीन संदिग्धों- नूर मोहम्मद यातू, मोहम्मद रफीक पारे और आशिक हुसैन पारे को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी गोशबुग पट्टन के निवासी हैं।"

अधिकारी ने कहा, "गिरफ्तार किए गए आतंकियों ने खुलासा किया है कि वे आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक ओजीडब्ल्यू मोहम्मद अफजल लोन के संपर्क में थे, जो इस समय न्यायिक हिरासत में है।"

पुलिस अधिकारी ने आगे कहा, "लोन ने अपने करीबी सहयोगी यातू को अपने क्षेत्र के दो लोगों को आतंकवादी रैंक में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद उसने गोशबुग के निवासी मोहम्मद रफीक पारे और आशिक हुसैन पारे से संपर्क किया और उन्हें आतंकवादी रैंक में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।"

यातू ने अपने एक रिश्तेदार मेहराज-उद-दीन डार के साथ दोनों को व्यक्तिगत रूप से लोन से मिलने का निर्देश दिया था।

पुलिस के अनुसार, "तीनों ने लोन से मुलाकात की, जिसने उन्हें प्रेरित किया और लक्ष्य निर्धारित किए। उसने उन्हें अलग-अलग असाइनमेंट भी दिए।"

पुलिस ने कहा, "कुछ दिनों के बाद लोन ने रफीक पारे और आशिक पारे के लिए डार के माध्यम से यातू को हथियार और गोला-बारूद (गोलियों के साथ दो पिस्तौल, दो हथगोले और दो मैगजीन) भेजे। राजनीति से जुड़े व्यक्तियों, विशेष रूप से सरपंचों को मारने के निर्देश के साथ यह हथियार भेजे गए थे।"

पुलिस ने कहा कि लोन और उसके तीन अन्य सहयोगियों को पल्हालन ग्रेनेड विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, साजिशकर्ताओं ने लक्ष्य निर्धारित किया और अरपंच बंगू (मृतक) की सबसे पहले रेकी की और उसकी हत्या के लिए एक खास तरीख तय की गई।

पुलिस ने बताया, "उस विशेष दिन, आशिक पारे ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से उमर लोन से बात की और उसे उस योजना के बारे में जानकारी दी, जिसे आतंकवादियों ने 15 अप्रैल को चंद्रहामा पट्टन के बागों में सरपंच की हत्या करके अंजाम दिया था।"

बयान में कहा गया है, "आगे की पूछताछ में यातू ने खुलासा किया कि उसने लोन को हथियार और गोला-बारूद दिया था। उसने बताया कि और हथियार और कुछ जिंदा राउंड अभी भी उसके पास बचे हुए हैं जो उसके घर में एक सीलबंद बॉक्स में रखे हुए हैं।"

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन पिस्टल, दो ग्रेनेड, तीन मैगजीन और 32 गोलियां बरामद हुई हैं।


PM Modi in Japan: पीएम मोदी बोले-'भारत स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध'

पीएम मोदी ने कहा कि आईपीईएफ (Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity, IPEF) की घोषणा हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific region) को वैश्विक आर्थिक विकास का इंजन बनाने की सामूहिक इच्छाशक्ति की परिणति है। प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक साझा और रचनात्मक समाधान खोजने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्‍होंने कहा कि भारत ऐतिहासिक रूप से भारत-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific region) में व्यापार प्रवाह के केंद्र में रहा है।

टोक्यो: भारत ने सोमवार को एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत ने निरंतर विकास, शांति और समृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भागीदारों के बीच आर्थिक जुड़ाव को गहरा करने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने इंडो-पैसिफिक इकोनामिक फ्रेमवर्क (Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity, IPEF) के लिए समर्पित कार्यक्रम में शिरकत की।



पीएम मोदी ने कहा कि आईपीईएफ (Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity, IPEF) की घोषणा हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific region) को वैश्विक आर्थिक विकास का इंजन बनाने की सामूहिक इच्छाशक्ति की परिणति है। प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक साझा और रचनात्मक समाधान खोजने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्‍होंने कहा कि भारत ऐतिहासिक रूप से भारत-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific region) में व्यापार प्रवाह के केंद्र में रहा है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है और वह मानता है कि निरंतर विकास, शांति और समृद्धि के लिए भागीदारों के बीच आर्थिक जुड़ाव को गहरा करना महत्वपूर्ण है। भारत इंडो-पैसिफिक इकोनामिक फ्रेमवर्क (Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity, IPEF) के तहत भागीदार देशों के साथ सहयोग करने और क्षेत्रीय आर्थिक संपर्क को आगे बढ़ाने, एकीकरण और क्षेत्र के भीतर व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम करने का इच्छुक है। 


कोविड, मंकीपॉक्स दुनिया के लिए विकट चुनौती: WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि दुनिया अब तक लगभग 15 देशों में 100 से अधिक लोगों को संक्रमित करने वाले मंकीपॉक्स के प्रकोप की एक महत्वपूर्ण और विकट चुनौती का सामना कर रही है।

जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि दुनिया अब तक लगभग 15 देशों में 100 से अधिक लोगों को संक्रमित करने वाले मंकीपॉक्स के प्रकोप की एक महत्वपूर्ण और विकट चुनौती का सामना कर रही है।

रविवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की विश्व स्वास्थ्य सभा को संबोधित करते हुए, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस एडनॉम गेब्रेयिसस ने कहा कि दुनिया में महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। इसने लगभग 15 मिलियन अतिरिक्त लोगों की जान ली है।

गेब्रेयसस ने कहा, "कोविड महामारी निश्चित रूप से खत्म नहीं हुई है। हम जलवायु परिवर्तन, असमानता और भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित बीमारी, सूखा, अकाल और युद्ध का सामना कर रहे हैं।"

वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने पुष्टि की है कि दुनिया भर में मंकीपॉक्स के 92 पुष्ट मामले हैं और 12 देशों में 28 अन्य संदिग्ध संक्रमण हैं। इजराइल, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम सूची में नए जुड़े हैं।

इसके अलावा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में घातक इबोला का प्रकोप देखा गया है, जबकि लगभग 21 देशों ने बच्चों में रहस्यमय तीव्र हेपेटाइटिस की स्थिति के कम से कम 450 मामलों की सूचना दी है।

लगभग 12 बच्चों की जान चली गई है, और कई को लीवर प्रतिरोपण की आवश्यकता है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, "सभी क्षेत्रों में लगभग 70 देशों में रिपोर्ट किए गए मामले बढ़ रहे हैं और यह एक ऐसी दुनिया में है जिसमें परीक्षण दरों में गिरावट आई है। परीक्षण और अनुक्रमण में गिरावट का मतलब है कि हम वायरस के विकास के लिए खुद को अंधा कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि केवल 57 देशों ने अपनी 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया है, जिनमें से लगभग सभी उच्च आय वाले देश हैं। उन्होंने महामारी से लड़ने के लिए टीकाकरण बढ़ाने, वायरस की जीनोमिक निगरानी करने का आह्वान किया।

उन्होंने 'शांति' का आह्वान करते हुए कहा कि यह 'स्वास्थ्य के लिए एक शर्त' है।


अमरनाथ यात्रा 2022: आतंकी संगठन टीआरएफ ने चिट्ठी लिखकर दी श्रद्धालुओं को 'गीदड़भभकी', केंद्र व RSS को दी ये चेतावनी

अमरनाथ यात्रा को लेकर आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने धमकी भरा पत्र जारी करा है। पत्र में आंतकी संगठन की ओर से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा है।

नई दिल्ली:  अमरनाथ यात्रा को लेकर आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने धमकी भरा पत्र जारी करा है। पत्र में आंतकी संगठन की ओर से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा है।

संगठन का कहना है कि वे यात्रा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन तीर्थयात्री तब तक सुरक्षित हैं जब तक कि वे कश्मीर मुद्दे में शामिल नहीं होंगे।

गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू होनी है। यह 11 अगस्त को खत्म होगी। 43 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पहले से अधिक बढ़ने की उम्मीद है। इस बार रामबन और चंदनवाड़ी में कैंप बड़े होंगे. ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे।

बार-कोड सिस्टम के साथ RFID टैग और तीर्थयात्रियों पर नजर रखने के लिए उपग्रह ट्रैकर्स का उपयोग किया जा रहा है। यात्रा के रास्तों और शिविर स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ कश्मीर में सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर  सीआरपीएफ की 50 अतिरिक्त कंपनियों को शामिल किया गया है।


आतंकी संगठन द्वारा पत्र अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है। बता दें कि अमरनाथ यात्रा वर्षों से आतंकियों के निशाने पर रही है। वर्ष 2 हजार में पहलगाम बेस कैंप में आतंकी हमले में 17 तीर्थयात्रियों सहित 25 लोग    मारे गए थे। वहीं, जुलाई 2017 में यात्री बस पर हुए आतंकी हमले में   सात तीर्थयात्री मारे गए थे।

गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा को शांति और सुरक्षित तरह से पूरी कराने के लिए गृह मंत्रालय ने खास तैयारियां की हैं। इसमें फुलप्रूफ सुरक्षा देने का निर्णय लिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने अमनाथ यात्रा पर जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें बताया गया है कि आतंकी किस तरह से खतरा पैदा कर सकते हैं।


सूत्रों के अनुसार, किसी भी आतंकी घटना को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं।


Delhi-NCR में तेज आंधी के साथ बारिश, कई जगह पेड़ टूटने से रास्ते हुए बंद, फ्लाइट्स भी प्रभावित, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (Delhi-NCR Weather) में आज यानी सोमवार की सुबह तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश (Heavy Rain) हुई, जिससे मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (Delhi-NCR Weather) में आज यानी सोमवार की सुबह तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश (Heavy Rain) हुई, जिससे मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। 

पिछले दो तीन दिनों से आंधी और बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो घंटों तक तेज हवाओं के साथ बारिश की भविष्यवाणी की है। 

मौसम विभाग के अनुसार आज न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमश: 27 और 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। ये सिलसिला अभी भी जारी है, जिसके दिल्ली हवाईअड्डे पर उड़ानों का परिचालन प्रभावित हुआ है। 

ऑरेंज अलर्ट जारी 

बता दें कि मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और एनसीआर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। जिसमें पश्चिमी विक्षोभ के कारण 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी। वहीं 24 मई को भी बारिश और आंधी की आशंका है।  25 मई को भी आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन तापमान में बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है। 26 मई से तापमान एक बार फिर 40 डिग्री पर पहुंच सकता है।


सड़को पर गिरे पेड़

तेज हवाओं ने गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन दिल्ली और उससे सटे कई इलाकों में हवा की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि पेड़ गिर गए। IMD के अनुसार पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी अगले 2 दिन धूल भरी आंधी और गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।


क्वाड सम्मेलन: 40 घंटे में PM मोदी करेंगे 23 मीटिंग, विदेश सचिव ने बताया पीएम के जपान दौरे का पूरा शेड्यूल

इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे।

नई दिल्ली: क्वॉड शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के टोक्यो के लिए रवाना होंगे। इस दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से भी मुलाकात करेंगे। वहीं भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते रिश्तों और क्वॉड शिखर सम्मेलन को लेकर चीन की टेंशन बढ़ गई है।

पीएम नरेंद्र मोदी क्वाड लीडर्स समिट में भाग लेने के लिए दो दिन की यात्रा पर जापान के लिए रवाना होंगे। पीएम मोदी की यह यात्रा जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा के निमंत्रण पर हो रही है। प्रधानमंत्री टोक्यो में 24 मई को क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई चल रही है, साथ ही चीन एशिया समेत कई हिस्सों में अपनी चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा है। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे।


पीएम मोदी की जपान यात्रा को लेकर जानकारी देते हुए विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 23 और 24 मई को आधिकारिक यात्रा पर जापान जाएंगे। वे वहां अमेरिकी राष्ट्रपति, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वे वहां भारतीय समुदाय को संबोधित भी करेंगे।'

शिखर सम्मेलन में क्वाड नेताओं के बीच हिंद-प्रशांत से जुड़े घटनाक्रम, साझा हितों से जुड़े समसामयिक वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। पीएम मोदी 24 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इन दोनों नेताओं के बीच पिछली बातचीत 11 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी। दोनों राजनेता भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करने और बैठक के दौरान हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे।

विनय क्वात्रा ने ये भी कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। भारत-अमेरिका संबंध बहुआयामी हैं, साथ ही समय के साथ संबंध और गहरे हुए हैं।'


असम में बाढ़ जैसे हालात, अबतक 18 की मौत, 32 जिलों में 8.39 लाख से अधिक लोग प्रभावित

एएसडीएमए की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 32 जिलों के 3,246 गांवों के 1,45,126 बच्चों सहित 8,39,691 लोग प्रभावित हुए हैं।

गुवाहटी: असम में बाढ़ की स्थिति शनिवार को और खराब हो गई, जिसमें और चार लोगों की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या 18 हो गई। अधिकारियों ने कहा कि राज्य के 34 जिलों में से 32 में 8.39 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारियों के अनुसार, कछार (2), नागांव और होजई जिलों में ताजा मौतें हुई हैं, जबकि कछार जिले में एक व्यक्ति लापता है।

एएसडीएमए की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 32 जिलों के 3,246 गांवों के 1,45,126 बच्चों सहित 8,39,691 लोग प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रतिक्रिया बलों और स्वयंसेवकों की मदद से कुल 24,749 फंसे हुए लोगों को निकाला गया है।

सभी प्रभावित क्षेत्रों में 499 राहत शिविर और 519 राहत वितरण केंद्र खोले गए हैं। राहत शिविरों में 92,124 लोग रह रहे हैं। 1,00,732 हेक्टेयर से अधिक फसल प्रभावित हुई है।

सेना, असम राइफल्स, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, जिला प्रशासन के साथ मिलकर फंसे हुए लोगों को बचाने और उन्हें राहत देने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

राज्य में सबसे अधिक प्रभावित स्थानों में अकेले नागांव जिले में 3,39,427 लोग, कछार जिले में 1,77,954 लोग, होजई जिले में 70,233, दरांग जिले में 44,382 लोग, करीमगंज जिले में 16,382 लोग प्रभावित हुए।

तीन नदियों कोपिली, दिसांग और ब्रह्मपुत्र का पानी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

बाढ़ और भूस्खलन को देखते हुए मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ ने शनिवार को एएसडीएमए सहित सभी हितधारकों के साथ बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और गंभीर रूप से प्रभावित जिलों में अतिरिक्त संसाधनों और सहायता प्रणाली को तैनात करके प्रतिक्रिया और वसूली सेवाओं में तेजी लाई।

इस बीच, यूनिसेफ ने जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए राहत शिविर प्रबंधन एसओपी के अनुसार, बाढ़ राहत शिविरों की निगरानी में कछार, होजई, दरांग, विश्वनाथ, नगांव, मोरीगांव और दीमा हसाओ के डीडीएमए का समर्थन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और सलाहकारों की 7 टीमों को तैनात किया है।

राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री जोगेन मोहन, स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत, जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका और पर्यावरण एवं वन मंत्री परिमल शुक्लाबैद्य सहित कई मंत्री बचाव और राहत कार्यो की निगरानी के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में डेरा डाले हुए हैं।

दीमा हसाओ जिले में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के पहाड़ी खंड में स्थिति शनिवार को गंभीर बनी रही, क्योंकि क्षेत्र में बारिश जारी रही, जिससे लुमडिंग-बदरपुर सिंगल लाइन रेलवे मार्ग प्रभावित हुआ। इससे त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और दक्षिणी असम का हिस्सा देश के बाकी हिस्सों से कट गया।

एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, सब्यसाची डे के अनुसार, लुमडिंग डिवीजन में 11 जोड़ी ट्रेन सेवाओं को रद्द कर दिया गया है और पांच जोड़ी ट्रेन सेवाओं को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है और शॉर्ट टर्मिनेट या शॉर्ट ओरिजिन किया गया है।

रक्षा प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल अंगोम बोबिन सिंह ने कहा कि सेना और असम राइफल्स के जवानों ने असम के विभिन्न हिस्सों में बचाव अभियान जारी रखा है।


MNS चीफ की आज पुणे में रैली, पुलिस ने सभा को 13 शर्तों के साथ दी अनुमति, बड़ा सवाल-क्या प्रशासन की शर्तों को मानेंगे राज ठाकरे ?

पुणे पुलिस ने रैली के लिए 13 शर्तों पर मनसे प्रमुख को इजाजत दी है।

पुणे: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की आज पुणे में रैली होनी है। इस रैली में वह हिंदुत्व के मुद्दे पर अपना दमखम दिखाएंगे। वहीं दूसरी ओर पुणे पुलिस उनकी इस रैली को लेकर सख्त हो गई है। पुणे पुलिस ने रैली के लिए 13 शर्तों पर मनसे प्रमुख को इजाजत दी है।

पुणे पुलिस द्वारा जारी किए गए आदेश में इन शर्तों का आनिवार्य रूप से पालन करने की बात कही गई है। सरकारी आदेश में कहा गया है कि अगर सार्वजनिक रैली के दौरान इन शर्तों का उल्लंघन होगा तो  कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की इन शर्तों में कहा गया है कि बैठक के दौरान या बाद में कोई भी आपत्तिजनक नारेबाजी, दंगा या अभद्र व्यवहार नहीं होना चाहिए। आयोजन के दौरान किसी तरह के हथियार, तलवार और विस्फोटक सामग्री नहीं दिखनी चाहिए। आदेश में यह भी कहा गया कि लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल से ध्वनि प्रदूषण नियम का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।


'हमारे लिए लोग पहले...', पेट्रोल-डीजल के उत्पाद शुल्क में कटौती की वित्तमंत्री के एलान पर PM मोदी का ट्वीट

पीएम मोदी ने ट्वीट किया,

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेट्रोल व डीजल के उत्पाद शुल्क में कटौती का एलान किया गया वहीं, एलपीजी सिलेंडर पर भी 200 रुपए की सब्सिडी का एलान किया गया। जिसके बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "हमारे लिए हमेशा लोग पहले होते हैं! आज के फैसले, विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में महत्वपूर्ण कमी से संबंधित, विभिन्न क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे, हमारे लोगों को राहत प्रदान करेंगे और 'ईज ऑफ लिविंग' को आगे बढ़ाएंगे।"


काफी अर्से बाद आम आदमी को महंगाई से राहत मिलने वाली खबर आई है। दरअसल, शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के अलावा उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 200 रुपए प्रति गैस सिलेंडर की सब्सिडी देने का भी ऐलान किया। 

वित्तमंत्री ने कहा कि हम पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर कम कर रहे हैं। इससे पेट्रोल की कीमत 9.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 7 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी।

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि हम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 9 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति गैस सिलेंडर (12 सिलेंडर तक) की सब्सिडी देंगे। इससे हमारी माताओं और बहनों को मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज मुश्किल दौर से गुजर रही है। पूरी दुनिया कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर ही रही थी कि यूक्रेन में जारी युद्ध ने आपूर्ति बाधा की समस्यायें पैदा कर दीं। इसकी वजह से कई चीजों की किल्लत हो गई। इससे महंगाई बढ़ रही है और कई देशों में आर्थिक संकट के हालात पैदा हो गये हैं।

सीतारमण ने कहा कि चुनौतीपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश में आवश्यक वस्तुओं की कोई किल्लत न रहे। यहां तक कि कुछ विकसित देश भी आपूर्ति बाधा और वस्तुओं की कमी से बच नहीं पाये हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रण में रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

वित्त मंत्री ने कहा,'' मैं सभी राज्य सरकारों से कहूंगी कि वे भी इसी तरह की कटौती करें और आम लोगों को राहत दें। यह आग्रह उन राज्यों के लिए खासकर है, जिन्होंने नवंबर 2021 के दौरान उत्पाद शुल्क में की गई कटौती के साथ कर में कटौती नहीं की थी।''

केंद्र सरकार ने साथ ही प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इस साल 12 गैस सिलेंडर तक प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है।

सीतारमण ने कहा कि इससे हमारी मां और बहनों को मदद मिलेगी। इससे राजस्व में 6,100 करोड़ रुपये की कमी आयेगी।

केंद्र सरकार साथ ही प्लास्टिक उत्पादों के कच्चे माल पर भी उत्पाद शुल्क में कटौती करेगी।


पंजाब और हिमाचल के डेयरी किसान हड़ताल पर, दुग्ध सप्लाई होगी प्रभावित

हड़ताल के बाद रविवार को पंजाब की दुग्ध सहकारी संस्था मिल्कफेड द्वारा चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होगी।

नई दिल्ली: पंजाब के हजारों डेयरी किसान शनिवार को मोहाली में सरकारी वेरका दूध प्रोसेसिंग प्लांट में जमा हुए और दूध खरीद की कीमत में बढ़ोत्तरी को लेकर अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल पर जाने की घोषणा की। 


हड़ताल के बाद रविवार को पंजाब की दुग्ध सहकारी संस्था मिल्कफेड द्वारा चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होगी।

प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) के अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने मीडिया को बताया कि कृषि के बाद पंजाब में डेयरी फामिर्ंग आजीविका का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। राज्य देश में वाणिज्यिक डेयरी फामिर्ंग में नंबर एक स्थान पर है। पंजाब में डेयरी किसानों की संख्या पूरे देश की तुलना में अधिक है।

उन्होंने कहा, "आज हर डेयरी किसान वित्तीय संकट में जी रहा है। पिछले दो वर्षों में हमने महामारी के कारण दूध की कीमतों में वृद्धि पर कोई मुद्दा नहीं उठाया है, क्योंकि हम जानते हैं कि डेयरी किसानों सहित हर कोई संकट से गुजर रहा है।"

उन्होंने कहा कि दो साल से अधिक समय से दूध की दरों में वृद्धि नहीं की गई है। लेकिन दूध उत्पादन पर खर्च मुख्य रूप से गेहूं और चारे पर होता है, जिसमें 75 प्रतिशत खर्च फीड पर होता है।

सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गाय के चारे की दरें दोगुनी हो गई हैं, जो पिछले 25 वर्षों के डेयरी कारोबार में पहले कभी नहीं देखी गई थीं।

उन्होंने कहा, "चारा का प्रमुख घटक सोयाबीन है, जो एक साल पहले 3,200 रुपये प्रति क्विंटल था और फिर 10,000 रुपये तक पहुंच गया और अब 6,500 रुपये पर है और हमें वह नुकसान भी उठाना पड़ा।"

उन्होंने कहा, "हमने नई सरकार के साथ कई बैठकें की, क्योंकि हम संकट से गुजर रहे हैं और सरकार से अन्य राज्यों की तरह डेयरी किसानों को मुआवजा देने की अपील की है। लेकिन सरकार हमारी मांगों पर ध्यान देने में विफल रही।"

पीडीएफए के प्रेस सचिव रेशम सिंह भुल्लर ने कहा कि वे दूध की कीमत में वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।


महंगाई से राहत! गैस सिलेंडर पर मिलेगी 200 रुपए की सब्सिडी, पेट्रोल 9 रुपए तो डीजल 7 रुपए तक होगा सस्ता

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के अलावा उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 200 रुपए प्रति गैस सिलेंडर की सब्सिडी देने का भी ऐलान किया।

नई दिल्ली: काफी अर्से बाद आम आदमी को महंगाई से राहत मिलने वाली खबर आई है। दरअसल, शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के अलावा उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 200 रुपए प्रति गैस सिलेंडर की सब्सिडी देने का भी ऐलान किया। 

वित्तमंत्री ने कहा कि हम पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर कम कर रहे हैं। इससे पेट्रोल की कीमत 9.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 7 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी।

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि हम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 9 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति गैस सिलेंडर (12 सिलेंडर तक) की सब्सिडी देंगे। इससे हमारी माताओं और बहनों को मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज मुश्किल दौर से गुजर रही है। पूरी दुनिया कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर ही रही थी कि यूक्रेन में जारी युद्ध ने आपूर्ति बाधा की समस्यायें पैदा कर दीं। इसकी वजह से कई चीजों की किल्लत हो गई। इससे महंगाई बढ़ रही है और कई देशों में आर्थिक संकट के हालात पैदा हो गये हैं।

सीतारमण ने कहा कि चुनौतीपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश में आवश्यक वस्तुओं की कोई किल्लत न रहे। यहां तक कि कुछ विकसित देश भी आपूर्ति बाधा और वस्तुओं की कमी से बच नहीं पाये हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रण में रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

वित्त मंत्री ने कहा,'' मैं सभी राज्य सरकारों से कहूंगी कि वे भी इसी तरह की कटौती करें और आम लोगों को राहत दें। यह आग्रह उन राज्यों के लिए खासकर है, जिन्होंने नवंबर 2021 के दौरान उत्पाद शुल्क में की गई कटौती के साथ कर में कटौती नहीं की थी।''

केंद्र सरकार ने साथ ही प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इस साल 12 गैस सिलेंडर तक प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है।

सीतारमण ने कहा कि इससे हमारी मां और बहनों को मदद मिलेगी। इससे राजस्व में 6,100 करोड़ रुपये की कमी आयेगी।

केंद्र सरकार साथ ही प्लास्टिक उत्पादों के कच्चे माल पर भी उत्पाद शुल्क में कटौती करेगी।


ज्ञानवापी सर्वे : शिवलिंग को लेकर अपमानजनक पोस्ट के आरोप में गिरफ्तार किये गये डीयू के प्रोफेसर को मिली जमानत

रतन लाल को शनिवार दोपहर तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया। सिविल लाइंस पुलिस ने शुक्रवार की रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया और शनिवार को 50 हजार रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की जमानती पर जमानत दे दी।


नई दिल्ली: यहां की एक अदालत ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास के प्रोफेसर रतन लाल को जमानत दे दी, जिन्हें वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर एक वीडियो सर्वेक्षण में 'शिवलिंग' की खोज के बाद सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 


रतन लाल को  शनिवार दोपहर तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया। सिविल लाइंस पुलिस ने शुक्रवार की रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया और शनिवार को 50 हजार रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की जमानती पर जमानत दे दी।

भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने 18 मई को दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के इतिहास के प्रोफेसर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

उत्तरी जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के लिए पूर्वाग्रहपूर्ण कार्य करना) और 295ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य के तहत किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके आहत करने का इरादा रखना) के तहत मामला दर्ज किया था।

डीयू के प्रोफेसर ने ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग की ताजा तस्वीर के साथ कथित तौर पर अपमानजनक सामग्री पोस्ट की थी।

शिकायतकर्ता, दिल्ली के एक वकील, विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस को 'उकसाने और भड़काने वाले बयान दिए जाने' के बारे में की लिखित सूचना दी थी।

जिंदल ने कहा, "हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को बोलने की आजादी देता है, लेकिन इस अधिकार का दुरुपयोग अक्षम्य है। जब यह देश के सम्मान और सद्भाव को खतरे में डालता है और समुदाय व धर्म के आधार पर अपने नागरिकों को उकसाता है और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में डालता है, तब इसे गंभीर अपराध माना जाता है।"

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद इस समय कानूनी लड़ाई का सामना कर रही है। वाराणसी की एक अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को ज्ञानवापी मस्जिद के ढांचे की जांच करने का निर्देश दिया था।


बिजली पर मोदी सरकार की योगी सरकार को चेतावनी, कहा-'जल्दी चुकाए 9692 करोड़ रुपये, वर्ना...'

भारत सरकार के इस फैसले से वित्तीय संकट से जूझ रहे बिजली उत्पादक कंपनियों के सामने अतिरिक्त बिजली के इंतजाम के साथ भुगतान की चुनौती खड़ी हो गई है।

नई दिल्ली: भारत सरकार ने यूपी सरकार को बिजली उत्पादक कंपनियों (जेनको) व कोल इंडिया के बकाये रुपये 9692 करोड़ के तत्काल भुगतान को लेकर आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर प्रदेश की बिजली रोकने की भी चेतावनी दी गई है। भारत सरकार के इस फैसले से वित्तीय संकट से जूझ रहे बिजली उत्पादक कंपनियों के सामने अतिरिक्त बिजली के इंतजाम के साथ भुगतान की चुनौती खड़ी हो गई है।

आयातीत कोयले की खरीद के बाद अब केंद्र ने यूपी सरकार पर बिजली उत्पादक कंपनी जेनको व कोल इंडिया के बकाये के भुगतान का दबाव बढ़ा दिया है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय ऊर्जा सचिव आलोक कुमार ने यूपी के प्रमुख उर्जा सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि जेनको कंपनी का 9372.49 करोड़ और कोल इंडिया का 319.82 करोड़ बकाये का शीघ्र भुगतान किया जाए नहीं तो प्रदेश की बिजली काट दी जाएगी। भारत सरकार की इस चेतावनी के बाद पावर कॉर्पोरेशन व स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार हर महीने आपूर्ति की जा रही बिजली के अनुपात में राजस्व वसूली नहीं कर पा रही है जिससे पावर कॉर्पोरेशन को समय पर बिजली का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। भुगतान न मिलने से पावर कॉर्पोरेशन कोल इंडिया को भुगतान नहीं कर पा रहा है। चूंकि राज्य में बिजली की बेहद किल्लत है इसलिए पावर कॉर्पोरेशन को एनर्जी एक्सचेंज व अन्य स्रोतों से अतिरिक्त बिजली भी खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में शीघ्र पेमेंट करना बेहद मुश्किल हो रहा है।



केंद्र के एक्शन को लेकर उत्पादन निगम के अधिकारियों ने कहा कि अनुबंध के अनुसार पावर कॉर्पोरेशन जिन उत्पादन इकाइयों से बिजली खरीदता है उनको हमेशा समय पर पेमेंट मिलता रहा है और यदी भुगतान में देरी हुई है तो 12 से 18 प्रतिशत तक ब्याज भी देना पड़ा है। उन्होंने कहा कि, बिजली संकट के दौर में इस तरह का दबाव बनाना सही नहीं है।


उधर, स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर काउंसिल के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि भारत सरकार की ओर से बकाये की भुगतान न करने पर बिजली रोकने की धमकी देना असांविधानिक है। यह धमकी पावर कॉर्पोरेशन को नहीं, बल्कि राज्य के सभी तीन करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही है। 


Monkeypox ने मचाया उत्पात, 11 देशों में मिले 80 मामले, भारत में भी मंडराया खतरा, WHO कर रहा रिसर्च

गुरुवार को जारी बयान में WHO ने कहा कि यह वायरस एंडेमिक यानि स्थानीय स्तर (endemic) का है जो कुछ देशों के जानवरों में मौजूद है। इससे स्थानीय पर्यटकों व लोगों के बीच ही यह संक्रमण फैलता है।

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) ने 11 देशों में मंकीपाक्स के 80 मामलों की पुष्टि की है। संगठन इस नई बीमारी को लेकर रिसर्च कर रहा है ताकि इसके पीछे के कारणों के साथ होने वाले जोखिमों का पता लगाया जा सके। गुरुवार को जारी बयान में WHO ने कहा कि यह वायरस एंडेमिक यानि स्थानीय स्तर (endemic) का है जो कुछ देशों के जानवरों में मौजूद है। इससे स्थानीय पर्यटकों व लोगों के बीच ही यह संक्रमण फैलता है।

हालांकि शुक्रवार को भारतीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (National Centre for Disease Control) और आइसीएमआर (ICMR) को स्थिति पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया। इसके मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हवाईअड्डे और बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया है। बता दें कि एंडेमिक के तहत आने वाली महामारी की पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं होती लेकिन यह संक्रमण अधिक नहीं फैलता। WHO के अनुसार इस स्थिति में लोगों को हमेशा के लिए उसी संक्रमण के साथ जीना पड़ता है।


कर्नाटक में बड़ा सड़क हादसा, पेड़ से गाड़ी टकराने से 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत

इस हादसे में तीन बच्चों समेत सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार क्रूजर गाड़ी के पेड़ से टकराने की वजह से यह हादसा हुआ।

बेंगलुरू: कर्नाटक के धारवाड़ जिले में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। इस हादसे में तीन बच्चों समेत सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार क्रूजर गाड़ी के पेड़ से टकराने की वजह से यह हादसा हुआ।

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद घायल लोगों को हुबली के केआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन घायल लोगों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने कहा है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। घटना उस समय हुई जब एक परिवार के कई सदस्य एक समारोह में शामिल होकर मनासुर गांव से बेनाकनहल्ली गांव लौट रहे थे।

पीड़ितों की पहचान अनन्या (14), हरीश (13), महेश्वर (11), शिल्पा (34), नीलाव्वा (60), मधुश्री (20) और शंभूलिंगैया (35) के रूप में हुई है। धारवाड़ ग्रामीण पुलिस थाना क्षेत्र के बड़ा गांव के पास यह हादसा रात करीब 1.30 से 2.30 बजे हुआ। इस वाहन में करीब 21 यात्री यात्रा कर रहे थे।

जिला पुलिस अधीक्षक कृष्णकांत मौके पर पहुंच चुके हैं। इस हादसे को लेकर पुलिस अधीक्षक कृष्णकांत ने कहा कि, पुलिस यह सत्यापित करेगी कि वाहन की स्थिति अच्छी थी या नहीं और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाएगी।


सर्वे में खुलासा, महंगाई परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी

यह चार राज्यों - असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल - और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आईएएनएस की ओर से सीवोटर द्वारा किए गए एक विशेष सर्वे के दौरान सामने आया, जहां 2021 में विधानसभा चुनाव हुए थे।

नई दिल्ली: अधिकांश भारतीय परिवार महंगाई के कारण बढ़ते खचरें ने चिंता बढ़ा दी है और उनका मानना है कि पिछले एक साल में बढ़ते खचरें का प्रबंधन करना मुश्किल होता जा रहा है।


 यह चार राज्यों - असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल - और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आईएएनएस की ओर से सीवोटर द्वारा किए गए एक विशेष सर्वे के दौरान सामने आया, जहां 2021 में विधानसभा चुनाव हुए थे।

देश के सामने मौजूद सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों पर जनता की राय जानने के लिए प्रश्नों की एक चैन और अलग-अलग प्रकार के मुद्दों को पूछा गया।


भारतीय परिवार बढ़ते खचरें को लेकर बहुत चिंतित हैं और महंगाई कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि नए सरकारी आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं।


भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति की दर अप्रैल में 7.79 प्रतिशत थी, जबकि मुद्रास्फीति की थोक दर 15.2 प्रतिशत थी।



तमिलनाडु में, लगभग दो-तिहाई उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्हें बढ़ते खचरें का प्रबंधन करना मुश्किल हो रहा है, जबकि अन्य 22 प्रतिशत ने कहा कि खर्च वास्तव में बढ़ गया है, वे बस प्रबंधन करने में सक्षम हैं।



पश्चिम बंगाल राज्यों से सबसे अधिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित प्रतीत होता है। कम से कम 74 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने दावा किया कि उन्हें बढ़ते खचरें का प्रबंधन करना बहुत मुश्किल हो रहा है। अन्य 16 प्रतिशत ने कहा कि खर्चे बढ़ गये हैं, लेकिन प्रबंधन करने में सक्षम है।


सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले एक साल से आय या तो कम हो गई है या स्थिर बनी हुई है, फिर भी भारतीय परिवार बढ़ते खचरें के चक्र में फंसते दिख रहे हैं।


जहां राज्य सरकारें और मुख्यमंत्री प्रदर्शन रेटिंग पर काफी अच्छा स्कोर दर्शाते हैं, वहीं आम मतदाता आश्वस्त हैं कि 2021 में चुनाव होने के बाद से उनके परिवारों की वित्तीय स्थिति खराब हो गई है।


असम में, करीब 51 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि परिवार का खर्च बढ़ गया है, जबकि आय वास्तव में कम हो गई है। एक अन्य 19 प्रतिशत ने माना कि परिवार की आय स्थिर बनी हुई है, लेकिन खर्च बढ़ गया है।


अन्य राज्यों में कहानी बहुत अलग नहीं थी, जहां 2021 में चुनाव हुए थे। पश्चिम बंगाल में पड़ोसी असम में, उत्तरदाताओं में से 46.5 प्रतिशत ने कहा कि पिछले एक साल में पारिवारिक आय कम हो गई है, जबकि खर्च बढ़ गया है। अन्य 31.5 प्रतिशत ने दावा किया कि पारिवारिक आय स्थिर बनी हुई है, जबकि खर्च बढ़ गया है।

दक्षिण के मतदाताओं ने समान भावनाओं को साझा किया। केरल में, 39 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत आय में कमी आई है जबकि परिवार के खर्चे बढ़ गए हैं, जबकि 34 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने दावा किया कि आय स्थिर बनी हुई है जबकि खर्च बढ़ गया है।

तमिलनाडु में, 39 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि खर्च बढ़ गया है, जबकि व्यक्तिगत आय कम हो गई है। अन्य 35 प्रतिशत ने कहा कि व्यक्तिगत आय स्थिर रही जबकि परिवार का खर्च बढ़ गया है।


दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज, हो रही झमाझम बारिश, लोगों को मिली गर्मी से राहत

लगातार कई दिनों तक हो रही भीषण गर्मी के बीच आज मौसम खुशनुमा हुआ और शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश भी हुई। हालांकि, बारिश कहीं ज्यादा तो कहीं कम हुई लेकिन लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली।

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर के लोगों को आज गर्मी से राहत मिली है। लगातार कई दिनों तक हो रही भीषण गर्मी के बीच आज मौसम खुशनुमा हुआ और शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश भी हुई। हालांकि, बारिश कहीं ज्यादा तो कहीं कम हुई लेकिन लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली।

वैसे तो मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में 22 मई से बारिश का अनुमान जताया गया है। उस दिन यहां का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 38 डिग्री के आसपास रह सकता है। जबकि 24 मई को दिल्ली के तापमान में 1 डिग्री कम रहने की संभावना जताई जा रही है। अगर बात 25 और 26 मई की करें तो दिल्ली के आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई जा रही है और बारिश हो सकती है। 


मनी लांड्रिंग मामला: IAS पूजा सिंघल की रिमांड पांच दिन बढ़ी, CA को भेजा गया जेल

मनीलांड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार झारखंड की निलंबित आईएएस अफसर पूजा सिंघल की रिमांड अवधि पांच दिनों के लिए बढ़ा दी गयी है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने ईडी की दरख्वास्त पर लगातार तीसरी बार सिंघल को रिमांड पर दिया है। इसी मामले में गिरफ्तार किये गये चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार सिंह को लगातार 13 दिनों के रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है।

रांची: मनीलांड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार झारखंड की निलंबित आईएएस अफसर पूजा सिंघल की रिमांड अवधि पांच दिनों के लिए बढ़ा दी गयी है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने ईडी की दरख्वास्त पर लगातार तीसरी बार सिंघल को रिमांड पर दिया है। इसी मामले में गिरफ्तार किये गये चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार सिंह को लगातार 13 दिनों के रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है।

सनद रहे कि ईडी ने पूजा सिंघल को बीते 11 मई को गिरफ्तार किया था और इसके बाद 12 मई से उन्हें पांच दिनों के लिए रिमांड पर लिया गया था। ईडी ने शुक्रवार को कोर्ट को बताया कि पूजा सिंघल से अब तक हुई पूछताछ में माइन्स आवंटन में गड़बड़ी से लेकर मनी लांड्रिंग को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर उनसे आगे पूछताछ जरूरी है। डिजिटल डिवाइस की जांच और आय के स्रोतों की तफ्तीश में नये तथ्य सामने आये हैं।

ईडी ने माइन्स आवंटन में गड़बड़ियों को लेकर तीन जिलों के जिला खनन पदाधिकारियों औरमनी लांड्रिंग के बिंदु पर रांची के दो बिल्डर्स और कोलकाता के दो व्यवसायियों से भी पूछताछ की है।

बता दें कि झारखंड में 2009-10 में खूंटी और चतरा जिले में मनरेगा घोटाला हुआ था। इस दौरान पूजा सिंघल इन जिलों में उपायुक्त के रूप में पदस्थापित थीं। मामले की ईडी जांच के दौरान मनीलांड्रिंग की जानकारी मिली। इसी मामले को बीते 6 मई को ईडी ने एक साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और राजस्थान में कई स्थानों पर छापामारी की थी। छापामारी के दौरान ये 19 करोड़ 31 लाख रुपये के साथ लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित कागजात बरामद किये गये थे।

पिछले 16 दिनों से चल रही जांच के दौरान ईडी को जो जानकारियां मिली हैं, उसका कनेक्शन सत्ता के गलियारे से भी जुड़ रहा है।


ज्ञानवापी सर्वे: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, वाराणसी के जिला जज करें मामले की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मस्जिद के अंदर पूजा के मुकदमे की सुनवाई जिला न्यायाधीश द्वारा की जाए। वाराणसी के जिला न्यायाधीश मस्जिद समिति की याचिका पर फैसला करेंगे कि हिंदू पक्ष द्वारा मुकदमा चलने योग्य नहीं है और तब तक अंतरिम आदेश-शिवलिंग क्षेत्र की सुरक्षा, नमाज के लिए मुसलमानों को मुफ्त प्रवेश-जारी रहेगा।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर सुनवाई के दौरान शुक्रवार को स्पष्ट किया कि शिवलिंग की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश के तहत व्यवस्था जारी रहेगी। इससे पहले ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई थी। अदालत ने वाराणसी कोर्ट में इस मामले में जारी सुनवाई पर भी रोक लगा दी है।

वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मस्जिद के अंदर पूजा के मुकदमे की सुनवाई जिला न्यायाधीश द्वारा की जाए। वाराणसी के जिला न्यायाधीश मस्जिद समिति की याचिका पर फैसला करेंगे कि हिंदू पक्ष द्वारा मुकदमा चलने योग्य नहीं है और तब तक अंतरिम आदेश-शिवलिंग क्षेत्र की सुरक्षा, नमाज के लिए मुसलमानों को मुफ्त प्रवेश-जारी रहेगा। कोर्ट ने कहा कि जिला जज के पास 25 साल का लंबा अनुभव है। इस मामले में सभी पक्षों के हित को सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि यह न समझा जाए कि हम मामले को निरस्त कर रहे हैं। आपके लिए आगे भी हमारे रास्ते खुले रहेंगे। 




पेगासस जासूसी कांड: जांच कमिटी को SC ने दिया और समय, अब तक 29 मोबाइल की हुई जांच

कोर्ट ने कहा है कि कमिटी जांच की निगरानी कर रहे पूर्व जज को रिपोर्ट दे। 20 जून तक उसे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जमा करवाया जाए। जुलाई में मामले की अगली सुनवाई होगी।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पेगासस जासूसी मामले की जांच कर रही टेक्निकल कमिटी से 4 हफ्ते में अंतिम रिपोर्ट देने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा है कि कमिटी जांच की निगरानी कर रहे पूर्व जज को रिपोर्ट दे। 20 जून तक उसे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जमा करवाया जाए। जुलाई में मामले की अगली सुनवाई होगी।

पिछले साल वरिष्ठ पत्रकार एन राम, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास समेत 15 याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दाखिल कर पेगासस स्पाईवेयर के ज़रिए लोगों की जासूसी किए जाने का अंदेशा जताया था। याचिकाकर्ताओं ने कोर्र से जांच की मांग की थी। 27 अक्टूबर को कोर्ट ने मामले कि सच्चाई जांचने के लिए 3 सदस्यीय तकनीकी कमिटी बनाई थी। कमिटी की निगरानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पूर्व जज जस्टिस आर वी रवींद्रन कर रहे हैं।

इन पहलुओं पर देनी है कमेटी को रिपोर्ट

  • क्या भारत के नागरिकों के फोन या दूसरे डिवाइस में पेगासस स्पाईवेयर डाला गया?
  • कौन लोग इससे पीड़ित हुए?
  • 2019 में व्हाट्सऐप की हैकिंग की रिपोर्ट के बाद केंद्र ने क्या कदम उठाए?
  • क्या भारत सरकार या किसी राज्य सरकार या किसी सरकारी एजेंसी ने पेगासस स्पाईवेयर हासिल किया?
  • क्या किसी निजी व्यक्ति ने इसे खरीदा या इस्तेमाल किया?

कमिटी के गठन करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा था कि कमिटी भविष्य के लिए सुझाव देगी। आज चीफ जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस सूर्य कांत और हिमा कोहली की बेंच ने बताया कि कमिटी ने एक अंतरिम रिपोर्ट दी है। कमिटी ने बताया है कि 29 मोबाइल की जांच की। कई लोगों से बात की। मई के अंत तक रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। कमिटी को रिपोर्ट तैयार करने के लिए समय दिया जा रहा है।


Jammu Kashmir News: रामबन NH पर निर्माणाधीन टनल का हिस्सा ढहा, 10 मजदूर मलवे में दबे, राहत एवं बचाव कार्य जारी

रामबन के उपायुक्त ने बताया कि इस दुर्घटना में 10 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिल रही है। अभी तक एक व्यक्ति को बचाया गया है। बचाव अभियान जारी है।

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर (Jammu And Kashmir) के रामबन के मेकरकोट इलाके में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के खूनी नाला पर एक निर्माणाधीन चाक लेन की सुरंग का एक हिस्सा ढह गया। सुरंग में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। 


रामबन के उपायुक्त ने बताया कि इस दुर्घटना में 10 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिल रही है। अभी तक एक व्यक्ति को बचाया गया है। बचाव अभियान जारी है। 


केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने घटनास्थल की जानकारी ली और कहा 'मैं लगातार डीसी के संपर्क में हूं। करीब 10 मजदूर मलबे में दबे। अन्य 2 को बचाया गया और चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। 


बचाव कार्य जारी है। नागरिक प्रशासन और पुलिस अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस और सेना की ओर से तुरंत एक संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया है। 


बताया जा रहा है कि सुरंग का यह हिस्सा आडिट के दौरान ढह गया। अधिकारियों ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि सुरंग के आडिट का काम करने वाली कंपनी के लोग हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के सामने खड़ी बुलडोजर और ट्रकों सहित कई मशीनों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार, रामबन के उपायुक्त मस्सारतुल इस्लाम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहिता शर्मा मौके पर हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।


विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में लिया हिस्सा

बैठक में दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री नलेदी पंडोर, ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस फ्रांका और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी शामिल थे।

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की एक वर्चुअल बैठक में भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता चीनी विदेश मंत्री और स्टेट काउंसलर वांग यी ने की। बैठक में दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री नलेदी पंडोर, ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस फ्रांका और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी शामिल थे।

जयशंकर ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को सिर्फ शब्दावली में नहीं, बल्कि वास्तविक बदलाव देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक पुर्नसतुलित और बहुध्रुवीय दुनिया को सुधारित बहुपक्षवाद की ओर ले जाना चाहिए।

भारतीय मंत्री ने यह भी कहा कि सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें वित्तपोषण सहित सभी समर्थन पर कार्रवाई करनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "यूक्रेन संघर्ष के बाद आई कोविड महामारी विकासशील देशों में भारी सामाजिक-आर्थिक कठिनाइयों का कारण बन रही है। हमें लचीला और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, आर्थिक विकेंद्रीकरण की जरूरत है।"

जयशंकर ने कहा कि वैश्विक सुधार को खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को आगे बढ़ाना चाहिए और स्वास्थ्य, डिजिटल और हरित विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए, जबकि ब्रिक्स को आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस का प्रदर्शन करना चाहिए।

यह देखते हुए कि वैश्वीकृत और डिजिटल दुनिया विश्वास और पारदर्शिता को उचित सम्मान देगी, जयशंकर ने यह भी कहा कि 'सतत विकास लक्ष्यों' को व्यापक तरीके से प्राप्त किया जाना चाहिए।


विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, मंत्रियों ने राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्त और लोगों से लोगों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के तीन स्तंभों पर इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस संबंध में उन्होंने ब्रिक्स जुड़ाव को निर्देशित करने के लिए संशोधित संदर्भ की शर्तो को 2021 में अपनाने को याद किया।

उन्होंने यह भी दोहराया कि ब्रिक्स देश कोविड-19 महामारी के प्रसार और प्रभावों को रोकने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे और महामारी का मुकाबला करने में डब्ल्यूएचओ की अग्रणी भूमिका का समर्थन करेंगे।

मंत्रियों ने यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की और रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता का समर्थन किया और संघर्ष के ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा प्रभावों पर चिंता व्यक्त की।

मंत्रियों ने वैश्विक शासन पर ब्रिक्स और विकासशील देशों के बीच संवाद में भाग लिया और ब्रिक्स प्रक्रिया के साथ अधिक जुड़ाव पर चर्चा की।


रोडरेज केस में नवजोत सिंह सिद्धू आज करेंगे कोर्ट में सरेंडर, क्यूरेटिव पेटिशन भी करेंगे दाखिल, 1 साल की मिली है सजा

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू रोड रेज मामले में आज सरेंडर करेंगे। सिद्धू पटियाला की एक स्थानीय अदालत में आज सरेंडर करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में सिद्धू सरेंडर करने से पहले क्यूरेटिव पेटिशन भी दाखिल करेंगे।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू रोड रेज मामले में आज सरेंडर करेंगे। सिद्धू पटियाला की एक स्थानीय अदालत में आज सरेंडर करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में सिद्धू सरेंडर करने से पहले क्यूरेटिव पेटिशन भी दाखिल करेंगे।


खबर है कि आज 10 से 11 बजे के बीच सिद्धू कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। बता दें, क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू को रोड रेज के 34 साल पुराने एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।

सुप्रीम कोर्ट से एक साल की सश्रम सजा मिलने के बाद कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि, में सजा सुनाने के बाद सिद्धू ने एक ट्वीट कर कहा कि, वो कानून का सम्मान करेंगे। वहीं, पटियाला जिला कांग्रेस शहरी प्रधान नरेंद्र पाल लाली ने भी एक संदेश जारी कर कहा है कि सिद्धू आज जिला अदालत में पेश होकर खुद को सरेंडर करेंगे।


आत्‍मनिर्भर भारत: IIT मद्रास में 5G Video Call का सफल परीक्षण

आईआईटी मद्रास में गुरुवार को 5G काल का सफल परीक्षण किया गया। केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव IIT मद्रास में 5G काल का सफल परीक्षण किया।

नई दिल्ली: आईआईटी मद्रास में गुरुवार को 5G काल का सफल परीक्षण किया गया।  केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव IIT मद्रास में 5G काल का सफल परीक्षण किया।


 उन्होंने 5G नेटवर्क पर वीडियो काल करके यह ट्रायल किया। केंद्रीय मंत्री (Union Minister for Electronics & Information Technology Ashwini Vaishnaw) ने बताया कि इस 5G नेटवर्क का सारा डिजाइन भारत में ही हुआ है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि हमें IIT-मद्रास की टीम पर गर्व है जिसने 5G टेस्ट पैड विकसित किया है जो संपूर्ण 5G विकास पारिस्थितिकी तंत्र और हाइपरलूप पहल का बड़ा मौका प्रदान करेगा। 


रेल मंत्रालय हाइपरलूप पहल का पूरा समर्थन करेगा। 5G टेस्ट बेड को आठ संस्‍थाओं ने मिलकर विकसित किया है। इसे IIT मद्रास के नेतृत्व में तैयार किया गया है।


महंगाई पर लगेगा ब्रेक! खाद्य तेलों के दाम होने वाले हैं कम, आम आदमी को मिलेगी महंगाई से राहत

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया ने 23 मई से पाम ऑयल पर लगे प्रतिबंध को हटाने का एलान कर दिया है। गुरुवार को देश के कारोबारी नेताओं ने राष्ट्रपति से निर्यात प्रतिबंधों को हटाने की मांग की थी, जिसके बाद ये बड़ा फैसला लिया गया है।

नई दिल्ली: महंगाई की तगड़ी मार झेल रही देश की आम जनता के लिए गुरुवार को राहत भरी खबर आई है। दरअसल, आने वाले समय में खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट आ सकती है। इस वजह यह है कि इंडोनेशिया ने बीते दिनों लगाया पाम ऑयल के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है। 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया ने 23 मई से पाम ऑयल पर लगे प्रतिबंध को हटाने का एलान कर दिया है। गुरुवार को देश के कारोबारी नेताओं ने राष्ट्रपति से निर्यात प्रतिबंधों को हटाने की मांग की थी, जिसके बाद ये बड़ा फैसला लिया गया है।

 रिपोर्ट के मुताबिक, निर्यात पर बैन के बाद से देश में स्टॉक फुल हो चुका है, अगर प्रतिबंध जारी रहे तो इस क्षेत्र को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यहां बता दें कि पाम ऑयल के सबसे बड़े उत्पादक देश इंडोनेशिया की सरकार ने बीते 28 अप्रैल को पाम ऑयल के निर्यात पर बैन लगा दिया था। 

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया में बंदरगाहों सहित लगभग छह मिलियन टन भंडारण क्षमता है। वहीं प्रतिबंध के बाद घरेलू स्टॉक मई की शुरुआत में ही लगभग 5.8 मिलियन टन तक पहुंच गया। इंडोनेशिया पाम ऑयल


 एसोसिएशन (GAPKI) के गुरुवार को जारी आंकड़ों को देखें तो मार्च के अंत में, घरेलू स्टॉक फरवरी के 5.05 मिलियन टन से बढ़कर 5.68 मिलियन टन हो गया था। फिर निर्यात बैन होने के बाद स्टॉक लगभग फुल हो चुका है। 


टोक्यो क्वाड शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे PM मोदी, फुमियो किशिदा और बाइडन के साथ करेंगे द्विपक्षीय बैठक

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में दी गई जानकारी के मुताबिक यहां वो अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 मई को टोक्यो में आयोजित क्वाड देशों के शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में दी गई जानकारी के मुताबिक यहां वो अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। 

24 मई को जापान में आयोजित क्वाड शिखर सम्मेलन, क्वाड लीडर्स का चौथा शिखर सम्मेलन होगा। 

बागची ने कहा कि हम क्वाड को बहुत महत्व देते हैं। हम यह दिखाने के लिए उत्सुक हैं कि क्वाड एक साथ क्या कर सकता है और इसका क्या अर्थ है। हम समसामयिक मुद्दों और महत्व के अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। 


इसके साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक वस्तुतः चल रही है। यह कुछ समय पहले ही शुरू हुआ था।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए जापान की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह जानकारी उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने दी।


 रूस और यूक्रेन संकट के बीच आस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के शीर्ष नेताओं की यह क्वाड बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।


दिल्ली हाई कोर्ट ने रद की केजरीवाल सरकार की घर-घर राशन योजना

दिल्ली सरकार राशन डीलर्स संघ की याचिका पर बृहस्पतिवार को निर्णय सुनाते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिहं की पीठ ने यह निर्णय सुनाया।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार को झटका देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री घर-घर राशन याेजना को रद कर दिया।दिल्ली सरकार राशन डीलर्स संघ की याचिका पर बृहस्पतिवार को निर्णय सुनाते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिहं की पीठ ने यह निर्णय सुनाया।

इससे पहले मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने योजना का यह कहते हुए बचाव किया था कि यह पूरी तरह से गलत धारणा है कि योजना के लागू होने पर उचित मूल्य की दुकानों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। 

दिल्ली सरकार ने दलील दी थी कि यह एक वैकल्पिक योजना है और लाभार्थी कभी भी आप्ट-आउट कर सकते हैं। सरकार ने कहा थी कि एक भी लाभार्थी ने योजना के कार्यान्वयन के तरीके पर सवाल नहीं उठाया है। मामले में आगे की सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।


सुप्रीम फैसला: GST परिषद की सिफारिशें मानने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें बाध्य नहीं

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली खंडपीठ ने कहा कि भारत में सहकारी संघीय व्यवस्था है और इसी वजह से जीएसटी परिषद की सिफारिशों का महत्व बस प्रेरित करने का है। भारत में केंद्र और राज्य दोनों के पास जीएसटी से संबंधित कानून बनाने का अधिकार है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जीएसटी परिषद की सिफारिशों को मानने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें बाध्य नहीं हैं। 


जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली खंडपीठ ने कहा कि भारत में सहकारी संघीय व्यवस्था है और इसी वजह से जीएसटी परिषद की सिफारिशों का महत्व बस प्रेरित करने का है। भारत में केंद्र और राज्य दोनों के पास जीएसटी से संबंधित कानून बनाने का अधिकार है।

खंडपीठ ने कहा कि जीएसटी परिषद को केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच व्यावहारिक समाधान निकालने के लिए जीएसटी परिषद को सौहाद्र्रपूर्ण तरीके से काम करना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 246ए के तहत संसद और विधानसभायें कर संबंधी मामलों में कानून बनाने का समान अधिकार रखती हैं।


टेरर फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता यासीन मलिक को NIA कोर्ट ने दोषी करार दिया, इस दिन होगा सजा का एलान

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को कोर्ट ने टेरर फंडिंग के मामले में दोषी करार दिया है। NIA कोर्ट ने यासीन मलिक को दोषी पाया है।

नई दिल्ली: कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को कोर्ट ने टेरर फंडिंग के मामले में दोषी करार दिया है। NIA कोर्ट ने यासीन मलिक को दोषी पाया है। इस मामले में कोर्ट यासीन मलिक को 25 मई को सजा सुनाएगी। 


मलिक ने पिछले दिनों खुद मामले में संलिप्तता कबूल की थी। साथ ही उसने अपने बयान में कबूल किया था कि वह फंडिग के साथ ही आपराधिक मामले की साजिश में भी शामिल था, उस पर देशद्रोह का लगा मामला भी सही है। 

मलिक पर जिन धाराओं में मामले दर्ज हैं ऐसे में उसे अधिकतम आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है। मलिक कश्मीर की राजनीति में भी सक्रिय रहा है। उसने वहां के स्थानीय युवाओं को भड़काने का काम किया है।  


ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: SC में आज सुनवाई टली, अब कल 3 बजे होगी सुनवाई

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार, 20 मई को दोपहर 3 बजे सुनवाई करेगा। SC ने वाराणसी की ट्रायल कोर्ट से कहा है कि आज कोई आदेश न दे।

नई दिल्ली: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टल गई है। ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार, 20 मई को दोपहर 3 बजे सुनवाई करेगा। 

SC ने वाराणसी की ट्रायल कोर्ट से कहा है कि आज कोई आदेश न दे। स्‍पेशल कमिश्‍नर की सर्वे रिपोर्ट वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिविजन) की अदालत में पेश की गई। तस्‍वीरों और सर्वे में हुई नाप-जोख और उसके आधार पर बने नक्‍शे के साथ स्‍पेशल कमिश्‍नर विशाल सिंह ने सिविल जज (सीनियर डिविजन) की अदालत में विस्‍तृत सर्वे रिपोर्ट दाखिल की। अदालत में रिपोर्ट रखे जाने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 


हिंदू पक्ष का दावा है कि तस्‍वीरें और विडियो उनके दावे को मजबूत करेगा, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सर्वे में कहीं कुछ भी नहीं मिला है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अंजुमन इंतजामिया कमेटी की ओर से दायर याचिका में मांग थी कि वाराणसी कोर्ट में चल रही सुनवाई पर तुरंत रोक लगाते हुए पुरानी यथास्थिति को बरकरार रखा जाए। याचिका में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 का हवाला दिया गया है। 


NIA कोर्ट आज यासीन मलिक पर करेगी फैसला

मलिक ने इस मामले में अपना गुनाह कबूल कर लिया था। सुनवाई की आखिरी तारीख पर उसने अदालत के सामने बताया कि वह धारा 16, 17, 18 और यूएपीए की धारा 20 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 124-ए सहित अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का मुकाबला नहीं करेगा।

नई दिल्ली: दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत गुरुवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के खिलाफ आतंकवादी मामले में यूएपीए सहित सभी आरोपों में सजा की दलीलों पर सुनवाई करेगी। उन पर आपराधिक साजिश रचने, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, अन्य गैरकानूनी गतिविधियों और कश्मीर में शांति भंग करने का आरोप लगाया गया है।

मलिक ने इस मामले में अपना गुनाह कबूल कर लिया था। सुनवाई की आखिरी तारीख पर उसने अदालत के सामने बताया कि वह धारा 16, 17, 18 और यूएपीए की धारा 20 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 124-ए सहित अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का मुकाबला नहीं करेगा।

विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने तब मलिक के खिलाफ लगाए गए अपराधों के लिए सजा की मात्रा के संबंध में तर्क सुनने के लिए मामले को 19 मई के लिए तय किया था जिसमें अधिकतम सजा आजीवन कारावास है।

यासीन मलिक, शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर, व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली, बिट्टा कराटे, आफताब अहमद शाह, अवतार अहमद शाह, नईम खान, बशीर अहमद भट, उर्फ पीर सैफुल्ला और कई अन्य सहित कश्मीरी अलगाववादी नेता हैं, जिन पर आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के आरोपों के तहत भी आरोप तय किए गए हैं।


16 मार्च के आदेश में, एनआईए के विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने कहा था कि उपरोक्त विश्लेषण से पता चलता है कि गवाहों के बयान और दस्तावेजी सबूतों ने लगभग सभी आरोपियों को एक दूसरे के साथ और अलगाव के एक सामान्य उद्देश्य से जोड़ा है। इसका मतलब है कि वे पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के मार्गदर्शन और वित्त पोषण के तहत आतंकवादी संगठनों के साथ अपने घनिष्ठ संबंध का उपयोग कर रहे थे।

विशेष रूप से, अदालत ने कामरान यूसुफ, जावेद अहमद भट्ट और सैयद आसिया फिरदौस अंद्राबी को आरोपमुक्त कर दिया है।

इस्लामिक स्टेट द्वारा समर्थित विभिन्न आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), हिजबुल-मुजाहिदीन (एचएम), जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) और जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) से संबंधित मामले जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियां को अंजाम दे रहे थे।


ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई, जानिए-किन - किन मुद्दों पर होगी बहस

सुप्रीम कोर्ट आज सभी पक्षों को सुनेगा, जिसमें मुस्लिम पक्ष, हिन्दू पक्ष, यूपी सरकार और वारणसी कोर्ट में याचिका देने वाले वादी भी अपना पक्ष शामिल हैं।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज वाराणसी ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े एक अहम मामले पर सुनवाई (Supreme court hearing On Gyanvapi Masjid) करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को लेकर अहम सुनवाई हुई थाी। 

मुस्लिम पक्ष के लिए अंजुमन इंतजामिया कमेटी के वकील हुजेफा अहमदी ने दलील रखी। मुस्लिम पक्ष के वकील की मांग थी कि वाराणसी कोर्ट में चल रही सुनवाई पर तुरंत रोक लगाते हुए पुरानी यथास्थिति को बरकरार रखा जाए। इसके लिए प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का हवाला दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट आज सभी पक्षों को सुनेगा, जिसमें मुस्लिम पक्ष, हिन्दू पक्ष, यूपी सरकार और वारणसी कोर्ट में याचिका देने वाले वादी भी अपना पक्ष शामिल हैं। यूपी सरकार की ओर से मंगलवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से पूरी जानकारी साझा करने के लिए वक्त मांगा था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार की तारीख दी थी।

मुस्लिम पक्ष के वकील अहमदी ने मंगलवार को वाराणसी कोर्ट पर एकतरफा सुनवाई की बात कही। वहीं मुस्लिम पक्ष को ठीक से न सुनने की बात कही गई। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा वो वारणसी कोर्ट को आदेशित करेगा कि सभी पक्षों को ठीक से सुनें। हालांकि अभी उसने ऐसा कोई आदेश कोर्ट को नहीं दिया है। वहीं कोर्ट आज सभी की दलील सुनने के बाद विस्तृत आदेश दे सकता है।


22 मई से एक होंगे दिल्ली के तीनों नगर निगम, कहलायेंगे 'दिल्ली नगर निगम', गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

इस कदम के साथ ही दिल्ली के सभी 3 नगर निगम- उत्तर डीएमसी, दक्षिण डीएमसी और पूर्वी डीएमसी एक इकाई में विलय हो जाएंगे। दिल्ली नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, 2022 को अप्रैल महीने में ही संसद ने अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद बिल ने कानून का रूप ले लिया। अब सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।

नई दिल्ली: दिल्ली में तीनों नगर निगमों का 22 मई को विलय हो जाएगा। इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। 



इस कदम के साथ ही  दिल्ली के सभी 3 नगर निगम- उत्तर डीएमसी, दक्षिण डीएमसी और पूर्वी डीएमसी एक इकाई में विलय हो जाएंगे। दिल्ली नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, 2022 को अप्रैल महीने में ही संसद ने अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद बिल ने कानून का रूप ले लिया। अब सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। 

बताते चलें कि 272 वार्डों की संख्या घटाकर अधिकतम 250 तक निर्धारित करने की बात कही गई है। इसके अलावा बिल में एमसीडी एक्ट में कई चीजों में संशोधन की बात है। विधेयक पारित होने पर ये एमसीडी को 2011 से पहले की स्थिति में नहीं लौटाएगा। विधेयक में ऐसे खंड हैं जो नई एमसीडी को पुराने एमसीडी से बहुत अलग बनाएंगे। सीटों की संख्या कम करने का मतलब है एक नया परिसीमन किया जाएगा। 


विशेषज्ञों का अनुमान है कि जिसमें कम से कम तीन से छह महीने लगने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो राज्य चुनाव आयोग के अनुसार अप्रैल में होने वाले एमसीडी चुनाव में काफी देरी होगी। विधेयक के सबसे महत्वपूर्ण प्रावधानों में से एक है जो केंद्र को एकीकृत एमसीडी की पहली बैठक होने तक एक विशेष अधिकारी नियुक्त करने की अनुमति देता है। 


इसका मतलब है कि जब तक चुनाव संपन्न नहीं हो जाते, केंद्र निगम को चलाने के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति कर सकता है। अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन सभी स्थानों पर "सरकार" शब्द को "केंद्र सरकार" के साथ प्रतिस्थापित करना है।

बिल का मकसद

एमसीडी एक्ट में संशोधन कर तीनों एमसीडी को करना क्यों जरूरी बन गया था, इस संग समझें विषय में विस्तार से बताया गया है। इसमें तीनों एमसीडी के आर्थिक स्थिति मुख्य कारण माना गया है। दिल्ली सरकार ने 2011 में एमसीडी में बांट दिया था। तीनों एमसीडी को एक करने के लिए केंद्र दोबारा एक्ट में संशोधन करने के लिए ये बिल लोकसभा में पेश किया। 


यूपी-बिहार से महाराष्ट्र तक के लोगों को मिलेगी गर्मी से राहत, जानिए-कबतक आएगा मॉनसून

मॉनसून 10 जून को महाराष्ट्र पहुंचेगा। 15 जून को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार राज्यों में मॉनसून दस्तक देगा। वहीं यूपी में 20 जून को मॉनसून आने की उम्मीद जताई गई है।

नई दिल्ली: देश में भीषण गर्मी और हीटवेव का कहर जारी है। यूपी-बिहार समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में पारा 40 ड्रिग्री के पार रहने लगा है। राजधानी दिल्ली में पिछले रविवार को 49 ड्रिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि इस बीच राहत की खबर भी सामने आई है। देश के कई इलाको में मॉनसून ने दस्तक दे दी है। 


जानकारी के मुताबिक अंडमान और निकोबार में मॉनसून ने दस्तक दे दी है। वहीं बताया गया है कि 27 मई तक केरल में मॉनसून पहुंच जाएगा। आइए जानते हैं मौसम विभाग के मुताबिक किस राज्य में कब पहुंचेगा मॉनसून। 

मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के बंगाल की दक्षिण खाड़ी के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल है। अगले पांच दिनों के दौरान अंडमान और निकोबार में द्वीप समूह में भारी बारिश की संभावना है। 

पंजाब में फिर बढ़ेगी गर्मी 

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से पंजाब में चिलचिलाती गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में एक बार फिर से भीषण गर्मी की आशंका है। पंजाब में 18 मई से गर्मी और तेज होने की उम्मीद है। मौसम विभाग की मानें तो यहां गर्मी एक बार फिर अपना प्रकोप दिखाएगी।  

1 जून को लक्षद्वीप पहुंचेगा मॉनसून 

इधर, मौसम विभाग ने मॉनसून को लेकर पूरा मैप जारी कर दिया है। मैप के जरिए किस राज्य में कब होगी बारिश इसका पूरा अनुमान बताया है। गौरतलब है कि 16 मई को मॉनसून अंडमान पहुंच गया है। वहीं 1 जून तक इसके लक्षद्वीप पहुंचने की उम्मीद है।


10 जून से मॉनसून की शुरुआत

विभाग के मुताबिक, मॉनसून 10 जून को महाराष्ट्र पहुंचेगा। 15 जून को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार राज्यों में मॉनसून दस्तक देगा। वहीं यूपी में 20 जून को मॉनसून आने की उम्मीद जताई गई है। 

गुजरात के ज्यादातर भागों में 20-25 जून तक मॉनसून पहुंचेगा। वहीं राजस्थान में महीने का आखिरी यानी 30 जून तक मॉनसून दस्तक देगा। वहीं उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में 20 और 25 जून तक मॉनसून के पहुंचने की खबर है। 


गुजरात के मोर्बी में नमक फैक्ट्री की दीवार ढही, 12 लोगों की मौत, PM मोदी ने किया मुआवजे का एलान

मोरबी में हुए हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से दो-दो लाख रुपये दिए जाने का एलान किया गया है और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

नई दिल्ली: गुजरात के मोर्बी जिले में बड़ा हादसा हुआ है। यहां नमक फैक्ट्री की दीवार ढह गई है। मलबे में दबने के कारण करीब 12 मजदूरों की मौत हो गई है। 


बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई है। राहत और बचाव कार्य अभी जारी है। मलबे में अभी कुछ और लोगों के दबे होने की भी आशंका है।

इस घटना पर प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुआ कहा 'मोरबी में दीवार गिरने से हुई त्रासदी हृदय विदारक है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। स्थानीय अधिकारी प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।'


मोरबी में हुए हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से दो-दो लाख रुपये दिए जाने का एलान किया गया है और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। 


Supreme Court ने मध्य प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव में OBC आरक्षण को दी मंजूरी

ओबीसी से ताल्लुक रखने वाले याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे वकील शशांक रतनू ने ने बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि सरकार की गलतियों का खामियाजा ओबीसी को नहीं भुगतना चाहिए।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को बुधवार को मंजूरी दे दी। जस्टिस ए एम खाननविल्कर की अगुवाई वाली खंडपीठ ने राज्य चुनाव आयोग को एक सप्ताह के अंदर स्थानीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।

ओबीसी से ताल्लुक रखने वाले याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे वकील शशांक रतनू ने ने बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि सरकार की गलतियों का खामियाजा ओबीसी को नहीं भुगतना चाहिए।

शशांक रतनू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वार्ड आधार और पंचायत आधार पर सभी 23 हजार सीटों पर 50 प्रतिशत से कम आरक्षण को मंजूरी दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के राज्य चुनाव आयोग को 10 मई को निर्देश दिया था कि वह दो सप्ताह के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव की शुरुआत करे।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि जब तक मध्यप्रदेश सरकार आरक्षण देने के लिए जरूरी तीनों प्रावधानों को पूरा नहीं करती तब तक ओबीसी आरक्षण नहीं दिया जा सकता है।

मध्य प्रदेश सरकार ने इसी सिलसिले में गत मंगलवार को ओबीसी आयोग की दूसरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की थी। राज्य सरकार का कहना था कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट स्थानीय निकाय आधारित आरक्षण प्रतिशत से संबंधित है और अदालत को रिपोर्ट पर भरोसा करना चाहिए।


मध्य प्रदेश सरकार ने यह भी आग्रह किया था कि सुप्रीम कोर्ट उसे इस रिपोर्ट के आधार पर ओबीसी आरक्षण दिए जाने के संबंध में अधिसूचना जारी करने की अनुमति दे।

मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2011 की जनगणना के आंकड़े भी ओबीसी आरक्षण देने के लिये पेश किए। इस आंकड़े के मुताबिक राज्य की कुल आबादी में 51 प्रतिशत लोग ओबीसी से हैं। राज्य सरकार का मामना है कि अगर जनसंख्या के आधार पर ओबीसी आरक्षण दिया जाये तो उनके साथ न्याय होगा।


शीना बोरा मर्डर केस: इंद्राणी मुखर्जी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को शीना बोरा मर्डर केस (Sheena Bora Murder Case) में बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) को जमानत दे दी है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को शीना बोरा मर्डर केस (Sheena Bora Murder Case) में बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) को जमानत दे दी है। 


इंद्राणी मुखर्जी के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में पेश हुए और कहा कि इंद्राणी मुखर्जी धारा 437 के तहत विशेष छूट की हकदार हैं। उन्होंने कोर्ट में आगे कहा कि वह पिछले साढ़े तीन साल से जेल में हैं। साथ ही पिछले 11 महीनों से इस केस की सुनवाई आगे नहीं बढ़ी है।


इंद्राणी मुखर्जी के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि 237 गवाहों में से 68 की जांच की गई। लेकिन इंद्राणी मुखर्जी को अभी एक कोई पैरोल नहीं मिली है। इस पर कोर्ट की बेंच ने पूछा कि पैरोल क्यों नहीं दी गई। इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्होंने पैरोल के लिए अप्लाई नहीं किया है। 


बता दें कि इंद्राणी मुखर्जी के पति पीटर मुखर्जी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। 


31 साल बाद राजीव गांधी के हत्यारे पेरारिवेलन की रिहाई का आदेश, SC ने 'अच्छे आचरण' की वजह से दिया रिहा करने का आदेश

दूसरी ओर इस फैसले के बाद अब नलिनी श्रीहरन, मरुगन समेत 6 अन्य दोषियों की भी रिहाई का रास्ता आसान हो गया है। एजी पेरारिवलन की 31 साल से अधिक पुरानी कैद को समाप्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जेल में उनके अच्छे आचरण, चिकित्सा स्थिति, शैक्षिक योग्यता को देखते हुए उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया।

नई दिल्ली: राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी पेरारिवलन को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है। वो पिछले 31 साल से जेल में था और तमिलनाडु सरकार ने उसकी रिहाई के लिए याचिका डाली थी। हालांकि बहुत से लोग इसका लगातार विरोध कर रहे थे। 


वहीं दूसरी ओर इस फैसले के बाद अब नलिनी श्रीहरन, मरुगन समेत 6 अन्य दोषियों की भी रिहाई का रास्ता आसान हो गया है। एजी पेरारिवलन की 31 साल से अधिक पुरानी कैद को समाप्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जेल में उनके अच्छे आचरण, चिकित्सा स्थिति, शैक्षिक योग्यता को देखते हुए उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया। जेल में बंद पेरारिवलन की दया याचिका दिसंबर 2015 से लंबित है।

जस्टिस एल नागेश्वर राव और बीआर गवई की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, "जेल में उनके संतोषजनक आचरण, मेडिकल रिकॉर्ड, जेल में हासिल की गई शैक्षणिक योग्यता और दिसंबर 2015 से तमिलनाडु के राज्यपाल के समक्ष अनुच्छेद 161 के तहत दायर उनकी दया याचिका की लंबित होने के कारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनुच्छेद 142 के तहत हम याचिकाकर्ता को मुक्त होने का निर्देश देते हैं।"

कोर्ट ने आगे कहा कि पिछले साल 25 जनवरी को पेरारिवलन की दया याचिका को राष्ट्रपति के पास भेजने के राज्यपाल के फैसले का कोई संवैधानिक समर्थन नहीं था। पीठ ने कहा, "राज्यपाल राज्य मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह से बंधे हैं।" 

उन्होंने कहा, "मारु राम मामले (1980) में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार राष्ट्रपति को याचिका सौंपने के फैसले का कोई संवैधानिक समर्थन नहीं है, जिसमें राज्यपाल ने कहा था कि राज्यपाल राज्य मंत्रिमंडल की सहायता और सलाह का पालन करना होगा और यदि वह निर्णय के लिए सहमत नहीं है, तो राज्यपाल को मामले को पुनर्विचार के लिए राज्य को वापस भेजना होगा।''  पेरारीवलन को जून 1991 में गिरफ्तार किया गया था। इस साल 9 मार्च को शीर्ष अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया था।


इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या में ताउम्र कैद की सजा काट रहे पेरारिवलन की रिहाई याचिका पर अपना फैसला 11 मई को सुरक्षित रख लिया था। 11 मई से पहले की सुनवाई के दौरान पीठ ने केंद्र सरकार के उस सुझाव से असहमति जताई थी कि राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका पर फैसले तक अदालत को इंतजार करना चाहिए।

शीर्ष अदालत ने पेरारिवलन की दया याचिका राष्ट्रपति को भेजने की राज्यपाल की कार्रवाई को भी यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वह संविधान के खिलाफ किसी चीज के लिए अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती। अदालत ने कहा था कि तमिलनाडु के राज्यपाल पेरारिवलन की रिहाई पर संविधान के अनुच्छेद-161 के तहत तमिलनाडु मंत्रिमंडल की सलाह से बंधे हैं।


गुजरात एटीएस को बड़ी सफलता, 1993 मुम्बई धमाकों के 4 वांछितों को दबोचा

गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने 12 मार्च 1993 को बॉम्बे सीरियल बम धमाकों में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हो गए थे।

अहमदाबाद: गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने 12 मार्च 1993 को बॉम्बे सीरियल बम धमाकों में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हो गए थे। 

अहमदाबाद में चार संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी की विशेष सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक कनुभाई पटेल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसने 12 मई की शाम को सरदारनगर इलाके से चार लोगों को हिरासत में लिया।

शुरुआत में, चारों आरोपियों पर जाली भारतीय पासपोर्ट ले जाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

गिरफ्तार व्यक्तियों के पास इन नामों के साथ भारतीय पासपोर्ट थे - जावेद बाशा उर्फ कासिम साब, सैयद अब्बास शरीफ उर्फ सैयद अब्बास, सैयद यासीन उर्फ अब्दुल रहमान और मोहम्मद यूसुफ इस्माइल उर्फ शेख इस्माइल नूर मोहम्मद। उन्होंने फर्जी पते के दस्तावेजों का उपयोग किया था।

एटीएस के अनुसार, उनकी असली पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने पाया कि चारों आरोपी 1993 के सीरियल बम धमाकों में कथित रूप से शामिल थे।

आरोपी व्यक्तियों की वास्तविक पहचान अबू बकर उर्फ अब्दुल गफूर (जावेद बाशा), सैयद कुरैशी उर्फ राहत जान कुरैशी (सैयद अब्बास शरीफ), मोहम्मद शोएब कुरैशी उर्फ शोएब बावा (सैयद यासीन) और मोहम्मद युसूफ इस्माइल उर्फ युसूफ भटका (मोहम्मद युसूफ इस्माइल) के रूप में हुई।

सूत्रों ने बताया कि चारों व्यक्ति 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों में कथित संलिप्तता के लिए वांछित थे और आज भी फरार हैं।

वे सभी मोहम्मद अहमद डोसा उर्फ मोहम्मद दोसा द्वारा चलाए जा रहे एक तस्करी गिरोह के सदस्य थे और 1980 और 1990 के दशक में भारत में सोने और चांदी की तस्करी में शामिल थे।

आरोपी विस्फोटों से एक महीने पहले फरवरी, 1993 में मध्य पूर्व गए थे और दाऊद इब्राहिम द्वारा आयोजित एक बैठक में शामिल हुए थे, बाद में उन्हें हथियारों के प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान जाने का निर्देश दिया गया था।

अबू बकर, सैयद कुरैशी, मोहम्मद शोएब और मोहम्मद यूसुफ तब पाकिस्तान गए थे, जहां उन्हें इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने का प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद वे भारत लौट आए।

अबू बकर ने सीरियल धमाकों के कुछ ही दिनों बाद समुद्र के रास्ते महाराष्ट्र पहुंचे हथियारों की एक और खेप को ठिकाने लगाने में भी भूमिका निभाई।

धमाकों के बाद इन व्यक्तियों ने फर्जी पते के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से विभिन्न नामों और पहचान वाले भारतीय पासपोर्ट प्राप्त किए और भारत से भाग गए।


ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे : 'सुप्रीम आदेश'-'शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित ऱखा जाए लेकिन नमाज न रोकी जाए', अगली सुनवाई 19 मई को

सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की अदालत सील करने के आदेश को शिवलिंग क्षेत्र सुरक्षित करने तक सीमित किया। वाराणसी की कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

नई दिल्ली: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में अहम आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट उस क्षेत्र को सुरक्षित करे जहां शिवलिंग मिला बताया गया है। इसके साथ ही मुस्लिमों के प्रार्थना करने या धार्मिक गतिविधि के लिए प्रवेश को रोका ना जाए।


सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की अदालत सील करने के आदेश को शिवलिंग क्षेत्र सुरक्षित करने तक सीमित किया। वाराणसी की कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

कोर्ट ने कहा कि हम सोचते हैं कि ये बैलेंस आदेश है। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिका पर हिंदू पक्ष को नोटिस जारी किया है। हिंदू पक्ष के जिन याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी हुआ है, उनमें राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक शामिल हैं। 


इसके अलावा यूपी सरकार, बनारस के डीएम, पुलिस कमिश्नर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बोर्ड के सभी ट्रस्टी को नोटिस जारी किया गया है। मामले की सुनवाई 19 मई को होगी।

इससे पहले, मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में  मंगलवार को हुई सुनवाई में मस्जिद कमेटी की ओर से हुजेफा अहमदी ने जिरह की। हुजेफा ने कहा, 'ये वाद ये घोषणा करने के लिए किया गया है कि हिंदू दर्शन करने और पूजा करने के हकदार हैं। इसका मतलब मस्जिद का धार्मिक करेक्टर बदलना होगा। आप एडवोकेट कमिश्नर को इस तरह नहीं चुन सकते। 


वादी के सुझाए गए विकल्प पर एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति नहीं की जा सकती थी।' उन्‍होंने कहा कि हमारे आग्रह पर CJI ने जल्द सुनवाई की मांग की। अहमदी ने कहा, 'शनिवार और रविवार को कमीशन ने सर्वे किया। कमिश्‍नर को मालूम था कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा, इसके बावजूद सर्वे किया गया। सोमवार को वादी ने निचली अदालत में अर्जी दी कि सर्वे में एक शिवलिंग मिला है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि ट्रायल कोर्ट ने इस पर सील करने के आदेश जारी कर दिए।' 


उन्‍होंने कहा, ' इस तथ्य के बावजूद कि कमिश्नर द्वारा कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई थी। वादी द्वारा अर्जी   कि कमिश्नर ने तालाब के पास एक शिवलिंग देखा है। यह अत्यधिक अनुचित है  क्योंकि कमीशन की रिपोर्ट को दाखिल होने तक गोपनीय माना जाता है। कमीशन के सर्वे की आड़ में जगह को सील कराने की कोशिश की गई। प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।

इसी तरह के सूट पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाई जा चुकी है। हमने ट्रायल कोर्ट के जज को सूचित किया था।' अहमदी ने मांग की कि ट्रायल कोर्ट के आदेश को रोका जाए,  ये गैर कानूनी है। बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने की शिकायत पर रोक लगाता है।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम आदेश जारी करेंगे कि जिला मस्जिट्रेट उस जगह की सुरक्षा करें जहां शिवलिंग मिला है। लेकिन ये लोगों के नमाज अदा करने के रास्ते में नहीं आना चाहिए।

उन्‍होंने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता से पूछा-शिवलिंग कहां मिला है। इस पर SG ने कहा, 'वजूखाने में , जैसा कि मैं समझता हूं, वह जगह है जहां आप हाथ-मुंह धोते हैं और नमाज अदा करने के लिए एक अलग जगह है। मजिस्ट्रेट की चिंता यह लगती  है कि यदि कुछ महत्वपूर्ण पाया जाता है, तो  यहां आने वाले लोगों की वजह से परेशानी हो सकती है।' 

SG ने सुप्रीम कोर्ट से कल तक का वक्त मांगा जिसका मस्जिद कमेटी ने इसका विरोध किया और कहा कि गलत तरीके से आदेश जारी किए गए।


अमरनाथ यात्रा: गृहमंत्री अमित शाह ने की उच्च स्तरीय बैठक, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की, विमानन सेवा बढ़ाने के दिए निर्देश

इस बैठक में अमित शाह ने कई अहम फैसले लिए हैं, बताया जा रहा है कि अमित शाह ने इस बैठक में निर्देश दिए हैं कि श्री नगर के लिए विमान सेवा बढ़ाई जाएगी। जिससे यात्रीयों को कोई परेशानी न हो।

नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है ऐसे में आज अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा को लेकर आज एक बड़ी बैठक की थी। बताया जा रहा है कि यह बैठक लगभग 47 मिनट तक चली है। 

इस बैठक में अमित शाह ने कई अहम फैसले लिए हैं, बताया जा रहा है कि अमित शाह ने इस बैठक में निर्देश दिए हैं कि श्री नगर के लिए विमान सेवा बढ़ाई जाएगी। जिससे यात्रीयों को कोई परेशानी न हो।

इसी के साथ ही अमित शाह ने कहा है कि अमरनाथ मे 6000 फीट ऊपर कुछ छोटे अस्पताल भी बनाए जाए, जिससे अगर किसी यात्री को किसी स्वासथ्य संबंधित दिक्कत आती है तो उनका ज्लद से ज्लद इलाज किया जा सके।

रिपोर्ट्स के अनुसार यह भी बताया गया है कि अमरनाथ यात्र के सभी रास्तों पर अच्छी व्यवस्था की जाए। वहां पर सुरक्षा के अच्छे इंतजाम किए जाएं। जिससे अमरनाथ यात्रा पर किसी भी तरह का खतरा न हो।


बैठक में शामिल होने वालों में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल  मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, इंटेलीजेंस ब्यूरो चीफ अरविंद कुमार, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) डायरेक्टर जनरल कुलदीप सिंह, जम्मू कश्मीर के डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस दिलबाग सिंह, डायरेक्टर जनरल आफ बार्डर रोड्स आर्गेनाइजेशन (BRO) के लेफ्टीनेंट जनरल राजीव चौधरी व सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत बार्डर पुलिस (ITBP) व केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के कई अधिकारी थे। इसके साथ ही बैठक में अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के सदस्यों ने भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया।


मैरिटल रेप: पत्नी से बिना इजाजत शारीरिक सम्बन्ध बनाना अपराध या नहीं? अब सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट पत्नी के साथ रेप (Marital Rape) को अपराधीकरण की मांग वाली याचिकाओं पर दो जजों की बेंच ने अलग-अलग फैसला दिया था। जस्टिस राजीव शकधर (Rajiv Shakdher) ने जहां भारतीय बलात्कार कानून में पति को मिली छूट को असंवैधानिक करार देते हुए खत्म करने के लिए कहा। वहीं, दूसरे जज जस्टिस सी हरिशंकर ने छूट को संवैधानिक बताया।

नई दिल्ली: मैरिटल रेप का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मैरिटल रेप के मामले मे दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट मे दी  चुनौती दी गई है यानी मैरिटल रेप यानी वैवाहिक दुष्कर्म अपराध है या नहीं इस पर सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना होगा। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच का बंटा हुआ फैसला सामने आया था।

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट पत्नी के साथ रेप (Marital Rape) को अपराधीकरण की मांग वाली याचिकाओं पर दो जजों की बेंच ने अलग-अलग फैसला दिया था। जस्टिस राजीव शकधर (Rajiv Shakdher) ने जहां भारतीय बलात्कार कानून में पति को मिली छूट को असंवैधानिक करार देते हुए खत्म करने के लिए कहा। वहीं, दूसरे जज जस्टिस सी हरिशंकर ने छूट को संवैधानिक बताया।


हालांकि, दोनों जज इस बात पर सहमत थे मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील होनी चाहिए क्योंकि मुद्दा अहम कानून से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर दूसरे हाईकोर्ट ने भी अपने फैसले सुनाए हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं।


जस्टिस राजीव शकधर ने भारतीय बलात्कार कानून में पति को मिली छूट को असंवैधानिक करार देते हुए खत्म करने के लिए कहा। वहीं, जस्टिस सी हरिशंकर ने अपने फैसले में छूट को संवैधानिक बताया है। कोर्ट 21 फरवरी को उन याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिनमें भारत में बलात्कार कानून के तहत पतियों को दी गई छूट को खत्म करने का अनुरोध किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने इस मुद्दे पर अलग-अलग फैसला सुनाया।


बता दें कि इससे पहले 7 फरवरी को वैवाहिक दुष्कर्म के अपराधीकरण की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र को अपना रुख स्पष्ट करने के लिये दो हफ्तों का समय दिया था। केंद्र ने हालांकि फिर से अदालत से और समय देने का आग्रह किया, जिसे पीठ ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि मौजूदा मामले को अंतहीन रूप से स्थगित करना संभव नहीं है।


केंद्र ने दलील दी कि उसने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस मुद्दे पर उनकी राय के लिए पत्र भेजा है। केंद्र ने अदालत से अनुरोध किया कि जब तक उनकी राय नहीं मिल जाती, तब तक कार्यवाही स्थगित कर दी जाए।


ज्ञानवापी सर्वे: वाराणसी कोर्ट में आज सर्वे रिपोर्ट दाखिल होने पर संशय, SC में मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई आज

ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है और आज वाराणसी कोर्ट में सर्वे टीम को सर्वे रिपोर्ट दाखिल करनी थी लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सर्वे टीम आज रिपोर्ट कोर्ट में नहीं दाखिल कर पायेगी। दूसरी तरफ, मुस्लिम पक्ष की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

नई दिल्ली/वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है और आज वाराणसी कोर्ट में सर्वे टीम को सर्वे रिपोर्ट दाखिल करनी थी लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सर्वे टीम आज रिपोर्ट कोर्ट में नहीं दाखिल कर पायेगी। दूसरी तरफ, मुस्लिम पक्ष की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।


सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में अभी 2 दिन वक्त लग सकता है। कोर्ट कमिश्नर आज अदालत से वक्त मांग सकते हैं। वहीं, ज्ञानवापी की लड़ाई अब देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच गई है। ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का काम पूरा हो चुका है लेकिन सर्वे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। दोपहर एक बजे सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर करेगा सुनवाई। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने सर्वे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है।

ज्ञानवापी को लेकर निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि निचली अदालत से जारी सर्वे का आदेश 1991 के प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के खिलाफ है। 

याचिका में दलील दी गई है कि प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के तहत सभी धार्मिक स्थलों की स्थिति 15 अगस्त 1947 वाली बनाए रखना अनिवार्य है। ये भी दलील दी गई है कि ज्ञानवापी परिसर में ASI के सर्वे पर हाईकोर्ट की रोक के बाद दूसरे सर्वे का आदेश गलत था।


बता दें कि ये मामला सुनवाई की मांग के लिए शुक्रवार को चीफ जस्टिस एनवी रमना की बेंच के सामने रखा गया था। लेकिन उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में 3 दिनों का अवकाश था। इसलिए आज वो याचिका सुनवाई के लिए लग रही है।


अपनी हरकतों से नहीं बाज आ रहा चीन, अरुणाचल सीमा पर सड़क, रेल व हवाई संपर्क को अपग्रेड कर रहा, गांव भी बसा रहा, सेना का खुलासा

भारतीय सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कालिता ने सोमवार को कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अरुणाचल प्रदेश में पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बुनियादी ढांचे की क्षमता में वृद्धि कर रही है।

नई दिल्ली: पड़ोसी देश चीन सीमा पर लगातार सीमा पर विवाद उत्पन्न कर रहा है। भारतीय सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कालिता ने सोमवार को कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अरुणाचल प्रदेश में पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बुनियादी ढांचे की क्षमता में वृद्धि कर रही है। इसके तहत वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक अपने सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ-साथ 5जी नेटवर्क को लगातार अपग्रेड कर रही है।

पूर्वी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल कालिता ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत भी सीमा पर किसी भी हालात से निपटने के लिए अपने बुनियादी ढांचे और क्षमताओं को लगातार अपग्रेड कर रहा है।

उन्होंने बताया कि  'तिब्बत क्षेत्र में एलएसी पर बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहा है। दूसरा पक्ष अपने सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ 5जी नेटवर्क को भी लगातार अपग्रेड कर रहा है ताकि किसी भी हालात में कार्रवाई करने और सेनाओं को मोबिलाइज करने में उसकी स्थिति बेहतर रहे।'

लेफ्टिनेंट जनरल कालिता ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने एलएसी के नजदीक सीमावर्ती गांवों को भी बसाया है ताकि उनका दोहरे उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा, 'हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। हम भी अपने बुनियादी ढांचे व क्षमताओं के साथ साथ हालात से निपटने के लिए तंत्र को अपग्रेड कर रहे हैं। इससे हमारी स्थिति मजबूत हुई है।'


बुजुर्ग अम्मा की याचिका पर 'सुप्रीम टिप्पणी', मां की देखभाल के लिए बड़े घर की नहीं, बड़े दिल की जरूरत

एक 89 वर्षीय डिमेंशिया से पीड़ित बुजुर्ग महिला की संपत्ति मामलों पर सुनावाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि 'हमारे देश में बुजुर्ग नागरिकों की त्रासदी है।' कोर्ट ने बुजुर्ग के बेटे को कड़ी फटकार लगाया है। महिला के बेटे को संपत्ति में दखलअंदाजी से रोकते हुए कोर्ट ने कहा, 'आपकी दिलचस्पी उनकी संपत्ति में ज्यादा नजर आती है।'



नई दिल्ली: उच्चत्तम न्यायालय में आज समाज से जुड़े अहम मामले पर सुनावाई हुई है। एक 89 वर्षीय डिमेंशिया से पीड़ित बुजुर्ग महिला की संपत्ति मामलों पर सुनावाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि 'हमारे देश में बुजुर्ग नागरिकों की त्रासदी है।' 

कोर्ट ने बुजुर्ग के बेटे को कड़ी फटकार लगाया है। महिला के बेटे को संपत्ति में दखलअंदाजी से रोकते हुए कोर्ट ने कहा, 'आपकी दिलचस्पी उनकी संपत्ति में ज्यादा नजर आती है।'


जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की बैंच ने मामले की फैक्ट पर गौर किया कि बेटा कथित तौर पर मां की दो करोड़ की संपत्ति बेचने के लिए उसे बिहार के मोतिहारी में एक रजिस्ट्रार के कार्यालय में अंगूठे का निशान लगवाने ले गया। बता दें कि, बता दें कि महिला चलने फिरने में पूरी तरह दूसरों पर निर्भर है। डिमेंशिया से पीड़ित महिला को मौखिक या शारीरिक संकेतों की समझ नहीं है। 

बैंच ने सुनवाई के दौरान कहा, 'ऐसा लगता है कि आप उसकी संपत्ति में अधिक रुचि रखते हैं। यह हमारे देश में वरिष्ठ नागरिकों की त्रासदी है। आप उसे मोतिहारी में रजिस्ट्रार के कार्यालय में उसके अंगूठे का निशान लेने के लिए ले गए, यह जानते हुए कि वह डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और कुछ भी बता नहीं सकती हैं। बता दें कि 13 मई को बहनों द्वारा दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह बात कही है।

महिला की बेटियों (याचिकाकर्ता) पुष्पा तिवारी और गायत्री कुमार की तरफ से वरिष्ठ वकील प्रिया हिंगोरानी और वकील मनीष कुमार सरन ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने 2019 तक मां की देखभाल की और अब वे फिर से उनकी देखभाल करने करने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक अपनी मां को अस्पताल ले जाने या घरेलू देखभाल करने के लिए भी तैयार हैं।

बेटी हिंगोरानी ने दावा किया कि बड़े भाई को छोड़कर अन्य किसी भाई-बहनों को मां से मिलने की इजाजत नहीं है, हालांकि एक बार उन्हें मिलने की अनुमति दी गई थी। लेकिन वह भी पुलिस की मौजूदगी में और उस समय किसी प्रकार की कोई प्राइवेसी नहीं थी।


पीठ ने कहा कि पांचवें प्रतिवादी कृष्ण कुमार सिंह के वकील, याचिकाकर्ताओं के वकील की ओर से रखे गए प्रस्ताव पर निर्देश लेंगे, ताकि विरोधी पक्षों को सुनने के बाद प्रस्ताव पर आदेश पारित किया जा सके।

कृष्ण कुमार सिंह (महिला के बड़े बेटे हैं और वर्तमान में मां को अपने पास रखने वाले) के वकील ने कहा कि नोएडा में उनकी बहन के पास सिर्फ दो कमरों का फ्लैट है और जगह की कमी होगी। इस पर बैंच ने कहा, 'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका घर कितना बड़ा है, बल्कि फर्क इससे पड़ता है कि आपका दिल कितना बड़ा है।'


PM Modi in UP: नेपाल से लखनऊ पहुंचे PM मोदी, CM योगी संग करेंगे डिनर, कुशीनगर में की महापरिनिर्वाण स्तूप में प्रार्थना

लखनऊ आने से पहले पीएम मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में महापरिनिर्वाण स्तूप में पूजा-अर्चना की।

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंच गए हैं। वह यहां रात्रिभोज में शामिल होने वाले हैं। इस दौरान वह राज्य सरकार के सभी मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। 


लखनऊ आने से पहले पीएम मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में महापरिनिर्वाण स्तूप में पूजा-अर्चना की।  

उन्होंने ट्वीट किया कि कुशीनगर में महापरिनिर्वाण स्तूप में प्रार्थना की। हमारी सरकार कुशीनगर में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास कर रही है ताकि अधिक पर्यटक और तीर्थयात्री यहां आ सकें। 


दिल्ली में SCO की आतंकवाद विरोधी बैठक, अफगानिस्तान की स्थिति पर सबसे ज्यादा चर्चा

बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि चर्चाओं का एक प्रमुख केंद्र अफगानिस्तान की स्थिति पर होगा, विशेष रूप से तालिबान शासित देश में सक्रिय आतंकवादी समूहों से खतरे से निपटने के लिए। भारत अफगानिस्तान के घटनाक्रम को लेकर चिंतित नजर आता है। भारत ने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है और वह काबुल में एक समावेशी सरकार के गठन के लिए जोर दे रहा है।

नई दिल्ली: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तत्वावधान में क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (आरएटीएस) वार्ता सोमवार को नई दिल्ली में शुरू हो गई। इस बैठक में पाकिस्तान का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हो रहा है।

भारत इस वार्ता की मेजबानी कर रहा है और यह 19 मई तक चलेगी। शंघाई सहयोग संगठन की क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (SCO-RATS) की बैठक में सभी सदस्य देश शामिल हो रहे हैं।

बैठक में पाकिस्तान से तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहा है। 2020 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ गतिरोध के बाद और इस साल यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद यह भारत में होने वाली ऐसी पहली आधिकारिक चर्चा है।

मीडिया में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि कोविड-19 नियमों की वजह से चीनी प्रतिनिधिमंडल वर्तमान में भारत की यात्रा करने में सक्षम नहीं है और उसके बदले में चीनी दूतावास की एक टीम वार्ता में शामिल हो रही है।

बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि चर्चाओं का एक प्रमुख केंद्र अफगानिस्तान की स्थिति पर होगा, विशेष रूप से तालिबान शासित देश में सक्रिय आतंकवादी समूहों से खतरे से निपटने के लिए। भारत अफगानिस्तान के घटनाक्रम को लेकर चिंतित नजर आता है। भारत ने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है और वह काबुल में एक समावेशी सरकार के गठन के लिए जोर दे रहा है।

इसके अलावा भारत चाहता है कि किसी भी देश के खिलाफ किसी भी आतंकवादी गतिविधियों के लिए अफगान की जमीन का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अफगानिस्तान एससीओ के पर्यवेक्षक देशों में से एक है।

भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने इस बैठक पर ट्वीट किया, "मैं आज नई दिल्ली में शंघाई सहयोग संगठन के क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना की महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने के लिए भारत को धन्यवाद देता हूं। अफगानिस्तान में सुरक्षा और मानवीय स्थिति पिछले 9 महीनों में खराब हुई है।"

उन्होंने आगे लिखा, "हम उम्मीद करते हैं कि यह बैठक अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति से संबंधित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाएगी और समाधान का प्रस्ताव देगी। विशेष रूप से पड़ोसी देशों से गंभीर क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग अफगानिस्तान और क्षेत्र में शांति और विकास के लिए एकमात्र रास्ता है।"

इससे पहले नवंबर में अफगानिस्तान पर तीसरी क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता एक विस्तारित प्रारूप में दिल्ली आयोजित की गई थी। उस वार्ता में भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदों के सुरक्षा सलाहकारों ने हिस्सा लिया था।

भारत ने 28 अक्टूबर को एक वर्ष की अवधि के लिए एससीओ के क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना की परिषद की अध्यक्षता का पद संभाला था।


यात्रीगण कृपया ध्यान दें! 20 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई के बदले गए रूट, एक क्लिक पर देखें पूरी डिटेल

रेलवे का यह फैसला उन लोगों के लिए मुसीबत बन आया है, जिन्होंने लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर टिकट आरक्षित कराया और ये ट्रेन रद्द कर दी गई। भारतीय रेलवे के अचानक आए इस फैसले से हजारों यात्री मायूस हो गए हैं। रेलवे ने गोंडा के रास्ते मुंबई, दिल्ली, जम्मूतवी, अहमदाबाद, चंडीगढ़, डिब्रूगढ़ सहित अहम स्टेशनों की ओर जाने वाली कई ट्रेनें लंबी अवधि के लिए रद्द कर दी हैं।

नई दिल्ली: देश में इन दिनों भीषण गर्मी का कहर है। ऐसे में लोग गर्मियों से अस्त- व्यस्त जीवन को खुशनुमा बनाने के लिए छुट्टियों का प्लान कर रहे हैं। लोग एक शहर से दूसरे शहर का रूख कर रहे हैं। इस बीच भारतीय रेलवे ने ऐसे लोगों के लिए चौकानें वाली खबर लेकर आई है। रेलवे ने 17 मई से 8 जून के बीच 20 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द कर द‍िया है और चार से अधिक ट्रेनों के टाइमिंग और रूट में बदलाव किया है। 

रेलवे का यह फैसला उन लोगों के लिए मुसीबत बन आया है, जिन्होंने लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर टिकट आरक्षित कराया और ये ट्रेन रद्द कर दी गई। भारतीय रेलवे के अचानक आए इस फैसले से हजारों यात्री मायूस हो गए हैं। रेलवे ने गोंडा के रास्ते मुंबई, दिल्ली, जम्मूतवी, अहमदाबाद, चंडीगढ़, डिब्रूगढ़ सहित अहम स्टेशनों की ओर जाने वाली कई ट्रेनें लंबी अवधि के लिए रद्द कर दी हैं।

ये ट्रेन हुए रद्द 

भारतीय रेलवे ने गोरखपुर-ऐशबाग एक्सप्रेस, ऐशबाग-गोरखपुर एक्सप्रेस, लखनऊ जंक्शन-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, पाटलिपुत्र-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस, गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनस -गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस, बरौनी-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस, लखनऊ जंक्शन-बरौनी एक्सप्रेस, ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस, बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस, छपरा कचहरी-गोमतीनगर एक्सप्रेस, गोमतीनगर-छपरा कचहरी एक्सप्रेस ये तमाम ट्रेन इस कारण 17 मई से आठ जून तक रद्द रहेंगी।

ट्रेनों का बदला रूट

बता दें कि पूर्वोत्तर रेलवे गोंडा स्टेशन की यार्ड रिमॉडलिंग के लिए नॉन इंटरलाकिंग करेगा। जिस वजह से गोरखपुर के रास्ते लखनऊ की ओर आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 17 मई से 8 जून तक रद्द रहेंगी। वहीं कुछ ट्रेनों का मार्ग में बदलाव किया जाएगा। कई ट्रेनें बीच रास्ते रोकी जाएंगी। 


चारधाम यात्रा: इस साल टूट रहे सारे रिकॉर्ड, 15 मई तक चारों धामों में

15 मई तक तक चारों धाम में पांच लाख 14 हजार 129 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 1,86,668 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे।

ऋषिकेश: दो वर्ष कोरोना महामारी से प्रभावित रही चारधाम यात्रा इस बार शुरुआत से ही पूरे रंग में है। स्थिति यह है कि यात्रा के शुरुआती दिनों में ही बीते वर्षों के सारे रिकार्ड ध्वस्त हो गए।

15 मई तक तक चारों धाम में पांच लाख 14 हजार 129 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 1,86,668 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे। जबकि, बदरीनाथ में 1,36,972, गंगोत्री में 1,03,429 और यमुनोत्री में 8,70, 60 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस वर्ष तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई।

जबकि, छह मई को केदारनाथ और आठ मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए। यानी बदरीनाथ धाम के कपाट खुले आठ, केदारनाथ के दस और गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुले अभी सिर्फ 13 दिन ही हुए हैं और इस अवधि में चारधाम यात्रा के इतिहास में सर्वाधिक श्रद्धालु दर्शनों को पहुंच चुके हैं।

 मौसम इसी तरह साथ देता रहा तो आने वाले दिनों में यात्रा नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती है।

वर्ष 2013 की आपदा के बाद 2014 व 15 में चारधाम यात्रा गति नहीं पकड़ पाई थी। लेकिन, वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक चारधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते यात्रा पूरी तरह से ठप रही। 

जबकि, वर्ष 2021 में कोरोना का असर कम होने के बाद आखिरी दो माह सितंबर-अक्टूबर में ही यात्रा हो पाई। हालांकि, इस दौरान भी कोविड गाइडलाइन और पाबंदियां के चलते श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही।

2014 से अब तक शुरूआती 12 दिनों में चारों धाम पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार है-

वर्ष - 12 दिन में

2014- 30075

2015- 60435

2016- 235378

2017- 264542

2018- 255509

2019- 373471

2020- (कोरोना के चलते यात्रा स्थगित रही)

2021- (कोरोना के चलते यात्रा औपचारिक रही)

2022- 514129


PM Modi in Nepal: पीएम मोदी की नेपाल यात्रा के दौरान 6 समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

पीएम नरेन्द्र मोदी नेपाल (PM Narendra Modi in Nepal) दौरे पर हैं। मोदी सोमवार सुबह वायुसेना के हेलिकाप्टर से लुंबिनी पहुंचे। लुंबिनी पहुंचने पर नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने उनका जोरदार स्वागत किया। मोदी लुंबिनी में सबसे पहले महामाया देवी मंदिर गए। माया देवी मंदिर में उन्होंने पूजा की। इस दौरान पीएम देउबा भी उनके साथ थे।

नई दिल्ली: पीएम नरेन्द्र मोदी नेपाल (PM Narendra Modi in Nepal) दौरे पर हैं। मोदी सोमवार सुबह वायुसेना के हेलिकाप्टर से लुंबिनी पहुंचे। लुंबिनी पहुंचने पर नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने उनका जोरदार स्वागत किया। मोदी लुंबिनी में सबसे पहले महामाया देवी मंदिर गए। माया देवी मंदिर में उन्होंने पूजा की। इस दौरान पीएम देउबा भी उनके साथ थे।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेपाल यात्रा के दौरान आज कुल छह समझौता पर हस्ताक्षर किए गए और उनका आदान-प्रदान किया गया। वहीं नेपील समकक्ष के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में जल विद्युत, विकास और कनेक्टिविटी को लेकर चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के साथ लुंबिनी में द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विकास, पनबिजली और संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

नेपाल दौरे के दौरान पीएम मोदी ने बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र की आधारशिला भी रखी। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री नेपाल सरकार के तत्वावधान में लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा आयोजित बुद्ध जयंती कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल रहेंगे।