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सुप्रीम फैसला: नौकर या केयरटेकर नहीं हो सकता संपत्ति का मालिक

कोलकाता हाईकोर्ट के द्वारा नौकर के पक्ष में दिए गए ऐसे एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए पलट दिया कि नौकर या केयरटेकर को संपत्ति का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है। फैसले के तहत कोई नौकर या केयरटेकर संपत्ति में कभी भी कोई अधिकार नहीं ले सकते चाहे वह उसमें लंबे समय से क्यों न रह रहे हों। दरअसल, कोलकाता हाईकोर्ट के द्वारा नौकर के पक्ष में दिए गए ऐसे एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए पलट दिया कि नौकर या केयरटेकर को संपत्ति का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और ए.एस. ओका की पीठ ने यह फैसला देते हुए नौकर को आदेश दिया कि वह संपत्ति को तीन माह के अंदर खाली कर उसका कब्जा मालिक को सौंप दे। अदालत ने कहा कि यदि वह कब्जा नहीं देता तो उस पर कानूनी रूप से कार्रवाई की जाएगी।

अदालत ने इसके साथ ही मालिक की सीपीसी के आदेश 7 और नियम 11 की अर्जी स्वीकार कर ली और कहा कि नौकर का संपत्ति में कोई हक अर्जित नहीं होता। अदालत ने कहा कि नौकर या केयरटेकर प्रतिगामी कब्जे (एडवर्स पजेशन) का दावा भी नहीं कर सकता क्योंकि वह संपत्ति पर मालिक द्वारा देखभाल के वास्ते रखा गया है जिसका वह कोई किराया या अन्य कोई राजस्व नहीं दे रहा था।

मामला तब शुरू हुआ जब मालिक ने लंबे समय से संपत्ति की देखभाल के लिए रह रहे व्यक्ति से कब्जा लेने का प्रयास किया। नौकर ने कहा कि वह इस संपत्ति पर लंबे समय से रह रहा है इसलिए यह उसकी संपत्ति हो गई। इसके लिए उसे दीवानी कोर्ट में मुकदमा दायर किया और कहा कि उसे संपत्ति का शांतिपूर्ण कब्जा बनाए रखने का अंतरिम आदेश दिया जाए तथा मलिक को हस्तक्षेप से रोका जाए।


उरी में आतंकी घुसपैठ की फिराक में, इंडियन आर्मी ने LoC पर लॉन्च किया सर्च ऑपरेशन

भारतीय सेना ने रविवार को उत्तरी कश्मीर के उरी सेक्टर में कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तलाशी अभियान शुरू किया है। हालांकि, अभी तक कोई संपर्क स्थापित नहीं हुआ है, और सेना को यकीन नहीं है कि घुसपैठिए उरी में घुस गए हैं या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लौट गए हैं।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का राज स्थापित होने के बाद भारत में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पोषित आतंकी लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता से आतंकियों को कामयाबी नहीं मिल पा रही है। तालिबान का राज आफगान में स्थापित होने के बाद 100 से भी ज्यादा बार आतंकियों द्वारा भारत में कश्मीर के जरिए घुसपैठ का फिराक किया जा चुका है।


भारतीय सेना ने रविवार को उत्तरी कश्मीर के उरी सेक्टर में कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तलाशी अभियान शुरू किया है। हालांकि, अभी तक कोई संपर्क स्थापित नहीं हुआ है, और सेना को यकीन नहीं है कि घुसपैठिए उरी में घुस गए हैं या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लौट गए हैं।

रक्षा प्रवक्ता कर्नल एमरोन मसावी ने पुष्टि की है कि 18/19 सितंबर की रात को एलओसी पर संदिग्ध गतिविधि का पता चला था। उन्होंने कहा, "क्षेत्र की तलाशी जारी है।"

इस साल उत्तरी कश्मीर में विशेष रूप से उरी, नौगाम, तंगदार, केरन, माछिल और गुरेज सेक्टरों से नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के प्रयासों में काफी गिरावट आई है। सेना के 19 पैदल सेना और 27 पैदल सेना डिवीजनों के अधिकारी, जो उरी से गुरेज तक नियंत्रण रेखा पर नजर रखने के लिए जिम्मेदार हैं, ने भी नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ के प्रयासों में गिरावट को स्वीकार किया है।

उत्तरी कश्मीर में तैनात सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “गार्ड को कम नहीं किया जा सकता क्योंकि हम नहीं जानते कि चीजें कब अस्थिर हो सकती हैं। हमारे जवान लगातार निगरानी में हैं। यह एलओसी पर कड़ी निगरानी है जिसने घुसपैठ के प्रयासों को रोका है।”

अधिकारियों ने कहा कि सितंबर और अक्टूबर महीने हमेशा घुसपैठ के प्रयासों की तुलना में महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि आमतौर पर भारी बर्फबारी के कारण घुसपैठ के लिए पास और रिज का इस्तेमाल किया जाता है। आधिकारिक सूत्रों ने हालांकि कहा कि पिछले कुछ महीनों में विभिन्न क्षेत्रों से कश्मीर में घुसपैठ के कई प्रयास किए गए।


भारत दौरे पर आ रहे सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल, PM मोदी से करेंगे मुलाकात, अफगान समेत कई मुद्दों पर होगी बात

भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है की फैसल 18 सितंबर की रात नई दिल्ली पहुंचेंगे और 20 सितंबर की रात न्यूयॉर्क के लिए रवाना होंगे। प्रिंस फैसल विदेश मंत्री के रूप में अपनी पहली बार भारत पहुंच रहे हैं।

नई दिल्ली: सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन रहमान अल साउद तीन दिनी दौर पर भारत आ रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है की फैसल 18 सितंबर की रात नई दिल्ली पहुंचेंगे और 20 सितंबर की रात न्यूयॉर्क के लिए रवाना होंगे। प्रिंस फैसल विदेश मंत्री के रूप में पहली बार भारत पहुंच रहे हैं।


फैसल 19 सितंबर को हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके बाद 20 सितंबर को फैसल पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। प्रिंस फैसल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल से भी मुलाकात कर सकते हैं।

भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होगी। इसके साथ ही अफगानिस्तान पर भी विस्तार से बातचीत संभव है। अधिकारियों ने बताया है कि सऊदी अरब और ईरान जैसे देश अफगानिस्तान को लेकर भारत से बात करना चाहते हैं। ऐसे में ईरान के विदेश मंत्री भी जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं।

बता दें कि 1996 में पिछले तालिबान शासन के उलट अबकी सऊदी अरब ने तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है और न ही सऊदी अरब के दूतावास काबुल में एक्टिव है। हालांकि सऊदी अरब ने तालिबान से संपर्क बनाए हुए रखा है।


मुंबई पर मडरा रहा आतंकी हमले का खतरा, ट्रेनों को बनाया जा सकता है निशाना, ऐसे रची जा रही हमले की साजिश

देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई पर आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। आतंकी गैस के जरिये ट्रेनों पर हमला कर सकते हैं। इस बाबत जीआरपी को व मुंबई पुलिस को सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट भेजा है।

नई दिल्ली: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई पर आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। आतंकी गैस के जरिये ट्रेनों पर हमला कर सकते हैं। इस बाबत जीआरपी को व मुंबई पुलिस को सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट भेजा है।


बता दें कि हाल ही में दिल्ली स्पेशल सेल की ओर से 6 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक आरोपी मुंबई के धारावी इलाके का रहने वाला है। दिल्ली स्पेशल सेल के सूत्रों ने बताया कि गिरफ़्तार संदिग्ध आतंकी मुंबई की लोकल ट्रेन समेत देश के अलग-अलग इलाक़ों में आतंकी साज़िश को अंजाम देना चाहते थे। सूत्रों ने यह भी बताया है कि रेलवे पुलिस यानी की जीआरपी को एजेंसियों से संभावित आतंकी हमले की जानकारी मिली थी।

अब खुफिया एजेंसियों ने जीआरपी को आगाह किया है कि आतंकी ट्रेन में गैस अटैक या फिर प्लेटफ़ोर्म पर होने वाली यात्रियों की भीड़ को गाड़ी से रौंद सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों से पूछताछ के दौरान दिल्ली स्पेशल सेल को मिली जानकारी के अलावा जीआरपी को इस तरह के कई अलर्ट कई एजेंसियों से मिले हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें समय-समय पर इस तरह के अलर्ट मिला करते हैं, ख़ासकर लोकल ट्रेन के लिए और हम हर एक अलर्ट को बहुत ही गंभीरता से लेते हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हम उस तरह के कदम भी उठाते हैं।  दिल्ली पुलिस की करवाई के बाद जीआरपी ने मुंबई के सभी बड़े रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी है और कुछ एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते भी बंद कर दिए गए हैं।


NIA का बड़ा खुलासा, भारत में अपनी जड़ें फैलाना चाहता है इस्लामिक स्टेट, सोशल मीडिया को बना रखा है हथियार!

एनआईए की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''भोले-भाले युवाओं को फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर टारगेट बनाया जा रहा है।''

नई दिल्ली: आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट भारत में अपनी जड़ें फैलाने की फिराक में हैं। इस बाबत एनआईए ने अलर्ट जारी किया है। एनआईए ने शुक्रवार को कहा कि इसने अब तक इस्लामिक स्टेट से जुड़े कम से कम 37 केसों की जांच की है। सबसे ताजा मामला जून 2021 का है। एजेंसी ने बताया कि इन 37 केसों में अब तक कुल 168 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 31 केसों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है और ट्रायल में 27 दोषी करार दिए जा चुके हैं।

एजेंसी ने कहा कि इसकी जांच से पता चला है कि इस्लामिक आतंकी समूह ''लगातार ऑनलाइन प्रॉपेगेंडा के जरिए जाल फैला रहा है।'' एनआईए की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''भोले-भाले युवाओं को फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर टारगेट बनाया जा रहा है।''

एनआईए ने कहा कि जैसे ही कोई इस्लामिक स्टेट की विचारधारा में दिलचस्पी दिखाता है, उसे ऑनलाइन हैंडलर्स से बातचीत के लिए ललचाया जाता है, जो विदेशों में मौजूद होते हैं और इनक्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के जरिए संपर्क साधते हैं। झांसे में आए व्यक्ति के भोलेपन के आधार पर हैंडलर्स उनका इस्तेमाल डिजिटल कॉन्टेंट अपलोड करने, आतंकी समूह की सामग्री का स्थानीय भाषा में ट्रांसलेशन, मॉड्यूल बनाने, आईईडी बनाने, टेटर फंडिंग और हमलों में किया जाता है।


एनआईए ने आमजन से अपील की है कि यदि इंटरनेट पर उन्हें इस तरह की कोई गतिविधि दिखती है तो तुरंत  011-24368800 पर कॉल करके जानकारी दें। 


न्यूड कॉल करके लोगों को करते थे ब्लैकमेल, 250 लोगों को बनाया शिकार, अब सलाखों के पीछे

वॉट्सऐप पर चैटिंग के दौरान महिला ने शिकायतकर्ता को सेक्सुअल ऐक्ट के लिए उत्तेजित किया, जिसे उसने रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद महिला ने धमकी देना शुरू किया और वीडियो डिलीट करने की एवज में 15 हजार रुपए मांगे।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया अब अपराधियों और ब्लैकमेलियो का नया अड्डा बन चुका है। आजकल एक नए तरह का अपराध ट्रेड में है। एक खूबसूरत लड़की आपको पहले तो फ्रेडशिप रिक्वेट भेजेगी और आप फूलकर कुप्पा हो जाएंगी। फिर वह अपना नंबर आपको देगी और आपसे आपका नंबर लेगी.. अब आप और भी फूल जाएंगे। फिर धीरे-धीरे मीठी-मीठी बात शुरू होगी और आप फंसते चले जाएंगे। एक दिन वह आपसे ऐसी हरकत कराकर अपने स्क्रीन पर रिकॉर्ड कर लेगी जो आपकी जेब काटने के लिए पर्याप्त होगी। 

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया पर न्यूड या मॉर्फ वीडियो या तस्वीरें शेयर करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग करते थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह ये दोनों लोगों को अपनी जाल में फंसाते थे और फिर उगाही करते थे। 

डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस (रोहिणी) प्रणव तयाल ने बताया कि आरोपी जाहुल (25) और मिनाज (23) राजस्थान में भरतपुर जिले के मेवात इलाके के रहने वाले हैं। अब तक ये 250 से अधिक लोगों से उगाही कर चुके हैं। दिल्ली के एक पीड़ित की ओर से जुलाई में बेगमपुर पुलिस थाने में की गई शिकायत के आधार पर इन्हें पकड़ा गया है। 

एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर एक लड़की की ओर से आए फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार किया था। उन दोनों ने एक दूसरे से नंबर साझा किया और फिर वॉट्सऐप पर चैटिंग करने लगे। वॉट्सऐप पर चैटिंग के दौरान महिला ने शिकायतकर्ता को सेक्सुअल ऐक्ट के लिए उत्तेजित किया, जिसे उसने रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद महिला ने धमकी देना शुरू किया और वीडियो डिलीट करने की एवज में 15 हजार रुपए मांगे। 
    
पीड़ित ने जब रकम दे दी तो उन्हें एक अन्य शख्स ने फोन किया, जिसने खुद को दुर्गापुरी साइबर सेल अधिकारी बताया। उसने शिकायतकर्ता को वीडियो को यूट्यूब और दूसरे सोशल मीडिया साइट्स से डिलीट कराने को कहा। जब शिकायतकर्ता ने वीडियो डिलीट कराने के लिए कथित यूट्यूबर से संपर्क किया तो उसने बी पैसों की मांग की। अधिकारी ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड एनालिसिस और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर मेवात में छापेमारी की गई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनसे उगाही की जाती थी। 


दिल्ली की CBI बिल्डिंग में लगी आग, जान-माल की क्षति नहीं

आग फैलने से पहले ही सभी सीबीआई अधिकारी व कर्मचारी बिल्डिंग से बाहर निकल लिए। दमकल की 8 गाडियां ने मिलकर और काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित सीबीआई की बिल्डिंग के बेसमेंट में भीषण आग लगने की खबर है। हालांकि, आग फैलने से पहले ही सभी सीबीआई अधिकारी व कर्मचारी बिल्डिंग से बाहर निकल लिए। दमकल की 8 गाडियां ने मिलकर और काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। दिल्ली अग्निशमन सेवा के डिविजनल ऑफिसर एस.के. दुआ  ने कहा है कि आग पर काबू पा लिया गया है।

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मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के लोधी रोड स्थित सीजीओ कॉम्पलेक्स में यह आग लगी है। जानकारी के मुताबिक दमकल की 8 गाड़ियां मौके पर मौजूद है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि शुक्रवार की दोपहर करीब 1.30 बजे बिल्डिंग के बेसमेंट से धुंआ निकलते देखा गया। इसके कुछ ही देर बाद अंदर से आग की लपटे निकलती देखी गईं।

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एहतियात के तौर पर अंदर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत बिल्डिंग खाली करने के लिए कहा गया। अभी तक की सूचना के मुताबिक इस आगजनी में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अभी आग लगने की वजहों का पता नहीं चल सका है। 




पीएम मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन को किया संबोधित, कहा-'अफगानिस्तान संकट के बाद चुनौती और बढ़ी'

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित है और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ कट्टरवाद है। अफ़ग़ानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इन चुनौतियों को और स्पष्ट कर दिया है। इस मुद्दे पर SCO को पहल लेकर काम करना चाहिए।

नई दिल्ली: आज पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एससीओ शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। अपने संबोधिन में पीएम मोदी ने तमाम मुद्दों से जुड़ी बात कही। पीएम मोदी ने सबसे पहले शिखर सम्मेलन के लिए धन्यवाद दिया। 

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने  कहा कि इस साल हम एससीओ की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह ख़ुशी की बात है कि इस शुभ अवसर पर हमारे साथ नए मित्र जुड़ रहे हैं। मैं ईरान का एससीओ के नए सदस्य देश के रूप में स्वागत करता हूँ। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित है और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ कट्टरवाद है। अफ़ग़ानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इन चुनौतियों को और स्पष्ट कर दिया है। इस मुद्दे पर SCO को पहल लेकर काम करना चाहिए। पीएम ने आगे कहा कि भारत में और एससीओ के लगभग सभी देशों में, इस्लाम से जुड़ी उदारवादी, सहिष्णु और समावेशी संस्थाएं और परम्पराएँ हैं। एससीओ को इनके बीच एक मजबूत तंत्र विकसित करने के लिए काम करना चाहिए

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत मध्य एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा मानना है कि भूमि से घिरे हुए मध्य एशिया के देशों को भारत के विशाल बाज़ार से जुड़कर अपार लाभ हो सकता है। कनेक्टिविटी की कोई भी पहल वन वे स्ट्रीट नहीं हो सकती। आपसी विश्वास सुनिश्चित करने के लिए कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को कंसल्टिव, पारदर्शी और भागीदारी वाला होना चाहिए। इनमें सभी देशों की टेरीटोरियल इंटीग्रिटी का सम्मान निहित होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा और विश्वास के लिए जरूरी है बल्कि युवाओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है। समिट में पीएम मोदी ने कहा कि भारत सेंट्रल एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।


पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम इतिहास पर नज़र डालें, तो पाएंगे कि मध्य एशिया का क्षेत्र मोडरेट और प्रोग्रेसिव कल्चर और वैल्यूज का गढ़ रहा है। सूफ़ीवाद जैसी परम्पराएं यहां सदियों से पनपी और पूरे क्षेत्र और विश्व में फैलीं। इनकी छवि हम आज भी इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत में देख सकते हैं।


बता दें कि पहली बार एससीओ की शिखर बैठक हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित की जा रही है और यह चौथी शिखर बैठक है जिसमें भारत एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में हिस्सा ले रहा है। हाईब्रिड प्रारूप के तहत आयोजन के कुछ हिस्से को डिजिटल आधार पर और शेष हिस्से को आमंत्रित सदस्यों की प्रत्यक्ष उपस्थिति के माध्यम से संपन्न किया जाता है। इस बैठक का महत्व इसलिये भी बढ़ जाता है क्योंकि संगठन इस वर्ष अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।

उल्लेखनीय है कि एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी और भारत 2017 में इसका पूर्णकालिक सदस्य बना । 



ATS चीफ और खुफिया एजेंसियों की बुलाई गई बैठक, तालिबान को लेकर अलर्ट पर भारत सरकार

दिल्ली पुलिस ने खुफिया एजेंसियों और आतंकवाद विरोधी दस्ते के राज्य प्रमुखों की एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक शुक्रवार को दिल्ली में बुलाई है। यह पहली बार है जब केंद्र प्रशासित दिल्ली पुलिस ने इस तरह की बैठक बुलाई है।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा बंदूकों के दम पर सत्ता हासिल कर ली गई है लेकिन उसे दुनिया आतंकी की ही नजरों से देख रही है। दुनिया के अधिकतर देश अफगानिस्तान को लेकर 'वेट एंड वाच' की नीति अपनाए हुए हैं और अलर्ट पर है। इसी क्रम में भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर है और आज देश में पहली बार ऐसा हुआ है जब सभी खुफिया एजंसियों की मीटिंग एक साथ बुलाई गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने खुफिया एजेंसियों और आतंकवाद विरोधी दस्ते के राज्य प्रमुखों की एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक शुक्रवार को दिल्ली में बुलाई है। यह पहली बार है जब केंद्र प्रशासित दिल्ली पुलिस ने इस तरह की बैठक बुलाई है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि तालिबान ने अन्य आतंकी संगठनों और पाकिस्तान में राज्य के अभिनेताओं के समर्थन के बाद, अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया।बैठक से बेहतर समन्वय और किसी भी अप्रिय घटना के लिए पहले से तैयारी करने में मदद करेगी।

अधिकारी ने कहा, “बैठक का उद्देश्य खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को अच्छा बनाना और बेहतर समन्वय बनाना है।” पहली बार इंटेलिजेंस ब्यूरो, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियों जैसी खुफिया एजेंसियों की अंतर-राज्य समन्वय बैठक दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बुलाई गई है। बैठक में अन्य राज्यों के 11 एटीएस प्रमुख और फील्ड ऑपरेशंस के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

आतंकियों के सीमा पार करने और देश में कुछ ‘बड़ा’ करने की योजना बनाने को लेकर खुफिया एजेंसियों को लगातार अलर्ट मिल रहे हैं। 15 अगस्त को, अफगानिस्तान में सरकार गिर गई और तालिबान ने देश पर कब्जा कर लिया। भारत पर नजर रखने वाले तालिबान के हमदर्द सक्रिय हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सक्रिय खुफिया एजेंसियों के कर्मियों को पीओके क्षेत्र में सक्रिय अपने समकक्ष से जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में घुसपैठ करने की योजना बना रहे आतंकवादियों की आवाजाही के बारे में खुफिया रिपोर्ट मिली।

अगस्त के तीसरे सप्ताह के दौरान कंधार में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और तालिबान नेताओं के बीच एक बैठक के बारे में पता चलने के बाद सभी खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बैठक में तालिबान नेताओं के एक समूह ने भाग लिया, जहां जैश ने ‘भारत-केंद्रित’ अभियानों में उनका समर्थन मांगा। सूत्र आगे बताते हैं कि बैठक में पाकिस्तान के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई।

सीमा पार आतंकियों में गठजोड़ की खबरें मिलने के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसिंयों ने देश के जम्मू-कश्मीर इलाके में आतंकी हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक देश के सभी राज्यों की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के साथ इनपुट साझा किया गया है, ताकि आतंकियों के खतरनाक मंसूबों पर पानी फेरा जा सके और संभावित इन हमलों को नाकाम करने की तैयारी की जा सके।



पीएम नरेंद्र मोदी आज SCO समिट को करने संबोधित, पाकिस्तान को इमरान के सामने करेंगे बेनकाब !

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शुक्रवार को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की वार्षिक शिखर बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करेंगे।

नई दिल्ली: आज एक बार फिर से पाकिस्तान दुनिया के सामने बेनकाब होगा। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शुक्रवार को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की वार्षिक शिखर बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करेंगे।

इस बैठक में अफगानिस्तान संकट, आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग एवं सम्पर्क सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बैठक में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भी शामिल हो रहे हैं। माना जा रहा है कि इमरान खान की मौजूदगी में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकवाद का मद्दा उठाएंगे और आतंक के आका की फिर से पोल खोलेंगे।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि एससीओ परिषद के सदस्य देशों के प्रमुखों की 21वीं बैठक शुक्रवार को हाइब्रिड प्रारूप में दुशांबे में हो रही है जिसकी अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान करेंगे। 

पीएम मोदी नरेन्द्र मोदी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और वीडियो लिंक के जरिए शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे और दुशांबे में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे। एस जयशंकर बैठक में हिस्सा लेने के लिये दुशांबे रवाना हो गये हैं। शिखर बैठक के बाद सम्पर्क बैठक होगी। इस दौरान अफगानिस्तान के अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग एवं सम्पर्क सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी । 

मंत्रालय के अनुसार, एससीओ की शिखर बैठक में सदस्य देशों के नेताओं के अलावा पर्यवेक्षक देश, संगठन के महासचिव, एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे के कार्यकारी निदेशक, तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति एवं अन्य आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे।

एक ओर जहां पीएम मोदी वर्चुअली समिट को संबोधित करेंगे, वहीं इसमें शामिल होने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान दो दिवसीय दौरे पर तजाकिस्तान पहुंचे हैं। इस बैठक के अलावा, इमरान खान अन्य देशों के साथ द्वीपक्षीय बैठक कर सकते हैं। समिट में प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान की मौजूदगी में इस क्षेत्र में आतंकवाद का मुद्दा उठा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के सुबह 11:30 से 11:45 के बीच बैठक को संबोधित करने की उम्मीद है।


विदेश मंत्रालय के अनुसार इस शिखर बैठक में नेताओं द्वारा पिछले दो दशकों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग की संभावना पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है। एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी और भारत 2017 में इसका पूर्णकालिक सदस्य बना। 

बागची ने बताया कि जयशंकर अपनी दुशांबे यात्रा के दौरान विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ चर्चा करेंगे। दुशांबे में इस बैठक में ईरान के भी हिस्सा लेने की संभावना है। इसके अलावा चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के एससीओ बैठक के लिए दुशांबे आने की संभावना है।


इस्लामिक कोऑपरेशन और पाकिस्तान को भारत ने लगाई जमकर लताड़, कहा-'आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने का हक नहीं'

भारत ने यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (UNHRC) में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) को जमकर लताड़ लगाई है। कश्मीर को लेकर भारत ने कहा है कि OIC के पास भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

नई दिल्ली: एक बार फिर से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भारत ने वैश्विक स्तर पर जमकर लताड़ लगाई। भारत ने यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (UNHRC) में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) को जमकर लताड़ लगाई है। कश्मीर को लेकर भारत ने कहा है कि OIC के पास भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

भारत ने दोनों को लताड़ लगाते हुए आगे कहा कि OIC ने लाचार होकर खुद को पाकिस्तान द्वारा बंधक बनाए जाने की इजाजत दी है। जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में के फर्स्ट सेक्रेटर पवन ने भारत की बातों को काउंसिल में रखा है। पाकिस्तान और IOC द्वारा लगातार कश्मीर पर बेतुके बयान देने के बाद भारत ने लताड़ लगाई है। भारत ने कहा है कि काउंसिल को यह बात पता है कि पाकिस्तान मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है और भारत के भूभाग कर कब्जा किए हुए है। पाकिस्तान अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रहा है। हिंदू, सिख और ईसाई और अहमदिया जैसे समुदाय के साथ पाकिस्तान का रवैया दुनिया से छिपा नहीं है। यहां तक कि पाकिस्तान में गलत हो रहे चीजों पर सवाल उठाने पर पत्रकारों के साथ बुरा सुलूक किया जा रहा है।

UNHRC की 48वीं बैठक में भारत ने कहा है कि दुनिया पाकिस्तान को आतंकियों को खुले तौर पर समर्थन, ट्रेनिंग, पैसों से मदद करने के तौर पर जानती है। पाकिस्तान काउंसिल के मंचों का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार करता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और भारत को पाकिस्तान जैसे असफल देशों से किसी तरह के सबक की जरूरत नहीं है जो दुनिया में आतंकवाद का केंद्र है।



OIC द्वारा कश्मीर मुद्दे पर दिए गए बयान को भारत ने खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान अपने एजेंडे के लिए OIC का इस्तेमाल करता रहा है। ऐसे में OIC के सदस्य देश यह तय करें कि वह पाकिस्तान को ऐसा करने की इजाजत देते रहेंगे या नहीं।


दिल्ली वाले इस दीपावली भी नहीं फोड़ पाएंगे पटाखे, केजरीवाल सरकार ने लगाया बैन

सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को ट्वीट कर दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध की जानकारी लोगों से साझा की है।

नई दिल्ली: वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इस बार भी दीपावली पर आतिशबाजी करने पर रोक लगा दी है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को  ट्वीट कर दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध की जानकारी लोगों से साझा की है। उन्होंने कहा है कि पिछले 3 साल से दिवाली के समय दिल्ली के प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए पिछले साल की तरह इस बार भी हर प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है। जिससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।

अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा है कि पिछले साल व्यापारियों द्वारा पटाखों के भंडारण के पश्चात प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए देर से पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया, जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ था। सभी व्यापारियों से अपील है कि इस बार पूर्ण प्रतिबंध को देखते हुए किसी भी तरह का भंडारण न करें।

गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में वायु प्रदूषण के उच्च स्तरों का भौगोलिक दायरा बढ़ा है। खासकर सर्दियों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच जाता है। हरियाणा और पंजाब के किसानों द्वारा पराली जलाने के कारण दिल्ली-एनसीआर में कई महीनों तक वायु गुणवत्ता स्तर खतरनाक श्रेणी में बना रहता है। पिछले बार की तरह इस बार भी अप्रैल-मई महीने लॉकडाउन भी बेअसर रहा, इस दौरान भी AQI ने लोगों को परेशान किया।


बताते चलें कि बढ़ते प्रदूषण के चलते दिवाली के दिन पिछले साल भी दिल्ली-एनसीआर समेत इससे सटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था। यह अलग बात है कि दिवाली की शाम इन प्रतिबंधों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं थीं। इसका असर यह हुआ कि पहले से खराब दिल्ली की हवा और खराब हो गई और गंभीर स्थित में पहुंच गई। जगह-जगह एक्यूआई बढ़ता चला गया। पटाखों के जलाने से दिवाली की राहत ही वायु गुणवत्ता स्तर 500 के आसपास पहुंच गया था। दूसरे दिन भी हालात कुछ खास ठीक नहीं थे।


दिल्ली में 2 पाकिस्तानी समेत 6 आतंकी गिरफ्तार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामान बरामद

गिरफ्त में आए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामान बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आतंकी बड़ी घटना घटित करने की फिराक में थे। फिलहाल, इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान के संगठित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो पाकिस्तान से प्रशिक्षित आंतकवादी समेत कुल 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामान बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आतंकी बड़ी घटना घटित करने की फिराक में थे। फिलहाल, इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि विशेष प्रकोष्ठ ने पाक के संगठित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, पाक प्रशिक्षित दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है इनके पास से काफी संख्या में विस्फोटक और अन्य चीजें बरामद की गई हैं।

छह आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली, महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश में आपरेशन चला इन्हें गिरफ्तार किया गया। आतंकियों में एक का नाम मोहम्मद ओसामा है, जिसे दिल्ली का ही रहने वाला बताया जा रहा है।


राजधानी दिल्ली हमेशा से ही आतंकियों के निशाने पर रही है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन दिल्ली को दहलाने की साजिश रचते रहते हैं, दिल्ली पुलिस को 15 अगस्त से पहले आतंकियों का इनपुट मिला था, उसको ध्यान में रखकर स्पेशल टीम काम कर रही थी। पुलिस की इसके बारे में सूचनाएं मिल रही थी। पुलिस आतंकियों के पूरे मॉड्यूल पर नजर बनाए हुए थी। जब सूचना पुख्ता हो गई उसके बाद स्पेशल सेल ने इस मॉड्यूल के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, अब इनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने जिन लोकल लोगों को पकड़ा है उनके भी इनसे संबंधों की तलाश की जा रही है।


जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में पुलिस-CRPF टीम पर ग्रेनेड से हमला, 3 लोग घायल, सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरा

गनीमत यह रही कि ग्रेनेड निशाने पर न फटकर सुरक्षाबलों से कुछ दूरी पर जाकर फटा, जिसकी चपेट में आने से तीन स्थानीय लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

श्रीनगर: आज आतंकियों ने पुलवामा में एक बार फिर से सुरक्षाबलों को अपना निशाना बनाया। आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, पुलवाला में राजपुरा चौक में गश्त लगा रहे सीआरपीएफ-पुलिस के जवानों पर आतंकवादियों ने ग्रेनेड हमला किया। गनीमत यह रही कि ग्रेनेड निशाने पर न फटकर सुरक्षाबलों से कुछ दूरी पर जाकर फटा, जिसकी चपेट में आने से तीन स्थानीय लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, हमला दोपहर करीब पौने एक बजे किया गया। पुलवामा के राजपुरा चौक में स्थित शहीद पार्क के पास जब सीआरपीएफ-पुलिस का संयुक्त दल सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। तभी भीड़ का फायदा लेते हुए कुछ हमलावर धीरे-धीरे सुरक्षाबलों के नजदीक पहुंचे और उन पर ग्रेनेड दाग दिया। आतंकवादियों द्वारा फेंका गया यह ग्रेनेड निशाने पर न गिरकर सड़क के दूसरी तरफ गिरा और फट गया। ग्रेनेड की चपेट में आकर करीब तीन स्थानीय लोग घायल हो गए।

विस्फोट के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल फैल गया और इसका फायदा उठाकर हमलावर वहां से भागने में कामयाब रहे। सुरक्षाबलों ने हमले में घायल स्थानीय लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया। उनका इलाज चल रहा है। इस बीच सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसओजी, सेना और सीआरपीएफ के जवानों ने राजपुरा चौके के आसपास के इलाकों की घेराबंदी शुरू कर दी है।

घेराबंदी होने के बाद इलाके में आतंकियों की तलाश शुरू की जाएगी। वहीं, पुलिस ने बताया कि वह बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। हमलावरों की पहचान होते ही उनकी धरपकड़ शुरू कर दी जाएगी। वहीं हमले में घायल तीन लोगों में से दो की पहचान हो गई है। इनमें जितेंद्र कुमार निवासी बिहार और अजहर खुर्शीद निवासी डालीपोरा पुलवामा शामिल हैं।


अफगानिस्तान में इस तरह से चीन और पाक को घेरेगा भारत, ये दो देश बनेंगे साथी!

अफगानिस्तान को लेकर अगर संघर्ष बढ़ता है तो एक और चीन-पाकिस्तान तो दूसरी ओर रूस-ईरान और भारत जैसे देश होंगे। वहीं, अमेरिका अब इस संघर्ष का हिस्सा नहीं होगा।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में हालात किस कदर खराब है यह बात किसी से छिपी हुई नहीं है। अफगान में तालिबान की सरकार बन चुकी है और उसका साथ पाकिस्तान और चीन बखूबी दे रहे हैं। ऐसे में भारत चौकन्ना है और भारत का साथ अफगानिस्तान में पाकिस्तान और चीन को घेरने में दो देश भविष्य में साथ दे सकते हैं।

दरअसल, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से चीन और पाकिस्तान काबुल पर अपना प्रभाव बढ़ाने को लेकर काम कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अफगानिस्तान को लेकर अगर संघर्ष बढ़ता है तो एक और चीन-पाकिस्तान तो दूसरी ओर रूस-ईरान और भारत जैसे देश होंगे। वहीं, अमेरिका अब इस संघर्ष का हिस्सा नहीं होगा।

वैसे तो यह बात जग जाहिर है कि काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद से चीन और पाकिस्तान अफगानिस्तान में सबसे आगे नज़र आए हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई लंबे वक्त से तालिबान को हर तरह से सहयोग कर रही है। चीन की नजर अफगानिस्तान की समृद्ध खनिज संसाधनों पर है। इसके साथ ही चीन बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट का विस्तार भी करना चाहता है।


सावधान है रूस

तालिबान के रवैए को देखते हुए रूस ने अफगानिस्तान पर अपनी स्थिति सख्त कर ली है और नई सरकार के साथ बातचीत करने के मूड में नहीं है। रूस ने तालिबान सरकार के उद्घाटन समारोह में भी भाग लेने से इनकार कर दिया है।

रूस क्षेत्र में एक्टिव आतंकी गुटों से सावधान है। इन्हीं खतरों से रूस ने अफगानिस्तान के बॉर्डर से लगे ताजिकिस्तान को कई सैन्य उपकरण भेजे हैं। आतंक के खिलाफ भारत और रूस की पॉलिसी एक सी ही रही है। हाल ही में भारत में रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव ने कहा था कि क्षेत्रीय सुरक्षा पर संयुक्त चिंताएं रूस और भारत को एक साथ लाती हैं। अफगानिस्तान मसले को लेकर रूस और भारत के टॉप अधिकारी लगातार बातचीत कर रहे हैं।


आक्रोशित है ईरान

शिया बहुल ईरान के तालिबान से संबंध मधुर नहीं है। ईरान ने पंजशीर घाटी में तालिबान की कारवाई को लेकर कड़ी निंदा की है। इससे पहले ईरान ने अंतरिम अफगानिस्तान सरकार को गैर-समावेशी बताया था। ईरान ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर भी कई बार सवाल उठाया है। पिछले तालिबान शासन के दौरान भी ईरान ने तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी थी।

इस सबके बीच अफगानिस्तान के हालात को लेकर भारत और ईरान नजदीक आ रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीरबदोल्लाहियान सितंबर आखिर तक भारत का दौरा कर सकते हैं।


भारत है सतर्क

भारत अपने बॉर्डर के पास अस्थिर अफगानिस्तान नहीं देखना चाहता है। इसे लेकर भारत कई देशों से बातचीत कर रहा है। पिछले तालिबान शासन में कश्मीर में चरमपंथी घटनाओं में इजाफा देखने को मिला था। भारत पहले ही इस बात को लेकर चिंता जता चुका है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। 


ऐसे में भारत रूस और ईरान के साथ तिकड़ी बनाकर अफगान मे चीन और पाक के प्रभाव को कम कर सकता है।


अफगान में मानवीय स्थिति पर UN में उच्च स्तरीय बैठक, भारत बोला-'हमने हमेशा की मदद'

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पहले भी हमने अफगानिस्तान के लिए मानवीय सहायता में सहयोग किया है। इसमें पिछले दशकों में 1 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं उपलब्ध कराना है। पिछले साल हमने अफगानिस्तान को 75,000 मीट्रिक टन गेहूं की मदद दी।

नई दिल्ली: आज अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति पर UN में उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिसमें भारत ने अफगानिस्तान के प्रति किए गए मददों की जानकारी दी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पहले भी हमने अफगानिस्तान के लिए मानवीय सहायता में सहयोग किया है। इसमें पिछले दशकों में 1 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं उपलब्ध कराना है। पिछले साल हमने अफगानिस्तान को 75,000 मीट्रिक टन गेहूं की मदद दी।

एस जयशंकर ने आगे कहा कि अफगान लोगों की मदद करने के भारत के प्रयास प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रहे हैं। हमारी मित्रता भारतीय विकास परियोजनाओं में दिखाई पड़ रही है जो आज सभी 34 प्रांतों में हैं। हमने अफगानिस्तान के लोगों की भलाई के लिए 3 बिलियन डालर से अधिक का निवेश किया है।


दिल्ली में बारिश का कहर, 4 मंजिल इमारत ढही, 3 की मौत व कई लोगों के दबे होने की आशंका

बारिश की वजह से उत्तरी दिल्ली में एक 4 मंजिला इमारत ढह गई और अबतक इस हादसे में तीन लोगों के मरने की खबर है। वहीं, कई लोगों के मलवे में दबे होने की सूचना है। फिलहाल, मौके पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

नई दिल्ली: दिल्ली और आसपास के इलाकों में 2-3 दिन से भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से उत्तरी दिल्ली में एक 4 मंजिला इमारत ढह गई और अबतक इस हादसे में तीन लोगों के मरने की खबर है। वहीं, कई लोगों के मलवे में दबे होने की सूचना है। फिलहाल, मौके पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।


मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तरी दिल्ली के मलका गंज इलाके में एक चार मंजिला इमारत के भरभराकर गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई के दबे होने की बात सामने आ रही है। सूचना पर पहुंची दिल्ली पुलिस राहत और बचाव के काम में जुटी हुई है।

सोमवार सुबह सब्जी मंडी इलाके के मलका गंज में अचानक एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। राहत और बचाव के दौरान टीम ने इमारत के मलबे में दबे एक युवक निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, इस हादसे में तीन लोगों की मौत की जानकारी मिल रही है।

दिल्ली दमकल विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना मिली थी। कई कार के ऊपर भी इमारत का मलबा गिरा है। फिलहाल पुलिस और दमकल कर्मी बचाव कार्य मे जुटे हैं। बताया जा रहा है कि मलबे में कुछ लोगों के दबे हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने तीनों लोगों की मौत की पुष्टि की है।

हादसे को लेकर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर संजय गोयल ने कहा कि राहत और बचाव कार्य चल रहा है। जांच में तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। हमने खतरे वाले भवनों को चिन्हित किया है। जांच करके उन्हें खाली कराएंगे ताकि आगे इस तरह के हादसे से बचा जा सके।

मामले में एंटो अल्फोंस (डीसीपी नॉर्थ, दिल्ली पुलिस) बिल्डिंग गिरने की वजह से जो लोग नीचे काम कर रहे थे वो अंदर दबे हुए हैं। दो बच्चों को अस्पताल भेजा गया, अस्पताल ने उन्हें मृत घोषित किया है। हम एफआईआर दर्ज़ करेंगे और कार्रवाई होगी।


जम्मू कश्मीर: आतंकी ने सब इंस्पेक्टर को पीछे से गोली मारी, मौके पर ही मौत, सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरा

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि ये बहुत दुखद घटना है, हमने एक बहादुर युवा अधिकारी को खोया है। हम अपनी संवेदनाएं व्य​क्त करते हैं। इस मामले में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गई है।

श्रीनगर: एक बार फिर से आतंकियों  द्वारा एक कायराना हरकत किया गया है। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में आतंकियों ने एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को अपना निशाना बनाया है। आतंकियों ने कायरता की सारी हदें पार करते हुए सब इंस्पेक्टर को पीछे से सिर में गोली मारी। सब इंस्पेक्टर की मौके पर ही मौत हो जाती है लेकिन सुरक्षा बलों को लिया है और आतंकी की तलाश कर रही है। 

मामले में राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि ये बहुत दुखद घटना है, हमने एक बहादुर युवा अधिकारी को खोया है। हम अपनी संवेदनाएं व्य​क्त करते हैं। इस मामले में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गई है।

अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी ने प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर अर्शद अहमद मीर को पीछे से गोली मारकर घायल कर दिया। घायल अधिकारी को सौरा के एसकेआईएमएस अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब एक बजकर 35 मिनट पर हुई।

यह घटना सीसीटीवी में कैद हुई है और फुटेज में आतंकवादी खानयार बाजार में पीछे से बेहद करीब से अधिकारी को दो बार गोली मारते हुए दिखा है। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि पुलिसअधिकारी के हाथ में कोई हथियार नहीं है और वह टहलते हुए जा रहे हैं। अचानक पीछे से आकर आतंकी उनपर गोलियां बरसा देता है। लोग डरकर इधर-उधर भागने लगते हैं। इस बीच एक कुत्ता आतंकी के पीछे भागता हुआ दिखता है। अधिकारियों ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और हमलावर को पकड़ने के लिए तलाश जारी है। 


मौसम समाचार: दिल्ली-NCR में मौसम हुआ सुहाना, जमकर हो रही बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया 'ऑरेंज अलर्ट'

दिल्ली और आस-पास के इलाकों में आज सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर रखा है। बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर का मौसम सुहाना तो जरूर बना हुआ है लेकिन जगह-जगह लोगों को जाम और जलभराव की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

नई दिल्ली: दिल्ली और आस-पास के इलाकों में आज सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर रखा है। बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर का मौसम सुहाना तो जरूर बना हुआ है लेकिन जगह-जगह लोगों को जाम और जलभराव की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग द्वारा कई क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने शाम तक और तेज बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही अगले कुछ घंटों में एनसीआर (फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा), मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और आसपास के इलाकों में 20-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल चलने का अनुमान जताया है।

इससे पहले शुक्रवार को अलग-अलग जगहों पर हुई हल्की बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में शुक्रवार सुबह से ही बादल छाए रहे। इस दौरान कई जगहों पर हल्की और मध्यम स्तर की बरसात हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। सफदरजंग मौसम केंद्र में दिन का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जो सामान्य से एक डिग्री कम है। 

वहीं, न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से एक डिग्री ज्यादा है। यहां पर आर्द्रता का स्तर 95 से 74 फीसदी तक रहा। इसके चलते खासतौर पर दोपहर के समय लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना भी करना पड़ा। लेकिन, शाम तक मौसम आमतौर पर सुहाना हो गया। 

मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश तक हो सकती है। इस दौरान हवा की गति भी 22 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हो सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग की ओर से अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। 

वहीं, बारिश का वायु गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शुक्रवार दिन का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 79 के अंक पर यानी संतोषजनक श्रेणी में रहा। सफर का अनुमान है कि बारिश की गतिविधियों के चलते वायु गुणवत्ता का स्तर अभी इसी के आसपास बना रहेगा।


MRSAM: भारतीय वायुसेना को मिला नया हथियार, अब 70 किलोमीटर दूरी से ही दुश्मन को कर देगा ढेर

भारतीय वायु सेना को गुरुवार को मीडियम रेंज सरफेस-टु-एयर मिसाइल सिस्टम (MRSAM) मिल गया जो, दश्मनों के लड़ाकू विमान, मिसाइल, हेलीकॉप्टर या ड्रोन को 70 किलोमीटर दूर से ध्वस्त कर सकता है।

नई दिल्ली: आज इंडियन एयरफोर्स को एक नया हथियार मिल गया है। भारतीय वायु सेना को गुरुवार को मीडियम रेंज सरफेस-टु-एयर मिसाइल सिस्टम (MRSAM) मिल गया जो, दश्मनों के लड़ाकू विमान, मिसाइल, हेलीकॉप्टर या ड्रोन को 70 किलोमीटर दूर से ध्वस्त कर सकता है।

 रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी क्षमता के बारे में बताते हुए इसे एयर डिफेंस का गेम चेंजर बताया। भारत और इजराइल ने संयुक्त रूप से MRSAM या बराक 8 एयर डिफेंस सिस्टम को विकसित किया है। 


इस सिस्टम में अडवांस रडार, कमांड और कंट्रोल सिस्टम, मोबाइल लॉन्चर शामिल है। मिसाइल को देश में निर्मित रॉकेट मोटर ताकत देता है और बेहद खास कंट्रोल सिस्टम है। जैसलमेर में इंडक्शन सेरेमनी में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ''MRSAM को इंडियन एयर फोर्स को सौंपने के साथ हमने आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ी छलांग लगाई है। MRSAM एयर डिफेंस में गेमचेंजर होगा।

इस सिस्टम को इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज और डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की ओर से संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। इस प्रॉजेक्ट में इजराइली कंपनी राफाइल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत डानामिक्स लिमिटेड एंड L&T को भी शामिल किया गया था। डीआरडीओ के चीफ जी सतीश रेड्डी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिहं की मौजूदगी में वायु सेना अध्यक्ष आरकेएस भदौरिया को पहला फायरिंग यूनिट सौंपा।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ''यह सिस्टम खराब मौसम में भी 70 किलोमीटर रेंज में एक साथ कई टारगेट को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है। कड़े परीक्षणों की कड़ी में इसकी सफलता इसकी विश्वसनीयता का प्रमाण है।'' 

बताते चलें कि इसका नेवल वर्जन पहले ही कुछ भारतीय युद्धक जहाजों की क्षमता बढ़ा चुका है। सेना ने भी MRSAM के लिए ऑर्डर दिया है। भारत और इजराइल ने पिछले 4 सालों में अडवांस सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम के लिए 3 अरब डॉलर के अलग-अलग समझौते किए हैं।


13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की पीएम मोदी ने की अध्यक्षता, कही ये बड़ी बातें

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़ है। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की। शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कई महत्तपूर्ण बातें कही। पीएम मोदी ने कहा, 'ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ पर इस समिट की अध्यक्षता करना मेरे और भारत के लिए खुशी की बात है। आज की इस बैठक के लिए हमारे पास विस्तृत एजेंडा है।'

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़ है। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और परिणामदायी हो। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जो थीम चुनी है, वह यही प्राथमिकता दर्शाती है- ब्रिक्स @15: इंट्रा-ब्रिक्स कोऑपरेशन फॉर कंटीन्यूटी, कॉन्सॉलिडेशन एंड कंसेन्सस।

डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में पहले ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का आयोजन हुआ। तकनीक की मदद से स्वास्थ्य तक पहुंच बढ़ाने के लिए यह एक नया कदम है। नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे।

शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों की वापसी ने एक नया संकट पैदा कर दिया है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा को कैसे प्रभावित करेगा। यह अच्छा कारण है कि हम देशों ने इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया है। अफगानिस्तान को अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए। आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी का स्रोत नहीं होना चाहिए।

शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, पिछले 15 वर्षों में हमारे पांच देशों ने खुलेपन, समावेशिता और समानता की भावना में रणनीतिक संचार और राजनीतिक विश्वास बढ़ाया, एक-दूसरे की सामाजिक व्यवस्था का सम्मान किया। राष्ट्रों के लिए एक-दूसरे के साथ बातचीत करने का ठोस तरीका खोजा। हमने व्यावहारिकता, नवाचार और समान सहयोग की भावना से सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में ठोस प्रगति की है। हमने बहुपक्षवाद का समर्थन किया है और समानता, न्याय और पारस्परिक सहायता की भावना से वैश्विक शासन में भाग लिया है।


शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामाफोसा ने कहा, हमें कोविड 19 टीकों, इलाज और चिकित्सा विज्ञान तक समान पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। यही एकमात्र तरीका है जिससे हम दुनिया को चपेट में लेने वाली इस महामारी का मुकाबला कर सकते हैं। कोरोना के प्रति हमारी एकत्रित प्रतिक्रिया ने प्रदर्शित किया है कि जब हम एक साथ काम करते हैं तो क्या हासिल किया जा सकता है। ब्रिक्स देशों के रूप में हमें अपने लोगों के जीवन, आजीविका की रक्षा करना जारी रखना चाहिए, वैश्विक आर्थिक सुधार का समर्थन करना चाहिए और सार्वजनिक प्रणालियों के लचीलेपन को बढ़ावा देना चाहिए।


राजस्थान में इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन

आज राजस्थान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत जालौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर इमरजेंसी लैंडिंग फिल्ड के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

नई दिल्ली: आज राजस्थान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत जालौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर इमरजेंसी लैंडिंग फिल्ड के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

भारत-पाक बार्डर पर बाड़मेर-जालोर जिले की सीमा पर अगड़ावा में बन रही देश की पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का आज उद्घाटन हुआ। वहीं, राजनाथ सिंह ने कहा है कि आज का दिन ऐतिहासिक है अब सड़क पर भी विमान उतरेंगे।

रक्षामंत्री ने आगे कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से कुछ ही कदम दूर इस प्रकार की इमर्जेंसी लैंडिंग फील्ड का तैयार होना सिद्ध करता है कि भारत अपनी एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तैयार है। भारत के अंदर किसी भी चुनौती का सामना करने की क्षमता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सेना की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए देश में कई स्थानों पर इस प्रकार की इमर्जेंसी लैंडिंग फील्ड का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्राकृतिक आपदा की घड़ी में जनता को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर एयर स्ट्रिप है। मंच से उन्होंने एयरफोर्स अधिकारियों को इसका प्रोजेक्ट बनाने की बात कहीं। साथ ही बताया कि इसे एयरफोर्स के साथ ही सिविल उपयोग में लिया जाएगा। उन्होंने आस-पास एयरपोर्ट की कमी को देखते हुए बोले कि 350 KM की रेंज में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। उन्होंने दिल्ली से जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक हाइवे प्रोजेक्ट लाने की भी बात कही।

इस मौके पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमलोग प्रतिदिन 2 किलोमीटर सड़क बनाने तक आए थे। कोरोना के बावजूद भी हमने प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क बनाया है जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है। मुंबई और दिल्ली के बीच हमलोग एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं जिसका 60-65% काम पूरा हुआ है।


पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, बिहार और पुडुचेरी में राज्यसभा के लिए उपचुनाव की ECI ने की घोषणा

चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 1-1 और तमिलनाडु में 2 सीटों के लिए चुनाव होगा।

नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग 6 सीटों के लिए 4 अक्टूबर को राज्यसभा उपचुनाव आयोजित करेगा। चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 1-1 और तमिलनाडु में 2 सीटों के लिए चुनाव होगा। वहीं, बिहार में विधानसभा परिषद की 1 सीट के लिए उपचुनाव 4 अक्टूबर को होगा। चुनाव आयोग 4 अक्टूबर को पुडुचेरी की 1 राज्यसभा सीट के लिए चुनाव कराएगा।


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अच्छी खबर! नागालैंड के एक और उग्रवादी ग्रुप ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

नगालैंड में सक्रिय उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के) निकी ग्रुप ने हिंसा का रास्ता छोड़कर युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किया है।

नई दिल्ली: पूर्वोत्तर भारत में शांति और विकास के केंद्र सरकार के प्रयासों से एक और बड़ी सफलता मिली है। दसरसल, नगालैंड में सक्रिय उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के) निकी ग्रुप ने हिंसा का रास्ता छोड़कर युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किया है। 

समझौते के साथ ही निकी ग्रुप के 200 कैडर अपने 83 हथियारों के साथ शांति प्रक्रिया में शामिल हो गए हैं। अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद पूर्वोत्तर भारत में उग्रवादी गुटों के साथ यह पांचवां समझौता है।


गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नगालैंड में इसके पहले नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल आफ नगालैंड (एनएससीएन) (आइएम), एनएससीएन (एनके), एनएससीएन (आर) और एनएससीएन (के) के साथ युद्धविराम समझौता हो चुका है। इसके अलावा एनएससीएन (आइएम) के साथ नगा समस्या के समाधान के लिए एक प्रारूप पर समझौता हो चुका है।

यह अलग बात है कि एनएससीएन (आइएम) के बाद में अलग झंडे और अलग संविधान पर अड़ जाने के कारण समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। एनएससीएन (के) निकी के बातचीत में शामिल होने से शांति समझौते की उम्मीद बढ़ गई है।

बता दें कि 4 सितंबर को कार्बी आंगलांग के सभी उग्रवादी गुटों ने हथियार डालकर केंद्र और असम के साथ समझौता किया था। उसके पहले जनवरी 2020 में बोडो और अगस्त 2019 में त्रिपुरा के उग्रवादी गुटों के साथ समझौता हो चुका है।


'तालिबान को लेकर पाक की भी जिम्मेदारी तय हो...', रूस के साथ बातचीत में भारत का दो टूक

यह बात भारत ने पिछले कुछ दिनों के दौरान ब्रिटेन, अमेरिका और रूस को साफ तौर पर बताया है।

नई दिल्ली: अफगान पर कब्जा जमाने के बाद तालिबान ने वहां सरकार चलाने को लेकर वैश्विक विरादरी से जो वादा किया है अगर उस पर वह खरा नहीं उतरता है तो इसके काफी दूरगामी असर होंगे। 

इतना ही नहीं, पाकिस्तान को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश में आतंकवादी वारदातों को बढ़ावा देने के लिए ना हो। यह बात भारत ने पिछले कुछ दिनों के दौरान ब्रिटेन, अमेरिका और रूस को साफ तौर पर बताया है।

भारत के दौरे पर पहुंचे रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव जनरल निकोले पेत्रुशेव ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से अलग से मुलाकात की। इसके अलावा रूसी दल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के नेतृत्व में भारतीय दल की बैठक हुई। इन सभी बैठकों में भारत ने बगैर किसी लाग लपेट के यह बताया कि अफगानिस्तान के हालात सीधे तौर पर उसकी सुरक्षा से जुड़े हैं, लिहाजा वह हर सतर्कता बरतेगा।


अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के प्रमुख विलियम ब‌र्न्स के साथ मंगलवार को बैठक में भी डोभाल ने भारत का यही रख रखा था। रूस और अमेरिका के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों की यात्रा से पहले माना जा रहा है कि ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआइ के प्रमुख ने भी हाल ही में भारत की गोपनीय यात्रा की थी। 

सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर ब‌र्न्स और एमआइ प्रमुख की यात्राओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सीआइए प्रमुख के बुधवार को अफगानिस्तान व पाकिस्तान जाने की भी अपुष्ट खबरें हैं।


असम: 120 लोगों से भरी नांव ब्रम्हपुत्र नदी में डूबी, भारी संख्या में लोग गायब

जहाज और यंत्र चालित नाव के बीच टक्कर होने के बाद नाव डूब गई, जिसमें 120 लोग सवार थे।

जोरहाट: असम के जोरहाट से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां, ब्रम्हपुत्र नदी में 120 लोगों से भरी नांव नदी में डूब गई और भारी संख्या में लोग लापता हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, जहाज और यंत्र चालित नाव के बीच टक्कर होने के बाद नाव डूब गई, जिसमें 120 लोग सवार थे।

घटना के बाद एनडीआरएफ की टीम बचाव में जुटी और बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाल लिया है। लेकिन अब भी कई लोग लापता हैं। ऐसे में बड़ी जनहानि होने की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा जोरहाट जिले के निमातीघाट के पास हुई है। 


फिलहाल राहत की बात यह है कि 100 से ज्यादा लोगों को बचा लिया है और कुछ ही लोगों की तलाश जारी है। घटना के बाद के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियो में नावों में टक्कर होने के बाद लोग चीखते-पुकारते दिख रहे हैं और बचाने की गुहार लगा रहे हैं। कई लोग जो तैरना जानते थे, वे मशक्कत करते दिखे। वहीं कई लोग देखते ही देखते पानी में डूबे गए।

राज्य के सीएम हेमंता बिस्वा सरमा ने घटना की पुष्टि की है और कल निमातीघाट का दौरा करने की बात कही है। सरमा ने कहा कि मुझे निमातीघाट में यह घटना होने का दुख है।

सीएम ने कहा कि मैंने माजुली और जोरहाट के प्रशासन को बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा मंत्री बिमल बोहरा भी घटनास्थल का जायजा लेने के लिए रवाना हुए हैं। 

उन्होंने कहा कि मैंने होम मिनिस्टर अमित शाह से भी बात की है और घटना की पूरी जानकारी दी है। सीएम ने कहा कि उन्होंने पूरा अपडेट लिया है और कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद किसी भी वक्त मुहैया कराई जाएगी।


'अन्नदाताओं' को केंद्र सरकार का तोहफा, गेहूं की MSP में 40 और सरसों पर 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया गया

केंद्र सरकार ने बुधवार को मौजूदा फसल वर्ष के लिए गेहूं और सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफे का ऐलान किया। गेहूं की एमएसपी 40 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दी गई है। इजाफे के बाद 2,015 रुपए प्रति क्विंटल की न्यूनतम कीमत पर गेहूं की खरीद होगी। इसके अलावा सरसों की एमएसपी 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5,050 रुपए कर दी गई है।

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार में किसानों को आज एक और तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने बुधवार को मौजूदा फसल वर्ष के लिए गेहूं और सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफे का ऐलान किया। गेहूं की एमएसपी 40 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दी गई है। इजाफे के बाद 2,015 रुपए प्रति क्विंटल की न्यूनतम कीमत पर गेहूं की खरीद होगी। इसके अलावा सरसों की एमएसपी 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5,050 रुपए कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में कैबिनेट कमिटी ऑन इकॉनमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में यह फैसला लिया गया है।

एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) वह कीमत है जिस पर सरकार किसानों से फसल की खरीद करती है। इस समय सरकार खरीफ और रबी सीजन के 23 फसलों के लिए एमएसपी तय करती है। रबी फसलों की बुआई अक्टूबर में खरीफ फसल की कटाई के तुरंत बाद होती है। गेहूं और सरसों रबी सीजन के दो मुख्य फसल हैं। 


जम्मू-कश्मीर: एलजी मनोज सिन्हा ने कश्मीरी प्रवासियों की जमीन के लिए ऑनलाइन पोर्टल किया लॉंच

इस मौके पर एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि हमारे पास जो आंकड़ा है उसके मुताबिक मोटे तौर पर 44,000 परिवारों ने रजिस्ट्रेशेन कराया है। इसमें 40,142 हिंदू परिवार हैं, 2,684 मुस्लिम परिवार हैं और 1730 सिख परिवार हैं।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में कश्मीरी प्रवासियों की जमीन और अन्य अचल संपत्तियों के बारे में शिकायतों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया। इस पोर्टल पर कश्मीर से विस्थापित हो चुके लोग और कश्मीर प्रवासी अपनी जमीन व अचल संपत्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

इस मौके पर एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि हमारे पास जो आंकड़ा है उसके मुताबिक मोटे तौर पर 44,000 परिवारों ने रजिस्ट्रेशेन कराया है। इसमें 40,142 हिंदू परिवार हैं, 2,684 मुस्लिम परिवार हैं और 1730 सिख परिवार हैं।


किसान आंदोलन: SC का सिंघु बॉर्डर खाली कराने की अर्जी पर सुनवाई करने से इन्कार, हाईकोर्ट जाने की दी सलाह

आज सिंधू बॉर्डर को किसानों द्वारा खाली कराए जाने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याची को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है।

नई दिल्ली: किसान बिल के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों के प्रदर्शन का लगभग 9 महीने पूरा हो चुका है। इस दौरान सड़क से लेकर संसद तक कोहराम मचा रहा और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा। आज सिंधू बॉर्डर को किसानों द्वारा खाली कराए जाने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याची को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है याचिकाकर्ता को सुझाव दिया है कि वे अपनी अर्जी पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में दायर करें। सुप्रीम कोर्ट में सोनीपत के दो लोगों ने अपनी याचिका में कहा था कि सड़क कई महीनों से बंद है इसलिए सुप्रीम कोर्ट सरकार से सड़क खोलने का निर्देश दे या फिर दूसरी सड़क बनाने का आदेश जारी करे, ताकि लोगों का आना जाना आसानी से होता रहे। 

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'हमारे लिए इस मामले में दखल देने की कोई वजह नहीं है। जब हाई कोर्ट मौजूद हैं और वे स्थानीय परिस्थितियों के बारे में पूरा जानकारी रखते हैं कि आखिर क्या हो रहा है। हमें उच्च न्यायालय पर भरोसा करना चाहिए।' सुप्रीम कोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ ही याचियों को आदेश दिया कि वे हाई कोर्ट का रुख करें। इसके बाद उनकी ओर से अर्जी को वापस ले लिया गया। अदालत ने कहा, 'याचिकाकर्ता को छूट है कि वह हाई कोर्ट में अर्जी दायर करे। उच्च न्यायालय भी आंदोलन की आजादी और मूलभूत सुविधाओं तक लोगों की पहुंच के मुद्दे को डील कर सकते हैं।'

बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट आंदोलन के अधिकार और अन्य लोगों के हकों के बीच संतुलन की बात कर सकता है। दरअसल सोनीपत के रहने वाले याचिकाकर्ता जयभगवान ने कहा था कि इस आंदोलन के चलते शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बंद है। याची की ओर से पेश वकील अभिमन्यु भंडारी ने कहा कि सिंघु ब़ॉर्डर सोनीपत के लोगों की आवाजाही के लिए अहम है और इस आंदोलन के चलते उनके मूवमेंट के अधिकार पर रोक लग रही है। उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्ण आंदोलन के खिलाफ नहीं है, लेकिन सड़कों को बंद करने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


ट्रिब्यूनलों में नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर केंद्र पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, कहा-'आप कोर्ट के फैसलों का सम्मान नहीं करना चाहते हैं'

मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। मामले की सुनवाई कर रहे सीजेआई जस्टिस रमना ने कहा कि केंद्र सरकार कोर्ट के फैसलों का सम्मान नहीं करना चाहती है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या ट्रिब्यूनल बंद कर दें या आप पर (केंद्र सरकार के खिलाफ) अवमानना कार्यवाही करें?

नई दिल्ली: एक बार फिर से ट्रिब्यूनलों में नियुक्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने केंद्र को इस मुद्दे पर फटकार लगाते हुए यहां तक कह डाला कि आप कोर्ट के फैसलों का सम्मान नहीं करना चाहते हैं।

आज मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। मामले की सुनवाई कर रहे सीजेआई जस्टिस रमना ने कहा कि केंद्र सरकार कोर्ट के फैसलों का सम्मान नहीं करना चाहती है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या ट्रिब्यूनल बंद कर दें या आप पर (केंद्र सरकार के खिलाफ) अवमानना कार्यवाही करें?

हालांकि, सीजेआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट हम सरकार के साथ टकराव नहीं चाहते हैं लेकिन अगर केंद्र जजों पर विश्वास नहीं करती है तो और कोई विकल्प अब नहीं रह गया है। सीजेआई ने कड़े शब्दों में कहा कि हमारे संयम का परीक्षण किया जा रहा है। सीजेआई ने अगली सुनवाई से पहले नियुक्तियों को भरन के लिए कहा है। सीजेआई ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि अगली सुनवाई से पहले नियुक्तियां हो जाएंगी। मामले में अगली सुनवाई सोमवार (13 सितंबर) को होगी।


केरल में कोरोना के साथ-साथ निपाह का भी खौफ, एक बच्चे की मौत, 2 में मिले लक्षण, क्षेत्र में लगाया गया लॉकडाउन

अब केरल में निपाह वायरस एक नई चुनौती के तौर पर सामने आया है। यहां पर में दो और लोगों में निपाह वायरस के लक्षण पाए गए हैं। यह दो लोग उन 20 लोगों में शामिल हैं, जो निपाह से मृत लड़के के क्लोज कांटैक्ट्स में शामिल हैं।

कोझिकोड: कोरोना के मामले में केरल इस समय देश में सबसे शीर्ष पर है। लगभग 70 फीसदी कोरोना के नए दैनिक मामले केरल में ही दर्ज किए जा रहे हैं। लेकिन अब केरल में निपाह वायरस एक नई चुनौती के तौर पर सामने आया है। यहां पर में दो और लोगों में निपाह वायरस के लक्षण पाए गए हैं। यह दो लोग उन 20 लोगों में शामिल हैं, जो निपाह से मृत लड़के के क्लोज कांटैक्ट्स में शामिल हैं।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लड़की मौत निपाह से हुई है। हम हालात पर निगाह बनाए हुए हैं। एनसीडीसी की टीम भी हमसे को-ऑर्डिनेट कर रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक 188 कांटैक्ट्स की पहचान की गई है। सर्विलांस टीम ने इसमें से 20 हाई रिस्क कांटैक्ट्स के बारे में पता लगाया है। इनमें से दो हाई रिस्क कैटेगरी में हैं। वहीं मृत लड़के के घर से तीन किलोमीटर के दायरे में लॉकडाउन लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह दोनों स्वास्थ्य कर्मचारी हैं। इनमें से एक प्राइवेट अस्पताल में काम करता है, जबकि दूसरा कोझिकोड मेडिकल कॉलेज का स्टाफ है। 


स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस मामले को लेकर एक मीटिंग की है। मीटिंग के बाद उन्होंने बताया कि सभी 20 हाई रिस्क् कांटैक्ट्स को शाम तक कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं मृतक के संपर्क में आए अन्य लोगों को आइसोलेशन में रहने की ताकीद की गई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पे वार्ड को निपाह वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। गौरतलब है कि निपाह वायरस से ग्रस्त बच्चे की सुबह मौत हो गई थी। उसका सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वीरोलॉजी पुणे भेजा गया था, जहां उसके अंदर वायरस की पुष्टि हुई। 


बदलाव: दिल्ली में सभी स्कूलों को 9वीं और 11वीं के लिए अपनाना होगा CBSE का टू-टर्म पैटर्न

CBSE द्वारा कक्षा 10 और 12 में दो टर्म की शुरुआत के साथ, शिक्षा निदेशालय ने एकेडमिक ईयर 2021-22 के लिए दिल्ली के सभी पब्लिक, प्राइवेट और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9 और 11 के लिए भी एक जैसे असेसमेंट सिस्टम को शुरू किया है। जिसके बाद एकेडमिक सेशन टू-टर्म एग्जामिनेशन के होंगे, यानी मिड टर्म परीक्षा (टर्म -1) और ईयरली एग्जाम (टर्म -2) प्रत्येक में लगभग 50 प्रतिशत कोर्स होगा।

नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर जैसे जैसे कम हो रही है वैसे वैसे स्कूली बच्चों के लिए पठन पाठन से जुड़ी बातों पर ध्यान रखा जा रहा है। राज्यों द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए क्रमबद्ध तरीके से स्कूलों को खोला जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली के सभी स्कूलों के लिए एक बदलाव शिक्षा निदेशालय द्वारा किया गया है। बदलाव के तहत अब दिल्ली के सभी स्कूलों को 9वीं और 11वीं क्लास के लिए CBSE का टू-टर्म पैटर्न अपनाना होगा।

बताते चलें कि जुलाई में एकेडमिक ईयर को दो चरणों में विभाजित करते हुए कोविड -19 महामारी के मद्देनजर अगले वर्ष के लिए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक विशेष मूल्यांकन योजना की घोषणा की थी।बोर्ड ने 2021-22 एकेडमिक ईयर के लिए सिलेबस को युक्तिसंगत बनाने और इंटरनल असेसमेंट और प्रोजेक्ट के काम को ज्यादा "क्रेडिबल" और "वैलिड" बनाने की योजना की भी घोषणा की थी। सीबीएसई ने ये भी कहा था कि टर्म वन की परीक्षा नवंबर-दिसंबर, 2021 में और दूसरी टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल, 2022 में होगी।

मिली जानकारी के मुताबिक, CBSE द्वारा कक्षा 10 और 12 में दो टर्म की शुरुआत के साथ, शिक्षा निदेशालय ने एकेडमिक ईयर 2021-22 के लिए दिल्ली के सभी पब्लिक, प्राइवेट और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9 और 11 के लिए भी एक जैसे असेसमेंट सिस्टम को शुरू किया है। जिसके बाद एकेडमिक सेशन टू-टर्म एग्जामिनेशन के होंगे, यानी मिड टर्म परीक्षा (टर्म -1) और ईयरली एग्जाम (टर्म -2) प्रत्येक में लगभग 50 प्रतिशत कोर्स होगा।

शिक्षा निदेशालय (DoE) के एक आदेश में कहा गया है कि स्कूलों के साथ शेयर किए गए टर्म और सब्जेक्ट वाइज मार्क्स के अनुसार, फाइनल रिजल्ट की कैलकुलेशन के लिए प्रत्येक टर्म का 50 प्रतिशत वेटेज होगा.आदेश में कहा गया है कि अक्टूबर या नवंबर में आयोजित होने वाली 90 मिनट की टर्म -1 या मिड टर्म परीक्षा के प्रश्न पत्रों में मल्टीपलच्वाइस के प्रश्न होंगे। वहीं टर्म -2 की अवधि दो घंटे की होगी, और यह शार्ट या लॉन्ग- आंसर क्वेश्चन के साथ डिस्क्रिप्टिव होगी।


जम्मू-कश्मीर: अब शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे स्कूलों के नाम, शुरुआत शहीद दित्ता सिंह के नाम से

सिपाही बुआ दित्ता सिंह की पोती श्रेया राजपूत ने कहा, ‘मैं इस पहल के लिए सरकार को धन्यवाद देती हूं। छात्रों को अब राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।’ वहीं, कठुआ के बरवाल हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर शहीद नायक योगराज सिंह सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया गया है।

जम्मू: जम्मू-कश्मीर की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, सरकार ने निर्णय लिया है कि अब राज्य के स्कूलों के नाम शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है और पहला स्कूल शहीद दित्ता सिंह के नाम पर रखा गया है।

कठुआ के एक स्कूल का नाम बुआ दित्ता सिंह के नाम होने पर उनकी पड़पोती ने बताया, "आज सबको उनके बारे में पता चला है, जिन्होंने 1948 में देश के लिए बलिदान दिया था। इससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी।"

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जम्मू के सभी सरकारी स्कूलों का नाम भारतीय सेना के जवानों, सीआरपीएफ जवानों और जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों के नाम पर रखा जा रहा है। जो कर्मी देश की सेवा करते हुए अपनी ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे, उन्हीं शहीदों के नाम पर स्कूलों के नाम रखे जा रहे हैं। इसकी घोषणा जम्मू-कश्मीर कमिश्नर द्वारा जारी निर्देशों के बाद की गई।



छह अगस्त को जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर ने जम्मू, डोडा, रियासी, पुंछ, राजौरी, कठुआ, सांबा, रामबन, किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों के डिप्टी कमिश्नर (DC) को पत्र भेजा था। इस पत्र में सुरक्षा अधिकारियों के नाम पर सरकारी स्कूलों का नाम बदलने को कहा गया था। पत्र में कहा गया, ‘वेरिफिकेशन के बाद इस तरह की डिटेल तैयार करने के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जा सकता है। SSP/ADC/DPO या AC पंचायत या सेना के प्रतिनिधि और आदि लोगों को जिला स्तर पर सूची को अंतिम रूप देने के लिए कमेटी में शामिल किया जा सकता है।’

इसके बाद जम्मू के कठुआ जिले के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल चांदवान का नाम बदलकर शहीद सिपाही बुआ दित्ता सिंह स्कूल कर दिया गया। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर ने जम्मू डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर को एक पत्र लिखकर सुरक्षाबलों के जवानों के नाम पर सरकारी स्कूलों की पहचान कराने और उनके नामों पर स्कूलों के नाम रखने को कहा था।

शहीद सिपाही बुआ दित्ता सिंह सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश जसरोटिया ने कहा, ‘यह हमारे लिए गर्व का पल है। इन शहीदों का एक संक्षिप्त इतिहास भी दीवारों पर लिखा गया है। वीर चक्र पुरस्कार विजेता बुआ दित्ता सिंह ने 1948 में जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एलओसी पर दुश्मनों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।’

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सिपाही बुआ दित्ता सिंह की पोती श्रेया राजपूत ने कहा, ‘मैं इस पहल के लिए सरकार को धन्यवाद देती हूं। छात्रों को अब राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।’ वहीं, कठुआ के बरवाल हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर शहीद नायक योगराज सिंह सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल  कर दिया गया है।

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नायक योगराज सिंह की पत्नी नीलम देवी ने कहा, ‘आने वाली पीढ़ी उनके बलिदान को याद रखेगी। नायक योगराज सिंह 1994 में कश्मीर में एक अफगान आतंकवादी के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। मैं मोदी जी को उन्हें ऐसा सम्मान देने के लिए धन्यवाद देती हूं।’


DGP की नियुक्ति को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को SC से तगड़ा झटका, बार-बार याचिका दाखिल करने पर दी चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से परामर्श किए बिना पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त करने की पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि यह कानून का दुरुपयोग होगा।

नई दिल्ली: एक बार फिर से पश्चिम बंगाल सरकार को डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार याचिका दाखिल करने पर राज्य सरकार को चेतावनी भी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से परामर्श किए बिना पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त करने की पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि यह कानून का दुरुपयोग होगा।

हालांकि, न्यायमूर्ति नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को पुलिस सुधार से संबंधित मुख्य मामले में पक्षकार बनने की इजाजत दे दी। मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि हमने आपका आवेदन देखा है। आप अभी जो प्वाइंट उठा रहे हैं, ठीक वही है जो आपने पहले उठाया था कि डीजीपी की नियुक्ति में यूपीएससी की भूमिका नहीं होनी चाहिए। जब मुख्य मामला सुनवाई में ले लिया जाएगा तो आप इस मामले पर बहस कर सकते हैं। मगर हम इसकी याचिका की अनुमति नहीं दे सकते हैं। यह प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार की याचिका को खारिज करते हुए बल देकर कहा कि हम आपके आवेदन को खारिज करते हैं। हम इस तरह की याचिकाएं नहीं सुन सकते हैं। हम इन आवेदनों पर इतना समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि अगर राज्य भी इस तरह से मामले दायर करना शुरू करते हैं तो उसके लिए अन्य मामलों की सुनवाई के लिए समय निकालना मुश्किल होगा। बताते चलें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस सुधारों को लेकर 'प्रकाश सिंह' मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश में संशोधन को लेकर हस्तक्षेप याचिका दायर की है।

राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि पुलिस अधिकारियों की निगरानी का राज्य सरकार को अधिकार होता है। लेकिन शीर्ष अदालत का नकारात्मक रुख देखकर उन्होंने याचिका वापस लेने की अनुमति देने का अनुरोध खंडपीठ से किया, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। 


सुनवाई के दौरान पुलिस सुधार मामले के मुख्य याचिकाकर्ता प्रकाश सिंह की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने न्यायालय से सुनवाई यथाशीघ्र सुनने का अनुरोध किया, इस पर खंडपीठ ने अक्टूबर में सुनवाई का निर्णय लिया। बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके मांग की थी कि राज्य सरकार को बिना संघ लोक सेवा आयोग के दखल के डीजीपी नियुक्त करने की अनुमति दी जाए।


दिल्ली विधानसभा में लाल किले को जोड़ती मिली सुरंग

इस सुरंग से कोई नुकसान नहीं हुआ है। सुरंग से कोई साजिश भी नही लगती। विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल ने बताया कि अब इस सुरंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा। ताकि जनता भी इसे पर्यटन के रुप में विकसित किया जा सके।

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में एक सुरंग मिली है जोकि लाल किले तक है। इस बात की जानकारी दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने गुरुवार को दी। गोयल ने बताया कि दिल्ली विधानसभा में मिला यह सुरंग लाल किले तक है। इसके बारे में कोई स्पष्टता नहीं है लेकिन शादयद इसका इस्तेमाल अंग्रेजों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को स्थानांतरित करते समय प्रतिशोध से बचने के लिए किया गया था।

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राम निवास गोयल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के अंदर बनी सुरंग(लाल किला तक जाने वाली) और फांसी घर को आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है। उन्होंने बताया, "75वें वर्ष की वर्षगांठ में अगली 26 जनवरी या 15 अगस्त से पहले इन्हें एक स्वरूप देकर आम जनता के लिए खोला जाएगा। 

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उन्होंने आगे कहा कि पर्यटन विभाग को शनिवार और रविवार को विधानसभा में लोगों को लाने की अनुमति दी जाए इसके अनुरूप मैं विधानसभा का ढांचा तैयार कर रहा हूं।

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राम निवास गोयल ने बताया कि सुरंग कहां से निकली है उसकी पहचान करने में कामयाब रहे हैं, लेकिन आगे नहीं खोदेंगे। जल्द ही हम इसे फिर से तैयार करेंगे और इसे जनता के लिए उपलब्ध कराएंगे। उम्मीद है कि अगले साल 15 अगस्त तक जीर्णोद्धार का काम हो जाएगा।

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हालांकि, इस सुरंग से कोई नुकसान नहीं हुआ है। सुरंग से कोई साजिश भी नही लगती। स्पीकर ने बताया कि अब इस सुरंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा। ताकि जनता भी इसे पर्यटन के रुप में विकसित किया जा सके।



खुलासा: कश्‍मीर पर अल-कायदा के बयान के पीछे पाक की साजिश की बू, हाई अलर्ट पर भारत की खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा बल

भारत की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि वैश्विक जिहाद पर अल कायदा का हालिया बयान जिसमें कश्मीर भी शामिल है पाकिस्तान की खुफि‍या एजेंसी आईएसआई के इशारे पर दिया गया था।

नई दिल्‍ली: एक बार फिर से कश्मीर मसले पर पाकिस्तान द्वारा खुद को आतंकियों की शरण में डाल दिया है। दरअसल, भारत की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि वैश्विक जिहाद पर अल कायदा का हालिया बयान जिसमें कश्मीर भी शामिल है पाकिस्तान की खुफि‍या एजेंसी आईएसआई के इशारे पर दिया गया था। 


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कश्मीर को आजाद कराने की बात करना काफी खतरनाक है क्योंकि यह तालिबान के एजेंडे में कभी नहीं था। इससे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों का मनोबल बढ़ेगा।

यह भी खबर है कि सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी अल-कायदा के बयान का विश्लेषण कर रहे हैं जो न केवल भारत के लिए वरन मध्य एशिया और पाकिस्तान के कई हिस्सों के लिए भी काफी चिंताजनक है। 

गौर करने वाली बात यह भी है कि बयान में जिहाद के जरिए मुक्ति के लक्ष्यों में रूस के चेचन्या और चीन के झिंजियांग का उल्लेख नहीं किया गया था। बयान के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने का अंदेशा है।

मौजूदा वक्‍त में भारतीय सुरक्षा बल पाकिस्तान से लगती सीमा पर हाई अलर्ट पर हैं। यही नहीं भारतीय सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। 

सूत्रों का कहना है कि अफगानिस्‍तान में आतंकियों के अमेरिकी हथियारों पर कब्‍जा करना बेहत चिंताजनक है। सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। यही वजह है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने सभी हितधारकों के साथ हालात पर चर्चा की है।

सूत्रों ने बताया कि इस बात के संकेत मिले हैं कि तालिबान के अफगानिस्तान की सत्‍ता पर काबिज होने के बाद पाकिस्‍तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने अपने आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में धकेलने के प्रयास तेज कर दिए हैं। मौजूदा वक्‍त में पाकिस्तान में लांचिंग पैड के पास गतिविधियां तेज हो गई हैं जो घुसपैठ में बढ़ोतरी का संकेत दे रही हैं।

गौरतलब है कि 30-31 अगस्त की दम्‍यानी रात को अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने के एक दिन बाद अल कायदा ने एक बयान जारी किया था। इसमें उसने कश्मीर समेत कथित इस्लामिक भूमि को मुक्त कराने के लिए वैश्विक जिहाद का आह्वान किया था। 

पूरे अफगानिस्‍तान को अपने नियंत्रण लेने के लिए तालिबान को बधाई देते हुए अल-कायदा ने कहा था कि अब इस्लाम के दुश्मनों के चंगुल से सीरिया, सोमालिया, यमन, कश्मीर और बाकी इस्लामी भूमि को आजाद कराना है। 


हमारा मुख्य उद्देश्य अफगान की जमीन का ना हो आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल: अरिंदम बागची

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने तालिबान के साथ आगे की बैठकों से जुड़े सवाल पर कहा कि यह बैठक होने अथवा नहीं होने या फिर उसमें शामिल होने के लिए हां और ना की बात नहीं है। बल्कि हमारा उद्देश्य है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि के लिए न हो।

नई दिल्ली/काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान का राज स्थापित हो जाने के बाद विश्व के कई देशों ने इस बात की आशंका जताई है कि शायद तालिबान वाले अफगान की जमीन का इस्तेमाल आनेवाले समय में आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। ऐसे में भारत ने भी कहा है कि उसका प्रयास है कि अफगान की जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाए।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने तालिबान के साथ आगे की बैठकों से जुड़े सवाल पर कहा कि यह बैठक होने अथवा नहीं होने या फिर उसमें शामिल होने के लिए हां और ना की बात नहीं है। बल्कि हमारा उद्देश्य है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि के लिए न हो।

बागची ने अफगानिस्तान की नई सरकार से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके पास इसके बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में किस तरह की सरकार बन सकती है इसके बारे में हमें कोई विस्तार से जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तालिबान के साथ बैठक के बारे में मेरे पास कोई अपडेट नहीं है।

गौरतलब है कि अभी हालही में भारत और तालिबान के बीच वार्ता हुई है और इस वार्ता को लेकर केंद्र की मोदी सरकार विरोधियों के निशाने पर आ गई है।


दिल्ली में आज से खुल गए 9वीं से 12वीं तक के स्कूल, यूपी में भी प्राईमरी के स्कूल खुले

कोरोना के मामले कम होने के बाद आज से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 9वीं से लेकर 12वीं तक के स्कूलों को खोल दिए गए हैं। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी आज से प्राइमरी स्कूलों को खोल दिया गया है।

नई दिल्ली/लखनऊ: कोरोना के मामले कम होने के बाद आज से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 9वीं से लेकर 12वीं तक के स्कूलों को खोल दिए गए हैं। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी आज से प्राइमरी स्कूलों को खोल दिया गया है। स्कूलों में कोविड-19 कॉल का पूरी तरीके से पालन किया जाएगा और जो भी शर्तें SOP में दी गई हैं उनका उल्लंघन नहीं किया जाएगा।


दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र को फिजिकल रूप से कक्षाओं में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा, राष्ट्रीय राजधानी के कई स्कूलों ने भी 'वेट-एंड-वॉच' रणनीति का विकल्प चुना है ताकि यह देखा जा सके कि अपने सभी छात्रों को बुलाने से पहले स्थिति कैसे आगे बढ़ती है।

DDMA को दिशानिर्देशों के मुताबिक, “ स्कूलों और कॉलेजों को कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए कक्षाओं की सीमा के अनुसार एक टाइम टेबल तैयार करना होगा। प्रत्येक कक्षा में अधिकतम 50 प्रतिशत छात्रों को क्षमता के आधार पर बुलाया जा सकता है।

वहीं, यूपी में भी आज से कक्षा 1  से 5वीं तक के स्कूल खोले जा रहे हैं।  इस दौरान स्कूलों को कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य किया गया है। वहीं राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक स्कूलों में मास्क और सामाजिक दूरी का पालन जरूरी है। स्कूल दो पालियो में संचालित किए जाएंगे। स्कूलों में 4-4 घंटे की 2 शिफ्ट में क्लासेज होंगी। एक शिफ्ट में क्लास में 50 प्रतिशत छात्रों को ही अनुमति दी गई है। वहीं ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन क्लासेज भी जारी रहेंगी।


पहली बार भारत-तालिबान के बीच हुई वार्ता, जानिए-किन मुद्दों पर हुई चर्चा

अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने के बाद आज पहली बार भारत और तालिबान के बीच आधिकारिक वार्ता हुई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज़ कर जानकारी दी है कि भारत ने तालिबान से बातचीत की है।

दोहा: अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने के बाद आज पहली बार भारत और तालिबान के बीच आधिकारिक वार्ता हुई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज़ कर जानकारी दी है कि भारत ने तालिबान से बातचीत की है। 

यह पहली बार है जब तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्ज़ा किए जाने के बाद भारत ने आधिकारिक तौर पर तालिबान से बातचीत की है। बातचीत अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों की सकुशल वापसी और अफगानिस्तान को लेकर भारत की चिंताओं पर केंद्रित रही।

 विदेश मंत्रालय ने बताया है कि 31 अगत को कतर में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने तालिबान के दोहा राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख शेर मोहम्मद अब्बास स्तनेकजई से मुलाकात की है। भारत ने कहा है कि बातचीत तालिबान के अनुरोध पर दोहा स्थित भारतीय दूतावास में हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी भारत वापसी पर चर्चा केंद्रित रही है। भारत के राजदूत मित्तल ने इस बात पर चिंता जताई है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह से भारत विरोधी गतिविधियों और आतंकवाद के लिए नहीं किया जाना चाहिए। 

भारत के इन मसलों को लेकर शेर मोहम्मद अब्बास स्तनेकजई ने आश्वासन दिया है कि इन मुद्दों को सकारात्मक नजरिए से संबोधित किया जाएगा।


बता दें कि हालिया दिनों में तालिबान नेताओं ने कई बार कहा है कि भारत इस क्षेत्र का अहम देश है और हम भारत से अच्छे रिश्ते चाहते हैं।

वहीं, तालिबान ने अफगानिस्तान में भारतीय निवेश का स्वागत किया है और कहा है भारत अफगानिस्तान में प्रोजेक्ट्स पर काम करना जारी रख सकता है। तालिबान ने लगातार दावा किया है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया जाएगा।


जम्मू कश्मीर: 60 युवा अचानक हुए गायब, आतंकी संगठनों को जॉइन करने की आशंका

अफगानिस्तान पर तालिबान का राज कायम होने के बाद जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से आतंकी संगठन सक्रिय हो रहे हैं। वहीं, 60 युवाओं के अचानक गायब होने के बाद सुरक्षाबलों के होश उड़ गए हैं।

जम्मू: अफगानिस्तान पर तालिबान का राज कायम होने के बाद जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से आतंकी संगठन सक्रिय हो रहे हैं। वहीं, 60 युवाओं के अचानक गायब होने के बाद सुरक्षाबलों के होश उड़ गए हैं।


अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अब जम्मू-कश्मीर में भी चिंताएं बढ़ गई हैं। एजेंसियों का कहना है कि कम से कम 6 आतंकी समूहों ने बीते कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की है, जिनका टारगेट कुछ बड़े प्रतिष्ठान या लोग हो सकते हैं। 

एजेंसियों के मुताबिक ऐसे 25 से 30 आतंकी हैं, जिनकी पड़ताल एजेंसियां कर रही हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से 60 युवाओं के गायब होने से भी सुरक्षा बलों और एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है। ये लोग बीते कुछ महीनों में गायब हुए हैं और इन्हें लेकर आशंका जताई जा रही है कि ये किसी आतंकी संगठन या फिर तालिबान से ही जुड़ गए हैं।


आईजीपी कश्मीर जोन विजय कुमार ने कहा कि ये लोग यह कहकर गए थे कि वे किसी से काम जा रहे हैं, लेकिन अब गायब है। यह बड़ी चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के सभी मिसगाइडेड युवाओं से कह रहे हैं कि वे हिंसा छोड़ें और मुख्यधारा में वापसी करें। 

जम्मू-कश्मीर को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि बीते एक महीने में ट्रेंड बदला है और जो घाटी बीते कुछ सालों से शांत थी, वहां एक महीने में हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसे अफगानिस्तान में तालिबान का राज स्थापित होने से भी जोड़कर देखा जा रहा है।


एक शीर्ष पुलिस अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 'बीते एक महीने से हर दिन कोई हमला होता है। चाहे यह अटैक सिक्योरिटी फोर्सेज पर हो या फिर राजनीतिक नेताओं पर हो रहा हो।' 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लॉन्च पैड्स पर आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिसमें पाकिस्तान से सीजफायर के बाद से ही कमी देखी जा रही थी। 

एजेंसियों का कहना है कि कम से कम 300 आतंकियों ने एक बार फिर से लाइन ऑफ कंट्रोल के आसपास कैंपों में कब्जा जमा लिया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हम अलर्ट पर हैं और हालात से निपटने को तैयार हैं।


इतिहास: सुप्रीम कोर्ट के 9 नए जजों को CJI एनवी रमना ने दिलाई शपथ

CJI एन वी रमना ने जिन जजों को शपथ दिलाई उनमें जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका, विक्रम नाथ, जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, हेमा कोहली, वेंकटरमैया नागरत्ना, चुडालायिल थेवन रविकुमार, एम.एम. सुंदरेश, बेला मधुर्या त्रिवेदी और पामिघनतम श्री नरसिम्हा का नाम शामिल है।

नई दिल्ली: आज सुप्रीम कोर्ट में नौ नए जजों को एक साथ पद और गोपनीयता की शपथ चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमन्ना द्वारा दिलाई गई। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास आज पहली बार ऐसा हुआ है। CJI एन वी रमना ने जिन जजों को शपथ दिलाई  उनमें जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका, विक्रम नाथ, जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, हेमा कोहली, वेंकटरमैया नागरत्ना, चुडालायिल थेवन रविकुमार, एम.एम. सुंदरेश, बेला मधुर्या त्रिवेदी और पामिघनतम श्री नरसिम्हा का नाम शामिल है।

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सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को जब नौ जजों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली तो कई रिकॉर्ड बन गए। सुप्रीम कोर्ट इससे पूर्व कभी नौ जजों ने एक साथ शपथ नहीं ली थी। नए जजों में तीन महिला जज भी शामिल हैं। सर्वोच्च अदालत में तीन महिला जजों ने पहली बार शपथ ली है। इनमें से जस्टिस बीवी नागरत्ना एक ऐसी जज हैं जो 2027 के आसपास देश की मुख्य न्यायाधीश बनेंगी हालांकि उनका कार्यकाल काफी संक्षिप्त होगा।

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इसके अलावा जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने भी जज की शपथ ली। जस्टिस नरसिम्हा मई 2028 में मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं। जस्टिस नरसिम्हा सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता भी रहे हैं और उन्हें बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट में जज बनाया गया है। खास बात यह है कि जस्टिस नरसिम्हा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रहते हुए सरकार के महत्वकांक्षी कानून, एनजेएसी, जिसमें उच्च अदालतों में जजों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई थी उसकी वकालत कर चुके हैं।

जस्टिस नरसिम्हा वह स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से आते हैं। जस्टिस नरसिम्हा सुप्रीम कोर्ट में सीधे जज बनने वाले नौवें वकील हैं। यह पहली बार नहीं होगा कि सीधे जज बनने वाले मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। इससे पूर्व जस्टिस एसएम सीकरी भी वकील से सीधे जज बन थे और जनवरी 1971 में देश के मुख्य न्यायाधीश बने थे।


1 सितंबर से दिल्ली में खुल जाएंगे 9वीं से लेकर 12वीं तक के स्कूल, कोचिंग सेंटर, कॉलेज और विश्वविद्यालय भी खुलेंगे

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 सितम्बर से 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा कोचिंग इंस्टिट्यूट, विश्वविद्यालय एवं कॉलेज के खोलने के भी आदेश दिए गए हैं। लगभग 2 साल बाद अब फिर से पठन-पाठन का काम शुरू होगा।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 सितम्बर से 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा कोचिंग इंस्टिट्यूट, विश्वविद्यालय एवं कॉलेज के खोलने के भी आदेश दिए गए हैं। लगभग 2 साल बाद अब फिर से पठन-पाठन का काम शुरू होगा।


DDMA ने स्कूल और कॉलेज खोलने के लिए SOP जारी किए हैं। डीडीएमए के कहा है कि क्लास रूम की सीटिंग क्षमता के अधिकतम 50 फीसदी तक बच्चे एक बार में क्लास कर सकेंगे। हर क्लास में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अलग-अलग समय का फॉर्मूला होगा। मॉर्निंग और ईवनिंग शिफ्ट के स्कूलों में दोनों शिफ्टों के बीच कम से कम एक घंटे का गैप जरूरी होगा। बच्चों को अपना खाना, किताबें और अन्य स्टेशनरी का सामान एक-दूसरे से साझा नहीं करने की सलाह देने को कहा गया है।

ये SOP की गई हैं जारी


  • लंच ब्रेक को किसी ओपन एरिया में इस अलग-अलग समय पर रखने की सलाह दी गई है ताकि एक समय में ज्यादा भीड़ एकत्र न हो।

  • सीटिंग अरेंजमेंट इस तरह से किया जाए कि एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था हो।

  • बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए माता-पिता की मंजूरी जरूरी है, अभिभावक यदि अपने बच्चे को स्कूल भेजना नहीं चाहता है तो इसके लिए उसे बाध्य नहीं किया जाएगा।

  • कंटेंमेंट जोन में रहने वाले टीचर स्टाफ या छात्र को स्कूल आने की इजाजत नहीं होगी।

  • स्कूल परिसर में एक क्वॉरंटीन रूम बनाना अनिवार्य है, जहां जरूरत पड़ने पर किसी भी बच्चे या स्टाफ को रखा जा सकता है। 

  • यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूल के कॉमन एरिया की साफ-सफाई नियमित तौर पर हो रही है। शौचालयों में साबुन और पानी का इंतजाम है। साथ ही स्कूल परिसर में थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर और मास्क आदि की उपलब्धता है।

  • एंट्री गेट पर थर्मल स्कैनर अनिवार्य होगी। बच्चों के साथ-साथ स्टाफ के लिए भी मास्क जरूरी होगा। इससे अलग एंट्री गेट पर ही बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए जाएंगे।

  • हेड ऑफ स्कूल को एसएमसी मेंबर्स के साथ मीटिंग, कोविड प्रोटोकॉल प्लान और थर्मल स्कैनर, साबुन और सैनिटाइजर आदि का इंतजाम कर लेने के लिए कहा गया है।


इसके अलावा, स्कूल प्रमुखों को ये भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूल में आने वाले सभी टीचर और स्टाफ वैक्सीनेटेड हो, अगर नहीं हैं तो इसे प्रमुखता देनी होगी। जिन स्कूलों में वैक्सीनेशन और राशन बांटने का काम चल रहा है वहां उस हिस्से को स्कूल में एकेडमिक एक्टिविटी वाली जगह से अलग रखा जाएगा। इसके लिए अलग एंट्री-एग्जिट पाइंट बनाए जाएंगे और सिविल डिफेंस स्टाफ को तैनात किया जाएगा।


तालिबान ने पाकिस्तान को दिया एक और झटका, भारत से 'दोस्ती' की चाहत, कही ये बड़ी बात

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के अरमानों पर अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान पानी फेर रहा है। तालिबान ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के साथ जिस तरह से अफगानिस्तान के पहले रिश्ते थे उसी तरह का रिश्ता बरकरार रखना चाहता है।

नई दिल्ली/काबुल: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के अरमानों पर अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान पानी फेर रहा है। तालिबान ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के साथ जिस तरह से अफगानिस्तान के पहले रिश्ते थे उसी तरह का रिश्ता बरकरार रखना चाहता है।

तालिबान नेता शेर मोहम्मद अब्बास अब्बास स्तानिकजई ने कहा है कि उनका समूह भारत के साथ अफगानिस्तान के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्ते को पहले की तरह बरकरार रखना चाहता है। यह पहला मौका है जब तालीबान के शीर्ष नेतृत्व के किसी सदस्य ने काबुल पर कब्जे के बाद इस मुद्दे पर खुलकर राय जाहिर की है। 

स्तानिकजई ने तालिबान के सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर शनिवार को अपलोड किए गए 46 मिनट के एक वीडियो में अफगानिस्तान में जंग के खात्मे और अफगानिस्तान में शरिया आधारित इस्लामिक शासन को लेकर तालिबान का प्लान विस्तार से बताया। पश्तो में बात करते हुए स्तानिकजई ने क्षेत्र के अहम देशों भारत, पाकिस्तान, चीन और रूस से संबंधों के बारे में तालिबान का नजरिया बताया। 

15 अगस्त को काबुल पर तालिबान का कब्जा कायम होने और अशरफ गनी सरकार गिरने के बाद तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी मीडिया चैनलों पर भारत के साथ संबंध को लेकर संगठन का नजरिया बताया है। हालांकि, स्तानिकजई पहले वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने दूसरे देशों के साथ रिश्तों को लेकर बयान दिया है। स्तानिकजई ने कहा, ''इस महाद्वीप के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण है। हम भारत के साथ सांस्कृतिक, आर्थिक और व्यापारिक रिश्ता पहले की तरह रखना चाहते हैं।'' तालिबानी नेता ने कहा, ''पाकिस्तान के जरिए भारत के साथ व्यापार हमारे लिए बहुत अहम है। भारत के साथ वायुमार्ग से भी व्यापार बना रहेगा।''

तालिबान नेता ने कहा, ''हम भारत के साथ अपने राजनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते को अहमियत देते हैं और हम चाहते हैं कि यह जारी रहे। इस मामले में हम भारत के साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं।' तुर्केमेनिस्तान के साथ अफगानिस्तान के रिश्ते पर बोलते हुए उन्होंने तुर्केमेनिस्तान - अफगानिस्तान- पाकिस्तान और भारत (TAPI) गैस पाइपलाइन प्रॉजेक्ट का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार बनने के बाद इस पर काम किया जाएगा। स्तानिकजई ने ईरान के संग रिश्तों पर बात करते हुए भारत की ओर से विकसित किए गए चाबहार बंदरगाह का जिक्र किया और व्यापार के लिए इसके महत्व को रेखांकित किया।

बता दें कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के व्यापारियों को अपना सामान अपने देश के रास्ते भेजने दिया है, लेकिन भारत का सामान इसी रास्ते अफगानिस्तान नहीं जाने देता है।


'सिर फोड़ दो उनका...' प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ पुलिस को एसडीएम ने दिया निर्देश, वीडियो वायरल, विपक्ष ने सरकार को घेरा

आयुष सिन्हा को वीडियो में कहते हुए सुना जा सकता है,

चंडीगढ़: हरियाणा के करनाल में भाजपा की बैठक से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में जिले के एक शीर्ष अधिकारी पुलिसकर्मियों को पाठ पढ़ा रहे हैं कि भाजपा नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को "सिर में चोट" लगे। वायरल वीडियो में अधिकारी के बातों की भाजपा सांसद वरुण गांधी सहित कई लोगों ने आलोचना की।

भाजपा की एक बैठक के विरोध में हरियाणा के करनाल की ओर जा रहे किसानों के एक समूह पर राज्य पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। लाठीचार्ज में कम से कम 10 लोग घायल हुए हैं। जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्य भाजपा प्रमुख ओम प्रकाश धनखड़ और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

वीडियो में करनाल के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) आयुष सिन्हा पुलिसकर्मियों के एक समूह के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं और उन्हें निर्देश दे रहे हैं कि कोई भी विरोध करने वाला किसान क्षेत्र में एक निश्चित बैरिकेड से आगे न जाए। आयुष सिन्हा को वीडियो में कहते हुए सुना जा सकता है, "यह बहुत सरल और स्पष्ट है, वह कोई भी हो, चाहे वह कहीं से भी हो, किसी को भी वहां पहुंचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हम किसी भी कीमत पर इस रेखा को नहीं टूटने देंगे। बस अपनी लाठी उठाओ और उन्हें जोर से मारो ... यह बहुत स्पष्ट है, किसी भी निर्देश की कोई आवश्यकता नहीं है, बस उन्हें जोर से पीटें। अगर मैं यहां एक भी प्रदर्शनकारी को देखता हूं, तो मैं उनके सिर फोड़ते देखना चाहता हूं।

"कोई शक?" अंत में एसडीएम ने कहा। "नहीं सर," पुलिसकर्मियों ने बुलंद आवाज में कहा। करनाल में पुलिस कार्रवाई की खबर सुनते ही अन्य जिलों के किसान भी बड़ी संख्या में निकल आए और एकजुट होकर राजमार्ग जाम कर दिया। इससे दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों को जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम हो गया। पुलिस ने कहा कि केवल हल्का बल प्रयोग किया गया क्योंकि प्रदर्शनकारी राजमार्ग को अवरुद्ध कर रहे थे और यातायात रोक रहे थे।

मामले को लेकर बीजेपी के वरुण गांधी ने ट्वीट किया, "मुझे उम्मीद है कि यह वीडियो एडिट किया गया है और डीएम ने ऐसा नहीं कहा है... अन्यथा, लोकतांत्रिक भारत में हमारे अपने नागरिकों के साथ ऐसा करना अस्वीकार्य है।"

वहीं, कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए, वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, "खट्टर साहब, आज आपने हरियाणवी की आत्मा पर लाठियां बरसाई हैं... आने वाली पीढ़ियां किसानों के खून को याद करेंगी जो सड़कों पर बहाया गया है।"

स्वराज इंडिया के प्रमुख और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के प्रमुख नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस कार्रवाई ने "हरियाणा पुलिस का असली चेहरा उजागर कर दिया"। यादव ने ट्वीट किया, "वे (किसान) सीएम खट्टर और अन्य भाजपा नेताओं की करनाल यात्रा का विरोध कर रहे थे। यह हरियाणा पुलिस का असली चेहरा है।"


मैसूर गैंगरेप केस: पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया, विपक्ष ने बोला सरकार पर हमला

इस घटना को लेकर मैसूर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। तीनों आरोपी मैसूर के रहने वाले हैं। वहीं, इनके गिरोह में तीन और लोगों को पता लगाया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि आरोपियों में से कुछ उसी कॉलेज के हैं, जहां लड़की पढ़ रही है।

मैसूर: कर्नाटक के मौसूर में मेडिकल की छात्रा के साथ हुए कथित गैंगरेप का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। विपक्ष ने सूबे की सरकरा पर हमला बोला है। इस घटना के बाद विपक्ष राज्य की सत्ता पर आसीन बीजेपी पर हमलावर है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा है कि सरकार को इस घटना के बाद अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, यह भी खबर मिली है कि इस मामले में पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस घटना को लेकर मैसूर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। तीनों आरोपी मैसूर के रहने वाले हैं। वहीं, इनके गिरोह में तीन और लोगों को पता लगाया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि आरोपियों में से कुछ उसी कॉलेज के हैं, जहां लड़की पढ़ रही है।


हालांकि अभी भी लड़की पुलिस में शिकायत दर्ज कराने को तैयार नहीं है। फिलहाल लड़की के माता-पिता उसे गृहनगर ले जाने की योजना बना रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कोयंबटूर से पांच लोगों को लाया जा रहा है। वहीं, इस घटना के बाद विश्वविद्यालय ने कुक्कराहल्ली झील क्षेत्र में शाम 6।30 बजे के बाद किसी को भी जाने नहीं देने का आदेश जारी किया है।


मामले को लेकर जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा है, ‘’सरकार को ऐसी (बलात्कार) घटनाओं के प्रति गंभीर होना चाहिए। इस तरह की घटनाओं में गंभीर कार्रवाई की जानी चाहिए जैसा कि आंध्र प्रदेश में किया गया था। खुले, सुनसान जगहों पर युवाओं को शराब पीने की इजाजत देने में राज्य सरकार की गलती है।’’


डी़जीपी की निगरानी में होगी जांच: सीएम

इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रवीण सूद इस मामले की जांच की निगरानी करेंगे। सीएम बसवराज ने कहा, ‘’डीजीपी मैसूर जा रहे हैं। मैंने उन्हें जांच की निगरानी करने और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का निर्देश दिया है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच दल गठित कर दिए गए हैं और तेजी से जांच हो रही है। बोम्मई ने कहा कि उन्होंने पुलिस को उनके पास सीधे जांच रिपोर्ट भेजने को कहा है।


मामले पर एक नजर

बता दें कि मेडिकल की छात्रा अपने दोस्त के साथ मंगलवार शाम को चामुंडी पहाड़ियों की ओर जा रही थी, तभी कम से कम चार लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और मारपीट करने के बाद छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर एक वीडियो भी बनाया और तीन लाख रुपये न देने पर इसे सार्वजनिक करने की धमकी दी। जब लड़की और उसके दोस्त ने रकम देने में असमर्थता जतायी तो उन लोगों ने उनके साथ मारपीट की। बाद में लड़की को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने घटना के बारे में जानकारी दी।


जन-धन योजना के 7 साल: PM मोदी बोले-'योजना ने भारत के विकास की गति बदल दी'

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘आज पीएम जन-धन योजना के सात साल हो रहे हैं। एक ऐसी पहल जिसने भारत के विकास की गति को हमेशा के लिए बदल दिया। इस योजना ने वित्तीय समावेशन और सम्मान का जीवन सुनिश्चित करने के साथ ही अनगिनत भारतीयों का सशक्तीकरण सुनिश्चित किया है। जन-धन योजना ने पारदर्शिता को मजबूत करने में भी मदद की है।’’

नई दिल्ली: आज प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) के सात साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि इस पहल ने ना सिर्फ भारत के विकास की गति को हमेशा के लिए बदल दिया है बल्कि इसने अनगिनत भारतीयों का वित्तीय समावेशन, सम्मान का जीवन और सशक्तीकरण सुनिश्चित किया है।

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘आज पीएम जन-धन योजना के सात साल हो रहे हैं। एक ऐसी पहल जिसने भारत के विकास की गति को हमेशा के लिए बदल दिया। इस योजना ने वित्तीय समावेशन और सम्मान का जीवन सुनिश्चित करने के साथ ही अनगिनत भारतीयों का सशक्तीकरण सुनिश्चित किया है। जन-धन योजना ने पारदर्शिता को मजबूत करने में भी मदद की है।’’



उन्होंने इस योजना को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘उनके प्रयासों ने भारत के लोगों के जीवन को बेहतर बनाना सुनिश्चित किया है।’’ बता दें कि  केंद्र सरकार द्वारा देश के नागरिकों तक बैंकिंग सुविधाओं की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2014 में शुरू की गई PMJDY ने 28 अगस्त 2021 को सात वर्ष पूरे किये हैं।

जन-धन योजना के बारे में

केंद्र की मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरूआत की थी। इस योजना के तहत देश के गरीबों का खाता जीरो बैलेंस पर बैंक, पोस्ट ऑफिस और राष्ट्रीयकृत बैंको में खोला जाता है। जिन खातों से आधार कार्ड लिंक होगा उन्हें 6 महीने बाद ओवरड्राफ्ट सुविधा, 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर, लाइफ कवर के साथ कई सुविधाएं दी जाती हैं।

इस योदना के तहत अब तक देशभर में 38 करोड़ से ज्यादा खाते खुल चुके हैं। सरकार आगे भी इस खाते के जरिए गरीबो की मदद कर सकती है। 


निगरानी पोत 'विग्रह' को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने को किया तटरक्षक बल में शामिल, कही ये बड़ी बात

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुनिया में हो रहे बदलावों को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में हो रहे बदलाव अक्सर हमारे लिए चिंता का विषय बन जाते हैं। हमें एक राष्ट्र के रूप में दुनिया भर में अनिश्चितताओं और उथल-पुथल के इस समय में अपने पहरेदारों को मजबूत रखना चाहिए।

चेन्नई: आज तटरक्षक बल को एक और शक्ति मिल गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यानि शनिवार को स्वदेश निर्मित निगरानी पोत 'विग्रह' को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया।

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पोत 'विग्रह' के कमीशनिंग समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुनिया में हो रहे बदलावों को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में हो रहे बदलाव अक्सर हमारे लिए चिंता का विषय बन जाते हैं। हमें एक राष्ट्र के रूप में दुनिया भर में अनिश्चितताओं और उथल-पुथल के इस समय में अपने पहरेदारों को मजबूत रखना चाहिए।

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इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि इस पोत की कमीशनिंग हमारी तटीय रक्षा क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में हमारी लगातार बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षा क्षमताओं में वृद्धि का परिणाम है कि 2008 के मुंबई हमले के बाद से समुद्री मार्ग से कोई आतंकवादी दुर्घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में हमारे पड़ोसी देशों के सहयोग से तटरक्षक बल ने तस्करी गतिविधियों से निपटते हुए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक का माल बरामद किया है।

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उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक सुरक्षा, सीमा विवाद और समुद्री प्रभुत्व के कारण दुनियाभर के देश अपनी सैन्य शक्ति के आधुनिकीकरण और मजबूती की दिशा में कार्य कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि 'रिपोर्ट्स बताती है कि अगले 1-2 साल में यानी 2023 तक दुनिया भर में सुरक्षा पर खर्च 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने वाला है। अधिकांश देशों के पास पूरे वर्ष के लिए इस स्तर का बजट भी नहीं है और अगले 5 वर्षों में इसके कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।'

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'विग्रह' के बारे में

  • यह जहाज तटरक्षक क्षेत्र (पूर्व) के कमांडर के संचालन और प्रशासनिक नियंत्रण के तहत विशाखापत्तनम में स्थित रहकर पूर्वी समुद्र तट पर संचालित होगा
  • कुल 98 मीटर लंबा अपतटीय गश्ती जहाज है
  • 11 अधिकारियों और 110 नाविकों के साथ लार्सन एंड टुब्रो शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने इसे स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया है
  • यह उन्नत प्रौद्योगिकी रडार, नेविगेशन एवं संचार उपकरण, सेंसर और मशीनरी से लैस है
  • 40/60 बोफोर्स तोप से लैस है और अग्नि नियंत्रण प्रणाली के साथ दो 12.7 मिमी स्टेबिलाइज्ड रिमोट कंट्रोल गन से सुसज्जित है
  • इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, इंटीग्रेटेड प्लेटफार्म मैनेजमेंट सिस्टम, स्वचालित बिजली प्रबंधन प्रणाली और हाई पावर बाहरी अग्निशमन प्रणाली से भी लैस है।
  • इस पोत को बोर्डिंग ऑपरेशन, खोज और बचाव, कानून प्रवर्तन और समुद्री गश्त के लिए एक ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टर और चार हाई स्पीड नौकाएं ले जाने के लिए भी डिजाइन किया गया है
  • जहाज समुद्र में तेल रिसाव को रोकने के लिए प्रदूषण प्रतिक्रिया उपकरण ले जाने में भी सक्षम है
  • जहाज लगभग 2200 टन वजन विस्थापित करने में सक्षम है और 9100 किलोवाट के दो डीजल इंजन इसे संचालित करते हैं

इस जहाज के बेड़े में शामिल होने के साथ आईसीजी के पास 157 जहाज और 66 विमान हो गए हैं।


काबुल के बाद भारत में दहशत फैलाने की फिराक में एक्यूआईएस, आईएसकेपी और हक्कानी नेटवर्क की तिकड़ी !

दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में एक्यूआईएस, आईएसकेपी और हक्कानी नेटवर्क की तिकड़ी से खतरे का खुफिया अलर्ट जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (आईएसकेपी), अलकायदा इन इंडियन सबकांटिनेंट (एक्यूआईएस) और हक्कानी नेटवर्क से सतर्क रहने की जरूरत है।

नई दिल्ली: काबुल एयरपोर्ट ब्लास्ट के  बाद अब आतंकियों की नजर भारत में दहशत फैलाने पर है। दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में एक्यूआईएस, आईएसकेपी और हक्कानी नेटवर्क की तिकड़ी से खतरे का खुफिया अलर्ट जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (आईएसकेपी), अलकायदा इन इंडियन सबकांटिनेंट (एक्यूआईएस) और हक्कानी नेटवर्क से सतर्क रहने की जरूरत है।

अफगानिस्तान-पाकिस्तान आधारित इन संगठनों की तिकड़ी देश में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में जुटी है। इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया इकाई (आईएसआई) इनके साथ मिलकर साजिश रच रही है। अफगानिस्तान के बिगड़ते हालात और आईएसआई के विभिन्न आतंकी संगठनों के साथ उसकी बढ़ती नजदीकी के मद्देनजर देश की तमाम खुफिया इकाइयां इस वक्त इस तरफ पैनी नजर रखे हुए हैं। 

खुफिया इकाइयों को पता चला है कि आतंकी संगठनों जरिए आईएसआई नापाक साजिश रच रही है। उसका मकसद इन संगठनों के लड़ाकों के जरिए देश में वारदात को अंजाम देना है। इस तिकड़ी के लड़ाकों के निशाने पर महत्वपूर्ण सिक्योरिटी इंस्टॉलेशन और आर्मी की फॉरवर्ड पोस्ट हैं। इसके अलावा आतंकी जवानों को भी निशाना बना सकते हैं। यह खुफिया अलर्ट देश की सीमा सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों समेत तमाम दूसरी सुरक्षा एजेंसियों को भेजा गया है। 


मैसेजिंग ऐप को आतंकियों ने बना रखा है कम्युनिकेशन का जरिया

सुरक्षा एजेंसियों को पता चला है कि आतंकी संगठनों की यह तिकड़ी मैसेजिंग एप के जरिए अपने सदस्यों के संपर्क में है। इसका मकसद सुरक्षा एजेंसियों की नजरों में आने से बचना है। 

जानिए कौन सा आतंकी संगठन किस एप का ले रहा सहारा
  • एक्यूआईएस : नेटवर्क सिग्नल, टेलीग्राम और स्लैक मैसेजिंग एप 
  • आईएसकेपी : थ्रीमा, हूप और रॉकेट चैट जैसे मैसेजिंग एप
  • हक्कानी नेटवर्क : टेलीग्राम, सिग्नल के अलावा सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल 


तालिबानियों का 'हाथ' आईएस और अलकायदा के साथ, भारत के लिए बड़ी चुनौती, निशाने पर है कश्मीर

तालिबान ने आतंकी संगठन आईएस और अलकायदा से हाथ मिला चुका है। इसके अलावा और भी कई आतंकी संगठनों का ठिकाना तालिबान का अफगानिस्तान बन रहा है। भारत के लिए चुनौतियां है और आतंकियों के निशाने पर कश्मीर है।

नई दिल्ली: काबुल एयरपोर्ट पर हुए ब्लास्ट में आईएसआईएस के आतंकियों को दोषी माना जा रहा है। लेकिन ये तालिबान का एक दूसरा चेहरा है। दरअसल, ऐसी खबरें हैं कि तालिबान ने आतंकी संगठन आईएस और अलकायदा से हाथ मिला चुका है। इसके अलावा और भी कई आतंकी संगठनों का ठिकाना तालिबान का अफगानिस्तान बन रहा है। भारत के लिए चुनौतियां है और आतंकियों के निशाने पर कश्मीर है।

भारत मे सुरक्षा एजेंसियों का इनपुट और सामरिक जानकारों की राय के आधार पर माना जा रहा है कि तालिबान की आतंकी गुटों से सांठगांठ है। इन आतंकी संगठनों की मजबूती में पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई की भी बड़ी भूमिका है। 

जानकारों का मानना है कि जिस तरह की तस्वीर उभर रही है, यह आने वाले दिनों में कश्मीर के लिए भी खतरनाक संकेत है। तालिबानी आतंकी और आईएसआईएस के गठजोड़ इस पूरे इलाके में बड़ी चुनौती बन सकता है।


सामरिक जानकार पीके मिश्र का कहना है कि काबुल का हमला चेतावनी है। यह अमेरिका, नाटो और अन्य प्रभावी देशों को समझना होगा कि तालिबान कितना भी इससे पल्ला झाड़े लेकिन हकीकत यही है कि तालिबान आतंकी, आईएस और अलकायदा ने हाथ मिला लिया है।

 उन्होंने कहा कि इनकी जड़ हमारे पड़ोस पाकिस्तान में है। इसलिए ये हमारे लिए बहुत चिंता की बात है। तालिबान में आतंकी संगठनों की मजबूती का फायदा पाकिस्तान में बैठे आतंकी गुट उठाएंगे और नया लश्कर, जैश के साथ इनका नया गठजोड़ कश्मीर में अस्थिरता के लिए आईएसआई का हथियार हो सकता है।


विशेषज्ञों के मुताबिक, आईएस केपी की अफगानिस्तान में मौजूदगी कई मायनों में खतरा है। पिछले कुछ समय से केरल सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में आईएस प्रेरित आतंकी पकड़ मे आए हैं। जिनमें से कुछ का संबंध आईएस के से भी रहा है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को खास सतर्क रहकर दुनिया भर की एजेंसियों से इनपुट साझा करना चाहिए। 

हालांकि कुछ जानकार इसे तालिबान और आईएस के वर्चस्व की जंग से भी जोड़कर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान में कई आतंकी संगठन तालिबान नेतृत्व की भी नहीं सुनते। इनका आईएस से गठजोड़ है और नई परिस्थितियों में वर्चस्व की जंग शुरू हो गई है।


जानकार मानते हैं कि आईएस-केपी का जन्म भी आतंक की धुरी पाकिस्तान की सरपरस्ती में ही हुआ। वजीरिस्तान इलाके में तहरीक-ए-तालिबान के खिलाफ पाकिस्तान जनरल राहिल शरीफ के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा था। वर्ष 2014 में तहरीक-ए-तालिबान से अलग होकर कुछ तालिबान लड़ाकों ने आईएस-केपी गुट बनाया। ये बागी लड़ाके मुल्ला फजलुल्लाह की खिलाफत कर अलग हुए थे। बगावत का नेतृत्व उमर खालिद खुरासानी ने किया था। उस वक्त इस गुट ने अलग होकर आईएस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी। बाद में इस मॉड्यूल ने लश्कर-ए-जांघवी, लश्कर-ए-इस्लाम और उजबेकिस्तान के इस्लामिक मूवमेंट, चीन के उइगर मुसलमानों और अफगान तालिबान के बागियों के साथ मिलकर कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया।

बता दें कि काबुल एयरपोर्ट पर हुए एक एक बाद एक सिलसिलेवार धमाकों में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और 150 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में 13 अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं। वहीं,अमेरिका ने अपने जवानों की मौत का बदला साजिशकर्ता को मारकर ले लिया है।


अधिवक्ताओं की हड़ताल पर लगाम लगाने की तैयारी, राज्य बार काउंसिलों के साथ BCI की बैठक 4 सितंबर को

पीठ ने मिश्रा के कथन को रिकार्ड पर लेते हुए कहा कि वे बीसीआइ द्वारा उठाए गए कदम की सराहना करते हैं। मिश्रा के अनुरोध पर शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई सितंबर के तीसरे हफ्ते के लिए स्थगित कर दी।

नई दिल्ली: छोटी-छोटी बातों को लेकर अधिवक्ताओं द्वारा हड़ताल कर दिया जाता है और अदालत की कार्यवाही ठप्प हो जाती है। ऐसे में बार काउंसिल आफ इंडिया (बीसीआइ) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने चार सितंबर को राज्य बार काउंसिलों की एक बैठक बुलाई है। इसमें वकीलों की हड़ताल पर लगाम लगाने के लिए नियम बनाने और ऐसे अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का प्रस्ताव है जो दूसरों को काम से दूर रहने और इंटरनेट मीडिया पर हड़ताल के लिए उकसाते हैं। बार काउंसिल आफ इंडिया के चेयरमैन वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ को यह जानकारी दी।

पीठ ने मिश्रा के कथन को रिकार्ड पर लेते हुए कहा कि वे बीसीआइ द्वारा उठाए गए कदम की सराहना करते हैं। मिश्रा के अनुरोध पर शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई सितंबर के तीसरे हफ्ते के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले मिश्रा ने कोरोना महामारी की वजह से शीर्ष अदालत के पिछले साल के आदेश के अनुपालन में पहले सुझाव नहीं दे पाने के लिए क्षमा मांगी। 26 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसने पिछले साल 28 फरवरी को अपना फैसला सुना दिया था और बीसीआइ व राज्य बार काउंसिलों को वकीलों की हड़ताल और कार्य से विरत रहने की समस्या से निपटने के लिए ठोस सुझाव देने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत का कहना था कि बीसीआइ और अन्य राज्य एसोसिएशनों से कोई जवाब नहीं मिला है। 


Online फ्रॉड में चोरी हुए पैसे मिल सकेंगे वापस, दिल्ली पुलिस ने जारी की हेल्पलाइन

ऐसे मामलों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम डिविजन ने यूजर्स को 155260 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराने सलाह दी है।

नई दिल्ली: आज के समय में पुलिस के लिए अगर सबसे बड़ा सिर दर्द कुछ है तो वह है ऑनलाइन ठगी, चोरी या फिर फ्रॉड। ऐसे केसेस में नंबर कहीं और का होता है सर्विलांस पर लोकेशन कुछ और दिखता है और ढग कहीं और बैठे रहते हैं और लोगों को चूना लगाते रहते हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। साथ ही दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी/धोखाधड़ी हुई है तो उसकी सूचना उसे दे वह उनके पैसे वापस दिलाएगी।


अगर आप ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं, तो आपको बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। बीते कुछ महीनों में e-KYC स्कैम और इससे जुडे़ फ्रॉड के कई मामले सामने आए हैं। इनमें साइबर क्रिमिनल्स UPI के जरिए यूजर के खाते में जमा पैसों की चोरी कर लेते हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम डिविजन ने यूजर्स को 155260 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराने सलाह दी है।  

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दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस नंबर पर शिकायत दर्ज कराने वाले विक्टिम को तत्काल मदद मिलेगी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने डीटेल में यह नहीं बताया कि वह पीड़ित की किस प्रकार सहायता करेगी। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि ऑनलाइन फाइनैंशियल फ्रॉड की स्थिति में इस नंबर पर तुरंत कॉल करने से पैसे वापस मिल सकते हैं।

लॉन्च के बाद से अब तक इस हेल्पलाइन ने साइबरक्रिमिनल्स तक फ्रॉड के 1.85 करोड़ रुपये को पहुंचने से रोकने में काफी मदद की है। यह हेल्पलाइन अभी छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इस्तेमाल की जा रही है।

गृह मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक इस हेल्पलाइन से पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के लगभग सारे बैंक जुड़े हुए हैं। इनमें एसबीआई, पंजाब नैशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, ICICI बैंक, ऐक्सिस बैंक, येस और कोटक महिंद्रा बैंक भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, इस हेल्पलाइन से पेटीएम, फोनपे, MobiKwik, फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन जैसे मुख्य वॉलिट और मर्चेंट्स को भी जोड़ा गया है।   


राजधानी दिल्ली में 1 सितंबर से खुलेंगे स्कूल, कॉलेज व कोचिंग संस्थान

पहले 1 सितंबर से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए स्कूल खुलेंगे। इसके बाद 8 सितंबर से छठी से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जाएगा।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने 1 सितंबर से स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान खोलने का फैसला किया है। केजरीवाल सरकार ने कोरोना के कम होते मामलों के मद्देनजर स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने का निर्णय लिया है। पहले 1 सितंबर से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए स्कूल खुलेंगे। इसके बाद 8 सितंबर से छठी से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक, बच्चों के स्कूल आने के लिए उनके अभिभावकों की मंजूरी अनिवार्य होगी। विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। 

सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, 'दिल्ली में सावधानियों के साथ चरणबद्ध तरीके से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग गतिविधियों को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। 1 सितंबर से सभी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं, उनकी कोचिंग कक्षाएं और सभी कॉलेजों / विश्वविद्यालयों को फिर से शुरू करने की अनुमति होगी।''

स्कूल खोलने का निर्णय शुक्रवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकण  (डीडीएमए) की बैठक में लिया गया। इससे पहले दिल्ली सरकार की एक्सपर्ट कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप थी। कमिटी ने सभी क्लास के लिए स्कूल खोलने की सिफारिश की थी। कमेटी ने कहा था कि चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को खोला जाना चाहिए। 


सिसोदिया ने कहा, 'ऑनलाइन पढ़ाई कभी भी ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प नहीं हो सकती। इस बात को सभी शिक्षक, अभिभावक और विशेषज्ञ मानते हैं। सरकारी स्कूलों का 98 फीसदी टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ कम से कम एक वैक्सीन ले चुका है। स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाएं भी चलती रहेंगी। सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा।'


31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के 9 जज लेंगे पद की शपथ

नए जजों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट के नए भवन में बने सभागार में होगा। पहली बार जजों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के 9 नए जज मंगलवार 31 अगस्त को पद की शपथ लेंगे। CJI एनवी रमना उन्हें पद की शपथ दिलाएंगे। इनमें से तीन जज ऐसे भी हैं जो भविष्य में सीजेआई बन सकते हैं।



दूरदर्शन पर किया जाएगा प्रसारण

बता दें कि चीफ जस्टिस के कोर्ट रूम में होने वाला यह कार्यक्रम इस बार कुछ अलग होगा। नए जजों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट के नए भवन में बने सभागार में होगा। पहली बार जजों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।

ये जज लेंगे शपथ

  1. जस्टिस एएस ओका
  2. जस्टिस विक्रम नाथ
  3. जस्टिस जेके माहेश्वरी
  4. जस्टिस हिमा कोहली
  5. जस्टिस बीवी नागरत्ना
  6. जस्टिस बेला त्रिवेदी
  7. जस्टिस सीटी रविंद्र कुमार
  8. जस्टिस एमएम सुंदरेश
  9. वरिष्ठ वकील पी एस नरसिम्हा।


3 जज भविष्य में बन सकते हैं सीजेआई

इन जजों में से भविष्य में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बी वी नागरत्ना और पीएस नरसिम्हा की भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने की संभावना हैं। अब तक सुप्रीम कोर्ट में कोई भी महिला चीफ जस्टिस नहीं हुई है। सितंबर 2027 में जस्टिस नागरत्ना के रूप में भारत को पहली महिला चीफ जस्टिस मिल सकती है।

सुप्रीम कोर्ट में करीब 2 साल बाद होने जा रही नई नियुक्तियों के बाद जजों के कुल 34 पदों में से 33 इन नियुक्तियों के बाद भर जाएंगे।


कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को संरक्षण देना सुनिश्चित करें राज्य सरकारें: SC

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता या उनमें से किसी एक को खोने वाले अनाथ बच्चों की देखभाल को लेकर चिंता जताते हुए गुरुवार को राज्यों से कहा कि वे ऐसे बच्चों का संरक्षण और उनकी शिक्षा जारी रखना सुनिश्चित करें।

नई दिल्ली: कोरोना काल में हजारों बच्चे अनाथ हुए हैं। ऐसे बच्चों के प्रति सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों सरकारों से कहा है कि कोरोना काल में अनात हुए बच्चों को राज्य सरकारें संरक्षण देना सुनिश्चित करे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को और भी कई निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता या उनमें से किसी एक को खोने वाले अनाथ बच्चों की देखभाल को लेकर चिंता जताते हुए गुरुवार को राज्यों से कहा कि वे ऐसे बच्चों का संरक्षण और उनकी शिक्षा जारी रखना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अदालत ने राज्यों के जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अनाथ बच्चों से संबंधित पूरा ब्योरा बाल आयोग के पोर्टल बाल स्वराज में दिए गए सभी छह खंडों के मुताबिक तीन सप्ताह में अपलोड करें।

ये निर्देश न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और अनिरुद्ध बोस की पीठ ने अनाथ बच्चों की देखभाल के मामले में सुनवाई के दौरान दिए। पीठ ने ऐसे बच्चों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अगर 1,000 बच्चे भी बिना माता-पिता के हैं, तो जरा सोचो उनके साथ क्या घटित हो सकता है? वे बच्चे बाल श्रम में न धकेल दिए जाएं। कहीं वे गलत हाथों में न पड़ जाएं। वे बच्चे खतरे में हैं। उनके साथ ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए। उनके लिए हमें बहुत सावधान रहने की जरूरत है। हो सकता है कि ऐसे बच्चों के पास अपनी देखभाल के साधन न हों। इसलिए उनकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी राज्यों की है।

अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने कोर्ट को एक एक करके सभी राज्यों की ओर से दाखिल रिपोर्ट और बाल आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे के आधार पर स्थिति से अवगत कराया। कोर्ट ने राज्यों से कहा कि वे कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 से अभी तक माता-पिता दोनों या उनमें से किसी एक अथवा संरक्षक खोने वाले बच्चों की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाएं। राज्य यह सुनिश्चित करें कि बच्चों की पढ़ाई, चाहे वे निजी स्कूल में क्यों न पढ़ते हों, बीच में नहीं छूटनी चाहिए। पढ़ाई जारी रहनी चाहिए।

बच्चों की फीस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

कोर्ट ने राज्यों से कहा कि वह या तो निजी स्कूलों से बात करके ऐसे बच्चों की फीस माफ करने का आग्रह करें और अगर निजी स्कूल फीस माफ करने को राजी नहीं होते तो राज्य फीस का भार उठाएं। कुछ राज्यों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कुछ संगठनों ने ऐसे बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की बात कही है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने निजी स्कूलों को आदेश जारी किया है कि किसी बच्चे की पढ़ाई फीस न देने के कारण नहीं रुकनी चाहिए।

प्रदेश सरकार ने ऐसे बच्चों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का ब्योरा कोर्ट को दिया। केंद्र सरकार की ओर से एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि कोरोना के कारण अनाथ हुए 18 साल तक के बच्चों की शिक्षा पीएम केयर्स फंड योजना के तहत आती है। इस योजना में आने वाले लाभार्थियों को नजदीकी केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में भर्ती कराया जा सकता है। उनकी फीस पीएम केयर्स फंड से आरटीई के मुताबिक दी जाएगी। भाटी ने बताया कि इस योजना में अभी तक 2,600 बच्चे रजिस्टर्ड हुए हैं।


पश्चिम बंगाल: एक्शन में सीबीआई, 9 मामले किए दर्ज, TMC के कई नेताओं से हो सकती है पूछताछ

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उत्पन्न हुई राज्य में हिंसा, आगजनी के दौरान हत्या और रेप के मामलों में सीबीआई ने अबतक 9 प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब राज्य की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के कई नेता सीबीआई की राडार पर है। सीबीआई जल्द ही इनसे पूछताछ कर सकती है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उत्पन्न हुई राज्य में हिंसा, आगजनी के दौरान हत्या और रेप के मामलों में सीबीआई ने अबतक 9 प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब राज्य की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के कई नेता सीबीआई की राडार पर है। सीबीआई जल्द ही इनसे पूछताछ कर सकती है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की विशेष जांच टीम फॉरेंसिक टीमों के साथ पश्चिम बंगाल पहुंच चुकी हैं। माना जा रहा है कि इन मामलों की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर तनातनी बढ़ेगी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक अभी इस मामले में और भी मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं।

सीबीआई ने कोलकाता हाई कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के बाद हत्या और बलात्कार के मामलों की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने इस बाबत अभी तक कुल 9 मुकदमे दर्ज किए हैं जिनमें से एक बलात्कार का और 8 हत्या के बताए जा रहे हैं। सीबीआई ने इन मामलों की जांच के लिए 4 विशेष जांच टीमों का गठन किया था जिसमें चार संयुक्त निदेशक शामिल हैं और प्रत्येक टीम में 25 अधिकारी कर्मचारी रखे गए हैं।


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मामले को कोलकाता हाई कोर्ट द्वारा सौपें जाने के बाद पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा था जिसमें उनसे हत्या और बलात्कार के मामलों की सिलसिलेवार डिटेल मांगी गई थी। सूत्रों का कहना है कि क्योंकि इस पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा था कि बंगाल हाई कोर्ट के निर्देश पर यह जांच की जा रही है और सीबीआई को 6 सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट को हाई कोर्ट के सामने पेश करनी है। लिहाजा इस बाबत जल्द से जल्द तमाम जानकारी मुहैया करा दी जाए। इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की तरफ से सीबीआई को अनेक जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं जिनके आधार पर सीबीआई ने 9 मुकदमे दर्ज किए हैं।

परिजनों का आरोप-टीएमसी कार्यकर्ताओं ने की हत्या

मिली जानकारी के मुताबिक, ने बताया कि मामले की जांच के दौरान सीबीआई इन मामलों में शामिल टीएमसी के कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं से भी पूछताछ कर सकती है। क्योंकि जिन लोगों की हत्या हुई हैं उनमें से कुछ के परिजनों ने यह आरोप लगाया था कि उनके परिवार को टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इस बात को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में गर्मा गर्मी भी हुई थी और उसके बाद बंगाल हाईकोर्ट में एक विशेष जनहित याचिका दायर कर ऐसे मामलों की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की गई थी। कोलकाता हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सीबीआई को जांच करने के निर्देश दिए थे। 


अफगान संकट पर PM मोदी के अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक जारी, विदेश मंत्री विपक्ष को दे रहे हालात की जानकारी

आज केंद्र सरकार द्वारा अफगान संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक जारी है। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर विपक्ष को अफगान के हालात की जानकारी दे रहे हैं।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। इस बीच तालिबानियों द्वारा दुनिया से किया हुआ वादा जमकर तोड़ा जा रहा है। खासकर, महिलाओं पर अत्याचार, आम लोगों को प्रताड़ित करना, मीडियाकर्मियों पर हमले करने जैसी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इस बीच आज केंद्र सरकार द्वारा अफगान संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक जारी है। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर विपक्ष को अफगान के हालात की जानकारी दे रहे हैं।

केंद्र सरकार की ओर से युद्ध से तबाह अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद वहां की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक चल रही है। यह अहम बैठक पीएम मोदी की अध्यक्षता में हो रही है। 

विदेश मंत्री डाक्टर एस जयशंकर अफगानिस्तान की वर्तमान स्थिति के बारे में सर्वदलीय पैनल को जानकारी दे रहे हैं। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स को अफगानिस्तान के हालात की जानकारी दे रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय (MEA) से अफगानिस्तान के हालिया घटनाक्रम पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को जानकारी देने को कहा था।

बैठक में सरकार अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी विपक्षी दलों को दी जाएगी। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर सभी दलों के नेता सदन को अफगानिस्तान के ताजा हालात और उसके मद्देनजर भारत के रुख के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद भारत सरकार क्या कूटनीतिक कदम उठा रही है, इस पर भी चर्चा होने की संभावना है।


दिल्ली-NCR में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल वाहनों पर लगाई गई रोक, ऑनर्स के अब बचे हैं ये विकल्प

अब ऐसे वाहन स्वामियों के पास सिर्फ एक ही रास्ता बचा है और वह है वाहन का फिटनेस टेस्ट। अगर उनका वाहन फिटनेस टेस्ट में पास होता है तो उनका वाहन कुछ समय और दिल्ली-एनसीआर में चल सकेगा।

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में अब 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को चलाने पर रोक लगा दी है। इसके लिए सरकार ने अखबार में विज्ञापन देकर सूचना भी जारी की है। हालांकि, अब ऐसे वाहन स्वामियों के पास सिर्फ एक ही रास्ता बचा है और वह है वाहन का फिटनेस टेस्ट। अगर उनका वाहन फिटनेस टेस्ट में पास होता है तो उनका वाहन कुछ समय और दिल्ली-एनसीआर में चल सकेगा। 



दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा अखबार में विज्ञापन देकर इस बाबत जानकारी दी गई है। विज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रायब्यूनल के आदेश का हवाला दिया गया है। आदेश के मुताबिक 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को दिल्ली की सड़कों पर नहीं नहीं चलाना है। यह आदेश वाहन चालकों के नाम जारी किया गया है।

आदेश में नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल की ओर से 7.4.2015 को जारी आदेश के बारे में बताया गया है। इसी संदर्भ में 29.10.2018 को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक आदेश का भी जिक्र किया गया है जो एम/सी मेहता बनाम भारत सरकार एवं अन्य से संबंधित है। इन दोनों आदेशों को देखते हुए 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चलाने पर अब रोक होगी।


इस पॉलिसी के तहत निजी गाड़ी 20 साल बाद और कमर्शियल गाड़ी को 15 साल बाद ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट कराना होगा। इस टेस्ट को पास न करने वाले वाहनों को चलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा। जो गाड़ियां फिटनेस टेस्ट पास करेंगी, उन गाड़ियों को चलाने की अनुमति दी जाएगी। अनफिट गाड़ियों को स्क्रेपेज पॉलिसी के तहत कबाड़ में भेज दिया जाएगा।

पूर्व में दिल्ली परिवहन विभाग ऐलान कर चुका है कि 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों या 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

विभाग का कहना है कि भारी जुर्माना लगाने के अलावा उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा या स्क्रैप कर दिया जाएगा। दिल्ली सरकार के नए आदेश के मुताबिक सभी कैटगरी की गाड़ियों के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या RC की मियाद 15 साल निर्धारित है। लेकिन नए आदेश के मुताबिक 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियां सड़कों पर नहीं चलाई जा सकेंगी।

वाहन मालिकों के पास ये ऑप्शन

आदेश के मुताबिक, 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक को सुझाव दिया जाता है कि वे दिल्ली और एनसीआर की सड़कों पर ऐसे वाहन न चलाएं। इस कैटगरी की गाड़ियों को स्क्रेप कराने की सलाह दी जाती है।


इसके लिए परिवहन विभाग ने ऑथराइज्ड स्क्रेपर की लिस्ट बनाई है जहां गाड़ियों को स्क्रेप कराया जा सकता है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने स्क्रेपर की लिस्ट www.http://transport.delhi.gov.in पर जारी की है जहां डिटेल सूची देखा जा सकता है।

होगी कार्यवाई

जो वाहन मालिक इस आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनकी गाड़ियों को जब्द किया जाएगा और मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


कर्नाटक: लूटेरों को पैसे नहीं दिए तो छात्रा के साथ किया गैंगरेप, पुरुष मित्र को भी पीटा

FIR के अनुसार, शहर के बाहरी इलाके में चामुंडी हिल्स के समीप लुटेरों के गिरोह ने कपल को घेर लिया और उनसे पैसे मांगे। मना करने पर उन पर हमला किया गया। दो आरोपियों ने कथित तौर पर छात्रा के साथ बलात्कार किया, उसके बॉयफ्रेंड को गिरोह के सदस्यों ने पीटा।

मैसूर: मैसूर में लुटेरों के एक गिरोह ने पैसा देने से मना करने पर एक छात्रा के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया। इतना ही नहीं छात्रा के बॉयफ्रेंड को गुंडों ने बेरहमी से पीटा भी। पुलिस के मुताबिक यह घटना कर्नाटक के मैसूर में सामने आई है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामले में FIR दर्ज कर ली गई है

FIR के  अनुसार, शहर के बाहरी इलाके में चामुंडी हिल्स के समीप लुटेरों के गिरोह ने कपल को घेर लिया और उनसे पैसे मांगे। मना करने पर उन पर हमला किया गया। दो आरोपियों ने कथित तौर पर छात्रा के साथ बलात्कार किया, उसके बॉयफ्रेंड को गिरोह के सदस्यों ने पीटा।

मामले में गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हमारे अधिकारियों को बेंगलुरु से मैसूर भेजा गया है। मैं भी कल मैसूर जा रहा हूं। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। कल शाम करीब साढ़े सात बजे दो छात्र हेलीपैड के पास जंगल में गए। बदमाशों के एक समूह ने उनका पीछा कर वारदात को अंजाम दिया है। देर रात करीब डेढ़ बजे छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह अस्पताल से जानकारी मिली। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आगे की पूछताछ की जा रही है। मैंने अधिकारियों से मामले को बहुत गंभीरता से लेने के लिए कहा है। घटना के लगभग 24 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित छात्रा और उसके बॉयफ्रेंड को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376-डी के तहत सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है पुलिस ने कहा है कि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच जारी है। छात्रा का बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है।


बाड़मेर में IAF का मिग-21 बाइसन विमान क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

राजस्थान के बाड़मेर में बुधवार को भारतीय वायु सेना का मिग-21 बाइसन फाइटर जेट क्रैश हो गया है। घटना में पायलट सुरक्षित है।

बाड़मेर: आज राजस्थान के बाड़मेर में वायुसेना के फाइटर प्लेन मिग 21 क्रैश हो गया। घटना में प्लेन के परखच्चे उड़ गए हालांकि, पायलट सुरक्षित है।


राजस्थान के बाड़मेर में बुधवार को भारतीय वायु सेना का मिग-21 बाइसन फाइटर जेट क्रैश हो गया है। घटना में पायलट सुरक्षित है। 

बताया जा रहा है कि यह हादसा ट्रेनिंग के दौरान हुआ है। राहत की बात रही है कि यह विमान किसी रिहायशी इलाके में नहीं गिरा। विमान के क्रैश होने के बाद उसमें भीषण आग लग गई। विमान क्रैश होने की मौके पर भारी संख्या में आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।

बता दें कि इससे पहले मई महीने में पंजाब के मोगा जिले में वायु सेना का एक मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के एक पायलट की मौत हो गई थी। 

अधिकारियों ने बताया था कि उस समय विमान नियमित प्रशिक्षण के लिए उड़ान भर रहा था, तभी वो हादसे का शिकार हो गया।


सीडीएस बिपिन सिंह रावत ने बताया तालिबानी खतरे से निबटने का प्लान

अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद कुछ आतंकी संगठनों को बल मिलेगा इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन भारत भी तालिबान द्वारा उत्पन्न की जाने वाली भविष्य में चुनौतियों को लेकर सतर्क है। सीडीएस बिपिन रावत ने तालीबानी खतरों से निबटने के प्लान के बारे में बताया है।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद कुछ आतंकी संगठनों को बल मिलेगा इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन भारत भी तालिबान द्वारा उत्पन्न की जाने वाली भविष्य में चुनौतियों को लेकर सतर्क है। सीडीएस बिपिन रावत ने तालीबानी खतरों से निबटने के प्लान के बारे में बताया है।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान से किसी भी संभावित आतंकवादी गतिविधि के भारत की तरफ आने पर सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने इसके साथ ही सुझाव दिया कि 'क्वाड राष्ट्रों' को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध में सहयोग बढ़ाना चाहिए। 

सीडीएस ने ये बातें ऐसे समय पर कही हैं जब अंदेशा जताया जा रहा है कि तालिबानी शासन वाले अफगानिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जो पाकिस्तान के इशारे पर भारत को निशाना बनाती हैं। 

जनरल रावत ने कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे का भारत को अंदेशा था लेकिन जितनी तेजी से वहां घटनाक्रम हुआ, वह चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि संगठन (तालिबान) बीते 20 साल में भी नहीं बदला है। वह ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को अमेरिका की हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल जॉन एक्विलिनो के साथ संबोधित कर रहे थे। 

एडमिरल एक्विलिनो ने अपनी टिप्पणियों में चीन के आक्रामक व्यवहार को लेकर भारत के सामने आने वाली चुनौतियों का जिक्र किया। खासकर ''वास्तविक नियंत्रण रेखा पर संप्रभुता'' के साथ ही दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में ''आधारभूत सुरक्षा चिंताओं'' को लेकर।

जनरल रावत ने कहा कि भारत क्षेत्र में आतंकवाद मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ''जहां तक अफगानिस्तान का सवाल है, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वहां से भारत पहुंचने वाली किसी भी गतिविधि से उसी तरह निपटा जाए जैसे हम अपने देश में आतंकवाद से निपट रहे हैं।'' 

सीडीएस ने कहा, ''मुझे लगता है कि अगर क्वाड देशों से कोई समर्थन मिलता है, कम से कम आतंकवादियों की पहचान और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध लड़ने के लिए खुफिया जानकारी के तौर पर, तो मुझे लगता है कि इसका स्वागत किया जाना चाहिए।'' भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया 'क्वाड का हिस्सा हैं।

जनरल रावत ने कहा कि अफगानिस्तान से उत्पन्न होने वाली आतंकी गतिविधियों के भारत पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर नई दिल्ली चिंतित है और ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए आपातकालीन योजनाएं तैयार की गई हैं। 

उन्होंने कहा, ''भारत के नजरिए से हमें अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे का अंदेशा था। हम इस बात से चिंतित थे कि कैसे अफगानिस्तान से आतंकवादी गतिविधियां भारत तक पहुंच सकती हैं।'' 

सीडीएस ने कहा, ''और उस लिहाज से हमारी इमर्जेंसी प्लानिंग चल रही हैं और हम उसके लिए तैयार हैं। हां, जिस तेजी से वहां सबकुछ घटित हुआ, उसने हमें चौंकाया है। हमारा अंदाजा था कि यह कुछ महीनों बाद हो सकता है।''


दिल्ली सरकार की Expert कमेटी ने की स्कूलों को सशर्त खोलने की सिफारिश, आखिरी फैसला DDMA पर

सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी क्लास के लिए स्कूल खोले जाएं। धीरे धीरे स्कूल खोलने की सिफारिश की गई है। सबसे पहले बड़ी क्लास के छात्रों के लिए खोले जाने की भी बात कही गई है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना लगभग ना के बराबर रह गया है ऐसे में अब स्कूलों को खोलने की कवायद शुरू हो चुकी है। इस बीच दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई एक्सपर्ट कमेटी ने स्कूलों को धीरे धीरे खोलने की सिफारिश कर दी है। अब आखिरी फैसला डीडीएमए को लेना है।


सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी क्लास के लिए स्कूल खोले जाएं। धीरे धीरे स्कूल खोलने की सिफारिश की गई है। सबसे पहले बड़ी क्लास के छात्रों के लिए खोले जाने की भी बात कही गई है। उसके बाद मिडिल और आखिर में प्राइमरी स्कूल खोलने की सलाह दी गई है। स्कूल खोलने पर अंतिम फैसला DDMA की बैठक में होगा।

बता दें कि दिल्ली में स्कूल किस तरह खोले जाएं इसको लेकर दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने एक एक्सपर्ट कमिटी के गठन किया था। 


उपराज्यपाल अनिल बैजल की अगुवाई में डीडएमए की एक बैठक हो चुकी है। इस बैठक में एलजी ने अधिकारियों को विस्तृत योजना तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश दिए थे। इसी के बाद दिल्ली सरकार ने एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी।

डीडीएमए की इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पॉल, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक डॉ सुजीत सिंह, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कृष्ण वत्स भी मौजूद थे।

बहरहाल अब डीडीएमए स्कूलों के खोलने पर अंतिम फैसला लेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डीडीएमए ने भी कोरोना के मामलों में कमीं होने की वजह से स्कूलों  को खोलने में अपनी सहमति लगभग दे चुका है अब बस इसकी औपचारिक घोषणा होनी शेष है।


माननीयों के खिलाफ पेंडिंग मामलों के ट्रायल में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट गुस्से में, ED-CBI को लगाई लताड़

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और और ईडी को जमकर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ईडी सिर्फ संपत्ति जब्त करने के अलावा और कुछ नहीं कर रही है।

नई दिल्ली:  सासंदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के जल्द ट्रायल करने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और और ईडी को जमकर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ईडी सिर्फ संपत्ति जब्त करने के अलावा और कुछ नहीं कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट सीबीआई और ईडी पर ट्रायल में देरी पर बरसा  है। CJI एनवी रमना ने कहा कि 15-20 साल से केस पेंडिंग हैं।  ये एजेंसिया कुछ नहीं कर रही हैं। खासतौर से ईडी सिर्फ संपत्ति जब्त कर रही है। यहां तक कि कई मामलों में चार्जशीट तक दाखिल नहीं की गई है। केसों को ऐसे ही लटका कर न रखें। चार्जशीट दाखिल करें या बंद करें। मामलों में देरी का कारण भी नहीं बताया गया है। अदालतें पिछले दो साल से महामारी से प्रभावित हैं। वो अपनी पूरी कोशिश कर रही हैं।

मामले में सुनवाई करते हुए CJI ने कहा कि PMLA में 78 मामले 2000 से लंबित हैं। आजीवन कारावास में भी कई मामले लंबित हैं। सीबीआई के 37 मामले अभी लंबित हैं। हमने एसजी से हमें यह बताने के लिए कहा था कि इसमें कितना समय लगेगा. हम एसजी तुषार मेहता से सीबीआई और ईडी से इन लंबित मामलों के बारे में स्पष्ट स्पष्टीकरण देने को कहेंगे। इन एजेंसियों ने इन मामलों में देरी के कारणों के बारे में विस्तार से नहीं बताया है। एसजी ने कहा कि आप हाई कोर्ट को इसमें तेजी लाने का निर्देश दे सकते हैं।

सीजेआई ने कहा  हमने पहले ही उच्च न्यायालयों को HC के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसियां ​​आगे बढ़ सकती हैं और जांच पूरी कर सकती हैं। सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।


माननीयों  के खिलाफ ईडी के पास मामले


पीएमएलए एक्ट में पूर्व सांसद समेत 51 सांसद आरोपी हैं। 51 मामलों में से 28 की अभी जांच चल रही है, 4 का ट्रायल चल रहा है। ये कम से कम 10 साल पुराने मामले हैं। कुछ मामलों में अत्यधिक देरी हुई है। कुछ मामलों में मुकदमे की स्थिति का उल्लेख नहीं किया गया है। विधायकों के खिलाफ मामलों में भी यही स्थिति है। लगभग 70 में से 40 से अधिक की जांच चल रही है।


माननीयों के खिलाफ सीबीआई के पास मामले

121 मामले 51 सांसदों के खिलाफ हैं। 112 विधायकों के खिलाफ हैं। सबसे पुराना मामला 2000 का है। सीबीआई की विशेष अदालतों में 58 मामले लंबित हैं और आजीवन कारावास की सजा से संबंधित हैं। मौत की सजा के मामले में भी केस सालों से लंबित हैं। एक मामले में वे कह रहे हैं कि मामला 2030 में पूरा होने की उम्मीद है।


BRICS बैठक में भारत ने पाक को फिर लताड़ा, कहा-'पाकिस्तान में आराम से और मजे में रहते हैं जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी'

'आतंक के आका' पाकिस्तान को एक बार फिर से भारत ने अन्तर्राष्ट्रीय मंच से लताड़ लगाई है। भारत ने पाकिस्तान को लतड़ा लगाते हुए कहा है कि पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी मजे से रहते हैं और उन्हें पाकिस्तान में कोई दिक्कत नहीं होती।

नई दिल्ली: 'आतंक के आका' पाकिस्तान को एक बार फिर से भारत ने अन्तर्राष्ट्रीय मंच से लताड़ लगाई है। भारत ने पाकिस्तान को लतड़ा लगाते हुए कहा है कि पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी मजे से रहते हैं और उन्हें पाकिस्तान में कोई दिक्कत नहीं होती।

ब्रिक्स प्रतिनिधियों की बैठक में भारत ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर खरी-खरी सुनाई। लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को पाकिस्तान का समर्थन मिलता है। इस समर्थन के बलबूते यह आतंकी संगठन यहां पर मौज करते हैं और भारत की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बने रहते हैं। 

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मंगलवार को ब्रिक्स देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की डिजिटल माध्यम से हुई बैठक में शामिल हुए। ब्रिक्स के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान से विभिन्न आतंकी समूहों द्वारा गतिविधियों में तेजी लाने की संभावना के मद्देनजर आतंकवाद और इसके वित्तपोषण से निपटने में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक कार्ययोजना को स्वीकार किया। 

भारत की मेजबानी में आयोजित ऑनलाइन बैठक के दौरान इस कार्ययोजना को अपनाया गया। इसमें नई दिल्ली ने सीमा पार आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों की गतिविधियों का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्रलाय ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा करने के अलावा ईरान, पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के साथ ही अफगानिस्तान के वर्तमान हालात पर भी चर्चा हुई।

इस बैठक में में रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल पेत्रुशेव, चीनी पोलित ब्यूरो के सदस्य यांग जेइची, ब्राजील के सुरक्षा अधिकारी जनरल ऑगस्टो हेलेना रिबेरो परेरा और दक्षिण अफ्रीका के उप राज्य सुरक्षा मंत्री नसेडिसो गुडएनफ कोडवा ने भाग लिया।


जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा तंत्र दुरुस्त करने में जुटी केंद्र सरकार, गृहमंत्री अमित शाह से एलजी मनोज सिन्हा ने की मुलाकात

गृहमंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के बीच लंबी बैठक हुई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का राज हो जाने के बाद भारत सरकार जम्मू-कश्मीर को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। राज्य में आतंकियों और उनके आकाओं की रीढ़ तोड़ चुकी सरकार सुरक्षा तंत्र को दुरुस्त करने में जुटी ताकि देश के दुश्मन दोबारा फन नहीं उठा सकें। इसी सिलसिले में गृहमंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के बीच लंबी बैठक हुई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ ही विकास योजनाओं को गति देने और कट्टरपंथी ताकतों पर लगाम लगाने पर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि, मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के आने से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात पर फिलहाल कोई असर पड़ने की आशंका नहीं है, लेकिन भविष्य को लेकर पहले से तैयारी जरूरी है। उनके अनुसार जम्मू-कश्मीर में तालिबान या अफगानी आतंकियों का हस्तक्षेप कभी नहीं रहा। परंतु, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं और घाटी में मौजूद उनके समर्थकों का दुस्साहस बढ़ने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।


यह बात जग जाहिर है कि तालिबान पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आइएसआइ की कठपुतली है। पाकिस्तान उसके सहारे कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को हवा देने की कोशिश कर सकता है। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस तंत्र को अत्यधिक चौकन्ना रहने और खुफिया सूचनाओं के तत्काल आदान-प्रदान और उसपर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पार की एक-एक हलचल पर पैनी रखने को भी कहा गया है।

शाह और सिन्हा की बैठक को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी तो नहीं दी गई है, लेकिन बताया जाता है कि बैठक में जम्मू-कश्मीर की विकास योजनाओं को गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि विकास योजनाओं के सहारे युवाओं को पाकिस्तानी दुष्प्रचार से बचाया जा सकता है। पंचायत व स्थानीय निकाय, बीडीसी और डीडीसी चुनावों से आम लोगों की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित हुई है और इसका सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल रहा है।


जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों का जारी है 'सफाई अभियान', 24 घंटे में घाटी में मार गिराए 5 आतंकी

कश्मीर को जन्नत से जहन्नुम बनाने का सपना देख रहे आतंकियों पर सेना काल बनकर टूट पड़ी है। सुरक्षाबलों का सफाई अभियान लगातार जारी है। बीते 24 घंटों में सुरक्षाबलों ने 5 आतंकियों को मार गिराया है। वहीं, बारामूला में आतंकी संघटन लश्कर-ए-तैय्यबा के तीन आतंकियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों ने सफलता हासिल की है।

श्रीनगर: कश्मीर को जन्नत से जहन्नुम बनाने का सपना देख रहे आतंकियों पर सेना काल बनकर टूट पड़ी है। सुरक्षाबलों का सफाई अभियान लगातार जारी है। बीते 24 घंटों में सुरक्षाबलों ने 5 आतंकियों को मार गिराया है। वहीं, बारामूला में आतंकी संघटन लश्कर-ए-तैय्यबा के तीन आतंकियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों ने सफलता हासिल की है।


जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया। इसके साथ ही घाटी में बीते 24 घंटे में मारे गए आतंकवादियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। पुलिस ने यह जानकरी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सोमवार देर रात सोपोर के पेठसीर में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था।

उन्होंने बताया कि मंगलवार तड़के आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने कहा, मारे गए आतंकवादियों की पहचान फैसल फैयाज, रमीज अहमद गनी (दोनों शोपियां के निवासी) और गुलाम मुस्तफा शेख के रूप में हुई है, जो कुपवाड़ा जिले के टेकीपुरा का निवासी था। अधिकारी ने कहा कि तीनों लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष संगठन द रेसिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ) से जुड़े थे।

टीआरएफ के स्वयंभू प्रमुख अब्बास शेख और उप प्रमुख साकिब मंजूर सोमवार को शहर के आओची बाग इलाके में गोलीबारी में मारे गए। पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए टीआरएफ आतंकवादियों की संख्या पांच हो गई है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारे गए आतंकवादी सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले और नागरिकों पर अत्याचार सहित आतंकी अपराध के कई मामलों में शामिल समूहों का हिस्सा थे।

इस साल अबतक 100 से ज्यादा आतंकी ढेर

उन्होंने कहा कि मुठभेड़ स्थल से अपराध में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, हथियार और गोला-बारूद, एक एके-47 राइफल और दो पिस्तौल बरामद की गईं। इस बीच, कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विजय कुमार ने कहा कि कश्मीर में इस साल 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया है।

आईजीपी विजय कुमार  ट्वीट किया कि जम्मू कश्मीर पुलिस, अन्य सुरक्षा बलों और कश्मीर के लोगों के सामूहिक प्रयास से कश्मीर क्षेत्र में 2021 में अब तक 100 से अधिक आतंकवादियों का सफाया किया गया है।



मिशन अफगान: 78 लोगों को लेकर भारत पहुंचा वायुसेना का विमान, गुरूग्रंथ साहिब की 3 प्रतियां भी लाई गईं

25 भारतीय नागरिकों सहित 78 यात्रियों को लेकर एयर इंडिया की एक फ्लाइट ताजिकिस्तान के दुशांबे से नई दिल्ली पहुंची है। इसके अलावा विमान से गुरूग्रंथ साहिब की तीन प्रतियों को भी लाया गया है।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने का बनफ वहां के हालात बद से बदतर हो चलें हैं। भारत, अमेरिका समेत अन्य देश अपनों को वहां से निकालने में जुटे हुए हैं।

तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान में हालात लगातार बिगड़ रहे है। काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की अफरा-तफरी के बीच भारत वहां से अपने लोगों को लगातार निकालने का प्रयास कर रहा है। वहीं, 25 भारतीय नागरिकों सहित 78 यात्रियों को लेकर एयर इंडिया की एक फ्लाइट ताजिकिस्तान के दुशांबे से नई दिल्ली पहुंची है। इसके अलावा विमान से गुरूग्रंथ साहिब की तीन प्रतियों को भी लाया गया है। 


केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी काबुल से आए गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूपों को दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर लेकर आए। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार अफगानिस्तान से सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रतिबद्ध है।

काबुल के मौजूदा हालात और एयरपोर्ट पर मची अफरा-तफरी के बीच भारतीयों के साथ-साथ अफगानिस्तान के नागरिकों का वहां से निकालना आसान नहीं है। सबसे बड़ी समस्या तो उन्हें एयरपोर्ट तक पहुंचाने की ही है। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत अब तक 800 से अधिक लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने में सफल रहा है। इनमें अफगान हिंदू और सिख के साथ ही नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।


जम्मू-कश्मीर: पुलिस ने TRF के दो आतंकियों को मुठभेड़ में किया ढेर

कश्मीर के आइजीपी विजय कुमार ने बताया कि दो आतंकियों को आज श्रीनगर में मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। मारे गए दोनों आतंकी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी गुट टीआरएफ के शीर्ष कमांडर थे।

जम्मू: श्रीनगर शहर में आज सोमवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। दरअसल, पुलिस ने मुठभेढ़ के दौरान दो आतंकियों को मार गिराया है। कश्मीर के आइजी के विजय कुमार ने बताया कि दो आतंकियों को आज श्रीनगर में मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। मारे गए दोनों आतंकी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी गुट टीआरएफ के शीर्ष कमांडर थे।

मिली जानकारी के मुताबिक, श्रीनगर के मध्य कश्मीर के अलूची बाग क्षेत्र में सोमवार शाम को एक संक्षित मुठभेड़ में दो आतंकियों को जम्मू-कश्मीर पुलिस को मार गिराने में सफलता मिली है। इस संबंध में कश्मीर के आइजी के विजय कुमार ने बताया कि पुलिस को श्रीनगर के मध्य कश्मीर में एक जगह पर आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। इसके उपरांत दोनों ओर से जारी फायरिंग में दो आतंकियों को मार गिरा दिया गया।

कश्मीर के आइजी ने ट्वीट के माध्यम से बताया कि मारे गए दोनों आतंकी टीआरएफ आतंकी संगठन से संबंधित थे। इनकी पहचान अब्बास शेख और साकिब मंजूर के रूप में हुई है।इन दोनों आतंकी कमांडरों के नाम हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जारी मोस्ट वांटेड की सूची में नाम दर्ज थे। 

अब्बास शेख कुलगाम के रामपुर गांव का रहने वाला था और दक्षिण कश्मीर जिला से आतंकी संगठन टीआरएफ का शीर्ष कमांडर था। 45 वर्षीय शेख कश्मीर घाटी में सक्रिय सबसे उम्रदराज आतंकी था। उसने दो बार आतंकी संगठनों को बदला। पहले उसका संबंध आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से था जबकि बाद में वह आतंकी संगठन टीआरएफ में शामिल होकर अपनी नापाक गतिविधियों को अंजाम देने में जुटा रहा।

वहीं, शेख पिछले छह वर्षों के दौरान कई बार मुठभेड़ों के दौरान सुरक्षाबलों और पुलिस के हाथों बच निकलने में कामयाब रहा। वहीं मारा गया एक अन्य आतंकी साकिब श्रीनगर का ही रहने वाला है और कुछ समय पहले ही वह टीआरएफ आतंकी संगठन में शामिल हुआ था।


मिशन अफगान : आज 75 सिख पहुंचेगे भारत, देर रात तक आने की संभावना

सोमवार को यहां से 75 सिखों को बाहर निकाला गया। इन लोगों दुशान्बे के रास्ते काबुल से निकाला जा रहा है और यह लोग देर रात भारत पहुंचेंगे।

नई दिल्ली/काबुल: अफगान में फंसे भारतीयों को लाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इसी क्रम में आज देर रात तक भारत के 75 सिख अफगानिस्तान से स्वदेश आएंगे।

सोमवार को यहां से 75 सिखों को बाहर निकाला गया। इन लोगों दुशान्बे के रास्ते काबुल से निकाला जा रहा है और यह लोग देर रात भारत पहुंचेंगे। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के चीफ मजिंदर सिंह सिरसा ने इस बात की जानकारी दी। 

सिरसा ने बताया कि अफगानिस्तान से एक जरूरी अपडेट आया है। 75 सिखों को काबुल से दुशान्बे के रास्ते निकाला गया है। देर रात तक यह लोग भारत पहुंचेंगे। सिरसा ने एक ट्वीट में कहा कि हम लोग इस बड़े सहयोग के लिए पीएम ऑफिस इंडिया और विदेश मंत्रालय के शुक्रगुजार हैं। 

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में सिचुएशन लगातार खराब होती जा रही है। यहां से बड़े पैमाने पर लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं। 15 अगस्त को अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़ने के बाद तालिबान ने यहां पर कब्जा कर लिया है। 


किसान आंदोलन: सड़के जाम करने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, सरकारों से पूछा-'कबतक निकलेगा हल?'

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसानों को प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है लेकिन सड़क जाम कर प्रदर्शन करना ठीक नहीं है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से पूछा है कि आखिर कब तक सड़कें जाम रहेंगी और इस मामले का हल कब तक निकलेगा?

नई दिल्ली: कृषि कानून के खिलाफ पिछले 8 महीने से धरने पर बैठे किसानों के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में फिर से सुनवाई की। दरअसल, किसानों द्वारा सड़कों को और जाम किए जाने को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। 

याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए किसानों द्वारा सड़क जाम कर प्रदर्शन किए जाने को गलत ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसानों को प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है लेकिन सड़क जाम कर प्रदर्शन करना ठीक नहीं है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से पूछा है कि आखिर कब तक सड़कें जाम रहेंगी और इस मामले का हल कब तक निकलेगा।


SC ने पूछा कि अभी तक सड़कें बंद क्यों हैं? सड़क पर ट्रैफिक को इस तरह रोका नहीं जा सकता। सरकार को कोई हल निकालना होगा।  सुप्रीम कोर्ट के इस संबंध में कई फैसले हैं, सड़क के रूट इस तरह बंद नहीं हो सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन सड़कों पर आवाजाही को नहीं रोका जा सकता।

2 सप्ताह में निकालें हल:

अदालत ने केंद्र और यूपी सरकार को दो हफ्ते में हल निकालने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें, आपस में सहयोग करें ताकि आम लोग परेशान न हों। शीर्ष अदालत ने कहा कि आपको बहुत समय मिल चुका अब कुछ कीजिए। 20 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी।


कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमा पर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा था कि दूसरों के जीवन में बाधा न डालें। SC ने साफ कहा कि यदि प्रदर्शनकारी नीति को स्वीकार नहीं करते तो दूसरों को नुकसान नहीं होना चाहिए। एक गांव बना लें लेकिन दूसरे लोगों के लिए बाधा न बनें। SC ने कहा कि लोगों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन दूसरों को बाधित नहीं कर सकते।

इस मामले में केंद्र सरकार ने कहा कि इस मुद्दे को हल करने का प्रयास कर कर रहा है और दो सप्ताह का समय चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को और समय दिया था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट नोएडा और दिल्ली के बीच सड़क को सुनिश्चित करने के लिए नोएडा निवासी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है।


अफगानिस्तान के हालात पर 26 अगस्त को केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय (MEA) को राजनीतिक दलों के फ्लोर नेताओं को जानकारी देने का निर्देश दिया है।

नई दिल्ली: तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर बंदूकों के दम पर कब्जा करने का बाद दुनिया की चिंता बढ़ गई है। भारत सरकार ने इस मुद्दे पर 26 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।


सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों के संसदीय नेताओं को युद्धग्रस्त अफगानिस्तान के घटनाक्रम से अवगत कराएगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय (MEA) को राजनीतिक दलों के फ्लोर नेताओं को जानकारी देने का निर्देश दिया है।

जयशंकर ने ट्वीट किया, 'अफगानिस्तान के घटनाक्रम के मद्देनजर प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय को राजनीतिक दलों के फ्लोर नेताओं को ब्रीफ करने का निर्देश दिया है।'

सरकार की ब्रीफिंग में अफगानिस्तान से लोगों को निकालने के लिए चलाए जा रहे मिशन के साथ-साथ उस देश की स्थिति के आकलन पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। तालिबान ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद, काबुल सहित लगभग सभी प्रमुख शहरों और प्रांतों पर कब्जा कर लिया है।

बता दें कि भारत अबतक काबुल से 400 से ज्यादा लोगों को एयरलिफ्ट कर चुका है। अभी भी भारतीयों को अफगानिस्तान से निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है।


दिल्ली में सीएम केजरीवाल ने स्मॉग टावर का किया उद्धाटन, वायु प्रदूषण से मिलेगी राहत

कनाट प्लेस में देश का पहला स्माग टावर लगाया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को इसका उद्घाटन किया। इसके बाद यह काम करने लगा है।

नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ केजरीवाल सरकार ने 'हथियार' बना लिया है और आज इसका उद्घाटन कर दिया है। कनाट प्लेस में देश का पहला स्माग टावर लगाया गया है।  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को इसका उद्घाटन किया। इसके बाद यह काम करने लगा है। 


इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वायु प्रदूषण से लड़ने और दिल्ली की हवा साफ करने के लिए दिल्ली में देश का पहला स्मॉग टॉवर लगाया जा रहा है। इस तकनीक को हमने अमेरिका से आयात किया है। ये टॉवर 24 मीटर ऊंचा है और ये 1 किलोमीटर दायरे की हवा को साफ करेगा।


मिली जानकारी के मुताबिक, यह स्माग टावर दूषित हवा को अपने अंदर खीचेंगा और साफ हवा को छोड़ेगा। स्माग टावर की खूबी यह है कि तकरीबन एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की प्रदूषित हवा को अपने अंदर लेकर साफ हवा की आपूर्ति करेगा।

इसके साथ ही यह स्माग टावर वातावरण दूषित हवा को खींचेगा और साफ करके 10 मीटर की ऊंचाई पर छोड़ेगा। इसके शुरू होने के बाद विशेषज्ञ दिल्ली में वायु प्रदूषण पर इसके प्रभाव का पता लगाएंगे। नतीजों के आधार पर दिल्ली में अन्य स्थानों पर उपकरण लगाने पर फैसला लेंगे। यह एक तरह से पायलट प्रोजेक्ट है।


बांग्लादेशी कट्टरपंथी भारत के रास्ते अफगानिस्तान जाने की फिराक में, बनना चाहते हैं तालिबानी !

ढाका के पुलिस कमिश्नर शफीकुल इस्लाम ने बताया कि यह युवा किसी भी तरह अफगानिस्तान पहुंचना चाहते हैं। हालांकि इनकी संख्या कितनी है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। यह बात भी गौर करने वाली है कि करीब 20 साल पहले बड़ी संख्या में बांग्लादेशी युवा तालिबान से जुड़ने के लिए अफगानिस्तान की यात्रा कर चुके हैं।

नई दिल्ली/ढाका: पड़ोसी देश बांग्लादेश के कुछ कट्टरपंथी सोच के युवा अफगानिस्तान जाकर तालिबान में शामिल होना चाहते हैं। इसके लिए वह भारत के रास्ते जाने की फिराक में। इस बाबत बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पुलिस कमिश्नर शपीकुल इस्लाम ने भारत से जानकारी साझी की है। इसकी भनक लगते ही भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को अलर्ट किया गया है।

ढाका के पुलिस कमिश्नर शफीकुल इस्लाम ने बताया कि यह युवा किसी भी तरह अफगानिस्तान पहुंचना चाहते हैं। हालांकि इनकी संख्या कितनी है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। यह बात भी गौर करने वाली है कि करीब 20 साल पहले बड़ी संख्या में बांग्लादेशी युवा तालिबान से जुड़ने के लिए अफगानिस्तान की यात्रा कर चुके हैं। 

ढाका के पुलिस कमिश्नर शफीकुल इस्लाम से इस बारे में सूचना मिलते ही बीएसएफ अलर्ट हो गई है। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक बीएसएफ दक्षिणी बंगाल फ्रंटियर के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने कहा कि हमारी सेना अलर्ट मोड पर है। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी इस तरह की गतिविधि में शामिल युवा को गिरफ्तार नहीं किया गया है। एसएस गुलेरिया ने कहा कि बांग्लादेश के अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों को इस बारे में जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि वहां पर कुछ गुट अफगानिस्तान में तालिबान का राज होने से काफी खुश हैं। 

बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश के अतिवादी गुटों में तालिबान के उभार पर उत्साह है। उन्होंने बताया कि हालांकि बांग्लादेशी सरकार ने इन अतिवादियों को कुचलने में कोई कसर नहीं रखी थी। लेकिन यह भी एक बड़ा सच है कि यह सभी गुट फिलहाल तालिबान के संपर्क में हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह युवा अतिवादी भारत के रास्ते तालिबान पहुंचने का रास्ता तलाश रहा है। इसकी वजह यह है कि उन्हें लगता है कि भारत के जरिए उन्हें आसानी से वीजा मिल जाएगा। 


कश्मीरी विस्थापितों को लिए खुशखबरी, वापस मिलेगी उनकी पुश्तैनी जायदाद !

इस कवायद के तहत एक शिकायत पोर्टल तैयार किया गया है। इस पर देश-विदेश में कहीं भी रहने वाले विस्थापित कश्मीरी अपनी जायदाद के कब्जे या जबरन सस्ते दामों में खरीद लिए जाने की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत की जांच के बाद एक तय समय सीमा के भीतर उनकी जायदाद वापस कराई जाएगी।

नई दिल्ली: हिंसा के कारण कश्मीर से विस्थापित होने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, सरकार अब इस दिशा में काम कर रही है कि उनकी पुस्तैनी जमीन उन्हें वापस दी जा सके। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इसके लिए नए सिरे से कोशिश शुरू कर दी है।


इस कवायद के तहत एक शिकायत पोर्टल तैयार किया गया है। इस पर देश-विदेश में कहीं भी रहने वाले विस्थापित कश्मीरी अपनी जायदाद के कब्जे या जबरन सस्ते दामों में खरीद लिए जाने की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत की जांच के बाद एक तय समय सीमा के भीतर उनकी जायदाद वापस कराई जाएगी।

एक अधिकारी ने कहा कि आतंकी धमकियों के कारण जब लाखों कश्मीरियों को घर-बार छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा तो उनकी संपत्तियों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सरकार की थी लेकिन सरकार इसमें विफल रही। उनके मकान, दुकान व अचल संपत्तियों पर कब्जा कर लिया गया। बाद में विस्थापितों को डरा-धमकाकर औने-पौने दामों में उन संपत्तियों को खरीद लिया गया। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अब सरकार ने विस्थापितों की ऐसी अचल संपत्तियों को वापस कराने का बीड़ा उठाया है।

अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिकत, 1997 में विस्थापितों की अचल संपत्ति की सुरक्षा और वापसी के लिए जम्मू-कश्मीर में कानून बनाया गया था लेकिन उसके तहत शिकायतकर्ता को खुद जिलाधिकारी के सामने जाकर शिकायत करनी होती थी और संपत्ति के जबरन कब्जे का सुबूत देकर उसे वापस पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। प्रशासन के समर्थन के अभाव में इस कानून से एक भी विस्थापित को उनकी जायदाद वापस नहीं दिलाई गई।

अधिकारी ने कहा कि एक बार पोर्टल पर अपने नाम के साथ मौजूदा पता बताना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि उसकी पुश्तैनी संपत्ति किस गांव, जिले या तहसील में है। शिकायत दर्ज कराने के बाद संबंधित जिले का जिलाधिकारी खुद ईमेल या फोन पर शिकायतकर्ता से संपर्क करेगा और उन्हें वापस दिलाने के लिए कार्रवाई शुरू करेगा।

उन्होंने कहा कि बहुत सारे मामलों में संपत्ति पिता, दादा, परदादा या अन्य रिश्तेदार के नाम पर हो सकती है। पोर्टल में यह जानकारी देने की भी सुविधा दी गई है। निजी संपत्ति के साथ-साथ पोर्टल पर धार्मिक व सामुदायिक संपत्तियों के जबरन कब्जे की शिकायत भी कर सकते हैं।


मिशन अफगानिस्तान: अबतक 400 भारतीय लाए गए वापस

इन चार सौ लोगों में से 232 लोग ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे, कतर की राजधानी दोहा और शारजाह से चार अलग-अलग उड़ानों से लाए गए। इन सभी लोगों को भारतीय वायुसेना और अमेरिकी एवं नाटो सेना के विमानों से काबुल से पहले ही निकाल लिया गया था। जबकि 168 यात्री काबुल से भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान सी-17 ग्लोबमास्टर से हिंडन एयरबेस में उतरे।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का राज होने के बाद हर कोई वहां पर भय के साए में जी रहा है। हर शख्स अफगानिस्तान से बाहर निकलना चाह रहा है लेकिन वहां से निकलने के रास्ता सिर्फ एक है वह है काबुल एयरपोर्ट। यहां से भी सिर्फ सैन्य विमान ही उड़ान भर पा रहे हैं। वहीं, भारत ने अबतक 400 से ज्यादा भारतीयों को अफगानिस्तान से निकाल लिया है।


अफगानिस्तान में बदतर हो रहे हालात के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए भारत सरकार का कूटनीतिक प्रयास रंग ला रहा है। भारतीय वायुसेना के विमानों के साथ ही अमेरिका और नाटो सेना के विमानों की भी इस कार्य में मदद ली जा रही है। इन सामूहिक प्रयासों से रविवार को चार सौ लोगों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया, इनमें 23 अफगानी सिख और हिंदू एवं दो नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।

इन चार सौ लोगों में से 232 लोग ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे, कतर की राजधानी दोहा और शारजाह से चार अलग-अलग उड़ानों से लाए गए। इन सभी लोगों को भारतीय वायुसेना और अमेरिकी एवं नाटो सेना के विमानों से काबुल से पहले ही निकाल लिया गया था। जबकि 168 यात्री काबुल से भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान सी-17 ग्लोबमास्टर से हिंडन एयरबेस में उतरे।

रविवार को सबसे पहले कतर की राजधानी दोहा से विमान (उड़ान संख्या 6ई-1702) 14 भारतीय नागरिकों को लेकर पहुंचा। इस विमान के उतरने के करीब 25 मिनट बाद कतर से ही एक और विमान (उड़ान संख्या यूके- 284) से 120 भारतीय पहुंचे। इस विमान से यात्री उतर ही रहे थे कि ठीक पांच मिनट बाद दुशांबे से एयर इंडिया का विमान आइजीआइ के रनवे पर लैंड किया। सुबह पांच बजकर 10 मिनट पर उतरे एयर इंडिया के इस विमान से 94 यात्री आए, जिनमें पांच राजनयिक और नेपाल के दो नागरिक भी शामिल थे। इस विमान के उतरने के करीब आधे घंटे के बाद ही एक और विमान ने आइजीआइ के रनवे पर लैंडिंग की। शारजाह से आए इस विमान में चार भारतीय नागरिक सवार थे।

भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान काबुल से 107 भारतीयों को लेकर आज गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस में उतरा। इस विमान में कुल 168 लोग लाए गए, जिनमें दो अफगानी सांसद समेत 23 अफगानी सिख और हिंदू शामिल थे।

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे विमान हिंडन एयरबेस के रनवे पर उतरा। अपने सरजमीं पर पैर रखते ही भारतीय नागरिक खुशी से झूम उठे। भारत माता के जयकारे लगाते हुए कई भारतीयों ने धरती को चूमा और नमन किया। सुरक्षित वतन वापसी कराने के लिए भारत सरकार का आभार जताया। हल्का चाय-नाश्ता देने के बाद उन्हें वायुसेना की बसों से दिल्ली भेजा गया।

बताया गया कि अफगानिस्तान लाए जाने वालों में अलग-अलग शहरों व प्रदेशों के रहने वाले लोग शामिल हैं। इन सभी लोगों को दिल्ली से ही उनके घर भेजने की व्यवस्था की गई है।


असम: सोशल मीडिया पर तालिबान का समर्थन करनेवाले 14 गिरफ्तार

अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि असम पुलिस ने सोशल मीडिया पर तालिबान से संबंधित पोस्ट डालने के आरोप में कम से कम 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।

नई दिल्‍ली: अफगानिस्‍तान की सत्‍ता पर तालिबान के कब्‍जे के बाद देश में राष्‍ट्रविरोधी तत्‍व सक्रिय हो गए हैं। वहीं कानून का शिकंजा भी तेजी से इन अवांक्षनीय तत्‍व पर कसता जा रहा है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि असम पुलिस ने सोशल मीडिया पर तालिबान से संबंधित पोस्ट डालने के आरोप में कम से कम 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।

असम के विशेष पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने कहा है कि लोग ऐसे पोस्ट और लाइक को लेकर सावधान रहें। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक इन 14 लोगों को असम पुलिस की साइबर सेल ने ट्रैक करने के बाद गिरफ्तार किया। गुवाहाटी के एक वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये आरोपी असम के 10 जिलों से गिरफ्तार किए गए हैं। 


असम में कम से कम 17 सोशल मीडिया प्रोफाइल को तालिबान से संबंधित विभिन्न पोस्ट करते हुए देखा गया है। इन पोस्टों में राष्‍ट्रविरोधी तत्‍वों द्वारा अफगानिस्तान में तालिबान की गतिविधियों का समर्थन करते हुए टिप्पणियां की गईं। सभी पोस्‍ट बीते दो हफ्तों के दौरान डाले गए थे।


 पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट असम के 10 जिलों के 14 लोगों ने डालीं जबकि तीन अन्य ने दुबई, सऊदी अरब और मुंबई से भड़काऊ कंटेंट पोस्‍ट किए।


पुलवामा एनकाउंटर: जैश के तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने किया ढेर

त्राल के जंगल वाले इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी मारे गए हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस ने ये जानकारी दी है।

श्रीनगर: आज सुरक्षाबलों को एक बार फिर से पुलवामा में कामयाबी मिली है। दरअसल, तीन दहशतगर्दों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। मिली जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। त्राल के जंगल वाले इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी मारे गए हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस ने ये जानकारी दी है। सर्च ऑपरेशन जारी है। हालांकि, मारे गए आतंकियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

उन्होंने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर जिले के नागबेरान त्राल के वन क्षेत्र में ऊंचाई वाले इलाकों में घेराबंदी एवं तलाश अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। पूरे इलाके को सुरक्षाबलों ने घेर रखा है और तलाशी अभियान जारी है।


दिल्ली-NCR में हो रही झमाझम बारिश, जाम और जलभराव की समस्या, कई जगह रास्ते बंद, मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

भारी बारिश की वजह से लोगों को राहत तो मिली लेकिन यही बारिश अब दिल्ली के लिए आफत बन चुकी है। शुक्रवार रात से ही दिल्ली में लगातार बारिश हो रही है।

नई दिल्लीः भारी गर्मी के बीच गुरुवार से दिल्ली-एनसीआर में बारिश होने की वजह से राहत महसूस की गई। भारी बारिश की वजह से लोगों को राहत तो मिली लेकिन यही बारिश अब दिल्ली के लिए आफत बन चुकी है। शुक्रवार रात से ही दिल्ली में लगातार बारिश हो रही है।


राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में शुक्रवार रात से ही झमाझम बारिश जारी है। बारिश के कराण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मुसलाधार बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया है। सड़कों पर पानी जमने के कारण ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है। शहर के आजाद मार्केट अंडरपास में करीब डेढ़ फीट तक पानी जम गया है ऐसे में इस रास्ते को बंद करना पड़ा है। इसके अलावा आईटीओ इलाके में भी अंडरपास में पानी जमा हुआ है।


बता दें कि शनिवार यानी आज दिन भर दिल्ली में जबरदस्त बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में शनिवार को मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रह सकता है।

इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राजस्थान, विदर्भ के कुछ हिस्सों, मराठवाड़ा, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश बारिश हो सकती है। विभाग के मुताबिक कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने बताया कि तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, रायलसीमा, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।

इन राज्यों में हल्की बारिश होगी

मौसम विभाग ने बताया कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय कर्नाटक और केरल में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर पूर्वी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ के इलाके में हल्की बारिश हो सकती है।


जम्मू-कश्मीर: घाटी में जारी है सुरक्षाबलों का 'सफाई अभियान',आज हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकी मार गिराए

सुरक्षाबलों ने इलाके में और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते फिलहाल सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। मारे गए आतंकियों की फिलहाल पहचान जाहिर नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक वे दोनों स्थानीय बताए जा रहे हैं।

श्रीनगर: कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों का 'सफाई अभियान' जारी है। आज एक बार फिर से आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है।


मिली जानकारी के मुताबिक,  दक्षिण कश्मीर के जिला पुलवामा के अवंतीपोरा में खिरयु पांपोर इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच जारी सुबह से हिजबुल मुजाहिदीन के दोनों आतंकी मारे गए हैं।

सुरक्षाबलों ने इलाके में और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते फिलहाल सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। मारे गए आतंकियों की फिलहाल पहचान जाहिर नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक वे दोनों स्थानीय बताए जा रहे हैं।

दोनों आतंकियों के शवों को अपने कब्जे में लेते हुए सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से हथियार व गोलाबारूद भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था परंतु उन्होंने इससे इंकार करते हुए सुरक्षाबलों पर गोलीबारी जारी रखी। 

पुलिस ने बताया कि पांपोर के खिरयु इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना उन्हें वीरवार देर रात को मिली थी। पुलिस के एसओजी केे जवान, सेना व सीआरपीएफ के संयुक्त दल के साथ इलाके में पहुंचे और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी। 

शुक्रवार सुबह जब वे अपने तलाशी अभियान को आगे बढ़ाते हुए खिरयु के एक मुहल्ले में पहुंचे तो वहां छिपे आतंकियों उन्हें नजदीक आता देख उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलाें ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए पहले तो आतंकियों काे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा परंतु जब वे नहीं माने तो उन्होंने भी जवाब में फायरिंग की। 

आतंकी मौका पाकर वहां से फरार न हो जाएं इसकेे चलते सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को मुठभेड़ स्थल पर बुला लिया गया। एक आतंकी के मारे जाने केे बाद सुरक्षाबल दूसरे आतंकी को बार-बार आत्मसमर्पण करने के लिए कह रहे हैं परंतु दोनों ओर से गोलीबारी का सिलसिला जारी है। सुबह पौने दस बजे के करीब सुरक्षाबलाें ने दूसरे आतंकी को भी मार गिराया।


'आतंक के आका' पाकिस्तान को UNSC में भारत ने फिर लगाई लताड़, चीन को भी घेरा, कही ये बड़ी बातें

भारत ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन बेखौफ अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं और उन्हें इसके लिए शह भी मिल रही है।

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहे भारत ने एक बार फिर से पाकिस्तान और उसके सदाबहार दोस्त चीन को लताड़ लगाई है। जहां, पाकिस्तान को आतंकियों का साथ देने के लिए भारत ने लताड़ लगाई है तो वहीं चीन को भी तमाम मुद्दों पर घेरा है।

भारत ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन बेखौफ अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं और उन्हें इसके लिए शह भी मिल रही है। 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साथ ही पाकिस्तान स्थित आतंकियों द्वारा किए गए 2008 के मुंबई आतंकी हमले, पठानकोट में वायु सेना अड्डे और पुलवामा हमले की याद दिलाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कभी भी आंतकवादियों को पनाह नहीं देनी चाहिए। 

उन्होंने पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से प्रहार करते हुए कहा कि ऐसी दोहरी बातें करने वालों को उजागर करना होगा, जो ऐसे लोगों को सुविधाएं देते हैं, जिनके हाथ मासूमों के खून से रंगे होते हैं।

जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अध्यक्षता करते हुए 'आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा' विषय पर एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिबंधित हक्कानी नेटवर्क की गतिविधियों में वृद्धि इस बढ़ती चिंता को सही ठहराती है। जयशंकर ने कहा, 'हमारे पड़ोस में, आईएसआईएल-खोरासन (आईएसआईएल-के) अधिक ताकतवर हो गया है और लगातार अपने पांव पसारने की कोशिश कर रहा है। अफगानिस्तान में होने वाले घटनाक्रम ने स्वाभाविक रूप से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर वैश्विक चिंताओं को बढ़ा दिया है।' उन्होंने कहा, 'चाहे वह अफगानिस्तान में हो या भारत के खिलाफ, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूह को प्रश्रय प्राप्त है और वे बेखौफ होकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।' विदेश मंत्री ने कहा कि इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि सुरक्षा परिषद ''हमारे सामने आ रही समस्याओं को लेकर एक चयनात्मक, सामरिक या आत्मसंतुष्ट दृष्टिकोण नहीं अपनाए। उन्होंने कहा, 'हमें कभी भी आतंकवादियों के लिए पनाहगाह उपलब्ध नहीं करानी चाहिए या उनके संसाधनों में इजाफे की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।'

जयशंकर ने कहा, 'जब हम देखते हैं कि जिनके हाथ निर्दोष लोगों के खून से सने हैं उन्हें राजकीय आतिथ्य दिया जा रहा है, तो हमें उनके दोहरेपन को उजागर करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि आईएसआईएल-खोरासन भारत के पड़ोस में अपनी ताकत बढ़ाते हुए पैर पसार रहा है जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने परिषद को बताया कि इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवेंट (आईएसआईएल) या आईएसआईएस द्वारा गतिविधयों को अंजाम देने के तौर-तरीकों में बदलाव आया है, जिसमें मुख्य रूप से सीरिया और इराक में पकड़ मजबूत करना शामिल है। उन्होंने कहा, '' यह उभार बेहद खतरनाक है और आईएसआईएल और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सामूहिक प्रयासों के लिए चुनौतियों को बढ़ाता है।'


चीन पर भी बोला हमला


जयशंकर ने कहा, 'भारत, आतंकवाद से संबंधित चुनौतियों और क्षति से अत्याधिक प्रभावित रहा है। वर्ष 2008 मुंबई हमले के निशान मिटे नहीं हैं। 2016 में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए हमले और पुलवामा में हमारे पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले की यादें भी ताजा हैं। हमें कभी भी आतंकवाद की बुराई से समझौता नहीं करना चाहिए।' चीन पर कटाक्ष करते हुए जयशंकर ने परिषद में कहा कि देशों को आतंकवादियों को नामित करने के अनुरोध को बिना किसी कारण के लंबित नहीं रखना चाहिए।


विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में न्यायोचित नहीं ठहराएं और ना ही आतंकवाद का महिमामंडन करें क्योंकि आतंकवादी तो आतंकवादी है, ऐसे में उसका भेद अपने जोखिम पर करें। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों, अभिव्यक्तियों की निंदा की जानी चाहिए, इसे किसी भी तरह न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।


यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में अगले तीन दिनों तक होगी भारी बारिश, एक क्लिक में जानिए पूरे देश के मौसम का हाल

आईएमडी ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा वाले क्षेत्रों में 18 और 19 अगस्त को, मध्यप्रदेश में 18 से 20 अगस्त को, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को बारिश हो सकती है।

नई दिल्ली: अगले तीन दिनों में गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में जमकर बारिश होने वाली है। वहीं, मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर रखा है।



दक्षिण पश्चिम मानसून एक बार फिर उत्तर भारत में सक्रिय हो गया है। करीब दो हफ्ते के बाद आज यानी 19 अगस्त से फिर से बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों पर 19 से 21 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इतना ही नहीं, बिहार में भी बारिश का मौसम बना हुई है और अलग-अलग इलाकों में बीते कुछ दिनों से हर दिन बारिश हो रही है।

आईएमडी ने कहा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20- 21 अगस्त को बारिश होने का अनुमान है। बिहार के कुछ स्थानों पर 20- 22 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 

आईएमडी ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा वाले क्षेत्रों में 18 और 19 अगस्त को, मध्यप्रदेश में 18 से 20 अगस्त को, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को बारिश हो सकती है।

स्काईमेट वेदर के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा के कुछ हिस्सों, तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों,मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा के कुछ हिस्से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड, तेलंगाना के शेष हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा पूर्वांचल में कई स्थानों पर हल्की से सामान्य वर्षा होने या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का भी अनुमान है। पश्चिमी यूपी में कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। इसी क्रम में 20 व 21 अगस्त को पश्चिमी यूपी में अधिकांश स्थानों और पूर्वांचल में कई स्थानों पर बारिश होने के आसार जताए गए हैं।

वहीं, मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड के कई जिलों में 19 से 22 तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 19 और 20 को ऑरेंज अलर्ट है तो 21 ओर 22 को येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 को कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्र व उससे लगे गढ़वाल मंडल के जिलों में कहीं कहीं तीव्र बौछार के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हरिद्वार व उधमसिंहनगर को छोड़कर बाकी सभी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।


रंजीत सिंह हत्‍याकांड: गुरमीत राम रहीम की मुश्‍किल बढ़ी, पंचकूला कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

गुरमीत राम रहीेम अभी साध्‍वी दुष्‍कर्म मामले और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्‍या मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। पंचकूला की अदालत में आज रंजीत सिंह मर्डर केस में सुनवाई पूरी हो गई।

पंचकूला: रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। दरअसल, रंजीत सिंह हत्‍याकांड में पंचकूला की विशेष सीबीआइ अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगर इस मामले में राम रहीम को दोषी पाया जाता है तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।


अदालत अब इस मामले में 24 अगस्‍त को फैसला सुना सकती है। इस मामले में गुरमीत राम रहीम मुख्‍य आरो‍पित है। बताते चलें कि गुरमीत राम रहीेम अभी साध्‍वी दुष्‍कर्म मामले और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्‍या मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। पंचकूला की अदालत में आज रंजीत सिंह मर्डर केस में सुनवाई पूरी हो गई। इसके साथ ही गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


पंचकूला स्थित विशेष सीबीआइ अदालत ने बुधवार को सुनवाई के बाद रंजीत सिंह हत्या मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। पिछली सुनवाई में फाइनल बहस पूरी होने के बाद आज सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में अगली तारीख 24 अगस्त तय कर दी। इस दिन सीबीआई कोर्ट द्वारा इस मामले में फैसला सुनाया जा सकता है।


बता दें कि इस मामले में गुरमीत राम रहीम के साथ-साथ कृष्ण लाल, जसवीर, सबदिल और अवतार भी आरोपी हैं। सीबीआइ कोर्ट में मुख्य आरोपित गुरमीत राम रहीम और कृष्णलाल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। आरोपित अवतार, जसवीर और सबदिल सीबीआइ कोर्ट में हाजिर हुए।

10 जुलाई 2002 को डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रंजीत सिंह की हत्‍या हुई थी। डेरा प्रबंधन को शक था कि रंजीत ने ही साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से लिखवाई थी। मामले में पुलिस ने गुरमीत राम रहीम और डेरा को क्‍लीनचिट दे दी। पुलिस जांच से असंतुष्ट रंजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले सीबीआइ जांच की मांग की थी।


आरोप है कि रंजीत सिंह हत्या मामले में डेरा सच्चा सौदा के पांच सदस्य अवतार, इंदर सैनी, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह और सबदिल सिंह ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के कहने पर रंजीत सिंह की हत्या की साजिश रची थी।


सुप्रीम फैसला: NDA की परीक्षा में हिस्सा ले सकती हैं लड़कियां

पांच सितंबर को एनडीए की प्रवेश परीक्षा होनी है। एनडीए में दाखिले पर फैसला बाद में होगा। लेकिन कोर्ट ने आज परीक्षा में शामिल होने पर सहमति जता दी दी है। लड़कियों को अब तक अनुमति नेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा में शामिल होने की नहीं थी।

नई दिल्ली: लड़कियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, सुप्रीम ने एनडीए (नेशनल डिफेंस एकेडमी) में लड़कियों की पढ़ाई को मंजूरी दे दी है।

बता दें कि पांच सितंबर को एनडीए की प्रवेश परीक्षा होनी है। एनडीए में दाखिले पर फैसला बाद में होगा। लेकिन कोर्ट ने आज परीक्षा में शामिल होने पर सहमति जता दी दी है। लड़कियों को अब तक अनुमति नेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा में शामिल होने की नहीं थी।


अधिवक्ता कुश कालरा याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि महिलाओं को ग्रेजुएशन के बाद ही सेना में आने की अनुमति है। उनके लिए न्यूनतम आयु भी 21 साल रखी गई है। जबकि लड़कों को 12वीं के बाद ही एनडीए में शामिल होने दिया जाता है।


भारत को 2027 तक मिल सकती है पहली महिला CJI, सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने भेजी 9 नामों की सिफारिश, जस्टिस नागरत्ना का नाम सबसे ऊपर

सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने 22 महीने बाद 9 नई नियुक्तियों की सिफारिश भेजी है। इनमें तीन महिला जजों के नाम भी शामिल है। ऐसे में माना जा रहा है कि 2027 तक देश को पहली महिला सीजेआई मिल सकती हैं।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने 22 महीने बाद 9 नई नियुक्तियों की सिफारिश भेजी है। इनमें तीन महिला जजों के नाम भी शामिल है। ऐसे में माना जा रहा है कि 2027 तक देश को पहली महिला सीजेआई मिल सकती हैं।


मिली जानकारी के अनुसार चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमण ने मंगलवार को सरकार के पास यह नाम भेजे हैं। 9 नामों में से तीन नाम महिला न्यायधीशों के हैं। तीन महिला न्यायधीशों में से एक आने वाले समय में भारत की पहली महिला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी बन सकती हैं।

बता दें कि, कॉलेजियम ने पहली बार तीन महिला न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है। इसमें कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस बी वी नागरत्ना, तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली और गुजरात हाईकोर्ट की जज जस्टिस बेला त्रिवेदी के नाम सरकार को भेजे गए हैं। इसमें जज जस्टिस नागरत्ना भारत की पहली महिला सीजेआई बन सकती हैं  नागरत्ना साल 2027 में सीजेआई बन सकती हैं।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल एक महिला जज जस्टिस इंदिरा बनर्जी हैं। वह सितंबर 2022 में सेवानिवृत्त होने वाली हैं। सर्वोच्च न्यायालय में अब तक केवल आठ महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है। जज जस्टिस रोहिंटन नरीमन के सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के कुछ ही दिनों बाद यह सिफारिशें की गई हैं।


जज जस्टिस नरीमन साल 2019 से कॉलेजियम के सदस्य थे। एक चर्चित  अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, नरीमन, कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अभय ओका और त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी की सिफारिश पहले करने की बात कर रहे थे। वह अपने रुख पर अड़े हुए थे जिसके चलते कोलेजियम से नाम भेजे नहीं जा रहे थे।

कोलेजियम ने की इन नामों की सिफारिश

  • सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस रोहिंटन नरीमन 
  • कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अभय ओका
  • कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना
  • तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली 
  • त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी
  • गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ 
  • सिक्किम हाईकोर्ट के जस्टिस जे के माहेश्वरी
  • 'बार' से कोलेजियम ने  पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिम्हा का नाम दिया गया है
  • केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस सीटी रविकुमार व जज जस्टिस एमएम सुंदरेश की सिफारिश भी की गई है

अगर सरकार इन सिफारिशों को स्वीकार करती है तो सुप्रीम कोर्ट में सभी मौजूदा खाली पद भर जाएंगे और न्यायधीशों की संख्या 33 हो जाएगी। हाालंकि बुधवार को ही जज जस्टिस नवीन सिन्हा रिटायर होने वाले हैं।


कोलेजियम में सीजेआई रमण के अलावा जज जस्टिस यू यू ललित, जज जस्टिस ए एम खानविलकर, जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जज जस्टिस एल नागेश्वर राव शामिल हैं।


अफगानिस्तान को लेकर हुई बैठक में पीएम मोदी का सख्त आदेश, बोले-'भारतीयों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करें, अल्पसंख्यकों की भी की जाए मदद'

एक अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत को न केवल अपने नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए, बल्कि हमें उन सिख और हिंदू अल्पसंख्यकों को भी शरण देनी चाहिए जो भारत आना चाहते हैं, और हमें हर संभव सहायता भी प्रदान करनी चाहिए। हमारे अफगान भाइयों और बहनों की मदद करें जो सहायता के लिए भारत की ओर देख रहे हैं।"

नई दिल्‍ली : अफगानिस्‍तान के हालात का आकलन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शाम सुरक्षा पर कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल हुए। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और अफगानिस्तान के राजदूत रुद्रेंद्र टंडन भी बैठक में मौजूद रहे। राजदूत रुद्रेंद्र टंडन को आज सुबह ही काबुल से निकाला गया था।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा संबंधी कैबिनेट कमेटी को अफगानिस्तान में मौजूदा और विकसित हो रही सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति और हाल ही में लोगों को खाली कराने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से आने वाले दिनों में अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने को कहा।

आज बैठक में होने वाली बातों की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत को न केवल अपने नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए, बल्कि हमें उन सिख और हिंदू अल्पसंख्यकों को भी शरण देनी चाहिए जो भारत आना चाहते हैं, और हमें हर संभव सहायता भी प्रदान करनी चाहिए। हमारे अफगान भाइयों और बहनों की मदद करें जो सहायता के लिए भारत की ओर देख रहे हैं।"

गौरतलब है कि काबुल में भारतीय राजदूत एवं दूतावास के कर्मियों समेत 120 लोगों को लेकर भारतीय वायुसेना का एक विमान मंगलवार को अफगानिस्तान से गुजरात के जामनगर पहुंचा था। सी-19 विमान पूर्वाह्न 11 बजकर 15 मिनट पर जामनगर में वायुसेना अड्डे पर उतरा और फिर वह ईंधन भराने के बाद तीन बजे अपराह्न दिल्ली के समीप स्थित हिंडन एयरबेस के लिए रवाना हो गया था। यह विमान ने शाम को हिंडन एयरपोर्ट पहुंचा।


कश्मीर मसले पर पाकिस्तान को नहीं मिलेगा तालिबान का साथ, जानिए क्यों ?

तालिबान ने कश्मीर मसले पर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। तालिबान के मुताबिक, कश्मीर दो देशों का (भारत-पाकिस्तान) का आंतरिक मसला है लिहाजा वह इस मुद्दे पर फोकस नहीं करने वाला

नई दिल्ली: तालिबान का कब्जा अफगानिस्तान पर पूरी तरह से हो चुका है। अगर इस बात से कोई सबसे ज्यादा खुश है तो वह है पाकिस्तान। दरअसल, पाकिस्तान को उम्मीद है कि तालिबान कश्मीर मसले पर भारत के खिलाफ उसकी मदद करेगा। लेकिन तालिबान ने कश्मीर मसले पर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। तालिबान के मुताबिक, कश्मीर दो देशों का (भारत-पाकिस्तान) का आंतरिक मसला है लिहाजा वह इस मुद्दे पर फोकस नहीं करने वाला


फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ओर से शिकंजा कसे जाने के बाद वह आतंकी कैंपों को अफगानिस्तान से चलाना चाहता है, ताकि एफएटीएफ की आंखों में धूल झोंककर वह अपनी काली करतूतों को जारी रख सके। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान अपने मंसूबों को अंजाम देने में सफल हो सकता है? 


जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में अफगानिस्तान इस्लामिक आतंकवाद का केंद्र बन सकता है। यहां तालिबान सहित अन्य आतंकी संगठनों के हाथ वे सभी हथियार लग गए हैं, जिन्हें अमेरिका ने 3 लाख से अधिक अफगानी सैनिकों के हवाले किया था। हेलिकॉप्टर से लेकर तोप तक सभी तरह के हथियार अब इनके पास हैं। पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा और लश्कर-ए-जांघवी की अफगानिस्तान में मौजूदगी है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने तालिबान के साथ मिलकर वहां कुछ गांवों और काबुल के कुछ हिस्सों में चेक पोस्ट बनाए हैं। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि पाकिस्तान के लिए अपने नापाक इरादों को अंजाम देना आसान नहीं है, क्योंकि तालिबान ने कश्मीर पर अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा है कि वह इसे द्वीपक्षीय और आंतरिक मुद्दा मानता है। सूत्रों का कहना है कि कश्मीर तालिबान के फोकस पर नहीं रहने वाला है।

जम्मू-कश्मीर में सतर्क रहने की जरूरत

सरकारी सूत्रों का कहना है कि कश्मीर में सुरक्षा की चौकसी बढ़ाई जाएगी, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। अफगानिस्तान में मौजूद पाकिस्तानी समूहों की क्षमता इस स्थिति में काफी कम है। हालांकि, सुरक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अफगानिस्तान में पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के कैंप पहले भी रहे हैं, इसलिए जम्मू-कश्मीर में सर्तक रहने की जरूरत है।

ISI को नहीं मिल पाएगी कामयाबी !

यह तो तय है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI तालिबान को प्रभावित करने की कोशिश करेगी, लेकिन इस बार विद्रोही समूह पर इसका प्रभाव कम रह सकता है, क्योंकि तालिबान ने इस बार काफी मजबूती के साथ सत्ता पर कब्जा किया है। ISI केवल कमजोर तालिबान को प्रभावित कर सकता है, लेकिन मौजूदा परिस्थिति में इसकी संभावना कम नजर आती है।


150 भारतीयों को लेकर काबुल से गुजरात के जामनगर पहुंचा Indian Air Force का विमान, लगे 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे

मंगलवार को दूसरा विमान भारत आ है। वतन वापसी होते ही जामनगर एयरबेस पर भारतीयों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए गए।

जामनगर: अफगान में मचे हाहाकार के बीच आज काबुल से वायुसेना का एक विमान 150 भारतीयों को लेकर स्वदेश लौट आया है। वायुसेना का सी-17 विमान गुजरात के जामनगर में उतरा। भारत आते ही उनका जोरदार स्वागत किया गया। हालांकि, अभी भी कई सौ भारतीय काबुल में फंसे हुए हैं।

बता दें कि इससे पहले भारतीय वायुसेना का सी-17 विमान सोमवार को अफगानिस्तान से कुछ कर्मियों को लेकर भारत लौटा था और मंगलवार को दूसरा विमान भारत आ है। वतन वापसी होते ही जामनगर एयरबेस पर भारतीयों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए गए।


गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जा हो चुका है। अफगानिस्तान से इस समय निकलने का एक मात्र रास्ता काबुल एयरपोर्ट ही बचा है। काबुल एयरपोर्ट को फिलहाल अमेरिका ने अपनी सुरक्षा में ले रखा है। लोगों को वहां से बचाने का काम जारी है।


अफगानिस्तान: भारतीय NSA अजित डोभाल और अमेरिकी NSA के बीच हुई वार्ता, भारतीयों को काबुल से निकालने पर हुई चर्चा

आज सुबह भारतीय एनएसए अजीत डोभाल ने अमेरिकी एनएसए से बात की। एनएसए डोभाल ने अफगानिस्तान में फंसे भारतीय नागरिक और अधिकारियों को निकालने के मुद्दे पर चर्चा की।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद वहां के हालात बद से बदतर हो चुके हैं। काबुल में लगभग एक हजार भारतीय भी फंसे हुए हैं। इस बीच भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए  आज सुबह भारतीय एनएसए अजीत डोभाल ने अमेरिकी एनएसए से बात की। एनएसए डोभाल ने अफगानिस्तान में फंसे भारतीय नागरिक और अधिकारियों को निकालने के मुद्दे पर चर्चा की।

इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा की थी। उन्होंने तालिबान के कब्जे वाले देश में प्रत्यक्ष हितों वाले विदेश मंत्रियों को फोन किया था। 

कॉल के बाद जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि अफगानिस्तान में नवीनतम घटनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने "काबुल में एयरपोर्ट के संचालन को बहाल करने की आवश्यकता के बारे में बताया। इस संबंध में चल रहे अमेरिकी कोशिशों की गहराई से सराहना करते हैं।"

बता दें कि अफगानिस्तान से बाहर निकलने का एक मात्र रास्ता काबुल एयरपोर्ट ही बचा है। काबुल एयरपोर्ट को फिलहाल अमेरिका ने अपनी सुरक्षा में ले रखा है।


काबुल दूतावास से राजदूत समेत भारतीय स्टाफ को भारत ने सुरक्षित निकाला

भारत ने कबुल में अपने राजदूत समेत सभी स्टाफ को सुरक्षित निकाल लिया है। इन सभी को इंडियन एयरफोर्स के विशेष विमान से वापस स्वदेश लाया गया।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने ले बाद अफरा तफरी का माहौल है। इस बीच भारत ने कबुल में अपने राजदूत समेत सभी स्टाफ को सुरक्षित निकाल लिया है। इन सभी को इंडियन एयरफोर्स के विशेष विमान से वापस स्वदेश लाया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान में मानवीय संकट के बीच भारत ने यह बड़ी कामयाबी हासिल की है। स्पेशल एयरफोर्स फ्लाइट के जरिये अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के कर्मी स्वदेश लौटे। दरअसल, अफगानिस्तान में एयरस्पेस सोमवार को बंद हो गया था, जिसके बाद विमानों की आवाजाही अटक गई थी। हालांकि इसके दोबारा शुरुआत होने के बाद से भारत अपने नागरिकों और अन्य लोगों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है।

करीब 10 बजे इंडियन एयरफोर्स की सी-17 की  फ्लाइट दिल्ली पहुंच भी गई। इसमें अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत रुदेंद्र टंडन भी थे। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि स्पेशल एयरफोर्स फ्लाइट के जरिये अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत, अन्य स्टॉफ और आईटीबीपी के जवानों को भारत लाया जा रहा है।

काबुल में तैनात आईटीबीपी के करीब 100 जवान वायुसेना के जहाज में भारत के लिए उड़े। काबुल में तैनात आईटीबीपी के 100 जवान वायुसेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी 17 में भारत के लिए उड़े। यह एयरक्राफ्ट गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर लैंड करेगा।

 इससे पहले सोमवार को आईटीबीपी के 50 जवान देश लौट चुके हैं। आईटीबीपी के जवान काबुल, मजारे शरीफ, हेरात , कंधार और जलालाबाद में इंडियन मिशन की सुरक्षा में तैनात थे। ये जवान विदेश मंत्रालय के डेपुटेशन पर तैनात थे।


सुप्रीम कोर्ट के सामने युवती ने अपने साथी के साथ लगाई खुद को आग, जानिए-क्या है पूरा मामला

वाराणसी के यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा और गाजीपुर निवासी युवक ने पहले फेसबुक लाइव होते हुए प्रशासन पर कई आरोप लगाए। दोनों के पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगाकर आत्मदाह करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

नई दिल्ली: आज सुप्रीम कोर्ट के सामने एक युवती और एक शख्स ने खुद को आग लगा ली। जैसे तैसे मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन दोनों को बचाया और उपचार हेतु राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि वाराणसी के यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा और गाजीपुर निवासी युवक ने पहले फेसबुक लाइव होते हुए प्रशासन पर कई आरोप लगाए। दोनों के पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगाकर आत्मदाह करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पीड़िता के साथ आग लगाने वाला युवक सत्यम प्रकाश गाजीपुर के सियाडी भांवरकोल का रहने वाला है। भावरकोल तृतीय से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव 2016 भी लड़ा था। बता दें कि कुछ दिन पहले ही वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने पीड़िता के खिलाफ धोखाधड़ी मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया था। पिछले दो साल से दुष्कर्म के आरोप में सांसद अतुल राय प्रयागराज की जेल में बंद हैं।  

फेसबुक पर लाइव वीडियो में पीड़िता और उसके साथी ने वाराणसी पुलिस के अफसरों और न्याय व्यवस्था को कोसते हुए यह कदम उठाने की बात कही। फिलहाल गंभीर अवस्था में दोनों को नई दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सत्यम भी पीड़िता के साथ वाराणसी के यूपी कालेज में पढ़ता था। बताते हैं कि युवक पहले अतुल राय के साथ ही रहता था। लेकिन केस दर्ज होने के बाद पीड़िता के साथ आ गया था। 


'अफगानिस्तान के हालात के लिए अशरफ गनी जिम्मेदार, लोगों को दिया धोखा', चचेरे भाई ने लगाया पूर्व राष्ट्रपति पर बड़ा आरोप

दिल्ली आने वालों में अफगानिस्तान के कुछ नेता भी शामिल हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के चचेरे भाई भी शामिल हैं। उन्होंने अफगानिस्तान की तबाही के लिए अपने भाई अशरफ गनी को जिम्मेदार ठहराया है।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। भारत ने अपने देश के  करीब 200 लोगों को काबुल से वापस सुरक्षित ला लिया है। 129 लोग रविवार शाम दिल्ली आए हैं। दिल्ली आने वालों में अफगानिस्तान के कुछ नेता भी शामिल हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के चचेरे भाई भी शामिल हैं। उन्होंने अफगानिस्तान की तबाही के लिए अपने भाई अशरफ गनी को जिम्मेदार ठहराया है।



पूर्व अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के वरिष्ठ सलाहकार रिजवानुल्लाह अहमदजई भी दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के ज्यादातर हिस्सों में शांति है। ज्यादातर सियासतदान और मंत्री काबुल छोड़ चुके हैं। मुझे लगता है कि यह नया तालिबान है जो महिलाओं को काम करने देगा। 

काबुल से दिल्ली आए पख्तिया प्रांत के सांसद सैयद हसन पक्तिवाल ने बताया कि मैं देश नहीं छोड़ना चाहता। मैं यहां एक बैठक के लिए आया था। मैं अफगानिस्तान वापस जाऊंगा। वहां स्थिति वास्तव में खराब है, खासकर आज रात तो हालात और भी बुरे हो गए हैं।

पूर्व अफगान सांसद और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के दूसरे चचेरे भाई जमील करजई ने बताया कि जब मैं शहर से निकला तो काबुल पर तालिबान का कब्जा था। मुझे लगता है कि जल्द ही एक नई सरकार बनेगी। जो कुछ भी हुआ है वह अशरफ गनी की वजह से हुआ है। उसने अफगानिस्तान को धोखा दिया। लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे।

काबुल से दिल्ली पहुंची एक महिला का कहना है कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि दुनिया ने अफगानिस्तान को छोड़ दिया है। हमारे दोस्त मारे जा रहे हैं। तालिबानी हमें मारने जा रहे हैं। वहां की महिलाओं को कोई और अधिकार नहीं मिलने वाला है।

काबुल से दिल्ली पहुंचे बेंगलुरु के बीबीए के छात्र अब्दुल्ला मसूदी ने बताया कि वहां लोग बैंकों की ओर दौड़ रहे हैं। मैंने कोई हिंसा नहीं देखी, लेकिन मैं यह नहीं कह सकता कि वहां कोई हिंसक घटनाएं नहीं हो रही थी। मेरा परिवार अफगानिस्तान में है और मैं यहां पढ़ाई करता हूं। मेरी उड़ान पहले से ही प्लान थी। लोग काबुल से निकलने की कोशिश कर रहे हैं।


धनबाद जज हत्याकांड: 'ठोस सुराग' देनेवाले को CBI देगी 5 लाख का इनाम

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने झारखंड के धनबाद के जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले में ठोस सुराग देने वालों को पांच लाख रुपये का इनाम देगी। दरअसल, सीबीआई धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले में 18 दिन बाद भी खाली हाथ है।

नई दिल्ली/धनबाद/रांची:  केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने झारखंड के धनबाद के जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले में ठोस सुराग देने वालों को पांच लाख रुपये का इनाम देगी। दरअसल, सीबीआई धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले में 18 दिन बाद भी खाली हाथ है।

रविवार को यानि स्वतंत्रता दिवस के दिन सीबीआई के स्पेशल सेल ने न्यायाधीश के मौत से संबंधित जानकारी देने वालों के लिए पांच लाख रुपये इनाम की घोषणा कर दी है।

सीबीआई ने शहर के सभी चौक चौराहों पर पोस्टर लगाकर लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति न्यायाधीश के हत्यारों या ,उससे संबंधित कोई भी जानकारी रखता हो तो वह सीबीआई स्पेशल क्राइम ब्रांच वन नई दिल्ली कैंप सीएसआईआर सत्कार गेस्ट हाउस धनबाद मे इसकी सूचना दें या सीबीआई के एसपी सह मामले के अनुसंधानकर्ता विजय कुमार शुक्ला को मोबाइल नंबर पर फोन कर इसकी जानकारी दे।  जानकारी देने वालों को सीबीआई 5 लाख का इनाम देगी।

गौरतलब है कि  28 जुलाई को न्यायाधीश उत्तम आनंद घर से सुबह 5:00 बजे के लगभग मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान उनकी हत्या ऑटो से टक्कर मारकर कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया था। यह भी पता चला था कि जिस ऑटो से जज को टक्कर मारी गई थी उसे घटना वाले दिन के पूर्व रात्रि में चोरी किया गया था।


129 लोगों को लेकर एयर इंडिया का विमान काबुल से दिल्ली पहुंचा

फ्लाइट ने काबुल से शाम 6.06 बजे उड़ान भरी और रात 8 बजे से थोड़ा पहले दिल्ली में उतरी। इससे पहले आज सुबह दिल्ली से उड़ान भरने के बाद AI-243 अशांति के बीच एक घंटे की देरी से काबुल में सुरक्षित लैंड किया।

नई दिल्ली: काबुल से 129 यात्रियों के साथ रवाना हुआ एयर इंडिया का AI-244 विमान आज शाम दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर चुका है। सूत्रों ने कहा कि संघर्ष प्रभावित देश के लिए एयरलाइन की सप्ताह में तीन बार उड़ान अब अनिश्चित है।

मिली जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट ने काबुल से शाम 6.06 बजे उड़ान भरी और रात 8 बजे से थोड़ा पहले दिल्ली में उतरी। इससे पहले आज सुबह दिल्ली से उड़ान भरने के बाद AI-243 अशांति के बीच एक घंटे की देरी से काबुल में सुरक्षित लैंड किया। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान के शहर के बाहरी इलाके में पहुंचने के बावजूद काबुल का हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) मदद के लिए उपलब्ध नहीं था, इसलिए उड़ान में देरी हुई। सूत्रों ने कहा कि काबुल के लिए एक चार्टर उड़ान आज रद्द कर दी गई।


संसदीय कामकाज नाखुश CJI रमना ने जताई चिंता, कहा-'अब बिना उचित बहस के पास हो रहे कानून'

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान कुछ सांसदों द्वारा संसद में उत्पात मचाने को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि अब बिना उचित बहस किया संसद में कानून पास हो रहे हैं।

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान कुछ सांसदों द्वारा संसद में उत्पात मचाने को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि अब बिना उचित बहस किया संसद में कानून पास हो रहे हैं।

आजादी के जश्न के मौके पर देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना ने आज संसद की कार्यवाही पर अपनी नाराजगी जताई है। संसद में हुए हंगामों का जिक्र करते हुए उन्होंने संसदीय बहसों पर चिंता जताई और कहा कि संसद में अब बहस नहीं होती। उन्होंने कहा कि संसद से ऐसे कई कानून पास हुए हैं, जिनमें काफी कमियां थीं। पहले के समय से इसकी तुलना करते हुए चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि जब संसद के दोनों सदन वकीलों से भरे हुए थे, मगर अब मौजूदा स्थिति अलग है। उन्होंने कानूनी बिरादरी के लोगों से भी सार्वजनिक सेवा के लिए अपना समय देने के लिए कहा। 

सीजेआई रमना ने कहा कि अब बिना उचित बहस के कानून पास हो रहे हैं। अगर आप उन दिनों सदनों में होने वाली बहसों को देखें, तो वे बहुत बौद्धिक, रचनात्मक हुआ करते थे और वे जो भी कानून बनाया करते थे, उस पर बहस करते थे...मगर अब खेद की स्थिति है। हम कानून देखते हैं तो पता चलता है कि कानून बनाने में कई खामियां हैं और बहुत अस्पष्टता है। 


उन्होंने आगे कहा कि अभी के कानूनों में कोई स्पष्टता नहीं है। हम नहीं जानते कि कानून किस उद्देश्य से बनाए गए हैं। यह सरकार के लिए बहुत सारे मुकदमेबाजी, असुविधा और नुकसान के साथ-साथ जनता के लिए भी असुविधा पैदा कर रहा है। अगर सदनों में बुद्धिजीवी और वकील जैसे पेशेवर न हों तो ऐसा ही होता है।

गौरतलब है कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के सांसदों ने पेगासस जासूसी कांड समेत कई मामलों को लेकर जमकर हंगामा काटा था। हंगामें की वजह से संसद सत्र को दो दिन पहले की खत्म करना पड़ा।


75वां स्वतंत्रता दिवस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को किया संबोधित, कहा-'छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है'

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि छोटे किसानों की ताकत बढ़ाएंगे। आनेवाले समय मे ब्लॉक स्तर तक वेयरहाउस की सुविधा बनाने का भी अभियान चलाया जाएगा। हमारा मंत्र, संकल्प और सपना है कि 'छोटा किसान बने देश की शान'। आने वाले वर्षों में देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा, नई सुविधाएं देनी होंगी।

नई दिल्ली: आज देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी में लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराने के बाद देश को संबोधित किया।


पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें
  • आजादी का अमृत महोत्सव, 75वें स्वतंत्रता दिवस पर आप सभी को और विश्व भर में भारत को और लोकतंत्र को प्रेम करने वाले सभी लोगों को बहुत शुभकामनाएं।
  • कोरोना वैश्विक महामारी में हमारे डॉक्टर, हमारे नर्सेस, हमारे पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, वैक्सीन बनाने मे जुटे वैज्ञानिक हों, सेवा में जुटे नागरिक हों, वे सब भी वंदन के अधिकारी हैं।
  • भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी हों, देश को एकजुट राष्ट्र में बदलने वाले सरदार पटेल हों या भारत को भविष्य का रास्ता दिखाने वाले बाबासाहेब अम्बेडकर, देश ऐसे हर व्यक्तित्व को याद कर रहा है, देश इन सबका ऋणी हैं।
  • हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। कल ही देश ने भावुक निर्णय लिया है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा।
  • अमृतकाल का लक्ष्य है भारत और भारत के नागरिकों के लिए समृद्धि के नए शिखरों का आरोहण। एक ऐसे भारत का निर्माण जहां सुविधाओं का स्तर गांव और शहर को बांटने वाला न हो। एक ऐसे भारत का निर्माण जहां नागरिकों के जीवन में सरकार बेवजह दखल न दे।
  • यहां से शुरू होकर अगले 25 वर्ष की यात्रा जब हम आजादी की शताब्दी मनाएंगे, नए भारत के सृजन का ये अमृत काल है। इस अमृत काल में हमारे संकल्पों की सिद्धि हमें आज़ादी के 100 वर्ष तक ले जाएगी, गौरवपूर्ण रूप से ले जाएगी।
  • प्रगति पथ पर बढ़ रहे हमारे देश के सामने, पूरी मानवजाति के सामने कोरोना का यह कालखंड बड़ी चुनौती के रूप में आया है। भारतवासियों ने संयम और धैर्य के साथ इस लड़ाई को लड़ा है।
  • हमें अभी से जुट जाना है। हमारे पास गंवाने के लिए एक पल भी नहीं है। यही समय है, सही समय है। बदलते हुए युग के अनुकूल हमें भी अपनेआप को ढालना होगा। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुट चुके हैं।
  • आज सरकारी योजनाओं की गति बढ़ी है और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। पहले की तुलना में हम तेजी से आगे बढ़े लेकिन सिर्फ यहां बात पूरी नहीं होती। अब हमें पूर्णता तक जाना है।
  • हमारे वैज्ञानिकों और उद्यमियों की ताक़त का ही परिणाम है कि आज भारत को किसी और देश पर निर्भर नहीं होना पड़ा।
  • आज हम गौरव से कह सकते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन कार्यक्रम भारत में चल रहा है। हम 54 करोड़ से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन लगा चुके हैं।
  • जब सरकार ये लक्ष्य बनाकर चलती है कि हमें समाज की आखिरी पंक्ति में जो व्यक्ति खड़ा है उस तक पहुंचना है तो न कोई भेदभाव हो पाता है न ही भ्रष्टाचार की गुंजाइश रहती है। देश के हर गरीब व्यक्ति तक पोषण पहुंचाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
  • सरकार अपनी अलग अलग योजनाओं के तहत जो चावल गरीबों को देती है, फोर्टिफाई करेगी। गरीबों को पोषणयुक्त चावल देगी। राशन की दुकान पर मिलने वाला चावल हो, मिड डे मिल में बालकों को मिलने वाला चावल हो वर्ष 2024 तक हर योजना के माध्यम से मिलने वाला चावल फोर्टिफाई कर दिया जाएगा।
  • मेडिकल शिक्षा में जरूरी बड़े सुधार भी किए गए हैं। प्रिवेंटिव हेल्थ केयर पर भी उतना ही ध्यान दिया गया है। साथ साथ देश में मेडिकल सीटों में भी काफी बढ़ोतरी की गई है। बहुत जल्द देश के हजारो अस्पतालों के पास अपने ऑक्सीजन प्लांट भी होंगे।
  • 21वीं सदी में भारत को नई उंचाई पर पहुंचाने के लिए भारत के सामर्थ्य का सही और पूरा इस्तेमाल समय की मांग है, बहुत ज़रूरी है। इसके लिए जो वर्ग और क्षेत्र पीछे है उनकी हैंडहोल्डिंग करनी ही होगी।
  • आज नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी का नया इतिहास लिखा जा रहा है। ये कनेक्टिविटी दिलों की भी है और इंफ्रास्ट्रक्चर की भी है। नार्थ ईस्ट की सभी राजधानियों को रेल सेवा से जोड़ने का काम बहुत जल्द पूरा होने वाला है।
  • सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना, यही लोकतंत्र की असली भावना है। जम्मू हो या कश्मीर, विकास का संतुलन अब ज़मीन पर दिख रहा है। जम्मू कश्मीर में डी-लिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है और भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारी चल रही है।
  • लद्दाख भी विकास की अपनी असीम संभावनाओं की तरफ आगे बढ़ चला है। एक तरफ लद्दाख, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होते देख रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ‘सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी’ लद्दाख को उच्च शिक्षा का केंद्र भी बना रही है।
  • देश के जिन ज़िलों के लिए ये माना गया था कि ये पीछे रह गए, हमने उनकी आकांक्षाओं को भी जगाया है। देश मे 110 से अधिक आकांक्षी ज़िलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क, रोज़गार, से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें से अनेक जिले आदिवासी अंचल में हैं।
  • कोरोना के दौरान देश ने तकनीकी की ताकत और हमारे वैज्ञानिकों की सामर्थ्य और प्रतिबद्धता को देखा है। देश के हर क्षेत्र में हमारे वैज्ञानिक सूझबूझ से काम कर रहे हैं। समय आ गया है कि हम अपने कृषि क्षेत्र में भी वैज्ञानिकों की क्षमताओं और उनके सुझावों को भी जोड़ें।
  • छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है। आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा। उन्हें नई सुविधाएं देनी होंगी।
  • पहले जो देश में नीतियां बनीं, उनमें इन छोटे किसानों को जितनी प्राथमिकता देनी चाहिए थी उनपर जितना ध्यान केंद्रित करना था, वो रह गया। अब इन्हीं छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए कृषि सुधार किए जा रहे हैं।
  • हमें कृषि क्षेत्र की एक बड़ी चुनौती की ओर भी ध्यान देना है। ये चुनौती है गांव के लोगों के पास कम होती जमीन। किसानों की जमीन छोटी होती जा रही है। देश के 80% से भी अधिक किसान ऐसे हैं जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है।
  • फसल बीमा योजना में सुधार हो, एमएसपी डेढ़ गुना करने का निर्णय हो, छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से सस्ते दर से बैंक से कर्ज़ मिले इसकी व्यवस्था हो, सोलर पावर से जुड़ी योजनाओं को खेत तक पहुंचाने की बात हो, किसान उत्पादक संगठन हो, सारे प्रयास छोटे किसानों की ताकत बढ़ाएंगे।
  • छोटे किसानों की ताकत बढ़ाएंगे। आनेवाले समय मे ब्लॉक स्तर तक वेयरहाउस की सुविधा बनाने का भी अभियान चलाया जाएगा। हमारा मंत्र, संकल्प और सपना है कि 'छोटा किसान बने देश की शान'। आने वाले वर्षों में देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा, नई सुविधाएं देनी होंगी।
  • धारा 370 को बदलने का ऐतिहासिक फैसला हो, देश को टैक्स के जाल से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था- GST हो, हमारे फौजी साथियों के लिए वन रैंक वन पेंशन हो, या फिर रामजन्मभूमि केस का शांतिपूर्ण समाधान, ये सब हमने बीते कुछ वर्षों में सच होते देखा है।
  • आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है।
  • देश ने संकल्प लिया है कि आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में 75 वंदेभारत ट्रेनें देश के हर कोने को आपस में जोड़ रही होंगी।आज जिस गति से देश में नए हवाईअड्डों का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना दूर-दराज के इलाकों को जोड़ रही है, वो भी अभूतपूर्व है।
  • भारत को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में होलिस्टिक अप्रोच अपनाने की भी जरूरत है। भारत आने वाले कुछ ही समय में प्रधानमंत्री गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान को लॉन्च करने जा रहा है।
  • 100 लाख करोड़ से भी अधिक की योजना लाखो नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आने वाली है। गतिशक्ति हमारे देश के लिए एक ऐसा नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर मास्टरप्लान होगा जो होलिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नीव रखेगा। हमारी अर्थव्यवस्था को एक इंटीग्रेटेड और होलिस्टिक पाथवे देगा।
  • देश के सभी मैन्यूफैक्चर्स को भी ये समझना होगाआप जो उत्पाद बाहर भेजते हैं वो आपकी कंपनी में बनाया हुआ सिर्फ एक उत्पाद नहीं होता। उसके साथ भारत की पहचान, प्रतिष्ठा और भारत के कोटि-कोटि लोगों का विश्वास जुड़ा होता है।
  • मैं इसलिए मनुफक्चरर्स को कहता हूं  कि आपका हर एक प्रॉडक्ट भारत का ब्रैंड एंबेसेडर है। जब तक वो प्रॉडक्ट इस्तेमाल में लाया जाता रहेगा, उसे खरीदने वाला कहेगा - हां ये मेड इन इंडिया है।
  • जीवन को आगे बढ़ाने में जो भी प्रभावी माध्यम हैं उसमें एक खेल भी है। जीवन में संपूर्णता के लिए खेलकूद होना बहुत आवश्यक है। अब देश में फिटनेस और खेल को लेकर एक जागरुकता आई है। इस बार ओलंपिक में भी हमने देखा है। ये बदलाव हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग प्वाइंट हैं।
  • आज देश में खेलों में टैलेंट, टेक्नोलॉजी और प्रोफेश्नलिज्म लाने के लिए जो अभियान चल रहा है। इस दशक में हमें उसे तेज और व्यापक करना है। देश के लिए गर्व की बात है कि शिक्षा हो या खेल, बोर्ड के नतीजे हों या ओलंपिक का मैदान हमारी बेटियां आज अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रही हैं।
  • सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके भारत ने देश के दुश्मनों को नए भारत के सामर्थ्य का संदेश भी दे दिया है। ये बताता है कि भारत बदल रहा है। भारत कठिन से कठिन फैसले भी ले सकता है और कड़े से कड़े फैसले लेने में भी भारत झिझकता नहीं है, रुकता नहीं है।
  • दुनिया भारत को नई दृष्टि से देख रही है। इसके दो महत्वपूर्ण पहलू हैं, आतंकवाद और विस्तारवाद। भारत इन दोनो चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे तरीके से हिम्मत से जवाब दे रहा है। देश को विश्वास दिलाता हूं कि देश की रक्षा में लगी सेनाओं के हाथ को मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोडेंगे।


श्रीनगर: सनंत नगर में आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर किया ग्रेनेड से हमला, CRPF का एक जवान घायल

आतंकियों ने श्रीनगर के सनंतनगर इलाके में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया। इस हमले के तुरंत बाद आतंकी घटनास्थल से फरार हो गए। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान छेड़ दिया है।

जम्मू: पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका भारत की जश्न-ए-आजादी के रंग में एक बार फिर से भंग डालने का प्रयास किया है। अभी बीएसएफ के काफिले पर हमला होने के बाद जिम्मेदार आतंकियों को मौत के घाट उतारने का मामला शांत नहीं हुआ थी कि आतंकियों ने एक बार फिर से सुरक्षाबलों को अपना निशाना बनाया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आतंकियों ने श्रीनगर के सनंतनगर इलाके में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया। इस हमले के तुरंत बाद आतंकी घटनास्थल से फरार हो गए। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान छेड़ दिया है। इस ग्रेनेड हमले में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

सुरक्षाबलों की टीम फिलहाल आतंकियों की तलाश कर रही है और इस बात की पूरी-पूरी उम्मीद है कि जल्द ही इस घटना के लिए जिम्मेदार आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया जाएगा।


जश्न-ए-आजादी में डूबा पूरा देश, ओलंपिक पदकवीर हैं इस बार के 'खास' मेहमान, लाल किले पर पीएम मोदी के भाषण से लेकर कार्यक्रम के समापन तक का ये रहा पूरा ब्यौरा

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि टोक्यो ओलिंपिक में भाग लेने वाले 32 खिलाड़ियों और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के दो अधिकारियों को लाल किले में आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

नई दिल्ली: आज देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। हर तरफ सिर्फ राष्ट्रध्वज तिरंगा ही दिख रहा है। वहीं, इस बार जम्मू-कश्मीर में भी जश्न-ए-आजादी बेहद खास तरीके से मनाई जा रही है। पहली बार राज्य की सड़कों पर तिरंगा के इस्तेमाल खासकर पुलिस द्वारा किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रविवार को लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि टोक्यो ओलिंपिक में भाग लेने वाले 32 खिलाड़ियों और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के दो अधिकारियों को लाल किले में आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

भाला फेंक स्पर्धा में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक जिताने वाले खिलाड़ी नीरज चोपड़ा उन 32 खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें इस आयोजन के लिए आमंत्रित किया गया है। लगभग 240 ओलिंपियन, सहयोगी स्टाफ और साई तथा खेल महासंघ के अधिकारियों को भी प्राचीर के सामने ज्ञान पथ की शोभा बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया गया है।

आज सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ और रक्षा सचिव लाल किले पर पीएम मोदी की अगवानी करेंगे। इस बाबत मंत्रालय ने रविवार सुबह लाल किले पर होने वाले समारोह की विस्तार से जानकारी दी है। उसने बताया कि लाल किले पर प्रधानमंत्री के आगमन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और रक्षा सचिव डा. अजय कुमार उनकी अगवानी करेंगे।


रक्षा सचिव, दिल्ली क्षेत्र के जनरल आफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार मिश्रा का प्रधानमंत्री से परिचय कराएंगे। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जीओसी मोदी को सैल्यूटिंग बेस तक ले जाएंगे, जहां एक संयुक्त इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस गार्ड प्रधानमंत्री को सलामी देंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सलामी गारद का निरीक्षण करेंगे।


सलामी गारद के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री मोदी लाल किले की प्राचीर के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां उनका स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया द्वारा किया जाएगा।

जीओसी ध्वज फहराने के लिए पीएम को मंच पर ले जाएंगे, ध्वज फहराने के बाद सलामी दी जाएगी। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, दिल्ली क्षेत्र के जीओसी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रधानमंत्री को प्राचीर स्थित मंच पर ले जाएंगे। ध्वज फहराने के बाद तिरंगे को राष्ट्रीय सलामी दी जाएगी।

नौसेना के बैंड राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रीय सलामी के दौरान राष्ट्रगान की धुन बजाएंगे। लेफ्टिनेंट कमांडर पी. प्रियंबदा साहू द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की मदद की जाएगी। इसके साथ विशिष्ट 2233 फील्ड बैटरी (औपचारिक) के बहादुर जवानों द्वारा 21 तोपों की सलामी दी जाएगी।

इस वर्ष पहली बार ऐसा होगा कि जैसे ही प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, अमृत फार्मेशन में भारतीय वायु सेना के दो एमआइ 17 1वी हेलीकाप्टरों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर पुष्प वर्षा की जाएगी। पुष्प वर्षा के बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे।


राष्ट्रपति ने की ओलंपिक खिलाड़ियों की मेजबानी, चाय पर की चर्चा, कहा-'देश को आप सभी पर गर्व'

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में भारतीय ओलंपिक दल की मेजबानी की। इस दौरान चाय पर उन्होंने खिलाड़ियों के साथ चर्चा की और उनकी प्रतिभा का जमकर सराहना किया। इस दौरान खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आप सभी (ओलंपिक खिलाड़ियों) पर देश को गर्व है।

नई दिल्ली: आज (शनिवार 14 अगस्त) को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में भारतीय ओलंपिक दल की मेजबानी की। इस दौरान चाय पर उन्होंने खिलाड़ियों के साथ चर्चा की और उनकी प्रतिभा का जमकर सराहना किया। इस दौरान खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आप सभी (ओलंपिक खिलाड़ियों) पर देश को गर्व है। 

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बता दें कि राष्ट्रपति द्वारा ओलंपिक पदकवीरों की मेजबानी करने को लेकर राष्ट्रपति भवन ने पहले ही आधिकारिक बयान जारी करके यह जानकारी दे दी थी। दरअसल, हाल ही में संपन्न टोक्यो ओलंपिक में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भारत ने एक स्वर्ण पदक सहित सात पदक जीते हैं।

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स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 14 अगस्त 2021 की शाम को राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में चाय पर टोक्यो ओलंपिक 2020 में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल की मेजबानी की। इस दौरान टोक्यों ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ी मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा, 'पूरे देश को हमारे ओलंपियनों पर गर्व है कि उन्होंने देश को गौरवान्वित किया है।'

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बताते चलें कि इस बार भारत के लिए ओलंपिक काफी खास रहा। भारत ने इस बार ओलंपिक इतिहास में सबसे ज्यादा मेडल अपने नाम किए। इस बार ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास ही रच दिया। वहीं भारत ने टोक्यो ओलंपिक में 7 पदक जीते, जिसमें एक गोल्ड, दो रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं।


स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने किया देश को संबोधित, ओलंपिक से लेकर कोरोना महामारी तक का किया जिक्र

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने संपूर्ण देश वासियों को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि 'यह वर्षगांठ मनाते हुए मेरा हृदय सहज ही आज़ादी के शताब्दी वर्ष 2047 के सशक्त, समृद्ध और शांतिपूर्ण भारत की परिकल्पना से भरा हुआ है।'

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने देश के जवानों, स्वतंत्रता सेनानियों, खेल खिलाड़ियों के साथ-साथ कोरोना महामारी का भी जिक्र किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने संपूर्ण देश वासियों को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि 'यह वर्षगांठ मनाते हुए मेरा हृदय सहज ही आज़ादी के शताब्दी वर्ष 2047 के सशक्त, समृद्ध और शांतिपूर्ण भारत की परिकल्पना से भरा हुआ है।' अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि 'मैं यह मंगलकामना करता हूं कि हमारे सभी देशवासी कोविड महामारी के प्रकोप से मुक्त हों तथा सुख और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ें।' उन्होंने कहा कि हालांकि, महामारी की तीव्रता में कमी आई है लेकिन कोरोना-वायरस का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है।



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कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हर तरह के जोखिम उठाते हुए, हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासकों और अन्य कोरोना योद्धाओं के प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस बात का संतोष है कि इस महामारी में हमने जितने लोगों की जानें गंवाई हैं, उससे अधिक लोगों की प्राणों की रक्षा हम कर सके हैं। एक बार फिर, हम अपने सामूहिक संकल्प के बल पर ही दूसरी लहर में कभी देख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रोटोकॉल के अनुरूप जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवा लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।'


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अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने हाल ही में संपन्न टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। आज बेटियों की सफलता में भारत की झलक दिखती है। बेटियों ने ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन किया है।राष्ट्रपति ने कहा कि मैं हर माता-पिता से आग्रह करता हूं कि वे होनहार बेटियों के परिवारों से शिक्षा लें और अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।

स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि  'देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और उल्लास का दिन है। इस वर्ष के स्वाधीनता दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि इसी वर्ष से हम सब अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं।' देश के वीर सेनानियों को याद करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कई पीढ़ियों के ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमारी आज़ादी का सपना साकार हुआ था। उन सभी ने त्याग व बलिदान के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए। मैं उन सभी अमर सेनानियों की पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि 'मुझे इस बात की खुशी है कि सभी बाधाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में - विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में - बढ़ोतरी जारी रही है। जब ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस की रैंकिंग में सुधार होता है, तब उसका सकारात्मक प्रभाव देशवासियों की ईज़ ऑफ लिविंग पर भी पड़ता है। एग्रीकल्चरल मार्केटिंग में किए गए अनेक सुधारों से हमारे अन्नदाता किसान और भी सशक्त होंगे और उन्हें अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त होगी।'

जम्मू और कश्मीर के युवाओं से की अपील
राष्ट्र के नाम अपने संदेश में राष्ट्रपति ने जम्मू कश्मीर का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर में नव-जागरण दिखाई दे रहा है। सरकार ने लोकतंत्र और कानून के शासन में विश्वास रखने वाले सभी पक्षों के साथ परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मैं जम्मू-कश्मीर के निवासियों, विशेषकर युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी आकांक्षाओं को साकार करने के लिए सक्रिय होने का आग्रह करता हूं।'


निर्माणाधीन नये संसद भवन का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि 'यह सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारे लोकतंत्र का यह मंदिर निकट भविष्य में ही एक नए भवन में स्थापित होने जा रहा है। यह भवन हमारी रीति और नीति से अभिव्यक्त होगा। इसमें हमारी विरासत के प्रति सम्मान का भाव होगा और साथ ही समकालीन विश्व के साथ कमद मिलकर चलने की कुशलता का प्रदर्शन भी होगा।

हमारा लोकतन्त्र संसदीय प्रणाली पर आधारित है, अतः संसद हमारे लोकतन्त्र का मंदिर है। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस नए भवन के उदघाटन को विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक प्रस्थान बिन्दु माना जाएगा।' राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने इस विशेष वर्ष को स्मरणीय बनाने के लिए कई योजनाओं का शुभारम्भ किया है। 'गगनयान मिशन' उन अभियानों में विशेष महत्व रखता है।


गलवन घाटी के बहादुरों को 'पुलिस मेडल' से नवाजा गया

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के उन 20 बहादुर जवानों को वीरता के पुलिस मेडल से नवाजा गया है, जिन्होनें पिछले साल पूर्वी लद्दाख में LAC पर हुए तनाव के दौरान चीनी सेना के खिलाफ असाधारण बहादुरी का परिचय दिया था। उनके अलावा भारत सरकार ने भारतीय सेना के 6 सैनिकों को कश्मीर में एंटी-टेरेरिस्ट ऑपरेशन्स के लिए शौर्य चक्र से नवाजा है।

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के उन 20 बहादुर जवानों को वीरता के पुलिस मेडल से नवाजा गया है, जिन्होनें पिछले साल पूर्वी लद्दाख में LAC पर हुए तनाव के दौरान चीनी सेना के खिलाफ असाधारण बहादुरी का परिचय दिया था। उनके अलावा भारत सरकार ने भारतीय सेना के 6 सैनिकों को कश्मीर में एंटी-टेरेरिस्ट ऑपरेशन्स के लिए शौर्य चक्र से नवाजा है।  

आईटीबीपी के मुताबिक, जिन 20 जवानों को वीरता के लिए पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री (पीएमजी) से नवाजा गया है, उनमें से 08 को पिछले साल यानि 15 जून 2020 को गलवान घाटी में चीनी सेना के खिलाफ वीरता, उच्च कोटि की रणनीति, सामरिक अंतर्दृष्टि और मातृभूमि की रक्षा के लिए सम्मानित किया गया है।  


आईटीबीपी द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि 18 मई, 2020 को फिंगर 4 क्षेत्र में झड़प के दौरान 6 जवानों को वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए पीएमजी से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उसी दिन यानि 18 मई, 2020 को लद्दाख में ही हॉट स्प्रिंग्स के पास वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए 6 कर्मियों को पीएमजी से सम्मानित किया गया है। इन 20 जवानों के अलावा छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प प्रदर्शित करने के लिए 3 जवानों को पीएमजी से सम्मानित किया गया है। 

बता दें कि इस वर्ष कुल 1038 पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को पुलिस मेडल से नवाजा है। इनमें से एक जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान और एक सीआरपीएफ (मरणोपरांत) को राष्ट्रपति के पुलिस मेडल से नवाजा है, जबकि 628 जवानों को वीरता के लिए पीएमजी से नवाजा गया है। इनमें से 398 को जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान, 155 को नक्सल प्रभावित क्षेत्र में और 27 को उत्तर-पूर्व इलाकों में तैनाती के दौरान सम्मानित किया गया। 

इतने बहादुरों को किया गया सम्मानित

गृह मंत्रालय के मुताबिक, बाकी 390 पुलिसकर्मियों और जवानों को उनकी उतकृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस साल सबसे ज्यादा पुलिस मेडल जम्मू कश्मीर पुलिस (256) को दिए गए हैं। उसके बाद 151 सीआरपीएफ, 67 ओडिसा पुलिस, 25 महाराष्ट्र पुलिस, 23 आईटीबीपी और 20 छत्तीसगढ़ पुलिस को दिए गए हैं। 

सेना के 6 जवानों को 'शौर्य चक्र'

सरकार ने इसके अलावा भारतीय सेना के छह सैनिकों को उनकी असाधारण वीरता के लिए शौर्य चक्र से नवाजा गया है। इसके अलावा भारतीय सेना के 120 सैनिकों को बहादुरी के लिए सेना मेडल से नवाजा गया है। इनमें से 04 सैनिकों को दूसरी बार ('बार टू सेना मेडल') से नवाजा गया है। 28 सैनिकों को 'मेंशन इन डिसपेच' से सम्मानित गया है। 


अदम्य साहस दिखाने वाले कैप्टन आशुतोष और मेजर अरुण कुमार पांडेय को शौर्य चक्र, आतंकियों का किया था सफाया

पिछले साल जून में जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान दो कट्टर आतंकवादियों को मार गिराने के लिए लिए मेजर अरुण कुमार पांडे को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा अपने साथी सैनिक की जान बचाने और एक कट्टर आतंकवादी को खत्म करने के लिए 18 मद्रास रेजीमेंट के कैप्टन आशुतोष कुमार को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

नई दिल्ली: 'धरती का स्वर्ग' कहे जाने वाले कश्मीर को जब जब आतंकियों द्वारा नर्क बनाने का प्रयास किया जाता है तब-तब भारत के सपूत डटकर उनका मुकाबला करते हैं और उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचा देते हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 अगस्त के ऐतिहासिक मौके पर ऐसे सपूतों को सम्मानित किया जाएगा।



पिछले साल जून में जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान दो कट्टर आतंकवादियों को मार गिराने के लिए लिए मेजर अरुण कुमार पांडे को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

इसके अलावा अपने साथी सैनिक की जान बचाने और एक कट्टर आतंकवादी को खत्म करने के लिए 18 मद्रास रेजीमेंट के कैप्टन आशुतोष कुमार को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। वह पिछले साल नवंबर में जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन के दौरान अपनी यूनिट की घातक पलटन का नेतृत्व कर रहे थे।


इस साल जम्मू-कश्मीर पुलिस को 256 वीरता पुरस्कार, वीरता के लिए एक राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला है। जम्मू और कश्मीर पुलिस के एएसआई बाबू राम को अशोक चक्र, कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन भट को कीर्ति चक्र और एसपीओ शाहबाज अहमद को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। आपको बता दें देश इन तीनों बहादुर जवानों को खो दिया है। उन्हें मरणोपरांत पुरस्कार से नवाजा जाएगा।


इस साल जम्मू-कश्मीर में खास होगा स्वतंत्रता दिवस, 23 हजार सरकारी स्कूलों पर फहरेगा तिरंगा

केंद्र शासित प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कहा गया है। इसके अलावा वे शैक्षणिक संस्थान जो COVID-19 महामारी के कारण बंद कर दिए गए हैं, स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी के लिए पिछले 10 दिनों से काम कर रहे हैं।

नई दिल्ली/श्रीनगर: भारत की आजादी के 75वें वर्षगांठ पर जम्मू-कश्मीर के 23,000 स्कूलों और सैकड़ों सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। सभी सरकारी संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराना अनिवार्य कर दिया गया है। 

केंद्र शासित प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कहा गया है। इसके अलावा वे शैक्षणिक संस्थान जो COVID-19 महामारी के कारण बंद कर दिए गए हैं, स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी के लिए पिछले 10 दिनों से काम कर रहे हैं।

सरकार ने ध्वज संहिता पर एक परिपत्र जारी किया है। इसमें राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन को नियंत्रित करने वाले कानूनों और दिशानिर्देशों का एक सेट है। सभी स्कूलों में इसका पालन अनिवार्य है। 

एक सरकारी आदेश में कहा गया है, "सभी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। सभी सीईओ, प्रधानाध्यापकों को सभी स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के निर्देश दिए जाने चाहिए। समारोह के वीडियो और तस्वीरें गूगल ड्राइव पर अपलोड की जाएंगी।" स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए कोविड के कारण सभाओं की सीमा में भी ढील दी गई है।

अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से बड़े पैमाने पर ध्वजारोहण समारोह को घाटी में सामान्य स्थिति दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।  केंद्र ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत राज्य को दिए गए विशेष दर्जे को हटाकर दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।


जैश-ए-मोहम्मद के 4 आतंकी गिरफ्तार, पुलवामा घटना दोहराने की फिराक में थे दहशतगर्द

गिरफ्तार किए गए आतंकियों को सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन की मदद से सीमा पर फेंके जाने वाले हथियार व गोलाबारूद को कश्मीर घाटी में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों तक पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था।

श्रीनगर: 15 अगस्त को देश जश्न-ए-आजादी में डूबा रहता तो वहीं आतंकी पुलवामा जैसी घटना दोहराने के प्रयास में  रहते लेकिन सुरक्षाबलों ने उनके इरादों को चकनाचूर कर दिया। दरअसल, सुरक्षाबलों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है जो पुलवामा जैसी घटना दोहराने की फिराक में थे।


15 अगस्त के दिन जम्मू में पुलवामा दोहराने यानी कार युक्त आइईडी विस्फोट की सभी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी। समय रहते पुलिस को इसकी भनक लग गई और विशेष अभियान के दौरान जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर इस योजना में शामिल चार आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनसे पूछताछ की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों ने पुलिस व सेना को पहले ही अलर्ट कर रखा है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े आतंकी जम्मू व कश्मीर में बड़े हमले की फिराक में है। इस सूचना के बाद से ही जम्मू व कश्मीर में आतंकी साजिशों को नाकाम बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जम्मू व कश्मीर में नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में भी गश्त बढ़ा दी गई है। 


पुलिस सूत्रों ने बताया कि ये आतंकी पुलवामा हमले की तर्ज पर 15 अगस्त के दिन जम्मू में आइईडी विस्फोट की योजना बना रहे थे। आइजीपी मुकेश सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि बड़े हमले को टाल दिया गया है। जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को गिरफ्तार भी किया गया है। ये आतंकी जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार किए गए आतंकियों को सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन की मदद से सीमा पर फेंके जाने वाले हथियार व गोलाबारूद को कश्मीर घाटी में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों तक पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था।


सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी केे बाद से ही जम्मू मेंं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी पुलिस ने सबसे मुंतजिर मंजूर उर्फ ​​सैफुल्ला पुत्र मंजूर अहमद भट निवासी प्रिचू पुलवामा को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक पिस्तौल, एक मैगजीन व आठ राउंद और दो चीनी हथगोले बरामद हुए। जिस ट्रक में उसने हथियार कश्मीर घाटी पहुंचाने थे, उसे भी जब्त कर लिया गया।


इसके बाद पूछताछ करने पर उसने अपने तीन अन्य साथियों के बारे में बताया। पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। उनमें इजहार खान उर्फ ​​सोनू खान पुत्र इंतेजार खान निवासी मिरदान मोहल्ला कमंडाला शामली (यूपी), तौसीफ अहमद शाह उर्फ शौकत व अदनान पुत्र गुलाम मोहम्मद शाह निवासी जेफ, शोपियां, जहांगीर अहमद भट पुत्र मुश्ताक अहमद भट निवासी बांडजू पुलवामा भी शामिल है।


स्वतंत्रता दिवस 2021: 15 अगस्त को दिल्ली के इन रास्तों पर जाने से बचें, जानिए-वैकल्पिक रास्तों के बारे में

इस दिन दिल्ली के कई मार्ग पूरी तरह से बंद रहेंगे। यानि कुछ रास्तों पर लोगों को आवागमन पर पूरी तरीके से रोक रहेगी। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि 15 अगस्त 2021 यानि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आप किन रास्तों पर जानें से बचें और अगर आप कही जाना चाहते हैं तो उसके लिए कौन से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल आप कर सकेंगे।

नई दिल्ली: 15 अगस्त को पूरा देश आजादी के जश्न में डूबा रहेगा लेकिन दिल्ली वासियों के सामने एक बड़ी चुनौती होगी यातायात की। जी हां! इस दिन दिल्ली के कई मार्ग पूरी तरह से बंद रहेंगे। यानि कुछ रास्तों पर लोगों को आवागमन पर पूरी तरीके से रोक रहेगी। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि 15 अगस्त 2021 यानि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आप किन रास्तों पर जानें से बचें और अगर आप कही जाना चाहते हैं तो उसके लिए कौन से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल आप कर सकेंगे।


ये रास्ते पूरी तरह रहेंगे बंद

  • नेताजी सुभाष मार्ग पर दिल्ली गेट से छत्ता रेल चौक तक - जीपीओ, लोथियन रोड से छत्ता रेल चौक तक।
  • एसपी मुखर्जी मार्ग पर एचसी सेन मार्ग से यमुना बाजार चौक तक।
  • चांदनी चौक के लाल किला से फाउंटेन चौक तक।
  • निषाद राज मार्ग, रिंग रोड से नेताजी सुभाष मार्ग तक।
  • एस्पलेनैड रोड पर लिंक रोड से लेकर नेताजी सुभाष मार्ग तक।
  • रिंग रोड पर राजघाट से लेकर आईएसबीटी तक।


LNJP और कस्तूरबा अस्पताल तक ऐसे जाएं

दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त संजय कुमार द्वारा दई गई जानकारी के मुताबिक, लाल किले के नजदीक दो अस्पताल हैं, लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल और कस्तुरबा अस्पताल। इनमें से लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल जाने के लिए किसी प्रकार की रोक नहीं रहेगी जबकि कस्तूरबा अस्पताल कार्यक्रम स्थल से काफी नजदीक है। इस वजह से मुख्य मार्ग से यहां जाने पर पाबंदी रहेगी। इस अस्पताल में पहुंचने के लिए चांदनी चौक, हौज काजी और उर्दू बाजार के रास्ते होकर जाना होगा।


East और और South Delhi से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए यहां से जाएं


पूर्वी या दक्षिणी दिल्ली से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने के लिए आईटीओ से दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, पंचकुइयां रोड, झंडेवालान, रानी झांसी फ्लाईओवर और मोरी गेट के रास्ते पहुंचा जा सकेगा, जो लोग बस के माध्यम से सफर करेंगे, उन्हें ध्यान रखना होगा कि स्वतंत्रता दिवस वाले दिन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, कश्मीरी गेट बस अड्डे एवं लाल किले जाने वाली बसों को उनके गंतव्य स्थान से पहले ही खत्म कर दिया जाएगा।


South Delhi से North Delhi जाने वाले इस रूट को अपनाए


साउथ से नॉर्थ जाने के लिए अरबिंदो मार्ग, सफदरजंग रोड, मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड, पार्क स्ट्रीट, मंदिर मार्ग, पकंचकुइयां मार्ग से रानी झांसी रोड होते हुए पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा दूसरा रास्ता कनॉट प्लेस से मिंटो रोड, भवभूति मार्ग, अजमेरी गेट, श्रद्धानंद मार्ग, लाहौरी गेट चौक, नया बाजार, पीली कोठी से एसपी मुखर्जी मार्ग होते हुए उत्तरी दिल्ली तक पहुंचा जा सकता है। वहीं तीसरा विकल्प निजामुद्दीन ब्रिज से पुश्ता रोड होते हुए, जीटी रोड से युधिष्ठिर सेतु से आईएसबीटी तक पहुंचा जा सकता है।


Est Delhi से West Delhi तक ऐसे पहुंचे


पूर्व से पश्चिम जाने के लिए डीएनडी, एनएच24, विकास मार्ग, शाहदरा ब्रिज, वजीराबाद ब्रिज से होते हुए रिंग रोड तक पहुंचा जा सकता है। दूसरा रूट विकास मार्ग से डीडीयू मार्ग, भवभूति मार्ग, डीबीजी रोड, बर्फ खाना, रानी झांसी फ्लाईओवर होते हुए जाया जा सकता है।


स्वतंत्रता अगस्त 2021: पूरी दिल्ली छावनी में तब्दील, परिंदा भी नहीं मार सकता पर

खबर है कि इस बार दिल्ली पुलिस को 15 अगस्त पर बड़ा आतंकी अलर्ट मिला है। ऐसे में अलर्ट के बाद लाल किले पर होने वाले कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस के टॉप लेवल के अधिकारियों ने लाल किले के अंदर एक हाई लेवल मीटिंग की और सुरक्षा का जायजा भी लिया।

नई दिल्ली: इस बार 15 अगस्त को भारत अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस मौके पर देश को और खासकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को किसी की नजर नहीं लगे इसका खासा ध्यान सुरक्षा एजेंसियों द्वारा रखा जा रहा है। वहीं, खबर है कि इस बार दिल्ली पुलिस को 15 अगस्त पर बड़ा आतंकी अलर्ट मिला है। ऐसे में अलर्ट के बाद लाल किले पर होने वाले कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस के टॉप लेवल के अधिकारियों ने लाल किले के अंदर एक हाई लेवल मीटिंग की और सुरक्षा का जायजा भी लिया।

वहीं, दूसरी तरफ ऐसा पहली बार हुआ है जब लाल किले के सामने ही बड़े-बड़े कंटेनर से एक बड़ी दीवार खड़ी की गई है। दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियों से पुख्ता अलर्ट है कि इस बार खालिस्तान मूवमेंट से जुड़े कुछ संदिग्ध राजधानी में किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते है. खुफिया इनपुट ये भी है कि वे आतंकी संगठन बड़ी सरकारी इमारतों पर अपना झंडा लहराने की कोशिश भी कर सकते हैं. सूचना यह भी है कि खालिस्तानी दिल्ली पुलिस के जवानो की भी भेष में लालकिले में प्रवेश कर सकते हैं। लिहाजा दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने चप्पे चप्पे पर पैनी नजर रखी हुई है।

अलर्ट की वज से 15 अगस्त को सभी बड़ी सरकारी इमारतों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है. सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद इस बार 15 अगस्त पर सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर भी पुलिस की नजर रहेगी, जिससे कोई भी शरारती तत्व किसी वारदात को अंजाम देकर माहौल न खराब कर सके. दिल्ली पुलिस को खुफिया एजेंसियों ने ड्रोन हमले का भी खतरा जताया है. यही वजह है कि लाल किले पर एंटी ड्रोन सिस्टम इंस्टाल किए गए हैं. साथ ही 16 अगस्त तक दिल्ली में किसी भी तरह के ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है.

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से आतंकियों द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल कर भारत में दहसत फैलानी की कोशिश की जा रही है। खासकर कश्मीर घाटी में आतंकियों ने ड्रोन्स को अपना नया हथियार बना लिया है। हालांकि, सुरक्षाबलों की चौकसी की वजह से आतंकियों के मंसूबे हर बार नाकाम हो जाते हैं। यह भी बता दें कि हाल ही में जम्मू एयरबेस पर आतंकियों ने ड्रोन से अटैक करने का प्रयास किया था लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाए थे।


आतंकी हमले में चीनी इंजीनियरों की हुई मौत के लिए पाकिस्तान ने भारत-अफगान को ठहराया जिम्मेदार, भारत ने दिया करारा जवाब, कही ये बड़ी बात

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान चाल चल रहा है।

नई दिल्ली: पिछले महीने आतंकी हमले में मारे गए चीनी इंजीनियरों की मौत के लिए भारत और अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराने पर पाकिस्तान को भारत ने करार जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान चाल चल रहा है।

उन्होंने कहा, ''ये भारत को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान की एक और चाल है। पाकिस्तान खुद की क्षेत्रीय अस्थिरता में भूमिका और वहां आतंकवादियों को पनाह देने से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।' 

दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले महीने एक बस पर हुए आत्मघाती हमले के पीछे भारत और अफगानिस्तान का हाथ था। उन्होंने हमला करने का आरोप भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च ऐंड एनालिसिस विंग (रॉ) और अफगानिस्तान के नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ सिक्युरिटी (एनडीएस) पर लगाया। कुरैशी ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे दो एजेंसियों की सांठगांठ है।

गौरतलब है कि हमले में नौ चीनी इंजीनियर सहित 13 लोग मारे गये थे. यह हमला 14 जुलाई को ऊपरी कोहिस्तान जिले के दासु इलाके में हुआ था, जहां एक चीनी कंपनी सिंधु नदी पर 4,300 मेगावाट बिजली पैदा करने वाली पनबिजली परियोजना पर काम कर रही है। बस जब चीनी इंजीनियरों और श्रमिकों को लेकर निर्माणधीन दासु बांध के स्थल पर जा रही थी तभी उसमें विस्फोट हो गया और गहरे नाले में गिर गई थी।


भारत की एकता और अखंडता में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्ती से निबटेगी फोर्स: CDS बिपिन रावत

सीडीएस ने शुक्रवार को कहा कि हमें अपनी एकता और अखंडता को बरकरार रखना है, अगर कोई आतंकवादी संगठन देश की एकता में बाधा डालने की कोशिश करता है तो भारतीय सशस्त्र बल उन संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगी।

नई दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन सिंह रावत ने एक बार फिर से ऐसे लोगों को चेताया है जो देश की एकता एयर अखंडता में दरार डालने का प्रयास करते हैं। सीडीएस रावत ने कहा है की ऐसे लोगों से फोर्स सख्ती के साथ निबटेगी। सीडीएस ने शुक्रवार को कहा कि हमें अपनी एकता और अखंडता को बरकरार रखना है, अगर कोई आतंकवादी संगठन देश की एकता में बाधा डालने की कोशिश करता है तो भारतीय सशस्त्र बल उन संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगी।

रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद, भारत को हमलों के मद्देनजर अपने सशस्त्र बलों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा। आजादी के बाद से देश को कई हमलों का सामना करना पड़ है और हमें अपने सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की क्षमताओं को एक साथ काम करने के लिए बढ़ाना पड़ा। हमारा देश एक शांतिप्रिय राष्ट्र है लेकिन हमें कुछ परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और हमें युद्ध के लिए अपने बलों को प्रशिक्षित करना पड़ा।

सीडीएस जनरल रावत ने बताया कि पीएम मोदी ने कुछ निर्देश दिए हैं जिसके तहत हमें अपने देश के आर्थिक पुनरुद्धार पर ध्यान देना है, मानव संसाधन विकास पर सोचना है और प्रौद्योगिकी और अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है। हमें सैन्य रक्षा सुधारों की ओर बढ़ना है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र के रूप में भारत ने अन्य देशों को रास्ता दिखाया है। हमारे देश ने दुनिया के सामने नींव रखी है जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे ले जाती है। हमारे देश का मकसद दुनिया एक है और आने वाले सालों में हम इस संदेश को दुनिया तक पहुंचाएंगे।


दिल्ली पुलिस की वेश में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में घुस सकते हैं खालिस्तानी समर्थनक

असामाजिक तत्व और खालिस्तानी आंदोलन के प्रति वैचारिक झुकाव रखने वाले लोग दिल्ली पुलिस के जवानों के वेश में लाल किले की सुरक्षा में घुसपैठ करने की कोशिश कर सकते हैं।

नई दिल्ली: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन खालिस्तानी समर्थक ऐतिहासिक स्थल लाल किले में प्रवेश करने के लिए दिल्ली पुलिस की वर्दी का सहारा ले सकते हैं। दरअसल, इस बात का अलर्ट जारी किया गया है कि खालिस्तानी समर्थक दिल्ली पुलिस की वेश में लालकिले में घुस सकते है।

ताजा अलर्ट के अनुसार, असामाजिक तत्व और खालिस्तानी आंदोलन के प्रति वैचारिक झुकाव रखने वाले लोग दिल्ली पुलिस के जवानों के वेश में लाल किले की सुरक्षा में घुसपैठ करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके साथ ही दिल्ली में धार्मिक स्थलों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस के (PRO) चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी 15 अगस्त के लिए लाल किला और उसके आसपास, सभी बॉर्डरों पर और पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किया गए हैं। देशविरोधी, शरारती तत्वों को कोई भी मौका न मिले इसके लिए पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों द्वारा व्यापक बंदोबस्त किया गया है। 


दिल्ली में चाक-चौबंद सुरक्षा इंतजामों के बीच दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा कारणों के चलते लाल किले के मुख्य द्वार पर कंटेनरों की एक विशाल दीवार खड़ी कर दी है। 

अधिकारियों ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब पुलिस ने इस तरह की ऊंची दीवार खड़ी की गई है। इन कंटेनरों को इस तरह से रखा गया है कि कोई भी व्यक्ति मुगल काल के इस परिसर के अंदर न देख सके। प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हैं।

गौरतलब है कि इस साल, गणतंत्र दिवस पर कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारी जबरन लाल किले में घुस गए थे। यहां तक कि उन्होंने किले की प्राचीर पर एक धार्मिक झंडा भी लगा दिया था, जहां से प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते हैं। किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुई थीं। इस हिंसा में कुल 394 पुलिस कर्मी घायल हुए थे, जबकि 30 पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।


आजादी का अमृत महोत्सव: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले-'भारत को दुनिया का आयातक नहीं निर्यातक देश बनाने की चाहत', CDS बिपिन रावत ने कही ये बड़ी बात

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को DRDO भवन में 'आजादी का अमृत महोत्सव' से संबंधित रक्षा मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत की। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल विपिन सिंह रावत भी मौजूद रहे।

नई दिल्ली: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को DRDO भवन में 'आजादी का अमृत महोत्सव' से संबंधित रक्षा मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत की। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल विपिन सिंह रावत भी मौजूद रहे।

 
इस मौके पर  रक्षा मंत्री ने कहा, '75 साल पहले हम आजादी के लिए संघर्ष कर रहे थे, आज आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ये सौभाग्य का क्षण है। 75 साल पहले हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आवश्यकता पड़ने पर पहाड़ों में शरण ली आज हम उन्हीं पहाड़ों पर पर्वत अभियान कर रहे हैं।'


रक्षा मंत्री ने आगे कहा, 'हम शस्त्रों के सबसे बड़े आयातक जाने जाते थे। अब भारत शस्त्रों का नंबर एक आयातक नहीं रहा। भारत को हम आत्मनिर्भर बनाएंगे। इस दिशा में प्रयास चल रहे हैं। हम भारत को आयातक नहीं दुनिया का निर्यातक देश बनाना चाहते हैं।'

रक्षा मंत्री ने कहा, ' रक्षा मंत्रालय के द्वारा ये कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए हैं। इसमें सभी विभागों का सम्मिलित प्रयास है। राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना मनुष्य के हृदय की सबसे बलवती भावना होती है। राष्ट्रीय स्वाभिमान को दुनिया की कोई ताकत चुनौती देती है तो उसका मुकाबला करने के लिए हमारे तीनों सेना के जवान तैयार हो जाते हैं और मुंहतोड़ जवाब देते हैं।'

इस मौके पर मौजूद चीफ ऑफ डिफेंस जनरल बिपिन रावत ने कहा, 'मैं यकीन के साथ कह सकता हूं कि आने वाले सालों में हम जिस तरह से अपने सैनिक कार्रवाई की प्रक्रिया में बदलाव लाने जा रहे हैं इससे हमारी शक्ति और बढ़ेगी। सशस्त्र बल किसी भी काम को अधूरा नहीं छोड़ेंगे। चुनौतियां अभी भी बाकी हैं।'


कुलगाम एनकाउंटर: 15 अगस्त से पहले दशगर्दों का था बड़ा धमाका करने का प्लान, मारे गए आतंकी के पास से रॉकेट लॉन्चर और एके 47 बरामद

आज सुबह लश्कर का पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान जिसकी 6 महीने से तलाश थी का शव मिला। एके-47, मैगजीन और RPG 7 का रॉकेट लॉन्चर ग्रेनेड मिला है। इससे पता चलता है कि कितना बड़ा हादसा करने वाला था। बहुत बड़ा हादसा होने से बचा लिया गया है।

जम्मू: पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं का पूरा प्रयास है कि भारत की स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से पहले भारत में बड़े आतंकी हमले किए जाए। ताजा मामले में कश्मीर के कुलगाम स्थित मीर बाजार में आतंकियों ने वहां से गुजर रहे बीएसएफ के काफिले पर गुरुवार को हमला कर दिया। वहीं, सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक आतंकी को मार गिराया है। आतंकी के पास से राकेट लांचर और एके 47 बरामद हुआ है।


आईजीपी कश्मीर विजय कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को देखते हुए पुलिस, सुरक्षाबल अलर्ट थे। BSF आ रही थी तभी 2 आतंकवादियों ने एक बड़ी बिल्डिंग से अंधाधुंध फायरिंग  किया। हमारी तरफ कोई घायल नहीं हुआ। सुरक्षाबलों ने बिल्डिंग को घेर लिया। मुठभेड़ शुरू हुई और रात में आतंकवादी मारा गया।

उन्होंने आगे बताया कि रात में सर्च करना मुश्किल था। आज सुबह सर्च किया गया तो लश्कर का पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान जिसकी 6 महीने से तलाश थी का शव मिला। एके-47, मैगजीन और RPG 7 का रॉकेट लॉन्चर ग्रेनेड मिला है। इससे पता चलता है कि कितना बड़ा हादसा करने वाला था। बहुत बड़ा हादसा होने से बचा लिया गया है।


गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर आतंकी कश्मीर घाटी सहित जम्मू-कश्मीर प्रदेश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी यह सब सीमा पार देश पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं के दिशानिर्देश पर कर रहे हैं। यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर कश्मीर तक स्थित सीमावर्ती इलाकों में पहले से ही हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रदेश में जगह-जगह नाके बढ़ा दिए गए हैं।


जम्मू-कश्मीर: कुलगाम में BSF की टुकड़ी पर आतंकियों का हमला, CRPF का जवान घायल

इस हमले में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हुआ है। कश्मीर के आइजी के विजय कुमार ने बताया कि सुरक्षाबलों और पुलिस आतंकियों के सफाये के लिए जुटे हैं। दोनों तरफ से फायरिंग जारी है। जल्द ही आतंकियों का खात्मा कर दिया जाएगा।

जम्मू: पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं का पूरा प्रयास है कि भारत की स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से पहले भारत में बड़े आतंकी हमले किए जाए। ताजा मामले में कश्मीर के कुलगाम स्थित मीर बाजार में आतंकियों ने वहां से गुजर रहे बीएसएफ के काफिले पर हमला कर दिया। इस हमले में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हुआ है। घायल जवान की पहचान उमेश सिंह पुत्र प्रभु सिंह निवासी झारखंड के रूप में हुई है। फिलहाल घायल जवान को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है और जवानों ने आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी थी। जवानों ने पूरे इलाके को घेर रखा है।

कश्मीर के आइजी के विजय कुमार ने बताया कि सुरक्षाबलों और पुलिस आतंकियों के सफाये के लिए जुटे हैं। दोनों तरफ से फायरिंग जारी है। जल्द ही आतंकियों का खात्मा कर दिया जाएगा।  मिली जानकारी के मुताबिक, दोपहर को मीर बाजार से बीएसएफ का काफिला गुजर रहा थी कि अचानक वहां छिपे आतंकियों ने बीएसएफ के काफिले पर हमला कर दिया। इस हमले के तुरंत बाद बीएसएफ ने भी आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया। हालांकि, इस हमले में कोई भी घायल नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय पुलिस और सेना भी तुरंत हमले की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गई। आतंकियों की घेराबंदी कर ली गई है। आतंकी मीर बाजार स्थित एक बिल्डिंग में छिपे हैं। आतंकियों को सबसे पहले आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने अनसुना कर सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से फायरिंग जारी है। 

गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर आतंकी कश्मीर घाटी सहित जम्मू-कश्मीर प्रदेश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी यह सब सीमा पार देश पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं के दिशानिर्देश पर कर रहे हैं। यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर कश्मीर तक स्थित सीमावर्ती इलाकों में पहले से ही हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रदेश में जगह-जगह नाके बढ़ा दिए गए हैं।

इस हमले में एक जानकारी यह भी मिली है कि इसे आतंकी संगठन हिजबुल द्वारा अंजाम दिया गया है। हालांकि, अभी तक इसकी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। चूंकि अभी मुठभेड़ जारी है और इसका खुलासा आतंकियों के पकड़े या मारे जाने के बाद ही हो सकेगा।




केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला का कार्यकाल 1 साल बढ़ाया गया, वरिष्ठ IAS अफसरों में रोष

22 अगस्त 2021 को रिटायर होने जा रहे केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है। इसके पहले केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव राजीव गाबा का कार्यकाल 1 साल के लिए बढ़ा दिया था। सरकार के इस फैसले से वरिष्ठ आईएएस अफसर नाराज बताए जा रहे हैं।

नई दिल्ली: 22 अगस्त 2021 को रिटायर होने जा रहे केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है। इसके पहले केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव राजीव गाबा का कार्यकाल 1 साल के लिए बढ़ा दिया था। सरकार के इस फैसले से वरिष्ठ आईएएस अफसर नाराज बताए जा रहे हैं।


केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला का कार्यकाल 22 अगस्त 2022 तक रहेगा। इसके लिए सरकार की विशेष कमेटी ने अपनी अनुमति प्रदान कर दी है। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला का कार्यकाल 22 अगस्त 2022 तक के लिए बढ़ा दिया। अब माना जा रहा है कि केंद्रीय रक्षा सचिव अजय कुमार का कार्यकाल भी बढ़ाया जा सकता है क्यों कि उनका कार्यकाल भी 23 अगस्त 2021 को समाप्त हो रहा है।

इस मामले में विशेष बात यह है कि अजय कुमार भल्ला का कार्यकाल यदि नहीं बढ़ाया जाता तो वह सेवानिवृत्त हो जाते। जबकि केंद्रीय रक्षा सचिव अजय कुमार के पास उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी अभी 1 साल से ज्यादा का कार्यकाल बचा हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि उनका कार्यकाल रक्षा सचिव के पद पर ही दोबारा बढ़ाया जा सकता है।


केंद्र सरकार के इस फैसले से वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में खासी नाराजगी बताई जा रही है। इन वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि जब लोगों को एक ही पद पर कई सालों तक कार्यकाल बढ़ाया जाता रहेगा तो उनके जूनियर अधिकारियों को उस पद पर काम करने का मौका कब मिलेगा? या तो वे उसके पहले ही रिटायर हो जाएंगे या फिर किसी दूसरी जगह पर तैनात कर दिए जाएंगे जबकि हर आईएएस अधिकारी का सपना ऐसी जगहों पर तैनाती का होता है। बताते चलें कि कैबिनेट सचिव का पद आईएएस अधिकारियों का सपना होता है और यह पद आईएएस अधिकारियों में सर्वोपरि माना जाता है।


अफगानिस्तान में हालात बद से बदतर, भारत की अपील, जल्द स्वदेश लौटें भारतीय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हम बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

नई दिल्ली/काबुल: अफगानिस्तान और तालिबान के बीच जंग जारी है और अब इसमें अन्य देशों के लोग भी पिस रहे हैं। भारत सरकार द्वारा पहले भी और अभी भी यह कहा जा रहा है कि जो भी भारतीय अफगानिस्तान में रह रहे हैं वह जल्द से जल्द भारत लौटें। इससे पहले अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि सभी भारतीय जल्द वापस स्वदेश लौट जाएं। इतना ही नहीं पत्रकारों के लिए भी वापस लौटने की बात एडवाइजरी में कही गई थी।

अब एक बार फिर से भारत के विदेश मंत्रालय ने अफगान में रह रहे भारतीयों को वापस स्वदेश लौटने की बात कही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हम बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित हैं। काबुल में हमारे मिशन ने इस सप्ताह की शुरुआत में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की, जिसमें उन्हें कमर्शियल फ्लाइट्स से भारत लौटने की सलाह दी गई।

वैक्सीन से जुड़े सवाल के डलाहब मे बागची ने कहा कि घरेलू उत्पादन और आयात के जरिए देश में कोविड वैक्सीन की उपलब्धता अब बढ़ रही है। कोवैक्सीन को लेकर हम काफी देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं कि वे हमारे वैक्सीन के सर्टिफिकेट को मान जाए। कुछ देश में कोवैक्सीन को स्वीकार्यता मिली है।

बता दें कि अफगानिस्तान के लगभग 50 फीसदी हिस्सों पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। वहीं, अमेरिका ने पूरी तरह से अफगानिस्तान से अपनी फौज वापस बुला ली है। हालांकि, अमेरिका अभी भी यह कह रहा है कि उसने अफगानिस्तान से फौज हटाई है लेकिन तालिबान पर अभी भी वह हमले जारी रखेगा।


अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी दिल्ली के कैंट इलाके में हुए नाबालिग बच्ची से रेप केस की सुनवाई

राजनीतिक रंग ले चुके दिल्ली कैंट इलाके में नौ वर्षीय मासूम बच्ची की कथित रेप और उसके बाद हत्या मामले को गृह मंत्रालय ने बेहद सख्ती के साथ लिया है। अब मामले की सुनवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।

नई दिल्ली: राजनीतिक रंग ले चुके दिल्ली कैंट इलाके में नौ वर्षीय मासूम बच्ची की कथित रेप और उसके बाद हत्या मामले को गृह मंत्रालय ने बेहद सख्ती के साथ लिया है। अब मामले की सुनवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।


गृह मंत्रालय ने दिल्ली के नांगल इलाके में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले की समीक्षा दिल्ली पुलिस के साथ की और केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने को आदेश दिया। 


बताते चलें कि इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय राजधानी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए थे।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार, गृह मंत्रालय ने दिल्ली के नांगल इलाके में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले तथा मयूर विहार में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले की दिल्ली पुलिस के साथ समीक्षा की। 

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस केस दर्ज होने के 30 दिनों के अंदर अदालत में चार्जशीट दायर करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे इन मामलों को जल्द से जल्द सुनवाई हो सके। दोनों ही मामलों की दिल्ली की फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में सुनवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि दिल्ली कैंट के नांगल इलाके में 9 साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके बाद मृतक बच्ची के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि उसका बलात्कार कर हत्या की गई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि शमशान घाट के पुजारी ने उनकी सहमति के बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।


 वहीं, बच्ची के परिजन समते सैकड़ों की तादाद में जुटे लोगों ने धरना प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ मौत की सजा की मांग की। पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


किन्नौर भूस्खलन हादसा: अबतक 13 लोगों के शव बरामद, लोगों को बचाने में युद्धस्तर पर जुटा 'रक्षक' दल

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भूस्खलन से हुए हादसे में अबतक 13 लोगों के शव राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान अबतक बरामद किए गए हैं और दर्जनों लोगों को अबतक बचाया गया है। वहीं, घटनास्थल पर एक बार फिर से भूस्खलन होने की सूचना मिली। बार-बार भूस्खलन की वजह से राहत एवं बचाव कार्यों में रुकावटें आ रही हैं।

किन्नौर: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भूस्खलन से हुए हादसे में अबतक 13 लोगों के शव राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान अबतक बरामद किए गए हैं और दर्जनों लोगों को अबतक बचाया गया है। वहीं, घटनास्थल पर एक बार फिर से भूस्खलन होने की सूचना मिली। बार-बार भूस्खलन की वजह से राहत एवं बचाव कार्यों में रुकावटें आ रही हैं।



मिली जानकारी के मुताबिक, वीरवार सुबह 11 बजे के करीब एक बार फ‍िर से भूस्‍खलन शुरू हो गया, इस कारण रेस्‍क्‍यू व सर्च आपरेशन रोक दिया गया है। बुधवार दोपहर बाद से रेस्‍क्‍यू आपरेशन जारी है। वीरवार सुबह तक 13 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे के बाद गायब एचआरटीसी की बस क्षतिग्रस्‍त हालत में सतलुज नदी के पास मिली है। बस चकनाचूर हाे चुकी है। टायर, दरवाजे सब कुछ अलग थलग पड़ा है। बस में सवार लोगों के बचने की उम्‍मीद बेहद कम है। बचाव दल ने मलबे में दबी बस के पास सर्च अभियान चलाया है व शुरुआत में जो शव मिले हैं वे क्षत विक्षत हालत में हैं। आइटीबीपी व एनडीआरएफ का बचाव दल ने चट्टानों को हटाकर लोगें की तलाश शुरू कर दी है।

प्रशासन ने एनएच-5 को बहाल कर दिया है। लेकिन अभी यहां से यातायात सुचारू नहीं किया गया है। परिचालक के मुताबिक बस में 24 लोग सवार थे, ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। अभी तक 13 लोगों की मृत्यु हादसे में हुई है यदि बस में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित नहीं निकाला जा सका तो मरने वालों का आंकड़ा 30 को भी पार कर सकता है।

किन्नौर में हुए हादसे में प्रशासन आज सेना की मदद ले सकता है। हालांकि एनडीआरएफ के जवानों को प्रशासन की ओर से सतलुज नदी की ओर खाई में भी भेजा गया था, जहां बस चकनाचूर हालत में मिल गई है। उपायुक्त किन्नौर ने कहा सर्च अभियान में सेना की मदद ली जा सकती है।

आइटीबीपी के डिप्‍टी कमांडेंट धर्मेंद्र ठाकुर ने बताया सुबह चार बजे से रेस्‍क्‍यू आपरेशन शुरू कर दिया गया है। किन्नौर में बुधवार को हुए हादसे में फंसे हुए लोगों को तलाशने का काम आइटीबीपी की तीन टुकड़ी कर रही हैं। टीम ने सुबह चार बजे से सर्च अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान अभी तक तीन शव निकाले गए हैं। इनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। अल सुबह से ही आइटीबीपी की तीन टुकड़ियां जुट गई हैं। बचाव दल की ओर से अब तक 13 लोगों को बचाया जा चुका है।


किन्नौर भूस्खलन हादसा: अबतक 10 शव बरामद, 13 को बचाया गया, बस और बोलेरो का नहीं चल सका पता

NDRF टीम ने 13 लोगों को रेस्‍क्‍यू किया है। 10 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है चार लोग खुद जख्‍मी हालत में मलबे से बाहर निकलकर सड़क तक पहुंच गए। बचाव कार्य जारी है, लेकिन रुक रुककर मलबा गिरने से बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है।

किन्नौर: हिमाचल के किन्नौर में निगुलसरी में NH-5 पहाड़ भूस्खलन से हुए हादसे में 10 लोगों की अबतक मौत हो गई है और अबतक राहत एवं बचाव कार्य के क्रम में 13 लोगों को अबतक बचाया गया है। वहीं, दूसरी तरफ हादसे का शिकार हुई हिमाचल प्रदेश सरकार की बस और एक बोलेरो कार का अबतक पता नहीं चल सका है। हालांकि, 2 क्षतिग्रस्त कार जरूर बरामदज किए गए हैं। घायलों को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र भावानगर भेजा गया है। पहाड़ी से दरके मलबे की चपेट में सवारियों से भरी एक बस भी आ गई है। बताया जा रहा है बस में 24 यात्री सवार थे। मलबे में 60 से अधिक लोग दबे बताए जा रहे हैं।


वहीं, रात करीब 8:30 बजे किन्नौर के लिए जाने वाली सड़क से मलबा साफ कर दिया। हालांकि, अभी यातायात बहाल नहीं किया गया है। तीन छोटे वाहन व टिप्पर मिल गए हैं जबकि बस और बोलेरो नहीं मिली। माना जा रहा है कि यह दोनों वाहन मलबे के साथ सतलुज नदी में जा गिरे हैं। जिला प्रशासन समेत अन्‍य अधिकारी मौके पर डटे हैं। एनडीआरएफ समेत सीआरपीएफ व आइटीबीपी की टीमों ने राहत कार्य जारी रखा है।

10 के शव बरामद

NDRF टीम ने 13 लोगों को रेस्‍क्‍यू किया है। 10 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है चार लोग खुद जख्‍मी हालत में मलबे से बाहर निकलकर सड़क तक पहुंच गए। बचाव कार्य जारी है, लेकिन रुक रुककर मलबा गिरने से बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। आइटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडेय के मुताबिक हादसे में करीब 60 लोगों के फंसे होने की आशंका है।

मृतकों में ये लोग शामिल हैं

रोहित निवासी रामपुर, मीरा देवी (41) निवासी ननस्पो (किन्नौर), नितिशा सुंगरा (किन्नौर), कमलेश कुमार निवासी पीपलूघाट अर्की (सोलन), राधिका निवासी काफनू (किन्नौर), प्रेम कुमारी निवासी लाबरंग (किन्नौर), ज्ञानदासी निवासी सापनी (किन्नौर), वंशिका निवासी सापनी (किन्नौर), देवी चंद निवासी प्लींगी (किन्नौर), विजय कुमार निवासी जोल सुजानपुर (हमीरपुर)।

घायलों में ये लोग हैं शामिल

प्रशांत निवासी देहलां (ऊना), वरुण मैनन देहलां (ऊना), राजेंद्र टिक्कर सुजानपुर (हमीरपुर), दौलत निवासी पानवी (किन्नौर), चरणजीत सिंह निवासी सरहिंद (पंजाब), महेंद्र पाल चालक एचआरटीसी, गुलाब सिंह परिचालक एचआरटीसी, सवीण (नेपाल), जापति देवी निवासी बोंडा (शिमला), चंदज्ञान निवासी पूह (किन्नौर), अरुण निवासी बोंडा (शिमला), अनिल निवासी कालजंग स्कीबा।


भारत ने क्रूज मिसाइल का किया सफल परीक्षण, पाकिस्तान और चीन की की बढ़ सकती है बेचैनी!

परीक्षण के दौरान मिसाइल ने करीब 150 किमी का सफर पूरा किया। इस मिसाइल में इंडीजिनीयस क्रूज इंजन लगा है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि भविष्‍य में इस मिसाइल के और भी परीक्षण किए जाएंगे। इस मिसाइल का परीक्षण में खरा उतरना चीन और पाकिस्‍तान दोनों के ही लिए खतरे की घंटी है।

नई दिल्‍ली: भारत की तरकस में एक और मिसाइल आज शामिल हो गई है। दरअसल, भारत ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित की गई एक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। ये परीक्षण ओडिशा स्थित बालासोर में किया गया है। इस मिसाइल की जद में चीन और पाकिस्तान दोनों ही हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, परीक्षण के दौरान मिसाइल ने करीब 150 किमी का सफर पूरा किया। इस मिसाइल में इंडीजिनीयस क्रूज इंजन लगा है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि भविष्‍य में इस मिसाइल के और भी परीक्षण किए जाएंगे। इस मिसाइल का परीक्षण में खरा उतरना चीन और पाकिस्‍तान दोनों के ही लिए खतरे की घंटी है।

बताते चलें कि भारत अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है। इसके तहत भारत जहां अपनी सेनाओं को अत्‍याधुनिक करने में लगा हुआ है, वहीं अपनी सुरक्षा के लिए नई मिसाइलों के निर्माण में भी आगे बढ़ रहा है। पिछले माह की भारत ने अग्नि मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था। यहां पर आपको ये भी बता दें कि भारत के पड़ोसी देश पाकिस्‍तान और चीन दोनों ही भारत की सीमाओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। इसको देखते हुए भारत अपनी सुरक्षा में कोई कमी नहीं रखना चाहते हैं।


हिमाचल के किन्नौर में भूस्खलन से बड़ा हादसा, बस में सवार 60 लोग दबे, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी सेना-NDRF समेत अन्य 'रक्षक दल'

बचाव अभियान के तहत अब तक बस के ड्राइवर और कंडक्टर समेत 4 लोगों को मलबे से निकाल लिया गया है। फिलहाल मौके पर भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं।

किन्नौर: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में बुधवार को हुए भयानक भूस्खलन में 50 से 60 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। डिप्टी कमिश्नर सादिक हुसैन ने इसकी जानकारी दी। विधानसभा सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने भी घटना की पुष्टि की है। एक महीने से भी कम समय में किन्नौर में भूस्खलन की यह दूसरी बड़ी घटना है।

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि भूस्खलन के मलबे में 50 से 60 लोगों के दबने की आशंका है। बचाव अभियान के तहत अब तक बस के ड्राइवर और कंडक्टर समेत 4 लोगों को मलबे से निकाल लिया गया है। फिलहाल मौके पर भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। अब भी थोड़ा बहुत भूस्खलन हो रहा है, लेकिन इस बीच बचाव अभियान जारी है।

मिली जानकारी के मुताबिक, बस के साथ-साथ 4-5 छोटे वाहन भी दबे हुए हैं। चट्टान खिसकने के बाद से ही नेशनल हाईवे नंबर 5 ब्लॉक है। यह हादसा बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे के आसपास हुआ। मौके का वीडियो देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस के साथ ही एक ट्रक और एक गाड़ी भी दबी हुई है।


बस के अलावा कुछ और गाड़ियां भी दबी हैं।  मलबे को हटाने के लिए काम तेजी से किया जा रहा है लेकिन अभी भी चट्टानों से पत्थर और मिट्टी गिर रही है, जिसकी वजह से बचाव कार्य में रुकावट आ रही है। एनडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा गया है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन भी बचाव के काम में जुटा है।

डिप्टी कमिश्नर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मलबे के नीचे 50 से 60 यात्रियों से भरी एक हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस के साथ ही कई अन्य वाहन भी दबे हुए हैं। यह किन्नौर के रेकोंगे पेओ से शिमला की ओर जा रही थी।

पीएम, गृहमंत्री ने सीएम जयराम से ली हालात की जानकारी

इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिमाचल प्रदेश के सीएम से बात की है। पीएम मोदी ने सीएम जयराम ठाकुर को भरोसा दिया है कि किन्नौर में हुए हादसे में बचाव के लिए केंद्र की ओर से पूरी मदद की जाएगी।


पाकिस्तान में चल रही है 'आतंक की पाठशाला', 57 कश्मीरी युवा गए थे पढ़ने ...और बन गए आतंकी !

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ना सिर्फ आतंक का आका है बल्कि वहां आतंक की पाठशाला भी चलती है। दरअसल, स्टूडेंट वीजा पर पाकिस्तान पढ़ने गए 57 कश्मीरी युवक आतंकी बनकर लौटे हैं। इनमें से कुछ पाकिस्तान में ही हैं और जो लौटें हैं वो किताबों की जगह हाथों में हथियार लेकर लौटे हैं।

नई दिल्ली/जम्मू: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ना सिर्फ आतंक का आका है बल्कि वहां आतंक की पाठशाला  भी चलती है। दरअसल, स्टूडेंट वीजा पर पाकिस्तान पढ़ने गए 57 कश्मीरी युवक आतंकी बनकर लौटे हैं। इनमें से कुछ पाकिस्तान में ही हैं और जो लौटे हैं वो किताबों की जगह हाथों में हथियार लेकर लौटे हैं।


जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के कम से कम 57 युवा, जो 2017 और 2018 में या तो टूरिस्ट वीजा या स्टडी वीजा पर पाकिस्तान गए थे, आतंकी बन गए। इतना ही नहीं, इनमें से कुछ आतंकी बनकर हथियारों के साथ कश्मीर भी लौटे हैं।

दिलबाग सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के कई युवा वैध दस्तावेजों पर 2017 और 2018 में पाकिस्तान गए थे। उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी में 57 मामले आए हैं, जो लोग अध्ययन के लिए या पर्यटक के रूप में सीमा पार गए और किसी न किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो गए। डीजीपी ने कहा कि उनमें से 30 अवैध रूप से हथियारों के साथ एलओसी पार करने के बाद आतंकवादी के रूप में कश्मीर लौट आए।

17 आतंकी मारे गए

उन्होंने कहा कि 30 में से 17 मारे गए हैं जबकि 13 आतंकवादी अभी भी कश्मीर में सक्रिय हैं और सुरक्षा बल उन पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि  उनमें से 17 अभी भी पाकिस्तान में है। सिंह ने कहा कि यही कारण है कि हाल के दिनों में अधिकारियों ने कश्मीरी छात्रों को पढ़ाई के लिए पाकिस्तान जाने की मंजूरी देने में सख्ती की है।

स्थानीय युवकों के विद्यार्थी या पर्यटक वीजा पर पाकिस्तान जाने और आतंकवादी बन जाने पर चिंता प्रकट करते हुए पुलिस प्रमुख ने कहा कि मैं समझता हूं कि पाकिस्तान में कलमों पर बंदूकों को तरजीह दी जाती है और पाकिस्तानी वीजा को सुरक्षा अनापत्ति देने में संबंधित उपायों को मजबूत करने की जरूरत है।

 उन्होंने कहा, 'यही सख्ती का कारण रहा है क्योंकि युवा यहां से पढ़ाई के लिए जाते हैं, लेकिन आतंकवादी बनकर लौटते हैं। मुझे नहीं पता कि जम्मू-कश्मीर के छात्र किस स्थिति और परिस्थितियों में पाकिस्तान में रहते हैं, लेकिन अगर वे आतंकवादी के रूप में लौटते हैं तो यह स्पष्ट है कि आपको सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करके सख्त होना होगा।

इसके अलावा, जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा कि फरवरी में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की बहाली के बाद घुसपैठ के करीब करीब थमने के बाद अब आतंकवादियों को सीमा पार धकेलने की कोशिश चल रही है तथा 250 से 300 आतंकवादी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद इस पार आने के लिए वहां शिविरों में मौके की बाट जोह रहे हैं।

 उन्होंने आगे कहा, 'पाकिस्तान की आईएसआई एवं अन्य एजेंसियों द्वारा चलाये जा रहे प्रशिक्षिण शिविरों एवं लांच पैड अपनी क्षमता के हिसाब से अटे पड़े हैं। मोटे तौर पर हमारा आकलन है कि ऐसे शिविरों में 250 से 300 आतंकवादी हैं जिन्हें प्रशिक्षण मिल चुका है और वे जम्मू कश्मीर में घुसने के लिए तैयार बैठे हैं।'


सुप्रीम फैसला: अब हाईकोर्ट की इजाज़त बिना MP-MLA के खिलाफ आपराधिक मामले वापस नहीं होंगे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें संबंधित हाईकोर्ट की इजाजत के बिना केस वापस नहीं ले सकेंगी। हाईकोर्ट हाल ही में केरल के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर भी फैसला देंगे।

नई दिल्ली: आज सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब हाईकोर्ट की इजाजत के बिना सासंदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले वापस नहीं लिए जाएंगे।


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें संबंधित हाईकोर्ट की इजाजत के बिना केस वापस नहीं ले सकेंगी। हाईकोर्ट हाल ही में केरल के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर भी फैसला देंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि सभी हाई कोर्ट के रजिस्टार जरनल अपने चीफ जस्टिस को सांसद और विधायकों के खिलाफ लंबित, निपटारे की जानकारी दें। सीबीआई कोर्ट और अन्य कोर्ट सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई जारी रखें। सासंदों/ विधायकों के खिलाफ आपराधिक ट्रायल के जल्द निपटारे की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट स्पेशल बेंच का गठन करेगा।


सासंदों/ विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल न करने पर केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। CJI एनवी रमना ने कहा कि हमने शुरू में ही केंद्र से आग्रह किया था कि वो सांसदों/ विधायकों से संबंधित लंबित मामलों में गंभीर हो, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कुछ नहीं हुआ। कोई प्रगति नहीं हुई। ED की स्टेट्स रिपोर्ट पेपर में छपने पर नाराज़गी जताई कहा कि आज हमने पेपर में रिपोर्ट पढ़ी। सब मीडिया को पहले मिल जाता है। एजेंसी अदालत को कुछ नहीं देती। ED के हलफनामा भी फॉर्मेट में नहीं है और इसमें सिर्फ आरोपियों की सूची है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आखिरी मौका दिया। कोर्ट ने दो हफ्ते के समय के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।


सुप्रीम कोर्ट ने ये बड़ा कदम एमिक्स क्यूरी विजय हंसारिया की रिपोर्ट पर उठाया। इसके मुताबिक- यूपी सरकार  मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी बीजेपी विधायकों के खिलाफ 76 मामले वापस लेना चाहती है। 

बता दें कि कर्नाटक सरकार विधायकों के खिलाफ 61 मामलों को वापस लेना चाहती है। उतराखंड और महाराष्ट्र सरकार भी इसी तरह केस वापस लेना चाहती हैं। CBI की तरफ से SG तुषार मेहता ने कहा कि CBI ने इस मामले में अभी स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल नहीं की है।  कुछ समय चाहिए रिपोर्ट दाखिल करने के किए । SG तुषार मेहता ने कोर्ट से फॉर्मेंट के हिसाब से स्टेट्स रिपोर्ट दाख़िल करने के लिए समय मांगा।

 CJI ने कहा कि एक स्पेशल बेंच का गठन करना होगा, जो इन मामलों की निगरानी करेगी। तुषार मेहता ने कहा कि वो भरोसा दिलाते हैं कि केंद्र सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जल्द ही सही तरीके से स्टेटस रिपोर्ट जारी की जाएगी। वकील कामिनी जयसवाल ने कहा कि अकेले गुजरात में 7000 अपील लंबित हैं। अदालती आदेश  सिर्फ ट्रायल को लेकर है। CJI  ने कहा कि वो इन मुद्दों पर स्पष्टीकरण के लिए स्पेशल बेंच का गठन करेंगे।


इस जगह पर पाकिस्तान ने बना रखा है ड्रोन ऑपरेट करने का कंट्रोल रूम, ISI ने तैयार कर रखी है हमले की ब्रिगेड

जम्मू एयरवेज पर ड्रोन अटैक के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। ऐसे में यह पता लगाना जरूरी था कि आखिर पाकिस्तान कहां से अपने साजिशों को अंजाम देने का प्रयास कर रहा है।

श्रीनगर: बीते काफी समय से लगातार जम्मू-कश्मीर के इलाकों में ड्रोन्स देखे जा रहे हैं। इन ड्रोन्स के जरिए आरडीएक्स व हैंड ग्रेनेड भेजे जा रहे हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों की मुस्तैदी की वजह से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के इरादे कामयाब नहीं हुए। जम्मू एयरवेज पर ड्रोन अटैक के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। ऐसे में यह पता लगाना जरूरी था कि  आखिर पाकिस्तान कहां से अपने साजिशों को अंजाम देने का प्रयास कर रहा है।


एक समाचार चैनल का दावा है कि कश्मीर में भारतीय सीमा के करीब शक्करगढ़ इलाके में पाकिस्तान ने आतंक का ड्रोन का कंट्रोल रूम भी तैयार किया है। आपको याद होगा 27 जून को जम्मू के एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से धमाका कराया गया था, जिसमें ज्यादा नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन उसके बाद से जम्मू कश्मीर और पंजाब में पाकिस्तान लगातार ड्रोन से आतंक की सप्लाई कर रहा है।

समाचार चैनल की खुफिय़ा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की ISI ने भारत-पाक सीमा के शक्करगढ़ इलाके में ड्रोन कंट्रोल रूम है। इसके अलावा पंजाब सीमा के पास भी कंट्रोल रुम बनाए जाने की आशंका है। भारत में ड्रोन हमले के लिए ISI ने अलग से ब्रिगेड तैयार की है।

आईएसआई द्वारा तैयार किए गए ब्रिगेड में जिसमें ड्रोन इंजीनियर और टेक्ननीशियन की शामिल है। इसके साथ ही जैश और लश्कर के आतंकी भी कंट्रोल रुम में भेजे गए हैं। इंजीनियर आतंकियों को ड्रोन असेंबल करना सिखा रहे हैं और टेक्वनीशियन आतंकियों को ड्रोन उड़ाना सिखा रहे हैं। पाकिस्तान ने इन सभी लोगों को 15 अगस्त के दिन भारत में किसी भी सूरत में धमाका कराने का फरमान दिया गया है।


पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ फ्लाइंग टेरर का नया मॉड्यूल तैयार किया है। जिसका पर्दाफाश अमृतसर में हुई वारदात से हुआ है। अमृतसर में पाकिस्तान सीमा के पास ड्रोन दिखा, ड्रोन से एक बैग को गिराया गया। खबर मिलने पर पुलिस ने पूरे इलाके की छानबीन की। छानबीन में पुलिस को एक संदिग्ध बैग बरामद हुआ, बैग विस्फोटक और गोला बारूद से भरा हुआ था।


अत्याधुनिक गोला-बारूद देखकर NSG की टीम बुलाई गई। NSG की जांच में बैग के अंदर भारी मात्रा में विस्फोटक का सामान मिला। जिससे साफ हो जाता है कि पाकिस्तान ने स्वतंत्रा दिवस के जश्न को मातम में बदलने की पूरी तैयारी की थी। ड्रोन से गिराए गए बैग में पुलिस को टिफिन बम मिला। इतना ही नहीं बैग में दो से तीन किलो RDX भी मौजूद था  और पांच हैंडग्रेनेड समेत 100 जिंदा कारतूस भी बैग से बरामद हुए हैं। टिफिन बम की जांच में पाया गया कि इसमें धमाके के लिए एक दो नहीं बल्कि तीन ट्रिगर लगाए गए थे, ताकि किसी भी सूरत में धमाके को अंजाम दिया जा सके।


यूएनएससी की भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने की अध्यक्षता, पूरी दुनिया ने लिया 'मोदी मंत्र'

पीएम मोदी ने कहा, समुद्री विवाद का समाधान शांतिपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के आधार पर होना चाहिए। हमें समंदर से उत्पन्न प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन चुनौतियां का मिलकर सामना करना चाहिए। इस विषय पर क्षेत्रिया सहयोग बढ़ाने पर भारत ने कई कदम उठाए हैं।

नई दिल्ली: आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और इतिहास रच दिया है। दरअसल, आज पीएम नरेंद्र मोदी संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की। पीएम मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की एक उच्चस्तरीय खुली परिचर्चा की अध्यक्षता की तो वह ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।

पीएम मोदी के संबोधन का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वेबसाइट पर सीधा प्रसारण हुआ। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों, सरकार के प्रमुखों और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली एवं प्रमुख क्षेत्रीय संगठनों के उच्च स्तरीय विशेषज्ञों के भाग लिया। इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भाग लिया।


पीएम मोदी ने कहा, समुद्री सुरक्षा के लिए मैं 5 बुनियादी सिद्धांतों को सामने रखना चाहूंगा।  पहला- वैध व्यापार स्थापित करने के लिए बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए। दूसरा - समुद्री विवादों का निपटारा शांतिपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर ही होना चाहिए। हमें समुद्री व्यापार में आने वाली परेशानियों को दूर करना चाहिए। आज आतंकी घटना और समुद्री लुटेरों के लिए समंदर के रास्तों का इस्तेमाल हो रहा है, इसलिए हम इस विषय को सुरक्षा परिषद के पास लेकर आए हैं।

पीएम ने आगे कहा कि समुद्री व्यापार के सक्रिय प्रवाह पर हमारी समृद्धि निर्भर करती है और इस रास्ते में आने वाली बाधाएं पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक चुनौती बन सकती हैं। मुक्त समुद्री व्यापार अनादि काल से भारत की संस्कृति से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हम सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के दृष्टिकोण के आधार पर अपने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर एक समावेशी ढांचा बनाना चाहते हैं। यह दृष्टि एक सुरक्षित, सुदृढ़ और स्थिर समुद्री क्षेत्र के लिए है।


अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, समुद्री विवाद का समाधान शांतिपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के आधार पर होना चाहिए। हमें समंदर से उत्पन्न प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन चुनौतियां का मिलकर सामना करना चाहिए। इस विषय पर क्षेत्रिया सहयोग बढ़ाने पर भारत ने कई कदम उठाए हैं।


जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग में आतंकियों ने BJP नेता व उनकी पत्नी की गोली मारकर हत्या की, लाल चौक पर भी दहशत फैलाने की कोशिश

आज यानि सोमवार को आतंकियों ने भाजपा के नेता और सरपंच गुलाम रसूल व उनकी पत्नी के घर पर जबरन घुसते हुए उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर घटनास्थल से फरार हो गए।

जम्मू: स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी बौखलाए पड़े हैं और लोगों में दहशत फैलाने का भरकस प्रयास कर रहे हैं। कश्मीर में आतंकियों के घटते कैडर से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका काफी बौखला गए हैं। कश्मीर में बचे खुचे आतंकियों पर स्वतंत्रता दिवस से पहले-पहले राजनीतिक पार्टियों के नेताओं और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए लगातार उकसाया जा रहा है।

ताजा मामले में अनंतनाग में स्टेडियम के समीप आज यानि सोमवार को आतंकियों ने भाजपा के नेता और सरपंच गुलाम रसूल व उनकी पत्नी के घर पर जबरन घुसते हुए उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर घटनास्थल से फरार हो गए। 


आतंकियों की इस कायराना हरकत से सरपंच गुलाम रसूल और उनकी पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है। वहीं, दूसरी तरफ श्रीनगर के प्रसिद्ध लाल चौक में आतंकियों ने एक दंपती पर फायरिंग कर दी। दोनों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा किसान मोर्चा कुलगाम के प्रधान गुलाम रसूल और उनकी पत्नी पर अनंतनाग स्टेडियम के नजदीक स्थित मकान में आतंकियों ने प्रवेश कर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसमें दोनों की ही घटनास्थल पर मौत हो गई। भाजपा नेता गुलाम रसूल और उनकी पत्नी कुलगाम के रेडवानी इलाके के रहने वाले हैं। इन दिनों वे अनंतनाग स्टेडियम के समीप एक किराये के घर पर रह रहे थे। 


मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अनंतनाग के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन डाक्टरों ने इन्हें मृत लाया घोषित कर दिया। इस घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में सघन्न तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।


धनबाद जज हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट का CBI को निर्देश, जांच की स्टेटस रिपोर्ट झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल करो

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को धनबाद के जज उत्तम आनंद मौत पर स्वत: संज्ञान मामले में सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा कि जांच एजेंसी बिल्कुल भी न्यायपालिका की मदद नहीं कर रही है।

नई दिल्ली/रांची: झारखांड के धनबाद में हुए एडीजी की हत्या के मामले में सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वह मामले की स्टेट्स रिपोर्ट झारखंड हाईकोर्ट में सील कवर में दाखिल करे। मामले की निगरानी झारखंड हाईकोर्ट करेगा। मामले में सुनिवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायधीश एनवी रमना ने कहा कि वो इस मामले को फिलहाल लंबित रखेंगे, जब जरूरत होगी, मामले की सुनवाई करेंगे।

बता दें कि धनबाद में जज की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान कार्यवाही में सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में कड़ी फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था। इतना ही नहीं, जजों के मामले में शिकायतों पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों से नाराजगी भी जताई थी। 

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को धनबाद के जज उत्तम आनंद मौत पर स्वत: संज्ञान मामले में सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा कि जांच एजेंसी बिल्कुल भी न्यायपालिका की मदद नहीं कर रही है। 

Jharkhand High Court warns CM Hemant Soren Govt against Black Marketing of  Covid Medicines may Call CBI Investigation

मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों के प्रति नाराजगी भी जाहिर की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की और कहा कि जब हाई-प्रोफाइल लोगों के पक्ष में अनुकूल आदेश पारित नहीं किए जाते हैं तो ऐसी स्थिति में न्यायपालिका को बदनाम करने का एक नया चलन हो गया है। आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और सीबीआई न्यायपालिका की बिल्कुल भी मदद नहीं कर रहे हैं जब जज शिकायत करते हैं तो वे कोई जवाब नहीं देते। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत की सहायता करने के लिए कहा गया है। 

बता दें कि 28 जुलाई की सुबह जज उत्तम आनंद की मॉर्निंग वॉक के दौरान अज्ञात वाहन के चपेट में आने से मौत हो गई थी, मगर सीसीटीवी फुटेज सामने आऩे के बाद इसमें साजिश की आशंका जताई गई।


भारत ने 'संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद' की आज बुलाई है वर्चुअल डिबेट, PM मोदी करेंगे अध्यक्षता

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को भारत के कार्यकाल में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी थी। उन्‍होंने बताया था कि पहली बार भारत का कोई प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आयोजित होने वाली एक बैठक की अध्यक्षता करेगा।

नई दिल्‍ली: भारत पहली अगस्त को एक महीने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बना है। यूएनएससी की अध्यक्षता संभालने के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इसका सकारात्‍मक इस्‍तेमाल करने को पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को भारत के कार्यकाल में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी थी। उन्‍होंने बताया था कि पहली बार भारत का कोई प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आयोजित होने वाली एक बैठक की अध्यक्षता करेगा। बागची ने जानकारी दी थी कि इस महीने हम एक सिग्नेचर इवेंट आयोजित करेंगे जो तीन अहम क्षेत्रों पर केंद्र‍ित होगा। ये तीनों क्षेत्र समुद्र की सुरक्षा, शांति अभियान और आतंक के खिलाफ मुहिम से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ अगस्त को एक उच्चस्तरीय वर्चुअल ओपन डिबेट की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का मुद्दा समुद्र की सुरक्षा को लेकर होगा। यह नहीं इसमें अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मसले पर भी चर्चा की जाएगी।  

अरिंदम बागची ने यह भी बताया था कि कि भारत अफगानिस्तान में विकसित हो रही सुरक्षा स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान के मसले पर शुक्रवार को चर्चा की जाएगी। उन्‍होंने कहा था कि इस चर्चा में हम अफगानिस्तान मुद्दे पर अपने विचार और दृष्टिकोण साझा करेंगे। अफगानिस्तान के साथ हमारे घनिष्ठ संबंध हैं जो रणनीतिक साझेदारी समझौते द्वारा निर्देशित हैं। इस समझौते पर दोनों देशों ने 2011 में हस्ताक्षर किए थे। 

पीएम मोदी करेंगे अध्यक्षता

बागची ने बीते गुरुवार को जानकारी दी थी किनौ अगस्‍त को आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करके देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतिहास रचेंगे। ऐसा पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में किसी बैठक की अध्यक्षता करेगा।


किसान सम्मान निधि योजना: आज PM मोदी किसानों के खातों में भेजेंगे इस साल की दूसरी किस्त, ऐसे चेक करें अपना नाम

पीएम मोदी आज यानि 9 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना से जुड़े 9.75 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानो को 19 हजार 500 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी देश के किसानों से बातचीत भी करेंगे और देश को संबोधित भी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्र नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहेंगे।

नई दिल्ली: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' की वर्ष 2021 की दूसरी किस्त जारी करेंगे। पीएम मोदी आज यानि 9 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना से जुड़े 9.75 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानो को 19 हजार 500 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी देश के किसानों से बातचीत भी करेंगे और देश को संबोधित भी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्र नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहेंगे।

ऐसे चेक करें पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अपना नाम

  • सबसे पहले PM किसान योजना के Official वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाएं
  • इसके बाद होमपेज पर Farmers Corner ऑप्शन पर जाएं
  • इसके बाद Farmer corner सेक्शन में Beneficiaries List के ऑप्शन को चुने
  • इसके बाद अपने राज्य, जिला, उप जिला, ब्लॉक और अपने को सेलेक्ट करें
  • इसके बाद Get Report पर क्लिक करें
  • इसके बाद आपके गांव के लाभार्थियों की पूरी लिस्ट सामने आ जाएगी, इसमें आप अपना नाम देख सकते हैं

बता दें कि 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना के तहत हर साल किसानों को 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। किसानों को यह सहायता तीन किस्त में किसानों को प्रदान की जाती है। यह किस्तें खुद प्रधानमंत्री मोदी डीबीटी के तहत किसानों के बैंक खाते में डालते हैं। यह योजना केंद्र सरकार की है और इसका निर्वहन केंद्र सरकार अकेले करती है।


धार्मिक स्थलों की यात्रा करने आए पाकिस्तान के 51 हिंदू भारत में फंसे, लॉकडाउन बना कारण

धार्मिक स्थलों की यात्रा करने भारत आए 51 पाकिस्तानी हिंदू लॉकडाउन लगने के बाद से अमृतसर में फंसे हुए हैं। एक युवक ने बताया,

नई दिल्ली/अमृतसर: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के 51 हिंदू जो कि धार्मिक स्थलों की यात्रा करने भारत आए हुए थे वह पिछले एक साल से यहां फंसकर रह गए हैं। दरअसल, 2020 में लॉकडाउन लगने के बाद यहां फंसे पाकिस्तान के हिंदू वापस अपने वतन नहीं जा पाएं। अब ये लोग पाकिस्तानी हुकूमत से खुद को वापस अपने वातन लाने की मांग कर रहे हैं लेकिन पाकिस्तानी हुकूमत तक इनकी आवाज नहीं पहुंच रही है।

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धार्मिक स्थलों की यात्रा करने भारत आए 51 पाकिस्तानी हिंदू लॉकडाउन लगने के बाद से अमृतसर में फंसे हुए हैं। एक युवक ने बताया, "हम अपने पिता की अस्थियां बहाने 2020 में हरिद्वार आए थे लेकिन लॉकडाउन लगने से यहीं फंस गए। पाकिस्तान सरकार से अनुरोध है कि हमें वापस बुलाएं।"

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गौरतलब है कि मार्च 2020 में कोरोना संकट की वजह से पूरे भारत में लॉकडाउन लगा दिया गया था और इंटरनेशनल फ्लाइट्स इससे पहले से ही बंद थीं। लिहाजा, जो भारत में थे वह भारत रह गए और जो अन्य देशों में थे वह वहां पर फंसे रह गए। हालांकि, इस दौरान भारत व तमाम देशों ने अपने नागरिकों को वापस लाने का काम किया लेकिन भारत में फंसे पाकिस्तानी हिंदुओं की सुधि पाकिस्तान ने अभी तक नहीं ली है।



अलकायदा ने दी IGI एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

दिल्ली पुलिस को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिलने के बाद इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस को मिले ईमेल में आतंकवादी संगठन अलकायदा ने आईजीआई एयरपोर्ट पर हमला करने की योजना के बारे में चेतावनी दी।

नई दिल्ली: हर बार की तरह इस बार भी 15 अगस्त से ठीक पहले आतंकी संगठनों द्वारा दिल्ली में बम धमाके करने की धमकी दी गई है। आतंकी संगठन ने अलकायदा ने दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट यानी  इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को बम से उड़ाने की धमकी दी है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। 

मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिलने के बाद इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस को मिले ईमेल में आतंकवादी संगठन अलकायदा ने आईजीआई एयरपोर्ट पर हमला करने की योजना के बारे में चेतावनी दी। आईजीआई हवाई अड्डे के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जांच के बाद खतरे को बेतुका और धमकी को फर्जी पाया गया है। इसके बाद से बम धमकी आकलन समिति (बीटीएसी) को हवाई अड्डे से टरमिनेट कर दिया गया। बयान में कहा गया है कि, "जांच में कुछ खास न मिलने के बाद भी अतिरिक्त अलर्ट जारी कर दिया गया है और आईजीआई हवाईअड्डे पर सभी सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।"

ये धमकी भरा ईमेल [email protected] से आया था। इस ईमेल के सब्जेक्ट में लिखा था, "अलकायदा सरगना की ओर से IGI एयरपोर्ट पर बम ब्लास्ट की साजिश।" इस ईमेल में लिखा है, करनबीर सूरी उर्फ मोहम्मद जलाल और उसकी पत्नी शैली शारदा उर्फ हसीना रविवार को सिंगापुर से भारत आ रहे हैं और वो एयरपोर्ट पर अगले एक से तीन दिन में बम रखने की साजिश रच रहे हैं।

बताते चलें कि पहले भी ऐसे ही तरह की धमकी भरे मेल आ चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, इसी साल 21 मार्च को भी एक ऐसा ही मेल मिला था, जिसमें करनबीर और शैली को ISIS का सरगना बताया गया था।


ISRO आसमान में तैनात करेगा 'निगहबान', जानिए क्या चीज है ये और क्या होगा फायदा

12 अगस्त को इसरो अंतरिक्ष में भारत का 'निगहबान' तैनात करने वाला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अगले सप्ताह जीएसएलवी-एफ 10 के जरिए धरती पर निगरानी रखने वाले उपग्रह ईओएस-03 का प्रक्षेपण किया जाएगा।

नई दिल्ली: भारत एक बार फिर से  आसमान में एक और छलांग लगाने को तैयार है। दरअसल, 12 अगस्त को इसरो अंतरिक्ष में भारत का 'निगहबान' तैनात करने वाला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अगले सप्ताह जीएसएलवी-एफ 10 के जरिए धरती पर निगरानी रखने वाले उपग्रह ईओएस-03 का प्रक्षेपण किया जाएगा। इसके प्रक्षेपण से भारत को काफी फायदा मिलने वाला है। 

इसरो द्वारा साझा की गई सूचना के मुताबिक, प्रक्षेपण 12 अगस्त को सुबह पांच बजकर 43 मिनट पर किया जाएगा। हालांकि यह मौसम संबंधी स्थिति पर निर्भर करेगा। ईओएस-03 अति उन्नत उपग्रह है, जिसे जीएसएलवी एफ 10 यान की मदद धरती की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। अगर यह परीक्षण सफल होता है तो भारत की ताकत में और इजाफा होगा और मौसम संबंधी गतिविधियों को समझने में और आसानी होगी।

जीएसएलवी उड़ान उपग्रह को 4 मीटर व्यास-ओगिव आकार के पेलोड फेयरिंग में ले जाएगी, जिसे रॉकेट पर पहली बार उड़ाया जा रहा है, जिसने अब तक अंतरिक्ष में उपग्रह और साझेदार मिशनों को तैनात करने वाली 13 अन्य उड़ानें संचालित की हैं। इसके बारे में कहा जा रहा है कि ईओएस-03 उपग्रह एक दिन में पूरे देश की चार-पांच बार तस्वीर लेगा, जो मौसम और पर्यावरण परिवर्तन से संबंधित प्रमुख डेटा भेजेगा।

इतना ही नहीं, यह EOS-03 उपग्रह भारतीय उपमहाद्वीप में बाढ़ और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं की लगभग रीयल टाइम निगरानी में सक्षम होगा क्योंकि यह प्रमुख पर्यावरणीय और मौसम परिवर्तनों से गुजरता है। 



यूनएनएससी के अध्यक्ष भारत ने अफगानिस्तान पर हुई बैठक में पाकिस्तान को नहीं बुलाया, पाक ने लगाया ये बड़ा आरोप

यूनएनएससी के अध्यक्ष भारत ने उसे अफगानिस्तान को लेकर हुई बैठक में शामिल होने के लिए नहीं बुलाया, जिसके बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए किया गया, जबकि उसे अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया।

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को एक बार फिर से मिर्ची लगी है। दरअसल, यूनएनएससी के अध्यक्ष भारत ने उसे अफगानिस्तान को लेकर हुई बैठक में शामिल होने के लिए नहीं बुलाया, जिसके बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए किया गया, जबकि उसे अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया।



मिली जानकारी के मुताबिक, भारत की अध्यक्षता में शनिवार को अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा हुई, जिसमें पाकिस्तान को न्योता नहीं दिया गया। इस बात से अब पाकिस्तान परेशान हो गया है। पाकिस्तान ने शनिवार को इस बात पर अफसोस जताया कि उसे अफगानिस्तान का सबसे करीबी पड़ोसी होने के बावजूद युद्धग्रस्त देश की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने एक बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए किया गया, जबकि उसे अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के राजदूत गुलाम इसाकजई ने सुरक्षा परिषद से कहा कि तालिबान को पाकिस्तान से सुरक्षित पनाहगाह, जंगी मशीनों की आपूर्ति और रसद लाइन की सुविधा मिल रही है।

एफओ ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष से अनुरोध किया था कि उसे परिषद के सत्र को संबोधित करने और अफगान शांति प्रक्रिया पर अपना दृष्टिकोण रखने का मौका दिया जाए, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बजाय इस मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए किया गया।'


बता दें कि अगस्त महीने के लिए यूनएनएससी के अध्यक्ष भारत की अगुवाई में 15 देशों की शक्तिशाली सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के लिए बैठक का आयोजन किया था, जिसमें पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया गया था। 

यह भी बता दें कि अगस्त महीने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कमान भारत के पास है। बतौर अध्यक्ष भारत का पहला कार्य दिवस सोमवार यानी 2 अगस्त से शुरू हुआ।

सुरक्षा परिषद के एक अस्थायी सदस्य के रूप में भारत का दो साल का कार्यकाल 1 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ।  यह सुरक्षा परिषद के गैर स्थायी सदस्य के तौर पर 2021-22 कार्यकाल के दौरान भारत की पहली अध्यक्षता है। भारत अगले साल दिसंबर में फिर से सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करेगा।

कुल मिलाकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कमान मिलते ही भारत अब एक्शन में आ गया है और उसका असर भी अब दिखने लगा है। फिलहाल भारत व अन्य देशों की यही चाह है कि हर हाल में अफगानिस्तान में सीजफायर लागू किया जाए। वहीं, पाकिस्तान शुरू से ही तालिबान का साथ देता चला आ रहा है इस बात को अफगानिस्तान द्वारा कई बार सार्वजनिक मंच पर भी कहा गया है।


मौसम समाचार: यूपी, बिहार समेत पूर्वोत्तर के इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश और राजस्थान के लोगों को भारी बारिश से अब राहत मिल सकती है। उत्तरी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन दिन तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है।

नई दिल्ली: भारी बारिश की वजह से देश के कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से सैकड़ों लोगों की जानें चली गई हैं और अभी भी बारिश कहर ही ढा रही है। वहीं, अभी भी कई राज्यों में भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश और राजस्थान के लोगों को भारी बारिश से अब राहत मिल सकती है। उत्तरी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन दिन तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 10 अगस्त से उत्तराखंड, उत्तरी उत्तर प्रदेश और देश के पूर्वी हिस्से में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अगले दो दिन तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद यहां मानसून कमजोर पड़ना शुरू हो जाएगा। वैसे 8 अगस्त को इन इलाकों में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान है।

माना जा रहा है कि आज यानि रविवार को मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, पूर्वी राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों, केरल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत, बिहार के कुछ हिस्सों, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा के कुछ भागों, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों, कोंकण और गोवा,तटीय कर्नाटक, और तेलंगाना के कुछ भागों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली, दक्षिण गुजरात, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की बारिश संभव है।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 10 अगस्त से व्यापक वर्षा होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। 11 अगस्त से पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।


दूसरी तरफ, महाराष्ट्र और गुजरात में अगले 5 दिन तक बारिश की गतिविधियों में कमी का दौर जारी रहेगा। वहीं प्रायद्वीपिय भारत में 10 अगस्त से ज्यादा वर्षा होगी और 11 अगस्त को केरल व तमिलनाडु में बादल जमकर बरस सकते हैं।


हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है और राज्य में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 15 अगस्त तक बारिश का क्रम जारी रहने की संभावना जताई है। 11 अगस्त को किन्नौर व लाहुल-स्पीति को छोड़ बाकी सभी जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 11 से 13 अगस्त को प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

बता दें कि हिमाचल में राज्य में बारिश का दौर लगातार जारी है। रात से सुबह तक बारिश जारी रही। इससे मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। बारिश के कारण राज्य में कई मकान गिर गए हैं, जबकि अब भी 47 मार्ग बंद हैं।


जयंती विशेष: रवींद्रनाथ टैगोर के इन विचारों को पढ़कर आप खुद के बारे में जान पाएंगे हर हकीकत

मानव जाति का प्राकृतिक स्वाभाव है कि वह अपने बारे में ना तो गलत सुन सकता है और ना ही अपने द्वारा किए गए काम को गलत मानता है। लेकिन रवींद्रनाथ टैगोर जी के कुछ ऐसे विचार हैं जिन्हें पढ़कर आप खुद के बारे में और बेहतर जान सकते हैं।

ऐसा कहा जाता है कि सबसे बड़े जज आप खुद हैं और खासकर खुद के बारे में निर्णय लेने के लिए। अगर आप कुछ गलत कर चुके हैं या गलत करने जा रहे हैं तो भी आपका दिल इसके लिए गवाही नहीं देगा और आपको कटघरे में खड़ा करेगा। लेकिन मानव जाति का प्राकृतिक स्वाभाव है कि वह अपने बारे में ना तो गलत सुन सकता है और ना ही अपने द्वारा किए गए काम को गलत मानता है। लेकिन रवींद्रनाथ टैगोर जी के कुछ ऐसे विचार हैं जिन्हें पढ़कर आप खुद के बारे में और बेहतर जान सकते हैं।